अंजलि-- भाई तुम दोनो की बाते तो मुझे समझ नही आती,
सन्नी --अभी कोई शादी वादी नही चुपचाप अपनी पढ़ाई पर
ध्यान दो, और उठ कर अपने रूम की ओर चली जाती है,
सन्नी- डॉली के पास आकर क्यो दीदी तुमने मम्मी को सच क्यो नही बताया,
डॉली -सन्नी बहुत मज़ाक हो गया कभी तो सीरियस हो जाओ, मम्मी को तुम्हारी हर्कतो का पता चला ना तो तुम्हारी
खेर नही, और डॉली उठ कर मम्मी के रूम की ओर जाने लगती
है सन्नी उसका हाथ पकड़ लेता है, और उसको अपनी बाँहो मे
भरकर दीदी अपनी बीबी तो मैं तुम्हे ही बनाउन्गा, ये मेरा वादा
है और डॉली के दूध दबा कर छोड़ देता है और घर से
बाहर निकल जाता है, डॉली अवाक खड़ी खड़ी सन्नी को देखती
रह जाती है.
डॉली अपने बेड पर पड़ी पड़ी मैं क्या करू, मुझे क्या हो गया
है, मुझे बार बार सन्नी के पास जाने की इच्छा क्यो हो रही
है, क्या मैं भी सन्नी से प्यार, अरे नही नही, ऐसा कैसे हो
सकता है सन्नी तो पागल है, और मुझे उसकी ओर ध्यान नही
देना चाहिए पर मुझे सन्नी के बिना घर मे अच्छा क्यो
नही लगता है,
तभी अंजलि -बेटी सन्नी कहाँ है,
डॉली-- मम्मी सन्नी अभी अभी बाहर चला गया है पता नही बता कर भी नही गया,
अंजलि -बेटा मुझे थोड़ा मार्केट तक जाना है मैं होकर आती हू तुम अपना ख्याल रखना,
डॉली- ओके मम्मी, और अंजलि बाहर की ओर चली जाती है, डॉली कुछ सोच कर सीधे
सन्नी के कमरे मे जाती है, और उसके रूम की तलाशी लेने
लगती है, तभी उसे सन्नी के बेड के नीचे से अपनी गुलाबी
रंग की पेंटी मिलती है,

डॉली अपनी पेंटी देख कर हैरान रह
जाती है, सन्नी मेरी पेंटी के साथ क्या करता है, तभी सन्नी
के तकिये के नीचे से उसे कुछ बुक्स मिलती है, एक बुक खोल
कर देखती है तो उसके माथे से पसीना बहने लगता है, उस
बुक मे एक लड़का एक लड़की की चूत को चाट रहा था, वह पेज
पलटती है तो उसके हाथ पाँव काँपने लगते है,
एक लड़की एक लड़के का मोटा लंड चुस्ती हुई नज़र आती है, डॉली उस किताब के
सारे पेज पलट पलट कर देखने लगती है और उसकी पेंटी गीली
हो जाती है, तभी डॉली के होश उड़ जाते है, उस बुक के बीचो
बीच डॉली का एक फुल साइज़ खूबसूरत सा फोटो होता है, डॉली
दूसरी बुक देखती है जो कि स्टोरी की बुक होती है और उसमे
बहन और भाई की चुदाई की कहानियाँ होती है, डॉली उन
कहानियो को पढ़ती है तो उसे पसीना आ जाता है उसकी साँसे तेज
होने लगती है, और उसके मन मे ख्याल आता है कि सन्नी भी
उसे इसी तरह चोदना चाहता है, उसे थोड़ा गुस्सा भी आता है
लेकिन अंदर ही अंदर उसे सन्नी के उपर प्यार भी आता है, डॉली
जल्दी से वह सब चीज़े वही रख कर अपने रूम मे आ जाती है,
डॉली इस समय डबल माइंड होकर कुछ तय नही कर पाती है कि
आख़िर उसे क्या करना चाहिए, तभी दरवाजा खुलता है और
सन्नी और उसकी मम्मी साथ साथ अंदर आ जाते है,
अंजलि-डॉली बेटा ज़रा कॉफी बना ले बहुत थक गये हम लोग, और आकर सोफे
पर धँस जाते है, डॉली सन्नी को देखती हुई किचन मे चली
जाती है, वह काफ़ी गरम रहती है, तभी उसे ना जाने क्या होता
है और वह किचन के दरवाजे से छुप कर सोफे की ओर देखती
है जहा सन्नी अपनी मम्मी के माथे का पसीना पोछता हुआ
उसके चेहरे पर हल्के हल्के फुक मारता है उसका मूह अपनी
मम्मी के गुलाबी और रसीले होंठो के बिल्कुल करीब होता है और
उसका एक हाथ अपनी मम्मी की मोटी मोटी जाँघो के उपर होता
हैअंजलि बेटा बहुत गर्मी है और अंजलि अपनी टीशर्ट को जीन्स
के उपर से उठाकर जैसे ही उपर करती है उसकी मम्मी का
गुदाज गोरा गोरा पेट और गहरी नाभि नज़र आने लगती है सन्नी
अपनी मम्मी के गदराए गोरे गोरे पेट और मस्त गहरी नाभि
को देखता है तो उसका लंड खड़ा हो जाता है और वह अपनी
मम्मी के मसल पेट पर हाथ फेरता हुआ मम्मी आपका पेट
कितना स्मूथ और गोरा है,

अंजलि -बेटा औरतो का पेट ऐसा ही होता है,
सन्नी- मम्मी मुझे आपका पेट बहुत अच्छा लग रहा है और अपनी मम्मी के पेट को अपने हाथो से दबाने
लगता है उसे ऐसा लगता है जैसे अपनी मम्मी की फूली हुई चूत को दबा रहा है और उसका लंड झटके मारने लगता है,
सन्नी-मम्मी आप बहुत गोरी हो, आपका पेट देख कर इसे चूमने का दिल करता है,
अंजलि -बदमाश कही का अपनी मम्मी का पेट चूमेगा,
सन्नी -क्यो अपनी मम्मी का पेट नही चूम सकते क्या,
अंजलि- चूम सकते है बेटा, और सन्नी अपनी मम्मी का पेट
चूमने के लिए ही जैसे ही झुकता है एक दम उसकी नज़र डॉली
पर पड़ जाती है जो खड़े खड़े उन दोनो को देख रही थी,
सन्नी की नज़रे जैसे ही डॉली से मिलती है, सन्नी मन ही मन
मुस्कुराता हुआ, डॉली को दिखाते हुए अपनी मम्मी के गदराए
पेट को चूमता हुआ अपनी जीभ निकाल कर अपनी मम्मी की
नाभि मे डाल कर उसे चाटने लगता है और डॉली को देखता
रहता है, डॉली उसे गुस्से से देखती हुई किचन के अंदर चली
जाती है, और फिर सन्नी सीधा होकर बैठ जाता है,
तभी डॉली कॉफी लेकर आती है, और तीनो कॉफी पीते है सन्नी डॉली को
देख रहा था जो कि सन्नी से नाराज़ लग रही थी और सन्नी की
ओर एक बार भी नही देख रही थी,अंजलि- सन्नी अगर तुम फ्री हो तो मेरे कुछ डॉक्युमेंट्स पीसी पर कंपोज़ कर दो,
सन्नी- क्यो नही मम्मी, और अपनी मम्मी के साथ उसके रूम मे चला
जाता है, सन्नी पीसी पर बैठ जाता है और अंजलि उसके पास चेर
लेकर बैठ जाती है, तभी रोहन का फ़ोन बजता है और वह
सन्नी को बोलता है कि कल वह कॉलेज नही आएगा क्योकि उसकी
मम्मी कल दिन भर उससे चुदवाना चाहती है, सन्नी अपनी
मम्मी के पास से उठता हुआ, यार रोहन तूने गजब अपनी
मम्मी को फसा लिया यार तुझे तो मानना पड़ेगा,
रोहन- अरे सन्नी इन औरतो की चूत बहुत पानी छोड़ती रहती है, मेरी
मम्मी तो पहले से ही अपनी चूत मरवाना चाहती थी लेकिन
कुछ पहल नही कर रही थी आख़िर पहल तो हम मर्दो को ही
करना पड़ती है ना, इसलिए मैने थोड़ी हिम्मत की और काम बन
गया, वैसे भी यहाँ या तो मम्मी नाराज़ होती या फिर चुदवा लेती इससे ज़्यादा और क्या होता,
सन्नी- हाँ यार ये तो तू ठीक कह रहा है,
रोहन-- चल अब मैं फोन रखता हू अब हम परसो ही मिलेंगे और रोहन फोन कट कर देता है, सन्नी वापस अपनी
मम्मी के पास आकर उसके पीसी को चलने लगता है,
सन्नी- मम्मी एक बात पुंच्छू आप बुरा तो नही मनोगी,
अंजलि- नही बेटे पूछ क्या बात है, मम्मी क्या आप पॉर्न साइट देखती हो,
अंजलि- हाँ बेटे कभी कभी मैं पॉर्न साइट भी ओपन कर लेती हू,
अंजलि -क्या तूने भी पॉर्न साइट देखी है,
सन्नी- नही मम्मी मैं नही देखता,
अंजलि सन्नी के गालो को मसल्ते हुए क्यो तुझे लड़किया पसंद नही आती है,
सन्नी- नही मम्मी वो बात नही है,
अंजलि -तो फिर क्या बात है,
सन्नी- मम्मी ये सब देखने से मूड खराब होता है,
अंजलि हाँ बेटे ये बात तो है, लेकिन तुझे अपनी मम्मी को न्यूड देखने मे मूड खराब नही होता है,
सन्नी- मम्मी वो तो इतफाक था कि आप मुझे न्यूड नज़र आ गई,
अंजलि -अगर इतफाक था तो फिर घूर घूर कर मुझे नंगी क्यो देख रहा था,
सन्नी-वो तो मम्मी मुझे आपकी पेंटी अच्छी लग रही थी इसलिए देख रहा था,
अंजलि -तुझे मेरी कॉन सी पेंटी अच्छी लगती है,
सन्नी- मम्मी आपकी लाल वाली पेंटी बहुत अच्छी है,
अंजलि हाँ बेटे वह पेंटी अच्छी तो है पर बहुत छोटी हो गई है,
सन्नी- हाँ मम्मी उस पेंटी मे तो आपके हिप्स पूरे नज़र आ रहे थे,
अंजलि -सन्नी का गाल दबाते हुए, अपनी मम्मी के बारे मे ऐसी बाते करते हुए तुझे
शर्म नही आती, कही तू डॉली से भी इस तरह की बाते तो नही करता,
सन्नी- नही मम्मी मैं भला दीदी से ऐसी बाते कैसे कर सकता हू,
अंजलि- मन ही मन बेटा अपनी मम्मी को बेवकूफ़ समझता है डॉली को अपनी गोद मे बैठा कर उसके दूध
मसल रहा था और अपनी मा को ही चला रहा है