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Romance भंवर (पूर्ण)

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Update:-128





काया के मिलने से अपस्यु का काफी समय बच गया, वरना तारों के जाल को अपने माइक्रो डिवाइस से ढूंढने में काफी वक़्त लग जाता। अपस्यु ने जैसा बताया काया ने ठीक वैसी एक जगह पर अपस्यु को ले गई। ऐमी के लिए ये जैकपॉट से कम नहीं था, क्योंकि सर्वर का मुख्य कनेक्शन वायर मिल चुकी थी। 5 मिनट में हैकिंग डिवाइस सेट हो चुका था। वापस दोनो अपने कार पार्किंग से होते हुए लौटे और कार से हर जरूरत का सामान निकालकर अपने बैग में पैक हो चुका था।



काया साथ थी, और लोकेश का आदेश फिर बैग कौन चेक करता है। दोनो वहां से अलग अलग कमरे में गए। अगले 1 घंटे में बिना लोकेश के टेक्निकल टीम की जानकारी के बगैर सारे फायरबॉल को भेदकर, ऐमी उनके पूरे सिस्टम में घुस चुकी थी।


बस थोड़ी देर की मेहनत और सभी कमरों की काल्पनिक ऑडियो-वीडियो फुटेज चलना शुरू हो चुका था। जैसे ही ऐमी का काम खत्म हुआ, अपस्यु ने सबको तुरंत संदेश भेजकर बता दिया कि, कमरे कि कहां-कहां की वायर को काटना है ताकि उनका असली ऑडियो, लोकेश के कंट्रोल रूम तक नहीं पहुंचे। 2 मिनट बाद सबके वापस संदेश पहुंच गए… "काम हो गया।"..


लोकेश के सर्विलेंस को छलने के बाद अपस्यु ने नीचे रिसेप्शन पर कॉल लगाया… जैसे ही उधर से हेल्लो कि आवाज़ आयी, अपस्यु ने काया को लाइन पर बुलाया और अपने अरमान जाहिर करते हुए कहने लगा…. "तुम्हारे साथ घूमने के बाद ऐसा लगा कि अब तुम्हारे एक-एक कपड़े निकालकर, तुम्हारे हरे-भरे बदन पर भी घूम लूं, जल्दी से मेरे कमरे में आ जाओ।"…


काया, अपस्यु की बात सुनकर कॉल डिस्कनेक्ट कर दी और लोकेश को कॉल करके अपस्यु का इरादा बताने लगी। लोकेश के दिमाग में मेघा और अपस्यु की छवि पहले से ही साफ थी। लोकेश खुश होकर काया को उसके कमरे में जाने के लिए बोल दिया। लोकेश को समझ में आ चुका था कि क्या होगा अंदर, इसलिए वो ऑपरेटर अजय को लगातार कमरे कि सर्विलेंस करने और उसके जोश को नोटिस करने बोल दिया।


काया जैसे ही कमरे के अंदर पहुंची, अपस्यु ने झटके से दरवाजा बंद कर दिया। इधर ऐमी पोर्न वीडियो के ऑडियो-विजुअल में अपस्यु और काया को एडिट कर, उस कमरे को फ्रेम कर दी और प्ले होता छोड़ दी। ऐमी अपना काम पूरा करने के बाद अपस्यु को 20 मिनट का संदेश भेजी।


इधर काया शांत उसके बिस्तर पर बैठी यही सोच रही थी कि अपस्यु के बारे में वो क्या राय बनाए।…. "हमारे पास बस 20 मिनट है, अब मुझे उस घटना कि जानकारी चाहिए जिसमें एक लोकल लड़की के साथ ग्रुप सेक्स किया था।"..


काया हैरानी से उसे देखती… "तुम्हे पता भी है तुमने मुझे क्यों बुलाया है, इस वक़्त कम से कम 20 लोग हमे देख और सुन रहे होंगे।"..


अपस्यु:- वो तो अभी हमारे सेक्स कि शुरवाती सीन देख रहे होंगे। मन में कोई दुविधा मत पलो, बस तुमसे लंबी जानकारी चाहिए इसलिए ऐसे बहाने से बुलाया है। अब जो पूछा वो बता दो।


काया:- "यहां लोकल बहुत कम लड़कियां लाई जाती है। हां पर उस चकुबाज लड़की को नहीं भुल सकती। जब वो यहां आयी थी तब हंसती हुई आयी थी। लोकेश उसके लिए कोई महान शक्सियत था, जिसके पास वो खुद को खड़ी पाकड़, काफी फक्र महसूस कर रही थी। पहले उसे लोकेश ने नोचा था, फिर बारी बारी से कई लोगों ने।"

"लगभग 15 दिन वो यहां रही थी। पहले 3 दिन तो वो लोकेश की होकर रही थी उसके बाद लोकेश ने एक मिशन सफल होने की खुशी में 40 लड़कियों को बुलाया था उन्हीं के साथ उस लड़की को भी सबके पास भेजा दिया। किसी ने उसकी सुनी नहीं। बस दिन रात नोचते रहे। 40 लड़कियां जो आयी थी उनका काम ही था जिस्मफरोशी, जबकि उस लड़की का विरोध करना और रोना सबको ज्यादा आकर्षित करता था जैसे। सब पहले उसी को नोचते फिर कहीं और मुंह मारते। इस से पहले भी लोकल की 2 और लड़कियां लाई गई थी। एक ने यहां की जिल्लत से आत्महत्या कर ली और दूसरी को कोई बड़ा नेता अपने साथ ले गया।


अपस्यु:- फिर वो चाकूबाज लड़की निम्मी, इनके चंगुल से कैसे निकली ?


काया:- श्वांस बंद हो रही थी, नब्ज से खुन लगातार निकालते रहे और किसी ने रोका तक नहीं था। बल्कि उस कुत्ते भार्गव के एक्सपेरिमेंट वीरदोयी, उसके नब्ज से खून निकल रहा था और उसके साथ सेक्स चल रहा था। मत याद दिलाओ वो मंजर। उस मंजर को देखकर तो हैवान तक का कलेजा कांप जाए। उस लड़की निम्मी की लाश को बाकी लाश के साथ फेक आए थे, ऐसे निकली वो।


अपस्यु:- हम्मम ! तो ये कनेक्शन है।


काया:- कैसा कनेक्शन।


अपस्यु:- बुरे फंसे हो तुमलोग, इसलिए वो दृश्य इतना पगलाया है और लोकेश को हर कीमत पर साफ करना चाहता है। निम्मी को मारा समझकर इन लोगों ने जिस अंधेरे में उसे फेका होगा, वहां दृश्य को निम्मी मिली होगी। पहले तो उसे बचाया होगा, फिर उसकी कहानी जाना होगा।


काया:- हाहाहाहाहा… अपस्यु इसे कर्मा कहते है। दृश्य की बेरहमी तो मै देख चुकी हूं, बस अब तुम्हारी बेरहमी देखनी है। वो 40 वीरदोयी जो कंट्रोल रूम से लेकर महल तक फैले है, नोचने वाली पूरी यही टीम है और उनका बाप वो लोकेश। ऐसा मारना कि बस दिल खुश हो जाए…


अपस्यु:- केवल वही 40 लोग है या और भी है?


काया:- यहां केवल वीरदोयी थोड़े ना काम करते है। यहां डिपार्मेंट बने है। 2 डिपार्मेंट एक ऑपरेशन हैंडलर और दूसरा टेक्निकल टीम, इनमे काम करने वाले लगभग लोग, 100% जल्लाद, गंदी नली के कीड़े हैं, केवल 4 को छोड़कर। उसके अलावा जैसे तरबूज को देखकर तरबूज का रंग बदलता है, ठीक वैसे ही अलग-अलग डिपार्मेंट में भी कई ऐसे लोग है जिनके वजह से यहां के कई इनोसेंट स्टाफ की लड़कियां मुक्ति पाना चाहती है।


अपस्यु, लैपटॉप के स्टाफ लिस्ट खोलकर… "इनमें से दूसरे डिपार्टमेंट के उन लोगों को चिन्हित करो जिनका मरना बेहद जरूरी है। और हां वो जो 4 इनोसेंट है जिसके बारे में कहीं थी, उन्हें भी दिखा देना। वैसे यहां के कितने लोग काम करते हैं?

काया:- लगभग 1200 लोग का स्टाफ है। 40 लोगों की सर्विलेंस टीम है और 12 सॉफ्टवेर इंजिनियर काम करते है। इनमे से 1 को छोड़कर बाकी कोई भी जिंदा रहने के काबिल नहीं। और हां इसकी टीम का हेड है वो अजय, अगर हो सके तो उसे मारने का मौका मुझे दे देना, तुम्हारी एहसानमंद रहूंगी।


अपस्यु:- एक काम करो यहां स्क्रीन को देखकर मुझे सभी लोगों की लिस्ट दे दो जिनकी आत्मा मर चुकी है। तुम्हे जितना वक़्त चाहिए उतना वक़्त लो, और आराम से अलग करो…


काया को फ्री छोड़कर अपस्यु ने ऐमी को कॉल लगा दिया। उसे दूसरा वीडियो अपलोड करने के लिए कह दिया। साथ में यह भी कहा कि थोड़ा स्लो स्टार्ट वाला वीडियो प्ले करे, जबतक वो काम खत्म होने से 5 मिनट पहले इंफॉर्मेशन भेज देगा।


काया को ज्यादा वक़्त नहीं लगा। तकरीबन आधे घंटे में उसने संभावित लोगों की तस्वीर को टिक कर दिया। अपना काम खत्म करने के बाद काया कहने लगी… "कोई अगर छूट जाएगा और उसकी करतूत बाहर आ जाएगी, उसके लिए दृश्य या तुम्हे परेशान होने की जरूरत नहीं, उन्हें हम देख लेंगे।"


काम खत्म हो चुका था, अपस्यु ने ऐमी को को संदेश भेजा और ठीक 5 मिनट बाद ऐमी… "3 की गिनती से उसे बाहर जाने कहो।".. अपस्यु ने काया को इशारा किया। काया अपने बाल और हालात को पहले ही बिगाड़ चुकी थी, अपस्यु की 3 की गिनती मिलते ही वो बाहर निकल गई।


एक पल के लिए वहां बैठे ऑपरेटर अजय को शक हुआ कि अंदर से बाहर निकलते वक़्त काया के हुलिया में कुछ तो फर्क था। उसने वीडियो रिवाइंड किया लेकिन ऐमी भी उसकी गुरु थी, जैसे ही काया बाहर हुई, उसकी करंट इमेज को तुरंत दरवाजे के पीछे वाली इमेज से रिप्लेस कर चुकी थी।


काया के रूम से निकलते ही, अपस्यु भी अपना कमरा छोड़कर ऐमी के कमरे में आ गया। ऐमी अपने लैपटॉप से, हर चप्पे-चप्पे को देख रही थी। ऐमी तेजी से अपना काम करती, अपस्यु को बीच-बीच में कुछ कहती और अपस्यु भी उसके आदेश अनुसार काम को आरव, स्वास्तिका, कुंजल और खुद में बांट लेता।


तकरीबन 2 घंटे तक बैठकर सबने मिलकर काम को खत्म कर लिया। जैसे ही काम खत्म हुआ अपस्यु ने पूरी डिटेल दृश्य से साझा कर दिया। साथ में अपस्यु ने एक छोटा सा लिंक भी साझा किया, जिसके जरिए दृश्य का टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट आरूब आसानी से सर्वर में घुस जाए।


शाम के 4 बजे तक सारा काम खत्म कर चुका था। काम समाप्त करने के बाद ऐमी और अपस्यु दोनो हॉल में पहुंच गए। अपस्यु को देखकर ऐमी मुस्कुराती हुई कहने लगी… "मै कुछ पीना चाहती हूं, क्या तुम मेरा साथ दोगे।"


अपस्यु:- तुम्हारा साथ नहीं दे पाया तो फिर किसका साथ दूंगा स्वीटी, आज जो तुम पीना चाहो वो तुम पियो, और तुम्हारे साथ निभाने के लिए मै अपना प्यारा कॉकटेल पियूंगा।


ऐमी:- मिस्टर अपस्यु रघुवंशी..


अपस्यु:- येस मैम, आदेश करें।


ऐमी:- मेरे साथ देने का मतलब है कि मै जो पियूंगी वो तुम्हे पीना पड़ेगा।


अपस्यु:- तुम अब वो जेम्स बोंड वाली वेस्पर मार्टिनी कॉकटेल लोगी और वो मुझे पसंद नहीं।


ऐमी:- हुंह, तुम्हरे उस बकवास एटॉमिक शैम्पेन कॉकटेल से तो कई गुना बेहतर है।


अपस्यु:- हां तो तुम मार्टिनी पियो मै एटॉमिक शैम्पेन कॉकटेल पीता हूं, और एक दूसरे का साथ देंगे।


ऐमी:- ओह हो हो हो! अभी तो 2 मिनट पहले कह रहे थे कि मेरा साथ नहीं दोगे तो किसका दोगे। अब तुम जरा चुप बैठो। भईया यहां आना..


ऐमी ने एक स्टाफ को आवाज़ लगाई और वो तुरंत ऐमी के पास आकर खड़ा हो गया। ऐमी… "एक काम करो, हमारे लिए 2 मार्टिनी ले आओ।"


स्टाफ:- जी मैम, और कुछ..


ऐमी:- और कुछ हल्का फुल्का स्नैक्स ले आना।


स्टाफ:- सर आपके लिए कुछ लेकर आऊं..


अपस्यु:- कुछ लेकर मत आ, मैडम को ही बार काउंटर पर ले जा।


"क्या हुआ भाई, आपका मुंह क्यों उतरा हुआ है।"… जबतक अपस्यु बार काउंटर पर ले जाने की बात कर रहा था, तबतक कुंजल उसके पास आकर बैठती हुई, पूछने लगी।


ऐमी:- सुनो एक काम करो आप तो जल्दी से 5 मार्टिनी और एक बेस्ट माकटेल भिजवा दो।


कुंजल:- भाभी, भईया को क्या हुआ है, ये ऐसे इनका मुंह क्यों लटका है।


आरव:- ऐमी ने ड्रिंक ऑर्डर किया है ना..


कुंजल:- हां भाई..


आरव:- हां तो इसका मुंह लटकाना ही था। अभी कहेगा नहीं-नहीं मुझे मार्टिनी पसंद नहीं और ना-ना बोलकर 10 मार्टिनी गटक जाएगा।


स्वास्तिका:- तुम लोग बड़े एहसान फरमोश निकले, कम से कम बता दिया होता की सब यहां बैठने वाले हो।


ऐमी, पार्थ के ओर इशारा करती…. "इस गरीब को क्या हो गया, कल से देख रही हूं बड़ा गुमसुम हैं।"


अपस्यु:- मैंने इश्क़ दा लगाया रोग, मेनू बचने दी नय्यो उम्मीद।


अपस्यु का तंज सुनकर सब लोग हसने लगे। इतने में सबकी ड्रिंक भी पहुंच गई। सभी लोग टोस्ट करते हुए अपना जाम उठा लिए। फिर वही हुआ जैसा आरव ने कहा था। सब लोग 2 ड्रिंक के बाद रुक गए और अपस्यु बड़े आराम से 10 ड्रिंक लेने के बाद वहां से उठा।


लोकेश को तो लगातार एक के बाद एक खुशखबरी मिलती जा रही थी। पहले सबाब फिर शराब। विकृत मानसिकता वाले इंसान के सभी लक्षण अपस्यु में नजर आने लगे थे। अपस्यु में खुद के जैसे गुण देखकर लोकेश जोर से हंसते हुए कहने लगा….


"यार अजय हटा ले इसपर से सर्विलेंस, बच्चा अबतक मां की छत्रछाया में था इसलिए अभी तक अच्छा और बुरे काम के बीच फसा हुआ है। मै तो इसके अंदर पुरा हैवान देख रहा हूं, बस सही राह की जरूरत है।"


अजय, भी हंसते हुए… सर इसकी क्षमता कल परख चुके है और आदत आज। ये तो हम में से एक है। ऊपर से उसके लाजवाब कॉन्टैक्ट, कौन इसे नहीं जानता, दिल्ली से लेकर मुंबई तक। लेकिन थोड़ा मेंटल है क्या?


लोकेश:- क्यों क्या हुआ अजय..


अजय:- नहीं हमारे बीच 3 हॉट आइटम ले कर चला आया है। इसे खबर नहीं की इन तीनों का यहां होना कितनों के दिल में आग लगा सकता है। बॉस रात को कुछ गड़बड़ी हो जाए तो फिर मुझे मत कहना।


लोकेश:- यात्री अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करे। वैसे भी जब ये अपस्यु पार्टी के बाद अपने कमरे में एक साथ कई अप्सराओं के साथ जन्नत की सैर में होगा, तो इसे घंटा कुछ फर्क पड़ेगा कि पास वाले कमरे में वही खेल चल रहा है।


अजय:- सो तो है बॉस। चलो इसपर से सर्विलेंस हटता हूं। इनफैक्ट मै तो चला दोस्तों के बीच। वैसे मेरे लिए अप्सरा का इंतजाम है कि नहीं।


लोकेश:- क्यों आज रात तू काया के साथ नहीं होगा क्या..


अजय:- काया की याद ना दिलाओ बॉस। जिस तरह से उस अपस्यु ने रौंदा है काया को, उसे याद करके मै उनके साथ आयी लड़कियों के साथ कुछ कर ना दू, ये डर है मुझे…
 
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लोकेश:- पुरा सिस्टम तेरे हाथ में है, रात के अंधेरे में किसे पता कौन कहां है, बस कांड प्रकाश में आना चाहिए नाम नहीं। बाकी तू समझदार है।


अजय:- येस बॉस। जैसा आप कहें…


दृश्य का टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट अारुब को लिंक मिलते ही, वो भी तुरंत सर्वर से कनेक्ट हो गया। दृश्य अपनी पूरी टीम के साथ कंट्रोल रूम की सर्विलेंस ले ही रहा था, कि अजय और लोकेश के बीच की चल रही बातों का पता चला। उसके आखों में तो जैसे खून उतर आया हो…. "आज से पहले किसी को मारने की तलब इतनी तेज नहीं थी। आरूब पूछ जारा तेरा बॉस बक्शी इंटरेस्टेड है कि नहीं अपने साथ काम करने के लिए।"


अारूब:- भाई बक्शी सर को लाइन पर ले रहा हूं….


बक्शी:- क्या हुआ चैम्प, कोई समस्या है क्या?


दृश्य:- देखो सर मेरा भेजा फ्राय मत करो, कितने लोग भेज रहे हो जल्दी बताओगे, ताकि मै यहां प्लान करूं।


बक्शी:- यार तेरा क्या है तू उन वीरदोयी से तो निपट लेगा, लेकिन मैं उन वीरदोयी से निपटने के लिए कितने लोगों को भेजूं, वो समझ में नहीं आ रहा।


अारूब:- सर आप टीम मत भेजो, अपने पास कितने स्नाइपर है वो बताओ।


बक्शी:- डिपार्टमेंट में तो इस वक़्त 4 है।


अारूब:- क्या सर, कल इस लोकेश को 3 एरिया में टारगेट को एलिमिनेट करना था तो 6 स्निपर भेजे थे और आप के पास 4 है।


बक्शी:- प्लान क्या है वो बताओ, फिर मै सोचता हूं।


अारूब:- टोटल 120 वीरदोयी है। 10 के समूह में ये 8 अलग-अलग ठिकाने पर है। हमने इनके बीच का संपर्क प्रणाली तो हैक कार लिया है, लेकिन इनका अलार्म सिस्टम मैनुअल है, साथ में वाकी भी है। जिस जगह को भी हम साफ करेंगे वो एक साथ साफ करना होगा।


बक्शी:- हम्मम ! मतलब 10 स्निपर चाहिए वही ना। ठीक है मै होम मिनिस्टर से स्पेशल परमिशन लेकर अलग-अलग डिपार्टमेंट से अरेंज करता हूं। वैसे ये 80 लोग है, और बचे 40 लोग।


अारूब:- उन 40 का जिम्मा अपने भाई और उसके भाई की माथा पची है, क्योंकि वो बचे 40, कंट्रोल रूम से लेकर वहां के महल तक फैले है जिसे सामने से खत्म किया जाना है।


बक्शी:- सामने से खत्म करोगे और वो कहेगा आओ और मुझे मारकर निकल जाओ। क्या आर्म्स नहीं होंगे उनके पास।


अारूब:- कंट्रोल रूम और महल के आसपास किसी को भी हथियार रखने की अनुमति नहीं है। इमरजेंसी के लिए ये लोग हथियार अम्मुनेशन सेक्शन से लेंगे, जिसे हम लॉक कर चुके होंगे।


बक्शी:- ठीक है मै 10 स्नाइपर भेजता हूं, और साथ में 20 कचरा साफ करने वालों को। याद रहे कुछ भी करके इस लोकेश का चेप्टर एंड होना चाहिए, और इतने बड़े ऑपरेशन को हमने अंजाम क्यों दिया है उसकी ठोस वजह मुझे कल तक अपने टेबल पर चाहिए होगी। कमांडिंग ऑफिसर तुम ही होगे अारूब, इसलिए हर एक कि जिम्मेदारी तुम्हारी होगी।


दृश्य:- सर कचरा साफ करने के लिए 40 तेज ऑफिसर चाहिए। 20 मत भेजना।


बक्शी:- ठीक है हो जाएगा। 1 घंटे के अंदर पूरी टीम तुमसे संपर्क करेगी।


बक्शी ने जैसे ही कॉल डिस्कनेक्ट किया, दृश्य… "आदिल अपनी टीम स्टेटस बताओ।"


आदिल:- भाई 10 ट्रेंड फाइटर है और 10 स्नाइपर।


दृश्य:- आदिल, अप्पू तुम्हे अब लीड करेगा। अप्पू तेरे पास अब 20 स्निपर और 50 लोग है। काम हो जाएगा।


अारूब:- 20 स्नाइपर का मतलब है कब मौत उन्हें अपने सिकांजे में घेर लिया उन्हें पता तक नहीं चलेगा। काम खत्म करके संदेश भेजता हूं भाई।


पूरी तैयारी हो जाने के बाद दृश्य अपने साथ निम्मी और अश्क को लेकर चल दिया। दृश्य अपने चलने के साथ ही अपस्यु को सूचित कर दिया। सुचना मिलते ही अपस्यु ने लोकेश को कॉल लगाया…. "जी अपस्यु सर कहिए"


अपस्यु:- मै प्रताप ग्रुप के मालिक साहिल प्रताप को लेने जा रहा हूं। अपने सीमा को खुलवाकर रखो।


प्रताप ग्रुप और साहिल प्रताप का नाम बहुत बड़े उद्योगपति में आता था, ऊपर से प्रताप फैमिली राजस्थान की बहुत रेपुटेड परिवार था। लोकेश तो कनेक्शन देखकर ही चकरा चुका था। हालांकि दृश्य का नाम सुनकर तो लोकेश के वीरदोयी भी चक्कर खा जाते, लेकिन फिलहाल अभी तो दृश्य को छिपाकर रखना था।


शाम के 6.30 बजे तक दृश्य, अश्क और निम्मी के साथ महल में था। कैप ने नीचे अपना चेहरा छिपाए दृश्य सीधा अपस्यु के कमरे में पहुंचा।… "क्या भाभी, लुकिंग हॉटी, कहां बिजली गिराने आयी है।".. कमरे में पहुंचते ही अपस्यु ने अश्क से कहा।


अश्क:- दृश्य, बहुत बदतमीज है ये तुम्हारा भाई।


दृश्य:- क्या ही कर सकते है, एक तो भाई है ऊपर से डेविल ग्रुप का मुखिया, अब इससे पंगा कौन लेगा।


अश्क:- आज जारा मै व्यस्त हूं वरना इसे मै बताती…


"क्या भाभी… उमाम्मम्मह … बहुत ही गजब ढा रही हो"… आरव भी कमरे में आते कहा.. अब अश्क वो भी क्या रिएक्ट करे। पहले अपस्यु अब आरव ने छेड़ दिया। अश्क आरव के साथ आए सभी लोगो को एक बार देखी और कहने लगी…


"हीहीहीही… ये दोनो भाई पागल है। लेकिन जरा देखूं तो ये साथ ने कौन आया है इनके साथ.. ये है मेरी नंनद कुंजल, और ये दूसरी है स्वास्तिका… एक जिसे मै नहीं पहचान पा रही, ये मुंह लटकाए कौन खड़ा है।"..


अपस्यु, अश्क के कान में निम्मी और पार्थ की पूरी कहानी संक्षिप्त में समझाकर हटा। अश्क निम्मी और पार्थ के देखकर एक बार मुस्कुराई और अपस्यु के कान में वो भी धीमे से कहने लगी… "इनका जोड़ा लगाना के लिए हम सब मिलकर कोशिश करेंगे।".. पार्थ के लिए खुश होकर अपस्यु, अश्क के गाल को चूमते हुए… "लव यू भाभी" कहते पीछे हटा।


दृश्य:- सुनो अश्क, तुम ये अपस्यु के आस पास ना रहा करो। ये तो तुमसे मिलते ही तुम्हे चूमने लग जाता है। ..


दृश्य अभी अपनी बात समाप्त ही किया था, कि इतने ने दरवाजे से दो खूबसूरत कन्या अंदर आयी, एक ने तो कुछ नहीं किया लेकिन दूसरी ने खींच कर एक तमाचा जड़ दिया दृश्य को।


जैसे ही दृश्य को थप्पड़ पड़ा, वैसे ही सभी लोग एक्शन में आ गए, सिवाय अपस्यु और ऐमी के। उन दोनों ने काया को अपने बीच में लिया और गुस्साए लोग को किनारे होकर शांत खड़ा रहने के लिए कहने लगा… तभी दृश्य, गुस्से में आखें लाल किए… "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे मारने की।"… तभी दृश्य के दूसरे गाल पर काया ने एक और तमाचा चिपका दिया।


दृश्य गुस्से में खड़ा काया को घूरता रहा… "दोबारा अगर मेरे बच्चे वैभव को यदि अपस्यु और ऐमी के पास से ले जाने की कोशिश भी किए, तो मैं तुम्हे जान से मार दूंगी। वो सिर्फ मेरा और सिर्फ मेरा बच्चा है, कभी अपने बाप होने की धौंस उसपर मत दिखाना।"..


अभी जो सबके गुस्से की भावना थी, वो एकदम से आश्चर्य के रूप में बदल गया, और सबसे ज्यादा इस वक़्त गुस्सा तो अश्क को आ रहा था, वो भी दृश्य पर…. अश्क दृश्य को आखें गुर्राती…. "वो तुम्हारे बच्चे की मां बन गई और तुम्हे याद भी नहीं।"…


दृश्य:- नहीं क्यूटी मुझे तो पुरा याद है…


अश्क:- ठीक है नाम बताओ इसका..


दृश्य:- हाय निल कैसी हो, कभी सोचा ना था तुमसे दोबारा मुलाकात होगी…


अश्क, दृश्य पर झपटती हुई…. "इसकी हिम्मत तो देखो, मेरे ही सामने कैसे हंसकर बात कर रहे। कुछ दो मेरे हाथ में इन्हे मारने के लिए।"


ऐमी:- क्या दीदी आप भी पुरानी बातों को कुरेदने लगी। काया प्लीज क्या तुम यहां से जाओगी।


काया:- हां मेरा काम तो हो गया। बस नील अपने बच्चे को देखने के लिए व्याकुल थी, तो मै यहां ले आयी।


ऐमी, अश्क से…. "दीदी वो बस अपने बच्चे को देखने की चाहत में आयी है। आप प्लीज शांत हो जाओ।"


अपने सामने अपनी 2 सौतन को देखकर भला अश्क क्यों शांत हो। गुस्से में वो कमरे के बाहर चली गई। इधर दृश्य काया से माफी मांगते हुए कहने लगा…


"हम दोनों ही एक लंबे साजिश में फसे थे। तुम्हे तो सच्चाई पता भी थी, लेकिन मुझे और अश्क को तो कुछ और ही सच्चाई से अवगत कराया गया था। तुम यकीन मानो, यदि मुझे पता होता की बच्चा उन्हें एक्सपरिमेंट के लिए चाहिए तो तुम्हे ये दिन ना देखने परते। मेरे नाक के नीचे था वो कमीना डॉक्टर भार्गव।खैर उस दौड़ में बहुत सी गलितियां भी हुई, और मै हमेशा अपने भाई अपस्यु का शुक्रगुजार रहूंगा, क्योंकि वो मेरी हर गलत को चुपचाप सही करते चला गया।


नील:- ओय गलत तरीके से तुमने और काया ने मिलकर बच्चे पैदा किए थे, इसमें मुझे मत समिल करो। मैंने जो भी किया वो अपनी इक्छा से और बिल्कुल होश में। हां बस उनकी क्रूरता और नीयत को देखकर कभी अपने बच्चे को उनके बीच पालते नहीं देख सकती थी, इसलिए तुम्हे दे दी। पहले जाकर अपनी नकचढ़ी पत्नी को संभालो दृश्य। खुद ही 2 बच्चे देने की शर्त पर हामी भरी थी, लेकिन आज भी वो दोष तुम्हे ही दे रही।


दृश्य:- जब रिश्ता गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड का होता है, तब तो किसी लड़के या लड़की को बर्दाश्त ही नहीं होता कोई भी दूसरा संबंध, फिर तो वो मेरी पत्नी थी। फोन लाइन के उस ओर से उसने मुझसे कहा था सब करने, वो भी बिना ये जताए की उसके दिल पर क्या बीती होगी। उसके हर नखरे मुझे उम्र भर मजूर है। वैसे भी उसे मनाने का मज़ा ही कुछ और है।


नील हंसती हुई…. "हां मै ये बात जानती हूं। वैसे 6.30 बज रहे है, उम्मीद है तुमलोग यहां घूमने तो नहीं ही आए होगे।


अपस्यु:- जी हम बिल्कुल शेड्यूल से है। स्वास्तिका तुम दृश्य भईया निम्मी का जारा चेहरा ऐसा मस्त खिला सा बनाओ की कोई पहचान ना पाए। एक टफ बिजनेसमैन लुक और उसकी कमाल कि पीए। ऐमी तुम भाभी को के साथ बैठकर उन्हें मोबाइल ऑपरेटिंग कमांड सिखाओ, ताकि रियल टाइम में वो हमे कंप्लीट टेक्निकल सपोर्ट दे सके। आरव कुंजल तैयार होकर आधे घंटे में सब इसी कमरे में इकट्ठा हो जाओ.. 8 बजे से एक्शन शुरू होगा और हम लाइव कवरेज देखेंगे। सब जल्दी,जल्दी.. और हां काया तुम भी हमारे साथ पार्टी में चलोगी, आज तुम्हारा और अजय का भी हिसाब किताब सैटल कर दूंगा। चलो चलो सब निकलो…


सबके निकलते ही अपस्यु ने नीचे रिसेप्शन पर कॉल लगाया, छोटे से बार का सारा सामान उन्हें ऑर्डर करके जल्दी से रूम में भिजवाने के लिए बोल दिया। इधर हर किसी के कमरे में अपस्यु ने अपना एक ड्रिंक पहले से भिजवा चुका था। सेल रिप्लेसमेंट थेरेपी वाली वो माइक्रो लिक्वड के साथ न्यूरो एनरज़ाइजर.. ऐसा कॉम्बो जो खुद से कहीं ज्यादा शरारिक क्षमतावान दुश्मनों से लडने के लिए तैयार किया गया था।


बक्शी से लेकर अपस्यु तक सबको पता था कि, वीरदोयी ऐसे लोगों का समूह है जो एक साइंटिस्ट के एक्सपेरिमेंट का नतीजा है। लगभग 20 गुना तक उनकी शारीरिक क्षमता इस कदर बढ़ाई गई थी, जबतक एक सामान्य क्षमता वाले लोग रिस्पॉन्ड करते, ये वीरदोयी अपना काम खत्म करके, दूसरे पर ध्यान दे चुके होते।


न्यूरो एनरज़ाइजर के बारे में भी अपस्यु को गुरु निशी से ही पता चला था। एक बेहद दुर्लभ जड़ी-बूटी जो गुरु निशी अपने शिष्यों पर अत्यंत ठंड में इस्तमाल करते थे। इस जड़ी बूटी के परिणाम और दुष्परिणाम दोनो ही गुरु निशी अपस्यु से चर्चा करते थे। हालाकि दुष्परिणाम सामान्य से थे, लेकिन इंसानी शरीर में इस जड़ी-बूटी के लगातार सेवन से इसके लत लगना लाजमी था। ठीक कोकीन और अफीम की तरह, लेकिन ये जड़ी बूटी कोकीन और अफीम जैसी बिल्कुल नशीली नहीं थी।


न्यूरो एनरज़ाइजर के इस्तमाल और परिमाण की आकलन करे तो, इस जड़ी बूटी के कारन शारीरिक क्षमता कई गुना तक बढ़ाई जा सकती थी, वो भी कोकीन और चरस के मुकाबले बिल्कुल निम्न दुष्परिणाम के। इस जड़ी-बूटी का लगातार इस्तमाल इसलिए भी नहीं किया जा सकता था क्योंकि यह अति दुर्लभ जड़ीबूटियां में से एक थी, जिसके सेवान की लत अपस्यु को काफी दुख दे जाती।


दृश्य को छोड़कर हर किसी ने उसका सेवन किया। आराम से मस्त होकर तैयार हुए। इधर ऐमी अश्क के पास बैठकर कुछ टेक्निकल डिस्कसन कर रही थी, कुछ आसान से कमांड बताने के बाद वो अश्क के साथ बैठी…. "क्या हुआ दीदी, इतना भी किस सोच में डूब गई।"..


अश्क:- वो एक दौर था जो गुजर गया। गलतियां हम दोनों से हुई, लेकिन आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ होगा की दृश्य ने एक ही बात के लिए 4 बार नाराजगी जताई हो, और देख ना मैंने दृश्य से यहां भी झगड़ा कर लिया।
 
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:superb: :good: amazing update hai nain bhai,
behad hi shandaar aur lajawab update hai bhai,
ye lokesh to nandani ki photo dekh kar kuchh jyada hi uchhal raha hai, ise abhi pata hi nahin hai ki apasyu ne iske saamne chaara dala hai,
Ab dekhte hain ki aage kya hota hai
Waiting for next update
Haan bechare ke aage chara jo dal diya gaya tha.. ek khel jo shuru ho gaya hai.. dekhiye iska anjaam kahan kya hota hai aman bhai :declare:
 

nain11ster

Prime
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Excellent story Nain bhai....
Sab kirdar ko aapne bahut achhe tarike se plot kiya hai....
Apasyu aur Ami ki jodi ka kya kehna.....
Aapne Drish aur Ashk ko dikhakar fir se ek bar "Kuch nehi tere bin" ki uss yadon ko jinda kar diya....
:thanks: a lot ....
Shukriya Aryan bhai... Mujhe pahle 3 din tak KNTB khud padhna padha tha ... Fir loop dhundhne pade the tab kahin jakar itna satika baitha tha .. .. thanks a lot aur apne vicahr dete rahiyega :hug:
 
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Black water

Vasudhaiv Kutumbakam
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Update:-121







अपस्यु:- बस मुझे इतना ही जानना था, बाकी खेल तो शुरू हो ही गया है, मज़े लो बस…


मेघा:- हां मै तो पॉपकॉर्न के साथ मज़े लूंगी इस सह और मात के खेल का। वैसे तुम्हे डर नहीं लग रहा।


अपस्यु:- अपना डर दूर करने ही तो मैदान में उतरा हूं.. वरना मुझे क्या परी थी।


मेघा:- जिंदा रहे तो फिर मज़े करेंगे डार्लिंग। अब मैं चलती हूं।


मेघा वहां से निकल गई और अपस्यु अपने सिगरेट का धुआं उड़ाते कुछ सोच में डूबता चला गया। एक छोटे से चिंतन के बाद अपस्यु मुक्ता अपार्टमेंट से अपने फ्लैट लौटा और श्रेया को मिलने का आमंत्रण दिया।


श्रेया किसी घायल शेरनी की तरह पगलाई अपस्यु का इंतजार कर रही थी। जैसे ही वो मिलने के लिए फ्लैट में घुसी, ना कोई बात ना कोई वार्निग, सीधा फायरिंग शुरू कर दी। गुस्से में पगलाई श्रेया ने जैसे ही पुरा मैग्जीन खाली किया अपस्यु ने उसे तेजी से पकड़ा।….


श्रेया खुद को छुड़ाने के जद्दो जेहद में लग गई। काफी कोशिश के बाद जब वो नाकाम सी महसूस करने लगी, छटपटाने बंद करके वो स्थिर हो गई और तेज-तेज श्वांस लेती श्रेया गुस्से में पागल होकर इधर-उधर देखने लगी….


अपस्यु अपने हाथों की पकड़ बनाए….. "तुम मुझे जान से मारने कि कोशिश कर रही हो, लेकिन मार नहीं पा रही। कहीं मैंने सोच लिया तो तुम्हारे साथ-साथ यहां रह रही तुम्हारी पूरी टीम भी साफ हो जाएगी। बेहतरी इसी में है कि हम बैठकर बातें कर ले।"


श्रेया अपनी पिस्तौल नीचे गिराती हुई "हां" कही और अपस्यु ने उसे छोड़ दिया। ख़ामोश होकर वो हॉल में बैठी… "बताओ क्या बात करनी है।"


अपस्यु:- ये सीधा गोली मारना कहां से सीखी।


श्रेया:- जब खून सवार होता है तो सीधा गोली ही मारी जाती है, बातचीत तो समझौते का रास्ता खोलती है।


अपस्यु:- और खून क्यों सवार हो गया तुम्हारे सर पर..


श्रेया:- मेरे 5 लोग को बड़ी बेरहमी से मारने के बाद ऐसा पूछ रहे, कमाल हो गया ये तो।


अपस्यु:- वो तुम्हारे लोग थे और तुम मेरे पीछे हो, ये मुझे अगले दिन पता चला, इसलिए इसका दोष मुझपर ना ही दो तो अच्छा है। मेरे सामने भी मुझे और ऐमी को जान से मारने कि कोशिश हुई थी। तुम्हारे 5 लोगों को जान से मारने का अफ़सोस है, लेकिन मुझे फसाने के लिए तुमने गलत रास्ता चुना था। अगर कुछ इतना ही जरूरी था तो सीधा बात कर लेती, उस जगदीश राय को मारने के लिए भी मुझे सोचना पड़ता क्या?


श्रेया:- आई एम् सॉरी। मैं एक तरफा सोचकर ही सब गड़बड़ कर गई।


अपस्यु:- उन 5 लोगों की फैमिली डिटेल मुझे दे देना। उनका कर्जदार हूं मै, क्योंकि योजना तुम्हारी थी और पीस गए गलत लोग, जिन्हें मौत तो नहीं ही मिलनी चाहिए थी, क्योंकि वो ऑर्डर फॉलो कर रहे थे।


श्रेया:- मेरे टीम के लोग थे इसलिए मै मौत का बदला ले रही थी बस, बाकी मुझे कोई गिल्ट नहीं उन 5 के मरने का। सच मानो तो 10 और ऐसे लोग है, जो मेरे टीम से चले जाए तो शायद उनके मरने का बदला मै ले लूं, लेकिन उनके जीने से ज्यादा उनके मरने कि ही ख्वाहिश दिल में है।


अपस्यु:- एक खतरनाक टीम लीड करने वाली की इतनी भावनाएं। हुआ क्या था, जो इन 15 से लोगों से तुम नफरत करती हो?


श्रेया:- कुछ बातें ना ही जानो तो अच्छा होगा। खुद को बड़ी हिम्मत से खड़ा किया है, तुम्हारे कहे शब्द और एक दोस्त की तरह मुझे समझना, मुझे फिर से किसी और दौड़ में ले जाएगा। इसलिए मेरी इतनी रिक्वेस्ट मान लो। और हां, आई एम् ए बैड गर्ल, इसलिए मेरे किसी दिमागी फितूर के कारन मुझे जान से मारना पड़े तो अफ़सोस मत करना, बाकी मुझे यदि तुम्हे मारना होगा तो पहले तुम्हे मारूंगी और बाद में थोड़ा सा अफ़सोस कर लूंगी।.. हीहीहीहीही…


अपस्यु:- पूरे पागल हो तुम !


श्रेया:- सो तो हूं। अब छोड़ो इन सब बातों को, सीधे मुद्दे पर आती हूं। तुम मेरे बारे में जानते हो और मै तुम्हारे बारे में, सो अब ये लुका-छिपी का खेल क्यों? सीधे बात करते हैं।


अपस्यु:- मै भी यही सोचकर पब में सब ओपन कर दिया था।


श्रेया:- मेरी ट्रेनिग एक कातिल के रूप में हुई है। हमारी टीम अबतक 4 काम को चुपचाप अंजाम दे चुकी है, लेकिन हमलोग 2 टारगेट में फंस गए। 2 टारगेट में फसना भी गलत होगा, जगदीश राय को ही मारने में इतने बुरी तरह से असफल हो गए की दूसरा टारगेट तो उससे कई गुना हाई लेवल का है। हम लोग जब जगदीश राय की फील्डिंग कर रहे थे, तब मैंने तुम्हारा जलवा देखा था, उसके अंडरग्राउंड फाइट क्लब में। जहां पर कोई जगदीश राय के खिलाफ कुछ करने की सोच नहीं सकता, उस जगह तुम 2 लोग सामने से अंदर घुसे और अपना काम करके निकल गए।

"हम लोग तो दंग ही हो गए थे ये सब देखकर। हमारी, जगदीश राय को मारने कि पहली प्लांनिंग ही चल रही थी, और जोश इतना था कि हमने जीत जश्न में इतना ही कहा था… "जब दो लोग सामने से घुसकर इतनी तबाही मचा सकते हैं, फिर हमारे पास तो एक पूरी टीम है।"

"वक़्त बीतता रहा लेकिन जगदीश राय क्या चीज है, हमे समय-समय पर पता चलता रहा। हम समझ चुके थे कि ये जगदीश राय हमसे बहुत ऊपर की चीज है इसलिए फिर हमने तुम्हे ढूंढ़ना शुरू किया। केवल 2 मकसद थे, तुम्हे समझकर अपने साथ मिलाना या साथ मिलकर काम करने लायक नहीं हुए तो तुम्हे फसाकर काम निकलवाना। बेसिकली हमारी पूरी टीम ही इस मामले में कच्चे है, किसी को फसाकर काम निकलवाने में हम लोग फिसड्डी साबित हुए।"

"मेरे काम के अंदाज़ से तो तुम समझ ही चुके होगे कि ये हमारा पहला हाई केवल काम था और तुम्हे जाल में फंसाकर हमे 2 बड़े टारगेट एलिमिनेट करने का काम मिला था। एक को तो तुमने साफ कर दिया। अब बस अपना एक हाई क्लास टारगेट एलिमिनेट करवाना है।"


अपस्यु:- नाम बताओ, यदि अनैतिक नहीं होगा तो मै ये काम कर दूंगा।


श्रेया:- मैं जानती हूं तुम्हारे काम करने के तरीके को। मेरे टारगेट का नाम सुनकर तुम मना नहीं कर सकते इस काम को।


अपस्यु:- नाम, काम और दाम बताओ।


श्रेया:- लोकेश प्रताप सिंह.. कीमत तुम खुद बता दो।


अपस्यु:- हम्मम ! ठीक है अगले 3 दिन में यह काम जो जाएगा। उम्मीद है तुम और तुम्हारी टीम का काम यहां खत्म हो गया, सो तुमलोग अपने ये रेंट का फ्लैट छोड़कर आराम से निकल जाओ, और इस काम के बाद ना तो मै तुम्हे जानता हूं, और ना तुम मुझे। इस काम कि कीमत होगी 50 करोड़।


श्रेया:- लेकिन तुम्हारी कीमत तो 2 करोड़ हुआ करती है ना।


अपस्यु:- लोकेश राठौड़ इतनी बड़ी मछली है कि तुम तो 100 करोड़ निकलवाओ अपने बॉस से, 50 तुम्हारे और 50 मेरे। और हां, हम दोनों एक दूसरे के बारे में जानते है, ये किसी को भनक भी नहीं लगने देना।


श्रेया:- कीमत ज्यादा है पहले उसपर बात जर लें, फिर दूसरी चर्चा भी हो जाएगी।


अपस्यु:- इसलिए मैं लड़कियों के साथ डील नहीं करता, यहां भी बारगेनिंग।


श्रेया:- सो तो है। तो डील कुछ ऐसी है कि तुम्हे में 10 करोड़ दिलवाती हूं।


अपस्यु:- 50 करोड़ से सीधा 10 करोड़, ये कैसी बारगेनिंग है।


श्रेया:- लवली बारगेन है। आज तुम्हारा पीछा करके मै जान गई हूं कि तुम्हारा भी वही टारगेट है जो मेरा है। मै 10 करोड़ ना भी दूं तो भी ये काम तुम करोगे। सो पैसों की डील तय हो गई। अब आते हैं दूसरे हिस्से पर। तुम मेरी सच्चाई नहीं जानते। ठीक है तुम मेरी सच्चाई नहीं जानते, लेकिन इस डील के लिए मैंने तुम्हे राजी कैसे किया। सो एक दमदार एग्जॉटिक प्ले होगा और तुम मेरे बिछाए हुस्न के जाल में फस गए।


अपस्यु:- मुझे तुम्हारे साथ फिजिकल होने में कोई ऐतराज नहीं, लेकिन तुम्हे ये जरूरी लगता है तो अभी कर लो, वरना मुझे काम पर फोकस करना है।


श्रेया:- हम्मम ! कोई नहीं, ठीक है इस बार बच गए लेकिन मै अपनी डिजायर तो कभी ना कभी पूरी कर ही लूंगी। अलविदा दोस्त फिर शायद ही हम कभी मिले।


अपस्यु 2 मीटिंग समाप्त कर चुका था लेकिन रात के इस प्रहर में अंदर से हृदय थोड़ा कमजोर सा पड़ता जा रहा था। जिंदगी में पहली बार उसे डर का आभास सा हो रहा था। अपस्यु एक बहुत बड़े खेल का हिस्सा बन तो गया था, लेकिन आने वाले पल की कल्पना अपस्यु के अंदर डर का माहौल बनाए हुए थे।


अपस्यु को भले ही खेल शुरू होने से पहले, अनचाहे डर ने उसे घेर रखा था, लेकिन लोकेश अपनी मकसद को पूरा करने के लिए पूरे जोर से आगे बढ़ना शुरू कर चुका था। सुबह जिस नंदनी रघुवंशी का चेहरा, लोकेश ने अपस्यु के मोलबाइल में देखा, रात तक उसकी और उसके पूरे परिवार की डिटेल सामने थी।


12 अगस्त की रात विक्रम और लोकेश मीटिंग हॉल में बैठकर नंदनी की पूरी डिटेल देख रहे थे…. "पापा क्या यही है आप की बहन"..


विक्रम:- सौ फीसदी यही है नंदनी रघुवंशी।


लोकेश:- ठीक है पापा फिर कल दिन में उनके यहां आने की स्वागत कीजिए। अब अपना पुरा दाव खेलने का समय आ गया है।


विक्रम:- लोकेश वो सेंट्रल होम मिनिस्टर है , उसपर हाथ देने का मतलब तुम समझ रहे हो।


लोकेश:- पापा, जब विपक्ष अपने साथ हो, उसके पार्टी के कई नेता अपने साथ हो, पुरा मामला मायलो ग्रुप के मालिक और सेंट्रल होम मिनिस्टर के बीच का होना है, फिर आप चिंता क्यों करते है? अब आप समझे की हमे नंदनी रघुवंशी की इतनी जरूरत क्यो थी?


लोकेश के इस छोटे से मीटिंग के बाद, सबसे पहले अपस्यु और उसके परिवार पर ही गाज गिरने की तैयारी शुरू होने लगी, क्योंकि लोकेश के अपने सबसे बड़े दाव के लिए नंदनी रघुवंशी का उसके पास होना जरूरी था और 12 अगस्त की पूरी रिसर्च के बाद 13 अगस्त, दिन के 2 बजे तक उसे हर हाल में नंदनी रघुवंशी अपने बेस पर चाहिए था।


गोवा से लेकर मुंबई और मुंबई से लेकर दिल्ली तक, अपस्यु और उसके परिवार के नाम की लिस्ट निकल चुकी थी। हर जगह के लोकेश के पाले प्रोफेशनल पहुंच चुके थे और सबका काम और टारगेट बांट दिया गया था। एक रात और जीने की गुंजाइश के बाद, नंदनी के सारे परिवार को दिन के 2 बजे तक समाप्त करके नंदनी को राजस्थान लाने कि सारी तैयारियां हो चुकी थी।


सुबह के लगभग 5 बजे से ही हर कोई फील्डिंग लगाकर बैठ चुका था। गोवा में आरव और लावणी एक हसीन रात बिताने के बाद सुबह के 5 बजे, मोरजिम बीच घूमने के लिए निकले थे। हाथों में हाथ थामे एक और हसीन सुबह लुफ्त उठाने। दोनो जैसे ही अपने रिजॉर्ट से बाहर निकले, खबरी ने तुरंत यह संदेश आगे तक पहुंचाया।


एक चेन के माध्यम से खबर लोकेश के ऑपरेटिंग रूम तक पहुंची, और वहां का ऑपरेटर अजय लाइव वीडियो फुटेज ऑन करके टारगेट को एलिमिनेट करने का हुक्म दिया। 2 स्नाइपर और 7 गनमैन फाइटर के साथ ये लोग भी मोरजिम बीच के पास, जंगल झाड़ियों में अपना ठिकाना बनाया।


शूटर 1:- लड़का मेरे निशाने पर है।
शूटर 2:- उसकी कमाल कि हॉट गर्लफ्रेंड मेरे निशाने पर है।


लोकेश के कंट्रोल रूम का ऑपरेटर अजय…. "दोनो टारगेट को खत्म करो"…


इधर फायरिंग के आदेश आए और उधर 9 लोगों की भीड़ में कौतूहल का माहौल हो गया। वीडियो आरा तिरछा आ रहा था, किसी की कमीज़ दिख रही थी तो किसी की पैंट। आवाज़ से इतना तो समझ में आ रहा था कि उस जगह पर मारपीट हो रही थी, लेकिन कौन किसको मार रहा था कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था।


तकरीबन 10 मिनट बाद वहां से ऑडियो और वीडियो दोनो आने बंद हो गए। ऑपरेटर हेल्लो, हेल्लो करता रह गया, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया। ऑपरेटर अजय से जब ये गुत्थी नहीं सुलझी, तब वो आनन फानन में गोवा के लोकल गैंग से संपर्क किया और 2 करोड़ की एक डील तय करके आधे पैसे उन तक पहुंचा दिए।
Fabulous update bhai
Arab and lavni game bajane walo ke sath kya hua dekhna padega super
 
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nain11ster

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to kar hi diya dono kahaniyon ko link

bahut badhiya reunion raha

idhar lokesh ko bhi nandini ki tasvir ke bad puri jankari bhi dekar jaal me ghuskar fans jane ke liye push kar diya

keep it up
Hahaha ... Apna universe banana hai kamdev babu ... Isliye ek dusre ko kirdar jante rahen to jyada impact karta hai sath lekar yadi koi kahani plan karo to :)..

Baki Loki ka chepter aaj open ho gaya hai... Ups and down ke liye update padhe .. aur padhkar apne vichar jaroor tang de
 

nain11ster

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Both Shreya and Amy are taking out anger in their minds for each other. :laugh: Shreya still does not understand Apasyu and Amy properly. How suddenly Aarav is kidnapped and the kidnapper is Apasyu's cousin. :shocked: Pallavi Bhabhi... :D
The flashback was also very good and We came to know about the child Sinha Ji adopted. The enemy team also included Nimmi, but why? ?Bhabhi and Dewar have done amazing action together. Had fun. :jump:
As always the update was great, You are writing very well, Now let's see what happens next, Till then waiting for the next part of the story.

Thank You...

???
Hahaha .. dever bhabhi par bahut lage huye hain aakash babu .. baat kya hai... Pahle pallavi ke naam se dant nikal liye ... Fir Ashk ke naam par uchhal rahe... Aaj kal dever bhabhi jyada to na padh rahe :D
 
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