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Romance भंवर (पूर्ण)

aman rathore

Enigma ke pankhe
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Update:- 118



कंचन:- अब तुम्हे क्या हुआ, ऐसे भागी क्यों?..


ऐमी:- मासी मेरी कमर लाल हो गई और आप पूछ रही है क्या हुआ। आपका बेटा छेड़खानी कर रहा है।


कंचन, अपस्यु को घूरती हुई…. "एक बात बता, इतनी बड़ी-बड़ी बातें करने वाला इतना बेशर्म कैसे हो सकता है। मै यहां खड़ी हूं और जारा भी लिहाज नहीं।"..


दृश्य और अश्क, दोनो (अपस्यु और ऐमी) को देख रहे थे और इन दोनों को देखते हुए, उन्हें अपने भी पुराने दिन याद आ गए। दोनो एक दूसरे के करीब, और करीब होते चले जा रहे थे। कंचन का इधर अभी पुरा फोकस अपस्यु पर ही था, तभी अपस्यु चिल्लाते हुए कहने लगा…. "मासी वो देखो दोनो को, और आप मुझे डांट रही थी।"…


छोटी छोटी नोक झोंक के बीच हंसी मज़ाक का काफी लंबा दौड़ चलता रहा। इसी बीच आधे घंटे की निजी मुलाकात दृश्य और अपस्यु के बीच भी हुई, जहां एक बार फिर दोनो के रास्ते मिल रहे थे। अपस्यु पूरी बात समझकर एक छोटी सी योजना पर दोनो साथ मिलकर काम करने के लिए राजी हो गए।


एक सुखद मुलाकात थी ये अपस्यु के लिए। जब वो वापस लौटा, तब उसकी मां का पूरा इतिहास उसके सामने था। उसकी खुशी उसके चेहरे से झलक रही थी जिसे ऐमी भी महसूस करते जा रही थी।


कुछ दिन अपस्यु और ऐमी के लिए काफी रोमांस और रोमांच से भड़ा परा था, जिसमें वो दोनो खुलकर जीने के एक अलग ही एहसास में डूबे हुए थे। वहीं श्रेया दोनो को देखकर अजीब ही कस-म-कस में दिख रही थी। श्रेया और उसकी पूरी टीम कितने भी नतीजों पर क्यों ना पहुंचे, लेकिन यह तय नहीं कर पा रहे थे कि अपस्यु को उसकी सच्चाई पता है या नहीं है।


ऊपर से श्रेया पर उसके पापा का प्रेशर बढ़ता जा रहा था, जो जल्द से जल्द अपने दूसरे टारगेट को एलिमिनेट होते देखना चाहता था, जिसके लिए श्रेया और टीम को खुलकर काम करने लिए 50 करोड़ की राशि दी गई थी।


इसी बीच अपस्यु के आमंत्रण पर मेघा भी भारत पहुंच चुकी थी, जो कि विक्रम की मेहमाननवाजी स्वीकार करती हुई राठौड़ मेंशन में अपने भाड़े के सिपाही जेम्स हॉप्स और उसकी टीम के साथ ठहरी हुई थी। उसके दिमाग में भी बहुत गहरी साजिश कहीं दूर से पक रही थी, जिसका नतीजा सोचकर वो अपने पूरी टीम के साथ पहुंची थी।


हर कोई अपने दिमाग पर बोझ दिए बस हर दिन अपने योजना को सुदृढ़ करने में लगे हुए थे। 10 दिनों की छुट्टी में अब मात्र 3 दिन बच गए थे। ऐमी, अपस्यु को रोमांस के चले एक लंबे दौर से जगाती हुई ,अब काम पर ध्यान लगाने की सलाह देने लगी, और अपस्यु के लिए अब वक़्त आ चुका था हर किसी के योजना को समझने का।



12, अगस्त 2014 की सुबह…


अपस्यु और ऐमी दोनो ही सुबह-सुबह मेघा के कॉल पर उससे मिलने राठौड़ मेंशन निकल चुके थे। एक बहुत लंबा इंतजार और फैसले के घड़ी के इतने करीब, ऐमी और आरव जब वीडियो कॉल पर थे तब उनकी एक्साइटमेंट देखने बनती थी। ..


दोनो राठौड़ मेंशन के दरवाजे पर थे, और गार्ड ने उनको बाहर खड़ा कर अंदर कॉल लगा रहे थे। तभी उस वक़्त कुसुम पूजा करके मंदिर से लौट रही थी और जब उसने दरवाजे पर अपस्यु को खड़ा देखी, उत्साह से अपने गाड़ी से बाहर निकली….. "सर आप यहां खड़े क्यों है।"..


अपस्यु:- क्या करे बड़े लोगों की हवेली है, कुछ देर तो इंतजार करना ही पड़ता है।


"यहां आप से बड़ा कौन है।".. कुसुम जैसे अपस्यु के अभिवादन में अपने शब्द कहीं हो और खुशी से चिल्लाती हुई कहने लगी, जल्दी से दरवाजा खोला जाए। गार्ड ने तुरंत दरवाजा खोला और कुसुम अपस्यु का हाथ पकड़कर वहां के हर चीज का इतिहास बताती हुई उसे लेकर आगे बढ़ने लगी।


पीछे से ऐमी कार को पार्क करती, वो भी उनके साथ हो गई। ऐमी पर नजर पड़ते ही कुसुम मुस्कुराती हुई कहने लगी…. "क्या सर जब से इन्हे परपोज किया है, हर जगह साथ लेकर ही जाते हो।"..


ऐमी:- कुसुम, तुम सर के बदले अपस्यु को भईया कह सकती हो और मुझे भाभी। चलेगा ना।


कुसुम, अपना प्यारा सा चेहरा बनाती….. "बहुत दिन के बाद मै दिल से खुश हुई हूं। मै बयान नहीं कर सकती की मै कितनी खुश हूं भईया। आप को यहां देखना मतलब, ऐसा लग रहा है किसी भक्त के घर भगवान स्वयं चलकर आए है।"


अपस्यु उसकी बातें सुनकर हंसते हुए कहने लगा…. "पहले ठीक से इंसान तो बन जाऊं, और तुम मुझे भगवान बाना रही हो।"


तीनों बात करते हुये, राठौड़ मेंशन पहुंचे। हॉल में पहुंचते ही कुसुम चिल्लाती हुई सबको इकठा करते, सबको अपस्यु से मिलवाने लगी। हर किसी को लगा कि अपस्यु कुसुम के साथ आया है, लेकिन तभी मेघा बीच में आती हुई दोबारा सब को अपस्यु का परिचय कराते हुए कहने लगी कि यह वही लड़का है जो रुकी फैक्टरी का काम आगे बढाने का काम अपने जिम्मे लिया है।


कुछ देर अपस्यु से मिलकर सब चले गए। कुसुम के आग्रह पर ऐमी उसके साथ जाकर उसका घर देखने लगी। वहीं अपस्यु डियनीग टेबल पर अपना मोबाइल रखकर मेघा और लोकेश से प्रोजेक्ट क्लीयरेंस संबंधित बातें करने लगा।


इसी बीच नंदनी का कॉल अपस्यु के मोबाइल पर आया और उसी के साथ नंदनी की तस्वीर भी स्क्रीन पर दिखने लगी। रिंग बजते ही लोकेश और मेघा का ध्यान भी फोन पर गया। फोन पर फ़्लैश होती फैमिली फोटो पर जैसे ही लोकेश की नजर गई वो दोबारा तस्वीर देखने पर विवश हो गया।


अपस्यु फोन काटकर फोन को साइलेंट पर डाला और प्रोजेक्ट के अन्य परेशानी के बारे में समझाने लगा। इस बीच नंदनी के 2-3 कॉल आए। हर बार लोकेश का ध्यान अपस्यु के फोन पर ही रहता। अपस्यु अपनी बात खत्म करते हुए नंदनी का कॉल पिक किया और कुछ देर के बाद वापस हॉल में आया।


लोकेश:- प्रोजेक्ट पर अच्छा काम किया है तुमने। वैसे तुम्हारे पापा क्या करते है अपस्यु।


अपस्यु:- वो एक हादसे में मर गए थे।


लोकेश:- ओह माफ करना। वैसे तुम्हारे पापा का क्या नाम है?


अपस्यु:- जी स्वर्गीय भूषण रहुवशी।


लोकेश:- और तुम्हारी मां का नाम?


अपस्यु:- नंदनी रघुवंशी।


"अपस्यु एक काम करना तुम अपना बायोडेटा इसे दे देना, फिलहाल तुमसे कुछ सीरियस डिस्कस करना है, उम्मीद है तुम्हारे पास वक़्त हो।"… मेघा अपस्यु को साइड ले जाकर पूछने लगी।


अपस्यु:- हाहाहाहा… आज शाम से लेकर पूरी रात फ्री ही हूं, बस तुम कहीं बिज़ी नहीं हो जाना।


मेघा:- बिल्कुल नहीं डार्लिंग, शाम को मिलती हु, तैयार रहना…..


मेघा अपनी बात कहती हुई निकल गई। अपस्यु एक बार फिर लोकेश के पास पहुंचा…. "सॉरी सर वो मेघा मैम ने बीच में टोक दिया। आप कुछ पूछ रहे थे।"..


लोकेश:- नहीं, मै बस ऐसे ही पूछ रहा था, अच्छा लगा तुमसे मिलकर।


लोकेश आगे कोई भी बात ना करते हुए, तेजी के साथ वहां से निकलकर विक्रम के कमरे में पहुंच गया और इधर ऐमी भी घूमकर लौट आई थी। दोनो वापस निकले राठौड़ मेंशन से। कार थोड़ी दूर आगे बढ़ी होगी, ऐमी अपस्यु के जांघ पर अपना हाथ फेरती उसे पैंट कि जीप तक बढ़ाने लगी… "अरे, अरे अरे.. ये क्या जर रही हो स्वीटी"..


"फीलिंग हॉर्नी बेबी, इसलिए तुम्हे रिझा रही हूं।"… ऐमी बड़ी अदा से कहने लगी।

"आज मज़ा तो मुझे भी आ रहा है, और एक अंदर से उमंग तो है, लेकिन कार में"… अपस्यु बोलते बोलते रुका…


"बेबी जल्दी से मेरी ओर देखो ना।" … जैसे ही अपस्यु मुड़ा, ऐमी उसके होठों को चूमती…. "जल्दी से कार मुक्ता अपार्टमेंट लगाओ।".. इतना कहती ऐमी नीचे झुकी और अपस्यु के पैंट के बटन को खोलती उसके जीप को नीचे की। अपस्यु अपने कमर को हल्का ऊपर किया और ऐमी पैंट को सरकाती हुई उसके पाऊं में ले आयी।


जल्द ही उसके पूरे बाल अपस्यु के जांघ पर फैले हुए थे और अपस्यु का चेहरा ऊपर अजीब ही मादक एहसाह में डूबा हुआ था। थोड़े ही देर में वो मुक्ता अपार्टमेंट में थे। दोनो एक दूसरे को देखकर हंसते हुए, तेजी से कदम बढ़ाते फ्लैट के ओर चल रहे थे।


जैसे ही दोनो फ्लैट के अंदर हुए, अपस्यु ने दरवाजा बंद किया और ऐमी उसे खींचकर अपने ऊपर लेती, होंठ से होंठ लगाकर चूसने लगी। अपस्यु भी होंठ को चूमते हुए उसके जीन्स के बटन खोलने लगा। ऐमी, अपस्यु को चूमती हुई अपने हाथ नीचे ले गई और जीन्स खोलने में अपस्यु की मदद करती, तुरंत जीन्स को पैंटी सहित निकलकर बाहर फेंक दी।


अपस्यु भी ऐमी के जीभ को अपने जीभ से लगाए उसे लगातार चूमते हुए अपने हाथ को नीचे ले जाकर फोरप्ले करने लगा। चुम्बन के बीच में ही ऐमी ठंडी आहें लेती, अपने पंजे को अपस्यु के पीठ से जकड़कर, किस्स को तोड़ती हुई बदहवासी में कहने लगाई…. "बेबी ये दीवाल मज़ा नहीं से रहा, बिस्तर पर चलो।"..


अपस्यु अपने होंठ ऐमी के गले से लगाकर उसके चूमते हुए हटा और अपने बदन से कपड़े निकालते बिस्तर तक पहुंचा, ऐमी भी पीछे-पीछे वैसे ही पहुंचीं। जैसे ही बिस्तर के पास दोनो पहुंचे, ऐमी ने धक्का देकर अपस्यु को बिस्तर पर लिटाया और उछलकर उसके कमर पर बैठती, पूर्ण मज़ा के ओर बढ़ने लगी।


ऐमी लिंग को योनि में डालकर, धीरे-धीरे अपने कमर हिलती, अपस्यु का हांथ पकड़ कर अपने स्तन पर डाली और धीरे-धीरे मज़े लेने लगी। अपस्यु भी कुछ देर स्लो मोशन धक्के का मज़ा लेते हुए बैठ गया और ऐमी के होंठ को अपने होठ से लगाते हुए, पूर्ण जोश की रफ्तार शुरू कर चुका था। जोश ऐसा की दीवाना बना दे।


ऐमी का नरम और गोरा बदन, हर धक्के की थाप पर बड़ी ही मादक तरीके से ऊपर नीचे हो रहा था। उत्साह से ऐमी, अपस्यु के पूरे होंठ को चूस रही थी और अपने दोनो पंजे अपस्यु के पीठ में पूरे घुसे हुए थे। एक कामुक पल पुरा मस्ती में बिताने के बाद, दोनो निढाल बिस्तर पर गिर गए और ऐमी अपस्यु के सीने में घुसकर खामोशी से बस उसकी धड़कने सुनने लगी…


"बेबी, बहुत लंबा साल इंतजार किया है। अब बस इसे अंजाम तक पहुंचाओ।"… ऐमी, अपस्यु में कुछ और सिमटती हुई कहने लगी।


"तुम जैसा चाहोगी वहीं होगा ऐमी। हम एक साथ बिजली गिराने वाले हैं पहले इन्हे झटकों का मज़ा तो लेने दो।"…


"हम्मम ! उस सार्जेंट जेम्स हॉप्स का क्या करोगे।"…


"जेके और पल्लवी से थोड़े देर बाद मुलाकात होने वाली है, वहीं देखते है इनका बारे में क्या निष्कर्ष निकला है।"…


"अपस्यु, बेईमान तुम्हे पता चल गया ना श्रेया के पीछे कौन है।"…


"ज्यादा बोझ क्यों लेती हो, श्रेया और उसकी टीम तो बेचारे बेकार में पीस गए हमारे बीच। टीम तो उनकी अच्छी है, लेकिन नवसिखियों की टीम है, जो ट्रेनिंग के बाद सीधा हमारे पीछे आ गए। लेकिन तुम सही कही थी, उसके साथ रहा तो हमारा भविष्य योजना काफी मजबूत होगा। जिस हिसाब से उसकी बेचैनी मै आजकल देख रहा हूं, उस हिसाब से तो लगता है कि आज से कल तक में वो अपने दूसरे टारगेट से भी भिड़ा देगी।"…


"हम्मम ! यहां हर किसी की प्लैनिंग चल रही है, और मै बेकार में आज एक्साइटेड हो गई। ये वक़्त फोकस बनाए रहने का था। बेबी, इतने दिन से रोमांस कर रहे है फिर भी आज मैंने तुम्हे फसा दिया। मुझे ये स्टेप नहीं लेना चाहिए था।"…


"पागल कहीं की। लगता है तुम्हे मज़ा नहीं आया क्या, यदि ना है तो बोल दो, मैं दूसरे राउंड के लिए तैयार हूं।"


"मुझे ना लगता है सुबह सुबह तुम्हारी वाली बेशर्मी ही घुस गई थी जो मै इतनी हॉर्नी हो गई। चलिए उठिए सर, चलकर जरा माहौल का जायजा लिया जाए।"..



इधर राठौड़ मेंशन में नंदनी की तस्वीर देखने के बाद तो जैसे लोकेश खुद में अब जीता हुआ महसूस कर रहा था। हर खींचती श्वांस में वो अपने अंदर आने वाले ताकत को महसूस करने लगा था। उसके कई सालों की योजना अब सफल होने वाली थी। लोकेश तुरंत ही अपने पिता विक्रम और मेघा के साथ प्राइवेट प्लेन में उदयपुर स्थित अपने छोटे से लंका में पहुंचा।


एक पुरा इलाका जो लोकेश के नियंत्रण में था। जहां हर तरह के अंतरराष्ट्रीय हथियार से लेकर, दुनियाभर कि नई तकनीक दिन रात लोकेश के इशारे पर काम कर रही थीं। अपनी जगह पर खड़ा होकर लोकेश अट्टहास भरी हंसते हुए विक्रम से कहने लगा….


"पापा इतने दिनों से आपको इसी दिन के लिए रोक रखा था। यें पूरी तैयारी बस जैसे आज का ही इंतजार कर रही थी। बस 2 दिन और दे दो, और मुझे जारा अपनी बुआ के बारे में छानबीन करने दो। जैसे ही यह सुनिश्चित हुआ की वही नंदनी रघुवंशी है, सबसे पहले बिजली उस राजीव मिश्रा और उसके समस्त परिवार पर गिरेगी, जो हमसे मिलकर काम करने की बजाय हमारे पार्टनर के झांसे में आकर, मेरे ही खिलाफ कार्यवाही कर रहा था। राजीव मिश्रा के साथ ही जाने वाले की लिस्ट में है होम मिनिस्टर जिसने बहुत दर्द दिए है और फिर एक बार खत्म हो जाएगा नंदनी के पुरा वंश और इस बार भी वो केवल अकेली जिंदा बचेगी।"
:superb: :good: amazing update hai nain bhai,
behad hi shandaar aur lajawab update hai bhai,
ye lokesh to nandani ki photo dekh kar kuchh jyada hi uchhal raha hai, ise abhi pata hi nahin hai ki apasyu ne iske saamne chaara dala hai,
Ab dekhte hain ki aage kya hota hai
Waiting for next update
 

kamdev99008

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to kar hi diya dono kahaniyon ko link

bahut badhiya reunion raha

idhar lokesh ko bhi nandini ki tasvir ke bad puri jankari bhi dekar jaal me ghuskar fans jane ke liye push kar diya

keep it up
 

Aakash.

ɪ'ᴍ ᴜꜱᴇᴅ ᴛᴏ ʙᴇ ꜱᴡᴇᴇᴛ ᴀꜱ ꜰᴜᴄᴋ, ɴᴏᴡ ɪᴛ'ꜱ ꜰᴜᴄᴋ & ꜰᴜᴄᴋ
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Both Shreya and Amy are taking out anger in their minds for each other. :laugh: Shreya still does not understand Apasyu and Amy properly. How suddenly Aarav is kidnapped and the kidnapper is Apasyu's cousin. :shocked: Pallavi Bhabhi... :D
The flashback was also very good and We came to know about the child Sinha Ji adopted. The enemy team also included Nimmi, but why? ?Bhabhi and Dewar have done amazing action together. Had fun. :jump:
As always the update was great, You are writing very well, Now let's see what happens next, Till then waiting for the next part of the story.

Thank You...

???
 
Last edited:

Naina

Nain11ster creation... a monter in me
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Update:- 115





ऐमी दौड़कर हवा में आरव के हाथ पर तकरीबन 4 फिट उछली, जहां आरव ने उसके उछाल को नई गति देकर तकरीबन 8 फिट उछाल दिया। ऐमी हवा में फिलिप करती, उनके घेरे के पार खड़ी हो गई। सभी लोगों का ध्यान जैसे ही भटक कर पीछे गया, आरव के अपने रॉड की मार से उन्हें अवगत करवा दिया।


जैसे ही आरव का वार शुरू हुआ यह लोग भी हरकत में आए और आरव पर हमला करना शुरू कर दिया। इधर ऐमी कूदकर अपनी पोजिशन लेती ही अगुवाई कर रहे आदिल पर अपना वार की। यह वार इतना तेज और खतरनाक था कि आदिल बचाव करते हुए 2 फिट तक पीछे गया।


इतने में ही अपस्यु ने अपने हाथो की रस्सी को बड़ी तेजी के साथ उछालकर आदिल के पाऊं में फसा दिया और फसाकर खींच दिया। अभी वो ऐमी के वार से बचकर 2 फिट पीछे आया था और पुरा ध्यान सामने ही था। जैसे ही पाऊं में रस्सी फसी उसने अपना संतुलन खोया और इतना वक़्त काफी था आरव और ऐमी के लिए की अगुवाई कर रहे मुखिया को टारगेट कर ले।


आरव अपने ओर से दो लोगों का तेज वार अपने कंधे पर झलेकर थोड़ा आगे जगह बनाया। वहीं ऐमी तेजी के साथ अपने दोनो पाऊं फिसलाकर 180⁰ की लाइन बनाती नीचे बैठी और 2 लोग जो उसकी ओर अपना रॉड उसके सर पर चला चुके ये उसका वार खाली करती, दोनो के नीचे पाऊं के ज्वाइंट पर ऐसा प्रहार की, दोनो वहीं अपना पाऊं पकड़ कर नीचे बैठ गए।


ऐमी और आरव के टारगेट, लड़खड़ाता हुआ वह आदिल था जिसे पहले तो 1 रॉड आरव का लगा, जो कि उसके कानपट्टी पर था और जैसे ही वो नीचे गिरने लगा ऐमी ने अपना एक रॉड उसके जबड़ों पर चिपकाकर, रोल करती हुई पाऊं को हवा में ले गई और बॉडी शॉट देते उसके मूर्छित शरीर पर प्रहार करती खुद से दूर कर दी।


दृश्य और अश्क इनके लड़ाई का तरीका देखकर दातों तले उंगलियां दावा ली। 3 लोग कुल खड़े बचे थे, ऐमी और आरव अपने पोजिशन पर खड़े होकर, उनको देखकर मानो ऐसे हंस रहे थे जैसे वो उन्हें आगे बढ़कर सामना करने का निमंत्रण दे रहे हो।


तभी अश्क खड़ी हुई और अपने कपड़ों से छोटे-छोटे बॉम्ब निकलती वहां के फ्लोर पर पटकती हुई धुएं करती तेजी से आगे बढ़ने लगी…. अपस्यु अबतक अपने प्यारे से कॉकटेल का 5 जाम खींच चुका था। अपस्यु के इशारा मिलते ही दोनो आकर उसकी जगह बैठ गए और अपस्यु खड़ा होकर बीच में आया।


धुएं कि आड़ में उनके 3 ट्रेंड जो खड़े थे, वो हमला की मंशा से आगे बढ़े, जिसे दिशा वहां का कंप्यूटर एक्सपर्ट अरुब बता रहा था। उनलोगों ने सोचा ये छोटा से ट्रिक और धुएं कि आड़ में अपस्यु को मार सकते है।


लेकिन ये अपस्यु था, जिसके सुनने और हवा को परखने की क्षमता इतनी अद्भुत थी कि उनसे अबतक ये रू-बरू नहीं हुए थे। वो लोग बेफिक्र होकर आगे बढ़े और बस धुएं के अंदर उनकी चींख ही गूंजकर रह गई। इधर पीछे से वह अश्क भी वहां पहुंच चुकी थी और जैसे ही धुएं छांटा नजारा ही कुछ और था।


अश्क को अपस्यु ने पीछे से जकड़ रखा था और बड़ी तेजी के साथ जैसे ही अपस्यु ने उसका मास्क उतारा, तभी वहां का धुआं छंट चुका था। दृश्य को आभाष हो चला था कि उन लोगों ने अपने दुश्मन को थोड़ा कम आकां, और जिसे इस वक़्त अपस्यु ने जकड़ रखा था वो थी दृश्य की जान से ज्यादा प्यारी पत्नी।


जबतक दृश्य यह साबित करता की वो इन सबका मुखिया क्यों है, उससे पहले ही अपस्यु अश्क का गर्दन घूमाकर, उसके होंठ से होंठ लगाकर एक छोटा सा चुम्बन लिया और झटक कर उसे साइड कर दिया। साइड करने के तुरंत बाद वो ऐमी और आरव को देखा और नज़रों के छोटे से इशारे से बहुत कुछ समझा चुका था।


जैसे ही अपस्यु अपनी नजर की भाषा समझाकर आगे मुड़ा, ठीक उसी वक़्त ऐमी और आरव के मुंह खुले रह गए। गुस्से में पागल दृश्य ने इतनी तेजी के साथ अपना कांधा अपस्यु के शरीर से ऐसे टकराया, की अपस्यु 6 फिट दूर जाकर गिरा।


अपस्यु जब खड़ा हो रहा था तब वो खांश रहा था और मुंह से उसके खून भी निकल रहा था। ऐमी अपने लैपटॉप से टक्कर का तुरंत आकलन की और जो स्क्रीन पर था वो चौंकाने वाले तथ्य थे। ऐमी और आरव तुरंत हरकत में आते हुए बैग पर लपके और दोनो अपस्यु के इशारे को समझकर बस उसी पर काम कर रहे थे।


इधर गुस्से में दृश्य जैसे हल्क बाना हुआ था। अपस्यु ठीक से खड़ा भी नहीं हुआ था कि हवा में गति को महसूस करते वो तेजी के साथ साइड हुआ। ऐसा लगा जैसे कोई पागल सांढ सिंघ मारने पर उतारू है। अपस्यु पुरा डिफेंस मोड पर आ चुका था। उसने 50 रॉड चला दिए होंगे, लेकिन दृश्य के शरीर पर तो जैसे कुछ असर ही नहीं हुआ हो।


गुस्से में पगलाया दृश्य, अपस्यु को दोनो हाथों से हवा में उठा लिया और फुटबॉल की भांति उछाल कर फेंक दिया। अपस्यु हवा में फ्लिप करते नीचे आकर खड़ा हुआ। एक बार फिर पगलाया दृश्य, अपस्यु के ओर बड़ी तेजी के साथ बढ़ा और एक हाथ से उसका गर्दन पकड़ कर हवा में 5 फिट उठा दिया। उसके आंखों में जैसे कोई सैतान नजर आ रहा था।


वहीं अपस्यु मौत की इस पकड़ में जब आया तब वो मुस्कुराते हुए उसके पकड़ को महसूस कर रहा था। ऐमी ने जैसे ही इधर से सिग्नल दिया अपस्यु थोड़ा और मुस्कुराया और चौंकाने की वहीं पुरानी प्रक्रिया शुरू हो गई। अपस्यु सामने वाले के शरीर पर मार झेलने की अभूतपूर्व क्षमता को महसूस कार ही चुका था इसलिए वो पाऊं से कनपट्टी पर हमला करने के बदले बड़ी सफाई से दृश्य की छोटी उंगली को तोड़ डाला।


दृश्य अचानक ही अपना हाथ झटका और अपस्यु तुरंत उसकी पकड़ से निकलकर खांसते हुए वहीं बैठ गया। दृश्य के ठीक चार कदम आगे अपस्यु बैठकर खुद को सामान्य करने में लगा था। पगलाया दृश्य फिर से पागलों कि तरह अपस्यु को मारने कि कोशिश करने लगा, लेकिन वो चाहकर भी अपने कदम हिला नहीं पा रहा था। वो अपने हाथ आगे बढ़ाने की कोशिश करने लगा, लेकिन कुछ कर नहीं पाया। चीखना और चिल्लाने की कोशिश करने लगा किन्तु कोई आवाज़ निकल नहीं रही थी।


दृश्य एक एक्सपेरिमेंटल बच्चा था, जिसकी क्षमता का ज्ञान ऐमी, अपस्यु और आरव को उसी दौरान हो चुका था, जिस दौरान दृश्य के धोखेबाज दोस्त के पीछे ऐमी को लगाया गया था। दृश्य तो किसी प्रोफेशनल को यहां सबक सिखाने के हिसाब से आया था।


किन्तु अपस्यु को जब यह इल्म हुआ कि किसी प्रयोग से किसी इंसान की क्षमता सामान्य इंसान की तुलना में 200 गुना बढ़ाई जा सकती है, तो फिर यह भी संभव था, जब वो अपने दुश्मनों से भिड़ने निकले, तो अपस्यु को 200 नहीं बल्कि 10000 गुना ज्यादा क्षमता वाले किसी काल से ना भिड़ना पर जाए। बस इसी सोच के साथ लगभग 1 साल की कठिन परिश्रम करके, इन्होंने माइक्रो सब्सटेंस का इजाद किया जिसके परिणाम काफी कमाल के थे। इसी माइक्रो सब्सटेंस की मदद से ऐमी और आरव ने मिलकर दृश्य को अपनी जगह पर ही लॉक कर दिया।


ऐमी और आरव ने जैसे ही दृश्य को फंसाया, दोनो उछलने लगे, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर की मेहमान नहीं थी। खुशी से उछलकर जब आरव और ऐमी ने उस बड़े से हॉल के दूसरी ओर का नजारा देखा, दोनो एक साथ बोल परे… "उम्मीद से परे, ये खतरनाक है।"… हुआ कुछ यूं कि जैसे ही अपस्यु ने अश्क को होंठ लगाया, वो भी उतनी ही पागल हो गई जितना दृश्य था, साथ में उसके कंप्यूटर एक्सपर्ट का भी पूरा दिमागी संतुलन बिगड़ चुका था।


अश्क और आरुब अपने लैपटॉप पर बैठकर कमांड पर कमांड देने लगे और देखते ही देखते वहां पर कई सारी ब्लास्टिंग तितली डिवाइस और साथ में बुलेट उगलता एक ड्रोन उस जगह पहुंच चुका था।… "अबे भाग उस हल्क के पीछे सभी वरना इसकी पगलाई बीवी और मुंहबोला भाई मिलकर, हमे नरकवासी बाना देंगे।"…


तुरंत ही तीनों आकर दृश्य के पीछे छिप गए। उन्हें पीछे छिपते देख अश्क ज़ोर से चिल्लाती हुई कहने लगी….. "भागकर लव के पीछे कहां छिप गए चूहे, दम है तो सामने आओ।"


आरव:- अरे भाभी आप तो कुछ ज्यादा ही नाराज हो गई, कहां आप भी एक किस्स के बदले हमारी जान लेने पर तुली हो। वैसे भी नीचे फर्श पर आपकी पूरी टीम बिछी हुई है, इन्हे हॉस्पिटल में एडमिट तो करवा दो, कहीं कोई टपक ना जाए।


आरव की बात सुनकर अरुब को भी होश आया कि उसके साथी घायल पड़े है, तुरंत ही उसने सबको एक बड़ी सी वैन में लोड करवाकर हॉस्पिटल भेजने का इंतजाम करवाने लगा और इधर तबतक अश्क, गुस्से में बौखलाए, आरव को जवाब देने लगी…. "खबरदार जो मुझसे कोई रिश्ता जोड़ा तो, अभी बाहर निकल चूहे।'


आरव:- रिश्ता तो हमारा बहुत पुराना है, भले आप मानो की ना मानो। फिलहाल इतना ही कहूंगा, यदि आपको मेरे भाई का किस्स अच्छा नहीं लगा तो अपने पति को कह दो वो मेरे भाई की होने वाली पत्नी को किस्स कर ले। चुम्मा का जवाब चुम्मा से दो ना, कहे मारने पर तुली हो।


आरव और अश्क के बीच बातों का द्वंद चल रहा था इसी बीच जेके का संदेश अपस्यु के पास पहुंचा। संदेश में साफ लिखा था….. "नेशनल सिक्योरिटी वालों को इस जगह पर भारी हथियार होने के संकेत मिल रहे है। पूरी फोर्स तुरंत ही पहुंचने वाली है।"..


अपस्यु ने ऐमी को इशारा किया कि तुरंत ही खेल को विराम लगाए। ऐमी हालात को समझती हुई, दृश्य के कंप्यूटर एक्सपर्ट को एक छोटा संदेश भेजकर तुरंत ही दृश्य को उस माइक्रो सब्सटेंस से आज़ाद की। जैसे ही दृश्य कैद से आजाद हुआ पागलों कि तरह उन्हें मारने के लिए अपना हाथ बढ़ाया ही था…. "लव नहीं, बस बहुत हुआ। इन्हे अपने साथ लेकर चलो।"


दृश्य, अश्क की बात सुनकर उसकी ओर देखने लगा। अश्क ना में अपना सर हिलती हुई उस कुछ ना करने का इशारा करने लगी और इन सबको साथ लेकर चलने के लिए अपने हाथ जोड़ ली। हालांकि अपस्यु का कोई इरादा नहीं था इन लोगों के साथ जाने का, लेकिन फिर भी समय की किल्लत और गायब होने की जल्दी में, इन्हे भी दृश्य के साथ उसके हैलीकॉप्टर में बैठना परा।


आलम यह था कि वो तीनो एक ओर बैठे थे और अपस्यु अपने लोगों के साथ ठीक उनके सामने बैठा था। दृश्य अब भी खुन्नस खाए…. "क्यूटी मुझे रोक क्यों ली। इनका सिना चीरकर मै दिल निकालने वाला था।"


अरूब अपना लैपटॉप दृश्य के ओर घूमते हुए सामने के स्क्रीन का नजारा दिखा दिया, जहां लिखा हुआ था…. "द डेविल गैंग।".. जैसे ही दृश्य के आंखों के सामने यह नजर आया, सवालिया नज़रों से वो तीनो के ओर देखने लगा।


दृश्य की ऐसी उठती नजर लाजमी थी, क्योंकि "द डेविल गैंग" एक ऐसा मददगार साथी था इनके सफर का, जो बिना सामने आए अरूब को कंप्यूटर भाषा की उन गहरायों तक पहुंचाया जहां से उसे कुछ भी करने का विश्वास पैदा हुआ। एक ऐसा साथी जिसे अरुब ने जब भी याद किया मदद करके ही गई थी।


इन्हीं की मदद से अरूब ने कई सारे कठिन फायरवॉल को भेदना सीखा था, यहां तक कि सिंडिकेट की नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी को भी बड़े आसानी से ऑपरेट करना सीखा था। हालाकि सिंडिकेट के उसी टेक्नोलॉजी को ऐमी ने चुरा भी लिया था, जिस बात का इल्म इन्हे अब तक नहीं है।


अपस्यु, दृश्य के नजर में उठते सवाल का जवाब देते हुए कहने लगा…. "जिसके लक्ष्य बड़े हो उन्हे मदद मिलती रहती है। हम नहीं भी होते तो भी आप अपने जंग में सफल होते ही। हम तो आपके बड़े से मकसद की सफलता के एक बहुत ही छोटे जरिया मात्र थे।"..


दृश्य:- तुम्हे शुरू से पता था कि हम कौन है और यहां क्यों आए है?


अपस्यु:- शुरवात से तो नहीं लेकिन दिल्ली में पहुंचकर जो आपने ट्रैफिक सीसीटीवी को हैक किया, उससे मुझे समझ में आ गया था कि आरव को किसने किडनैप किया है। रही बात "क्यों आने कि", तो मैं उम्मीद कर रहा था अपनी मुलाकात 2012 में ही हो जानी चाहिए थी, आप 2 साल देरी से आए।


दृश्य:- फिर भी तुमने मुझे मेरे बच्चे को सौंपने के बदले लड़ाई चुना, ऐसा क्यों?


अपस्यु:- वो इसलिए क्योंकि उस वक़्त मैंने सही ही कहा था, ना तो मै कोई अनाथालय चलता हूं और ना ही उन बच्चों का अभिभावक इतना कमजोर है। आप सही रास्ता चुने या गलत, ना तो मै उन बच्चो को छोड़ सकता हूं जो आपके बदले कि राह में यतीम हो गए और ना ही वैभव को, जिसकी मां अपने लोगों के अत्याचार से दम तो तोड़ दी, लेकिन अपने बच्चे को उसने कभी किसी गलत हाथ में नहीं सौंपा।


अपस्यु की बात सुनकर कुछ पल दृश्य ख़ामोश रहा फिर जिज्ञासावश पूछने लगा…. "क्या जो वीरदोयी के बच्चे तुम्हारे पास है वो अनाथ है, और क्या तुम उनकी क्षमता को जानते हो?"
Baaki sab toh thik hai lekin yeh log bandar ki tarah gulati kyun maar raha hai :hmm:
damn yeh experimental bachha idhar bhi :faint:

Khair let's see what happens next
Brilliant update with awesome writing skill :applause: :applause:
 
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Naina

Nain11ster creation... a monter in me
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Doston ... Aaj Update Diya Hai... Kal subah se kewal reply dunga... Isliye jin jin ke comment ke reply nahi aaye hain... Wo kripya painic na ho... Kal ek hi update par kaam hoga .. lekin reply pura karke .. thread update kar dun ..
kahani toh badhiya chal rahi hai bas nischal aur jivu ki hi kami hai... :D
Btw :reading:
chaar panch loop holes mil jaye... phir toh ran niti bhi sorry revo bhi taiyar ho jaye :poet:
 

Aakash.

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By now Apasyu was sitting and drinking alcohol but as he stood, he beat everyone but then drish was dangerously beating Apasyu and Apasyu was weak but our move was successful. The atmosphere and scene had become very dangerous and exciting.
Kanchan already understood everything and it was nice to see everyone together. Many things came to know about Sulekha and Sunanda. Now let's see what happens next.
As always the update was great, You are writing very well, Now let's see what happens next, Till then waiting for the next part of the story.

Thank You...

???
 

Chunmun

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Dil garden garden ho gya. Ek sath itne sare update.
Maja aa gya bhai. Ab koi sikayat nahi hai ki aap itte din se kaha the.
Sare update ek se badh kr ek.
Drishya ko ek bar fir se dekh kr bahut achha laga.
Bahut badhiya tana Bana buna hai aap ne nain bhai.
Pahle sreya or uske team ko yu pareshan kr k toda ja raha fir Aarav ka kidnap drishya dwara or waha ka wo action.
Superbbbbb....

Ab pta chala ki apasyu k pas sare anath bache virdoyi kabile k hai jise drishya ne saaf kiya tha.
Drishya ka ek beta bhi Sinha ji k pas hai jis k liye drishya ne Aarav ko pakad rakha tha.
Fir aai Bharat milap apne mausha mausi se.
Bahut sundar update.
Jitni tarif ki jai kam hai.
Ab Lokesh ko nandni k pic ko dikhana bhi rananati ka ek hissa hi hoga.
Lokesh aage kya karega.
Rajsthan mai wo aisa kya kr rakha hai.
Waha kuch tagra hi gul khilaya ja raha hai.
Lokesh misra ji ko sath mai home minister ko dono ko saaf karne k firak mai lag raha hai.
Megha or uske bhare k tatto ka kya hone wala hai yaha. Mujhe to lagta hai ye logo gehu k sath ghunn ki tarah pishe jainge.

Fabulous fantastic biradar.
 
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