Update 7
मां के जाने के बाद जैसे मेरी ज़िंदगी से हर आवाज़ गायब हो गई थी। ना सुबह जल्दी उठने की कोई वजह बची थी, ना रात को सोने की। ज्यादातर वक्त मैं मां के कमरे में बंद रहता, या उनकी पुरानी चीज़ों को यूँ ही देखता रहता।
मेरी तरह रानी भी गुमसुम ही रहती। जैसे जताना चाह रह रही हो कि मैं अकेला दुखी...