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Adultery खलिश

Hell Strom

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इतना ज्ञान सर के ऊपर से निकल गया :dontknow:

एक्शन टाइम.....
Shayaad dimag se hi hal ho jaaye or phir mayank ko lot kar bhi jaana hai kisi ko batakar nhi aaya :D

Thanks riky bhai keep supporting :five:
Wahh bhai bohot badhiya 👌👌👌
Suruwati philosophy ke baad kya Sama bandha hai. Jo ssedha mayank ke Ghar se hota hua balbir or daddy tak pahuch gai hai. Aage kya hoga ye dekhna dilchasp hoga...
Awesome 👌 update and great writing ✍️
Sukriya raj bhai jaan kar khushi hui aapko kahani pasand aa rhi hai :dost:
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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Shayaad dimag se hi hal ho jaaye or phir mayank ko lot kar bhi jaana hai kisi ko batakar nhi aaya :D

Thanks riky bhai keep supporting :five:

Sukriya raj bhai jaan kar khushi hui aapko kahani pasand aa rhi hai :dost:
I love this story ❤️
 

12bara

Member
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Bhai Ismy koi sandhe nhi ki aap ek ache writer hain lekin aapne is kahani ko bahot faila diya kahani ek disha me nhi chal rahi hai kabhi bhi kuch bhi ho ja raha hai .sahi plot nhi mil raha hai kahani me kyunki apne har tarah ke ghatanakarm dalne ki koshish kar di hai is kahani me ...aapko bura lage to sorry but mere hisab se kaam update me hi bahot ghatanaye hogai hai jo intrest ko ghata rahi hai...baki aap ek ache writer hain aapko apne story ko kaise badana hai mujhse jyada pata hoga
 

Yasasvi3

😈Devil queen 👑
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Update 36



'जीव'......यह शब्द हर उस प्राणी के लिए प्रयोग होता है जिसमें जीवन है.....पर इस जीवन को छोड़कर क्या जीवों में और कोई समानता है मेरे हिसाब से तो नहीं....... इन्हीं विविधताओं की वजह से इन जीवों को अलग अलग नाम दिए अगल अलग प्रजाति दी जैसे मनुष्य जानवर और पौधे और इस वर्गीकरण से भी संतुष्ट ना होकर मनुष्य ने खुद को धर्मों औरमदद गा जातियों में बांट लिया।










जानवरों को शाकाहारी और मांसाहारी बना दिया तो वहीं पौधे भी इससे बच ना सके यह वर्गीकरण समय के साथ साथ बढ़ता गया और आज तक बढ़ रहा है और हर एक वर्ग खुद को दूसरे से महान और बड़ा बनाने में लगा है पर कभी विचार किया है क्यूं इन जीवों में इतनी विविधताएं है ????









शायद मेरे उत्तर से बहुत लोग संतुष्ट ना हों पर फिर भी बताने की कोशिश करता हूं।.....एक तालाब है जिसमें अनकों प्रकार के जीव निवाश करते हैं बड़े छोटे कुछ तो इतने छोटे की आंखों से देखे भी ना जा सके कुछ अधिक छोडे तो कुछ लंबे और अब हुआ यूं की मौसम बदलने लगा और वातावरण में गरमी बढ़ने लगी जिससे उस तालाब का पानी भी पहले की अपेक्षा में गर्म रहने लगा पर उस तालाब में कुछ ऐसे भी जीव थे जिन्हें गर्मी बर्दाश्त नहीं और वह सब धीरे धीरे मरने लगे तो उस तालाब में रहा कौन जो उजाला ठगर्मी सहन कर सके और जब ग्रीष्म ऋतु समाप्त हुई तो आई सर्द ऋतु और जो जीव सर्दी में ना सह सके तो वह इस मौसम में मर गये लेकिन फिर भी तालाब खाली तो नहीं हुआ क्योंकि उसमें ऐसे भी जीव थे जो हर मौसम को सहने की क्षमता रखते थे और वही शाश्वत रहे।










यहां अगर अलग दृष्टिकोण से देखें तो जीव मरे पर जो अमर था वो था जीवन इसी तरह एक मनुष्य दूसरे को मारे या खुद मरे जो शाश्वत है वो मानवता जिस दिन मानवता खत्म उस दिन मनुष्य का अस्तित्व भी नहीं रहगा । तालाब में अगर हर मौसम को सहने वाले जीव ना होते तो गर्मी में आधे मरते और सर्दी में बचे हुए फिर कुछ बचता तो वो था तालाब का वह पानी जो जीवित की गणना में नहीं आता।.....








....................








समय : 9:30 pm
स्थान : अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट, इंदौर







कैप्टन ने फलाइट उड़ान भरने वाली है उसकी घोषणा कर दी थी। और इसको सुनने के बाद उस जहाज में बैठे सब के चेहरे पर खुशी के भाव थे मयंक को छोड़कर कारण मयंक भी समझने में असमर्थ था की आखिर उसके मन के भीतर चल क्या रहा है।









जब जानवी का फोन कटा तब ही मयंक ने सोच लिया था वह उसी वक्त जानवी के पास जा रहा है उसको सर्पराज देने..... जानवी की याददाश्त जा चुकी थी और अब उसका सब कुछ मयंक ही था और ऐसा पहली बार हुआ था की फोन काटते वक्त फोन जानवी के पास नहीं था। और जानवी के पास जाने की उसको दिल से खुशी थी।









पर जो चीज उसके दिल में असमंजस पैदा कर रही थी वह थी साक्षी हुआ कुछ यूं जब मयंक रोमा के घर पहुंचा तो गाडी से उतरते वक्त साक्षी ने उसको एक कागज थमाया था और कहा था इसका जबाब वो नानी के यहां से आने के बाद लेगी। मयंक ने उसको रख लिया पर जब एयरपोर्ट पर जाने के लिए कपड़े बदल रहा था तब वो कागज घिर गया और जब उसने उस कागज को पढा तो पहले तो उसको विश्वास नहीं हुआ पर ऐसा तो था नहीं की वह सपना देख रहा था।








साक्षी ने उस कागज में अपने मन में उमडे सारे विचार छाप दिए थे और वह चाहती थी मयंक और वो दोस्त ना रहकर प्रेमी बन जाए मयंक के साथ ऐसा पहली बार हुआ था चूंकि वह शुरू से ही बाॅयस स्कूल में पढा गांव में भी या तो घर या लडाई झगडा लड़कियों से बात करना तक उसको ठीक से नहीं आता था । अब उसको समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे जब वो खुद किसी और से प्यार करता था .......पर वो इतना ना समझ नहीं था की सीधे ना बोलकर उसका दिल दुखाए क्योंकि वह जानता था अगर उसका प्यार मना करेगा तब कैसा लगेगा पर वह जानता था कि कितनी हिम्मत चाहिए किसी को अपने भाव बताना और ये हिम्मत खुद मयंक नहीं कर पाया था।








ये सारे विचार उसके मन में चलते रहे और पता भी नहीं चला कब दो घंटे बीत गये और उसकी फलाइट का लेंडिंग का समय भी आ गया खैर वह ग्वालियर पहुंच चुका था और एयरपोर्ट से निकलने में उसको आधा घंटा और लगा टर्मिनल से निकलते ही उसने टैक्सी पकडी और टैक्सी वाले को ***** नगर की तरफ चलने के लिए कहा आखरी बार मयंक यहां इंदौर आने से पहले आया था जानवी और रीत से मिलने उसके बाद आज इस शहर को देख रहा था।







ये शहर मयंक के गांव से सिर्फ 50 km दूर था तो एक तरह से वह इंदौर से अपने घर ही आ गया था और इस शहर में भी उसका घर था और ठीक घर के सामने टैक्सी रुकी और उसका किराया देने के बाद वह घर की तरफ बढ़ गया बेल बजाने के पांच मिनट बाद प्रहरी बहार आया तो मयंक को देख कर उसको विश्वास ही नहीं हुआ पर उसको सोने का बोलकर मयंक अंदर चला गया वह चाहता तो जानवी और रीत को इस घर में रख सकता था पर यहां रखना ना मुमकिन था क्योंकि विष्णु को जरूर पता चलता और फिर बलवीर के बेटे के मरने के बाद से ही वह जानवी को ढूंढ रहा था क्योंकि वह अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार जानवी को मानता है तो बलवीर से भी बचाव करना था इसलिए इस घर के पास में ही एक सोसाइटी थी वहीं एक फ्लैट में जानवी और रीत को रखा गया था।







अब चूंकि आधी रात हो रही थी तो इस वक्त मयंक ने जाना ठीक नहीं समझा और अपने घर में ही सो गया।







*************





दो घंटे पहले......




"हैलो"....... बलवीर ने अपना फोन उठाते हुए कहा।






"सहाब जैसा आपने कहा था मैंने उस लड़के का पीछा किया "..... सामने से आवाज आई।





बलवीर -"हां तो क्या हुआ "





"सहाब वो तो हवाईअड्डे पर आया है अपना सामान लेकर और शायद कही जाने वाला है".......







बलवीर -"क्या ?......"......बलवीर जो बैठा हुआ शराब पी रहा था वो ये सुनते ही खडा हो गया।






"हां साहब "........






बलवीर -"तू एक काम कर वहां एयरपोर्ट पर पता कर की अभी दो घंटे में कौन-कौन सी जगह के लिए फलाइट उड़ान भरेंगी"







"जी सहाब अभी फोन करता हूं आपको ".......इतना कहते ही सामने से फोन कट गया।






पांच मिनट बाद.......






बलवीर -"हां बोल"






"सहाब बस एक ही है ग्वालियर के लिए "........






बलवीर -"ठीक है "






इतना कहते ही बलवीर ने फोन काट दिया और जल्दी से एक और फोन लगाया ।







"हैलो दद्दा "...... सामने से फोन उठते ही बलवीर ने कहा।







दद्दा -"क्या हुआ बलवीर बड़े दिनों बाद तेरी आवाज में खुशी झलक रही है "







बलवीर -"बात ही ऐसी है दद्दा जिस शिकार को हम यहां इंदौर में ढूंढ रहे थे वो खुद अपने पास आ रहा है "






दद्दा -"देख बलवीर साफ साफ बोल क्या कहना चाहता है "





बलवीर -"दद्दा मयंक ग्वालियर आ रहा है "





दद्दा -"क्या ?.......सच कह रहा है ना "





बलवीर -"बिल्कुल सच कह रहा हूं ठीक दो घंटे बाद फ्लाइट ग्वालियर पहुंच जाएगी "





दद्दा -"फलाइट ?.....ये क्या हैं "





बलवीर -"दद्दा हवाई जहाज की कह रहा हूं तो अपने आदमियों को भेज दो ग्वालियर पचास मिनट तो उनको भी लग जाने है"






दद्दा -"ठीक है साले को वहीं से उठवा लेंगे "






बलवीर -"नहीं दद्दा कोई चांस नहीं है मयंक के बहुत चाहने वाले है ग्वालियर में और हो ना हो वो जरूर जानते होगे की मयंक वहां आ रहा है हमें पहले ये पता करना होगा की वो ग्वालियर में आ क्यूं रहा है मुझे लगता है कि जरूर मयंक उस लड़की से मिलने जा रहा है और अगर ये बात सही है तो अपना काम और आसान होगा वो भी बिन लडे हम अगर उस लडकी का पता चला तो उसको पकड़ेंगे जो आसान होगा और उस लडको पकडा तो मयंक भी मिल जाएगा और मयंक के साथ विष्णु भी खिंचा चला आएगा।"







दद्दा -"वाह बलवीर..... बहुत आसान होगा फिर तो हमारे लिए सीधे मयंक पर हाथ डालते तो बहुत खून बहता "







इन दोनों का ये नामर्दों वाला प्लान कितना सफल होगा ये तो नहीं पता पर इसकी शुरुआत हो चुकी थी क्योंकि मयंक के ग्वालियर पहुंचते ही उसके पीछे तीन लोग लगे हुए थे।पर ये तीन लोग अकेले नहीं थे ये तो पक्का था देखते हैं आगे क्या होता है.......
Bhot hi shaandaar update 😍
 

Hell Strom

🦁
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Nice and superb update....
:thanks:
मयंक साहब दोहरी जीवन जी रहे है या फिर कोई नाटक कर रहे है , यह वही जानते होंगे लेकिन इनकी सोच इनके कार्यशैली से मेल नही खाते है यह बिल्कुल पक्का है ।
साहब का विचार है , चूंकि ये ब्वायज स्कूल या कालेज मे पढ़े है इसलिए लड़कियों से बातें करना वो नही जानते ।
लेकिन एक मैच्योर औरत के साथ सेक्सुअल सम्बन्ध बनाने मे जरा सा भी परेशानी नही हुई , एक नर्स को पटा कर और उसके साथ सेक्स करने मे भी एक पहर का वक्त तक नही लगा और साहब को लगता है वो महिलाओ के मामले मे बिल्कुल अनाड़ी है । दरअसल इन्हे किसी भी औरत से बात करने मे दिक्कत नही है । अगर दिक्कत था तो सिर्फ जानवी से । वह भी इसलिए कि वो जानवी के कसूरवार है ।
शुक्र है इस लड़की की याददाश्त चली गई है ।

कहानी के साथ साथ अगर हम दर्शन शास्त्र , फिलॉसफी सम्बंधित बातें करते है तो वह कहानी के किसी पात्र और उसका चरित्र , या फिर कोई घटनाक्रम पर आधारित होना चाहिए ।
इसके पहले आपने अमीरी और गरीबी को सुख के तराजू पर तौला था । यहां भी कुछ जीवन और मरण से सम्बंधित बातें कही । लेकिन मुझे लगता है इन सब का इस कहानी से कोई खास मतलब नही बनता था ।
यह सब कहानी के सन्दर्भ मे लिखा जाना चाहिए था ।

खैर , मयंक साहब जानवी से मिलने और वह भी पहली बार इंदौर आ गए है लेकिन साथ साथ बलबीर और दद्दा के आदमियों को भी पीछे पीछे लाते आए है । शायद कुछ खून- खराबा हो और शायद इसी दौरान जानवी की याददाश्त भी वापस चली आए । लेकिन दद्दा साहब के बारे मे लगता है , ये जरूर मयंक और विष्णु साहब के गांव या शायद कोई रिश्तेदार मे से ही हो !

बहुत ही बेहतरीन अपडेट भाई।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग अपडेट।
Mayank dohri jindagi jee rha hai iska nhi pta par ye baat sach hai ki ladkiyon se door hi rha hai bechara :D......baaki jo abhi kar rha hai wo natural hai matlab naturally charming sanju sir


Janvi ki yad dast wapis nhi aayegi ye pakki baat hai baaki aage kya hota hai aage dekhte hain ......


Thanks for the review....keep supporting :five:
Romanchak. Pratiksha agle rasprad update ki
Thanks :dost:
Wah Hell Strom Bhai, kya gazab ki vyakhya ki he aapne Jeev aur Jivan ki..............

Mayank ko sakshi ne apna love letter diya aur mayank ki stithi ab aisi ho gayi he ki wo na nahi kar pa raha he sakshi ko...........

Balvir aur dadda ne mayank ko gwalior me gherne ka plan banaya he vo bhi jahnvi ke through...........mayank itna kachcha khiladi nahi he jo inke plan me fans jayega...........

Par vo teen log kaun he jo mayank ke peeche lage huye he............vo sakta he un tino ke alawa vishnu ke aadmi bhi mayank ke sath ho

Keep posting Bhai
Mayank or sakshi ke prem ka kya hoga ?.....mujhe bhi nhi pta ajju bhai :D

Balveer or dadda ke saath kya hoga jald hi pta chalega or vishnu ko iski khabar nhi hai shyaad :whistle:

Thanks for the review ajju bhai :dost:
Bahut hi shaandar update diya hai Hell Strom bhai.....
Nice and lovely update.....
Thanks parkas bhai :heart:
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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औला-वृष्टी भैया अगले अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे है.
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