Update:-59
इधर स्वस्तिका किसी लड़की की आवाज सुनकर फोन स्पीकर पर डालकर अपस्यु से पूछने लगी कि ये कौन है। अपस्यु ने भी इशारों में समझा दिया कि ये आरव की गर्लफ्रेंड है। "आरव की गर्लफ्रेंड" ये बात सुनते ही स्वस्तिका ने कुटिल मुस्कान हंसी, और उसकी इस मुस्कान को देखकर ऐमी और अपस्यु भी समझ गए कि अब तो बजने वाली है आरव की।
स्वस्तिका:- तुम कौन हो जो मेरे डार्लिंग का कॉल रिसीव कर रही। मै क्या ही बताऊं, ये कभी नहीं सुधर सकता।
लावणी, अपनी आवाज़ थोड़ी धीमे रखते…. "सुनिए आपने किसी गलत नंबर पर कॉल लगाया है।"
स्वस्तिका:- ये आरव का ही नंबर है और नॉटी के नाम से मेरा निक नेम सेव होगा। सुन छिपकली बहुत चिपक ली मेरे बॉयफ्रेंड के साथ, अभी के अभी उसे फोन दे और तू कल्टी हो वहां से।
लावणी:- अच्छा मज़ाक कर लेती है आप। जरूर आप आरव की कोई खास दोस्त होगी जो उसे छेड़ने के लिए मुझ से नाटक कर रही है। खैर आप कोई भी हो आरव इस वक़्त कॉल नहीं ले सकता क्योंकि वो गहरी नींद में सोया है।
स्वस्तिका:- ये लड़का मुझ से पिटेगा अब, आने दो इसे वापस। सुनो तुम एक काम करना अभी कॉल डिस्कनेक्ट करके कॉल लॉग में देखो वो मुझ से कितनी बार कॉन्टैक्ट किया है। इसके बाद ऐसा झटका दूंगी की तुम्हे भी यकीन होगा की मै कौन हूं उसकी…
लावणी कॉल डिस्कनेक्ट करती हुई नॉटी का कॉल लोग चेक करने लगी और इधर जबतक स्वस्तिका हंसती हुई कहने लगी… "यार बड़ी प्यारी लड़की है। मुझे मिलना इससे।"..
ऐमी:- हां ये बात तो सच कही। मै भी मिल चुकी हूं।
अपस्यु:- अरे स्वस्तिका रहने दो, कुछ दिन पहले मैंने भी झटका दिया था तब से दोनों में जो बात बंद हुई वो यूएस जाकर शुरू हुई है। अब बात बंद होगी तो ना जाने कब शुरू हो।
"फ़िक्र क्यों करते हो, मै कल उससे खुद बात करके सब समझा दूंगी।"…. स्वस्तिका बोल ही रही थी कि लावणी का कॉल उधर से आ गया।..
स्वस्तिका:- जी लावणी जी देख लिया…
लावणी:- हां देख ली, मै झटके के लिए तैयार हूं…
स्वस्तिका:- हम्मम ! ठीक है फोन स्पीकर पर डालकर तुम उसके कान के पास रखो, मै यहां से धीमे बोलूंगी और वो फटाफट उठकर कोने में चला आएगा बात करने।
लावणी ने ठीक वैसा ही किया जैसा स्वस्तिका ने बताया था… वो फोन स्पीकर पर डाल कर आरव के कान के पास रख दी…. इधर से स्वस्तिका ने बस अपनी श्वांस चलने जितनी आवाज़ में कही होगी…. "अपस्यु जाग गया है।"… आरव अचानक से उठा और आस-पास के माहौल को देखते हुए वो सीधा कोने में चला गया बात करने।
स्वस्तिका ने भी अपस्यु को फोन दिया…. "ज्यादा परेशान हुआ था क्या"…. "हां कह सकते हो, लेकिन अब सब ठीक है। तू बार बार डराया मत कर अपस्यु, तुझे कुछ होता है तो अजीब सी हालत हो जाती है मेरी। तू इतना प्रेशर ना ले.. फील्ड का काम तू मेरे जिम्मे रहने दे बस।"…. "कोई नहीं इसपर आराम से बैठ कर बात कर लेंगे.. अभी वहां पूरी छुट्टी का मज़ा ले।" चंद अल्फाज दोनों भाइयों ने एक दूसरे से कहा और आरव सुकून की श्वांस लेते हुए कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया।
कॉल डिस्कनेक्ट करके जब आरव वापस लौटा, लावणी गुस्से से फुफकार मारती वहां से चली गई। आरव अपना सर खुजाता वहां चल रहे माहौल को देख रहा था। कुंजल और साची पागलों की तरह हंस-हंस कर, एक दूसरे के कंधों को धकेल-धकेल, बात करने में लगे थे। उनके लिए तो मानो यहां कोई था भी नहीं और इस ओर लावणी गुस्से में फुफकारकर चली गई....
आरव अपने ख्यालों में.….. "कहीं कल पीने के बाद इसे कुछ कह तो नहीं दिया या फिर इसके बाप को .. सॉरी ससुर जी.. या फिर इसके पापा के साथ, फिर कोई जंग हो गई… अरे यार अभी तो हमारा पैचअप हुआ था और ये क्या नया नाटक शुरू हो गया। कम से कम बता तो देती की किस बात पर मुंह लाल करके गई, सस्पेंस में डाल दी। अब मै कितने बातों के बारे में सोचकर उसे सफाई दूं। साला ये पीना मुझे ले डूबेगा किसी दिन।
आरव फटाफट निकला अपनी लावणी को मानने और ये तक ध्यान नहीं दिया कि सोते वक़्त उसके कपड़े बदले जा चुके थे। वो अंडरवीयर और बनियान में ही बाहर उसके पीछे-पीछे भागा चला जा रहा था, और उसे देखकर वहां के होटल के लोग उसे घूर रहे थे। तभी वहां का एक स्टाफ ने आरव को रोकते हुए समझाया की सर ऐसे कपड़ों में आप बाहर नहीं घूम सकते।
आरव ने अपना हुलिया देखा और अपनी जगह खड़ा होकर मायूसी से लावणी लावणी पुकारने लगा और लावणी बिना पल्टे बस चलती रही और वहां से चली गई।
21 जून … बंगलौर रात के 8 बजे…
अपस्यु को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था और दोनों लड़कियां होटल पहुंचकर आज रात के तय प्लान के बारे में चर्चा करने लगी… और चर्चा का विषय था आत्मसम्मान। इक्छा के विरूद्ध इन लड़कों की हिम्मत कैसे होती है यहां-वहां हाथ लगाने की… ऐसा सबक की फिर दोबारा किसी लड़की को बिना उसकी मर्जी के बिना छूना तो दूर उनसे बात करने में भी घबराए...
ऐमी:- मै तो कहती हूं केट मूव दिखाते है उन कमीनो को.. तुम क्या कहती हो स्वस्तिका…
स्वस्तिका:- केट मूव नहीं ऐमी। मुझे तंग कड़पे पहनने का मन नहीं है। क्यों ना गर्ल्स ट्रैप करे।
ऐमी:- मुझे आज बदन दिखने का मूड नहीं है।
स्वस्तिका:- कुछ नया करे क्या?
ऐमी:- नए में क्या करना चाहती हो?
स्वस्तिका:- बीडीएसएम (bdsm)
ऐमी:- नाह.. ये नया नहीं है। इन चूजों के हिसाब से ये कुछ ज्यादा बड़ा मूव हो जाएगा। वैसे भी ये मूव पब्लिक प्लेस में नहीं होगा तो क्या फायदा घर के अंदर कितना भी मारो, इनको बेज्जती थोड़े ना मेहसूस होगी। इन्हे तो पब्लिक में बेईज्जत करना है।
स्वस्तिका:- अम्म्म ! फिर देशी राउडी गर्ल ट्राय करें क्या?
ऐमी:- साउंड इंट्रेस्टिंग… इसे फाइनल करते हैं।
स्वस्तिका:- तो फिर चलते है, राउडी गर्ल की शॉपिंग करने।
दोनों निकल चुकी थी देसी राउडी गर्ल बनने। पूरा शॉपिंग करने के बाद दोनों होटल लौटी और फटाफट तैयार हुई। दोनों एक दूसरे को देखते ही हसने लगी। दोनों ने भारतीय नारी वाली साड़ी पहन रखी थी वो भी बिल्कुल सामान्य तरीके से , जैसे आम गृहणी पहना करती है। हाथो में दोनों के हथियारों से भड़ा बैग और रास्ते से दो लड़के को उठाई जिसे कुछ पैसे देकर केवल इतना कम दिया गया था कि वो शूटिंग करे।
पहली झरप डिस्को के मुख्य द्वार पर ही हुई, जहां उनके परिधान के कारण उन्हें अंदर जाने से रोका गया। ऐमी इशारों में रिकॉर्डिंग कर रहे लड़कों के ओर इशारा करती हुई उस रोकने वालों को अच्छे से समझा दी….. कि यदि पारंपरिक पोशाक में उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया तो ये बात कहां-कहां तक फैल जाएगी। साथ में स्वस्तिका ने ये भी समझा दिया कि ये केवल रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि लाइव रिकॉर्डिंग चल रही है इसलिए कोई भी गैर कानूनी हरकत हुई तो इस वीडियो की फाइल केवल फोन मोमरी नहीं, बल्कि 8-10 जगहों पर सेव हो रही है।
मजाल है फिर किसी ने ना-नुकुर भी किया हो। उल्टा नमस्ते करके उन्हें अंदर भेजा गया। अब दोनों पहले बार काउंटर पर आयी... टकीला अपने हाथों में उठकर चीयर्स किया और 4 टकीला के शॉट जल्दी-जल्दी लगा लिए।
इतने में उन ड्रग डीलर की नजर भी दोनों पर गई। अब दोनों ने कपड़े ही ऐसे पहने थे कि हर कोई उन्हें ही घूर रहा था। दोनों ने ऐमी को पहचान कर आपस में बात करते हुए उसके ओर बढ़ चले….
ऐमी और स्वस्तिका टकीला शॉट खत्म करके जब नजर घुमाई तभी ऐमी को भी वो दोनों उनके ओर आते हुए दिख गए…. "स्वस्तिका आ गए अपने शिकार, तू बैग खोलकर तैयार रह।"
स्वस्तिका अपने साथ लाए बैग को पूरा खोल कर रख दी, ताकि जरूरत के वक़्त तेजी से उनमें से हथियार निकलकर राउडीगीरी दिखाई जा सके। ऐमी और स्वस्तिका बार काउंटर के राउंड टेबल पर बैठी थी, और दोनों आते ही साड़ी के ऊपर से, उनके कमर के नीचे हाथ फेरते हुए कहने लगे… "क्या जानेमन आज धंधा करने आयी है क्या यहां।"..
दोनों अपना गर्दन घुमा कर प्यारी सी स्माइल देती हुई कहने लगी… "नो माय लव… हम दोनों यहां राउडीगिरी दिखाने आए है।"… इतना कहकर ऐमी और स्वस्तिका ने तेजी के साथ अपना लात उठाकर उसके सीने पर लात जमा दी। दोनों धक्का खाकर कुछ दूर पीछे गिरे।
उधर दोनों ड्रग डीलर धक्के खाकर फ्लोर पर गिरे और इधर ऐमी और स्वस्तिका ने तेजी के साथ बैग से अपना पहला हथियार निकाली… दोनों के हाथ में बेलन थी, और मारने कि काला में तो दोनों ने महारत हासिल किया ही हुआ था।
अब माहौल कुछ ऐसा था, ये जगह उन दोनों ड्रग डीलर की। एक तरह से घर मान लीजिए। दो सामान्य सी तैयार होकर आयी भारतीय लड़की.. और उसने सब लोगों के बीच वहां के सबसे जाने माने चेहरे को लात जमा कर सबके बीच मारा..… अकेले में भी उन दोनों ड्रग डीलर के साथ ऐसा होता, तो दोनों को बेज्जती मेहसूस होती, फिर तो उनके साथ ये कांड भरी सभा में हो गई। ऊपर से ऐमी और स्वस्तिका के पहनावे के कारण वहां मौजूद सभी लोग उन्हें ही देख रहे थे। लात जमा कर धक्का जैसे ही दिया, सब जोर-जोर से हसने लगे।
अपनी बेज्जती का बदला लेने के लिए, दोनों ड्रग डीलर तेजी से उनपर झपटे और उनका हाथ आंचल के ओर बढ़ रहा था। ऐमी और स्वस्तिका ने अपना बेलन को चाकू की तरह पकड़ी और पहले तो नीचे पूरे जोड़ के साथ घुसेड़ी। अंडकोष में वो बेलन ऐसा घुसा की दोनों बाप-बाप चिल्लाने लगे। आंचल के ओर बढ़ता हाथ जब नीचे जाने लगा, अपने अंडकोष को पकड़ कर सहारा देने के लिए तभी ऐमी और स्वस्तिका ने पूरे ताकत से दोनों की कलाइयों पर ऐसा बेलन चलाया की कलाई की हड्डी टूट गई।
"औरतों की इज्जत करना सीख, ये आंचल मां का होता है जो तुझ जैसी कमीनो को भी दूध पीला कर पालती है और तू साला इसी आंचल को हाथ लगाने के लिए अपना हाथ बढ़ा रहा था। रेस्पेक्ट द वुमन".... स्वस्तिका दहारी..
स्वस्तिका की बात पूरी ही हुई थी कि तबतक वहां बाउंसर पहुंच गए और दोनों को पकड़ने की कोशिश करने लगे… तभी ऐमी उन बाउंसर्स को नसीहत देती हुई कहने लगी…… "कोई मेल बाउंसर ने हाथ लगाया तो सीधा जेल जाएगा। जिसे जेल जाने का शौक हो और विश्वास हो कि उसका मालिक लाखों खर्च करके उसे बाहर निकाल लेगा, वहीं बस हाथ लगाए।.. क्योंकि वीडियो लाइव रिकॉर्ड हो रहा है… हमे किसी मर्द ने हाथ लगाया तो तुम्हरे साथ-साथ इस क्लब पर भी तला लगा होगा।"..
जो बाउंसर जहां थे वहीं रुक गए… दोनों ड्रग डीलर वहीं नीचे जमीन पर कर्राहते हुए अब भी मुंह से अपशब्द निकाल रहा था। और इधर पुरुष बाउंसर तो आगे नहीं बढ़े लेकिन 4 महिला बाउंसर वहां पहुंच गई।
दोनों इसके लिए भी पहले से तैयार थी। "सॉरी बहना".. कहती हुई दोनों ने तेजी के साथ बैग से रस्सी निकली और उन्हें पकड़ने के लिए बढ़े हाथ पर बड़ी तेजी से वो रस्सियां बांधती, सबको बांध कर वहीं बिठा दी…
स्वस्तिका बैग से झाडू निकालकर एक झाड़ू ऐमी के ओर उछाल दी। ऐमी उसे पकड़ती हुई…. "स्वस्तिका, अभी तक दिमाग कि गंदगी नहीं मिटी इनकी, जरा चेहरे की अच्छी से सफाई तो करी।"….. "बड़े ही शौक से ऐमी"… और फिर वो प्लास्टिक के सिक वाली झाड़ू से, 10 झाड़ू उनके चेहरे पर मार-मार कर तोड़ डाली…
सभी झाड़ू जब उनके चेहरे पर मार-मार कर दोनों ने तोड़ डाला, तब दोनों …. "ये हम लड़कियों का तुझ जैसे कमीनो के लिए देशी उपचार। किसी वक़्त भी इस उपचार की जरूरत हो बता दियो… हथियार 24 घंटे उपलब्ध रहता है।"..
चेहरे से खून तो नहीं निकला उनके, पर ऐसा लग रहा था कि पूरे चेहरे पर दोनों ने टैटू गोद दिया हो। … "ओ ऐमी, अभी इन दोनों ने हमारे बैंक को भी हाथ लगाया था ना।"…. "हां.… इनको हमारे बैंक पर हाथ डालना बहुत अच्छा लगता है स्वस्तिका, इसने तो उस दिन भी मेरे बैंक पर हाथ फेरा था।"….. "तो चल जरा पेबैक करे और समझा दे की जब ये हमारे बैंक पर हाथ डालते है तो हमें कैसा फील होता है।"
बैग के अंदर का पूरा बेलन अब फ्लोर पर फैला था। दोनों को लात मार कर उल्टा किया गया और जो ही उनके पिछवाड़े पर दोनों ने बेलन तोड़ा। पुलिस जबतक मामला संभालने आयी, तबतक तो वहां के फ्लोर पर पूरा टूटा हुआ बेलन, बिखरा पड़ा था, और पास खड़ी लड़कियां जो इनका शो देख रही थी, अपने अंदर अच्छा मेहसूस करती, दोनों का उत्साह बढ़ाती हुई पूरा हूटिंग कर रही थी।
2 लेडी कॉन्स्टेबल जब उन्हें पकड़ने पहुंची तब वहां के लड़कियों ने घेर लिया उन्हें और ले जाने के विरूद्ध अपना मोर्चा खोल दी… ऐमी सबको पीछे हटने का इशारा करती हुई कहने लगी….. "बहनों इन कमिने लोगों को बाहर से हथियार खरीदने की जरूरत पड़ती होगी… हम है राउडी गर्ल्स और हमारे हथियार 24 घनेट हमारे घर में होते है… जो हमारी दादी से लेकर हम सब लड़कियां रोज इस्तमाल करती है। कोई तुम्हे छेड़े और जबरदस्ती छुए तो बन जाओ राउडी गर्ल.."
स्वस्तिका ऐमी को देखकर हंसती हुई कहने लगी…. "तू क्या अब इनकी लीडर बनेगी। लंबा लंबा भाषण… अब चल यहां से"… दोनों लड़कियां यहां से अरेस्ट होकर थाने जा रही थी और इधर इनका करनामा पूरे देश में वायरल हो रहा था। थाने पहुंचने तक तो इनकी न्यूज ब्रेकिंग न्यूज बनकर राष्ट्रीय न्यूज चैनल में दिखाया जा रहा था और जो भी इस न्यूज को देखता बस "वाह-वाह जियो शेरनियों"… ऐसा ही कहता।
इतने बड़े कांड को सिन्हा जी, नंदनी, यहां तक कि विदेश में बैठा मिश्रा परिवार, साची लावणी कुंजल आरव सब ने देखा। और जो नहीं देख पा रहे थे लोग उन्हें कॉल करके देखने बोल रहे थे।