• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Serious _SHAAYAREE_

🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

Mr. Perfect

"Perfect Man"
1,434
3,733
143
Waahh gajab bhai______

मुझे फिर वही याद आने लगे है,
जिन्हे भुलाने में ज़माने लगे है,
सुना है हमे वो भुलाने लगे है,
तो क्या हम उन्हे याद आने लगे है?
ये कहना है उनसे मोहब्बत है मुझको,
ये कहने में उनसे ज़माने लगे है,
क़यामत यकिनन क़रीब आ गई है,
अब तो मस्जिद में जाने लगे है...
:heart::heart::heart:
 
  • Like
Reactions: VIKRANT and Aakash.

Aakash.

ᴍᴀʏ ɪ sᴇᴇ ʏᴏᴜʀ ᴘᴀɴᴛɪᴇs ?
Staff member
Sr. Moderator
54,923
170,059
354
मर्जी से जीने की बस ख्वाहिश की थी मैंने,
और वो कहते हैं कि, खुदगर्ज बन गये हो तुम...

:heart::heart::heart:
 
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

VIKRANT

Active Member
1,486
3,377
159
मुझे फिर वही याद आने लगे है,
जिन्हे भुलाने में ज़माने लगे है,
सुना है हमे वो भुलाने लगे है,
तो क्या हम उन्हे याद आने लगे है?
ये कहना है उनसे मोहब्बत है मुझको,
ये कहने में उनसे ज़माने लगे है,
क़यामत यकिनन क़रीब आ गई है,
अब तो मस्जिद में जाने लगे है...
:heart::heart::heart:
Greattt bro. Such a beautiful poetry. :applause::applause::applause:
 

TheBlackBlood

Keep calm and carry on...
Supreme
81,735
119,687
354
ऐसे चुप है कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे,
तेरा मिलना भी जुदाई की घड़ी हो जैसे।

अपने ही साये से हर गाम लरज़ जाता हूँ,
रास्ते में कोई दीवार खड़ी हो जैसे।

कितने नादाँ हैं तेरे भूलने वाले कि तुझे,
याद करने के लिए उम्र पड़ी हो जैसे।

मंज़िलें दूर भी हैं, मंज़िलें नज़दीक भी हैं,
अपने ही पाँवों में ज़ंजीर पड़ी हो जैसे।

आज दिल खोल के रोए हैं तो यों खुश हैं ‘फ़राज़’
चंद लमहों की ये राहत भी बड़ी हो जैसे।
 
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories
Top