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अपस्यु यूं तो लावणी को हौसला दे तो रहा था, लेकिन 2 हफ्ते से गायब कोई लड़का जिंदा हो, अपने आप में एक बड़ा सवाल था। एक अच्छे और सच्चे दोस्त का जाना क्या होता है, ये अपस्यु से बेहतर कौन जान सकता था। मन तो ना उम्मीद ही था लेकिन अपस्यु की प्रार्थना इतनी सी थी कि लावणी अपने दोस्त को ना खोए।
अपस्यु लावणी को शांत करके उससे मैक्स की डिटेल पूछने ही वाला था कि इतने में ऐमी का कॉल चला आया…. "काम हो गया क्या अपस्यु"
अपस्यु:- अपनी भुटकी थोड़ी परेशान है।
ऐमी:- क्या हुआ, कोई चिंता की बात है क्या ?
अपस्यु:- हां थोड़ी सी…
ऐमी:- ठीक है छोड़ दो अभी ड्रॉप करते है, पहले इसे देखते है। मुक्ता अपार्टमेंट आऊं क्या?
अपस्यु:- नहीं मै ही तुम्हारे पास आता हूं, इंतजार करो।
कुछ ही देर में तीनों साथ में थे। अपस्यु ने ऐमी को पूरा मामला बता दिया। ऐमी को भी थोड़ी चिंता हुई, लेकिन उसने भी मुस्कुराकर लावणी को सांत्वना देती हुई कहने लगी… "हम ढूंढ लेंगे मैक्स को"…
अपस्यु:- कोई ड्राइवर है क्या यहां, लावणी को घर छुड़वा दो।
ऐमी:- नहीं रहने दो। साथ में ही रखो, इसे भी अपने दोस्त के लिए कुछ कर लेने दो।
अपस्यु:- हां ये भी सही है। भुटकी तैयार है इन्वेस्टिगेशन के लिए।
लावणी:- हां भैय्या.. बस कैसे भी मेरे कानो में पर जाए की वो सुरक्षित है, फिर मुझे अच्छा लगेगा।
ऐमी, लावणी के पीठ थपथपाती… "ऐसे छोटे मुंह बनाकर और हौसला खोकर ढूंढने जाओगी, तो समझो तुमने पहले से उसे मरा हुआ मानकर खोज रही हो । इसलिए खुश रहो और विश्वास के साथ चलते हैं ढूंढने.. ठीक है हां..
लावणी, मुस्कुराती हुई… "थैंक्स दीदी, चलो चला जाए"
ऐमी लावणी से उसकी पूरी ऑनलाइन डिटेल, जैसे कि एफबी, व्हाट्स एप, ईमेल, और फोन नंबर लेकर अपने वर्क सेक्शन में चली गई। अपस्यु हॉल में ही बैठकर अजिंक्य को कॉल लगा दिया… "हां अपस्यु बोलो"
अपस्यु:- सर सेक्टर 10 के थाने का एक मामला है। लड़का एक हफ्ते से गायब है और थाने से कोई इन्वेस्टिगेशन नहीं हो रही।
अजिंक्य:- किसी भी थाने में मिसिंग केस का वहीं हाल है। रोज 2 केस केवल मिसिंग के आते हैं। हम जबतक पिछला केस में लगे रहते है, तबतक 4 केस और दर्ज हो जाते है। यही कारन रहता है कि मिसिंग केस की प्रोग्रेस काफी स्लो रहती है।
अपस्यु:- हम्मम ! ठीक है सर। अच्छा खुद से इन्वेस्टिगेशन करेंगे तो थाने से कोई हेल्प मिलेगी।
अजिंक्य:- मै साफ साफ बताता हूं। इंजन में तेल डाल दो, यदि गाड़ी सही पते पर पहुंचने वाली होगी, तो तुम्हे लग जाएगा कि सामान्य सी घटना हुई ह। तब तुम आराम से सुकून में रह सकते हो। अगर कहीं तुम्हे ऐसा लगे कि इंजन में तेज डालने के बाद भी, गाड़ी को केवल घुमा फिरा रहा है। तब तुम्हे जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी खुद से ही अपने काम खत्म करने की जरूरत है।
अपस्यु:- हम्मम ! ठीक है मै समझ गया।
अभी अपस्यु की बात खत्म ही हुई थी कि ऐमी हॉल में आ गई… "कोई खबर"
ऐमी:- पूरी खबर है, चलो..
अपस्यु:- कहां ..
ऐमी:- पागल सोमेश के यहां।
लावणी:- कौन वो एमपी साहब।
अपस्यु:- हां वही। .. बैग ले लो, शायद जरूरत पर जाए…
ऐमी तुरंत ही बैग लेकर चली आयी। थोड़ी ही देर में तीनों एमपी के बंगलो के मुख्या दरवाजे पर थे। उनका गार्ड अपस्यु को देखकर तीनों को अंदर लिया और फोन से एमपी को बता दिया कि अपस्यु आ रहा है।
"अपस्यु, ऐमी .. बड़े दिनों बाद.. साथ में ये कौन है। ओह ये तो वही है ना लावणी, जिसकी शादी तय हुई है आरव के साथ"..
ऐमी:- अंकल वो लड़का मैक्स कहां है?
सोमेश:- कौन मैक्स.. कोई विदेशी लगता है।
अपस्यु:- ऐमी बैग खोलो ये ऐसे ना सुनने वाला..
सोमेश:- अरे यार ये बैग को अलग रखो और आराम से बैठकर बात करो। सच में मुझे नहीं पता ये मैक्स कौन है?
लावणी अपने मोबाइल से उसकी तस्वीर निकलती… "ये है मैक्स"..
सोमेश:- ये लड़का। मेरे ही पास है। सुरक्षित है, ऐसे घुरो मत दोनो, और पीछे ही बैठे रहो।
अपस्यु:- मुंह का शटर खोलकर बताओगे, आप ये आज कल पढ़ने लिखने वालों को क्यों उठा रहे हो।
सोमेश:- यार मै जन प्रतिनिधि हूं। इसके एरिया में गया तो कॉलर पकड़ कर गाली-गलौज पर उतर आया।
ऐमी:- कोई नई बात बताओ, ऐसे घटना से नेता को कोई फर्क नहीं पड़ता। मुख्य मुद्दा वो भी बिना घुमाए।
सोमेश:- उसके पास मेरे कुछ आपत्ति जनक वीडियो हाथ लग गए थे और मेरा राजनीतिक कैरियर दाव पर लग गया था, इसलिए मजबूरी में उठवाना परा।
अपस्यु:- वीडियो मिला..
सोमेश:- हां मिल गया….
अपस्यु:- फिर जिंदा रखने की वजह..
सोमेश:- मारने का मोटिव नहीं था कसम से। बस मुझे तो वो वीडियो निकलवाना था। ये जवान लोग ही तो टीआरपी देते है। पकड़ कर रख लिया, पिट दिया। अब जाएंगे रोकर मीडिया के पास। मै सुर्खियों में आऊंगा। मारने से क्या फायदा मिलता। लेकिन तुम्हे कैसे पता की वो यहां है।
ऐमी:- पागल और बेवकूफ का इतना बड़ा कंबो मैंने आज तक नहीं देखी। उसका मोबाइल लोकेशन यहीं आपके आवास के आसपास का है।
सोमेश:- वो नए लड़के थे ना ध्यान नहीं दिया होगा.. तुम लोग जाओ मै उसका इलाज करवाकर जैसे उठाया था ठीक वैसे ही भेज दूंगा।
अपस्यु:- वो जिंदल की फैक्टरी शुरू करवानी है। मुझे बापू ने 4-5 पेपर दिए है, उनको सिग्नेचर चाहिए।
सोमेश:- वहीं 2000 करोड़ वाला प्रोजेक्ट ना..
अपस्यु:- हां..
सोमेश:- 50 करोड़ दिलवा दे भाई, नेक्स्ट ईयर इलेक्शन आने वाले है।
अपस्यु:- ज्यादा है, बहुत ज्यादा है..
सोमेश:- समझा कर ना। वो पार्टी में 20 करोड़ देना भी है। नहीं दिया तो इस बार टिकिट भी ना दे कहीं।
अपस्यु:- 10 करोड़ दिलवा दूंगा। फिर आगे भी तो ऑफिस है, काम शुरू होने के बाद उन्हें भी मैनेज करना होगा ना।
सोमेश:- एक काम कर ना फिर 100 करोड़ दिलवा दे मैं सारा ऑफिस मैनेज कर लूंगा। मेरे पेटेशन के 10 करोड़ तो वैसे ही दे रहा है ना।
अपस्यु:- २% के काम का ५% मांग रहे हो, शर्म तो नहीं आयी होगी।
सोमेश:- अरे यार उस जिंदल को क्या कमी है। 400 करोड़ तो वो बर्बाद करके 2 साल से सोया हुआ ही था ना। ५% ले रहा हूं तो सब क्लियर करके पुरा प्रोजेक्ट चालू भी तो करवाकर दूंगा। पैसे देदो और कान में तेल डालकर सो जाओ।
अपस्यु:- तुम पर भरोसा ना है। चलो डील लॉक करते हैं। एक हफ्ते में क्लीयरेंस दिलवाओ तो 10 करोड़ और फैक्टरी का काम जैसे-जैसे क्लीयरेंस के साथ पूरा होता जाएगा, मैं वैसे-वैसे पैसे देता जाऊंगा। बोलो मंजूर…
सोमेश:- बस वो 10 करोड़ को 20 करोड़ कर दे, बाकी सब मंजूर है। कल किसी को भेज देता हूं। वो प्रोजेक्ट क्लीयरेंस वाला जो पेपर है दे देना…
अपस्यु:- ठीक है मंजूर.. लावणी, बेटा हैप्पी ना। तुम्हारे फ्रेंड सुरक्षित है और हफ्ते दिन में घर पहुंच जाएगा..
लावणी:- वेरी हैप्पी भईया.. मेरा तो दिल घबरा रहा था। आप को भी थैंक्स ऐमी दीदी..
अपस्यु:- कोई नहीं वैसे भी मैक्स को कुछ नहीं होना था..
सोमेश:- लावणी अपने दोस्त को थोड़ा समझना.. समाज सेवा अच्छी चीज है लेकिन अगर वो अपनी जान बचाकर कि जाए तो। अपस्यु और ऐमी थे तो यहां तक पहुंच भी गए, वरना प्रोसेस से आते तो महीनों लग जाते तब तक तो कहानी हिट हो जाती।
अपस्यु उसे घूरते हुए… "वोटर बना रहे हो क्या? हमारा नस्ता आया कि नहीं।"
सोमेश:- आ रहा है.. 20 मिनट का डिलीवरी टाइम है, आ जाएगा..
ऐमी:- ठीक है जबतक पिज़्ज़ा आता है तबतक उन बेवकूफों से मिलवा दो जो मोबाइल समेत लोगों को उठा रहे है।
सोमेश ने बाहर स्टाफ से 2 लड़के को बुलाने के लिए कहा.. दोनो सामने खड़े थे। ऐमी दोनो को अपने करीब बुलाई और खींचकर दोनो को 2 तमाचा मारती हुई… "अंकल पुराने लोग है तो ऐसे बेवकूफों को लीड करने क्यों भेजते हो।"..
सोमेश:- यही दोनो तो वो नायाब हीरे हैं, जिन्होने वीडियो का इंफॉर्मेशन दिया था।
अपस्यु:- और इसके इंफॉर्मेशन का सोर्स क्या है वो तो नहीं पूछे होगे। मोबाइल या लेपी से कैसे वीडियो निकलकर बाहर गई, उसकी कोई जांच पड़ताल की या नहीं।
सोमेश:- वह तो पहली प्राथमिकता थी। वो लड़का मैक्स ने जब मेरी कॉलर पकड़ी थी ना, उसी समय मेरे हाथ से मोबाइल गिरा था। यही दोनो ने तो ध्यान लगाया, तब पता चला था मोबाइल कहां गिरा था। जब तक दोनो पहुंचते तब तक उसने लॉक तुड़वाकर कांड कर लिया था।
अपस्यु:- ओह बंदा इंटेलिजेंट है बस थोड़ा अनुभव की कमी है। दोनो को इनाम दे देना और अच्छे से अनुभवी लोगो के पीछे रखो इनको, ताकि काम कि बारीकी को सीखे।
इतने में पिज़्ज़ा भी आ गया, तीनों ही वहां बैठकर पिज़्ज़ा का लुफ्त उठाने के बाद वहां से निकलने लगे.. तभी छन, छन, छन.. मधुर सी पायल की आवाज के साथ, भारतीय परिधान को बड़ी ही खूबसूरती के साथ पहने हुए एक कन्या अंदर आयी। उसे देखकर तो अपस्यु ने अपने मुंह पर हाथ रख लिया… "नेता जी ये इतनी खूबसूरत लड़की कौन है।"
"लसिता बेटा यहां आओ देखो कुछ मेहमान आए है।"… अपनी बेटी को बुलाने के बाद कहने लगा… "मेरी बेटी शुरू से यूके में रहकर पढ़ी है। वो इंटेलिजेंट है स्मार्ट है और साथ ही साथ पूर्णतः भारतीय संस्कृति को मानने वाली"..
लासिता उनके बीच आकर सबको नमस्ते की और काम का नाम बताकर वहां से जाने लगी। इसी बीच अपस्यु… "तुम अगर यहां आकर बैठती हो तो "वी डांट माइंड" (we don't mind).. लिसा"।
आवाज़ सुनकर ही वो चौंक गई और अपना चेहरा उठाकर अपस्यु को देखने लगी। जिस चेहरे को अपने काम-लीला कि व्यस्ता के कारन तब नहीं देख पाई थी, वो अब देख रही थी।
लसीता घबराकर पानी पीती हुई… "जी मेरा नाम लासीता है। लिसा नहीं।"..
अपस्यु:- जी आप के चेहरा मेरी एक दोस्त जेन से मिलता है।
सोमेश:- अरे ये तो कमाल हो गया, लसिता के भी एक क्लोज फ्रेंड का नाम जेन है।
"ठीक है नेता जी अब हम चलते है। कल वो पेपर लेने किसी को भेज देना।"… सभा समाप्त करके तीनों वहां से निकल आए। लावणी काफी खुश लग रही थी। वो रह-रह कर दोनो को थैंक्स कह रही थी।
लावणी को उसके घर के सामने ड्रॉप कर करने के बाद ऐमी अपस्यु से कहने लगी… "मुक्ता अपार्टमेंट आ जाना 1 घंटे में, मैं इंतजार कर रही हूं।"
अपस्यु हंसते हुए गले लगाते…. "ठीक है, मैं भी पहुंचा उधर"..
अपस्यु नीचे उतर गया और ऐमी वहां से चली गई। अपस्यु आकर सबसे पहले पार्किंग में कार को ही चेक किया। अब भी ऑडी और लंबोर्गिनी गायब थी, बीएमडब्लू और कुंजल की लंबोर्गिनी लगी हुई थी।
अपस्यु ऊपर आया… "कहां चले गए थे, ऐसा भी क्या जरूरी काम था जो सबके साथ नहीं आ पाए।".. कुंजल गुस्सा होते हुई पूछने लगी।
अपस्यु:- सॉरी बाबा। अगली बार से ये गलती नहीं होगी। बाकी सब कहां है।
कुंजल:- दीदी और भाई कहीं बाहर निकले है। मां किचेन में श्रेया के साथ है।
अपस्यु:- गुफरान और प्रदीप कहां है?
कुंजल:- दोनो अपने क्वार्टर में ही है।
अपस्यु:- ठीक है जरा बुला ला दोनो को.. मै जबतक चेंज करके आया।
अपस्यु जब चेंज करके लौटा दोनो हॉल में ही बैठे हुए थे…. "ये बताओ मेरी ऑडी कहां है।"
प्रदीप:- सर वो गराज गई है।
अपस्यु:- 8082 लंबोर्गिनी कहां है?
गुफरान:- वो भी गराज में है।
अपस्यु:- 2 गाड़ी गराज में है, और तुम दोनो हॉस्पिटल में नहीं आश्चर्य है। ड्राइवर के साथ गाड़ी के मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ रहा है। ये तो कमाल हो गया, क्यों ?
गुफरान:- सॉरी सर, वो ऑडी मेरी बेवकूफी के वजह से गराज में है, और लंबर्घिनी मां जी को ड्राइविंग सीखाते वक़्त डैमेज हुई थी।
"क्यों इनकी क्लास ले रहा है.. जाओ तुम दोनों। आज सुबह से ऐमी से नहीं मिले, जो उनका गुस्सा इन दोनों पर उतार रहे।"… नंदनी पीछे से आती हुई कहने लगी।
अपस्यु:- कहने को 4 गाड़ी हो और काम के वक़्त एक भी ना मिले तो दिमाग खराब होता ही है मां। कैसी है डॉक्टर साहिबा.. लंबे समय के बाद मुलाकात हुई है।
श्रेया, अपना हाथ आगे बढ़ाती… "शादी की बधाइयां और हां मै श्रेया हूं और ये नाम मुझे सुनने में काफी प्यारा लगता है। वैसे आंटी यें तो चीटिंग हुई, अपस्यु को खाली समझकर, मै अपने प्यार का प्रस्ताव देने वाली थी। कुछ दिन चोरी छिपे मिलते फिर कुछ सालों बाद शादी की बात करते, आपने तो बीच से पत्ता है काट दिया।"
नंदनी:- हाहाहाहा… वो क्या है ना बेटा घर में पहले से 2 डॉक्टर है, लेकिन कोई सिंगर नहीं थी, इसलिए अपनी बहू के लिए ऐमी को चुन लिया।
श्रेया:- हाहाहाहा.. मतलब अपने परिवार को ही चलता फिरता मल्टी इंडस्ट्री बनाने की सोच रहे है, क्यों? एक ही छत के नीचे इंजिनियर, डॉक्टर, वकील, इकोनॉमिस्ट और हिस्टोरियन। ओह सॉरी साहित्यकार तो छूट ही गए जो अपने प्रवचन से लोगों का मार्गदर्शन करेंगे, और हम जैसे डॉक्टर्स के क्लीनिक को बंद करवा देंगे।
श्रेया की बात पर सभी हसने लगे। तभी श्रेया सब लोगों से इजाजत मांगती हुई, अपस्यु को 2 मिनट बाहर आने के लिए कहने लगी… "एक छोटी सी हेल्प चाहिए।"..