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Fantasy विलासपुर राज्य ( क्रूर राजा और उसके राज्य की मजबूर औरतें )

Dear readers, kuch log chahte he ki me ye kahani hinglish me continue karu, aap sabhi ki kya ray he?


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नटखट कहानियां
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प्रकरण सूची

विनम्र निवेदन
बहुत सारे पाठक कहानी को पढ़ कर बिना लाइक और कमैंट्स किये ही चले जाते हैँ, इस बात से हम लेखकों को बहुत हतोत्साहित महसूस होता है, कृपया आप ऐसा ना करें | हमारी आपसे विनम्र विनती है, की कहानी पढ़िए, आनंद लीजिये, फिर अपने कीमती कमैंट्स ज़रूर कीजिये, हमें बताइये आपको क्या पसंद और क्या नापसंद है | पाठकों की पसंद हमारे लिए सर्वोपरि है | हमारी कहानी के आने वाले भागों में और हमारी आने वाली नई कहानियों में, पाठकों की पसंद का खास ध्यान रखा जायेगा | धन्यवाद | 🙏
 
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आपकी कविता के सामने तो कुछ भी नहीं, आपकी कविता अगर ताज महल है तो ये किसी मकबरे के सामान!

श्रीमान | ऐसा कहना आपके विनम्र और कोमल स्वभाव को दर्शाता है |
वैसे भी मित्र, मेरी कविता से आपकी कविता की तुलना हो ही नहीं सकती | क्योंकि आपकी कविता शृंगार रस के अधिक करीब है, पर मेरी वो कविता केवल कामोत्तेजना को प्रज्ज्वलित करने के प्रयोजन से एक नटखटी अंदाज़ में लिखी गई है, जिसे पढ़ कर इस मंच पर मौजूद हमारे शरारती भाई-बहनों को मज़ा आ जाये |

हम सभी आपको भविष्य में और पढ़ना चाहेंगे, मै उत्सुक हूँ पढ़ने के लिए, कि आपकी कलम और क्या-क्या अपने भीतर दबाये बैठी है |
बस एक विनती और सुझाव है, इस बार हम सबने आपकी सहजता देखि, अगली बार हम आपका नटखट अंदाज़ भी देखना चाहेंगे | आप समझ रहे हैं ना, कि मै क्या कहना चाह रहा हूँ श्रीमान ? :wink:





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आपसे विनती है कृपया मुझे फॉलो कर लें, और फॉलो करते समय ऊपर के 3 बॉक्सेस पर टिक ज़रूर कर लें, जिससे मेरा हर अपडेट आप तक उचित समय पर स्वयं ही पंहुच जाये | क्योंकि जैसे जैसे पाठकों की संख्या बढ़ेगी, सभी पाठकों को एक एक करके सूचित करना कठिन होता जायेगा |
आशा करता हूँ आपको मेरा काम आगे भी अच्छा लगेगा | पढ़ें और आनंद लें | धन्यवाद |
 
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Bhai story kab shuru hogi

कहानी का पहला भाग प्रकाशित हो चुका है श्रीमान | कृपया पढ़ें, और आनंद लें |




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आपसे विनती है कृपया मुझे फॉलो कर लें, और फॉलो करते समय ऊपर के 3 बॉक्सेस पर टिक ज़रूर कर लें, जिससे मेरा हर अपडेट आप तक उचित समय पर स्वयं ही पंहुच जाये | क्योंकि जैसे जैसे पाठकों की संख्या बढ़ेगी, सभी पाठकों को एक एक करके सूचित करना कठिन होता जायेगा |
आशा करता हूँ आपको मेरा काम आगे भी अच्छा लगेगा |

धन्यवाद |
 
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rajeev13

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श्रीमान | ऐसा कहना आपके विनम्र और कोमल स्वभाव को दर्शाता है |
वैसे भी मित्र, मेरी कविता से आपकी कविता की तुलना हो ही नहीं सकती | क्योंकि आपकी कविता शृंगार रस के अधिक करीब है, पर मेरी वो कविता केवल कामोत्तेजना को प्रज्ज्वलित करने के प्रयोजन से एक नटखटी अंदाज़ में लिखी गई है, जिसे पढ़ कर इस मंच पर मौजूद हमारे शरारती भाई-बहनों को मज़ा आ जाये |

हम सभी आपको भविष्य में और पढ़ना चाहेंगे, मै उत्सुक हूँ पढ़ने के लिए, कि आपकी कलम और क्या-क्या अपने भीतर दबाये बैठी है |
बस एक विनती और सुझाव है, इस बार हम सबने आपकी सहजता देखि, अगली बार हम आपका नटखट अंदाज़ भी देखना चाहेंगे | आप समझ रहे हैं ना, कि मै क्या कहना चाह रहा हूँ श्रीमान ? :wink:





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आपसे विनती है कृपया मुझे फॉलो कर लें, और फॉलो करते समय ऊपर के 3 बॉक्सेस पर टिक ज़रूर कर लें, जिससे मेरा हर अपडेट आप तक उचित समय पर स्वयं ही पंहुच जाये | क्योंकि जैसे जैसे पाठकों की संख्या बढ़ेगी, सभी पाठकों को एक एक करके सूचित करना कठिन होता जायेगा |
आशा करता हूँ आपको मेरा काम आगे भी अच्छा लगेगा | पढ़ें और आनंद लें | धन्यवाद |
जरूर मित्र, वैसे ऐसी कविता लिखने में बहुत समय जाता है और हम IT सेक्टर वालों के पास समय की ही बहुत कमी रहती है!

किन्तु प्रयास करूँगा।
 
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जरूर मित्र, वैसे ऐसी कविता लिखने में बहुत समय जाता है और हम IT सेक्टर वालों के पास समय की ही बहुत कमी रहती है!

किन्तु प्रयास करूँगा।

जी मै समझ सकता हूँ | आप कविता की जगह शेर-ओ-शायरी भी लिख सकते हैं, 2 या 4 पंक्तियों की | 1 कविता पूरी करने में कभी कभी 1 हफ्ता भी लग जाता है, पर छोटे-छोटे शेर तो आप 1 हफ्ते में 3 - 4 आराम से लिख सकते हैं | इससे आप पर कोई बोझ भी नहीं रहेगा, मज़ा भी ज़्यादा आएगा आपको लिखने में, और हमें पढ़ने में | मेरे ख्याल में ये एक बेहतर उपाय है |
 

pussylover1

Milf lover.
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भाग - 1 ( बादशाह कासिम का सवेरा )

साथियों, मै हाज़िर हूं आपके लिए कहानी का पहला भाग लेकर । तो चलिए मै आप सभी को ले चलता हूं एक रोमांचक सफर पर, विलासपुर नगर में, बादशाह कासिम के किले में। सुबह सुबह 6 बजे का वक्त है। पंछियों की धीमी धीमी आवाज़ सुबह का संदेश देने लगी है। बादशाह कासिम अपने शयनकक्ष में गहरी नींद में सोए हुए हैं। उनके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं है। ज़ाहिर है, राजा जी सोते वक्त कपड़ों का बोझ क्यों ही झेलेंगे।


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अरे, यह मै क्या देख रहा हूं, बादशाह के शयनकक्ष में, 5 कोमलांगिनियों ( सुंदर स्त्रियों ) का आगमन होता है। चलिए उन खूबसूरत हसीनाओं के हुस्न से आपको रूबरू कराता हूं। पहली हसीना है बादशाह कासिम की बेगम, फातिमा जी। उम्र, 42, पर इनकी जवानी, इसके तो क्या कहने।


Malika-Fatima


एक सुंदर सी पोषक से, बेगम जी ने अपने फूल से कोमल बदन को ढक रखा है। एक लाल रंग का मखमली पेशवाज, और नीचे खूबसूरत चूड़ीदार पजामा, रानी जी के हुस्न के जलवों को, हमारी नज़रों से दूर किये बैठा है। होंठों पर लाली, बदन पर गहने, और चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान लिए, रानी जी बादशाह के बिस्तर की ओर बढ़ी चली आ रही हैं। उनके साथ जो 4 सुंदरियां हैं, वे कौन हैं, आप यही सोच रहे होंगे। तो आपको बता दूं, वे चारों, बादशाह की दासियां हैं। जो बेगम फातिमा के पीछे, कदम से कदम मिला कर, बढ़ी चली आ रही हैं। सभी दसियों ने सुंदर सुंदर सलवार और कुरते पहने हुए हैं, होठों पर लाली है, बाल खुले हुए, और सूरत, सूरत तो सभी की ऐसी जैसे धरती पर जन्नत से उतर कर अप्सराएं ही आ गई हों।

सभी औरतें, बादशाह के बिस्तर तक आती हैं। बेग़म फातिमा, बादशाह के चेहरे के करीब बैठ जाती हैं। 2 दासियां बादशाह के पैरों के पास, और 2 बादशाह की कमर के पास बैठ जाती हैं। अब द्रश्य यह है, की बादशाह बिस्तर पर पीठ के बल, फैल कर नग्न अवस्था में लेटे हुए गहरी नींद में सो रहे हैं, और 5 हसीनाएं उन्हें घेर कर, उनके पास बैठ चुकी हैं।



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इतने में ही, बेग़म फातिमा, धीरे से अपने चेहरे को, बादशाह कासिम के चेहरे के पास लेजाती हैं, अपना एक हाथ, बादशाह के गाल पर रखती हैं, और अपने लाल सुकोमल होंठों से, गहरी नींद में सोए हुए बादशाह के होंठों पर, प्यार भरे मीठे-मीठे चुम्बन लेने लगती हैं। यूं लगता है, की बेग़म का हर चुम्बन बादशाह से कह रहा हो, कि, "जागो मेरे बादशाह, सुबह हो गई है, आपकी मलिका आपकी खिदमत में हाज़िर है"।
इसी के साथ, सभी दासियां, बेहद प्यार से, बादशाह के पूरे नंगे जिस्म पर, हल्के हल्के चुम्बन लेना शुरू कर देती हैं। देखते ही देखते आलम यूं हो गया है, कि बादशाह के नंगे बदन के जिस भी अंग पर नज़र डालो, कोई एक सुंदरी उसपर अपने रसीले होंठों का रस बरसाती नज़र आती है। बादशाह के पैर, जांघें, पेट, छाती, बाहें, कुछ भी सूखा नहीं रह गया है अब। और हां, आप सोच रहे होंगे मैने बादशाह के लिंग का ज़िक्र नहीं किया, है ना? तो जनाब यह भी कोई कहने वाली बात है। बादशाह के लिंग पर तो एक दासी के होंठ जैसे चिपक ही गए हैं।

अबतक तो आप समझ ही गए होंगे के ये सब क्या हो रहा है, और क्यों हो रहा है। नहीं समझे, तो मै बता देता हूं आपको। जिस तरह हम सभी सुबह अलार्म से उठते हैं, ये जो आपने पिछली कुछ पंक्तियों में पढ़ा, ये हमारे राजा की का अलार्म है। सभी हसीनाएं, ये जतन, अपने बादशाह को नींद से जगाने के लिए कर रही हैं। और ये सब हर रोज़ किसके आदेश पर होता है, बादशाह के? नहीं पगलों, बेग़म के आदेश पर होता है। राजा जी की सुबह को रंगीन बनाने की यह योजना, हमारी मलिका फातिमा जी की है। और इस काम के लिए, बेग़म जी ने खुद अपने हरम की सबसे सुंदर और नौजवान युवतियों को चुना है।

बादशाह कासिम की आंखें अभी खुली नहीं थीं, लेकिन दासी के कोमल होंठों के स्पर्श से, बादशाह के लिंग में तनाव आना शुरू हो गया था। यहां सभी मर्द जानते ही होंगे, न जाने क्यों सुबह सुबह आदमियों के लिंग में एक ज़बरदस्त ऊर्जा रहती है, और उस पर अगर किसी महिला के सुकोमल होंठों का स्पर्श मिल जाये, फिर तो क्या ही बात है। वह दासी बादशाह के लिंग को कुछ इस तरह चाट रही थी, जैसे कोई लड़की स्वादिष्ट कुल्फी को चाट-चाट कर आनंद लूट रही हो।
एक दासी बादशाह के निप्पल्स को धीरे धीरे अपने होंठों के बीच दबाकर प्यार से चूस रही थी।

अब किसी काम को इतनी शिद्दत से करो, तो सफलता तो मिलती ही है। आखिर हमारी प्यारी कोमलांगिनियों की मेहनत रंग लाई, और धीरे धीरे, बादशाह कासिम ने अपनी आंखें खोलीं।

बादशाह के आंखें खोलते ही, मलिका फातिमा सहित सभी दासियां धीरे से उठ कर खड़ी हो गईं। बादशाह अपने बिस्तर पर उठ कर बैठ गए। मलिका, जो कि अपने साथ एक शीतल जल का प्याला ले कर आईं थीं, उन्होंने वो प्याला बादशाह कासिम की ओर बढ़ाया। बादशाह कासिम ने प्याला लिया, और पानी पीते हुए उन चारों दासियों की ओर देखने लगे। दरअसल मलिका हर रोज़ इस काम के लिए 4 नई दासियों को लेकर आती थीं।
जब मलिका ने देखा कि बादशाह उन चारों दासियों की ओर कैसे ललचाई निगाहों से देख रहे हैं, तो मलिका नटखट अंदाज़ में अपनी दासियों को डांटते हुए बोलीं, "क्या तुम सब ऐसे कठपुतलियों की तरह चुपचाप खड़ी हुई हो, देख नहीं रहीं, बादशाह तुम सबकी ओर कैसे देख रहे हैं? अपने बादशाह की ख़िदमत कैसे की जाती है, किसी ने सिखाया नहीं तुम सब को, मै सिखाऊ?"।
मलिका की डांट से चारों दासियां सहम गईं, और बिना किसी देरी के चारों ने अपने अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिए। देखते ही देखते चारों दासियां मादरजात नंगी होकर, बादशाह कासिम की आँखों के सामने खड़ी हो जाती हैं |



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मलिका एक बार फिर दासियों से कड़क अंदाज़ में बोलीं, "चलो सब की सब एक कतार में खड़ी हो जाओ, अपने अपने हाथ ऊपर करके"। सभी दासियां वैसा ही करती हैं।


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मलिका मुस्कुराती हुई बादशाह के पास बैठतीं हैं, और बादशाह के लिंग को अपने कोमल हाथों में लेकर सहलाते हुए बादशाह से नटखट अंदाज़ में कहती हैं, "बादशाह, हमारी चारों रंडियां बहुत प्यासी हैं, और देखिए ना, सभी की ज़िद है, कि अपनी प्यास पानी से नहीं बल्कि आपके वीर्य से बुझायेंगी। अब आप ही बताइए, ये भी कोई ज़िद हुई।"
मलिका की यह बात सुनकर सभी दासियों के गाल, शर्म से लाल हो जाते हैं, पर वह सभी बिल्कुल चुपचाप अपनी जगह पर, उसी लज्जाजनक मुद्रा में खड़ी रहती हैं।

बादशाह मुस्कुराते हुए, उन चारों दासियों को ऊपर से नीचे तक देखते हैं। यूं लगता है, कि नज़रों से ही वे हर एक दासी के नंगे बदन का हर एक अंग चूम रहे हों। फिर, एक दासी पर उनकी नज़र ठहर जाती है, वे उसे आंखों के इशारे से पास बुलाते हैं। वो दासी आगे आकर बादशाह के कदमों के पास बैठ जाती है। बादशाह उस दासी से उसका नाम पूछते हैं, तो वो अपना नाम रुखसाना बताती है।

मलिका रुखसाना को बादशाह के लिंग के करीब आने का इशारा करती हैं। रुखसाना धीरे से बादशाह की टांगों के बीच आकर, अपने चेहरे को बादशाह के नंगे लिंग के ठीक सामने ले आती है। इस वक्त, बादशाह का लिंग, मलिका के हाथों में था। मलिका अपना एक हाथ रुखसाना के सर पर रख कर उससे कहतीं हैं, "रुखसाना, अपना मुंह खोलो"। रुखसाना धीरे से अपना मुंह खोल देती है, और मलिका बादशाह के लिंग को अपने हाथ से, रुखसाना के मुंह के अंदर डाल देती हैं।
रुखसाना के मुंह के अंदर जाते ही, बादशाह का लिंग, सांप सा फन फना उठता है। रुखसाना धीरे धीरे बादशाह के लिंग को प्यार से चूसने लगती है।



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कभी लिंग को मुंह से बाहर निकाल कर उस पर चुम्बन करती, कभी अंडकोषों को चाटती, और फिर से लिंग को मुंह में लेकर चूसने लगती। कुछ ही देर में रुखसाना के मुंह के अंदर, बादशाह के लिंग से वीर्य की धार छूटती है, और रुखसाना पूरा वीर्य पी जाती है। फिर धीरे से बादशाह के लिंग को अपने मुंह से बाहर निकालकर, लिंग पर लगे वीर्य को भी चाट चाट कर साफ कर देती है। और इसके बाद, अपना सर झुका लेती है, अगले आदेश के इंतज़ार में। बादशाह के चहरे पर संतुष्टि के भाव को देख, मलिका दासी से कहती हैं, "बहुत खूब, रुखसाना"।

बादशाह कासिम, सभी दासियों को कपड़े पहन कर वहां से जाने के लिए कहते हैं। सभी दासियां, अपने अपने कपड़े पहन कर, बादशाह को सलाम करती हैं, औऱ वहां से चली जाती हैं।
खूबसूरत शुरुआत
Land tight ho gya thoda update ko lamba kriye
 

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खूबसूरत शुरुआत
Land tight ho gya thoda update ko lamba kriye

धन्यवाद श्रीमान | अभी तो केवल आपके लिंग में तनाव आया है, अगले भाग में ऐसे मादक प्रसंग होंगे की आपके लिंग में से प्रेम रस की धार भी फूट पड़ेगी | :wink:
पहले भाग में केवल 1 प्रसंग था | पाठकों की लम्बे अपडेट्स की मांग पर अगले भाग से हर भाग में 3 - 4 प्रसंग होंगे |
आशा करता हूँ मेरा काम आपका मनोरंजन करता रहेगा | पड़ते रहिये, आनंद लेते रहिये | आपका दिन शुभ हो | 🙏
 

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UPDATE
🥳 नए किरदार का आगमन 🥳


किरदार : शहज़ादी जन्नत ( बादशाह कासिम और मलिका फातिमा की बेटी )
उम्र : 19 वर्ष
स्वभाव : नटखट



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इस तस्वीर में आप शहज़ादी जन्नत को नग्न अवस्था में उनकी दासियों के साथ स्नान का लुत्फ़ उठाते हुए देख सकते हैं | शहज़ादी के पुष्प के सामान कोमल बदन को, धूप की सुनहरी किरणें कुछ इस प्रकार चूम रही हैं, जैसे एक दीवाना अपनी प्रेमिका को चूमता है |

शहज़ादी जन्नत के चिकने मादक जिस्म पर, उनकी दासियाँ कुछ इस तरह अपने सुकोमल हाथों से सहला रही हैं, जिस तरह एक शभनम की बूँद, एक चिकने पत्ते पर आकर फिसल जाती है |
मित्रों मै जनता हूँ कि आप सभी शहज़ादी के जिस्म पर मौजूद उस मखमली कच्छी से ज़रूर कुछ नाराज़ होंगे, आखिर उसने शहज़ादी के बदन पर मौजूद उनके सुकोमल गुप्त अंगों को, आपकी ललचाई हुई नज़रों से दूर जो किया हुआ है | पर कोई बात नहीं, कहानी के भाग-2 में, हमारी शहज़ादी जन्नत, आपके सामने पूरी नंगी होकर हाज़िर होंगी | आखिर एक शहज़ादी को नंगी देखने के लिए, थोड़ा इंतज़ार तो बनता है | क्यों साथियों ?? 😌

मै जनता हूँ, कि शहज़ादी को अधनंगी देखकर ही सभी आदमियों के मुंह में पानी आ रहा होगा | और मेरा वादा है, कि भाग -2 में, जन्नत अपनी अदाओं से आप सभी का दिल जीत लेगी | शहज़ादी जन्नत की चिकनी चूत, आप सभी को ऐसी जन्नत की सैर कराएगी, की आपके मुंह से "वाह मेरी रानी", और लंड से पानी, एक साथ निकलेगा | 😜

और जैसा की आप जानते ही हैं, कि मै हर अपडेट में, आप सभी से कोई न कोई सवाल ज़रूर करता हूँ | तो आज का सवाल है यह |


यदि शहज़ादी जन्नत के नंगे जिस्म पर आपको चुम्बन करने का मौका मिले, और शर्त हो कि आप केवल किसी एक ही अंग को चूम सकते हैं, तो आप शहज़ादी के जिस्म का कौनसा अंग चुनेंगे ?? उनके होंठ, स्तन, चूत, गांड़ का छेद, नाभि, गाल, आदि | 😘

अपना जवाब कमेंट ज़रूर कीजियेगा | ध्यान रखिये, यहाँ हम सिर्फ कहानी नहीं लिखते, बल्कि अपने पाठकों को, मादक चर्चा का अवसर भी देते हैं | जो सुख गन्दी बातें करने से मिलता है, वह कभी भी गन्दी कहानियां पढ़ने से नहीं मिल सकता | यकीन न हो, तो आज़मा कर देख लीजिये यारों | 😉
 

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अभी कुछ दिनों पहले हमने अपने पाठकों से यह सवाल किया था |

"Dear readers, kuch log chahte he ki me ye kahani hinglish me continue karu, aap sabhi ki kya ray he?"

आज यह पोल 1 घंटे में बंद होने वाला है | कृपया सभी पाठक गण जल्दी जल्दी अपने वोट डाल दें | धन्यवाद | 🙏

 

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सभी पाठकों के लिए कहानी में अब प्रकरण सूची उपलब्ध है, जिसकी मदद से आप व्यवस्थित रूप से कहानी का आनंद ले सकते हैं |

कृपया अपनी पसंद के बारे में भी कमैंट्स ज़रूर करें, जिससे आपके पसंद की चीज़ें हम आने वाले भागों में डाल सकें | पाठकों की पसंद का खास ध्यान रखा जायेगा |

हम आशा करते हैं, की आप सभी को हमारा काम अच्छा लगेगा | पढ़िए और आनंद लीजिये | 🙏
 
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