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नीलू:- पटाना वटाना नहीं होगा अब सीधा मेट्रिमोनयल पर एड डालूंगी और उसमे से लड़का छांट कर शादी कर लूंगी। अब मेरी भी इक्छा होती है कि एक फैमिली हो। घर में कोई पूछने वाला हो। देर हो जाए तो डांटने वाला हो। सुकून का एक जॉब तो है ही।
ऐमी अपना लैपटॉप लाकर तुरंत टाइप करने लगी। जल्द ही सभी मेट्रिमोनयल पर प्रोफाइल तैयार था। "नीलू, यहां का काम समाप्त होते ही लड़को से मिलने के लिए तैयार हो जाओ।"
नीलू:- तुम मेरी हेल्प करोगी ना..
ऐमी:- ये भी कोई पूछने की बात है… बिल्कुल शौक से…
29 तारीख सुबह में 9 बजे…
"हमारे पास पक्की इंफॉर्मेशन में तो है कि उस 3 स्टोरी कोल्ड स्टिरेज में सबको बंधक बनकर रखा गया है, लेकिन अब तक किसी ने अपनी आखों से देखा नहीं है। दिल्ली के अन्य इलाके जहां ये परफेक्ट ट्रैप किया जा सकता था, उन इलाकों की भी रिपोर्ट आ गई है। 3 जगह और शक के दायरे में है। जिसमे एक बड़ा बाजार, दूसरा जमा मस्जिद के पीछे का इलाका और तीरारा पार्लियामेंट रोड है। पार्लियामेंट रोड के हर घर में सीसी टीवी को हम हैक कर चुके है, वहां बिल्कुल क्लीन माहौल है, लेकिन इन 2 इलाकों की छानबीन नहीं हो पाई है, क्योंकि इन इलाकों में कहीं भी कोई सीसी टीवी नहीं लगा है। कई सारे मोबाइल भी हमने हैक किए, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। कोई भी कदम उठाने से पहले हमे सुनिश्चित होना होगा कि वो कहां बंधक बनाए गए है।".. अपस्यु सबको संबोधित करते हुए कहने लगा..
नीलू:- अनुप्रिया के सर्विलेंस को हम नजरंदाज नहीं जर सकते, यहां मौजूद हर किसी का चेहरा उसके सिस्टम में है। लेकिन एक उपाय है जिसके जरिए हम पता लगा सकते है।
अपस्यु:- कैसे..
नीलू:- राठौड़ मेंशन में चोरी करवाकर। यदि 8-10 चिंदी चोर को हम राठौड़ मेंशन में घुसा दे और वहां से वो एक हैवी अमाउंट उड़ाते है तो बंटवारा कहां होगा, ऐसे किसी जगह कर जहां इनकी क्राइम की कम्युनिटी बिल्डिंग हो।
अपस्यु:- वो सब तो ठीक है लेकिन राठौड़ मेंशन में इस वक़्त इतना सारा कैश कैसे आएगा।
नीलू:- 500 करोड़ मै तुम्हे इस वक़्त उधार दे सकती हूं, लेकिन बदले में मुझे 1000 करोड़ चाहिए।
अपस्यु:- लालची कहीं की, दिए.. प्लान बताओ..
नीलू:- अजिंक्य को बोलो कि अप्रत्यक्ष रूप से ये खबर उन दोनों इलाके के थानेदार को पहुंचा देने, जहां सबके बंधक होने की गुंजाइश है। घर पर कोई नहीं है इसलिए पैसे का डाका डालने और उतने पैसे को बांटने के लिए वो लोग अपने कम्युनिटी हाउस ही जाएंगे। आगे की कहानी शायद बतानी नहीं परे।
अपस्यु:- ठीक है फिर अपने गांव से नीलेश और आदर्श को बोलो 500 करोड़ को 10 अलग अलग बैग में पैक करके ले आए। साथ में हर बैग में कैमरा लगा दे। राठौड़ मेंशन में घुसने का पास वहीं गांव के महल से जाकर कलेक्ट करेगा और मेंशन के हॉल में ही पैसा रखवा कर वहां से निकल जाए। नरफ़ा तुम 4 आदमी लेकर चोरी से स्टाफ क्वार्टर में दाखिल हो जाओ। यदि उन लोगो ने पैसा ले जाने के लिए अपना बैग इस्तमाल किया, तो तुम्हारी जिम्मेदारी होगी उन बैग में कैमरा लगाना।
सब तय हो चुका था। अजिंक्य अपने कुछ मित्रों से कुछ केस के सिलसिले में संपर्क किया और अपने इलाके की परेशानी बताते हुए कहने लगा। उसकी एक्स्ट्रा ड्यूटी राठौड़ मेंशन में लगी है। घर के लोग गायब है और रोज बैग भर-भर के पैसे जो आते है, और सुरक्षा की जिम्मेदारी उसी पर आ गई है। ना तो कोई प्राइवेट सिक्यूरिटी है, और ना ही कोई लोग। साला अंदर मुश्किल से 4-5 नौकर और बाहर मै 4 लोगों के साथ। जबतक बैकअप आएगा वो लोग हमे घायल करके माल ले उड़ेंगे।
बस फिर क्या था दाना डाल दिया गया था और दिन के उजाले में ही डकैती को अंजाम से दिया जा चुका था। नरफा को कोई मेहनत नहीं करनी पड़ी, शायद ये लोग अपने इलाके को लेकर कुछ ज्यादा ही सुनिश्चित थे। लेकिन ऐमी और अपस्यु को हर परिस्थिति के लिए तैयार होना था, इसलिए जैस ही वो मेंशन में घुसे, वैसे ही उनका मोबाइल हैक हो चुका था।
लगभग एक ही वक़्त में 2 टीम चोरी के लिए पहुंच गई। पैसे को देखकर कौन हिस्सेदार बनाना चाहता है, इसलिए दोनो पक्ष में पहले जुबान की लड़ाई शुरू हुई। दोनो टीम के बीच विवाद बढ़ते देखकर, अपस्यु ने तुरंत मेंशन का सिक्योरिटी अलार्म बाजवा दिया। तुरंत ही दोनो ने आधा आधा पैसा बांटने का फैसला कर किया।
गाड़ी 2 दिशा में चली गई शाम के लगभग 5 बजे ये सुनिश्चित हो चुका था कि अजिंक्य सही कह रहा था और उसकी खबर पक्की थी। एक बार सुनिश्चित हो जाने के बाद, अजिंक्य को तुरंत ही खबर भिजवा दी गई।
29 दिसंबर रात के 8 बजे…
"तुम लोग अभी के अभी मेरे घर से निकल जाओ, वरना मजबूरन मुझे पुलिस बुलवाना पड़ेगा।".. सोमेश आक्रोशित होते हुए अपस्यु से कह रहा था।
"घर में सांप पाल रहे हो ऊपर से सभी सुविधा देकर फलने फूलने भी दे रहे तो यही हाल होगा ना। पहले दिन ही इसका फन कुचल देना था।".. सौरव भी उसकी बातों का समर्थन करने लगा।
सोमेश:- ये 7 सर वाला शेषनाग है सर, और मेरी औकात तो बस पिटारे में बंद सांप के सर कुचलने जितना है। आप तो होम मिनिस्टर के लड़के है, आपकी रेंज अलग है।
"होम मिनिस्टर के बेटे ने कि एक लड़की से जबरदस्ती शादी करने की कोशिश और अपने राजनैतिक कैरियर को ऊंचाई देने के लिए इसमें उसका पिता और संसद सोमेश दत्त भी सामिल थे।.. पापा मान जाओ वरना कल सुबह की यही हेड लाइन होगी। वैसे भी मै इस वक़्त आप लोगो से कहीं ज्यादा चर्चित तस्वीर हूं मीडिया की। भविष्य सोच लो अपना।"… लिसा धमकाती हुई कहने लगी।
सौरव, सोमेश को एक थप्पड़ मारते हुए… "कुछ देर पहले क्या कह रहे थे अपनी बेटी के इंट्रो में, पूर्ण भारतीय नारी जिसमे आदर और सम्मान कूट कूट कर भड़ा है। ये इन कमीनो के साथ मिलकर कूट कूट कर हमारा ही तेल निकालने के इरादे से है।"
सोमेश:- सर इसने पहले ऐसा कभी नहीं किया। पता नहीं क्यों आज ये पॉलिटीशियन की तरह क्यों बिहेव कर रही है।
सौरव, जोड़ से हंसते हुए… "सोमेश जी, मुझे लगता है आप अब भी नहीं समझे। पूछ लो अपनी बेटी से वो इस वक़्त किसी के प्यार में जरूर होगी, और वो लड़का इन्हीं दोनों के कोई पहचान का होगा। आप की बेटी को झांसे में लिया है दोनो ने। प्लान करके फंसाया है। और ये यूके की अनपढ़, इनके ट्रैप को नहीं समझ पाई।"..
लिसा, सौरव को एक थप्पड़ मारती…. "मुझे मेरे लवर ने सबकुछ पहले ही बता दिया था। और सारी सच्चाई जानने के बाद ही मैंने उसे हां कहा था।"..
सौरव:- बेवकूफ लड़की, वो 20वी शताब्दी का दौर था जब सच्चाई छिपकर ट्रैप करते थे। ये 21st सेंचूरी है। यहां ट्रैप करने के बाद जैसे ही इमोशंस नजर आने लगते हैं, पहली फुरसत में सच्चाई बताई जाती है, ताकि तुम जैसे मूर्ख उनके बिछाए जाल को भूलकर, मेरा सच्चा प्रेमी मानने लगो। अरे ये कमीना अपस्यु जरूर कोई तंत्र मंत्र करता है, जिससे लोग इसके झांसे में आ जाते है।
लिसा:- व्हाट्एवर मुझे तो प्यार हो गया, जाल बिछाए या जाल फैलाए मुझे मतलब नहीं। यदि काम नहीं किया तो मैंने अपने क्षेत्र के थानेदार को एसएमएस भेज दिया है, सरजी बचालो मेरा बाप, होम मिनिस्टर के बेटे के साथ मेरी जबरदस्ती शादी करवा रहा है। वैसे अपस्यु ने बताया कि एसएमएस को लीगल डॉक्यूमेंटेशन में इस्तमाल नहीं कर सकते, इसलिए मैंने मेल भी कर दिया है।
सोमेश अपनी आखें बड़ी करते… "क्या मैंने तुम्हे इसी दिन के लिए पाला था बेटा।"..
लिसा:- ऐसे नहीं मानोगे आप, मम्मी को बुलाकर आपके और आपकी वो जिला करायकर्ता सोभा राणा का अफेयर बताना ही होगा।
सोमेश:- रुक ब्लैकमेलर मै समझ गया तू मेरी ही बेटी है। उल्टा सीधा अफवाह फैलाने की जरूरत ना है मै तैयार हूं।
सौरव:- मरो तुम लोग लेकिन मै तैयार नहीं।
अपस्यु:- जीजाजी जोरू के भाई का काम नहीं करोगे तो बीवी नाराज हो जाएगी।
सौरव:- ना ये होने वाली बीवी हटके है, तुम्हारा यदि मैंने मर्डर करवा दिया तो वो मेरे पाऊं धोकर पिएगी।
अपस्यु:- 31 दिसंबर, लगभग 20 करोड़ देश-विदेश की जनता, जब महिदिपी और अनुप्रिया का प्रोग्राम देख यही होगी और तब 1 ही आदमी सौरव के लिए 2 न्यूज फ़्लैश होंगे, पहला अपने दोस्त का साथ देने के लिए विलेन बना होम मिनिस्टर का बेटा सौरव, जिसने अपनी खराब इमेज बनाकर भी दोस्त का साथ दिया, एक अहम कड़ी जोड़ने। बाद में जब उसी दोस्त की फैमिली को किडनैप कर लिया गया, उन्हें 10000 जल्लादों की भीड़ में लाकर रखा गया, तो वो लड़का सौरव, दोस्त के लिए बिना अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। एक फेक रैली निकालकर इलाके में घुसे और सेना के कुछ ट्रेंड ऑफिसर को अंदर घुसने का पूरा अनुकूल मौका दिया, ताकि बंधको को बिना नुस्कान के निकाला जा सके। आज अगर मायलो ग्रुप के मालिको का खानदान जिंदा है तो उसका पूरा क्रेडिट सौरव कश्यप को जाता है जिसमें कदम से कदम साथ मिलाया सोमेश दत्त ने।
अपस्यु जब अपनी बातें सुना रहा था तब सोमेश और सौरव अपने गर्दन थोड़ा टेढ़ा करके, कान लगाकर पूरी बात सुन रहे थे। ऐसी बातें सुनकर ऐसा लगा जैसे कानो में मिश्री घुल रहा हो। बात पूरी होते ही दोनो एक साथ… "हम तैयार है।"..
लिसा:- ओय मूर्खो.. अभी तो कह रहे थे कि कैसे लोग इसकी बातों मै फस जाते है, अब क्या हुआ। क्यों फंस रहे उसकी बातो में। क्योंकि तुम्हे भी पता है ये जो अभी यहां बोल रहा है, वो सच में होने वाला है। चलो अब नखरे बंद कर दो दोनो और जैसा कहा जाए वैसे सिर्फ ऑर्डर फॉलो करना।
सौरव, सोमेश को देखते हुए… "आदर और संस्कार तो कूट कूट कर भरे है।"..