Update 28:
प्राची ने कपड़े पहने , पापा के नाम का सिंदूर लगाया और हल्का मेकअप कर के दरवाजे के तरफ बढ़ी। अचानक उसे ख्याल आया , अरे पापा एकदम नंगे परे हुए है ,मैं बाहर गई, दरवाजा खोल के, और दादी या प्रज्ञा कमरे में आ गई, तब तो पापा उन्हें ना नंगे दिख जाए । वो पापा को जगाना भी नहीं चाहती थी ,उसने पापा के ऊपर चादर अच्छे से डाल दिया ताकि पापा का लिंग प्रज्ञा को न दिख जाए । और फिर प्राची दरवाजा खोल बाहर आ गई।
उसने जा के दादी को सबसे पहले प्रणाम किया एक मीठी सी मुस्कान के साथ , वो एक नई बाबू का रिवाज निभा रही थी ,की जब वो कोई नई बहु घर में आती है तो उसका सुबह सुबह घर के बड़े लोगों का आशीर्वाद लेना पड़ता है। दादी ने आशीर्वाद दिया , सदा सुखी रहो , सदा सुहागन रहो , दूधो नहाओ,पूतों फलों मेरी बची ।
दादी का आशीर्वाद सुन के प्राची एकदम शर्मा गई , पूतों फलों मतलब , दादी प्राची के बच्चे होने की बात कर रही थी।
दादी : वह मेरी बेटी , आज तो तू चहक सी रही है और तेरे मुख पे ये मुस्कान भी मुझे बता रही है कि रात शायद कुछ अच्छा हुआ है ।
प्राची : जी दादी , ऐसी कुछ बात नहीं है।
दादी : अरे ,मुझे से क्यों शर्माती है ? बता बता ,रात अच्छी कटी ना। तुझे खुशी देख के लग रहा है कि कल तुझे असली मतलब पता चला है शंभोग का?
प्राची ने हामी में सर हिला दिया और बोला : जी दादी , कल सब अच्छा हुआ ।
दादी : अरे , वही तो मैं पूछ रही हूं क्या सब अच्छा हुआ ?
प्राची : वो दादी , कल रात मुझे पापा के साथ बहुत मजा आया दादी , मै पहली रात के बाद बहुत ही डर गई थी , पर कल पापा ने मेरा सारा डर खत्म कर दिया । दादी आप यकीन नहीं करोगे , कल पापा से ज्यादा शायद मैने संभोग का सुख प्राप्त किया ।
दादी : वो कैसे ?
प्राची : दादी , अपने बोला था न लड़की वो लड़के का कॉन्टल अपने हाथ में ले सकती है । कल मैने पापा के उसपे खुद से बैठ कर सेक्स की हु । और दादी ,पापा एकदम से झर गए । वो मेरे आगे ठीक नहीं पाए दादी । हाहा...
दादी : अरे वाह मेरी रानी , क्या खबर सुनाई है , मतलब अब तेरा पापा तुझ से पूरा संतुष्ट होगा , शाबाश मेरी बच्ची, अपने पति का ऐसे ही साथ दिया कर ।
प्राची : जी दादी ।
दादी : और पापा झाड़े कहा ?
दादी ने इस बात पे ज़्यादा जोर देके पूछा ।
प्राची शरमाते हुए : मेरे उसमें दादी ।
दादी : उसमें किसमें ?
प्राची : मेरे योनि में दादी । सर वीर्य वही छूटा उनका।
दादी यही सुनना चाहती थी : हां , शाबाश,ऐसे ही होना चाहिए हर बार , मै चाहती हु तू जितनी जल्दी हो सके इस घर को एक बच्चा या बच्ची दे , इसलिए कहती ही , पापा का रस हमेशा अपने योनि में हो लेना बेटी । और भगवान करे कि तू जल्दी गर्भवती हो जाए । मेरे जाने से पहले अपने बेटे का वारिश को देखना चाहती हूं। इसलिए कह रही हु , तू मेरी बात का बुरा मत मानना , एक बच्चा कर ले फिर कोई बात नहीं अगर दूसरा बच्चा आराम से भी करेगी तो ।
प्राची को ये बात हर बार थोड़ी अजीब लगती थी कि अभी तो उसकी चूदाई पापा ने शुरू ही किया है और दादी बच्चे के लिए दवाब बनाने लगी है । बेचारी अभी बस २ बार ही चूदी थी । वो तो अब पापा के साथ खुल के सेक्स का मजा उठाना चाहती थी और उसे बच्चा पेट में होने के बाद क्या क्या करना होता है वो वो सही से पता नहीं था । घर के बड़े बुजुर्ग इसी लिए बदनाम है , शादी हुई नहीं कि बच्चे के पीछे पर जाती है ।
प्राची : जी दादी , हम कोशिश करेंगे ।
दादी : बहुत अच्छा , चल अपने पति को उठा दे , वो तो सो ही रहा होगा ।
प्राची : जी दादी , वो सो रहे है , मैने सोचा खुद से उठेंगे तो नींद पूरी हो जाएगी उनकी ।
दादी : हां ये वी सही कहा । पर अब नाश्ता कब करेगा , चल मै उठा देती हु या प्रज्ञा को बोल देती हु वो उठा देगी ।
प्राची : अरे नहीं दादी मै जाती हूं।
प्राची सहम सी गई थी कि पापा नंगे है और कही प्रज्ञा गई तो ठीक नहीं होगा । दादी भी हद करती है ।
प्राची फिर से अपने कमरे में पापा को जगाने के लिए चली गई ।
नोट : पिछले दो अपडेट थोड़ा छोटा रह गया है , अभी थोड़ा निजी कारणों से वस्त होने के कारण शायद अपडेट देने में, रेगुलर होना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। पर में कोशिश करूंगा कि जब भी समय मिलेगा ,अपडेट देता रहूंगा ।
धन्यवाद।