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अपडेट 6
दोस्तो मैं आपको बता नही सकता कि मैं अलग ही दुनिया मे था।ऐसा लग रहा था कि मेरी प्रेयशी मेरे सामने लेटी थी।और मैं उसको निहार रहा था।माँ बेटे के रिश्ते को मैं बिल्कुल भूल चुका था।समय रात के 12 बज रहे थे।बारिश रुकने का नाम नही ले रही थी।ऐसे मौसम में हर कोई रोमांटिक हो जाता है।और मेरे पास तो एक बहुत ही खूबसूरत औरत लेटी हुई थी।जिसके शरीर को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो सारे जहाँ की खूबसूरती फीकी पड़ रही थी।
मैं उसके घुटनो के नीचे टांगों पर पड़ी बूंदों को एक एक करके आहिस्ता आहिस्ता चाट रहा था।मम्मी बहुत ही गहरी नींद में सोई हुई थी।मेरे पास सिर्फ 4 घण्टे का समय था।इसी समय बीच जो होना था हो सकता था।उसके बाद सारी सम्भावनाये खत्म हो जाएगी ये जनता था मैं।लेकिन ये सब कैसे होगा।एक ही पल में मैने अपनी मम्मी को अपनी प्रेमिका मांन लिया था।लेकिन क्या वो तैयार होंगी।वो क्यो तैयार होगी।मैं उनका ही बेटा हूँ।और कोई माँ अपने बेटे को अपना पति क्यो बनाएगी।
लेकिन मैंने कई स्टोरी में पढ़ा था कि माँ ने अपने बेटे से चुदवाया था।
अब मैं बहुत उहापोह में था।मेरे पास ज्यादा समय नही था।आर या पार करना था।या तो पापा हमेशा के लिए घर से बाहर निकाल देंगे।क्यो की मम्मी हर बात पापा को बताती थी।
मैं हार नही मानना चाहता था।मैं सोच रहा था शायद 1 परसेंट मम्मी का दिल पिघल जाए तो जिंदगी भर ऐश करूँगा।
मम्मी बेफिक्र होकर लेती थी।लेकिन वो नही जानती थी कि उनका अपना ही बेटा आज उनकी इज्जत उतारने के लिए प्लान बना रहा था।
मैंने उनके घुटनो तक पड़ी सारी पानी की बूंदे चाट डाली।अब वो अपने आप सीधी हो गईं।उनका चेहरा ऊपर की ओर था।और मैक्सी घुटनो तक मैंने की हुई थी।अब मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी।मैने काँपते हाथो से मैक्सी को थोड़ा और ऊपर किया।तो उनकी मोटी मोटी जांघे मुझे दिखने लगी।

दोस्तो मैं आपको बता नही सकता कि मैं अलग ही दुनिया मे था।ऐसा लग रहा था कि मेरी प्रेयशी मेरे सामने लेटी थी।और मैं उसको निहार रहा था।माँ बेटे के रिश्ते को मैं बिल्कुल भूल चुका था।समय रात के 12 बज रहे थे।बारिश रुकने का नाम नही ले रही थी।ऐसे मौसम में हर कोई रोमांटिक हो जाता है।और मेरे पास तो एक बहुत ही खूबसूरत औरत लेटी हुई थी।जिसके शरीर को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो सारे जहाँ की खूबसूरती फीकी पड़ रही थी।
मैं उसके घुटनो के नीचे टांगों पर पड़ी बूंदों को एक एक करके आहिस्ता आहिस्ता चाट रहा था।मम्मी बहुत ही गहरी नींद में सोई हुई थी।मेरे पास सिर्फ 4 घण्टे का समय था।इसी समय बीच जो होना था हो सकता था।उसके बाद सारी सम्भावनाये खत्म हो जाएगी ये जनता था मैं।लेकिन ये सब कैसे होगा।एक ही पल में मैने अपनी मम्मी को अपनी प्रेमिका मांन लिया था।लेकिन क्या वो तैयार होंगी।वो क्यो तैयार होगी।मैं उनका ही बेटा हूँ।और कोई माँ अपने बेटे को अपना पति क्यो बनाएगी।
लेकिन मैंने कई स्टोरी में पढ़ा था कि माँ ने अपने बेटे से चुदवाया था।
अब मैं बहुत उहापोह में था।मेरे पास ज्यादा समय नही था।आर या पार करना था।या तो पापा हमेशा के लिए घर से बाहर निकाल देंगे।क्यो की मम्मी हर बात पापा को बताती थी।
मैं हार नही मानना चाहता था।मैं सोच रहा था शायद 1 परसेंट मम्मी का दिल पिघल जाए तो जिंदगी भर ऐश करूँगा।
मम्मी बेफिक्र होकर लेती थी।लेकिन वो नही जानती थी कि उनका अपना ही बेटा आज उनकी इज्जत उतारने के लिए प्लान बना रहा था।
मैंने उनके घुटनो तक पड़ी सारी पानी की बूंदे चाट डाली।अब वो अपने आप सीधी हो गईं।उनका चेहरा ऊपर की ओर था।और मैक्सी घुटनो तक मैंने की हुई थी।अब मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी।मैने काँपते हाथो से मैक्सी को थोड़ा और ऊपर किया।तो उनकी मोटी मोटी जांघे मुझे दिखने लगी।

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