अपडेट- 23
मौसी को लेकर घर की तरफ चल दिया।
मौसी- रास्ते में लगता है तेरी लड़ी फिर से हो गई है पलक से,
मैं- नहीं मौसी ऐसी नहीं है
मौसी- हां मुझे मालूम है अगर तेरी लड़ी हुई ना होती तो वो चलने की राजी हो जाती।
मैं- हा मौसी आप सही बोल रही हो।पर क्या करे मौसी इतनी जल्दी तो गुस्सा आता है और कारण भी पता नहीं चलता।
उसके चक्कर में गुस्सा आना भूल गया हूं।
मौसी हंसते हुए। तुझे भी गुस्सा आता नहीं क्या हो गया है आज कल की पीढ़ी को हर बात पर गुस्सा आता है।
बाते करते हुए हम लोग घर पहुंच गए।
रात का सभी लोगों ने खाना खाया।
अब पलक की याद करते हुए मुठी मारने लगा।पर यार मन नहीं लगा फिर पलक को कॉल लगाया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
2-3 बार कॉल करने के बाद जैसे ही कॉल रिसीव हुई।
पलक- हा बोल क्या काम है।
मैं- बस ऐसे तेरी याद आ रही थी, तभी तुझे कॉल कर ली
पलक- चल ठीक है मुझे अपने स्कूल का काम करना है कल दोपहर में मिलना ।
ओके बाय,
मैं कुछ कहता ही हूं कि तब तक फोन कट गया।
रात कटी दिन हुआ स्कूल जाना नहीं था थोड़ी देर बाद कार आ गई सभी लोग भोपाल चले गए लड़की देखने।
मै नहा दोकर अपना रूम में टाइम पास करने लगा।
नींद आने लगी तो मोबाइल पर 2:30 बजे दोपहर का अलार्म लगा कर के सो गया।
नींद में पलक के साथ रोमांस कर रहा था तभी मेरा अलार्म बज गया।
सपना टूटा और थोड़ा दर्द हुआ पर चलता है।
मुंह धो कर और घर पर ताला लगा पलक को रिसीव करने के लिए निकल गया।
टाइम से जल्दी स्कूल पहुंच गया था आधा घंटा इंतजार करने के बाद पलक आती हुई दिखी उसने इशारा किया कि थोड़े आगे मिले।
समझ गया जब सभी लोग निकल गया तब आगे जाके पलक को पिक किया और घर की तरफ निकल गया।
रास्ते में,
मैं- क्या है तुझे प्रॉब्लम क्या है मुझसे,
पलक- कुछ नहीं, क्या हुआ
मैं- तू स्कूल में सबसे दूर क्यों करतीं है मुझे,
पलक- क्यों कि तू मुझे अच्छा लगता है।
मैं- फिर तेरी फालतू बकबक चालू हो गई।
पलक- अब इसमें क्या फालतू मै तुझे अच्छी नहीं लगती क्या?
मैं- नहीं मेरा मतलब वो नहीं है तू मुझे अच्छी लगती है।
पर
पलक- चल पर वर छोड़ बाइक पे ध्यान दे।
मन ही मन सोचने लगा पता नहीं दौरे पड़ते है क्या इसको जब देखो तो गुस्सा होने लगती है कभी इतनी खुश हो जाती है अपने आप ही,
घर पहुंच गई में अपने कमरे में आ गई पलक गेट बंद कर के अपने कमरे में चली गई थोड़ी देर पलक ने आवाज दी।
(मम्मी खाना बना के गयी थी)
अवी खाना खा लिया क्या?
मैं- नहीं अभी नहीं
पलक- क्यों भूख नहीं है क्या?
मैं- नहीं तेरा इंतज़ार कर रहा था अकेला कहा खाता।
पलक- बड़ा आया मेरा इंतजार करने वाला रुक अच्छा 10 मिनट यहीं ले आती हूं।
तुझे कोई समस्या नहीं है साथ में लंच करने में।
मैं- नहीं नहीं तू ले आ खा लूंगा तेरे साथ,
पलक नीचे चली थोड़ी देर खाने लेके आई हम दोनों लोग बिस्तर पर ही कहना खाने लगे।
पर मैं देख रहा था कि पलक कुछ नहीं खा रही थी मैं गपा गप खाये जा रहा था।
मैं- क्या हुआ तू क्यों नहीं का रही है कोई दिक्कत है क्या ?खाना अच्छा नहीं बना है क्या कुछ बाहर से ऑर्डर कर दूं।
पलक- अरे बुधु याद कर तू कुछ भूल रहा है क्या?
मैं- नहीं तो मैं क्या भूलूंगा।
पलक- याद कर ध्यान से याद कर
मैं- नहीं मुझे याद नहीं आ रहा है।
पलक- अच्छा रुक मैं याद दिलाती हूं।
देख याद कर हम लोग एक अभी जल्दी में रेस्टोरेंट गए थे। बारा- बर
मैं- हा
पलक- वाह तूने मुझसे कोई वादा किया था याद कर।
मैं- देख बातो मैं घूम मत जो है साफ साफ बता दे।
पलक चिल्लाते हुए तूने कहा था कि अगर हम लोग अकेले कहीं पर भी कुछ कहेंगे तो एक दूसरे को अपने हाथों से खिलाएंगे।
मैं- अरे हा यार सॉरी भूल गया।
पलक रोते हुए- तुझे मेरी फिक्र ही नहीं तूने अभी 10 दिन पहले बाद किया भूल गया और वहां से उठ कर जाने लगी।
मैं- पलक का हाथ पकड़ के रोते हुए अच्छा रुक गया सॉरी मैं भूल गया आगे से कभी नहीं भूलूंगा।
पलक चुप तो हो गई पर सिसकने लगी।
मैं- चल अब मुहूँ खोल ये ले,
पलकें सिके जा रही और खाना खाये जा रही थी मैंने फिर पानी पिलाया और चुप करते हुए खाने खिलाने लगा।
पलक खाना खाते हुई बोली,
तू बहुत गंदा है हर समय मुझे रुलाता रहता है।
खाना ख़तम कर के पलक नीचे बर्तन दो कर थोड़ी देर बाद कमरे में आई और हम लोग इधर उधर की बात करने लगे।
मै पलक से पूछने लगा कि तू इतनी जल्दी मुझसे गुस्सा क्यों हो जाती है बिना वजह के और बिना वजह के खुश हो जाती है।
पलक- क्यू तुझे ऐसा क्यू लगता है।
मैं- और नहीं तो क्या कल जब मैं तुझे घर से भुलाने आया था तब तू बहुत नखरे ले रही थी मुझे ये काम है। मुझे नहीं चलना ये वो,
पलक- तू वादे तोड़ता है इसलिए ?
मैं- अब मैंने कहां से तेरा वादा तोड़ा,
पलक- तूने वादा किया था जब मैं अपने घर चली जाऊंगी तब तू रोजाना मुझे कॉल करेगा किसी भी एक बार दिन या रात में पर तुझे मुझसे ज्यादा अपनी नींद प्यारी है।
मैं- तुझे कॉल करता था पर तू पता नहीं मेरी किस बात से नाराज़ होके चली गईयहाँ से।
मेरा कॉल तक रिसीव नहीं करती थी।
पलक- देख नाराज़ तो थीं ही क्योंकि तू मेरी फीलिंग nhi समझता था।
और मेरे घर में रुकने के लिए किरण की मामा का लड़का रोहन आया हुआ था उसका कोई एग्जाम था किरण ने मुझसे कहे रखा था।(क्योंकि किरण और उसका परिवार बाहर घूमने के लिए गए थे।)
इसलीये जिस दिन परीक्षा थी उस दिन फोन अपना घर छोड़ दिया।
और फिर उस दिन के बाद से मैं और रोहन थोड़े घूम गए थे।
तब फोन का कोई इस्तेमाल ही नहीं था और रोहन के पास खुद से फोन था तब ज्यादा चिंता की बात थी नहीं।
और इतना कहे कर पलक मुझे अपने और रोहन की पिक्स दिखाने लगी।
पार्क की थी परीक्षा केंद्र के बाहर की और बहुत सी उन लोगो की पिक्चर थी।
तस्वीरें देख कर मुझे अन्दर से गुस्सा लगने लगी (मतलब जलन सी होने लगी)
गुस्से में,
मैं- तू जब अपना फोन ले नहीं गई थी तब तेरे पास ये तस्वीरें कहां से आ गईं।
पलक- अरे बेवकूफ़ व्हाट्सएप नाम की कोई चीज़ होती है की नहीं।
मैं- अरे हां भूल गया था तो तूने उसका नंबर भी ले लिया.
पलक- हा तो इसमें क्या बुराई है इतना अच्छा और हैंडसम लड़का है।
मैं- सही है तेरा भी.
पलक- थोड़ा मुशर्कते हुए क्यों तुझे क्या जलन हो रही है क्या?
मैं- हड़बड़ी में नहीं मुझे क्यों जलन हो गी और तेरा दिल तू जिसे चाहे पसंद करे चाहे जिसे रिजेक्ट कर दे मुझे क्या?
पलक- तेरी बातों से तो लग ही रहा है ऐसा ही कुछ।
मैं- नहीं ऐसा कुछ नहीं है.
ऐसे इधर उधर की बाते करते-करते शाम के 6 बज गए थे।
पलक- तू कुछ खाए गा शाम हो गई है मुझे भूख लगने लगी है।
मैं- तू हर समय क्या भूखी रखती है जब देखो तब तुझे भूख लग आती है।
पलक- देख मै सब कुछ सुन लूंगी पर खाने के लिए नहीं सुन पाउगी।
पता नहीं मोबाइल में कुछ पलक टाइप कर रही थी.ध्यान नहीं दिया मैंने,
मैं- चल ठीक ऐसे कर मैगी रखी है वही बना ले हम लोग कह लेंगे।
पलक नीचे चली गई मैगी बनाने के लिए,
पलक का फ़ोन आया मैंने देखा की (किरण 2 आर)
पलक नीचे से आवाज लगती हुई अवी देखना किसकी कॉल आ रही है।
मैं- हां देखता हूं।
मैंने कॉल पिक की उधर से कोई लड़का बोला
लड़का- हेलो पलक कैसी हो।
मैं- कौन तुम,
लड़का- आपको कौन लगता है पलक की जगह पर गलत नंबर डाला गया है।
थोड़ा चिलते हुए,
मैं- मैं पलक का बड़ा भाई बोल रहा हूं तुम कौन हो जल्दी बोलो.
रोहन थोड़ा डरते हुए।
लड़का- भैया माई रोहन बोल रहा हूँ।
मैं- कौन रोहन हां,
रोहन- अरे भैया लगता है गलत नंबर लग गया क्यों पलक का कोई भाई है ही नहीं।
मैं- देख सुन मैं उसका बड़ा भाई बोल रहा हूं और तू किरण का भाई बोल रहा है ना।
रोहन- हां बोलिये,
मैं- आज अगर इस नंबर पर दोबारा कॉल करें तो घर में घुस के आके मरुगा।
रोहन- क्यू बो मेरी girlfriend है मै कॉल करू या ना करू तुझे क्या?
ये बात सुनते ही मेरे होश उड़ गए।
मैं- सुनो, आज इस नंबर पर कॉल करो तो तुम्हारे घर में घुस कर इतना मारूगा और पुलिस में शिकायत करुगा साथ ही लड़की को जबरदस्ती ब्लैकमेल कर रहा है।
रोहन अब गुस्से में,
तेरी औकात हो तो तू जो चाहे वो कर लियो मेरे साथ समझा और रही बात लड़ने कि अगर शुरू तू करेगा तो ख़तम में करुगा।
क्यू कि तू जानता नहीं किरण का भाई अब इंस्पेक्टर है।
वो मेरे ही सपोर्ट में होगा तेरे सपोर्ट में बाबा जी का ठुल्लू।
मैं- अगर एक बाप के हो तो बेटा अकेला आना. आमने-सामने मैं तुझे अपने नंबर से कॉल करता हूं।देखता हूं कि कौन कितना बड़ा मर्द है।
रोहन- चल ठीक है दिखा दूंगा कि कौन कितना बड़ा मर्द है।
मैं- चल ठीक है
रोहन- तेरे पास जब टाइम तब मुझे जगह बता देना और अपनी बात से मत पूछना मतलब अकेला ही आना।
इतना कहे कर उसने कॉल कट कर दी.मैने तुरंत पलक के मोबाइल से नंबर निकाल कर उसके नंबर पर मिस्ड कॉल मार दी।
बदला लेना है नाम से उसका नंबर सेव कर लिया।
तब तक पलक मैगी लेकर आ गई पूछने लगी किसकी कॉल थी।
मैं झूठ बोलता हूं लोन वाले हैं।
पलक-ओह अच्छा,
हम लोग एक दूसरे को मैगी खिलाने लगे।
मैगी खत्म होने के बाद पलक बर्तन लेकर और अबकी बार मोबाइल लेकर भी चली गई।