Update 3
नैना ने दरवाजा बंद कर पैकेट खोला तो उसमें एक व्हाइट टीशर्ट और एक जींस था। गोली ने अपना काम जारी रखा जिसका परिणाम ये हुआ कि नैना की पेंटी उसके चूत रस से गीली हो गई। नैना ने पहले अपनी सूट को खोल। सूट खोलते ही नैना के छोटे छोटे अमरूद उसकी काली ब्रा में आईने के दूसरी तरफ खड़े राजेश और उमेश को दिखने लगी। राजेश उमेश से धीरी आवाज में "इसके संतरों को तरबूज नहीं बनाया तो मेरा नाम राजेश नहीं" मगर ये मनमोहक दृश्य ज्यादा देर तक राजेश और उमेश के लिए आंखों के सामने नहीं रहा। नैना जल्दी से टीशर्ट पहनने लगी। मगर ये क्या टीशर्ट तो नैना से हिसाब से छोटी निकली। नैना को टीशर्ट पहनने में काफी परेशानी हुई। मगर किसी तरफ नैना ने टीशर्ट पहन लिया। अब बारी थी जींस की। जींस भी नैना की हिसाब से छोटी थी। राजेश ने जान बुझाकर नैना के कपड़े उसकी साइज से छोटे मांगे थे। नैना ने जैसे ही अपना सलवार खोल तो अपनी पेंटी को देख उसकी आंखे शर्म से लाल हो गई। उससे लग रहा था कि उसकी पेंटी उसके पेशाब से गीली हुई मगर उसे क्या पता ये उसकी चूत का अमृत था जिसी राजेश और उमेश प्यासी नजरों से देख रहे थे। नैना बिना पेंटी उतरे जींस पहनने की कोशिश करने लगी मगर जींस उसकी जांघों से ऊपर जा ही नहीं रहा था। तभी राजेश ने बाहर से आवाज देते हुए "नैना और कितनी देर जल्दी करो" नैना राजेश की कड़क आवाज सुन कर डर गई और अपनी जींस को फिर से अपनी कमर पे चढ़ाने का प्रयास करने लगी। इस बार भी उससे निराशा ही हाथ लगी। अंत में उनके फैसला किया कि वो पेंटी के बिना जींस पहनेगी क्योंकि वैसे भी उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी जिससे उसे चलने में परेशानी होती। नैना ने पहले जींस खोला और फिर अपनी पेंटी। नैना ने अपनी गीली पेंटी वही कोने में रख दी। राजेश और उमेश नैना की झांटों से भरी चूत देखकर काफी ज्यादा उत्तेजित होने लगे और फिर से अपना लन्ड निकल कर हिलाने लगे। नैना की चूत रस बहाए जा रही थी। उसकी कुंवारी चूत पे खुजली बढ़ती जा रही थी। उसने कुछ देर अपनी चूत को खुजाया तो उससे मजा आने लगा। नैना ने आज तक अपनी चूत में उंगली भी नहीं की थी और न ही उसकी चूत ने आज से पहले कभी चूतरस छोड़ा था। अपने हाथों को रोक कर नैना ने फिर से जींस पहने का प्रयास किया इस बार भी जींस उसके जांघों पे आके अटक गई। मगर काफी कोशिशों के बाद उसने जींस को अपनी कमर पे चढ़ा ही लिया। मगर जींस का बटन लगाने में वो अब भी असमर्थ थी। जींस कमर पे चढ़ाने के साथ ही राजेश और उमेश ने अपना अपना माल छोड़ दिया और वापस अपनी जगह पे चले गए। टाइट व्हाइट टीशर्ट और ब्लू जींस में नैना के शरीर के सभी उभार साफ साफ दिख रहे थे। नैना बाथरूम से निकल कर राजेश के सामने जाकर खड़ी हो गई। अब तक उमेश राजेश के केबिन से बाहर जा चुका था। राजेश "चलो तुम्हारे लिए कुछ कपड़े ले लेते है और तुम्हारी वर्दी भी तो सिलवानी है" नैना बस "जी" बोलकर चुप हो गई। राजेश और नैना दोनों केबिन से बाहर आई और राजेश उमेश से बोला "हम बाजार जा रहे है थाने का ध्यान रखना"। राजेश ने अपनी बाइक निकाली और नैना को बैठा कर चल दिया। पुलिस स्टेशन से बाजार 10 KM दूर था। रास्ते में राजेश बार बार ब्रेक मर रहा था ताकि वो नैना के अमरूद को अपनी पीठ पर महसूस कर सके। करीब आधे घंटे में दोनों मार्केट पहुंच। नैना के चूचियों के घर्षण से राजेश का लन्ड एक बार फिर से खड़ा हो चुका था जिसे उसने नैना से छुपाना का प्रयास भी नहीं किया। सबसे पहले राजेश नैना को एक दर्जी के यहां ले गया। राजेश दर्जी(श्याम) से "इनके लिए वर्दी सिलवानी है" कहते हुए नैना की तरफ इशारा किया। श्याम भी कम हरामी नहीं था। नैना को टाइट कपड़ों में देख कर श्याम उत्तेजित होने लगा। श्याम नैना से "इधर आईए" नैना किसी रोबोट की तरह उसकी बात सुन उसके पास चली गई। श्याम "अपनी हाथ ऊपर करो" नैना ने वैसा ही किया। श्याम नैना के माप लेने लगा या यू कहे कि नैना माप लेने के बहाने उसके शरीर को छुने लगा। नाप लेने के बहाने उसने जान बुझाकर नैना के चूचियों को मसल दिया। नैना तो चुप रही मगर नैना नैना की चूत बोल पड़ी और रस छोड़ने लगी। इसी तरह नैना के शरीर से खेल कर श्याम ने नैना का पूरा नाप लिया। राजेश ये सब देख के काफी उत्तेजित हो चुका था। मगर सुबह से उसने वैसे भी दो बार मुट्ठी मर ली थी इसलिए अब वो मुट्ठी नहीं मारना चाहता था। श्याम राजेश से "कल आकर ले जाना बाबासाहेब" राजेश नैना से "तुम बढ़ो मैं आता हु"। राजेश की बात सुन नैना श्याम की दुकान से बाहर चली गई जबकि राजेश और श्याम अभी भी दुकान में ही थे। राजेश श्याम की और 500 का एक नोट बढ़ते हुए " कपड़े थोड़े तंज ही सीना" श्याम मुस्कुराके 500 का नोट अपने पास रखते हुए "जरूर बाबासाहेब"। फिर राजेश दुकान के बाहर आया और नैना को लेके एक कपड़े की दुकान में चला गया। दुकानदार(अमित)राजेश का दोस्त था। राजेश ने अमित को आंख मारते हुए कहा कि "इसके लिए कुछ कपड़े दिखाओ"। राजेश का इशारा समझ कर अमित ने नैना से " मैडम आपका साइज क्या है?" नैना अमित के सवाल से हड़बड़ा सी गई। क्योंकि आज तक किसीने उससे इसे सामने से उसका साइज नहीं पूछा था। हां ये अगल बात है कि उसे अपना साइज नहीं पता था। नैना चुप रही। राजेश कड़क आवाज में "बताओ अपना साइज" राजेश की आवाज से नैना डर गई और धीरे से बोला "म...मु...मुझे नहीं पता" तभी अमित बोलता है "फिर तो मुझे पहले आपका नाप लेना होगा"। नैना अब तक जन चुकी थी कि नाप लेने के बहाने अमित उसके शरीर को रगड़ना चाह रहा है। नैना कुछ बोलती उससे पहले ही राजेश बोल पड़ा " हां हां लो नाप" नैना ने गुस्से से राजेश की तरफ देखा मगर राजेश का चेहरा देख वो कुछ बोल नहीं पाई। अमित नाप लेने के लिए नैना के पास आया और उसने भी नैना को उसके हाथ उठाने को कहा। और नाप लेने के बहाने 10 मिनट तक नैना के शरीर को रगड़ता रहा। इस बार भी नैना की चूत रो पड़ी और नैना की जींस को गिला करने लगी। नाप लेने के बाद अमित
नैना को एक से बढ़कर एक कपड़े दिखने लगा। मगर सब के सब मॉडर्न कपड़े थे। ऐसा लग रहा था कि जाए ये कपड़े छापने के लिए नहीं बल्कि दिखने के लिए बने हो। जिससे नैना ने शायद ही कभी देखा हो। नैना ने वैसे कपड़े लेने से मना कर दिया। मगर राजेश ने नैना को कारक शब्दों में हिदायत दी कि "जल्दी से इन्हीं में से कपड़े पसंद करो नहीं तो चलो" नैना डर है कही राजेश उससे कपड़े दिलाए बिना ही नहीं चल जाए। इसलिए उसने 3 लॉकेट टीशर्ट और 2 जींस और 2 ट्राउज़र लिया। कपड़े दिखने वक्त अमित ने नैना को नैना के साइज के ही कपड़े दिखाए। मगर जब वो कपड़ों को पैक करने लगा तो उसने सभी कपड़ों को उनके जैसे ही 2" छोटे कपड़ों से बदल दिया।
शेष अगले भाग में, आपको ये update कैसा लगा?