• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Incest JANNAT TERI BAHON (TANGO) MEIN

STORY HINDI MEIN LIKHUN YA HINGLISH (ROMAN FONT KE SATH) JALD SE JALD REPLY KIJIYE


  • Total voters
    47
  • Poll closed .
8,359
19,441
189
INDEX
Family Introduction
Update #01Update # 02Update # 03Update #04Update # 05
Update # 06Update # 07Update #08Update # 09Update # 10
 Update # 11 Update # 12 Update # 13 Update # 14 Update # 15
Update # 16Update # 17Update # 18Update # 19Update # 20
Update # 21
Update # 44
Update # 45
UPDATE # 46UPDATE # 47UPDATE # 48UPDATE # 49UPDATE # 50
UPDATE # 51UPDATE # 52UPDATE # 53UPDATE # 54UPDATE # 55
UPDATE # 56UPDATE # 57UPDATE # 58UPDATE # 59UPDATE # 60
UPDATE # 61UPDATE # 62UPDATE # 63UPDATE # 64UPDATE # 65
Update ♡ 66♡
Update ♡67♡
Update ♡68♡
Update ♡ 69 ♡
Update ♡ 70 ♡
Update ♡ 71 ♡
Update ♡ 72 ♡
Update ♡ 73 ♡
Update ♡ 74♡
Update ♡ 75 ♡
Update ♡ 76 ♡
Update ♡ 77 ♡
Update ♡ 78 ♡
Update ♡ 79 ♡
Update ♡ 80♡
Update ♡ 81 ♡
Update ♡ 82 ♡
Update ♡ 83 ♡
Update ♡ 84 ♡
Update ♡ 85 ♡
Update ♡ 86♡
Update ♡ 87 ♡
Update ♡ 88 ♡
Update ♡ 89 ♡

Update ♡ 90♡
Update ♡ 91♡
Update ♡ 92 ♡
Update ♡ 93 ♡
Update ♡ 94 ♡
Update ♡ 95 ♡
Update ♡ 96 ♡
Update ♡ 97 ♡
Update ♡ 98 ♡

Update ♡ 99 ♡
Update ♡ 100♡
Update ♡101♡
Update ♡102♡

Update ♡103♡
Update ♡104♡
Update ♡105♡
Update ♡106♡
Update ♡107♡
Update ♡108♡
Update ♡109♡
Update ♡110♡
Update ♡111♡
Update ♡112♡
Update ♡113♡
Update ♡114♡
Update ♡115♡
Update ♡116♡
Update ♡117♡
Update ♡118♡
Update ♡119♡
Update ♡120♡
Update ♡121♡
Update ♡122♡
Update ♡123♡
Update ♡124♡
Update ♡125♡
Update ♡126♡
Update ♡127♡
Update ♡128♡
Update ♡129♡
Update ♡130♡

Update ♡131♡
Update ♡132♡
Update ♡133♡
Update ♡134♡
Update ♡135♡
Update ♡136♡
Update ♡137♡
Update ♡138♡
Update ♡139♡

Update ♡140♡
Update ♡141♡
Update ♡142♡
Update ♡143♡
Update ♡144♡
Update ♡145♡
Update ♡146♡
Update ♡147♡
Update ♡148♡
Update ♡149♡
Update ♡150♡
Update ♡151♡
Update ♡ 152♡Update ♡ 153♡Update ♡ 154♡Update ♡ 155♡
Update ♡ 156♡Update ♡ 157♡Update ♡ 158♡Update ♡ 159♡Update ♡ 160♡
Update ♡ 161♡Update ♡ 162♡Update ♡ 163♡Update ♡ 164♡Update ♡ 165♡
Update ♡ 166♡Update ♡ 167♡Update ♡ 168♡Update ♡ 169♡Update ♡ 170♡
Update ♡ 171♡Update ♡ 172♡Update ♡ 173♡Update ♡ 174♡Update ♡ 175♡
Update ♡ 176♡Update ♡ 177♡Update ♡ 178♡Update ♡ 179♡Update ♡ 180♡
Update ♡ 181♡Update ♡ 182♡Update ♡ 183♡Update ♡ 184♡Update ♡ 185♡
Update ♡ 186♡Update ♡ 187♡Update ♡ 188♡Update ♡ 189♡Update ♡ 190♡
Update ♡ 191♡Update ♡ 192♡Update ♡ 193♡Update ♡ 194♡Update ♡ 195♡
Update ♡ 196♡Update ♡ 197♡Update ♡ 198♡Update ♡ 199♡Update ♡ 200♡
 
Last edited:
  • Like
Reactions: parkas
8,359
19,441
189

PART - 1

🕰️ पाँच साल पहले...: जब एक परिवार की रौशनी बुझ गई

राजनगर नामक एक काल्पनिक शहर की कहानी, जिसका केंद्र बिंदु है आनंद मित्तल का भरा-पूरा परिवार। आनंद मित्तल जी अपने जीवन के मूल्यों और सिद्धांतों के लिए जाने जाते थे, लेकिन उनकी सबसे बड़ी दौलत थी उनका परिवार और उनकी पत्नी श्वेता।

कहानी की शुरुआत एक भयानक मंज़र से होती है। शहर की सड़कों पर एक गाड़ी तेज़ी से भाग रही है, जिसके अंदर हर कोई बेतहाशा डरा हुआ है। गाड़ी की पिछली सीट पर आनंद जी की पत्नी श्वेता जी लेटी हैं, जिनकी हालत पल-पल बिगड़ती जा रही है। उनका बेटा मानिक मित्तल (जो उस समय लगभग 17 साल का था) गाड़ी चला रहा है, उसके चेहरे पर डर और जल्दबाज़ी का भाव साफ़ झलक रहा है।

साथ में बैठी उनकी सबसे बड़ी बेटी अनु (उस समय 20 साल की) अपनी माँ के ठंडे पड़ चुके हाथों को पकड़े हुए थी। उसके पिता, आनंद जी, बगल में बैठे लगातार श्वेता जी को सांत्वना देने की कोशिश कर रहे थे।

एक तेज़ मोड़ पर, जब गाड़ी हिचकोले खाती है, अनु अपनी माँ के शरीर में कोई हलचल महसूस नहीं कर पाती। एक पल के लिए उसे लगा जैसे श्वेता जी ने रास्ते में ही अपने प्राण त्याग दिए हैं, पर उसके भीतर एक उम्मीद बाकी थी — शायद यह सिर्फ़ उसका वहम हो, शायद अस्पताल पहुँचकर डॉक्टर कोई चमत्कार कर दें। इस गहरी आशंका को छिपाकर उसने यह बात अपने भाई और बापू को नहीं बताई। उसने हिम्मत बटोरी और अपनी प्रार्थनाओं में ध्यान लगा दिया।

लेकिन नियति को कुछ और मंज़ूर था।

जैसे ही वे शहर के मुख्य अस्पताल पहुँचे, मानिक और आनंद जी जल्दी से श्वेता जी को स्ट्रेचर पर ले गए। डॉक्टर ने तेज़ी से जाँच की। चंद मिनटों की ख़ामोशी के बाद, डॉक्टर ने भारी मन से उन्हें मृत घोषित कर दिया।

यह शब्द सुनते ही मानिक और अनु का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनका संसार जैसे एक पल में उजड़ गया। मानिक ज़मीन पर बैठ गया और अनु दहाड़ें मारकर रोने लगी, जैसे उस उम्मीद का महल गिर गया हो जिसे उसने रास्ते भर सँभाल कर रखा था। आनंद जी ख़ुद टूटे हुए थे, लेकिन उन्हें एहसास था कि उन्हें ही अपने बच्चों को सँभालना है। उन्होंने मज़बूती से मानिक और अनु को अपने गले लगा लिया, और उस दुख की घड़ी में तीनों ने एक दूसरे का सहारा लिया। श्वेता जी का जाना, मित्तल परिवार के जीवन में एक गहरा शून्य छोड़ गया।

🏘️ वर्तमान: पाँच साल बाद की धड़कन (संशोधित)

पाँच साल बीत चुके हैं। समय ने ज़ख़्म थोड़े भरे ज़रूर हैं, पर श्वेता जी की यादें आज भी घर के हर कोने में मौजूद हैं। आनंद मित्तल के घर में अब चार युवा सदस्य हैं, जो अपने-अपने जीवन के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहे हैं:

  • अनु (25 साल): एक सख़्त संरक्षिका
    वह परिवार में सबसे बड़ी है। माँ को खोने के बाद उसने घर और छोटे भाई-बहनों की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली है, जिससे उसका स्वभाव काफ़ी सख़्त और दिशा-निर्देश देने वाला हो गया है। वह एक माँ की तरह अपने भाई-बहनों पर निगरानी रखती है और पढ़ाई, अनुशासन या घर के काम में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं करती। उसके लिए, नियम पहले हैं। परिवार में उसकी शादी की बातें होती हैं, लेकिन वह हर बार यह कहकर टाल देती है कि "जब तक यह तीनों अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते, मैं घर नहीं छोड़ सकती।"
  • मानिक मित्तल (22 साल): सपनों का वारिस
    वह चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की पढ़ाई कर रहा है। वह ज़िम्मेदार है, लेकिन घर में सबसे छोटा बेटा होने के कारण उसे हमेशा से थोड़ा 'एक्स्ट्रा' प्यार और छूट मिली है, जो अनु और दिव्या को कभी-कभी खटकता है। वह अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहता है, जिसका एक कारण अतीत की यादों से दूर रहना भी है।
  • दिव्या (23 साल): विद्रोही गंभीरता
    परिवार की दूसरी बेटी दिव्या, डॉक्टर बनने का सपना देखती है और अपनी पढ़ाई में पूरी तरह समर्पित है। वह स्वभाव से गंभीर और अक्सर तनाव में रहती है, जिसका एक बड़ा कारण उसके मन में मानिक के प्रति नाफ़रत का भाव है। उसे लगता है कि मानिक को सिर्फ़ "घर का लड़का" होने की वजह से परिवार और बापू से ज़रूरत से ज़्यादा लाड और सहूलियतें मिलती हैं, जबकि उसे (दिव्या को) और अनु को हमेशा अधिक त्याग करना पड़ा है। यह भावना उसे अक्सर मानिक से दूरी बनाए रखने पर मजबूर करती है।
  • परी (18 साल): सबसे छोटी और लाड़ली
    सबसे छोटी परी $+2$ (बारहवीं कक्षा) में पढ़ रही है। वह घर की लाडली है और अपनी किशोरावस्था की दुनिया और पढ़ाई में खोई हुई है। वह अक्सर अपनी बड़ी बहन अनु की सख़्त निगरानी और दिव्या की गंभीर चुप्पी के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करती है।
आनंद मित्तल जी आज भी परिवार के मुखिया हैं, पर अब उनकी भूमिका एक मार्गदर्शक की ज़्यादा है। इस तरह, यह परिवार श्वेता जी की यादों, अनु के सख़्त नियमों और दिव्या के आंतरिक असंतोष के बीच, राजनगर में अपने नए भविष्य की ओर बढ़ रहा है।

💼 वर्तमान: अनु और मल्लिका की दुनिया और घर की उलझनें

🌸 "शादी की डोली" – अनु और मल्लिका

पाँच साल बीतने के बाद, अनु ने अपने दुख को किनारे रखकर अपना करियर बनाया। वह अपनी बचपन की दोस्त मल्लिका के साथ मिलकर एक सफल मैरिज प्लानिंग फर्म, "शादी की डोली" चलाती है। दोनों ने छोटी उम्र में ही इस व्यापार में काफ़ी तरक्की हासिल कर ली है।

इन दोनों दोस्तों का स्वभाव एकदम विपरीत है।

  • मल्लिका (Bold and Frank): मल्लिका खुली सोच वाली, बेबाक और बोल्ड है। वह बिज़नेस में नए प्रयोग करने से नहीं डरती और क्लाइंट्स के साथ बेझिझक मज़ेदार बातचीत कर लेती है। वह जानती है कि आधुनिक इवेंट मैनेजमेंट के लिए खुले विचार रखना कितना ज़रूरी है।
  • अनु (Narrow-minded but Sharp): वहीं, अनु अपनी माँ की ज़िम्मेदारियों और घर के मूल्यों से बंधी हुई, स्वभाव में काफ़ी संकीर्ण सोच वाली (Narrow-minded) है। हालाँकि वह काम में बहुत तेज़ है और अकाउंट्स, लॉजिस्टिक्स तथा प्लानिंग के सूक्ष्म विवरण (minute details) में माहिर है। उसका कठोर और सख़्त स्वभाव यहाँ भी दिखता है, जहाँ वह मल्लिका के ज़्यादा खुलेपन पर अक्सर आपत्ति जताती है।
आज शाम दोनों एक हाई-प्रोफ़ाइल क्लाइंट की मीटिंग से लौटी थीं और अपने दफ़्तर में बैठी थीं।

मल्लिका ने सोफ़े पर आराम से पैर फैलाए, "यार अनु, मिस्टर खुराना की बेटी की शादी में हमें थीम थोड़ी और मॉडर्न रखनी चाहिए थी। मैंने कहा था, 'हॉलीवुड रीजेंसी,' पर तू 'ट्रेडिशनल राजस्थानी' पर अड़ गई।"

अनु ने फ़ाइलों को करीने से जमाया और सख़्ती से कहा, "ज़रूरी नहीं कि हर चीज़ में 'मॉडर्न' घुसड़ना ही तरक्की हो, मल्लिका। हमारा क्लाइंट बेस मध्यम आयु वर्ग के संभ्रांत लोग हैं, और वे 'परंपरा' को ज़्यादा महत्व देते हैं। और हाँ, काम के वक़्त तू अपनी हँसी और फ़्लर्टिंग ज़रा कंट्रोल किया कर।"

मल्लिका हँस पड़ी, "ओह! मैडम अनु, अगर मैं थोड़ी मीठी बात कर लेती हूँ तो इसका मतलब फ़्लर्टिंग नहीं है, यह 'नेटवर्किंग' है। तू थोड़ा खुल जा, ज़िंदगी में हर चीज़ को रूल्स और कैलकुलेशन से मत देख। पर ठीक है, तेरी 'नैरो-माइंडेड' प्लानिंग से भी हमें बहुत मुनाफ़ा हो रहा है।"

अनु ने उसकी आँखों में देखा, "मेरा दिमाग़ खुला हो या संकीर्ण, पर तेरी तरह लापरवाह नहीं है। इसलिए बिज़नेस का सारा फ़ाइनेंशियल कंट्रोल मेरे पास है। अब चल, घर जाना है। दिव्या का ट्यूशन का वक़्त हो गया होगा।"
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,514
80,796
304
thank you so much bro agar ek aur favor kar sako....safar wali kahani complete ho chuki hai to kya title ke end mein (completed) likh sakte ho kya aap
Likh denge, bas bataya tha na, first post pe report kar do, reason me likh dena ki complete add karo 👍
 
8,359
19,441
189
Likh denge, bas bataya tha na, first post pe report kar do, reason me likh dena ki complete add karo 👍
OK JI ABHI LIJIYE SIR
 

Iron Man

Try and fail. But never give up trying
45,894
123,687
304
Top