Part 16
दो-तीन दिन से साहिल हत्याकांड अखबार में सुर्खी बन रहा था क्योंकि आसपास के इलाके में दहशत व्याप्त हो गई थी,!! अखबार में इसलिए यह खबर सबका ध्यान खींच रही थी कि ए.के. इंडस्ट्रीज का मालिक अंकित मल्होत्रा जिन अजीबोगरीब परिस्थितियों में गिरफ्तार हुआ था वह बहुत ही हैरतअंगेज थी !!
अरुण शर्मा एक जुझारू और अति उत्साही पत्रकार था जो साहित्यकार भी था नॉवेल लिखता था ! वह इस केस में अत्यधिक रुचि ले रहा था !!
वह एक से एक सनसनीखेज खबरें लाता था !! उसकी पैनी नजरें इस केस पर थी !! विजय राज ने आज अंतिम रूप से छानबीन कर केस लगभग सॉल्व कर लिया था !
अरुण थाने में विजय राज के सामने बैठा आज की कार्यवाही का जायजा लेने का प्रयास कर रहा था !! अरुण ने आश्चर्य से देखा कि विजय राज ने आदेश दिया :--" जीप तैयार करो ! हमें अभी चलना है ...क्योंकि मेरे खबरी का फोन आया है कि अपराधी अभी घर पर ही है !! ओके शर्मा जी !! वापस आने पर मिलते हैं !"
विजय राज उठ खड़ा हुआ ! अरुण भी अनिच्छा से मुंह बना कर खड़ा हो गया !
आज की सनसनीखेज गिरफ्तारी हुई अभिलाष बाबू की और उनकी निशानदेही पर झुग्गियों के रहने वालों जगन और मंगू की!! प्राची को भी गिरफ्तार किया गया !

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साहिल के डैडी और भाई थाने में आए हुए थे!! बरखा भी आई थी !! सारे ही लोग वहां जमा थे!!
विजय राज ने रहस्योद्घाटन किया कि यह हत्या प्राची और अंकित मल्होत्रा ने नहीं की ....बल्कि अंकित मल्होत्रा के मैनेजर अभिलाष बाबू ने जगन और मंगू से करवाई !!
इसका कारण था कि वह लंबे समय से साहिल की ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहा था और उसीने .... दस लाख रुपये चोरी करके साहिल को दिए !!
प्राची साहिल की गर्लफ्रेंड रह चुकी थी ....वह बरखा की वजह से ही साहिल से दूर हुई थी.... और अब शेखर को भी चोरी के इल्जाम में फंसते देख कर वह तिलमिला उठी .... क्योंकि साहिल ने बरखा और शेखर की रुपयों वाली बातचीत की वीडियो क्लिप बनाई थी और फसाने का कुचक्र रचा था !!
और वह मारने बरखा को गई थी .....पर बरखा- साहिल की बातचीत को सुनकर उसने अपना इरादा बदल दिया और वह मारने जा पहुंची साहिल को ...और व्हिस्की में जहर मिलाकर निकल गई थी !! उसके बाद जगन ने वहां प्रवेश किया था जगन जब तार से साहिल का गला घोट कर भाग गया तो बाउंड्री के पास मंगू ने उसकी मदद की और दोनों बाउंड्री से कूद कर भाग गए थे।
अंकित को बरखा ने धोखा दिया था इसी वजह से वह साहिल को मारने पहुंचा था !!
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण ....गला घुटने से मृत्यु ...आया था और समय आया था 9:30 बजे ..जबकि अंकित मल्होत्रा 11:00 बजे पकड़ा गया था इसलिए वह निर्दोष साबित हुआ!!
प्राची भी साहिल की कातिल नहीं थी.... पर मार डालने का प्रयास करने के आरोप में उस पर केस चलता लेकिन साहिल के डैडी ने प्राची और अंकित को छुड़वा दिया !! उन्होंने कहा:--" असली हत्यारे को सजा दिलवाइये... और इन लोगों ने जो भी किया उसमें उनका कोई कसूर नहीं है ....इसलिए प्राची और अंकित को छोड़ दिया गया!!
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इस प्रकार यह मामला ख़त्म हो चुका था... मगर अरुण के लिए शुरू हुआ था !!!
वो कई सवाल जानने के लिए बेचैन था कि साहिल जब यहां रहता था .....प्राची दिल्ली से दूर अपने गांव में रहती थी तो वो अरुण से कहां और कैसे मिली थी !!
और कैसी परिस्थितियों में अरुण से अलग हुई थी !! इसमें बरखा कैसे कारण बनी और प्राची उसको मारने के लिए गई थी तो जब शेखर से उसकी सगाई हो रही थी तो एकदम से वहां कैसे पहुंच गई .....और चलो!! यह तो संक्षेप में मालूम हो गया था !!
पर वे कौन से कारण बने थे कि जिसने अभिलाष को हत्या करवाने के लिए मजबूर कर दिया और साहिल उन्हें कैसे ब्लैकमेल करता था और अभिलाष ने किस प्रकार से रुपयों की चोरी की ???.....
ये सारे सवाल जानने के लिए उसका मन छटपटा रहा था और उसके अंदर का लेखक भी कुल बुला रहा था !!
उसने निश्चय किया था वह इस कहानी को आधार बना कर अगला नॉवेल इस पर लिखेगा !!
वह रोज ही विस्तार से बातें जानने के लिए विजय राज के पास जाता ,,उसके बाद प्राची के घर और बरखा के घर !!
अंकित से एक-एक घटना को कुरेद कुरेद कर पूछा था !!
जेल में भी वह अभिलाष बाबू से मिल आया था ! जगन और मंगू से भी मिला था !! उसे अपना नॉवेल जो लिखना था !!कई दिनों से वह इस कहानी को लिख रहा था और इस प्रकार जो कहानी उसने लिख कर तैयार की थी वह बेहद सनसनीखेज रोचक थी !!
यह एक ऐसी लड़की की कहानी थी जिसकी दूषित मनोवृत्ति ने कई जिंदगियां मुसीबत में डाली और किसी का कत्ल हुआ ...कोई कातिल बना !!इस कत्ल की जो वजह बनी ....उसी "कातिल हसीना "की कहानी थी यह!!