• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Adultery सपना या हकीकत [ INCEST + ADULT ]

THE WILD NEW YEAR PARTY में किस फैमिली का गैंगबैंग चाहते है आप ?

  • राज की फैमिली

  • अमन की फैमिली

  • निशा की फैमिली

  • रज्जो की फैमिली


Results are only viewable after voting.

DREAMBOY40

सपनों का सौदागर 😎
9,401
27,564
219
UPDATE 041

पढ़िए अनुज रागिनी की रोमांच भरी दास्तान

1000016023
UPDATE WILL AVAILABLE SOON
 
Last edited:

TharkiPo

I'M BACK
4,953
16,803
159
💥 अध्याय 02 💥

UPDATE 035


बड़े शहर के होटल में रज्जो हल्के गुनगुने पानी से अपने जिस्म को साफ कर रही थी , वीर्य के उन दागों को अपनी छातियों से साफ कर रही थी जिन्हें मुस्कान ने दिए थे।
इस बात से बेखबर कि उसकी नंगी गदराई जवानी को बाथरूम के बाहर से कोई तीसरा ही निहारा था ।


GIF-20260201-170602-201
जिसके बदन में रज्जो की चर्बीदार चूतड़ों की गोलाई और मोटे मोटे चूचे देख कर सिहरन हो रही थी
और वो अपने रसीले मम्में को कपड़े के ऊपर से सहलाती हुई , नीचे अपने पैंटी में सर उठाते लंड को भी सहला रही थी

उसने एक एक करके अपने बदन से कपड़े निकालने शुरू कर दिए और नंगा होकर अपना आकार लेते बड़े से लंड को सहलाना शुरू कर दिया था
उसकी आंखे रज्जो की नंगी थिरकती हुई थुलथुली चूतड़ों पर थी और उसके मुंह में मिश्री घुलने लगी थी

अपने बदन को पोछते हुए एकदम से रज्जो को कुछ महसूस सा हुआ और उसने पलट कर देखा
सामने एक किन्नर खड़ी थी , जिसकी जिस्मानी बनावट मुस्कान से ज्यादा ही मर्दाना थी और उसके हाथ में लंड का टोपा देख कर वो समझ गई कि खुशबू आ गई थी

ना सवाल ना कोई बातचीत
दोनों जान रहे थे कि वो यहां किस लिए है
खुशबू रज्जो दोनों एक दूसरे की ओर बढ़े , फिर एक दूसरे की आंखों में देखा
इजाजत दोनों ने दे दी थी एक दूसरे को और खुशबू ने आगे बढ़ कर रज्जो के गालों को छू कर उसके होठों को हौले से चूमा

रज्जो का पूरा बदन गिनगिना उठा
अभी थोड़ी पहले ही तो खुशबू ने उसको अपनी बाहों में भरा था और उसके कड़क हाथों का वो एहसास और इस बार के पहल में बहुत अंतर था
इस बार उसकी शुरुआत धीमी थी
हल्के हल्के वो उसके होठों को चूस रही थीं और रज्जो ने अपने आप को बस उसे सौंप दिया
ना कोई संवाद न इंकार
बस वासना की तरंगें उठ रही थी और रज्जो को उसने अपनी बाहों में कस लिया
एक बिजली सी दौड़ी दोनों के बदन में
दोनों एक दूसरे के रसीले मम्में के गुदाज अहसास से वाकिफ हो गए थे , खुशबू का लंड रज्जो की पेट पर अड गया था
दोनों के चुम्बन की तीव्रता बढ़ने लगी और खुशबू के पंजे रज्जो की पीठ से उसके नंगे चूतड़ों की ओर बढ़ने लगे
दोनों एक ताल में एक दूसरे को सहला चूस रहे थे
जल्द ही रज्जो के चूतड़ों की दरार फैलने लगी , खुशबू ने दोनों पंजों के नाखून गाड़ कर उसके चूतड़ों को खींचते हुए उसके होठ जोरो से चूस रही थी
और फिर उसने हौले से झुक कर रज्जो ने कड़क गिले निप्पल


GIF-20260201-214417-038
अभी रज्जो का बदन पूरी तरह से सुखा नहीं था और जैसे ही खुशबु ने अपनी जीभ फिराई , उसको रज्जो के गिले बदन की मिठास भा गई
उसने मुंह खोलकर रज्जो की चूचियां मुंह में भरने लगा
रज्जो की सिसकिया उठने
एक ओर खुशबू के पंजे उसके गद्देदार चूतड़ों को पंजों से फाड़ रहे थे तो दूसरी ओर उसके होठ रज्जो की चुची को निप्पल सहित खींच रहे थे

: ओह्ह्ह्ह उम्ममम आराम से राजा ओह्ह्ह्ह तू तो बड़ा जोर लगा रहा है उम्मम
: तुझमें इतना रस है कि उम्ममम कितनी मुलायम चुची है तेरी रज्जो ओह्ह्ह्ह
खुशबू ने वापस उसकी दूसरी चुची मुंह में रख ली
: ओह्ह्ह उम्ममम चूस ले राजा ओह्ह्ह तेरा हथियार बड़ा कड़क है ओह्ह्ह्ह कितना टाइट और मोटा
रज्जो ने उसका लंड पकड़ कर खींचने लगी थी और खुशबू लगातार उसकी चूचियां चूस रही थी ।

: थोड़ा नरम कर दे न उसे
रज्जो समझ गई कि खुशबू क्या चाहती है और वो सरक कर नीचे बैठ गई
उसने अपनी जीभ निकाल कर दो तीन बार खुशबू के खड़े लंड के सुपाड़े की गांठ को चाटा और फिर सुपाड़े को मुंह में रख दिया


GIF-20260201-171436-169
: ओह्ह्ह्ह बहनचोद क्या आइटम है तू ओह्ह्ह्ह मेरी जान चूस ओह्ह्ह्ह ऐसे ही
रज्जो उसका लंड पकड़ कर चूसने लगी और खुशबू के जिस्म में सिहरन होने लगी , वो एड़ियों के बल होने लगी और रज्जो गले तक उसका लंड उतारने लगी
: यश मेरी जान और ले और उम्मम
खुशबू उसके सर को पकड़ कर दबाने लगी और रज्जो उसका पूरा लंड गले तक ले गई और बाहर निकाल दिया
फिर उसने वापस से उसका लंड पकड़ कर चूसना शुरू कर दिया ,


GIF-20260201-171531-503
उसके जिस्म में अब लंड की चस्क बढ़ने लगी वो अपनी चूचियों समेत बुर को सहलाते हुए उसका लंड चूसे जा रही थी

GIF-20260201-171636-833

: क्यों मेरी जान , अभी से बुर जलने लगी तेरी उम्मम
: ओह्ह्ह्ह हा मुझे लेना है इसे
: चल आजा
उनसे रज्जो को घोड़ी बना कर बिस्तर पर झुकाया और उसके चूतड़ों को फैलाते हुए उसके गाड़ का भूरा छेद देख कर बोली : उम्मम बड़ी रसीली गाड़ है तेरे उम्ममम

: ओह्ह्ह सीईईई अह्ह्ह्ह चाट ले राजा उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह तेरी जीभ बड़ी तेज है ओह्ह्ह्ह मर गई ओह्ह्ह्ह ( रज्जो मचल उठी थी जैसे ही खुशबु ने उसके गाड़ में अपना मुंह दिया )
: उम्मम कितनी मुलायम चूत और गाड़ है , बोल किस्में डालूं
: बुर में , बहुत जलन हो रही है घुसा दे न अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह बड़ा मोटा है और.... उन्ह्ह कितना लंबा भी ओह्ह्ह्ह


GIF-20260201-172114-210
: उफ्फ कितनी जल रही है तेरी बुर रज्जो , बड़ी गर्मी है तुझमें ओह्ह्ह मजा आएगा आज सारी रात तेरी गर्मी निकालूंगा तेरी चूत से
: हा मेरे राजा मै भी आज इस लंड से अपनी प्यास मिटाऊंगी ओह्ह्ह्ह पेल मुझे और तेज ओह्ह्ह्ह उम्ममम
: अह्ह्ह्ह बहनचोद क्या माल है तू ले साली रंडी ओह्ह्ह्ह उम्ममम कितना उछाल रहा है तेरा गाड़ मुझे ओह्ह्ह्ह इसमें भी डालूंगी अभी


GIF-20260201-172313-483
खुशबू रज्जो को दबाए हुए हच्च हच्च उसकी चूत में पेलने लगी और रज्जो की सिसकिया पूरे कमरे में गूंज रही थी
ताबड़तोड़ पेलाई से हटते हुए अचानक ही खुशबु से अपना लंड खींच लिया और इशारे से रज्जो को अपनी ओर बुलाया
रज्जो समझ गई और बिस्तर पर बैठ कर उसका लंड चूसने लगी जो उसकी ही बुर से रस में लिभड़ाया था ।
थोड़े देर रज्जो से अपना लंड चुसवाने के बाद उसने वापस रज्जो को बिस्तर पर धकेल दिया और उसकी जांघें फैला कर उसकी बुर की चाटने लगी


GIF-20260201-171307-795
रज्जो बिस्तर पर अकड़ने लगी और खुशबू उसकी जांघों को कसते हुए उसके बुर के रसीले फांकों को चाटने लगी , उन्हें खींचने लगी
उसकी जीभ तेजी से रज्जो के बुर में रेंग रही थी और अगले ही पल एक झटके में उसने अपना लंड बड़ी तेजी से रज्जो की बुर में उतारते है फचर फचर पेलने लगा
: ओह्ह्ह सीईईई ऐसे ही उम्ममम अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह तेरा तरीका बड़ा नया है और उफ्फफ कितना अंदर जा रहा ओह उम्मम पेल मेरे राजा उम्ममम
खुशबू ने तेजी से अपनी कमर हिलाने शुरू कर दी , उसका लंड तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था


GIF-20260201-172538-636
रज्जो के बड़बड़ाते होठ को देखकर वो उसके ऊपर चढ़ गई और अपनी नुकीली चूचियों को रज्जो के मुलायम छातियों में धंसाते हुए उसके होठ चूसने लगी
रज्जो भी उसकी इस हरकत से मचल उठी उसने अपनी बुर के छल्ले को खुशबू के लंड पर कस लिया और खुशबू भी दुगनी जोश में आकर उसकी चूचियां चूसने लगी


GIF-20260201-172714-811

उसकी कमर तेजी से ऊपर नीचे हो रही थी और लंड रज्जो की कसी बुर में अंदर बाहर होने लगा
उसके लंड पर जोर बढ़ने लगा और वो समझ गई कि वो झड़ जाएगी
फिर तेजी से उठी और रज्जो के छातियों पर अपना लंड हिलाने लगी
: ओह्ह्ह्ह यशस्स अह्ह्ह्ह्ह मेरी रंडी ले ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह आ रहा है उम्मम ओह बहनचोद आआ सीईईई अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह उम्ममम


GIF-20260201-172905-242
फिर एक के बाद एक खुशबू के लंड से वीर्य के छींटे रज्जो के चूचों पर गिरते रहे
झड़ने के बाद वो वही रज्जो के पास लेट कर सुस्ताने लगी और रज्जो उसकी ओर करवट होकर उसकी कड़क निप्पल को सहलाती हुई मुंह में भर चुकी थी
खुशबू भी समझ गई कि रज्जो पक्की खिलाड़न है , इतनी आसानी से नहीं थकेगी
और वो अगले राउंड की तैयारी करने लगी ।
इस बात से बेखबर कि थोड़ी देर पहले उसने मुस्कान को बाहर भेजा था वो वापस आ गई थी , और कबसे दरवाजे पर खड़ी उनकी लीला देख रही थी ।

वही इनसब से अलग प्रतापपुर में रात के खाने की तैयारी हो गई थी
बनवारी और रंगी, गेस्ट रूम ने बैठे खाने की राह देख रहे थे

उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे कि बबीता उनके साथ तैयार हो
: जमाई बाबू अब आप ही कुछ चमत्कार कर सकते है
गेस्टरूम के सोफे पर बैठे हुए बनवारी ने अपने धोती में लंड को सहला कर कहा

: वो आ रही है खाना लेकर बस देखते जाइए
थोड़ी देर में बबिता और गीता दोनों , रंगी और बनवारी की थाली लेकर आई
गीता निकल गई और बबीता भी जाने को हुई थी कि रंगी ने उसकी कलाई पकड़ ली
: अरे छोड़ो न फूफा जी , दादू देखो
: अरे जमाई बाबू कुछ कह रहे है सुन ले
: हा बोलो
बबीता समझ रही थी कि रंगी क्या चाहता है
: देखा बाउजी , ये कितनी बदमाशी करने लगी है । इसके तो चूतड़ लाल करने चाहिए आपको
बबीता ने घूर कर रंगी को देखा और वो वो उस दर्द से अभी उभरी नहीं थी जो रंगी ने उसके चूतड़ों को लाल करके दिए थे ।
: अरे नहीं नहीं , मेरी गुड़िया इतनी प्यारी है । इधर आ बेटा
फिर बनवारी ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया
लंड तो उसका पहले से ही खड़ा था धोती में , जैसे ही बबीता उसकी गोद में बैठी अपनी गाड़ में उसे अपने दादू का मोटा लंड महसूस हुआ
वो पूरी तरह गिनगिना गई , अभी भी उसने लेगिंग्स के नीचे कच्ची नहीं पहनी थी
: अरे बाबूजी मै सच कह रहा हूं , देख लीजिए इसने अभी भी कच्छी नहीं डाली होगी
रंगी की बात सुनकर बनवारी का लंड ठुमका और बबीता को महसूस हुआ
: क्या सच में गुड़िया तूने कच्छी नहीं पहनी
उसने झट से अपने हाथ नीचे कर सरेआम बबीता के चूतड़ों के नीचे हाथ रख एक लेगिंग्स के ऊपर से उसके मुलायम चूतड़ों को टटोला

: उम्मम लग तो रहा है पहनी है
: अरे नहीं पहनी है बाउजी , खोल कर देखिए
: उम्मम नहीं ( वो कुन्मुनाई और रंगी को देखा उसने )
: क्या नहीं खड़ी हो तू ( बनवारी ने थोड़ी डांट लगाई तो वो झट से खड़ी हो गई )


images
बनवारी ने एक नजर शरारती मुस्कुराहट से रंगी को देखा और दूर बबीता की लैगिंग को सरका कर जांघों तक कर दिया
: अरे हा , ये तो सच में नहीं पहने इसने
बनवारी अपनी नातिन के मुलायम चर्बीदार चूतड़ों को देख कर गदगद हो गया
: मै तो कह ही रहा था
: गुड़िया ये क्या है , बेटा अब तू बड़ी हो गई है न ( बनवारी के उसके नंगे चूतड़ों को सहलाया )
: जी दादू आगे से पहनूंगी , अब जाऊ

वो वापस से अपनी लैगिंग्स चढ़ाने के लिए झुकी और इतने में रंगी ने रोका
: अरे वो क्या है बाउजी देखिएगा तो
: क्या है ?
बनवारी भी समझ नहीं पा रहा था और रंगी ने झट से बनवारी की सफेद धोती से एक धागे का रेशा खींच कर जानबूझ कर बबीता के चूतड़ों के पास लगा कर निकाला
: अरे ये तो सफेद धागा है ( बनवारी बोला )
एक पल को बबीता भी चकित हुई
: जरूर इसकी लेगिंग्स से निकला होगा , एक और दिख रहा है अंदर
: कहा ? ( बनवारी रंगी का नाटक अब समझ गया था और उसने झट से बबीता ने मुलायम चूतड़ों को फैला के कर देखने लगा
: उम्मम दादू क्या कर रहे हो सीईईई
: चुप कर तू , पागल धागा फंसा है अंदर ( बनवारी झूठ का उसके गाड़ के सुराख के पास अपनी उंगली कुदरने लगा , बबीता मचलने लगी )

: नहीं पकड़ में आ रही है जमाई बाबू
: अरे थोड़ा थूक लगा कर उंगली में चिपकाइए आ जायेगा
बनवारी रंगी की योजना से प्रभावित हुआ जा रहा था और उसका लंड फौलादी हुआ जा रहा था
उसने उंगली में थूक लगाई और बबीता के गाड़ के सुराख पर कुरेदने लगा
उसने एक हाथ की दो उंगलियों से बबीता की गाड़ के दरारों को खोल रखा था और दूसरे हाथ की उंगली पर थूक लगा कर उसके गाड़ के सुराख को छेड़ रहा था
: लग रहा है जमाई बाबू जगह छोटी है इसीलिए पकड़ नहीं हो पा रही है
: अरे गुड़िया जरा अपने हाथों से अपने चूतड़ फैला तो
बबीता ने रंगी को देखा और मुंह बना कर अपने दोनों हाथों से अपने लचीले चर्बीदार चूतड़ों को फैला कर थोड़ा झुक गई


19742315
जिससे अब बनवारी के आगे उसकी गाड़ के छेद के साथ साथ बुर की फांके भी दिखने लगी
: हा अब साफ दिख रहा है
बनवारी ने वापस अपनी उंगली मुंह में डाली और उसके गाड़ के सुराख को गिला करने लगा
दोनों का लंड अकड़ गया था
: उन्ह्हु जमाई बाबू , मेरी उंगली जगह के हिसाब से मोटी है , आप ट्राई करेंगे
रंगी कहा ये मौका छोड़ने वाला था , वो सरक कर बनवारी के पास आया और बबीता के चूतड़ों को पकड़ कर अपने सामने कर दिया

: ओहो बाउजी आप तो थूक लगा ही नहीं रहे थे कितनी सूखी है
रंगी ने मुस्कुरा कर कहा और अपने मुंह से देर सारा लार लेकर बबीता के गाड़ के सुराख पर लीपने लगा
जिससे बबीता सिसक पड़ी

: आराम से जमाई बाबू नाखून न लगे बच्ची को
बनवारी ने अपना ड्रामा जारी रखा
: ओह्ह्ह सही कह रहे है बाउजी जगह छोटी है , यहां कोई लचीली से पकड़ना पड़ेगा , थोड़ा सा निकला तो है लेकिन पकड़ में नहीं आ रहा है
: अब ?
: एक उपाय है
: क्या ?
: अगर अंदर कोई सॉफ्ट चीज डाल कर पकड़ ले तो , जैसे जीभ डाल कर उसको लपेट लेंगे और होठों से खींच लेंगे
: क्या ? नहीं भक्क
: चुप रह तू , एक तो बात नहीं मानती और कोई मदद कर रहा है तो .... आप करिए जमाई बाबू
: ऐसे नहीं ... इसको कहिए बिस्तर पर झुक कर घुटने के बल हो जाए , उससे जगह भी चौड़ी हो जाएगी और आसानी से निकल भी जाएगा

: हा ये सही कह रहे है आप जमाई बाबू ( फिर बनवारी उठ गया और बबीता को पकड़ कर बिस्तर पर ले आया ) चल जल्दी से वैसी हो जा जैसे जमाई बाबू कह रहे है
बबीता रंगी का खेल समझ गई थी अब और उसने वही किया जो बनवारी ने कहा , बिना किसी विरोध के और अपनी लेगिंग्स पूरी निकाल कर

वो बिस्तर पर घुटने के बल होके आगे झुक गई और दोनों के सामने उसकी गाड़ फेल कर आ गई
: करिए जमाई बाबू
फिर रंगी ने उसके नंगे चूतड़ों को पकड़ कर पंजे से फैलाया और झुक कर अपनी जीभ की नुकीली टिप को उसके गाड़ के सुराख पर रख कर चलाने लगा ।


15843963
बनवारी अपने सामने अपने जमाई को अपनी ही नातिन की गाड़ का सुराख चाटते देख अपना लंड धोती में सहलाने लगा
वही बबीता रंगी की जीभ का स्पर्श पाकर गिनगिना उठी
: उम्मम हिल मत गुड़िया ( रंगी ने उसके गाड़ में मुंह लगाए कहा )
: हा बच्चा हिल मत , करने दे उन्हें ... मिला क्या जमाई बाबू
रंगी उठ गया
: अह्ह्ह्ह नहीं बाबूजी , गाल जबड़ा दर्द होने लगा , बस थोड़ा सा एक बार फंसा था लेकिन इसमें हिल कर सब बिगाड़ दिया ... आप ट्राई करिए
जगह की बदली हुई और बनवारी के मुंह में लार घुलने लगी
उसने भी ढेर सारी लार लेके रंगी की गीली की हुई जगह और अपनी जीभ फिराई


pussy licking gif scaled
एक ही बार बनवारी को अपनी लाडली नातिन के गाड़ का स्वाद भा गया और उसने अच्छे से चाट चाट कर उसकी गाड़ का सुराख गिला करने लगा
आगे बबीता अपनी बुर की कुलबुलाहट को कंट्रोल कर रही थी , अपनी सिसकियों को रोक रही थी
: अह मजा आ गया जमाई बाबू
( बनवारी खड़ा हुआ और एकदम से चौक गया कि उसने क्या बोला , फिर उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी ) अरे मतलब पकड़ में आ गया
बबीता सुस्त होकर फैल गई नंगी गाड़ उठाए हुए और हांफने लगी

: वाह बाउजी कर दिया आपने आखिर ( रंगी ने हस कर आंख मारी बनवारी को ) लेकिन मुझे कुछ शंका है
: कैसी शंका ?
: अरे आपने जो निकाला वो बहुत छोटा टुकड़ा था , कही अंदर टूट कर रह गया हो तो
बनवारी रंगी का लालच समझ गया और मुस्कुराने लगा
: ये तो सच में चिंता वाली बात हो जायेगी जमाई बाबू , अब क्या किया जाए
: एक काम करते है , आपके कमरे में तेल होगा क्या ?
: हा हा है न , रुकिए लाता हूं
फिर बनवारी अपना लंड धोती के ऊपर से मसलता हुआ भागा भागा अपने कमरे से तेल वाली सीसी ले आया
: बेटा वापस वैसे हो जा ( रंगी ने कहा )
: निकल तो क्या गया न ?
बबीता समझ रही थी कि उसे अभी और तड़पना ही पड़ेगा । वो वापस अपने घुटने के बल होकर अपने चूतड़ हवा में कर दिए , बनवारी उसके पास जाकर उसके सर को सहलाया
: बस बेटा ज्यादा टाइम नहीं लगेगा , जमाई बाबू एक बार उंगली डाल कर चेक करेंगे
: उम्मम दर्द होगा तो....
एक पल को बनवारी का भी मन पिघल गया , लेकिन रंगी आंखों से उसे आश्वस्त कर दिया कि सब कंट्रोल में होगा
फिर रंगी ने उसके गाड़ की सुराख पर शीशी से तेल टिपकाने लगा
फिर उसने अपनी बाह चढ़ाई और उंगलियों से उसकी गाड़ की सुराख लीपने लगा
बबीता की सिसकिया उठने लगी और वो खुद को अपनी गाड़ में रंगी की मोटी उंगली लेने के लिए तैयार करने लगी
रंगी ने तेल की शीशी का ढक्कन खोलकर अंदर अपनी उंगली डिप की और वैसे ही बाहर निकाल कर उंगली की टिप को बबीता की गाड़ के सुराख पर रखा
: आराम से जमाई बाबू बच्ची है
बनवारी फिकर में था , लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी नातिन अपने bf से कितनी बार अपने गाड़ के धागे निकलवा चुकी थी
थोड़ी ही प्रयास में रंगी की उंगली आसानी ने बबीता की गाड़ में सरक गई
: ओह्ह्ह दादू उम्ममम
: दर्द हो रहा है क्या बेटा ? ( बनवारी उसके पास गया )
: उम्ममम बहुत हल्का सा
: जमाई बाबू आराम से चेक करिए , कुछ मिला क्या
रंगी अपना लंड पकड़ कर दूसरे हाथ से एक उंगली डाल निकाल रहा था , रंगी को अंदाजा हो गया था कि बबीता अपने bf से अपनी गाड़ का ढीली करवा चुकी है


analfingeredallfours
: उम्मम शायद मेरे हिसाब से अंदर कुछ रह गया है , मेरी उंगली उस तक नहीं पहुंच पा रही है एक बार आप भी तसल्ली कर लीजिए बाउजी
: हा लाइए तेल दीजिए
फिर रंगी ने तेल की शीशी आगे की और बनवारी उसमें अपनी बीच वाली लंबी उंगली डिप करने जा रहा था तो रंगी ने उसका अंगूठा पकड़ कर डूबो दिया
बनवारी रंगी का इशारा समझ गया था लेकिन अभी भी उसके मन में अपनी लाडली के चूतड़ों का ख्याल था , वो आंखे बड़ी कर रंगी को देखा तो रंगी ने आंखों से इशारा किया कि करिए
बनवारी को यकीन होने लगा था कि जरूर रंगी ने कुछ अंदाजा लगाया है
बनवारी गांव में किसानी करके बड़ा हुआ था उसकी सामान्य उंगलियां भी रंगी के अंगूठे जितने थी और अंगूठा तो किसी टीन एज बच्चे की नूनी से कम मोटा नहीं था ।
बनवारी ने डरते हुए अपना अंगूठा बबीता के गाड़ के सुराख पर रखा और हौले से दबाया
पचक की आवाज से उसके अंगूठे का नाखून वाला भाग अंदर चला गया
बनवारी को हैरानी हुई और उसने रंगी को देखा तो रंगी मुस्कुरा पड़ा
बनवारी का डर अब कम हो गया और उसने अपना अंगूठा अंदर डाल कर ऐसे से घुमाया


20813691
: देखिए बाउजी कुछ है न
: अह हा जमाई बाबू लेकिन उंगली तो मेरी भी नहीं जा रही है , कुछ लम्बा सा चाहिए
: हा लेकिन बाबूजी बच्ची है , अंदर कुछ धारदार डाल नहीं सकते , लग जाएगा उसको
: फिर अब ? , अगर अंदर रह गया तो आगे जाकर सड़ेगा और बीमारी होगी ।
बबीता समझ रही थी कि अब आगे उसके साथ क्या होगा , लेकिन वो अपनी बुर की वजह से ज्यादा मजबूर थी
: एक बार बाउजी ऐसे ही सोनल की मां के आगे बाल बहुत बढ़ गए थे तो साफ करते हुए बाल का टुकड़ा अंदर चला गया था
: फिर आपने क्या किया था जमाई बाबू ( बनवारी अपना मूसल मिजता हुआ बोला )
: आप तो जानते ही है औरतों की वो जगह कितनी नाजुक होती है , उंगली से प्रयास किया लेकिन नहीं काम आया
: फिर आपने क्या किया ?
: अह क्या बताऊं बाउजी आपसे , वो मै ... ( रंगी ने शर्माने का ड्रामा किया )
: जमाई बाबू झिझक छोड़िए , मुझे मेरी नातिन की चिंता हो रही है
: दरअसल बाउजी मुझे अंदर अपना लंड डालना पड़ा था फिर वो उसमें चिपक कर बाहर आया था ।
: ओह्ह्ह फिर करना क्या है , डालिए अंदर और ... निकालिए उसे
: क्या मै ?
: हा जमाई बाबू , आपको अनुभव है
: लेकिन बाउजी एक काम और करना पड़ेगा
वी
: क्या ?
: दरअसल अंदर तो मै गुड़िया के डाल दूं लेकिन तेल से ये काम नहीं होगा , तेल से लंड अंदर ज्यादा फिसलेगा
: तो फिर ?
: इसके लिए थूक का प्रयोग ही सही रहेगा
: तो करिए , किस सोच में है अभी आप ?
: दरअसल आप समझ नहीं रहे है बाउजी, उंगली डालने भर का थूक मै इस्तेमाल कर लूं लेकिन मेरा साइज बड़ा है , उतने से काम नहीं होगा
: फिर आपके छोटी से अंदर से कैसे निकाला था
: अह बाउजी दरअसल सोनल की मां ने मेरा लंड चूस कर गिला किया था , तब कही मैं उसमें चिपक कर बाहर आया था
: हा लेकिन यहां छोटी तो है नहीं न , तो अब
: अह अगर आप कहेंगे तो मुझे लगता है कि गुड़िया जरूर तैयार हो जाएगी ( रंगी ने आंख मारी और बनवारी भी मुस्कुरा पड़ा )
: हा हा क्यों नहीं , गुड़िया बेटा जरा तेरे फूफा का गिला कर दे तो

: बक्क नहीं
: देख अब बदमाशी मत कर , कितना परेशान है बेचारे तेरे लिए, चल उठ
बनवारी के गुड़िया की बाह पकड़ कर उसे बिस्तर से नीचे किया
बबीता ने छुपी हुई मुस्कुराहट से रंगी को देखा तो रंगी भी मुस्कुरा उठा और अपना पजामा खोल कर अपना बड़ा सा लंड बनवारी के सामने ही खोल दिया , बबीता घुटने के बल नीचे बैठ गई वैसे ही कमर के नीचे नंगी
: कितना बड़ा है ये दादू
: कोई बात नहीं बेटा तू कर लेगी , चल जल्दी कर ( बनवारी ने गुड़िया का सर आगे जोर देके रंगी के सुपाड़े की ओर किया )
बबीता ने रंगी का तपता लंड थामा और मुंह खोलकर उसका सुपाड़ा चुभलाने लगी
रंगी के पूरे बदन में कंपकंपी होने लगी वो अपने चेहरे के भाव से बनवारी को बताने लगा कि वो कितने मजे में है
बनवारी ये देख कर अपना लंड मीज रहा था


gifcandy huge cock 88
: हा बेटा और अन्दर लेकर गिला कर ओह्ह्ह्ह सही कर रही है तू उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई बाबूजी गुड़िया तो बड़ी श्यआनी है , इसको तो अच्छे से गीला करने आता है
: हा जमाई बाबू , गुड़िया तो है ही श्यानी , अच्छे से कर बेटा थूक लगा कर
बबीता अच्छे से रंगी का लंड का मुंह में लेकर चूसने लगी और उसकी लार से रंगी का लंड एकदम तैयार हो गया था
: बाबूजी मेरे ख्याल से इतने से काम हो जाएगा , आइए , आओ गुड़िया

रंगी फिर गुड़िया को सोफे कर लेकर आया
: यहां ?
: हा बाउजी, बच्ची है जरा आपकी गोद में रहेगी तो दर्द होगा तो आप सम्भाल लेंगे न
बनवारी कुछ कुछ रंगी का मतलब समझ रहा था
फिर रंगी ने बबीता को सोफे पर घोड़ी बना कर उसके पीछे आ गया , बनवारी अपनी लाडली के पास बैठ गया और उसके हाथ पकड़ कर उसे तैयार करने लगा
: डर मत बच्ची , कुछ होगा नहीं अभी तेरे फूफा यूं निकाल देंगे धागा
: हम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईईईई दादू टाइट है
: आराम से जमाई बाबू हल्के हल्के जाइए अंदर है
इधर रंगी ने ढेर सारी थूक लेकर वापस से बबीता की गाड़ की सुराख को गिला किया और अपना सुपाड़ा सेट कर हलका सा जोर देकर दबाया


teen scaled
: अह्ह्ह्ह्ह बस बाबूजी सच में बड़ी टाइट जगह है
: अह्ह्ह्ह दादू खींच रहा है मम्मीईई आह्ह्ह्ह नहीं उम्हू दर्द हो रहा
: बस बेटा अब नहीं होगा , अह्ह्ह्ह्ह अब तक अंदर चला गया है... कितना और बचा है जमाई बाबू
: बस बस बाउजी आधा चला गया है उम्मम सीई जगह बड़ी टाइट है
: अरे जमाई बाबू थोड़ा आगे पीछे करिए , जगह बनेगी
रंगी मुस्कुरा कर अपना लंड उसी जगह आगे पीछे करने लगा : अह्ह्ह्ह हा बाउजी सही कहा आपने ये सच में आगे पीछे करने से अंदर जा रहा है
: ओह्ह्ह दादू उम्ममम
: क्या हुआ बेटा अभी भी दर्द है
: हम्ममम हल्का हल्का ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई उम्ममम

रंगी ने अब पूरा लंड जितना बबीता की कसी गाड़ में जड़ तक तक उतार दिया था , बबीता की गाड़ की कसी और तपती सुराख में उसे गजब का सुख मिल रहा था


28277740
रंगी अपनी मस्ती में लंड अंदर ही आगे पीछे करने लगा और वही बबीता को भी मजा आने लगा , उसकी बुर कबसे बह रही थी
उसकी आंखों के सामने उसके दादू का लंड धोती में फ़नफ़नाया हुआ था । और वो रंगी के करारे झटके से बार बार उसी के झुक रही थी
: क्या हुआ जमाई बाबू , कुछ महसूस हो रहा है
: आह बाबूजी खोज रहा हूं , लेकिन अंदर जगह इतनी सुखी है कि लंड सुख रहा है तेजी से
: कोई बात नहीं जमाई बाबू आप खोजिए , गुड़िया फिर से गिला कर देगी
: हा बाउजी , जबतक मै खोज रहा हूं क्यों न तबतक आप अपना गीला करवा लीजिए , अगर जरूरत पड़ी तो जल्दी काम हो जाएगा

बनवारी तो जैसे इसी राह में था उसने झट से अपनी धोती से अपना मोटा काला मूसल जैसा लंड निकाल दिया
: हा जमाई बाबू सही कह रहे है ,गुड़िया बेटा जरा इसे भी गिला कर दे तो ले मुंह खोल

बनवारी ने खुद से अपना लंड का सुपाड़ा उसके मुंह की ओर कर दिया और बबीता ने बिना एक पल झिझके अपने दादू का मोटा लंड मुंह में ले लिया
बनवारी ने एक लंबी ठंडी गहरी सांस ली और गुड़िया के सर को सहलाने लगा


045A47E
बबीता अब रंगी के लंड को अपनी गाड़ में लेते हुए अपने दादू का लंड चूसना शुरू कर चुकी थी
कमरे में कामुक गाड़ चुदाई का माहौल बना हुआ था

: थक जाइयेगा तो बताइएगा जमाई बाबू , मै ट्राई करूंगा
रंगी समझ गया कि उसका ससुर अब गुड़िया की गाड़ में जाना चाहता है
: अह मेरे ख्याल से आप आ ही जाइए , क्योंकि मेरा तो सुख गया है फिर से
जगह की बदली हुई और बनवारी ने अपना सुपाड़ा सेट कर लंड उतार दिया बबीता की गाड़ में
वो भी अब बबिता की लचीली गाड़ का स्वाद लेने लगा था


29126761
रंगी ने पहले से ही जगह बना दी थी उसके लिए इसीलिए ना उसे और न बबीता को ज्यादा तकलीफ हुई
बनवारी लगातार उसको चोदने लगा , उसकी स्पीड बढ़ने लगी
: अह्ह्ह्ह दादू आराम से ओह्ह्ह्ह
: क्या हुआ ( रंगी ने मुस्कुरा कर कहा )
: उम्ममम सीईईई नीचे बहुत खुजली हो रही है ओह्ह्ह्ह उम्ममम मम्मीइ उम्मम
: क्या हुआ जमाई बाबू , क्या कह रही है गुड़िया
: अरे बाउजी गुड़िया कह रही है कि उसको आगे अंदर खुजली हो रही है , कही ऐसा तो नहीं कोई धागा आगे भी अंदर चला गया
: रुकिए चेक करता हूं


(m ldpwiqacxt E Ai)(mh 8dd K2wl A2a A7GWPo)16438761b
फिर बनवारी ने बड़ी चतुराई दिखा कर वही उसी पोजीशन में भी बबीता की लाल हुई गाड़ की सुराख से अपना लंड निकाल कर उसकी बुर में लगा दिया
जल्द ही बबीता की एक घुंटी हुई सिसकी सुनाई दी और रंगी ने उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया
बनवारी अपनी नातिन की गर्म रसभरी बुर में जाकर मस्त हो गया और तूफानी रफ्तार से उसकी कमर झटकते हुए पेलने लगा


22738491
: बाउजी दोनो जगह बराबर चेक करते रहिएगा
बनवारी रंगी का इशारा समझ गया था और उसने छेद बदल कर वापस से बबीता की गाड़ में लंड डाल दिया और चोदने लगा

बबीता सिसकती रही झड़ती रही
: ओह्ह्ह्ह जमाई बाबू लगता है अब हो जाएगा
: अरे बाउजी पीछे भर दीजिए , क्या पता उससे ही बाहर आ जाए
रंगी के कहने का मतलब बनवारी साफ साफ समझ गई और उसका जोश कई गुना बढ़ गया और उसने अपना लंड बबीता की गाड़ के जड़ में ले जाकर सुपाड़े को हल्का छोड़ दिया
एक के बाद एक पिचकारियां बबीता की गाड़ में छुटती रही और बनवारी हांफता हुआ झटके खाता रहा


19344463
फिर जब उसने अपना लंड बाहर निकाला अपने ही वीर्य से सना हुआ
तो इसके साथ ही बबीता की गाड़ ने भी उसका वीर्य उगलना शुरू कर दिया था।
बनवारी हाफ कर बैठ गया सोफे पर और हंसते हुए रंगी को देखने लगा

: उह अब तो निकल गया होगा जमाई बाबू ?
: नहीं निकला होगा तो फिर ट्राई करेंगे थोडी देर में , बेचारी बच्ची के भी घुटने में दर्द हो रहा होगा
रंगी ने बबीता को कहा और वो शर्मा कर मुस्कुरा रही थी ।

जारी रहेगी
( बबीता की गाड़ चुदाई का थ्रीसम कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताए ... अभी रात बाकी है और बात बाकी है )
Bhai bahut sahi ja rahe ho, par sirf threesome se kaam nahi chalna chahiye, dil maange more, waise Salhaj aur Saale ka kamra bhi door nahi hai, kyon na sab khullam khulla ho hi Jaye.
Jo bhi ho bahut sahi ho raha hai, aage ka intezar hai
 

Zoro xxx

New Member
6
19
3
💥 अध्याय 02 💥

UPDATE 035


बड़े शहर के होटल में रज्जो हल्के गुनगुने पानी से अपने जिस्म को साफ कर रही थी , वीर्य के उन दागों को अपनी छातियों से साफ कर रही थी जिन्हें मुस्कान ने दिए थे।
इस बात से बेखबर कि उसकी नंगी गदराई जवानी को बाथरूम के बाहर से कोई तीसरा ही निहारा था ।


GIF-20260201-170602-201
जिसके बदन में रज्जो की चर्बीदार चूतड़ों की गोलाई और मोटे मोटे चूचे देख कर सिहरन हो रही थी
और वो अपने रसीले मम्में को कपड़े के ऊपर से सहलाती हुई , नीचे अपने पैंटी में सर उठाते लंड को भी सहला रही थी

उसने एक एक करके अपने बदन से कपड़े निकालने शुरू कर दिए और नंगा होकर अपना आकार लेते बड़े से लंड को सहलाना शुरू कर दिया था
उसकी आंखे रज्जो की नंगी थिरकती हुई थुलथुली चूतड़ों पर थी और उसके मुंह में मिश्री घुलने लगी थी

अपने बदन को पोछते हुए एकदम से रज्जो को कुछ महसूस सा हुआ और उसने पलट कर देखा
सामने एक किन्नर खड़ी थी , जिसकी जिस्मानी बनावट मुस्कान से ज्यादा ही मर्दाना थी और उसके हाथ में लंड का टोपा देख कर वो समझ गई कि खुशबू आ गई थी

ना सवाल ना कोई बातचीत
दोनों जान रहे थे कि वो यहां किस लिए है
खुशबू रज्जो दोनों एक दूसरे की ओर बढ़े , फिर एक दूसरे की आंखों में देखा
इजाजत दोनों ने दे दी थी एक दूसरे को और खुशबू ने आगे बढ़ कर रज्जो के गालों को छू कर उसके होठों को हौले से चूमा

रज्जो का पूरा बदन गिनगिना उठा
अभी थोड़ी पहले ही तो खुशबू ने उसको अपनी बाहों में भरा था और उसके कड़क हाथों का वो एहसास और इस बार के पहल में बहुत अंतर था
इस बार उसकी शुरुआत धीमी थी
हल्के हल्के वो उसके होठों को चूस रही थीं और रज्जो ने अपने आप को बस उसे सौंप दिया
ना कोई संवाद न इंकार
बस वासना की तरंगें उठ रही थी और रज्जो को उसने अपनी बाहों में कस लिया
एक बिजली सी दौड़ी दोनों के बदन में
दोनों एक दूसरे के रसीले मम्में के गुदाज अहसास से वाकिफ हो गए थे , खुशबू का लंड रज्जो की पेट पर अड गया था
दोनों के चुम्बन की तीव्रता बढ़ने लगी और खुशबू के पंजे रज्जो की पीठ से उसके नंगे चूतड़ों की ओर बढ़ने लगे
दोनों एक ताल में एक दूसरे को सहला चूस रहे थे
जल्द ही रज्जो के चूतड़ों की दरार फैलने लगी , खुशबू ने दोनों पंजों के नाखून गाड़ कर उसके चूतड़ों को खींचते हुए उसके होठ जोरो से चूस रही थी
और फिर उसने हौले से झुक कर रज्जो ने कड़क गिले निप्पल


GIF-20260201-214417-038
अभी रज्जो का बदन पूरी तरह से सुखा नहीं था और जैसे ही खुशबु ने अपनी जीभ फिराई , उसको रज्जो के गिले बदन की मिठास भा गई
उसने मुंह खोलकर रज्जो की चूचियां मुंह में भरने लगा
रज्जो की सिसकिया उठने
एक ओर खुशबू के पंजे उसके गद्देदार चूतड़ों को पंजों से फाड़ रहे थे तो दूसरी ओर उसके होठ रज्जो की चुची को निप्पल सहित खींच रहे थे

: ओह्ह्ह्ह उम्ममम आराम से राजा ओह्ह्ह्ह तू तो बड़ा जोर लगा रहा है उम्मम
: तुझमें इतना रस है कि उम्ममम कितनी मुलायम चुची है तेरी रज्जो ओह्ह्ह्ह
खुशबू ने वापस उसकी दूसरी चुची मुंह में रख ली
: ओह्ह्ह उम्ममम चूस ले राजा ओह्ह्ह तेरा हथियार बड़ा कड़क है ओह्ह्ह्ह कितना टाइट और मोटा
रज्जो ने उसका लंड पकड़ कर खींचने लगी थी और खुशबू लगातार उसकी चूचियां चूस रही थी ।

: थोड़ा नरम कर दे न उसे
रज्जो समझ गई कि खुशबू क्या चाहती है और वो सरक कर नीचे बैठ गई
उसने अपनी जीभ निकाल कर दो तीन बार खुशबू के खड़े लंड के सुपाड़े की गांठ को चाटा और फिर सुपाड़े को मुंह में रख दिया


GIF-20260201-171436-169
: ओह्ह्ह्ह बहनचोद क्या आइटम है तू ओह्ह्ह्ह मेरी जान चूस ओह्ह्ह्ह ऐसे ही
रज्जो उसका लंड पकड़ कर चूसने लगी और खुशबू के जिस्म में सिहरन होने लगी , वो एड़ियों के बल होने लगी और रज्जो गले तक उसका लंड उतारने लगी
: यश मेरी जान और ले और उम्मम
खुशबू उसके सर को पकड़ कर दबाने लगी और रज्जो उसका पूरा लंड गले तक ले गई और बाहर निकाल दिया
फिर उसने वापस से उसका लंड पकड़ कर चूसना शुरू कर दिया ,


GIF-20260201-171531-503
उसके जिस्म में अब लंड की चस्क बढ़ने लगी वो अपनी चूचियों समेत बुर को सहलाते हुए उसका लंड चूसे जा रही थी

GIF-20260201-171636-833

: क्यों मेरी जान , अभी से बुर जलने लगी तेरी उम्मम
: ओह्ह्ह्ह हा मुझे लेना है इसे
: चल आजा
उनसे रज्जो को घोड़ी बना कर बिस्तर पर झुकाया और उसके चूतड़ों को फैलाते हुए उसके गाड़ का भूरा छेद देख कर बोली : उम्मम बड़ी रसीली गाड़ है तेरे उम्ममम

: ओह्ह्ह सीईईई अह्ह्ह्ह चाट ले राजा उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह तेरी जीभ बड़ी तेज है ओह्ह्ह्ह मर गई ओह्ह्ह्ह ( रज्जो मचल उठी थी जैसे ही खुशबु ने उसके गाड़ में अपना मुंह दिया )
: उम्मम कितनी मुलायम चूत और गाड़ है , बोल किस्में डालूं
: बुर में , बहुत जलन हो रही है घुसा दे न अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह बड़ा मोटा है और.... उन्ह्ह कितना लंबा भी ओह्ह्ह्ह


GIF-20260201-172114-210
: उफ्फ कितनी जल रही है तेरी बुर रज्जो , बड़ी गर्मी है तुझमें ओह्ह्ह मजा आएगा आज सारी रात तेरी गर्मी निकालूंगा तेरी चूत से
: हा मेरे राजा मै भी आज इस लंड से अपनी प्यास मिटाऊंगी ओह्ह्ह्ह पेल मुझे और तेज ओह्ह्ह्ह उम्ममम
: अह्ह्ह्ह बहनचोद क्या माल है तू ले साली रंडी ओह्ह्ह्ह उम्ममम कितना उछाल रहा है तेरा गाड़ मुझे ओह्ह्ह्ह इसमें भी डालूंगी अभी


GIF-20260201-172313-483
खुशबू रज्जो को दबाए हुए हच्च हच्च उसकी चूत में पेलने लगी और रज्जो की सिसकिया पूरे कमरे में गूंज रही थी
ताबड़तोड़ पेलाई से हटते हुए अचानक ही खुशबु से अपना लंड खींच लिया और इशारे से रज्जो को अपनी ओर बुलाया
रज्जो समझ गई और बिस्तर पर बैठ कर उसका लंड चूसने लगी जो उसकी ही बुर से रस में लिभड़ाया था ।
थोड़े देर रज्जो से अपना लंड चुसवाने के बाद उसने वापस रज्जो को बिस्तर पर धकेल दिया और उसकी जांघें फैला कर उसकी बुर की चाटने लगी


GIF-20260201-171307-795
रज्जो बिस्तर पर अकड़ने लगी और खुशबू उसकी जांघों को कसते हुए उसके बुर के रसीले फांकों को चाटने लगी , उन्हें खींचने लगी
उसकी जीभ तेजी से रज्जो के बुर में रेंग रही थी और अगले ही पल एक झटके में उसने अपना लंड बड़ी तेजी से रज्जो की बुर में उतारते है फचर फचर पेलने लगा
: ओह्ह्ह सीईईई ऐसे ही उम्ममम अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह तेरा तरीका बड़ा नया है और उफ्फफ कितना अंदर जा रहा ओह उम्मम पेल मेरे राजा उम्ममम
खुशबू ने तेजी से अपनी कमर हिलाने शुरू कर दी , उसका लंड तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था


GIF-20260201-172538-636
रज्जो के बड़बड़ाते होठ को देखकर वो उसके ऊपर चढ़ गई और अपनी नुकीली चूचियों को रज्जो के मुलायम छातियों में धंसाते हुए उसके होठ चूसने लगी
रज्जो भी उसकी इस हरकत से मचल उठी उसने अपनी बुर के छल्ले को खुशबू के लंड पर कस लिया और खुशबू भी दुगनी जोश में आकर उसकी चूचियां चूसने लगी


GIF-20260201-172714-811

उसकी कमर तेजी से ऊपर नीचे हो रही थी और लंड रज्जो की कसी बुर में अंदर बाहर होने लगा
उसके लंड पर जोर बढ़ने लगा और वो समझ गई कि वो झड़ जाएगी
फिर तेजी से उठी और रज्जो के छातियों पर अपना लंड हिलाने लगी
: ओह्ह्ह्ह यशस्स अह्ह्ह्ह्ह मेरी रंडी ले ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह आ रहा है उम्मम ओह बहनचोद आआ सीईईई अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह उम्ममम


GIF-20260201-172905-242
फिर एक के बाद एक खुशबू के लंड से वीर्य के छींटे रज्जो के चूचों पर गिरते रहे
झड़ने के बाद वो वही रज्जो के पास लेट कर सुस्ताने लगी और रज्जो उसकी ओर करवट होकर उसकी कड़क निप्पल को सहलाती हुई मुंह में भर चुकी थी
खुशबू भी समझ गई कि रज्जो पक्की खिलाड़न है , इतनी आसानी से नहीं थकेगी
और वो अगले राउंड की तैयारी करने लगी ।
इस बात से बेखबर कि थोड़ी देर पहले उसने मुस्कान को बाहर भेजा था वो वापस आ गई थी , और कबसे दरवाजे पर खड़ी उनकी लीला देख रही थी ।

वही इनसब से अलग प्रतापपुर में रात के खाने की तैयारी हो गई थी
बनवारी और रंगी, गेस्ट रूम ने बैठे खाने की राह देख रहे थे

उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे कि बबीता उनके साथ तैयार हो
: जमाई बाबू अब आप ही कुछ चमत्कार कर सकते है
गेस्टरूम के सोफे पर बैठे हुए बनवारी ने अपने धोती में लंड को सहला कर कहा

: वो आ रही है खाना लेकर बस देखते जाइए
थोड़ी देर में बबिता और गीता दोनों , रंगी और बनवारी की थाली लेकर आई
गीता निकल गई और बबीता भी जाने को हुई थी कि रंगी ने उसकी कलाई पकड़ ली
: अरे छोड़ो न फूफा जी , दादू देखो
: अरे जमाई बाबू कुछ कह रहे है सुन ले
: हा बोलो
बबीता समझ रही थी कि रंगी क्या चाहता है
: देखा बाउजी , ये कितनी बदमाशी करने लगी है । इसके तो चूतड़ लाल करने चाहिए आपको
बबीता ने घूर कर रंगी को देखा और वो वो उस दर्द से अभी उभरी नहीं थी जो रंगी ने उसके चूतड़ों को लाल करके दिए थे ।
: अरे नहीं नहीं , मेरी गुड़िया इतनी प्यारी है । इधर आ बेटा
फिर बनवारी ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया
लंड तो उसका पहले से ही खड़ा था धोती में , जैसे ही बबीता उसकी गोद में बैठी अपनी गाड़ में उसे अपने दादू का मोटा लंड महसूस हुआ
वो पूरी तरह गिनगिना गई , अभी भी उसने लेगिंग्स के नीचे कच्ची नहीं पहनी थी
: अरे बाबूजी मै सच कह रहा हूं , देख लीजिए इसने अभी भी कच्छी नहीं डाली होगी
रंगी की बात सुनकर बनवारी का लंड ठुमका और बबीता को महसूस हुआ
: क्या सच में गुड़िया तूने कच्छी नहीं पहनी
उसने झट से अपने हाथ नीचे कर सरेआम बबीता के चूतड़ों के नीचे हाथ रख एक लेगिंग्स के ऊपर से उसके मुलायम चूतड़ों को टटोला

: उम्मम लग तो रहा है पहनी है
: अरे नहीं पहनी है बाउजी , खोल कर देखिए
: उम्मम नहीं ( वो कुन्मुनाई और रंगी को देखा उसने )
: क्या नहीं खड़ी हो तू ( बनवारी ने थोड़ी डांट लगाई तो वो झट से खड़ी हो गई )


images
बनवारी ने एक नजर शरारती मुस्कुराहट से रंगी को देखा और दूर बबीता की लैगिंग को सरका कर जांघों तक कर दिया
: अरे हा , ये तो सच में नहीं पहने इसने
बनवारी अपनी नातिन के मुलायम चर्बीदार चूतड़ों को देख कर गदगद हो गया
: मै तो कह ही रहा था
: गुड़िया ये क्या है , बेटा अब तू बड़ी हो गई है न ( बनवारी के उसके नंगे चूतड़ों को सहलाया )
: जी दादू आगे से पहनूंगी , अब जाऊ

वो वापस से अपनी लैगिंग्स चढ़ाने के लिए झुकी और इतने में रंगी ने रोका
: अरे वो क्या है बाउजी देखिएगा तो
: क्या है ?
बनवारी भी समझ नहीं पा रहा था और रंगी ने झट से बनवारी की सफेद धोती से एक धागे का रेशा खींच कर जानबूझ कर बबीता के चूतड़ों के पास लगा कर निकाला
: अरे ये तो सफेद धागा है ( बनवारी बोला )
एक पल को बबीता भी चकित हुई
: जरूर इसकी लेगिंग्स से निकला होगा , एक और दिख रहा है अंदर
: कहा ? ( बनवारी रंगी का नाटक अब समझ गया था और उसने झट से बबीता ने मुलायम चूतड़ों को फैला के कर देखने लगा
: उम्मम दादू क्या कर रहे हो सीईईई
: चुप कर तू , पागल धागा फंसा है अंदर ( बनवारी झूठ का उसके गाड़ के सुराख के पास अपनी उंगली कुदरने लगा , बबीता मचलने लगी )

: नहीं पकड़ में आ रही है जमाई बाबू
: अरे थोड़ा थूक लगा कर उंगली में चिपकाइए आ जायेगा
बनवारी रंगी की योजना से प्रभावित हुआ जा रहा था और उसका लंड फौलादी हुआ जा रहा था
उसने उंगली में थूक लगाई और बबीता के गाड़ के सुराख पर कुरेदने लगा
उसने एक हाथ की दो उंगलियों से बबीता की गाड़ के दरारों को खोल रखा था और दूसरे हाथ की उंगली पर थूक लगा कर उसके गाड़ के सुराख को छेड़ रहा था
: लग रहा है जमाई बाबू जगह छोटी है इसीलिए पकड़ नहीं हो पा रही है
: अरे गुड़िया जरा अपने हाथों से अपने चूतड़ फैला तो
बबीता ने रंगी को देखा और मुंह बना कर अपने दोनों हाथों से अपने लचीले चर्बीदार चूतड़ों को फैला कर थोड़ा झुक गई


19742315
जिससे अब बनवारी के आगे उसकी गाड़ के छेद के साथ साथ बुर की फांके भी दिखने लगी
: हा अब साफ दिख रहा है
बनवारी ने वापस अपनी उंगली मुंह में डाली और उसके गाड़ के सुराख को गिला करने लगा
दोनों का लंड अकड़ गया था
: उन्ह्हु जमाई बाबू , मेरी उंगली जगह के हिसाब से मोटी है , आप ट्राई करेंगे
रंगी कहा ये मौका छोड़ने वाला था , वो सरक कर बनवारी के पास आया और बबीता के चूतड़ों को पकड़ कर अपने सामने कर दिया

: ओहो बाउजी आप तो थूक लगा ही नहीं रहे थे कितनी सूखी है
रंगी ने मुस्कुरा कर कहा और अपने मुंह से देर सारा लार लेकर बबीता के गाड़ के सुराख पर लीपने लगा
जिससे बबीता सिसक पड़ी

: आराम से जमाई बाबू नाखून न लगे बच्ची को
बनवारी ने अपना ड्रामा जारी रखा
: ओह्ह्ह सही कह रहे है बाउजी जगह छोटी है , यहां कोई लचीली से पकड़ना पड़ेगा , थोड़ा सा निकला तो है लेकिन पकड़ में नहीं आ रहा है
: अब ?
: एक उपाय है
: क्या ?
: अगर अंदर कोई सॉफ्ट चीज डाल कर पकड़ ले तो , जैसे जीभ डाल कर उसको लपेट लेंगे और होठों से खींच लेंगे
: क्या ? नहीं भक्क
: चुप रह तू , एक तो बात नहीं मानती और कोई मदद कर रहा है तो .... आप करिए जमाई बाबू
: ऐसे नहीं ... इसको कहिए बिस्तर पर झुक कर घुटने के बल हो जाए , उससे जगह भी चौड़ी हो जाएगी और आसानी से निकल भी जाएगा

: हा ये सही कह रहे है आप जमाई बाबू ( फिर बनवारी उठ गया और बबीता को पकड़ कर बिस्तर पर ले आया ) चल जल्दी से वैसी हो जा जैसे जमाई बाबू कह रहे है
बबीता रंगी का खेल समझ गई थी अब और उसने वही किया जो बनवारी ने कहा , बिना किसी विरोध के और अपनी लेगिंग्स पूरी निकाल कर

वो बिस्तर पर घुटने के बल होके आगे झुक गई और दोनों के सामने उसकी गाड़ फेल कर आ गई
: करिए जमाई बाबू
फिर रंगी ने उसके नंगे चूतड़ों को पकड़ कर पंजे से फैलाया और झुक कर अपनी जीभ की नुकीली टिप को उसके गाड़ के सुराख पर रख कर चलाने लगा ।


15843963
बनवारी अपने सामने अपने जमाई को अपनी ही नातिन की गाड़ का सुराख चाटते देख अपना लंड धोती में सहलाने लगा
वही बबीता रंगी की जीभ का स्पर्श पाकर गिनगिना उठी
: उम्मम हिल मत गुड़िया ( रंगी ने उसके गाड़ में मुंह लगाए कहा )
: हा बच्चा हिल मत , करने दे उन्हें ... मिला क्या जमाई बाबू
रंगी उठ गया
: अह्ह्ह्ह नहीं बाबूजी , गाल जबड़ा दर्द होने लगा , बस थोड़ा सा एक बार फंसा था लेकिन इसमें हिल कर सब बिगाड़ दिया ... आप ट्राई करिए
जगह की बदली हुई और बनवारी के मुंह में लार घुलने लगी
उसने भी ढेर सारी लार लेके रंगी की गीली की हुई जगह और अपनी जीभ फिराई


pussy licking gif scaled
एक ही बार बनवारी को अपनी लाडली नातिन के गाड़ का स्वाद भा गया और उसने अच्छे से चाट चाट कर उसकी गाड़ का सुराख गिला करने लगा
आगे बबीता अपनी बुर की कुलबुलाहट को कंट्रोल कर रही थी , अपनी सिसकियों को रोक रही थी
: अह मजा आ गया जमाई बाबू
( बनवारी खड़ा हुआ और एकदम से चौक गया कि उसने क्या बोला , फिर उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी ) अरे मतलब पकड़ में आ गया
बबीता सुस्त होकर फैल गई नंगी गाड़ उठाए हुए और हांफने लगी

: वाह बाउजी कर दिया आपने आखिर ( रंगी ने हस कर आंख मारी बनवारी को ) लेकिन मुझे कुछ शंका है
: कैसी शंका ?
: अरे आपने जो निकाला वो बहुत छोटा टुकड़ा था , कही अंदर टूट कर रह गया हो तो
बनवारी रंगी का लालच समझ गया और मुस्कुराने लगा
: ये तो सच में चिंता वाली बात हो जायेगी जमाई बाबू , अब क्या किया जाए
: एक काम करते है , आपके कमरे में तेल होगा क्या ?
: हा हा है न , रुकिए लाता हूं
फिर बनवारी अपना लंड धोती के ऊपर से मसलता हुआ भागा भागा अपने कमरे से तेल वाली सीसी ले आया
: बेटा वापस वैसे हो जा ( रंगी ने कहा )
: निकल तो क्या गया न ?
बबीता समझ रही थी कि उसे अभी और तड़पना ही पड़ेगा । वो वापस अपने घुटने के बल होकर अपने चूतड़ हवा में कर दिए , बनवारी उसके पास जाकर उसके सर को सहलाया
: बस बेटा ज्यादा टाइम नहीं लगेगा , जमाई बाबू एक बार उंगली डाल कर चेक करेंगे
: उम्मम दर्द होगा तो....
एक पल को बनवारी का भी मन पिघल गया , लेकिन रंगी आंखों से उसे आश्वस्त कर दिया कि सब कंट्रोल में होगा
फिर रंगी ने उसके गाड़ की सुराख पर शीशी से तेल टिपकाने लगा
फिर उसने अपनी बाह चढ़ाई और उंगलियों से उसकी गाड़ की सुराख लीपने लगा
बबीता की सिसकिया उठने लगी और वो खुद को अपनी गाड़ में रंगी की मोटी उंगली लेने के लिए तैयार करने लगी
रंगी ने तेल की शीशी का ढक्कन खोलकर अंदर अपनी उंगली डिप की और वैसे ही बाहर निकाल कर उंगली की टिप को बबीता की गाड़ के सुराख पर रखा
: आराम से जमाई बाबू बच्ची है
बनवारी फिकर में था , लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी नातिन अपने bf से कितनी बार अपने गाड़ के धागे निकलवा चुकी थी
थोड़ी ही प्रयास में रंगी की उंगली आसानी ने बबीता की गाड़ में सरक गई
: ओह्ह्ह दादू उम्ममम
: दर्द हो रहा है क्या बेटा ? ( बनवारी उसके पास गया )
: उम्ममम बहुत हल्का सा
: जमाई बाबू आराम से चेक करिए , कुछ मिला क्या
रंगी अपना लंड पकड़ कर दूसरे हाथ से एक उंगली डाल निकाल रहा था , रंगी को अंदाजा हो गया था कि बबीता अपने bf से अपनी गाड़ का ढीली करवा चुकी है


analfingeredallfours
: उम्मम शायद मेरे हिसाब से अंदर कुछ रह गया है , मेरी उंगली उस तक नहीं पहुंच पा रही है एक बार आप भी तसल्ली कर लीजिए बाउजी
: हा लाइए तेल दीजिए
फिर रंगी ने तेल की शीशी आगे की और बनवारी उसमें अपनी बीच वाली लंबी उंगली डिप करने जा रहा था तो रंगी ने उसका अंगूठा पकड़ कर डूबो दिया
बनवारी रंगी का इशारा समझ गया था लेकिन अभी भी उसके मन में अपनी लाडली के चूतड़ों का ख्याल था , वो आंखे बड़ी कर रंगी को देखा तो रंगी ने आंखों से इशारा किया कि करिए
बनवारी को यकीन होने लगा था कि जरूर रंगी ने कुछ अंदाजा लगाया है
बनवारी गांव में किसानी करके बड़ा हुआ था उसकी सामान्य उंगलियां भी रंगी के अंगूठे जितने थी और अंगूठा तो किसी टीन एज बच्चे की नूनी से कम मोटा नहीं था ।
बनवारी ने डरते हुए अपना अंगूठा बबीता के गाड़ के सुराख पर रखा और हौले से दबाया
पचक की आवाज से उसके अंगूठे का नाखून वाला भाग अंदर चला गया
बनवारी को हैरानी हुई और उसने रंगी को देखा तो रंगी मुस्कुरा पड़ा
बनवारी का डर अब कम हो गया और उसने अपना अंगूठा अंदर डाल कर ऐसे से घुमाया


20813691
: देखिए बाउजी कुछ है न
: अह हा जमाई बाबू लेकिन उंगली तो मेरी भी नहीं जा रही है , कुछ लम्बा सा चाहिए
: हा लेकिन बाबूजी बच्ची है , अंदर कुछ धारदार डाल नहीं सकते , लग जाएगा उसको
: फिर अब ? , अगर अंदर रह गया तो आगे जाकर सड़ेगा और बीमारी होगी ।
बबीता समझ रही थी कि अब आगे उसके साथ क्या होगा , लेकिन वो अपनी बुर की वजह से ज्यादा मजबूर थी
: एक बार बाउजी ऐसे ही सोनल की मां के आगे बाल बहुत बढ़ गए थे तो साफ करते हुए बाल का टुकड़ा अंदर चला गया था
: फिर आपने क्या किया था जमाई बाबू ( बनवारी अपना मूसल मिजता हुआ बोला )
: आप तो जानते ही है औरतों की वो जगह कितनी नाजुक होती है , उंगली से प्रयास किया लेकिन नहीं काम आया
: फिर आपने क्या किया ?
: अह क्या बताऊं बाउजी आपसे , वो मै ... ( रंगी ने शर्माने का ड्रामा किया )
: जमाई बाबू झिझक छोड़िए , मुझे मेरी नातिन की चिंता हो रही है
: दरअसल बाउजी मुझे अंदर अपना लंड डालना पड़ा था फिर वो उसमें चिपक कर बाहर आया था ।
: ओह्ह्ह फिर करना क्या है , डालिए अंदर और ... निकालिए उसे
: क्या मै ?
: हा जमाई बाबू , आपको अनुभव है
: लेकिन बाउजी एक काम और करना पड़ेगा
वी
: क्या ?
: दरअसल अंदर तो मै गुड़िया के डाल दूं लेकिन तेल से ये काम नहीं होगा , तेल से लंड अंदर ज्यादा फिसलेगा
: तो फिर ?
: इसके लिए थूक का प्रयोग ही सही रहेगा
: तो करिए , किस सोच में है अभी आप ?
: दरअसल आप समझ नहीं रहे है बाउजी, उंगली डालने भर का थूक मै इस्तेमाल कर लूं लेकिन मेरा साइज बड़ा है , उतने से काम नहीं होगा
: फिर आपके छोटी से अंदर से कैसे निकाला था
: अह बाउजी दरअसल सोनल की मां ने मेरा लंड चूस कर गिला किया था , तब कही मैं उसमें चिपक कर बाहर आया था
: हा लेकिन यहां छोटी तो है नहीं न , तो अब
: अह अगर आप कहेंगे तो मुझे लगता है कि गुड़िया जरूर तैयार हो जाएगी ( रंगी ने आंख मारी और बनवारी भी मुस्कुरा पड़ा )
: हा हा क्यों नहीं , गुड़िया बेटा जरा तेरे फूफा का गिला कर दे तो

: बक्क नहीं
: देख अब बदमाशी मत कर , कितना परेशान है बेचारे तेरे लिए, चल उठ
बनवारी के गुड़िया की बाह पकड़ कर उसे बिस्तर से नीचे किया
बबीता ने छुपी हुई मुस्कुराहट से रंगी को देखा तो रंगी भी मुस्कुरा उठा और अपना पजामा खोल कर अपना बड़ा सा लंड बनवारी के सामने ही खोल दिया , बबीता घुटने के बल नीचे बैठ गई वैसे ही कमर के नीचे नंगी
: कितना बड़ा है ये दादू
: कोई बात नहीं बेटा तू कर लेगी , चल जल्दी कर ( बनवारी ने गुड़िया का सर आगे जोर देके रंगी के सुपाड़े की ओर किया )
बबीता ने रंगी का तपता लंड थामा और मुंह खोलकर उसका सुपाड़ा चुभलाने लगी
रंगी के पूरे बदन में कंपकंपी होने लगी वो अपने चेहरे के भाव से बनवारी को बताने लगा कि वो कितने मजे में है
बनवारी ये देख कर अपना लंड मीज रहा था


gifcandy huge cock 88
: हा बेटा और अन्दर लेकर गिला कर ओह्ह्ह्ह सही कर रही है तू उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई बाबूजी गुड़िया तो बड़ी श्यआनी है , इसको तो अच्छे से गीला करने आता है
: हा जमाई बाबू , गुड़िया तो है ही श्यानी , अच्छे से कर बेटा थूक लगा कर
बबीता अच्छे से रंगी का लंड का मुंह में लेकर चूसने लगी और उसकी लार से रंगी का लंड एकदम तैयार हो गया था
: बाबूजी मेरे ख्याल से इतने से काम हो जाएगा , आइए , आओ गुड़िया

रंगी फिर गुड़िया को सोफे कर लेकर आया
: यहां ?
: हा बाउजी, बच्ची है जरा आपकी गोद में रहेगी तो दर्द होगा तो आप सम्भाल लेंगे न
बनवारी कुछ कुछ रंगी का मतलब समझ रहा था
फिर रंगी ने बबीता को सोफे पर घोड़ी बना कर उसके पीछे आ गया , बनवारी अपनी लाडली के पास बैठ गया और उसके हाथ पकड़ कर उसे तैयार करने लगा
: डर मत बच्ची , कुछ होगा नहीं अभी तेरे फूफा यूं निकाल देंगे धागा
: हम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईईईई दादू टाइट है
: आराम से जमाई बाबू हल्के हल्के जाइए अंदर है
इधर रंगी ने ढेर सारी थूक लेकर वापस से बबीता की गाड़ की सुराख को गिला किया और अपना सुपाड़ा सेट कर हलका सा जोर देकर दबाया


teen scaled
: अह्ह्ह्ह्ह बस बाबूजी सच में बड़ी टाइट जगह है
: अह्ह्ह्ह दादू खींच रहा है मम्मीईई आह्ह्ह्ह नहीं उम्हू दर्द हो रहा
: बस बेटा अब नहीं होगा , अह्ह्ह्ह्ह अब तक अंदर चला गया है... कितना और बचा है जमाई बाबू
: बस बस बाउजी आधा चला गया है उम्मम सीई जगह बड़ी टाइट है
: अरे जमाई बाबू थोड़ा आगे पीछे करिए , जगह बनेगी
रंगी मुस्कुरा कर अपना लंड उसी जगह आगे पीछे करने लगा : अह्ह्ह्ह हा बाउजी सही कहा आपने ये सच में आगे पीछे करने से अंदर जा रहा है
: ओह्ह्ह दादू उम्ममम
: क्या हुआ बेटा अभी भी दर्द है
: हम्ममम हल्का हल्का ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई उम्ममम

रंगी ने अब पूरा लंड जितना बबीता की कसी गाड़ में जड़ तक तक उतार दिया था , बबीता की गाड़ की कसी और तपती सुराख में उसे गजब का सुख मिल रहा था


28277740
रंगी अपनी मस्ती में लंड अंदर ही आगे पीछे करने लगा और वही बबीता को भी मजा आने लगा , उसकी बुर कबसे बह रही थी
उसकी आंखों के सामने उसके दादू का लंड धोती में फ़नफ़नाया हुआ था । और वो रंगी के करारे झटके से बार बार उसी के झुक रही थी
: क्या हुआ जमाई बाबू , कुछ महसूस हो रहा है
: आह बाबूजी खोज रहा हूं , लेकिन अंदर जगह इतनी सुखी है कि लंड सुख रहा है तेजी से
: कोई बात नहीं जमाई बाबू आप खोजिए , गुड़िया फिर से गिला कर देगी
: हा बाउजी , जबतक मै खोज रहा हूं क्यों न तबतक आप अपना गीला करवा लीजिए , अगर जरूरत पड़ी तो जल्दी काम हो जाएगा

बनवारी तो जैसे इसी राह में था उसने झट से अपनी धोती से अपना मोटा काला मूसल जैसा लंड निकाल दिया
: हा जमाई बाबू सही कह रहे है ,गुड़िया बेटा जरा इसे भी गिला कर दे तो ले मुंह खोल

बनवारी ने खुद से अपना लंड का सुपाड़ा उसके मुंह की ओर कर दिया और बबीता ने बिना एक पल झिझके अपने दादू का मोटा लंड मुंह में ले लिया
बनवारी ने एक लंबी ठंडी गहरी सांस ली और गुड़िया के सर को सहलाने लगा


045A47E
बबीता अब रंगी के लंड को अपनी गाड़ में लेते हुए अपने दादू का लंड चूसना शुरू कर चुकी थी
कमरे में कामुक गाड़ चुदाई का माहौल बना हुआ था

: थक जाइयेगा तो बताइएगा जमाई बाबू , मै ट्राई करूंगा
रंगी समझ गया कि उसका ससुर अब गुड़िया की गाड़ में जाना चाहता है
: अह मेरे ख्याल से आप आ ही जाइए , क्योंकि मेरा तो सुख गया है फिर से
जगह की बदली हुई और बनवारी ने अपना सुपाड़ा सेट कर लंड उतार दिया बबीता की गाड़ में
वो भी अब बबिता की लचीली गाड़ का स्वाद लेने लगा था


29126761
रंगी ने पहले से ही जगह बना दी थी उसके लिए इसीलिए ना उसे और न बबीता को ज्यादा तकलीफ हुई
बनवारी लगातार उसको चोदने लगा , उसकी स्पीड बढ़ने लगी
: अह्ह्ह्ह दादू आराम से ओह्ह्ह्ह
: क्या हुआ ( रंगी ने मुस्कुरा कर कहा )
: उम्ममम सीईईई नीचे बहुत खुजली हो रही है ओह्ह्ह्ह उम्ममम मम्मीइ उम्मम
: क्या हुआ जमाई बाबू , क्या कह रही है गुड़िया
: अरे बाउजी गुड़िया कह रही है कि उसको आगे अंदर खुजली हो रही है , कही ऐसा तो नहीं कोई धागा आगे भी अंदर चला गया
: रुकिए चेक करता हूं


(m ldpwiqacxt E Ai)(mh 8dd K2wl A2a A7GWPo)16438761b
फिर बनवारी ने बड़ी चतुराई दिखा कर वही उसी पोजीशन में भी बबीता की लाल हुई गाड़ की सुराख से अपना लंड निकाल कर उसकी बुर में लगा दिया
जल्द ही बबीता की एक घुंटी हुई सिसकी सुनाई दी और रंगी ने उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया
बनवारी अपनी नातिन की गर्म रसभरी बुर में जाकर मस्त हो गया और तूफानी रफ्तार से उसकी कमर झटकते हुए पेलने लगा


22738491
: बाउजी दोनो जगह बराबर चेक करते रहिएगा
बनवारी रंगी का इशारा समझ गया था और उसने छेद बदल कर वापस से बबीता की गाड़ में लंड डाल दिया और चोदने लगा

बबीता सिसकती रही झड़ती रही
: ओह्ह्ह्ह जमाई बाबू लगता है अब हो जाएगा
: अरे बाउजी पीछे भर दीजिए , क्या पता उससे ही बाहर आ जाए
रंगी के कहने का मतलब बनवारी साफ साफ समझ गई और उसका जोश कई गुना बढ़ गया और उसने अपना लंड बबीता की गाड़ के जड़ में ले जाकर सुपाड़े को हल्का छोड़ दिया
एक के बाद एक पिचकारियां बबीता की गाड़ में छुटती रही और बनवारी हांफता हुआ झटके खाता रहा


19344463
फिर जब उसने अपना लंड बाहर निकाला अपने ही वीर्य से सना हुआ
तो इसके साथ ही बबीता की गाड़ ने भी उसका वीर्य उगलना शुरू कर दिया था।
बनवारी हाफ कर बैठ गया सोफे पर और हंसते हुए रंगी को देखने लगा

: उह अब तो निकल गया होगा जमाई बाबू ?
: नहीं निकला होगा तो फिर ट्राई करेंगे थोडी देर में , बेचारी बच्ची के भी घुटने में दर्द हो रहा होगा
रंगी ने बबीता को कहा और वो शर्मा कर मुस्कुरा रही थी ।

जारी रहेगी
( बबीता की गाड़ चुदाई का थ्रीसम कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताए ... अभी रात बाकी है और बात बाकी है )
शानदार भाई
 

DREAMBOY40

सपनों का सौदागर 😎
9,401
27,564
219
Bhai ek bat bolna tha aapse. Meyne pura story par dheyan diya jaha mujhe laga ki ragni par to koi focus hi nahi karta he,, bass anuj aur raj,, aur kabhi kuch palke liya jangilal
Duse mard ya bacche bhi najar mare ragni par,, keya ragni hot nahi he
गच्चा मत खाओ गुरु
नजर तो सबकी है लेकिन रागिनी की लाइफ स्टाइल बहुत व्यस्त है
एक ऐसी महिला जिसपर अपने दो बच्चों और पति के देखभाल के साथ दुकान और घर के कामकाज की जिम्मेदारी है , उसमें भी वो बिना शिकायत के अपने पति को लेकर समर्पित है , जिसमें उसका पति और बच्चे खुश हैं उसी को वो अपनी दुनिया मान कर चल रही है .... हालही में उसने बेटी की शादी की एक बड़ी जिम्मेदारी से निजात पाई है , बहुत कम वक्त मिलता है उसे अपने लिए जब वो अपने बाप बनवारी और दूसरी औरतों से थोड़ा अपनी मन की इच्छाएं पूरी कर पाती है । ऐसे में उसके पास इतना वक्त ही नहीं है कि वो दूसरे मर्दों पर ध्यान दे .... इतना कुछ उसके आस पास वैसे ही घटित हो रहा है और फिर हर कोई रज्जो तो नहीं हो सकता न 😁

चाहे कमलनाथ हो जंगी या फिर राहुल
नजरे तो सबकी है रागिनी पर , लेकिन वो जानते है कि उनकी दाल आसानी से नहीं गलेगी । किस्मत ही राह में सब बैठे है ।
 

DREAMBOY40

सपनों का सौदागर 😎
9,401
27,564
219
UPDATE 036

THE END OF BOUNDRIES
Part : 01

IMG 20251224 WA0002

UPDATE MAY BE POSTED ON PAGE NO 1429
Read , likes and comments
 
Last edited:

Shamim khan7878

Active Member
1,005
787
113
गच्चा मत खाओ गुरु
नजर तो सबकी है लेकिन रागिनी की लाइफ स्टाइल बहुत व्यस्त है
एक ऐसी महिला जिसपर अपने दो बच्चों और पति के देखभाल के साथ दुकान और घर के कामकाज की जिम्मेदारी है , उसमें भी वो बिना शिकायत के अपने पति को लेकर समर्पित है , जिसमें उसका पति और बच्चे खुश हैं उसी को वो अपनी दुनिया मान कर चल रही है .... हालही में उसने बेटी की शादी की एक बड़ी जिम्मेदारी से निजात पाई है , बहुत कम वक्त मिलता है उसे अपने लिए जब वो अपने बाप बनवारी और दूसरी औरतों से थोड़ा अपनी मन की इच्छाएं पूरी कर पाती है । ऐसे में उसके पास इतना वक्त ही नहीं है कि वो दूसरे मर्दों पर ध्यान दे .... इतना कुछ उसके आस पास वैसे ही घटित हो रहा है और फिर हर कोई रज्जो तो नहीं हो सकता न 😁

चाहे कमलनाथ हो जंगी या फिर राहुल
नजरे तो सबकी है रागिनी पर , लेकिन वो जानते है कि उनकी दाल आसानी से नहीं गलेगी । किस्मत ही राह में सब बैठे है ।
Aree bhai gussa nahi hu
Bass puch liya
Mey pareshan ho geya socha agle part me sayad chacha kuch karega
Fir socha sayad ab rahul karega
Fir socha anurag soche ga ya kuch tray karega
Par koi tray hi nahi karta
Matlab koi uspe thora najar to mare dusro se bat kare ragni ko leke
Nahi kamalnath kia uski to sali he aur hee bhi itna tharki
Koi nahi karta
 

DREAMBOY40

सपनों का सौदागर 😎
9,401
27,564
219
Aree bhai gussa nahi hu
गुस्सा नहीं गच्चा 🤪
Bass puch liya
Mey pareshan ho geya socha agle part me sayad chacha kuch karega
Fir socha sayad ab rahul karega
Fir socha anurag soche ga ya kuch tray karega
Par koi tray hi nahi karta
Matlab koi uspe thora najar to mare dusro se bat kare ragni ko leke
Nahi kamalnath kia uski to sali he aur hee bhi itna tharki
Koi nahi karta
देखते है कुछ न कुछ होगा ही
 

Napster

Well-Known Member
7,542
19,720
188
💥 अध्याय 02 💥

UPDATE 035


बड़े शहर के होटल में रज्जो हल्के गुनगुने पानी से अपने जिस्म को साफ कर रही थी , वीर्य के उन दागों को अपनी छातियों से साफ कर रही थी जिन्हें मुस्कान ने दिए थे।
इस बात से बेखबर कि उसकी नंगी गदराई जवानी को बाथरूम के बाहर से कोई तीसरा ही निहारा था ।


GIF-20260201-170602-201
जिसके बदन में रज्जो की चर्बीदार चूतड़ों की गोलाई और मोटे मोटे चूचे देख कर सिहरन हो रही थी
और वो अपने रसीले मम्में को कपड़े के ऊपर से सहलाती हुई , नीचे अपने पैंटी में सर उठाते लंड को भी सहला रही थी

उसने एक एक करके अपने बदन से कपड़े निकालने शुरू कर दिए और नंगा होकर अपना आकार लेते बड़े से लंड को सहलाना शुरू कर दिया था
उसकी आंखे रज्जो की नंगी थिरकती हुई थुलथुली चूतड़ों पर थी और उसके मुंह में मिश्री घुलने लगी थी

अपने बदन को पोछते हुए एकदम से रज्जो को कुछ महसूस सा हुआ और उसने पलट कर देखा
सामने एक किन्नर खड़ी थी , जिसकी जिस्मानी बनावट मुस्कान से ज्यादा ही मर्दाना थी और उसके हाथ में लंड का टोपा देख कर वो समझ गई कि खुशबू आ गई थी

ना सवाल ना कोई बातचीत
दोनों जान रहे थे कि वो यहां किस लिए है
खुशबू रज्जो दोनों एक दूसरे की ओर बढ़े , फिर एक दूसरे की आंखों में देखा
इजाजत दोनों ने दे दी थी एक दूसरे को और खुशबू ने आगे बढ़ कर रज्जो के गालों को छू कर उसके होठों को हौले से चूमा

रज्जो का पूरा बदन गिनगिना उठा
अभी थोड़ी पहले ही तो खुशबू ने उसको अपनी बाहों में भरा था और उसके कड़क हाथों का वो एहसास और इस बार के पहल में बहुत अंतर था
इस बार उसकी शुरुआत धीमी थी
हल्के हल्के वो उसके होठों को चूस रही थीं और रज्जो ने अपने आप को बस उसे सौंप दिया
ना कोई संवाद न इंकार
बस वासना की तरंगें उठ रही थी और रज्जो को उसने अपनी बाहों में कस लिया
एक बिजली सी दौड़ी दोनों के बदन में
दोनों एक दूसरे के रसीले मम्में के गुदाज अहसास से वाकिफ हो गए थे , खुशबू का लंड रज्जो की पेट पर अड गया था
दोनों के चुम्बन की तीव्रता बढ़ने लगी और खुशबू के पंजे रज्जो की पीठ से उसके नंगे चूतड़ों की ओर बढ़ने लगे
दोनों एक ताल में एक दूसरे को सहला चूस रहे थे
जल्द ही रज्जो के चूतड़ों की दरार फैलने लगी , खुशबू ने दोनों पंजों के नाखून गाड़ कर उसके चूतड़ों को खींचते हुए उसके होठ जोरो से चूस रही थी
और फिर उसने हौले से झुक कर रज्जो ने कड़क गिले निप्पल


GIF-20260201-214417-038
अभी रज्जो का बदन पूरी तरह से सुखा नहीं था और जैसे ही खुशबु ने अपनी जीभ फिराई , उसको रज्जो के गिले बदन की मिठास भा गई
उसने मुंह खोलकर रज्जो की चूचियां मुंह में भरने लगा
रज्जो की सिसकिया उठने
एक ओर खुशबू के पंजे उसके गद्देदार चूतड़ों को पंजों से फाड़ रहे थे तो दूसरी ओर उसके होठ रज्जो की चुची को निप्पल सहित खींच रहे थे

: ओह्ह्ह्ह उम्ममम आराम से राजा ओह्ह्ह्ह तू तो बड़ा जोर लगा रहा है उम्मम
: तुझमें इतना रस है कि उम्ममम कितनी मुलायम चुची है तेरी रज्जो ओह्ह्ह्ह
खुशबू ने वापस उसकी दूसरी चुची मुंह में रख ली
: ओह्ह्ह उम्ममम चूस ले राजा ओह्ह्ह तेरा हथियार बड़ा कड़क है ओह्ह्ह्ह कितना टाइट और मोटा
रज्जो ने उसका लंड पकड़ कर खींचने लगी थी और खुशबू लगातार उसकी चूचियां चूस रही थी ।

: थोड़ा नरम कर दे न उसे
रज्जो समझ गई कि खुशबू क्या चाहती है और वो सरक कर नीचे बैठ गई
उसने अपनी जीभ निकाल कर दो तीन बार खुशबू के खड़े लंड के सुपाड़े की गांठ को चाटा और फिर सुपाड़े को मुंह में रख दिया


GIF-20260201-171436-169
: ओह्ह्ह्ह बहनचोद क्या आइटम है तू ओह्ह्ह्ह मेरी जान चूस ओह्ह्ह्ह ऐसे ही
रज्जो उसका लंड पकड़ कर चूसने लगी और खुशबू के जिस्म में सिहरन होने लगी , वो एड़ियों के बल होने लगी और रज्जो गले तक उसका लंड उतारने लगी
: यश मेरी जान और ले और उम्मम
खुशबू उसके सर को पकड़ कर दबाने लगी और रज्जो उसका पूरा लंड गले तक ले गई और बाहर निकाल दिया
फिर उसने वापस से उसका लंड पकड़ कर चूसना शुरू कर दिया ,


GIF-20260201-171531-503
उसके जिस्म में अब लंड की चस्क बढ़ने लगी वो अपनी चूचियों समेत बुर को सहलाते हुए उसका लंड चूसे जा रही थी

GIF-20260201-171636-833

: क्यों मेरी जान , अभी से बुर जलने लगी तेरी उम्मम
: ओह्ह्ह्ह हा मुझे लेना है इसे
: चल आजा
उनसे रज्जो को घोड़ी बना कर बिस्तर पर झुकाया और उसके चूतड़ों को फैलाते हुए उसके गाड़ का भूरा छेद देख कर बोली : उम्मम बड़ी रसीली गाड़ है तेरे उम्ममम

: ओह्ह्ह सीईईई अह्ह्ह्ह चाट ले राजा उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह तेरी जीभ बड़ी तेज है ओह्ह्ह्ह मर गई ओह्ह्ह्ह ( रज्जो मचल उठी थी जैसे ही खुशबु ने उसके गाड़ में अपना मुंह दिया )
: उम्मम कितनी मुलायम चूत और गाड़ है , बोल किस्में डालूं
: बुर में , बहुत जलन हो रही है घुसा दे न अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह बड़ा मोटा है और.... उन्ह्ह कितना लंबा भी ओह्ह्ह्ह


GIF-20260201-172114-210
: उफ्फ कितनी जल रही है तेरी बुर रज्जो , बड़ी गर्मी है तुझमें ओह्ह्ह मजा आएगा आज सारी रात तेरी गर्मी निकालूंगा तेरी चूत से
: हा मेरे राजा मै भी आज इस लंड से अपनी प्यास मिटाऊंगी ओह्ह्ह्ह पेल मुझे और तेज ओह्ह्ह्ह उम्ममम
: अह्ह्ह्ह बहनचोद क्या माल है तू ले साली रंडी ओह्ह्ह्ह उम्ममम कितना उछाल रहा है तेरा गाड़ मुझे ओह्ह्ह्ह इसमें भी डालूंगी अभी


GIF-20260201-172313-483
खुशबू रज्जो को दबाए हुए हच्च हच्च उसकी चूत में पेलने लगी और रज्जो की सिसकिया पूरे कमरे में गूंज रही थी
ताबड़तोड़ पेलाई से हटते हुए अचानक ही खुशबु से अपना लंड खींच लिया और इशारे से रज्जो को अपनी ओर बुलाया
रज्जो समझ गई और बिस्तर पर बैठ कर उसका लंड चूसने लगी जो उसकी ही बुर से रस में लिभड़ाया था ।
थोड़े देर रज्जो से अपना लंड चुसवाने के बाद उसने वापस रज्जो को बिस्तर पर धकेल दिया और उसकी जांघें फैला कर उसकी बुर की चाटने लगी


GIF-20260201-171307-795
रज्जो बिस्तर पर अकड़ने लगी और खुशबू उसकी जांघों को कसते हुए उसके बुर के रसीले फांकों को चाटने लगी , उन्हें खींचने लगी
उसकी जीभ तेजी से रज्जो के बुर में रेंग रही थी और अगले ही पल एक झटके में उसने अपना लंड बड़ी तेजी से रज्जो की बुर में उतारते है फचर फचर पेलने लगा
: ओह्ह्ह सीईईई ऐसे ही उम्ममम अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह तेरा तरीका बड़ा नया है और उफ्फफ कितना अंदर जा रहा ओह उम्मम पेल मेरे राजा उम्ममम
खुशबू ने तेजी से अपनी कमर हिलाने शुरू कर दी , उसका लंड तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था


GIF-20260201-172538-636
रज्जो के बड़बड़ाते होठ को देखकर वो उसके ऊपर चढ़ गई और अपनी नुकीली चूचियों को रज्जो के मुलायम छातियों में धंसाते हुए उसके होठ चूसने लगी
रज्जो भी उसकी इस हरकत से मचल उठी उसने अपनी बुर के छल्ले को खुशबू के लंड पर कस लिया और खुशबू भी दुगनी जोश में आकर उसकी चूचियां चूसने लगी


GIF-20260201-172714-811

उसकी कमर तेजी से ऊपर नीचे हो रही थी और लंड रज्जो की कसी बुर में अंदर बाहर होने लगा
उसके लंड पर जोर बढ़ने लगा और वो समझ गई कि वो झड़ जाएगी
फिर तेजी से उठी और रज्जो के छातियों पर अपना लंड हिलाने लगी
: ओह्ह्ह्ह यशस्स अह्ह्ह्ह्ह मेरी रंडी ले ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह आ रहा है उम्मम ओह बहनचोद आआ सीईईई अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह उम्ममम


GIF-20260201-172905-242
फिर एक के बाद एक खुशबू के लंड से वीर्य के छींटे रज्जो के चूचों पर गिरते रहे
झड़ने के बाद वो वही रज्जो के पास लेट कर सुस्ताने लगी और रज्जो उसकी ओर करवट होकर उसकी कड़क निप्पल को सहलाती हुई मुंह में भर चुकी थी
खुशबू भी समझ गई कि रज्जो पक्की खिलाड़न है , इतनी आसानी से नहीं थकेगी
और वो अगले राउंड की तैयारी करने लगी ।
इस बात से बेखबर कि थोड़ी देर पहले उसने मुस्कान को बाहर भेजा था वो वापस आ गई थी , और कबसे दरवाजे पर खड़ी उनकी लीला देख रही थी ।

वही इनसब से अलग प्रतापपुर में रात के खाने की तैयारी हो गई थी
बनवारी और रंगी, गेस्ट रूम ने बैठे खाने की राह देख रहे थे

उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे कि बबीता उनके साथ तैयार हो
: जमाई बाबू अब आप ही कुछ चमत्कार कर सकते है
गेस्टरूम के सोफे पर बैठे हुए बनवारी ने अपने धोती में लंड को सहला कर कहा

: वो आ रही है खाना लेकर बस देखते जाइए
थोड़ी देर में बबिता और गीता दोनों , रंगी और बनवारी की थाली लेकर आई
गीता निकल गई और बबीता भी जाने को हुई थी कि रंगी ने उसकी कलाई पकड़ ली
: अरे छोड़ो न फूफा जी , दादू देखो
: अरे जमाई बाबू कुछ कह रहे है सुन ले
: हा बोलो
बबीता समझ रही थी कि रंगी क्या चाहता है
: देखा बाउजी , ये कितनी बदमाशी करने लगी है । इसके तो चूतड़ लाल करने चाहिए आपको
बबीता ने घूर कर रंगी को देखा और वो वो उस दर्द से अभी उभरी नहीं थी जो रंगी ने उसके चूतड़ों को लाल करके दिए थे ।
: अरे नहीं नहीं , मेरी गुड़िया इतनी प्यारी है । इधर आ बेटा
फिर बनवारी ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया
लंड तो उसका पहले से ही खड़ा था धोती में , जैसे ही बबीता उसकी गोद में बैठी अपनी गाड़ में उसे अपने दादू का मोटा लंड महसूस हुआ
वो पूरी तरह गिनगिना गई , अभी भी उसने लेगिंग्स के नीचे कच्ची नहीं पहनी थी
: अरे बाबूजी मै सच कह रहा हूं , देख लीजिए इसने अभी भी कच्छी नहीं डाली होगी
रंगी की बात सुनकर बनवारी का लंड ठुमका और बबीता को महसूस हुआ
: क्या सच में गुड़िया तूने कच्छी नहीं पहनी
उसने झट से अपने हाथ नीचे कर सरेआम बबीता के चूतड़ों के नीचे हाथ रख एक लेगिंग्स के ऊपर से उसके मुलायम चूतड़ों को टटोला

: उम्मम लग तो रहा है पहनी है
: अरे नहीं पहनी है बाउजी , खोल कर देखिए
: उम्मम नहीं ( वो कुन्मुनाई और रंगी को देखा उसने )
: क्या नहीं खड़ी हो तू ( बनवारी ने थोड़ी डांट लगाई तो वो झट से खड़ी हो गई )


images
बनवारी ने एक नजर शरारती मुस्कुराहट से रंगी को देखा और दूर बबीता की लैगिंग को सरका कर जांघों तक कर दिया
: अरे हा , ये तो सच में नहीं पहने इसने
बनवारी अपनी नातिन के मुलायम चर्बीदार चूतड़ों को देख कर गदगद हो गया
: मै तो कह ही रहा था
: गुड़िया ये क्या है , बेटा अब तू बड़ी हो गई है न ( बनवारी के उसके नंगे चूतड़ों को सहलाया )
: जी दादू आगे से पहनूंगी , अब जाऊ

वो वापस से अपनी लैगिंग्स चढ़ाने के लिए झुकी और इतने में रंगी ने रोका
: अरे वो क्या है बाउजी देखिएगा तो
: क्या है ?
बनवारी भी समझ नहीं पा रहा था और रंगी ने झट से बनवारी की सफेद धोती से एक धागे का रेशा खींच कर जानबूझ कर बबीता के चूतड़ों के पास लगा कर निकाला
: अरे ये तो सफेद धागा है ( बनवारी बोला )
एक पल को बबीता भी चकित हुई
: जरूर इसकी लेगिंग्स से निकला होगा , एक और दिख रहा है अंदर
: कहा ? ( बनवारी रंगी का नाटक अब समझ गया था और उसने झट से बबीता ने मुलायम चूतड़ों को फैला के कर देखने लगा
: उम्मम दादू क्या कर रहे हो सीईईई
: चुप कर तू , पागल धागा फंसा है अंदर ( बनवारी झूठ का उसके गाड़ के सुराख के पास अपनी उंगली कुदरने लगा , बबीता मचलने लगी )

: नहीं पकड़ में आ रही है जमाई बाबू
: अरे थोड़ा थूक लगा कर उंगली में चिपकाइए आ जायेगा
बनवारी रंगी की योजना से प्रभावित हुआ जा रहा था और उसका लंड फौलादी हुआ जा रहा था
उसने उंगली में थूक लगाई और बबीता के गाड़ के सुराख पर कुरेदने लगा
उसने एक हाथ की दो उंगलियों से बबीता की गाड़ के दरारों को खोल रखा था और दूसरे हाथ की उंगली पर थूक लगा कर उसके गाड़ के सुराख को छेड़ रहा था
: लग रहा है जमाई बाबू जगह छोटी है इसीलिए पकड़ नहीं हो पा रही है
: अरे गुड़िया जरा अपने हाथों से अपने चूतड़ फैला तो
बबीता ने रंगी को देखा और मुंह बना कर अपने दोनों हाथों से अपने लचीले चर्बीदार चूतड़ों को फैला कर थोड़ा झुक गई


19742315
जिससे अब बनवारी के आगे उसकी गाड़ के छेद के साथ साथ बुर की फांके भी दिखने लगी
: हा अब साफ दिख रहा है
बनवारी ने वापस अपनी उंगली मुंह में डाली और उसके गाड़ के सुराख को गिला करने लगा
दोनों का लंड अकड़ गया था
: उन्ह्हु जमाई बाबू , मेरी उंगली जगह के हिसाब से मोटी है , आप ट्राई करेंगे
रंगी कहा ये मौका छोड़ने वाला था , वो सरक कर बनवारी के पास आया और बबीता के चूतड़ों को पकड़ कर अपने सामने कर दिया

: ओहो बाउजी आप तो थूक लगा ही नहीं रहे थे कितनी सूखी है
रंगी ने मुस्कुरा कर कहा और अपने मुंह से देर सारा लार लेकर बबीता के गाड़ के सुराख पर लीपने लगा
जिससे बबीता सिसक पड़ी

: आराम से जमाई बाबू नाखून न लगे बच्ची को
बनवारी ने अपना ड्रामा जारी रखा
: ओह्ह्ह सही कह रहे है बाउजी जगह छोटी है , यहां कोई लचीली से पकड़ना पड़ेगा , थोड़ा सा निकला तो है लेकिन पकड़ में नहीं आ रहा है
: अब ?
: एक उपाय है
: क्या ?
: अगर अंदर कोई सॉफ्ट चीज डाल कर पकड़ ले तो , जैसे जीभ डाल कर उसको लपेट लेंगे और होठों से खींच लेंगे
: क्या ? नहीं भक्क
: चुप रह तू , एक तो बात नहीं मानती और कोई मदद कर रहा है तो .... आप करिए जमाई बाबू
: ऐसे नहीं ... इसको कहिए बिस्तर पर झुक कर घुटने के बल हो जाए , उससे जगह भी चौड़ी हो जाएगी और आसानी से निकल भी जाएगा

: हा ये सही कह रहे है आप जमाई बाबू ( फिर बनवारी उठ गया और बबीता को पकड़ कर बिस्तर पर ले आया ) चल जल्दी से वैसी हो जा जैसे जमाई बाबू कह रहे है
बबीता रंगी का खेल समझ गई थी अब और उसने वही किया जो बनवारी ने कहा , बिना किसी विरोध के और अपनी लेगिंग्स पूरी निकाल कर

वो बिस्तर पर घुटने के बल होके आगे झुक गई और दोनों के सामने उसकी गाड़ फेल कर आ गई
: करिए जमाई बाबू
फिर रंगी ने उसके नंगे चूतड़ों को पकड़ कर पंजे से फैलाया और झुक कर अपनी जीभ की नुकीली टिप को उसके गाड़ के सुराख पर रख कर चलाने लगा ।


15843963
बनवारी अपने सामने अपने जमाई को अपनी ही नातिन की गाड़ का सुराख चाटते देख अपना लंड धोती में सहलाने लगा
वही बबीता रंगी की जीभ का स्पर्श पाकर गिनगिना उठी
: उम्मम हिल मत गुड़िया ( रंगी ने उसके गाड़ में मुंह लगाए कहा )
: हा बच्चा हिल मत , करने दे उन्हें ... मिला क्या जमाई बाबू
रंगी उठ गया
: अह्ह्ह्ह नहीं बाबूजी , गाल जबड़ा दर्द होने लगा , बस थोड़ा सा एक बार फंसा था लेकिन इसमें हिल कर सब बिगाड़ दिया ... आप ट्राई करिए
जगह की बदली हुई और बनवारी के मुंह में लार घुलने लगी
उसने भी ढेर सारी लार लेके रंगी की गीली की हुई जगह और अपनी जीभ फिराई


pussy licking gif scaled
एक ही बार बनवारी को अपनी लाडली नातिन के गाड़ का स्वाद भा गया और उसने अच्छे से चाट चाट कर उसकी गाड़ का सुराख गिला करने लगा
आगे बबीता अपनी बुर की कुलबुलाहट को कंट्रोल कर रही थी , अपनी सिसकियों को रोक रही थी
: अह मजा आ गया जमाई बाबू
( बनवारी खड़ा हुआ और एकदम से चौक गया कि उसने क्या बोला , फिर उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी ) अरे मतलब पकड़ में आ गया
बबीता सुस्त होकर फैल गई नंगी गाड़ उठाए हुए और हांफने लगी

: वाह बाउजी कर दिया आपने आखिर ( रंगी ने हस कर आंख मारी बनवारी को ) लेकिन मुझे कुछ शंका है
: कैसी शंका ?
: अरे आपने जो निकाला वो बहुत छोटा टुकड़ा था , कही अंदर टूट कर रह गया हो तो
बनवारी रंगी का लालच समझ गया और मुस्कुराने लगा
: ये तो सच में चिंता वाली बात हो जायेगी जमाई बाबू , अब क्या किया जाए
: एक काम करते है , आपके कमरे में तेल होगा क्या ?
: हा हा है न , रुकिए लाता हूं
फिर बनवारी अपना लंड धोती के ऊपर से मसलता हुआ भागा भागा अपने कमरे से तेल वाली सीसी ले आया
: बेटा वापस वैसे हो जा ( रंगी ने कहा )
: निकल तो क्या गया न ?
बबीता समझ रही थी कि उसे अभी और तड़पना ही पड़ेगा । वो वापस अपने घुटने के बल होकर अपने चूतड़ हवा में कर दिए , बनवारी उसके पास जाकर उसके सर को सहलाया
: बस बेटा ज्यादा टाइम नहीं लगेगा , जमाई बाबू एक बार उंगली डाल कर चेक करेंगे
: उम्मम दर्द होगा तो....
एक पल को बनवारी का भी मन पिघल गया , लेकिन रंगी आंखों से उसे आश्वस्त कर दिया कि सब कंट्रोल में होगा
फिर रंगी ने उसके गाड़ की सुराख पर शीशी से तेल टिपकाने लगा
फिर उसने अपनी बाह चढ़ाई और उंगलियों से उसकी गाड़ की सुराख लीपने लगा
बबीता की सिसकिया उठने लगी और वो खुद को अपनी गाड़ में रंगी की मोटी उंगली लेने के लिए तैयार करने लगी
रंगी ने तेल की शीशी का ढक्कन खोलकर अंदर अपनी उंगली डिप की और वैसे ही बाहर निकाल कर उंगली की टिप को बबीता की गाड़ के सुराख पर रखा
: आराम से जमाई बाबू बच्ची है
बनवारी फिकर में था , लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी नातिन अपने bf से कितनी बार अपने गाड़ के धागे निकलवा चुकी थी
थोड़ी ही प्रयास में रंगी की उंगली आसानी ने बबीता की गाड़ में सरक गई
: ओह्ह्ह दादू उम्ममम
: दर्द हो रहा है क्या बेटा ? ( बनवारी उसके पास गया )
: उम्ममम बहुत हल्का सा
: जमाई बाबू आराम से चेक करिए , कुछ मिला क्या
रंगी अपना लंड पकड़ कर दूसरे हाथ से एक उंगली डाल निकाल रहा था , रंगी को अंदाजा हो गया था कि बबीता अपने bf से अपनी गाड़ का ढीली करवा चुकी है


analfingeredallfours
: उम्मम शायद मेरे हिसाब से अंदर कुछ रह गया है , मेरी उंगली उस तक नहीं पहुंच पा रही है एक बार आप भी तसल्ली कर लीजिए बाउजी
: हा लाइए तेल दीजिए
फिर रंगी ने तेल की शीशी आगे की और बनवारी उसमें अपनी बीच वाली लंबी उंगली डिप करने जा रहा था तो रंगी ने उसका अंगूठा पकड़ कर डूबो दिया
बनवारी रंगी का इशारा समझ गया था लेकिन अभी भी उसके मन में अपनी लाडली के चूतड़ों का ख्याल था , वो आंखे बड़ी कर रंगी को देखा तो रंगी ने आंखों से इशारा किया कि करिए
बनवारी को यकीन होने लगा था कि जरूर रंगी ने कुछ अंदाजा लगाया है
बनवारी गांव में किसानी करके बड़ा हुआ था उसकी सामान्य उंगलियां भी रंगी के अंगूठे जितने थी और अंगूठा तो किसी टीन एज बच्चे की नूनी से कम मोटा नहीं था ।
बनवारी ने डरते हुए अपना अंगूठा बबीता के गाड़ के सुराख पर रखा और हौले से दबाया
पचक की आवाज से उसके अंगूठे का नाखून वाला भाग अंदर चला गया
बनवारी को हैरानी हुई और उसने रंगी को देखा तो रंगी मुस्कुरा पड़ा
बनवारी का डर अब कम हो गया और उसने अपना अंगूठा अंदर डाल कर ऐसे से घुमाया


20813691
: देखिए बाउजी कुछ है न
: अह हा जमाई बाबू लेकिन उंगली तो मेरी भी नहीं जा रही है , कुछ लम्बा सा चाहिए
: हा लेकिन बाबूजी बच्ची है , अंदर कुछ धारदार डाल नहीं सकते , लग जाएगा उसको
: फिर अब ? , अगर अंदर रह गया तो आगे जाकर सड़ेगा और बीमारी होगी ।
बबीता समझ रही थी कि अब आगे उसके साथ क्या होगा , लेकिन वो अपनी बुर की वजह से ज्यादा मजबूर थी
: एक बार बाउजी ऐसे ही सोनल की मां के आगे बाल बहुत बढ़ गए थे तो साफ करते हुए बाल का टुकड़ा अंदर चला गया था
: फिर आपने क्या किया था जमाई बाबू ( बनवारी अपना मूसल मिजता हुआ बोला )
: आप तो जानते ही है औरतों की वो जगह कितनी नाजुक होती है , उंगली से प्रयास किया लेकिन नहीं काम आया
: फिर आपने क्या किया ?
: अह क्या बताऊं बाउजी आपसे , वो मै ... ( रंगी ने शर्माने का ड्रामा किया )
: जमाई बाबू झिझक छोड़िए , मुझे मेरी नातिन की चिंता हो रही है
: दरअसल बाउजी मुझे अंदर अपना लंड डालना पड़ा था फिर वो उसमें चिपक कर बाहर आया था ।
: ओह्ह्ह फिर करना क्या है , डालिए अंदर और ... निकालिए उसे
: क्या मै ?
: हा जमाई बाबू , आपको अनुभव है
: लेकिन बाउजी एक काम और करना पड़ेगा
वी
: क्या ?
: दरअसल अंदर तो मै गुड़िया के डाल दूं लेकिन तेल से ये काम नहीं होगा , तेल से लंड अंदर ज्यादा फिसलेगा
: तो फिर ?
: इसके लिए थूक का प्रयोग ही सही रहेगा
: तो करिए , किस सोच में है अभी आप ?
: दरअसल आप समझ नहीं रहे है बाउजी, उंगली डालने भर का थूक मै इस्तेमाल कर लूं लेकिन मेरा साइज बड़ा है , उतने से काम नहीं होगा
: फिर आपके छोटी से अंदर से कैसे निकाला था
: अह बाउजी दरअसल सोनल की मां ने मेरा लंड चूस कर गिला किया था , तब कही मैं उसमें चिपक कर बाहर आया था
: हा लेकिन यहां छोटी तो है नहीं न , तो अब
: अह अगर आप कहेंगे तो मुझे लगता है कि गुड़िया जरूर तैयार हो जाएगी ( रंगी ने आंख मारी और बनवारी भी मुस्कुरा पड़ा )
: हा हा क्यों नहीं , गुड़िया बेटा जरा तेरे फूफा का गिला कर दे तो

: बक्क नहीं
: देख अब बदमाशी मत कर , कितना परेशान है बेचारे तेरे लिए, चल उठ
बनवारी के गुड़िया की बाह पकड़ कर उसे बिस्तर से नीचे किया
बबीता ने छुपी हुई मुस्कुराहट से रंगी को देखा तो रंगी भी मुस्कुरा उठा और अपना पजामा खोल कर अपना बड़ा सा लंड बनवारी के सामने ही खोल दिया , बबीता घुटने के बल नीचे बैठ गई वैसे ही कमर के नीचे नंगी
: कितना बड़ा है ये दादू
: कोई बात नहीं बेटा तू कर लेगी , चल जल्दी कर ( बनवारी ने गुड़िया का सर आगे जोर देके रंगी के सुपाड़े की ओर किया )
बबीता ने रंगी का तपता लंड थामा और मुंह खोलकर उसका सुपाड़ा चुभलाने लगी
रंगी के पूरे बदन में कंपकंपी होने लगी वो अपने चेहरे के भाव से बनवारी को बताने लगा कि वो कितने मजे में है
बनवारी ये देख कर अपना लंड मीज रहा था


gifcandy huge cock 88
: हा बेटा और अन्दर लेकर गिला कर ओह्ह्ह्ह सही कर रही है तू उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई बाबूजी गुड़िया तो बड़ी श्यआनी है , इसको तो अच्छे से गीला करने आता है
: हा जमाई बाबू , गुड़िया तो है ही श्यानी , अच्छे से कर बेटा थूक लगा कर
बबीता अच्छे से रंगी का लंड का मुंह में लेकर चूसने लगी और उसकी लार से रंगी का लंड एकदम तैयार हो गया था
: बाबूजी मेरे ख्याल से इतने से काम हो जाएगा , आइए , आओ गुड़िया

रंगी फिर गुड़िया को सोफे कर लेकर आया
: यहां ?
: हा बाउजी, बच्ची है जरा आपकी गोद में रहेगी तो दर्द होगा तो आप सम्भाल लेंगे न
बनवारी कुछ कुछ रंगी का मतलब समझ रहा था
फिर रंगी ने बबीता को सोफे पर घोड़ी बना कर उसके पीछे आ गया , बनवारी अपनी लाडली के पास बैठ गया और उसके हाथ पकड़ कर उसे तैयार करने लगा
: डर मत बच्ची , कुछ होगा नहीं अभी तेरे फूफा यूं निकाल देंगे धागा
: हम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईईईई दादू टाइट है
: आराम से जमाई बाबू हल्के हल्के जाइए अंदर है
इधर रंगी ने ढेर सारी थूक लेकर वापस से बबीता की गाड़ की सुराख को गिला किया और अपना सुपाड़ा सेट कर हलका सा जोर देकर दबाया


teen scaled
: अह्ह्ह्ह्ह बस बाबूजी सच में बड़ी टाइट जगह है
: अह्ह्ह्ह दादू खींच रहा है मम्मीईई आह्ह्ह्ह नहीं उम्हू दर्द हो रहा
: बस बेटा अब नहीं होगा , अह्ह्ह्ह्ह अब तक अंदर चला गया है... कितना और बचा है जमाई बाबू
: बस बस बाउजी आधा चला गया है उम्मम सीई जगह बड़ी टाइट है
: अरे जमाई बाबू थोड़ा आगे पीछे करिए , जगह बनेगी
रंगी मुस्कुरा कर अपना लंड उसी जगह आगे पीछे करने लगा : अह्ह्ह्ह हा बाउजी सही कहा आपने ये सच में आगे पीछे करने से अंदर जा रहा है
: ओह्ह्ह दादू उम्ममम
: क्या हुआ बेटा अभी भी दर्द है
: हम्ममम हल्का हल्का ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई उम्ममम

रंगी ने अब पूरा लंड जितना बबीता की कसी गाड़ में जड़ तक तक उतार दिया था , बबीता की गाड़ की कसी और तपती सुराख में उसे गजब का सुख मिल रहा था


28277740
रंगी अपनी मस्ती में लंड अंदर ही आगे पीछे करने लगा और वही बबीता को भी मजा आने लगा , उसकी बुर कबसे बह रही थी
उसकी आंखों के सामने उसके दादू का लंड धोती में फ़नफ़नाया हुआ था । और वो रंगी के करारे झटके से बार बार उसी के झुक रही थी
: क्या हुआ जमाई बाबू , कुछ महसूस हो रहा है
: आह बाबूजी खोज रहा हूं , लेकिन अंदर जगह इतनी सुखी है कि लंड सुख रहा है तेजी से
: कोई बात नहीं जमाई बाबू आप खोजिए , गुड़िया फिर से गिला कर देगी
: हा बाउजी , जबतक मै खोज रहा हूं क्यों न तबतक आप अपना गीला करवा लीजिए , अगर जरूरत पड़ी तो जल्दी काम हो जाएगा

बनवारी तो जैसे इसी राह में था उसने झट से अपनी धोती से अपना मोटा काला मूसल जैसा लंड निकाल दिया
: हा जमाई बाबू सही कह रहे है ,गुड़िया बेटा जरा इसे भी गिला कर दे तो ले मुंह खोल

बनवारी ने खुद से अपना लंड का सुपाड़ा उसके मुंह की ओर कर दिया और बबीता ने बिना एक पल झिझके अपने दादू का मोटा लंड मुंह में ले लिया
बनवारी ने एक लंबी ठंडी गहरी सांस ली और गुड़िया के सर को सहलाने लगा


045A47E
बबीता अब रंगी के लंड को अपनी गाड़ में लेते हुए अपने दादू का लंड चूसना शुरू कर चुकी थी
कमरे में कामुक गाड़ चुदाई का माहौल बना हुआ था

: थक जाइयेगा तो बताइएगा जमाई बाबू , मै ट्राई करूंगा
रंगी समझ गया कि उसका ससुर अब गुड़िया की गाड़ में जाना चाहता है
: अह मेरे ख्याल से आप आ ही जाइए , क्योंकि मेरा तो सुख गया है फिर से
जगह की बदली हुई और बनवारी ने अपना सुपाड़ा सेट कर लंड उतार दिया बबीता की गाड़ में
वो भी अब बबिता की लचीली गाड़ का स्वाद लेने लगा था


29126761
रंगी ने पहले से ही जगह बना दी थी उसके लिए इसीलिए ना उसे और न बबीता को ज्यादा तकलीफ हुई
बनवारी लगातार उसको चोदने लगा , उसकी स्पीड बढ़ने लगी
: अह्ह्ह्ह दादू आराम से ओह्ह्ह्ह
: क्या हुआ ( रंगी ने मुस्कुरा कर कहा )
: उम्ममम सीईईई नीचे बहुत खुजली हो रही है ओह्ह्ह्ह उम्ममम मम्मीइ उम्मम
: क्या हुआ जमाई बाबू , क्या कह रही है गुड़िया
: अरे बाउजी गुड़िया कह रही है कि उसको आगे अंदर खुजली हो रही है , कही ऐसा तो नहीं कोई धागा आगे भी अंदर चला गया
: रुकिए चेक करता हूं


(m ldpwiqacxt E Ai)(mh 8dd K2wl A2a A7GWPo)16438761b
फिर बनवारी ने बड़ी चतुराई दिखा कर वही उसी पोजीशन में भी बबीता की लाल हुई गाड़ की सुराख से अपना लंड निकाल कर उसकी बुर में लगा दिया
जल्द ही बबीता की एक घुंटी हुई सिसकी सुनाई दी और रंगी ने उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया
बनवारी अपनी नातिन की गर्म रसभरी बुर में जाकर मस्त हो गया और तूफानी रफ्तार से उसकी कमर झटकते हुए पेलने लगा


22738491
: बाउजी दोनो जगह बराबर चेक करते रहिएगा
बनवारी रंगी का इशारा समझ गया था और उसने छेद बदल कर वापस से बबीता की गाड़ में लंड डाल दिया और चोदने लगा

बबीता सिसकती रही झड़ती रही
: ओह्ह्ह्ह जमाई बाबू लगता है अब हो जाएगा
: अरे बाउजी पीछे भर दीजिए , क्या पता उससे ही बाहर आ जाए
रंगी के कहने का मतलब बनवारी साफ साफ समझ गई और उसका जोश कई गुना बढ़ गया और उसने अपना लंड बबीता की गाड़ के जड़ में ले जाकर सुपाड़े को हल्का छोड़ दिया
एक के बाद एक पिचकारियां बबीता की गाड़ में छुटती रही और बनवारी हांफता हुआ झटके खाता रहा


19344463
फिर जब उसने अपना लंड बाहर निकाला अपने ही वीर्य से सना हुआ
तो इसके साथ ही बबीता की गाड़ ने भी उसका वीर्य उगलना शुरू कर दिया था।
बनवारी हाफ कर बैठ गया सोफे पर और हंसते हुए रंगी को देखने लगा

: उह अब तो निकल गया होगा जमाई बाबू ?
: नहीं निकला होगा तो फिर ट्राई करेंगे थोडी देर में , बेचारी बच्ची के भी घुटने में दर्द हो रहा होगा
रंगी ने बबीता को कहा और वो शर्मा कर मुस्कुरा रही थी ।

जारी रहेगी
( बबीता की गाड़ चुदाई का थ्रीसम कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताए ... अभी रात बाकी है और बात बाकी है )
बहुत ही गरमागरम कामुक और उत्तेजना से भरपूर उन्मादक अपडेट हैं भाई मजा आ गया
ये साली रज्जो को मुस्कान के साथ में मजे करली अब खुशबू के साथ भी मजे ही मजे हैं
ये रंगी और बनवारी ने मिलके बबिता के साथ जो गांड चुदाई का मजा लिया उसके तो क्या ही कहने एक जबरदस्त थ्रीसम
खैर देखते हैं आगे क्या होता है
अगले रोमांचकारी धमाकेदार और चुदाईदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
 
  • Love
Reactions: DREAMBOY40
Top