• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

sexsarkar

Member
205
876
94
Update 31:

अगली ही सुबह,पापा ने तय किया कि एक फैमिली वेकेशन तो होना ही चाहिए । पापा ने प्लानिंग शुरू कर दी । ऑफ़िस में बैठे हुए वो सोच रहे थे कि कौन सा जगह ठीक रहेगा ,जहां वो पूरे परिवार के साथ जा सकते है , और प्राची के साथ भरपूर आनंद वो उठा सकते है। पापा ने सोचा क्यों ना गोवा या शिमला की वादियों में चला जाए। लेकिन वो फाइनल डिसीजन नहीं ले पा रहे थे । उन्होंने सोचा क्यों ना घर में ही सभी से पूछ के फाइनल किया जाए ।

रात डिनर करने के समय पापा ने अपना प्रस्ताव सबके सामने रखने का सोचा। दादी ने डिनर लगवा दिया और सभी डिनर टेबल पे बैठ गए ,खाना खाने के लिए।

पापा: ( खाने का पहला निवाला मुंह में लेते हुए ) वाह मां खाना तो बहुत टेस्टी बना है ।

दादी : हम्ममम...तेरी धर्म पत्नी ने जो बनाया है । हाहाहाहाहा...

पापा: ओह प्राची ने बनाया है , तभी मैं कहूं कि आज स्वाद इतना अलग सा क्यों लग रहा है। बहुत अच्छा बना है प्राची ।

प्राची : थैंक्यू पापा।

प्रज्ञा : वाह पापा , आप तो दीदी को खुश कर दिए । उसके खाने का बराई कर के ।

पापा: अब क्या करूं ,तेरी दीदी है ही ऐसी ।

प्रज्ञा : और मेरे बारे में भी तो कुछ बोलिए पापा , मैने आज सबेरे चाय बनाई थी , अपने तो चुप चाप पी लिया ।

सब हंसने लगे । पापा ने बोला : अरे मेरी बेटियां रानी , बहुत अच्छी चाय बनाई थी तुमने । एक दम करक था।

प्रज्ञा : हां , आपको तो सिर्फ दीदी का मेहनत दिखता है , मेरा तो दिखता ही नहीं । बोलने पर बोल रहे है कि अच्छी बनी थी चाय ।

दादी : अरे, जरूरी थोड़ी है कि पापा कर बार तुम बराई ही करेंगे , नहीं भी बोले फिर भी वो अच्छा ही रहता है , बस तुझको मुंह फूलना रहता है ।

पापा: देख प्रज्ञा , सच में अच्छा था सबेरे का चाय , अभी तो सबलोग साथ में खा रहे है बैठ के तो मैने सोचा बोल ही देता हु । उस समय तो तू पास में थी नहीं , नहीं तो उसी समय तुझे बता देता ।

प्रज्ञा : चलो थैंक्यू पापा

पापा: दादी से : मां तुमने जो हनीमून वाली बात बोली थी , मै उसके बारे में सोच रहा था ।

प्रज्ञा तपाक से बोल परी : पापा मैने बोला था हनीमून वाली बात , ये मेरा आडिया था ।

पापा: हां हां , सॉरी तेरा ही आडिया था ।

प्रज्ञा : देखो ,इसी लिए गुस्सा होती हु मै , मुझे कभी क्रेडिट नहीं देते है आप ।

पापा: अरे मेरी मां , थैंक्यू , तेरी ही आडिया था । मुझसे गलती हो गई । मुझपे अब गुस्सा मत होना , अपने प्यारी बेटी का गुस्सा मै कैसे झेल पाऊंगा ।

प्रज्ञा : चलिए नहीं हो रही ,गुस्सा बस क्रिडिट दिया करिए मेरी बात का भी मुझे ।

दादी और प्राची हंसने लगे ।

पापा: ओके , मा , तो उसके बारे में मै सोचा और सोच रहा हु , शिमला या गोवा , जाने का । आप लोग बताइए कहा चलना है सबको फैमिली ट्रिप पे।

दादी : बेटा मै तो ये सब ना जानती , मुझे तो किसी मंदिर वाली जगह पे ले चल ।

प्रज्ञा : अरे दादी , आप क्या बोल रही हो , पापा ने कितना अच्छा जगह चुना है । आप मंदिर वाली जगह बोल रही हो।

दादी : मुझे ये सब जगहों का पता नहीं है , मै नहीं गई कभी , मंदिर वाले जगह ही घूमने जाती थी तेरे दादा जी के साथ ।

प्रज्ञा : वो अलग टाइम था दादी , आज हनीमून डेस्टिनेशन गोवा या शिमला को ही माना जाता है, मंदिर वाली जगह अगली बार चले जायेंगे पापा ।

दादी : हम्ममम...मै भी जानती ये सब ,तुम लोग ही आपस में सोच लो।

प्रज्ञा : पापा मुझे तो गोवा से ज्यादा शिमला पसंद है ।

पापा: हम्ममम... और तुम बताई प्राची।

प्राची तो जानती ही थी कि जगह कोई सी भी हो , पापा तो उसके साथ प्यार ही करेंगे बस । तो जगह से उसे क्या फरक पड़ता है । उसने बोला : जो प्रज्ञा को पसंद है पापा, वही ठीक है। शिमला अच्छा रहेगा । वैसे भी दादी को गोवा उतना पसंद नहीं आयेगा ।

दादी : क्यों नहीं आएगा .

प्रज्ञा : हंसते हुए , दादी वहां लोग कुछ ज्यादा ही ओपन हो जाते है।

दादी प्रज्ञा का इशारा समझ गई : अच्छा फिर शिमला हो ठीक है बेटे ।

पापा: चलो , तब मैं फैमिली ट्रिप का तैयारी करता हु । कल ही सारा बुकिंग स्टार्ट कर दूंगा ।

अब लोग खुश हो गए । बहुत दिन बाद इस घर में इतनी खुशी आई थी ।

पापा ने खाना खाने के बाद बेडरूम में गए , ओर अपनी पत्नी का इंतजार करने लगे । प्राची सर काम निपटा के गई । और हर दिन की तरह ही , पापा को यौन सुख दिया ।

जम के चूदाई किया पापा ने उसकी उस रात भी।



16059693
और आधी रात तक चूदाई करने के बाद दिनों सो गए ।
 

sexsarkar

Member
205
876
94
Update 32:

पापा ने अगले ही दिन शिमला जाने की तैयारी शुरू कर दी । सबसे पहला काम जो पापा ने किया वो था टिकट खरीदना । उन्होंने ट्रेन की टिकट चैक किया लेकिन सारी टिकट 20 दिन बाद से ही उपलब्ध थी। उससे पहले सारी की सारी सीटें बुक थी । हार के पापा ने , ना चाहते हुए भी , 20 दिन बाद की टिकट बुक करा लिया । पापा ने आने का भी बुकिंग करा ही लिया था । आने का टिकट एक सप्ताह बाद का था । पापा ने चार चार टिकट लिए थे। अब आगे का होटल और घूमने के समय जो गाड़ी इस्तेमाल होता उसकी बुकिंग तो पापा शिमला जा के भी कर सकते थे ।

सब अच्छा हो गया । पापा भी फुल मूड में थे कि चलो हनीमून तो मनाने को मिलेगा । उधर प्राची को भी पता था कि पापा आज से सारा टिकट बुकिंग करवा लेंगे और उसे घूमने ले जाएंगे । उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था । आज उसे पापा की पत्नी होने पे एक अलग सुख की प्राप्ति हो रही थी । पापा उसके लिए ट्रिप प्लान के रहे थे , उससे बड़ी बात उसके लिए उस समय कुछ नहीं था । दादी थोड़ी अब भी जाने के पक्ष में नहीं थी । उन्हें लग रहा था कि उनका बेटा और पोती हैनीमून पे जा रहे है , उसमें उनके जाने से ,हो सकता है वो कबाब में हड्डी न बन जाए। प्रज्ञा को तो एवं भी लग रहा था पापा उसे ले भी जाएंगे या नहीं , क्योंकि अब उसको हनीमून का मतलब अच्छे से पता चल गया था । हनी मून मियां और बीबी के बीच वाला ट्रिप होता है । और पापा भी जागेंगे की मै उनके साथ हनीमून पे जाऊं , क्योंकि उनको तो दीदी के साथ ही जाने का मन होगा ।

पर पापा को पहचानने में प्रज्ञा ने भूल कर दी । पापा एक फैमिली से जुड़े हुए आदमी थे और वो फैमिली में सब को लेकर चलने वाले व्यक्ति थे । उनकी शादी प्राची से हुई थी तो वो तो इनकी जिम्मेंदारी तो थी ही , साथ में वो घर के सारे सदस्य के लिए भी सोचने वाले व्यक्ति थे।

इसी तरह शाम हो गई और पापा घर लौट आए ऑफिस से । प्राची आज बहुत ज़्यादा उत्सुक थी अपने पापा से बात करने के लिए । पापा ऑफिस से आने के बाद अपने कमरे में अपना बैग रखने और कपड़े बदलने के लिए चल दिए , प्राची वी उनके पीछे आई और उनके हाथ से उनका बैग ले लिया : इधर लाईए पापा मै रख दूं इसे ।

पापा: क्या बात है , आज मेरी पत्नी बेटी , बड़ा खातिरदारी के रही है मेरे । क्या हुआ मेरी जान , मेरा आज भाग्यशाली दिन है या मेरी बेटी की चूत ज्यादा गीली हो रही है पापा के लन्ड के लिए।

प्राची शर्मा गई : पापा , आप भी ना , वो क्यों गीली होगी।

पापा: अरे शर्मा क्या रही हो मेरी जान , मेरे लिंग के नाम से ही आपके वहां आग नहीं लग जाती है क्या ? आपने ही तो कहा था मैडम की , अब हमेशा गीली रहती है आपकी चूत जैसे ही आपको हमारी याद आती है।

प्राची : बहुत शैतान हो गए है आप पापा। हर समय मुझे प्यार हो करना चाहते है। और रात को तो आप पूरी रात हो मुझे पागल कर देते है।

पापा: बोलो तो अभी फिर से पागल के दूं। बस किवाड़ ही तो लगाना है।

प्राची : हट बदमाश , आप भी न बारे वो हो गए है पापा।

पापा: वो बोले तो क्या मेरी रानी।

प्राची : वो बोले तो , हवसी दरिंदा।

पापा: क्या , अच्छा , मै ही हु सिर्फ , ओर वो जो तुम मेरे लिंग पे बैठ के मुझ से नॉन स्टॉप चुदावती हो । उस समय तो सारे लाज शर्म से तो तुम भी दूर हो जाती हो ।

प्राची : पापा , आप प्यार ही इतना देते है मुझे । मै कभी कभी बस आप पे भी प्यार लुटा देती हु।

पापा ने प्राची के गले में हाथ डाल और कान ने हल्का सा फुसफुसा के बोला : मेरी जान , क्या तुम मुझ पे शिमला में भी प्यार लुटाएगी , पहाड़ की वादियों के बीच।

प्राची ये सुनते ही समझ गई कि पापा ने शिमला की तैयारी कर ली है।

प्राची : सच पापा , हम शिमला जा रहे है ।

पापा: तो फिर , अपने बाबू के साथ हनीमून पे प्यार नहीं करूंगा तो कैसे चलेगा । शिमला में प्यार करने ले लिए शिमला तो जाना पड़ेगा न ।

प्राची : सच....पापा।

पापा: हां बेटी , मैने टिकट बुक करवा लिया है मेरी जान , हम अगले 25 तारीख को जा रहे है ।

प्राची खुशी से चहक उठी : ओह पापा , यू आर सो स्वीट।

पापा: और बेटी , यू आर हॉट।

प्राची : धत् बदमाश। अच्छा ये बताइए , हम कितने दिनों के लिए जा रहे है ।

पापा: सारी डिटेल आपको फ्री में दे दु क्या मेरी जान ।

प्राची : तो मेरे से भी पैसे लेंगे आप ये सब बताने के लिए ।

पापा: पैसे को मांग रहा है मेरी भोली बेटी , मुझे तो तुम्हारी गरम रस से गीली , चपचप करती ओर लूप लूपाती योनि चाहिए। और आज रात को एक गिफ्ट भी चाहिए,फिर इत्मीनान से बताऊंगा सारी डिटेल।

प्राची : ( झूठा गुस्सा दिखाते हुए ) : हट , आप बारे शैतान पापा हो , खाली अपने बेटी को चोदने की सोचते हो।

पापा: बेटी को चोदने का मजा ही अलग है मेरी जान , जब मैने तुम्हे चोदना शुरू किया तब से एक अलग ही सुख पा रहा हु मेरी बेटी ।

तभी बाहर से दादी का आवाज आया : प्राची , कहा चली गई बहु ? पापा की चाय तो बना दे ,मै डिनर की तैयारी कर लूं तब तक।

प्राची अचानक से : अजी हटिए , जाने दीजिए , दादी आवाज दे रही है । आपको चाय देने के लिए ।

पापा: मुझे चाय नहीं पीना , तुम्हारा दूध पीना है बेटी ।

प्राची पापा का हाथ से अपने को आजाद करते हुए : बड़े शरारती है आप ,मेरे पतिदेव । जाने दीजिए , हटिए । नहीं तो दादी, घर सर पे उठा लेगी।

इतना कह के प्राची मुस्कुराते हुए कमरे से बाहर भाग गई ।

पापा को प्राची की ये मदहोशी भरी मुस्कुराहट और उस अदा दिखाते हुए भागना भा सा गया । वो अपने को बहुत नाज के रहे थे कि वो एक ऐसे अदाओं वाली लड़की के साथ रात रात भर सम्भोग के सकते थे ।
 

sexsarkar

Member
205
876
94
Update 33:

डिनर टेबल पे सज चुका था । पापा ,प्रज्ञा , प्राची और दादी अब बैठ के डिनर करने लगे । पापा ने ट्रिप के बारे में कुछ भी बात नहीं की और चुप चाप सब अपना अपना खाना खत्म करने लगे ।

प्रज्ञा : पापा मुझे कुछ पैसे चाहिए थे ।

दादी : क्यों मेरी पोती तुझको पैसे का क्या काम । कुछ लाना हो तो पापा को ही बता दे न पापा ले आयेंगे बाजार से ऑफिस से आने वक्त।

प्रज्ञा : नहीं दादी , मेरे पास कपड़ों की कमी हो गई है । अगर ट्रिप पे जाना हुआ तो मेरे पास कोई भी कपड़े नहीं है ढंग का जो मै वहां पहन सकूं।

पापा: अरे ऐसा कैसे , मेरी बेटी को कपड़े की कमी नहीं होनी चाहिए । वैसे भी मां कपड़े तो लोगो को अपने से जा के लेना चाहिए , साइज , कलर , कौन सा डिजाइन प्रज्ञा को पसंद आए , ये उसी को जा के लेना चाहिए ।

दादी : ठीक है बेटा , मै चली जाऊंगी इसके साथ।

प्राची : दादी आप क्यों तकलीफ़ करेंगी । आपके तो पैर में भी दर्द रहता है । मै चली जाऊंगी प्रज्ञा के साथ । क्यों प्रज्ञा ?

प्रज्ञा : हा दीदी , आप के साथ ही जाने का सोच रही थी ।

पापा: ठीक है बाबू , तुम ओर प्रज्ञा चली जाओ , पैसे जितने लगे बता देना । मै दे दूंगा ।

प्रज्ञा : वाओ पापा, आप कितने अच्छे है , आपके जैसा पापा सबको मिले ।

प्राची : हां प्रज्ञा , पापा सच में तेरा बड़ा ख्याल करते है। तू उनकी छुटकी जो ठहरी। हाहाहाहाहा...

प्रज्ञा : ऊझ्ह दीदी, अब मैं छुटकी कहा हु । अब मैं बड़ी हो गई हु । मेरा हाइट भी बढ़ गया है । और अब तो मुझे ब्रा भी फिट आने लगी है।

वही फ्लो फ्लो में कुछ भी बोल देना । प्रज्ञा ने ऐसे ही पापा और दादी के सामने ये ऐलान कर दिया था कि उसकी चूची बड़ी हो गई है।

पापा प्रज्ञा की बाद सुन के एक झूठी खांसी स कर दिया ।

दादी : अरे बिल्कुल ही दिमाग नहीं लगती है लड़की । ये सब पापा के सामने तो मत बोल।

पापा: अरे मां डांट क्यों लगा रही हो आप , प्रज्ञा अब सचमे बड़ी हो रही है । इसमें शर्म कैसा । बड़े होने के क्रम में ये सब होता ही है बेटी । हाइट, वेट, शरीर की बनावट में चेंज होना , सब नेचुरल है ।

प्राची : हां दादी , प्रज्ञा सुंदर भी होती जा रही है बड़ी होने के साथ। ऐसी सुन्दर लड़की बहुत कम होती है । सच में मुझे अच्छा लगता है कि प्रज्ञा जैसी मेरी एक बहन है।

प्रज्ञा : थैंक्स दीदी और पापा। दादी सॉरी मै सोचती ही नहीं बोलने से पहले । मुझे ब्रा के बारे में नहीं बोलनी चाहिए थी ।

पापा: अरे बेटा , मुझ से या घर में इतना शर्माने या संकोची होने का कोई जरूरत नहीं है , तू जैसी है , वैसी ही रह और घर में एकदम खुल के अपने भाव और विचार रख सकती है।

दादी : अरे कोई सीमा तो होनी चाहिए ना एक पुरुष के सामने या अपने पापा के सामने । जो एक स्त्री के शरीर को लेके इसकी जियास है मैं तो उसके लिए ही इससे टोकती हु बेटा । ये अभी थोड़ी जानती है कि मर्द ये सब बाते अपने बेटी से करने में बचते है थोड़ा । कुछ ऊंच नीच हो गया तो।

पापा: मां तुम को मेरे पे भरोसा नहीं है क्या ? क्या मैने प्राची को ,उससे मेरी शादी होने से पहले कभी ऐसे नजरों से देखा था क्या । तो प्रज्ञा को निश्चिन्त हो जाने दो । मै उसका पापा ही हु। और एक बेटी की तरह ही प्यार दूंगा ।

दादी : अरे बेटा मेरे कहने का वो मतलब नहीं था । मुझे गलत मत समझ । बस स्त्री की थोड़ा अपने आप को संभाल के रखना या बोलना चाहिए घर के पुरुष के सामने ।

पापा: अरे मां वो जमाना गया । अब लड़कियां भी घर का भार उठाती है। जैसे अगर प्राची इस घर के बारे में नहीं सोचती तो कभी मुझ से शादी नहीं करती । अपने घर को बचाने के लिए इसने अपने बाप से ही शादी करने का फैसला लिया । ये बहुत बड़ी बात है मां। अब मैं चाहता हु कि मेरे बेटी प्रज्ञा पे भी कोई पाबन्दी नहीं हो घर ने की वो कुछ सोचे फिर बोले ।

प्रज्ञा : थैंक्यू पापा।

प्रज्ञा का खाना खत्म हो चुका था तो वो अपना थाली लिए किचन की ओर चल दी । उधर प्राची ,पापा ओर दादी भी लगभग अपना अपना खाना खत्म हो कर चुके थे ।

दादी : बेटा अभी तुम दोनों साथ ही हो तो एक बात पूछनी थी ।

पापा: हां मां बोलो ना।

दादी : बेटा तेरे और प्राची के शादी हुए लगभग 2 महीने से ज्यादा हो चुके है । कैसी चल रही है तुम दोनों के बीच का जीवन। एक दूसरे को प्यार तो करते ही ना।

पापा प्राची की ओर देखे , वो इस सवाल से अपनी निगाहें नीचे के ली लाज से।

पापा: हां मा , हमारे बीच में अच्छा चल रहा है सब ।

दादी : मेरा मतलब अच्छा से ये था कि , रात का मिलन हो रहा है ना ?

पापा : हां मा लगभग हर दिन ही हो रहा है ।

प्राची अपने पैर की उंगलियों को आपस में रगड़ ने लगी , उसे बहुत जायदा शर्म आ रही थी । दादी के सामने या पापा के सामने तो वो एकदम खुल के बाद करती थी इन सब मामलों में, लेकिन आज जब दोनों एक साथ ही उसके और उसके पापा के बीच ही चूदाई के बारे में उसकी मौजूदगी में इतना खुल के बात कर रहे थे तो उसे बहुत ही अजीब लग रहा था ।

दादी : बेटा , एक बात और पुछूं, थोड़ा पर्सनल हो जाएगा तुम दोनों के लिए ,पर मेरा मन बेचैन है ये पूछने के लिए ।

पापा: मा ऐसा क्या बात है , बिल्कुल पूछो , तुमसे कुछ छुपा थोड़ी है , तुमने ही तो मेरा और प्राची का मिलन करवाया था । तुम्हे पूछने का हक है मां।

दादी : बेटा , तुम दोनों जो संभोग करते हो , तो अंत में क्या तुम प्राची के योनि में अपना रस नहीं डालते ? या कंडोम उसे करने लगे हो ?

पापा एक दम कम्फ़र्टेबल लग रहे थे दादी से इस मामले में बात करने में । लेकिन प्राची शर्म के मारे मरे जा रही थी । उससे विश्वाश नहीं हो रहा था कि दादी पापा के सामने ही उसे ये सब सवाल कर रही थी।

पापा: अरे मां,अपने तो पहले ही कहा था मुझे कॉन्डम का इस्तेमाल नहीं करने के लिए , तो मैं कैसे कर सकता हु । और रही बात मेरे वीर्य की तो मैं प्राची के योनि में ही भरता हु मां।

दादी : ओह , तब बेटा प्राची को गर्भ धारण क्यों नहीं हो रहा है । मुझे चिंता सी हो रही है।

पापा: अरे मां, गर्भ धारण का होने के लिए हजारों चीजें का एकदम सही होना जरूरी है , हो सकता है प्राची अभी ज्यादा मैच्योर नहीं हुई है बॉडी से और अभी भी पूरा शक्ति नहीं आई हो इसमें गर्भ धारण का , या हो सकता है , की हमे ओर कोशिश करने से रिज़ल्ट मिल जाए , वैसे भी टाइम की कितना हुआ है हमारी शादी को ।

दादी : बेटा मुझे थोड़ा डर लग रह था ,ओर प्राची की चिंता भी हो रही थी , हो ना हो , लेकिन तू कल सबेरे प्राची को एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से दिखावा ले एक बार ।

पापा: अरे मां,प्राची कोई बीमार थोड़ी है जो डॉक्टर से दिखावा दूं, अभी तो हम ट्राई कर ही रहे है ना , बहुत लोगों के तो शादी के बाद 1-2 साल कोशिश करते रहने के बाद वो बच्चा होता है । प्राची एकदम ठीक है मां जल्दी ही गर्भ धारण कर लेगी ये, देखना ।

दादी : नहीं नहीं बेटा मैं ये नहीं कह रही ही कि प्राची बीमार है या उसे कोई प्रोब्लम है । बस एक बार चेकअप करा के तसल्ली हो जाए, तो तुमलोग हनीमून पे जम के कोशिश करना , शायद भगवान की कृपा हो जाए ।

पापा : ठीक है मां ऐसी बात है तो अगले ही रविवार को प्राची को डॉक्टर सुषमा के यहां दिखावा दूंगा ।

दादी : ठीक है बेटा , प्राची मेरी बातों का बुरा मत मानना , बस तेरी भलाई के लिए ही बोल रही हु , एक बार चेकअप हो जाए तेरा तो तू भी निश्चिन्त से वैवाहिक जीवन का आनंद लेती रहना आराम से , बच्चा हो ही जाएगा ।

प्राची शर्माते हुए ,नज़ारे नीचे किए हुए ही बोली: जी दादी , आपको ठीक लग रहा है तो चेकअप करवा लूंगी पापा के साथ जा के ।

पापा : मां 25 को हमे शिमला भी निकलना है । तुम और प्रज्ञा भी साथ चल रहे है। तैयारी स्टार्ट कर लेना ।

दादी : ओह कितने दिनों का प्लान है बेटा ।

पापा: वो सब अभी नहीं बता सकता । प्राची को बताने के बाद बताऊंगा ।

दादी पापा की ये बात समझ नहीं सकी ।

दादी : मतलब ?

प्राची : दादी मतलब पापा को मुझ से कोई गिफ्ट चाहिए तब ये मुझे बताएंगे ।

दादी मुस्कुराते हुए : और वो गिफ्ट क्या है बेटी ।

प्राची : दादी पापा ने अब तक बताया नहीं है ।

पापा: अरे मै ले लूंगा प्राची से मां आप टैंशन मत लो ।

दादी : हाहाहाहाहा...तुम दोनों मियां बीवी का खेल तुम दोनों ही जानो । जो भी है ,बस ऐसे ही खुशी बने रहे तुम दोनों के बीच । मांग लेना अपनी बेटी से अपना गिफ्ट , मुझे नहीं पड़ना तुम दोनों के इस खेल में । चलो मेरा खाना हो गया । मैं चलती हु ।

प्राची : लाओ दादी मै उठा लेती हु आपका भी बर्तन । प्राची , पापा ओर दादी का बर्तन उठा के किचेन की ओर चल पड़ी।
 
Last edited:

dhparikh

Well-Known Member
13,774
15,887
228
Update 33:

डिनर टेबल पे सज चुका था । पापा ,प्रज्ञा , प्राची और दादी अब बैठ के डिनर करने लगे । पापा ने ट्रिप के बारे में कुछ भी बात नहीं की और चुप चाप सब अपना अपना खाना खत्म करने लगे ।

प्रज्ञा : पापा मुझे कुछ पैसे चाहिए थे ।

दादी : क्यों मेरी पोती तुझको पैसे का क्या काम । कुछ लाना हो तो पापा को ही बता दे न पापा ले आयेंगे बाजार से ऑफिस से आने वक्त।

प्रज्ञा : नहीं दादी , मेरे पास कपड़ों की कमी हो गई है । अगर ट्रिप पे जाना हुआ तो मेरे पास कोई भी कपड़े नहीं है ढंग का जो मै वहां पहन सकूं।

पापा: अरे ऐसा कैसे , मेरी बेटी को कपड़े की कमी नहीं होनी चाहिए । वैसे भी मां कपड़े तो लोगो को अपने से जा के लेना चाहिए , साइज , कलर , कौन सा डिजाइन प्रज्ञा को पसंद आए , ये उसी को जा के लेना चाहिए ।

दादी : ठीक है बेटा , मै चली जाऊंगी इसके साथ।

प्राची : दादी आप क्यों तकलीफ़ करेंगी । आपके तो पैर में भी दर्द रहता है । मै चली जाऊंगी प्रज्ञा के साथ । क्यों प्रज्ञा ?

प्रज्ञा : हा दीदी , आप के साथ ही जाने का सोच रही थी ।

पापा: ठीक है बाबू , तुम ओर प्रज्ञा चली जाओ , पैसे जितने लगे बता देना । मै दे दूंगा ।

प्रज्ञा : वाओ पापा, आप कितने अच्छे है , आपके जैसा पापा सबको मिले ।

प्राची : हां प्रज्ञा , पापा सच में तेरा बड़ा ख्याल करते है। तू उनकी छुटकी जो ठहरी। हाहाहाहाहा...

प्रज्ञा : ऊझ्ह दीदी, अब मैं छुटकी कहा हु । अब मैं बड़ी हो गई हु । मेरा हाइट भी बढ़ गया है । और अब तो मुझे ब्रा भी फिट आने लगी है।

वही फ्लो फ्लो में कुछ भी बोल देना । प्रज्ञा ने ऐसे ही पापा और दादी के सामने ये ऐलान कर दिया था कि उसकी चूची बड़ी हो गई है।

पापा प्रज्ञा की बाद सुन के एक झूठी खांसी स कर दिया ।

दादी : अरे बिल्कुल ही दिमाग नहीं लगती है लड़की । ये सब पापा के सामने तो मत बोल।

पापा: अरे मां डांट क्यों लगा रही हो आप , प्रज्ञा अब सचमे बड़ी हो रही है । इसमें शर्म कैसा । बड़े होने के क्रम में ये सब होता ही है बेटी । हाइट, वेट, शरीर की बनावट में चेंज होना , सब नेचुरल है ।

प्राची : हां दादी , प्रज्ञा सुंदर भी होती जा रही है बड़ी होने के साथ। ऐसी सुन्दर लड़की बहुत कम होती है । सच में मुझे अच्छा लगता है कि प्रज्ञा जैसी मेरी एक बहन है।

प्रज्ञा : थैंक्स दीदी और पापा। दादी सॉरी मै सोचती ही नहीं बोलने से पहले । मुझे ब्रा के बारे में नहीं बोलनी चाहिए थी ।

पापा: अरे बेटा , मुझ से या घर में इतना शर्माने या संकोची होने का कोई जरूरत नहीं है , तू जैसी है , वैसी ही रह और घर में एकदम खुल के अपने भाव और विचार रख सकती है।

दादी : अरे कोई सीमा तो होनी चाहिए ना एक पुरुष के सामने या अपने पापा के सामने । जो एक स्त्री के शरीर को लेके इसकी जियास है मैं तो उसके लिए ही इससे टोकती हु बेटा । ये अभी थोड़ी जानती है कि मर्द ये सब बाते अपने बेटी से करने में बचते है थोड़ा । कुछ ऊंच नीच हो गया तो।

पापा: मां तुम को मेरे पे भरोसा नहीं है क्या ? क्या मैने प्राची को ,उससे मेरी शादी होने से पहले कभी ऐसे नजरों से देखा था क्या । तो प्रज्ञा को निश्चिन्त हो जाने दो । मै उसका पापा ही हु। और एक बेटी की तरह ही प्यार दूंगा ।

दादी : अरे बेटा मेरे कहने का वो मतलब नहीं था । मुझे गलत मत समझ । बस स्त्री की थोड़ा अपने आप को संभाल के रखना या बोलना चाहिए घर के पुरुष के सामने ।

पापा: अरे मां वो जमाना गया । अब लड़कियां भी घर का भार उठाती है। जैसे अगर प्राची इस घर के बारे में नहीं सोचती तो कभी मुझ से शादी नहीं करती । अपने घर को बचाने के लिए इसने अपने बाप से ही शादी करने का फैसला लिया । ये बहुत बड़ी बात है मां। अब मैं चाहता हु कि मेरे बेटी प्रज्ञा पे भी कोई पाबन्दी नहीं हो घर ने की वो कुछ सोचे फिर बोले ।

प्रज्ञा : थैंक्यू पापा।

प्रज्ञा का खाना खत्म हो चुका था तो वो अपना थाली लिए किचन की ओर चल दी । उधर प्राची ,पापा ओर दादी भी लगभग अपना अपना खाना खत्म हो कर चुके थे ।

दादी : बेटा अभी तुम दोनों साथ ही हो तो एक बात पूछनी थी ।

पापा: हां मां बोलो ना।

दादी : बेटा तेरे और प्राची के शादी हुए लगभग 2 महीने से ज्यादा हो चुके है । कैसी चल रही है तुम दोनों के बीच का जीवन। एक दूसरे को प्यार तो करते ही ना।

पापा प्राची की ओर देखे , वो इस सवाल से अपनी निगाहें नीचे के ली लाज से।

पापा: हां मा , हमारे बीच में अच्छा चल रहा है सब ।

दादी : मेरा मतलब अच्छा से ये था कि , रात का मिलन हो रहा है ना ?

पापा : हां मा लगभग हर दिन ही हो रहा है ।

प्राची अपने पैर की उंगलियों को आपस में रगड़ ने लगी , उसे बहुत जायदा शर्म आ रही थी । दादी के सामने या पापा के सामने तो वो एकदम खुल के बाद करती थी इन सब मामलों में, लेकिन आज जब दोनों एक साथ ही उसके और उसके पापा के बीच ही चूदाई के बारे में उसकी मौजूदगी में इतना खुल के बात कर रहे थे तो उसे बहुत ही अजीब लग रहा था ।

दादी : बेटा , एक बात और पुछूं, थोड़ा पर्सनल हो जाएगा तुम दोनों के लिए ,पर मेरा मन बेचैन है ये पूछने के लिए ।

पापा: मा ऐसा क्या बात है , बिल्कुल पूछो , तुमसे कुछ छुपा थोड़ी है , तुमने ही तो मेरा और प्राची का मिलन करवाया था । तुम्हे पूछने का हक है मां।

दादी : बेटा , तुम दोनों जो संभोग करते हो , तो अंत में क्या तुम प्राची के योनि में अपना रस नहीं डालते ? या कंडोम उसे करने लगे हो ?

पापा एक दम कम्फ़र्टेबल लग रहे थे दादी से इस मामले में बात करने में । लेकिन प्राची शर्म के मारे मरे जा रही थी । उससे विश्वाश नहीं हो रहा था कि दादी पापा के सामने ही उसे ये सब सवाल कर रही थी।

पापा: अरे मां,अपने तो पहले ही कहा था मुझे कॉन्डम का इस्तेमाल नहीं करने के लिए , तो मैं कैसे कर सकता हु । और रही बात मेरे वीर्य की तो मैं प्राची के योनि में ही भरता हु मां।

दादी : ओह , तब बेटा प्राची को गर्भ धारण क्यों नहीं हो रहा है । मुझे चिंता सी हो रही है।

पापा: अरे मां, गर्भ धारण का होने के लिए हजारों चीजें का एकदम सही होना जरूरी है , हो सकता है प्राची अभी ज्यादा मैच्योर नहीं हुई है बॉडी से और अभी भी पूरा शक्ति नहीं आई हो इसमें गर्भ धारण का , या हो सकता है , की हमे ओर कोशिश करने से रिज़ल्ट मिल जाए , वैसे भी टाइम की कितना हुआ है हमारी शादी को ।

दादी : बेटा मुझे थोड़ा डर लग रह था ,ओर प्राची की चिंता भी हो रही थी , हो ना हो , लेकिन तू कल सबेरे प्राची को एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से दिखावा ले एक बार ।

पापा: अरे मां,प्राची कोई बीमार थोड़ी है जो डॉक्टर से दिखावा दूं, अभी तो हम ट्राई कर ही रहे है ना , बहुत लोगों के तो शादी के बाद 1-2 साल कोशिश करते रहने के बाद वो बच्चा होता है । प्राची एकदम ठीक है मां जल्दी ही गर्भ धारण कर लेगी ये, देखना ।

दादी : नहीं नहीं बेटा मैं ये नहीं कह रही ही कि प्राची बीमार है या उसे कोई प्रोब्लम है । बस एक बार चेकअप करा के तसल्ली हो जाए, तो तुमलोग हनीमून पे जम के कोशिश करना , शायद भगवान की कृपा हो जाए ।

पापा : ठीक है मां ऐसी बात है तो अगले ही रविवार को प्राची को डॉक्टर सुषमा के यहां दिखावा दूंगा ।

दादी : ठीक है बेटा , प्राची मेरी बातों का बुरा मत मानना , बस तेरी भलाई के लिए ही बोल रही हु , एक बार चेकअप हो जाए तेरा तो तू भी निश्चिन्त से वैवाहिक जीवन का आनंद लेती रहना आराम से , बच्चा हो ही जाएगा ।

प्राची शर्माते हुए ,नज़ारे नीचे किए हुए ही बोली: जी दादी , आपको ठीक लग रहा है तो चेकअप करवा लूंगी पापा के साथ जा के ।

पापा : मां 25 को हमे शिमला भी निकलना है । तुम और प्रज्ञा भी साथ चल रहे है। तैयारी स्टार्ट कर लेना ।

दादी : ओह कितने दिनों का प्लान है बेटा ।

पापा: वो सब अभी नहीं बता सकता । प्राची को बताने के बाद बताऊंगा ।

दादी पापा की ये बात समझ नहीं सकी ।

दादी : मतलब ?

प्राची : दादी मतलब पापा को मुझ से कोई गिफ्ट चाहिए तब ये मुझे बताएंगे ।

दादी मुस्कुराते हुए : और वो गिफ्ट क्या है बेटी ।

प्राची : दादी पापा ने अब तक बताया नहीं है ।

पापा: अरे मै ले लूंगा प्राची से मां आप टैंशन मत लो ।

दादी : हाहाहाहाहा...तुम दोनों मियां बीवी का खेल तुम दोनों ही जानो । जो भी है ,बस ऐसे ही खुशी बने रहे तुम दोनों के बीच । मांग लेना अपनी बेटी से अपना गिफ्ट , मुझे नहीं पड़ना तुम दोनों के इस खेल में । चलो मेरा खाना हो गया । मैं चलती हु ।

प्राची : लाओ दादी मै उठा लेती हु आपका भी बर्तन । प्राची , पापा ओर दादी का बर्तन उठा के किचेन की ओर चल पड़ी।
Nice update....
 
  • Like
Reactions: sexsarkar
Top