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Adultery Rabiara ki kamukta Part 1& 2 (completed)

riya singh

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दुनिया में दो तरह के मर्द होते है एक वो जो औरत को खिलौना समझ कर उन पर हुकुम चलाते है और बिस्तर पर जाते ही दो धक्कों में निढाल होकर गिर जाते है दूसरे वो जो औरत से सबके सामने रानी की तरह व्यहवार करते है लेकिन बिस्तर पर जाते ही उस रानी को राड बना कर भोगते है. दूसरी तरह वाले मर्दों के लिए दिलमें इज्जत और निचे गीलापन अपने आप आ जाता है।
औरत भी सब के सामने सीधी साधी शरीफ और संस्कारी बनती है और वही औरत बिस्तर में मोटा लंड देख के रंडी की तरह लपकती है और अपनी कोमल छेद में होने वाली ठुकाई और उसके लिंग से निकले हुए वीर्य को मजे से स्वीकार करती है है
Aurat bhi do trha ki hoti h jinhe mard ka sukh to chahiye lekin apni sharam aur akad me pahal nhi karti to Mardo ka man bhatkane lagta h
Wahi dusri trha ki aurat apne mard ko rijhane ke liye sare tarike apnati h bister per rand ban jati h aadmi kabhi usse dur nhi ja pata
 

arushi_dayal

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Aurat bhi do trha ki hoti h jinhe mard ka sukh to chahiye lekin apni sharam aur akad me pahal nhi karti to Mardo ka man bhatkane lagta h
Wahi dusri trha ki aurat apne mard ko rijhane ke liye sare tarike apnati h bister per rand ban jati h aadmi kabhi usse dur nhi ja pata
रिया जी... मैं आपकी बात से बिल्कुल सहमत हूं। लेकिन शर्म और हया तो औरत का गहना सदियों से रहा है। लेकिन एक बार बिस्तर पे औरत को मजा और संतुष्टि मिलनी शुरू हो जाए तो वो बिस्तार पे रांड बनने से नहीं डरती। वो अपने मर्द के लिए सब कुछ करने को तैयार रहती हैं. बजाने वाले मे हिम्मत होनी चाहीए, बजने वाली तो,बजने के लीये ही होती है.औरत एक ऐसा मर्द ढूंढ़ती है जो उस औरत को पूरी तरह अपनी ताकत से ऐसे खुश करे की औरत उसी ताकतवर मर्द की कायल हो जाती है.लेकिन जब पति रात को अधूरी छोड़ दे तो औरतों की कामुकता और जिस्म की अधूरी प्यास‌ आग बनकर शरीर की बेचैनी बढ़ा देती है इसीलिए औरतें अपनी आग को ठंडी करने के लिए दूसरे के घोड़े पर बैठने के लिए मजबूर हो जाती हैं!
 

riya singh

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रिया जी... मैं आपकी बात से बिल्कुल सहमत हूं। लेकिन शर्म और हया तो औरत का गहना सदियों से रहा है। लेकिन एक बार बिस्तर पे औरत को मजा और संतुष्टि मिलनी शुरू हो जाए तो वो बिस्तार पे रांड बनने से नहीं डरती। वो अपने मर्द के लिए सब कुछ करने को तैयार रहती हैं. बजाने वाले मे हिम्मत होनी चाहीए, बजने वाली तो,बजने के लीये ही होती है.औरत एक ऐसा मर्द ढूंढ़ती है जो उस औरत को पूरी तरह अपनी ताकत से ऐसे खुश करे की औरत उसी ताकतवर मर्द की कायल हो जाती है.लेकिन जब पति रात को अधूरी छोड़ दे तो औरतों की कामुकता और जिस्म की अधूरी प्यास‌ आग बनकर शरीर की बेचैनी बढ़ा देती है इसीलिए औरतें अपनी आग को ठंडी करने के लिए दूसरे के घोड़े पर बैठने के लिए मजबूर हो जाती हैं!
Ye bilkul sahi kaha tumne lekin har aurat randipana nhi dikha pati unhe lagta h unki sharam hi unka ghena h jiski wajah se wo chahti h hamesha mard hi pahal kare. Aur sabse maje ki baat ye h ki apne pati ke samne sharam hi ghena h ka parda odhe rheti hain lekin jab kisi bahar ke mard ka lund Lena ho to sari sharam chod kr uska Lund bhi chusne lagti hain ,
Apne pati se hamesha kahengi mujhe pasand nhi h ye sab isiliye pati bahar muh Marne lagte hain ,
Main ye experience se bata Rahi hu kyoki phele main bhi aisi hi thi lekin jab ghar barbaad hota dikha to randipana karna shuru kr diya,
Aisa nhi h ki itna karne ke baad pati bahar muh nhi marenge wo fir bhi marenge isliye main hamesha kheti hu jo pasand aaye jiska pasand aaye khul kr jee lo maje lo aur maje do
 
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रिया जी... मैं आपकी बात से बिल्कुल सहमत हूं। लेकिन शर्म और हया तो औरत का गहना सदियों से रहा है। लेकिन एक बार बिस्तर पे औरत को मजा और संतुष्टि मिलनी शुरू हो जाए तो वो बिस्तार पे रांड बनने से नहीं डरती। वो अपने मर्द के लिए सब कुछ करने को तैयार रहती हैं. बजाने वाले मे हिम्मत होनी चाहीए, बजने वाली तो,बजने के लीये ही होती है.औरत एक ऐसा मर्द ढूंढ़ती है जो उस औरत को पूरी तरह अपनी ताकत से ऐसे खुश करे की औरत उसी ताकतवर मर्द की कायल हो जाती है.लेकिन जब पति रात को अधूरी छोड़ दे तो औरतों की कामुकता और जिस्म की अधूरी प्यास‌ आग बनकर शरीर की बेचैनी बढ़ा देती है इसीलिए औरतें अपनी आग को ठंडी करने के लिए दूसरे के घोड़े पर बैठने के लिए मजबूर हो जाती हैं!
Ye bilkul sahi kaha tumne lekin har aurat randipana nhi dikha pati unhe lagta h unki sharam hi unka ghena h jiski wajah se wo chahti h hamesha mard hi pahal kare. Aur sabse maje ki baat ye h ki apne pati ke samne sharam hi ghena h ka parda odhe rheti hain lekin jab kisi bahar ke mard ka lund Lena ho to sari sharam chod kr uska Lund bhi chusne lagti hain ,
Apne pati se hamesha kahengi mujhe pasand nhi h ye sab isiliye pati bahar muh Marne lagte hain ,
Main ye experience se bata Rahi hu kyoki phele main bhi aisi hi thi lekin jab ghar barbaad hota dikha to randipana karna shuru kr diya,
Aisa nhi h ki itna karne ke baad pati bahar muh nhi marenge wo fir bhi marenge isliye main hamesha kheti hu jo pasand aaye jiska pasand aaye khul kr jee lo maje lo aur maje do
सभी औरत के अंदर एक नगरबधु ( रंडी ) छिपा हुआ रहता है लेकिन यह बात अलग है कि वो इसे शो आफ नही करती ।
जहां तक मैरेज कपल की बात है , हसबैंड वाइफ दोनो ही लाज , शर्म , हया की वजह से इसलिए खुलकर सेक्स नही कर पाते कि उनका हसबैंड / वाइफ उसके बारे मे क्या राय बनाएगा ! कहीं उसका पार्टनर उसे चरित्रहीन न समझने लगे । कहीं वो यह न समझने लगे कि उसका पति / पत्नी पहले से ही सेक्स का खिलाड़ी रह चुका है ।

लेकिन अगर प्रेमी युगल का रिश्ता लिव - इन-रिलेशनशिप मे हो , नाजायज सम्बन्ध हो , व्यभिचार पर आधारित सेक्स हो , तब उनके बीच का सेक्सुअल सम्बन्ध पुरी तरह खुलकर होने लगता है । वो अधिक उत्तेजना महसूस करते है क्योंकि यह फाॅरविडेन सेक्स होता है जहां शर्म हया की कोई गुंजाइश नही होती। अपने कैरेक्टर का प्रमाण नही देना होता ।
और यही कारण है कि व्यभिचार पर आधारित कहानियां लोगो को ज्यादा उत्तेजित करती है ।
 
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arushi_dayal

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सभी औरत के अंदर एक नगरबधु ( रंडी ) छिपा हुआ रहता है लेकिन यह बात अलग है कि वो इसे शो आफ नही करती ।
जहां तक मैरेज कपल की बात है , हसबैंड वाइफ दोनो ही लाज , शर्म , हया की वजह से इसलिए खुलकर सेक्स नही कर पाते कि उनका हसबैंड / वाइफ उसके बारे मे क्या राय बनाएगा ! कहीं उसका पार्टनर उसे चरित्रहीन न समझने लगे । कहीं वो यह न समझने लगे कि उसका पति / पत्नी पहले से ही सेक्स का खिलाड़ी रह चुका है ।

लेकिन अगर प्रेमी युगल का रिश्ता लिव - इन-रिलेशनशिप मे हो , नाजायज सम्बन्ध हो , व्यभिचार पर आधारित सेक्स हो , तब उनके बीच का सेक्सुअल सम्बन्ध पुरी तरह खुलकर होने लगता है । वो अधिक उत्तेजना महसूस करते है क्योंकि यह फाॅरविडेन सेक्स होता है जहां शर्म हया की कोई गुंजाइश नही होती। अपने कैरेक्टर का प्रमाण नही देना होता ।
और यही कारण है कि व्यभिचार पर आधारित कहानियां लोगो को ज्यादा उत्तेजित करती है ।
बात तो तुम सही कह रही हो। एक पति पत्नी के बीच शर्म नाम का परदा ही बेडरूम में दोनों को खुल के सेक्स का आनंद नहीं लेने देता। एक दूजे से संकोच के कारण वो खुल के अपनी इच्छाएं बता नहीं पाते और फिर वही खुशी या मजा वो दूजे मर्द या औरत से पूरा करना चाहते हैं।

लेकिन इस चीज़ का एक पहलू और भी है। घर की दाल खा खा एक जब बोर हो जाते है तो बाहर फिर चिकन बिरयानी का मन करता है. पहले औरत कमजोर होती थी, मर्द जब चाहे अपने बिस्तर पे लाकर मसल देते थे, पर आजकल की औरत independent होती है और मर्दों को उनकी औकात में रखती है.
सम्भोग जीवन का सत्य हैं एक औरत कितनी प्यासी कितनी कामवासनाओं से भरी है एक औरत अपने मन के अश्लील और कामुक विचार को सिर्फ बिस्तर पर किसी मर्द की बाहों में लिपट कर आपने अदाओं से व्यक्त करती है जो मर्द उसकी इन अदाओ को समझ जाता है सिर्फ वही मर्द चरमसुख पाने का हकदार होता है.
एक प्यासी औरत को जब एक घोड़े जैसा मर्द मिल जाता हैं,तो फिर वो सब कुछ भूल कर चूतड़ों को उठा कर उस मर्द के मूसल पर यू उछल उछल कर साथ देती हैं मानों बरसों से प्यासी हो. वो मर्द उसका पति है या कोई बाहर वाला उसे कोई फर्क नहीं पड़ता
 

riya singh

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सभी औरत के अंदर एक नगरबधु ( रंडी ) छिपा हुआ रहता है लेकिन यह बात अलग है कि वो इसे शो आफ नही करती ।
जहां तक मैरेज कपल की बात है , हसबैंड वाइफ दोनो ही लाज , शर्म , हया की वजह से इसलिए खुलकर सेक्स नही कर पाते कि उनका हसबैंड / वाइफ उसके बारे मे क्या राय बनाएगा ! कहीं उसका पार्टनर उसे चरित्रहीन न समझने लगे । कहीं वो यह न समझने लगे कि उसका पति / पत्नी पहले से ही सेक्स का खिलाड़ी रह चुका है ।

लेकिन अगर प्रेमी युगल का रिश्ता लिव - इन-रिलेशनशिप मे हो , नाजायज सम्बन्ध हो , व्यभिचार पर आधारित सेक्स हो , तब उनके बीच का सेक्सुअल सम्बन्ध पुरी तरह खुलकर होने लगता है । वो अधिक उत्तेजना महसूस करते है क्योंकि यह फाॅरविडेन सेक्स होता है जहां शर्म हया की कोई गुंजाइश नही होती। अपने कैरेक्टर का प्रमाण नही देना होता ।
और यही कारण है कि व्यभिचार पर आधारित कहानियां लोगो को ज्यादा उत्तेजित करती है ।
ye sab sharam haya ka parda tab tak thik h jab tak aap apne pati ko apne charitra ka parmaan de rahi ho lekin jab shadi ke kuch salo baad patni ghar ki daal ban jaye to use chikan banna hi padta h aur banna bhi chahiye pati ko dar rheta h ki agar wo patni ko khush nhi kr paya to wo kisi aur ke pas na chali jaye wo puri taqat lagata h patni ko khush karne ki leki patni jab pati ko ye jata de ki pati kaise bhi rakh le wo khush h to kabhi kush nhi reh payegi
 
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riya singh

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बात तो तुम सही कह रही हो। एक पति पत्नी के बीच शर्म नाम का परदा ही बेडरूम में दोनों को खुल के सेक्स का आनंद नहीं लेने देता। एक दूजे से संकोच के कारण वो खुल के अपनी इच्छाएं बता नहीं पाते और फिर वही खुशी या मजा वो दूजे मर्द या औरत से पूरा करना चाहते हैं।

लेकिन इस चीज़ का एक पहलू और भी है। घर की दाल खा खा एक जब बोर हो जाते है तो बाहर फिर चिकन बिरयानी का मन करता है. पहले औरत कमजोर होती थी, मर्द जब चाहे अपने बिस्तर पे लाकर मसल देते थे, पर आजकल की औरत independent होती है और मर्दों को उनकी औकात में रखती है.
सम्भोग जीवन का सत्य हैं एक औरत कितनी प्यासी कितनी कामवासनाओं से भरी है एक औरत अपने मन के अश्लील और कामुक विचार को सिर्फ बिस्तर पर किसी मर्द की बाहों में लिपट कर आपने अदाओं से व्यक्त करती है जो मर्द उसकी इन अदाओ को समझ जाता है सिर्फ वही मर्द चरमसुख पाने का हकदार होता है.
एक प्यासी औरत को जब एक घोड़े जैसा मर्द मिल जाता हैं,तो फिर वो सब कुछ भूल कर चूतड़ों को उठा कर उस मर्द के मूसल पर यू उछल उछल कर साथ देती हैं मानों बरसों से प्यासी हो. वो मर्द उसका पति है या कोई बाहर वाला उसे कोई फर्क नहीं पड़ता
aurat ka adhikar h wo sukh pane ka agar pati nhi de sakta ya use ghar ki daal samjhta h to wo bahar jayegi
 
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बात तो तुम सही कह रही हो। एक पति पत्नी के बीच शर्म नाम का परदा ही बेडरूम में दोनों को खुल के सेक्स का आनंद नहीं लेने देता। एक दूजे से संकोच के कारण वो खुल के अपनी इच्छाएं बता नहीं पाते और फिर वही खुशी या मजा वो दूजे मर्द या औरत से पूरा करना चाहते हैं।

लेकिन इस चीज़ का एक पहलू और भी है। घर की दाल खा खा एक जब बोर हो जाते है तो बाहर फिर चिकन बिरयानी का मन करता है. पहले औरत कमजोर होती थी, मर्द जब चाहे अपने बिस्तर पे लाकर मसल देते थे, पर आजकल की औरत independent होती है और मर्दों को उरूनकी औकात में रखती है.
सम्भोग जीवन का सत्य हैं एक औरत कितनी प्यासी कितनी कामवासनाओं से भरी है एक औरत अपने मन के अश्लील और कामुक विचार को सिर्फ बिस्तर पर किसी मर्द की बाहों में लिपट कर आपने अदाओं से व्यक्त करती है जो मर्द उसकी इन अदाओ को समझ जाता है सिर्फ वही मर्द चरमसुख पाने का हकदार होता है.
एक प्यासी औरत को जब एक घोड़े जैसा मर्द मिल जाता हैं,तो फिर वो सब कुछ भूल कर चूतड़ों को उठा कर उस मर्द के मूसल पर यू उछल उछल कर साथ देती हैं मानों बरसों से प्यासी हो. वो मर्द उसका पति है या कोई बाहर वाला उसे कोई फर्क नहीं पड़ता
आरूषी जी , पहले तो यह बता दूं कि मै मैच्योर पुरुष हूं ना कि महिला :D
आप को मेरे कमेन्ट पर रिस्पांस करते देख बहुत अच्छा लगा । आप ने जब फोरम से हटने की बात कही थी तब राजी मैडम और कोमल रानी जी की तरह मुझे भी काफी दुख हुआ था । हम सभी आपके इरोटिक कविता को बहुत ज्यादा मिस करते ।
और जहां बात है सेक्सुअल तृप्ति की , औरत के बारे मे आप बेहतर जान सकती है लेकिन मर्द के कैरेक्टर के बारे मे मै जरूर कुछ कहना चाहता हूं ।

मर्द के लिए पत्नी तो पत्नी है , वो उसे हमेशा हासिल होती है । लेकिन हसबैंड को उससे जिन्सी रिश्तेदारी कायम करके उस फतह का एहसास नही होता जो उसे किसी पड़ोस की औरत का मान मर्दन करके , यहां तक कि घर मे आने वाली धोबिन या , बर्तन मांजने वाली तक से हमबिस्तर होकर होता है ।
सेक्स के मामले मे मर्द सरासर कुते की जात होता है । घर की मलाई छोड़कर भी वह नुक्कड की जूठन चाटने जरूर जाएगा । दो टके की छिनाल औरत के सामने वह बिछ - बिछ जाएगा लेकिन घर मे मौजूद अपनी सर्वगुण सम्पन्न बीबी से वह यूं बेजार होकर दिखाएगा जैसे उसे फांसी लग रही हो । :D
 
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ye sab sharam haya ka parda tab tak thik h jab tak aap apne pati ko apne charitra ka parmaan de rahi ho lekin jab shadi ke kuch salo baad patni ghar ki daal ban jaye to use chikan banna hi padta h aur banna bhi chahiye pati ko dar rheta h ki agar wo patni ko khush nhi kr paya to wo kisi aur ke pas na chali jaye wo puri taqat lagata h patni ko khush karne ki leki patni jab pati ko ye jata de ki pati kaise bhi rakh le wo khush h to kabhi kush nhi reh payegi
वैवाहिक रिश्ते मे दरार की वजह ही यही है । हसबैंड वाइफ के बीच कुछ सालों बाद वह सेक्सुअल फीलिंग्स या जोश वो नही रहता जो शुरुआती के कुछ सालों मे होता है ।
लेकिन इस के लिए दोष किसी एक का नही दिया जा सकता । हसबैंड वाइफ दोनो की गलती होती है ।
उन्हे अपने सेक्सुअल सम्बन्ध मे जान डालने के लिए थोड़ा-बहुत एक्सपेरिमेंट करना जरूरी होता है । मेरे कहने का यह मतलब नही है कि वो कुछ ऐसा करें जो समाज और कानून के नजर मे गलत है । कुछ ऐसा करें जो उनके सेक्सुअल लाइफ को स्पाइसी बनाए । :D
 
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