Badhiya kash ma kash dikhai hai bhaiअपडेट -7
दोस्तों मेरे समझ नही का रहा था की कहाँ से शुरू करूँ।एक गलती से मेरी लाइफ बर्बाद हो सकती थी।अगर मम्मी न मानी तो क्या होगा मेरे साथ।ऐसा लग रहा था यह मेरे जीवन और मेरी मर्दानगी की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
मुझे कुछ ऐसा करना था कि दांव खाली न जाये।मतलब मुझे ऐसा करना था कि मम्मी मेरी तरफ आकर्षित हो जाये।लेकिन क्या बड़ा लन्ड होने से केवल मम्मी मेरी ओर आकर्षित होंगी।
लेकिन मैंने सुना था कि अगर लन्ड तगड़ा है तो कोई भी महिला आकर्षित हो सकती है चाहे माँ हो या बहन।मुझे भी आज यह प्रयोग करना था।
दोस्तो पिछले एक घण्टे से मेरा लन्ड खड़ा था जैसे कोई शिकारी शिकार के लिए घात लगाता है वैसे ही मेरा लन्ड सामने पड़ी औरत की चूत के लिए घात लगाए खड़ा था।
बिल्कुल ऐसे
मेरी मम्मी इन सब से अंजान एक मासूम औरत की तरह सो रही थी।
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Mast updateअपडेट-8
दोस्तो
मेरा मन कर रहा था अपना मोटा लन्ड अभी मम्मी के मुह में डाल दूँ।
अब सब कुछ बर्दास्त के बाहर हो रहा था।मैं यही सोच रहा था कि इतना मोटा लन्ड मेरी मम्मी की चूत में क्या आसानी से घुस पायेगा।यह सोचते सोचते अब मैं खड़ा हो गया।मम्मी चारपाई के किनारे लेटी हुई थी ताकि मैं आराम से लेट सकूँ।मुझे जोर की टॉयलेट भी लगी थी।मैं टॉयलेट करके मम्मी के पास चुप चाप लेट गया।मम्मी का मुँह ऊपर की ओर था और मैं करवट लेकर मम्मी की तरफ मुह करके लेट गया।नींद गायब थी।ऐसा लग रहा था कोई परी आकर मेरे पास लेट गई हो।
मेरा लन्ड तो बैठने का नाम ही नही ले रहा था।
मम्मी का एक हाथ मेरे लन्ड के पास था।
अब मैं थोड़ी हिम्मत कर रहा था।मैं समझ चुका था कि अगर ये मौका निकला तो फिर कभी नही मिलेगा।रात के 1 बज रहे थे।
मैने धीरे से अपना हाथ उठाकर मम्मी के हाथ पर रख दिया।लेकिन मम्मी ने कोई रिएक्शन नही दिया।अब मेरी थोड़ी और हिम्मत बढ़ी।मैं अब मम्मी के हाथ को सहलाने लगा।लेकिन मम्मी काफी गहरी नींद में थी।मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था।
फिर हिम्मत करके उनका हाथ हिलाया।लेकिन कोई रिएक्शन नही था।अब मैं निश्चित था कि मम्मी सो रही है।
मैने सोचा क्यों न मम्मी का हाथ अपने लन्ड पर रखे।पता नही कहाँ से मुझमे हिम्मत आ गई ।मैने अपना शोर्ट्स नीचे किया और मम्मी का हाथ अपने लन्ड पर रख लिया।मेरे कपकपी छूट गई।बहुत कोमल हाथ थे ।ऐसा लग रहा था कोई कॉटन मेरे लन्ड पर रख दी गई हो।लेकिन हाथो में कोई हरकत नही थी ।मेरे लन्ड का ये हाल हो गया था कि अगर मम्मी भागने भी लगे तो रोक कर उनका रेप कर देता।
मैने अपने लन्ड पर उनकी पकड़ को थोड़ा मजबूत किया।ठीक ऐसे
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उनके कोमल हाथ मेरे लन्ड की उत्तेजना को बढ़ा रहे थे।मैं सोच रहा था जब हॉथ इतने कोमल है तो चूत कितनी कोमल होगी।
मैं यही सोच रहा था कि मम्मी ने आज पहली बार मेरे लन्ड को अपने हाथो से छुआ है।काश वह जग रही होती।
अचानक पता नही क्या हुआ कि मम्मी ने दूसरी तरफ करवट ले ली।मम्मी ने अब अपनी गांड मेरी तरफ कर दी थी।अब मैं और खुश था क्यो की मम्मी की गांड तो मुझे बहुत पसंद थी ।दोस्ती उनकी गांड बिल्कुल ऐसी थी
तो सोचो नंगी गांड कैसी होगी।
दोस्तो मैं रुकने वाला नही था।मम्मी का गाउन अभी भी जांघ पर था।जिसे मुझे अब पूरा ऊपर करना था।मैंने गाउन पर नीचे से हाथ लगाया और गाउन ऊपर खीच किया।अब मम्मी की चड्ढी वाली गांड मेरे सामने थी।
दोस्तों ऐसा लग रहा था कि मम्मी की गांड मारने के लिए ही भगवान ने मुझे इतना मजबूत लन्ड दिया था।अब मैने अपना लन्ड मम्मी की गांड की तरफ बढ़ाया और उनकी पैंटी में टच कर दिया।मेरे नसों में खून की रफ्तार तेज हो गई थी।एक तो खुबसूरत औरत और दूसरा मेरी मम्मी।मेरी खुशी का कोई ठिकाना नही था।मैं हल्के हल्के लन्ड मम्मी की गांड में रगड़ने लगा।
मेरा मन कर रहा था कि पैंटी फाड् दूँ और पटक पटक कर चोद डालू।लेकिन मम्मी थी बस यही डर था।चोदना था लेकिन सम्मान देकर।
Sahi klpd ho gaiमैंने फिर से मम्मी का हाथ अपने लन्ड पर रखा और मुझे कंट्रोल नही हुआ ।मैं उनके हाथ से जोर जोर लन्ड पर चलाने लगा।ऐसा लगा कि उनकी नींद बल्कि सी टूटी लेकिन मैं पूरे जोर से उनसे हाथ चलवाता रहा।वो धीरे से बोली ऐसे मत करो कुशाल देख लेगा।मम्मी मुझे पापा समझ रही थी और मेरा हाथ अभी भी तेजी से चल रहा था।अचानक उनका हाथ टाइट हो गया।और वह अंधेरे में बिना कुछ बोले लन्ड की लंबाई नापने लगी।लेकिन अचानक फिर वो शांत हो गई।मुझे ऐसा लगा की वह अब सोने का नाटक करने लगी ।उनके हाथों को मैने लन्ड पर काफी टाइट कर रखा था।अब वह पूरा माजरा समझ चुकी थी कि मैंने उनका हाथ लन्ड पर रखा है।
मैं अब इसका फायदा उठाना चाहता था।मैंने सोचा कि अब बुरा बन ही चुका हूं तो कायदे से बनूँ।अचानक मम्मी ने अपना हाथ हटा लिया।और फिर सोने का नाटक करने लगी लेकिन मेरे सर पर तो सेक्स का भूत सवार था।मैं उठा और माँ के मुह के पास लन्ड करके उनके होटो पर रगड़ने लगा।
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और इस प्रकार से उनके होटो पर लन्ड रख दिया।मा अभी नही कुछ बोली।मेरे समझ नही आ रहा था वो चुप क्यों है।मुझे डाटा क्यो नही।मैन ऐसे ही उनके मुह में कई बार लन्ड आगे पीछे किया।अब मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी।मुझे लग रहा था कि माँ अब कुछ नही बोलेगी शायद वो नही चाहती थी कि माँ बेटे का रिश्ता शर्मशार हो।
माँ बिल्कुल सीधी लेती थी।अब मैंने उनकी पूरी मैक्सी ऊपर की ओर कर दी।और उनके दूध साफ साफ दिखने लगे।मैने धीरे से उनकी पैंटी में एक उंगली डाल कर उसको थोड़ा नीचे कर दिया और धीरे धीरे करके पूरा उतार दिया।अब माँ बिल्कुल नंगी थी।और अभी भी शांत थी।उनकी चूत को देख कर मेरा लन्ड फुफकारने लगा।
मेरे लन्ड का बुरा हाल था।लेकिन ये अंतिम पड़ाव था शायद मेरे इतना करने पर मम्मी का सब्र का बांध टूट और उठ खड़ी हुई।उन्होंने एक जोरदार तमाचा मेरे मारा और तुरन्त दूर खड़ी हो गई।
उन्होंने यहां तक कहा कि चल तेरे पापा को सब बताऊंगी।और अचानक उनकी नजर मेरे लन्ड पर पड़ी जो लटक रहा था।वो समझ गई थी कि इसका लन्ड इसके पापा से काफी बड़ा है।और फिर नजर फेर ली।ऐसे लटक गया था मेरा लन्ड
तुरंत आदेश आया चल कपड़े पहन बत्तमीज़।
Nice updateदोस्तों सब कुछ शांत हो गया था।ऐसा लग रहा था कि ये सब एक सपना था लेकिन दुर्भाग्य ये सपना नही था।मेरे सामने अंधेरे में मेरी मम्मी एक तरफ खड़ी थी बिल्कुल नंगी और दूसरी तरफ मैं बिल्कुल नंगा।लगभग 5 मिनट बिल्कुल शान्ति रही ।कोई नही बोलना चाह रहा था न मम्मी न मैं।मम्मी अचानक बोली तू इतना कमीना निकलेगा ये मैन नही सोचा था।उनकी आंखों में आंसू थे।मम्मी की पीठ मेरी ओर थी।मतलब गांड भी मेरी तरफ थी।
एक भारी भरकम गांड
।दोस्तो मेरा लन्ड यह सब देखकर फिर तन गया था।मैं मम्मी की बातों का कुछ जवाब नही दे रहा था। मेरी नजर सिर्फ मम्मी की गांड की तरफ थी।अचानक वो पलटी और उनकी नजर मेरे लन्ड पर पड़ गई।उस समय कुछ ऐसा था मेरा लन्ड
मम्मी की आंखों में नफरत दिख रही थी।लेकिन जब उनकी नजर मेरे लन्ड पर पड़ी तो लग्भग 5 सेकंड तक देखती रही।शायद मेरे लन्ड पर तनी नसों को देख रही थी जो फौलादी लन्ड की ओर इशारा कर रहे थे या फिर मेरे लन्ड की तुलना पापा के लन्ड से कर रही होंगी।।फिर झटके से नजर हटा लिया।मुझे लगा शायद मैन बहुत गलत किया है।आबि रात के 2 बज रहे थे।हम दोनों नंगे थे और नींद गायब थी।मम्मी ने दोबारा कहा चल कपड़े पहन।बादल गरज रहे थे।मेरे पास अब दो घण्टे ही बचे थे।
मैं सोच रहा था अगर पापा को मम्मी ने बता दिया तो क्या होगा ।यह सब सोचते सोचते मेरे पसीना आ गया।मैं मम्मी की तरफ भागा और उनकी पीठ से चिपक गया।और मै रोने लगा मुझे माफ़ कर दो पापा से मत बताना।मैं भूल गया था कि मैं और मम्मी दोनों नंगे है।मेरा लन्ड मम्मी की गांड को टच करते हुए उनकी चूत तक पहुंच गया।और मेरे हाथ उनके दूध पर।
और मैं फुट फुट कर रोने लगा।
दोस्तो मेरा भारी भरकम लन्ड माँ की चूत के मुहाने पर जा लगा था।मुझसे छूटने के चक्कर मे वो पीठ से यू साइज में बन गई थी।मैं इस तरीके से चिपक गया था मानो कोई प्रेमी प्रेमिका चिपकते है।मैं कुछ समझ नही पाया था।मैं तो सिर्फ डर के मारे चिपक गया था जैसे बचपन मे चिपकता था।लेकिन भूल गया था कि इस समय मैं जवान भी था और नंगा भी साथ मे घोड़े जैसा लन्ड भी।
थोड़ी देर बाद समझ आया कि यह क्या हो गया।लेकिन मैने यह सब जानबूझकर नही किया था।बस अचानक हो गया।बस कुदरत को कुछ और मंजूर था।
Chalo aage badhne ka time toh milegaमैं नंगा और मेरी माँ भी नंगी और मेरा लन्ड माँ की चूत के मुहाने पर इसके अलावा मौसम इतना अच्छा।और क्या चाहिए एक जवान लौंडे को।
दोस्तों मेरे लन्ड पर कु छ हल्का गर्म गर्म लगने लगा था।माँ कुछ देर तो शांत रही फिर अचानक उन्होंने मुझे धक्का देने की कोसिस की तो मेरे लन्ड उनकी जांघो में रगड़ गया।मेरी पकड़ इतनी मजबूत थी कि माँ मुझे छुड़ा न सकी।मैं माफी मांग रहा था पर ये नही सोच रहा था कि माफी मांगने के साथ उससे भी बड़ी हरकत हो रही थी।
दोस्तो मेरे लन्ड माँ की जांघो से दोबारा माँ की चूत में जा लगा और इस बार जोर दार आवाज भी आई और माँ की आह निकल गई।क्योंकि लन्ड ने सीधे चुत पर दस्तक दी थी।
फिर माँ ने मुझे हटाते हुए कहा कि ठीक है कोई बात नही मैं माफ करती हूं और यह कहते हुए जोरदार धक्का देते हुए हटाया।लेकिन पानी की बौछार अंदर तक आई थी इसलिए माँ का पैर फिसल गया और हम दोनों एक दूसरे के ऊपर गिर गए।दोस्तो ऐसा लग रहा था कि आज ईश्वर भी साथ दे रहा था।माँ मेरे ऊपर गिरी जिससे पहले मैं गिरा और फिर माँ मेरे ऊपर आकर गिरी।मेरा लन्ड खड़ा था।दोस्तो माँ मेरे शरीर के बराबर मेरे ऊपर गिरी तो फिर से मेरे लन्ड और माँ की चूत का मिलन हो गया।मेरे लन्ड को थोड़ा सा सूपड़ा माँ के अंदर जा घुसा।और माँ ने अपने आपको वही रोक लिया।लेकिन माँ के मुह से हल्की सी सिसकारी भी निकल गई थी।मुझे सुनाई दिया था।उन्होंने अपना हाथ लगाकर मेरे लन्ड को टटोला तो उनका हाथ मेेरेलन्ड पर पड़ गया। मेरा लन्ड मुश्किल से ही आ रहा था उनके हाथ मे।जैसे ही उन्होंने मेरा लन्ड छुआ मेरी सिसकारी निकल गई।एक बार उन्होंने मेरे लन्ड पर उभरी हुई नसों को टटोला और फिर झिटक कर खड़ी हो गई।
अब वो बोल पड़ी की तुरन्त कपड़े पहन लो।और इसके बाद उन्होंने कपड़े पहन लिये।मजबूरी में मुझे भी पहनने पड़े।उन्होंने कहा कि मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी।और बैठ कर रोने लगी।मैं भी उदास हो गया कि ये मैने क्या कर दिया।मैने कहा माँ पापा को मत बताना नही तो मैं मर जाऊंगा।जो हुआ गलती से हुआ।इतना कहने पर माँ ने मुझे गले लगा लिया।और कहा बेटा जो हुआ यहीं खत्म करो।आज के बाद इस मैटर पर बात नही होगी।मेरे सारे अरमान मिट्टी में मिल गए थे।सुबह हो रही थी।अब हम लोग शादी में जाने की तैयारी करने लगे।
लेकिन मैं हिम्मत नही हारा था।मेरा लन्ड माँ चूत को छूकर आया है और एक दिन अंदर भी जाएगा।जब माँ ने लन्ड छुआ था तो उनके छुअन में एक अजीब एहसास था।मेरी माँ जरूर मानेगी यहाँ नही तो घर पर ।
।इसके बाद हम लोग शादी में पहुँच गए।माँ बहुत ही कम बोल रही थी।इस घटना के बाद वो मुझसे अंजानो की तरह बर्ताव कर रही थी।कैसे भी करके शादी निपटी और हम लोग अपने घर आ गए।
दोस्तो मैं इस मामले पर माँ से बात करना चाहता था।लेकिन मौका नही मिल रहा था।एक दिन एक न्यूज मिली कि पापा एक महीने के लिए आफिस के काम से बाहर जा रहे थे ।मैं खुश हो गया।