Update:-74 (A)
सभी टारगेट नीचे जमीन पर और अपस्यु चैन की श्वास लेते धीरे-धीरे नींद कि गहराइयों में चला गया। अपस्यु की जब आखें खुली वो किसी कमरे में था और उसके पास ऐमी बैठी हुई थी। अपस्यु थोड़ा उठकर टिकते हुए पूछने लगा… "कितने देर से मै सो रहा हूं।"…. "एक घंटे हुए है। अभी कैसा लग रहा है।"..
अपस्यु:- सर बहुत भारी लग रहा है ऐमी। अभी हम कहां है?
मेघा:- अभी तुम मेरी जगह पर हो। वैसे मानना पड़ेगा कमाल का बैकअप है तुम्हारा। यहां तुम बेहोश हुए और उधर ये पहुंच गई।
ऐमी:- जब एक दूसरे के साथ है तो एक दूसरे पर भरोसा जताना ही परता है।
मेघा:- ये लो तुम ये पहले टैबलेट खा लो, तुम्हे अच्छा लगेगा।
अपस्यु टैबलेट लिया और मेघा को बाय बोलकर जाने की इजाज़त लेने लगा… मेघा उसे रोककर ऐमी को कुछ देर के लिए बाहर इंतजार करने के लिए बोली… ऐमी के जाते ही मेघा कहने लगी…. "तुम्हारा आत्मविश्वास काफी कमाल का है। तुम एक विजेता हो, तुम पर 5 मिलियन नहीं 50 मिलियन लगाए जा सकते हैं। मुझे यकीन हो गया कि मै अपना पैसा सही जगह लगा रही हूं।"
अपस्यु:- उसके लिए तो सीधा फाइट रख लेती ना, मुझे नशा का कॉकटेल देने की क्या जरूरत थी।
मेघा:- मिस्टर अपस्यु जितना मै तुमसे मिल रही हूं, तुम उतना ही मेरी जिज्ञासा बढ़ाते जा रहे हो। तुम समझ चुके थे ना ड्रिंक में कुछ मिलाया गया है।
अपस्यु:- तुम्हारी वो वेटर जब दरवाजा खोलने आयी तभी मै समझ गया था।
मेघा:- दरवाजा खोलने से तुम्हे कैसे पता चल गया कि वो तुम्हारे ड्रिंक में कुछ मिला रही है।
अपस्यु:- ये बिजनेस सीक्रेट है, सबके साथ साझा नहीं किया जा सकता।
मेघा:- मै नहीं मानती की तुम्हे तब पता चला होगा। तुम्हे बस इंस्टिंक्ट हुआ होगा आखरी समय पर।
अपस्यु:- तुम्हारा ऐसा सोचना है तो ऐसा ही सही। एक बात याद दिला देना मै जाते-जाते बताऊंगा, फिलहाल तुम्हारी टेस्टिंग पूरी हो गई या और भी कुछ टेस्ट करना बाकी है।
मेघा:- और भी कुछ टेस्ट के लिए अभी तुम तैयार नहीं हो। बहरहाल आज के नतीजों से मै काफी उत्साहित हूं और इसमें कोई दो राय नहीं कि तुम वाकई कोई जादूगर हो। एंगेजमेंट में मिलते है, वहीं फिर आगे की बात होगी।
अपस्यु:- हम्मम ! ठीक है फिर मै चलूं…
मेघा:- हां बिल्कुल, वैसे तुमने वो बात अभी तक नहीं बताई जो तुम जाते-जाते बताने वाले थे।
अपस्यु:- उसके लिए तुम्हे अपना ईगो भूलकर एक अच्छे मेजबान की तरह मुझे कार तक ड्रॉप करना होगा…
मेघा, अपस्यु की बात को हंसकर मान गई और उसे छोड़ने खुद कार तक आयी। अपस्यु कार में बैठा और कहने लगा….……. "कुछ ब्राउन सुगर, उसके साथ ट्स्टलेस और ऑर्डुर लेस नींद की गोलि लगभग 200 मिलीग्राम के डोज में विष्की के साथ मैंने पिया… जिसने भी तुमसे इस कॉकटेल की डील की होगी उसका दावा होगा की यदि बॉडी पचा नहीं पाया तो केस सीरियस होगा शायद जान भी जा सकती है। बॉडी ने यदि एक्सेप्ट कर लिया और कितना भी बड़ा नशेड़ी क्यों ना हो, ड्रिंक लेने के साथ ही वो बेहोश होगा और कम से कम 36 घंटे बाद होश में आएगा।"
"मै उसे पीने के बाद 8 मिनट तक खड़ा रहा और महज 1 घंटा में उठ गया। जाकर सोचते रहना की ये कैसे हो गया और उससे भी जवाब मांगने की कोशिश कीजिए जिसने ये दावा किया था। जाते-जाते अंत में एक आखरी बात, मै काम इंस्टिंक्ट पर नहीं बल्कि फैक्ट्स के साथ करता हूं। बाय-बाय डार्लिंग हैव ए स्वीट नाइट।"
अपस्यु अपनी बात ख़त्म करके ऐमी को इशारा किया और वो कार ड्राइव करने लगी। कुछ दूर ड्राइव करने के बाद… "अपस्यु…"
अपस्यु:- हां ऐमी कहो ना।
ऐमी:- कैरेक्टर से बाहर निकलिए सर उसका घर बहुत पीछे छूट गया।
अपस्यु:- ओह ! मैंने ध्यान नहीं दिया। कैसा रहा आज का परफॉर्मेंस..
ऐमी:- उमाहहहहहहहहहहहहहह… एकदम लाजवाब, बेचारी अभी बैठकर सर खुजा रही होगी। कामिनी बड़ी आयी थी मेरे अपस्यु को चेक करने वाली। साली की ना अक्ल अच्छी थी और शक्ल देख लो तो उल्टी करने का मन कर जाए।
अपस्यु:- हाहहाहाहहाहाहहाहा… बस भी करो कितनी गालियां दोगी उसे…
ऐमी:- हां छोड़ो उसे, वैसे मुझे जरा भी पसंद नहीं आया, तुम इतनी डिटेल उसे दे रहे थे।
अपस्यु:- मै उसे डिटेल थोड़े ना दे रहा ऐमी, बस उसके ईगो को रौंद रहा था। जब उसे मैंने कार के पास खड़ा करवाया ना तो मुझे अलग ही लेवल की संतुष्टि मिल रही है।
ऐमी:- खैर छोड़ो ये, और अभी एंगेजमेंट की तैयारी करते है। कल शाम छछूंदर की एंगेजमेंट है.. वूहू.... वूहू .…. वूहू ….
अपस्यु:- बस भी करो ऐमी, एक्साइटमेंट में आकर किसी को ठोक मत देना।
ऐमी:- खड़ूस कहिंके… अच्छा सुनो कल मै साड़ी पहनना चाहती हूं।
अपस्यु:- हां बाबा ठीक है पहन लेना।
ऐमी:- अपस्यु बात क्या है बताओगे.. वो भी बिना कोई वक़्त लिए..
अपस्यु:- मुझे साची से एक बार मिलना है। क्या अभी एक मीटिंग अरेंज हो सकती है।
ऐमी:- हम्मम ! मै कुंजल से बात करती हूं, वो हमारी मीटिंग फिक्स करवा सकती है।
अपस्यु:- नहीं, हम नहीं.. सिर्फ मै और साची… रूको मै खुद बात करता हूं। ..
अपस्यु साची को कॉल लगाते हुए…. "जी अपस्यु कहिए कैसे याद किया आपने।"..
अपस्यु:- मुझे तुमसे मिलना है, क्या तुम कुछ वक़्त निकालकर मिल सकती हो।
अपस्यु की इस बात से जैसे साची का दिल धड़का हो.. किसी तरह खुद को काबू करती हुई कहने लगी… "सॉरी, कल एंगेजमेंट है और उसी की तैयारियों में लगी हूं।"…
अपस्यु:- मैंने तुम्हारा हर कहा मना है, एक बार बस मेरा कहा मान लो। मै आधे घंटे बाद तुम्हारा होटल कि छत पर इंतजार करूंगा। वहीं बात करता हूं, अभी रास्ते में हूं।
अपस्यु ने अपनी बात कहकर कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। कॉल कटते ही ऐमी ने अपस्यू का हाथ थाम ली, और उसकी ओर देखती हुई "थैंक्स" कहने लगी। इधर अपस्यु के कॉल कटते ही साची के मन में कई सारे सवाल एक साथ आने लगे… "क्या हुआ दीदी आप अचानक से किस सोच में पर गई।"..
साची:- अपस्यु का कॉल था, मुझसे मिलना चाहता है।
लावणी:- आप क्या सोच रही है?
साची:- वो कुछ सोचने का मौका दे तब ना कुछ सोचूं। बस एक रहस्य ही है वो, जितनी बार सोचा कि इस बार मिलकर हम सब कुछ सुलझा लेंगे, हर बार एक नए ही रहस्य में उलझ गई। बड़ी मुश्किल से तो उबर पाई थी, अब पता नहीं और कहां उलझा रहा है। जानती है जब से उसका कॉल आया है ना मेरी धड़कने बढ़ी। मन के अंदर जो भी चल रहा हो, लेकिन दिल तो सिर्फ इसलिए धड़क रहा है कि किसी भी तरह … बस किसी भी तरह वो बस मेरे साथ हो और मै उसके साथ… क्या करूं ये दिल ही बेईमान है।
लावणी:- जाओ दी, आप को जाना चाहिए.. किसे पता शायद इस बार आप के लिए कुछ अच्छा हो वहां। इस तरह उसके लिए तरप सकती हो, तो क्यों ना एक बार उससे मिलकर देख लो, शायद आज किसी पक्के निष्कर्ष पर पहुंच सके। जाओ दीदी जाओ…
लगभग आधे घंटे बाद अपस्यु होटल की छत पर पहुंचा.. साची उसका पहले से इंतजार कर रही थी। एक नज़र वो अपस्यु को देखी और फिर सामने देखने लगी। अपस्यु उसके पास पहुंचा। साची रेलिंग को पकड़े सामने देख रही थी और अपस्यु पीछे मुड़ कर रेलिंग से खुद को टीका लिया और साची को देखने लगा… "बहुत सुंदर लग रही हो साची, और पहले से काफी सेक्सी भी हो गई हो।"
साची:- ये बताने के लिए मुझे यहां बुलाया है।
अपस्यु:- नहीं बिल्कुल भी नहीं। बस तुम्हारी फीलिंग मुझे यहां खींच लाई।
साची:- जानते हो अपस्यु, एक बात जो मै अच्छे से जान चुकी हूं, मिस्टर अपस्यु मेरी फीलिंग से तो खिंचे आने से रहे। यदि ऐसा होता तो वो कब का आ चुका होता और मुझे इतनी दूर तक ना आना परा होता।
अपस्यु:- शायद हां, तुम्हारी बात सत्य है, लेकिन क्या तुम बता सकती हो, जब मै सच बोलकर गुनहगार हो गया तो सच ना पचा पाने वाली तुम, क्या तुम्हारा कोई दोष नहीं?
साची:- ओह तो तुम मुझसे क्या सुनना चाहते थे कि मै तुम्हारे प्यार में इतनी पागल हूं कि तुम मेरे सामने अपने उस ऐमी के साथ मौज करो, लेकिन मेरा साथ कभी नहीं छोड़ना।
अपस्यु अपनी आंखे बंद करके अपने अंदर तेज श्वांस खिंचा और धीमे-धीमे उसे छोड़ते हुए कहने लगा…. "जी तो करता है, अभी उठा कर यहां से नीचे फेंक दूं।"
साची:- एक यहीं तो तुम्हे आता है, पीना और मारना, रुके क्यों हो फेंक दो मुझे और किस्सा ही खत्म करो।
अपस्यु:- किस्सा ही खत्म करने आया हूं, बस कुछ वक़्त तो दो, मेरा वादा है आज तुम्हारे सर से तुम्हारे स्वार्थ और स्वार्थी चाहत का भूत उतार कर जाऊंगा।
साची:- मै जा रही हूं, तुम यहां रहकर उतरते रहो भूत…
अपस्यु:- अच्छा कहां जाओगी ऑनलाइन होकर अननोन गर्ल की आईडी ओपन करने और अपने उस क्रेज़ी बॉय से बात करने।
साची के बढ़ते कदम अपनी जगह ठहर गए। एक पल के लिए उसे ऐसा लगा जैसे उसकी छिपी दुनिया सबके सामने आ गई हो, वो तेजी से वापस आयी और बिना कुछ कहे अपस्यु को खींच कर एक तमाचा मार दी। लेकिन इस बार अपस्यु भी जवाब देते हुए, साची को भी एक नपा तुला थप्पड उसके गाल पर बिठा दिया… "मंदिर का घंटा समझ रखा है क्या मेरा गाल, जो जब जी में आया थप्पड लगा दिया।"…
साची:- क्रिमिनल हो तुम, ब्लैकमेलर.. मुझपर शक करने वाला इंसान जो मेरे लैपटॉप और फोन को चेक करते रहता था। बहुत ही घटिया हो तुम अपस्यु और अब तो मै भी देखूंगी की लावणी का एंगेजमेंट कैसे होती है तुम्हारे भाई के साथ। तुम्हारी पूरी फैमिली ही क्रिमिनल बैकग्राउंड की है। तुम सबको मै देख लूंगी।
अपस्यु:- क्या बात है एक थप्पड पड़ते ही मेरे पूरे खानदान को ही घसीट दी, मैं भी हर थप्पड के बदले तुम्हारे पूरे खानदान को घसीट लेता तब कैसा मन होता तुम्हारा।
साची:- मै ही पागल थी जो लावणी की बात सुनकर यहां चली अाई, मुझे आना ही नहीं चाहिए था।
अपस्यु:- इतनी देर में एक सही बात कही हो, तुम सच में पागल हो।
साची:- अपस्यु क्या तुम झगड़ा करने के लिए मुझे यहां बुलाए हो, क्यों फुटबॉल बनाकर खेल रहे हो मेरे साथ?
अपस्यु:- बस दिल पर एक बोझ था कि तुम्हारी सच्ची फीलिंग मैंने हर्ट की, यह बात केवल मुझे नहीं ऐमी को भी चुभ रही थी। हम दोनों का तो छोड़ो मेरे भाई, मेरी बहन उनको भी बहुत चुभ रही थी, और उन सबने तुम्हारे दर्द को समझा और कोशिश में लगे रहे की तुम अपना दर्द भूल जाओ, लेकिन नहीं तुम्हे तो मुझ से ही समझना था, इसलिए आज मै तुम्हारे सामने खड़ा हूं। झगड़ा करने नहीं आया, समझी।
साची:- तुम जो कर रहे हो उसे टॉर्चर कहते है अपस्यु …
अपस्यु:- चलो मान लेते है की मै तुम्हे बहुत ही ज्यादा परेशान कर रहा हूं, लेकिन तुमने क्या किया था?
साची:- क्या किया था मैंने?
अपस्यु:- एक लड़का जो 4 साल से तुमसे जुड़ा हुआ था, जिसके साथ तुमने अपनी पूरी फैंटेसी शेयर की। जो तुम्हारे हार सुख में साथ रहा, तुम्हारे हर दुख में तुम्हारे फीलिंग को समझा, तुम्हे हमेशा सही सलाह दिया.. जब उसने अपने लिए एक मौका मांगा की वो भी तुम्हे चाहने लगा है तो तुमने क्या किया.. क्या किया था उसकी फीलिंग के साथ…
साची:- वो वर्चुअल फ्रेंड था, उसे बस गलतफहमी थी और कुछ नहीं। वर्चुअल आईडी के फैंटेसी को वो गलत तरीके से आकलन किया था। मैंने साफ-साफ बता भी दिया था उसे। उसके बाद तो मैंने उससे बात भी बंद कर दी थी, लेकिन वो खुद मेरे पीछे आया था.. तुम एक वर्चुअल की कहानी रियल लाइफ से जोड़ कर कोई भी नतीजा मत ही निकालो तो अच्छा होगा।
अपस्यु:- बेचारा वो क्रेज़ी बॉय, वो भी ठीक वैसे ही हार कर दोबारा मैसेज कर रहा होगा, जैसे तुम हॉस्पिटल अाई थी, अपनी गलती मानकर। दिल के हाथों मजबुर होकर। ठीक वैसे ही जैसे मैंने तुमसे बात करना छोड़ चुका था कुछ आगे की समस्या को सोचकर.. दोनों सिचुएशन में क्या अंतर था साची? आईडी वर्चुअल थी ना क्या फीलिंग भी वर्चुअल होगी?
अपस्यु की बात सुनकर साची कुछ जवाब नहीं दे पाई, वो बस सोच में डूबी रही। तभी अपस्यु चुटकी बजाते हुए… "ओ मैडम, लौट आओ, इस सवाल का जवाब फिर कभी ढूंढ़ लेना, कल तुम्हारी एंगेजमेंट है, जल्दी से सारी बातें खत्म करके आज दोनों साथ खाना खायेंगे..
साची:- अपस्यु तुम ना मेरे दिमाग से खेलना बंद करोगे प्लीज। कितना घुमाते हो, क्यों कंफ्यूज करने पर उतारू हो। सब भूल कर ध्रुव को हां तो कर ही दी हूं, तुम भी भूल जाओ की मेरी फीलिंग हर्ट हुई है, मैं अपने आप निर्मल हो जाऊंगी कुछ दिनों में।