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23 दिसंबर 2014… युक्रेन की राजधानी कीएव में बैठे बैठे चारो भाई बहन.. कलिका, युक्तेश्वर, हंस और रुद्रा पक चुके थे। चारो भाई बहन बस अपस्यु के कॉल आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी बीच कलिका ने नीलू को कॉल लगाया, और अपस्यु के बारे में जानकारी लेने लगी।
उधर भी वहीं हाल था जो इधर का हाल था। नीलू भी यूक्रेन में ही थी, लेकिन वो अपने लोगों के साथ नॉर्थ बॉर्डर पर थी। उसे भी अब तक कोई सूचना नहीं आयी थी। दोनो बात कर ही रहे थे तभी कलिका कॉल काटती हुई कहने लगी रुको अपस्यु का कॉल आया है।
इसी बीच रुद्रा अपस्यु का कॉल अटेंड करते… "जी सर आदेश करे।"..
अपस्यु:- एक लोकेशन सेंड किया है, पैसे लेकर वहां पहुंचो। वहां पहुंचकर वापस इसी नंबर पर "पहुंच गया" का एक मैसेज करना। फिर मै तुम्हे बताऊंगा कहां पहुंचना है।
इतना कहकर अपस्यु ने नीलू को कॉल लगाया और उसे भी वही लोकेशन भेजते हुए कहने लगा। जल्द से जल्द उस लोकेशन पर पहुंचो और वहां मेरे कॉल के इंतजार करो।
जैसे ही अपस्यु ने कॉल डिस्कनेक्ट किया, नीलू उन्ह फोन लगाती… "अपस्यु ने कोई लोकेशन दिया है क्या?"..
रुद्रा:- हां, पैसे लेकर उसी लोकेशन पर पहुंचने कहा है।
नीलू:- ठीक है आ जाओ, लगता है हमे साथ सफर तय करना है। पता नहीं दोनो के दिमाग में क्या खिचड़ी पक रही है। हो सकता है जिस लोकेशन पर हम मिले वहां अपस्यु की नजर हो, इसलिए मै अपना काम करूंगी और तुम लोग अपना।
रुद्रा:- हम्मम ! ठीक है वहीं करूंगा।
जैसे ही कॉल डिस्कनेक्ट हुआ..… "उस दिन एयरपोर्ट पर जो 40 आदमी हमने भेजे, उसे नीलू और उसके 5 लोगो ने देख लिया था। नीलू जैसे 80 लोगों को लेजेश के बेस पर 20 लोगो ने देख लिया था। भाई इस अपस्यु के पास लोगों का ऐसा कौन सा पिटारा है जो इतने कम में इतनो को संभाल लेता है। और अब ये अपस्यु हम से निपटने के लिए कौन सा पिटारा खोलेगा।".. कलिका हंसती हुई कहने लगी।
रुद्रा:- हा ह हा हा.. हमारे लिए पृथ्वी पर भगवान को उतारने वाला है। एक अकेला हम सब पर भारी। युक्ता हमारा सैटलाइट ड्रोन तैयार है।
युक्तेश्वर:- आतंक मचाने के लिए तैयार है।
रुद्रा:- मिनी टैंकर को लोड करवा दिए हो कंटेनर में।
हंस:- हां करवा दिया है।
रुद्रा:- लोकेशन युक्रेन और रशिया बॉर्डर की है, यानी डील हमारी ब्रयांस्की के बर्फीले जंगल में होगी। एक हैलीकॉप्टर भिजवाओ उस इलाके में और उसके लोकेशन मिलते ही कहो फोन करने। हमे समझ क्या रखा है डील हम इनके भरोसे करते है क्या?
हंस:- पैसा दिखते ही सीधा गोली मारना है, कोई चूक ना हो।
रुद्रा:- इस बात की वो तैयारी पहले से किया होगा। चूहे बिल्ली के खेल में समस्या ये है कि हम दोनों को पता है कि हम एक दूसरे को फसा रहे है, और फिर भी दोनो आमना सामना करने को बेकरार है, वो सोचता है वो अपने पुरा प्लान में सफल हो जायेगा, और हम सोचते है कि हम सफल होंगे।
कलिका:- हम कुछ तो मिस कर रहे है भाई, ऐसा क्यों लग रहा है कि तैयारी अब भी पूरी नहीं हुई है?
हंस:- हा हा हा हा हा.. कितना नौटंकी करते हो तुम सब के सब। बेचारा वो तो समझ ही नहीं पाएगा की हुए क्या है? उस नीलू का क्या करना है?
रुद्रा:- रुककर तमाशा देखते है। अगर वो हमारे साथ हुई तो यूं समझ लो फिर हम भी इनके मदद के जरिए, साल में ऐसे ही एक बार बैंक रॉबरी कर लिया करेंगे और हवाला वालों से करेंसी चेंज करवाएंगे।
कलिका:- बिल्कुल सटीक आइडिया है। चलो चला जाए।
पैसा पहले से कंटेनर में लोड था जिसे लेकर रुद्रा अपने भाई बहन से साथ निकल गया। साथ निकले तो सही, लेकिन ये लोग अपने 50 लोगों का काफिला लेकर युक्रेन के पूर्व में खाली मैदानी क्षेत्र की ओर पहुंचे, जहां इनके 450 लोग पहले से डेरा जमाए हुए थे।
अपस्यु के जिस लोकेशन का ये लोग अंदाज़ा लगा रहे थे उससे तकरीबन 800 किलोमीटर की दूरी पर। जब ये लोग अपनी जगह छोड़ने लगे तब उन्होंने नीलू के पास एक लोकेशन भेजा और वहां आने के लिए कहने लगे। साथ में ये संदेश भी लिख दिया… चुनाव का अंतिम निर्णय तुम्हारा है, अपस्यु के लोकेशन पर जाकर उसके साथ रहो या हमारे लोकेशन पर आ जाओ।
संदेश भेजने के तुरंत बाद… "अब आएगा मजा, जारा इस लड़की के चेहरे की रंगत मुझे देखने दो।"…. हंस अपनी बात कहते हुए कंप्यूटर स्क्रीन देखने लगा।
जैसा कि वो अपने स्क्रीन पर देख सकता था.. जैसे ही संदेश मिला उसे पढ़ने के बाद नीलू उसे डिलीट करती हुई कहने लगी… "पैक उप बॉयज। हम पहले की लोकेशन को छोड़कर नए लोकेशन पर जा रहे है।"…
नीलू के एक इशारे पर उसके 4 साथी और बाकी के 40 रिटायर सोल्जर, नजदीकी टाउन के एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से एक मीडियम जेट हॉयर करके लोकेशन के नजदीकी टाउन पहुंचे। कुछ घंटो का सफर और नीलू अपने लोगों के साथ रुद्रा के बताए लोकेशन पर पहुंच चुकी थी।
शाम को वो सभी उस छावनी में थे जहां रुद्रा के 450 जल्लाद दारू और खाने के साथ मस्त मज़े कर रहे थे। कैंप में जैसे ही नीलू और उसकी टीम पहुंची, उन्लोगो ने उनका ऐसा स्वागत किया मानो कब के बिछड़े मिल रहे है। शायद रुद्रा ने इनके आने कि सूचना पहले से दे रखी थी। नीलू की टीम भी खा पीकर आराम से सो गई।
24 दिसंबर की सुबह जब नीलू और उसके 4 साथी की नींद खुली, तो पता चला उन पांचों के ऊपर से तम्बू गायब है और उसके चारो ओर लोग घेरे बैठे थे। और सबसे आगे बैठे थे चारो भाई बहन।… "ऑफ ओ बेचारी नीलू को तुम सब ऐसे क्यों घुर रहे हो।"… कलिका ने अफ़सोस जाहिर करते हुए कहा।
हंस:- हम घुर कहां रहे है दीदी, बस अपनी किस्मत पर रो रहे है। ये बेचारी आयी, हमने दाना डाला और है बहुत नखरे के बाद वो दाना चुग ली। साला हमारे माथे पर तो चुतिया लिखा है ना, कि हम ये समझ नहीं पाएंगे की ये लड़की उसकी ही वफादार रहेगी। लेकिन क्या एक्टिंग करती है ये.. कोई अगर सर्विलेंस करे तो भी पकड़ ना पाए कि इसकी वफादारी झूठी है।
नीलू:- ये क्या बकवास कर रहे हो तुम लोग।
रुद्रा:- हम तो तुम्हारी बातों पर यकीन कर रहे है बेबी। तुम्ही ने तो कहा था, तुम हमारे पास आयी हो इस बात को भी अपस्यु सोचकर चल रहा होगा। तभी तो उसने दिखाने के लिए तुम्हे और तुम्हारी टीम को हमसे दूर रखा, ताकि वो जाहिर कर सके की उसे तुम कर शक है, इसलिए वो तुम्हे सामिल नहीं कर सकता। जबकि हकीकत ये है कि आज तुम हमे वहां के बर्डर पर मिलते और जैसे ही हम तुम्हारे इलाके से गुजरते, तुम लोग रास्ते में ही हमारे पैसे गायब कर देते। पहुंचकर डील करना ती बहुत दूर की बात है।
नीलू:- करो जो तुम्हे करना है। मुझे मारना है तो मार दो, लेकिन अब पकाओ मत। वैसे भी तुम दोनो के बीच में मै ही पजल होती जा रही हूं। नहीं चाहिए पैसा मुझे अब।
कलिका:- चलो तुम्हारे हिसाब से ही इस डील को रेश्ड्यूल करते है। पहले चलकर तुम्हे पैसा दिखाते है।
कलिका उसे अपने साथ ले गई और पुरा पैसा दिखाने लगी। एक छोटा सा पैसेज था और बाकी उपर से लेकर नीचे तक पैसे ही पैसे रखे थे। नीलू जैसे ही आगे बढ़ी वो लड़खड़ा कर नीचे गिर गई।
कलिका:- पैसे देखकर तेरे तो अभी से होश उड़ रहे है।
नीलू:- ये आधे पैसे है।
रुद्रा:- अतुलनीय, पैसे गिन में तो तुम माहिर हो चुकी हो। चलो भाई मैडम को आधा पैसा और दिखा दो।
नीलू दूसरे कंटेनर के अंदर गई और अपना ऊपर के जैकेट को पैसे के ढेर पर रखती, चारो ओर नजरे दौड़ती… "हां पूरे पैसे है यहां।"..
रुद्रा:- चलो अब डील शुरू करते है, इमरजेंसी नंबर पर अपस्यु और ऐमी से संपर्क कर और मेरी बात करवाओ।
"जैसा तुम कहो।"… कहती हुई नीलू ने कॉल लगा दिया। ऐमी कॉल रिसीव करती… "क्या हुआ नीलू, इमरजेंसी संपर्क।"..
"हेल्लो मिस एमी, उम्मीद है अपस्यु भी तुम्हारे साथ ही होगा।"…. रुद्रा ने जवाब दिया..
ऐमी:- ओह तो ये खेल चल रहा है। खैर अपस्यु इस वक़्त यहां नहीं है वो तुम्हे रिसीव करने बॉर्डर के लोकेशन पर निकला चुका है, लेकिन अब लगता नहीं कि उसकी जरूरत होगी।
रुद्रा:- हम्मम ! उससे संपर्क करो और मेरी बात करवाओ।
ऐमी:- 2 मिनट दो मै सब करवाती हूं…
ऐमी जबतक अपस्यु से वापस संपर्क करवाती, तबतक ये लोग अपना खेल शुरू कर चुके थे। ठीक 2 मिनट बाद कॉल आया… "हेल्लो अपस्यु सर, कैसे है आप।"..
अपस्यु:- अच्छा हूं सर, कहिए इतनी भी इमरजेंसी क्या आन पड़ी मै तो खुद आपसे संपर्क करने आ रहा था, लेकिन ऐमी ने बताया कि लगता है रुद्रा सर पुरा पैसा अकेले ही ले जाना चाहते है।
रुद्रा:- बात 1 या 2 करोड़ की नहीं थी ना सर, यहां तो धन कुवेर बराश रहा है। खैर नीलू ने मुझे पहले ही बताया था कि तुम्हारे साथ फेयर डील करने, तो क्या तुम फेयर डील के लिए तैयार हो।
अपस्यु:- हां मैं सुन रहा हूं।
रुद्रा:- नहीं मेरे भाई ऐसे नहीं जरा वीडियो कॉल लगाओ और हमे लक्ष्मी के दर्शन करवाओ और फिर तुम्हे देखने के लिए तुम्हारे भाई बहन भी बेकरार है, उन्हें भी तो अपनी शक्ल दिखा दो।
अपस्यु:- ऐमी सुना ना क्या कहा सर ने कनेक्ट करो वीडियो कॉल से..
जैसे ही वीडियो कॉल से कनेक्ट हुआ… एक ओर ऐमी एक शानदार कंटेनर में बैठी थी, वहीं दूसरी ओर अपस्यु किसी अंधेरी सी गुफा में था, जहां 8-10 लाइट के छोटे छोटे पिलर लगे थे। … "ऐमी साहब को पैसे के दर्शन करवाओ।"..
ऐमी अपने कंटेनर के बीच से एक छोटा सा दरवाजा खोली, और दूसरे कंटेनर में दाखिल हो गई। छोटे से पैसेज में खड़े होकर चारो ओर का नजारा दिखाया। रुद्रा अपनी तसल्ली के लिए बीच से कोई भी पैकेट उठाने के लिए कहता और पैकेट फाड़कर 1-2 गद्दी के बीच के पूरे नोट देखता।
ऐसे ही उसने दूसरे कंटेनर में भी रखे नोट के साथ किया। सुनिश्चित करने के बाद… लो पहले अपने बड़े भाई बहन से मिल लो… "हेल्लो लिटल ब्रदर".. तीनों ने एक साथ कहा।
अपस्यु हंसते हुए… "हेल्लो बिग्गी, लगता है वीडियो कॉल पर ही परिचय होगा।"
हंस:- छोटे भाई तू किस बिल में घुसा है। क्या ये उसी लोकेशन का सुरंग है जहां हमारे पैसे से भड़ा कंटेनर होता। तुम एक छोटा सा ब्लास्ट करते पूरी गाड़ी अंदर और तुम हमारा पुरा माल लेकर गायब हो जाते।
अपस्यु:- क्यों तुम्हारे आईटी वाले अब तक इस लोकेशन का पता नहीं लगा पाए क्या?..
कलिका:- छोटे भईया काफी स्मार्ट है। जैसा सुना था बिल्कुल वैसा ही। हमारे छोटे भईया तो शुरू से जान बूझकर हमारे सर्विलेंस को चकमा दे रहे है। दिखा ऐसे रहे थे जैसे उन्हें पता ही ना हो कि हम उन पर नजर रखे है लेकिन दिमाग 360⁰ काम करता है भाई का। हमे क्या श्रेया समझ रखा है?
अपस्यु:- ये मेरे लिए शॉकिंग था? मतलब श्रेया एक छोटा सा चारा था जिसके जरिए मै तुम लोगो का रिसर्च सब्जेक्ट बाना।
युक्तेश्वर:- बिल्कुल सही भाई। हर किसी को लगता था कि वो तुम पर नजर दिए है लेकिन मेरा भाई तो उन्हें जान बूझकर सर्विलेंस करने देता था, क्योंकि वो अपना कुछ भी प्लान नहीं करता, बस उनके सर्विलेंस को ऐसा डायवर्ट करता है कि लोग हमारे भाई के लिए खुद अपने कब्र खोदने की प्लांनिंग कर लेते है।
अपस्यु:- हम्मम ! स्मार्ट हां। तुमने मुझे चौंका दिया है भाई। खैर अब मुद्दे कि बात पर आ जाए।
रुद्रा:- यार पहली बात तो ये की तुम्हारा आईटी सेक्शन कौन देखता है, मैं बहुत प्रभावित हुआ, मेरा हेलीकॉप्टर तुम्हारे बेस को ढूंढ रहा है लेकिन मिल नहीं रहा जबकि हमारे स्क्रीन पर तुम्हारे दोनो लोकेशन है। जारा उस जीनियस के दर्शन तो करवाओ जो कॉल कनेक्ट किए हुए लोकेशन को डायवर्ट कर रहा..
अपस्यु:- डायवर्ट कर रहा नहीं, डायवर्ट कर रही। सिंगल हैंड वो ऐमी देखती है सर। और कोई दुविधा जो आपको परेशान कर रही हो?
कलिका:- बस भाई हो गया। यही जानना था कि आखिर कौन सी वजह से तुम लोगो से 2 कदम आगे रहते हो। काफी हॉट और खूबसूरत वजह है। लेकिन एक बात बताओ जब हम एक ही पिता के संतान है फिर हमसे बैर क्यों, साथ मिलकर काम करना था ना।
अपस्यु:- जिंदा निकला यहां से तो इस पर जरूर सोचूंगा दीदी, फिलहाल तो मै अब बोर हो गया हूं.. तो बताओ किस तरह से डील खत्म करना पसंद करोगे।
रुद्रा:- फेयर डील से ये डील खत्म करेंगे। अब मै स्क्रीन शिफ्ट कर रहा हूं, तुम जारा इन्हे पहले ध्यान से देखो।
5 खंबे और पांचों खंबे पर क्रॉस बाना हुआ। हर क्रॉस पर एक वीरदोयी पूर्ण नंगा करके टंगा हुआ था, जो बिल्कुल ही अचेत अवस्था में थे… "युक्रेन के इतिहास का पूर्व रिवाज हमे इतना पसंद आया कि हमने इसे सुली पर टांग दिया।"..