Mast update diya hai bhai maja agyaUpdate 18
तनु - चैनल बदलो और ढंग कर लगाओ गलत आदमी के साथ गलत ही होता है।
अनु - ही ही ही ही मर गया मदरचोद।
तभी वीर की नज़र तनु पर जाती है तो उसका लोड़ा ही खड़ा हो जाता है और वो तनु से इशारे करता है।
अब आगे
तनु वीर का इशारा देख कर हस देती है और आगे हो जाती है और काव्या को पकड़ कर बैठ जाती है और घूम कर वीर को जीभ से चिढ़ाती है
वीर - प्लीज़ आओ ना।
तनु - नहीं आऊंगी, रात को बहुत छेड़ रहे थे, ना हमे।
वीर - प्लीज़ ना पक्का ज़रा भी तंग नहीं करूंगा।
तनु - नहीं, और तुम्हे कही बाहर नहीं जाना, कार जमीदार ले गया खुद, और पैसे दे गया, तुम अब से घर पर रहोगे और आस पास रहोगे बस।
काव्या - यस पापा साथ रहेंगे पूरा दिन।
तनु - हा बच्चा पापा घर पर रहेंगे , और अगर मेरी बात मानेंगे तो ही पापा भी खुश रहेंगे।
वीर रात को लेना है तो उसकी बात माननी पड़ेगी वैसे भी मेरा काम तो हो ही रहा है।
तभी वीर देखता है तनु मूवी देखते टाइम बहुत खुश थी।
वीर उसे एक टक घूरे जा रहा था, तभी उसे बर्तन गिरने की आवाज़ आती है, जिसे गुस्से मैं अनु ने फेका था।
वीर के लिए ये वार्निंग थी ये उसे याद करवाने के लिए था उसकी वाइफ ही है तनु , ये समझ कर वीर की फट जाती है और वो अब तनु को भी देखना बंद कर देता है।
अनु - नहीं घूर लो ना, अब तुम मुझे घूरना तब बताउंगी।
ये सुन कर तनु हसने लगती है।
और इधर हसी का मोहाल देख कर निधि भी आ जाती है और कहती है वाह क्या बात है बहुत हस रही हो।
तभी निधि की नज़र टीवी पर पड़ जाती है और कहती है वाह जी तुम लोग अब बताना भी जरूरी नहीं समझा, कम से कम बता देती देखने तो दोगी नहीं टीवी।
तनु - ऐसा नहीं है निधि , कल ही आई , और तब से टाइम नहीं मिला वर्ना पक्का बताती, वैसे अब तो हम सब रोज देखेंगे।
तभी राखी जो एक दम पीछे खड़ी थी।
वो अन्दर आती है और अब राखी और निधि की नज़र अनु पर पड़ती है तो दोनो के गाल एक पल के लिए लाल हो जाते है।
वही ये देख कर अनु जल्दी से तनु के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है बैठो ना भाभी, बुआ , चाची।
निधी और मधु एक टक बस अनु को घूर रहे थे तभी मधु मन मैं कहती है ये सब आपस में चाहे जितना लड़े , लेकिन एक दूसरे को कुछ भी होता है तो सबसे पहले एक दुसरे को बचाती है।
तभी निधि बैठ जाती है और राखी और मधु एक टक खुशी से वीर को देखती है।
वीर - क्या हुआ आप दोनो मुझे क्यो देख रही है।
तभी वीर की नज़र कही और जाती तभी उसे दो लड़की की आवाज़ आती है।
"दीदी कितनी मजबूत सैंडिल है ना"
तनु ,"हा जरा भी नीचे गई अगर तो टूट जाएगी शायद सैंडल"
वीर अब अपनी नज़र जल्दी से ऊपर कर लेता है, उसे ये धमकी समझ आ गई थी।
तभी राखी उसे गले लगा लेती है और कहती है तुम जब से आए हो मेरी बच्ची जीना सीख गई।
तभी वो दोनो भी बैठकर टीवी देखने लगी।
और अनु भी बैठ गई और तनु वीर के पास आ कर कहती है धीरे से बच गई वर्ना सैंडल टूट जाती।
वीर - तुम्हे क्या लगता हैं , में अब अपनी ही सासु मां को निहरूंगा।
तनु - बेटा मैं अच्छी तरह जानती हूं , तुम्हे।
तभी तनु का आंचल पकड़ कर निधि कहती है अब तो उसे छोड़ दे या दिन मैं भी शुरू रहना है।
ये सुन कर तनु झेप जाती है।
और काव्या को पकड़ कर बैठ जाती है।
और फिर कोई कुछ नहीं कहता है, तभी वीर की नज़र बाहर खड़ी साक्षी पर पड़ती है जो अपने बाल सुखा रही थी।
तभी वीर उसके पास जाता है और ज्यादा पास जाने पर उसकी हार्ट बीट बड़ जाती है।
तभी हस्ते हुए साक्षी मुड़ती है और देखती है।
"मुझे पता था तुम बाहर आओगे मेरे लिए" साक्षी की ये बात सुन कर वीर उसकी तरफ देखता है।
साक्षी - तुम्हे पता है तुम भले ही चाहे जैसे हो, तुम हमेशा मुझे स्पेशल फील करवाते हो।
वीर - तुम अभी भी मुझसे नफ़रत करती हो।
साक्षी - पागल मैं क्यों करने लगी ऐसा।
तभी साक्षी वहा पर टेक लगा कर वीर को देखती है।
वीर - मैं तुमसे प्यार करता हूं , बहुत।
साक्षी - हा तो मैं भी तो बहुत प्यार करती हूं तुमसे।
वीर - तो क्या तुम
साक्षी - हा क्या मैं आगे बोलो ये धक धक क्यो सुना रहे हो अपनी।
वीर की हिम्मत अब जवाब दे चुकी थी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था।
वीर - मुझे नहीं पता मैं तुम्हे प्यार करता हूं तुम्हारे करीब आना चाहता हूं , लेकिन कुछ समझ नहीं आता डर लगता है सब भूल जाता हूं, दिल जवाब दे जाता है मेरा कुछ पल्ले नहीं पड़ता।
वीर कुछ और बोलता उसके पहले साक्षी उसके मुंह पर उंगली रख देती है।
साक्षी - आई लव यू , में खुद इंतजार कर रही थी, इतना मत सोचो।
वीर - तो तुम कुछ करने क्यो नहीं देती।
साक्षी - क्या नहीं करने देती।
वीर - वो वो मुझे वो करना है।
साक्षी - वो वो क्या करना है बताओ ना।
वीर - मुझे मुझे साड़ी उतारनी है तुम्हारी।
साक्षी - अच्छा ऐसा बोला ना आओ उतार लो।
ऐसा कह कर साक्षी अपना पल्लू गिरा देती है और अपनी मदहोश चाल में वीर के पास आतीं है।
साक्षी के इतना करीब आ कर वीर की सारी हवस बुझ गई।
वीर - न न न न न नहीं बाद में करेंगे।
साक्षी - अरे अभी तो बोले साड़ी उतारना है।
तभी वीर थोड़ा दूर हो जाता है और साक्षी उसके और करीब आ जाती है।
वीर खड़ा था और साक्षी उसके इतने करीब आ गई की वीर को अपने सीने मैं साक्षी के चूचे फील हो रहे थे।
और ये मोहाल देख का वीर ने अपनी आंख बंद कर ली।
और साक्षी हसने लगती है और कहती है तुम्हे क्या लगा तुम ऐसे मेरे करीब आ जाओगे , तुम्हारे दिल पर मेरा कब्जा है समझे।
साक्षी - चलो अब आंख खोलो...
वीर अपनी आंखो को बंद कर के दूसरी तरफ सर किया हुआ था।
साक्षी - ओह शीट(shit) veeeeeeeeer देखना मत मेरा ब्लाऊज फट गया।
वीर - क्या कैसे
वीर हड़बड़ाते हुए बोलता है और जल्दी से अपनी आखें खोल लेता है,और उसके सीने पर देखता है जहा ब्लाउज था।
वीर फिर तेजी से सास कंट्रोल करते है वापिस मूंद लेता है।
साक्षी ये देखती है और कहती अरे वाह मतलब सास कंट्रोल नहीं हो रही , लेकिन मजे पूरे लेने है।
वीर - नही ऐसा नहीं है,
साक्षी - तो कैसा है बताओ।
वीर - नहीं हा नहीं हा अरे दूर हटो ना म मेरा मतलब साक्षी।
साक्षी - बेचारी बड़ी मुस्किल से अपनी हसी रोक रही थी।
तभी साक्षी कहती है मैं तो नही जाऊंगी दूर, मैं तो अपने पति के साथ रहुंगी, वैसे भी तनु के साथ इतना प्यार मेरे टाइम है ये बच्चू।
वीर जाने लगता है तभी साक्षी उसे पकड़ लेती है और वापिस उससे इतना सट जाती है की वीर की सास अटक जाती है।
वीर - सा सा सा
साक्षी अपने नुकीले सीने वीर के सीने मैं गड़ा रही थी।
साक्षी - मैं क्या कहती हूं , जल्दी से एक बेबी कर ले हम सब वर्ना बचारी काव्या अकेला फील करेगी ना।
वीर - हल्ह्ह हा
साक्षी - तो फिर आंख खोलो ना और देखो।
तभी साक्षी वीर का हाथ पकड़ लेती है और अपने सीने की तरफ लाने लगती है।
वीर ये देख कर बहुत तेज सास ले रहा था।
जिससे साक्षी को बहुत हसी आ रही थी, वो हाथ अपने सीने के जस्ट ऊपर लाती है तभी उसकी नज़र वीर के पैंट पर जाती है जहा तंबू बन गया था।
साक्षी - ही ही ही ही सैयां जी ये नीचे क्या है , नया फोन लिया क्या दिखाओ ना।
वीर अब तेज से सास लेता हुआ, हड़बड़ा जाता है और दूर भाग जाता है।
वीर - आई लव यू ना ।
साक्षी - मैं नहीं मानती तुम्हारा दूर , भाग रहे हो मैं सुंदर नहीं हुं ना।
वीर की आखें अभी भी बंद थी, इसीलिए वो नही देख पा रहा था की साक्षी हस रही हैं और बोलता है नहीं मैं सच्ची प्यार करता हूं ना।
साक्षी - तो वापिस आओ।
वीर वापिस आता है।
जैसे ही वीर खड़ा हुआ , साक्षी उसके कंधो मैं हाथ डाल कर खड़ी हो जाती है मुस्कुराते हुए।
साक्षी - आ जी इतना प्यार इतनी शर्म अपनी बीवी से , हा।
साक्षी को वीर के साथ इतना अच्छा लग रहा था की कोई भी देख सकता था कि वो कितना प्यार करती है।
तभी साक्षी वीर से पूरा सट जाती है जिससे वीर का लन्ड उसे अपनी जांघों पर फील होता है और वीर अब काप रहा था।
साक्षी अपनी नाक वीर की नाक के पास लाती है और थोड़ा वीर के गाल सहलाती है।
जिससे वीर को हल्का झटका लगता हैं।
साक्षी- आआआआह्ह्ह्ह वीईईईईई आई उह्ह्ह वीर
जैसे ही वीर ये साक्षी के मुंह से सुनता है उसका लन्ड फुकारने लागत है, और पानी छोड़ने के करीब आ गया था।
साक्षी - आआआहा जान सुनिए ना आराम से।
वीर के हाथ कप रहे थे वो करना सब चाह रहा था लेकिन कुछ नहीं कर पा रहा था बचपन से उसके दिल में साक्षी बसी थी आज उसके इतने करीब आने से वो ज़रा भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
तनु - हद है मैं यह फस गई बाहर इतना मस्त शो चल रहा है।
तभी उसे वीर पर तरस आ जाता है और अनु को इशारा करती है जो काफी देर से ये शो देख रहे था।
तभी अनु चिलाती है दीदी आओ ना मूवी देखो।
साक्षी - आ रही।
फिर साक्षी जल्दी से दूर हट जाती है और वीर से कहती है आई लव यू बाकी का शो का इंतजार करना।
वीर - ठीक है मैं जाऊ अभी।
साक्षी - हा जाओ।
तभी वीर बाथरूम भाग जाता है जिसका लन्ड से साक्षी ने बिना कुछ किए ही पानी निकलवा दिया।
साक्षी - बच्चू मैं तुम्हारी फेवरेट थी और रहूंगी ,मैने कहा था ना जैसे ही तुमने तनु का दिल जीता मैं तुम्हे अपने प्यार का इजहार कर दूंगी।
साक्षी - मुझे पता है तुम वीर नहीं कोई और हो, लेकिन जो भी हो मेरे बहुत करीब जो मुझे याद नहीं आ रहा , लेकिन अब मुझे याद नहीं करना अब तुम्हारी वाइफ हूं, तुम कभी मेरे पास आने की हिम्मत नहीं जुटा सकते।
तनु - क्यो छेड़ रही थी।
साक्षी - अभी तो शुरुवात है बच्चू, मैने कहा था ना तेरे बाद मैं पक्का इज़हार कर दूंगी।
तनु - बेचारा का रहा था।
साक्षी - बेचारातुम्हारा बेचारा मेरी ब्रा और पँटी बाथरूम ले गया था और उसने सोचा मैंने देखा नहीं।
तनु बस हस रही थी।
साक्षी - तुम कभी हिम्मत नहीं जुटा पाओगे , ये रिश्ता मैं आगे ले चलूंगी मैं तुम्हे बतूंगी तुम्हारी साक्षी भी किसी से कम नहीं ये तो तुमने देख लिया, आज रात को तुम्हे कौन बचाएगा मेरे पति देव जी।
तनु -बजी आज बैंड इसकी, यार वो तेरे से बहुत प्यार करता है।
साक्षी - पता है लेकिन हिम्मत नही जुटा पा रहा और तड़प रहा अंदर ही अंदर और ये तड़प मैं खत्म करूंगी, अब तू देख धीरे धीरे कैसे इतना करीब ला दूंगी फिर खुद भाव खाऊंगी।
साक्षी मन मैं सोचती है जिस तरह ये तड़पता है ऐसा लगता है जैसे बचपन से मेरे लिए फिकर है , खैर कोई नहीं।
तनु - चल अंदर।
दोनो अंदर चले आते है।
इधर वीर बाथरूम में साक्षी की पैंटी को अपने लन्ड पर रख कर के हिला रहा होता है।
वीर - मम्मी मम्मी आआआआआह्हह
ऐसा कहते ही वीर का पानी निकल जाता है और वो जल्दी से पैंटी डाल कर रूम में आने लगता है।
वीर - मैं डरता नहीं साक्षी से वैसे भी वो तो मेरी वाइफ है मैं इस बार खुद उसको पकड़ लूंगा, बचपन की बात दूसरी थी अब दूसरी बात है, अब वाइफ है मेरी वैसे भी बचपन से में यही चहता था तो अब क्या हुआ।
वीर - फिर कहता है मन करता लेकिन हिम्मत नहीं होती साक्षी को आराम से बात कर के करना था मैं जानता हूं अब वो खुद बात करेगी और धीरे धीरे क्लोज आएगी मैं कौन सा उससे डरता हूं।
तभी वीर रूम में आता है।
और आते ही उसकी हार्ट बीट बड़ जाती है।
तभी वीर अनु के बगल चुप चाप बैठ जाता है।
वीर - देखता है आजू बाजू और साक्षी उसे नहीं दिख रही थी और वो फिर मूवी देखने लगता है सब ऊपर इसी रूम में थे।
तभी अचानक से लाइट ऑफ हो जाती है और वीर डर जात है।
वीर कुछ और करता उसके पहले वीर पैर पर एक पैर आ जाता है और उसके पैर के अंगूठे के साथ खेलने लगता है।
वीर कुछ करता उसके पहले उसके सीने पर दो चूचे गड़ने लगते है।
वीर - प्लीज़ साक्षी यह नहीं सब है साक्षी प्लीज़ रात को जितना मन उतना कर लेना प्लीज़ मत करो , कोई देख लेगा।
साक्षी -शाह आवाज नहीं कोई नहीं जान पाएगा, चुप चाप लेटो , और अनु आराम से हमे छुपाना।
वीर नही लेट रहा था लेकिन साक्षी ने उसे खींच के जमीन पर लिटा दिया धीरे से उसके पास लेट गई।
वीर अभी बाहर जो हिम्मत की बात कर रहा था फिर से उसकी हिम्मत उड़ गई लेकिन वो समझ गया अब वो अपने मुंह से चू भी नहीं निकल पाएगा।
तभी एक हाथ से उसकी शर्ट के बैटन खोलने लगी।
साक्षी - प्यार करेंगे हम दोनो
इधर तनु और साक्षी इन्हे छिपाने की कोशिश कर रहे थे और दोनो की गांड़ फटी पड़ी थी।
वीर को अभी बस डर लग रहा था अगर किसी ने देख लिया तो लोड़े लगने पक्के थे।
तनु- इसको हुआ क्या।
वीर - मैने इज़हार किया था प्यार का।
साक्षी - तो बस मेरा पति मेरा जो मन वो करूंगी , अब तुम दोनो कवर करो बस , बीच में मत आओ।
तनु समझ गई थी ये नहीं रुकेगी।
वीर मन ही मन सोच रहा था प्यार करना था धीरे धीरे ओपन हो कर साक्षी तो मेरी मां निकली।
अनु धीरे से तनु से कहती है दीदी हमेशा से ऐसी है उन्हे ऐसे मामले में रिस्क लेना छेड़ना और तंग करना बहुत पसन्द है, खासकर पति जब ऐसा हो तो हर कोई का दिल फिसल जाता है।
साक्षी मन मैं कहती है ना जाने कितने सपने संजोए थे बरसो से थैंक्यू ऐसा पति देने के लिए थोड़ा ओपन नहीं है बट मैं करवा दूंगी और आज तो मेरी मन्नत पूरी हो गई, और अब तुम देखो वीर के बच्चे।
वही वीर ऐसा नेचर देख कर दंग था।
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To be continued..... Thoda ab sakshi ke dusre pahlu se milye..... Yhi hai hamari real sakshi......
Veer aisa react is liya kar rha hai kyuki bachapn se sakshi uski ma thi, beshak veer ne use wife accpet kr liya lekin acank se sakshi ka aisa nature se uski siti piti gul.. karna toh wo bahut kuch chah rha lekin himmat nhi ho rhi....and sakshi toh hamri main herione hai phle bhi bola tha.... Dusra update toh aur majedaar hai usmain aap jaan jaynge sakshi hamri kesi hai.....But main post ek hi krunga kyuki 40 like nhi gai...but is par 30 like ho gya toh raat ko update aa jayga bye bye saionara ...........
Well main story bhi aage bad rhi hai... Rohit aur tanu ka kya seen hai wo aage aane wale kuch updates main saaf pata chal jayga.....
Superb superb update bhaiUpdate 18
तनु - चैनल बदलो और ढंग कर लगाओ गलत आदमी के साथ गलत ही होता है।
अनु - ही ही ही ही मर गया मदरचोद।
तभी वीर की नज़र तनु पर जाती है तो उसका लोड़ा ही खड़ा हो जाता है और वो तनु से इशारे करता है।
अब आगे
तनु वीर का इशारा देख कर हस देती है और आगे हो जाती है और काव्या को पकड़ कर बैठ जाती है और घूम कर वीर को जीभ से चिढ़ाती है
वीर - प्लीज़ आओ ना।
तनु - नहीं आऊंगी, रात को बहुत छेड़ रहे थे, ना हमे।
वीर - प्लीज़ ना पक्का ज़रा भी तंग नहीं करूंगा।
तनु - नहीं, और तुम्हे कही बाहर नहीं जाना, कार जमीदार ले गया खुद, और पैसे दे गया, तुम अब से घर पर रहोगे और आस पास रहोगे बस।
काव्या - यस पापा साथ रहेंगे पूरा दिन।
तनु - हा बच्चा पापा घर पर रहेंगे , और अगर मेरी बात मानेंगे तो ही पापा भी खुश रहेंगे।
वीर रात को लेना है तो उसकी बात माननी पड़ेगी वैसे भी मेरा काम तो हो ही रहा है।
तभी वीर देखता है तनु मूवी देखते टाइम बहुत खुश थी।
वीर उसे एक टक घूरे जा रहा था, तभी उसे बर्तन गिरने की आवाज़ आती है, जिसे गुस्से मैं अनु ने फेका था।
वीर के लिए ये वार्निंग थी ये उसे याद करवाने के लिए था उसकी वाइफ ही है तनु , ये समझ कर वीर की फट जाती है और वो अब तनु को भी देखना बंद कर देता है।
अनु - नहीं घूर लो ना, अब तुम मुझे घूरना तब बताउंगी।
ये सुन कर तनु हसने लगती है।
और इधर हसी का मोहाल देख कर निधि भी आ जाती है और कहती है वाह क्या बात है बहुत हस रही हो।
तभी निधि की नज़र टीवी पर पड़ जाती है और कहती है वाह जी तुम लोग अब बताना भी जरूरी नहीं समझा, कम से कम बता देती देखने तो दोगी नहीं टीवी।
तनु - ऐसा नहीं है निधि , कल ही आई , और तब से टाइम नहीं मिला वर्ना पक्का बताती, वैसे अब तो हम सब रोज देखेंगे।
तभी राखी जो एक दम पीछे खड़ी थी।
वो अन्दर आती है और अब राखी और निधि की नज़र अनु पर पड़ती है तो दोनो के गाल एक पल के लिए लाल हो जाते है।
वही ये देख कर अनु जल्दी से तनु के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है बैठो ना भाभी, बुआ , चाची।
निधी और मधु एक टक बस अनु को घूर रहे थे तभी मधु मन मैं कहती है ये सब आपस में चाहे जितना लड़े , लेकिन एक दूसरे को कुछ भी होता है तो सबसे पहले एक दुसरे को बचाती है।
तभी निधि बैठ जाती है और राखी और मधु एक टक खुशी से वीर को देखती है।
वीर - क्या हुआ आप दोनो मुझे क्यो देख रही है।
तभी वीर की नज़र कही और जाती तभी उसे दो लड़की की आवाज़ आती है।
"दीदी कितनी मजबूत सैंडिल है ना"
तनु ,"हा जरा भी नीचे गई अगर तो टूट जाएगी शायद सैंडल"
वीर अब अपनी नज़र जल्दी से ऊपर कर लेता है, उसे ये धमकी समझ आ गई थी।
तभी राखी उसे गले लगा लेती है और कहती है तुम जब से आए हो मेरी बच्ची जीना सीख गई।
तभी वो दोनो भी बैठकर टीवी देखने लगी।
और अनु भी बैठ गई और तनु वीर के पास आ कर कहती है धीरे से बच गई वर्ना सैंडल टूट जाती।
वीर - तुम्हे क्या लगता हैं , में अब अपनी ही सासु मां को निहरूंगा।
तनु - बेटा मैं अच्छी तरह जानती हूं , तुम्हे।
तभी तनु का आंचल पकड़ कर निधि कहती है अब तो उसे छोड़ दे या दिन मैं भी शुरू रहना है।
ये सुन कर तनु झेप जाती है।
और काव्या को पकड़ कर बैठ जाती है।
और फिर कोई कुछ नहीं कहता है, तभी वीर की नज़र बाहर खड़ी साक्षी पर पड़ती है जो अपने बाल सुखा रही थी।
तभी वीर उसके पास जाता है और ज्यादा पास जाने पर उसकी हार्ट बीट बड़ जाती है।
तभी हस्ते हुए साक्षी मुड़ती है और देखती है।
"मुझे पता था तुम बाहर आओगे मेरे लिए" साक्षी की ये बात सुन कर वीर उसकी तरफ देखता है।
साक्षी - तुम्हे पता है तुम भले ही चाहे जैसे हो, तुम हमेशा मुझे स्पेशल फील करवाते हो।
वीर - तुम अभी भी मुझसे नफ़रत करती हो।
साक्षी - पागल मैं क्यों करने लगी ऐसा।
तभी साक्षी वहा पर टेक लगा कर वीर को देखती है।
वीर - मैं तुमसे प्यार करता हूं , बहुत।
साक्षी - हा तो मैं भी तो बहुत प्यार करती हूं तुमसे।
वीर - तो क्या तुम
साक्षी - हा क्या मैं आगे बोलो ये धक धक क्यो सुना रहे हो अपनी।
वीर की हिम्मत अब जवाब दे चुकी थी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था।
वीर - मुझे नहीं पता मैं तुम्हे प्यार करता हूं तुम्हारे करीब आना चाहता हूं , लेकिन कुछ समझ नहीं आता डर लगता है सब भूल जाता हूं, दिल जवाब दे जाता है मेरा कुछ पल्ले नहीं पड़ता।
वीर कुछ और बोलता उसके पहले साक्षी उसके मुंह पर उंगली रख देती है।
साक्षी - आई लव यू , में खुद इंतजार कर रही थी, इतना मत सोचो।
वीर - तो तुम कुछ करने क्यो नहीं देती।
साक्षी - क्या नहीं करने देती।
वीर - वो वो मुझे वो करना है।
साक्षी - वो वो क्या करना है बताओ ना।
वीर - मुझे मुझे साड़ी उतारनी है तुम्हारी।
साक्षी - अच्छा ऐसा बोला ना आओ उतार लो।
ऐसा कह कर साक्षी अपना पल्लू गिरा देती है और अपनी मदहोश चाल में वीर के पास आतीं है।
साक्षी के इतना करीब आ कर वीर की सारी हवस बुझ गई।
वीर - न न न न न नहीं बाद में करेंगे।
साक्षी - अरे अभी तो बोले साड़ी उतारना है।
तभी वीर थोड़ा दूर हो जाता है और साक्षी उसके और करीब आ जाती है।
वीर खड़ा था और साक्षी उसके इतने करीब आ गई की वीर को अपने सीने मैं साक्षी के चूचे फील हो रहे थे।
और ये मोहाल देख का वीर ने अपनी आंख बंद कर ली।
और साक्षी हसने लगती है और कहती है तुम्हे क्या लगा तुम ऐसे मेरे करीब आ जाओगे , तुम्हारे दिल पर मेरा कब्जा है समझे।
साक्षी - चलो अब आंख खोलो...
वीर अपनी आंखो को बंद कर के दूसरी तरफ सर किया हुआ था।
साक्षी - ओह शीट(shit) veeeeeeeeer देखना मत मेरा ब्लाऊज फट गया।
वीर - क्या कैसे
वीर हड़बड़ाते हुए बोलता है और जल्दी से अपनी आखें खोल लेता है,और उसके सीने पर देखता है जहा ब्लाउज था।
वीर फिर तेजी से सास कंट्रोल करते है वापिस मूंद लेता है।
साक्षी ये देखती है और कहती अरे वाह मतलब सास कंट्रोल नहीं हो रही , लेकिन मजे पूरे लेने है।
वीर - नही ऐसा नहीं है,
साक्षी - तो कैसा है बताओ।
वीर - नहीं हा नहीं हा अरे दूर हटो ना म मेरा मतलब साक्षी।
साक्षी - बेचारी बड़ी मुस्किल से अपनी हसी रोक रही थी।
तभी साक्षी कहती है मैं तो नही जाऊंगी दूर, मैं तो अपने पति के साथ रहुंगी, वैसे भी तनु के साथ इतना प्यार मेरे टाइम है ये बच्चू।
वीर जाने लगता है तभी साक्षी उसे पकड़ लेती है और वापिस उससे इतना सट जाती है की वीर की सास अटक जाती है।
वीर - सा सा सा
साक्षी अपने नुकीले सीने वीर के सीने मैं गड़ा रही थी।
साक्षी - मैं क्या कहती हूं , जल्दी से एक बेबी कर ले हम सब वर्ना बचारी काव्या अकेला फील करेगी ना।
वीर - हल्ह्ह हा
साक्षी - तो फिर आंख खोलो ना और देखो।
तभी साक्षी वीर का हाथ पकड़ लेती है और अपने सीने की तरफ लाने लगती है।
वीर ये देख कर बहुत तेज सास ले रहा था।
जिससे साक्षी को बहुत हसी आ रही थी, वो हाथ अपने सीने के जस्ट ऊपर लाती है तभी उसकी नज़र वीर के पैंट पर जाती है जहा तंबू बन गया था।
साक्षी - ही ही ही ही सैयां जी ये नीचे क्या है , नया फोन लिया क्या दिखाओ ना।
वीर अब तेज से सास लेता हुआ, हड़बड़ा जाता है और दूर भाग जाता है।
वीर - आई लव यू ना ।
साक्षी - मैं नहीं मानती तुम्हारा दूर , भाग रहे हो मैं सुंदर नहीं हुं ना।
वीर की आखें अभी भी बंद थी, इसीलिए वो नही देख पा रहा था की साक्षी हस रही हैं और बोलता है नहीं मैं सच्ची प्यार करता हूं ना।
साक्षी - तो वापिस आओ।
वीर वापिस आता है।
जैसे ही वीर खड़ा हुआ , साक्षी उसके कंधो मैं हाथ डाल कर खड़ी हो जाती है मुस्कुराते हुए।
साक्षी - आ जी इतना प्यार इतनी शर्म अपनी बीवी से , हा।
साक्षी को वीर के साथ इतना अच्छा लग रहा था की कोई भी देख सकता था कि वो कितना प्यार करती है।
तभी साक्षी वीर से पूरा सट जाती है जिससे वीर का लन्ड उसे अपनी जांघों पर फील होता है और वीर अब काप रहा था।
साक्षी अपनी नाक वीर की नाक के पास लाती है और थोड़ा वीर के गाल सहलाती है।
जिससे वीर को हल्का झटका लगता हैं।
साक्षी- आआआआह्ह्ह्ह वीईईईईई आई उह्ह्ह वीर
जैसे ही वीर ये साक्षी के मुंह से सुनता है उसका लन्ड फुकारने लागत है, और पानी छोड़ने के करीब आ गया था।
साक्षी - आआआहा जान सुनिए ना आराम से।
वीर के हाथ कप रहे थे वो करना सब चाह रहा था लेकिन कुछ नहीं कर पा रहा था बचपन से उसके दिल में साक्षी बसी थी आज उसके इतने करीब आने से वो ज़रा भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
तनु - हद है मैं यह फस गई बाहर इतना मस्त शो चल रहा है।
तभी उसे वीर पर तरस आ जाता है और अनु को इशारा करती है जो काफी देर से ये शो देख रहे था।
तभी अनु चिलाती है दीदी आओ ना मूवी देखो।
साक्षी - आ रही।
फिर साक्षी जल्दी से दूर हट जाती है और वीर से कहती है आई लव यू बाकी का शो का इंतजार करना।
वीर - ठीक है मैं जाऊ अभी।
साक्षी - हा जाओ।
तभी वीर बाथरूम भाग जाता है जिसका लन्ड से साक्षी ने बिना कुछ किए ही पानी निकलवा दिया।
साक्षी - बच्चू मैं तुम्हारी फेवरेट थी और रहूंगी ,मैने कहा था ना जैसे ही तुमने तनु का दिल जीता मैं तुम्हे अपने प्यार का इजहार कर दूंगी।
साक्षी - मुझे पता है तुम वीर नहीं कोई और हो, लेकिन जो भी हो मेरे बहुत करीब जो मुझे याद नहीं आ रहा , लेकिन अब मुझे याद नहीं करना अब तुम्हारी वाइफ हूं, तुम कभी मेरे पास आने की हिम्मत नहीं जुटा सकते।
तनु - क्यो छेड़ रही थी।
साक्षी - अभी तो शुरुवात है बच्चू, मैने कहा था ना तेरे बाद मैं पक्का इज़हार कर दूंगी।
तनु - बेचारा का रहा था।
साक्षी - बेचारातुम्हारा बेचारा मेरी ब्रा और पँटी बाथरूम ले गया था और उसने सोचा मैंने देखा नहीं।
तनु बस हस रही थी।
साक्षी - तुम कभी हिम्मत नहीं जुटा पाओगे , ये रिश्ता मैं आगे ले चलूंगी मैं तुम्हे बतूंगी तुम्हारी साक्षी भी किसी से कम नहीं ये तो तुमने देख लिया, आज रात को तुम्हे कौन बचाएगा मेरे पति देव जी।
तनु -बजी आज बैंड इसकी, यार वो तेरे से बहुत प्यार करता है।
साक्षी - पता है लेकिन हिम्मत नही जुटा पा रहा और तड़प रहा अंदर ही अंदर और ये तड़प मैं खत्म करूंगी, अब तू देख धीरे धीरे कैसे इतना करीब ला दूंगी फिर खुद भाव खाऊंगी।
साक्षी मन मैं सोचती है जिस तरह ये तड़पता है ऐसा लगता है जैसे बचपन से मेरे लिए फिकर है , खैर कोई नहीं।
तनु - चल अंदर।
दोनो अंदर चले आते है।
इधर वीर बाथरूम में साक्षी की पैंटी को अपने लन्ड पर रख कर के हिला रहा होता है।
वीर - मम्मी मम्मी आआआआआह्हह
ऐसा कहते ही वीर का पानी निकल जाता है और वो जल्दी से पैंटी डाल कर रूम में आने लगता है।
वीर - मैं डरता नहीं साक्षी से वैसे भी वो तो मेरी वाइफ है मैं इस बार खुद उसको पकड़ लूंगा, बचपन की बात दूसरी थी अब दूसरी बात है, अब वाइफ है मेरी वैसे भी बचपन से में यही चहता था तो अब क्या हुआ।
वीर - फिर कहता है मन करता लेकिन हिम्मत नहीं होती साक्षी को आराम से बात कर के करना था मैं जानता हूं अब वो खुद बात करेगी और धीरे धीरे क्लोज आएगी मैं कौन सा उससे डरता हूं।
तभी वीर रूम में आता है।
और आते ही उसकी हार्ट बीट बड़ जाती है।
तभी वीर अनु के बगल चुप चाप बैठ जाता है।
वीर - देखता है आजू बाजू और साक्षी उसे नहीं दिख रही थी और वो फिर मूवी देखने लगता है सब ऊपर इसी रूम में थे।
तभी अचानक से लाइट ऑफ हो जाती है और वीर डर जात है।
वीर कुछ और करता उसके पहले वीर पैर पर एक पैर आ जाता है और उसके पैर के अंगूठे के साथ खेलने लगता है।
वीर कुछ करता उसके पहले उसके सीने पर दो चूचे गड़ने लगते है।
वीर - प्लीज़ साक्षी यह नहीं सब है साक्षी प्लीज़ रात को जितना मन उतना कर लेना प्लीज़ मत करो , कोई देख लेगा।
साक्षी -शाह आवाज नहीं कोई नहीं जान पाएगा, चुप चाप लेटो , और अनु आराम से हमे छुपाना।
वीर नही लेट रहा था लेकिन साक्षी ने उसे खींच के जमीन पर लिटा दिया धीरे से उसके पास लेट गई।
वीर अभी बाहर जो हिम्मत की बात कर रहा था फिर से उसकी हिम्मत उड़ गई लेकिन वो समझ गया अब वो अपने मुंह से चू भी नहीं निकल पाएगा।
तभी एक हाथ से उसकी शर्ट के बैटन खोलने लगी।
साक्षी - प्यार करेंगे हम दोनो
इधर तनु और साक्षी इन्हे छिपाने की कोशिश कर रहे थे और दोनो की गांड़ फटी पड़ी थी।
वीर को अभी बस डर लग रहा था अगर किसी ने देख लिया तो लोड़े लगने पक्के थे।
तनु- इसको हुआ क्या।
वीर - मैने इज़हार किया था प्यार का।
साक्षी - तो बस मेरा पति मेरा जो मन वो करूंगी , अब तुम दोनो कवर करो बस , बीच में मत आओ।
तनु समझ गई थी ये नहीं रुकेगी।
वीर मन ही मन सोच रहा था प्यार करना था धीरे धीरे ओपन हो कर साक्षी तो मेरी मां निकली।
अनु धीरे से तनु से कहती है दीदी हमेशा से ऐसी है उन्हे ऐसे मामले में रिस्क लेना छेड़ना और तंग करना बहुत पसन्द है, खासकर पति जब ऐसा हो तो हर कोई का दिल फिसल जाता है।
साक्षी मन मैं कहती है ना जाने कितने सपने संजोए थे बरसो से थैंक्यू ऐसा पति देने के लिए थोड़ा ओपन नहीं है बट मैं करवा दूंगी और आज तो मेरी मन्नत पूरी हो गई, और अब तुम देखो वीर के बच्चे।
वही वीर ऐसा नेचर देख कर दंग था।
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To be continued..... Thoda ab sakshi ke dusre pahlu se milye..... Yhi hai hamari real sakshi......
Veer aisa react is liya kar rha hai kyuki bachapn se sakshi uski ma thi, beshak veer ne use wife accpet kr liya lekin acank se sakshi ka aisa nature se uski siti piti gul.. karna toh wo bahut kuch chah rha lekin himmat nhi ho rhi....and sakshi toh hamri main herione hai phle bhi bola tha.... Dusra update toh aur majedaar hai usmain aap jaan jaynge sakshi hamri kesi hai.....But main post ek hi krunga kyuki 40 like nhi gai...but is par 30 like ho gya toh raat ko update aa jayga bye bye saionara ...........
Well main story bhi aage bad rhi hai... Rohit aur tanu ka kya seen hai wo aage aane wale kuch updates main saaf pata chal jayga.....
Behtreen updateअपडेट 17 (तनु कौन है, रमेश क्यो पड़ा है पीछे)
(ये अपडेट मैं मैने बताया है तनु कौन है , और रमेश क्यो पीछे पड़ा है बाकी बातें टाइम के साथ अपडेट के साथ क्लियर हो जाएगी, और अपडेट लेट है क्युकी आप सब लाइक ही नहीं करते)
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तभी तनु अपने शरीर पर नज़र डालती है जिसे वीर ने जगह कटा था दातों के निशान थे।
तनु - कल क्या मुंह दिखाऊंगी साक्षी को उस दिन इतनी बात बोल रही थी।
तभी तनु देखती है अभी भी वो वीर के नीचे सो रही है, तो अब ऐसा सीधा और मासूम से प्यार नहीं होगा तो क्या होगा।
फिर तनु भी वीर को दुपका कर सो जाती है बिना कपड़ो के ही।
अब आगे -------
तनु - एक तो ये कामिना पागलों जैसा नोचता है।
तभी उसके दिल से आवाज आती है प्यार भी तो करता है।
तभी तनु की नज़र वीर पर पड़ती है जो उसकी क़मर को पकड़ कर के उसके सीने पर सर रख कर के सो रहा था।
ये देख कर किसी भी पत्नी का दिल पिघल जाए तो उसके नीचे ही सो जाती है।
इधर सुबह साक्षी की नींद खुलती है तो वो देखती है की उसके बगल तनु और वीर दोनो गायब है।
तभी साक्षी अजीब तरह से हस्ती है और रूम की तरफ़ बड़ जाती है।
तभी वो देखती है की रूम लॉक है।
साक्षी - तनु रूम खोलो, जल्दी।
तभी तनु जो वीर के नीचे सो रही थी उसकी नींद खुल जाती है।
*ठक* *ठक*
तभी तनु वीर को देखती है जो नींद मैं भी तनु को पकड़ के सोया हुआ था जकड़ के।
तभी तनु धीरे से उसका सर सहलाती है और कहती है इतने दिन से दूर था इसलिए नींद मैं भी नहीं छोड़ रहा।
तनु - वीर उठो , वीर वीर
वीर - उम्ह सोने दो ना, बाद में किया जाएगा ना अभी नींद आ रही है।
तनु - मैं दुबारा नही बोलूंगी , एक बार मैं समझ नहीं आता।
वीर अब जल्दी से उठ जाता है और बैठ जाता है।
तनु - मुंह क्या देख रहे हो मेरा कपड़े पहनो, सुबह हो गई है भूल जाते हो क्या घर में बच्ची भी है तुम्हारी।
सुबह सुबह डाट पड़ गई और सब याद आ गया।
तभी तनु ये सुन कर उसे घूर के देखती है।
वीर जल्दी से कपड़े पहनता है और तनु अब ब्लाउज पहन चुकी थी।
तभी तनु अपनी ब्रा का हुक बंद करने की कोशिश करती है और वीर उसके पीछे आ जाता है और हुक बंद करने लगता है और ब्लाउज का हुक भी बंद करने लगता है।
तभी तनु कहती है तुमने पहन लिया,
वीर कहता है हा, तनु फिर जल्दी से बेड शीट हटा दो और में साडी पहनती हूं।
तनु इतनी तेज साड़ी पहन रही थी की चूड़ियों की छन छन साक्षी को साफ साफ सुनाई पड़ रही थी।
तभी साक्षी कहती है कुछ तो कांड किया है दोनो ने, कही वीर को चोट तो नहीं लग गई , मेरी ही गलती है जब मुझे पता है की उसे ऊपर चढ़ कर सोने की आदत है तो भी मैं दुसरे तरफ मुंह कर के सोती हूं।
तभी तनु देखती है वीर का मुंह लटका हुआ है तो वीर गेट खोलता उसके पहले वो एक हाथ उठा कर उसकी तरफ देखते हुए , अपने एक हाथ से अपने कान पकड़ लेती है।
वीर उसकी ये हरकत देख कर के उसे गले लगा लेटा है।
तनु सुबह सुबह वीर के गले लगी तो उसे बहुत अच्छा लग रहा था।
तनु - चलो अब जल्दी से किस कर लो मार्निंग वाली , और गेट खोलो।
वीर - बहुत मन कर रहा है प्लीज़।
तनु - आई लव यू , मेरा बच्चा बाहर आपकी साक्षी खड़ी है।
वीर - कुछ करो ना।
तनु - अभी नही , अभी गेट खोलो बाद मैं पक्का मैं कुछ करूंगी, अभी गेट खोलो।
तभी वीर तनु के होठ चूसने लगता है।
उम्मम्मम उम्मम्मम्म
तनु - अब बस इतना , इतना भी नहीं डाटा था जितना तुमने उसूल लिया।
वीर - तो मेरी वाइफ हो , प्यार हो मेरी।
तनु - अच्छा बच्चू मस्का , फिर भी नही दूंगी।
वीर - वैसे कुछ भी कहो तुमरी गांड़ सच्ची बहुत प्यारी है।
ये सुन कर तनु का गाल पूरे लाल हो जाते है और वीर को धकेल देती है और कहती है गंदे कही के।
वीर हस्त है तभी बहुत तेज़ी से गेट नॉक होता है।
तभी तनु धीरे से कहती है जल्दी गेट खोलो वर्ना साक्षी तोड़ देगी।
जैसे ही वीर ने गेट खोला साक्षी उसे देख कर उसके गले लग जाती है।
साक्षी - थैंक गॉड , मैं डर गई थी मुझे लगा क्या हो गया।
साक्षी - क्या है हा , गेट क्यो नहीं खोल रही थी इतना टाइम लगता है , क्या कर रही थी तू।
वही ये सब सुन कर वीर चुप चाप खड़ा था।
तभी उसके बगल अनु खड़ी हो जाती है जो इतना हल्ला सुन कर आ गई थी।
तभी साक्षी की नज़र तनु पर पड़ती है तो वो तनु को देखती है तो उसकी हसी निकल जाती है।
साक्षी - अनु जा कर काव्या के साथ सो जा।
अनु - दीदी ठीक है, सब ठीक है ना?
साक्षी - हा सब ठीक है , तुझे बाद मैं सब बता दूंगी।
वीर - मैं भी अनु के साथ जाता हूं , बेचारी काव्या अकेले सो रही है।
तभी साक्षी वीर का हाथ पकड़ लेती है और कहती है अरे आप कहा आप भी रुकिए जरा।
तभी साक्षी तनु को देखती हैं , बिखरे हुए बाल लाल लाल दातों के निशान से सजे हुए गले, बेड शीट जमीन पर कमर पर दातों के निशान।
तभी साक्षी वीर को देखती है जिसके गले पर दातों के निशान थे।
तभी साक्षी हस्ते हुआ कहती है वीर ज़रा शर्त उतारो अपनी।
वीर को ना चाहते हुए भी, शर्त उतारनी पड़ी।
जैसे साक्षी वीर की पीठ देखती है।
उसकी पीठ पर नाखून से नकोटे जाने के निशान थे और पीठ के ऊपर साइड दातों के निशान थे।
साक्षी - वाह जी आप दोनो तो फॉरवर्ड निकले, आप जाइए अब वीर सो जाइए जरा मैं अपनी बहन से बात तो कर लूं , बचपन से इंतजार में थी।
तभी वीर वहा से चुप चाप जाने लगता है लेकिन तभी वो आगे बडकर पीछे से साक्षी की कमर पकड़ के खड़ा हो जाता है।
और साक्षी कुछ नहीं कहती , और वीर को देखती है और वो समझ जाती है।
वीर साक्षी के बिना ज्यादा टाइम नही रह पता था ये उसकी बचपन की आदत थी।
तभी साक्षी हस्ते हुए कहती है , जाओ और बाहर मेरा वेट करो मैं आती हूं बस 10मिनट।
तभी तनु वीर को देखती है और मन मैं कहती है अजीब लड़का है डाट भी खाता रहता है लेकिन हम दोनो से दूर भी नही रह पता ज्यादा टाइम।
तभी उसे गला खखारने की आवाज़ आती है।
साक्षी - वो गया तनु जी , हा तो आप क्या कहा करती थी पहले कोई मेरे आगे टिक सके, इतनी किसी की औकात नहीं
तनु - वो वो
साक्षी - हा याद आया , प्यार अलग होता है चुटियापा अलग, दातों से काटना गले में ये कैसा प्यार है नोचना।
साक्षी - कोई आपके गुस्से के आगे टिक नही सकता , आज देखो आपको जगह जगह से नोचा है उसने और वो भी प्यार से, और सोया भी आपके ऊपर है, तो कहा गया गुस्सा।
तनु - गुस्सा तो वैसा का वैसा है, गुस्सा मैं नो बदलाव, सुबह सुबह ही डाटा मैने उसको।
साक्षी - अच्छा और सुबह सुबह डाटा आपने।
तनु - हा तो करती हूं, प्यार उससे बस नही रह पाती उसके बिना पता नहीं कैसे इतना प्यार करने लगी, वो सब कुछ कर रहा बस मेरी खुशी के लिया तो आता है उसपर प्यार।
साक्षी - पागल ही ही ही ही, वैसे वो सब से ऐसे ही प्यार करता है, लेकिन अच्छा है तुम्हारा गुस्सा सहने वाला आ गया।
तनु - पता नही कैसा लड़के पर दिल आ गया।
साक्षी - कुछ भी कहो , जान है वो हम सब की।
तनु थोड़ा आगे होती है तो लड़खड़ा जाती है।
साक्षी - आराम से मैडम चल नहीं पा रही आप, चलो थोड़ा सो जाओ, दर्द कम हो जाएगा।
तनु - पूरे शरीर से उसकी खुशबु आ रही।
साक्षी - हा पहले नहा लो , अब उसकी ही खुसबू आएगी , अब तो कभी भी साड़ी उतारनी पड़ेगी।
तनु कुछ नहीं बोलती चुप चाप जाने लगती है और साक्षी हंसते हुए सहारा देती है।
साक्षी - awwww मेरी प्यारी से नागिन।
तनु - ये सुन कर हड़बड़ा जाती है और कहती है क्या बकवास कर रही है सुबह सुबह।
साक्षी - सहारा चाहिए या नहीं वर्ना जाऊ मैं, नागिन कही की।
तनु - मेरा भी टाइम आएगा बेटा , तब तू देखना मैं तेरी कैसी क्लास लेती हूं , डायन।
साक्षी - मैं तेरी तरह इतना नही काटने दूंगी , संभाल लुंगी उसे।
तभी वो दोनो अनु के पास आ जाती है और दोनो अनु को देखती है और दोनो एक दूसरे को देखती है और वही गिर पड़ती है हस्ते हस्ते।
अनु - क्या हुआ हस क्यों रही हो।
तनु और साक्षी बहुत जोर से हस रही होती है।
तभी अनु की नज़र वीर पर पड़ती है जो उसे ही तिरछी नज़र से घूर रहा था।
साक्षी - तू तो भाभी भी है और मॉडर्न भी है, तेरा क्या होगा
तभी अनु समझ जाती है की क्या बात हो रही है, वो कहती है मैं जा रही टीवी देखने आप लोग करो नाटक।
तभी वो दोनो जोर से हसने लगती है।
इधर इन दोनो की हसी की आवाज़ नीचे राखी के कानो मैं सुकून डालती है और निधि और बाकी सब हसने लगते है।
इधर साक्षी अनु को परेशान देख कर उसके पास जाती है।
अनु - क्या है, क्यो परेशान कर रही हो मुझे, जाओ और काम करो, मुझे समझ नहीं आ रहा कुछ।
तभी साक्षी कहती है हमारा वो मतलब नही था तू आराम कर।
तभी वहा पर तनु आती है और कहती है हमारा मतलब वही था बन्नो जो तुम समझ रही हो हम दोनो तो बीच की हो एकदम परफेक्ट तुम्हरा क्या हाल होगा।
तभी अनु वापिस दूसरी तरफ चली जाती है और कहती है खुद को देखो जगह जगह दात के निशान है।
इधर साक्षी कहती है चल जल्दी नहाने चले वर्ना काव्या उठ जाएगी।
इधर वीर भी चुप चाप काव्या को जकड़ के सो रहा होता है वो कुछ बोलता तो अनु उसकी खोपड़ी फोड देती।
इधर अनु उसके बाद अपना शरीर देखने लगती है
अनु - यार कुछ ज्यादा सेक्सी कपड़े पहन लिया है क्या, एक तो पता नहीं दीदी जैसी मोटी क्यो नहीं हूं।
इधर दूसरी तरफ सीन चेंज होता है।
********
रमेश - बहन के लोड़े वीर का गेम क्यों नहीं बजाया।
"देख बे चमन झंडू मैं काम पैसे के लिया करता हूं समझा बे सीधे लन्ड चल पैसे दे आज ही गेम बज जाएगा"
रमेश - ये ले पैसे गांड़ में डाल ले लेकिन काम आज ही होना मांगता
"ठीक है , बोल किसका काम बजाने का है"
रमेश - वीर का
"काम हो जाएगा "
"हा बे वीर पे नज़र रख और मौका मिलते ही पेल डाल"
******
अंजलि - अच्छा जी मेरे पति पर डाका डाला जाएगा,
अंजलि किसी को कॉल करती है और कहती है रमेश की बेटी का एड्रेस देना तो जरा
अंजलि फिर उसकी बताई जगह निकल जाती है।
अंजलि - बेटा मुझे इतना तो पता था , तू इतनी आसानी से वीर को जाने नही देगा , मुझे अच्छा से पता है तेरा निशाना वीर क्यो है, लेकिन वो कौन है जो वीर को मारना चाहता है, आखिर क्या राज है, जो वीर से जुड़ा है आखिर है कौन है इन सब का मास्टरमाइंड रोहित।
वो सीधे हॉस्टल में चली जाती है, जहा एक लड़की बैठी होती है , एक रूम में।
वो दरवाज़ा खटखटाती उसके पहले उसका फोन बज जाता है।
अंजलि - हा रूही बोल(रूही अंजली की पर्सनल हैकर)
रूही - जिससे तू मिलने जा रही है उसे कभी लडको के पास नहीं रखा गया, जिस वजह से वो अब लडकियों के साथ रहते रहते उसे लडको से इंटरेस्ट खतम हो गया तो एक तरह से उसे लेस्बियन मान, लेकिन याद रहे बहुत रोती है।
रूही - इसके थ्रू तू रमेश के बारे में हर एक डिटेल जान सकती है, बहुत सीधी लड़की है कभी स्कूल और हॉस्टल के आलावा कहीं नहीं गई।
अंजलि - इंटरस्टिंग
रूही - प्लीज़ इससे दूर रहो, हमेशा रोती रहती है, कभी इसका दोस्त तक नहीं बना क्युकी इसके साथ हमेशा सिक्योरिटी रहती है बस हॉस्टल का रूम छोड़ कर, अपने पापा कि हर बात मानती है, यानी रमेश की , बहुत अकेली लड़की है इसका कोई नही सभालने वाला, जो लड़की इसको बहार ले जाती अगले दिन रमेश उसको गायब करवा देता, बस हॉस्टल में जिससे बात करतीं है बस वही।
फिर फोन काट जाता है।
और अंजली दरवाजा नॉक करती है।
लडकी - क्या है , किससे मिलना है आपको।
अंजलि - जी रचना है।
रचना - हा मैं ही हूं, बताइए।
अंजलि - अंदर आने को नही बोलोगी।
रचना - नहीं क्यो आना है अंदर आपको जाइए यहां से बिना मतलब मेरे पास टाइम नहीं है, समझी।
अंजलि वही रचना को धकेल कर दरवाजे पर किस करने लगती है।
रचना आचनक हुए इस हमले से घबरा जाती है आज पहली बार किसी ने उसके होठ को छुआ था।
रचना जल्दी से घबरा कर अंजली को अंदर धकेल देती है और आंखो में आसू आ जाते है , रचना नहीं चाहती थी की उसकी बाकी सहेली की तरह ये भी गायब हो।
इधर रचना रोना स्टार्ट करती उसके पहले अंजली फुट फूट के रोने लगती है।
इधर अंजली को रोता देख, रचना के आसू रुक जाते है और वो खुद अंजली को देखने लगती है।
रचना - शर्म नहीं आती ऐसी हरकतें करते है हुए और रो क्यों रही हो।
अंजलि - तुमने मुझे किस क्यो किया, तुमने मेरा फायदा क्यो उठाया, मैं तुमसे प्यार करती हूं तो मतलब कुछ भी करोगी मेरे साथ।
रचना - मैने कब किस किया , तुमने किया मुझे।
अंजली - अच्छा मैने किया (एक दम मासूम सी सकल बना कर वो कहती है)
रचना - हा तुमने किया और मुझ पर ब्लेम लगा रही हो।
अंजलि - हा मैने किया किस तुम झूठ तो नहीं बोल रही।
रचना - मैं झूठ नही बोल रही तुम बेशर्म हो ऐसे करते टाइम शर्म नहीं आई , कोई देख लेता तो।
अंजलि - तो क्या बोल देती मेरी हो तुम सिंपल।
रचना - मैं कब तुम्हारी हो गई , और जाओ से यह से में लेस्बियन नहीं हूं, समझी।
इसके पहले की रचना कुछ और कहती वो देखती है की अंजली उसका छोड़ा हुआ झूठा खाना खा रही थी।
रचना बस आंखे फाड़े देखे जा रही थी।
जैसे ही रचना घूरती है अंजली फिर रोना स्टार्ट कर देती है।
रचना - अब क्या हुआ रो क्यों रही हो, हल्ला मत करो वर्ना दिक्कत हो जायगी प्लीज़।
अंजलि - *स्निफ* तुम मुझे घूर क्यो रही हो, और इतनी दूर से तुम्हारे लिए आई हु।
रचना - खाओ खाओ , तुम।
जैसे ही रचना अब देखती है की अंजली का चहरा बहुत खिला हुआ है।
अंजलि - तुम इतना डरती क्यो हो, और ये मुझे चुप क्यों कर रही थी।
रचना - कुछ नहीं
उसकी बात सुन कर अंजली फिर रोने लगती है।
रचना उसके पास बैठ कर कहती है कितना रोटी हो तुम , तुमने तो मेरा भी रिकॉर्ड तोड दिया 1 महीने में जितना रोती हूं उतना तुम एक दिन मैं रो दी।
तभी अंजलि उसको खूब टाइट हग कर लेती है और रचना को अंजली का भरा हुआ शरीर बहुत अच्छा लग रहा था।
तभी अंजलि कहती है भाभी जैसा शरीर है ना , अच्छी लगी मैं तुम्हे ।
रचना कुछ सोचती है तभी वो देखती है की अंजली का मुंह बन गया तो वो रचना कहती हैं अरे बहुत अच्छी हो रोना मत।
फिर अंजली चुप हो जाती है और हस्ते हुए उसे अपने हाथ से मैगी खिलाती है और कहती है अपने हाथ से बनाया तुम्हारे लिए खाओ।
रचना - वो खा लेती है और
अंजली बहुत बात करती है।
रचना - तुम मुझसे मिलने क्यो आई थी।
अंजलि - बुधु बचपन से प्यार करती हूं तुमसे अब मैं तुम्हारे पास रहूंगी।
रचना - कितना बोलती हो तुम।
अंजलि - रचना ये बताओ ये राज कौन है, जो अक्सर दिखता रहता है।
रचना - दूर रहना इससे , बहुत गंदा इंसान है ये लोगो को मारता है पैसे के लिए , तुम दूर रहना प्लीज़ और मुझसे बात मत करना।
अंजलि - लेकिन ये क्यों करता है और इससे रोकने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा।
रचना - बस पैसे के लिए काम करता है।
अंजलि - सुनो एक और किस कर लूं।
रचना - अब निकालो मेरे रूम से बाहर मुझे कॉलेज जाना है मेरा हिस्सा का खाना खा गई और ऊपर लेट भी हो रहा गर्ल कॉलेज में बहुत स्टिक रूल होते है बेशरम लड़की।
अंजलि - प्यार करोगी हमसे।
रचना - bye बेशरम और घटिया लड़की अब मत आना दुबारा वर्ना मुंह तोड़ दूंगी।
इधर रचना हस्ते हुए चुप चाप कार मैं बैठ जाती है।
और उसके जाते ही अंजली रूही को कॉल करती है।
रूही - हा बोल।
अंजलि - मेरा सामन रचना के रूम में भिजवा दो , और सुनो कुछ भी कर के बगल वाला रूम मुझे चाहिए, बैकअप के लिया और राज को पैसे दे कर रमेश पर ही गोली चलवाओ, और रोहित के नाम से कॉन्टेक्ट करना उसी के नंबर से ये जब तक आपस में लड़ेंगे तब तक मेरी बहने सेफ रहेंगी।
रूही - सावधान रहना पता नही ये रोहित कौन है, जहा तक मुझे शक है , अनु को छेड़ने के लिए लड़के थिएटर में रोहित ने ही भेजा था।
***********
इधर अनु अपने आप को ही निहारे जा रही थी तभी वीर उठ के आता है तो उसके सामने अनु की उभरी हुई गांड़ और चूची होती है।
वीर - अनु गुड मार्निंग।
अनु - गुड मॉर्निंग, तुमने बात करी दीदी से मेरे लिए।
वीर - यार वो नही मानेगी तुम्हे पता है ना।
अनु - तुम ट्राय तो करो।
वीर - किसके लिए मार खाऊं मैं बड़ी आई तुम
अनु - अपनी छोटी सी वाइफ के लिए, जिस हक से गोद मैं बैठाया उस हक से मैं भी तो वाइफ हो हा कभी कभी गुस्सा आ जाता है।
वीर - मुझे हग करने दोगी और किस जितना मैं चाहूं।
अनु - अच्छा बच्चू ठीक है मैं एक किस करने दूंगी, लेकिन मानने के बाद और एक रात मेरे बगल सोना पड़ेगा।
अनु - ठीक है लेकिन केवल एक रात।
अनु - मुझे एक किस करने के लिए इतनी मेहनत।
वीर - बात एक किस की नहीं है , मुझे तुम पसंद हो तुमसे डर लगता है क्युकी तुम हमसे नफ़रत करती हो।
अनु - में नफरत मृत करती वीर कभी थी बट अब नहीं है , तुम खुद मेरे पास नहीं आते, तो मैं कैसे तुमसे प्यार कर सकती हूं।
वीर - ये क्या इज़हार है।
अनु - नही पास आना पड़ता है , तब कोई अपना बनता है , वैसे तुम एक अच्छे पर्सन हो , मुझे अच्छा लगता है तुम्हारी वाइफ होना, तुमने कभी हर्ट नहीं किया।
अब अनु टीवी ऑन कर देती है और अब साक्षी और तनु और काव्या भी आ गए साथ मैं रूम में।
तभी न्यूज की हेड लाइन आई
अब तक की सबसे ताजा ख़बर सिनेमा हॉल में मूवी देखने गए 4 युवक की मौत साप के जहर से हुई मौत।
अनु - दीदी ये तो वही है जिसने मेरे पर कमेंट किया था।
तनु - चैनल बदलो और ढंग कर लगाओ गलत आदमी के साथ गलत ही होता है।
अनु - ही ही ही ही मर गया मदरचोद।
तभी वीर की नज़र तनु पर जाती है तो उसका लोड़ा ही खड़ा हो जाता है और वो तनु से इशारे करता है.
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To be continued ........
Give your valuable review like toh karoge hi..... Next update bahut pyar hoga romantic sa....like kar dena...........
Shandaar updateUpdate 18
तनु - चैनल बदलो और ढंग कर लगाओ गलत आदमी के साथ गलत ही होता है।
अनु - ही ही ही ही मर गया मदरचोद।
तभी वीर की नज़र तनु पर जाती है तो उसका लोड़ा ही खड़ा हो जाता है और वो तनु से इशारे करता है।
अब आगे
तनु वीर का इशारा देख कर हस देती है और आगे हो जाती है और काव्या को पकड़ कर बैठ जाती है और घूम कर वीर को जीभ से चिढ़ाती है
वीर - प्लीज़ आओ ना।
तनु - नहीं आऊंगी, रात को बहुत छेड़ रहे थे, ना हमे।
वीर - प्लीज़ ना पक्का ज़रा भी तंग नहीं करूंगा।
तनु - नहीं, और तुम्हे कही बाहर नहीं जाना, कार जमीदार ले गया खुद, और पैसे दे गया, तुम अब से घर पर रहोगे और आस पास रहोगे बस।
काव्या - यस पापा साथ रहेंगे पूरा दिन।
तनु - हा बच्चा पापा घर पर रहेंगे , और अगर मेरी बात मानेंगे तो ही पापा भी खुश रहेंगे।
वीर रात को लेना है तो उसकी बात माननी पड़ेगी वैसे भी मेरा काम तो हो ही रहा है।
तभी वीर देखता है तनु मूवी देखते टाइम बहुत खुश थी।
वीर उसे एक टक घूरे जा रहा था, तभी उसे बर्तन गिरने की आवाज़ आती है, जिसे गुस्से मैं अनु ने फेका था।
वीर के लिए ये वार्निंग थी ये उसे याद करवाने के लिए था उसकी वाइफ ही है तनु , ये समझ कर वीर की फट जाती है और वो अब तनु को भी देखना बंद कर देता है।
अनु - नहीं घूर लो ना, अब तुम मुझे घूरना तब बताउंगी।
ये सुन कर तनु हसने लगती है।
और इधर हसी का मोहाल देख कर निधि भी आ जाती है और कहती है वाह क्या बात है बहुत हस रही हो।
तभी निधि की नज़र टीवी पर पड़ जाती है और कहती है वाह जी तुम लोग अब बताना भी जरूरी नहीं समझा, कम से कम बता देती देखने तो दोगी नहीं टीवी।
तनु - ऐसा नहीं है निधि , कल ही आई , और तब से टाइम नहीं मिला वर्ना पक्का बताती, वैसे अब तो हम सब रोज देखेंगे।
तभी राखी जो एक दम पीछे खड़ी थी।
वो अन्दर आती है और अब राखी और निधि की नज़र अनु पर पड़ती है तो दोनो के गाल एक पल के लिए लाल हो जाते है।
वही ये देख कर अनु जल्दी से तनु के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है बैठो ना भाभी, बुआ , चाची।
निधी और मधु एक टक बस अनु को घूर रहे थे तभी मधु मन मैं कहती है ये सब आपस में चाहे जितना लड़े , लेकिन एक दूसरे को कुछ भी होता है तो सबसे पहले एक दुसरे को बचाती है।
तभी निधि बैठ जाती है और राखी और मधु एक टक खुशी से वीर को देखती है।
वीर - क्या हुआ आप दोनो मुझे क्यो देख रही है।
तभी वीर की नज़र कही और जाती तभी उसे दो लड़की की आवाज़ आती है।
"दीदी कितनी मजबूत सैंडिल है ना"
तनु ,"हा जरा भी नीचे गई अगर तो टूट जाएगी शायद सैंडल"
वीर अब अपनी नज़र जल्दी से ऊपर कर लेता है, उसे ये धमकी समझ आ गई थी।
तभी राखी उसे गले लगा लेती है और कहती है तुम जब से आए हो मेरी बच्ची जीना सीख गई।
तभी वो दोनो भी बैठकर टीवी देखने लगी।
और अनु भी बैठ गई और तनु वीर के पास आ कर कहती है धीरे से बच गई वर्ना सैंडल टूट जाती।
वीर - तुम्हे क्या लगता हैं , में अब अपनी ही सासु मां को निहरूंगा।
तनु - बेटा मैं अच्छी तरह जानती हूं , तुम्हे।
तभी तनु का आंचल पकड़ कर निधि कहती है अब तो उसे छोड़ दे या दिन मैं भी शुरू रहना है।
ये सुन कर तनु झेप जाती है।
और काव्या को पकड़ कर बैठ जाती है।
और फिर कोई कुछ नहीं कहता है, तभी वीर की नज़र बाहर खड़ी साक्षी पर पड़ती है जो अपने बाल सुखा रही थी।
तभी वीर उसके पास जाता है और ज्यादा पास जाने पर उसकी हार्ट बीट बड़ जाती है।
तभी हस्ते हुए साक्षी मुड़ती है और देखती है।
"मुझे पता था तुम बाहर आओगे मेरे लिए" साक्षी की ये बात सुन कर वीर उसकी तरफ देखता है।
साक्षी - तुम्हे पता है तुम भले ही चाहे जैसे हो, तुम हमेशा मुझे स्पेशल फील करवाते हो।
वीर - तुम अभी भी मुझसे नफ़रत करती हो।
साक्षी - पागल मैं क्यों करने लगी ऐसा।
तभी साक्षी वहा पर टेक लगा कर वीर को देखती है।
वीर - मैं तुमसे प्यार करता हूं , बहुत।
साक्षी - हा तो मैं भी तो बहुत प्यार करती हूं तुमसे।
वीर - तो क्या तुम
साक्षी - हा क्या मैं आगे बोलो ये धक धक क्यो सुना रहे हो अपनी।
वीर की हिम्मत अब जवाब दे चुकी थी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था।
वीर - मुझे नहीं पता मैं तुम्हे प्यार करता हूं तुम्हारे करीब आना चाहता हूं , लेकिन कुछ समझ नहीं आता डर लगता है सब भूल जाता हूं, दिल जवाब दे जाता है मेरा कुछ पल्ले नहीं पड़ता।
वीर कुछ और बोलता उसके पहले साक्षी उसके मुंह पर उंगली रख देती है।
साक्षी - आई लव यू , में खुद इंतजार कर रही थी, इतना मत सोचो।
वीर - तो तुम कुछ करने क्यो नहीं देती।
साक्षी - क्या नहीं करने देती।
वीर - वो वो मुझे वो करना है।
साक्षी - वो वो क्या करना है बताओ ना।
वीर - मुझे मुझे साड़ी उतारनी है तुम्हारी।
साक्षी - अच्छा ऐसा बोला ना आओ उतार लो।
ऐसा कह कर साक्षी अपना पल्लू गिरा देती है और अपनी मदहोश चाल में वीर के पास आतीं है।
साक्षी के इतना करीब आ कर वीर की सारी हवस बुझ गई।
वीर - न न न न न नहीं बाद में करेंगे।
साक्षी - अरे अभी तो बोले साड़ी उतारना है।
तभी वीर थोड़ा दूर हो जाता है और साक्षी उसके और करीब आ जाती है।
वीर खड़ा था और साक्षी उसके इतने करीब आ गई की वीर को अपने सीने मैं साक्षी के चूचे फील हो रहे थे।
और ये मोहाल देख का वीर ने अपनी आंख बंद कर ली।
और साक्षी हसने लगती है और कहती है तुम्हे क्या लगा तुम ऐसे मेरे करीब आ जाओगे , तुम्हारे दिल पर मेरा कब्जा है समझे।
साक्षी - चलो अब आंख खोलो...
वीर अपनी आंखो को बंद कर के दूसरी तरफ सर किया हुआ था।
साक्षी - ओह शीट(shit) veeeeeeeeer देखना मत मेरा ब्लाऊज फट गया।
वीर - क्या कैसे
वीर हड़बड़ाते हुए बोलता है और जल्दी से अपनी आखें खोल लेता है,और उसके सीने पर देखता है जहा ब्लाउज था।
वीर फिर तेजी से सास कंट्रोल करते है वापिस मूंद लेता है।
साक्षी ये देखती है और कहती अरे वाह मतलब सास कंट्रोल नहीं हो रही , लेकिन मजे पूरे लेने है।
वीर - नही ऐसा नहीं है,
साक्षी - तो कैसा है बताओ।
वीर - नहीं हा नहीं हा अरे दूर हटो ना म मेरा मतलब साक्षी।
साक्षी - बेचारी बड़ी मुस्किल से अपनी हसी रोक रही थी।
तभी साक्षी कहती है मैं तो नही जाऊंगी दूर, मैं तो अपने पति के साथ रहुंगी, वैसे भी तनु के साथ इतना प्यार मेरे टाइम है ये बच्चू।
वीर जाने लगता है तभी साक्षी उसे पकड़ लेती है और वापिस उससे इतना सट जाती है की वीर की सास अटक जाती है।
वीर - सा सा सा
साक्षी अपने नुकीले सीने वीर के सीने मैं गड़ा रही थी।
साक्षी - मैं क्या कहती हूं , जल्दी से एक बेबी कर ले हम सब वर्ना बचारी काव्या अकेला फील करेगी ना।
वीर - हल्ह्ह हा
साक्षी - तो फिर आंख खोलो ना और देखो।
तभी साक्षी वीर का हाथ पकड़ लेती है और अपने सीने की तरफ लाने लगती है।
वीर ये देख कर बहुत तेज सास ले रहा था।
जिससे साक्षी को बहुत हसी आ रही थी, वो हाथ अपने सीने के जस्ट ऊपर लाती है तभी उसकी नज़र वीर के पैंट पर जाती है जहा तंबू बन गया था।
साक्षी - ही ही ही ही सैयां जी ये नीचे क्या है , नया फोन लिया क्या दिखाओ ना।
वीर अब तेज से सास लेता हुआ, हड़बड़ा जाता है और दूर भाग जाता है।
वीर - आई लव यू ना ।
साक्षी - मैं नहीं मानती तुम्हारा दूर , भाग रहे हो मैं सुंदर नहीं हुं ना।
वीर की आखें अभी भी बंद थी, इसीलिए वो नही देख पा रहा था की साक्षी हस रही हैं और बोलता है नहीं मैं सच्ची प्यार करता हूं ना।
साक्षी - तो वापिस आओ।
वीर वापिस आता है।
जैसे ही वीर खड़ा हुआ , साक्षी उसके कंधो मैं हाथ डाल कर खड़ी हो जाती है मुस्कुराते हुए।
साक्षी - आ जी इतना प्यार इतनी शर्म अपनी बीवी से , हा।
साक्षी को वीर के साथ इतना अच्छा लग रहा था की कोई भी देख सकता था कि वो कितना प्यार करती है।
तभी साक्षी वीर से पूरा सट जाती है जिससे वीर का लन्ड उसे अपनी जांघों पर फील होता है और वीर अब काप रहा था।
साक्षी अपनी नाक वीर की नाक के पास लाती है और थोड़ा वीर के गाल सहलाती है।
जिससे वीर को हल्का झटका लगता हैं।
साक्षी- आआआआह्ह्ह्ह वीईईईईई आई उह्ह्ह वीर
जैसे ही वीर ये साक्षी के मुंह से सुनता है उसका लन्ड फुकारने लागत है, और पानी छोड़ने के करीब आ गया था।
साक्षी - आआआहा जान सुनिए ना आराम से।
वीर के हाथ कप रहे थे वो करना सब चाह रहा था लेकिन कुछ नहीं कर पा रहा था बचपन से उसके दिल में साक्षी बसी थी आज उसके इतने करीब आने से वो ज़रा भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
तनु - हद है मैं यह फस गई बाहर इतना मस्त शो चल रहा है।
तभी उसे वीर पर तरस आ जाता है और अनु को इशारा करती है जो काफी देर से ये शो देख रहे था।
तभी अनु चिलाती है दीदी आओ ना मूवी देखो।
साक्षी - आ रही।
फिर साक्षी जल्दी से दूर हट जाती है और वीर से कहती है आई लव यू बाकी का शो का इंतजार करना।
वीर - ठीक है मैं जाऊ अभी।
साक्षी - हा जाओ।
तभी वीर बाथरूम भाग जाता है जिसका लन्ड से साक्षी ने बिना कुछ किए ही पानी निकलवा दिया।
साक्षी - बच्चू मैं तुम्हारी फेवरेट थी और रहूंगी ,मैने कहा था ना जैसे ही तुमने तनु का दिल जीता मैं तुम्हे अपने प्यार का इजहार कर दूंगी।
साक्षी - मुझे पता है तुम वीर नहीं कोई और हो, लेकिन जो भी हो मेरे बहुत करीब जो मुझे याद नहीं आ रहा , लेकिन अब मुझे याद नहीं करना अब तुम्हारी वाइफ हूं, तुम कभी मेरे पास आने की हिम्मत नहीं जुटा सकते।
तनु - क्यो छेड़ रही थी।
साक्षी - अभी तो शुरुवात है बच्चू, मैने कहा था ना तेरे बाद मैं पक्का इज़हार कर दूंगी।
तनु - बेचारा का रहा था।
साक्षी - बेचारातुम्हारा बेचारा मेरी ब्रा और पँटी बाथरूम ले गया था और उसने सोचा मैंने देखा नहीं।
तनु बस हस रही थी।
साक्षी - तुम कभी हिम्मत नहीं जुटा पाओगे , ये रिश्ता मैं आगे ले चलूंगी मैं तुम्हे बतूंगी तुम्हारी साक्षी भी किसी से कम नहीं ये तो तुमने देख लिया, आज रात को तुम्हे कौन बचाएगा मेरे पति देव जी।
तनु -बजी आज बैंड इसकी, यार वो तेरे से बहुत प्यार करता है।
साक्षी - पता है लेकिन हिम्मत नही जुटा पा रहा और तड़प रहा अंदर ही अंदर और ये तड़प मैं खत्म करूंगी, अब तू देख धीरे धीरे कैसे इतना करीब ला दूंगी फिर खुद भाव खाऊंगी।
साक्षी मन मैं सोचती है जिस तरह ये तड़पता है ऐसा लगता है जैसे बचपन से मेरे लिए फिकर है , खैर कोई नहीं।
तनु - चल अंदर।
दोनो अंदर चले आते है।
इधर वीर बाथरूम में साक्षी की पैंटी को अपने लन्ड पर रख कर के हिला रहा होता है।
वीर - मम्मी मम्मी आआआआआह्हह
ऐसा कहते ही वीर का पानी निकल जाता है और वो जल्दी से पैंटी डाल कर रूम में आने लगता है।
वीर - मैं डरता नहीं साक्षी से वैसे भी वो तो मेरी वाइफ है मैं इस बार खुद उसको पकड़ लूंगा, बचपन की बात दूसरी थी अब दूसरी बात है, अब वाइफ है मेरी वैसे भी बचपन से में यही चहता था तो अब क्या हुआ।
वीर - फिर कहता है मन करता लेकिन हिम्मत नहीं होती साक्षी को आराम से बात कर के करना था मैं जानता हूं अब वो खुद बात करेगी और धीरे धीरे क्लोज आएगी मैं कौन सा उससे डरता हूं।
तभी वीर रूम में आता है।
और आते ही उसकी हार्ट बीट बड़ जाती है।
तभी वीर अनु के बगल चुप चाप बैठ जाता है।
वीर - देखता है आजू बाजू और साक्षी उसे नहीं दिख रही थी और वो फिर मूवी देखने लगता है सब ऊपर इसी रूम में थे।
तभी अचानक से लाइट ऑफ हो जाती है और वीर डर जात है।
वीर कुछ और करता उसके पहले वीर पैर पर एक पैर आ जाता है और उसके पैर के अंगूठे के साथ खेलने लगता है।
वीर कुछ करता उसके पहले उसके सीने पर दो चूचे गड़ने लगते है।
वीर - प्लीज़ साक्षी यह नहीं सब है साक्षी प्लीज़ रात को जितना मन उतना कर लेना प्लीज़ मत करो , कोई देख लेगा।
साक्षी -शाह आवाज नहीं कोई नहीं जान पाएगा, चुप चाप लेटो , और अनु आराम से हमे छुपाना।
वीर नही लेट रहा था लेकिन साक्षी ने उसे खींच के जमीन पर लिटा दिया धीरे से उसके पास लेट गई।
वीर अभी बाहर जो हिम्मत की बात कर रहा था फिर से उसकी हिम्मत उड़ गई लेकिन वो समझ गया अब वो अपने मुंह से चू भी नहीं निकल पाएगा।
तभी एक हाथ से उसकी शर्ट के बैटन खोलने लगी।
साक्षी - प्यार करेंगे हम दोनो
इधर तनु और साक्षी इन्हे छिपाने की कोशिश कर रहे थे और दोनो की गांड़ फटी पड़ी थी।
वीर को अभी बस डर लग रहा था अगर किसी ने देख लिया तो लोड़े लगने पक्के थे।
तनु- इसको हुआ क्या।
वीर - मैने इज़हार किया था प्यार का।
साक्षी - तो बस मेरा पति मेरा जो मन वो करूंगी , अब तुम दोनो कवर करो बस , बीच में मत आओ।
तनु समझ गई थी ये नहीं रुकेगी।
वीर मन ही मन सोच रहा था प्यार करना था धीरे धीरे ओपन हो कर साक्षी तो मेरी मां निकली।
अनु धीरे से तनु से कहती है दीदी हमेशा से ऐसी है उन्हे ऐसे मामले में रिस्क लेना छेड़ना और तंग करना बहुत पसन्द है, खासकर पति जब ऐसा हो तो हर कोई का दिल फिसल जाता है।
साक्षी मन मैं कहती है ना जाने कितने सपने संजोए थे बरसो से थैंक्यू ऐसा पति देने के लिए थोड़ा ओपन नहीं है बट मैं करवा दूंगी और आज तो मेरी मन्नत पूरी हो गई, और अब तुम देखो वीर के बच्चे।
वही वीर ऐसा नेचर देख कर दंग था।
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To be continued..... Thoda ab sakshi ke dusre pahlu se milye..... Yhi hai hamari real sakshi......
Veer aisa react is liya kar rha hai kyuki bachapn se sakshi uski ma thi, beshak veer ne use wife accpet kr liya lekin acank se sakshi ka aisa nature se uski siti piti gul.. karna toh wo bahut kuch chah rha lekin himmat nhi ho rhi....and sakshi toh hamri main herione hai phle bhi bola tha.... Dusra update toh aur majedaar hai usmain aap jaan jaynge sakshi hamri kesi hai.....But main post ek hi krunga kyuki 40 like nhi gai...but is par 30 like ho gya toh raat ko update aa jayga bye bye saionara ...........
Well main story bhi aage bad rhi hai... Rohit aur tanu ka kya seen hai wo aage aane wale kuch updates main saaf pata chal jayga.....
Bahot badhiyaअपडेट - 16
काव्या - मम्मी बोली पापा अभी बहुत खुश होंगे तो तुम उनको पकड़ लेना।
वीर हस्ते हुआ उसको पकड़ लेता है और कहता है तुम बेस्ट हो तनु
काव्या - पापा
वीर - हा
अब आगे --
तभी वीर तनु को देखता है जो भागते हुए बाहर खड़ी थी, उसे पता था अगर को अभी नहीं भागती तो वीर यही शुरू हो जाता,
तभी वीर बिना कुछ कहे काव्या को पकड़ कर हग लेता है और कहता है अब तो बस मैं ही मैं हूं जो चाहूंगा वो करूंगा ही ही ही ही।
तभी वीर की नज़र पड़ती है की साक्षी उसे ही घूर रही थी, जिसे देख कर वीर चुप चाप मूवी देखने लगता है।
वीर - साला के पास जाता हूं, तो दूसरी सटक जाती है।
फिर मूवी खत्म हो जाती है, तो वीर काव्या को गोद मैं उठा कर दूसरा हाथ से साक्षी का हाथ पकड़ कर चल देता है।
अनु - अच्छी थी ना, मूवी।
साक्षी - हा बहुत प्यारी थी, तभी उसे याद आता है , की कैसे आज वो वीर की गोद मैं बैठी थी, और जैसे ही वो वीर को देखती है तभी धीरे से कहती है , इसीलिए मूवी दिखाने लाए थे हमे।
वीर - ऐसा नहीं है, वो तो मैं बस।
साक्षी - अगली बार कोने की सीट बुक करना, और एक दम ऊपर तुम्हारी जैसी हरकते है ना।
तभी पीछे से धीरे से तनु कहती है साक्षी से , इसकी तीन बीवियां है तब हम लोग किसी तरह सभलते है , अकेली होती तो टपक जाती बेचारी
ये सुन कर साक्षी भी हंसने लगती है।
तभी वीर चुपके से तिरछी नज़र से तनु के चूचों को ही घूरने लगता है और उसके हस्ते चहरे पर नज़र डालता है।
तभी वीर के दिमाग में पता नहीं क्या आता है वो उन सभी को ले कर एक टीवी की दुकान पर जाता है।
तभी अनु समझ जाती है और खुशी से कूदने लगती है, और काव्या को ले कर आगे जाती है और tv पसंद करने लगती है।
तभी साक्षी आगे जाने का होती है और साक्षी को आगे जाता देख वीर तनु के पास आने लगता है।
तभी तनु पीछे से साक्षी की कमर लॉक कर के खड़ी हो जाती है।
और जीभ निकाल कर वीर को चिड़ाती है।
साक्षी - इतने पैसे क्यों खर्चा कर रहे हो हा, टीवी की क्या जरुरत है।
वीर - जरुरत है , आप सब ऊबती हो मेरा बिना , तो मुझे ये देख कर बुरा लगता है।
साक्षी ये सुनती है तो उसे बहुत अच्छा लगा था , और वो आगे चली जाती है टीवी पसंद करने और तनु उसके पीछे वो सब बहुत खुश थी।
इधर tv पसंद कर के खाना पैक करवा कर वो सब घर चल पड़ते है।
और घर आ कर जब घर की सभी औरते tv देखती है तो वो बहुत खुश होती है।
सबसे ज्यादा खुश तो निधि होती है।
और उससे भी ज्यादा खुश थी हमारी काव्या ।
जैसे ही tv लग गई काव्या ने डोरेमोन लगवा कर देखना शुरू कर दिया।
और इधर सब खुश थी।
काव्या को इतना खुश देख कर तनु की आंखे ही भारी हो जाती हैं, और वो आपने आसू पोछने लगती है, तभी ये देख कर वीर उसके पास आ जाता है उसकी कमर पर अपना हाथ रख देता है, जिसे तनु भी पकड़ लेती है।
वीर - ओए पागल, ऐसे रोते नहीं वर्ना काव्या देख लेगी तो क्या सोचेंगी, की पापा उसकी मम्मी को खुश नही रखते।
तनु अपने आसू पोचती है और हस देती है।
वीर - वैसे आज बहुत अच्छे लग रहे हो, हमारी बेटी कितनी खुश है ना।
तनु - हा बहुत ज्यादा देखो कैसे हस रही है बहुत सहा है मेरी बेटी ने।
वीर - और बेटी की मां ने।
तनु - हा उसने भी , वैसे सह तो बेटी के पापा ने भी है क्यों, इतना मार खाने के बाद अब बाहों में आई हूं, तो बताओ खुश तो बहुत होगे।
वीर - वैसे मैं अब चाहे जो करू ना।
तनु - जैसा तुम्हारा मन, तुम्हारी वाइफ हूं ।
वीर - मुझे रोकोना मत अब, बहुत तड़पा हूं, तुम्हे देख कर बहुत अजीब लगता है, चूल सी मच रही है, मुझे भी वो करना है।
तनु - पागल कही के वाइफ ही हूं तुम्हारी, साडी उतारू क्या अभी ही।
ये सुन कर वीर के गाल लाल हो जाते है और सास तेज़।
तभी तनु कहती है वैसे मेरा पति इतना भी बुरा नही है, तुम्हारी इसी अदा पर तो हम फिदा है, अब हमारा गुस्सा आप झेलते हो, तो प्यार भी आपको ही दूंगी पूरा, लेकिन जो तुम सोच रहे हो सैयां जी वो करोगे कहा।
ये कहते हुए तनु की हसी निकल जाती है और कहती है बताओ कहा करोगे।
तभी वीर कुछ नही कहता और उसे घूरता है जिसका बदन सच्ची किसी परी की तरह था।
तभी तनु आगे निकल जाती है और वीर डरते हुए, उसके हाथ पकड़ लेटा है और तनु को जल्दी से अपने सीने से लगा लेता है उसकी कमर पकड़ कर के, वही तनु स्माइल करती हुई बस उसके सीने में घुसी हुई थी।
तभी तनु अलग होती है और खाना निकलने चली जाती है और वीर उदास हो जाता है।
तनु -शहह, रात को अभी बच्ची जाग रही है, रात को चुभाना अपना ये, तुम्हारी ही हूं भाग नहीं रही समझें।
तभी वीर की नज़र साक्षी पर पड़ती है जो हस रही थी और बेड पर बैठ कर डोरेमोन देख रही थी।
वीर चाहे जितना सब को इक्वली प्यार कर ले लेकिन वो भी जनता है उसके दिल में साक्षी की क्या अहमियत है।
तभी वीर चुप चाप उसके बगल आता है और उसे पीछे से पकड़ लेता है और उसकी पीठ पर अपना सर रख देता है।
जैसे ही साक्षी ये देखती है तो जल्दी से वीर को पीछे से हटा कर खुद की गोद मैं लिटा लेती है।
साक्षी उसके गाल सहलाती है और उसके आसू पोछती है और कहती है क्या बात है हा फिर से वही पुरानी बात सोच रहे था क्यो।
वीर कुछ नहीं कहता और चुप चाप जाने लगता है।
वीर मन मैं सोचता है मेरी वजह से सब का मूड खराब होगा इससे अच्छा मैं खुद बाहर आ जाऊ।
और वीर अपने बेड पर आ गया।
जैसे ही वीर ने पलट कर देखा तो साक्षी उसके बगल बैठी थी।
और साक्षी ने अपनी बाहें फैलाई और वीर चुप चाप उसकी बाहों में गिर पड़ा।
और साक्षी उसका सर सहला रही थी।
साक्षी - तुमने मुझे अपने प्यार से सभाला है, तुमने अपनी तरीके से मुझे जीना सिखाया, तुमको लोग चाहे कुछ भी कहे तुम मेरे हीरो हो समझे, तुम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हो ना।
साक्षी - मैं करती हूं ना तुमसे प्यार, पागल ऐसे मत उदास हुआ करो समझे।
तभी साक्षी उसे संभाल कर अंदर चली जाती है और वीर का मूड एक दम ठीक हो जाता है।
तभी तनु जो काम कर रही थी।
तुम सब चुप चाप सोने चलो अब समझे रात बहुत हो गई है।
जैसे ही ये बात सुनी सब चुप चाप चल पड़े सोने।
तभी वीर देखता है काव्या को तनु सुला रही थी।
और इधर अनु सो चुकी थी।
वीर देखता है की अनु और साक्षी दुपक कर सो रही है वीर के दिल में एक तीस सी उठी।
कौन नहीं चाहेगा की उसकी दो सुंदर सुंदर बीवी हो और उन्हें चिपका कर सोए।
वीर जानता था, अनु को ज़रा भी डिस्टर्ब हुआ तो वो बहुत मरेगी, लेकिन अनु बहुत सेक्सी है फिगर तो उसका किसी भी लड़की को फेल कर दे।
वही दूसरी तरफ साक्षी जिसे वो छू तो सकता था लेकिन साक्षी की तरफ से अभी भी मंजूरी नहीं मिली है, इसीलिए वो कभी कभी ही छूता था साक्षी को।
वीर - एक दिन मैं तुम्हारा भी दिल जीत लूंगा साक्षी, साक्षी तुम मुझसे खुश रहने लगी हो , तुम्हारी इस स्माइल के लिए बहुत मेहनत करी है मैने, तुम्हे क्या पता तुम क्या हो मेरे लिए।
तभी तनु ये सुन कर कहती है अनाड़ी कही के वो तो पहले ही प्यार करती है, बस थोड़ी सी मेहनत करनी है।
तभी वीर पलट जाता है और तनु को जागता है।
वीर - तनु ओह तनु प्लीज उठ जाओ ना।
तभी तनु पलट जाती है और सीधे हो कर सोने लगती है।
जैसे ही वीर वापिस सोने को हुआ तनु अपनी एक आंख खोल कर देखती है, फिर जल्दी से वापिस बंद कर लेती है।
तभी तनु की हसी निकल जाती है और वो कहती है अनाड़ी कही का हम दोनो को ही सब सीखना पड़ेगा।
वीर की ये हरकत देख कर तनु और साक्षी दोनो हसने लगती है।
तभी तनु अपनी आंखे खोल लेती है।
और वीर उसके ऊपर चढ़ जाता है और कहता है सो क्यों गई थी काव्या को सुलाते सुलाते।
तनु - तो जगा लेते ना हमे।
वीर - मुझे प्यार करना है तुमसे।
तनु - तुम्हारे ही नीचे ही कर लो क्या करना है प्यार।
तभी वीर कपकपा जाता है और तनु हस देती है।
तभी तनु वीर को कहती है इतना प्यार करते हो मुझसे की जगाना भी सही नहीं समझा।
तनु - चलो कर लो ना प्यार।
तभी वीर डरते हुआ बोलता है अगर मैं तुम्हे satisfied नही कर पाया तो मुझे छोड़ दोगी तुम।
तनु उसकी ये बात सुन कर फिर हसने लगती है।
तनु - क्या मतलब
वीर - जब भी मैं वो हाथ से करता हूं तो मेरा 2 मिनट से पहले ही निकल जाता है।
तनु - क्या हाथ से करते हो।
किसी तरह अपनी हसी रोकते हुए कहती है।
वीर - वो हाथ से डंडा हिलाता हूं तो।
तनु - डंडा 2 मिनट क्यो जब मन तब हिलाओ ना।
वीर - जब भी मैं अपना लन्ड हिलाता हूं हाथ से तब मेरा पानी बहुत जल्दी निकल जाता है, ये बोलते हुए वीर डर जाता है।
तनु - अच्छा ठीक है ना उदास मत हो मैं मजाक कर रही थी, वैसे ये नॉर्मल है डरो मत, मैं सब सिखा दूंगी, देर तक गाड़ी चलाना मैं सीखा दूंगी, बस सास कंट्रोल करना और रुकने को जब बोलूं तो रुक जाना।
तनु - बाकी मैं संभाल लूंगी, ये तो नॉर्मल है।
वीर ये सुन कर अच्छा फील करता है तभी तनु फिर बोलती है वैसे उतने भी सीधे नही हो तुम, गंदे गंदे काम करते हो हा।
तनु - क्यो कुछ करना था ना आपको तो करिए आपके नीचे हूं।
तभी वीर डरते हुए उसे देखता है और एक छोटी सी स्माइल करता है।
तनु उसे अपने ऊपर से हटा देती है, और नीचे लिटा देती है और उठ कर अपनी साड़ी का पल्लू हटा कर वीर के ऊपर आ जाती है और लेट जाती है।
और वीर को बोलती है किस करते टाइम काटते नहीं अब मुंह खोलो और मेरे होठ को चूसना और अपनी जीभ से मेरी जीभ को मिला देना बाकी मैं जो करू वही कॉपी करना।
वीर की पहली किस से वीर का दिमाग हिल गया उसके बाद वीर ने खुद तनु को जकड़ कर वीर को किस करना शुरू कर दिया।
वीर को इस कदर खुद को जकड़ते देख तनु की आंखे खुद बा खुद बंद हो जाती है।
और फिर वीर तनु को नीचे लिटा कर किस करने लगता है और उसके गाल को अपने एक हाथ से पकड़ लेता है।
वही तनु की आंखे खुद बा खुद बंद हो गई। और तनु और वीर खुद बा खुद रुक गया जब उनकी सास रुक गई।
तब तनु तेज तेज सास लेते हुआ वीर को सास कंट्रोल करने को बोली।
तनु की सास तेज चल रही थी और वो बोली मैं लड़की हूं इसलिए मेरा छोड़ो और अपनी सास को कंट्रोल करो तुम्हारा फर्स्ट टाइम है।
तभी तनु वापिस से वीर को खीच लेती है और अपने गले की तरफ ढकेल देती है।
जिससे वीर उसके गले को चूमने लगता है और होठ से दबा लेता है।
जिससे तनु अपना होठ दबा लेती है और अपनी आवाज को रोकने की पूरी कोशिश करती है।
तभी तनु कहती है वीर आई लव यू तुमसे बहुत प्यार करती हूं मैं , कभी भी मेरे गुस्सा और मार की वजह से मुझसे नफ़रत मत करना।
वीर - ये सब मत सोचो मैं तुम्हारा हूं, तुम्हरा हक है ये।
तभी तनु अपनी आंखें बंद कर के वीर को अपने ऊपर जकड़ लेती है और उसकी पीठ को सहलाती है।
तभी तनु वीर को रोकती है और कमरे की तरफ इशारा करती है।
वीर तनु को उठा लेता है और रूम में लाता है।
रूम में उसे उतार देता है नीचे।
तभी तनु अपनी साड़ी उतारने लगती है और ब्रा और पेटीकोट मैं आ जाती है बेड पर और वीर पूरा नगा हो कर बेड पर आ जाता है।
दोनो की सास इतनी तेज चल रही थी की कोई भी बाहर से सुन सकता था तनु और वीर दोनो एक दूसरे के जिस्म को घूर रहे थे।
तभी वीर तनु के ऊपर आ जाता है और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके चूचों को चूसने लगता है और चूमने लगता है और दात गड़ता है।
वही यही हाल तनु का भी था, जिसकी सास बहुत तेज चल रही थी
और वीर उसकी कमर को बहुत कस के पकड़ रखा था और फिर वीर उसके चूचों को इतनी तेज मसलता है की तनु की चीख ही निकल जाती है।
तनु - आआहाह पागल हो क्या, इतना तेज क्यो दबा रहे हो,
वीर - बहुत सॉफ्ट लग रह है तनु, बहुत प्यारी लगती हूं, तुम बिना ब्लाउज के
तनु - आआआआहाहह मत कर ना, इतना तेज क्यो दबा रहे हो यार ओह यार
तभी तनु अपने दोनो हाथ से अपने चूचों को धक देती है जिससे वीर खुद बा खुद इशारा समझ जाता है और नीचे की ओर जाने लगता है।
वीर अब नीचे उसकी कमर पर अपनी जीभ चलता है और नाभि पर पहुंचते ही तनु की आह निकल जाती है।
जिससे वीर समझ जाता है की यही अपनी जीभ डाल कर चूमने लगता है ।
तनु - आह वीर आराम से जान आह गॉड।
वीर का सर पकड़ लेती है तनु।
वीर अब तनु की कमर छोड़ कर उसकी आंखों में देखता है और तनु के पेटिकोट की तरफ़ बड़ता है।
तभी तनु उसका हाथ थाम लेती है और उसकी पेंट की तरफ इशारा करती है।
वीर इस टाइम कुछ नहीं समझ रहा था इस वक्त तनु अगर उसको ऊपर से नीचे कूदने को कहती तो भी वो कर देता।
तभी वीर जल्दी से अपना पैंट और चढ़ी उतार कर फेक देता है और जल्दी से बेड पर आ जाता है।
तभी तनु तेजी से सास लेते हुए, उसके लन्ड को देखती है और अपने पेटिकोट का नारा खोल देती है जिससे, अब तनु मात्र ब्रा और पैंटी में रह गई।
वीर पहली बार तनु को बिना कपड़ो के देख रहा था जिससे तनु की शर्म से आंखें बंद हो जाती है।
और वीर उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को छूता है जिससे तनु की आह पूरे रूम में गूंज जाती है।
वीर देखता है तो उसकी चूत थोड़ी सी गीली थी।
तभी तनु कहती है ऐसा क्या देख रहे हो, मेरा भी प्रीकम होता है।
तभी उसकी प्यारी आवाज सुन कर वीर उसके ऊपर लेट जाता है और वीर का लन्ड सीधा पैंटी के ऊपर उसकी चूत से टच होता है।
और वीर तनु के होठ पर होठ रख देता है।
वीर अब बरदाश के बाहर जा रहा था और तनु भी।
तनु मन मैं सोचती है इसी तरह चलता रहा तो बिना कुछ किए ही दोनो का पानी निकल जाएगा।
तभी तनु उसकी किस रोकते हुए कहती है, पानी दो प्यास लगी है।
वीर ना चाहते हुआ भी पानी लाया।
और 2 मिनट बाद वीर को इतना तड़पते देखते हुए तनु लेट जाती है और वीर वापिस उसके ऊपर लेट जाता है।
वीर तनु के चूचों की तरफ बड़ता है तभी तनु अपने हाथो से अपनी ब्रा निकाल देती है।
वीर अब उसकी चूचों को देखता है और उसके आंखों से सामने उसके चूचे देख कर वीर पागल हो जाता है और वीर आपने मुंह में एक चूचे डाल कर, एक चूचे को हाथ से दबाने लगता है और डबल हमले से तनु पागल हो जाती है।
तनु - हाए वीर आराम से आआआआहाह वीर दर्द हो रहा है काट तो मत, वीर मैं बोल रही हूं ना मत काटो।
वीर को फरक नहीं पड़ रहा था वो तो बारी बारी दोनो चूचों को कटता है तभी वीर को पता नहीं क्या होता है वो चूचों से हट कर अपनी सास कंट्रोल करता है और तनु के पूरे जिस्म को काटने लगता है और चूमने लगता है।
उसके इस हमले से तनु पागल हो जाती है, और उसे कस कर पकड़ लेती है।
तभी वीर को रोक देती है, और वीर को नीचे की तरफ ढकेल देती है और अपनी टांगो को थोड़ा ऊपर कर देती है।
जिससे वीर उसकी टांगों से पैंटी उतारने लगता है।
अब वीर पागल हो गया था, और अब वीर की सबसे प्यारी चीज तनु की गांड़ उसके सामने थी।
तनु - अगर उसकी ओर देखा भी तो कपड़े पहन लुंगी, मैं।
वीर - प्लीज
तनु - नही पहले अच्छा से सेक्स करना सीख जाओ, देर तक फिर पक्का नही रोकूंगी।
अब वीर जल्दी से उसकी चूत पर टूट पड़ता है जिससे।
तनु - बच गई मैं आज
तभी उसे अहसास होता है की वीर की जीभ अब उसके अंदर है।
ये पहला अहसास था जब तनु से कोई इस कदर प्यार कर रहा था वीर ने इतनी हिम्मत दिखाई थी, मार खाई थी उसका प्यार जीता था।
तनु - आह्हह्हह्हह आह्हह्हह्हहह वीररेर रुको रुको वहा आआआहहहह उह्हुहु उह्ह्ह्ह वीर आआआहहाह मैमम्यी मम्मी वीर बच्चा
वो बिस्तर पकड़ के आगे होने को हुई, तभी वीर ने उसकी कमर पकड़ के उसकी चूत पर अपनी जीभ रख दी।
तनु उस एहसाह से पागल हुए जा रही थी और उसके कहराने की आवाज़ पूरे रूम में गूंज रही थी वो दोनो ये भूल गया की वीर की 2 पत्नी और है।
तभी तनु कुछ और बोलती उसके पहले उसे अहसास हुआ कि वीर का सर उसने पकड़ रखा है।
तभी वीर हट गया पीछे।
तभी तनु अपनी सास भरती है और कहती है ये लड़का तो मुझे पागल कर के मानेगा।
तभी वो देखती है की वीर उसकी कमर को सहला रहा था और उसका मासूम सा चहरा देख कर तनु सब भूल जाती है, और कहती है तुम इतने प्यारे हो वीर की पूछो मत पागल जान बस्ती है तुम मैं वर्ना इतनी हिम्मत किसी मैं नहीं मुझे ऐसे छुने की।
तभी वो वीर को बेड पर लेटने का बोल कर खुद उसके खडे लन्ड को पकड़ लेती है और धीरे से उसको हाथो से हिलाती है और अपना मुंह आगे बढ़ाती है।
वीर - मत करो तुम कमफैट नहीं हो तो, वैसे भी मुझे पसंद नहीं।
तनु - ये तुम्हारा हक है, मुझे करना है।
तभी वो बस लन्ड का टोपा अंदर करती है और हाथ से थोड़ा लन्ड हिलाने लगती है
जिसके अहसाह होते ही वीर पागल हो जाता है और तेजी से धक्के मारने लगता है और तनु के बाल पकड़ लेता हैं।
लेकिन तनु पीछे हट जाती है, और वीर डर जाता है।
थोड़ा पीछे होने लगता है,तनु उसको पकड़ लेती है और उसके ऊपर लेट कर उसके गाल सहलाती है और प्यार से थप्पड़ मारती है।
तनु - मैं तुम्हारी वाइफ हूं, तुम्हारी तनु तुम प्यार करते टाइम ऐसा कर सकते है, थोड़ा बहुत सह लूंगी, वैसे भी दिन मैं तो तुमको हमसे ही मार खानी है।
वीर - चलेगा प्यार करती हो तो मार खा सकता हूं।
तनु - मतलब हरकते नहीं सुधरोगे।
तनु वापिस लेट जाती है और वीर अब तेज हार्ट बीट के साथ उसके ऊपर आता है।
और अपना लन्ड उसके चूत पर लगा कर धक्का देता है जिससे लन्ड ऊपर निकल जाता है।
तभी वीर दो और तीन बार ट्राय करता है लेकिन हर बार लन्ड फिसल जाता है।
वीर - नहीं करना तो मत करो इतना तड़पती क्यों हो।
वीर की बात सुन कर तनु जिसकी सास पहले ही तेजी से चल रही थी और गाल पहले ही शर्म से लाल थे।
वो हस्ते हुए गिर पड़ती है।
और हस कर कहती है अंदर नहीं जा रहा तो मेरे पर गुस्सा क्यो निकल रहे हो पूरी टांग खोल कर लेती हूं।
तभी तनु वीर को कहती है अब तुम बस मुझे किस करो और थोड़ा ऊपर हो कर मेरे ऊपर लेटना जब कहू तब धक्का देना आराम से प्लीज़।
वीर समझ जाता है।।आज पहली बार तनु प्लीज़ बोल रही थी।
तभी वीर तनु के ऊपर लेटा था और तनु को किस कर रहा था और उसके हाथ उसके दोनो चूचों को दबा रहे थे।
और तनु ने अपने हाथ से वीर का लन्ड सेट किया और धक्के का इशारा किया।
वीर ने इतना जोर का धक्का दिया, की तनु की आंखों में से आसू आ गए
इतने सालो बाद दूसरी बार तनु चूद रही थी इसके पहले वीर ने किया था लेकिन बेहोश कर के ये उसका फर्स्ट टाइम था एक तरह से।
तभी तनु ने वीर को अपनी टांगों से लॉक कर के फसा लिया।
जिससे वीर ने तनु को देखने के लिए उसके होठ को छोड़ा और जैसे ही देखा तनु की आंखों में आसू थे तो वो पीछे हटने लगा।
तनु ने उसे लॉक कर लिया जिससे वीर कितना भी जोर लगाता लेकिन हिल नही पाता।
तभी वीर ने कहा हटो, मुझे नहीं करना।
तनु - अगर हिले तो बहुत मार खाओगे, चूद मैं रही हूं ,रो तुम क्यों रहे हो, हर लड़की को दर्द सहना होता है , इतनी ही केयर है तो तेज़ धक्का क्यो मारा।
तभी वीर आसू पोछता है और उसके होठ की तरफ बड़ता है।
तनु - नहीं करना किस हटो।
वीर - प्लीज अब हर बात मानूंगा।
काफी देर मनाने के बाद तनु ने उसे किस करने दिया।
तनु ने अब टांग से लॉक हटा दिया और हल्का धक्का का इशारा किया।
तनु - आआआहह आआआआआह्हह्हह वीर वीर आआआआआह्हह्ह मम्ममम्म अम्मम्मम मम्मी धीरे धीरे आआआआह्ह्हह, नाराज़ हो आआआहाहह हह्ह हह्ह्ह्ह हमसे।
वीर - बहुत अच्छा लग रहा है, बस थोड़ा दर्द है नहीं बिलकुल नहीं नाराज़ क्यू जाऊंगा।
तभी वीर उसकी एक टांग पकड़ कर चोदने लगता है।
तनु - अअह्ह्ह्ह वीईईईईईई वीईईईईईर थोड़ा आआआआआआआआ आराम से वीर , मर जाऊंगी बच्चा वीर धीरे धीरे ना।
तनु - वीर अगर तेज आआआआहहहह मामममम्म मम्मी मर जाउंगी मैं, मत ना धीरे धीरे
तभी तनु वीर को पकड़ कर उसकी आंखों में देखती है और वीर रुक जाता है।
तनु बहुत मुस्किल से कह पाई " अब धक्का मत देना"
तनु अब वीर को लिटा देती है और उसके ऊपर आ जाती है और वीर की सास कंट्रोल होने देती है।
और वीर के ऊपर बैठ जाती है और तेजी से राइड करती है।
तनु - आआआहाह तुमको कहती हूं रुको, हर टाइम तेज तेज नहीं किया आआआआआआआआह आआह्हह्ह जता समझें।
तभी जैसे ही वीर का पानी आने वाला होता तनु धीरे हो जाती और रुक जाती।
और वीर उसकी पीठ सहला रहा था।
वीर - समझ गया मैं तेज तेज कर सकता हूं, लेकिन जब आने वाला हो तो रुक जाऊ और सास कंट्रोल करू।
तनु - आआआह्हह हा बहुत दर्द हो रहा है थोड़ा आराम करने दो अब।
वीर - मेरा पानी नही आया।
तनु - क्यो थक गया और नही करना
वीर उसको हग कर लेता है और कहता है थैंक्यू।
तनु - मस्का मत लगाओ और आओ।
वीर - तुम्हे भी मजा आ रहा है ना
तनु ये सुन कर गाल लाल कर लेती है और दूसरी तरफ देखने लगती है।
तनु - बच्चा नहीं बच्चा आआआआहहह मर जाऊंगी धीरे धीरे धीरे देखो इतना तेज नही बच्चा आआआआहहह मम्ममम में दुबारा नहीं करने दूंगी वीरर धीरे धीरे।
तनु - आआआआहहहहह बस करो अब मैं थक्कक गई हूं प्लीज़ रहम करो थोड़ा कल कर लेना अब कल कर लेना ना।
तनु - आआआहहा दर्द हो रहा है मदरचोद, एक ही दिन मैं सीख लेगा क्या चोदना।
तनु - हाआआआ हाए राबा मार डालोगे क्या यार , अरे यार आआआआआआ अअह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह रुको अच्छा थोड़ा, वीर चोदो मुझे जोर से आआआआहहह एस वीर जान आई लव यू।
तनु - बेब आआआआह्हह चोदो जोर से आआआआहहह जानू आआआह्हह्ह अअह्ह्ह्हह इस yess yess yesss fuck fuck fuckkkkkkkkk।
तनु के इस तरह से करने से वीर भूल गया की उसे रुकना था और वो तनु के अंदर ही झड़ गया।
जैसे ही वीर का पानी गिरा तनु बिस्तर पर गिर पड़ी।
तनु अपनी चूत पकड़ के बैठ गई हाथो से जिसको बहुत दर्द हो रहा था, वीर ने इतना बुरा चोदा था।
वीर - यार बहुत जल्दी हो गया।
तनु - ही ही ही ही मैने क्या किया मैने तो अपनी फीलिंग बताई, अब तुम नहीं रुके तो मैं क्या करू।
वीर - तुमने जान बूझकर मेरा गिरवाया।
तनु - तो पूरी रात चोदोगे क्या , जान निकल गई मेरी अब बाद मैं करना, वैसे क्या समझे।
वीर - जैसे ही लगे पानी आने वाला है रुक जाओ।
तनु - हा जो तुम रुक नही पाते।
वीर - अच्छा लगा तुम्हे तुम खुश हो।
तनु - बहुत ज्यादा देखा कितना अच्छा से किया तुमने फालतू डर रहे थे, धीरे धीरे और देर तक करना सीख जाओगेवैसे भी मैं भी सेकंड टाइम हूं, इसलिए रुकवा दिया तुम्हे, धीरे धीरे दोनो देर तक करना सीख जाएंगे।
वीर - एक बार और करे।
तनु - बक बहुत दर्द हो रहा है।
तनु - सच्ची बताना साक्षी समझ कर चोद रहे था ना तेज तेज।
वीर उसकी बाहों में आता है चूत पर गरम पानी से सेकाई करते हुआ कहता है "ऐसा नहीं है , बेशक मैं बहुत प्यार करता हूं , साक्षी से लेकिन उतना ही तुमसे भी करता हैं, वो सीधी है मासूम है, उसके साथ बहुत अच्छा लगता है, वही तुम दूसरी तरफ जो मेरी बहुत अनमोल वाइफ होजो बॉन्ड मेरा तुम्हारे साथ है वो किसी के साथ नहीं , और ना कभी हो पाएगा, मैं तुमसे हर बात शेयर कर सकता हूं लेकिन और किसी से नहीं"
तनु मन मैं कहती है मेरे भी कोई अपना है जो मेरे नखरे उठा रहा है मेरी डाट सुनता है , दात खाता है पागलों जैसा प्यार करता है मुझसे ही ही ही।
तनु - आई लव यू, थैंक्यू मुझे स्पेशल फील करवाने के लिया।
तनु कहती है समझ गई मैं
वीर - क्या
तनु - अब मेरी साड़ी कभी कही भी उतर सकती है।
वीर - हा ये तो है, वैसे मार भी तो मैं खाता रहता हूं।
तनु - हा तो मेरा गुस्सा दिखता है, प्यार नही दिखाता तुम्हे अभी भी आंखो में आसू है।
वीर -awww मेरा बच्चा आई लव यू ना।
वीर तनु को देखता है जो इस वक्त सच्ची बहुत प्यारी लग रही थी।
तभी तनु उठने को होती है तभी वीर उसके ऊपर लेट जाता है और कहता है ऐसे सोने मैं ज्यादा अच्छा लगता है ।
तनु - सुबह सब को क्या बोलोगे।
तनु - अरे इतनी तेज सो गया।
तनु - हाय कुत्ते ने पूरा शरीर तोड़ दिया , जरा भी रहम नहीं किया की दूसरी बार है, लेकिन इतना प्यार करता है मुझसे , तुम भी मेरे लिए बहुत स्पेशल हो वीर।
तभी तनु भी कुछ पुरानी यादों में खो जाती है।
साक्षी - एक दिन देखना कोई तेरे साथ बहुत गंदा तरीके से चोदेगा , पूरा शरीर मैं कटेगा और जगह जगह दातों के निशान होंगे।
तनु - ऐसा करने वाला पैदा नहीं हुआ अभी किसी भी में इतनी हिम्मत नहीं की मेरे गुस्सा के सामने टिक सके , और मेरा दिल जीत सके, और निशान देने की बात तो छोड़ो ये चुतियाप है
साक्षी - उस दिन देखूंगी मैं देखना तू खुद उसे जान से ज्यादा चाहेगी।
तभी तनु अपने शरीर पर नज़र डालती है जिसे वीर ने जगह कटा था दातों के निशान थे।
तनु - कल क्या मुंह दिखाऊंगी साक्षी को इस दिन इतनी बात बोल रही थी।
तभी तनु देखती है अभी भी वो वीर के नीचे सो रही है, तो अब ऐसा सीधा और मासूम से प्यार नहीं होगा तो क्या होगा।
फिर तनु भी वीर को दुपका कर सो जाती है बिना कपड़ो के ही।
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To be continued....like thok do....der se aaya but bde update ke sath aaya....
Mast mazedaar update bhaiUpdate 18
तनु - चैनल बदलो और ढंग कर लगाओ गलत आदमी के साथ गलत ही होता है।
अनु - ही ही ही ही मर गया मदरचोद।
तभी वीर की नज़र तनु पर जाती है तो उसका लोड़ा ही खड़ा हो जाता है और वो तनु से इशारे करता है।
अब आगे
तनु वीर का इशारा देख कर हस देती है और आगे हो जाती है और काव्या को पकड़ कर बैठ जाती है और घूम कर वीर को जीभ से चिढ़ाती है
वीर - प्लीज़ आओ ना।
तनु - नहीं आऊंगी, रात को बहुत छेड़ रहे थे, ना हमे।
वीर - प्लीज़ ना पक्का ज़रा भी तंग नहीं करूंगा।
तनु - नहीं, और तुम्हे कही बाहर नहीं जाना, कार जमीदार ले गया खुद, और पैसे दे गया, तुम अब से घर पर रहोगे और आस पास रहोगे बस।
काव्या - यस पापा साथ रहेंगे पूरा दिन।
तनु - हा बच्चा पापा घर पर रहेंगे , और अगर मेरी बात मानेंगे तो ही पापा भी खुश रहेंगे।
वीर रात को लेना है तो उसकी बात माननी पड़ेगी वैसे भी मेरा काम तो हो ही रहा है।
तभी वीर देखता है तनु मूवी देखते टाइम बहुत खुश थी।
वीर उसे एक टक घूरे जा रहा था, तभी उसे बर्तन गिरने की आवाज़ आती है, जिसे गुस्से मैं अनु ने फेका था।
वीर के लिए ये वार्निंग थी ये उसे याद करवाने के लिए था उसकी वाइफ ही है तनु , ये समझ कर वीर की फट जाती है और वो अब तनु को भी देखना बंद कर देता है।
अनु - नहीं घूर लो ना, अब तुम मुझे घूरना तब बताउंगी।
ये सुन कर तनु हसने लगती है।
और इधर हसी का मोहाल देख कर निधि भी आ जाती है और कहती है वाह क्या बात है बहुत हस रही हो।
तभी निधि की नज़र टीवी पर पड़ जाती है और कहती है वाह जी तुम लोग अब बताना भी जरूरी नहीं समझा, कम से कम बता देती देखने तो दोगी नहीं टीवी।
तनु - ऐसा नहीं है निधि , कल ही आई , और तब से टाइम नहीं मिला वर्ना पक्का बताती, वैसे अब तो हम सब रोज देखेंगे।
तभी राखी जो एक दम पीछे खड़ी थी।
वो अन्दर आती है और अब राखी और निधि की नज़र अनु पर पड़ती है तो दोनो के गाल एक पल के लिए लाल हो जाते है।
वही ये देख कर अनु जल्दी से तनु के सामने खड़ी हो जाती है और कहती है बैठो ना भाभी, बुआ , चाची।
निधी और मधु एक टक बस अनु को घूर रहे थे तभी मधु मन मैं कहती है ये सब आपस में चाहे जितना लड़े , लेकिन एक दूसरे को कुछ भी होता है तो सबसे पहले एक दुसरे को बचाती है।
तभी निधि बैठ जाती है और राखी और मधु एक टक खुशी से वीर को देखती है।
वीर - क्या हुआ आप दोनो मुझे क्यो देख रही है।
तभी वीर की नज़र कही और जाती तभी उसे दो लड़की की आवाज़ आती है।
"दीदी कितनी मजबूत सैंडिल है ना"
तनु ,"हा जरा भी नीचे गई अगर तो टूट जाएगी शायद सैंडल"
वीर अब अपनी नज़र जल्दी से ऊपर कर लेता है, उसे ये धमकी समझ आ गई थी।
तभी राखी उसे गले लगा लेती है और कहती है तुम जब से आए हो मेरी बच्ची जीना सीख गई।
तभी वो दोनो भी बैठकर टीवी देखने लगी।
और अनु भी बैठ गई और तनु वीर के पास आ कर कहती है धीरे से बच गई वर्ना सैंडल टूट जाती।
वीर - तुम्हे क्या लगता हैं , में अब अपनी ही सासु मां को निहरूंगा।
तनु - बेटा मैं अच्छी तरह जानती हूं , तुम्हे।
तभी तनु का आंचल पकड़ कर निधि कहती है अब तो उसे छोड़ दे या दिन मैं भी शुरू रहना है।
ये सुन कर तनु झेप जाती है।
और काव्या को पकड़ कर बैठ जाती है।
और फिर कोई कुछ नहीं कहता है, तभी वीर की नज़र बाहर खड़ी साक्षी पर पड़ती है जो अपने बाल सुखा रही थी।
तभी वीर उसके पास जाता है और ज्यादा पास जाने पर उसकी हार्ट बीट बड़ जाती है।
तभी हस्ते हुए साक्षी मुड़ती है और देखती है।
"मुझे पता था तुम बाहर आओगे मेरे लिए" साक्षी की ये बात सुन कर वीर उसकी तरफ देखता है।
साक्षी - तुम्हे पता है तुम भले ही चाहे जैसे हो, तुम हमेशा मुझे स्पेशल फील करवाते हो।
वीर - तुम अभी भी मुझसे नफ़रत करती हो।
साक्षी - पागल मैं क्यों करने लगी ऐसा।
तभी साक्षी वहा पर टेक लगा कर वीर को देखती है।
वीर - मैं तुमसे प्यार करता हूं , बहुत।
साक्षी - हा तो मैं भी तो बहुत प्यार करती हूं तुमसे।
वीर - तो क्या तुम
साक्षी - हा क्या मैं आगे बोलो ये धक धक क्यो सुना रहे हो अपनी।
वीर की हिम्मत अब जवाब दे चुकी थी उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था।
वीर - मुझे नहीं पता मैं तुम्हे प्यार करता हूं तुम्हारे करीब आना चाहता हूं , लेकिन कुछ समझ नहीं आता डर लगता है सब भूल जाता हूं, दिल जवाब दे जाता है मेरा कुछ पल्ले नहीं पड़ता।
वीर कुछ और बोलता उसके पहले साक्षी उसके मुंह पर उंगली रख देती है।
साक्षी - आई लव यू , में खुद इंतजार कर रही थी, इतना मत सोचो।
वीर - तो तुम कुछ करने क्यो नहीं देती।
साक्षी - क्या नहीं करने देती।
वीर - वो वो मुझे वो करना है।
साक्षी - वो वो क्या करना है बताओ ना।
वीर - मुझे मुझे साड़ी उतारनी है तुम्हारी।
साक्षी - अच्छा ऐसा बोला ना आओ उतार लो।
ऐसा कह कर साक्षी अपना पल्लू गिरा देती है और अपनी मदहोश चाल में वीर के पास आतीं है।
साक्षी के इतना करीब आ कर वीर की सारी हवस बुझ गई।
वीर - न न न न न नहीं बाद में करेंगे।
साक्षी - अरे अभी तो बोले साड़ी उतारना है।
तभी वीर थोड़ा दूर हो जाता है और साक्षी उसके और करीब आ जाती है।
वीर खड़ा था और साक्षी उसके इतने करीब आ गई की वीर को अपने सीने मैं साक्षी के चूचे फील हो रहे थे।
और ये मोहाल देख का वीर ने अपनी आंख बंद कर ली।
और साक्षी हसने लगती है और कहती है तुम्हे क्या लगा तुम ऐसे मेरे करीब आ जाओगे , तुम्हारे दिल पर मेरा कब्जा है समझे।
साक्षी - चलो अब आंख खोलो...
वीर अपनी आंखो को बंद कर के दूसरी तरफ सर किया हुआ था।
साक्षी - ओह शीट(shit) veeeeeeeeer देखना मत मेरा ब्लाऊज फट गया।
वीर - क्या कैसे
वीर हड़बड़ाते हुए बोलता है और जल्दी से अपनी आखें खोल लेता है,और उसके सीने पर देखता है जहा ब्लाउज था।
वीर फिर तेजी से सास कंट्रोल करते है वापिस मूंद लेता है।
साक्षी ये देखती है और कहती अरे वाह मतलब सास कंट्रोल नहीं हो रही , लेकिन मजे पूरे लेने है।
वीर - नही ऐसा नहीं है,
साक्षी - तो कैसा है बताओ।
वीर - नहीं हा नहीं हा अरे दूर हटो ना म मेरा मतलब साक्षी।
साक्षी - बेचारी बड़ी मुस्किल से अपनी हसी रोक रही थी।
तभी साक्षी कहती है मैं तो नही जाऊंगी दूर, मैं तो अपने पति के साथ रहुंगी, वैसे भी तनु के साथ इतना प्यार मेरे टाइम है ये बच्चू।
वीर जाने लगता है तभी साक्षी उसे पकड़ लेती है और वापिस उससे इतना सट जाती है की वीर की सास अटक जाती है।
वीर - सा सा सा
साक्षी अपने नुकीले सीने वीर के सीने मैं गड़ा रही थी।
साक्षी - मैं क्या कहती हूं , जल्दी से एक बेबी कर ले हम सब वर्ना बचारी काव्या अकेला फील करेगी ना।
वीर - हल्ह्ह हा
साक्षी - तो फिर आंख खोलो ना और देखो।
तभी साक्षी वीर का हाथ पकड़ लेती है और अपने सीने की तरफ लाने लगती है।
वीर ये देख कर बहुत तेज सास ले रहा था।
जिससे साक्षी को बहुत हसी आ रही थी, वो हाथ अपने सीने के जस्ट ऊपर लाती है तभी उसकी नज़र वीर के पैंट पर जाती है जहा तंबू बन गया था।
साक्षी - ही ही ही ही सैयां जी ये नीचे क्या है , नया फोन लिया क्या दिखाओ ना।
वीर अब तेज से सास लेता हुआ, हड़बड़ा जाता है और दूर भाग जाता है।
वीर - आई लव यू ना ।
साक्षी - मैं नहीं मानती तुम्हारा दूर , भाग रहे हो मैं सुंदर नहीं हुं ना।
वीर की आखें अभी भी बंद थी, इसीलिए वो नही देख पा रहा था की साक्षी हस रही हैं और बोलता है नहीं मैं सच्ची प्यार करता हूं ना।
साक्षी - तो वापिस आओ।
वीर वापिस आता है।
जैसे ही वीर खड़ा हुआ , साक्षी उसके कंधो मैं हाथ डाल कर खड़ी हो जाती है मुस्कुराते हुए।
साक्षी - आ जी इतना प्यार इतनी शर्म अपनी बीवी से , हा।
साक्षी को वीर के साथ इतना अच्छा लग रहा था की कोई भी देख सकता था कि वो कितना प्यार करती है।
तभी साक्षी वीर से पूरा सट जाती है जिससे वीर का लन्ड उसे अपनी जांघों पर फील होता है और वीर अब काप रहा था।
साक्षी अपनी नाक वीर की नाक के पास लाती है और थोड़ा वीर के गाल सहलाती है।
जिससे वीर को हल्का झटका लगता हैं।
साक्षी- आआआआह्ह्ह्ह वीईईईईई आई उह्ह्ह वीर
जैसे ही वीर ये साक्षी के मुंह से सुनता है उसका लन्ड फुकारने लागत है, और पानी छोड़ने के करीब आ गया था।
साक्षी - आआआहा जान सुनिए ना आराम से।
वीर के हाथ कप रहे थे वो करना सब चाह रहा था लेकिन कुछ नहीं कर पा रहा था बचपन से उसके दिल में साक्षी बसी थी आज उसके इतने करीब आने से वो ज़रा भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
तनु - हद है मैं यह फस गई बाहर इतना मस्त शो चल रहा है।
तभी उसे वीर पर तरस आ जाता है और अनु को इशारा करती है जो काफी देर से ये शो देख रहे था।
तभी अनु चिलाती है दीदी आओ ना मूवी देखो।
साक्षी - आ रही।
फिर साक्षी जल्दी से दूर हट जाती है और वीर से कहती है आई लव यू बाकी का शो का इंतजार करना।
वीर - ठीक है मैं जाऊ अभी।
साक्षी - हा जाओ।
तभी वीर बाथरूम भाग जाता है जिसका लन्ड से साक्षी ने बिना कुछ किए ही पानी निकलवा दिया।
साक्षी - बच्चू मैं तुम्हारी फेवरेट थी और रहूंगी ,मैने कहा था ना जैसे ही तुमने तनु का दिल जीता मैं तुम्हे अपने प्यार का इजहार कर दूंगी।
साक्षी - मुझे पता है तुम वीर नहीं कोई और हो, लेकिन जो भी हो मेरे बहुत करीब जो मुझे याद नहीं आ रहा , लेकिन अब मुझे याद नहीं करना अब तुम्हारी वाइफ हूं, तुम कभी मेरे पास आने की हिम्मत नहीं जुटा सकते।
तनु - क्यो छेड़ रही थी।
साक्षी - अभी तो शुरुवात है बच्चू, मैने कहा था ना तेरे बाद मैं पक्का इज़हार कर दूंगी।
तनु - बेचारा का रहा था।
साक्षी - बेचारातुम्हारा बेचारा मेरी ब्रा और पँटी बाथरूम ले गया था और उसने सोचा मैंने देखा नहीं।
तनु बस हस रही थी।
साक्षी - तुम कभी हिम्मत नहीं जुटा पाओगे , ये रिश्ता मैं आगे ले चलूंगी मैं तुम्हे बतूंगी तुम्हारी साक्षी भी किसी से कम नहीं ये तो तुमने देख लिया, आज रात को तुम्हे कौन बचाएगा मेरे पति देव जी।
तनु -बजी आज बैंड इसकी, यार वो तेरे से बहुत प्यार करता है।
साक्षी - पता है लेकिन हिम्मत नही जुटा पा रहा और तड़प रहा अंदर ही अंदर और ये तड़प मैं खत्म करूंगी, अब तू देख धीरे धीरे कैसे इतना करीब ला दूंगी फिर खुद भाव खाऊंगी।
साक्षी मन मैं सोचती है जिस तरह ये तड़पता है ऐसा लगता है जैसे बचपन से मेरे लिए फिकर है , खैर कोई नहीं।
तनु - चल अंदर।
दोनो अंदर चले आते है।
इधर वीर बाथरूम में साक्षी की पैंटी को अपने लन्ड पर रख कर के हिला रहा होता है।
वीर - मम्मी मम्मी आआआआआह्हह
ऐसा कहते ही वीर का पानी निकल जाता है और वो जल्दी से पैंटी डाल कर रूम में आने लगता है।
वीर - मैं डरता नहीं साक्षी से वैसे भी वो तो मेरी वाइफ है मैं इस बार खुद उसको पकड़ लूंगा, बचपन की बात दूसरी थी अब दूसरी बात है, अब वाइफ है मेरी वैसे भी बचपन से में यही चहता था तो अब क्या हुआ।
वीर - फिर कहता है मन करता लेकिन हिम्मत नहीं होती साक्षी को आराम से बात कर के करना था मैं जानता हूं अब वो खुद बात करेगी और धीरे धीरे क्लोज आएगी मैं कौन सा उससे डरता हूं।
तभी वीर रूम में आता है।
और आते ही उसकी हार्ट बीट बड़ जाती है।
तभी वीर अनु के बगल चुप चाप बैठ जाता है।
वीर - देखता है आजू बाजू और साक्षी उसे नहीं दिख रही थी और वो फिर मूवी देखने लगता है सब ऊपर इसी रूम में थे।
तभी अचानक से लाइट ऑफ हो जाती है और वीर डर जात है।
वीर कुछ और करता उसके पहले वीर पैर पर एक पैर आ जाता है और उसके पैर के अंगूठे के साथ खेलने लगता है।
वीर कुछ करता उसके पहले उसके सीने पर दो चूचे गड़ने लगते है।
वीर - प्लीज़ साक्षी यह नहीं सब है साक्षी प्लीज़ रात को जितना मन उतना कर लेना प्लीज़ मत करो , कोई देख लेगा।
साक्षी -शाह आवाज नहीं कोई नहीं जान पाएगा, चुप चाप लेटो , और अनु आराम से हमे छुपाना।
वीर नही लेट रहा था लेकिन साक्षी ने उसे खींच के जमीन पर लिटा दिया धीरे से उसके पास लेट गई।
वीर अभी बाहर जो हिम्मत की बात कर रहा था फिर से उसकी हिम्मत उड़ गई लेकिन वो समझ गया अब वो अपने मुंह से चू भी नहीं निकल पाएगा।
तभी एक हाथ से उसकी शर्ट के बैटन खोलने लगी।
साक्षी - प्यार करेंगे हम दोनो
इधर तनु और साक्षी इन्हे छिपाने की कोशिश कर रहे थे और दोनो की गांड़ फटी पड़ी थी।
वीर को अभी बस डर लग रहा था अगर किसी ने देख लिया तो लोड़े लगने पक्के थे।
तनु- इसको हुआ क्या।
वीर - मैने इज़हार किया था प्यार का।
साक्षी - तो बस मेरा पति मेरा जो मन वो करूंगी , अब तुम दोनो कवर करो बस , बीच में मत आओ।
तनु समझ गई थी ये नहीं रुकेगी।
वीर मन ही मन सोच रहा था प्यार करना था धीरे धीरे ओपन हो कर साक्षी तो मेरी मां निकली।
अनु धीरे से तनु से कहती है दीदी हमेशा से ऐसी है उन्हे ऐसे मामले में रिस्क लेना छेड़ना और तंग करना बहुत पसन्द है, खासकर पति जब ऐसा हो तो हर कोई का दिल फिसल जाता है।
साक्षी मन मैं कहती है ना जाने कितने सपने संजोए थे बरसो से थैंक्यू ऐसा पति देने के लिए थोड़ा ओपन नहीं है बट मैं करवा दूंगी और आज तो मेरी मन्नत पूरी हो गई, और अब तुम देखो वीर के बच्चे।
वही वीर ऐसा नेचर देख कर दंग था।
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To be continued..... Thoda ab sakshi ke dusre pahlu se milye..... Yhi hai hamari real sakshi......
Veer aisa react is liya kar rha hai kyuki bachapn se sakshi uski ma thi, beshak veer ne use wife accpet kr liya lekin acank se sakshi ka aisa nature se uski siti piti gul.. karna toh wo bahut kuch chah rha lekin himmat nhi ho rhi....and sakshi toh hamri main herione hai phle bhi bola tha.... Dusra update toh aur majedaar hai usmain aap jaan jaynge sakshi hamri kesi hai.....But main post ek hi krunga kyuki 40 like nhi gai...but is par 30 like ho gya toh raat ko update aa jayga bye bye saionara ...........
Well main story bhi aage bad rhi hai... Rohit aur tanu ka kya seen hai wo aage aane wale kuch updates main saaf pata chal jayga.....