Vijay2309
Well-Known Member
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कहानी - हॉन्टेड
लेखक - हमतुम
सबसे पहले तो कॉन्टेस्ट जीतने की एडवांस में ढेरों बधाई....
अब हम आते है स्टोरी पे....
बचपन में हम सभी ने कुछ न कुछ ऐसा जरूर किया होता है जिसको करना हर किसी के बस की बात नहीं....चाहे चार मंजिला इमारत से छलांग लगा कर नीचे बजरी के ढेर पर कूदना या फिर ऊंचे ऊंचे पेड़ो पे चढ़ कर अपनी जान जोखिम मै डालना....दूसरो की बात क्यों करू मैंने कौनसे कम कारनामे किए है अपने बचपन में....लेकिन आपने जो कुछ भी इस कहानी मै लिखा उसने मुझे फिर से वो सब कुछ याद दिला दिया जो शायद मैं अब किसी को करता देखू तो थप्पड़ मार मार के लाल कर दू....
कहानी का प्लॉट नया तो बिल्कुल भी नहीं है लेकिन कहानी लिखी जिस अंदाज में गई है उसका कोई जवाब नहीं....अंग्रेजी स्टोरी मै काफी कम पढ़ता हूं क्योंकि अगर स्टोरी का फ्लो कहीं भी इधर उधर हुआ तो कहानी मेरे सर के ऊपर से जाने लगती है.....लेकिन आप की कहानी को मैंने एन्जॉय किया जैसे कहानी के किरदार की तरह में भी भूत बंगले में अपनी खोयी हुई बॉल ढूंढ़ रहा हूं....शुक्रिया इतनी बेहतरीन कहानी के लिए
इस कहानी के लिए में आपको 5 में से 5 अंक देता हूं....आधा अंक इस लिए ज्यादा दिया क्योंकि बॉल ढूंढने वाले को आखिर में छोरी भी मिल जाती है
लेखक - हमतुम

सबसे पहले तो कॉन्टेस्ट जीतने की एडवांस में ढेरों बधाई....

अब हम आते है स्टोरी पे....
बचपन में हम सभी ने कुछ न कुछ ऐसा जरूर किया होता है जिसको करना हर किसी के बस की बात नहीं....चाहे चार मंजिला इमारत से छलांग लगा कर नीचे बजरी के ढेर पर कूदना या फिर ऊंचे ऊंचे पेड़ो पे चढ़ कर अपनी जान जोखिम मै डालना....दूसरो की बात क्यों करू मैंने कौनसे कम कारनामे किए है अपने बचपन में....लेकिन आपने जो कुछ भी इस कहानी मै लिखा उसने मुझे फिर से वो सब कुछ याद दिला दिया जो शायद मैं अब किसी को करता देखू तो थप्पड़ मार मार के लाल कर दू....
कहानी का प्लॉट नया तो बिल्कुल भी नहीं है लेकिन कहानी लिखी जिस अंदाज में गई है उसका कोई जवाब नहीं....अंग्रेजी स्टोरी मै काफी कम पढ़ता हूं क्योंकि अगर स्टोरी का फ्लो कहीं भी इधर उधर हुआ तो कहानी मेरे सर के ऊपर से जाने लगती है.....लेकिन आप की कहानी को मैंने एन्जॉय किया जैसे कहानी के किरदार की तरह में भी भूत बंगले में अपनी खोयी हुई बॉल ढूंढ़ रहा हूं....शुक्रिया इतनी बेहतरीन कहानी के लिए
इस कहानी के लिए में आपको 5 में से 5 अंक देता हूं....आधा अंक इस लिए ज्यादा दिया क्योंकि बॉल ढूंढने वाले को आखिर में छोरी भी मिल जाती है
Last edited:
Its very rare to find these type of
souls nowadays
. Really one do not need six pack abs , dashing
or extraordinary super powers
. Only need is pure
( Reality check - Money too
and her hero (
) satish. The "Mera Hero "
find little girl (


with lavishing coating. 
. I read it in one go , thats the reason
I feel it finishes very early btw was hoping for " Yeh
to get an Idea that how come satish easily change from being Sadakshaap
into a mature responsible
person for pooja.
casinar bhai and
for giving us such a sweet story. 