प्राची की गांडफाड चुदाई के बाद मैंने उसे आराम देने का सोचा और माँ को इशारा करके कमरे से बाहर जाने को कहा। माँ बाहर चली गयी तब मैंने उसकी आँखों की पट्टी खोली
प्राची बोली " मामा बहुत दुःख रहा है "
मैंने कहा " थोड़ा आराम कर लो फिर दर्द काम हो जायेगा " वो फिर सो गयी और मै कमरे से बाहर आया जहा मेरी माँ मेरा इंतज़ार कर रही थी.
उनके चेहरे पर मुस्कुराहट थी, जैसे ही मैं उनके पास गया उन्होंने मेरा मुरझाया हुआ लण्ड पकड़ लिया. और उसे मसलते हुए बोली " कमसिन भांजी को चोद आया ये " मैंने कहा "आप ही के कारण हो पाया" मां मेरे लण्ड को मसलते हुए " सारा काम इस लण्ड ने किया और इल्जाम मुझ पर"
"मैंने तो पहले ही कहा था तेरे साथ कोई भी लड़की या औरत सेफ नहीं है, तू पक्का चोद देगा"
मैं "सब कुछ आप ही से सीखा है मां"
मां " मैंने तुझे शीतल प्राची को चोदने के लिए कहा था क्या?"
हमारी बातचीत के बीच मां मेरे लण्ड को मसल रही थी जिससे वह धीरे धीरे कड़क हो रहा था जिसे देखकर मां ने होठों पर जीभ फिरते हुए बोली "यह तो फिर तैयार हो रहा है......कमसिन कुंवारी और टाइट गांड मारने के बाद मुझे लगा यह थक गया होगा"
मैंने कहा "इसे इनाम की जरूरत है"
मां तुरंत घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लण्ड के सुपाडे को अपने होठों से चुम लिया. उनके होंठों का स्पर्श पाते ही मेरा लण्ड और अकड़ने लगा. फिर मां ने मेरी तरफ का मुख नजरों से देखा. मेरे चेहरे पर हवस भरी मुस्कान थी.
फिर क्या था उनका गरम मुंह खुला और मेरे लण्ड का सुपारा उनके मुंह में चला गया और फिर वह रुकी नहीं और उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.
मां मेरे लण्ड को चूसते समय बीच-बीच में मेरा पूरा लण्ड मुंह में ले लेती थी और अपने सर को आगे पीछे करके अपने गले की चुदाई करती थी. उन्हें पता है कि मुझे मुंह चुदाई कितनी पसंद है, इसलिए वह ऐसा कर रही थी.
20 मिनट तक मा ने मेरे लण्ड को चूस चूस कर पूरा टाइट कर दिया था
मैंने मां को कपड़े निकालने का इशारा किया क्योंकि मैं तो पहले से ही नंगा था, माँ उठी और 1 मिनट के अंदर की पूरी नंगी हो गई. क्योंकि मां ने ब्रा और पेंटी पहनी ही नहीं थी.
मैंने कहा " मां तुम्हारी भी गांड मारनी है मुझे"
मां बोली" हां माधरचोद मार ले अपनी मां की गांड" फिर हम लोग मां के कमरे में चले गए. वहां बिस्तर पर मां घोड़ी बन गई.
घोड़ी बनते हैं मां ने कहा "आजा मेरे चोदू बेटा मार ले एक और गांड" मै माँ की गांड सहलाते हुए बोला " माँ गांड तो प्राची की बहुत ज्यादा टाइट थी..... मजा बहुत आया "
मां मुस्कुराते हुए बोली " टाइट तो है ही पर ये सोच ले सीमा (मेरी बहन) को पता चला कि तूने प्राची की गांड मारी है, तो उसका क्या रिएक्शन होगा?
मैंने अपना लण्ड मां की गांड की छेद पर रगड़ते हुए बोला " दीदी की परमिशन से ही मैंने प्राची की गांड मारी है" इतना सुनते ही मां चौक गई और मैंने अपना लण्ड उनकी गांड में घुसा दिया.
मां" आह्ह्ह्हह्ह......... क्या कहा तूने"
मैं झटके मारते हुए और उनकी गांड में लण्ड को और अंदर तक घुस आया और कहा " आपने सही सुना मा दीदी नहीं मुझसे कहा था कि अगर रांची मुझे गांड मारने दे तो मैं उसकी गांड मार सकता हूं"
मां" आह्ह्ह्हह्ह......... सच में.........आह्ह्ह्हह्ह......... सीमा ऐसा बोली"
मैंने कहा" ठीक है चलो उनके मुंह से इतने सुना देता हूं" और फिर मैंने सीमा दीदी को फोन लगाया और फोन स्पीकर पर ऑन कर दिया.
दीदी " हेलो, मेरे चोदू भैया"
मैं "हेलो, मेरे चुड़क्कड़ दीदी"
हमारा यह संबोधन सुनकर मां के कान खड़े हो गए और गांड टाइट हो गई और वह मेरे लण्ड को बुरी दबाने लगी.
मैंने भी मा की कमर पकड़कर झटके मारे और लण्ड को जड़ तक उनकी गांड में घुसा दिया.
तभी दीदी बोली " लगता है, तूने प्राची की गांड मार दी" मां अपने मुंह से दीदी की बात सुन रही थी.
मैं " दीदी, आपको कैसे पता चला"
दीदी" अगर तुम नहीं मारी होती तो अभी भी उसकी गांड मार रहा होता या तो मारने की कोशिश कर रहा होता... पर यहां तो मुझसे बातें कर रहा है.. इसका मतलब प्राची की गांड चुद गई"
मैंने कहा "मान गए दीदी आपको.. आपका दिमाग बहुत तेज है"
दीदी " और तेरा लण्ड चोदने में बहुत तेज है" और फिर हम दोनों हंसने लगे.
फिर मैंने दीदी से कहा " दीदी आपने मुझे प्राची की गांड को मारने दी, शीतल की क्यों नहीं"
दीदी " उसकी तो तू पहले से मार चुका है"
अब चौकने की बारी मेरी थी.
मैं "क्या, आपको कैसे पता चला?"
दीदी " शीतल मोबाइल के कई दिनों से जिद कर रही थी और उसके बर्थडे पर तूने उसे मोबाइल देने का वादा किया, वह भी तब जब तुम दोनों एक घंटा के लिए छत पर रुक कर आए और जब तुम नीचे आए तो शीतल की चाल बदल चुकी थी.. पर दोनों पैर फैलाकर चल रही थी... जिसका साफ मतलब था शीतल ने मोबाइल के लिए अपनी टांगे तुम्हारे सामने खोलि और तुमने उस में लण्ड पेल दिया"
मैं "ओह्ह्ह्हह्ह.... तो आपको पता चल गया था"
दीदी " इतने सालों से चुद रहु हूँ.. इतना तो पता चलेगा ना.. मुझे तो यह भी पता कि तेरा मन नहीं भरा था इसलिए तूने शीतल को अपने घर बुलाकर उसकी अच्छे से चुदाई की.... वह जब घर आई थी उसकी हालत से पता चल रहा था"
मैं "अच्छा"
दीदी "इसलिए मैंने शीतल की बात नहीं कि तुझसे"
मैं मां की गांड मारते हुए " अब समझा.... पर जब आप जानती थी मैं शीतल को चोद चुका हूं फिर आपने प्राची के लिए मुझसे क्यों कहा"
दीदी " मुझे पता था कि तुझे उसकी गांड पसंद है"
मैं" आपको कैसे पता चला कि मुझे प्राची की गांड पसंद है"
दीदी " तू मेरे घर में मेरी बेटी को नींद में नंगी करके उसकी गांड पर लण्ड रगड़ेगा और मुझे पता भी नहीं चलेगा"
मैं"इसका मतलब आपने भी देखा था क्या"
दीदी" हां मैं तो यह देखने आई थी कि तू शीतल की कैसे चुदाई करेगा पर तू तो प्राची पर ही टूट पड़ा था.... तेरा मोटा लंबा लण्ड देखकर ही मैं उत्तेजित हो गई थी...."
मैं " अच्छा तभी आप मेरा इंतजार कर रहे थे नंगी होकर"
दीदी" हां, मुझे भी तेरे मोटे तगड़े लण्ड को चखना था"
मैं " जब आप को सब पता है आप मुझसे बोली क्यों नहीं"
दीदी "क्योंकि तू नहीं बोल रहा था... तुझे क्या लगता है मुझे यह नहीं पता चलेगा तुम नंगे ही मेरे कमरे में आया और नंगे ही चला गया इसका मतलब तू मेरी बेटियों के साथ नंगा ही था इतना तो मुझे पता चल ही जाएगा ना"
मैं "हूं.. तो आपने इस बात को नोटिस किया था ..दीदी.. आपका दिमाग बहुत तेज है"
दीदी" मेरे प्यारे भैया मैं तो यह भी जानती हूं कि आप मेरी और तुम्हारी मां को चोदते हो"
यह सुनकर तो मां बुरी तरह से चौक गई थी और थोड़ा हिल भी गई थी.
मैं " आप कैसे बोल सकती हो"
दीदी" तुम मेरी बेटियों को बेखौफ होकर बुरी तरह चोदते हो मां के रहते हुए इसका तो साफ मतलब है की मा तुम्हारे साथ हैं.... और मां साथ तभी होंगी जब तुम उन्हें थी पूरी शिद्दत से चोदते होगा"
मैं दीदी की बात सुनकर मां को और जोर-जोर से चोदने लगा. पर दीदी की बात का मेरे पास कोई जवाब नहीं था.
फिर दीदी ने ही बात को आगे बढ़ाया " मुझे तो यह भी पता है कि तू अपनी मां की गांड मार रहा है"
मैं" क्या"
दीदी "इतनी जोर से थप-थप की आवाज आ रही है... इसका मतलब किसी की गांड बुरी तरह मार रहा है.. प्राची की तो वापस से गांड मारेगा नहीं छोटी गांड है दर्द हो रहा होगा.. तो दूसरी गांड वहां पर मां की की बचती है.. जिसे तू अपने मोटे तगड़े लण्ड से मार रहा है"
तभी मुझे याद आया कि मैंने मोबाइल तो बिस्तर पर ही रखा है और वह भी मां की गांड के नजदीक और फोन स्पीकर पर होने के कारण मां की चुदाई की आवाज (जब मैं पूरा लण्ड मां की गांड घुसाता मेरी जाँघे उनकी गांड से टकराती जिससे थप थप की आवाज आती)और और मैं तो राजधानी दौड़ा रहा था ( मतलब एक सेकंड में लण्ड पूरा बाहर और दूसरे सेकंड में पूरा गांड के अंदर) जिसे दीदी ने साफ-साफ सुना.
दीदी " मुझे तो यह भी पता है कि तूने स्पीकर ऑन किया है और मां ने सारी बातें सुनी है"
फिर मैंने कहा " दीदी आप से चुदाई की कोई राज की बात छुपा ही नहीं सकता"
दीदी " और तुझसे कोई अपनी गांड बचा नहीं सकता"
फिर हम तीनों हंसने लगे इस बार माफी खुल कर हंस रही थी.
फिर मैंने कहा " दीदी तुम शीतल को लेकर यहां आओ ना, मुझे तुम्हें मां को और शीतल को एक साथ एक ही बिस्तर पर चोदना है "
दीदी" वह ख्याल तो अच्छा है एक साथ तीनों पीढ़ियों को एक ही बिस्तर पर चोदना ... मैं तुम्हारे साथ हूं"
'
मैंने कहा "तो आ जाओ आज रात"
दीदी " ठीक है. आज की रात खूब रंगीन होगी जब मां और उसकी बेटी और उसकी बेटी की बेटी उसके ही बेटे से चुदेगी"
और फिर दीदी ने फोन काट दिया.
मैंने मन ही मन भगवान से प्रार्थना की भगवान सबको ऐसी मां और बहन मिले.
मैं अभी भी मां की गांड बजा रहा था. मां की गांड चुदाई को 30 मिनट पूरे हो गया और मेरा पानी की छूट में लगा जिसे मैंने मां की गांड में ही छोड़ दिया.
प्राची की गांडफाड चुदाई के बाद मैंने उसे आराम देने का सोचा और माँ को इशारा करके कमरे से बाहर जाने को कहा। माँ बाहर चली गयी तब मैंने उसकी आँखों की पट्टी खोली
प्राची बोली " मामा बहुत दुःख रहा है "
मैंने कहा " थोड़ा आराम कर लो फिर दर्द काम हो जायेगा " वो फिर सो गयी और मै कमरे से बाहर आया जहा मेरी माँ मेरा इंतज़ार कर रही थी.
उनके चेहरे पर मुस्कुराहट थी, जैसे ही मैं उनके पास गया उन्होंने मेरा मुरझाया हुआ लण्ड पकड़ लिया. और उसे मसलते हुए बोली " कमसिन भांजी को चोद आया ये " मैंने कहा "आप ही के कारण हो पाया" मां मेरे लण्ड को मसलते हुए " सारा काम इस लण्ड ने किया और इल्जाम मुझ पर"
"मैंने तो पहले ही कहा था तेरे साथ कोई भी लड़की या औरत सेफ नहीं है, तू पक्का चोद देगा"
मैं "सब कुछ आप ही से सीखा है मां"
मां " मैंने तुझे शीतल प्राची को चोदने के लिए कहा था क्या?"
हमारी बातचीत के बीच मां मेरे लण्ड को मसल रही थी जिससे वह धीरे धीरे कड़क हो रहा था जिसे देखकर मां ने होठों पर जीभ फिरते हुए बोली "यह तो फिर तैयार हो रहा है......कमसिन कुंवारी और टाइट गांड मारने के बाद मुझे लगा यह थक गया होगा"
मैंने कहा "इसे इनाम की जरूरत है"
मां तुरंत घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लण्ड के सुपाडे को अपने होठों से चुम लिया. उनके होंठों का स्पर्श पाते ही मेरा लण्ड और अकड़ने लगा. फिर मां ने मेरी तरफ का मुख नजरों से देखा. मेरे चेहरे पर हवस भरी मुस्कान थी.
फिर क्या था उनका गरम मुंह खुला और मेरे लण्ड का सुपारा उनके मुंह में चला गया और फिर वह रुकी नहीं और उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.
मां मेरे लण्ड को चूसते समय बीच-बीच में मेरा पूरा लण्ड मुंह में ले लेती थी और अपने सर को आगे पीछे करके अपने गले की चुदाई करती थी. उन्हें पता है कि मुझे मुंह चुदाई कितनी पसंद है, इसलिए वह ऐसा कर रही थी.
20 मिनट तक मा ने मेरे लण्ड को चूस चूस कर पूरा टाइट कर दिया था
मैंने मां को कपड़े निकालने का इशारा किया क्योंकि मैं तो पहले से ही नंगा था, माँ उठी और 1 मिनट के अंदर की पूरी नंगी हो गई. क्योंकि मां ने ब्रा और पेंटी पहनी ही नहीं थी.
मैंने कहा " मां तुम्हारी भी गांड मारनी है मुझे"
मां बोली" हां माधरचोद मार ले अपनी मां की गांड" फिर हम लोग मां के कमरे में चले गए. वहां बिस्तर पर मां घोड़ी बन गई.
घोड़ी बनते हैं मां ने कहा "आजा मेरे चोदू बेटा मार ले एक और गांड" मै माँ की गांड सहलाते हुए बोला " माँ गांड तो प्राची की बहुत ज्यादा टाइट थी..... मजा बहुत आया "
मां मुस्कुराते हुए बोली " टाइट तो है ही पर ये सोच ले सीमा (मेरी बहन) को पता चला कि तूने प्राची की गांड मारी है, तो उसका क्या रिएक्शन होगा?
मैंने अपना लण्ड मां की गांड की छेद पर रगड़ते हुए बोला " दीदी की परमिशन से ही मैंने प्राची की गांड मारी है" इतना सुनते ही मां चौक गई और मैंने अपना लण्ड उनकी गांड में घुसा दिया.
मां" आह्ह्ह्हह्ह......... क्या कहा तूने"
मैं झटके मारते हुए और उनकी गांड में लण्ड को और अंदर तक घुस आया और कहा " आपने सही सुना मा दीदी नहीं मुझसे कहा था कि अगर रांची मुझे गांड मारने दे तो मैं उसकी गांड मार सकता हूं"
मां" आह्ह्ह्हह्ह......... सच में.........आह्ह्ह्हह्ह......... सीमा ऐसा बोली"
मैंने कहा" ठीक है चलो उनके मुंह से इतने सुना देता हूं" और फिर मैंने सीमा दीदी को फोन लगाया और फोन स्पीकर पर ऑन कर दिया.
दीदी " हेलो, मेरे चोदू भैया"
मैं "हेलो, मेरे चुड़क्कड़ दीदी"
हमारा यह संबोधन सुनकर मां के कान खड़े हो गए और गांड टाइट हो गई और वह मेरे लण्ड को बुरी दबाने लगी.
मैंने भी मा की कमर पकड़कर झटके मारे और लण्ड को जड़ तक उनकी गांड में घुसा दिया.
तभी दीदी बोली " लगता है, तूने प्राची की गांड मार दी" मां अपने मुंह से दीदी की बात सुन रही थी.
मैं " दीदी, आपको कैसे पता चला"
दीदी" अगर तुम नहीं मारी होती तो अभी भी उसकी गांड मार रहा होता या तो मारने की कोशिश कर रहा होता... पर यहां तो मुझसे बातें कर रहा है.. इसका मतलब प्राची की गांड चुद गई"
मैंने कहा "मान गए दीदी आपको.. आपका दिमाग बहुत तेज है"
दीदी " और तेरा लण्ड चोदने में बहुत तेज है" और फिर हम दोनों हंसने लगे.
फिर मैंने दीदी से कहा " दीदी आपने मुझे प्राची की गांड को मारने दी, शीतल की क्यों नहीं"
दीदी " उसकी तो तू पहले से मार चुका है"
अब चौकने की बारी मेरी थी.
मैं "क्या, आपको कैसे पता चला?"
दीदी " शीतल मोबाइल के कई दिनों से जिद कर रही थी और उसके बर्थडे पर तूने उसे मोबाइल देने का वादा किया, वह भी तब जब तुम दोनों एक घंटा के लिए छत पर रुक कर आए और जब तुम नीचे आए तो शीतल की चाल बदल चुकी थी.. पर दोनों पैर फैलाकर चल रही थी... जिसका साफ मतलब था शीतल ने मोबाइल के लिए अपनी टांगे तुम्हारे सामने खोलि और तुमने उस में लण्ड पेल दिया"
मैं "ओह्ह्ह्हह्ह.... तो आपको पता चल गया था"
दीदी " इतने सालों से चुद रहु हूँ.. इतना तो पता चलेगा ना.. मुझे तो यह भी पता कि तेरा मन नहीं भरा था इसलिए तूने शीतल को अपने घर बुलाकर उसकी अच्छे से चुदाई की.... वह जब घर आई थी उसकी हालत से पता चल रहा था"
मैं "अच्छा"
दीदी "इसलिए मैंने शीतल की बात नहीं कि तुझसे"
मैं मां की गांड मारते हुए " अब समझा.... पर जब आप जानती थी मैं शीतल को चोद चुका हूं फिर आपने प्राची के लिए मुझसे क्यों कहा"
दीदी " मुझे पता था कि तुझे उसकी गांड पसंद है"
मैं" आपको कैसे पता चला कि मुझे प्राची की गांड पसंद है"
दीदी " तू मेरे घर में मेरी बेटी को नींद में नंगी करके उसकी गांड पर लण्ड रगड़ेगा और मुझे पता भी नहीं चलेगा"
मैं"इसका मतलब आपने भी देखा था क्या"
दीदी" हां मैं तो यह देखने आई थी कि तू शीतल की कैसे चुदाई करेगा पर तू तो प्राची पर ही टूट पड़ा था.... तेरा मोटा लंबा लण्ड देखकर ही मैं उत्तेजित हो गई थी...."
मैं " अच्छा तभी आप मेरा इंतजार कर रहे थे नंगी होकर"
दीदी" हां, मुझे भी तेरे मोटे तगड़े लण्ड को चखना था"
मैं " जब आप को सब पता है आप मुझसे बोली क्यों नहीं"
दीदी "क्योंकि तू नहीं बोल रहा था... तुझे क्या लगता है मुझे यह नहीं पता चलेगा तुम नंगे ही मेरे कमरे में आया और नंगे ही चला गया इसका मतलब तू मेरी बेटियों के साथ नंगा ही था इतना तो मुझे पता चल ही जाएगा ना"
मैं "हूं.. तो आपने इस बात को नोटिस किया था ..दीदी.. आपका दिमाग बहुत तेज है"
दीदी" मेरे प्यारे भैया मैं तो यह भी जानती हूं कि आप मेरी और तुम्हारी मां को चोदते हो"
यह सुनकर तो मां बुरी तरह से चौक गई थी और थोड़ा हिल भी गई थी.
मैं " आप कैसे बोल सकती हो"
दीदी" तुम मेरी बेटियों को बेखौफ होकर बुरी तरह चोदते हो मां के रहते हुए इसका तो साफ मतलब है की मा तुम्हारे साथ हैं.... और मां साथ तभी होंगी जब तुम उन्हें थी पूरी शिद्दत से चोदते होगा"
मैं दीदी की बात सुनकर मां को और जोर-जोर से चोदने लगा. पर दीदी की बात का मेरे पास कोई जवाब नहीं था.
फिर दीदी ने ही बात को आगे बढ़ाया " मुझे तो यह भी पता है कि तू अपनी मां की गांड मार रहा है"
मैं" क्या"
दीदी "इतनी जोर से थप-थप की आवाज आ रही है... इसका मतलब किसी की गांड बुरी तरह मार रहा है.. प्राची की तो वापस से गांड मारेगा नहीं छोटी गांड है दर्द हो रहा होगा.. तो दूसरी गांड वहां पर मां की की बचती है.. जिसे तू अपने मोटे तगड़े लण्ड से मार रहा है"
तभी मुझे याद आया कि मैंने मोबाइल तो बिस्तर पर ही रखा है और वह भी मां की गांड के नजदीक और फोन स्पीकर पर होने के कारण मां की चुदाई की आवाज (जब मैं पूरा लण्ड मां की गांड घुसाता मेरी जाँघे उनकी गांड से टकराती जिससे थप थप की आवाज आती)और और मैं तो राजधानी दौड़ा रहा था ( मतलब एक सेकंड में लण्ड पूरा बाहर और दूसरे सेकंड में पूरा गांड के अंदर) जिसे दीदी ने साफ-साफ सुना.
दीदी " मुझे तो यह भी पता है कि तूने स्पीकर ऑन किया है और मां ने सारी बातें सुनी है"
फिर मैंने कहा " दीदी आप से चुदाई की कोई राज की बात छुपा ही नहीं सकता"
दीदी " और तुझसे कोई अपनी गांड बचा नहीं सकता"
फिर हम तीनों हंसने लगे इस बार माफी खुल कर हंस रही थी.
फिर मैंने कहा " दीदी तुम शीतल को लेकर यहां आओ ना, मुझे तुम्हें मां को और शीतल को एक साथ एक ही बिस्तर पर चोदना है "
दीदी" वह ख्याल तो अच्छा है एक साथ तीनों पीढ़ियों को एक ही बिस्तर पर चोदना ... मैं तुम्हारे साथ हूं"
'
मैंने कहा "तो आ जाओ आज रात"
दीदी " ठीक है. आज की रात खूब रंगीन होगी जब मां और उसकी बेटी और उसकी बेटी की बेटी उसके ही बेटे से चुदेगी"
और फिर दीदी ने फोन काट दिया.
मैंने मन ही मन भगवान से प्रार्थना की भगवान सबको ऐसी मां और बहन मिले.
मैं अभी भी मां की गांड बजा रहा था. मां की गांड चुदाई को 30 मिनट पूरे हो गया और मेरा पानी की छूट में लगा जिसे मैंने मां की गांड में ही छोड़ दिया.