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Romance भंवर (पूर्ण)

Naina

Nain11ster creation... a monter in me
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Update:-135






निम्मी:- मै बहुत छोटे से कस्बे में पली हूं, चाकू चलाने का काफी शौक था, ये शौक मुझे गांव के मेले से आया, जब तमाशा दिखाने वाले चाकू का खेल दिखाया करते थे। छोटी सी उम्र का शौक, प्रैक्टिस करते-करते मैं इतना महिर हो गई की लोग मुझसे दूरियां, सिर्फ चाकू की वजह से बनाकर रखते थे। मै गांव के माहौल से वाकिफ थी, नज़रों में हवस और मौके की तलाश, इसलिए मै ज्यादा किसी को मुंह नहीं लगाया करती थी।

एक दिन मै गांव की सरहद पर थी, जब लोकेश की गाड़ी गुजर रही थी। शायद मेरे जिंदगी कि बहुत बड़ी भुल, क्योंकि हमारे यहां देवता की तरह वो पूजा जाता था। उसकी गाड़ी जब रुकी तो मै जिंदगी में पहली बार अपनी पूरी खुशी का इजहार कर दी। मुझे लगा भले लोग है, इसलिए उनकी मेहमान नवाजी भी स्वीकार कर ली। लगा सहर के लोग है किसी के हसने या बोलने का गलत मतलब ये लोग थोड़े ना निकाल सकते है। दिल्ली में तो मुझसे भी खूबसूरत लड़कियां बेवाक होकर हर तरह की बातें कर देती है। ये लोग कंजर्वेटिव माइंड के नहीं होंगे। मेरा बहुत बरा भ्रम, जिसका खामियाजा मुझे इस तरह से देना परा की अब बस दृश्य भईया के साथ टांग जाऊंगी और उन्हीं के साथ काम करूंगी। इतनी ही कहानी है मेरे बारे में।


पार्थ:- तुम्हारी कहानी में मै नहीं?


निम्मी:- तुम भी सहर के ओपन खयालात के लोग हो पार्थ।


पार्थ:- चलो मान लो कि मेरी जगह अपस्यु होता और वो तुमसे अपने दिल की बात कर रहा होता, तो तुम क्या करती।


निम्मी:- पार्थ गलत टॉपिक है ये, यहां बात हम दोनों की है।


पार्थ:- हां क्यों नहीं। वो छोटी आंख वाला, मासूम सी सूरत वाला जिसे प्यार तो बचपन से था और चुपके से अफेयर में भी था। अफेयर में होने के बावजूद भी उसके संबंध.. संबंध मतलब फिजिकल संबंध, कम से कम 12 लड़कियों से होंगे और वो मेघा भी इसकी लिस्ट में आती है।


जैसे ही पार्थ संबंध पर था, ठीक उसी वक़्त ऐमी ने ऑडियो पॉज कर दिया.... जैसे ही ऑडियो पॉज हुआ, हर कोई हैरानी से देख रहा था। ऐमी, अपस्यु का हाथ थामकर बस मुस्कुरा रही थी। स्वास्तिका सबका कन्फ्यूजन दूर करती हुई कहने लगी…. "वो कहावत नहीं सुनी क्या, हर एक फ्रेंड कामिना होता है।"..


अश्क:- लेकिन फिर भी ये ऐमी की बच्ची कलंक है लड़कियों के नाम पर। अभी तक तो झगड़ा करके रूठ जाना चाहिए था, थोड़ा भाव खाना चाहिए था, ड्रामे 3 दिनों तक होते रहने चाहिए थे।


कुंजल:- हुंह ! जब दोनो प्यार करते है तो इतने ड्रामे क्यों? पुरानी सोच।


अश्क:- इसको कोई अब तक मिला नहीं है क्या?


ऐमी:- हमारे घर की पहली अरेंज मैरेज होगी, कुंजल की शादी।


कुंजल:- येस !!


अश्क:- ठीक है बेटा तुझसे बात मैं तेरे शादी के बाद करूंगी, और फिर जान लूंगी तेरी फिलॉस्फी भी..


आरव:- तुम सब बाहर जाकर ये ड्रामा करो, भाभी ऑडियो ऑन करो, सुनने तो दो, उस कमिने का घर बसा या नहीं?


जैसे ही ऑडियो ऑन हुई, उधर से निम्मी कह रही थी…. "किसी को गलत साबित करके खुद कैसे सही हो सकते हो पार्थ, वैसे भी यकीन बड़ी बात है। मै तुम दोनों को निंजी तौर पर नहीं जानती, फिर उनका कैरेक्टर कैसे तय कर सकती हूं?"


पार्थ:- हां दुनिया में एक चरेक्टरलेस मै ही हूं।


निम्मी:- अगर ऐसा है तो फिर पहले कैरेक्टर को ही सुधारो।


पार्थ:- अरे यार और कितना भाव खाओगी, कुछ तो बताओ की क्या करूं मै तुम्हारे लिए।


निम्मी:- अभी जितनी बातें हमारे बीच हुई है उसमे तुम्हारे सवालों के जवाब है। अपनी दिलफेंक आदतें बंद कर देना और जवाब जल्दी ढूंढ लेना, क्योंकि मै दृश्य भईया की टीम ज्वाइन कार चुकी हूं और मुझे उनके साथ काम करने में काफी मज़ा भी आ रहा है।
Yeh parth toh bada dhith hai.. are ushe nahi karni pyaar... phir bhi kyun piche para hai... hay re nimmo... lagta hai jab tak yes nahi kahegi yeh jhingul uske piche para hi rahega :D


शायद इनकी बातें बन गई, अभी के माहौल से तो ऐसा ही लग रहा था। और बात बने भी क्यों ना, आज का तो दिन ही है हर बात के बनने का। एक लंबे से युद्ध का लगभग विराम लग चुका था। वक़्त अभी तो पूर्ण खुशी का नहीं था, किन्तु जो लोग दर्द को भी चीरकर, खुशी के पल ढूंढ लेते हो, उनके लिए तो वाकई ये बहुत बड़ा खुशी का समय चल रहा था।


फिर वही हो जाता है, अकेले खुश हुए तो क्या खुश हुए। अपस्यु के साथियों के अलावा भी कई ऐसे लोग थे जो उनके काम के परिणाम से काफी खुश थे। वहां काम कर रहे स्टाफ के लिए आज इतनी खुशी की रात थी कि उनकी खुशी देखते बनती थी। जबतक लोग बातों में लगे थे, तबतक उनके पास ही खाने से लेकर ड्रिंक तक सर्व होने लगा।


सबसे खास ट्रे तो अपस्यु के आगे लगा। उसकी पसंदीदा ड्रिंक सर्व की जाने लगी और वो सबसे बात करते हुए आराम से ड्रिंक का मज़ा लेने लगा… "अबे कितना पिएगा, तुम्हे चढ़ती है कि नहीं।"… दृश्य अपस्यु को एक हाथ मारते हुए पूछा।


आरव:- ये और इसकी ड्रिंक, कभी ना छुटने वाली है। भोले बाबा की आराधना करते-करते ये पक्का नशेड़ी बन गया हैं।


दृश्य:- पागल हो तुम लोग, 4 पेग के बाद बॉडी रिस्पॉन्ड करती है अल्कोहल। हां लोग कम, ज्यादा या बहुत ज्यादा ड्रिंक लेते है, लेकिन उन सबमें एक बात सामान्य होती है उनका नाश में होना। कितना भी छिपाने कि कोशिश क्यों ना करे नशा में है पता चल जाता है।


स्वास्तिका:- प्वाइंट तो बी नोटेड, लेकिन ये कितना भी पीकर दिखाने की कोशिश करे, पता नहीं चलता कि ये नशे में है। इसका मतलब साफ है या तो इसे पता है कि ये "क्यों" पी रहा है। या फिर इसे अपने "क्यों" का पता नहीं लेकिन अपने उसी "क्यों" के लिए पीता है। भाभी जी जारा इस राज से पर्दा उठा देंगी।


ऐमी:- अरे यार कुछ नहीं बस ये अपने ध्यान लगाने की प्रक्रिया को निपुण कर रहे है। शून्य काल तक कैसे अपने मस्तिष्क को पहुंचाया जाए, उसी की प्रैक्टिस जारी है। ये नशे के लिए नहीं बल्कि अपने मस्तिष्क में उपजे नशे को कंट्रोल करने का एक्सपेरिमेंट कर रहे। सीधा-सीधा कहूं तो सेंट्रल नर्वस सिस्टम को ऑटो मोड से मैनुअल मोड पर डालने की कोशिश जारी है।


दृश्य:- कमाल का कॉन्सेप्ट है, मै भी ट्राय करूं क्या क्यूटी।


अश्क:- पहले नाजायज बच्चों पर कंट्रोल करना सीखो, अभी तो यूएस नहीं गई 2-3 साल वहां भी तो रुके थे।
najayas bachhe... hmm...lagta hai kuch zyada hi account kholke rakha hai isne :D


सब लोगों के ठहाके निकल आए।
Aur Kamal ki baat yeh hai ki is baat par yeh thahake laga rahe hai.. lol
:lol: :lol1:

रातें छोटी सी थी और बातें काफी लंबी। सुबह के 4 बज चुके थे। एक-एक करके हर कोई उसी हॉल में सो गया। बस केवल दृश्य और अपस्यु जागे थे। दोनो भाई एक छोटे से वॉक पर निकले..


अपस्यु:- अब कहां निकल रहे हो भाई।


दृश्य:- निजी स्वार्थ के कारन तो बहुत खून बहाया है अपस्यु, अब ऑर्डर फॉलो करूंगा। बक्शी सर ने एक रिजिलियांट ग्रुप का केस दिया है, पूरी टीम को लेकर मै उसी मिशन पर निकल रहा हूं। वैसे तुमने काफी हैरान किया, तुम्हारे रिफ्लेक्स इतने तेज थे कि कई मौकों पर मै जबतक देखता, उससे पहले तुम काम खत्म कर चुके होते। मैं तो कभी उतनी तेज रिफ्लेक्स की सोच भी नहीं सकता। तुम्हारी तैयारी इन चूहों से बहुत ऊपर की है.. फिर इतना वक़्त इंतजार क्यों?


अपस्यु:- वक़्त मैंने बदला लेने के लिए नहीं लिया था भई, बल्कि मुझे लोगों को उनके जीने कि वजह देनी थी, वरना आज जो अच्छा दिख रहा है वो कल को बुरा बनते देर नहीं लगती। इसलिए मै तो बस अपना परिवार समेट रहा था।


दृश्य:- तुमसे बहुत कुछ सीखना है अपस्यु। चाहत तो मेरी यह थी कि तुम्हे भी इस मिशन के लिए आमंत्रण दू, लेकिन मुझे यकीन है कि तुमने अपनी कहानी मुझे पूरी नहीं बताई। थोड़ा बुरा जरूर लगा है इस बात का, लेकिन शायद कुछ सोचकर ही नहीं बताया होगा।


अपस्यु:- सॉरी भईया, मै नहीं चाहता था कि आप अपना फोकस मुझ पर दे, सिर्फ इस वजह से नहीं बताया। हा लेकिन आपका मेरे पास आना, मेरे प्लान का हिस्सा था। तब मुझे निम्मी का केस तो पता नहीं था, लेकिन वीरदोयी के सामने हमारी टीम नहीं टिक पाती, इसलिए मैंने गुप्त रूप से आप तक सूचना भिजवाई थी कि आपका बच्चा मेरे पास है।


दृश्य:- पागल है तू पुरा। कितनी जल्दी और कितनी सफाई से तू प्लान कर लेता है।


अपस्यु:- हां लेकिन आप बिना प्लान के ही किसी कि भी धज्जियां उड़ा सकते हो। वैसे भाभी से मैंने अब तक माफी नहीं मांगी और शायद हिम्मत भी नहीं होगी। आपको भड़काने कि बहुत चिप ट्रिक अपनाया था मैंने।


दृश्य:- हाहाहाहा.. और भड़काने के बाद भी जिंदा बच गया, कमाल का गुट्स और कमाल की प्लांनिंग थी। वैसे उस दिन अनजाने में ही बहुत सी बातें सीखा गए, और मुझे ऐमी की याद दिला गए।


अपस्यु:- अारूब जब उनके बारे में बता रहा था, उनके जाज़्बे और आप सब के साथ की कहानी ने रुला दिया। एक स्वार्थहिन चालाक मेंटोर की कहानी जो हर खतरे से निकल सकती थी, बस दोस्ती के मोह में फस गई।


दृश्य:- सुन ना मै समर वैकेशन में सब बच्चो…

अपस्यु:- बस भाई ये समर वैकेशन की बात अभी रहने दो फिर कभी कर लेंगे। वैसे मुझ पर विश्वास दिखाकर मेरा प्लान फॉलो करने के लिए दिल से धन्यवाद।


दृश्य:- अरे ऐसे कैसे थैंक्स, हम दोनों को एक दूसरे की जरूरत थी, अब मुझे तुम्हारी कैसे जरूरत थी वो एक्सप्लेन करने पर मजबूर ना कर और पहले तू मेरा सुन.. मै उन वीरदोयी के बच्चों के लिए कुछ नहीं कर पाया, इसलिए मेरे ओर से उसकी जिम्मेदारी भी तू उठा लेना। कल कंपनी मर्ज के पेपर मिल जाएगा, आरव को बोलना दोनो कंपनी की रेस्पोसिबिलिटी ले लेने के लिए। मै अपनी पायल दीदी और जीजू को कंपनी से रिलीफ करना चाहता हूं, ताकि जो ज़िन्दगी जीना भूलकर कंपनी के पीछे पीस रहे है, वो छोड़कर पुरा वक़्त घर पर दे सके। वैसे भी जीजू बहुत बुरे बिजनेसमैन है यार। और अंत में मुझे बहुत से टेक्निकल सपोर्ट की जरूरत होगी, इसलिए क्या ऐमी फ्री रहेगी हमे टेक्निकल सपोर्ट देने के लिए।


अपस्यु:- सारी बातें तो अच्छी है, लेकिन ये कंपनी मर्जर कुछ ज्यादा ना हो रहा।


दृश्य:- ओह बातों बातों में मै भुल ही गया, मै वैदेही को भेज रहा हूं दिल्ली, वो तुम लोगो के साथ रहेगी। 10000 करोड़ का एक फंड मै हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर के लिए सेंक्शन कर चुका हूं, लेकिन किसी पर यकीन नहीं था इसलिए वैदेही को अकेले ही रिसर्च करने के लिए कहा। स्वास्तिका से बाकी बातें हो गई है। दोनो मिलकर एक साथ काम करेंगे और दोनो की जैसी रिक्वायरमेंट हो वैसा पुरा करवा देना, पैसों की कोई चिंता मत करना।


अपस्यु:- भई वो सब तो ठीक है लेकिन कंपनी मर्जर..


दृश्य:- देख सिम्पल सी बात है हम में से तो किसी से कंपनी चलने से रही। मेरे जीजू भी हम में से एक ही है। अब किसी दूसरे के हाथ में कंपनी देने से कहीं लोकेश वाला ना हाल हो जाए, यार पैसे का सीधा रिश्ता पॉवर से होता है और पॉवर का नशा तो तू जानता ही है ना। इसलिए अब कोई बहस नहीं, और हां उस वैदेही मत कहना बल्कि वेली पुकारना।


अपस्यु:- और कोई हुक्म सर..


दृश्य:- नहीं सर, चलकर आराम किया जाए। तेरे मुताबिक जगह की पूरी बनावट कर दी गई है, अारूब ने पूरी डिटेल ऐमी से साझा कर दिया है। और हां जल्दी से अब उन्हें भी अंजाम तक पहुंचा दो, जो बचे हुए है और मुझे फिर पूरी कहानी डिटेल में बता देना।
yaar yeh log toh 10000 crocres ke niche toh baat nahi karte... :D
Khair let's see what happens next
Brilliant update with awesome writing skill nainu ji :applause: :applause:
 

Naina

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Back to back six update.... Wow Nain bhai ?

छः अपडेट में रिभियू तो बहुत बड़ा होगा लेकिन मैं कम से कम शब्दों में करने की कोशिश करता हूं ।

दृश्य... किसी ने उसे अनाथ बना दिया और उसके बदले में कई बच्चों को उसने अनाथ कर दिया....कई बच्चों के सर से मां बाप का साया हमेशा के लिए खतम कर दिया उसने..... ये उसने बदले की भावना से ग्रस्त हो कर किया ।...
लेकिन उससे भी कहीं अधिक जिसने गम के प्यालों को पिया हो... अपस्यू....बदला भी इंसाफ के तराजू पर तौल कर ले रहा है ।......... इसीलिए तो वो मेरा फेवरेट है ।

दृश्य...वीरदोयी समाज ने उसका क्या बिगाड़ा था ?..... और वो अनाथ कैसे हो गया जबकि उसके माता-पिता सही सलामत है...... शायद कुछ और ही ट्विस्ट होगा ।

सुनंदा.........

इस बेचारी की कहानी तो बहुत ही दर्दनाक है.........

सुलेखा ... उसकी सहेली किसी अय्याश के कुकर्मों का पैदाइश थी.... और उसकी मां को उस अय्याश के कुकर्मों का फल अपनी जान देकर चुकानी पड़ी..... फिर उस अनाथ बच्ची को एक ब्राह्मण परिवार ने गोद लिया लेकिन दुर्भाग्य ने यहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा...उस ब्राह्मण परिवार में से ही किसी ने अपनी कुदृष्टि उस अभागी बच्ची पर डाली....।

लेकिन सुनंदा....जो अब तक सुलेखा की सहेली बन चुकी थी..... अपनी सहेली को उस दुराचारी से बचाने के लिए अपने उपर बलात्कार का आरोप लगवाई .... जिसके फलस्वरूप उस ब्राह्मण परिवार को गांव से हमेशा के लिए परित्याग करना पड़ा ।....... और फिर वो सुनंदा परिवार का हिस्सा बन गई.....शायद इस ब्राह्मण परिवार को भी बाद के अपडेट्स में पढ़ने को मिलेगा ।

सुनंदा.... जिसने अपने सहेली की इज्जत को बचाया.... लेकिन उसके बाद तो उसकी दुनिया ही बदल गई.... लोग-बाग उसे हर समय ताना मारते रहे....उसे छेड़ते रहे । उसकी शादी जो हो चुकी थी... सिर्फ गौना नहीं हुआ था... वो भी टुट गई.... बड़ी मुश्किल से उसकी शादी एक बदनाम रघुवंशी परिवार में हुई.... हसबैंड बहुत ही घटिया मिला......उस बेचारी को जिंदगी भर कष्ट का सामना करना पड़ा.... थोड़ी सी अपनी जीवन जी भी तो अपस्यू और आरव को जन्म देकर ।.......काश आप सुनंदा को एक बार फिर से चमत्कारिक ढंग से जिंदा कर देते और उसकी खुशियां वापस कर देते ।

* सवाल है कि कंचन और सुनंदा के घर में पहले भी... एक शादी होने के बाद भी टुट गया था... सुनंदा की तरह.... किसका ?

* वो धोखेबाज कौन था जिसने दृश्य को धोखा दिया और क्या धोखा दिया था ? उसका अंजाम क्या हुआ ?
* वीरदोयी समाज ने दृश्य के साथ ऐसा क्या कर दिया था कि दृश्य उनका नामोनिशान मिटा देना चाहता था ?
* सुनंदा और कंचन का उस ब्राह्मण परिवार से क्या ताल्लुक था ?
* ये निम्मी और दृश्य का जुगलबंदी कब हो गया ?
* सुलेखा के मां बाप कौन थे ?
* ब्राह्मण परिवार कौन था और इसी परिवार का वो दुष्कर्म व्यक्ति कौन था जिसने सुलेखा पर बुरी नजर रखी हुई थी ?
__________

आखिर में जिंदल परिवार ने सार्जेंट हाॅप्स की सेवा ले ही लिया... अपस्यू और सार्जेंट हाॅप्स के बीच दिमाग और टेक्नोलॉजी का युद्ध होगा.....जो कि मुझे लगता है काफी मजेदार होगा ।

छः ऋतुएं की तरह छः अपडेट.... Awesome... Outstanding.... Superb.
:shocked2:
 

Naina

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Update:-136








लंबे चले सेशन के बाद दोनो सोने चल दिए। अपस्यु सोने से पहले कुछ जरूरी काम निपटाने बैठ गया, जिसके लिए ऐमी को भी जगाना पर गया। सबसे पहले तो कॉल गया होम मिनिस्टर के पास। पूरी कहानी समझाने के बाद अपस्यु ने पूछ लिया कि 10000 करोड़ का क्या किया जाए?


होम मिनिस्टर अमाउंट सुनकर ही झटका खा गए। सबसे पहले तो उन्होंने 5000 करोड़ का काला धन की पूरी डिटेल सेंड करने बोल दिया, ताकि देश को फायदा हो और केस पुरा मजबूत बने। उसके बाद 2000 करोड़ का अनुदान उन्होंने अपने स्विस अकाउंट में लिया, वो भी पुरा कारन समझते…. कि कुछ कमीनो को आउटसोर्स से हटाना होता है, जिसके लिए काफी पैसे लगते है। कभी-कभी गलत को गलत साबित करने के लिए भी पैसे देने पड़ते है, ठीक वैसे ही जैसे आज गिरफ्तार लोग अंजाम तक पहुंचेंगे।


बचे 3000 करोड़ के फैसले के लिए होम मिनिस्टर ने विपक्ष और पक्ष के अध्यक्ष को कॉन्फ्रेंस में लिया और पकड़े गए लोगों को कोर्ट से सजा के लिए डील तय होना शुरू हो गया। 500-500 करोड़ दोनो अध्यक्ष के निजी खाते में और बचे 2000 करोड़ में से 600 करोड़ विपक्ष के पार्टी फंड और 1400 करोड़ पक्ष के पार्टी फंड में जमा करने का फैसला लिया गया।


होम मिनिस्टर से पैसों और सजा का हिसाब किताब होने के बाद अपस्यु ने पूरे घटना की मीडिया कहानी भी उसे अच्छे से समझा दिया। जबतक बात हो रही थी तबतक ऐमी सबके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर मारकर चेक करने के लिए बोल दी। होम मिनिस्टर तो सुनिश्चित था, लेकिन पक्ष और विपक्ष जिसका समर्थन अब तक पन्नों पर था, पैसा मिलते ही सुबह से अमल में आना शुरू हो गया।


होम मिनिस्टर से बात करने के बाद अपस्यु ने नंदनी को कॉल लगाया। नंदनी को सबसे पहले सुकून देते हुए बता दिया कि हर एक सुरक्षित है और वो अपने पिता के सपने को अब पुरा साकार कर सकती है। कुछ देर की बातचीत के बाद कॉल डिस्कनेक्ट ही गया।


जैसे ही फोन सर्विस का काम खत्म हुआ ऐमी…… "अपस्यु जीतनें भी लोगों ने आज अपने काला अकाउंट को पार्टी हॉल से लॉगिन किया था, उसके टोटल अमाउंट 22000 करोड़ है, और 41 लॉगिन। इसके अलावा लोकेश के अकाउंट में 12000 करोड़, विक्रम के अकाउंट में 600 करोड़ और कौन बनेगा अरबपति में प्रकाश जिंदल ने तो सबसे ज्यादा बाजी मारी है, 16000 करोड़।


अपस्यु आश्चर्य से आखें बड़ी करते… "50600 करोड़। सालों ने कितनो कि लाश के ऊपर से ये पैसा बनाया होगा। पॉलिटीशियन को शो कर दूं ये अमाउंट तो पता ना कितने पैसे देश के पास पहुंचेगा, मै चाहता हूं ये पुरा अमाउंट आरबीआई को जाए।


ऐमी:- मामला ठंडा होने दो वरना होम मिनिस्टर को शक हो जाएगा और ये पैसा भी हवा हो जाएगा। दृश्य भईया का अमाउंट वैसे ट्रांसफर मार दिया है, और ये 50600 करोड़, 9500 करोड़ वाले अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया है। दृश्य भईया को केवल उनके 9500 करोड़ ट्रांसफर किए है, और मेघा के 500 करोड़ भी अपने ही पास है। इनके हिसाब का क्या करना है। 1000 करोड़ का कैश भी परा है यार।


अपस्यु:- एक काम करो मेघा को 1000 करोड़ ट्रांसफर कर दो, और उस 50600 करोड़ के फिगर को राउंड करके, बचे पैसे उन्हीं से पूछकर ट्रांसफर मार देना।.. कैश को फिलहाल यहीं के लॉकर में रखवा दो, उसका बाद में सोचते है। थक गया स्वीटी, कोई काम और बचा है क्या..


ऐमी:- हां, बस मुझे प्यार से चूमना रह गया।


अपस्यु, बिस्तर पर लेटकर, ऐमी को बाहों में भींचते प्यार से उसके होंठ को चूमा और सुकून से आखें मूंद लिया। दोनो कुछ ही देर में काफी गहरी नींद में थे। वैसे यह कहना भी गलत नहीं होगा कि आज इस महल में जितने भी लोग सो रहे थे वो काफी सुकून में थे।


16 अगस्त के सुबह 5 बजे से ही खबरों का बाजार गरम था। लोग इंटेलिजेंस टीम की छापेमारी और हाई प्रोफाइल लोगों को सलाखों के पीछे की खबर सुनकर आधी खुली नींद चौंक कर पूरी खुल जाती। 16 अगस्त की खबरों में सुबह से ही होम मिनिस्ट्री और इंटेलिजेंस के ही छापे की चर्चा चल रही थी, जिसमें लगभग 70 लोगों पर काले धन छुपाना और देशद्रोह जैसे इल्ज़ाम, सबके ऊपर सामान्य रूप से लगे थे। इसके अलावा मिले सबूत के अनुसार हर किसी पर अलग-अलग लोगों मारने की साजिश रचने और बलात्कार जैसे इल्ज़ाम भी लगे थे। 40 अरेस्ट होकर पहुंचे थे 27 को इंटेलिजेंस टीम ने उनके घर से उठाया था, जिसमें से एक विक्रम का बड़ा बेटा कंवल भी था।


3 मास्टरमाइंड, प्रकाश जिंदल, विक्रम राठौड़ और लोकेश राठौड़ भागने में कामयाब हो गए। जिस पर देशद्रोह और मर्डर केस के अलावा नंदनी रघुवंशी के पति और बेटे की हत्या कि साजिश रचने और कुंवर सिंह राठौड़ के पूरे परिवार की हत्या का इल्ज़ाम लग चुका था। देशभर के तमाम थाने में तीनों की तस्वीर पहुंचा दी गई थी। 80 लोगों को इंटेलिजेंस टीम ने मौके पर मार गिराया जो इन मास्टरमाइंड के इशारे पर किसी भी काम को अंजाम दिया करते थे।


कई सारे लोग जो लापता हो चुके थे, वो लोकेश के सिस्टम से मिल गए, जिनका कत्ल यहीं उसके बेस पर किया गया था। कुल मिलाकर सभी के लिए ऐसा केस बाना था जिसमे कम से कम उम्र कैद तो तय थी।


नील, काया, मेघा, और वहां काम करने वाले कई लोग सरकारी गवाह थे, जिनकी गवाही से केस को और भी ज्यादा मजबूत बनाया गया और उसी के साथ यूएस पॉलिटिक्स में भी काफी भूचाल देखने को मिला था, जहां के एक सीनेटर को किसी विदेशी अदालत में सजा तय होनी थी और ये सजा तय करवाने में जेम्स हॉप्स और उसकी टीम की गवाही भी अहम थी।


मेघा उसी वक़्त से जेम्स हॉप्स जैसे लोगों पर हंस रही थी, जबसे उसे पता चला था कि हवाले के पैसे गायब करने में अपस्यु का हाथ था और ये निकम्मे बस केवल संभावित कारणों को लेकर आगे बढ़े थे, ताकि काम देने वालों का विश्वास बाना रहे। तभी से मेघा ने उसकी पूरी टीम को स्टैंडबाय मोड पर डाल चुकी थी। अपस्यु ने सुबह ही मेघा को कॉल करके उसका भविष्य बताया था, इसी के चलते मेघा ने पहले अपने पिता का कच्चा चिट्ठा यूएस में खुलवा दिया और यहां अपनी टीम के साथ गवाही दर्ज करवाने चली आयी थी।


अपस्यु के साथ देने का कारन भी साफ नजर आ रहा था। शायद उस घमंडी मेघा में इतनी तो अक्ल जरूर थी, जो भांप चुकी थी कि जो लड़का इंडिया में बैठकर, योजना बनाकर यूरोप से पैसा ले उड़ा, वो कोई मामूली प्लानर नहीं हो सकता। जो लड़का सबके सामने रहकर भी छिपा रहा वो दिमाग का इतना भी कमजोर नहीं हो सकता की लोकेश के मौत के जाल में फस जाए। सभी बातों पर समीक्षा करके अंत में फैसला उसने यही किया कि वो बस किनारे होकर तमाशा देखने में विश्वास रखेगी, चाहे नतीजा जो भी हो।


शायद ये बात वो होशियार लोकेश समझ जाता तो आज उसकी स्थिति मजबूत होती। लेकिन गलती लोकेश की भी नहीं थी, क्योंकि अपस्यु की शार्प प्लांनिंग का ही असर था, कि वो पुरा समय लेकर अंदर जड़ तक घुसा। उसे किसी भी बात की जल्दी बिल्कुल नहीं थी। खुद को हमेशा काम का साबित किया, जिससे उसका वर्तमान रौशन नजर आए और अतीत पर किसी की भनक तक ना परे।


खुद को अकेला काम करने वाला दिखाया ताकि कोई समझ ना पाए कि ये यूरोप जैसे देश में भी अपने ऑपरेशन करता आया हो। क्या दिमाग पाया था उसने। लोग हमेशा छिपे हुए को ढूंढ़ते है और ये कभी किसी से छिपा ही नहीं। किसी के साथ ना होकर भी उसे सामने से ऑब्जर्व करता रहा। खुद को इतना आसान टारगेट दिखाया कि लोगों को हमेशा ये फीलिंग रही की इसे मारना तो कितना आसान है और जब वक़्त आया तांडव दिखने का, फिर तो ऐसा उत्पात मचाया की किसी के पास रिएक्ट करने तक का मौका नहीं था।


संतुलन बनाए रखने की अभूपूर्व नीति, जिसमे पॉलिटीशियन के साथ ना होकर भी, उनके ही बीच के लोगों को सजा तक पहुंचना। किसे पकड़ना है, किसे छोड़ना है और पैसों को कहां लुटा दिया जाए, इसका ज्ञान का ही नतीजा था कि जितने भी बिग शॉट पकड़े गए थे, एक तरफ तो उन्हें आर्थिक रूप से इतना कंगाल कर चुका था कि वो अपने केस में किसी को खरीद ना सके, वहीं दूसरी ओर उसी का पैसा इस्तमाल करके, उन्हें सही या ग़लत तरीके से उनकी सजा लगभग तय करवा चुका था।


वहीं दूसरी बड़ी खबर में, नंदनी, सिन्हा जी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थी, जहां पहले नंदनी चुप थी और सिन्हा जी एक-एक करके सारे टेक्निकल सवाल ले रहे थे। नंदनी रघुवंशी के इतने सालों तक छिपे रहने कि वजह सामने आ चुकी थी। इस मामले में एक बार और होम मिनिस्ट्री को ही क्रेडिट दिया गया, जहां नंदनी रघुवंशी अपनी बात रखती हुई बताई की उसके पति और बेटे की हत्या हुई थी और ठीक उसी वक़्त यहां उसके परिवार को भी मार दिया गया था।


तब उसके ऊपर बच्चो कि जीमेमदरी थी और उनके बच्चों के कत्ल की आशंका भी, इसलिए वो छिपकर अपने बच्चो को पाल रही थी और साथ में मौत के गुत्थी को भी सुलझने की कोशिश कर रही थी। इसी सिलसिले में साल भर पहले होम मिनिस्टर से उनकी पहली मुलाकात हुई और ये केस इंटेलिजेंस वालों को सौंपा गया। काफी तकलीफ झेलनी पड़ी लेकिन न्यान पालिका ने अपना काम किया।

कंपनी के अधिकार और विक्रम के परिवार को लेकर जब सवाल हुए उसपर नंदनी जवाब देती हुई कहने लगी… जो गुनहगार थे उन्हें सजा मिल गई, लेकिन जो निर्दोष है उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, इसलिए नंदनी रघुवंशी ने विक्रम की दोनो बहू में 5000 करोड़ को राशि बराबर बंटवारा करने का फैसला लिया, जिसपर पूर्ण रूप से उनका अधिकार होगा।

विक्रम राठौड़ की बेटी कुसुम को कंपनी अगले 10 वर्षों तक कंपनी का 30% प्रोफिट दिया जाएगा। यह एक स्पेशल क्लोज लिया गया है ताकि कुसुम राठौड़ और उसकी मां को पूर्ण सहयोग मिले। इन सबके अलावा ये अभी शुरवती फैसले है, आगे विक्रम राठौड़ की फैमिली से विचार करके यदि कोई फेर बदल होती है तो सूचना मिल जाएगा।


कंपनी के नया मालिक के विषय में चर्चा करती हुई नंदनी रघुवंशी ने साफ तौर पर अपनी मनसा जाहिर कर दी कि कंपनी उनके बच्चों के बीच बराबर की है, लेकिन कंपनी चलाने का स्वतंत्र प्रभार केवल और केवल आरव रघुवंशी का होगा, जिसमें उसकी भी कोई दखलंदाजी नहीं होगी।


साथ ही साथ उनके पिताजी एक सपना था हाई टेक मॉडल गांव जिसके तर्ज पर उन्होंने विशेन गांव (वहीं गांव जो लोकेश का बेस था) का निर्माण किया था। अफ़सोस उस गांव को किसी और काम के लिए इस्तमाल कर लिया गया और क्रेडिट खुद बटोर कर अच्छे आदमी को बदनाम कर दिया गया। इसके अलावा जो हमारा पैतृक गांव हुआ करता था, निषेम गांव (वीरभद्र का गांव), वहां के मॉडल पर काम शुरू होने से पहले ही उन्हें कत्ल कर दिया गया। इसलिए मै उस अधूरे काम को शुरू करने के लिए आज शाम ही नीव रखूंगी और आनेवाले 3 महीने में वो गांव भी पुरा तैयार हो चुका होगा। उसके बाद दोनो गांव सैलानियों तथा अन्य लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे।


सुबह का समाचार जैसे कईयों के लिए खुशी के का संकेत लेकर आया था, वहीं काफी लोग हताश भी थे। दोपहर के खाने के वक़्त से थोड़ा पहले ऐमी और अपस्यु को जगाया गया। दोनो जागते ही सबसे पहले न्यूज ही देखना शुरू किये। जिंदगी में पहली बार न्यूज देखना इतने सुकून भड़ा लग रहा था।


कुछ ही देर में सभी लोग फ्रेश होकर नीचे महल के हॉल में पहुंचे। हर कोई चेहरे से खुश नजर आ रहा था।…. "पार्थ नजर नहीं आ रहा यहां।".. ऐमी पूछी।


स्वास्तिका:- कहां गया होगा, अपनी लैला के पीछे-पीछे उसके घर।


अपस्यु:- मां ने सबको वीरभद्र के यहां 5 बजे तक पहुंचने कहा है, आज उस गांव को भी हाई-टेक बनाने की नीव रखी जाएगी।


ऐमी:- ठीक है फिर चलो, अधूरा काम पूरा कर लिया जाए।


अपस्यु:- स्वास्तिका, हमारे गुनहगारों के सारे काम पूरा हो गए है क्या?


स्वास्तिका:- हां


तीन बड़े सूटकेस तैयार रखे थे। हेलीकॉप्टर ले जाने के लिए एविएशन डिपार्टमेंट की भी क्लीयरेंस मिल चुकी थी, लेकिन स्वास्तिका की हिम्मत नहीं हुई अपस्यु के साथ जाने की और जब स्वास्तिका नहीं गई तो कुंजल भी स्वास्तिका के साथ वीरभद्र के यहां निकलने का फैसला कर ली।
yaar itne paise... uff... paise hi paise... are sabhi garibo ko bhi zyada nahi toh kam se kam 50 - 50 crocres ke hishab se baant do.. are dua yaad rahenge inlogo ko :D
Btw yeh lokesh ho ya bikram aur inse jude baaki ke log bhi kaafi paise wale ban gaye the par raah galat pakdi aur jis din inlogo ne lalach ke chalte burayi ki aurr pehla kadam badhaya thik ushi waqt apni barbadi ki aurr bhi pehla kadam badha diya tha... der se hi sahi par inlogo ko apne karmo ki saza mil hi gayi...
Khair let's see what happens next
Brilliant update with awesome writing skill nainu ji :yourock: :yourock:
 

Naina

Nain11ster creation... a monter in me
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Hahaha .. matlab Pallavi aur Aarav ke liye itne gane... Ek Aimee aur Apasyu ke liye bhi ga deti :D.. baki planning planning aur planning ki result bhi aa gaya hai... Ab kaisa hai wo to main nahi bata sakta haan par sare update ekant me baith'kar likha hun.. aur jabtak pura na hua scene tab tak post nahi kiya ..
ek jamana hua karta tha jab har revo reply dete the nain saheb.. ab toh bulane par bhi nahi aate :sigh2:
 

Xfan

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जबसे लोकेश को नंदनी के बारे में पता चला था, वो जीत के अलग ही घोड़े पर सवार था। मेघा 8 अगस्त को ही सार्जेंट जेम्स हॉप्स और उसकी टीम के साथ भारत पहुंची थी। पिछले 3 दिनों के दौरान, इनके बीच बातचीत का वो दौर चला जो नए परिणाम लिख चुका था।


मेघा जब लोकेश की महतवाकांक्षाएं सुनी, फिर तो वो तुरंत पाला बदलने की नीयत भी बना चुकी थी, साथ ही साथ उसे समझ में आ चुका था कि हवाले के पैसे गायब करने में लोकेश का हाथ नहीं हो सकता, फिर ये दुश्मन कौन था, जो पर्दे के पीछे से उन्हें घाटा दे रहा था।


इन सभी मामलों कि गुत्थी सुलझाते हुए लोकेश ने इसमें राजीव मिश्रा को पूरे प्रकरण का दोषी करार देते हुए कहने लगा…. "वो अब हमारा साथ छोड़कर होम मिनिस्टर का कुत्ता बना हुआ है और शुरू से उसके पॉलिटिकल एजेंडा को साधने के लिए, ये होम मिनिस्टर के साथ तब से काम कर रहा है जबसे वह होम मिनिस्टर नहीं था।"


मेघा, लोकेश और विक्रम तीनों ही मीटिंग चेंबर में बैठे हुए था, सुरक्षा के लिहाज से काफी प्रभावित करने वाला एक ऐसी जगह, जहां ना तो कोई कंप्यूटर था और ना ही कोई मोबाइल लेकर जा सकते थे। लोकेश अपनी चर्चा आगे बढ़ाते हुए कहने लगा….


"नंदनी के मिल जाने के बाद मायलो ग्रुप का पूर्ण अधिग्रहण का रास्ता खुल चुका है। जैसे ही नंदनी रघुवंशी और उसके पूरे परिवार की डिटेल मिल जाती है, उसके तुरंत बाद ही उसके पूरे परिवार को मारकर नंदनी रघुवंशी को यहां इस बेस पर लाया जाएगा और उसके बाद से ही मायलो ग्रुप का पूर्ण बागडोर उनके हाथ में होगी।"


15 अगस्त की शाम को सभी पार्टनर के बीच एक मीटिंग का प्रस्ताव भी रखा गया जिसमें मायलो ग्रुप के पूर्ण कंट्रोल में आने के बाद, आगे की रूप रेखा कैसी होगी। इसी के साथ उसी मीटिंग में राजीव मिश्रा का भी फैसला हो जाना था और साथ ही साथ उसके सरपरस्त होम मिनिस्टर का भी।


मेघा जो अब तक केवल दर्शक बनी हुई थी, गहराई से लोकेश को सुनने के बाद जिज्ञासावश पूछने लगी कि वो अपने और जिंदल के रिश्ते को कैसे देख रहा है। इस सवाल के जवाब में लोकेश ने मेघा के साथ बिजनेस डील की पूरी कहानी समझा गया… वो अपने पार्टनशिप को नई दिशा देना चाहता है। चूंकि बेटिंग का धंधा बहुत ही तेजी से फल फुल रहा है इसलिए बेटिंग के धंधे को पूरा ऑपरेट यूएसए से किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उसी पर होगी।


बेटिंग धंधे को जब मेघा गहराई से परख रही थी, तब उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि इस धंधे में इतना ज्यादा फायदा हो सकता है। लोकेश के इस नए प्रस्ताव के साथ मेघा अपनी हाथ मिलती हुई उसने अपने हिस्से का काम पूछ लिया।


लोकेश उसे नंदनी की पूर्ण डिटेल देते हुए बताने लगा कि ये अपस्यु और कोई नहीं बल्कि नंदनी रघुवंशी का बेटा है। जैसे ही मेघा ने इन सब के बीच अपस्यु को फंसती हुई देखी, वो लोकेश को समझाती हुई उसके बारे में बताती चली गई।


मेघा, लोकेश को अपने इस छोटे से दुश्मन के बारे में अवगत कराती हुई कहने लगी, ये वो बंदा है जिसने एक रात में उसे 15 मिलियन यूएसडी का प्रोफिट निकाल कर दिया था, और उसी की वजह से वो भारत आयी है, क्योंकि वो अपस्यु को अपने टीम में लेना चाहती है।


लोकेश, मेघा के मुंह से उसकी तारीफ सुनकर बस इतना ही कहा…. "जिनके मकसद बड़े होते है वो छोटे प्यादे कि चिंता नहीं करते। आज जी भर के मिल ले अपने इस छोटे आशिक़ से, क्योंकि किसे पता उसका कल हो ना हो।".. लोकेश की बात पर मेघा हंसती हुई उसकी हां में हां मिलाई और वहां से वापस दिल्ली लौट आयी।


दिल्ली में जेके और पल्लवी से मुलाकात…


अपस्यु और ऐमी, जेके और पल्लवी के सामने बैठे हुए थे। जेके मीटिंग की शुरवात करते हुए…. "अपने भाई के साथ मुलाकात कैसे रही।"..


अपस्यु:- भईया, इस वक़्त मुद्दा उनका नहीं है, उसके बारे में हम फिर कभी बात करेंगे। अभी हम जिस विषय पर बात करने आए है उसपर चर्चा कर ले।


जेके:- नाह ! पहले मुझे जानना है कि यूएसए में वो चमत्कार आखिर तुमने किया कैसे। टेक्नोलजी की वो कौन सी कड़ी है जो छिपा गए। यार केवल कुछ वायर मिले वहां सबूत के नाम पर। ऐसा केस तो पहले कभी सुना भी नहीं। ना कोई धमाका हुआ ना हो कोई शोर, चुपचाप मौत आयी और 4 लोगों को काल के गाल में समेट लिया।


अपस्यु:- आपको याद है हमलोग फ्यूचर प्लान करते हुए सोच रहे थे कि क्या हो यदि हमसे ज्यादा क्षमता वाला कोई इंसान हमारे सामने हो, फिर उसे रोकेंगे कैसे?


जेके:- हां याद है मुझे, और तब तुमने बताया था कि पहले के योगी कुछ मंत्र फुकते थे और बड़े से बड़ा राक्षस अपनी जगह स्थिर हो जाता था।


अपस्यु:- बिल्कुल सही । बस हमने भी वो मंत्र खोज निकाला। चोरी कि हुई टेक्नोलॉजी से हम छोटे-छोटे डिवाइस जब बनाना सीख चुके थे, उसी वक़्त ये ख्याल आया कि जब एक सिलिकॉन पुरा माइक्रो चिप तैयार कर जाता है तो क्यों ना माइक्रो डस्ट पर काम किया जाए…


जेके और पल्लवी दोनो ऐमी का चेहरा आश्चर्य से देखते…. "तुमने थेओरी दिया और ऐमी ने कर दिखाया। क्यों …"


अपस्यु मुसकुराते हुए ऐमी को भींचते…. "येस ! आप सबके सामने पेश है माइक्रो सब्सटेंस पार्टिकल, जिसे आप डस्ट भी कह सकते है। और इस डस्ट को हम 1 किलोमीटर के दायरे से कमांड कर सकते है। इसके नतीजे आप सोच भी नहीं सकते कैसे थे। ये आपकी बुक के अंदर घुसकर उसे पूरा स्कैन कर सकते है। किसी भी नट बोल्ट को ओपन कर सकते है। पिलर के बेस को काटकर उसे अलग कर सकते है। सामने के फेंसिंग के ज्वाइंट को खोलकर आप जहां चाहें वहां रख सकते है।


फिर छत पर 20 स्नाइपर क्यों ना हो, उन्हें पता भी नहीं चलता कि किसी ने पिलर के बेस को काटकर और फेंसिंग के नीचे के सारे बोल्ट खोलकर, आपके जाने का इंतजार कर रहे है। फिर तो कई बार वो स्नाइपर वाले, उस फेंसिंग से भी टिक जाते है, लेकिन वो फेंसिंग नहीं हिलती क्योंकि बोल्ट की जगह वो डस्ट ले चुका होता है। और जैसे ही सभी एजेंसी वाले छत से जाते है फिर ऐसा भी हो सकता है कि वो माइक्रो डस्ट जेनरेटर को खिसकाकर नहीं, बल्कि उसके नीचे जाकर उसे उठा कर किनारे तक लेकर आ जाए, ताकि कोई भारी चीज ऊपर खिसक रही है किसी को पता ना चले।


ये डस्ट भईया, ये डस्ट.. बड़े कमाल की चीज है… 4 लोगों को कल के गाल में भेजने के बाद, वो हवा में तैरते हुए फिर हो सकता है कमांडिंग की जगह पहुंच जाए, मुझे नहीं पता इस बारे में। और इन्वेस्टिगेशन करने आया ऑफिसर वहां परे रसियन मेड वायर को देखकर, सर खुजाते हुए सोचने लगे कि साला इन रसियन के पास ऐसी कौन सी तकनीक विकसित हो गई जो मात्र कुछ वायर सबूत में छोड़े है, और जेनरेटर को ऊपर से नीचे फेंक दिया।


जेके ताली बजाता हुए…. "क्या बात है कमाल कर दिया तुम दोनों ने"..


ऐमी:- बेबी लेकिन ये तो कॉम्प्लेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, बिना 2 लोगों के कमांड के संभव नहीं, फिर ये कैसे किया?


अपस्यु:- कांड होने के बाद वीरभद्र के चेहरा नहीं देखी क्या। उस वक़्त मेरे साथ वीरभद्र काम कर रहा था।


पल्लवी:- तुम लोगो ने जान बूझकर ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया ना, ताकि वो तकनीक हम तुमसे उधार नहीं मांग सके…


ऐमी:- ये फ्यूचर तकनीक है भाभी, इसका ऑपरेटिंग सिस्टम कॉम्प्लेक्स ही बना, तब जाकर संभव हुआ था। आपको क्या लगता है हमने इसे सिंगल हैंड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने की कोशिश नहीं की थी क्या, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। कोई नहीं आप मायूस क्यों होते हो, आप दोनो जब भी बुलाओगे हम वहां जरूर होंगे, इतना तो भरोसा है ना।


पल्लवी:- नाह बिल्कुल भरोसा नहीं ! मै कई रात इस अपस्यु को बुलाई, लेकिन कामीना मुझे जलता छोड़ दिया, आया नहीं।


जेके:- पल्लवी अभी मीटिंग कॉल ऑफ नहीं हुआ है। बेहतर होगा फोकस कहीं ना जाए। अपस्यु जैसा तुमने कहा था वैसा हमने पता करवाया, नंदनी के राज ओपन होने से क्या परेशानी आने वाली है, वो भी मैंने तुम्हे बता दिया था और उम्मीद है कि तुम इतने दिनों में उसपर काम कर चुके होगे।


अपस्यु:- हां काम पुरा पुख्ता हो चुका है, और मै आंख मूंदकर आगे बढ़ सकता हूं।


जेके:- अच्छी खबर है ये तो। लेकिन अभी भी बहुत कुछ अनिश्चित है। ऐमी क्या तुम लोकेश के ऑपरेटिंग सिस्टम में घुसने में कामयाब हुई।


ऐमी:- नहीं भईया, यह संभव नहीं। जबतक डिवाइस उनके सर्वर से कनेक्ट नहीं होगा, तबतक पॉसिबल नहीं। रिमोट एसेस से हैक नहीं किया जा सकता।


जेके:- हम्मम ! फिर तो अपस्यु को अपने आगे के योजना के तहत मेघा के सामने ओपन होना होगा, वरना पहली बार ऐसा होगा की हम बिना दुश्मन को जाने अपनी योजना पर आगे बढ़ेंगे, जिसका परिणाम बुरा हो सकता है। अब तो नंदनी की बात खुलने से तुम्हे उन्हें सामने से भटकने का एक पूरी वजह मिल गई है।


अपस्यु:- लेकिन पार्थ के दी हुई खबर के अनुसार, मेघा और लोकेश के अलावा मेघा की विदेशी टीम भी उनके बेस पर जाती हुई दिखी थी। ऐसे में यदि मेघा को वहां कुछ अच्छा ऑफर हो, जो कि हुआ ही होगा, क्योंकि लोकेश अपने बेस पर उसकी पूरी टीम ले गया है तो उसकी कोई लंबी प्लांनिंग तो जरूर रही होगी। ऐसी हालत में वो हमे डबल क्रॉस भी कर सकती है। और यदि वो जेम्स हॉप्स ने कहीं इतिहास खोदना शुरू कर दिया, तो तुरंत ही सब कनेक्ट कर देगा। क्योंकि मै यदि नंदनी रघुवंशी के इतिहास को लेकर आगे बढ़ता हूं, तो वो चन्द्रभान रघुवंशी को भी तो ढूंढेंगे।


पल्लवी, अपस्यु की बात पर जोर से हंसती हुई कहने लगी…. "फिल्मों के भाड़े के सिपाही और रियल के भाड़े के सिपाही में जमीन आसमान का अंतर होता है। जो तुम्हारे पास बचा है उसे तो वो सिपाही बचा लेंगे, लेकिन जो खो गया है उसका पता कभी नहीं लगा सकते, ऐसे में तुम्हे लगता है कि वो इतने कंफ्यूज से माहौल में इतिहास उल्टेगा।


अपस्यु:- मै समझ नहीं भाभी, आप ये कहना चाहती है कि जेम्स हॉप्स की टीम का ध्यान मुझ पर जाता भी है तो भी वो मुझे कनेक्ट नहीं कर सकते?


जेके:- हां सही आकलन है। जैसे तुम आरव के केस में एयरपोर्ट सिक्योरिटी में नहीं घुसे थे हैक करने, जबकि तुम्हारा पता लगाना तो फिर भी टेढ़ी खीर होती। फिर ये कैसे सोच सकते हो कि ये प्राइवेट सिक्यूरिटी का काम करने वाला, कम अक्ल बैल, यूएसए जैसे देश में, सरकारी विभाग के फाइल को एसेस कर सकता है। जेम्स हॉप्स की पूरी टीम एक साथ है तो लड़ाई के दौरान जो कठिनाई ये देने वाले है, उन पर सोचो, तुम्हारा सच का पता लगाना इनके बाप के बस की बात नहीं, और यही सत्य है।


अपस्यु:- ठीक है उस जेम्स हॉप्स से ध्यान हटा भी लिया तो भी क्या मेघा जाल में फसेगी…


ऐमी:- जब वो लोकेश के ऑफर को स्वीकार कर सकती है, तो तुम्हारे क्यों नहीं, तुमने तो उसे 15 मिलियन डॉलर का फायदा करवाया था। वैसे भी वो 2 लोगों के बीच चुपचाप तमाशा ही देखने वाली है, और जो अंत में बचेगा उसके लिए वफादार साबित हो जाएगी…


जेके:- ऐमी के प्वाइंट में दम है। खिलाड़ी वो भी कमजोर नहीं और मुझे लगता है तुम्हे उसपर दाव खेलना चाहिए।


अपस्यु:- ठीक है आज शाम की मीटिंग में उसे थोड़ा झटका डेटा हूं।


जेके:- याद है ना मेरी बात, विक्रम और जिंदल को मौत ना मिले.. बस उनकी बची हुई ज़िन्दगी, मौत से बदतर कर दो…


अपस्यु:- ऐसा ही होगा भईया।


जेके:- ठीक है फिर मीटिंग कॉल ऑफ करते है और इसी के साथ हमारा दिल्ली से पैकअप भी हो गया। सॉरी तुम्हे ऐसे वक़्त में छोड़ कर जा रहा हूं। हालांकि जाने की इक्छा तो नहीं, लेकिन तुम दोनो पर मुझे पुरा यकीन है।


अपस्यु:- जेके भईया, भाभी.. अपना ख्याल रखना..


पल्लवी अपस्यु की बात सुनकर हंसती हुई उसे गले लगाती…. "क्या हुआ, हमारा शेर ऐसा मायूस होकर आज हमे विदा कर रहा है।"…


अपस्यु:- कुछ नहीं, बस यूं ही.. आपका जाना अंदर से कुछ अच्छा नहीं लग रहा है। वादा करो कुछ भी खतरा हो तो आप तुरंत बैंकअप के लिए संपर्क करोगे।


पल्लवी, अपस्यु से अलग होती हुई कहने लगी…. "मै अपने और जेके के ओर से वादा करती हूं कि इस पूरे केस में हम तुम्हारी मदद लेंगे, और बिना जानकारी के कहीं कोई कदम नहीं उठाएंगे… चल अब हंस। और हां इन सब के बावजूद अगर हम मरते है, तो हंसकर हमे विदा करना, क्योंकि किसी केस में हम चारों काम करे और वो हमे मात दे जाए, मतलब हमे किसी कमजोर ने नहीं मारा है।"


ऐमी अपस्यु के पास आकर खड़ी हो गई और दोनो को जाते हुए देख रहे थे… "चिंता मत करो, हम पुरा सेविलेंस देंगे उन्हें। मैंने कुछ डस्ट गिफ्ट कर दिया है।"..


दोनो भी वहां से मुसकुराते हुए निकले। ऐमी सीधे अपने घर लौटकर, वहां अपना काम करने लगी और इधर अपस्यु, आज शाम मेघा को फसाने की पूरी तैयारी में जुट गया।…
SaB log apna apna jaal bunne mai lage hai...
 
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