• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Thriller The cold night (वो सर्द रात) (completed)

https://s.magsrv.com/v1/vast.php?idzone=5863456

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,214
80,251
304

बहुत ही सुंदर और रोमांचक अपडेट है भाई मजा आ गया

Nice update....

To aakhir kar Romesh ki help se Vijay ne Batala ko giraftaar ker leya or ache se kuttaaa bhi ab dekhte hai kaise asli mujrim ko giraft me leta hai Vijay or Romesh or ky ky karta hai

Bohot badiya update 💯💯💯💯💯💯💯💯

Behad shandar update he Raj_sharma Bhai,

Ab shuru hoga asli khel...........

Pressure build hoga vijay par department me se bhi aur politically bhi

Keep rocking Bro

Ye raat kab sard hogi :sad:
Anyway
Aaj se padhna shuru

Nice starting

Bahut hi sandaar aur lajwab update hai romi aur vijay dono ek bahut badi hasti State ke CM se panga le rahe hai isme dono ko bahut khtra hia

वेद प्रकाश शर्मा साहब ने एक उपन्यास लिखा था - वर्दी वाला गुंडा । उनके अनुसार एक पुलिस इंस्पेक्टर से बढ़कर उस क्षेत्र का कोई गुंडा नही । बहुत पावर होती है एक इंस्पेक्टर मे ।
लेकिन जब बात पॉलिटिक्स पर आती है तो एक साधारण पुलिस इंस्पेक्टर क्या पुलिस सुपरिटेंडेंट , कमिश्नर , यहां तक कि डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस भी एक भीगी बिल्ली की तरह दिखाई देने लगते हैं ।
यह सब हम फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से देख ही रहे हैं ।

बटाला को अरेस्ट कर के विजय ने बहुत बड़ा काम किया । एक आले अफसर के आदेश को इंकार कर यानि बटाला को छोड़ने से इंकार कर के उससे भी बड़ा काम किया ।
लेकिन अगर वो अपनी सर्विस से सस्पेंड कर दिया जाए , डिसमिस कर दिया जाए तब वो क्या करेगा !

चीफ मिस्टर से , पुरी पुलिस तंत्र से , उनके पाले हुए अराजक तत्वों से वह कैसे सामना कर पायेगा ?
यह लड़ाई एक अकेले बंदे के वश का नही । जब तक अवाम आप के साथ कंधे से कंधा नही मिलाती तब तक आप उनका बाल भी बांका नही कर सकते ।

यह बहुत ज्यादा अटपटा लगेगा कि एक साधारण पुलिसिए ने एक मुख्य मंत्री को कानूनन कटघरे के अंदर पंहुचा दिया ।
खैर देखते हैं , वकील और इंस्पेक्टर साहब मिलकर क्या इंकलाब लाते हैं !
खुबसूरत अपडेट शर्मा जी ।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग अपडेट ।

intezaar rahega....

#9
इस कहानी में आज के युग के महा-भ्रष्ट दो पेशों के पेशेवर बहुत ही ईमानदार हैं : वकील (रोमेश और वैशाली) और पुलिस (विजय)! ख़ास कर तब, जब दोनों ही अपने अपने पेशों में बहुत सफ़ल भी हैं। ख़ैर, मान लिया - क्योंकि कहानी है :)
सावंत का खून हो ही गया। और दोषारोपण हुआ है चन्दन दादा पर। वो है तो स्मगलर, लेकिन हमको पहले से पता है कि मुख्यमंत्री भी सावंत को मारने को इच्छुक है। और हत्या के पीछे के सुराग़ मुख्यमंत्री के सुरक्षा विभाग से मिले हैं, इसलिए उस पर शक़ करना किसी पुलिसिए के लिए आत्मघाती होगा।
लेकिन रोमेश का बिना किसी तफ़्तीश के ही ये कहना कि वो बेक़सूर है, बेतुकी सी बात लगी। उसकी तफ़्तीश अभी कहाँ शुरू ही हुई है? हो सकता है मुख्यमंत्री किसी अन्य को मारना/मरवाना चाहता हो? अभी भी उस तीसरे किरदार - मेधा रानी का आना बचा हुआ है।

#10
भाई, ये मुख्यमंत्री को “घेरने” वाली बात वैसी है जैसी कोई चींटी किसी गैंडे को मारना चाहे! कहने सुनने में ठीक लगता है, लेकिन जब तक सरकारी तंत्र का एक बहुत बड़ा हिस्सा आपके साथ न हो, तो ऐसा कुछ होना असंभव है। देश में जब भी कोई राजनेता गिरता है, तो उसके पीछे उसके विपक्ष में बैठे अन्य राजनेताओं, और पूरी सरकारी मशीनरी की भागीदारी होती है। एक अदना इंस्पेक्टर और एक अदना वकील - उनकी किसी मुख्यमंत्री को घेरने की कोई हैसियत नहीं होती। ये उनके लिए बेहद ख़तरनाक़ खेल है।
मायादास ने वैसे सब साफ़ कर दिया। बटाला ने काण्ड किया है, और मुख्यमंत्री इसमें शामिल है।

#11
टेप किया हुआ कुछ भी सौ फ़ीसदी विश्वसनीय नहीं होता, ये रोमेश जैसी मँझे हुए वकील को पता होना चाहिए। एक जैसी आवाज़ के अनेकों लोग हो सकते हैं, और टेप रिकॉर्डर की फिडेलिटी भी पूरी सौ फ़ीसदी नहीं होती। इसलिए टेप किया वार्तालाप कोर्ट केस में विश्वसनीय सबूत नहीं बन सकता।
विजय का सबूत (जुम्मन) अधिक विश्वसनीय है। स्टेनगन का बरामद होना आवश्यक है, क्योंकि वो ही मर्डर वेपन है। स्टेनगन और बटाला के मिलने पर कम से कम ख़ूनी एस्टेब्लिश हो जायेगा। फिर भी, मुख्यमंत्री या उसका सेक्रेटरी दोषी नहीं साबित होंगे। जब तक कि बटाला से जुड़ा कोई तार उन तक न पहुँच जाए।
जैसा कि मैंने सोचा था, सरकारी तंत्र पूरी तरह से विजय के विपक्ष में है -- एस एस पी की हिम्मत ही नहीं है कि बटाला को पकड़ कर रख सके। जबकि वो एक टुच्चा सा गुर्गा है। बहुत कठिन राह है।

तीनों अपडेट बड़े ही तेजी से आगे बढ़े और बहुत ही बढ़िया रहे। :applause:

intezaar rahega next update ka@raj_sharma ji....

जरूरत से ज्यादा ईमानदार बनने का नतीजा।

खैर अभी सीमा के जाने तक तो सहमत हूं उससे, मगर ये 25 लाख वाली शर्त कुछ अजीब लगी मुझे।

क्या वो पहले से ही जेएन से मिली हुई है, या सिर्फ पैसा ही चाहिए उसे? क्योंकि ऐसी सिचुएशन में भी पैसे पर ध्यान रखना, ये कुछ हजम नही हुआ मुझे।

Shandar jabardast update 👌

बवंडर ही आ गया है रोमेश की लाइफ मैं अगला शायद विजय होगा
सीमा के साथ ये ठीक नहीं हुआ पर उसने पैसे की डिमांड की वो अजीब लगा ख़ैर देखते है आगे क्या होता है
बढ़िया लिखा है आपने

Bhai badhiya update

Idhar romesh ko jyada achha or imandar hone ka fal mil gaya ye duniya vaisi ha jaise hum sich nahi sakte romesh ko mayadas ne ek tarah se mentaly todne ki koshish ki uski wife ko sabke samne nirvastra karke romesh bhi bahut had tak tut gaya ha

Idhar seema ka alag hi chal raha ha itna sab hone ke bad chalo romesh ko chhodne wali bat mani lekin ye 25 lakh wali bat kuchh ras nahi ayi ab aisi halat me bhi 25 lakh use sujh raha ha kya 25 lakh se uski ijjat wapas aa jayegi kaya ab romesh jo pehle se tuta hua ha agar seema bhi in sab me mili hui payi gayi or uska character bhi gadbad sabit hua to romesh shyad ye bardasht na kar paye kher abhi to romesh per war hua ha vijay abhi baki ha dekhte han in sabse romesh kaise bahar nikalta ha or in sabko pakadwata ha or apna badla leta ha

Awesome update
Jaisa andesha tha wahi hua
Cm sahab ne laga di romesh ki aur usne socha nhi tha uske samne pahle jhtke me wo scene la diya, uski jan se payari wife ko nangi krke itne logo ke samne leta diya aur bhavishya ka khouf aur dikha diya
Ab romesh kya krta hai kya Vijay help kr payega
Seema is hadse se dar kr ghar aur romesh ko chhod gayi lekin is waqt apne pati ka sath na dekar uski sachayi aur imandari par tanj kas kar jana sahi nirnay hai uska kya uske waha se chale Jane ke bad agar romesh cm ka kam nahi krta to usko muskan nahi puhuchayega CM,
Aur vapishi ke liye 25 lakh ki shart bahut hi chutiyapa wali bat hai
Next update ka wait rhega

Awesome super duper thriller , the best jasusi writing suspense se saraabor
✔️✔️✔️✔️✔️✔️✔️
👌👌👌👌👌👌
💯💯💯💯💯

lekhni kya hi kahoon or update sansanikhej romanchak lajawab jabardast ab dekhte hain vijay or ramesh ab kya karte hain utsukta se intjar next update ka :ban::fight3::thankyou:
HalfbludPrince
Update posted friends :declare:
 

dev61901

" Never let an old flame burn you twice "
1,555
3,231
143
Badhiya update

Ab ek or naya bawal ye shankar naga reddy ne romesh ko hila dala romesh se hi katl karwana chhahta ha wo bhi romesh ke dushman ka janardan naga reddy ka or maje ki bat isne offer bhi 25 lakh kiye han sala ye 25 lakh ki mystery nahi sulajh rahi pehle seema ab ye shankar kher abhi to romesh ne mana kar diya ha iske offer ko

Idhar maya das ne romesh ko dhamki di ha ki ab agla number vijay ka higa dekhte han ki ab ronesh kaise bachhata ha vijay ko
 

Rekha rani

Well-Known Member
2,551
10,854
159
Awesome update
Romesh ki pareshani khatam hone ka nam nhi le rahi hai ek musibat tali nhi ab ye Shankar Reddy ek aur case lekr aa gya
Jisme kahi na kahi Seema judi lag rahi hai 25 lakh fees ka sunkr
Vaise 2 din ho gaye Seema ka kuchh bhi aata pata nahi romesh na sahi Vijay ko to malum krna chahiye tha
Udhr Batala bahar aa gya hai , aur mayadasa ne romesh ko challange kr diya hai
Dekhte aage kya Naya twist aane wala hai
Kya romesh accept krega Shankar ka offer jisme úske ek panth do kaj wali situation hai
 

parkas

Well-Known Member
33,036
70,594
303
#.13

दो दिन बाद रोमेश बैडरूम से बाहर निकला। इस बीच उसने कुछ खाया पिया न था।
उसने पुलिस से मदद लेने से भी इन्कार कर दिया। वैशाली इन दो दिनों उसी फ्लैट पर थी और कौशिश कर रही थी कि रोमेश अपनी रूटीन की जिन्दगी में लौट आये। इस बीच रोमेश बराबर शराब पीता रहा था।
वैशाली अन्तत: अपनी कौशिश में कामयाब हुई।
रोमेश ने स्नान किया और नाश्ते की टेबिल पर आ गया।

"सीमा का कोई फोन तो नहीं आया?" रोमेश ने पूछा।

"आप धीरज रखिये, हम सीमा भाभी को मना कर ले ही आयेंगे, वह भी तो आपको बहुत चाहती हैं। दो चार दिन में गुस्सा उतर जायेगा, आ जायेंगी।"

"और किसी का फोन मैसेज वगैरा?"

"कोई शंकर नागा रेड्डी है, तीन-चार बार उसका फोन आया था। वह आपसे मुलाकात का वक्त तय करना चाहता है।"

"शंकर नागा रेड्डी, मैंने तो यह नाम पहली बार सुना, हाँ जनार्दन नागा रेड्डी का नाम जरूर जेहन से चिपक सा गया है।"

"जनार्दन नहीं शंकर नागा रेड्डी।"

"क्यों मिलना चाहता है?"

"किसी केस के सम्बन्ध में।"

"केस क्या है?"

"यह तो उसने नहीं बताया, उसका फोन फिर आयेगा। आप समय तय कर लें, तो मैं उसे बता दूँ।"

"ठीक है, आज शाम सात बजे का समय तय कर लेना। मैं घर पर ही हूँ, कहीं नहीं जाऊंगा। फिलहाल कोर्ट के मैटर तुम देख लेना।"

"वह तो मैं देख ही रही हूँ सर, उसकी तरफ से आप चिन्ता न करें।"

दोपहर एक बजे शंकर का फोन फिर आया। वैशाली ने मुलाकात का समय तय कर दिया। दिन भर रोमेश, वैशाली के साथ शतरंज खेलता रहा। विजय भी एक चक्कर लगा गया था, उसने भी एक बाजी खेली, सब सामान्य देखकर उसने वैशाली की पीठ
थपथपायी।

"पुलिस में मामला मत उठाना।" रोमेश बोला, "वैसे तो मैं खुद बाद में यह मामला उठा सकता था। मगर इससे मेरी बदनामी होगी, कैसे कहूँगा कि मेरी बीवी …।"

"ठीक है, मैं समझ गया।"

"जिनके साथ बलात्कार होता है, पता नहीं वह महिला और उसके अभिवावकों पर क्या गुजरती होगी, जब वह कानूनी प्रक्रिया से गुजरते होंगे। कल बटाला को पेश किया जाना है ना?"

"हाँ, मुझे उम्मीद है रिमाण्ड मिल जायेगा और उसकी जमानत नहीं होगी। एम.पी . सावन्त की पत्नी भी सक्रिय है, वह बटाला की किसी कीमत पर जमानत नहीं होने देंगे।

मुझे उम्मीद है जब मैं जे.एन. को __________लपेटूंगा, तो पूरी लाठी मेरे हाथ होगी और कोई ताज्जुब नहीं कि कोई आन्दोलन खड़ा हो जाये।"

"तुम काम करते रहो।" रोमेश ने कहा।

सात बजे शंकर नागा रेड्डी उससे मिलने आया। रोमेश सोच रहा था कि वह शख्स अधेड़ आयु का होगा किन्तु शंकर एकदम जवान पट्ठा था। रंगत सांवली जरूर थी किन्तु व्यक्तित्व आकर्षक था। लम्बा छरहरा बदन और चेहरे पर फ्रेंचकट दाढ़ी थी।

"मुझे शंकर नागा रेड्डी कहते हैं।"

"हैल्लो !" रोमेश ने हाथ मिलाया और शंकर को बैठने का संकेत किया।शंकर बैठ गया।

फ्लैट का एक कमरा रोमेश का दफ्तर होता था। दायें बायें अलमारियों में कानून की किताबें भरी हुई थीं। मेज की टॉप पर इन्साफ की देवी का एक छोटा बुत रखा हुआ था, बायीं तरफ टाइपराइटर था।

"कहिए, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ ?"

"मेरा एक केस है, मैं वह केस आपको देना चाहता हूँ ? "

"केस क्या है ?"

"कत्ल का मुकदमा।"

"ओह, क्या आप मेरे बारे में कुछ जानकारी रखते हैं ?"

"जी हाँ, कुछ नहीं काफी जानकारी रखता हूँ। मसलन आप एक ईमानदार वकील हैं। किसी अपराधी का केस नहीं लड़ते। आप पहले केस को इन्वेस्टीगेट करके खुद पता करते हैं कि जिसकी आप पैरवी करने जा रहे हैं, वह निर्दोष है या नहीं।"

"बस-बस इतनी जानकारी पर्याप्त है। अब बताइये कि किसका मर्डर हुआ और किसने किया ?"

"मर्डर अभी नहीं हुआ और जब मर्डर हुआ ही नहीं, तो हत्यारा भी अभी कोई नहीं है।"

"क्या मतलब ?"

"पहले तो आप यह जान लीजिये कि मैं आपसे केस किस तरह का लड़वाना चाहताहूँ, मुझे मर्डर से पहले इस बात की गारंटी चाहिये कि मर्डर में जो भी अरेस्ट होगा,वह बरी होगा और यह गारंटी मुझे एक ही सूरत में मिल सकती है।"

"वह सूरत क्या है ?"

"यह कि मर्डर आप खुद करें।"

"व्हाट नॉनसेंस।" रोमेश उछल पड़ा, "तुम यहाँ एक वकील से बात करने आए हो या किसी पेशेवर कातिल से।"

"मैं जानता हूँ कि जब आप खुद किसी का कत्ल करेंगे, तो दुनिया की कोई अदालत आपको सजा नहीं दे पायेगी, यही एक गारन्टी है।"

"बस अब तुम जा सकते हो।"

"रास्ता मुझे मालूम है वकील साहब, लेकिन जाने से पहले मैं दो बातें और करूंगा !!

पहली बात तो यह कि मैं उस केस की आपको कुल मिला कर जो रकम दूँगा, वह पच्चीस लाख रुपया होगा।"

"प…पच्चीस लाख ! तुम बेवकूफ हो क्या, अरे किसी पेशेवर कातिल से मिलो , हद से हद तुम्हारा काम लाख दो लाख में हो जायेगा, फिर पच्चीस लाख।"

रोमेश को एकदम ध्यान आया कि सीमा ने इतनी ही रकम मांगी थी,

"प…पच्चीस लाख ही क्यों ?

"पच्चीस लाख क्यों ? अच्छा सवाल है। बिना शक कोई पेशेवर कातिल बहुत सस्ते में यह काम कर देगा, लेकिन उस हालत में देर-सवेर फंदा मेरे गले में ही आकर गिरेगा और आपके लिए मैंने यह रकम इसलिये लगाई है, क्यों कि मैं जानता हूँ, इससे कम में आप
शायद ऐसा डिफिकल्ट केस नहीं लेंगे।"

रोमेश ने उसे घूरकर देखा।

"दूसरी बात क्या थी ?"

"आपने यह तो पूछा ही नहीं, कत्ल किसका करना है। दूसरी बात यह है, हो सकता है कि कत्ल होने वाले का नाम सुनकर आप तैयार हो जायें, उसका नाम है जनार्दन
नागा रेड्डी। "

"ज…जनार्दन…?"

"हाँ वही, चीफ मिनिस्टर जनार्दन नागा रेड्डी यानि जे.एन.। मैं जानता हूँ कि जब आप यह कत्ल करोगे, तो अदालत आपको रिहा भी करेगी और मुझ तक पुलिस कभी न पहुंच सकेगी।"

"नेवर, यह नहीं होगा, यह हो ही नहीं सकता।"

"यह रहा मेरा कार्ड, इसमें मेरा फोन नम्बर लिखा है। अगर तैयार हो, तो फोन कर देना, मैं आपको दस लाख एडवांस भिजवा दूँगा। बाकी काम होने के बाद।"

"अपना विजिटिंग कार्ड टेबिल पर रखकर शंकर नागा रेड्डी गुडबाय करता हुआ बाहर निकल गया।
रोमेश ने कार्ड उठाया और उसके टुकड़े-टुकड़े करके डस्टबिन में फेंक दिया।

"कैसे-कैसे लोग मेरे पास आने लगे हैं।"

अगले दिन रोमेश को पता चला कि पर्याप्त सबूतों के अभाव के कारण बटाला को जमानत हो गई, विजय उसकी रिमाण्ड नहीं ले सका। उसके आधे घण्टे बाद मायादास का फोन आया।


"देखा हमारा कमाल, वह अगली तारीख तक बरी भी हो जायेगा। तुम जैसे वकीलों की औकात क्या है, तुमसे ऊपर जज होता है साले ! अब हम उस दरोगा की वर्दी उतरायेंगे।
तू उसकी वर्दी बचाने के लिए पैरवी करना, जरूर करना और तब तुझे पता चलेगा कि मुकदमा तू भी हार सकता है। क्यों कि तू उसकी वर्दी नहीं बचा पायेगा, जे.एन. से टक्कर लेने का अंजाम तो मालूम होना ही चाहिये।"

रोमेश कुछ नहीं बोला। फोन कट गया।





जारी रहेगा.....✍️✍️
Bahut hi badhiya update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and beautiful update....
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,214
80,251
304
Badhiya update

Ab ek or naya bawal ye shankar naga reddy ne romesh ko hila dala romesh se hi katl karwana chhahta ha wo bhi romesh ke dushman ka janardan naga reddy ka or maje ki bat isne offer bhi 25 lakh kiye han sala ye 25 lakh ki mystery nahi sulajh rahi pehle seema ab ye shankar kher abhi to romesh ne mana kar diya ha iske offer ko

Idhar maya das ne romesh ko dhamki di ha ki ab agla number vijay ka higa dekhte han ki ab ronesh kaise bachhata ha vijay ko
Is se agley update me kafi kuch clear ho jayega mitra👍 thank you very much for your wonderful review ❣️ dev61901 💖
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,214
80,251
304
Awesome update
Romesh ki pareshani khatam hone ka nam nhi le rahi hai ek musibat tali nhi ab ye Shankar Reddy ek aur case lekr aa gya
Jisme kahi na kahi Seema judi lag rahi hai 25 lakh fees ka sunkr
Vaise 2 din ho gaye Seema ka kuchh bhi aata pata nahi romesh na sahi Vijay ko to malum krna chahiye tha
Udhr Batala bahar aa gya hai , aur mayadasa ne romesh ko challange kr diya hai
Dekhte aage kya Naya twist aane wala hai
Kya romesh accept krega Shankar ka offer jisme úske ek panth do kaj wali situation hai
Keh nahi sakte ye duvidhq ki stithi ban rahi hai romesh ke liye, batala ka bahar hona is baat ka saboot hai ki kanoon me bhi ched-chaad sambhav hai👍 thank you very much for your wonderful review and support Rekha rani ji💖💖💖
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,214
80,251
304

Ajju Landwalia

Well-Known Member
4,503
17,181
159
#.13

दो दिन बाद रोमेश बैडरूम से बाहर निकला। इस बीच उसने कुछ खाया पिया न था।
उसने पुलिस से मदद लेने से भी इन्कार कर दिया। वैशाली इन दो दिनों उसी फ्लैट पर थी और कौशिश कर रही थी कि रोमेश अपनी रूटीन की जिन्दगी में लौट आये। इस बीच रोमेश बराबर शराब पीता रहा था।
वैशाली अन्तत: अपनी कौशिश में कामयाब हुई।
रोमेश ने स्नान किया और नाश्ते की टेबिल पर आ गया।

"सीमा का कोई फोन तो नहीं आया?" रोमेश ने पूछा।

"आप धीरज रखिये, हम सीमा भाभी को मना कर ले ही आयेंगे, वह भी तो आपको बहुत चाहती हैं। दो चार दिन में गुस्सा उतर जायेगा, आ जायेंगी।"

"और किसी का फोन मैसेज वगैरा?"

"कोई शंकर नागा रेड्डी है, तीन-चार बार उसका फोन आया था। वह आपसे मुलाकात का वक्त तय करना चाहता है।"

"शंकर नागा रेड्डी, मैंने तो यह नाम पहली बार सुना, हाँ जनार्दन नागा रेड्डी का नाम जरूर जेहन से चिपक सा गया है।"

"जनार्दन नहीं शंकर नागा रेड्डी।"

"क्यों मिलना चाहता है?"

"किसी केस के सम्बन्ध में।"

"केस क्या है?"

"यह तो उसने नहीं बताया, उसका फोन फिर आयेगा। आप समय तय कर लें, तो मैं उसे बता दूँ।"

"ठीक है, आज शाम सात बजे का समय तय कर लेना। मैं घर पर ही हूँ, कहीं नहीं जाऊंगा। फिलहाल कोर्ट के मैटर तुम देख लेना।"

"वह तो मैं देख ही रही हूँ सर, उसकी तरफ से आप चिन्ता न करें।"

दोपहर एक बजे शंकर का फोन फिर आया। वैशाली ने मुलाकात का समय तय कर दिया। दिन भर रोमेश, वैशाली के साथ शतरंज खेलता रहा। विजय भी एक चक्कर लगा गया था, उसने भी एक बाजी खेली, सब सामान्य देखकर उसने वैशाली की पीठ
थपथपायी।

"पुलिस में मामला मत उठाना।" रोमेश बोला, "वैसे तो मैं खुद बाद में यह मामला उठा सकता था। मगर इससे मेरी बदनामी होगी, कैसे कहूँगा कि मेरी बीवी …।"

"ठीक है, मैं समझ गया।"

"जिनके साथ बलात्कार होता है, पता नहीं वह महिला और उसके अभिवावकों पर क्या गुजरती होगी, जब वह कानूनी प्रक्रिया से गुजरते होंगे। कल बटाला को पेश किया जाना है ना?"

"हाँ, मुझे उम्मीद है रिमाण्ड मिल जायेगा और उसकी जमानत नहीं होगी। एम.पी . सावन्त की पत्नी भी सक्रिय है, वह बटाला की किसी कीमत पर जमानत नहीं होने देंगे।

मुझे उम्मीद है जब मैं जे.एन. को __________लपेटूंगा, तो पूरी लाठी मेरे हाथ होगी और कोई ताज्जुब नहीं कि कोई आन्दोलन खड़ा हो जाये।"

"तुम काम करते रहो।" रोमेश ने कहा।

सात बजे शंकर नागा रेड्डी उससे मिलने आया। रोमेश सोच रहा था कि वह शख्स अधेड़ आयु का होगा किन्तु शंकर एकदम जवान पट्ठा था। रंगत सांवली जरूर थी किन्तु व्यक्तित्व आकर्षक था। लम्बा छरहरा बदन और चेहरे पर फ्रेंचकट दाढ़ी थी।

"मुझे शंकर नागा रेड्डी कहते हैं।"

"हैल्लो !" रोमेश ने हाथ मिलाया और शंकर को बैठने का संकेत किया।शंकर बैठ गया।

फ्लैट का एक कमरा रोमेश का दफ्तर होता था। दायें बायें अलमारियों में कानून की किताबें भरी हुई थीं। मेज की टॉप पर इन्साफ की देवी का एक छोटा बुत रखा हुआ था, बायीं तरफ टाइपराइटर था।

"कहिए, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ ?"

"मेरा एक केस है, मैं वह केस आपको देना चाहता हूँ ? "

"केस क्या है ?"

"कत्ल का मुकदमा।"

"ओह, क्या आप मेरे बारे में कुछ जानकारी रखते हैं ?"

"जी हाँ, कुछ नहीं काफी जानकारी रखता हूँ। मसलन आप एक ईमानदार वकील हैं। किसी अपराधी का केस नहीं लड़ते। आप पहले केस को इन्वेस्टीगेट करके खुद पता करते हैं कि जिसकी आप पैरवी करने जा रहे हैं, वह निर्दोष है या नहीं।"

"बस-बस इतनी जानकारी पर्याप्त है। अब बताइये कि किसका मर्डर हुआ और किसने किया ?"

"मर्डर अभी नहीं हुआ और जब मर्डर हुआ ही नहीं, तो हत्यारा भी अभी कोई नहीं है।"

"क्या मतलब ?"

"पहले तो आप यह जान लीजिये कि मैं आपसे केस किस तरह का लड़वाना चाहताहूँ, मुझे मर्डर से पहले इस बात की गारंटी चाहिये कि मर्डर में जो भी अरेस्ट होगा,वह बरी होगा और यह गारंटी मुझे एक ही सूरत में मिल सकती है।"

"वह सूरत क्या है ?"

"यह कि मर्डर आप खुद करें।"

"व्हाट नॉनसेंस।" रोमेश उछल पड़ा, "तुम यहाँ एक वकील से बात करने आए हो या किसी पेशेवर कातिल से।"

"मैं जानता हूँ कि जब आप खुद किसी का कत्ल करेंगे, तो दुनिया की कोई अदालत आपको सजा नहीं दे पायेगी, यही एक गारन्टी है।"

"बस अब तुम जा सकते हो।"

"रास्ता मुझे मालूम है वकील साहब, लेकिन जाने से पहले मैं दो बातें और करूंगा !!

पहली बात तो यह कि मैं उस केस की आपको कुल मिला कर जो रकम दूँगा, वह पच्चीस लाख रुपया होगा।"

"प…पच्चीस लाख ! तुम बेवकूफ हो क्या, अरे किसी पेशेवर कातिल से मिलो , हद से हद तुम्हारा काम लाख दो लाख में हो जायेगा, फिर पच्चीस लाख।"

रोमेश को एकदम ध्यान आया कि सीमा ने इतनी ही रकम मांगी थी,

"प…पच्चीस लाख ही क्यों ?

"पच्चीस लाख क्यों ? अच्छा सवाल है। बिना शक कोई पेशेवर कातिल बहुत सस्ते में यह काम कर देगा, लेकिन उस हालत में देर-सवेर फंदा मेरे गले में ही आकर गिरेगा और आपके लिए मैंने यह रकम इसलिये लगाई है, क्यों कि मैं जानता हूँ, इससे कम में आप
शायद ऐसा डिफिकल्ट केस नहीं लेंगे।"

रोमेश ने उसे घूरकर देखा।

"दूसरी बात क्या थी ?"

"आपने यह तो पूछा ही नहीं, कत्ल किसका करना है। दूसरी बात यह है, हो सकता है कि कत्ल होने वाले का नाम सुनकर आप तैयार हो जायें, उसका नाम है जनार्दन
नागा रेड्डी। "

"ज…जनार्दन…?"

"हाँ वही, चीफ मिनिस्टर जनार्दन नागा रेड्डी यानि जे.एन.। मैं जानता हूँ कि जब आप यह कत्ल करोगे, तो अदालत आपको रिहा भी करेगी और मुझ तक पुलिस कभी न पहुंच सकेगी।"

"नेवर, यह नहीं होगा, यह हो ही नहीं सकता।"

"यह रहा मेरा कार्ड, इसमें मेरा फोन नम्बर लिखा है। अगर तैयार हो, तो फोन कर देना, मैं आपको दस लाख एडवांस भिजवा दूँगा। बाकी काम होने के बाद।"

"अपना विजिटिंग कार्ड टेबिल पर रखकर शंकर नागा रेड्डी गुडबाय करता हुआ बाहर निकल गया।
रोमेश ने कार्ड उठाया और उसके टुकड़े-टुकड़े करके डस्टबिन में फेंक दिया।

"कैसे-कैसे लोग मेरे पास आने लगे हैं।"

अगले दिन रोमेश को पता चला कि पर्याप्त सबूतों के अभाव के कारण बटाला को जमानत हो गई, विजय उसकी रिमाण्ड नहीं ले सका। उसके आधे घण्टे बाद मायादास का फोन आया।


"देखा हमारा कमाल, वह अगली तारीख तक बरी भी हो जायेगा। तुम जैसे वकीलों की औकात क्या है, तुमसे ऊपर जज होता है साले ! अब हम उस दरोगा की वर्दी उतरायेंगे।
तू उसकी वर्दी बचाने के लिए पैरवी करना, जरूर करना और तब तुझे पता चलेगा कि मुकदमा तू भी हार सकता है। क्यों कि तू उसकी वर्दी नहीं बचा पायेगा, जे.एन. से टक्कर लेने का अंजाम तो मालूम होना ही चाहिये।"

रोमेश कुछ नहीं बोला। फोन कट गया।





जारी रहेगा.....✍️✍️

Dono hi updates ek se badhkar ek he Raj_sharma Bhai,

Jarurart se jyada imandar hona bhi aaj ke samay me ek abhishap hi he..........

Raomesh ne batala ka case na ladkar JN ko apne khilaf kar liya he............iska parinam bhi seema ke sath huyi badsaluki ke dwara use mil bhi gaya

Ab ye naya character aa gya he kahani me Shankar naga reddy, jo romesh ke hatho cm ka murder karwana chahta he..................

Ho sakta he ye koi CM ka hi aadmi ho....jp romesh ko fanswana chahta ho............

Keep rocking bro
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,214
80,251
304
Dono hi updates ek se badhkar ek he Raj_sharma Bhai,

Jarurart se jyada imandar hona bhi aaj ke samay me ek abhishap hi he..........

Raomesh ne batala ka case na ladkar JN ko apne khilaf kar liya he............iska parinam bhi seema ke sath huyi badsaluki ke dwara use mil bhi gaya

Ab ye naya character aa gya he kahani me Shankar naga reddy, jo romesh ke hatho cm ka murder karwana chahta he..................

Ho sakta he ye koi CM ka hi aadmi ho....jp romesh ko fanswana chahta ho............

Keep rocking bro
Ye bhi ho sakta hai ki aapke kahe anusar, wo romesh ko fasana chahte ho👍 ya fir usi ka koi saga sambandhi jo jn ko marwa kar khud us gaddi ko paana chahta ho, kuch bhi ho sakta hai bhai, thank you very much for your wonderful review and support Ajju Landwalia :dost:
 
Top