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Romance भंवर (पूर्ण)

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Update:-167






रात के तकरीबन 8.30 बजे। सोमेश के घर अजिंक्य पहुंचा। जैसे ही वो अपस्यु के पास पहुंचा… "उन लोगो का पता चल गया है। पुरानी दिल्ली के चूड़ी बाजार के पीछे का मोहल्ला हैं। एक ओर कसाई की बस्ती है और दूसरे ओर क्रिमिनल्स का कॉलोनी। दिल्ली के छीना झपटी वाले 40% केस उसी 500 मीटर के इलाके से अंजाम दिए जाते है। प्रॉपर फोर्स के बगैर किसी को वहां अरेस्ट करने भी नहीं जा सकते। अब तक उस गली में कितने लोगो को काटा होगा इस बात का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगा लो की वहां 20 पुलिसवाले मरे है।"



अपस्यु:- क्या आप पूरे सुनिश्चित है।


अजिंक्य:- सौ फीसदी सुनिश्चित। क्योंकि ऐसे ही एक हाई प्रोफ़ाइल किडनैपिंग का केस था, जिसके तार उसी इलाके से जुड़े थे। उस इलाके की एक नहीं 50 घटनाएं है। जैसा डिस्क्रिप्शन तुमने दिया कि जहां पहुंचने मै इतनी परेशानी हो की जब तक कोई पहुंचे तबतक वहां का माहौल ही पुरा खाली हो जाए तो उसके लिए इससे बेहतर इलाका कोई नहीं।


फिर अजिंक्य कुछ तस्वीर दिखाते हुए कहने लगा… "ये तस्वीर मेरे एक खबरी ने आज दिन में ली है। यहां देखो ये पुरा इलाका, जहां केवल भिड़ ही भिड़ है। अब देखो ये ट्रिपल स्टोरी बिल्डिंग.. लगभग गली के सेंटर में है, फिर भी यहां कोई भिड़ नहीं लग रही। आस पास की 3 दुकानें बंद है और कोई भी वहां खड़ा नहीं रह सकता।


अपस्यु:- इतनी बड़ी बिल्डिंग किस मकसद से बनाई गई थी?


अजिंक्य:- ऑन पेपर तो कोल्ड स्टोरेज ही है, लेकिन अंदर क्या है वो किसी को नहीं पता। मुझे पक्का यकीन है कि वो लोग यहीं होंगें।


अपस्यु:- वहां कैद में मासूम लोग है और हमे पता नहीं कि अंदर कितने हथियारबंद लोग। एक छोटी सी गलती किसी की भी जान ले सकती है। कैसे निपटा जाए ऐसे स्तिथि में?



अजिंक्य:- मेरे पास एंट्री प्लान है, लेकिन एग्जिट प्लान नहीं। और वहां से एग्जिट होना लगभग नामुमकिन, क्योंकि अंदर भले 100 हथियारबंद लोग हो, लेकिन बाहर 10000 की तादात में हथियारबंद लोग होंगे, जो हर गली के एंट्री पर ऐसी भिड़ लगा चुके होंगे, कि बाहर वाला तब तक अंदर नहीं जा सकता, जब तक कि वो लोग गली के बीच का मामला साफ करके सबूत मिटा ना दे।


अपस्यु:- आप बस एंट्री करवाकर 5 मिनट का विंडो तो दीजिए, उसके बाद का एग्जिट देखकर तो फिर वहां कसाई और क्रिमिनल्स दोनो ही उस घड़ी को कोसेंगे की क्यों मैंने रास्ता रोका।


अजिंक्य:- हां लेकिन एंट्री के लिए मुझे एक हेल्प की जरूरत होगी। एक पॉलिटिकल बकरा चाहिए, जिसके इंतजाम के लिए सिक्योरिटी फोर्स की जरूरत परे। फिर आगे का सब मै संभाल लूंगा। बस समय तय कर लो।


अपस्यु:- समय 31 दिसंबर दोपहर के 2 बजे से।


ऐमी:- ओह मतलब हम अब भी प्लान से ही हैं।


अजिंक्य:- कौन से प्लान से..


ऐमी:- 31 दिसंबर शाम के 5 बजे टीवी के जरिए सब पता चल जाएगा।


थोड़ी देर और मीटिंग चली उसके बाद हर बात को बारीकी से समझने के बाद अजिंक्य वहां से चला गया। उसके जाते ही अपस्यु, नीलू और उसके साथियों पर पानी डालते हुए… "काम चोरों, कम से कम बैठकर कुछ राय विचार ही दे दिया करो।"..


नीलू थोड़ा चिढ़ती हुई… "कम से कम सीनियर्स की रेस्पेक्ट तो किया कर गधे।"..


अपस्यु:- सॉरी दीदी, गलती हो गई। अब जरा चलोगी, थोड़ा देख लिया जाए कि मेरी 2 कार दिल्ली राजस्थान हाईवे पर क्या कर रही है।


कुल 4 लोग वहां से दिल्ली-राजस्थान हाईवे के उस लोकेशन से थोड़ा पीछे पहुंचे जहां कार थी।… "वो देखो ट्रेलर खड़ा है, अपनी कार उसी में होगी।"… अपस्यु अंदाज़ा लगाते हुए कहने लगा…


ऐमी:- अपस्यु कुछ अजीब नहीं लग रहा यहां केवल 2 ट्रेलर पार्क है, और दूर दूर तक कुछ भी नहीं।


नीलू:- तो क्या यहां पब होगा। ये कंटेनर यहां रखा हुआ मतलब केवल कार नहीं होगा। हम भी यही करते थे, कंटेनर में डालकर लोगों को दूर पैक कर देते थे। हालांकि ये जगह सहर से दूर नहीं है, इसका मतलब अंदर जो भी इंसान है उसे बेहोश करके रखा गया है।


अपस्यु:- सीआईए के मुख्यालय में घुसने वाली एक महान सक्सियत मेरे साथ है ये मै कैसे भुल सकता हूं, मैम अब आगे क्या करना है। यू आर दि बॉस।


नीलू:- पुराना पैंतरा..


अपस्यु:- क्या..


देखते जाओ… "सोभन (नीलू का एक साथी वीरदोयी) आग लगा दो कंटेनर के आसपास, लेकिन कंटेनर बचाकर।


अपस्यु बिना कुछ बोले उन दोनों को देखने लगा। थोड़ी ही देर में दोनो ट्रेलर के चारो ओर आग थी, आग की ऊंची ऊंची लपटें चारो ओर। अपस्यु उनके कारनामे देखकर दंग सा था।… "अब मुंह क्या देख रहे हो, पुलिस स्टेशन फोन करके सूचना तो दे दो, यहां भीषण आग लगी है। बाकी काम वो खुद कर लेंगे।"


अपस्यु अपना सिर झुकाए…. "जीनियस हो सीनियर तुम। ऐसे खतरनाक आइडिया आते कहां से है।"..


नीलू:- किसी और दिन बताउंगी, पहले मीडिया को कॉल तो करो, वरना ये पुलिस वाले कंटेनर की छान बिन नहीं करेंगे, मीडिया रहेगी तो मजबूरन इन्हे कंटेनर खोलना पड़ेगा।


अपस्यु ने मीडिया को भी आग लगने की सूचना दे दी। पुलिस वाले फायर स्टेशन कॉल करके जबतक दमकल लेकर उस जगह पर पहुंचते, उससे पहले ही मीडिया पहुंचती न्यूज को ब्रेकिंग बाना दिया और सनसनी फैलाने के लिए उन्होंने कंटेनर में किसी प्रकार के सबूतों को मिटाने की आशंका जताने लगे।


इस न्यूज़ के फ़्लैश होते ही, श्रेया ऑपरेटिंग रूम से बैठकर सीधा अनुप्रिया से बात की और उसे न्यूज देखने के लिए कहने लगी। न्यूज़ देखकर अनुप्रिया थोड़ी चिंतित जरूर हुई, लेकिन अगले ही पल उसने श्रेया को वहां नजर बनाए रखने बोली, और कुछ गड़बड़ हो तो तुरंत इक्तल्ला करने।


अनुप्रिया के यहां भी अलग ही माहौल चल रहा था, दोनो भाई बहन बैठकर 31 दिसंबर के कार्यक्रम की चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान ही बात चलते-चलते फिर पैसे और बच्चो की बातें होने लगी..


अनुप्रिया:- महि, 2008-09 में सबको अलग काटने के हमने इतनी मेहनत करके मात्र 80 हजर करोड़ बनाए, समझो कि इस वक़्त एक तरह से कंगाल ही है, बस पैसे के नाम पर को 2000, 3000 करोड़ की संपत्ति हो। उस चन्द्रभान के दूसरे सौतेले लड़के को देखो, 2-3 महीने की प्लांनिंग किया और 300 बिलियन यूरो की चोरी कर गया। इतने झूट इतने मर्डर फिर भी वो अपने एक प्लान से हमसे कितना आगे निकल गया।


महिदिपी:- अनु मै भी वही सोच रहा था। लौंडे में दिमाग और जिगर दोनो है। काश उसकी असलियत पहले पाता होती, तो हम ही उसे अपने पास रख लेते।


अनुप्रिया:- महि कैसी बात कर रहे हो, उसे देखती हूं तो घीन आती है। मजबूरी में मुझे अपना पति बांटना परा था।


महिदिपी:- खैर छोड़ो इन बातो को। अभी मीडिया पर फोकस करते है। हफ्ते के एक प्रोग्राम के लिए हमे 200 करोड़ मिले है अनु, ये धंधा भी शानदार ही है। भक्तो के दान से कितना गुना ज्यादा का इनकम है पता है तुम्हे, ऊपर से इनकम टैक्स पे किया हुए पैसा है, बिल्कुल सफेद पैसा।


अनुप्रिया:- धन्य हो उस लड़की का जिसने हमसे सवाल जवाब किया और रुद्रा ने इसे कैश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी..


महिडिपू:- वैसे ये चारो है कहां कोई खबर नहीं, 3-4 दिन तो हो गए।


अनुप्रिया:- जाओ लाइन पर कलिका ही मिलेगी। मूड उसका ठीक रहा तो कोई बात नहीं है वरना झेलना तुम ही, मै तो नहीं बात नहीं करने वाली।


महिदिपू:- अनु मुझे ना कुछ ठीक नहीं लग रहा है। जब भी मै बच्चो के बारे में सोच रहा हूं, पता नहीं क्यों मुझे चिंता हो रही है?


अनुप्रिया:- हम्मम ! एक काम करते हैं यूक्रेन चलकर देखे क्या?


महीदीपु:- नहीं 31 दिसंबर के प्रोग्राम को हम कैंसल नहीं कर सकते। एक काम करो, श्रेया को भेज देते है वहां, वहां जाकर आंखो देख हमे बता देगी।


अनुप्रिया ने 28 दिसंबर की रात 10.30 श्रेया से संपर्क किया और अपने 3 लोगो के साथ तुरंत युक्रेन रवाना होने के लिए बोल दी। इधर मीडिया के प्रेशर के कारन पुलिस को दोनो कंटेनर खोलना परा और उसके अंदर 2 कार के साथ 15 लोग अचेत अवस्था में पाए गए। तुरंत ही उन 15 लोगो को मेडिकल सहायता दी गई।


पूछताछ पर उनमें से एक आदमी ने बताया की वो नंदनी रघुवंशी की प्राइवेट सिक्यूरिटी करता था, लेकिन कुछ दिन पहले उन्हें किसी तरह इंजेक्शन दिया गया, उसके बाद वो लोग भूखे प्यासे इन्हो कंटेनर में बंद है। मीडिया के हाथ एक और बड़ा नाम लग गया था। मीडिया की नाक सूंघते हुई इस बात की तह तक पहुंच ही चुकी थी कि नंदनी रघुवंशी के साथ उसके पूरे परिवार को किडनैप कर लिया गया है।


लेकिन इस खबर के प्रकाशित होने से पहले ही होम मिनिस्टर ने पूरे मीडिया को मैनेज करते हुए, इस खबर को दबा दिया। नीलू, अपस्यु और ऐमी यह सोच रहे थे कि उनके 15 साथी भी पूरे परिवार के साथ ही किडनैप होंगे, लेकिन उन्हें यहां देखकर तीनों जैसे खुश हो गए हो।


रात को ही उन्हें एंटीडोट देकर सरकारी हस्पताल से उन्हें उड़ा लिया गया और सभी एक साथ सोमेश के आवास पर डेरा जमाए थे। नीलू सबको देखकर खुश होती हुई कहने लगी… "शर्म करो तुम लोग एक इंजेक्शन से नहीं निपट पाए।"


उन 15 की टीम को लीड कर रहे एक युवक नारफा कहने लगा… "नीलू हमारे साथ धोका हुआ है, और ये धोका घर के किसी आदमी ने दिया है।"..


नीलू:- होश में तक हो, ये क्या बहकी-बहकी बातें कर रहे हो?


अपस्यु:- हां वो शायद सही कह रहा है, वक़्त नजदीक आ रहा है जब मै सबका हिसाब एक साथ पुरा कर दूंगा। खैर सुक्र की बात है, ये सभी लोग सुरक्षित है।


नरफा:- सुरक्षित कैसे है भाव, हमे तो तड़पा तड़पा कर भूखे मारने की योजना थी, पता नहीं कैसे हमे सहर के इतना नजदीक रखा गया था, वरना हमे तो राजस्थान के किसी सुनसान इलाके में रखने कर आदेश मिले थे।


ऐमी:- जाको राखे साइयां मार सके ना कोई। आप लोग खाना खाकर आराम कीजिए, कल बात करते है।


रात बहुत हो गई थी इसलिए अपस्यु और ऐमी भी आराम करने चल दिए। सुबह सुबह ऐमी की जब नींद खुली, वो पास में सोए अपस्यु को मुस्कुराती हुई देखने लगी, और देखते हुए उसके सर को अपने गोद में लेकर उसके बाल पर प्यार से हाथ फेरने लगी।


अपस्यु सुकून की श्वांस लेते ऐमी के गोद में थोड़ा सिकुड़ गया।… "काश मेरा भी ऐसा कोई लवर होता।".. नीलू सुकून भरी श्वांस छोड़ती, ऐमी के पास बैठती हुई कहने लगी।


ऐमी, मुस्कुराती हुई… "लवर ऐसे बैठकर सोचने से थोड़े ना मिलता है, उसके लिए काम के बाद बचे फ्री टाइम को अपने लिए जीना परता है। शायद लवर ना भी मिले, लेकिन सुकून कि जिंदगी तो जरूर मिल जाती है।"..


नीलू:- "हां शायद सही कही। लेकिन मै भी क्या करूं तय नहीं कर पाती हूं कि इंसान हूं या कोई साइंस एक्सपेरिमेंट। आंख खुली तो खुद को एक बड़े से एक्सपेरिमेंट हाउस में देखा। प्यार और इमोशंस कभी सिखाए ही नहीं गए, केवल लक्ष्य और लक्ष्य को भेदने की प्लानिंग चलती रही। भावनाएं कहां से जागती, जब सरिरिक सुख के लिए हर लड़का और लड़की को फ्री छोड़ दिया गया हो। वीरदोयी के बीच लड़की पटाना, लव अफेयर, प्यार मोहब्बत और धोका जैसी कोई बात ही नहीं थी।"


"हार्मोन्स शरीर को एक्साइटेड करता और लोग अपनी मर्जी से पार्टनर चुन लेते। लैब के बाहर निकलो तो हर किसी में प्रतियोगिता चलते रहती, कौन कितने बंदो को मार रहा है। लेकिन कहते है ना जैसा करोगे वैसा पाओगे। इन लोगों को इनसे भी बड़ा जल्लाद मिला, दृश्य। वो जब मारने पर आता था ना, तब गिनती भी नहीं करता की कितनो को मार चुका है। किस्मत देखो, वो हमसे कई गुना ज्यादा ताकतवर था और उसका डीएनए सैंपल के लिए मुझे और काया को चुना गया।"


"काया समझदार निकली, अपना काम खत्म करके वहीं गोवा में ही परी रही। मै बेवकूफ थी जो दृश्य की सहायता के लिए गई, और वहां उससे प्यार हो गया। जानती थी वो मेरा नहीं है। लेकिन ये दिल है कि मानता नहीं।"


ऐमी, नीलू का हाथ थामती… "दिमाग को बॉक्स में क्यों बंद करके रखी हो। थोड़ा गहरी स्वांस लो। खुद को रिलैक्स करो और जिंदगी को दूसरा मौका दो। साइंस एक्सपेरिमेंट रोबोट होते है, इंसान नहीं। इसका सबसे बड़ा सबूत तुम्हारी भावनाएं है। स्माइल करी, और एक लड़का पटाओ, घर बसाओ, मस्त लाइफ जियो।
 

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नीलू:- पटाना वटाना नहीं होगा अब सीधा मेट्रिमोनयल पर एड डालूंगी और उसमे से लड़का छांट कर शादी कर लूंगी। अब मेरी भी इक्छा होती है कि एक फैमिली हो। घर में कोई पूछने वाला हो। देर हो जाए तो डांटने वाला हो। सुकून का एक जॉब तो है ही।


ऐमी अपना लैपटॉप लाकर तुरंत टाइप करने लगी। जल्द ही सभी मेट्रिमोनयल पर प्रोफाइल तैयार था। "नीलू, यहां का काम समाप्त होते ही लड़को से मिलने के लिए तैयार हो जाओ।"


नीलू:- तुम मेरी हेल्प करोगी ना..


ऐमी:- ये भी कोई पूछने की बात है… बिल्कुल शौक से…


29 तारीख सुबह में 9 बजे…


"हमारे पास पक्की इंफॉर्मेशन में तो है कि उस 3 स्टोरी कोल्ड स्टिरेज में सबको बंधक बनकर रखा गया है, लेकिन अब तक किसी ने अपनी आखों से देखा नहीं है। दिल्ली के अन्य इलाके जहां ये परफेक्ट ट्रैप किया जा सकता था, उन इलाकों की भी रिपोर्ट आ गई है। 3 जगह और शक के दायरे में है। जिसमे एक बड़ा बाजार, दूसरा जमा मस्जिद के पीछे का इलाका और तीरारा पार्लियामेंट रोड है। पार्लियामेंट रोड के हर घर में सीसी टीवी को हम हैक कर चुके है, वहां बिल्कुल क्लीन माहौल है, लेकिन इन 2 इलाकों की छानबीन नहीं हो पाई है, क्योंकि इन इलाकों में कहीं भी कोई सीसी टीवी नहीं लगा है। कई सारे मोबाइल भी हमने हैक किए, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। कोई भी कदम उठाने से पहले हमे सुनिश्चित होना होगा कि वो कहां बंधक बनाए गए है।".. अपस्यु सबको संबोधित करते हुए कहने लगा..


नीलू:- अनुप्रिया के सर्विलेंस को हम नजरंदाज नहीं जर सकते, यहां मौजूद हर किसी का चेहरा उसके सिस्टम में है। लेकिन एक उपाय है जिसके जरिए हम पता लगा सकते है।


अपस्यु:- कैसे..


नीलू:- राठौड़ मेंशन में चोरी करवाकर। यदि 8-10 चिंदी चोर को हम राठौड़ मेंशन में घुसा दे और वहां से वो एक हैवी अमाउंट उड़ाते है तो बंटवारा कहां होगा, ऐसे किसी जगह कर जहां इनकी क्राइम की कम्युनिटी बिल्डिंग हो।


अपस्यु:- वो सब तो ठीक है लेकिन राठौड़ मेंशन में इस वक़्त इतना सारा कैश कैसे आएगा।


नीलू:- 500 करोड़ मै तुम्हे इस वक़्त उधार दे सकती हूं, लेकिन बदले में मुझे 1000 करोड़ चाहिए।


अपस्यु:- लालची कहीं की, दिए.. प्लान बताओ..


नीलू:- अजिंक्य को बोलो कि अप्रत्यक्ष रूप से ये खबर उन दोनों इलाके के थानेदार को पहुंचा देने, जहां सबके बंधक होने की गुंजाइश है। घर पर कोई नहीं है इसलिए पैसे का डाका डालने और उतने पैसे को बांटने के लिए वो लोग अपने कम्युनिटी हाउस ही जाएंगे। आगे की कहानी शायद बतानी नहीं परे।


अपस्यु:- ठीक है फिर अपने गांव से नीलेश और आदर्श को बोलो 500 करोड़ को 10 अलग अलग बैग में पैक करके ले आए। साथ में हर बैग में कैमरा लगा दे। राठौड़ मेंशन में घुसने का पास वहीं गांव के महल से जाकर कलेक्ट करेगा और मेंशन के हॉल में ही पैसा रखवा कर वहां से निकल जाए। नरफ़ा तुम 4 आदमी लेकर चोरी से स्टाफ क्वार्टर में दाखिल हो जाओ। यदि उन लोगो ने पैसा ले जाने के लिए अपना बैग इस्तमाल किया, तो तुम्हारी जिम्मेदारी होगी उन बैग में कैमरा लगाना।


सब तय हो चुका था। अजिंक्य अपने कुछ मित्रों से कुछ केस के सिलसिले में संपर्क किया और अपने इलाके की परेशानी बताते हुए कहने लगा। उसकी एक्स्ट्रा ड्यूटी राठौड़ मेंशन में लगी है। घर के लोग गायब है और रोज बैग भर-भर के पैसे जो आते है, और सुरक्षा की जिम्मेदारी उसी पर आ गई है। ना तो कोई प्राइवेट सिक्यूरिटी है, और ना ही कोई लोग। साला अंदर मुश्किल से 4-5 नौकर और बाहर मै 4 लोगों के साथ। जबतक बैकअप आएगा वो लोग हमे घायल करके माल ले उड़ेंगे।


बस फिर क्या था दाना डाल दिया गया था और दिन के उजाले में ही डकैती को अंजाम से दिया जा चुका था। नरफा को कोई मेहनत नहीं करनी पड़ी, शायद ये लोग अपने इलाके को लेकर कुछ ज्यादा ही सुनिश्चित थे। लेकिन ऐमी और अपस्यु को हर परिस्थिति के लिए तैयार होना था, इसलिए जैस ही वो मेंशन में घुसे, वैसे ही उनका मोबाइल हैक हो चुका था।


लगभग एक ही वक़्त में 2 टीम चोरी के लिए पहुंच गई। पैसे को देखकर कौन हिस्सेदार बनाना चाहता है, इसलिए दोनो पक्ष में पहले जुबान की लड़ाई शुरू हुई। दोनो टीम के बीच विवाद बढ़ते देखकर, अपस्यु ने तुरंत मेंशन का सिक्योरिटी अलार्म बाजवा दिया। तुरंत ही दोनो ने आधा आधा पैसा बांटने का फैसला कर किया।


गाड़ी 2 दिशा में चली गई शाम के लगभग 5 बजे ये सुनिश्चित हो चुका था कि अजिंक्य सही कह रहा था और उसकी खबर पक्की थी। एक बार सुनिश्चित हो जाने के बाद, अजिंक्य को तुरंत ही खबर भिजवा दी गई।


29 दिसंबर रात के 8 बजे…



"तुम लोग अभी के अभी मेरे घर से निकल जाओ, वरना मजबूरन मुझे पुलिस बुलवाना पड़ेगा।".. सोमेश आक्रोशित होते हुए अपस्यु से कह रहा था।


"घर में सांप पाल रहे हो ऊपर से सभी सुविधा देकर फलने फूलने भी दे रहे तो यही हाल होगा ना। पहले दिन ही इसका फन कुचल देना था।".. सौरव भी उसकी बातों का समर्थन करने लगा।


सोमेश:- ये 7 सर वाला शेषनाग है सर, और मेरी औकात तो बस पिटारे में बंद सांप के सर कुचलने जितना है। आप तो होम मिनिस्टर के लड़के है, आपकी रेंज अलग है।


"होम मिनिस्टर के बेटे ने कि एक लड़की से जबरदस्ती शादी करने की कोशिश और अपने राजनैतिक कैरियर को ऊंचाई देने के लिए इसमें उसका पिता और संसद सोमेश दत्त भी सामिल थे।.. पापा मान जाओ वरना कल सुबह की यही हेड लाइन होगी। वैसे भी मै इस वक़्त आप लोगो से कहीं ज्यादा चर्चित तस्वीर हूं मीडिया की। भविष्य सोच लो अपना।"… लिसा धमकाती हुई कहने लगी।


सौरव, सोमेश को एक थप्पड़ मारते हुए… "कुछ देर पहले क्या कह रहे थे अपनी बेटी के इंट्रो में, पूर्ण भारतीय नारी जिसमे आदर और सम्मान कूट कूट कर भड़ा है। ये इन कमीनो के साथ मिलकर कूट कूट कर हमारा ही तेल निकालने के इरादे से है।"


सोमेश:- सर इसने पहले ऐसा कभी नहीं किया। पता नहीं क्यों आज ये पॉलिटीशियन की तरह क्यों बिहेव कर रही है।


सौरव, जोड़ से हंसते हुए… "सोमेश जी, मुझे लगता है आप अब भी नहीं समझे। पूछ लो अपनी बेटी से वो इस वक़्त किसी के प्यार में जरूर होगी, और वो लड़का इन्हीं दोनों के कोई पहचान का होगा। आप की बेटी को झांसे में लिया है दोनो ने। प्लान करके फंसाया है। और ये यूके की अनपढ़, इनके ट्रैप को नहीं समझ पाई।"..


लिसा, सौरव को एक थप्पड़ मारती…. "मुझे मेरे लवर ने सबकुछ पहले ही बता दिया था। और सारी सच्चाई जानने के बाद ही मैंने उसे हां कहा था।"..


सौरव:- बेवकूफ लड़की, वो 20वी शताब्दी का दौर था जब सच्चाई छिपकर ट्रैप करते थे। ये 21st सेंचूरी है। यहां ट्रैप करने के बाद जैसे ही इमोशंस नजर आने लगते हैं, पहली फुरसत में सच्चाई बताई जाती है, ताकि तुम जैसे मूर्ख उनके बिछाए जाल को भूलकर, मेरा सच्चा प्रेमी मानने लगो। अरे ये कमीना अपस्यु जरूर कोई तंत्र मंत्र करता है, जिससे लोग इसके झांसे में आ जाते है।


लिसा:- व्हाट्एवर मुझे तो प्यार हो गया, जाल बिछाए या जाल फैलाए मुझे मतलब नहीं। यदि काम नहीं किया तो मैंने अपने क्षेत्र के थानेदार को एसएमएस भेज दिया है, सरजी बचालो मेरा बाप, होम मिनिस्टर के बेटे के साथ मेरी जबरदस्ती शादी करवा रहा है। वैसे अपस्यु ने बताया कि एसएमएस को लीगल डॉक्यूमेंटेशन में इस्तमाल नहीं कर सकते, इसलिए मैंने मेल भी कर दिया है।


सोमेश अपनी आखें बड़ी करते… "क्या मैंने तुम्हे इसी दिन के लिए पाला था बेटा।"..


लिसा:- ऐसे नहीं मानोगे आप, मम्मी को बुलाकर आपके और आपकी वो जिला करायकर्ता सोभा राणा का अफेयर बताना ही होगा।


सोमेश:- रुक ब्लैकमेलर मै समझ गया तू मेरी ही बेटी है। उल्टा सीधा अफवाह फैलाने की जरूरत ना है मै तैयार हूं।


सौरव:- मरो तुम लोग लेकिन मै तैयार नहीं।


अपस्यु:- जीजाजी जोरू के भाई का काम नहीं करोगे तो बीवी नाराज हो जाएगी।


सौरव:- ना ये होने वाली बीवी हटके है, तुम्हारा यदि मैंने मर्डर करवा दिया तो वो मेरे पाऊं धोकर पिएगी।


अपस्यु:- 31 दिसंबर, लगभग 20 करोड़ देश-विदेश की जनता, जब महिदिपी और अनुप्रिया का प्रोग्राम देख यही होगी और तब 1 ही आदमी सौरव के लिए 2 न्यूज फ़्लैश होंगे, पहला अपने दोस्त का साथ देने के लिए विलेन बना होम मिनिस्टर का बेटा सौरव, जिसने अपनी खराब इमेज बनाकर भी दोस्त का साथ दिया, एक अहम कड़ी जोड़ने। बाद में जब उसी दोस्त की फैमिली को किडनैप कर लिया गया, उन्हें 10000 जल्लादों की भीड़ में लाकर रखा गया, तो वो लड़का सौरव, दोस्त के लिए बिना अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। एक फेक रैली निकालकर इलाके में घुसे और सेना के कुछ ट्रेंड ऑफिसर को अंदर घुसने का पूरा अनुकूल मौका दिया, ताकि बंधको को बिना नुस्कान के निकाला जा सके। आज अगर मायलो ग्रुप के मालिको का खानदान जिंदा है तो उसका पूरा क्रेडिट सौरव कश्यप को जाता है जिसमें कदम से कदम साथ मिलाया सोमेश दत्त ने।


अपस्यु जब अपनी बातें सुना रहा था तब सोमेश और सौरव अपने गर्दन थोड़ा टेढ़ा करके, कान लगाकर पूरी बात सुन रहे थे। ऐसी बातें सुनकर ऐसा लगा जैसे कानो में मिश्री घुल रहा हो। बात पूरी होते ही दोनो एक साथ… "हम तैयार है।"..


लिसा:- ओय मूर्खो.. अभी तो कह रहे थे कि कैसे लोग इसकी बातों मै फस जाते है, अब क्या हुआ। क्यों फंस रहे उसकी बातो में। क्योंकि तुम्हे भी पता है ये जो अभी यहां बोल रहा है, वो सच में होने वाला है। चलो अब नखरे बंद कर दो दोनो और जैसा कहा जाए वैसे सिर्फ ऑर्डर फॉलो करना।


सौरव, सोमेश को देखते हुए… "आदर और संस्कार तो कूट कूट कर भरे है।"..
 

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Vasudhaiv Kutumbakam
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इसी सभा के साथ ही ऐमी और अपस्यु मुसकुराते हुए साथ निकले। आरव ने गले लगकर अपस्यु और ऐमी को विदा किया और एग्जिट प्लान के लिए हमेशा 2 रास्ते तैयार रखने का सजेशन दिया, ताकि गड़बड़ होने पर वो वहां से सुरक्षित निकल सके और बाद में उन्हें यहां देखा जाएगा।


12 दिसंबर की रात पेरिस के बीएनपी परिबास के ऊपर से एक बड़ी विमान गुजरी। रात के सीसी टीवी फुटेज में लगभग 60 ऐसे ट्रेलर थे जो कंटेनर लिए चारो दिशा में भाग रहे थे और बैंक प्रबंधन के 300 बिलियन यूरो कैश जो उनके रिजर्व में रखा रहता था, वो ले उड़े।


चोरी के तरीके को फ्रेंच पुलिस ने बाहर नहीं आने दिया, लेकिन आपस में जब डिस्कस कर रहे थे, तब उनके चोरी के तरीके देखकर दंग रह गए थे। तकरीबन 40 से 60 दिन पहले नॉन ट्रेसबाले डिवाइस बैंक में छोड़े गए। उन डिवाइस की मदद से 3 दिन पहले से ही अलार्म सिस्टम को ऐसा बिगाड़ा था कि जिसके लिए 13 तारीख को सुबह बैंक में नया अलार्म लगाया जाना था, इसलिए पुराना अलार्म निकालकर वहां 200 एडिशनल फोर्स की वयवास्था की गई थी।


कमाल तो इसके बाद और भी ज्यादा हो गया, जब एक प्लेन गुजरी और 6 किलोमीटर के दायरे को ही पुरा धुएं मै तब्दील कर दिया गया और चारो ओर हाई साउंड म्यूज़िक चला दिया गया। पूरी पुलिस इन्हीं सब कामों में लगी रह, इधर बैंक के चारो ओर और बैंक के अंदर ऐसी गैस छोड़ी गई, जिसके कारन ना तो कोई फाइट हुई ना ही कोई घायल हुआ, लोग धुएं कि चपेट में आए और बेहोश।


क्या दिलेरी के साथ वो लोगो सामने के दरवाजे से निकले थे। सीसी टीवी में उन्हें इत्मीनान से चोरी करते देखा जा सकता था। जैसे ही चोरी कि खबर बाहर अाई हर कोई शॉक्ड भी था और कई तरह के सक्रिय गैंग उन पैसों का पता लगाने में जुट चुकी थी और इधर कलिका के घर में जश्न जैसा माहौल चल रहा था।


रुद्रा नीलू से संपर्क करते… "वो पैसे लेकर कहां गया है।"..


नीलू:- हम डिएक्टिव मोड पर है, सर्विलेंस तो तुम रखे हो ना रुद्रा, तो फिर तुम्हे पता होना चाहिए।


रुद्रा:- पता नहीं दोनो ने क्या इस्तमाल किया था, इस बार हम उसके लैपटॉप को हैक नहीं कर पाए और उन्होंने अपना फोन कल रात ही किसी वीराने में फेक दिया था।


नीलू:- ओह मतलब अब तुम्हारी तरह वो भी प्राइवेट नंबर का इस्तमाल करेगा।


रुद्रा:- हमारी टीम कब पहुंचेगी उसके पास।


नीलू:- तुम्हारे तरह वो धार्य नहीं खोता है। इतना हड़बड़ी में रहोगे तो वो हाथ नहीं आएगा। तुम इस दुनिया के टॉप शिकारी का शिकार करना चाहते हो, तो शांत रहो और मुद्दा क्या है वो बताओ।


रुद्रा:- जब उसके पैसे उड़ाने है तो हम अपने कैश क्यों ले जाए। बस इसपर सोच रहा था। यदि लोकेशन का पता होता तो हम टीम के साथ हमला बोल देते।


नीलू:- इतना बेवकूफ समझा है क्या उसे। वो अभी अपने पैसे को अपने ठिकाने पर ले जा रहा होगा। आगे सुनो, पूरी फोर्स को कंट्रोल करके अपना पैसा लेकर वो निकल जाए, इसके तैयारी करने के लिए केवल अपस्यु और ऐमी ही होंगे उस इलाके में।


300 किलोमीटर का दायरा बोला है ना। मतलब वो 300 किलोमीटर को फेंसिंग करने में बिजी होंगे। वहां चारो ओर मोशन सेंसर और लैंड माइन वो तो पहले ही बिछा चुका होगा, उन सबको वो अपने कंप्यूटर से कनेक्ट करेगा। टेक्नोलॉजी से चलने वाला हथियार वो चारो ओर फिट करेगा और जब सब सुनिश्चय करेगा फिर तुम्हारे पहुंचने के ठीक पहले हमे कॉल करेगा।


अब ध्यान से सुनो, उसका पैसा उड़ाना है तो बिना उसके पैसे के करीब गए हमला करके जाने की सोचे, या बिना उसकी मर्जी से घुसने कि सोचे तो वो हवा की तरह गायब तो होगा ही, और उस क्षेत्र में किए गए फेंसिंग के कारन हम वहीं फंस जाएंगे। इसलिए जबतक उसका पैसा के पास ना पहुंचो और वो हमारे लोगो को कंप्यूटर पर बिठाकर ये ना कहे कि मेरे इशारे पर बस तुम्हे ये सब बटन प्रेस करना है, तबतक उसपर हमला करना मूर्खता है। सो डियर तुम्हारे पास डील के लिए पैसे नहीं है तो कोई बात नहीं, मुझे बता दो मैं अपस्यु के साथ होकर सेफ़ साइड खेल लूंगी। आगे तुम जानो और तुम्हारा काम, पैसे लाना ना लाना तुम्हारी मर्जी।


रुद्रा:- हम्मम समझ गया।


नीलू:- कुछ नहीं समझे हो सर आप। वो आपके डॉलर को के उड़ने के फिराक में है इसलिए 250 के जगह 300 बिलियन उड़ाया है। तुम्हे अंदाज़ा भी है 50 बिलियन क्यों एक्स्ट्रा चोरी हुए और इतने पैसे में वो अपनी जगह पर किस तरह का सिक्योरिटी डेवलप करेगा। तुम उसे तभी मात दे सकते हो जब फेयर खेलते हुए उसके पास पहुंचो, बिना भनक किए, ये सोचकर कि तुम ही फसने जा रहे हो। तब जाकर वो फसेगा।


नीलू की बात सुनने के बाद जैसे रुद्रा के अक्ल का पर्दा भी खुल गया हो। वो तुरंत ही अपने भाई बहन के साथ यूएस रवाना हो गया और लगभग 500 टॉप जल्लाद को युक्रेन के बॉर्डर पर डेरा डालकर रहने के लिए कहा। उनके अलावा 20 आईटी प्रोफेशनल भी इन लोगो ने हायर किया था।


रुद्रा अमरीकन बैंक पहुंचकर अपनी पहले से जमा राशि 220.0001 बिलियन यूएस डॉलर में से 220 बिलियन डॉलर का कैश पेमेंट उसने युक्रेन में मांगा, जिसके अरेंजमेंट के लिए उसने बैंक को 1 मिलियन यूएसडी का पेमेंट भी किया। 25% काटकर लगभग 219 बिलियन डॉलर पेमेंट के लिए और 1 बिलियन यूएसडी कैश अन्य खर्च के लिए उसने अलग कर लिए।


रुद्रा, कलिका, युक्तेश्वर और हंस के साथ 16 दिसंबर तक युक्रेन की राजधानी किएव पहुंच चुके थे। वहीं के बैंक से गुप्त रूप से कैश पेमेंट होता, जिसे ले जाने के लिए 50 लोगों की आर्म्ड फोर्स कीएव पहुंच चुकी थी।


22 दिसंबर 2014 ब्रयांस्की लेस नेचर रिजर्व, रशिया और युक्रेन के बोर्डर का क्षेत्र, जो दूर-दूर तक वीरान फैला हुआ था। ऊपर से दिसंबर का जानलेवा महीना और उस क्षेत्र मशहूर भूरे भालू, जो किसी को भी चिर सकते थे। फर के मोटे कपड़ों मै कैद 2 प्रेमी एक दूसरे के खुस्क होंठ चूम रहे थे और टेंट के अंदर आग जल रही थी।


ऐमी गहरी श्वांस लेती… "ऐसा लगता है नैनीताल के शार्दियो में हूं।"..


अपस्यु:- लेकिन तुम तो कभी शरदी में नैनीताल आयी ही नहीं।


ऐमी:- लेकिन तुम्हारे भेजे मेल को तो पढ़ा करती थी ना। वो जड़ी बूटी तुम साथ ले आए, वरना मेरी तो कुल्फी जम जाती।


अपस्यु:- तुम बेवकूफ हो, कह रहा हूं कंटेनर में रहो तो सुनती ही नहीं हो।


ऐमी:- तुम्हारे होंठ चूमने नहीं मिलेंगे ना, फिर तो मै प्यास से मार जाऊंगी।


अपस्यु:- मेरी बात सुनो, तुम जाकर कंटेनर में बैठो। मै उत्तर पूर्वी इलाके को फैंस करके आता हूं, फिर हम साथ में डिनर करेंगे।


ऐमी:- नाह चलो मै भी चलूंगी। इसका भी अपना मज़ा है बेबी।


चिन्हित इलाके में पहुंचने के 1 महीने पूर्व ही अपस्यु के दिशा निर्देश अनुसार सारे काम हो चुके थे। ऑयल, पोर्टेबल जेनरेटर, सर्व सुविधा वाली एक कंटेनर और 40 अलग अलग जगहों पर हाई क्लास टेंट लगे थे जहां ठंडी माइनस 40⁰ भी हो तो भी टेंट के अंदर रहने वालो को कोई असर ना हो। इसी के साथ कंटेनर उठाने के लिए 1 बड़ा सा क्रेन। इसके अलावा एक छोटा सा नेटवर्क स्टेशन, खाना पीना और इमरजेंसी के वक़्त जरूरत में काम आने वाली बहुत सारे सामान।


इन्हीं सब कामों के साथ अपस्यु ने सारे इलाके में फेंसिंग का भी काम कर दिया था, बस 4 दिन पहले वो पहुंचा था और तभी से घूम घूमकर मुख्य लोकेशन्स की मैनुअली जांच कर रहा था। आज के आखरी जांच के बाद अपस्यु और ऐमी दोनो अपने कंटेनर में आए।


ऐमी अपने बदन पर से वो मोटे कपड़े उतारती हुई… "ठंड में बिल्कुल सिकुड़ गई मै तो।"..


अपस्यु:- कोई नहीं अभी गर्मी देकर फैला देते है।


ऐमी:- हट बेशर्म, कैसे कैसे लैंग्वेज इस्तमाल करने लगे हो बेबी, सुनने में कितना अजीब लगता है।


अपस्यु ऐमी के पीछे आकर उसके गर्दन को चूमते हुए अपने हाथ से उसके जीन्स की बटन खोलते… "लेकिन करने में बहुत मज़ा आता है।"..


ऐमी:- छोड़ो भी क्या कर रहे हो। मुझे अकेले देखकर ये कौन सा नशा चढ़ जाता है। जब देखो तब मेरे कपड़े उतारने पर लगे रहते हो।


अपस्यु ऐमी के कानो के नीचे किस्स करते… "अच्छा ठीक है नहीं उतारता मै, अब चलो अपना मूड ठीक करो, और बताओ कि खाने में क्या लोगी।"


ऐमी:- आज छोले भटूरे खाते है ना।


अपस्यु:- बेबी ये रशिया वाले छोले भटूरे के आइटम नहीं दिए है।


ऐमी:- जानती हूं बाबा, लेकिन अब तुम पुछे तो मैंने बता दिया।


अपस्यु:- ठीक है यहां से जब लौटकर जाएंगे तो सबसे पहले हम छोले भटूरे ही खाएंगे। फिलहाल ये कॉर्न सूप और नूडल से अपनी भूख मिटाते है।


ऐमी:- 2015 की हम नई शुरवात करेंगे। जनवरी में घर में 3 शादियां भी है। हम खूब मज़े करेंगे। और..


अपस्यु:- और कुछ दिन परिवार के साथ। होली के बाद ही कहीं निकलेंगे।


ऐमी:- कहीं निकालने से वहीं ना, दोनो जो बिना सॉल्व किए हुए केस को छोड़ गए है, हम उनके लिए हम सॉल्व करके, उन दोनों को सुकून देंगे कि उनके जाने के बाद भी हमने केस सॉल्व कर दिया।


अपस्यु:- हां.. लेकिन ये आसान नहीं होगा। एक बार फिर हम भंवर में होंगे और इस बार जंग पैसे से हासिल ताकत की नहीं ही होगी, बल्कि सामना परछाई से है। गेम ऑफ शैडो।


ऐमी:- खैर छोड़ो अभी ती गेम ऑफ मनी पॉवर पर ध्यान देते है। यहां जीते तो ही आगे बढ़ेंगे।


अपस्यु:- यहां हरे भी, तो भी आगे बढ़ेंगे। यहां कुछ भी होता है तो हम पैसों को छोड़कर निकल जाएंगे। मैंने प्लान में कुछ तब्दीली की है।


ऐमी:- क्या हुआ अपस्यु पहली बार तुम्हे चिंता में देख रही हूं।


अपस्यु:- कुछ ठीक नहीं लग रहा ऐमी, ऐसा लग रहा है कोई गला घोंट रहा है और मेरा दम घुटा जा रहा है।


ऐमी:- हम्मम ! समझ गई, घर वालों की चिंता हो रही है ना।


अपस्यु:- नहीं उनकी चिंता नहीं है। उसके लिए तो आरव है। बस कुछ पॉइंट्स पर रह रह कर ख्याल जा रहा है।


ऐमी:- जैसे कि..


अपस्यु:- शायद बताने कि जरूरत नहीं है बल्कि प्लान में स्लाइड चेंज है।


ऐमी:- क्या ?


अपस्यु:- बदमाश अब कौन उकसा रहा है।..


"क्या सिर्फ तुम्हारा ही मूड हो सकता है। तुम जारी रखो।"… ऐमी अपस्यु के पैंट के ऊपर अपने हाथ का दवाब बनती हुई पूछने लगी..


अपस्यु:- कुछ नहीं बस 1 दिन का जो टाइम अपने पास रखा था, वो ना रखकर सब कुछ छोड़कर निकल जाएंगे। आह .. क्या कर रही हो ..


"तुम इधर ध्यान मत दो, और ये बताओ ऐसे अचानक से प्लान में तब्दीली क्यों? हम तो उन्हें रवाना करने के बाद निकालने वाले थे ना..".. ऐमी अपस्यु के जीन्स और अंडरवेयर को नीचे खिसकती हुई पूछने लगी।


"इतने एक्साइटमेंट में मै कन्सन्ट्रेट नहीं कर सकता। उफ्फ।"


ऐमी, लिंग पर अपना हाथ फेरना बंद करती… "बस वजह बता दो, क्यों उनके आते ही तुम निकालने कि सोच रहे।"..


अपस्यु:- आह.. काया के लिए.. प्लान में इतना मसरूफ थे, कि मैंने ये गौर नहीं किया की वो लिसा के साथ जब घूमने निकली थी भारत के अन्य क्षेत्र, तो यह बात बताने अकेली लिसा क्यों आयी थी। काया को उन लोगो ने ट्रैप किया है।


"अब इधर कन्सन्ट्रेट करो बेबी.. आई एम् फीलिंग होर्नी नाउ।…
Jabardast update bhai
 

Nevil singh

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बाउंसर ने संपर्क किया और डिस्को का दरवाजा तुरंत खुल गया। वहां का मनाजिंग डारेक्टर खुद सिन्हा जी को लेने आया था। दोनो जैसे ही अंदर आए सिन्हा जी मैनेजर को वापस भेजते… "छोटे यहां तो घर की पार्टी लगती है। देख तो मेरा बेटा और बहू कितने प्यारे लग रहे है।".. (आरव और लावणी)


एक बड़े से सोफे के चारो ओर... आरव, ऐमी, कुंजल, लावणी, साची, ध्रुव, और कुंजल के कॉलेज के 1,2 फ्रेंड बैठे थे। किसी के हाथ में सॉफ्ट ड्रिंक तो किसी के हाथ में हार्ड ड्रिंक पड़ी हुई थी।"… उन्हें देखकर अपस्यु कहने लगा.. "यहां हम दोनों आए है ना, फिर जो जिसके साथ आया है उसे एन्जॉय करने दो। चलो चलकर हम अपना एन्जॉय करते है।"..


दोनो बार काउंटर पर पहुंच चुके थे और बार टेंडर दोनो को ड्रिंक सर्व कर रहा था। इसी बीच आरव की नजर दोनो पर गई… "चलो कहीं और चलते है।"..


कुंजल:- क्या हुआ, यूं अचानक..


आरव:- बार काउंटर पर देखो, रहूं और केतु साथ में पहुंचे है। कुछ ही देर में यहां सॉलिड कचरा होने वाला है।


साची:- यार एक तो हमने दोनो में से किसी को पूछा नहीं, अब दोनो अपना एन्जॉय कर रहे हैं तो करने दो। तुम लोग ये नहीं हुआ कि यहां बुला ले, उल्टा उन्हें देखकर भागने का सोच रहे।


ऐमी:- तुमलोग रहो मै जा रही हूं। तंग आ गई हूं मै दोनो की नौटंकी से।


आरव:- पती को कंट्रोल में करने के बदले उल्टा भाग रही हो। बैठो चुपचाप।


ऐमी:- आरव मुझे रोकने की कोशिश मत कर, वरना अच्छा नहीं होगा।


अपस्यु उनकी ओर देखकर… "बापू बाकी समय तो ठीक है लेकिन आपकी ये बेटी जो है ना हमे साथ देखकर अपना मुंह काहे चढ़ा लेती है।"


सिन्हा जी एक जाम हवा में लहराते… "मुझे क्या पता आज उससे पूछकर ये मैटर सलट ही लेते है। चल..


"हां बापू चलो।"… कहते हुए अपस्यु खड़ा हुआ और ऐमी के ओर फ्लाइंग किस्स भेजते हुए वापस कहने लगा… "बापू, थोड़ी देर के लिए कान बंद कर लो, ऐमी को देखकर मेरा मूड रोमांटिक हो गया।"..


सिन्हा जी:- तू जा छोटे अपने प्यार का इजहार कर, तेरे बापू का आशीर्वाद है।


अपस्यु माईक का जुगाड करके, उसपर चिल्लाते हुए… "अरे ओ ऐमी, मेरी जानेमन, बाहर निकल आज जुम्मा है, आज का वादा है देख मैं आ गया, तू भी जळी आ मुझे मत और तड़पा।


ऐमी अभी अपनी बात खत्म कर ही रही थी कि इतने में अपस्यु की फटी आवाज़ बजने लगी… ऐमी अपने हाथ से अपना चेहरे ढक्ती… "ये नहीं सुधरने वाले।"


कुंजल:- भाभी कुछ तो रेस्पॉन्स करो..


लावणी:- कितना चाहते है ऐमी दीदी तुम्हे। अब जाओ भी, देखो कैसे बुला रहे है।


ऐमी:- क्यों मेरे सब्र का इम्तिहान ले रहे हो। आरव चल तू डैड को लेकर जा और मै अपस्यु को। आरव..


आरव:- हां चल रहा हूं, चिल्ला क्यों रही हो भाभी।


ध्रुव:- किसी को अभी जाने की जरूरत नहीं है। जबतक कुछ ऐसा नहीं होता कि इन्हे ले जाने की जरूरत हो, तबतक रहने देते है फिर जब ऐसा लगेगा कि ओवर हो रहा है तो ले जाना, क्यों इतना रिएक्ट करके अपनी और उनकी दोनो की शाम बर्बाद कार रहे हो।


इधर अपस्यु का गाना जैसे ही खत्म हुआ मैनेजर भागता हुआ आया… "सर मुझे लगा आप कुछ अनाउंस करेंगे इसलिए माईक दिया था, लेकिन आप तो गाने लगे। सर ऐसी आवाज में गाएंगे तो हमारे पब की इज्जत चली जाएगी।


अपस्यु:- ले भाई, ले जा इस माईक को और अपनी इज्जत बचा ले। बापू कोई रेस्पॉन्स ही नहीं है।


सिन्हा जी:- आखिर बेटी किसकी है? मुझे तुम तीनो पर ना प्राउड टाइप फील होता है। जनता है मेरी दिल से इक्छा थी तू ही मेरा दामाद बने। उमाहहहह..


कहते हुए सिन्हा जी ने उसे किस्स कर लिया। अपस्यु सिन्हा जी को गले लगाते… "क्या यार बापू इमोशनल कर देते हो।"..


"अरे मेरा छोटा इमोशनल हो गया। ले तू इसे पी फिर पीकर इस ऐमी की खबर लेते है, इतने प्यार से तू गाना गाया और उसने रेस्पॉन्स ही नहीं किया।"..


इधर जबतक दोनो आपस में लगे थे और उधर ऐमी ध्रुव की बात मानते जैसे ही नॉर्मल होकर हसने लगी, और दोनो के किस्से शुरू से सुनने लगे इतने में ही… "हाई, क्या मै तुम लोगो को ज्वाइन कार सकता हूं।"..


आरव:- आप कहीं और जाइए सर, यहां फैमिली पार्टी चल रही है।


एक लड़का:- ओह कम ऑन यार, हम जारा भी परेशान नहीं करेंगे 2 को। 2 लड़की जो एक्स्ट्रा लाए हो, उन्हें हम दोनों बस कंपनी देंगे।


दूसरा लड़का:- फैमिली पार्टी होटल में की जाती है ना कि पब में। हम भी अपने दोस्तो के रूम में उसके कजिन बनकर रुकते है और खूब मज़े करते है।


ध्रुव खड़ा होकर जैसे ही कॉलर पकड़ा, ऐमी अपस्यु को देखने लगी। अपस्यु सिन्हा जी को गले से लगा रहा था, और उसे देखकर वो अंदर से खुश हो गई। .. ",सॉरी बेबी"… गिल्ट फील करती वो दिल में खुद से कहने लगी और अगले ही पल अपने टेबल पर ध्यान देती… "ध्रुव छोड़ो इन्हे, हां बताओ मुझे कौन कंपनी देने आ रहा है।"


एक लड़का आगे बढ़कर अपने दिल पर हाथ रखा और अपने हाथ उसके ओर बढ़ा दिया। ऐमी उसकी उंगली पकड़कर थोड़ा फोर्स लगाई और खींचकर एक थप्पड़ मारते… "मुझे तो मज़ा आ रहा है कंपनी का। आई लव इट।"..


इतने में दूसरा कड़का कुछ बोलने को हुआ, आरव उसके पाऊं में एक लात मारकर नीचे गिराया.. "आराम से लेटा रह भाई, अभी उसे तो कंपनी एन्जॉय करने दे। और इधर ऐमी जबतक उसका उंगली लगभग तोड़ने जितना दवाब बनती 5-6 झन्नाटेदार थप्पड़ खींच चुकी थी।.. "मज़ा आ रहा है मेरी कंपनी का।".. "सॉरी सिस्टर भुल हुई को जबरदस्ती घुसने चला आया, प्लीज मुझे छोड़ दो।"


ऐमी उसे छोड़कर पूछने लगी… "और किसे कंपनी चाहिए।"..


"मुझे"… अपस्यु पीछे से उसके कंधे पर लादकर कहने लगा.. तेज म्यूज़िक की वजह से ऐमी आवाज़ पर नहीं ध्यान दे पाई, लेकिन पीछे से कोई कंधे पर लटक रहा था… तेजी के साथ मुड़ी और एक झन्नाटेदार थप्पड़ खींचकर।


हर किसी का मुंह खुला का खुला ही रह गया। अपस्यु ऐमी को टुकुर टुकुर देखते… "सारे पैसे बर्बाद, एक ही तप्पड़ में पुरा नशा उतार दी। वैसे थप्पड़ मारने के लिए तो मैंने मना किया था न स्वीटी।"


ऐमी:- सॉरी बेबी मुझे लगा कोई अनजान लड़का मेरे कंधे पर हाथ दिए है।


अपस्यु:- एक झलक देख ही लेती कम से कम, खैर कोई नहीं, वो दोनो लड़के यहां परेशान तो नहीं कर रहे थे।


कुंजल:- भाई आप बैठो तो पहले..


अपस्यु:- नहीं हम तो बस बाय कहने आए थे। वो लगा ऐसा की हम कोई यहां ड्रामा ना करे ये सोचकर तुमलोग कहीं परेशान ना हो, इसलिए हम घर जा रहे है यही कहने आया था। चलो बापू…


अपस्यु आगे चला, उसके पीछे उठकर ऐमी भागी, उसके पीछे लड़खड़ाते सिन्हा जी।…. "ओ बूढ़उ, कहां चले।"


सिन्हा जी:- अपने साकी के पास जा रहा, वो अकेला बाहर गया है।


आरव:- वो अकेला बाहर नहीं गया है, पीछे से उसकी होने वाली पत्नी भी गई है। अब मियां बीवी के बीच में जाकर क्या करोगे।


सिन्हा जी:- फिर मै क्या करूं?



आरव:- जब वो वापस आकर चलने के लिए कहे, आराम से यहीं बैठे रहना और बोल देना आरव मुझे छोड़ देगा।


अपस्यु अपने कार तक पहुंचा, पीछे पीछे ऐमी भी… "बेबी सुनो तो।"..


अपस्यु:- क्या हुआ ऐमी?


ऐमी, अपनी कान पकड़ती… "सॉरी बेबी, तुम्हारे आने के ठीक पहले 2 लड़कों ने बहुत ही ज्यादा बदतमीजी की थी। एक को वार्निग दे दिया था, तभी तुमने अचानक से मेरे कंधे पर हाथ रखा और…"


अपस्यु:- हां मैं समझ गया, कोई बात नहीं। ये बापू किधर रह गए।


ऐमी:- बापू की बेटी को ले चलो कहां ले जा रहे, उन्हें शायद किसी और कि कंपनी पसंद आ रही हो।


बिना कोई जावाब दिए पब में गया। वहां जब पहुंचा तो सिन्हा जी सबके बीच बैठे आराम से दारू का मज़ा ले रहे थे। अपस्यु वापस आकर कार में बैठा जहां पहले से ऐमी बैठी हुई थी। अपस्यु बिना कुछ बोले ड्राइव करने लगा..


ऐमी:- अब कुछ बोलो भी, ऐसे चुप तो ना रहो।


अपस्यु:- आई लव यू


ऐमी:- लव यू टू बेबी। कुछ और बोलो ना।


अपस्यु:- लेकिन बोलना क्या है, तुम ही कुछ शुरवात क्यों नहीं करती?


"अकडू कहीं का, गुस्सा होना भी है, और गुस्सा दिखाना भी नहीं।"…. ऐमी अपने मन में सोचती हुई, अपस्यु का चेहरा देखने लगी। अपस्यु बिना कोई प्रतिक्रिया दिए ड्राइव करता रहा और कार अपार्टमेंट के पार्किंग में खड़ी करके, फ्लैट के ओर बढ़ने लगा।


"हद है मै साथ में हूं, और तुम आगे आगे भाग रहे।"… ऐमी पीछे से टोकती हुई कहने लगी। अपस्यु 4 कदम पीछे आकर ऐमी को देखकर मुस्कुराया और हाथ पकड़ कर.. "चले मिस।"..


दोनो साथ साथ चलने लगे, अपस्यु ख़ामोश "हां, हूं" में जवाब देते और ऐमी उससे तरह तरह के सवाल पूछती। थर्ड फ्लोर पर पहुंचते ही अपस्यु सीधा अपने फ्लैट ना जाकर उन लड़कियों के फ्लैट के दरवाजे पर था। बेल बजाकर अपस्यु वहीं बाहर खरा रहा… "तुम रात के 11.30 बजे इनके कमरे की बेल क्यों बजा रहे हो।"…


ऐमी जबतक ये सवाल पूछ रही थी, अंदर से दरवाजा खुला और साथ ही साथ पीछे से आवाज भी आयी… "कामिनी कहीं थी ना ये केवल गर्ल्स पार्टी है, फिर कौन अपने बॉयफ्रेंड को यहां बुला कर लाई।"..


इधर जबतक दरवाजे का छोटा सा हिस्सा खोलकर वहां रहने वाली 4 लड़कियों में से एक लड़की खुशी चिल्लाते हुए कहने लगी… "अरे शांत हो जाओ बाहर रूम ऑनर खड़े है।"


"हां तो उससे बोलो कल सुबह आएगा, अभी हम पार्टी कर रहे है।".. वापस से किसी दूसरी लड़की की आवाज आयी।… "क्या बात है मिस, सैटरडे नाईट का पुरा फायदा उठाया जा रहा है, 2 महीने बीते 1 महीना हो गया, फ्लैट का किराया अब तक नहीं आया।"..


ऐमी:- किराया काया वसूल लेगी, चलो भी बेबी अब यहां से, इनको पार्टी करने दो।


तभी खुशी पुरा दरवाजा खोलते… "अंदर अाए सर, मै पूरी बात बताती हूं।".. अंदर का नजारा देखकर तो ऐमी का मुंह खुला ही रह गया। 8-9 लड़कियां थी सभी लिंगरी में, और लगभग बहुत कुछ के बहुत कुछ दिख रहे थे। अपस्यु एक झलक सबको देखा… "पहले ऊपर ढंग के कपड़े डालो, फिर मै अंदर आता हूं।"..


"ये हैंडसम लड़का तेरा ऑनर है, मेरा ऐसा ऑनर होगा तो मै इसी के फ्लैट में शिफ्ट हो जाती।"… एक लड़की अपनी बात कही और खी खी खी करके हंसने लगी।


ऐमी:- इन्हे पार्टी करने दो अपस्यु, बाद में किराया ले लेना। (कमीना जान बुझ कर यहां बस टाइम पास कर रहा है। यहां के बाद पक्का ये काया के पास जाएगा।)


खुशी ने जबतक 2 मिनट के लिए रूम बंद किया और वापस से खोलकर अपस्यु और ऐमी को अंदर बुलाने लगी। दोनो आकर बैठ गई, तभी खुशी पूछने लगी… "सर कॉफी लेंगे या टी।"..


अपस्यु:- चाय ही पिला दो।..


एक लड़की मजाकिया अंदाज़ में… "लगता है गर्लफ्रेंड साथ में है इसलिए सारीफ बन रहे है तुम्हारे सर वरना अभी तो कुछ और ही पीने की डिमांड हो जाती।"..


ऐमी, कुछ नहीं बोली वो बस अपस्यु की प्रतिक्रिया को देख रही थी। अपस्यु इन सब बातो को दरकिनार करते… "खुशी, किराया टाइम पर नहीं आया, तुम्हे 2 महीने का एडवांस कहा गया था देने।"..


एक और रेंटर मालविका:- सर वो हम सबकी आर्थिक स्तिथि थोड़ी डाउन चल रही है।..


समय रात के 12… "ये भी ना यहां इसकी कहानी सुनकर आज 1 बजा देगा।"… ऐमी अपने मन में सोचती उनसे पूछने लगी… "कितना एडवांस देना था।"..


खुशी:- जी वो 60 हजार देना था।


ऐमी अपना मोबाइल निकालर जल्दी जल्दी हाथ चलाते… "बेबी तुम्हारे अकाउंट में 1 लाख 20 हजार पहुंच गया है। इनका 4 महीने का एडवांस मिल गया अब चलो।"


अपस्यु कुछ नहीं बोला सिर्फ एक बार उसने ऐमी को देखा और वहां से उठकर चल दिया। ऐमी भी उठकर जाने लगी तभी खुशी उसका हाथ पकड़कर… "1 लाख 20 हजार हमारा पे कर दिया।"..


ऐमी:- अभी 1 करोड़ 20 लाख भी पे कर सकती थी। तुमलोग एंजॉय करो पार्टी।


एक और रेंटेर निशा… "क्या हुआ सर कुछ ज्यादा ही रूठ गए क्या? लेकिन शक्ल देखकर लगता तो नहीं था। शायद हमे देखकर उनका मन हरा भरा हो गया हो इसलिए गुस्से वाले एक्सप्रेशन दिखे नहीं।"


ऐमी:- अच्छा भ्रम है कंटिन्यू रखो, मुझे अभी बहुत से काम है।


ऐमी वहां से निकल गई, उसके जाते ही खुशी कहने लगी… "एक तो उसने 4 मंथ का किराया भर दिया, उपर से उसे है उंगली कर रही हो निशा।"..


निशा:- कामिनी तो तू ही आ जा जल्दी से, तुझे उंगली करती हुं।


ऐमी वहां से निकलकर पता था कहां पहुंचना है। दरवाजा नॉक की और काया ने आवाज़ दिया खुला ही हुआ है। ऐमी को कोई लेना देना नहीं था कि वहां क्या चल रहा है, वो अपस्यु का हाथ पकड़ी और उसे चलने के लिए कहने लगी।


काया दोनो को देखकर हंसती हुई कहने लगी… "अच्छा अब समझ में आया कि ये महाशय अचानक से रात में दर्शन देने कैसे चले आए।".


ऐमी:- आज कुछ ज्यादा ही रूठे है काया, जारा मै मना लू इन्हे वरना पता ना कब तक इन डायरेक्टली मुझ पर गुस्सा उतारते रहे।

अपस्यु:- जबरदस्ती कुछ भी समीक्षा कर रही हो। मुझे काया से अभी बात करनी है।


काया:- वो इतनी जरूरी बात भी नहीं है। मुझे नींद लग रही है और सुबह लिसा आएगी, कल दिन में बात करना जो भी करना हो, अब जाओ।


अपस्यु बाहर आते… "क्या बचपना है स्वीटी।"..


ऐमी:- अंदर चलो फिर मै बचपन से जवानी तक के सब दर्शन करवाऊंगी।


अपस्यु, ऐमी की बात पर हंस दिया, हंसते हुए दोनो फ्लैट में घुसे, और फ्लैट में घुसते ही ऐमी अपस्यु को दीवार से चिपकाते हुई कहने लगी…. "तुझ जैसे भौंरे को मैनें यहां मसल दिया ना, तो बाहर किसी को मुंह दिखने के लायक नहीं रहेगा। तेरा फटा हुए इज्जत फिर कवड़ियों के भाव नीलाम होगा।"…
aaj ki raat kaatil hai
ab toh baaba ji ki kher nahi
avishmarniye update hai dost
 
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अपस्यु:- लगता है गाली सुनने का वक़्त आ गया है। मै सौरव को कॉल लगता हूं।


ऐमी:- वो पहले ही हमारे नाम से खुन्नस खाए बैठा है, लेकिन और कोई उपाय नहीं..


3-4 पूरी रिंग होने के बाद सौरव कॉल उठाते हुए… "कौन"..


अपस्यु:- तेरा बाप..


सौरव:- पिताजी अभी मै बिज़ी हूं मुझसे बात करने की कोशिश भी नहीं कीजिएगा।


अपस्यु:- सोमेश अंकल के घर पहुंचो 15 मिनट में मिस्टर सौरव वरना तुम जानते हो मै क्या कर सकता हूं।


लगभग आधे घंटे बाद… नीचे मस्त इटालियन मार्बल के फ्लोर पर एक ओर अपस्यु और ऐमी बैठे और ठीक सामने सौरव। सौरव उन दोनों को घुरे जा रहा था और ये दोनो सौरव को…


वर्ष 2010-11 जब सौरव अपस्यु से पहली बार यूएस में मिला था। सौरव अपने पिताजी के कहने पर यहां कोई भी डिग्री लेने तो चला आया, लेकिन बेचारे से वो डिग्री हो नहीं पा रहा था। इसी क्रम में सौरव की मुलाकात अपस्यु से हुई थी। एक स्वाभाविक मुलाकात जहां 2 लोग टकरा जाते है।


दोनो ही जिम्नास्टिक सीखने आते थे जहां अपस्यु को देखकर सौरव काफी प्रभावित हुआ था। फिर दोनो की मुलाकातें हुई। दोस्ती परवान चढ़ी, इसके क्रम में प्रॉक्सी करके सौरव ने अपनी डिग्री भी पा ली। यहां तक तो उसे भगवान कि कृपा से हुई दोस्ती ही नजर आयी।


लेकिन उसके बाद उसे खींचकर इंडिया लाना। सुलेखा के इंफॉर्मेशन के आधार पर सौरव को उसी कॉलेज में पहले से प्लॉट करना और फाइनली सौरव की अक्ल तब खुली जब पहली बार अपस्यु ने उसे साची को छेड़ने का काम दिया था।


फिर लड़के को समझते देर न लगी कि उसे पूरे सीसे में उतारा गया है। यहां कहानी ये बनाई गई की तुम्हारे पापा के खिलाफ मिश्रा बंधु साजिश कर रहे है। बेचारा बाप के नाम पर बेज्जती का वो दिन भी देखा जब उसे लावणी धो डाली थी और उसके बाद अपस्यु उसे घर आकर थप्पड़ मारकर गया।


उस आखरी काम के बाद फिर सौरव ने दोनो का कभी चेहरा देखना पसंद नहीं किया। वो कट लीया और अपने आखों के सामने अपने बाप को भी सीसे में उतारते हुए देख रहा था। खुन्नस तो थी लेकिन एक मात्र दोस्त भी अपस्यु ही था, जिसने उसे बहुत सहायता भी की थी।


कलिका के केस में उसे तब शॉक्ड लग गया जब भरी मीटिंग में पहले तो उसके बाप ने बेज्जती कर दी, कलिका को अपस्यु के साथ जोड़कर। ऐसा लग रहा था जैसे सबके सामने उसकी चड्डी खींच ली गई हो। उसके बाद तो दिमाग ही सन्न हो गया कि वहां चल क्या रहा है। पहले अपस्यु कलिका का सौतेला भाई निकला बाद में ये लोग उसी को रास्ते से हटाने का प्लान कर रहे थे।


उसी वक़्त सौरव के चेहरे पर तभी कुटिल मुस्कान आ गई, क्योंकि उसे समझ में आ चुका था की जल्द ही अपस्यु उससे संपर्क करेगा, फिर गिन गिन कर वो अपने बेज्जती का बदला लेगा। जो शायद मौका उसके लिए आ चुका था…


सौरव:- तेरी बहन कहां है?


अपस्यु:- उसे मरने के लिए छोड़ आया हूं।


सौरव:- मुझे उसी से शादी करनी है, वो सेफ रहेगी तभी आगे कोई बात होगी।


अपस्यु:- वो तुझे और तेरे बाप को कच्चा चबा जाएगी और डाकर तक नहीं लेगी।


सौरव:- ओके फाइन। मीटिंग यही खत्म करते है। मुझे आगे कोई बात नहीं करनी।


अपस्यु:- तुम क्या चाहते हो?


सौरव:- तेरा गला घोंट कर मार देना। और ये जो तेरे पास वो पागल बैठी है ना उसका भी।


अपस्यु:- अच्छा ठीक है जीजाजी कलिका से शादी कर लेना.. लेकिन कोई भी मन बनाओ तो वो 1 जनवरी के बाद बनना।


सौरव:- 1 जनवरी को भी यही डिमांड हुई तो..


अपस्यु:- फिर पुरा कर देंगे तेरे लिए..


सौरव:- काम क्या है वो बताओ?


अपस्यु एक तस्वीर दिखाते.. "इस लड़की को कहीं देखा है?"..


सौरव गौर से उस तस्वीर को देखते… "नहीं, नहीं देखा। क्या हुआ सो, अब इसे तुमलोग ट्रैप कर रहे हो।"


ऐमी:- ए क्या रे इतना भाव क्यों खा रहा है। सीधे मुंह भी तो बात केर सकता है।


सौरव:- दुनिया में कमीना और कामिनी की परिभाषा हो तुम दोनो, और मुझसे प्यार भरी बात की उम्मीद कर रहे। गनीमत है मेरा बाप तुम लोगो के बीच में है वरना तुम्हारे मर्डर की तो फुल प्लैनिंग कर लिया था मैंने। साले ये सात्त्विक आश्रम वाले घोंचू, चुतिया को दिखाई भी नहीं देता की ये दोनो उनके लिए कई सालो से प्लांनिंग कर रहे है, और ये लोग 2 महीने की प्लानिंग में तुमसे जितने कि कोशिश में जुटे है। जी तो किया को सारे पोल खोल दूं, फिर सोचा कहीं मेरा बाप ना लपेटे में आ जाए उन्हें डबल क्रॉस करने के चक्कर में इसलिए तू बच गया।


अपस्यु:- मैटर क्या है तुम्हे पता भी है..


सौरव:- कभी उस लायक समझ जो पुरा मैटर बताते। कमिने क्या कहे थे उस लड़की साची के केस में, मै उसे ट्रैप करूंगा, तुम जारा वहां कॉलेज में विलेन वाला ऐटिट्यूड रखना। कमीनो लड़की के हाथो मार खिलवाते शर्म भी नहीं आयी। ऊपर से मेरे घर आकर मुझे ही रफ्ता मार रहे। बेशर्मों मेरा मुंह ही नहीं खुला उस वक़्त भी, वरना पोल वहां भी खोल सकता था।


अपस्यु:- सॉरी में जानता हूं मैंने तुम्हारा इस्तमाल किया है। जब तू इतने दिनों से मेरे से खुन्नस खाए घूम रहा था तब एक मन हुआ कि तुम्हे सब बता दू, लेकिन तुम्हे सब बताने का मतलब होता की सामिल करना। और मै अपने खेल में तुम्हे सामिल करके तुम्हे खतरे में नहीं डाल सकता था। हां मानता हूं तुम्हारा कैरेक्टर मैंने बिगाड़ा था, लेकिन विश्वास करो यदि सब कुछ समय पर हुआ, तो 31 दिसंबर से लेकर 5 जनवरी तक मै तुम्हे तुम्हरे पापा का उतराधिकारी बाना दूंगा। अब चल जारा स्माइल कर।


सौरव:- मेरे साथ साथ कलिका को भी..


अपस्यु:- फिर से कलिका.... तू बावरा हो गया है..


सौरव:- और दुश्मनी ने तुझे अंधा कर दिया है। मै वहां पर था जब वो तुम्हे लिटल ब्रदर कह रही थी।


अपस्यु:- हां तो..


सौरव:- हां तो का मतलब.. वो तुम्हे सामने से बता रही थी कि उसे तुम्हारे बारे में सब कुछ पता है। बुरी है वो भी लेकिन संतुलन बना कर चलती है। अब तुम लोगो का क्या घरेलू मुद्दा है वो पता नहीं, लेकिन उसका कैरेक्टर भी डाउन नहीं होना चाहिए।


ऐमी:- बड़े भैया तुम्हारी सारी बातें हमने मान लिया। हमे तो उसमे कुछ भी अच्छा नहीं, दिखा लेकिन अगर तुमने कलिका को अच्छा परखा है, तो हम भी उसे अच्छा मानकर ही चलेंगे। अब आगे बात कर ले।


सौरव:- बताओ इस बार कहां फसा रहे हो।


अपस्यु:- अनुप्रिया के महल जैसे आश्रम में घुसना है और तुम्हे पता लगाना है कि ये लड़की काया है क्या वहां। या फिर मेरे घर वाले।


सौरव:- तुम्हारे घरवाले मतलब..


अपस्यु:- मतलब उन लोगो को अनुप्रिया ने किडनैप करवाया है, और हमे कोई क्लू नहीं मिल रहा की उन्हें किडनैप करके कहां रखा होगा।


सौरव:- यें तो सुनिश्चित है ना कि वो लोग दिल्ली में ही है।


अपस्यु:- कुछ कह नहीं सकते। हमे बिल्कुल भी पता नहीं।


सौरव:- ट्रैफिक की सीसी टीवी इमेज निकालवाऊं..


अपस्यु:- करके देख लिए, वहां उस दिन के खास जगहों की फुटेज को गायब जर दिया गया है।


सौरव:- तुमने कहा कि उन्हें किडनैप किया गया है, और उनका लाइव फुटेज देखा था, तो क्या नेटवर्क हैक करके पता नहीं कहा सकते?


अपस्यु:- लाइव फुटेज हमे बताया गया था, नेटवर्क हैक करने के बाद पता चला वहां कुछ भी नहीं है, केवल एक कंप्यूटर है। किसी ने वो इमेज उस कॉप्यूटर पर अपलोड करके फिर हमे वो लाइव फुटेज में दिखाया था।


सौरव:- मतलब साफ़ है उन्हें पता है कि इतनी बड़ी हस्ती को किडनैप किया है पुलिस या सर्विलेंस वाले ट्रेस कर सकते है, इसलिए वो हर उस चीज का इस्तमाल नहीं करेंगे जिनसे वो ट्रेस हो सकते है। यानी कि वो अनुप्रिया के आश्रम में कन्फर्म नहीं है।


अपस्यु और ऐमी एक दूसरे का चेहरा देखते… "हम समझ गए वो कहां है। एक परफेक्ट ट्रैप में।


सौरव:- अब ये परफेक्ट ट्रैप क्या होता है।


ऐमी:- ऐसा ट्रैप जहां फसने वाले तब तक नहीं निकल सकते, जबतक कि फसाने वाला उन्हें छोड़ ना दे।


सौरव:- और किसी ने छुड़ाने कि कोशिश की तो..


अपस्यु:- खुद तो जान से जाएगा ही, साथ में जो लोग फसे है, उन्हें भी खतरा है।


सौरव:- वैसे ये ट्रैप किया कैसे जाता है।


अपस्यु:- तुम्हीं तो मेरे हुक्म का इक्का हो, सब कुछ लाइव दिखाऊंगा।


सौरव:- कैसे..


ऐमी:- बस देखते जाओ.. पहले अब पता करना है कि उन्होंने है परफेक्ट ट्रैप का जाल कहां बिछा रखा है।


अपस्यु:- सौरव चिंदी चोरों से ये पता लगाने की कोशिश करो कि दिल्ली की कौन सी बस्ती में लोग अचानक ही पैसे खर्च करने के शौकीन हो गए है। इसे इनडायरेक्टली पता लगाना है। मै भी कुछ लोगों को इस काम मे लगता हूं, चलो ऐमी जारा थानेदार अजिंक्य साहब से मिल आया जाए।


रात के डेढ़ बज रहे थे, अजिंक्य के दरवाजे पर दस्तक हुई। इतनी रात गए दस्तक होना और कुछ दिनों से उसकी बहन का भी कोई पता नहीं था, दरवाजे पर दस्तक होते ही वो चौकन्ना हो गया और पीछे के रास्ते से धीमे पाऊं बाउंड्री के बाहर आया और घूमकर आगे आते हुए… "जो कोई भी हो अपने हाथ ऊपर करो, अपना हुड निकलो और आराम से पीछे मुड़ जाओ।"..


अपस्यु:- इससे ज्यादा अच्छा होगा कि आप घूमकर वापस जाइए और हमारे लिए दरवाजा खोलिए।


अजिंक्य:- तुम हो अपस्यु….. मुझे कुछ और ही शक हुआ.. रुको मै दरवाजा खोलता हूं।


अजिंक्य ने दरवाजा खोला। दोनो अंदर आकर बैठ गए। अपस्यु ने पहले उसकी सुनी फिर अपना सुनाया और उसे भी क्लू लेने के काम पर लगा दिया। लेकिन ऐतिहात से। अजिंक्य ने भी वही सवाल पूछा कि परफेक्ट ट्रैप में होता क्या है और जिस हिसाब से अपस्यु ने माहौल को समझाया, अजिंक्य ने उसे आश्वाशन दिया कि वो समझ गया है किडनैपर क्या चाह रहा है केवल 1 दिन का वक़्त दो मै वो जगह ढूंढ निकलता हूं।


28 दिसंबर दिन के 2 बजे…


"अपस्यु, अपनी 2 कार का लोकेशन ट्रेस हुआ है, दिल्ली राजस्थान के हाईवे पर।"… ऐमी अपना स्क्रीन देखती हुई कहने लगी।


अपस्यु:- 2 कार.. लेकिन वो दोनो कार वहां पहुंची कैसे..


ऐमी:- वो तो चलकर ही पता लगाया जा सकता है। शायद उन्ही इलाके में सबको कहीं किडनैप करके रखा गया हो।


अपस्यु:- हां संभव है, लेकिन हम बिना प्लांनिंग के वहां नहीं जा सकते ना, आरव और स्वास्तिका की बात अलग थी, लेकिन बाकी के लोग भी फसे है। कुत्ते ने हांथ बांध दिए है मेरे।


ऐमी:- "ऐसे हाथ पर हाथ धरे रहने से भी कोई फायदा तो नहीं होगा ना। जानते हो गलती कहां हो गई, तुमने आस्तीन में सांप को घर में जगह में दे दी और जिस बात से हम डरते थे, जिस सिचुएशन में हम कभी फसने की सोच नहीं सकते वहां फंस गए। हम 15 वीरदोयी के भरोसे परिवार को छोड़े थे और उसने पहले वीरदोयी को ही ट्रैप किया होगा।"


"आरव को बताकर जाते उनके बारे में तो हम केवल 31st की तैयारी कर रहे थे और उन आस्तीन के सांप को अनुप्रिया के साथ ही बेनकाब करते। कुछ तो सोचो, याद करो उनकी कोई बात जो क्लू दे, या फिर उस कामिनी श्रेया को ही पकड़ते है, उसके पास पक्का पूरा इंफॉर्मेशन होगा।


अपस्यु:- धैर्य से काम लो, रात तक आराम से रुकते है, यदि सौरव और अजिंक्य ने कोई खबर नहीं दी तो रात को हम निकलेंगे।


रात के तकरीबन 8.30 बजे। सोमेश के घर अजिंक्य पहुंचा। जैसे ही वो अपस्यु के पास पहुंचा… "उन लोगो का पता चल गया है। पुरानी दिल्ली के चूड़ी बाजार के पीछे का मोहल्ला हैं। एक ओर कसाई की बस्ती है और दूसरे ओर क्रिमिनल्स का कॉलोनी। दिल्ली के छीना झपटी वाले 40% केस उसी 500 मीटर के इलाके से अंजाम दिए जाते है। प्रॉपर फोर्स के बगैर किसी को वहां अरेस्ट करने भी नहीं जा सकते। अब तक उस गली में कितने लोगो को काटा होगा इस बात का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगा लो की वहां 20 पुलिसवाले मरे है।"
Awsome.....
 
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