Kuchh likhega tabhi to jayegi,warna aise hi intzar karwa ke mar jayegiLagta h story lambi jayegi



Ignore such type of people bro just focus on story and carries with rhythm that you have thought slowly and seductiveUpdate 15
राजू ओर पप्पू दोनों पप्पू के खेत में बनी एक झोपड़ी में बैठे बात कर रहे थे । राजू ध्यान से पप्पू की बात सुन रहा था ।
पप्पू - सुन राजू बात ये है कि मैने तुम्हे कल बताया था कि मेरा land खड़ा नहीं होता ।
( जब राजू ओर पप्पू अपने काम से घर आ रहे थे तब पप्पू ने अपनी सादी के साथ ये बात भी राजू को बताई थी )
राजू - हा यार तूने बताया था ओर मैने बाबा से बात करी है वो बोल रहे थे कि उनकी जान पहचान का एक डॉक्टर है अगर उन्हें एक बार चेक अप करवा दे तो तेरा कुछ हो सकता है ।
पप्पू - नहीं राजू अब चेकअप की कोई जरूरत नहीं है । अब कुछ नहीं बचा है सब खत्म हो गया है ।
राजू - हैरानी से राजू के चेहरे को देखते हुए - क्या मतलब
पप्पू कुछ नहीं बोलता पर पप्पू राजू से नजरे चुराने लगता है
राजू जब ये देखता है पप्पू उसे नजरे चुरा रहा है तो उसे कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ लगती है । जरूर कोई ओर बात है जो पप्पू राजू से छुपा रहा है
राजू - क्या बात है पप्पू मुझे लगता है बात कुछ ओर है जो तू मुझे बताना नहीं चाहता ।
लेकिन पप्पू कुछ नहीं बोलता बस अपनी गर्दन नीचे झुकाए बैठा रहता है ।
राजू गुस्से में - ठीक है नहीं बताना तो मत बता लेकिन आज के बाद मुझे दोस्त मत कहना ओर नहीं मुझसे बात करना
राजू खड़ा हो कर जाने लगता तो पप्पू डर जाता है पप्पू जानता था कि राजू कभी अपनी जबान से पीछे पीछे नहीं हटेगा ।
पप्पू राजू को रोकते हुए - राजू रुक बताता हु लेकिन मेरी एक शर्त है
राजू मूड कर पप्पू को देखता है ।
राजू - कैसी शर्त
पप्पू एक गहरी सांस लेता है ओर राजू से मुंह फेर कर बोलता है
पप्पू - शर्त ये है कि में तुझ से जो मांगूंगा वो तू मुझे देगा
राजू - मुझ से । लेकिन में क्या दे सकता हु तुझे
पप्पू - दे सकता है अगर तू देना चाहे
राजू कुछ देर चुप रहता है ओर कुछ सोच कर
राजू - ठीक है अगर तू जो मांग रहा है वो मेरे बस में हुआ तो में तुझे जरूर दूंगा।
पप्पू - ऐसे नहीं पहले तू आंटी के कसम खा की तू मुझे ना नहीं कहेगा
राजू चौंक कर - क्या .... मा की कसम लेकिन क्यों
पप्पू - तू सबसे ज्यादा प्यार किस से करता है।
राजू - अपनी मां से । लेकिन इन सब के बीच में मेरी मां कहा से आ गई ।
पप्पू - नहीं अगर तू आंटी के कसम खाता है तो में तुझे बताऊंगा
राज - (मन में ) ऐसा क्या मांग रहा है ये लेकिन अगर पप्पू को कोई बड़ी प्रॉब्लम हुई तो ... नहीं नहीं ऐसा क्या ही मांग सकता है
राजू - ठीक है में अपनी मां की कसम खा खाता है कि तू जो मांगे गा में तुझे दूंगा ।
राजू के कसम खाते ही पप्पू के चेहरे पर चमक आ जाती है ।
राजू - बोल क्या बात है ओर मुझ से क्या चाहिए तुझे
पप्पू - सुन राजू बात ये है कि मैने तुझ से झूठ बोला था कि मेरा land खड़ा नहीं होता सच तो ये है कि में बचपन से ही गै हूं ओर ये बात मेरी मां के अलावा किसी को नहीं पता
पप्पू एक नज़र राजू की तरफ देखता है तो राजू हैरानी ओर फटी आंखों से पप्पू को देख रहा था ।
राजू चौंक कर - क्या ... ये क्या बोल रहा है तू
पप्पू - में सही बोल रहा हु
राजू के लिए ये बात किसी शौक से कम नहीं थी वो दोस्त जिसे में बचपन से जानता था वो gee है
राजू का माइंड काम करना बंद कर देता हाय लेकिन फिर किसी तरह अपने आप को संभाल कर
राजू - ओर तू मुझ से क्या मांगने वाला था
पप्पू - सीरियस हो कर
पप्पू - राजू तू मुझे गलत मत समझना । में चाहता हु कि तू मेरी मां को अपना ले
इस बात को सुन कर राजू को तो दिमाग हिल जाता है
इस समय राजू चेहरे पर शोक डर ओर चिंता के कई भाव एक साथ आ जाते है जिसे पप्पू पहचान लेता है .
राजू अपना सर पकड़ कर जमीन पर बैठ जाता है ।
राजू धीरे से - ये तू क्या बोल रहा है ।
पप्पू - में सही बोल रहा हु । मा तुझ से प्यार करती है ओर ये बात में आज से नहीं पिछले 1 साल से जानता हु।
राजू डर कर - नहीं ऐसा कुछ नहीं है जैसा तू सोच रहा है
पप्पू - झूठ मत बोल तूने आंटी के कसम खाई है ।
राजू के पास अब कोई चारा नहीं था सच बताने के अलावा । राजू अपनी की कसम की जेल में बंद चुका था ।
राजू - नजर नीची किए - हा ये सच की तेरी मां मुझ से प्यार करती है ओर उन्होंने मुझ से अपने प्यार का इज़हार भी किया लेकिन मैने उन्हें मन कर दिया क्योंकि वो तेरी मां है
पप्पू - में जानता हु कि तू अब तक मेरी वजह से ही रुका था । अब में खुद कह रहा हु कि तू मेरी मां को अपना ले क्योंकि मेरे बाप ने उन्हें बहुत दुख दिए है उन्हें ना तो एक पति का प्यार मिला ओर ना ही एक बेटे का पापुंकी आंखों में आंसू आ जाते है
राजू किसी तरह से पप्पू को शांत करता है ।
कुछ देर तक दोनो चुप थे कोई कुछ नहीं बोल रहा था ।
राजू - तुझे बुरा नहीं लगेगा कि में तेरी मां के साथ ....
पप्पू - नहीं मुझे क्यों बुरा लगेगा उल्टा मुझे तो खुशी होगी कि मेरी मां खुश है । तो क्या तू उन्हें वो खुशी देगा
राजू कुछ देर शान्त रहता है फिर मुस्कराकर - ठीक है में उन्हें अपनाऊंगा ।
पप्पू राजू के मुंह से हा सुन कर खुश हो जाता है । दोनो बात कर रहे थे कि राजू का फोन बजता है राजू अपनी जेब से फोन निकल कर देखता है तो राजू के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है
राजू - जल्दी से घर की ओर जाते हुए - यार मा का फोन है में तुझे बाद में मिलता हु
राजू फोन उठा कर
राजू - हेलो
सिला - कहा है अभी तक नहीं आया
राजू - बस आ रहा हु मा वो खेत में काम निपटाने में टाइम लग गया
सिला - ठीक है जल्दी आ
राजू - हंस कर क्यों मेरे बिना मन नहीं लग रहा क्या
सिला मन ही मन मुस्कुरा देती है राजू ने जो कहा वे सच था
सिला - नहीं ऐसा कुछ नहीं है वो तुझे गैरिज जाने में लेट हो जाएगा ।
राजू बात करते करते तारा के घर के बाहर आ जाता है
राजू - में आता हु मा
सिला - ठीक है
फोन कट
राजू धीरे से घर में जाता है लेकिन राजू को तारा कही दिखाई नहीं देती । राजू फिर घर की पीछे बनी रसोई में जाता है जहां उसे तारा दिखाई देती है तारा को देख कर राजू का land खड़ हो जाता है तारा पीछे से लग ही ऐसी रही थी खुली कमर मोटी गांड़ ओर ऊपर से तारा के पसीने की गंध राजू को मदहोश कर रही थी ।
Raju जा कर तारा को बांहों में भर लेता है ।
जिससे बांहों में भरते ही तारा चौंक जाती है ।
आरा - कौन है ... कौन है जिसने मुझे छुआ
राजू - तारा के कान के पास आ अपना मुंह के जा कर - ओर किन होगा मेरी जान में हु तुम्हारा राजू
तारा हैरानी से - आप । तारा जल्दी से राजू की बांहों से निकल कर राजू को को देखने लगती है।
तारा को विश्वास नहीं हो रहा था कि राजू ने उसे छुआ
तारा - आप यंहा.... मतलब कैसे ... क्यों
तारा बिल्कुल बोखला सी गई थी राजू को देख कर ।
राजू - क्या हुआ ऐसे क्या देख रही । मेरा आना अच्छा नहीं लगा तो में जाता हु
तारा जल्दी दे राजू का हाथ पकड़ कर - नहीं नहीं ऐसा नहीं मेरा कहना का मतलब की आप अचानक याह कैसे
राजू - में तो तुमसे मिलने आया था लेकिन तुम्हे देख कर लगता है कि मुझ से मिल कर खुश नहीं हो
तारा - नहीं ऐसा नहीं में तो आप का हमेशा इंतजार करती हु कि कब आप आओ
राजू तारा को पकड़ कर पीछे से गले लगा लेता है ओर गाल पर किश करता है
सिला के पेट पर हाथ फेरता है तारा के शरीर करंट दौड़ जाता है
राजू - प्यार करती हो मुझ से
तारा सीसीकारिया लेते हुए - हा करती हु
राजू तारा को अपनी बांहों से अलग करता है
राजू - मुझ से सादी करोगी
तारा पूरी तरह से चौंक जाती है
तारा - सादी .....मतलब क्या कैसे क्यों
राजू - क्यों क्या हुआ मुझ से प्यार नहीं करती क्या
तारा के आंखों में आंसू आ जाते है
राजू - ये क्या है तारा रो क्यों रही हो
तारा - ये तो खुशी के आंसू है जी मुझे विश्वास नहीं हो रहाहै कि आप ने मुझे अपना लिया है ।
(Note - update ko bich me hi post kar rahi hu . Because kuch Gyaani baba message kar rahe hai ki message kya gaali de kar bol rahe hai ki update kyo nahi diya esa kero vesa karo . To me un gyaani baabao ko bata du ki story likhne me time lgta hai mujhe koi pese nahi milte hai ki jesa kaho vesa karu . Story ki ek Ridham hoti hai . Gifs lagaane padte hai sochna padata kese kya likhna hi . So agar kisi ko intjaar nahi ho raha hai to sabhi seKi story ko padna chod sakte hai . Story complete hogi visvaas rakhe . Mene story ko leke kuch alag socha hai lekin ese logo ko dekh kar lagta nahi hai ki unhe story se koi matlab hai unhe to bas sex or sex cahiye . Baaki aap sab ki marji
Update 3 se 4 din ke gape me aate rahenge .agar aap sabhi bhaiyo ko lagta hai ki story jaldi de khtam jo jaae to bata dena ugle 5 se 7 update ke bich story ko END kar dunga . Comment kar dena ki story long chaahiye ya short.![]()
Bhai jitna ho sake lamba ghasito ....bas bich bich me thoda romance dal dena ..baki gyani babaon ki maa ka bhosdaUpdate 15
राजू ओर पप्पू दोनों पप्पू के खेत में बनी एक झोपड़ी में बैठे बात कर रहे थे । राजू ध्यान से पप्पू की बात सुन रहा था ।
पप्पू - सुन राजू बात ये है कि मैने तुम्हे कल बताया था कि मेरा land खड़ा नहीं होता ।
( जब राजू ओर पप्पू अपने काम से घर आ रहे थे तब पप्पू ने अपनी सादी के साथ ये बात भी राजू को बताई थी )
राजू - हा यार तूने बताया था ओर मैने बाबा से बात करी है वो बोल रहे थे कि उनकी जान पहचान का एक डॉक्टर है अगर उन्हें एक बार चेक अप करवा दे तो तेरा कुछ हो सकता है ।
पप्पू - नहीं राजू अब चेकअप की कोई जरूरत नहीं है । अब कुछ नहीं बचा है सब खत्म हो गया है ।
राजू - हैरानी से राजू के चेहरे को देखते हुए - क्या मतलब
पप्पू कुछ नहीं बोलता पर पप्पू राजू से नजरे चुराने लगता है
राजू जब ये देखता है पप्पू उसे नजरे चुरा रहा है तो उसे कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ लगती है । जरूर कोई ओर बात है जो पप्पू राजू से छुपा रहा है
राजू - क्या बात है पप्पू मुझे लगता है बात कुछ ओर है जो तू मुझे बताना नहीं चाहता ।
लेकिन पप्पू कुछ नहीं बोलता बस अपनी गर्दन नीचे झुकाए बैठा रहता है ।
राजू गुस्से में - ठीक है नहीं बताना तो मत बता लेकिन आज के बाद मुझे दोस्त मत कहना ओर नहीं मुझसे बात करना
राजू खड़ा हो कर जाने लगता तो पप्पू डर जाता है पप्पू जानता था कि राजू कभी अपनी जबान से पीछे पीछे नहीं हटेगा ।
पप्पू राजू को रोकते हुए - राजू रुक बताता हु लेकिन मेरी एक शर्त है
राजू मूड कर पप्पू को देखता है ।
राजू - कैसी शर्त
पप्पू एक गहरी सांस लेता है ओर राजू से मुंह फेर कर बोलता है
पप्पू - शर्त ये है कि में तुझ से जो मांगूंगा वो तू मुझे देगा
राजू - मुझ से । लेकिन में क्या दे सकता हु तुझे
पप्पू - दे सकता है अगर तू देना चाहे
राजू कुछ देर चुप रहता है ओर कुछ सोच कर
राजू - ठीक है अगर तू जो मांग रहा है वो मेरे बस में हुआ तो में तुझे जरूर दूंगा।
पप्पू - ऐसे नहीं पहले तू आंटी के कसम खा की तू मुझे ना नहीं कहेगा
राजू चौंक कर - क्या .... मा की कसम लेकिन क्यों
पप्पू - तू सबसे ज्यादा प्यार किस से करता है।
राजू - अपनी मां से । लेकिन इन सब के बीच में मेरी मां कहा से आ गई ।
पप्पू - नहीं अगर तू आंटी के कसम खाता है तो में तुझे बताऊंगा
राज - (मन में ) ऐसा क्या मांग रहा है ये लेकिन अगर पप्पू को कोई बड़ी प्रॉब्लम हुई तो ... नहीं नहीं ऐसा क्या ही मांग सकता है
राजू - ठीक है में अपनी मां की कसम खा खाता है कि तू जो मांगे गा में तुझे दूंगा ।
राजू के कसम खाते ही पप्पू के चेहरे पर चमक आ जाती है ।
राजू - बोल क्या बात है ओर मुझ से क्या चाहिए तुझे
पप्पू - सुन राजू बात ये है कि मैने तुझ से झूठ बोला था कि मेरा land खड़ा नहीं होता सच तो ये है कि में बचपन से ही गै हूं ओर ये बात मेरी मां के अलावा किसी को नहीं पता
पप्पू एक नज़र राजू की तरफ देखता है तो राजू हैरानी ओर फटी आंखों से पप्पू को देख रहा था ।
राजू चौंक कर - क्या ... ये क्या बोल रहा है तू
पप्पू - में सही बोल रहा हु
राजू के लिए ये बात किसी शौक से कम नहीं थी वो दोस्त जिसे में बचपन से जानता था वो gee है
राजू का माइंड काम करना बंद कर देता हाय लेकिन फिर किसी तरह अपने आप को संभाल कर
राजू - ओर तू मुझ से क्या मांगने वाला था
पप्पू - सीरियस हो कर
पप्पू - राजू तू मुझे गलत मत समझना । में चाहता हु कि तू मेरी मां को अपना ले
इस बात को सुन कर राजू को तो दिमाग हिल जाता है
इस समय राजू चेहरे पर शोक डर ओर चिंता के कई भाव एक साथ आ जाते है जिसे पप्पू पहचान लेता है .
राजू अपना सर पकड़ कर जमीन पर बैठ जाता है ।
राजू धीरे से - ये तू क्या बोल रहा है ।
पप्पू - में सही बोल रहा हु । मा तुझ से प्यार करती है ओर ये बात में आज से नहीं पिछले 1 साल से जानता हु।
राजू डर कर - नहीं ऐसा कुछ नहीं है जैसा तू सोच रहा है
पप्पू - झूठ मत बोल तूने आंटी के कसम खाई है ।
राजू के पास अब कोई चारा नहीं था सच बताने के अलावा । राजू अपनी की कसम की जेल में बंद चुका था ।
राजू - नजर नीची किए - हा ये सच की तेरी मां मुझ से प्यार करती है ओर उन्होंने मुझ से अपने प्यार का इज़हार भी किया लेकिन मैने उन्हें मन कर दिया क्योंकि वो तेरी मां है
पप्पू - में जानता हु कि तू अब तक मेरी वजह से ही रुका था । अब में खुद कह रहा हु कि तू मेरी मां को अपना ले क्योंकि मेरे बाप ने उन्हें बहुत दुख दिए है उन्हें ना तो एक पति का प्यार मिला ओर ना ही एक बेटे का पापुंकी आंखों में आंसू आ जाते है
राजू किसी तरह से पप्पू को शांत करता है ।
कुछ देर तक दोनो चुप थे कोई कुछ नहीं बोल रहा था ।
राजू - तुझे बुरा नहीं लगेगा कि में तेरी मां के साथ ....
पप्पू - नहीं मुझे क्यों बुरा लगेगा उल्टा मुझे तो खुशी होगी कि मेरी मां खुश है । तो क्या तू उन्हें वो खुशी देगा
राजू कुछ देर शान्त रहता है फिर मुस्कराकर - ठीक है में उन्हें अपनाऊंगा ।
पप्पू राजू के मुंह से हा सुन कर खुश हो जाता है । दोनो बात कर रहे थे कि राजू का फोन बजता है राजू अपनी जेब से फोन निकल कर देखता है तो राजू के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है
राजू - जल्दी से घर की ओर जाते हुए - यार मा का फोन है में तुझे बाद में मिलता हु
राजू फोन उठा कर
राजू - हेलो
सिला - कहा है अभी तक नहीं आया
राजू - बस आ रहा हु मा वो खेत में काम निपटाने में टाइम लग गया
सिला - ठीक है जल्दी आ
राजू - हंस कर क्यों मेरे बिना मन नहीं लग रहा क्या
सिला मन ही मन मुस्कुरा देती है राजू ने जो कहा वे सच था
सिला - नहीं ऐसा कुछ नहीं है वो तुझे गैरिज जाने में लेट हो जाएगा ।
राजू बात करते करते तारा के घर के बाहर आ जाता है
राजू - में आता हु मा
सिला - ठीक है
फोन कट
राजू धीरे से घर में जाता है लेकिन राजू को तारा कही दिखाई नहीं देती । राजू फिर घर की पीछे बनी रसोई में जाता है जहां उसे तारा दिखाई देती है तारा को देख कर राजू का land खड़ हो जाता है तारा पीछे से लग ही ऐसी रही थी खुली कमर मोटी गांड़ ओर ऊपर से तारा के पसीने की गंध राजू को मदहोश कर रही थी ।
Raju जा कर तारा को बांहों में भर लेता है ।
जिससे बांहों में भरते ही तारा चौंक जाती है ।
आरा - कौन है ... कौन है जिसने मुझे छुआ
राजू - तारा के कान के पास आ अपना मुंह के जा कर - ओर किन होगा मेरी जान में हु तुम्हारा राजू
तारा हैरानी से - आप । तारा जल्दी से राजू की बांहों से निकल कर राजू को को देखने लगती है।
तारा को विश्वास नहीं हो रहा था कि राजू ने उसे छुआ
तारा - आप यंहा.... मतलब कैसे ... क्यों
तारा बिल्कुल बोखला सी गई थी राजू को देख कर ।
राजू - क्या हुआ ऐसे क्या देख रही । मेरा आना अच्छा नहीं लगा तो में जाता हु
तारा जल्दी दे राजू का हाथ पकड़ कर - नहीं नहीं ऐसा नहीं मेरा कहना का मतलब की आप अचानक याह कैसे
राजू - में तो तुमसे मिलने आया था लेकिन तुम्हे देख कर लगता है कि मुझ से मिल कर खुश नहीं हो
तारा - नहीं ऐसा नहीं में तो आप का हमेशा इंतजार करती हु कि कब आप आओ
राजू तारा को पकड़ कर पीछे से गले लगा लेता है ओर गाल पर किश करता है
सिला के पेट पर हाथ फेरता है तारा के शरीर करंट दौड़ जाता है
राजू - प्यार करती हो मुझ से
तारा सीसीकारिया लेते हुए - हा करती हु
राजू तारा को अपनी बांहों से अलग करता है
राजू - मुझ से सादी करोगी
तारा पूरी तरह से चौंक जाती है
तारा - सादी .....मतलब क्या कैसे क्यों
राजू - क्यों क्या हुआ मुझ से प्यार नहीं करती क्या
तारा के आंखों में आंसू आ जाते है
राजू - ये क्या है तारा रो क्यों रही हो
तारा - ये तो खुशी के आंसू है जी मुझे विश्वास नहीं हो रहाहै कि आप ने मुझे अपना लिया है ।
(Note - update ko bich me hi post kar rahi hu . Because kuch Gyaani baba message kar rahe hai ki message kya gaali de kar bol rahe hai ki update kyo nahi diya esa kero vesa karo . To me un gyaani baabao ko bata du ki story likhne me time lgta hai mujhe koi pese nahi milte hai ki jesa kaho vesa karu . Story ki ek Ridham hoti hai . Gifs lagaane padte hai sochna padata kese kya likhna hi . So agar kisi ko intjaar nahi ho raha hai to sabhi seKi story ko padna chod sakte hai . Story complete hogi visvaas rakhe . Mene story ko leke kuch alag socha hai lekin ese logo ko dekh kar lagta nahi hai ki unhe story se koi matlab hai unhe to bas sex or sex cahiye . Baaki aap sab ki marji
Update 3 se 4 din ke gape me aate rahenge .agar aap sabhi bhaiyo ko lagta hai ki story jaldi de khtam jo jaae to bata dena ugle 5 se 7 update ke bich story ko END kar dunga . Comment kar dena ki story long chaahiye ya short.![]()