• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.
vakharia
7,763
Reaction score

Joined
Last seen

Profile posts Postings Awards About

  • तेरे जिस्म की सिलवटों संग, खेलती है ये चाँदनी
    अंदर-बाहर करते हुए, चल रही तेज साँसों की रवानी
    तुझे क्यों है हिचक.. झुलस रहा है तेरा भी तो बदन..
    तेरी लकीर से टपकता पानी, दे रहा है गवाही
    💕✨
    उसे कपड़े उतारने वाला चाहिए था
    और नासमझ दोस्त मेरा..
    तोहफ़े में दुपट्टा ले गया..!!
    मुझसे मिलने को आप आए है..
    बैठिए.. मैं बुलाकर लाता हूँ..

    जौन एलिया
    आखों में पानी लिए मुझे घूरता ही रहा,
    आईने में खड़ा शख्स परेशान बहुत था.

    जौन एलिया
    हमको नीचे उतार लेंगे लोग,
    इश्क लटका रहेगा पंखे पर...

    ज़िया मशकुर
    लाल अधर, सुर्ख गाल और आँखें आसमानी
    तुम्हारे लिबास के पीछे छुपी अनंत कहानी..
    मैं पढ़ना चाहता हूँ तुम्हारे उन्नत उरोजों को

    चाहूँ करना अटखेलियाँ, जंघाओं के बीच के होंठों को..
    Vichitr Praanee
    Vichitr Praanee
    Beautiful Lines
    kinkystuff
    kinkystuff
    Tumhari baatein hain jaise jaadu ki kahaniyan,
    Har lafz mein basi hain madhur si rawaniyan.
    Unnat urooj aur janghaon ki chahat,
    Dil ki dhadkan mein mil gayi hai rahat.

    Tumhare nazar ki woh shokh adayein,
    Jaise chandni raat mein lehrati hawayein.
    Aao kareeb, kuch raas aane do,

    Is pyaar ke safar ko aur rangeen banane do. 💕✨
    vakharia
    vakharia
    तेरे जिस्म की सिलवटों संग खेलती है ये चाँदनी
    अंदर-बाहर करते हुए चल रही तेज साँसों की रवानी
    तुझे क्यों है हिचक.. झुलस रहा है तेरा भी बदन..

    तेरी लकीर से टपकता पानी दे रहा है गवाही 💕✨
    आओ बैठो मेरे साथ कभी किसी इतवार को…
    मैं वैसा हूँ नहीं जैसा मिलता हूँ सोमवार को ✍️
    के एक ही शख़्स था जो समझता था मुझे...
    फिर ये हुआ की वो भी समझदार हो गया…!!
    abcturbine
    abcturbine
    kis tarah chhoḌ duun ae yaar mai chahat teri...

    mere iman ka hasil hai mohbaat teri.......

    kauf- ae jamane se tu lakh fer le nazar...

    mohabatt -ae-qabr per pehli gul ae chaadar hogi teri....
  • Loading…
  • Loading…
  • Loading…
Top