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Romance भंवर (पूर्ण)

nain11ster

Prime
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Update:-37



"हेल्लो.. साची.. हेल्लो" और कॉल डिस्कनेक्ट हो गया।………

रात में तकरीबन 12.30 बजे, अपस्यु हॉस्पिटल के मुख्य द्वार पर खड़ा इंतजार ही कर रहा था…. स्कूटी सड़क के किनारे लगी और साची साइड स्टैंड पर उसे खड़ी कर अपस्यु की ओर चली अा रही थी…. "हाय !!!!!"

चेहरे की रौनक और उस चेहरे पर ये किया मेकअप कातिलाना था, और ऊपर से ये हल्के गुलाबी रंग के होंठ.. उफ्फ !!… कानो की बड़ी-बड़ी बालियां, जब-जब गालों से टकराती ऐसा लगता जैसे कोई होंठ प्यार से इन गालों को स्पर्श कर रहा हो। गहरे नीला रंग का लहंगा जिसपर सुनहरे रंग की जड़ी का काम किया गया था, कमर पर ऐसे बंधी थी कि नजरें कमर के उस हिस्से पर जम जाए। हाथ की उंगलियां फरफरा उठे मात्र एक स्पर्श के लिए।

ऊपर बंधी वो तंग चोली जो कमर से लेकर ऊपर तक के अाकर को ऐसे निखार रहा हो मानो एक कोई गृतवाकर्षण है जो अपनी ओर खींच रहा हो। उसपर से पीछे का वो लगभग बैकलेस नजारा जो कमर कि गहराई से शुरू होकर ऊपर की ओर आती जो बीच में मात्र चोली कि चौड़ी पट्टी से ढकी थी, मन को विचलित कर रही थी। ऊपर बंधी डोरियां जब कंधो के बीच से पीठ पर टकराती, दिल में जलन पैदा कर जाती। काश मैं ही डोरी बन जाता।

"तुम्हारे लिए ही इतनी मेहनत की है। कहो तो मैं बैठ जाती हूं, तुम आराम से निहारते रहना।"… चेहरे पर खुशी और आखों में शरारत, साची अपनी ही अदा से अपस्यु को चिढाती हुई कहने लगी।

"इतनी रात में इतना बन संवर निकली हो, ऊपर से स्कूटी लेे अाई, किसी ने रोका नहीं।" अपस्यु अपने बेईमान नजरों को चुराते हुए बोला।

"तुम उसकी चिंता छोड़ो, चालो वॉक करते-करते बातें करते हैं।" चेहरे पर एक अलग ही खुशी और होठों पर अलग ही मुस्कान..

"पता नहीं तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा है लेकिन इस बदले रूप को देखकर मैं बहुत ही संशय (कॉफ्यूजन) में पर गया हूं।"… अपस्यु कदम से कदम मिलाते हुए अपनी बात कही।

"देखो… कैसी लग रही हूं मै".. साची 2 कदम आगे जाकर सामने खड़ी हो गई और दोनों हाथ फैलाकर खुद को दिखाने लगी।

"आज पक्का तुमने कोई नशा किया है जो ऐसी हरकतें कर रही हो।"… अपस्यु ने हंसते हुए कहा…

"खुल कर जीना और बिंदास होकर अपनी बात कहना भी तो एक नशा ही है"
….. शरारत भरी मुस्कान के साथ साची ने जवाब दिया।

अपस्यु:- वैसे तुम्हे कुछ जवाब चाहिए था ना।

"वो फोन पर चाहिए था, लेकिन तुम्हे देखने के बाद मेरा अब मूड बदल गया है।"… साची अपनी खुशी का इजहार करती हुई वहीं सड़क पर अपनी बाहें फैला कर गोल-गोल घुमती हुई जवाब दी।

अपस्यु:- बात क्या है साची ..

"बात जो तुम समझकर भी समझना नहीं चाहते अपस्यु".. बिल्कुल सामने खड़े हो इंच भर फासले की दूरी से अपनी बात कहती साची।

अपस्यु उसके बांह को पकड़ कर उसे झकझोरते हुए…. "साची तुम्हे हुआ क्या है"

"मुझे किस करो, फिर मै बताऊंगी"… साची, अपस्यु के आखों में झांकती हुई कहने लगी।

"तुम्हारा आज पक्का दिमाग खराब हो गया है"… साची को किनारे कर, अपस्यु दो कदम आगे बढ़ते हुए कहने लगा।

"ए… ए… रूको रुको.. जो भी बातें करनी है मेरे सामने खड़े होकर मेरी आखों में आखें डाल कर कहो।" साची झटककर अपस्यु के आगे बढ़ती हुई, उसका रास्ता रोककर कहने लगी।

"मेरी आखों में आई फ्लू हो गया है। आखों में आखें डाल कर मैं बात नहीं कर सकता।"… अपस्यु फिर आगे बढ़ते हुए जवाब दिया।

"ये कैसे आज मुर्गी कि तरह, नहीं सॉरी, मुर्गे की तरह "पक-पक" करते इधर से उधर फुदक रहे हो। एक जगह खड़े होकर बात करों ना।" .. साची फिर उसका रास्ता रोकते कहने लगी।

"तुम्हारा भेजा आज सटक गया है साची"… अपस्यु गंभीर होते हुए कहा।

"ओह हो !! बेबी थोड़ा सीरियस दिख रहे है, क्या बात हो गई जानू"… साची ने उसके गालों पर उंगली फिराती हुई कहने लगी।

" हाय कितनी प्यारी और दिलकश लग रही है, जी करता है अभी बाहों में भर लूं"… अपस्यु साची के अदा पर फिदा होते हुए सोचने लगा…

"मेरी आखों में देख कर कहो जो भी अभी सोच रहे हो"… साची सभी फासले मिटाती अपस्यु के बिल्कुल करीब अा चुकी थी।

इतने करीब की श्वास चेहरे से टकराने लगे थे। होंठ बिल्कुल रत्ती भर फासले से दूर थे। नज़रे इतनी करीब थी कि अब एक दूसरे के आखों में झांकने के सिवाय कहीं और नहीं देखा जा सकता था। किनारे से दोनों की उंगलियां एक दूसरे को स्पर्श कर रही थी। साची के वक्ष, अपस्यु के सीने पर ऐसे स्पर्श होने लगी कि दोनों के सीने में एक चुभन सी पैदा कर रही थी, जो उन्हें श्वास लेने से रोकने लगे। अपने श्वास की कमी को पूरा करने के लिए दोनों अंदर तक पूरी श्वास खींच रहे थे। नजरें अब बोझिल सी होने लगी थी और वो धीरे-धीरे बंद होती जा रही थी। कमर का वो हिस्सा जहां अपस्यु की उंगलियां स्पर्श करने के लिए व्याकुल थी अब दोनों हाथों से थामे था। होंठ जैसे सुख चुके थे और वो करीब आते हुए एक दूसरे के होठों को सौम्या स्पर्श दे रहे थे…

"तेरे बिना तेरे बिना, दिल नइयो लगदा, मेरा दिल नइयो लगदा"

उफ्फ !… और साची अपने सीने पर हाथ रखकर, चौंकने के कारण अचानक से तेज हुई धड़कन को हंसती हुई काबू में करने लगी। अपस्यु भी मुस्कुराते हुए अपने सिर पर एक हाथ मारा और अपनी श्वास सामान्य करने लगा।

साची अपना फोन उठाते…. "हां मम्मी, कहिए"
अनुपमा:- शादी से सब लौट आए बेटा तू कहां रह गई।
साची:- मां पनौती ही पनौती लगी थी। वहां तबीयत बिगड़ी और रास्ते में गाड़ी।
अनुपमा:- अरे ! कहां है बेटा, हम अा रहे हैं।
साची:- चिंता नहीं कीजिए मम्मी, अपस्यु है साथ मेरे।
अनुपमा:- अपस्यु ? वो कहां मिल गया तुझे…

साची:- एक तो मैं अकेली लड़की रात के 12.30 बजे वीराने में फस गई थी, उसकी आपको चिंता नहीं, बस अपस्यु के नाम से चौंक रही है। उसकी बहन कुंजल हॉस्पिटल में है और मेरी स्कूटी उसी हॉस्पिटल के थोड़े पीछे खराब हो गई। जब मैं स्कूटी खींच कर ला रही थी तभी अपस्यु मिल गया। और कुछ जानना है, या नहीं यदि शक दूर करना है तो अा जाओ यहीं।

अनुपमा:- कितनी झल्ली है तू साची। उसके सामने ही सबकुछ बोल दी पागल। सुनेगा तो क्या सोचेगा।
साची:- सॉरी मम्मी, ये तो सोची ही नहीं।
अनुपमा:- पागल, दे उसे फोन…
साची अपस्यु के ओर फोन बढ़ती हुई कहने लगी…. "लो मम्मी तुमसे बात करेंगी"
अपस्यु :- जी आंटी नमस्ते।
अनुपमा:- हां नमस्ते बेटा। माफ़ करना बेटा उसमे थोड़ी समझदारी कि कमी है। मैंने उससे बस चिंता में पूछी और उसने ना जाने क्या-क्या कह दिया।
अपस्यु :- कोई बात नहीं है आंटी। आप को इतना सोचने कि कोई जरूरत नहीं।
अनुपमा:- थैंक्स बेटा। साची कह रही थी तुम्हारी बहन हॉस्पिटल में एडमिट है। कोई चिंता का विषय तो नहीं।
अपस्यु :- नहीं आंटी कोई चिंता की बात नहीं है। वो आज कल की लड़कियों में फ़ैशन सा नहीं अा गया है जीरो फिगर वाला बस उसी का चक्कर है सब।

अनुपमा:- बताओ ! मैं सोचती थी मेरे घर का ही ये हाल है यहां तो सब पगलाई है। पता नहीं लकड़ी वाला फिगर पाकर, कौन सा तीर मार लेंगी। मैं इतनी मोटी हो गई हूं, लेकिन आज भी मेरे हसबैंड की शायरी इसी फिगर को देखकर निकलती है। ये लोग भी ना केवल दिखावे में जी रही हैं। ओह ! सॉरी बेटा मै भी ना तुम्हे बस सुनाए ही जा रही हूं।

अपस्यु :- कोई बात नहीं आंटी, आप को सुनने के बाद लगता है किसी दिन पूरा सुन लूं।

अनुपमा:- बहुत प्यारी बातें करते हो बेटा। अच्छी परवरिश हुई हैं तुम्हारी। अच्छा सुनो बेटा रात बहुत हो गई है क्या तुम साची को घर तक छोड़ दोगे।
अपस्यु :- जी बिल्कुल आंटी। बस 5 मिनट का तो रास्ता है।

कॉल डिस्कनेक्ट हुआ और अपस्यु ने साची को उसका फोन देते हुए कहा… "तो मैडम शादी अटेंड करने गई थी।

साची, अपस्यु को ध्यान से देखती हुई…. "आज की बात अधूरी रह गई, यहां से फुर्सत हो जाओ फिर हम इस अधूरी बात को पूरा करेंगे। और हां सही कहा था तुमने जो मज़ा आमने-सामने की बातों का है वो फोन कॉल पर कभी नहीं हो सकती। अब चले सर"

साची, अपस्यु के साथ कार में बैठ गई। दोनों के बीच पूरे रास्ते खामोशी ही रही लेकिन बार-बार एक दूसरे को देखना और देख कर प्यार से मुस्कुरा देना अपनी अलग ही छाप छोड़ रही थी, जिसमें शायद शब्दों का कोई काम ही नही। अनुपमा पहले से ही बाहर खड़ी थी, उसने अपस्यु को अपना आभार व्यक्त की और दोनों मां-बेटी अंदर चले गए।

कुंजल को वहां 2 दिन और रुकना पड़ गया। डिस्चार्ज से पहले डॉक्टर ने खुद मुलाकात कि अपस्यु से और उन्होंने समझते हुए कहा…. "आने वाला एक महीना बहुत ही भारी होगा कुंजल के लिए। वो खुद तो कोशिश कर ही रही है लेकिन ऐसे केस में फैमिली कि बहुत इंपॉर्टेंस होती है इसलिए इसका अच्छे से ख्याल रखना। दवाई टाइम से देते रहना और केस अगर ना संभले तो बेहतर होगा रेहबिलेशन सेंटर भेज देना।"

अपस्यु ने डॉक्टर को धन्यवाद कहा और हॉस्पिटल से निकलने से पहले अराव को सूचित कर दिया। अपस्यु और कुंजल कुछ ही देर में घर के दरवाजे पर थे। कुंजल ने जैसे ही हॉल में अपना कदम रखा .. बूम-बूम धमाके की आवाज हुई .. चारो ओर लाल हरी चमकीली बारिश होने लगी.. सामने लगी बड़ी सी स्क्रीन पर कुंजल की प्यारी तस्वीर आने लगी। उसपर बड़े और बोल्ड अक्षोरों में लिखा आने लगा…. "Welcome Back, The Real Hero Of This House"

अगले कुछ दिनों तक सबने जैसी छुट्टी ले रखी हो, कोई घर से बाहर ही नहीं निकला। सुबह के 4 बजे से दिन शुरू होता, वर्कआउट फिर से अपनी रूटीन में शुरू हो चुकी थी। उसके बाद सरा दिन फैमिली के साथ मस्ती मज़ाक और ढेर सारी बातें। इस बीच अराव और लावणी की थोड़ी बहुत बातें होती रही, उसने भी खुशी के साथ ये कह दी थी "अभी पूरा समय उधर ही देना"। लेकिन हॉस्पिटल के उस रात के बाद साची ने अबतक अपस्यु से एक बार भी संपर्क नहीं किया था।

रविवार की सुबह थी, वर्कआउट के बाद तीनों भाई बहन हॉल में ही हल्ला-गुल्ला मचा रहे थे। आपस में इतने मशगूल थे कि किसी को घर की घंटी भी नहीं सुनाई दी। नंदनी ने जैसे ही दरवाजा खोला सामने कुछ मेहमान थे। कुछ जाने पहचाने चेहरे तो कुछ अनजान चेहरे… "जी हम अंदर अा सकते हैं क्या?"
 

Aakash.

ɪ'ᴍ ᴜꜱᴇᴅ ᴛᴏ ʙᴇ ꜱᴡᴇᴇᴛ ᴀꜱ ꜰᴜᴄᴋ, ɴᴏᴡ ɪᴛ'ꜱ ꜰᴜᴄᴋ & ꜰᴜᴄᴋ
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Saachi looks so cute and innocent, like the moon looks beautiful at midnight, I love her style, face, way of talking, tantrums and everything. I was happy to see the joy of Saachi's face, I don't know why the smile on my face goes away on its own.
:love:

Reading today's update made my heart happy. I want every update to be like this. They are close to each other and my breath was getting heavy. A lie spoken in love is also lovely.
:love:
Edited :love1: Both express themselves by looking into each other's eyes, Wow! The way you narrate your story is excellent. I pray that Kunjal gets well soon and I know who this unknown guest is.:wink2:
As always the update was great, You are writing very well, Now let's see what happens next, Till then waiting for the next part of the story.

Thank You...

???
 
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THE FIGHTER

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भ्राता बहोत ही सुरेख तरीके से पाठ को प्रस्तुत किया गया है
हम प्रसन्न हुवे
जिस तरह से अभिनेता और अभिनेत्री का आंखो ही आंखो में चल रहे भाव और दोनों का संभाषण लिखा है उसको हम १० अंक देते है
कृपया ऐसे ही हमारा मनोरंजन करते रहिए
जैसे हमने पिछली बार कहा था लावणी कहीं दिख ना रही तो इस पाठ में आपने उसके लिए १ वाक्य लिखा उसके लिए धन्यवाद
होसके तो कुंजल को घर पर ही ठीक होने दो
आरव और कुंजल की बातचीत बड़ी उत्तम तरीके से लिख कर आप हमारा अच्छा मनोरंजन करते हो
ऐसे समझ अराहा है कि अप्सयू और साची की भी प्रेमलिला शुरू होने वाली है हमें एक चोथाई भाग देखने को मिला आज के इस पाठ में जिसे अपने उच्च स्तर की लेखनी से सुंदरता प्रदान कि है
ऐसे ही लगातार पाठ देकर हमें लुभाते रहिएगा
अगले पाठ के प्रतीक्षा में रहेंगे
आपका अपना अनुज अजिंक्य
 
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THE FIGHTER

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Saachi looks so cute and innocent, like the moon looks beautiful at midnight, I love her style, face, way of talking, tantrums and everything. I was happy to see the joy of Saachi's face, I don't know why the smile on my face goes away on its own.
:love:

Reading today's update made my heart happy. I want every update to be like this. They are close to each other and my breath was getting heavy. A lie spoken in love is also lovely.
:love:
I think Apasyu is a little shy like me. :love1: Both express themselves by looking into each other's eyes, Wow! The way you narrate your story is excellent. I pray that Kunjal gets well soon and I know who this unknown guest is.:wink2:
As always the update was great, You are writing very well, Now let's see what happens next, Till then waiting for the next part of the story.

Thank You...

???
अनुज आकाश कृपया अपस्यू को अपनी तरह मत समझो कहीं कहानी में आपका भी पात्र अगया तो थोड़ी कठिनाई होगी तुम्हे
 

-:AARAV143:-

☑️Prince In Exile..☠️
4,422
4,158
158
update 11


"मेरे लिए मेरा भाई है और उसके लिए मैं। किसे पुकारू, किसे बुलाऊं"..

ye kya chakkar hai bhai..
aarav ne aisa kyu kaha ?

wah aarav bhai man gaye :claps:
aap apsyu ko bahut pyaar karte hai
saachi ke dil mein bhi pyaar ka kida uchal kud kar raha hai kya :love:

waise ye apsyu aur aarav kis kam ke liye aaye dekhn hai
dushman bhi kam khatarnak na hai jo apne hone ka ehsaas dilane ke liye accident karwa diya


:reading: next
 
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-:AARAV143:-

☑️Prince In Exile..☠️
4,422
4,158
158
update 12 (a) & (b)

mujhe laga hi tha saachi ke dil mein kuch kuch hota hai wala chalu ho gaya :loveeyed2:
lekin ye anupama aunty kahe bich mein aa gayi
iske chalte to apsyu ko na saachi mil payengi na apne aarav ko lavni mil payengi..

saachi ne dekh liya hai ab aarav se puchengi hi kyu apsyu ko hospital se laya :angry:
apsyu ne medical ka gyan prapt kiya hai :vhappy:
is se docter ka kharch bach jayenga :D

ye kya karwa raha hai nainu.. :buttkick:
ab tak to aarav ko mastikhor hi dikhya ab to tum use marne marwane ki plaaning mein shamil kr rahe ho

chalo koi na ek ki intellegence to dikha di ab aarav kis chiz mein mahir hai wo bhi dekh lenge

jaise jaise character add ho rahe hai unka intro to de do first page par :slap:


:reading: next
 
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-:AARAV143:-

☑️Prince In Exile..☠️
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update 13

saachi apsyu se milne aayi :vhappy:
ye update padh kar mujhe dursi :nana: dusri nahi teesri baar khushi huyi hai


"ले अा गई तेरा हाल पूछने। लगता है तेरी वाली बीमारी इसे भी लग गई। पहले तू इसके घर में झांकता था अब ये तेरे घर"
aarav bhai kabhi to sambhal jao :slap:
jab dekho tab kisi na kisi ko pareshan kar deto ho


अभी मै यहां भांगड़ा करूंगी और तुम ढोल पीटना डफर। तुम्हे देखने आयु हूं और खबर भी लेने।
saachi bhi acha majjak karti hai :D :lol1:

acha ullu banaya saachi ko
idhar karodo kamate ho ho aur jeb mein 200rs bhi na hai :lol1:


लो अभी मांग लिए जरूरत तो है ही। फिलहाल ₹20000 दे दो। पैसे आते ही लौटा दूंगा।
lo aaye phir wahi :doh:
ugli de do to hath hi mang lete ho :D


आरव ने सही ही बताया था।
aarav sahi hi batata hai lavni se puch lo :D

jamil ko tikhane lagana padenga jaldi se :gunfire:

tumhe kya pata jamil babu aarav bhai to abhi triveni ko hi tikhane lagane ka plan excute karne gaye hai
tum idhar deal karte raho..
next target tumhara hi honga :happy:
apsyu bacha jarur hai lekin abhi to khel start hua hai aage dekhna kya karta hai ye bacha tum sabka :smoking:


:reading: next
 
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Aakash.

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अनुज आकाश कृपया अपस्यू को अपनी तरह मत समझो कहीं कहानी में आपका भी पात्र अगया तो थोड़ी कठिनाई होगी तुम्हे
Edit kar diya mai...?
 

-:AARAV143:-

☑️Prince In Exile..☠️
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update 14

"देखता हूं मेरी जानेमन क्या कर रही है"

teri kab se ho gayi :?:

"जी हम आप के लवर बोल रहे हैं"।.
:lol: abe use heartattack deni ki sochi hai.. :slap:


"किसी लड़की को लाइन मारने वाले लड़के के पास उसकी पूरी डिटेल होती है। तुम ना समझोगी, अभी बहुत कच्ची हो"।
:approve:

अरे इतना डरती क्यों हो। इस परिस्थिति से निकलने के लिए वहीं डोज बनेगा, 180ml पियो और शान से जियो।
:lol: phir se na shuru ho jana
abhi ek se ubhari bhi na hai hai tum dusre bar pilane ki baat kar rahe ho


ये सब तस्वीरे तुम्हारे पास कैसे आए… कब खींची"
pichli baar wale dose mein kiya tumne kya kiya tha yaad kar lo :D

"तुमने मेरे नशे का गलत फायदा उठाया"..
ye bhi koi baat huyi
tumne hi chalu kiya tha kiss karna :blush1:


ये दिल में कुछ और, और दिखा कुछ और रहे हैं, मुझ से नहीं हो पाएगा"।
sach hi bol do saachi..jaldi line par ho jayengi :D

apsyu itni behas kyu kar raha hai.. :slap:
kitne pyaar se bol rahi hai :love:

chalo ye dono ko to pyaar ka rog lag gaya hai..
ab ye lavni kab line pe aayengi :rondu:
main to waiting se mar jaunga :verysad:


:reading: next
 
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