rusty blade
all about CurVes!!!!
- 2,951
- 5,451
- 144
Bro bs ek update or kyonki wo maine likh liya hai agar use nahi post kiya to wo west ho jyega agli baar se pakka hinglish me likhungaAry Yar ab jis ko Hindi ni ati wo kia kre kia wo read hi na kre story
Bahi mere hinglish Mai likho tb mujhe samjh Mai ay gi na
Bro isi khusi me aap sb ke liye naya update lekar hajir hai aap sb ka bhaiFor completed 10k views on your story thread.....
--: 𝕰𝖕𝖎𝖘𝖔𝖉𝖊_4 :--
(कहानी आगे लिखने से पहले हाथ जोड़कर आप सब ये कहना चाहूंगा कि प्लीज कहानी पढ़ने के बाद एक लाईक और एक कमेंट जरूर कीजिए)
कहानी अब तक:--
अब तक आप सब ने पढ़ा कि कैसे और किन हालातों में दोनों बच्चों का जन्म हुआ उसके बाद शोभा देवी खुशी के ने लेडी डॉ को अपने गले का हार गिफ्ट किया
कहानी आगे की:--
शोभा देवी-- (उस लेडी डॉ के गले मे पहनाते हुये) बेटी कृतिका ये लो आज तुमनें हमे जो खुशखबरी सुनाई है उसका इनाम
कृतिका वर्मा-- (जो कि डॉक्टर जयराज वर्मा की पत्नी है ये खुद भी एक गयनोलॉजिस्ट है) ऑन्टी जी ये मैं कैसे ले सकती हूं ये तो आपकी खानदानी हार है और इसमें आपके घराने का ये चिन्ह बना हुआ है,
शोभा देवी-- उसकी बात को वही पर रोकते हुये तो क्या बस कृतिका तुमने आज ये बात कह दी सो कह दी मैने अपनी बहुओं में और आपमें कभी कोई अंतर रखा है क्या आप लेकिन आपको हमारी बहु नही मानती मैने तो कभी हर्षवर्धन या राजवर्धन या जयराज में कभी कोई अंतर नही रखा ,
(डॉ कृतिका को अब अपने कहने पर पछतावा हो रहा था, और उसने अपनी गर्दन झुका ली,)(कृतिका की आँखों मे आँसू आने ही वाले होते है की उसके बगल में खड़ी रित्तिका सिंह(छोटी चाची) जो चेहरे पर झूटी मुस्कान लिए खड़ी थी वो आगे आती है और उसके झुके चेहरे को ऊपर उठाते हुए)
रित्तिका सिंह-- मेरी बहन ऐसे खुसी के मौके पर आंसू नहीं आने चाहिए आंखों में ऐसे मौके पर जशन मनाया जाता है,
कृतिका वर्मा--(उसकी बात सुनकर अपना चेहरा ठीक करते हुये) मुझे माफ़ कर देना ऑन्टी मैं आपको वचन देती हूं कि मैं ये हार कभी अपने गले से नही उतारूंगी, (और रित्तिका सिंह को गले लगाते हुये)
कृतिका वर्मा--और रित्तिका भाभी तुम कब खुशखबरी दे रही हो??? (क्योंकि शालिनी से पहले ही रित्तिका गर्भवती हुई थी)
रित्तिका सिंह-- (शर्माते हुये) भाभी जी आप के मशीनों के हिसाब से डेट तो भाभी से पहले की थी लेकिन (वह इससे आगे शर्म के कारण और कुछ नही कह पाती)
(इन सब के बीच हर्षवर्धन यहाँ पर नही था इस बात की खबर किसी को नही थी कि अचानक हर्षवर्धन अपने हाथ मे मिठाई का डब्बा लेकर हाजिर होते है,)
हर्षवर्धन सिंह-- लो इसी बात पर सब मुह मीठा कीजिए
(सब हसी खुशी मिठाई लेकर खाने लगते है, बाकी मिठाई भी बाकी लोगों में बाट दी जाती है, उसके बाद डॉ जयराज और डॉ कृतिका जाकर शालिनी को चेक करता है और कृतिका से कुछ बातें करने के बाद दो नर्सो के साथ बाहर आ जाता है और बाकी सब डॉक्टर्स और नर्सो को चले जाने को कहता है)(बाहर हाल में सब लोग सोफे पर बैठे कर डॉक्टर के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे डॉक्टर सीधे शोभा देवी के पास आकार)
जयराज वर्मा-- लीजिए माँ जी आपकी अमानत आपके हवाले (ये कहते हुये नर्सो को इशारा करता है कि बच्चों को शोभा देवी की गोद मे दे दे)
(शोभा देवी दोनों बच्चों को अपनी गोद मे लेकर एकटक निहारने लगती है आप पास बैठे सभी लोगो का यही हाल था, उनमे लड़का तो थोड़ा कम आकर्षक था लेकिन उस छोटी सी लड़की की खूबसूरती में सब जैसे खो से गये थे, कि पास के सोफे पर बैठी रिद्धिमा और नीलिमा दोनों बुआये आकर अपने भतीजे ओर भतीजी के साथ खेलने लगते है और उन पर अपना प्यार लुटाने लगते है)
(दूसरी तरफ़ शालिनी को अब पूरी तरह स्वस्थ हो गयी थी तो वो अपने बच्चों का पूछती है तो उसे डॉ कृतिका बताती है कि बच्चों को लेकर जयराज नीचे सबके पास गया है)
(इधर सब बच्चों को निहारते हुये अपने अपने सोच में मगन थे कि तभी बच्ची के रोने की आवाज से सबका ध्यान भंग हुआ)
जयराज वर्मा-- (एक नर्स को) दोनों को लेकर ऊपर भाभी जी के कमरे में जाओ शायद इनहे भूक लगी हो (और वो दोनों नर्स उन बच्चो को लेकर चली जाती है, रिद्धिमा और नीलिमा का मन तो नही था की वो बच्चों को जाने दे लेकिन अभी वो कुछ कर भी नही सकती थी, नर्सो के जाने के बाद रिद्धिमा और नीलिमा जयराज से पूछती है )
रिद्धिमा और नीलिमा-- जयराज भईया आपने ये तो हमें ये बताया ही नही की हमारे भतीजे ओर भतीजी दोनों में कोन बड़ा है और कौन छोटा है??
शोभा देवी-- हा बेटा बताओ ना हम सबको भी जानना है??
जयराज वर्मा-- आँटी जी वैसे तो इन दोनों के जन्म में बस 2 मिनट का अंतर है लेकिन इन दोनों को अपना जन्म दिन दो अलग अलग दिनों में मनाना पड़ेगा (जयराज की बात किसी को ठीक से समझ मे नही आती और उसकी बात बीच मे ही काटते हुये)
हर्षवर्धन सिंह-- मैं कुछ समझा नहीं जयराज??
शोभा देवी-- हा बेटे मैं भी कुछ ठीक से समझ नही पायी
जयराज वर्मा-- (हँसते हुये) माँ जी हर्षवर्धन भइया ने मुझे अपनी बात पूरी ही नही करने दी (हर्षवर्धन को भी अपनी गलती समझ मे आ जाती है वहाँ पर मौजूद सभी ठहाका मारकर हसने लगते है)
शोभा देवी-- (हँसते हुये) अच्छा अच्छा ठीक है अब तुम अपनी बात पूरी करो
जयराज वर्मा-- (मुस्कुराते हुये) बात ये है कि हमारे भतीजे का जन्म रात के ठीक 12 बजे हुआ है और भतीजी का जन्म 12बजकर 2 मिनट पर हुआ है,
हर्षवर्धन सिंह-- (हँसते हुये और एक बार भी से उसकी बात को बीच मे रोकते हुये) अच्छा ही होगा अब तो साल में एक कि जगह दो दो दिन खुशियों मनाने का और मौका मिल गया वो भी back to back
जयराज वर्मा-- (मुस्कुराते हुये) माफ् करना ऑन्टी जी लेकिन लगता है मेरा दोस्त पिता बनने की कुछ ज्यादा ही बावला हो गया है कि उसे आज दिन कौन सा है उसे ये भी याद नही है(जयराज की बात सुनकर सब हँसना बंद कर सब उसको घूर कर देखने लगते है जयराज को भी अपनी कहे शब्दों का ध्यान आता है कि वो बातो में खो कर क्या कह गया है )
जयराज वर्मा-- (वो घबरा कर हाथ जोड़ते हुये) माफ् करना ऑन्टी जी वो बात करते करते मर्यादा का ध्यान ही नही रहा
(माहौल बिगड़ते देख हर्षवर्धन अपनी जगह से उठ जयराज के पास आता है और उसे अपने गले लगाते हुए)
हर्षवर्धन सिंह-- अरे तू इतना घबरा क्यों रहा है तू मेरे बचपन का यार है तू ऐसा घबरा क्यो रहा है और वैसे भी आज तूने मुझे जो खुशखबरी दी है उसके बदले में मेरी जान भी ले ले तो मुझे कोई गम नही होगा और वैसे भी गलती मेरी ही थी मुझे तेरी बात बार बार बीच मे टोकनी नही चाहिए थी अब तू अपनी बात पूरी कर तुझे तेरी बात पूरी करने से कोई नहीं रोकेगा (तब जाकर कही जयराज के मन को शान्ति मिलती है)
(जयराज ने इस बार अपनी बात को पूरी तरह सोच विचार कर और संक्षेप में कहने का फैसला लिया)
जयराज वर्मा-- वो ऑन्टी जी बात दरअसल ये है कि हमारी भतीजी का जन्म दिन नोर्मल लोगों की तरह साल में एक बार आएगा लेकिन भतीजे का जन्म दिन नोर्मल लोगों की तरह साल में एक बार नही बल्कि 4 साल में एक बार मना पाएंगे हम सब
(सब उसकी बात सुनते ही एक बार फिर से बौखला गए मारे बौखलाहट के राजवर्धन और रित्तिका खीजते हुए)
राजवर्धन और रित्तिका-- (एक साथ उससे पूछते है) आप ऐसे बार बार आधी अधूरी बात कियु कर रहे हो भाई साहब पूरी बात एक बार में बोलिये ना
(इन सब के ऐसे बार बार बात को बीच में काटने की वजह से जयराज भी परेशान हो जाता है ओर किसी को बीच मे बोलने मौका दिये बिना ही बोलने लगता है)
जयराज वर्मा-- (एक लम्बी सास लेते हुए) तो पूरी बात ये कि हम सब सुबह से भाभीजी को लेकर इतने परेशान थे कि का ध्यान आज के date और month की तरफ गया ही नहीं है
जयराज वर्मा-- (किसी को बोलने का मौका दिया बिना ही लम्बी सास लेते हुए) इस बात पर किसी ने ध्यान ही नही दिया आज का date है 29 और month है फरवरी का है वैसे तो ये बात आप सब को पता ही है कि 29 फरवरी हर साल नही आता वो 4 साल में एक बार आता है तो इसीलिए हम अपने भतीजे का जन्मदिन हर 4 साल में एक बार मना पाएंगे ।
(जयराज की बात उन सब के ऊपर एक परमाणु बॉम्ब के गिरने से कम नही थी उसकी बात सुनते ही सब अपनी अपनी सोच में गुम हो जाते है)
अब इजाजत दीजिए फिर मिलेंगे अगले एपिसोड में तब तक के लिए Take care, Good Bye
Note:--- कहानी पसंद आये तो Like और Comment करके जरूर बताना और अगर कोई गलती हुई हो तो वो भी जरूर बताना
Thank You.......