सन्नी ने जल्दी ही नेट चालू कर दिया और फिर वह अपनी मम्मी
के पीसी की ड्राइव के डाटा को देखने लगा तभी उसे एक फोल्डर मे
कुछ स्टोरी मिली उसने खोल कर देखा तो सन्न रह गया उसमे मा
बेटे की इंसेंट स्टोरी थी जिसमे मा अपने बेटे का लंड ले ले कर
खूब चुदती है, और अपने बेटे के लंड की कल्पना कर कर के
मूठ मारती है, सन्नी को उसकी मम्मी पर यकीन नही हो रहा
था कि वह ऐसी स्टोरी भी पढ़ती होगी अब सन्नी को अपना रास्ता साफ
नज़र आने लगा था, कुछ देर वह अपनी मम्मी के पीसी को चेक
करता रहा और फिर उठ कर अपनी मम्मी के पैरो की ओर आकर
बैठ गया और मम्मी आपका नेट चालू हो गया, अंजलि थॅंक्स
बेटा और सन्नी अपनी मम्मी की पेंटी को देखने लगा उसकी
छोटी सी पेंटी उसकी गान्ड मे घुसी हुई थी और चूत की फैली
हुई फांके उसकी पेंटी मे कवर नही हो पा रही थी,

अंजलि
किताब हटाते हुए, बेटा डॉली कहाँ है, मम्मी वो तो अपने
रूम मई है, सन्नी बाते अपनी मम्मी से कर रहा था लेकिन
उसकी नज़रे बराबर उसकी मम्मी की लाल पेंटी मे फूली हुई चूत
पर लगी हुई थी उससे बर्दस्त करना मुश्किल हो रहा था, तभी
रोहन का फोन आ जाता है, सन्नी उठकर जाने लगता है तो
अंजलि पूछती है बेटा किसका फोन है
सन्नी- मम्मी मेरे फ्रेंड का, सन्नी अपनी मम्मी से थोड़ा दूर जा कर हाँ बोल
रोहन,- हे सन्नी क्या हाल है,
सन्नी -मैं तो ठीक हू तू बता,
रोहन अरे क्या बताऊ यार कल रत को तो मैं स्वर्ग की सेर कर आया,
सन्नी -क्या मतलब,
रोहन -यार कल रत को तो मैने अपनी मम्मी को इस कदर चोदा है कि वह अभी भी लंगड़ा कर चल रही है,
सन्नी- क्या बात कर रहा है,
रोहन- सच्ची यार कल रात तो मैं मस्त हो गया क्या गदराया माल है मेरी मम्मी मुझे
तो चोद चोद कर इतना मज़ा आया मैने रात भर अपनी मम्मी को पूरी नंगी कर के चोदा है,
सन्नी -पर तेरी मम्मी कैसे मान गई,
रोहन -अरे वह तो खुद ही चुदवाना चाहती थी, मैं ही नही जानता था कि उसकी चूत मेरे लंड के लिए कितना तड़प रही है,
सन्नी -पर तूने यह सब किया कैसे,
रोहन- बस यार यू समझ ले कि बस हो गया हम दोनो मा बेटे रात भर एक दूसरे
की बाँहो मे नंगे होकर चिपके रहे,
सन्नी- यार ये तो वाकई तूने कमाल कर दिया तू बहुत लकी है,
रोहन- अच्छा सन्नी मैं अब फोन रखता हू अभी जाकर मम्मी को एक बार और
चोदुन्गा फिर हम कॉलेज मे मिलेंगे,
सन्नी -ओके बाइ, सन्नी वापस अपनी मम्मी के पास आगया,
अंजलि -क्या बात है बेटे तू कुछ सोच मे लग रहा है, क्या कह रहा था तेरा दोस्त,
सन्नी-कुछ नही मम्मी वह अपने लक्ष्य मे कामयाब हो गया है उसी के
बारे मे बता रहा था,
अंजलि- तो बेटा ये तो ख़ुसी की बात है इसमे तू क्यो उदास हो गया, तू भी एक दिन अपने लक्ष्य मे
कामयाब होगा,
सन्नी -अपनी मम्मी को मुस्कुराता हुआ देख कर सच,
अंजलि- ओफ्कोर्स बेटे,
सन्नी-ओह मम्मी और सन्नी अपनी मम्मी
की बाँहो मे घुस कर उसके मोटे मोटे दूध से चिपक जाता है,
जिसकी वजह से उसकी मम्मी की स्कर्ट पूरी उसकी जाँघो की जड़ो तक
चढ़ जाती है, सन्नी जब अपनी मम्मी की गदराई जाँघो को
देखता है तो उसके मूह मे पानी आ जाता है, उसे उसकी मम्मी
के गदराए बदन की खुश्बू पागल कर रही थी, वह वही
अपनी मम्मी की बगल मे लेट जाता है, अंजलि अपनी एक टाँग को
उसके उपर रख कर उसे अपने सीने से चिपकाए रहती है,
सन्नी को मम्मी की पूरी गान्ड दिखाई देती है और उसकी लाल रंग
की पेंटी उसकी गान्ड मे धसि

रहती है, सन्नी सोचता है किमेरी मम्मी मुझे भी अच्छा रेस्पोन्स दे रही है अगर मैं
कोशिश करू तो मुझे चोदने को दे सकती है. यही सोच रहा
था कि फिर से रोहन का फ़ोन बजता है और वह उसे जल्दी से अपने घर आने को कहता है,
सन्नी ओके बोल कर मम्मी मैं ज़रा अपने दोस्त से मिलकर आता हू,
अंजलि -ठीक है बेटे लेकिन जल्दी आ जाना
सन्नी-ओके मम्मी, और सन्नी अपनी बाइक उठाकर रोहन के घर की और चल देता है.
डॉली अपने बेड पर पड़ी पड़ी सोच रही थी कि वह स्कर्ट पहने या
नही बस यह सोचते सोचते उसकी आँख लग जाती है, डॉली तैयार
होकर स्कर्ट और टी शर्ट पहनकर रूम से बाहर आती है और अपनी
मम्मी से मम्मी मैं अपनी सहेली के यहाँ से आती हू, सन्नी
ने देखा कि डॉली ने स्कर्ट और टीशर्ट पहन लिया था और वह
मन ही मन खुस हो गया,
अंजलि- डॉली सन्नी को ले जा ये तुझे बाइक से छोड़ देगा,
डॉली -नही मम्मी मैं रिक्शा पकड़ करचली जाउन्गि,
सन्नी -अरे दीदी मैं आप को ड्रॉप कर देता हू, और
सन्नी उठ कर डॉली के पीछे चल देता है, मम्मी मैं अभी
आता हू दीदी को छोड़कर,
अंजलि -ओके बेटा, डॉली तेज़ी से घर के
बाहर निकल जाती है, सन्नी जल्दी से बाइक स्टार्ट करके डॉली के
आगे ले जाकर खड़ा कर देता है,
डॉली -मुझे नही बैठना तुम्हारी बाइक पर,
सन्नी- मुस्कुराते हुए दीदी तुम गुस्से मे बहुत खूबसूरत लगती हो, आओ अब बैठ भी जाओ,
डॉली- तुनक कर उसकी बाइक पर बैठ जाती है,
सन्नी अपनी बाइक को रोड पर दौड़ा देता है, और एक सुनसान रोड पर उसकी बाइक चलने लगती है,
डॉली- सन्नी मुझे कहाँ ले जा रहा है तू,
सन्नी -अरे दीदी चुपचाप बैठी रहो और वैसे भी तुम्हे कॉन सा अपनी सहेली के यहाँ जाना है,
डॉली -नही मुझे अपनी सहेली के यहाँ ही जाना है,
सन्नी-दीदी तुम झूठ बोलते हुए अच्छी नही लगती और डॉली उसकी
बात सुन कर उसकी पीठ मे एक मुक्का मारती हुई चुप हो जाती