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Incest यह क्या हुआ

rajdon9933

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राजेश और सुनिता दोनो बाइक से मार्केट चले गए।
दोनो को सामान खरीदते खरीदते शाम को 6बज गए।
स्वीटी कालेज से आ चुकी थी, वह सुनिता को काल की।
सुनिता _हा बेटी बोलो,,,
स्वीटी _मां और कितना समय लगेगा मां,,,
सुनिता _कुछ समय और लग जायेगा बेटा।
Switi _तो क्या मैं खाना बनाने की तैयारी शुरू कर दू।
सुनिता _ठीक है बेटा।
स्वीटी _क्या क्या बनाना है बता दो?
सुनिता _दाल, चावल, रोटी, सब्जी,, और क्या बेटा वहीं जो रोज बनता है।
स्वीटी _मां सब्जी में क्या बनाऊं?
सुनिता _देखना फ्रिज में कौन सी सब्जी रखी है तुमको जो पसंद हो बना देना।
स्वीटी _ठीक है मां।
राजेश _मां, स्वीटी कब से खाना बनाने लगीं।
सुनिता _अरे बेटा, एक साल बाद उसे भी ब्याह के जाना है। एक महिला को घर के काम काज आनी चाहिए न, तो मैंने स्वीटी को काम सिखाना शुरू कर दी, अब तो वह बहुत कुछ सीख गई है।
खाना भी बहुत अच्छा बना लेती हैं।
राजेश _अच्छा ये तो बहुत अच्छी बात है मां।
अभी उसे फोन लगाता हूं।
राजेश ने स्वीटी को फोन किया,,,
स्वीटी _बोलो भईया कुछ काम था क्या?
राजेश _स्वीटी की बच्ची सुना है तुम बहुत अच्छा खाना बनाने लगी है, मेरे लिए अंडा कढ़ी बनाना, मै भी तो देखूं तू अंडा कढ़ी के कैसे बनाती है?
स्वीटी _ठीक है भईया।
स्वीटी _हूं, भईया मै जानती अंडा खाने के बाद तुम क्या करोगे?
मां कि लोगे,,
मां मुझे चुदने से मना कर के भइया से खुद मजा लेती हैं। आज मैं भी देखती हूं,,,
स्वीटी खाना बनाने की तैयारी करने लगीं।
इधर सुनिता और राजेश बाजार से खरीदी करके ढेर सारा सामान लेकर घर पहुंचे।
स्वीटी ने दरवाजा खोला,,
सुनिता _सारी बेटा आने में थोड़ी देर हो गई,,
स्वीटी _कोई बात नहीं मां,,,
राजेश _अरे स्वीटी बड़ी अच्छी खुशबू आ रही हैं, क्या बना रही है?
Switi _वही तुम्हारा स्पेशल अंडा कढ़ी।
स्वीटी और सुनिता हसने लगीं।
राजेश _लगता है आज तो खाने में मजा आ जायेगा?
स्वीटी _हूं, और उसके बाद लेने में,,, फुसफुसाते हुए बोली। और हसने लगी।
राजेश _कुछ कहा तुमने?
स्वीटी _नहीं तो,,,
मैं ये कह रही थी कि आप दोनो थक गए होगे कमरे में जाकर फ्रेस हो जाओ फिर मैं काफ़ी लाती हूं।
राजेश _स्वीटी मेरे लिए अभी कॉफी मत लाना, भगत फोन किया था , वह मूझसे मिलने घर आ रहा है, जब वह आएगा तब साथ में काफ़ी पियेंगे।
स्वीटी _ठीक है भईया।
सुनिता और राजेश दोनो अपने कमरे में जाकर फ्रेस हो गए।
सुनिता कीचन में आकर स्वीटी की मदद करने लगी।
राजेश बेड में आराम करने लगा।
कुछ देर बाद भगत आया।
सुनिता ने दरवाज़ा खोला,,
भगत _नमस्ते मां।
सुनिता _नमस्ते भगत बेटा, कैसे हो?
भगत _मै अच्छा हूं मां जी, राजेश आया है तो उससे मिलने चला आया, कहां है राजेश?
सुनिता _राजेश अपने कमरे में आराम कर रहा है बेटा। जाओ वह तुम्हारा ही राह देख रहा होगा।
मै कॉफी लेके आती हूं।
भगत _ठीक है मां जी।
भगत राजेश के कमरे में चला गया।
दोनो गले मिले।
राजेश _अरे यार कैसा है तू?
भगत _मै ठीक हूं भईया, बस आपकी कमी खलती है। आप कैसे हैं?
आपका इंटरव्यू कैसा गया?
राजेश _मै भी मजे में हूंऔर उम्मीद है आई ए एस में मेरा चयन हो जायेगा?
भगत _वो तो होना ही है भईया, मुझे पता है आप टॉप करोगे।
राजेश _और सुना कैसा चल रहा है तेरा पार्टी का काम।
भगत _भईया चुनाव आने वाला है, थोड़ा बीजी चल रहा हूं। थोड़ा टेंशन भी है।
राजेश _अरे तू टेंशन मत ले, मुझे यकीन है तुम्हारी पार्टी बहुत अच्छा करेगी।
भगत _भईया मुझे तुम्हारी सलाह की आवश्यकता पड़ेगी।
राजेश _अरे यार तुम्हे जब भी मेरी जरूरत महसूस हो तो मुझे काल करना, आख़िर दोस्त दोस्त का काम नही आयेगा तो, फिर कौन आयेगा।
भगत _शुक्रिया भईया।
दोनो आपस में बात चीत कर रहे थे तभी, सुनिता काफ़ी लेकर आई,,,
सुनिता _लो बेटा काफ़ी लो,,,
भगत _धन्यवाद मां जी,,
राजेश और भगत दोनो काफ़ी पीने लगे,,,
काफ़ी पीने के बाद,,,
राजेश _चलो यार बाहर थोडा टहल कर आते हैं।
दोनो कमरे से बाहर निकले,,,
सुनिता _अरे बेटा तुम दोनो कही जा रहे हो क्या?
राजेश _मां हम थोडा टहल कर आते हैं?
सुनिता _भगत बेटा, तुम भी आज खाना यहीं खा लेना, तुम दोनो टहल कर जल्दी आ जाना।
भगत _ठीक है मां जी।
राजेश और भगत दोनो बाहर टहलने निकले,,,
भगत _भइया, निशा जी का कोई काल वगैरा आया था।
राजेश _नही यार, निशा जी तो मुझे भूल ही गई। सुजाता मैम भी मूझसे मिलना नही चाहती।
भगत _भईया आप कहे तो सुजाता मैम के घर चलें,
राजेश _मै सुबह उसकी आफिस गया था, पर अब उनके मन में पहले जैसी भावनाएं नही रही।
मैने उससे कह दिया है कि अब मैं उसके सामने कभी आऊंगा।
भगत _भईयाआप कहे तो, मै सुजाता मैम से बात करू।
राजेश _नही, भगत कोई फायदा नही, अब जो होगा वहीं होगा जो किमस्त में लिखा है।

दोनो एक दूसरे से बात चीत करते हुवे टहल रहे थे।
तभी सुनिता का फोन आया।
राजेश _हां मां
सुनिता _अरे बेटा तुम दोनो कहा रह गए, भोजन का समय हो गया है तुम्हारे पापा वेट कर रहे है जल्दी आ जाओ तुम दोनो।
राजेश _ठीक है मां,,
राजेश और भगत दोनो घर के लिए चलने लगे।
कुछ देर बाद घर पहुंचे।
सभी भोजन का आनंद लेने लगे।
राजेश _अरे स्वीटी तू तो सच में बहुत अच्छा खाना बना लेती हैं। अंडा कड़ी तो बडा स्वादिष्ट बना है।
भगत _हां, स्वीटी खा कर मजा आ गया।
स्वीटी _थैंक्यू भईया।
सभी ने स्वीटी की जम कर तारीफ की।
भोजन करने के बाद भगत अपने घर चला गया।
राजेश और शेखर दोनो अपने कमरे में।
स्वीटी और सुनिता भी भोजन करने लगी।
भोजन करने के बाद, स्वीटी बोली,,
मां आप जाकर आराम करो मै बर्तन साफ कर दूंगी।
आप मार्केट से खरीदे करते करते थक गई होगी।
सुनिता_अरे नही बेटा, तुम जाओ अपने कमरे में पढाई वगैरा तो भी करनी होगी तुमको।
मैं कर लूंगी।
स्वीटी अपने कमरे में आ गई।
राजेश अपने कमरे में सुनिता की आने का इंतजार करने लगा।
दोपहर में सुनिता ने कहा था, जो भी करना है रात में कर लेना।
इधर स्वीटी अपने कमरे में पढाई करने लगीं।
इधर राजेश के शरीर में अंडे ने असर दिखाना शुरू कर दिया था। साथ ही वह दोपहर में झड़ा नहीं था। जिसके कारण उसके लंद में तानव बढने लगा।
वह अपने हाथो से लंद को लोवर से बाहर निकाल कर सहलाने लगा।
वह अपनी मां के आने का बेसब्रीसे इंतजार करने लगा।
इधर सुनिता कीचन का काम निपटाकर अपने कमरे में चली गईं। वह थकान महसूस कर रही थी। वह सोने की कोशिश करने लगी।
राजेश ने जब देखा उसकी मां अब तक आई नही कही वह सो तो नही गई।
उसने सुनीता को मेसेज किया।
राजेश _मां, कहा हो, सो गई क्या?
सुनिता थकान के कारण आंखें बंद होने लगीं थी, उसने जब मोबाइल की मेसेज घंटी सुनी,,
अपनी मोबाइल को चेक की,, इतनी रात को कौन मेसेज कर रहा है,?
उसने देखा राजेश का मेसेज है।
सुनिता ने भी मेसेज किया।
सुनिता _अरे बेटा, तू अब तक सोया नही।
राजेश _क्या मां, आप भी न भूल गई क्या?
सुनिता _क्या, भूल गई? मै कुछ समझी नहीं।
राजेश _मां ओ दोपहर में आपने कहा था न जो करना है रात में कर लेना।
सुनिता _ओह, मैं आज थक गई हूं, मेरा मूड नहीं है, मुझे तेज नींद आ रही हैं।
आज सो जाओ। कल देखेंगे।
राजेश _पर मां आज मेरा बडा मूड है। दोपहर में भी आपने मुझे अधूरा छोड़ दिया था। ऊपर से आज अंडा कड़ी कुछ ज्यादा ही खा लिया।
मुझे नींद नहीं आएगी न।
राजेश _बेटा समझा कर मैं बड़ी थकान महसूस कर रही हूं। मुझे आराम की जरूरत है।



राजेश निराश हो गया। पर वह सोचा मां सच में थक गई होगी, उसे परेशान करना ठीक नहीं।
राजेश ने लिखा,,
राजेश _ठीक है मां, आप सो जाओ, मै खुद को किसी तरह नियंत्रित कर लूंगा।
राजेश ने मोबाइल रख दिया।
इधर सुनिता को भी अच्छा नहीं लगा, उसने राजेश को निराश कर दिया। पर वह सच बहुत थकान महसूस कर रही थी।

सुनिता कुछ सोचने के बाद। स्वीटी को मेसेज की।
सुनिता _स्वीटी, सो गई क्या?
स्वीटी, इस समय पढाई कर रही थी उसने देखा मोबाइल पे किसी का मेसेज आया है?
उसने चेक की।
उसने देखा मां ने मेसेज की है उसे आश्चर्य हुआ।
उसने अपनी मां को मेसेज की।
स्वीटी _क्या बात है मां, अभी सोई नहीं, पढाई कर रही थी।
सुनिता _अरे बेटा तुम्हे मुझसे। शिकायत रहता है न की मै खुद तुम्हारे भैया के साथ मजा करती हूं और तुम्हे उससे दूर रहने कहती हूं।
स्वीटी _हूं ,,
सुनिता _आज से मै तुम्हे कुछ छूट देना चाहतीं हूं।
स्वीटी _कैसी छूट मां, देखो आज से तुम अपने भाई के नुनु को तुम प्यार कर सकती हो उसे छू सकती हो पुचकार सकती हो।
स्वीटी खुश हो गई।
स्वीटी _सच मां।
सुनिता _पर हा, पर एक शर्त है। तुमअपने भाई के नुनु के साथ सब कुछ कर सकती हो, पर अपनी नूनी के अंदर नहीं लोगी।
बोलो शर्त मंजूर है।
स्वीटी _ओह थैंक यू मां, मुझे शर्त मंजूर है।
सुनिता _तो ठीक है, जाओ अपने भाई के कमरे में उसे तुम्हारी मदद की जरूरत है।
तुम्हारा बनाए अंडा कढ़ी खाने के कारण उसकी शरीर की गर्मी बड़ गई है। अब उसे तुम ही शांत करो।
स्वीटी खुश हो गई।
वह अपने बेड से उठी और अपने कपडे नाइटी उतार नंगी हो गई। फिर ओंठो पर लिपिस्टिक लगाई। पूरे शरीर में सुगंधित इत्र छिड़की, फिर एक सेक्सी नाइटी निकाल कर पहन ली और राजेश के कमरे में चली गईं।
राजेश सोने की कोशिश कर रहा था।
राजेश _अरे स्वीटी तुम इस समय।
स्वीटी _हां।
स्वीटी राजेश के बेड में बैठ गई।
राजेश _कुछ काम था क्या?
स्वीटी _मां ने भेजा है। बोल रही थी की तुम्हारे भैया को कुछ समस्या है, उसका समाधान कर दो।
राजेश _ये तुम क्या कह रही हो। मां तुम्हे मेरे कमरे में भेजेगी। ओ भी रात को।
स्वीटी _हा, मुझे पता था कि आप यकीन नहीं करोगे।
मैसेज खुद ही पड़ लो।
राजेश ने मोबाइल से सुनिता की चैटिंग पढ़ने लगा।
स्वीटी _अब तो यकीन huwa
राजेश _मुझे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा,,
स्वीटी _यकीन तो मुझे भी नही हो रहा पर ये सच है।
चलो मैं तुम्हारी तकलीफ दूर कर देती हूं।

स्वीटी ने अपनी नाईटी उतार कर नंगी हो गई।
उसकी खूबसूरत संतरे, और मस्त फूली हुई चिकनी chut देखकर राजेश का लंद चादर के अंदर झटके मारने लगा।
स्वीटी ने राजेश के ऊपर का चादर हटा दिया। उसका विशाल लंद स्वीटी की आंखों के सामने आ गया। स्वीटी की boor पानी छोड़ने लगी।
स्वीटी मुस्कुराने लगी।
वह राजेश के टांगो के बीच में अपना। सिर झुका दी और लंद को चाटने लगी।
राजेश स्वीटी की हरकतों को देखने लगा।
स्वीटी कुछ देर तक राजेश की अंडकोष और सुपाड़े को चांटी फिर उसका सुपाड़ा मुंह में भर ली।
फिर लंद को मुंह में लेकर अंदर बाहर करना शुरू कर दी।
राजेश प्यार से स्वीटी की बालो को सहलाने लगा।

कुछ देर लंद चूसने के बाद,,
स्वीटी _भइया मुझे भी झड़ना है, मुझे पहले झाड़ दो न।
राजेश ने स्वीटी को अपनी ओर खींचा।
स्वीटी राजेश की ओंठ चूसने लगीं। राजेश भी उसकी ओंठ चूसने लगा।
उसके बाद राजेश ने स्वीटी को पलटा और खुद उसके ऊपर आ गया।
उसके ओंठ चूसने लगा।
उसकी गर्दन को चूमने लगा।
स्वीटी सिसकने लगी।
राजेश आगे बढ़ा और उसकी मस्त चूचियां को हाथ में थाम लिया। बारी बारी मसल मसल कर चूसने लगा।
स्वीटी मुंह से मादक सिसकारी निकालने लगीं।
वह प्यार से राजेश की बालो को सहलाने लगीं।
राजेश नीचे बडा और उसकी सपाट पेट को चाटने लगा। उसकी नाभी को जीभ से कुरेदने लगा।
स्वीटी बहुत अधिक उत्तेजित हो गई।
राजेश नीचे बढ़ा और उसकी खूबसूरत boor को निहारा जो पानी छोड़ रही थी।
राजेश ने boor चाटना शुरु कर दिया।
उसकी भगनाशा को जीव से कुरेदने लगा।
स्वीटी के मुंह से लगा तार कामुक सिसकारी निकलने लगी।
वह राजेश के सिर को अपने boor में दबाते हुवे छटपटाने लगी।
राजेश स्वीटी की boor को तेज तेज चाटने लगा।
स्वीटी अपना हाथ पैर छटपटाने लगीं। सिर पटकने लगी। उसे बहुत मजा आ रहा था।
राजेश लगातर boor चांटता रहा।
स्वीटी खुद को रोक न सकी और चीखते हुए झड़ने लगी।
राजेश ने boor चाटना बंद कर स्वीटी के बाजू लेट गया।
स्वीटी उससे लिपट गई।
कुछ देर बाद, स्वीटी उठी और राजेश के टांगो के बीच आ गई। और राजेश का लंद मुंह में लेकर फिर चूसना शुरू कर दी।
कुछ देर बाद,,,
स्वीटी _भइया, मां ने boor पे लंद लेने से मना किया है पर एक और आपसन है हमारे पास।
स्वीटी _आप मेरी गाड़ मारो।
राजेश _तू पागल हो गई है क्या?
इतना मोटा लंद तू, अपनी सकरी गाड़ में ले पाएगी।
स्वीटी _मेरी गाड़ सकरी नही है, वह लंद लेने लायक हो चुकी है।
राजेश _वो कैसे?
स्वीटी _मै अपनीगाड़ पे डिल्डो डालती हूं।
राजेश _ये तू क्या कह रही?
स्वीटी _हा ये सच है खुद ही देख लो।
स्वीटी उठी और अपनी चूतड को राजेश के मुंह के पास ले आई।
राजेश ने उसकी चूतड पकड़ कर गाड़ की छेद को देखा।
राजेश _तुम्हारी गाड़ तो सचमुच चौड़ी लग रही है। इसे मारने में तो सच में बहुत मजा आयेगा।
स्वीटी _फिर देर क्यू हो डाल दो मेरी गाड़ पे। मां ने सिर्फ chut पे लंद लेने से मना किया है गाड़ में नही।
राजेश _ये तो अच्छी बात है।
चलो पहले तुम्हारी गाड़ में क्रीम लगा दू नही तो तुम्हे बहुत दर्द होगा।
राजेश और स्वीटी दोनो बेड से उतरे।
उसके बाद राजेश ने अलमारी से चिकनाई वाला क्रीम निकाला। और स्वीटी को थमा दिया।
स्वीटी ने क्रीम अपने ऊंगली पे लगाई फिर झुक कर अपनी गाड़ में डाल दी।
फिर राजेश के लंद में अच्छे से लगा दी।
स्वीटी बेड पर चढ़ कर kutiya बन गई।
राजेश उसके पीछे आ गया।
उसकी चूतड को सहलाया। चूमा थप्पड़ मार मार कर लाल कर दिया।
स्वीटी सिसकने लगी।
स्वीटी _भईया अब डाल भी दो।
राजेश ने पहले एक ऊंगली गाड़ में डाला अंडर बाहर किया।
स्वीति सिसकने लगी।
कुछ देर बाद राजेश ने क्रीम लगाकर दो ऊंगली, गाड़ में डाल दिया। और गाड़ चौड़ा किया।
कुछ देर बाद, दो ऊंगली डाल कर अन्दर बाहर करने के बाद,
राजेश _क्या तुम तैयार हो,,,
स्वीटी _हा भइया डाल दो।
राजेश ने लंद का सुपाड़ा गाड़ के छेद में सेट किया फिर गाड़ पर दबाव डालने लगा।
कुछ देर बाद लंद का सुपाड़ा गाड़ के अन्दर चला गया।
स्वीटी _चीख उठी।
राजेश स्वीटी की चूची को सहलाने पीठ को चाटने लगा।
स्वीटी फिर सिसकने लगीं।
राजेश अब स्वीटी की कमर को पकड़ लिया और धीरे धीरे लंद का दबाव गाड़ में डालने लगा।
लंद सरक कर गाड़ में समाने लगा।
स्वीटी को दर्द से कराहने लगी।
राजेश इसकी चूची सहलाता उसे चूमता चाटता अब राजेश कमर पकड़ कर धीरे धीर लंद को गाड़ में अंडर बाहर करना शुरू किया।
स्वीती के मुंह से कराहने की आवाज निकलने लगी।
राजेश उसकी परवाह न करता huwa लंद को गाड़ में अंडर बाहर करता रहा।
लंद गाड़ में अपनी जगह बनाने लगा।switi की गाड़ फैल कर चौड़ी हो गई। अब राजेश के लंद का आधे से ज्यादा भाग अंदर बाहर होने लगा।
राजेश को बहुत मजा आने लगा।
धीरे धीर स्वीटी का दर्द भी कम होने लगा।
राजेश स्वीटी की भग्नाश को ऊंगली से छेड़ने लगा।
स्विति सिसकने लगीं। उसे दर्द और मजा दोनो आने लगा।
राजेश अब अपना स्पीड बढ़ाने लगा।
अब लंद गाड़ में पूरी तरह जगह बना चुका था। लंद अब आसानी से गाड़ में अंडर बाहर होने लगा।
अब स्वीटी को भी मजा आने लगा।
अब राजेश स्वीटी की चूची मसलते हुवे गाड़ मारने लगा दोनो को मजा आने लगा।
तभी कमरे मे सुनिता आ गई,,,
राजेश ने गाड़ मारना रोक दिया।
राजेश _मां आप,
सुनिता _हां,
राजेश _आप तो आने से मना की थी।
सुनिता _हां, मैने मना की थी, पर मुझे लगा कही तुम लोग मेरी छूट का गलत फायदा तो नही उठा रहे।इस लिए देखने चली आई। पर मेरा डर सही था।
वह स्वीटी पर चीखी,,
स्वीटी मैंने तुम्हसे शर्त रखी थी न की अपनी boor में लंद नही लोगी। तुमने शर्त तोड़ी।
स्वीटी _नही मां मैने शर्त नहीं तोड़ी।
मैने अपनी boor में भइया का लंद नही लिया।
सुनिता _मेरे सामने लंद boor में डाली हुई है और झूठ बोल रही है तुम्हे शर्म नही आती, बेशर्म कही की।
राजेश _मां, स्वीटी ठीक कह रही है, उसने अपनी boor में लंद नही डलवाई है खुद ही देख लो।
सुनिता राजेश के पास गई।
राजेश _देखो मां, लंद कहा घुसा है।
सुनिता आंखें फाड़कर देखने लगी।
राजेश ने लंद को गाड़ से थोडा बाहर खींचा, फिर झटके से अंदर कर दिया।
राजेश _, देखो मां लंद किसमे जा रहा है।
सुनिता _, आश्चर्य से देखने लगीं।
इतना बडा लंद को स्वीटी गाड़ में कैसे ले सकती हैं।
स्वीटी _स्वीटी _कही तू, हमे धोखा तो नही दे रही है, तू किसी से अपनी गाड़ तो नही मरवाती है। इतना मोटा लंद आसानी से अपनी गाड़ में ले रही है।
स्वीटी _नही मां मैने आप लोगो को कोई धोखा नहीं दिया है।
सुनिता _फिर इतना मोटा लंद कैसे ले सकती हैं?
राजेश _मां स्वीटी बता रही थी की वह अपनी गाड़ में डिल्डो लेने की आदत है जिसके कारण इसकी गाड़ की छेद चौड़ी हो गई है।
स्वीटी _हां मां ये सच है।
राजेश _मां स्वीटी की गाड़ मारने में बडा मजा आ रहा है। बहुत मस्त गाड़ है।
राजेश तेज तेज गाड़ मारने लगा।
स्वीटी कभी आनंद में तो कभी दर्द से करांहने लगीं।
स्वीटी _भइया, रुको।
राजेश _क्या huwa स्वीटी।
स्वीटी _मुझे लंद की सवारी करनी है।
राजेश _ओह
राजेश ने गाड़ से लंद निकाल दिया।
और बेड पर पीठ के बल लेट गया।
स्वीटी बेड के ऊपर चढ़ गई और लंद को पकड़ कर अपनी गाड़ में सेट कर बैठ गई।
फिर कमर हिला हिला कर गाड़ में लंद लेने लगीं।
सुनिता आश्चर्य से देखने लगीं।
वह भी गर्म होने लगी। उसकी योनि में पानी भरने लगा।
स्वीटी को अपने मां के सामने गाड़ मरवाने में बडा मजा आ रहा था।
इधर सुनिता की पेंटी गीली होने लगीं। वह अपने पेंटी के गीलापन को अपनी हाथ ले जाकर कर छूकर देखी।
स्वीटी लंद पर उछल उछल कर थक गई। वह राजेश के एक ओर लुड़क कर सुस्ताने लगीं।
स्वीटी _मां, भईया को मैं अकेली नहीं सम्हाल सकती, अब तुम्हे भी मेरी मदद करनी पड़ेगी। नही तो भईया मेरी कबाड़ा कर देंगे।
स्वीटी कि बात सुनकर सुनिता मोर्चा सम्हालने तैयार हुई।
वह अपनी नाईटी उतार और पेंटी निकाल फेकी जो पूरी तरह chut रस से भीग चुकी थी। वह पूरी नंगी हो चुकी थी।
वह बेड पर चढ़ गई। और राजेश का लंद पकड़ कर अपनी योनी पे सेट की और बैठ गई।
लंद फुच की आवाज करता huwa योनि में समा गया।
सुनिता सिसक उठी।
अब राजेश सुनिता की कमर पकड़ कर। अपनी कमर उठाकर लंद सुनिता की boor में ठेलने लगा। सुनिता भी उछल उछल कर राजेश की मदद करने लगीं।
लंद सुनिता की boor में फॉच फाक की आवाज करता huwa अंदर बाहर होने लगा।
सुनिता और राजेश दोनो को जन्नत का मजा आने लगा।
सुनिता को इतना मजा आने लगा की वह लंद पर तेज तेज उछल उछल कर चुदने लगी। और कुछ ही देर में चीखते हुए झड़ने लगी।
राजेश सुनिता को अपने नीचे ले आया और स्वयं उसके ऊपर।
वह उसकी ओंठ चूसने लगा। उसकी चूंची दबा दबा कर चूसने लगा।
जिससे सुनिता फिर गर्म हो गई।
राजेश ने सुनिता के चूतड के नीचे तकिया लगा दिया। और अपना लंद एक ही बार में गच से पेल दिया।
लंद का टोपा सीधा सुनिता के बच्चेदानी से टकराया। सुनिता चिहुक उठी।
अब राजेश स्वीटी को उठाया और सुनिता के ऊपर घोड़ी बना दिया।
स्वीटी सुनिता की ओंठ चूसने लगी। सुनिता भी स्वीटी की साथ देने लगीं।
इधर राजेश सुनिता को जोर जोर से चोदने लगा। लंद उसके बच्चे दानी को रहा था जिससे सुनिता का पूरा शरीर गन गना रहा था। वह मादक सिसकारी निकाल रही थी।
कुछ देर सुनिता की chut खोदने के बाद राजेश अपना लंद बाहर निकाल कर स्वीटी की गाड़ में डाल दिया और स्वीटी की गाड़ मारने लगा। स्वीटी चीखने लगीं।
सुनिता उसकी ओंठ चूसने लगा।
राजेश बारी बारी से दोनो की chut और गाड़ मारने लगा।
तीनों को इस सामूहिक chudai मे बहुत मजा आ रहा था।
इधर सुनिता और स्वीटी फिर से एक बार झड़ गई।
राजेश दोनो को जन्नत की सैर करा रहा था। और खुद झड़ने की स्थिति में आ गया।
राजेश _आह मां, मै आने वाला हू,,, आह,,,
राजेश तेजी से बेड से उतरा उसके साथ ही सुनिता और स्वीटी भी तेजी से बेड से उतरी और दोनो राजेश के लंदके के नीचे चूची पकड़े बैठ गई।
राजेश कराहते हुवे वीर्य की पिचकारी दोनो की चेहरे और चूची में छोड़ने लगा।
आह मां,,, आह,,,, आह,,,
ढेर सारा वीर्य दोनो के मुंह और चुचियों में छोड़ा दोनो अपने वीर्य से नहला दिया।
राजेश थक चुका था, वह बेड पे लेट कर सुस्ताने लगा।
इधर दोनो मां बेटी राजेश की वीर्य को चखने लगी।
दोनो एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रही थी दोनो बाथरूम में गई और नहाने लगीं।
वहा से दोनो बाहर आई और टॉवल से अपने शरीर को पोछि फिर दोनो अपनी नाईटी पहन कर राजेश के आजू बाजू लिपट कर लेट गई।
राजेश दोनो की पीठ को प्यार से सहलाने लगा।
कुछ देर बाद,,,
सुनिता _स्वीटी आज जो कुछ भी huwa उसके बारे में भूलकर भी किसी से न कहना नही तो हम किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे।
स्वीटी _मां ऐसी बात भी किसी को बताने लायक है।
सुनिता _मुझे तुमसे यही उम्मीद है। चलो अब तुम अपने कमरे में जाओ। मै भी चलती हूं।
रात काफ़ी हो गई है।
स्वीटी _ठीक है मां, लव यू मां, कहकर स्वीटी सुनिता से लिपट गई।
सुनिता _लव यू टू बेटा।
स्वीटी और सुनिता राजेश को चादर ओढ़ा कर मुस्कुराते हुवे अपने अपने कमरे मे चली गईं।

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राजेश और सुनिता दोनो बाइक से मार्केट चले गए।
दोनो को सामान खरीदते खरीदते शाम को 6बज गए।
स्वीटी कालेज से आ चुकी थी, वह सुनिता को काल की।
सुनिता _हा बेटी बोलो,,,
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Switi _तो क्या मैं खाना बनाने की तैयारी शुरू कर दू।
सुनिता _ठीक है बेटा।
स्वीटी _क्या क्या बनाना है बता दो?
सुनिता _दाल, चावल, रोटी, सब्जी,, और क्या बेटा वहीं जो रोज बनता है।
स्वीटी _मां सब्जी में क्या बनाऊं?
सुनिता _देखना फ्रिज में कौन सी सब्जी रखी है तुमको जो पसंद हो बना देना।
स्वीटी _ठीक है मां।
राजेश _मां, स्वीटी कब से खाना बनाने लगीं।
सुनिता _अरे बेटा, एक साल बाद उसे भी ब्याह के जाना है। एक महिला को घर के काम काज आनी चाहिए न, तो मैंने स्वीटी को काम सिखाना शुरू कर दी, अब तो वह बहुत कुछ सीख गई है।
खाना भी बहुत अच्छा बना लेती हैं।
राजेश _अच्छा ये तो बहुत अच्छी बात है मां।
अभी उसे फोन लगाता हूं।
राजेश ने स्वीटी को फोन किया,,,
स्वीटी _बोलो भईया कुछ काम था क्या?
राजेश _स्वीटी की बच्ची सुना है तुम बहुत अच्छा खाना बनाने लगी है, मेरे लिए अंडा कढ़ी बनाना, मै भी तो देखूं तू अंडा कढ़ी के कैसे बनाती है?
स्वीटी _ठीक है भईया।
स्वीटी _हूं, भईया मै जानती अंडा खाने के बाद तुम क्या करोगे?
मां कि लोगे,,
मां मुझे चुदने से मना कर के भइया से खुद मजा लेती हैं। आज मैं भी देखती हूं,,,
स्वीटी खाना बनाने की तैयारी करने लगीं।
इधर सुनिता और राजेश बाजार से खरीदी करके ढेर सारा सामान लेकर घर पहुंचे।
स्वीटी ने दरवाजा खोला,,
सुनिता _सारी बेटा आने में थोड़ी देर हो गई,,
स्वीटी _कोई बात नहीं मां,,,
राजेश _अरे स्वीटी बड़ी अच्छी खुशबू आ रही हैं, क्या बना रही है?
Switi _वही तुम्हारा स्पेशल अंडा कढ़ी।
स्वीटी और सुनिता हसने लगीं।
राजेश _लगता है आज तो खाने में मजा आ जायेगा?
स्वीटी _हूं, और उसके बाद लेने में,,, फुसफुसाते हुए बोली। और हसने लगी।
राजेश _कुछ कहा तुमने?
स्वीटी _नहीं तो,,,
मैं ये कह रही थी कि आप दोनो थक गए होगे कमरे में जाकर फ्रेस हो जाओ फिर मैं काफ़ी लाती हूं।
राजेश _स्वीटी मेरे लिए अभी कॉफी मत लाना, भगत फोन किया था , वह मूझसे मिलने घर आ रहा है, जब वह आएगा तब साथ में काफ़ी पियेंगे।
स्वीटी _ठीक है भईया।
सुनिता और राजेश दोनो अपने कमरे में जाकर फ्रेस हो गए।
सुनिता कीचन में आकर स्वीटी की मदद करने लगी।
राजेश बेड में आराम करने लगा।
कुछ देर बाद भगत आया।
सुनिता ने दरवाज़ा खोला,,
भगत _नमस्ते मां।
सुनिता _नमस्ते भगत बेटा, कैसे हो?
भगत _मै अच्छा हूं मां जी, राजेश आया है तो उससे मिलने चला आया, कहां है राजेश?
सुनिता _राजेश अपने कमरे में आराम कर रहा है बेटा। जाओ वह तुम्हारा ही राह देख रहा होगा।
मै कॉफी लेके आती हूं।
भगत _ठीक है मां जी।
भगत राजेश के कमरे में चला गया।
दोनो गले मिले।
राजेश _अरे यार कैसा है तू?
भगत _मै ठीक हूं भईया, बस आपकी कमी खलती है। आप कैसे हैं?
आपका इंटरव्यू कैसा गया?
राजेश _मै भी मजे में हूंऔर उम्मीद है आई ए एस में मेरा चयन हो जायेगा?
भगत _वो तो होना ही है भईया, मुझे पता है आप टॉप करोगे।
राजेश _और सुना कैसा चल रहा है तेरा पार्टी का काम।
भगत _भईया चुनाव आने वाला है, थोड़ा बीजी चल रहा हूं। थोड़ा टेंशन भी है।
राजेश _अरे तू टेंशन मत ले, मुझे यकीन है तुम्हारी पार्टी बहुत अच्छा करेगी।
भगत _भईया मुझे तुम्हारी सलाह की आवश्यकता पड़ेगी।
राजेश _अरे यार तुम्हे जब भी मेरी जरूरत महसूस हो तो मुझे काल करना, आख़िर दोस्त दोस्त का काम नही आयेगा तो, फिर कौन आयेगा।
भगत _शुक्रिया भईया।
दोनो आपस में बात चीत कर रहे थे तभी, सुनिता काफ़ी लेकर आई,,,
सुनिता _लो बेटा काफ़ी लो,,,
भगत _धन्यवाद मां जी,,
राजेश और भगत दोनो काफ़ी पीने लगे,,,
काफ़ी पीने के बाद,,,
राजेश _चलो यार बाहर थोडा टहल कर आते हैं।
दोनो कमरे से बाहर निकले,,,
सुनिता _अरे बेटा तुम दोनो कही जा रहे हो क्या?
राजेश _मां हम थोडा टहल कर आते हैं?
सुनिता _भगत बेटा, तुम भी आज खाना यहीं खा लेना, तुम दोनो टहल कर जल्दी आ जाना।
भगत _ठीक है मां जी।
राजेश और भगत दोनो बाहर टहलने निकले,,,
भगत _भइया, निशा जी का कोई काल वगैरा आया था।
राजेश _नही यार, निशा जी तो मुझे भूल ही गई। सुजाता मैम भी मूझसे मिलना नही चाहती।
भगत _भईया आप कहे तो सुजाता मैम के घर चलें,
राजेश _मै सुबह उसकी आफिस गया था, पर अब उनके मन में पहले जैसी भावनाएं नही रही।
मैने उससे कह दिया है कि अब मैं उसके सामने कभी आऊंगा।
भगत _भईयाआप कहे तो, मै सुजाता मैम से बात करू।
राजेश _नही, भगत कोई फायदा नही, अब जो होगा वहीं होगा जो किमस्त में लिखा है।

दोनो एक दूसरे से बात चीत करते हुवे टहल रहे थे।
तभी सुनिता का फोन आया।
राजेश _हां मां
सुनिता _अरे बेटा तुम दोनो कहा रह गए, भोजन का समय हो गया है तुम्हारे पापा वेट कर रहे है जल्दी आ जाओ तुम दोनो।
राजेश _ठीक है मां,,
राजेश और भगत दोनो घर के लिए चलने लगे।
कुछ देर बाद घर पहुंचे।
सभी भोजन का आनंद लेने लगे।
राजेश _अरे स्वीटी तू तो सच में बहुत अच्छा खाना बना लेती हैं। अंडा कड़ी तो बडा स्वादिष्ट बना है।
भगत _हां, स्वीटी खा कर मजा आ गया।
स्वीटी _थैंक्यू भईया।
सभी ने स्वीटी की जम कर तारीफ की।
भोजन करने के बाद भगत अपने घर चला गया।
राजेश और शेखर दोनो अपने कमरे में।
स्वीटी और सुनिता भी भोजन करने लगी।
भोजन करने के बाद, स्वीटी बोली,,
मां आप जाकर आराम करो मै बर्तन साफ कर दूंगी।
आप मार्केट से खरीदे करते करते थक गई होगी।
सुनिता_अरे नही बेटा, तुम जाओ अपने कमरे में पढाई वगैरा तो भी करनी होगी तुमको।
मैं कर लूंगी।
स्वीटी अपने कमरे में आ गई।
राजेश अपने कमरे में सुनिता की आने का इंतजार करने लगा।
दोपहर में सुनिता ने कहा था, जो भी करना है रात में कर लेना।
इधर स्वीटी अपने कमरे में पढाई करने लगीं।
इधर राजेश के शरीर में अंडे ने असर दिखाना शुरू कर दिया था। साथ ही वह दोपहर में झड़ा नहीं था। जिसके कारण उसके लंद में तानव बढने लगा।
वह अपने हाथो से लंद को लोवर से बाहर निकाल कर सहलाने लगा।
वह अपनी मां के आने का बेसब्रीसे इंतजार करने लगा।
इधर सुनिता कीचन का काम निपटाकर अपने कमरे में चली गईं। वह थकान महसूस कर रही थी। वह सोने की कोशिश करने लगी।
राजेश ने जब देखा उसकी मां अब तक आई नही कही वह सो तो नही गई।
उसने सुनीता को मेसेज किया।
राजेश _मां, कहा हो, सो गई क्या?
सुनिता थकान के कारण आंखें बंद होने लगीं थी, उसने जब मोबाइल की मेसेज घंटी सुनी,,
अपनी मोबाइल को चेक की,, इतनी रात को कौन मेसेज कर रहा है,?
उसने देखा राजेश का मेसेज है।
सुनिता ने भी मेसेज किया।
सुनिता _अरे बेटा, तू अब तक सोया नही।
राजेश _क्या मां, आप भी न भूल गई क्या?
सुनिता _क्या, भूल गई? मै कुछ समझी नहीं।
राजेश _मां ओ दोपहर में आपने कहा था न जो करना है रात में कर लेना।
सुनिता _ओह, मैं आज थक गई हूं, मेरा मूड नहीं है, मुझे तेज नींद आ रही हैं।
आज सो जाओ। कल देखेंगे।
राजेश _पर मां आज मेरा बडा मूड है। दोपहर में भी आपने मुझे अधूरा छोड़ दिया था। ऊपर से आज अंडा कड़ी कुछ ज्यादा ही खा लिया।
मुझे नींद नहीं आएगी न।
राजेश _बेटा समझा कर मैं बड़ी थकान महसूस कर रही हूं। मुझे आराम की जरूरत है।



राजेश निराश हो गया। पर वह सोचा मां सच में थक गई होगी, उसे परेशान करना ठीक नहीं।
राजेश ने लिखा,,
राजेश _ठीक है मां, आप सो जाओ, मै खुद को किसी तरह नियंत्रित कर लूंगा।
राजेश ने मोबाइल रख दिया।
इधर सुनिता को भी अच्छा नहीं लगा, उसने राजेश को निराश कर दिया। पर वह सच बहुत थकान महसूस कर रही थी।

सुनिता कुछ सोचने के बाद। स्वीटी को मेसेज की।
सुनिता _स्वीटी, सो गई क्या?
स्वीटी, इस समय पढाई कर रही थी उसने देखा मोबाइल पे किसी का मेसेज आया है?
उसने चेक की।
उसने देखा मां ने मेसेज की है उसे आश्चर्य हुआ।
उसने अपनी मां को मेसेज की।
स्वीटी _क्या बात है मां, अभी सोई नहीं, पढाई कर रही थी।
सुनिता _अरे बेटा तुम्हे मुझसे। शिकायत रहता है न की मै खुद तुम्हारे भैया के साथ मजा करती हूं और तुम्हे उससे दूर रहने कहती हूं।
स्वीटी _हूं ,,
सुनिता _आज से मै तुम्हे कुछ छूट देना चाहतीं हूं।
स्वीटी _कैसी छूट मां, देखो आज से तुम अपने भाई के नुनु को तुम प्यार कर सकती हो उसे छू सकती हो पुचकार सकती हो।
स्वीटी खुश हो गई।
स्वीटी _सच मां।
सुनिता _पर हा, पर एक शर्त है। तुमअपने भाई के नुनु के साथ सब कुछ कर सकती हो, पर अपनी नूनी के अंदर नहीं लोगी।
बोलो शर्त मंजूर है।
स्वीटी _ओह थैंक यू मां, मुझे शर्त मंजूर है।
सुनिता _तो ठीक है, जाओ अपने भाई के कमरे में उसे तुम्हारी मदद की जरूरत है।
तुम्हारा बनाए अंडा कढ़ी खाने के कारण उसकी शरीर की गर्मी बड़ गई है। अब उसे तुम ही शांत करो।
स्वीटी खुश हो गई।
वह अपने बेड से उठी और अपने कपडे नाइटी उतार नंगी हो गई। फिर ओंठो पर लिपिस्टिक लगाई। पूरे शरीर में सुगंधित इत्र छिड़की, फिर एक सेक्सी नाइटी निकाल कर पहन ली और राजेश के कमरे में चली गईं।
राजेश सोने की कोशिश कर रहा था।
राजेश _अरे स्वीटी तुम इस समय।
स्वीटी _हां।
स्वीटी राजेश के बेड में बैठ गई।
राजेश _कुछ काम था क्या?
स्वीटी _मां ने भेजा है। बोल रही थी की तुम्हारे भैया को कुछ समस्या है, उसका समाधान कर दो।
राजेश _ये तुम क्या कह रही हो। मां तुम्हे मेरे कमरे में भेजेगी। ओ भी रात को।
स्वीटी _हा, मुझे पता था कि आप यकीन नहीं करोगे।
मैसेज खुद ही पड़ लो।
राजेश ने मोबाइल से सुनिता की चैटिंग पढ़ने लगा।
स्वीटी _अब तो यकीन huwa
राजेश _मुझे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा,,
स्वीटी _यकीन तो मुझे भी नही हो रहा पर ये सच है।
चलो मैं तुम्हारी तकलीफ दूर कर देती हूं।

स्वीटी ने अपनी नाईटी उतार कर नंगी हो गई।
उसकी खूबसूरत संतरे, और मस्त फूली हुई चिकनी chut देखकर राजेश का लंद चादर के अंदर झटके मारने लगा।
स्वीटी ने राजेश के ऊपर का चादर हटा दिया। उसका विशाल लंद स्वीटी की आंखों के सामने आ गया। स्वीटी की boor पानी छोड़ने लगी।
स्वीटी मुस्कुराने लगी।
वह राजेश के टांगो के बीच में अपना। सिर झुका दी और लंद को चाटने लगी।
राजेश स्वीटी की हरकतों को देखने लगा।
स्वीटी कुछ देर तक राजेश की अंडकोष और सुपाड़े को चांटी फिर उसका सुपाड़ा मुंह में भर ली।
फिर लंद को मुंह में लेकर अंदर बाहर करना शुरू कर दी।
राजेश प्यार से स्वीटी की बालो को सहलाने लगा।

कुछ देर लंद चूसने के बाद,,
स्वीटी _भइया मुझे भी झड़ना है, मुझे पहले झाड़ दो न।
राजेश ने स्वीटी को अपनी ओर खींचा।
स्वीटी राजेश की ओंठ चूसने लगीं। राजेश भी उसकी ओंठ चूसने लगा।
उसके बाद राजेश ने स्वीटी को पलटा और खुद उसके ऊपर आ गया।
उसके ओंठ चूसने लगा।
उसकी गर्दन को चूमने लगा।
स्वीटी सिसकने लगी।
राजेश आगे बढ़ा और उसकी मस्त चूचियां को हाथ में थाम लिया। बारी बारी मसल मसल कर चूसने लगा।
स्वीटी मुंह से मादक सिसकारी निकालने लगीं।
वह प्यार से राजेश की बालो को सहलाने लगीं।
राजेश नीचे बडा और उसकी सपाट पेट को चाटने लगा। उसकी नाभी को जीभ से कुरेदने लगा।
स्वीटी बहुत अधिक उत्तेजित हो गई।
राजेश नीचे बढ़ा और उसकी खूबसूरत boor को निहारा जो पानी छोड़ रही थी।
राजेश ने boor चाटना शुरु कर दिया।
उसकी भगनाशा को जीव से कुरेदने लगा।
स्वीटी के मुंह से लगा तार कामुक सिसकारी निकलने लगी।
वह राजेश के सिर को अपने boor में दबाते हुवे छटपटाने लगी।
राजेश स्वीटी की boor को तेज तेज चाटने लगा।
स्वीटी अपना हाथ पैर छटपटाने लगीं। सिर पटकने लगी। उसे बहुत मजा आ रहा था।
राजेश लगातर boor चांटता रहा।
स्वीटी खुद को रोक न सकी और चीखते हुए झड़ने लगी।
राजेश ने boor चाटना बंद कर स्वीटी के बाजू लेट गया।
स्वीटी उससे लिपट गई।
कुछ देर बाद, स्वीटी उठी और राजेश के टांगो के बीच आ गई। और राजेश का लंद मुंह में लेकर फिर चूसना शुरू कर दी।
कुछ देर बाद,,,
स्वीटी _भइया, मां ने boor पे लंद लेने से मना किया है पर एक और आपसन है हमारे पास।
स्वीटी _आप मेरी गाड़ मारो।
राजेश _तू पागल हो गई है क्या?
इतना मोटा लंद तू, अपनी सकरी गाड़ में ले पाएगी।
स्वीटी _मेरी गाड़ सकरी नही है, वह लंद लेने लायक हो चुकी है।
राजेश _वो कैसे?
स्वीटी _मै अपनीगाड़ पे डिल्डो डालती हूं।
राजेश _ये तू क्या कह रही?
स्वीटी _हा ये सच है खुद ही देख लो।
स्वीटी उठी और अपनी चूतड को राजेश के मुंह के पास ले आई।
राजेश ने उसकी चूतड पकड़ कर गाड़ की छेद को देखा।
राजेश _तुम्हारी गाड़ तो सचमुच चौड़ी लग रही है। इसे मारने में तो सच में बहुत मजा आयेगा।
स्वीटी _फिर देर क्यू हो डाल दो मेरी गाड़ पे। मां ने सिर्फ chut पे लंद लेने से मना किया है गाड़ में नही।
राजेश _ये तो अच्छी बात है।
चलो पहले तुम्हारी गाड़ में क्रीम लगा दू नही तो तुम्हे बहुत दर्द होगा।
राजेश और स्वीटी दोनो बेड से उतरे।
उसके बाद राजेश ने अलमारी से चिकनाई वाला क्रीम निकाला। और स्वीटी को थमा दिया।
स्वीटी ने क्रीम अपने ऊंगली पे लगाई फिर झुक कर अपनी गाड़ में डाल दी।
फिर राजेश के लंद में अच्छे से लगा दी।
स्वीटी बेड पर चढ़ कर kutiya बन गई।
राजेश उसके पीछे आ गया।
उसकी चूतड को सहलाया। चूमा थप्पड़ मार मार कर लाल कर दिया।
स्वीटी सिसकने लगी।
स्वीटी _भईया अब डाल भी दो।
राजेश ने पहले एक ऊंगली गाड़ में डाला अंडर बाहर किया।
स्वीति सिसकने लगी।
कुछ देर बाद राजेश ने क्रीम लगाकर दो ऊंगली, गाड़ में डाल दिया। और गाड़ चौड़ा किया।
कुछ देर बाद, दो ऊंगली डाल कर अन्दर बाहर करने के बाद,
राजेश _क्या तुम तैयार हो,,,
स्वीटी _हा भइया डाल दो।
राजेश ने लंद का सुपाड़ा गाड़ के छेद में सेट किया फिर गाड़ पर दबाव डालने लगा।
कुछ देर बाद लंद का सुपाड़ा गाड़ के अन्दर चला गया।
स्वीटी _चीख उठी।
राजेश स्वीटी की चूची को सहलाने पीठ को चाटने लगा।
स्वीटी फिर सिसकने लगीं।
राजेश अब स्वीटी की कमर को पकड़ लिया और धीरे धीरे लंद का दबाव गाड़ में डालने लगा।
लंद सरक कर गाड़ में समाने लगा।
स्वीटी को दर्द से कराहने लगी।
राजेश इसकी चूची सहलाता उसे चूमता चाटता अब राजेश कमर पकड़ कर धीरे धीर लंद को गाड़ में अंडर बाहर करना शुरू किया।
स्वीती के मुंह से कराहने की आवाज निकलने लगी।
राजेश उसकी परवाह न करता huwa लंद को गाड़ में अंडर बाहर करता रहा।
लंद गाड़ में अपनी जगह बनाने लगा।switi की गाड़ फैल कर चौड़ी हो गई। अब राजेश के लंद का आधे से ज्यादा भाग अंदर बाहर होने लगा।
राजेश को बहुत मजा आने लगा।
धीरे धीर स्वीटी का दर्द भी कम होने लगा।
राजेश स्वीटी की भग्नाश को ऊंगली से छेड़ने लगा।
स्विति सिसकने लगीं। उसे दर्द और मजा दोनो आने लगा।
राजेश अब अपना स्पीड बढ़ाने लगा।
अब लंद गाड़ में पूरी तरह जगह बना चुका था। लंद अब आसानी से गाड़ में अंडर बाहर होने लगा।
अब स्वीटी को भी मजा आने लगा।
अब राजेश स्वीटी की चूची मसलते हुवे गाड़ मारने लगा दोनो को मजा आने लगा।
तभी कमरे मे सुनिता आ गई,,,
राजेश ने गाड़ मारना रोक दिया।
राजेश _मां आप,
सुनिता _हां,
राजेश _आप तो आने से मना की थी।
सुनिता _हां, मैने मना की थी, पर मुझे लगा कही तुम लोग मेरी छूट का गलत फायदा तो नही उठा रहे।इस लिए देखने चली आई। पर मेरा डर सही था।
वह स्वीटी पर चीखी,,
स्वीटी मैंने तुम्हसे शर्त रखी थी न की अपनी boor में लंद नही लोगी। तुमने शर्त तोड़ी।
स्वीटी _नही मां मैने शर्त नहीं तोड़ी।
मैने अपनी boor में भइया का लंद नही लिया।
सुनिता _मेरे सामने लंद boor में डाली हुई है और झूठ बोल रही है तुम्हे शर्म नही आती, बेशर्म कही की।
राजेश _मां, स्वीटी ठीक कह रही है, उसने अपनी boor में लंद नही डलवाई है खुद ही देख लो।
सुनिता राजेश के पास गई।
राजेश _देखो मां, लंद कहा घुसा है।
सुनिता आंखें फाड़कर देखने लगी।
राजेश ने लंद को गाड़ से थोडा बाहर खींचा, फिर झटके से अंदर कर दिया।
राजेश _, देखो मां लंद किसमे जा रहा है।
सुनिता _, आश्चर्य से देखने लगीं।
इतना बडा लंद को स्वीटी गाड़ में कैसे ले सकती हैं।
स्वीटी _स्वीटी _कही तू, हमे धोखा तो नही दे रही है, तू किसी से अपनी गाड़ तो नही मरवाती है। इतना मोटा लंद आसानी से अपनी गाड़ में ले रही है।
स्वीटी _नही मां मैने आप लोगो को कोई धोखा नहीं दिया है।
सुनिता _फिर इतना मोटा लंद कैसे ले सकती हैं?
राजेश _मां स्वीटी बता रही थी की वह अपनी गाड़ में डिल्डो लेने की आदत है जिसके कारण इसकी गाड़ की छेद चौड़ी हो गई है।
स्वीटी _हां मां ये सच है।
राजेश _मां स्वीटी की गाड़ मारने में बडा मजा आ रहा है। बहुत मस्त गाड़ है।
राजेश तेज तेज गाड़ मारने लगा।
स्वीटी कभी आनंद में तो कभी दर्द से करांहने लगीं।
स्वीटी _भइया, रुको।
राजेश _क्या huwa स्वीटी।
स्वीटी _मुझे लंद की सवारी करनी है।
राजेश _ओह
राजेश ने गाड़ से लंद निकाल दिया।
और बेड पर पीठ के बल लेट गया।
स्वीटी बेड के ऊपर चढ़ गई और लंद को पकड़ कर अपनी गाड़ में सेट कर बैठ गई।
फिर कमर हिला हिला कर गाड़ में लंद लेने लगीं।
सुनिता आश्चर्य से देखने लगीं।
वह भी गर्म होने लगी। उसकी योनि में पानी भरने लगा।
स्वीटी को अपने मां के सामने गाड़ मरवाने में बडा मजा आ रहा था।
इधर सुनिता की पेंटी गीली होने लगीं। वह अपने पेंटी के गीलापन को अपनी हाथ ले जाकर कर छूकर देखी।
स्वीटी लंद पर उछल उछल कर थक गई। वह राजेश के एक ओर लुड़क कर सुस्ताने लगीं।
स्वीटी _मां, भईया को मैं अकेली नहीं सम्हाल सकती, अब तुम्हे भी मेरी मदद करनी पड़ेगी। नही तो भईया मेरी कबाड़ा कर देंगे।
स्वीटी कि बात सुनकर सुनिता मोर्चा सम्हालने तैयार हुई।
वह अपनी नाईटी उतार और पेंटी निकाल फेकी जो पूरी तरह chut रस से भीग चुकी थी। वह पूरी नंगी हो चुकी थी।
वह बेड पर चढ़ गई। और राजेश का लंद पकड़ कर अपनी योनी पे सेट की और बैठ गई।
लंद फुच की आवाज करता huwa योनि में समा गया।
सुनिता सिसक उठी।
अब राजेश सुनिता की कमर पकड़ कर। अपनी कमर उठाकर लंद सुनिता की boor में ठेलने लगा। सुनिता भी उछल उछल कर राजेश की मदद करने लगीं।
लंद सुनिता की boor में फॉच फाक की आवाज करता huwa अंदर बाहर होने लगा।
सुनिता और राजेश दोनो को जन्नत का मजा आने लगा।
सुनिता को इतना मजा आने लगा की वह लंद पर तेज तेज उछल उछल कर चुदने लगी। और कुछ ही देर में चीखते हुए झड़ने लगी।
राजेश सुनिता को अपने नीचे ले आया और स्वयं उसके ऊपर।
वह उसकी ओंठ चूसने लगा। उसकी चूंची दबा दबा कर चूसने लगा।
जिससे सुनिता फिर गर्म हो गई।
राजेश ने सुनिता के चूतड के नीचे तकिया लगा दिया। और अपना लंद एक ही बार में गच से पेल दिया।
लंद का टोपा सीधा सुनिता के बच्चेदानी से टकराया। सुनिता चिहुक उठी।
अब राजेश स्वीटी को उठाया और सुनिता के ऊपर घोड़ी बना दिया।
स्वीटी सुनिता की ओंठ चूसने लगी। सुनिता भी स्वीटी की साथ देने लगीं।
इधर राजेश सुनिता को जोर जोर से चोदने लगा। लंद उसके बच्चे दानी को रहा था जिससे सुनिता का पूरा शरीर गन गना रहा था। वह मादक सिसकारी निकाल रही थी।
कुछ देर सुनिता की chut खोदने के बाद राजेश अपना लंद बाहर निकाल कर स्वीटी की गाड़ में डाल दिया और स्वीटी की गाड़ मारने लगा। स्वीटी चीखने लगीं।
सुनिता उसकी ओंठ चूसने लगा।
राजेश बारी बारी से दोनो की chut और गाड़ मारने लगा।
तीनों को इस सामूहिक chudai मे बहुत मजा आ रहा था।
इधर सुनिता और स्वीटी फिर से एक बार झड़ गई।
राजेश दोनो को जन्नत की सैर करा रहा था। और खुद झड़ने की स्थिति में आ गया।
राजेश _आह मां, मै आने वाला हू,,, आह,,,
राजेश तेजी से बेड से उतरा उसके साथ ही सुनिता और स्वीटी भी तेजी से बेड से उतरी और दोनो राजेश के लंदके के नीचे चूची पकड़े बैठ गई।
राजेश कराहते हुवे वीर्य की पिचकारी दोनो की चेहरे और चूची में छोड़ने लगा।
आह मां,,, आह,,,, आह,,,
ढेर सारा वीर्य दोनो के मुंह और चुचियों में छोड़ा दोनो अपने वीर्य से नहला दिया।
राजेश थक चुका था, वह बेड पे लेट कर सुस्ताने लगा।
इधर दोनो मां बेटी राजेश की वीर्य को चखने लगी।
दोनो एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रही थी दोनो बाथरूम में गई और नहाने लगीं।
वहा से दोनो बाहर आई और टॉवल से अपने शरीर को पोछि फिर दोनो अपनी नाईटी पहन कर राजेश के आजू बाजू लिपट कर लेट गई।
राजेश दोनो की पीठ को प्यार से सहलाने लगा।
कुछ देर बाद,,,
सुनिता _स्वीटी आज जो कुछ भी huwa उसके बारे में भूलकर भी किसी से न कहना नही तो हम किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे।
स्वीटी _मां ऐसी बात भी किसी को बताने लायक है।
सुनिता _मुझे तुमसे यही उम्मीद है। चलो अब तुम अपने कमरे में जाओ। मै भी चलती हूं।
रात काफ़ी हो गई है।
स्वीटी _ठीक है मां, लव यू मां, कहकर स्वीटी सुनिता से लिपट गई।
सुनिता _लव यू टू बेटा।
स्वीटी और सुनिता राजेश को चादर ओढ़ा कर मुस्कुराते हुवे अपने अपने कमरे मे चली गईं।

राजेश का
Super excellent work and dhanyawad Mitra meri baat ka dhyan rakhte huye Sweety ko bhi Rajesh or Sunita ke sath sex me shamil karne ke liye..... Waiting for next
 

Herry

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