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Horror Katil Haseena

harshit1890

" End Is Near "
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Horror dekh kar hi hi kahani padne aya 3 bhag pade abhi tak horror nahi hai par story ka ek buildup hai jo bahut khubi se likha gaya hai, aage ka jaldi hi padunga :cheers:
 

Guffy

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Part 11


शेखर भी उठ खड़ा हुआ और सोच-विचार में डूबा हुआ चल दिया बरखा वहां से जा चुकी थी !!इतनी देर से से जो बरखा का एक तरह से प्यार का अभिनय चल रहा था उसका पटाक्षेप हो गया !!


अब वापस जाते समय उसने शेखर के साथ की जरूरत नहीं समझी और एक तरह से अपना फैसला सुना कर चली गई !!
शेखर अपने ऑफिस पहुंचा क्योंकि ज्यादा कोई खास बात नहीं हुई थी !! टाइम तो ज्यादा लगा ही नहीं !! शेखर समय पर आ गया था उसने देखा कि अभी भी प्रभात नहीं आया था!!

उसने चपरासी केशव को बुलाया और कहा,;--' मैं जा रहा हूं !!प्रभात आए तो मुझे बता देना !! ऐसा कहकर वह गोदाम की तरफ चला गया !!

वास्तव में उसका दिमाग तो अपसेट था... उसे बरखा का व्यवहार विचित्र सा लग रहा था!!! वह सोच रहा था.... जाते समय वह कैसा व्यवहार कर रही थी ?? और वापस आते समय उसका रुखा व्यवहार....?? ....कुछ समझ में नही आ रहा है !!

कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था ....कि वह किसकी बात को सच माने प्रभात कुछ और कह रहा था... प्राची कुछ और कह रही थी और बरखा कुछ और कह रही है... किसकी बात को सच माने और किसकी बात को झूठ माने???

माल की सप्लाई भेजनी थी इसीलिए वह अपने काम में लग गया थोड़ी ही देर बाद केशव बताने आ गया था कि प्रभात आ गए हैं तो उसमें सिर उठाकर उसे देखा और कहां :--" ठीक है उनसे कहना कि लंच टाइम में मैं उससे बात करूंगा !!"

"ठीक है !" कहकर केशव चला गया !!

लंच टाइम में शेखर प्रभात से मिला.. और उससे पूछा :- " तुमने बरखा के बारे में झूठ क्यों बोला ?? "

प्रभात आश्चर्य से बोला :- " मैंने कौन सा झूठ बोला है ?? "

शेखर ने कहा कि बरखा ने मुझे सब बताया और कहा कि तुम उसे बदनाम कर रहे हो.!!! अभिलाष बाबू से उसका कोई मतलब ही नहीं है!!!! तुम इतनी बड़ी बात कैसे कर सकते हो???

प्रभात बोला :- पहले तो मुझे तुम्हारी बात समझ में नही आ रही.... तुम कह क्या रहे हो!!! दूसरी बात बरख!! तुम कौन से बरखा की बात कर रहे हो???

वह बरखा नहीं है शालिनी है...और मैं कोई झूठ नहीं कह रहा हूं!!! उनका अभिलाष बाबू से अफेयर हो या ना हो... मगर जब वह जाती है ....और केबिन में बैठती हैं.... हंस-हंसकर बातचीत होती है .....

तो जो ऊपर से देखने में बात आती है... वही लोग बातें करते हैं!!!! भाई मैंने भी तुम्हें बता दिया..और कहने को तो इस कंपनी के मालिक से भी इनके चक्कर की बात सुनी जा रही रही है!!! मैं यह क्या!!! यह सारे लोग कहते हैं !!!!

अब तुम्हें जिससे जो भी पूछना हो तो पूछ लो!!! जब प्रभात इतने कॉन्फिडेंस से बात कर रहा था!!! तो शेखर एकाएक उसकी बात को काट नहीं सका !!! और वह फिर उलझन में पड़ गया!!!

प्रभात के चेहरे से और हाव-भाव से लग रहा था कि वह सच बोल रहा है!!!! शेखर के कंधे पर हाथ रखते हुए प्रभात बोला :- " भाई मैं मानता हूं कि तुम इधर-उधर के चक्कर में पड़े नहीं हो!!!! दुनिया बहुत फरेबी है!!!!

और ऐसी लड़की जिसे तुम बरखा बरखा बोल रहे थे!!!! वह मानने को तैयार ही नहीं थी!!!! उसका क्या भरोसा??? और अगर ऐसा नहीं है तो मैं तुम्हें बताता हूं!!!!! अगर उसने कोई पैसों की डिमांड वाली बात की होगी तब तो चालू है!!!!

और अगर कुछ भी नहीं रखा है तो कोई बात नहीं!!!! शेखर को यह बात चुभ गई!!!! यह तो बात सही थी!!! फिर उसने दस लाख रुपए वाली बात प्रभात को बताई !!!!

बोलो ! मैंने सही कहा था ना!!! वह कोई लंबे चक्कर में है!!!!उसका यहां आना.... और मैंने जब से मिलना.. और उसके साथ कोई एक लड़का आता है!!!!मुझे दाल में काला नजर आता है!!!! --प्रभात वोला

शेखर बोला :- "खैर कुछ भी हो.... यह तो बात तो निश्चितकि मैं दस लाख रुपये का प्रबंध करूं.... तो मैं उससे शादी कर सकता हूं !!! "

प्रभात बोला :- "क्या तू पागल हो गया है ?? दस लाख रुपए!!! तू दस लाख रुपये कहां से लाएगा??? उसका चक्कर छोड़ ... वो ना तुझे मिलने वाली है ना तुझे कभी मिलेगी !!! उसके चक्कर में अपना जीवन बर्बाद मत कर!!!

शेखर भी उसकी बातों से कुछ कुछ सहमत था!!! क्योंकि वह चक्कर में था!!! समझ में नहीं आ रहा था कि किसकी बात को सही माने !!!!


शाम को जब वह घर पहुंचा तो घर में चहल-पहल मची हुई थी!!!! उसने जानकी से पूछा :- "क्या बात है ?? यह सजावट किस लिए हो रही है ?? जानकी बहुत खुश थी !!! उसके चेहरे से खुशी छलकी पड़ रही थी!! इतने दिन बाद अपने मां को प्रसन्न न देखकर शेखर भी बहुत प्रसन्न हुआ!!!

बेटा! को रात के खाने पर कुछ मेहमान लोग आ रहे हैं!!!




मेहमान ? कौन मेहमान आ रहे हैं शेखर ने आश्चर्य से पूछा !!! जब रात में मेहमान आएंगे तभी देख लेना!!!! शेखर समझ गया कि उसे सरप्राइस देना चाहती है!!! खाने पीने की चीजें बनाई गई थी!! शेखर बड़ी उत्सुकता से मेहमानों के प्रतीक्षा करने लगा!!!

आखिरकार वह घड़ी आ ही गई और जो मेहमान आए उन्हें देखकर शेखर चौंक पड़ा !!!

प्राची और उसके मम्मी पापा आकर खड़े हो गए !

ये मेहमान है?? शेखर ने आश्चर्य से पूछा!! हा!! जानकी ने उसे आकर धीरे से बताया .. सुन मैं तेरी प्राची से शादी करने का इरादा कर चुकी हूं!!! और उसी के लिए मैंने समारोह रखा है!!!!!

प्राची से शादी !!! मैं प्राची से शादी नहीं करूंगा!!

ठीक है ..जानकी बोली !! तुम बिल्कुल शादी मत करना मैं भी कहीं निकल जाती हूं!!! मैं भी यहां नहीं रहूंगी अकेले रहते रहते मैं ऊब गई हूं !!

चल छोड़ मैं शादी नहीं कराऊंगी !!!! तू जिसे चाहता है उससे शादी कर ले ...मैं कुछ भी नहीं कहूंगी !! !

अब शेखर मजबूर था.... आगे उसके पास कहने के लिए कोई बात ही नहीं थी !!

और वैसे भी जब उससे बरखा ने कह ही दिया था तो सब बातों के बाद उसे यही लगा था कि बरखा झूठ बोल रही है i!! इसीलिए वह जानकी की बातों पर सहमत हो गया !!!

धीरे धीरे मोहल्ले के निमंत्रित लोग आने लगे ... और हंसी खुशी का माहौल हो गया!!! जानकी प्राची के मम्मी पापा से बातें करने लगी!!! उनका सब का इरादा था कि आज इस छोटे से समारोह में शेखर और प्राची की सगाई कर दी जाए!!!

और आखिरकार वह पल आ ही गया जिसका जानकी जाने कब से इंतजार कर रही थी!!! शेखर और प्राची की सगाई संपन्न हो गई!!

मेहमान लोग खा पीकर जाने लगे!!! शेखर ने कहा :- "चलो आप लोगों को भी मैं छोड़ आता हूं ""

जैसे ही वह दरवाजे से घर से निकलने को हुआ!! उसी समय दो सिपाही वहां आए और शेखर से कहा :- "आप पर ऑफिस से दस लाख रुपए चुराने का आरोप है!!

क्या ???

शेखर ने आश्चर्य से कहा!!
 

Guffy

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Part 12


शेखर को तगड़ा शॉक लगा था !!! प्राची यह सुनकर हैरान रह गई थी!!! उसके मम्मी पापा भी सदमे में थे!!!! वे दोनों सिपाही बोले :- " चलो अभी हमारे साथ चलो... तुम से कुछ पूछताछ की जाएगी!!!

जानकी अपने दरवाजे पर पुलिस को देख कर बहुत ही घबरा गई थी!!! वह परेशान होकर उनसे पूछने लगी..." क्या?? मेरे बेटे ने रुपए चुराए हैं?? यह सरासर झूठ है!!!"

वह दोनों बोले:- "आप चिंता मत कीजिए इन पर आरोप लगा है... ऐसे ही बहुत से लोग हैं... जिन पर आरोप है! सभी शक के घेरे में हैं !!!

"अभी चलिए बस आप से पूछताछ होगी!!"

प्राची के पापा जगदीशचंद्र ने जानकी को आश्वस्त करते हुए कहा:- " आप चिंता मत कीजिए..बहन जी!!! मैं शेखर के साथ जाता हूं!!""

फिर अपनी पत्नी की तरफ घूम कर बोले :- "देखो! तुम समझाओ बहन जी को!!! जाओ प्राची इन्हें अंदर लेकर जाओ!! विनय भी अपने साथियों के साथ बाहर चला गया है,, वह भी इस समय यहां नहीं है,, इसीलिए मुझे तो जाना ही पड़ेगा!!

इतना कहकर वह और शेखर सिपाहियों के साथ चले गए!!!



???????????
जगदीश चंद्र को बाहर बरामदे में ही रोक दिया गया था !! वह बेंच पर बैठे हुए थे और शेखर को पूछताछ के लिए अंदर बुलाया गया था !!


थाने में इंस्पेक्टर विजय राज के सामने चेयर पर शेखर बैठा हुआ था .. शेखर के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थी!!

बात ही ऐसी थी... जो - जो सबूत उसके खिलाफ जमा हो रहे थे उससे लग रहा था कि रुपए उसी ने चुराए हैं!!

विजयराज ने उससे पूछा कि तुमने रुपए चुराए हैं??

शेखर ने कहा :- "मैं क्यों चुराऊँगा??"

इंस्पेक्टर :- " क्योंकि तुम्हें रुपए की सख्त जरूरत थी!!"

शेखर ने कहा:- " कैसी जरूरत इंस्पेक्टर??""

तुम्हें अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए रुपयों की जरूरत थी .....ऐसा कहते हुए इंस्पेक्टर ने एक वीडियो क्लिप दिखामे के लिए मोबाइल निकाला और उसमें से वीडियो ,शेखर को दिखाया !!


आज सवेरे उसने जो बरखा से बातचीत की थी उसी की वीडियो क्लिप थी !! बड़ी ही होशियारी से वीडियो बना था क्योंकि उसमें जो और फालतू बातें थी वे नहीं थी!!

मुख्य मुख्य जो शादी की बातें थी और उसमें रुपयों की बातें थी वहीं सब उसमें थी!!


इंस्पेक्टर :- "तुमने प्रभात से भी कहा था कि अगर उसके पास दस लाख रुपए हो...तो तुम बरखा से शादी कर सकते हो!!

शेखर के दिमाग में सांय-सांय हो रही थी !! आज सवेरे बरखा से मिला तो पार्क में कोई नहीं था!! फिर यह वीडियो कैसे बना?? क्योंकि यह बरखा का बनाया हुआ नहीं था... तो फिर क्या यह किसी तीसरे ने बनाया था???

कौन है वह तीसरा ???

शेखर का दिमाग चकरा रहा था!! मगर वह थाने में था कुछ भी अनर्गल बोलने का मतलब अपने आप को फसाना था!!!

उसने कहा :- "सर चोरी किस वक्त हुई? मुझे तो यह भी नहीं पता !!

चोरी लंच टाइम पर हुई!! मैनेजर के रूम से!! सैलरी के लिए कैश आया था!!!,

इंस्पेक्टर:- " आगे जांच पड़ताल होती रहेगी!! अभी तो हम शक के दायरे में आने वालों पर सरसरी तौर पर पूछताछ कर रहे हैं !!! "

शेखर संयत होकर बोला :- " अगर बरखा ने मुझसे दस लाख ररुपए की बात की... तो उसका मतलब यह तो नहीं कि मैंने रुपए चुराए हैं !!! ,

"सर ! दूसरे पहलू से देखिए !! अगर मैं ऐसा करता तो क्या मैं प्रभात के सामने कहता?? कि मैं कह रहा हूं बाद में मेरे लिए तुम गवाही देना!!

उसकी बात पर स्पेक्टर थोड़ी देर तक खामोश रहा जैसे सोच रहा हो!!

"हम्म !! बात में तो तुम्हारी दम है!!"

थोड़ी देर तक इंस्पेक्टर ने और भी पूछताछ की.... फिर बोला:- " ठीक है अभी जाओ... मगर तुम से आगे भी पूछताछ करनी होगी!! इसीलिए शहर छोड़कर नही जा सकते!!"

इंस्पेक्टर को नमस्कार व धन्यवाद बोलकर दोनों बाहर आ गए!!!

थोड़ी ही देर बाद दोनों घर में थे !!!अब तक अपने दोस्तों को छोड़- छाड़ कर विनय भी घर आ गया था !! उसने यह सब हादसा सुना तो वह बहुत घबरा गया और वह भी थाने जाने की वाला था.... तब तक दोनों लोग आ गए.... सभी के माथे पर चिंता की लकीरें थी !!!

शेखर ने सुबह से अब तक का घटनाक्रम बताया तो सभी के चेहरे पर क्रोध की रेखाएं खिंच गयीं!!

प्राची की मां बोली :- " मुझे तो शुरू से इस लड़की ने तंग कर रखा है!!!

शेखर ने शालिनी नाम बताया तो वह बोली :- " शुरू से घर में पुकारने वाला नाम तो बरखा ही था ।। लिखा पढ़ी का यह नाम शालिनी होगा .... तो पता नहीं !! हम सभी तो बरखा नाम से ही जानते हैं !



शेखर उलझन भरे स्वर में बोला :- "लेकिन बरखा के साथ भी कोई नहीं था!!! फिर वह वीडियो क्लिप किसने बनाई?? मेरी समझ में.. इतने बड़े कारनामे में अकेली बरखा नहीं हो सकती!!!!

सोचने वाली बात है!!! कि जब बरखा मेरे साथ सुबह थी!!! तभी वहां हमारे पास पास कोई था!!! तो लंच टाइम में चोरी हुई और किसी को कानो कान खबर नहीं हुई!!!

विनय बोला :- " कोई ऑफिस का बंदा इसमें इन्वॉल्व है !""

"मगर कौन है वह ...कौन?"

??????????????


दिल्ली के पॉश इलाके के लक्ष्मी नगर में एक भव्य आलीशान कोठी के बेडरूम में ए.के.इंडस्ट्रीज का मालिक अंकित मल्होत्रा अपने बेड पर किसी सोच विचार में बैठा हुआ था!!!

अंकित लगभग 35 वर्ष का था!! चेहरे से आकर्षक और सुगठित शरीर वाला.... इस समय नाईट ड्रेस में था!! चेहरे से ही मालूम पड़ रहा था कि वह बहुत ही परेशान है!!

थोड़ी देर बाद उसने पास पड़ी फोटो उठाई ..... फोटो में एक अत्यंत सुंदर युवती बड़ी आकर्षक मुद्रा में मुस्कुरा रही थी!!!

वह भर्राये स्वर में बोला :- "क्यों किया तुमने ऐसा??... बोलो ! क्यों मुझे धोखा दिया तुमने ??"

बहुत देर तक फोटो को देखने के बाद उसने फोटो फेंक दी और कड़े स्वर में बोला :- "पर नहीं !! अब और मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता!! ऐसा कहकर वह खड़ा हो गया।। और सेफ खोली...

फिर उसने ड्राअर से एक पिस्तौल निकाली.. उसे घुमा फिरा कर देखा!!! थोड़ी देर यूं ही खड़ा रहा ... शायद किसी दुविधा में था .... फिर पिस्तौल रख दी !!!"

और बोला :- " अब तू मुझसे नहीं बचेगी... जैसे तू मुझे तड़पाती है ..वैसा ही तुझे अंजाम मिलेगा!!

उसके चेहरे पर थोड़ा सुकून आया ... पर अगले ही पल में शांति गायब हो गई!! और बेचैनी छा गई.. ....अब उसका स्वर हिंसक था!!!

" नहीं! तुझे नहीं मारूंगा .. अगर एक बार में ही तू मर गई तो तड़पेगी कैसे ?? तेरे लिए तो ऐसी सजा होनी चाहिए जिससे तू तड़प- तड़प कर मरे!! "

मन ही मन में कुछ सोचकर उसके जबड़े दृढ़ता से भिंच गए जैसे उसने कोई फैसला ले लिया है !!! और उसका अंतर्द्वंद खत्म हो गया!!!



?????????????



बरखा के घर में जश्न का माहौल था!!! लगता था कि जैसे कोई छोटा मोटा फंक्शन हुआ था!!! अब इस समय कहां कोई नहीं था और साहिल सोफे पर बैठा हुआ था !!

साहिल तो ऐसा खुश था मानो कोई खजाना मिल गया हो!! उसे देखने से ऐसा लग रहा था कि जैसे उसने पी रखी हो!! वह बोला :-
डियर बरखा!!यू आर सो लकी फॉर मी,, दैट आई कान्ट टेल यू माइ स्वीट हार्ट!!!

बरखा ने उसकी बात का उत्तर नहीं दिया!!! साहिल फिर उठ कर लगभग झूमते हुए बोला :- " कल का दिन बहुत खास है ... हमको बहुत बड़ी खुशी हासिल होगी !!! और हम तुम दोनों ही फिर जिंदगी भर ऐश करेंगे!!!

अच्छा बरखा!! अब मैं चलता हूं.. ऐसा कह कर वह बरखा के यहां से चल दिया!!

बाहर आकर वह अपनी कार की तरफ बढ़ा !! उससे पहले ही कार के पास अंधेरे में मौजूद साया कार की डिग्गी में समा गया !!

साहिल आकर कार में बैठा!!! और कार को स्टार्ट किया.. और वहां से चल गया!!


?????????????



इन सब से दूर एक झुग्गी - झोपड़ी वाले इलाके की तरफ झुग्गी
में एक व्यक्ति बोतल खोले हुए बैठा था !!! सामने नमकीन रखी थी!! पास में उसका साथी भी था!!

दोनों धीमे धीमे स्वर में बातें कर रहे थे!! और बड़े ही सतर्क नजर आ रहे थे !! इसमें एक थोड़े मोटे शरीर का और औसत कद का था!! शायद तीस वर्ष का रहा होगा!!!

दूसरा दुबला पतला .. हड्डियों का ढांचा जैसा लगता था!! मानो खाल उसके शरीर पर मढ़ी हो !!वह थोड़ा लंबे कद का.....लगभग इसी उम्र का था !!!

"अब बहुत टाइम हो गया यार . जगन अभी आया नहीं साला"

आएगा - आएगा यार तू मरा क्यों जा रहा है?? टाइम देख !!

तभी धीरे से दरबाजे पर दस्तक हुई... दोनों की आंखें खुशी के मारे बल्ब की तरह चमक उठी !!!

एक ने उठ कर दरवाजा खोला और एक आदमी हवा के झोंके की तरह अंदर आया !!

बैग को उसके हाथ मे देते हुए बोला :- "चूक नहीं होनी चाहिए !!वरना तुम्हें भी यमलोक का रास्ता देखना पड़ेगा!! देख लो , गिन लो रुपए पूरे हैं!!!
 

Guffy

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Part 13


साहिल की कार अपनी कोठी के गेट के पास आकर रुकी.... उसने हॉर्न बजाया तो गार्ड दौड़ता हुआ आया.... और उसने गेट खोल दिया !!

कार अंदर चली गई और पोर्च में जाकर रुकी... साहिल कार से उतरा और मस्त चाल से अंदर जाने लगा... गार्ड अपने केबिन में चला गया!!! अब वहाँ सन्नाटा था.... चारों तरफ अंधेरा था!!

अंधेरे में भी एक तरह का अजीब सा सन्नाटा था !!! इतनी बड़ी कोठी साँय- साँय कर रही थी!! करती भी क्यों ना? साहिल के डैडी इस समय अपने काम के सिलसिले से कहीं बाहर गए थे !!

थोड़े समय पहले तक साहिल का बड़ा भाई अमर भी यहीं रहता था!! पर इस समय पर अपनी पत्नी बच्चों सहित... अपने जॉब के कारण दूसरे शहर में सेटल था!!

ख़ैर! इस समय साहिल अकेला ही था !! नौकर छुट्टी लेकर सर्वेंट्स क्वार्टर में जा चुके थे !! साहिल एक खूबसूरत नौजवान था जो अमीरी में ही पला था !! और मैनेजर की शानदार जॉब कर रहा था!! वह अपना हर पल मौज में ही जीता था! वह अपने शानदार बेडरूम में दाखिल हुआ !!

कपड़े जूते उतार कर उसने एक तरफ रखे... और बेड पर पसर गया!! कुछ देर बाद उसे कुछ तलब महसूस हुई !! और वह उठा.. और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चला गया!!!

उधर सन्नाटे को भाँपकर डिग्गी खोलकर वह साया निकला.. और इधर उधर देखता हुआ तेजी से अंदर की तरफ चल दिया !!! ज्यादा तेज रोशनी ना होने की वजह से उसे छुपने में आसानी हो रही थी!!

इसके चलने के ढंग से ऐसा लग रहा था... जैसे उसे इस कोठी के चप्पे- चप्पे का पता है !!

वह थोड़ी ही देर में कोठी में गुम हो गया!! बेडरूम का दरवाजा खुला हुआ था!! साहिल बाथरूम से नहा कर आ चुका था !! आज वह कुछ अलग ही रंग में था!!

उसने मोबाइल में कोई नंबर सर्च किया शीघ्र ही वह एक लड़की से बातें करने लगा!!

उसकी बातों को.. उसके बेडरूम में दाखिल हो चुका वह साया पर्दे के पीछे से बड़े ही ध्यान से सुन रहा था!! उसका चेहरा पत्थर की तरह सख्त था!!

साहिल ने अब एक व्हिस्की की बोतल निकाल ली!! अपने लिए पैग बनाया.. और पीने ही वाला था कि.. तभी बाहर किसी के पैरों की आहट हुई!! जैसे कोई देखता हुआ निकल गया हो !!!!

यह आहट सुनकर पर्दे के पीछे छुपा हुआ साया भी बुरी तरह से चौका !!

साहिल ने पैग को टेबल पर रख दिया... और देखने के लिए बाहर चला गया !!

इसी बीच में पर्दे के पीछे छुपे हुए साये ने गजब की फुर्ती से घातक जहर की पुड़िया को पैग में घोल दिया.. और साहिल के पीछे -पीछे ही चल दिया!!

और अंधेरे का सहारा लेते हुए वह बाउंड्री से कूद कर भाग गया

,?????????


अंधेरी रात का नाम ही कालिमा है !! जाने कितने काले कारनामों को... बड़ी सफाई से अपने आगोश में समेट लेती है!!

जाने कितनी साजिशों को अंजाम देने के लिए बेकरारी से रात का... और उसमें भी ज्यादा बेसब्री से काली रात का इंतजार किया जाता है !! और आज की रात कयामत की रात थी!!


साहिल ने बाहर निकल कर दूर-दूर तक देखा... पर कहीं किसी का नामोनिशान नहीं था !! वह वापस लौटा!! उसने सोचा.. कि लगता है मुझे चढ़ गई है!! तभी दिमाग में धमक मालूम पड़ती है!!

सहसा उसे ऐसा लगा कि पीछे - पीछे कोई आ रहा है!! उसने घूम कर देखा.. तो कोई फुर्ती से खंबे की आड़ में हो गया!! जिसे उसने नहीं देख पाया!!

वह बड़बड़ाया " यह साला नशा ही सर चढ़कर बोल रहा है " वह अंदर आकर वेड के पास पड़ी सोफा चेयर पर बैठ गया!! और अपना पैग उठाया !! अब उसकी पीठ दरवाजे की तरफ हो गई...

तुरंत ही दूसरा साया खंभे के पीछे से निकला और साहिल के बेड रूम की तरफ आया !!

अब उसके सामने साहिल की पीठ थी !! वह दवे पैर आगे बढ़ा और जेब में से लोहे का तार निकाल कर उसका गला दबोच लिया!! साहिल का पैग उसके हाथ से छूट गया!!

साये ने देरी न करते हुए तार को गले में लपेट कर उसका गला कस दिया !!

साहिल का दम घुटने लगा!! उसने अपने को बचाने की कोशिश में हाथ पैर चलाए !! मगर हमला अचानक हुआ था ....इसी वजह से ना तो उसे सोचने समझने का कुछ मौका मिला और न ही वह अपना पूरा बचाव ही कर पाया !! इसके अलावा वह हल्के नशे में भी था !! अगले ही पल उसका शरीर ढीला पड़ गया!!

अब साये ने तार मोड़ कर अपनी जेब में रख लिया और बड़े इत्मीनान से हाथ झाड़ते हुए वह वहां से भाग गया !!!

साहिल पीछे की तरफ लुढ़क गया !! इस प्रकार उसकी पीठ अब चेयर की पुस्त पर टिक गई!!



??????????????


गार्ड की एक झपकी पूरी हो चुकी!! फिर उसने अपने सिर को झटका और उठ कर खड़ा हो गया!!

अपने घड़ी में समय देखा 11:00 बज गए थे! उसने सोचा एक राउंड और लगा लूँ!! उठ कर उसने एक गिलास पानी पिया... थोड़ा पानी अपने चेहरे पर डाला ! इससे थोड़ी ताजगी महसूस हुई और वह राउंड पर निकल पड़ा !!


जैसे ही चक्कर लगाकर वापस आने को मुड़ा ,, उसे लगा कि कोई कोई कोठी के अंदर दाखिल हुआ है !! यह देखकर उसके कान खड़े हो गए !

उसे लगा कि जैसे कोई चोरी करने के इरादे से घुस आया है!! उसने तुरंत ही शोरगुल मचा दिया !! अपने आप उसे पकड़ने के लिए दौड़ा!! उसके शोरगुल से सभी नौकर जाग गए थे और वे भागकर वहां इकट्ठे हो गए !!

सभी लाइट्स ऑन कर दी गई !! सहसा यह हंगामा सुनकर जो शख्स अंदर गया था वह घबरा गया और तेजी से निकल कर भागा!! उसने देखा मैं पकड़ा जाऊंगा ....अपने को घिरे हुए देखकर उसने चेतावनी दी ,:--"अगर किसी ने मुझे पकड़ने की कोशिश की तो सभी को भून डालूंगा.!!

ऐसा कह कर पिस्तौल दिखाते हुए वह आगे बढ़ा !! उसके हाथ में पिस्तौल देखकर सभी सहम गए !!

वह धीरे-धीरे पीछे हटता गया और जैसे ही उसने बाउंड्री पर चढ़ने की कोशिश की .....यहीं पर वह कमजोर पड़ गया,,, गार्ड ने हिम्मत की और उसको पकड़ने के लिए आगे बढ़ा उसको देखकर नौकर भी दौड़ पड़े और सभी ने से घेर कर पकड़ लिया

सारे नौकरों ने और गार्ड ने उसको घेर कर पकड़ लिया और साहिल को सूचना देने के लिए नौकर उसके पास गया .....और तुरंत ही चीखते हुए बाहर आया !!

नौकर ने कांपते हुए गार्ड को बताया:--" वह ...वह ...साहिल बाबू!!!"

" क्या हुआ उनको ?"

"किसी ने उनको मार डाला है !! अब तो तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई ! साहिल के डैडी और भाई को भी सूचना दे दी गई!!



??????????



लगभग आधे घंटे में पुलिस की जीप वहाँ सायरन बजाते हुए हाजिर हुई !!

इंस्पेक्टर विजय राज जीप से तेजी से उतरे और आगे बढ़े!! उन्हें देखते ही गार्ड और सभी नौकर आगे बढ़े !! उन्होंने जिस व्यक्ति को पकड़ रखा था उसे देखते ही इंस्पेक्टर के मुंह से आश्चर्य भरी आवाज निकली :--"आप ????
 

Guffy

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159
Part 14


इंस्पेक्टर विजयराज को बहुत हैरत हुई थी ए.के. इंडस्ट्रीज के मालिक.. अंकित मल्होत्रा को अस्त-व्यस्त वेशभूषा में नौकरों से घिरा देख कर!!!

एक पल के लिए तो उसे विश्वास नहीं हुआ था कि वे यहां हो सकते हैं!! पर जो सच था उसे झुठलाया तो नहीं जा सकता था!!! गार्ड और नौकरों ने एक सुर में कहा, :- " साहब यह आदमी साहिल बाबू के कमरे से भाग कर आया!! हमने इसे पकड़ लिया फिर हम साहिल बाबू को जगाने गए!!! ..

तब देखा कि वह तो मरे पड़े हैं!! साहब इसने हमारे मालिक को मार डाला..." कहते कहते कुछ भावुक हो गए कुछ क्रोधित हो गए थे !!!

देखिए मिस्टर अंकित .... फिलहाल आप हिरासत में हैं !! और प्लीज भागने के बारे में मत सोचना... क्योंकि आधी रात के समय आपका यहां मौजूद होना... पिस्तौल दिखाकर धमकाना... और साहिल की लाश !!!! यह बहुत कुछ बयां कर रहे हैं!!!

और आप गेट खुलवा कर मिलने नहीं आए !! यह भी एक संदेहास्पद बात है!!!

अगर आप कहें कि मैं तो पहले से ही साहिल से मिलने आया था !!! इससे मैं पहले से ही कह रहा हूं कि आप चोरी से आए!!

फिर सबसे निगरानी रखने को कह कर गार्डन से पूछा :-" बॉडी कहां है??"

विजय राज अपनी टीम के साथ अंदर गया.... साहिल के बेडरूम में पहुंचकर.... उसने लाश की और देखा!!! फोटोग्राफर ने कई कोणों से लाश की फोटो लिए!!!

सभी अपना अपना काम करने लगे थे !!! बैडरूम में किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया गया !! फिंगरप्रिंट लिए गए... उस समय मौजूद उसका कालीन पर लुढ़क हुआ शीशे का खूबसूरत जाम.... टेबल पर से विस्की की बोतल ..आदि सामान सावधानी से उठा लिए गए!!!

विजय राज ने एक सिपाही को आदेश दिया देखो इन चीजों से फिंगरप्रिंट ना मिटने पाए !! इन्हें फोरेंसिक टेस्ट के लिए भेज दो!!! फिर गार्ड और नौकरों से लंबी पूछताछ चली !!!

विजय राज ने पूछा की साहिल के डैडी और भाई को सूचना दी गई???

नौकरों ने बताया कि उनको सूचना दे दी गई है.. और वह जल्दी से जल्दी आने की कोशिश करेंगे!!

विजय राज ने उनके दोनों के नंबर मांगे और कहा कि मैं उनसे बात करूंगा !!!

फोन करके उसके भाई और डैडी से बात की.... वह लोग आ रहे थे!! बहुत देर तक ये कार्यवाही चलती रही!! उसके बाद डेड बॉडी को ..और अंकित को साथ लेकर पुलिस की टीम चली गई!!

बेडरूम को सील कर दिया गया... ताकि कोई सामान इधर-उधर ना हो जाए!! क्यों की छानबीन तब शुरू होगी




???????????




जब शेखर के थाने से लौटने के बाद उसके घर में बातचीत चल रही थी... तो सब अपनी अपनी उधेड़बुन में सलाह मशविरा कर रहे थे!!!

तब किसी का भी ध्यान प्राची की तरफ नहीं गया था... अब इतनी देर बाद जब चाय की जरूरत महसूस हुई.... तो प्राची को पुकारा गया !! पर प्राची का कोई जवाब नहीं आया .... तो सब ने सोचा कि शायद टॉयलेट में होगी !!

पर बहुत देर बाद भी जब प्राची का पता नहीं चला ...तो अब चिंता की बात हो गई!! आखिर प्राची गई तो कहां गई ??

उसके मम्मी पापा और जानकी के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगी!! शेखर और विनय उसको देखने के लिए उसके घर पर गए !! घर में घुसकर जब पुकारा तो कोई आवाज नहीं आई !!

पर वह यह देखकर कर हैरान रह गए कि के वेड पर प्राची के कपड़े पड़े हुए थे !!वही जो वह सगाई के वक्त पहने हुई थी!! कढ़ाई दार लहंगा और चुनरी !!!

पर प्राची का कहीं पता नहीं था .... जगह-जगह छानबीन कर विनय शेखर लौट आए।

और उन्होंने जगदीश चंद को बताया कि प्राची का कहीं पता नहीं चल रहा! यह बात सुनकर उनके तो होश उड़ गए ...अचानक वे बोले :- " बेटा शेखर अब एक ही जगह रह गई है ...

शेखर ने पूछा :- " कहाँ??'"

बरखा के यहां ... वैसे तो वह बरखा के यहां नहीं जाती!! पर देख लेने में क्या हर्ज है ??चलो मेरे साथ...""

शेखर जगदीश चंद के साथ चला गया और विनय भी अपने स्तर से ढूंढने के लिए निकल गया!!




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बरखा गहरी नींद में सोई हुई थी!!! तभी उसके बेडरूम के दरवाजे पर दस्तक से उसकी नींद खुल गई!! उसकी मेड सोनी दरवाजे पर खड़ी थी!!" मैडम जी कोई आए हैं"

बरखा चौक कर उठ खड़ी हुई ..इतनी रात को कौन आया है ?? वह बाहर निकल कर आई!! तो उसने देखा कि कमरे में उसकी मम्मी भी बैठी है !! अपने चाचा जगदीश चंद्र को देखकर वह बुरी तरह से चौक पड़ी!!

चाचा जी आप ?? उस समय चौकी तो उसकी मम्मी भी थी ..इस समय जगदीश चंद को देखकर !!!

"मैं क्षमा चाहता हूं " जो इस समय आपको परेशान किया !! मैं यह पूछने आया था कि यहां प्राची तो नहीं आई!!! प्राची यहां क्या करने आएगी ?? वैसे तो कभी आती नहीं....

मैं तो इसलिए पूछ ने चलाया कि वह कहीं मिल नहीं रही...

मिल नहीं रही ?? कहां चली गई??

वह तो यहां नहीं आई !! एक्चुअली मैंने तो उसे बहुत दिनों से नहीं देखा !! ठीक है बेटी ! हम चलते हैं...

ऐसा कह कर वे जाने के लिए मुड़े... उसी समय बरखा के फोन पर कॉल आई !!! बरखा ने बड़े जोर से चौंक कर पूछा:- " क्या ??कैसे ??कब ??

जाते - जाते शेखर और जगदीश चंद के कदम ठिठक गए,,,,

बरखा अब रो पड़ी !! जगदीश चंद्र और शेखर घूमकर उसके पास आए और उससे पूछा,:--" क्या हुआ?... क्या बात है ?.....तुम रो क्यों रही हो??"

बात हो चुकी थी !! बरखा ने फोन रखा और आंसू बहाते हुए... सुबकते हुए बोली:--" साहिल की हत्या हो गई है !!किसी ने साहिल को मार डाला!!कहते-कहते वह फूट -फूट कर रोने लगी!!

शेखर साहिल को देख चुका था !! उसे सुनकर बहुत जोर का झटका लगा और वह भी अचंभे में आ गया !!

हैरानी भरे स्वर में उसने पूछा:-- "कैसे ?..…कब ?.

फोन रखते हुए वह बोली :--"अभी कुछ पता नहीं चला ! उनके यहां से नौकर का फोन था !!अब डेडबॉडी को पुलिस लेकर जा चुकी है !!

उसके डैडी और भाई अभी नहीं आए हैं !!

वह बिलख-बिलख कर रो रही थी ....और इस समय उससे ज्यादा दुखी कोई भी नहीं लग रहा था !!

बरखा को ऐसा लग रहा था जैसे संसार अचानक खाली हो गया है !!!! जीने की कोई भी वजह नहीं बची .....जैसे उसका जहां लुट गया है !!!

अचानक क्या से क्या हो गया ?

कौन उसका दुश्मन बन गया जो उसके साहिल को मार डालना चाहता था और उसकी जान का प्यासा बनकर उसने साहिल की जान ले ली !! "

वह अपने मन में मना रही थी कि काश !! यह सपना हो.!

जैसे अभी थोड़ी देर पहले वह सो रही थी ....और सोते में ही यह कोई सपना चल रहा हो......जैसे कोई भयंकर सपना देखने के बाद जब वह जाग जाती थी तब उसको लगता था यह तो सपना था.... वैसे ही सोच रही थी कि अभी वह जाग जाएगी तब वह अपने कमरे में बेड पर सोती हुई जागेगी.....!!!

लेकिन यह सपना नहीं था !! हकीकत थी !!!

शेखर के दिमाग में आशंकाओं ने डेरे जमा लिए थे !! बरखा साहिल से शादी करना चाहती थी और साहिल की हत्या हो गई थी..... इधर प्राची नहीं मिल रही थी !!!


कोई दुर्भावना उसके मन में आई और वह आतंक के कारण सिहर उठा :--

"कहीं प्राची को कोई खतरा तो नहीं ?

"वह किसी मुसीबत में तो नहीं पड़ी है?"

उसने बरखा से कहा :-"बरखा प्राची गायब हो गई है ! बरखा बोली पुलिस को सूचित करो.....रिपोर्ट लिखवा दो.......!!!

जगदीश चंद्र बोले :--"नहीं नहीं !! अभी नहीं !! पहले देख लेते हैं !! सवेरे तक देख लेते हैं .....उसके बाद फिर रिपोर्ट करेंगे !! चलो ढूंढते हैं शेखर !!"



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जगदीश चंद्र के साथ पहले शेखर अपने घर गया उसके बाद देखा वहां प्राची नहीं थी उधर प्राची की मां ने जिद की कि चलो घर पर चलते हैं तो प्राची की मां जगदीश चंद्र शेखर तीनों जगदीश चंद्र के घर पर आए !!

अब वे यह देखकर हैरान थे कि गेट बाहर से नहीं बल्कि अंदर से बंद था !!! उन्हें बहुत आश्चर्य लगा कि इस समय कौन अंदर है??

उन्होंने गेट को थपथपाया .... तो सब यह देख कर हैरान रह गए कि प्राची ने आकर दरवाजा खोला!!

सब प्राची को ऐसे देख रहे थे कि .....जैसे वह कोई मंगल ग्रह से आई हुई प्राणी हो !!

एकाएक ही उस पर प्रश्नों की बौछार होने लगी!! कहां गई थी तुम? क्या हो गया था तुम्हारे साथ ?....कहां से आई हो ??
 

Guffy

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Part 15


दूसरे दिन का सवेरा बहुत ही हाहाकारी था !!!साहिल के डैडी और भाई भाभी आ गए थे!!! डेड बॉडी का पोस्टमार्टम होने के बाद दोपहर के बाद अंत्येष्टि भी हो गई थी !!!


साहिल के कमरे मे उसके डैडी की मौजूदगी में समान की तलाशी ली गई थी!!काम का सामान विजयराज ने रख लिया था! कुछ कागजों पर नजर पड़ते ही विजयराज की आंखें सोचपूर्ण मुद्रा में सिकुड़ती चली गईं !!


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अंकित की आलीशान कोठी में जब पुलिस गई तो उसके मां-बाप और नौकरों की लंबी फौज से लंबी जिरह और पूछताछ की।।
उसके बेडरूम में से कई चीजें चौंकाने वाली निकली.....जैसे एक युवती का फोटो!!

इधर अंकित अभी पूछताछ के लिए हिरासत में ही था !!! विजयराज्य ए. के. इंडस्ट्रीज में जांच पड़ताल के लिए आया हुआ था!!

उसने अभिलाष बाबू के साथ ऑफिस.... मैनेजर रूम ...आदि सभी जगहों का निरीक्षण किया !!! फिर सभी कर्मचारियों ..और चपरासी से ..जो भी गहरी पूछताछ का सिलसिला चला वह बहुत देर तक जारी रहा!!!

बात शुरू हुई दस लाख रुपए की चोरी से... विजय राज ने मैनेजर अभिलाष बाबू से पूछा :- "रुपए चोरी होने का आपको कब पता चला ??"

अभिलाष बाबू ने कहा :- "शाम को ऑफिस बंद होने के समय मुझे मालूम पड़ा !!

फिर मुझे पता चला कि शेखर को भी दस लाख रुपयों की सख्त जरूरत थी!! तो मेरा उस पर भी शक गया!!!

क्या वह आया था ??

जी!! वह आया था!!,, चपरासी आया था!!! और भी जो लोग आए थे उनका तो मुझे ध्यान नहीं !! !

ह्म्म्म!! विजय राज ने सिर हिलाया!! " सीसीटीवी कैमरे को चेक करने से भी कुछ मालूम पड़ेगा " अभिलाष बाबू के साथ विजयराज ने बैठकर ...बड़े ही ध्यान से एक-एक एक्टिविटीज देखी !!!

जैसे जैसे वह देख रहा था वैसे ही उसके चेहरे पर चमक आ रही थी !! फिर उसने दोबारा रिकॉर्डिंग चेक की!! ऐसा उसने दो-तीन बार किया !!!

फिर उसने अभिलाष बाबू से पूछा कि आपको पता है कि... साहिल की हत्या के आरोप में आप के मालिक अंकित मल्होत्रा हिरासत में हैं ???

" अब अंकित और साहिल का क्या संबंध है ..??

सर !! "जहां तक मुझे पता है ..... ए.के. इंडस्ट्रीज और खन्ना इंडस्ट्रीज में कंपटीशन चलती थी !!! साहिल खन्ना इंडस्ट्रीज का मैनेजर था और अपने मालिक का बहुत विश्वस्त था!!एक बार साहिल का अंकित मल्होत्रा से जोरदार झगड़ा हुआ था !!

चपरासी और शेखर से पूछताछ करके विजय राज चला गया!!!




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बरखा के सामने बैठा विजय राज ने जब उससे सहानुभूति प्रकट करते हुए कहा आपकी शादी साहिल से होने वाली थी ......अचानक ही उसकी हत्या हो गई !!

आप उसे बहुत चाहती थी !! तो आप का यह कर्तव्य बनता है कि.. जो भी बात हो.. साफ-साफ बताएं!! कृपया छुपाए नहीं!! प्वाइंट टू प्वाइंट बताएं.!!

अंकित का साहिल से झगड़ा हुआ था !! उसने साहिल को मारने की धमकी क्यों दी थी?? और क्या वजह थी कि जो उसने साहिल को मार ही डाला ?


" क्या वजह थी कि जो आपका फोटो अंकित के बेडरूम की शोभा बढ़ा रहा था ??" अपनी जेब से बरखा का फोटो निकाल कर उसे दिखाते हुए विजयराज ने कहा!!!!


क्या वजह थी कि जो अपनी रेपुटेशन को ताक पर रखकर ..रात के 11:30 पर साहिल के यहां ..चोरों की तरह ..उसे मारने गया ??"

जिसकी मानसिक हालत सही होगी वह तो ऐसा नहीं करेगा!!!


बरखा आंसू बहाने लगी ....बोली :- "मुझे नहीं पता "

अच्छा ! तो आपको यह भी नहीं पता होगा कि ....शेखर आपको दीवानों की तरह प्यार करता था!!! आप के इशारे पर जान भी देने को तैयार था!!

आप ने उसे बताया कि दस लाख रुपए का इंतजाम करे.... तो तुम्हारी शादी उससे हो सकती है !!!

और किसी ने इस वार्तालाप की वीडियो क्लिप बनाई !! जब बरखा का चेहरा फक्क पड़ने लगा!!!

विजयराज क्रोध मैं बोला:- देखिए बरखा जी जब आप साहिल से इतना प्यार करती थी ...तो आपने शेखर से कैसे कहा कि तुम दस लाख रुपए पर उससे शादी कर सकती हो ???

" तो बरखा क्या चक्कर है ??? ..बताइए ??"

बरखा की आंखों से आंसू तो जब से साहिल की मौत हुई तब से ही नहीं थम रहे थे !!! अब तो उसके आंसू भी सूख चले थे !!!!

उसके गुलाब जैसे होठों पर इस समय पपड़ी जम गई थी.... काली सुंदर आंखों में वीरानी छाई हुई थी !!! उसने। धीमे स्वर में बताया :- " मुझे नहीं पता था कि सहेलियों से लगाई थी शर्त एक दिन इतनी महंगी पड़ेगी ??? ,,

मेरी दुनिया भी वीरान हो जाएगी..."" कहते-कहते बरखा जैसे उस घटना में खो गई ...और वह विजयराज को बीती हुई बात बताने लगी!!!


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विजय राज ने साहिल के घर का रुख किया!!!! साहिल की मौत को 3 दिन बीत चुके थे!!! इस बीच में उसने उन लोगों को तंग करना ठीक नहीं समझा था !!!


इस बीच में उसने दस लाख रुपए वाली गुत्थी सुलझा ली थी !!लैब से फॉरेंसिक रिपोर्ट आ गई थी !!!पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मिल गई थी!!

उनमें में कई चौंकाने वाली नई नई बातें पता चली थी!! जिन की गुत्थी का सूत्र साहिल के यहां ही था !!!

थोड़ी देर बाद वह साहिल के डैडी से उसकी जन्मकुंडली मांग रहा था !!

साहिल के डैडी ने बताया कि साहिल और उसका भाई..... बस दो ही बच्चे थे!! साहिल शुरू से ही मेधावी था!! उन्हीं दिनों एक लड़की से उसका प्रेम प्रसंग चला था..... उसमें वह बहुत इमोशनल था .....फिर पता नहीं कैसे ...उससे ब्रेकअप हो गया... और वह दूसरी लड़की से प्यार करने लगा था !!

उसे अच्छी जॉब भी मिल गई थी !! इसी बीच उसकी हत्या हो गई कहते -कहते उनका स्वर भर्रा गया !

"क्या यह है उस लड़की का फोटो?" विजय राज ने जेब से फोटो निकाल कर दिखाया !

साहिल के डैडी चौक पड़े:--" हां जी ! यही तो है वह लड़की !!

" ठीक है !"कहकर फोटो विजय राज ने पुनः अपनी जेब में रख ली !!

अब वह साहिल के डैडी से सवाल पर सवाल किए जा रहा था!! और जब मैं वह उठा तो सफलता की चमक उसके चेहरे पर थी !! सूत्र मिल रहे थे बस उन्हें मिलाना बाकी था !!



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विजयराज जगदीश चंद्र के घर जा पहुंचा और थोड़ी ही देर बाद उसके सामने प्राची ,जगदीश चंद्र ,और उनकी पत्नी बैठे बातें कर रहे थे !

प्राची विजयराज के लिए पानी लेने गई!!


"!मिस्टर जगदीश चंद्र जी !! मुझे कहते हुए अफसोस हो रहा है कि प्राची ने साहिल की हत्या की है। !! एकाएक जैसे कमरे में बम फटा हो!!

जगदीश चंद्र और उनकी पत्नी ऐसे चौंके जैसे बिच्छू ने काट लिया हो !!

"जी बस !!! हमें सबूत की जरूरत है फिर प्राची को गिरफ्तार कर लिया जाएगा !! विजय राज के लिए पानी का गिलास लाते हुए प्राची का हाथ कांपने लगा !!!

"रूमाल से गिलास लेते हुए विजय राज ने कहा :--"बस ! हमें फिंगर प्रिंट का मिलान करना है ........फिर तुम्हारी गर्दन से फांसी का फंदा दूर नहीं !!!!!! विजय राज प्राची की आंखों में देखते हुए बोला !
 

Guffy

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दो-तीन दिन से साहिल हत्याकांड अखबार में सुर्खी बन रहा था क्योंकि आसपास के इलाके में दहशत व्याप्त हो गई थी,!! अखबार में इसलिए यह खबर सबका ध्यान खींच रही थी कि ए.के. इंडस्ट्रीज का मालिक अंकित मल्होत्रा जिन अजीबोगरीब परिस्थितियों में गिरफ्तार हुआ था वह बहुत ही हैरतअंगेज थी !!


अरुण शर्मा एक जुझारू और अति उत्साही पत्रकार था जो साहित्यकार भी था नॉवेल लिखता था ! वह इस केस में अत्यधिक रुचि ले रहा था !!

वह एक से एक सनसनीखेज खबरें लाता था !! उसकी पैनी नजरें इस केस पर थी !! विजय राज ने आज अंतिम रूप से छानबीन कर केस लगभग सॉल्व कर लिया था !

अरुण थाने में विजय राज के सामने बैठा आज की कार्यवाही का जायजा लेने का प्रयास कर रहा था !! अरुण ने आश्चर्य से देखा कि विजय राज ने आदेश दिया :--" जीप तैयार करो ! हमें अभी चलना है ...क्योंकि मेरे खबरी का फोन आया है कि अपराधी अभी घर पर ही है !! ओके शर्मा जी !! वापस आने पर मिलते हैं !"

विजय राज उठ खड़ा हुआ ! अरुण भी अनिच्छा से मुंह बना कर खड़ा हो गया !

आज की सनसनीखेज गिरफ्तारी हुई अभिलाष बाबू की और उनकी निशानदेही पर झुग्गियों के रहने वालों जगन और मंगू की!! प्राची को भी गिरफ्तार किया गया !


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साहिल के डैडी और भाई थाने में आए हुए थे!! बरखा भी आई थी !! सारे ही लोग वहां जमा थे!!

विजय राज ने रहस्योद्घाटन किया कि यह हत्या प्राची और अंकित मल्होत्रा ने नहीं की ....बल्कि अंकित मल्होत्रा के मैनेजर अभिलाष बाबू ने जगन और मंगू से करवाई !!

इसका कारण था कि वह लंबे समय से साहिल की ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहा था और उसीने .... दस लाख रुपये चोरी करके साहिल को दिए !!

प्राची साहिल की गर्लफ्रेंड रह चुकी थी ....वह बरखा की वजह से ही साहिल से दूर हुई थी.... और अब शेखर को भी चोरी के इल्जाम में फंसते देख कर वह तिलमिला उठी .... क्योंकि साहिल ने बरखा और शेखर की रुपयों वाली बातचीत की वीडियो क्लिप बनाई थी और फसाने का कुचक्र रचा था !!


और वह मारने बरखा को गई थी .....पर बरखा- साहिल की बातचीत को सुनकर उसने अपना इरादा बदल दिया और वह मारने जा पहुंची साहिल को ...और व्हिस्की में जहर मिलाकर निकल गई थी !! उसके बाद जगन ने वहां प्रवेश किया था जगन जब तार से साहिल का गला घोट कर भाग गया तो बाउंड्री के पास मंगू ने उसकी मदद की और दोनों बाउंड्री से कूद कर भाग गए थे।

अंकित को बरखा ने धोखा दिया था इसी वजह से वह साहिल को मारने पहुंचा था !!

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण ....गला घुटने से मृत्यु ...आया था और समय आया था 9:30 बजे ..जबकि अंकित मल्होत्रा 11:00 बजे पकड़ा गया था इसलिए वह निर्दोष साबित हुआ!!

प्राची भी साहिल की कातिल नहीं थी.... पर मार डालने का प्रयास करने के आरोप में उस पर केस चलता लेकिन साहिल के डैडी ने प्राची और अंकित को छुड़वा दिया !! उन्होंने कहा:--" असली हत्यारे को सजा दिलवाइये... और इन लोगों ने जो भी किया उसमें उनका कोई कसूर नहीं है ....इसलिए प्राची और अंकित को छोड़ दिया गया!!




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इस प्रकार यह मामला ख़त्म हो चुका था... मगर अरुण के लिए शुरू हुआ था !!!

वो कई सवाल जानने के लिए बेचैन था कि साहिल जब यहां रहता था .....प्राची दिल्ली से दूर अपने गांव में रहती थी तो वो अरुण से कहां और कैसे मिली थी !!

और कैसी परिस्थितियों में अरुण से अलग हुई थी !! इसमें बरखा कैसे कारण बनी और प्राची उसको मारने के लिए गई थी तो जब शेखर से उसकी सगाई हो रही थी तो एकदम से वहां कैसे पहुंच गई .....और चलो!! यह तो संक्षेप में मालूम हो गया था !!

पर वे कौन से कारण बने थे कि जिसने अभिलाष को हत्या करवाने के लिए मजबूर कर दिया और साहिल उन्हें कैसे ब्लैकमेल करता था और अभिलाष ने किस प्रकार से रुपयों की चोरी की ???.....

ये सारे सवाल जानने के लिए उसका मन छटपटा रहा था और उसके अंदर का लेखक भी कुल बुला रहा था !!

उसने निश्चय किया था वह इस कहानी को आधार बना कर अगला नॉवेल इस पर लिखेगा !!

वह रोज ही विस्तार से बातें जानने के लिए विजय राज के पास जाता ,,उसके बाद प्राची के घर और बरखा के घर !!


अंकित से एक-एक घटना को कुरेद कुरेद कर पूछा था !!

जेल में भी वह अभिलाष बाबू से मिल आया था ! जगन और मंगू से भी मिला था !! उसे अपना नॉवेल जो लिखना था !!कई दिनों से वह इस कहानी को लिख रहा था और इस प्रकार जो कहानी उसने लिख कर तैयार की थी वह बेहद सनसनीखेज रोचक थी !!

यह एक ऐसी लड़की की कहानी थी जिसकी दूषित मनोवृत्ति ने कई जिंदगियां मुसीबत में डाली और किसी का कत्ल हुआ ...कोई कातिल बना !!इस कत्ल की जो वजह बनी ....उसी "कातिल हसीना "की कहानी थी यह!!
 

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अब कहानी क्या थी........................ और कौन है ये कातिल हसीना

क्योंकि इस मामले में तो प्राची और बरखा/शलिनी ........... दोनों ही बाइज्जत घर पर हैं

जबकि प्राची ने कत्ल किया और ...................... बरखा इन सब मरने और मारनेवालों की वजह थी.....

अब तक सबसे नेगेटिव रोल बरखा का ही दिखा................... प्राची ने सिर्फ गुस्से और बदले में किया... साहिल के कत्ल का सामान

अगले अपडेट का इंतज़ार रहेगा
 
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Guffy

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हिमाचल की हसीन ,हरी-भरी वादी में वह छोटा सा खूबसूरत गांव बसा हुआ था!! वहां के रहने वाले ईश्वर चंद के दो बेटे थे हरिश्चंद्र और जगदीश चंद्र!!

हरिश्चंद्र की पढ़- लिखकर अच्छी नौकरी लग गई जबकि जगदीश चंद्र गांव में ही रहे !! जगदीश चंद्र के यहां जब वेटी प्राची का जन्म हुआ तभी उधर दिल्ली में रहे हरिशचंद्र के यहां भी बेटी बरखा ने जन्म लिया था !!!

जब भी छुट्टियां,पड़तीं तो हरिश्चंद्र अपने गांव में जरूर आते थे !!क्योंकि उनका परिवार के प्रति प्रेम बहुत ही ज्यादा था !! उनकी पत्नी शांति अपने वैभव पर बहुत घमंड करती थी और इतराती थी !!

घमंड उनकी नस-नस में बसा हुआ था !! जब भी वह गांव में आती तो अपनी देवरानी पर पूरा रौब दिखाया करती थी !!


समय बीत रहा था !! हरिश्चंद्र गांव में .. परिवार में ही भतीजे की शादी में आए हुए थे !! दोनों लड़कियां 10 वर्ष की हो चुकी थी !! शहरी और ग्रामीण रहन-सहन में अंतर साफ नजर आ रहा था !!

सरसों के तेल से चिपके बालों की दो चोटियां,, रूखी और सांवली त्वचा ,, देहाती ढंग से सिले हुए कपड़े पहने ....प्राची... दिल्ली जैसे महानगर की रहने वाली बरखा के रेशमी बाल ,गोरी गुलाबी रंगत ,परियों की तरह चमकदार रेशमी कीमती कपड़ों को देखकर शर्म से गड़ सी जाती थी !!

बरखा के कपड़ों से उठती भीनी भीनी खुशबू उसको बरखा से और दूर कर देती!!

बरखा को सभी मेहमान प्रशंसा की दृष्टि से देखते सराहना करते थे और उसकी मम्मी शांति देवी से कहते ।।।आपकी बेटी तो अप्सरा है अभी से उसका यह रूप है तो आगे कितनी सुंदर होगी !!!

यह प्रशंसा सुनकर शांति देवी गर्व से फूल कर कुप्पा हो जातीं!!

और तभी एक दिन एक छोटी सी घटना हुई जिसने इन दोनों लड़कियों की जिंदगी की दिशा ही बदल दी!!


हम उम्र होने के कारण प्राची अधिकतर बरखा के साथ ही रहती थी
शादी ब्याह के माहौल में कई काम पड़ते हैं! प्राची और बरखा पड़ोस में किसी महिला को बुलौआ देने गई !! और बुलौआ देकर वह लौट रही थी तभी पीछे से उस महिला की आवाज आई जो अपनी देवरानी से कह रही थी :-- दोनों बहनों में कितना अंतर है ?? एक ऐसी लग रही है जैसे परी... दूसरी ऐसी लग रही है जैसे कौआ !!!

पता नहीं क्या खाकर इसको पैदा किया है इसकी अम्मा ने" ....और दोनों खिलखिलाकर हँस पड़ीं !!

इस हंसी और फिकरे ने प्राची के दिल पर जैसे बरछी चला दी !! वहीं बरखा को एक असीम खुशी और गर्व की अनुभूति हुई !!


उस दिन से प्राची बरखा से कटी - कटी रहने लगी ! उन दोनों के बीच में जो प्रेम की नदी बहती थी वह सूख गई और प्राची के मन में बरखा के प्रति ईर्ष्या ने जन्म ले लिया जो आगे बढ़ती ही गई !!

बरखा जो शुरू से ही अमीरी में पली थी.... किसी अभाव का उसने मुंह नहीं देखा था !!!

वह इतनी तुनक मिजाज हो गई थी कि जरा सा भी कष्ट नहीं सहन कर पाती थी .....और बचपन से ही अपनी सुंदरता की तारीफ सुनते- सुनते उसकी ऐसी मनोवृत्ति हो गई थी वह हमेशा अपनी प्रशंसा ही सुनना चाहती थी !!

प्रशंसा सुनने की आदी बरखा के मन में बहुत ही घमंड भर गया था और वह अभिमानिनी हो गई थी !! दो बहने ...और दोनों की धाराएं अलग -अलग हो गई थी !!

जैसे-जैसे दोनों बड़ी होती जाती थी वैसे ही वैसे दोनों की मन की ग्रंथियां भी बढ़ती जाती थी एक हीन भावना की शिकार थी दूसरी अहंकार की...... लेकिन फिर भी एक बात थी.... जिससे दोनों एक साथ बनी रहती थी !!

इनकी संगति करने वाली और कोई हमउम्र लड़की थी नहीं !! इसीलिए मजबूरी में दोनों एक साथ ही रहती थी !!

पर अब प्राची ने अपने को बदलने का संकल्प कर लिया था!!जिस दिन से उसका मजाक उड़ाया गया था उसी दिन से वह गंभीर हो गई थी!!

रूप की कमी विद्या से पूरी करना चाहती थी!!

और फिर एक दिन हरिश्चन्द्र ने गांव से अपने भाई जगदीशचंद्र को सपरिवार दिल्ली में बुलाया था !! असल में बुला तो वह कई दिनों से रहे थे .... लेकिन अब बहाना नहीं चल सकता था क्योंकि अब बरखा के भाई का जन्म हुआ था !!उसी के पहले बर्थडे की पार्टी की गई थी !!




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दिल्ली में अपने जेठानी के आलीशान मकान में प्राची की मां पिता ने कदम रखा और वे गांव के भोले भाले , सीधे-साधे लोग हक्के बक्के ढंग से उनकी शान - बान को देखते.... कीमती कालीन पर ऐसे संभाल- संभाल कर चलते थे.....जैसे उनके चलने से कालीन गंदी हो जाएगी ....उनकी इस भावभंगिमा से बरखा हंसते- हंसते लोटपोट हो जाती !!


उसके मन को ऐसे बहुत ही संतुष्टि मिलती थी... उधर उसकी मां शांति का भी यही हाल था !! अपनी देवरानी को अपने से कमतर देखने में उसे बहुत मजा आता था!! रात को पार्टी का आयोजन था !



बर्थडे केक काटा गया !! तालियां बजने लगी !! कैट केक बाटा गया और उसके बाद बरखा अपने सभी सहेलियों से बातें करने लगी प्राची एक किनारे पर खड़ी थी .... आज बरखा उसको नजरअंदाज कर रही थी..... और अपनी एक से सजी-धजी सहेलियों से हंस बोल रही थी ...किसी को जबरदस्ती केक दे रही थी ...किसी के गले में लिपट रही थी !!


उसने प्राची का किसी से भी परिचय नहीं कराया था !! वह किनारे पर खड़ी थी !! बरखा ऐसे दिखा रही थी..... कि जैसे वह इस समय उसकी कोई है ही नहीं !!

असल में बरखा को अपनी सहेलियों से उसका परिचय कराने में शर्म महसूस हो रही थी ....इसीलिए उसने प्राची का किसी से भी परिचय नहीं कराया था !! अपने को एक कोने में खड़े देखकर .....और बरखा को अपनी सहेलियों से मिलकर.... बोलते और हंसते देखकर प्राची की आंखों में आंसू आ गए!!

तभी उसी के हमउम्र .... एक बेहद सुंदर से लड़के ने आकर उससे पूछा:--" तुम अकेली वहां क्यों खड़ी हुई हो ??

तुम भी हम लोगों में आकर एंजॉय करो ना ??"

इतनी देर से अपने को उपेक्षित और अपमानित महसूस करती हुई प्राची को जैसे ही जरा सी हमदर्दी क्या मिली.... कि उसके तो आंसू ही नहीं रुक पाए और अपने आंसू छुपाने के लिए वह बाहर की तरफ चल दी ....और बाहर आकर वह खड़ी होकर लान की तरफ देखने लगी !!

" अजीब लड़की है ...इसे क्या हो गया ?? रोने क्यों लगी??" ऐसा सोचकर वह लड़का भी पीछे से आ गया और उसने कहा :-- तुम्हें क्या हो गया ?"

तुम अचानक वहां से क्यों चली आई और रोने क्यों लगी??"

मैं साहिल हूं !!!


तुम्हें वहां नहीं चलता है तो चलो!! थोड़ी देर लान में चल कर बैठते हैं !!

प्राची ने हैरानी से पूछा :--" तुम मुझसे बात करोगे ?...मेरे साथ लान में बैठोगे ??"

"क्यों नहीं ? साहिल ने कहा !! "मैं तुम्हारे साथ क्यों नहीं बैठ सकता? क्यों नहीं बात कर सकता हूँ ??"

"तुम तो बहुत ही अच्छी हो!!!! तुम्हारा नाम क्या है ?"

प्राची थोड़ा प्रसन्न होते हुए बोली :--"मैं प्राची हूं ...mऔर यह तुमने अभी क्या कहा है ??

मैं अच्छी लगती हूं !!!!"

"हां ! मैंने यही कहा तुम तो बहुत अच्छी लगती हो!!"


प्राची को पहली बार अपने मन में बहुत खुशी महसूस हुई !वह बोली ,:- चलो चलकर लान में बैठे!!

वे दोनों जाकर लान में बैठ गए और बातें करने लगे !!साहिल ने पूछा :--"तुम कहां रहती हो ??इससे पहले मैंने तुम्हें कभी नहीं देखा??"

प्राची बोली :--"मैं बरखा की चचेरी बहन हूं !! "

"तभी तो मैं कहूं !! तुम्हें अच्छा लगता है यहां ??"

"बिल्कुल अच्छा नहीं लगता है!! हमारे यहां तो पहाड़ है और छोटे-छोटे झरने हैं !!! हरे- भरे पेड़ पौधे हैं.... सुंदर -सुंदर फूल हैं !!"

तब तो बहुत अच्छा लगता होगा??..अच्छा है !! तब तो मैं अगली बार छुट्टी में आऊंगा तुम्हारे यहां !! हम फ्रेंड बन सकते हैं ??" साहिल ने पूछा !!

"क्यों नहीं ? प्राची को उससे बातें करना बहुत अच्छा लग रहा था !!!

साहिल ने उसका हाथ अपने हाथों में लेते हुए कहा :--"अब हम फ्रेंड बन गए हैं ....हमेशा -हमेशा के लिए !! मैं अगली छुट्टियों में बरखा के साथ तुम्हारे यहां जरूर -जरूर आऊँगा!!"

"आना !! प्राची ने हंसते हुए कहा !!

तो तू यहां बैठा हुआ है ....और मैं तुझे वहाँ ढूंढ रही हूं !!गुस्से में चीखती हुई आवाज आई तो दोनों ने चौक कर देखा ....बरखा बड़ी तेजी से इधर ही चली आ रही थी!! आंखों से आग सी बरसाती हुई वह साहिल पर चिल्लाई!!

"और तू इसके साथ बातें कर रहा है यहां बहुत अच्छा लग रहा है तुझे ?? उसकी बातों में जलन भरी हुई थी !!



क्रमशः********************
 
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