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Romance भंवर (पूर्ण)

Chunmun

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Ohhho to dono bhai hi lage hue hai in dono bahno k pichu. Kya baat hai lage raho.
Idhar Aarav to kamal hi kr diya lavni ka haat hi pakad liya.
Lavni to badi tention mai hai lagta hai Aarav pahle bhi aise jhatke use de chuka hai.
Sanchi bhi kankhiyo se apasyu ko dekh rahi thi to lagta hai ab apasyu bhi aage badhega.
 
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इधर स्वस्तिका किसी लड़की की आवाज सुनकर फोन स्पीकर पर डालकर अपस्यु से पूछने लगी कि ये कौन है। अपस्यु ने भी इशारों में समझा दिया कि ये आरव की गर्लफ्रेंड है। "आरव की गर्लफ्रेंड" ये बात सुनते ही स्वस्तिका ने कुटिल मुस्कान हंसी, और उसकी इस मुस्कान को देखकर ऐमी और अपस्यु भी समझ गए कि अब तो बजने वाली है आरव की।

स्वस्तिका:- तुम कौन हो जो मेरे डार्लिंग का कॉल रिसीव कर रही। मै क्या ही बताऊं, ये कभी नहीं सुधर सकता।

लावणी, अपनी आवाज़ थोड़ी धीमे रखते…. "सुनिए आपने किसी गलत नंबर पर कॉल लगाया है।"

स्वस्तिका:- ये आरव का ही नंबर है और नॉटी के नाम से मेरा निक नेम सेव होगा। सुन छिपकली बहुत चिपक ली मेरे बॉयफ्रेंड के साथ, अभी के अभी उसे फोन दे और तू कल्टी हो वहां से।

लावणी:- अच्छा मज़ाक कर लेती है आप। जरूर आप आरव की कोई खास दोस्त होगी जो उसे छेड़ने के लिए मुझ से नाटक कर रही है। खैर आप कोई भी हो आरव इस वक़्त कॉल नहीं ले सकता क्योंकि वो गहरी नींद में सोया है।

स्वस्तिका:- ये लड़का मुझ से पिटेगा अब, आने दो इसे वापस। सुनो तुम एक काम करना अभी कॉल डिस्कनेक्ट करके कॉल लॉग में देखो वो मुझ से कितनी बार कॉन्टैक्ट किया है। इसके बाद ऐसा झटका दूंगी की तुम्हे भी यकीन होगा की मै कौन हूं उसकी…

लावणी कॉल डिस्कनेक्ट करती हुई नॉटी का कॉल लोग चेक करने लगी और इधर जबतक स्वस्तिका हंसती हुई कहने लगी… "यार बड़ी प्यारी लड़की है। मुझे मिलना इससे।"..

ऐमी:- हां ये बात तो सच कही। मै भी मिल चुकी हूं।

अपस्यु:- अरे स्वस्तिका रहने दो, कुछ दिन पहले मैंने भी झटका दिया था तब से दोनों में जो बात बंद हुई वो यूएस जाकर शुरू हुई है। अब बात बंद होगी तो ना जाने कब शुरू हो।

"फ़िक्र क्यों करते हो, मै कल उससे खुद बात करके सब समझा दूंगी।"…. स्वस्तिका बोल ही रही थी कि लावणी का कॉल उधर से आ गया।..

स्वस्तिका:- जी लावणी जी देख लिया…

लावणी:- हां देख ली, मै झटके के लिए तैयार हूं…

स्वस्तिका:- हम्मम ! ठीक है फोन स्पीकर पर डालकर तुम उसके कान के पास रखो, मै यहां से धीमे बोलूंगी और वो फटाफट उठकर कोने में चला आएगा बात करने।

लावणी ने ठीक वैसा ही किया जैसा स्वस्तिका ने बताया था… वो फोन स्पीकर पर डाल कर आरव के कान के पास रख दी…. इधर से स्वस्तिका ने बस अपनी श्वांस चलने जितनी आवाज़ में कही होगी…. "अपस्यु जाग गया है।"… आरव अचानक से उठा और आस-पास के माहौल को देखते हुए वो सीधा कोने में चला गया बात करने।

स्वस्तिका ने भी अपस्यु को फोन दिया…. "ज्यादा परेशान हुआ था क्या"…. "हां कह सकते हो, लेकिन अब सब ठीक है। तू बार बार डराया मत कर अपस्यु, तुझे कुछ होता है तो अजीब सी हालत हो जाती है मेरी। तू इतना प्रेशर ना ले.. फील्ड का काम तू मेरे जिम्मे रहने दे बस।"…. "कोई नहीं इसपर आराम से बैठ कर बात कर लेंगे.. अभी वहां पूरी छुट्टी का मज़ा ले।" चंद अल्फाज दोनों भाइयों ने एक दूसरे से कहा और आरव सुकून की श्वांस लेते हुए कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया।

कॉल डिस्कनेक्ट करके जब आरव वापस लौटा, लावणी गुस्से से फुफकार मारती वहां से चली गई। आरव अपना सर खुजाता वहां चल रहे माहौल को देख रहा था। कुंजल और साची पागलों की तरह हंस-हंस कर, एक दूसरे के कंधों को धकेल-धकेल, बात करने में लगे थे। उनके लिए तो मानो यहां कोई था भी नहीं और इस ओर लावणी गुस्से में फुफकारकर चली गई....

आरव अपने ख्यालों में.….. "कहीं कल पीने के बाद इसे कुछ कह तो नहीं दिया या फिर इसके बाप को .. सॉरी ससुर जी.. या फिर इसके पापा के साथ, फिर कोई जंग हो गई… अरे यार अभी तो हमारा पैचअप हुआ था और ये क्या नया नाटक शुरू हो गया। कम से कम बता तो देती की किस बात पर मुंह लाल करके गई, सस्पेंस में डाल दी। अब मै कितने बातों के बारे में सोचकर उसे सफाई दूं। साला ये पीना मुझे ले डूबेगा किसी दिन।

आरव फटाफट निकला अपनी लावणी को मानने और ये तक ध्यान नहीं दिया कि सोते वक़्त उसके कपड़े बदले जा चुके थे। वो अंडरवीयर और बनियान में ही बाहर उसके पीछे-पीछे भागा चला जा रहा था, और उसे देखकर वहां के होटल के लोग उसे घूर रहे थे। तभी वहां का एक स्टाफ ने आरव को रोकते हुए समझाया की सर ऐसे कपड़ों में आप बाहर नहीं घूम सकते।

आरव ने अपना हुलिया देखा और अपनी जगह खड़ा होकर मायूसी से लावणी लावणी पुकारने लगा और लावणी बिना पल्टे बस चलती रही और वहां से चली गई।


21 जून … बंगलौर रात के 8 बजे…


अपस्यु को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था और दोनों लड़कियां होटल पहुंचकर आज रात के तय प्लान के बारे में चर्चा करने लगी… और चर्चा का विषय था आत्मसम्मान। इक्छा के विरूद्ध इन लड़कों की हिम्मत कैसे होती है यहां-वहां हाथ लगाने की… ऐसा सबक की फिर दोबारा किसी लड़की को बिना उसकी मर्जी के बिना छूना तो दूर उनसे बात करने में भी घबराए...

ऐमी:- मै तो कहती हूं केट मूव दिखाते है उन कमीनो को.. तुम क्या कहती हो स्वस्तिका…

स्वस्तिका:- केट मूव नहीं ऐमी। मुझे तंग कड़पे पहनने का मन नहीं है। क्यों ना गर्ल्स ट्रैप करे।

ऐमी:- मुझे आज बदन दिखने का मूड नहीं है।

स्वस्तिका:- कुछ नया करे क्या?

ऐमी:- नए में क्या करना चाहती हो?

स्वस्तिका:- बीडीएसएम (bdsm)

ऐमी:- नाह.. ये नया नहीं है। इन चूजों के हिसाब से ये कुछ ज्यादा बड़ा मूव हो जाएगा। वैसे भी ये मूव पब्लिक प्लेस में नहीं होगा तो क्या फायदा घर के अंदर कितना भी मारो, इनको बेज्जती थोड़े ना मेहसूस होगी। इन्हे तो पब्लिक में बेईज्जत करना है।

स्वस्तिका:- अम्म्म ! फिर देशी राउडी गर्ल ट्राय करें क्या?

ऐमी:- साउंड इंट्रेस्टिंग… इसे फाइनल करते हैं।

स्वस्तिका:- तो फिर चलते है, राउडी गर्ल की शॉपिंग करने।

दोनों निकल चुकी थी देसी राउडी गर्ल बनने। पूरा शॉपिंग करने के बाद दोनों होटल लौटी और फटाफट तैयार हुई। दोनों एक दूसरे को देखते ही हसने लगी। दोनों ने भारतीय नारी वाली साड़ी पहन रखी थी वो भी बिल्कुल सामान्य तरीके से , जैसे आम गृहणी पहना करती है। हाथो में दोनों के हथियारों से भड़ा बैग और रास्ते से दो लड़के को उठाई जिसे कुछ पैसे देकर केवल इतना कम दिया गया था कि वो शूटिंग करे।

पहली झरप डिस्को के मुख्य द्वार पर ही हुई, जहां उनके परिधान के कारण उन्हें अंदर जाने से रोका गया। ऐमी इशारों में रिकॉर्डिंग कर रहे लड़कों के ओर इशारा करती हुई उस रोकने वालों को अच्छे से समझा दी….. कि यदि पारंपरिक पोशाक में उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया तो ये बात कहां-कहां तक फैल जाएगी। साथ में स्वस्तिका ने ये भी समझा दिया कि ये केवल रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि लाइव रिकॉर्डिंग चल रही है इसलिए कोई भी गैर कानूनी हरकत हुई तो इस वीडियो की फाइल केवल फोन मोमरी नहीं, बल्कि 8-10 जगहों पर सेव हो रही है।

मजाल है फिर किसी ने ना-नुकुर भी किया हो। उल्टा नमस्ते करके उन्हें अंदर भेजा गया। अब दोनों पहले बार काउंटर पर आयी... टकीला अपने हाथों में उठकर चीयर्स किया और 4 टकीला के शॉट जल्दी-जल्दी लगा लिए।

इतने में उन ड्रग डीलर की नजर भी दोनों पर गई। अब दोनों ने कपड़े ही ऐसे पहने थे कि हर कोई उन्हें ही घूर रहा था। दोनों ने ऐमी को पहचान कर आपस में बात करते हुए उसके ओर बढ़ चले….

ऐमी और स्वस्तिका टकीला शॉट खत्म करके जब नजर घुमाई तभी ऐमी को भी वो दोनों उनके ओर आते हुए दिख गए…. "स्वस्तिका आ गए अपने शिकार, तू बैग खोलकर तैयार रह।"

स्वस्तिका अपने साथ लाए बैग को पूरा खोल कर रख दी, ताकि जरूरत के वक़्त तेजी से उनमें से हथियार निकलकर राउडीगीरी दिखाई जा सके। ऐमी और स्वस्तिका बार काउंटर के राउंड टेबल पर बैठी थी, और दोनों आते ही साड़ी के ऊपर से, उनके कमर के नीचे हाथ फेरते हुए कहने लगे… "क्या जानेमन आज धंधा करने आयी है क्या यहां।"..

दोनों अपना गर्दन घुमा कर प्यारी सी स्माइल देती हुई कहने लगी… "नो माय लव… हम दोनों यहां राउडीगिरी दिखाने आए है।"… इतना कहकर ऐमी और स्वस्तिका ने तेजी के साथ अपना लात उठाकर उसके सीने पर लात जमा दी। दोनों धक्का खाकर कुछ दूर पीछे गिरे।

उधर दोनों ड्रग डीलर धक्के खाकर फ्लोर पर गिरे और इधर ऐमी और स्वस्तिका ने तेजी के साथ बैग से अपना पहला हथियार निकाली… दोनों के हाथ में बेलन थी, और मारने कि काला में तो दोनों ने महारत हासिल किया ही हुआ था।

अब माहौल कुछ ऐसा था, ये जगह उन दोनों ड्रग डीलर की। एक तरह से घर मान लीजिए। दो सामान्य सी तैयार होकर आयी भारतीय लड़की.. और उसने सब लोगों के बीच वहां के सबसे जाने माने चेहरे को लात जमा कर सबके बीच मारा..… अकेले में भी उन दोनों ड्रग डीलर के साथ ऐसा होता, तो दोनों को बेज्जती मेहसूस होती, फिर तो उनके साथ ये कांड भरी सभा में हो गई। ऊपर से ऐमी और स्वस्तिका के पहनावे के कारण वहां मौजूद सभी लोग उन्हें ही देख रहे थे। लात जमा कर धक्का जैसे ही दिया, सब जोर-जोर से हसने लगे।

अपनी बेज्जती का बदला लेने के लिए, दोनों ड्रग डीलर तेजी से उनपर झपटे और उनका हाथ आंचल के ओर बढ़ रहा था। ऐमी और स्वस्तिका ने अपना बेलन को चाकू की तरह पकड़ी और पहले तो नीचे पूरे जोड़ के साथ घुसेड़ी। अंडकोष में वो बेलन ऐसा घुसा की दोनों बाप-बाप चिल्लाने लगे। आंचल के ओर बढ़ता हाथ जब नीचे जाने लगा, अपने अंडकोष को पकड़ कर सहारा देने के लिए तभी ऐमी और स्वस्तिका ने पूरे ताकत से दोनों की कलाइयों पर ऐसा बेलन चलाया की कलाई की हड्डी टूट गई।

"औरतों की इज्जत करना सीख, ये आंचल मां का होता है जो तुझ जैसी कमीनो को भी दूध पीला कर पालती है और तू साला इसी आंचल को हाथ लगाने के लिए अपना हाथ बढ़ा रहा था। रेस्पेक्ट द वुमन".... स्वस्तिका दहारी..

स्वस्तिका की बात पूरी ही हुई थी कि तबतक वहां बाउंसर पहुंच गए और दोनों को पकड़ने की कोशिश करने लगे… तभी ऐमी उन बाउंसर्स को नसीहत देती हुई कहने लगी…… "कोई मेल बाउंसर ने हाथ लगाया तो सीधा जेल जाएगा। जिसे जेल जाने का शौक हो और विश्वास हो कि उसका मालिक लाखों खर्च करके उसे बाहर निकाल लेगा, वहीं बस हाथ लगाए।.. क्योंकि वीडियो लाइव रिकॉर्ड हो रहा है… हमे किसी मर्द ने हाथ लगाया तो तुम्हरे साथ-साथ इस क्लब पर भी तला लगा होगा।"..

जो बाउंसर जहां थे वहीं रुक गए… दोनों ड्रग डीलर वहीं नीचे जमीन पर कर्राहते हुए अब भी मुंह से अपशब्द निकाल रहा था। और इधर पुरुष बाउंसर तो आगे नहीं बढ़े लेकिन 4 महिला बाउंसर वहां पहुंच गई।

दोनों इसके लिए भी पहले से तैयार थी। "सॉरी बहना".. कहती हुई दोनों ने तेजी के साथ बैग से रस्सी निकली और उन्हें पकड़ने के लिए बढ़े हाथ पर बड़ी तेजी से वो रस्सियां बांधती, सबको बांध कर वहीं बिठा दी…

स्वस्तिका बैग से झाडू निकालकर एक झाड़ू ऐमी के ओर उछाल दी। ऐमी उसे पकड़ती हुई…. "स्वस्तिका, अभी तक दिमाग कि गंदगी नहीं मिटी इनकी, जरा चेहरे की अच्छी से सफाई तो करी।"….. "बड़े ही शौक से ऐमी"… और फिर वो प्लास्टिक के सिक वाली झाड़ू से, 10 झाड़ू उनके चेहरे पर मार-मार कर तोड़ डाली…

सभी झाड़ू जब उनके चेहरे पर मार-मार कर दोनों ने तोड़ डाला, तब दोनों …. "ये हम लड़कियों का तुझ जैसे कमीनो के लिए देशी उपचार। किसी वक़्त भी इस उपचार की जरूरत हो बता दियो… हथियार 24 घंटे उपलब्ध रहता है।"..

चेहरे से खून तो नहीं निकला उनके, पर ऐसा लग रहा था कि पूरे चेहरे पर दोनों ने टैटू गोद दिया हो। … "ओ ऐमी, अभी इन दोनों ने हमारे बैंक को भी हाथ लगाया था ना।"…. "हां.… इनको हमारे बैंक पर हाथ डालना बहुत अच्छा लगता है स्वस्तिका, इसने तो उस दिन भी मेरे बैंक पर हाथ फेरा था।"….. "तो चल जरा पेबैक करे और समझा दे की जब ये हमारे बैंक पर हाथ डालते है तो हमें कैसा फील होता है।"

बैग के अंदर का पूरा बेलन अब फ्लोर पर फैला था। दोनों को लात मार कर उल्टा किया गया और जो ही उनके पिछवाड़े पर दोनों ने बेलन तोड़ा। पुलिस जबतक मामला संभालने आयी, तबतक तो वहां के फ्लोर पर पूरा टूटा हुआ बेलन, बिखरा पड़ा था, और पास खड़ी लड़कियां जो इनका शो देख रही थी, अपने अंदर अच्छा मेहसूस करती, दोनों का उत्साह बढ़ाती हुई पूरा हूटिंग कर रही थी।

2 लेडी कॉन्स्टेबल जब उन्हें पकड़ने पहुंची तब वहां के लड़कियों ने घेर लिया उन्हें और ले जाने के विरूद्ध अपना मोर्चा खोल दी… ऐमी सबको पीछे हटने का इशारा करती हुई कहने लगी….. "बहनों इन कमिने लोगों को बाहर से हथियार खरीदने की जरूरत पड़ती होगी… हम है राउडी गर्ल्स और हमारे हथियार 24 घनेट हमारे घर में होते है… जो हमारी दादी से लेकर हम सब लड़कियां रोज इस्तमाल करती है। कोई तुम्हे छेड़े और जबरदस्ती छुए तो बन जाओ राउडी गर्ल.."

स्वस्तिका ऐमी को देखकर हंसती हुई कहने लगी…. "तू क्या अब इनकी लीडर बनेगी। लंबा लंबा भाषण… अब चल यहां से"… दोनों लड़कियां यहां से अरेस्ट होकर थाने जा रही थी और इधर इनका करनामा पूरे देश में वायरल हो रहा था। थाने पहुंचने तक तो इनकी न्यूज ब्रेकिंग न्यूज बनकर राष्ट्रीय न्यूज चैनल में दिखाया जा रहा था और जो भी इस न्यूज को देखता बस "वाह-वाह जियो शेरनियों"… ऐसा ही कहता।

इतने बड़े कांड को सिन्हा जी, नंदनी, यहां तक कि विदेश में बैठा मिश्रा परिवार, साची लावणी कुंजल आरव सब ने देखा। और जो नहीं देख पा रहे थे लोग उन्हें कॉल करके देखने बोल रहे थे।
 
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इतने बड़े कांड को सिन्हा जी, नंदनी, यहां तक कि विदेश में बैठा मिश्रा परिवार, साची, लावणी, कुंजल, आरव सब ने देखा। और जो नहीं देख पा रहे थे लोग उन्हें कॉल करके देखने बोल रहे थे।

माहौल कुछ ऐसा हुआ कि डिस्को की लड़कियों ने अपने सारे मित्रों को संदेश भेजना शुरू कर दिया। हर संदेश के पहले वीडियो और उसके नीचे लिखा होता "ये सम्मान की लड़ाई है। पुलिस को इन्हे छोड़ना ही होगा।"… फिर क्या था। रात के 12 बजने वाले होंगे। ऐमी और स्वस्तिका को थाने लाकर उन्हें अभी बिठाए 2 मिनट भी नहीं हुए थे कि पूरा पुलिस स्टेशन को कई सारे लड़के लड़कियों ने घेर लिया। और पुलिस स्टेशन का घेराव करके दोनों को रिहा करने की मांग करने लगे।

इधर न्यूज में जब सिन्हा जी ने अपनी बेटी को एक्शन करते देखा, फिर तो उन्होंने सबसे पहले अपना बॉटल निकाला, दूसरे चैनल से वीडियो को रिपीट देखा और हर एक्शन पर जाम को हवा में लहराते हुए पीने लगे। 3 पेग पिने के बाद उन्होंने सीधा बंगलौर के सबसे नामी वकील को फोन लगाया और साथ में वहां के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को कॉन्फ्रेंस में लेते हुए सीधा बोल दिए, 5 मिनट के अंदर उसकी बेटी और उसके दोस्त को बेल मिल जानी चाहिए, बाकी मै कोई फ़्री सर्विस नहीं लेता।

सिन्हा जी के कॉल पर वो मजिस्ट्रेट और वकील दोनों अपने घर से उसी वक़्त निकले पुलिस स्टेशन। निकलने से पहले डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने मौके पर कमिशनर और सिटी एसपी को भी आने के लिए कह दिया।

हंगामे के बीच उस पुलिस स्टेशन में एक-एक करके सभी आला अधिकारियों की गाड़ी पहुंची। इधर सब अधिकारी अंदर घुसे और उधर दोनों को छोड़ दिया गया। फिर तो जैसे भीड़ में खुशी की लहर दौड़ गई थी। पूरी भीड़ दोनों को पूरा रेस्पेक्ट देते हुए उन्हें होटल तक छोड़ कर आयी।


USA.. 21 June….


दिन के लगभग 12 बज रहे होंगे। मिश्रा परिवार के सभी सभी सदस्य के बीच कुंजल अाकर बैठ चुकी थी। राजीव मिश्रा छोटे मुंह परिचय देते हुए जब मनीष से बताया कि ये उसी लड़के की बहन है जो एयरपोर्ट पर आया था, तब मनीष का चेहरा देखने लायक था।

उसे कुछ समझ में नहीं आया कि वो अपने भाई को क्या कहे, क्योंकि आरव के पीछे गुंडे भेजने में मनीष का भी तो हाथ था। मनीष इससे पहले कोई प्रतिक्रिया देता सुलेखा ही बोलने लगी….

"जो भी हो हमने उस लड़के को समझने में थोड़ी सी गलती कर दी, दोनों भाई अच्छे है।"… सिर झुकाकर ही सही, बेमन से ही सही, लेकिन सुलेखा ने ये बात मान ली और उसकी बात का समर्थन ना चाहते हुए भी राजीव को करना पर गया।

दोनों दंपति के सच कबूलते ही जैसे मनीष मिश्रा भी पिघल गए हो और उन्होंने कुंजल का ऑफिशयल स्वागत किया। साथ में आरव को भी बुलवाया गया, एयरपोर्ट के हरकतों पर माफी मांगने के लिए। सब मिलकर आज साथ लंच का प्लान किए और फिर बातचीत का दौर चलता रहा।

वैसे मिश्रा परिवार में 2 लड़के भी थे और दोनों को कुंजल कुछ ज्यादा ही भा रही थी। दोनों किसी ना किसी विधि उसे अपने साथ बातचीत में लगाने की नाकाम कोशिश कर रहे थे। लेकिन कुंजल को साची छोड़े तब ना वो किसी और से भी बात करे। दोनों अलग ही अपनी दुनिया बनाए खुश थे।

बच गया आरव, जो बेचारा लावणी का गुस्से से भड़ा चेहरा देखकर मायूस हो जाता और इशारों में मिन्नतें करता की प्लीज एक बार बात तो सुन लो। किंतु लावणी सब कुछ समझ कर भी ना समझने का अभिनय कर रही थी। ये सब आपस में लगे ही हुए थे कि तभी वहां के हिंदी न्यूज चैनल पर भी ऐमी और स्वस्तिका की वीडियो चलने लगी।

उसे सबसे पहले साची ने ही देखा। साची ऐमी को देखते ही कुंजल को टीवी दिखाने लगी.. और दोनों पूरा न्यूज देखने टीवी के बिल्कुल करीब पहुंच गई। यहां तो उसके हर एक्शन पर कुंजल और साची हैरान होकर एक दूसरे का मुंह ही देख रहे थे। …. "कुंजल इसे तू जानती है।"…. "हां रे जानती हूं।"…. "कुंजल ये तो बॉम्ब है यार… कुछ दिन पहले लावणी ने कही थी ये बात, पर मुझे उसके बात पर यकीन से ज्यादा तो उससे नफरत थी। लेकिन आज इसे देखकर यार गर्व टाइप फील हो रहा है।……. "मुझे तो हूटिंग करने की इच्छा हो रही है साची।"…. "मेरी भी।"..

फिर दोनों एक साथ हूटिंग करती हुई तालियां बजाने लगी। दोनों को ऐसा करते देख सब का ध्यान उधर गया… अनुपमा साची की हरकत पर गुस्सा होती उसके ऐसे व्यव्हार के लिए पूछने लगी"..

साची उसे अपने पास बुलाते न्यूज देखने बोली। अनुपमा ने जब साड़ी में एक्शन होते देखा और बीच में बोले गए वो मां के आंचल वाले डायलॉग और वो बैंक कि कहानी… फिर तो अपने बच्चों के साथ वो भी हूटिंग करने लगी।

इधर भीड़ कि नजर जैसे ही टीवी पर केन्द्रित हुई, आरव फाटक से लावणी के गाल को चूमकर सीधा खड़ा हो गया…. "तुम्हे बहुत मस्ती चढ़ रही है.. जैसा वो ऐमी ने उसके साथ किया, वहीं हाल तुम्हारा भी करूंगी… दूर रहो मुझसे।"

आरव:- मै चिल्लाने लगूंगा, यदि तुमने नहीं बताया कि गुस्से में लालाम लाल क्यों हो?

लावणी:- हुंह ! जाकर अपनी उस नॉटी गर्लफ्रेंड से पूछो। मुझ से तो तुम बात भी मत करना।

आरव:- मेरी तो एक ही नॉटी गर्लफ्रेंड है और वो तुम हो। इसलिए तुम्ही से तो पूछ रहा हूं।

लावणी:- चल झूठे, मै किसी गोरे पर यकीन कर लूं, लेकिन तुम पर नही। कम से कम उनके इतनी तो कट्सी होती है कि एक वक़्त पर एक गर्लफ्रेंड रखते है। तुम जैसा झूठा तो नहीं होते जो 3-4 गर्लफ्रेंड मेनटेन किए होते है।

आरव:- बेबी कोई तो कन्फ्यूजन है, मै तुम्हारी कसम खाता हूं कि मेरी सिर्फ 1 ही गर्लफ्रेंड है। इनफैक्ट तुम तो गर्लफ्रेंड नहीं बल्कि मेरी सफर की हमसफ़र हो।

आरव:- और वो नॉटी कौन है..

नॉटी का नाम सुनकर आरव बोलते बोलते रुका… फिर कुछ सोचा और फिर सोचकर बोलने लगा… "वहां टीवी पर देख रही हो, उसमे से तुम किसे पहचानती हो?

लावणी:- वो जो मस्त डायलॉग बोल रही है ऐमी, उसे जानती हूं।

आरव:- और उसके साथ जो है वो है नॉटी… नाम की तरह पूरी नॉटी। नॉटी, परिवार का एक प्यारा हिस्सा है.. हम दोनों भाइयों कि पहली बहन… अब तो तुम समझ गई ना या अब भी कोई क्लैरीफिकेशन बाकी है।

लावणी:- अच्छा ऐसी बात है तो प्रूफ करो..

आरव:- मानना है तो मानो ना मानना है तो मत मानो। मुझ से ये सबूत दिखाओ और बेगुनाही प्रूफ करो ये सब नहीं होता।

लावणी:- अच्छा और ये 5 मिनट से क्या चल रहा है… कौन क्लैरीफिकेशन दे रहा था और मुझे समझाने की कोशिश कर रहा था।

आरव:- नकचढ़ी कहीं की। जा रहा हूं … गुस्सा होकर..

लावणी कुछ पल बाद… गए नहीं, यहीं खड़े हो।

आरव:- हां जा ही रहा हूं.. रोकोगी भी तो नहीं रुकने वाला…

लावणी लंबी जम्हाई लेती हुई कहने लगी….. "अब एक ही बात को बोल-बोल कर सुला ही दोगे क्या?"

आरव, लावणी को आंख चढ़ा कर देखते हुए वहां से जाने लगा.. तभी लावणी उसे पीछे से रोकती हुई कहने लगी…. "अच्छा सुनो"…

आरव खुश होते उसके करीब अाकर…. "थैंक्यू.. मुझे लगा तुम्हे मेरे होने ना होने से कोई फर्क ही नहीं पड़ता, अच्छा हुआ जो रोक ली।"

लावणी:- ना ना.. तुम गलत समझ रहे हो.. मैंने तो इसलिए रोका था कि यदि तुम जा रहे हो तो एक प्लेट खाना कैंसल करवा देते है। फालतू का मेरे पप्पा का बिल बढ़ेगा….

आरव नाक, आंख, कान, सब सिकोड़ते वहां से निकल गया और अाकर वीरे के पास बैठकर उससे बात करने लगा। इधर जब लावणी और आरव अपनी बातें कर रहे थे, उनको लगा वो इतने धीमे बोल रहे हैं कि कोई उन्हें नहीं सुन सकता। लेकिन उनकी पूरी बात सुलेखा ने सुन चुकी थी।


22 जून बंगलौर......


बीती रात के हंगामे को लेकर ऐमी और स्वस्तिका सुर्खियों में थी। जहां से गुजरती जो पहचान जाते बस उन्हें रोककर यही कहते की कल कमाल कर दिया… होटल से लेकर हॉस्पिटल तक हर जगह लोग घेर लेते। इन दोनों के कारनामे से अपस्यु की हसी भी नहीं रुक रही थी, साथ में अन्य लोगों की तरह उसे भी ऐमी और स्वस्तिका पर गर्व महसूस हो रहा था।

अगले दिन तीनों हॉस्पिटल में बैठे थे, साथ में बीती रात की घटना को लेकर तीनों हंसी मज़ाक कर रहे थे। तभी अपस्यु, स्वस्तिका से लावणी के बारे में पूछने लगा… "क्या उसने कॉल करके सब बता दिया।"..


स्वस्तिका अपस्यु से नंबर लेकर उसे कॉल लगाई। लावणी कॉल पिक करती… "दीदी प्रणाम"… स्वस्तिका आश्चर्य से सबके ओर देखती और सब इशारों में पूछने लगे क्या हुआ… स्वस्तिका ने स्पीकर पर फोन डाला… "क्या बोली"..

लावणी:- फोन स्पीकर पर डालकर पूरे ग्रुप को सुना रही हैं क्या दीदी.. ऐमी दीदी को भी प्रणाम कहिएगा… आपके कारनामे यूएस में भी हिट हैं।

लावणी की बात सुनकर तीनों जोड़-जोड़ से हंसने लगे… अपस्यु, कहने लगा… "लावणी कैसी हो।"

लावणी:- अच्छी हूं। वैसे आप नहीं आए बाकी सब तो यहां पहुंचे हैं।

अपस्यु:- मुझे यहां थोड़ा काम था इसलिए नहीं आ पाया। तुमलोग मज़े करो वहां।

स्वस्तिका:- सुनो लावणी तुम्हे आरव ने सब बता दिया।

लावणी:- वो नहीं भी बताता तो भी मै कल ही जान गई थी कि आप मज़ाक कर रही है।

स्वस्तिका:- नाय नाय .. झूट बोल रही ..

लावणी:- अच्छा आप मुझे एक बात बताओ, जब मैंने अपना नाम बताया ही नहीं तो आपको क्या मेरा नाम का सपना आया था।

स्वस्तिका:- शिट ! मतलब तुमने उससे झगड़ा नहीं की।

लावणी:- ऐसा भी हो सकता है क्या? मौका मिले और झगड़ा ना करूं। जब वो मुझे मानता है ना, तब मुझे बहुत अच्छा लगता है। और वो क्यूट सा चेहरा… जब मायूसी भरे चेहरे पर वो उम्मीद के साथ मेरी ओर इशारा करता है… हाय क्या बताऊं… मै आगे अपनी फीलिंग नहीं बता सकती..

तीनों एक साथ…. उफ्फ ये मोहब्बत..

लावणी:- मै अब रखती हूं बस एक संदेश के साथ.. हो सके तो आप आ जाओ, साची दीदी बिल्कुल भी खुश नहीं है और यहां उनके लिए लड़का भी फाइनल हो रहा है। अब मै रखती हूं।

लावणी ने फोन रख दिया और अपस्यु बात को अलग दिशा मोड़ते हुए कुछ अलग ही टॉपिक पर बात करना शुरू कर दिया…

सेल रिकवरी सब्सटेंस के थेरेपी के साथ अपस्यु जल्द ही ठीक हो रहा था। स्वस्तिका सबसे बचाकर हर दिन, मास्क बॉडी निकालकर उसके घाव का निरक्षण करती। 26 तारीख तक अपस्यु, ऐमी और स्वस्तिका के साथ वापस दिल्ली लौट गया। एयरपोर्ट से ऐमी अपने घर चली गई और स्वस्तिका को साथ लेकर अपस्यु सीधा अपने घर पहुंचा।

लेकिन जब वो घर पहुंचा तब उसे झटका ही मिला। घर पहुंचकर पता चला कि मां तो वहां है ही नहीं, वो 2 दिन पहले यानी कि 24 तारीख को ही यूएस के लिए निकल गई। अपस्यु आश्चर्य में पड़ गया, वो फोन निकालकर एक तरफ से सबको फोन लगाया लेकिन किसी ने भी उसके कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। वो लगातार कॉल लगता रहा लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं।

अपस्यु अपना सर पकड़ कर बैठ गया। स्वस्तिका उससे पूछने लगी कि क्या हुआ.... लेकिन अपस्यु अपने सोच में इस कदर डूबा रहा की वो स्वस्तिका के बातों पर ध्यान ही नहीं दे सका। स्वस्तिका एक बार फिर उसे टोकी और उसे अपने सोच से बाहर लाते हुए कुछ पूछना चाहती थी, लेकिन उससे पहले ही अपस्यु बोलने लगा… पार्थ को फोन लगाकर कहो 28 तक शिकागो पहुंच जाए।

इधर अपस्यु ऐमी को फोन लगाते हुए कहने लगा… डिलीट फाइल का बैकअप लेकर फाइल को प्रिंट करो, हम ये काम ख़त्म करके आज रात यूसए निकल रहे है।
 
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rgcrazyboy

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jabardast update.
ye aye se idea kaha se late ho.
kahe koi tum hare satha aye to nahi kiya tha na :lotpot:
kuch bhi ho brilliant update:superb:
 

Chunmun

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Mast update.
Apasyu ne ek chipka diya Aarav ko.
Bechare ko disturb jo kr diya tha Sanchi ko dekhne mai.
Aarav ko bhi bura lag gya ki lavni k samne kaise chipka diya apasyu ne.
Aakhir ye dono fuljhadiya gai kaha thi or apasyu ko fala kaise pta chal gya ki Aarav k sath kya hua tha.
Bade gahre raaj hai bhai.
 

Chunmun

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Ohhh teri apasyu ko minister k bete se bhora diya hai.
Lekin lagta hai ab dono gariya patri pr aane lagi hai.
Apasyu or Sanchi ka to aa jaiga lekin udhar Aarav or lavni ka pta nahi Aarav kya kiya hoga.
Kahi lavni apne sar k baal na noch rahi ho.
 

rgcrazyboy

:dazed:
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o tere aarav ki shadi ki baat to nahi ched rahai ho.
lagata hai kuch bada gol mal hone vala hai.
apsayu ka sachi ke mamale main piche hatana bhi shak ke dayare main aata hai :tease3:
 
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