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Romance भंवर (पूर्ण)

nain11ster

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30 दिसंबर 2014…



युक्रेन के दूर इलाके में श्रेया अपने लोगो के साथ पहुंची। चारो ओर केवल बड़े बड़े गड्ढे और कुछ भी नहीं। आवाज़ करते हुए चिड़ियों की आवाज के सिवा उस इलाके में कोई नहीं था।


श्रेया कुछ देर तक चारो ओर का नजारा देखती… "गुफरान यहां क्या हुआ होगा।"..


गुफरान:- इसी गड्ढे की वजह से तो रुद्रा ने अपस्यु की फैमिली को नहीं मारने के लिए कहा था। लगता है वो लोग पैसों के साथ यहां से निकल गए।


श्रेया:- लेकिन निकलने से पहले हमसे कॉन्टैक्ट क्यों नहीं किए। सूचना तो देना चाहिए था ना..


जेन:- वो इसलिए क्योंकि यहां नेटवर्क ही नहीं है। लगता है आज ही काम खत्म हुआ होगा और वो लोग कंटेनर के साथ बाय रोड निकले होंगे।


श्रेया:- हम्मम ! ये खबर उन तक पहुंचनी होगी।


प्रदीप:- श्रेया उनको इंफॉर्मेशन देने के बाद कुछ दिन घूमकर मस्ती करे। वैसे भी मज़े किए कितने वक़्त हो गए…


श्रेया, जेन को देखती… "लगता है लड़के थोड़े हॉर्नी हो गए है युक्रेन आकर।


जेन गुफरान को आंख मारती… "तो लड़की कौन सा ठंडे अरमान लिए है। मेरे लिए तो दोनो चलेंगे.. अगर श्रेया बॉस बनी रही और ऐटिट्यूड में दिखी तो।


श्रेया:- ओके ब्वॉयज एंड गर्ल्स काम जल्दी से खत्म करते है फिर हम यूरोप के आउटडोर सेक्स एन्जॉय करेंगे.. नाउ हैप्पी..


गुफरान:- ये भी तो आउटडोर ही है और कुछ टेंट सही हालत में भी है, चादर और गद्दे तो मिल ही जायेंगे..


श्रेया:- लौंडे को लगता है लिसा की याद सता रही। भूलो मत यहां का काम खत्म करने के बाद ही कुछ..


चारो कुछ देर तक अपना फोन ट्राय करते रहे, तभी उनके करीब 10 आर्म्ड ऑफिसर पहुंचे। उसका हेड… "तुमलोग कौन हो और यहां क्या कर रहे हो।"…


श्रेया:- हम लोग टूरिस्ट है।


हेड उन चारो को घूरते.. बॉयज इनके पासपोर्ट और सभी दस्तावेज चेक करो।


5 लोगों ने उनके मोबाइल, पर्स और पासपोर्ट लेने के बाद उनकी होटल डिटेल और सामान के बारे में पूछने लगे। उन लोगो ने सारी डिटेल बता दी। उन्होंने फिर साथ लाए एक गाड़ी की डिटेल पूछने लगे, कहां से लिया कैसे लिया। उन्होंने वो भी डिटेल से दिया।"..


हेड:- अपने कपड़े उतारो और तलाशी दो।


श्रेया जेन का मुंह देखती… "यार अपने लड़को से ज्यादा तो ये हॉर्नी दिख रहे है सामूहिक चीरहरण तो नहीं करने वाले।" (हिंदी में बात की गई जो उन्हें समझ में नहीं आया)


हेड:- तुम लोग ये कौन सी भाषा का इस्तमाल कर रहे हो, इंग्लिश में बात करो।


श्रेया सहमी सी कहने लगी… "सर हम इंडिया से है और हमारे यहां लड़की किसी के सामने कपड़े नहीं उतारती।"..


हेड:- ये युक्रेन है, और तुमलोग ब्लास्ट और चोरी वाला इलाके में घूम रहे हो, जहां कोई टूरिस्ट नहीं आता। हमे अपना काम करने दो या हम तुम्हे आर्मी हेडक्वार्टर ले जाए।


कोई चारा नहीं था सबने अपने अपने कपड़े उतार दिए। जेन और श्रेया अपने एक हाथ से अपने स्तन को घेरे थी और दूसरे हाथ से दोनो पाऊं के बीच दबाए योनि के आगे। इधर गुफरान और प्रदीप अपने लिंग को अपने दोनो हाथ से ढके अंदर ही अंदर सोचने लगे.. "हो गया अब तो गैंग बैंग।"..


लेकिन उन ऑफिसर्स को इन सब में कोई इंट्रेस्ट नहीं था। ये लोग जब अपनी नंगी अवस्था पर अपने सोच में डूबे थे, तभी उन्हें इंजन स्टार्ट होने की आवाज आयी। सबका ध्यान जबतक उन पर जाता, तब तक वो लोग उनके कपड़े और सारा सामान के साथ, भारे की गाड़ी को ले उड़े और वहीं पास में जमीन पर एक पत्री पीन किया हुआ था।…


"उम्मीद है कपड़े चले गए होंगे, और कुदरती लिबास में आप सभी कुदरत के एक अनमोल क्षेत्र में होंगे, जहां दूर दूर तक ना तो कोई इंसान और ना ही कोई जानवर नजर आ रहा होगा। ऊप्स कैश पैसे तो कपड़े के साथ गए, अगर किसी को अपने अगाड़े और पिछाड़े पैसे ना छिपाने आते हो तो….. ओह माय गॉड ऑनलाइन पे के लिए मोबाइल भी गया और पहचान बताकर एंबेसी तक पहुंचने के लिए पासपोर्ट भी गया।


उम्मीद है मेरा ये गिफ्ट आपको पसंद आया हो। 2 काम हो सकता है, पहला तो वहां कुछ टेंट अगर सलामत हुए तो उसे फाड़कर बदन ढक लेना और यहां से 200 किलोमीटर पैदल चलकर एक छोटे से टाउन में पहुंच जाओगे। शायद किसी ने मदद कि तो जल्द ही अपने घर होगे, वरना ऊपरवाला मालिक।


दूसरा उपाय ये है कि जहां बहुत सारे गड्डे होंगे उससे तकरीबन 400 मीटर पश्चिम कि दिशा में 50 फिट नीचे 2 कंटेनर गिरे होंगे। वहां तक अगर पहुंच सके तो। हां रस्सी के लिए तुम टेंट का मजबूत कपड़ा काटकर रस्सी बाना लेना। गड्ढे में उतरना। वहां कंटेनर का दरवाजा ढूंढ़ना। उसपर एक लॉक लगा होगा। इस लॉक को खोलने का पासवर्ड है "2015"… ये पासवर्ड डालकर उसे खोलना, अंदर 2 महीने तक जीने का सामान, साथ में खेती करने लायक कुछ औजार और बीज है। यदि वहां खेती कर पाने में सफल हुए, तो अगले 2-3 महीने में आराम से अपने घर लौट सकते हो.… बेस्ट ऑफ लक और आशा करता हूं ये ट्रिप यादगार हो।.. अपस्यु और ऐमी।


चारो उस लेटर को पढ़कर एक दूसरे का मुंह ताकते अपनी किस्मत पर आंसू बहाने लगे।


यूरोप का समय पीछे चलने के हिसाब से अपस्यु को युक्रेन पहुंचे मेहमानों कि खबर रात को ही हो गई थी। रात में ही गांव में बैठे आईटी वाले आदर्श और नीलेश से संपर्क करके सिस्टम में श्रेया और उनके साथी के आवाज़ को भी जोड़ दिया गया था। जुड़ते ही उन लोगो ने श्रेया के नाम से संदेश देते हुए, अनुप्रिया तक यह खबर पहुंचा दिए की यहां का काम लगभग खत्म है। 31 दिसंबर इंडियन टाइम से शाम के 7 बजे तक उनका काम खत्म हो जाएगा। जल्दी निकलने की वजह से शायद संपर्क ना हो पाए, इसलिए निश्चिंत होकर 31 दिसंबर शाम 7 बजे तक वहां किडनैप लोगों का काम खत्म कर दे, यहां अपस्यु और उसके साथियों का खात्मा हो चुका होगा। श्रेया की बात को और भी ज्यादा सुनिश्चित करने के लिए, अनुप्रिया से सभी भाई बहन भी बात कर रहे थे। कॉल इसबर श्रेया के युक्रेन वाले किसी नंबर से आया था, इसलिए वो लोग अब पूर्ण रूप से सुनिश्चित हो चुके थे।


दिल्ली में 30 दिसंबर की सुबह से मीडिया की खबर गरम जोशी पर थी। 31 दिसंबर को संसद सोमेश दत्त और होम मिनिस्टर का बेटा सौरव कश्यप, दिल्ली के विभिन्न जुग्गी-झोपडी वाले इलाकों का भ्रमण करेंगे और अपने निजी कोश से उनके उत्थान के लिए मदद करेंगे। गरीबों के काम और उसकी सुनिश्चिता तो सरकार करती है, लेकिन उनके रहन-सहन को नजरअंदाज किया जाता रहा है। इसलिए वास्तविक समस्या समझने और उनकी तत्काल मदद के लिए, इन लोगो ने अपना हाथ आगे बढ़ाया है। इनके साथ दिल्ली के कार्यरत कई एनजीओ और 1-2 उद्योगपति हिस्सा लेंगे और अपने इक्छा अनुसार इनकी मदद करेंगे।


इसी के साथ साथ एक और अनाउंसमेंट भी हुआ। ज्यादा भीड़ मतलब पॉलिटिकल एजेंडा होता है, इसलिए मदद करने अाए लोग और उनके साथ केवल सुरक्षाकर्मी होंगे, इनके अलावा और कोई नहीं होंगे। अनाउंसमेंट के बाद से ही मीडिया के कई हाउस इसे कवर करने के लिए आतुर हो उठे। वहीं हफ्ते भर से दूसरी बड़ी खबर जिसे लोग जब भी देखते रोमांचित हो उठते। अनुप्रिया और महीदीपी की 2 घंटे की शाम की चर्चा।


इनका प्रमोशन ही इतना हिट रहा ही स्पॉन्सर की लाइन लग चुकी थी और लगभग 400 करोड़ की स्पॉन्सरशिप आ चुका था, वो भी केवल 8-10 ब्रांड के। इसलिए ऑर्गनाइजर्स ने तय किया कि शाम के 5 से 7 के लाइव शो में कोई गड़बड़ ना हो इसलिए दोनो भाई बहन (अनुप्रिया और महिदिपी) को 2 बजे ऑडिटोरियम बुलवाया जाए, जहां इस प्रोग्राम का लाइव प्रसारण किया जाना था। लाइव आने के पूर्व ताकि सब सुनिश्चित कर लिया जाए।


सेंट्रल होम मिनिस्टर ने प्रचार के हवाले से अपने पार्टी प्रेसिडेंट को संदेश भेज दिया था कि वो भी प्रोग्राम का हिस्सा रहे, ताकि करोड़ों दर्शकों के सामने उनके पार्टी का प्रचार हो और वहां कोई भी पॉलिटिकल एजेंडा ना रखे, बस अनुप्रिया और महिदिपी को समर्थन करना है और तर्क करने है। इसी के साथ चैनल वालों का समय साझा करते हुए, उन्होंने यह भी कह दिया कि अनुप्रिया और महिदिपी को लेकर समय पर पहुंचने की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।


अनुप्रिया वैसे ही पूर्ण संतुष्ट थी, साथ ही साथ 31 दिसंबर की शाम 7 बजे रघुवंशी परिवार के साथ उनके सभी लोगो को साफ कर देने। इस पर उसके दोनो अहम साथी सवाल करते हुए पूछने लगे कि जब सब सुनिश्चित है तो फिर मारने में वक़्त क्यों लगाना।


अनुप्रिया हंसती हुई जवाब दी… "जानू कभी कभी तुम बच्चे बन जाते हो। रुद्रा को अभी अपस्यु से काम लेना है। मुझे लगता है पैसा उठने से पहले वो लड़का अपस्यु, आखरी बात यह सुनिश्चित करेगा की उसका परिवार छूटा की नहीं। बस ये समय वहीं होगा, जब उधर वो लड़का अपस्यु खत्म होगा और इधर उसका परिवार।"


उधर से:- लेकिन यदि अपस्यु जबतक अपने परिवार को सुरक्षित बाहर जाते नहीं देख लेता, तबतक पैसा के दर्शन करवाने के लिए मानेगा कैसे। उसने तो कंटेनर में ऐसे सिस्टम लगाए होंगे जिससे सारा पैसा जल जाए।


अनुप्रिया:- उसी को तो मेरे बच्चे हैक कर रहे है ना.. उसी के लिए तो इतना वक़्त मांग रहे है। अब समझे, हालांकि 31 की शाम 5 बजे तक मेरे ख्याल से सब हो जाना चाहिए, लेकिन वो लोग सेफ साइड लेकर चल रहे होंगे।


उधर से :- लगता है 1 जनवरी को हमे भी कहीं नया साल मनाने चलना चाहिए।


अनुप्रिया:- कहीं और क्यों आश्रम है ना.. वहीं सेलिब्रेट करेंगे, तुम फिक्र मत करो। अब तो 20 करोड़ भक्तो के साथ मेरा पॉलिटिकल कैरियर भी अपने ऊंचाई पर है। मै इतने पैसे में तो अगले इलेक्शन में पीएम बन सकती हूं।


उधर से:- चन्द्रभान की बात पूरी सच हुई.. अगले 20 से 25 साल में पूरा देश कदमों में होगा। 20-25 से थोड़ा ज्यादा समय लगा, लेकिन सच जो गई।


अनुप्रिया:- उसके ना होने की कमी तुम ही तो पूरी कर रहे.. अब मै रखती हूं। 31 को मै कॉल नहीं कर पाऊंगी, तुम काम खतम करके आश्रम ही आ जाना।


30 दिसंबर की रात 8 बजे बड़ी ही सफाई से, पूर्ण सर्विलेंस को भरमाते हुए, सभी बुलेट प्रूफ कार उड़ा ली गई। उसी के साथ पुलिस द्वारा जब्त कि गई 2 कार को मायलो के कर्मचारी थाने से निकालकर उसके सही पते कर पहुंचा चुके थे।


एंट्री प्लान अजिंक्य ने कर दिया था, एग्जिट प्लान अपस्यु बाना रहा था। इसी के साथ सबके लिए बुलेट प्रूफ वो जैकेट भी पहुंच चुकी थी, जिसे अपस्यु ने यूएसए में बनवाया था। अपस्यु के परिवार के 4 लोग, मिश्रा परिवार के 6 लोग और उनके साथ ध्रुव सातवा। उसके साथ सिन्हा जी, क्रिश और विन्नी को मिलाकर 14 लोग थे।


आरव और स्वास्तिका के होते हुए वो लोग इतने दिनों से कैद में थे, इसका साफ मतलब था कि उन सभी के ऊपर स्वीट पॉयजन का डोज दिया गया था। उसके एंटीडोट के साथ वो सिरप भी तैयार था जो स्वास्तिका और आरव को उस वक़्त साथ ला खड़ा करता, जब अपस्यु उन्हें एक टीम के रूप में साथ देखना चाहते हो। एक आखरी काम.. जिसकी तैयारी पूर्ण हो रही थी…
 

Black water

Vasudhaiv Kutumbakam
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Update:- 163






23 दिसंबर 2014… युक्रेन की राजधानी कीएव में बैठे बैठे चारो भाई बहन.. कलिका, युक्तेश्वर, हंस और रुद्रा पक चुके थे। चारो भाई बहन बस अपस्यु के कॉल आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी बीच कलिका ने नीलू को कॉल लगाया, और अपस्यु के बारे में जानकारी लेने लगी।


उधर भी वहीं हाल था जो इधर का हाल था। नीलू भी यूक्रेन में ही थी, लेकिन वो अपने लोगों के साथ नॉर्थ बॉर्डर पर थी। उसे भी अब तक कोई सूचना नहीं आयी थी। दोनो बात कर ही रहे थे तभी कलिका कॉल काटती हुई कहने लगी रुको अपस्यु का कॉल आया है।


इसी बीच रुद्रा अपस्यु का कॉल अटेंड करते… "जी सर आदेश करे।"..


अपस्यु:- एक लोकेशन सेंड किया है, पैसे लेकर वहां पहुंचो। वहां पहुंचकर वापस इसी नंबर पर "पहुंच गया" का एक मैसेज करना। फिर मै तुम्हे बताऊंगा कहां पहुंचना है।


इतना कहकर अपस्यु ने नीलू को कॉल लगाया और उसे भी वही लोकेशन भेजते हुए कहने लगा। जल्द से जल्द उस लोकेशन पर पहुंचो और वहां मेरे कॉल के इंतजार करो।


जैसे ही अपस्यु ने कॉल डिस्कनेक्ट किया, नीलू उन्ह फोन लगाती… "अपस्यु ने कोई लोकेशन दिया है क्या?"..


रुद्रा:- हां, पैसे लेकर उसी लोकेशन पर पहुंचने कहा है।


नीलू:- ठीक है आ जाओ, लगता है हमे साथ सफर तय करना है। पता नहीं दोनो के दिमाग में क्या खिचड़ी पक रही है। हो सकता है जिस लोकेशन पर हम मिले वहां अपस्यु की नजर हो, इसलिए मै अपना काम करूंगी और तुम लोग अपना।


रुद्रा:- हम्मम ! ठीक है वहीं करूंगा।


जैसे ही कॉल डिस्कनेक्ट हुआ..… "उस दिन एयरपोर्ट पर जो 40 आदमी हमने भेजे, उसे नीलू और उसके 5 लोगो ने देख लिया था। नीलू जैसे 80 लोगों को लेजेश के बेस पर 20 लोगो ने देख लिया था। भाई इस अपस्यु के पास लोगों का ऐसा कौन सा पिटारा है जो इतने कम में इतनो को संभाल लेता है। और अब ये अपस्यु हम से निपटने के लिए कौन सा पिटारा खोलेगा।".. कलिका हंसती हुई कहने लगी।


रुद्रा:- हा ह हा हा.. हमारे लिए पृथ्वी पर भगवान को उतारने वाला है। एक अकेला हम सब पर भारी। युक्ता हमारा सैटलाइट ड्रोन तैयार है।


युक्तेश्वर:- आतंक मचाने के लिए तैयार है।


रुद्रा:- मिनी टैंकर को लोड करवा दिए हो कंटेनर में।


हंस:- हां करवा दिया है।


रुद्रा:- लोकेशन युक्रेन और रशिया बॉर्डर की है, यानी डील हमारी ब्रयांस्की के बर्फीले जंगल में होगी। एक हैलीकॉप्टर भिजवाओ उस इलाके में और उसके लोकेशन मिलते ही कहो फोन करने। हमे समझ क्या रखा है डील हम इनके भरोसे करते है क्या?


हंस:- पैसा दिखते ही सीधा गोली मारना है, कोई चूक ना हो।


रुद्रा:- इस बात की वो तैयारी पहले से किया होगा। चूहे बिल्ली के खेल में समस्या ये है कि हम दोनों को पता है कि हम एक दूसरे को फसा रहे है, और फिर भी दोनो आमना सामना करने को बेकरार है, वो सोचता है वो अपने पुरा प्लान में सफल हो जायेगा, और हम सोचते है कि हम सफल होंगे।


कलिका:- हम कुछ तो मिस कर रहे है भाई, ऐसा क्यों लग रहा है कि तैयारी अब भी पूरी नहीं हुई है?


हंस:- हा हा हा हा हा.. कितना नौटंकी करते हो तुम सब के सब। बेचारा वो तो समझ ही नहीं पाएगा की हुए क्या है? उस नीलू का क्या करना है?


रुद्रा:- रुककर तमाशा देखते है। अगर वो हमारे साथ हुई तो यूं समझ लो फिर हम भी इनके मदद के जरिए, साल में ऐसे ही एक बार बैंक रॉबरी कर लिया करेंगे और हवाला वालों से करेंसी चेंज करवाएंगे।


कलिका:- बिल्कुल सटीक आइडिया है। चलो चला जाए।


पैसा पहले से कंटेनर में लोड था जिसे लेकर रुद्रा अपने भाई बहन से साथ निकल गया। साथ निकले तो सही, लेकिन ये लोग अपने 50 लोगों का काफिला लेकर युक्रेन के पूर्व में खाली मैदानी क्षेत्र की ओर पहुंचे, जहां इनके 450 लोग पहले से डेरा जमाए हुए थे।


अपस्यु के जिस लोकेशन का ये लोग अंदाज़ा लगा रहे थे उससे तकरीबन 800 किलोमीटर की दूरी पर। जब ये लोग अपनी जगह छोड़ने लगे तब उन्होंने नीलू के पास एक लोकेशन भेजा और वहां आने के लिए कहने लगे। साथ में ये संदेश भी लिख दिया… चुनाव का अंतिम निर्णय तुम्हारा है, अपस्यु के लोकेशन पर जाकर उसके साथ रहो या हमारे लोकेशन पर आ जाओ।


संदेश भेजने के तुरंत बाद… "अब आएगा मजा, जारा इस लड़की के चेहरे की रंगत मुझे देखने दो।"…. हंस अपनी बात कहते हुए कंप्यूटर स्क्रीन देखने लगा।


जैसा कि वो अपने स्क्रीन पर देख सकता था.. जैसे ही संदेश मिला उसे पढ़ने के बाद नीलू उसे डिलीट करती हुई कहने लगी… "पैक उप बॉयज। हम पहले की लोकेशन को छोड़कर नए लोकेशन पर जा रहे है।"…


नीलू के एक इशारे पर उसके 4 साथी और बाकी के 40 रिटायर सोल्जर, नजदीकी टाउन के एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से एक मीडियम जेट हॉयर करके लोकेशन के नजदीकी टाउन पहुंचे। कुछ घंटो का सफर और नीलू अपने लोगों के साथ रुद्रा के बताए लोकेशन पर पहुंच चुकी थी।


शाम को वो सभी उस छावनी में थे जहां रुद्रा के 450 जल्लाद दारू और खाने के साथ मस्त मज़े कर रहे थे। कैंप में जैसे ही नीलू और उसकी टीम पहुंची, उन्लोगो ने उनका ऐसा स्वागत किया मानो कब के बिछड़े मिल रहे है। शायद रुद्रा ने इनके आने कि सूचना पहले से दे रखी थी। नीलू की टीम भी खा पीकर आराम से सो गई।


24 दिसंबर की सुबह जब नीलू और उसके 4 साथी की नींद खुली, तो पता चला उन पांचों के ऊपर से तम्बू गायब है और उसके चारो ओर लोग घेरे बैठे थे। और सबसे आगे बैठे थे चारो भाई बहन।… "ऑफ ओ बेचारी नीलू को तुम सब ऐसे क्यों घुर रहे हो।"… कलिका ने अफ़सोस जाहिर करते हुए कहा।


हंस:- हम घुर कहां रहे है दीदी, बस अपनी किस्मत पर रो रहे है। ये बेचारी आयी, हमने दाना डाला और है बहुत नखरे के बाद वो दाना चुग ली। साला हमारे माथे पर तो चुतिया लिखा है ना, कि हम ये समझ नहीं पाएंगे की ये लड़की उसकी ही वफादार रहेगी। लेकिन क्या एक्टिंग करती है ये.. कोई अगर सर्विलेंस करे तो भी पकड़ ना पाए कि इसकी वफादारी झूठी है।


नीलू:- ये क्या बकवास कर रहे हो तुम लोग।


रुद्रा:- हम तो तुम्हारी बातों पर यकीन कर रहे है बेबी। तुम्ही ने तो कहा था, तुम हमारे पास आयी हो इस बात को भी अपस्यु सोचकर चल रहा होगा। तभी तो उसने दिखाने के लिए तुम्हे और तुम्हारी टीम को हमसे दूर रखा, ताकि वो जाहिर कर सके की उसे तुम कर शक है, इसलिए वो तुम्हे सामिल नहीं कर सकता। जबकि हकीकत ये है कि आज तुम हमे वहां के बर्डर पर मिलते और जैसे ही हम तुम्हारे इलाके से गुजरते, तुम लोग रास्ते में ही हमारे पैसे गायब कर देते। पहुंचकर डील करना ती बहुत दूर की बात है।


नीलू:- करो जो तुम्हे करना है। मुझे मारना है तो मार दो, लेकिन अब पकाओ मत। वैसे भी तुम दोनो के बीच में मै ही पजल होती जा रही हूं। नहीं चाहिए पैसा मुझे अब।


कलिका:- चलो तुम्हारे हिसाब से ही इस डील को रेश्ड्यूल करते है। पहले चलकर तुम्हे पैसा दिखाते है।


कलिका उसे अपने साथ ले गई और पुरा पैसा दिखाने लगी। एक छोटा सा पैसेज था और बाकी उपर से लेकर नीचे तक पैसे ही पैसे रखे थे। नीलू जैसे ही आगे बढ़ी वो लड़खड़ा कर नीचे गिर गई।


कलिका:- पैसे देखकर तेरे तो अभी से होश उड़ रहे है।


नीलू:- ये आधे पैसे है।


रुद्रा:- अतुलनीय, पैसे गिन में तो तुम माहिर हो चुकी हो। चलो भाई मैडम को आधा पैसा और दिखा दो।


नीलू दूसरे कंटेनर के अंदर गई और अपना ऊपर के जैकेट को पैसे के ढेर पर रखती, चारो ओर नजरे दौड़ती… "हां पूरे पैसे है यहां।"..


रुद्रा:- चलो अब डील शुरू करते है, इमरजेंसी नंबर पर अपस्यु और ऐमी से संपर्क कर और मेरी बात करवाओ।


"जैसा तुम कहो।"… कहती हुई नीलू ने कॉल लगा दिया। ऐमी कॉल रिसीव करती… "क्या हुआ नीलू, इमरजेंसी संपर्क।"..


"हेल्लो मिस एमी, उम्मीद है अपस्यु भी तुम्हारे साथ ही होगा।"…. रुद्रा ने जवाब दिया..


ऐमी:- ओह तो ये खेल चल रहा है। खैर अपस्यु इस वक़्त यहां नहीं है वो तुम्हे रिसीव करने बॉर्डर के लोकेशन पर निकला चुका है, लेकिन अब लगता नहीं कि उसकी जरूरत होगी।


रुद्रा:- हम्मम ! उससे संपर्क करो और मेरी बात करवाओ।


ऐमी:- 2 मिनट दो मै सब करवाती हूं…


ऐमी जबतक अपस्यु से वापस संपर्क करवाती, तबतक ये लोग अपना खेल शुरू कर चुके थे। ठीक 2 मिनट बाद कॉल आया… "हेल्लो अपस्यु सर, कैसे है आप।"..


अपस्यु:- अच्छा हूं सर, कहिए इतनी भी इमरजेंसी क्या आन पड़ी मै तो खुद आपसे संपर्क करने आ रहा था, लेकिन ऐमी ने बताया कि लगता है रुद्रा सर पुरा पैसा अकेले ही ले जाना चाहते है।


रुद्रा:- बात 1 या 2 करोड़ की नहीं थी ना सर, यहां तो धन कुवेर बराश रहा है। खैर नीलू ने मुझे पहले ही बताया था कि तुम्हारे साथ फेयर डील करने, तो क्या तुम फेयर डील के लिए तैयार हो।


अपस्यु:- हां मैं सुन रहा हूं।


रुद्रा:- नहीं मेरे भाई ऐसे नहीं जरा वीडियो कॉल लगाओ और हमे लक्ष्मी के दर्शन करवाओ और फिर तुम्हे देखने के लिए तुम्हारे भाई बहन भी बेकरार है, उन्हें भी तो अपनी शक्ल दिखा दो।


अपस्यु:- ऐमी सुना ना क्या कहा सर ने कनेक्ट करो वीडियो कॉल से..


जैसे ही वीडियो कॉल से कनेक्ट हुआ… एक ओर ऐमी एक शानदार कंटेनर में बैठी थी, वहीं दूसरी ओर अपस्यु किसी अंधेरी सी गुफा में था, जहां 8-10 लाइट के छोटे छोटे पिलर लगे थे। … "ऐमी साहब को पैसे के दर्शन करवाओ।"..


ऐमी अपने कंटेनर के बीच से एक छोटा सा दरवाजा खोली, और दूसरे कंटेनर में दाखिल हो गई। छोटे से पैसेज में खड़े होकर चारो ओर का नजारा दिखाया। रुद्रा अपनी तसल्ली के लिए बीच से कोई भी पैकेट उठाने के लिए कहता और पैकेट फाड़कर 1-2 गद्दी के बीच के पूरे नोट देखता।


ऐसे ही उसने दूसरे कंटेनर में भी रखे नोट के साथ किया। सुनिश्चित करने के बाद… लो पहले अपने बड़े भाई बहन से मिल लो… "हेल्लो लिटल ब्रदर".. तीनों ने एक साथ कहा।


अपस्यु हंसते हुए… "हेल्लो बिग्गी, लगता है वीडियो कॉल पर ही परिचय होगा।"


हंस:- छोटे भाई तू किस बिल में घुसा है। क्या ये उसी लोकेशन का सुरंग है जहां हमारे पैसे से भड़ा कंटेनर होता। तुम एक छोटा सा ब्लास्ट करते पूरी गाड़ी अंदर और तुम हमारा पुरा माल लेकर गायब हो जाते।


अपस्यु:- क्यों तुम्हारे आईटी वाले अब तक इस लोकेशन का पता नहीं लगा पाए क्या?..


कलिका:- छोटे भईया काफी स्मार्ट है। जैसा सुना था बिल्कुल वैसा ही। हमारे छोटे भईया तो शुरू से जान बूझकर हमारे सर्विलेंस को चकमा दे रहे है। दिखा ऐसे रहे थे जैसे उन्हें पता ही ना हो कि हम उन पर नजर रखे है लेकिन दिमाग 360⁰ काम करता है भाई का। हमे क्या श्रेया समझ रखा है?


अपस्यु:- ये मेरे लिए शॉकिंग था? मतलब श्रेया एक छोटा सा चारा था जिसके जरिए मै तुम लोगो का रिसर्च सब्जेक्ट बाना।


युक्तेश्वर:- बिल्कुल सही भाई। हर किसी को लगता था कि वो तुम पर नजर दिए है लेकिन मेरा भाई तो उन्हें जान बूझकर सर्विलेंस करने देता था, क्योंकि वो अपना कुछ भी प्लान नहीं करता, बस उनके सर्विलेंस को ऐसा डायवर्ट करता है कि लोग हमारे भाई के लिए खुद अपने कब्र खोदने की प्लांनिंग कर लेते है।


अपस्यु:- हम्मम ! स्मार्ट हां। तुमने मुझे चौंका दिया है भाई। खैर अब मुद्दे कि बात पर आ जाए।


रुद्रा:- यार पहली बात तो ये की तुम्हारा आईटी सेक्शन कौन देखता है, मैं बहुत प्रभावित हुआ, मेरा हेलीकॉप्टर तुम्हारे बेस को ढूंढ रहा है लेकिन मिल नहीं रहा जबकि हमारे स्क्रीन पर तुम्हारे दोनो लोकेशन है। जारा उस जीनियस के दर्शन तो करवाओ जो कॉल कनेक्ट किए हुए लोकेशन को डायवर्ट कर रहा..


अपस्यु:- डायवर्ट कर रहा नहीं, डायवर्ट कर रही। सिंगल हैंड वो ऐमी देखती है सर। और कोई दुविधा जो आपको परेशान कर रही हो?


कलिका:- बस भाई हो गया। यही जानना था कि आखिर कौन सी वजह से तुम लोगो से 2 कदम आगे रहते हो। काफी हॉट और खूबसूरत वजह है। लेकिन एक बात बताओ जब हम एक ही पिता के संतान है फिर हमसे बैर क्यों, साथ मिलकर काम करना था ना।


अपस्यु:- जिंदा निकला यहां से तो इस पर जरूर सोचूंगा दीदी, फिलहाल तो मै अब बोर हो गया हूं.. तो बताओ किस तरह से डील खत्म करना पसंद करोगे।


रुद्रा:- फेयर डील से ये डील खत्म करेंगे। अब मै स्क्रीन शिफ्ट कर रहा हूं, तुम जारा इन्हे पहले ध्यान से देखो।


5 खंबे और पांचों खंबे पर क्रॉस बाना हुआ। हर क्रॉस पर एक वीरदोयी पूर्ण नंगा करके टंगा हुआ था, जो बिल्कुल ही अचेत अवस्था में थे… "युक्रेन के इतिहास का पूर्व रिवाज हमे इतना पसंद आया कि हमने इसे सुली पर टांग दिया।"..
Waah bhai marvelous update
koun kisike sath kya game khel raha hai
Ek taraf lagta hai ki ye sab Apasyu planing karke baitha hai dusri taraf ye lagta hai ki Rudra and team sab plan ko fail karte karege hai superb
 

nain11ster

Prime
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Update:-170 (A)







उस गली के लोगो को अपने भिड़ पर बड़ा ही गुमान था शायद और अपस्यु उनकी इस घमंड को तोड़ने के लिए कल 4 फिट की रोड नहीं, बल्कि ढाई फीट की छोटी सी कुल्हाड़ी इस्तमाल करने वाला था। किसी को मारना तो मकसद नहीं था, लेकिन सबको आदेश मिल चुके थे, जो भी सामने अाए ऐसा वार किया जाए, अंग भंग हो जाए। अगली बार भिड़ लगाने से पहले उनकी रूह तक कांप जानी चाहिए। इसके लिए गांव से खास मंगाई गई थी, चमचमाती धातु से बनी मजबूत 200 कुल्हाड़ी, जो दिखने में काफी आकर्षक हथियार लग रहा था। इसी में साथ एक्सट्रीम परिस्थिति से निपटने के लिए ड्रोन, स्मोक बॉम्ब, और ऑटोमेटिक रयफल


4 मुखिया थे उस इलाके के… नवीन, मुख्तार, अनवर और जावेद। चारो ने ऐसा इस इलाके में अपनी पकड़ बनाई हुई थी कि लोग इन्हीं के बहकावे में आकर कुछ भी करने को पागल से रहते थे। चारो में से कोई भी एक, लोगो के भिड़ को काबू में करके, अपने इशारे पर नचा सकता था। चारो की तस्वीर अजिंक्य ने अपस्यु को दे दिया था और पुलिस प्रशासन की ओर से, उस इलाके में गिरे 20 पुलिस वालों की लाश के बदले इन चारो को मौत की सजा दिए बिना ना लौटने की गुजारिश की गई थी।


अपस्यु ने पुलिस के टारगेट को भी साझा किया और साफ शब्दो में का गया... "चारो को देखते ही मार डालो।"..


रण एक बार फिर सज चुकी थी। सुबह-सुबह ही युद्ध के लिए हवन तैयार कर लिया गया था। अपस्यु युद्ध के पूर्व विजई हवन करने के बाद, हर किसी को तिलक लगाया और सूट उप करने के आदेश मिले। हर कोई किसी मल्टी मिलियनैर की तरह तैयार हुआ, हर गाड़ी में तकरीबन 20 करोड़ कैश और साथ में छिपाकर हथियार रख लिया गया था और दिखाने के लिए 1 पिस्तौल पैसे के बैग के ऊपर रख दिया गया था।


दिल्ली पुलिस के कुछ ईमानदार लोग, जिनको इन इलाके से कुछ ज्यादा ही बैर था, उसके 40 लोग उस आधे किलोमीटर के उनके दायरे से दूर, अपने हाथ में सिंगल जैमर लिए बस 2 बजने का इंतजार कर रहे थे।


दिन के 2 बजे अनुप्रिया की चमचमाती कार एक ऑडटरियम में रुकी, जहां के गेस्ट रूम में उसे और महिदिपी को रूकवाया गया। उसी के साथ मुख्य पार्टियों के कई दिग्गज नेता वहां पहले से मौजूद थे।


इसी के साथ दिन के 2 बजे गाड़ियों का काफिला गली के मुहाने तक पहुंच चुकी थी। 6 गाडियां उन लोगों की थी जो दान करने आए थे, जिसमें सबसे आगे खुली जीप में सोमेश और सौरव हाथ जोड़े लोगो का अभिवादन कर रहा था। उसके आगे एक दिल्ली पुलिस और एक सेना की जीप थी, जिनपर 6-6 हथियारबंद लोग सवार थे। पीछे से भी इसी प्रकार से सुरक्षा कर्मियों के गाड़ी का काफिला था। और इनके बीच 5 बुलेट प्रूफ कार उन उद्योगपति और एनजीओ की थी जो दान करने आए थे।


गली के पास आकर सभी गाडियां रुक गई। भिड़ ने रास्ता रोक रखा था। कुछ लुक्खे और आवारा से लड़के, हर कांच पर हाथ मारकर डिक्की खोलने को कह रहे थे। सेना के जवान उतरकर हर कार की डिक्की के पास खड़े थे और एक कार से उतरकर, नीलू अपने 3 साथियों के साथ सोमेश और सौरव के पास पहुंचे।


लड़के हर डिक्की को चेक करने बाद उनके मुखिया नवीन और जावेद को बताने लगे… "5 कार में बैग भर-भर कर पैसे है, और साथ में एक पिस्तौल भी।"


नवीन:- सांसद जी आप के जीप में एक रुपया नहीं, कहां दान केर आए।


सोमेश:- बहुत से इलाकों से होकर आ रहे है नवीन भाई।


जावेद:- ये लड़की कौन है। (नीलू को देखकर पूछा)


सोमेश:- सेल्फी वाली है, उसी के लिए दान करने आए है।


जावेद:- हा हा हा.. ये सोशल मीडिया भी कमाल की चीज है। वैसे इतनी खूबसूरत महिला हमारे साथ खड़ी हो जाए तो हम पूरे बस्ती की सेल्फी दिलवा दे, वो भी बिना एक रुपया खर्च किए।


नीलू:- लुक मिस्टर आपका जो भी नाम है। हम ये सेल्फी के लिए नहीं कर रहे, बल्कि गंदगी में रहना और खराब पानी पीने से को हैल्थ प्रॉब्लम होती है, उसी का हल ढूंढने आए है। ये हम सबका काम है और हम सबको मिलाकर करना चाहिए।


नवीन:- मिलकर काम करने में हम पुरा भरोसा रखते है। होम मिनिस्टर जी के बेटे यहां तक आए, आप संसद महोदय यहां तक आए उसका धन्यवाद। दान जिनको करना है केवल उनकी गाड़ी अंदर जाएगी। और ये पॉलिटिकल फिगर नहीं है तो इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी। आप सब अपना काफिला कहीं और ले जाइए। इस बस्ती को करने वालों की जरूरत है ना कि वोट बैंक बटोरने वालों की।


नीलू:- थैंक्स यू सो मच।


जावेद:- आप मिस हम दोनों के साथ पैदल इस इलाके को घूमिए, बाकी के कार को सेंट्रल स्टोरी में घुसा दो।


जैसे हो जावेद और नवीन की बात सोमेश और सौरव ने सुनी, दोनो राहत की श्वांस लेने लगे। लेकिन तभी अपस्यु सौरव को खींचकर अपने कार में बिठाते.. "अंकल आप बाकी को लेकर जाओ, इनकी सुरक्षा अब मेरी जिम्मेदारी।"..


सोमेश अपने काफिले और मीडिया के साथ उसके आगे निकल गया, सौरव भी अपने बॉडी गार्ड्स को आश्वासन देते पापा से कह दिया बात करने। होम मिनिस्टर से तुरंत संपर्क किया गया, अपस्यु का नाम सुनकर उन्होंने भी सभी सुरक्षाकर्मी को लौट आने के लिए कह दिया।


अपस्यु:- सौरव कार में ही बैठे रहना उतारना मत, वरना तुम्हारा गला उतार जाएगा।


सौरव:- जानता है मै इसमें क्यों बैठा हूं, जब ये लोग तुझे मारकर तुम्हारी चमरी को बदन से निकाल रहे होंगे, तब मै आराम से मज़े से देखूंगा।


अपस्यु:- वो तो वक़्त ही बताएगा।


अपस्यु की कार सबसे आगे थी जो गली में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। अपस्यु अपने कार के इंडिकेटर को ऑन किया, सभी लोग इशारा समझकर अपने कोट के नीचे, 4 स्मोक बॉम्ब डाल चुके थे। जैसे ही सबने अपने अंदर स्मोक बॉम्ब डाला, उसके तुरंत बाद सभी कार से कई तरह के पटाखे निकालकर बच्चो के ओर फेकने लगे।


बच्चे उन पटाखों को लेकर धूम धड़का मचाने लगे। धूम धड़ाके की आवाज सुनकर 2 हथियारबंद लोग मनीष और राजीव मिश्रा को अपने साथ लेकर नीचे आए, जहां उस इलाके के 2 प्रमुख लोग मुख्तार और अनवर नीचे पहले से मौजूद थे।


एक किडनैपर:- यहां इतना शोर क्यों है मुख्तार


मुख्तार:- लक्ष्मी देवी खुद चलकर हमारे बस्ती में आ रही है तो उसका स्वागत होना तो चाहिए ना। वैसे तुम्हे डरने की जरूरत नहीं है, फोर्स अंदर नहीं घुसी है केवल आलीशान कार में अमीर बिज़नेस मैन है जो एनजीओ के नाम पर करोड़ों लूटाने आए है और इसी दान को आधार बनाकर सरकार से अरबों का टेंडर लेंगे।


दूसरा किडनैपर मिश्रा बंधु से… "तुम दोनो जाओ और देखकर आओ कोई फोर्स तो नहीं, यदि फोर्स हुई और हमे सूचना नहीं मिली, तो इस बिल्डिंग की पहली सीढी चढ़ने के पूर्व ही हर किसी की कुर्सी में धमाका कर दिया जाएगा।


दोनो भाई हां बोलकर बाहर बस्ती में निकल गए। इधर जावेद और नवीन के साथ नीलू आगे-आगे गली में चल रही थी। जावेद नीलू का हाथ पकड़कर किनारे करते.. "कार को आगे जाने दीजिए मिस, आप हमे अपना प्लान बताइए।"


जावेद और नवीन नीलू को अपने साथ एक छोटे से झोपड़ी के अंदर बिठाते… "प्लान बताइए मिस।"


नीलू अपने टाई को ढीला करती शर्ट के 2 बटन को खोलती… "ये कौन सी जगह बिठा दिए मिस्टर, मुझे घुटन सी हो रही है।"..


जावेद:- यही तो हमारा दर्द है मैडम हमे इस घुटन में जीना पड़ता है। बताइए यहां बैठते ही आपने इतना खोल दिया, फिर यहां की औरतें कितना खोल देती होंगी किवाड़ बंद होने के बाद।


नीलू:- व्हाट् ????


नवीन:- लौंडा कह रहा है यहां इतनी गर्मी पड़ती है कि औरतें अपना लगभग कपड़ा उतार देती है, कितने शर्मिंदगी की बात है ना मैडम। ऊपर से यहां के लौंडे, किसी भी जुग्गी ने घुसकर पेलम पेल मचाकर 10 मिनट बाद भाग आते है। बेंचो पता ही नहीं चलता इस बस्ती में को कौन किसका बच्चा है।


नवीन की बात सुनकर जावेद मुंह फाड़ कर हसने लगता है और हंसते हंसते अपना हाथ उसके शर्ट के ऊपर से स्तन पर डाल देता है। नीलू थोड़ा पीछे हटकर अपने स्तन के ऊपर अपना हाथ रखती… "क्या तुम पागल हो गए हो मिस्टर। मै तुम्हे जेल भिजवा दूंगी।"..


जेल के बात सुनते ही नवीन अपना पिस्तौल निकलता है… "यहां का जेल भी मै हूं और कानून भी। जावेद पटक साली को ऐसा पेलेंगे की ये भी क्या याद रखेगी।


नीलू:- रुको रुको प्लीज, ऐसे जबरदस्ती मत करो। मै तुम्हारे साथ सब कुछ करूंगी लेकिन प्लीज यहां नहीं, बहुत गंदी जगह है ये। प्लीज फोर्स मत करो। चाहो तो तुम अभी मेरे साथ किसी होटल में चल दो, लेकिन प्लीज यहां नहीं। यहां हमे सबने आते भी देखा है और बाहर कुछ लोग मोबाइल का कैमरा यहीं लगाए है। मै बदनाम हो जाऊंगी।


जावेद, नीलू के होंठ को काटते.. बैन दी लोड़ी, तुझे पिलवाने के लिए मखमल का बिस्तर लेकर आऊं मै। नवीन बाहर से भगा मादरचोदों को। अभी दोनो साथ में पेलेंगे इसे आगे और पीछे से..


गली के अंदर उस वक़्त जब नीलू को किनारे किया गया। अपस्यु की कार का काफिला चंद फासला तय करके, उस 3 स्टोरी बिल्डिंग में पहुंचा। चारो ओर से पब्लिक का झुंड और एक-एक करके कार का दरवाजा खुला… "ओ भाई लोग डिक्की का दरवाजा यहां पहले खोलने का हां। चल डिक्की खोल पहले।".. तेज आवाज में अनवर बोला और सभी डिक्की का दरवाजा खुल गया।


डिक्की से हाथो हाथ कैश, 3 स्टोरी बिल्डिंग में पहुंच रहा था, तभी वहां एक हवा में फायरिंग हुई.. "मदरचोद यहां से भिड़ जल्दी हटाओ, तुम्हारे मां का यार नहीं आया है। भले लोग है, अपने पैसे हमे दान करने आए है। अरे सर लोग को अंदर बिठाओ रे।.. मुख्तार चिल्लाते हुए कहा और वहां से भीर बिल्कुल गायब सी हो गई।


आर्म्ड किडनैपर्स ने जब देखा कि मामला बस्ती वालों का है तो वो लोग अपने काम में ध्यान देने लगे। 3 स्टोरी बिल्डिंग ऐसी थी कि जिसमे आगे से मात्र एक 4 फिर का दरवाजा था बाकी पूरी कि पूरी दीवार। जैसे ही दरवाजे के आगे अनवर खड़ा हुआ, और एक एक करके बैग के साथ पिस्तौल भी अंदर जाने लगा, ठीक उसी वक़्त अपस्यु की नजर मिश्रा बंधु पर गई उसने पीछे की सीट से दोनो वीरदोयी को उतारकर मिश्रा बंधु को तुरंत कार में पैक करने के लिए कह दिया।


वीरदोयी बिजली की फुर्ती से गए और कार के दूसरे ओर से दोनो भाई को पैक कर दिया। दोनो भाई कुछ समझ पाते उससे पहले ही वो कार में थे।..


अपस्यु:- आप दोनो को बहुत कुछ कहना होगा, लेकिन उससे पहले मै कहना चाहूंगा... अभी वक़्त नहीं है बात करने का और आप दोनो के नेचर को देखते हुए यही बेहतर है.. मुंह हाथ बांध कर बिठाओ इन्हे, ताकि कोई समस्या ना खड़ी कर सके।


दोनो वीरदोयी फुर्ती दिखाते हुए मिश्रा बंधु के हाथ पाऊं मुंह बांधकर कार के पीछे लुढ़का दिए। अपस्यु उन दोनों को इशारा करते हुए कहने लगा.. सबको प्लान के मुताबिक 5 मिनट का टाइमर से करने कह दो 2 बजकर 15 मिनट पर। उसने हामी भरी और संदेश पहुंचाकर वो दोनो 2 और वीरदोयी को लेकर सबसे आगे वाली कार के पास चला आया।


बाकी के लोग उतारकर, एक-एक करके अंदर उस 3 स्टोरी बिल्डिंग में घुसने लगे। मुख्तार और अनवर वहां पैसों को देखकर उन्हें खुशी से धन्यवाद कह रहा थे। यहां हर किसी ने 2.15 के समय पर एक टाइमर लगा लिया था जिसमें मात्र 2 मिनट बचे थे। 14 वीरदोयी अंदर थे जो कि इनके पागलपन पर चुप्पी साधे धीरे-धरे नीचे के फ्लोर पर फ़ैल रहे थे।


टाइमर शुरू होते ही उन लोगो ने अपने कोट में लगे स्मोक बॉम्ब का पीन खींच दिया। इधर अपस्यु और ऐमी भी अपने कार से बाहर आए। अपस्यु वीरदोयी के हाथ का सहारा लेकर 18 फिट का जंप किया, तेजी से 2 प्लास्टिक सी4 दीवाल में लगा दिया। 5 मिनट के टाइमर में, 10 सेकंड बीतते बीतते, वहां अंदर मौजूद वीरदोयी के कोट से धुआं निकलने लगा और इधर सी4 के धमाके से बीच के फ्लोर की दीवार टूट गई।


एक ओर जुग्गी में जहां नीलू के साथ नाटक चल रहा था, जहां जावेद खड़ा होकर अपने पैंट निकल चुका था और तब तक नवीन सबको भागकर जैसे ही अंदर आया, तेज धमाका से वो दोनो चौंक गए और धमाके की आवाज सुनते ही नीलू हंसते हुए कहने लगी… "ठीक है मूर्खो अब हमारा एक्शन टाइम आ गया।"

नवीन हंसा, जावेद अपने अंडरवेयर पर हाथ फेर रहा था और नीलू, बिजली सी तेज… तेजी के साथ उसने अपना कोट निकला और पीठ में टंगी दोनो कुल्हाड़ी उसके हाथो में। जावेद और नवीन क्या संभलते, इतना तेज और जोरदार प्रहार था वो की उनका बड़ा सा मुंह खुला हुआ था और गला काटकर जमीन पर। सर कटा धर खून के फव्वारे के साथ खड़ा फर्फारा ही रहा था कि नीलू उसपर इतना तेज लात मारी की वो जुग्गी का दरवाजा फाड़कर बाहर जा गिरा।


सर कटी लाश को खून में लथपथ देखकर वहां के लोग पागलों कि तरह चीखते हुए अपने अपने घरों कि ओर हथियार निकालने भागे और इधर नीलू अपने ऊपर का सूट निकालकर लैदर ब्लैक बुलेटप्रूफ ड्रेस में आ गई और चेहरे पर भी कला बुलेटप्रूफ मास्क चढ़ा ली।


मास्क चढ़कर वो अपस्यु के ओर दौर लगा दी। इस ओर जैसे हो धमाका हुआ हर कोई अलना 2 स्मोक बॉम्ब नीचे और 2 स्मोक बॉम्ब ऊपर के फ्लोर पर डालते हुए, अपने अपने टारगेट कुर्सी के पास पहुंचे। 14 कुर्सी 14 लोग, पहुंचते ही बिना समय गंवाए हर किसी को एंटीडोट लग चुका था और हर कोई अपनी कुर्सी सहित सीधा उस दीवार से कूदते हुए बचे 2 स्मोक बॉम्ब को गाड़ियों के काफिले के पार फेंकता जा रहा था।


नीचे चार वीरदोयी बड़ी सी जाल फैलाए सबको लपक रहें थे, ऐमी और अपस्यु उन्हें पकड़ कर खिंचते हुए नीचे कर रहे थे। नीचे आते ही हर वीरदोयी कुर्सी से बंधे बंधक को निकालकर, ड्राइविंग करने वालो को ड्राइविंग सीट पर और बाकियों को आगे पीछे बिठाते जा रहे थे।

टाइमर सेट करने के महज पहले मिनट में ये सब हो चुका था और वहां मौजूद किडनैपर्स इस एक मिनट में पहले धमाके पर चौंक गए। बाद में चारो ओर ऐसा धुआं हुआ कि, जिस-जिस ने कुर्सी के पास खड़े होने की जहमत उठाई, वो बस खुद से 200 की रफ्तार से आती हुई किसी से टकराने का आभाष किया और चिंख़ते हुए जमीन पर धराशाई थे।


बस्ती में चारो ओर बात आग की तरह फ़ैल चुकी थी और वीरदोयी भी फ़ैल चुके थे। सभी लोगों को सुरक्षित बिठाने के बाद अपस्यु अकेला ही धुएं के बीच अंदर वो ट्रिपल स्टोरी बिल्डिंग में घुस गया।
 
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अपस्यु:- हम्मम ! मुझसे क्या चाहते हो।


रुद्रा:- भाई तो गुस्से में लग रहा है। ऐसा लगता है नीलू और उसके साथियों से कुछ ज्यादा कि उम्मीद थी। खैर हम एक फेयर डील चाहते है।


अपस्यु:- हां मै सुन रहा हूं।


रुद्रा:- पहले तो तुम और ऐमी अपने लोकेशन से बाहर सतह पर आओ ताकि हम लोकेट कर सके तुम्हे…


अपस्यु अपने सुरंग से बाहर निकला और ऐमी अपने कंटेनर से। दोनो एक साथ खड़े हो गए…. "ओह हो तो जैसा सोचा था वैसा ही निकला। तभी ये नीलू मुझसे कह रही थी कि बिना पैसों डील के जगह पर गए तो डील संभव नहीं। और इसी जगह पर तुम्हे हराना आसान भी होगा। अच्छा हुआ जो हम वहां नहीं गए, वरना तुम तो मुझे और मेरे साथियों को बर्फ के नीचे ही दबा देते।


ऐमी:- कितना पकाते हो सर, जल्दी से प्वाइंट पर आओ।


कलिका:- "भाई थोड़ा तमीज तो सीखा देते, हम तुम्हारे बड़े भाई बहन है। खैर ये सब इंडिया में करेंगे, यहां हमे पैसे लेने है, और लेकर निकालना है। ध्यान से सुनो। हमने तुम्हे लोकेट कर लिया है, वहां कुछ आदमी नीचे उतरेंगे उन्हें आराम से वो अपना लैपटॉप दे देना, थोड़ी देर उनके साथ रुकना फिर वो चेक कर लेंगे की तुमने और कोई मास्टर कंप्यूटर या अन्य कोई डिवाइस अपने कपड़े या जिस गाड़ी से तुम हमारे ओर आओगे उसमे छिपा तो नहीं रखा है।"


"इतना होने के बाद वो तुम्हे कहेंगे जाओ और उस पार जाकर अपने साथियों को निकलो, और यूरोप से निकलकर इंडिया पहुंचो, क्योंकि अच्छा नहीं लगेगा ना कि तुम दोनो यहां मारो और तुम्हारा परिवार और दोस्त वहां। इसलिए सब साथ मारोगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। या फिर यहां से बचकर तुम हमे मारने का भी प्लान कर सकते हो, उसकी पूरी छूट हम देते हैं।"


अपस्यु:- योजना अच्छा है लेकिन एक चमत्कार तुम्हे दिखता हूं। ऐमी हमारे दायरे मै घुसे इस हेलीकॉप्टर को बाहर निकालो।


अपस्यु की बात सुनते ही ऐमी ने कुछ कमांड दिया और उनका हेलीकॉप्टर अनियंत्रित हो गया। पायलट ने तुरंत ही दिशा बदली और अपस्यु के फेंसिंग इलाके से वो हेलीकॉप्टर बाहर था।..


अपस्यु:- ओ भाई ये 250 बिलियन यूरो है, 2.5 करोड़ रुपए नहीं। मतलब यहां क्या सस्ते नशा करके आए हो। मै पैसा छोड़कर चला जाऊं। तुम्हरे लोग आएंगे मेरे नेटवर्क कंट्रोल करने, मेरा पैसा लेने और मै यहां खाली हाथ झुनझुना बजाऊं।


"नहीं एक बात बताओ मै 250 बिलियन छोड़ कर आ जाऊं और फिर तुम 5 की जगह 7 लाश गिरा दो। अच्छा गेम खेल रहें थे, लेकिन कोई बेवकूफ ही होगा जो ऐसा बकवास डील की सोचेगा भी। तुम पैसा मिलने के बाद भी जब लाश ही गीराओगे तो मारकर उनको कहानी खत्म करो। मै मेरा पैसा लेकर चला, 25% के प्रोफिट का हिस्सा तुम्हे ही देना है मुझे क्या घंटा फर्क पड़ेगा। अक्ल से पैदल ऐसे करोगे फेयर डील।


रुद्रा:- उम्मीद छोटे भाई उम्मीद। खैर तुम बताओ तुम कैसे वहां से निकल पाओगे जब मै रसियन आर्मी को भेज दूं।


अपस्यु:- पागल कहीं का.. पैसे अंडरग्राउंड है बस थोड़ा सा ब्लास्ट करके पैसे को रेलिकेट करना है और पास में ही हमारा एग्जिट प्लान है वहां से बाहर। ये कैसी कैसी बातें कर रहे हो बड़े भाई। 250 बिलियन की डील करने वाले को तुमने अनवर हटेला या पप्पू कनिया समझ रखा है क्या? फेयर डील सिम्पल है, तुम्हे मेरी जगह पर आना था तुम नहीं आए, डील अब भी वही है। तुम 25% अपना कमीसन लोगे और यहां से यूरो लेकर निकलोगे और मै डॉलर, इसमें कोई तब्दीली नहीं होगी।


उन 5 लोगों की कीमत 5 बिलियन मै देता है हूं, इससे ज्यादा की उम्मीद है तो उन्हें मार दो, 5 बिलियन में मै 10 अनमोल रत्न तैयार कर लूंगा। बकवास बहुत हो गई मै कॉल डिस्कनेक्ट करता हूं, तुम चाहो तो मेरे इलाके मै जबरदस्ती घुसपैठ कर सकते हो, पूरी रकम की चाहत में, लेकिन बता दूं इसमें जान जाने का 100% रिस्क है। चलो अब फोन रखो और सोचकर जवाब दो, तुम्हरे पास आधा घंटा है।


फोन काटते ही ये चारो भाई बहन जोड़ जोड़ से हसने लगे… "यार मै भी ना भावनाओ में बह गई थी। भुल ही गई थी कि ऐसा भी कोई प्रस्ताव होता है क्या? इन 5 लोगों की कीमत 5 बिलियन यूरो है तो फिर इसकी मां, बहन, भाई, इसका ससुर, इसके भाई का ससुर, वो इसकी दोस्त साची, काया, 10, 15 इसके भरोसे के लोग… देखना भाई हो गया ना 250 बिलियन का हिसाब क्या?"..


रुद्रा:- हां इतने में हो जाना चाहिए। चलो आराम से फेयर डील का ऑफर देते है, और यहां उसे दिखाते है कि इशारों पर कैसे नचाया जाता है, और कैसे उसके प्राण निकालते है।


रुद्रा कुछ मिनट बाद अपस्यु को वापस कॉल लगाते… "ठीक है डील मीटिंग के नॉर्म्स से होगी, मेरा कंटेनर लोड है, तुम अपने कंटेनर लेकर आओ। हम एक्सचेंज करके निकलेंगे। तुम्हारे साथियों को नीचे उतार रहा हूं देख लो। 5 बिलियन की वसूली मै इंडिया में कर लूंगा वो भी तुम्हारे डील के हिसाब से।


अपस्यु:- ठीक है लोकेशन सेंड करो कल ठीक 12 बजे दिन में हम अपने अपने कंटेनर लेकर निकल जाएंगे।


अपस्यु ने कॉल डिस्कनेक्ट किया। ऐमी हंसती हुई अपस्यु का हाथ थामती… "सरप्राइज के लिए शुरू से तैयार रहना था। शायद ये आखरी काम हो।"..


अपस्यु:- कोई नहीं ऐमी, अंजाम जो भी हो हम साथ में है।


दोनो की नजरें मिल रही थी और दोनो एक दूसरे के होंठ चूमकर कंटेनर लोड किया और चलते बने। रास्ते भर दोनो में खामोशी छायी रही। रात में आगे का सफर ना तय करके दोनो आराम से एक साथ एक दूसरे के बाहों में लेटे और चांद की रौशनी में एक दूसरे को निहारते रहे।


25 दिसंबर दिन के 12 बजे… ऐमी को सामने का कैंप दिख रहा था, जो की लगभग 300 मीटर की दूरी पर था। उन लोगो ने भी सामने से 4 कंटेनर को आते हुए देखा। चारो भाई बहन अपने भिड़ के साथ उधर से चले, और ये दोनो अपने ओर से।


कलिका:- उफ्फ कितना हैंडसम है मेरा भाई। लेकिन अफ़सोस इसकी जिंदगी बस आज की ही मेहमान है।


अपस्यु:- हम ये जानकर आ रहे है कि यहां खून के प्यासे बहुत से लोग होंगे फिर भी इतना ओवर कॉफिडेंस। ये बात कुछ हजम नहीं हुई।


रुद्रा:- दाद तो तुम्हारे कॉफिडेंस की देनी होगी। 540 लोगो के बीच घिरे हो। तुम्हारे 5 लोग स्वीट पॉयजन का शिकार है, जिसके इंजेक्शन का असर ऐसा है कि वो चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते, तब तक तो नहीं जबतक इसका एंटीडोट हम इन्हे नहीं दे देते। तुम्हारे ऊपर गोली उगलने वाले 2 ड्रोन है, जो हमारे उंगली के इशारे पर काम करते है, इसके अलावा वहां देखो… अरे बॉयज जारा जगह दो और सर को देखने दो।


सभी लोग जैसे ही किनारे हुए, कंटेनर फाड़कर 2 मिनी टैंकर बाहर निकले, जिसकी नली सामने खड़े 5 लोगों पर थी। रुद्रा फिर से बोलना शुरू किया… "इधर ध्यान दो मेरे भाई, इतनी तैयारी जो मैंने 1 बिलियन में की है, उसके बाद भी तुम अपना पैसा ले जा सकते हो, इतना कॉफिडेंस आता कहां से है तुम्हे। बेवकूफी मत करो और कंटेनर का ख्याल दिल से निकाल दो। तुम चुपचाप मेरी गोली खाकर मर जाओ और जब तुम मर रहे होगे, तो देख पा रहे होगे की हम कितने दरियादिल है जो तुम्हारी गर्लफ्रेंड और साथियों को यहां से जाने के लिए सेफ पैसेज दे चुके है।


ऐमी जोड़ जोड़ से हंसती हुई… "फास्ट एंड फ्यूरियस का बड़ा ही गंदा असर हुआ है। खैर एक छोटा सा नमूना हम दिखाते है, नजर जारा हमारे कंटेनर से 100 मीटर लेफ्ट पर लेना।"..


जैसे ही उन लोगों ने लेफ्ट में देखा एक बड़ा धमाका हुआ और कई फिट नीचे गड़ढे हो गया।… ऐमी चुटकी बजाती… "हेल्लो ब्रदर, इधर ध्यान देने का। एक पत्ते हिलने जैसा हरकत हुआ, तो हम तो डूबेंगे सनम लेकिन तुम्हे भी ले डूबेग।"


कलिका:- बहू काफी स्मार्ट है लेकिन एक बात भुल क्यों रही हो ऐमी, अभी और भी जलवा बाकी है। अब जारा इस स्क्रीन पर नजर डाल दो। ओह माय गॉड ये क्या हो गया.. हमने वो तुम्हारे थोड़े से जान पहचान वाले विन्नी और क्रिश तक को कैद किया है। हाय री किस्मत इन पैसों के लिए एक पूरे खानदान की जान लटकने वाली है। अपस्यु अब अच्छे बच्चे की तरह हमारा कहा मान लो।


अपस्यु, ऐमी का हाथ थामा, वहीं चिर परिचित मुस्कान उसके चेहरे पर थी।… "पैसे मिलने के बाद भी तुम मार ही दोगी, मुझे तो इस डील में किसी के भी जिंदा बचने की आस नहीं दिख रही। फिर जब सब मरेंगे ही, तो हम तुम्हे तड़पा कर क्यों ना मेरे। ऐमी छोटी सी हरकत और पूरे पैसे राख।"


ऐमी:- शौक से बेबी।


रुद्रा:- यार वाकई जैसा नीलू ने कहा था तुम बहुत ही टॉप के खिलाड़ी हो। चलो ठीक है एक काम करते है।


अपस्यु:- रहने दो बेवकूफों तुमने अपनी बाजी चल दी है अब मेरा टर्न है।.. बहुत बोल लिए और मै अब थोड़ा जल्दी में हूं क्योंकि तुमने वाकई खेल में बने रहने की बहुत कोशिश की है।.. बॉयज एंड गर्ल्स लेट दि शो बेगण


अपस्यु की बात सुनकर चारो भाई बहन उसकी बात पर हंस ही रहे थे कि तभी वहां चारो ओर धमाका होना शुरू हो गया। जिस जगह भिड़ खड़ी थी वहां लंबा सर्किल बन गया जिसमें तकरीबन नीचे 50 फिट का गद्दा और सामने की दूरी 20 फिट की। ऐसा लग रहा था जैसे इन्हे किसी मीनार पर खड़ा कर दिया गया हो।

इनके 2 टैंकर की पोजिशन जहां थी, वो पुरा का पूरा टैंकर ट्रेलर सहित नीचे भूमिगत हो गया। अपस्यु ने अपने पैसे के ट्रेलर जहां खड़ा किया था वो भी भूमिगत हो गया। डॉलर से भड़ा ट्रेलर वो भी जमीन में।


बस 10 सेकंड में ऐसा हो गया कि इन चारो ने अपना सर पकड़ लिया। तभी युक्तेश्वर ने शूट करने का ऑर्डर दिया और उधर उसका ही ड्रोन उसके पाऊं के नीचे जमीन पर गोली चलना शुरू जर दिया।… "बेवकूफों हम बुलेट प्रूफ जैकेट में है। ऐमी डेमो दिखाओ।"..


ऐमी ने बिना सोचे 3-4 गोली अपस्यु पर चला दी।.. "अब ध्यान से सुनो मेरी बात, तुमने मुझ पर शूटिंग किया तो मै तो बच जाऊंगा। लेकिन जो ड्रोन तुम्हारे उंगली के इशारे पर काम करती थी, वो अब हमारी है। मेरी स्वीटी ने तुमसे बात करते करते उसे हैक कर लिया, वो भी बिना नजरे नीचे झुकाए उस छोटे से कीपैड पर टाइप कर रही थी जो मात्र 4 इंच का है। मेरी स्वीटी है ना कमाल कि।"


नीलू:- आय आय रे, तुम दोनो ने किन जलीमो के बीच फसाया है, अब बात को खींचो मत चलो चलते है, तुम्हारा पुरा खानदान खतरे में है।


अपस्यु:- "एक मिनट बस हो गया नीलू, जारा कुछ कुछ बातें बता लेने दो। सुनो बेवकूफों मारना मेरी फितरत में नहीं है, इसलिए तुम सबको तुम्हारे नसीब के भरोसे छोड़ जा रहा हूं। आराम से नीचे की मिट्टी काटकर एक ओर की सीढी बनाओ नीचे उतरने के लिए और फिर दूसरे ओर से सीढी बनाओ ऊपर आने के लिए। जल्दी में हूं परिवार की जान खतरे मै है और तुमने सही कैलकुलेशन लगाया था, परिवार ज्यादा जरूरी है।"


"वो पैसे इस वक़्त मैं नहीं ले जा सकता, यही जमीन के नीचे दफन है। ले जा सके तो ले जाना। और एक बात तुम्हारे उस स्वीट पॉयजन का एंटीडोट हमारे पास बहुत पहले से है, गुरु निशी केवल तुम्हारी मां और मामा के गुरु नहीं थे, वो मेरे भी गुरु थे। पूरा वक़्त है सोचते रहो की भुल कहां हुई, हम तो चले। सुनो रे भाड़े के खजूर अगर किसी ने पीछे से गोली चलाई तो सबकी लाश यहीं दफन हो जाएगी।"


अपस्यु जबतक अपनी बात कह रहा था ऐमी सबको लेकर अपने साथ लाई एक हैवी ट्रेलर के पास पहुंची जिसका कंटेनर आम कंटेनर से 3 गुना ज्यादा बड़ा दिख रहा था। सबसे अलग और काफी लंबा चौड़ा… जैसे ही उस कंटेनर के चारो ओर का पर्दा हटा नजर के सामने एक 12 सीटर छोटा सा प्लेन था जिसमें बैठकर चारो उड़ गए।
Fabulous update bhai
Matlab ye sab pahle se hi Apasyu ka plan tha jisme Rudra and team fas gaye superb
 
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nain11ster

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आपके दर्शन करके मन प्रसन्न हो गया नैन भाई............. इंतज़ार अपडेट से ज्यादा आपका था
रविवार से आपके अपडेट पढ़ने को मिलेंगे......... जानकर और भी ज्यादा खुशी हुई

आपको भी नवरात्रि की शुभकामनाएँ
सपरिवार सकुशल रहें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें
Ji shukriya kamdev babu ... Aap ke vichar padhkar hruday aanandit ho gaya.. man prafullit ho gaya
 

nain11ster

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Kahe itna soch te ho brother
story khatm hogi @nain bhai ki story he inhone sayd tak muje pata he waha tak sub complet story ki he

bhai hamre kehne na kehne se kuch nahi hota
koi bi writer apni marji se story start karta he to apni marji se khatam bi karta he ya bich me chor dete he


Agar apne story start se padhi he or coments padhe he to i think nain bhai hame inform bi karte rehte he ke update kab ayega

Bus itna hi likh na to or chata tha ....warna ek pura update chap jata ....😁😁
James leon



😊❤❤❤❤😊
Kabhi update aur kahani par bhi dil khol kar likh dete ... Humara bhi dil jhumping jhalak gili gili karne lagata na :D
 
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