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Napster

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लेकिन किरण ने भाई के लंड पर थोडा हाथ फिराके छोड़ दिया,किरण कमरे से बाहर आई। वह बहुत खुश थी।


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अब आगे............


किरण के पास अब एक लायसंस था की वह दोनों बहु के सामने भी अपने पैर किसी लंड के आगे खोल सकती थी। पता नै उसे क्या अजीब सा आनंद मिल रहा था। खेर उसे भाई के लंड पर कोई रूचि नहीं थी। पर वह जानती थी की खुल के चुदवाना है तो भाई को थोडा मौक़ा देना पड़ेगा ताकि भाभी शांत रहे। और वह खुद ही किरण के पैरो को किसी के सामने फैलाने को कहे। क्या पता श्याद यह एक डील थी!!!!!!!!

अब यह परम कहाँ गया? चलो देखते है। फनलवर को उसके पीछे पड़े रहना पड़ता है कही मेरी जानकारी के बाहर कोई गुल ना खिला रहा हो।
फनलवर की पेशकश

जब वह कमरे से बाहर आया तो अभी भी अंधेरा था। उसके पास घड़ी नहीं थी। सुबह के करीब 6 बज रहे थे। उसने इधर-उधर देखा तो चारों तरफ औरतें और लड़कियाँ सो रही थीं, किसी की झांगे तो किसी की गांड तो किसी के बोबले साफ़ दिख रहे थे, सोने में कपड़ो का को प्रावधान नहीं दिख रहा था। वह अभी भी नींद में था। बाहरी मकान पर भी उसे आरामदायक जगह नहीं मिली। इसलिए उसने घर जाकर देर तक सोने का फैसला किया। वह लगभग शॉर्ट कट से भागते हुए घर पहुंच गया। उसने दरवाज़ा खटखटाया और कुछ देर खटखटाने के बाद पूनम ने दरवाज़ा खोला। उन्हें पूनम को नंगी देखकर कोई हैरानी नहीं हुई। उसने दरवाज़ा बंद कर दिया और परम को अपने साथ खींचने की कोशिश की,

“परम मेरे साथ तू सो जा,चूत प्यासी है तेरे लंड के लिए, थोडा मेरी चूत को पानी पिला दे। कल तेरे बाप ने भी नहीं चोदा।”

“नहीं रानी, अभी नहीं…। मैं बहुत थक गया हूँ…।” फिर भी परम ने उसकी चूत को थोडा दबाया और आगे चला।

छोटीबहू, सेठानी और किरण जैसी माल को चोदकर परम सच में बहुत थक गया था।

परम दूसरे कमरे में चला गया और माता-पिता के कमरे में उसने महक को नंगी सोती हुई देखा। पूनम के आस-पास होने के कारण, वह महक के साथ सोने नहीं गया और अपना कमरा खोला, जिसे लड़कियों ने कल रात बाहर से कुंडी लगा दी थी। उसने लाइट जलाई और देखा कि उसके पिता और सलोनी एक-दूसरे को पकड़े हुए नंगी सो रहे थे। सलौनी की चूत से अभी भी बाप का माल और खून दोनों ही टपक रहा था। परम को अपने पिता से जलन हुई।

“बेटीचोद साला, हर वक़्त नयी चूत को फाड़ देता है। जवान लोडो को यह मार ही देगा। कुछ बचाके रखनेवाला नहीं है। माँ ने अपने पति को बिगाड़ के रखा है। चूत की क्या हालत बना देता है! और एक सुंदरी है की ऐसे मस्त लोडे को छोड़ कर सेठजी जैसे बेकार लंड से खेलती रहती है।“ उसे फिर याद आया की वह भी तो नयी चूत चोदते रहता है। उसके चहरे पर एक हलकी सी मुस्कान आई।

“बाबूजी!” उसने मुनीम को थोडा हिलाया।
फनलवर की रचना

“हम्म....कौन?” मुनीम ने अपने हाथ को ऊपर उठाते हुए पूछा।

“बाबूजी मैं हूँ, परम।”

थोड़ी देर तो मुनीम कुछ नहीं बोला पर थोड़ी ही देर में उसके मस्तिष्क में परम की आवाज़ गरजी। “बाबूजी!”

बेबाक हो के मुनीम जागा, उसने देखा की सलौनी के हाथ उसकी छाती पर है, और उसके हाथ उसके बोब्लो को ढके हुए हैं। मुनीम ने थोडा निचे देखा तो अचरज हुआ, उसका अधमरा लंड सलौनी की झांगो के बिच फसा पाया। वह तुरत उसके लंड को पकड़ के बहार खिंचा और पलग पर बैठ गया।

परम ने फिर से उसकी बाप का पैर को थोडा हिलाया, उसने उन्हें हिलाया और बाहर जाने को कहा। “मुझे अब यहाँ सोना है।“

बाबूजी: “तू यहाँ इस वक़्त? तू तो सेठजी के घर ही रुकनेवाला था यहाँ क्यों आया?” उसने एक हाथ अपने लंड पर रखा और कहा।

“बाबूजी, मैं वही से आ रहा हूँ, मैं कल रात ठीक से सोया नहीं तो सोचा घर जाके आराम से सो जाऊ। लेकिन यहाँ तो सब कमरे में कोई ना कोई है तो मैंने सोचा आपको जगाऊ और मुझे सोने का मौक़ा मिले।“ उसने सलौनी की आधी दिख रही चूत पर ध्यान केन्द्रित करते हुए कहा।

“क्यों? क्या हुआ जो नींद नहीं आई?” मुनीम अभी भी नींद में लग रहा था क्यों की वह समज नहीं पाया की परम क्या बोला।

आखिर मुनीम भान में आया और समज गया की क्यों परम को नींद नहीं आई।

“हां,ठीक है, तुम यहाँ सो जाओ मैं बहार चला जाता हूँ।“ मुनीमजी ने एक नजर गहरी नींद में सोती हुई सलौनी की तरफ देखा और उसके शरीर पर नजर डाली। उसके बोबले पर काफी जगह मुनीम के निशान दिख रहे थे, निपल काफी सूजी हुई थी, जो उसके नार्मल आकर से काफी बढ़ गई थी। उस निपल को देख के कोई भी कहा सकता था की मुनीमजी ने क्या कांड किया है। उसकी चूत से निकला खून उसकी झांग पर थे साथ में उसके माल भी उसकी झांगो पर चमक कर अपनी हाजरी भरा रहे थे। किसी को भी पता चल सकता था की लडकी के साथ क्या हुआ है। उसकी चूत तो काफी सूज के पकोड़ा जैसी बनी हुई थी जो साफ़ दिखाई देती थी।

मुनीम को यह जानकर शर्मिंदगी हुई कि उसके बेटे ने उसे एक नंगी लड़की के साथ नंगा देख लिया। बिना कुछ कहे मुनीम बाहर चला गया। परम ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उसने अपने कपड़े उतारे और सलोनी के पास बैठ गया जो गहरी नींद में थी। उसने धीरे से उसे सीधा किया। उसकी चुची की जोड़ी सबसे छोटी थी जिसे उसने अब तक सहलाया। लेकिन उसकी निपल उसके स्तन के आकर पर गवाही दे रही थी की निपल को मुनीमजी ने काफी मेहनत कर दी है। काफी सूजी हुई थी और स्तनों के उभार से तुरंत ध्यान खिंच रही थी।

वास्तव में वह बहुत पतली कमर वाली और कम विकसित जांघों वाली सबसे पतली लड़की थी। उसने बालों वाली चूत को सहलाया और ऐसा करते समय उसका लंड टाइट हो गया। वह गुस्से में था कि उसके पिता ने इस लड़की को चोदा। वह इस लड़की पर ज्यादा गुस्सा था, बजाय इसके कि वह जवान लड़कों से चुदवाए, जैसे परम। लेकिन उसको एक पिता समान आदमी ने चोदा। चोदा तब तक तो ठीक था पर उसकी हालत ज्यादा ही ख़राब दिख ररही थी। वह उसके शरीर को देख रहा था।
फ्नलवर की लेखनी

सलौनी के बोबले पर पापा के निशानों को देख कर उसको ओर ज्यादा जलन महसूस हुई। उसने पाया की लगभग सभी जगह से उसके बाप ने अपनी छाप छोड़ रखी थी। लेकिन वह एक बात से प्रसन्न भी हुआ की उसका बाप उस से भी बड़ा चोदु है, साथ-साथ में जलन भी हुई की उसका सुपारा और उसके बाप का सुपारे में बहोत फर्क था, एक बार उसके बाप का लंड किसी चूत पर टकराया तो उसका भोसड़ा बनना तय ही था। और यहाँ तो एक नन्ही सी चूत का हिसाब लिया गया था, उसके बाप के लंड ने।

तभी सलौनी करवट बदल कर सीधी हो गई अब उसका शरीर और माल सब साफ़ दिखाई देता था। और उसी वक़्त एक लोंदा उसकी चूत से बहार आके चादर पर गिरा। जो की उसके खून और बाप के माल और सलौनी के खुद का माल का मिक्सचर था।

वह सोच रहा था की माल पतला तो है लेकिन चोदने के लायक भी है। उसके बाप ने खूब जम के उसे चोदा हुआ है। उसके शरीर को पकड़े बिना उसने चूत के होंठ खींचे!

और सलोनी चिल्लाई, “ओह्ह्ह्ह माआआ…मर गयी…। का....का अब रहने दो.....म........र जाउंगी....आ....प का लं...ड ब...हो...त बड़ा है। आ...प....ने भो...स बना दिया है।” सलौनी नींद में कुछ भी बोल रही थी। परम को शायद उसके शब्दों पर ध्यान नहीं था।

वैसे भी,एकदम सुजा हुआ माल को अगर कोई इस तरह बिना सूचित किये खींचे तो क्या होगा! सलौनी के हाथ तुरंत ही उसकी चूत पर चला गया जो परम की हरकत से उसे काफी दर्द महसूस हुआ था। वैसे भी वह काफी दर्द सह चुकी थी। और गहरी नींद में भो तो थी। उसकी चूत ठीक से मूत भी नहीं सकती ऐसी हालत हो गई थी। लेकिन परम ने देखा की उसके चेहरे पर एक सुकून था, भले वह ही नींद में थी।


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दोस्तों आज के लिए बस यही तक


फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ



तब तक के लिए फनलवर की ओर से जय भारत
बहुत ही शानदार लाजवाब और मदमस्त अपडेट है मजा आ गया
 

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वैसे भी,एकदम सुजा हुआ माल को अगर कोई इस तरह बिना सूचित किये खींचे तो क्या होगा! सलौनी के हाथ तुरंत ही उसकी चूत पर चला गया जो परम की हरकत से उसे काफी दर्द महसूस हुआ था। वैसे भी वह काफी दर्द सह चुकी थी। और गहरी नींद में भो तो थी। उसकी चूत ठीक से मूत भी नहीं सकती ऐसी हालत हो गई थी। लेकिन परम ने देखा की उसके चेहरे पर एक सुकून था, भले ही वह नींद में थी।

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यहाँ से आगे..............



इससे पहले कि हम पढ़ें कि परम ने सलोनी को कैसे चोदा, आइए देखें कि कल रात सुंदरी के घर में क्या हुआ।

जब महक और पूनम सलौनी के साथ घर आईं। मुनीम एक नए माल देख को देख कर खुश हुआ। और उसका लंड लुंगी के नीचे नया माल देखकर बहुत खुश हुआ। दुबली-पतली और मासूम चेहरे (बेबी फेस) वाली लड़की को देखकर मुनीम को लगा कि नया माल कुंवारी है। उसने इस कुंवारी लड़की को चोदकर पूनम और महक को अपनी ताकत दिखाने की सोची, लेकिन उन लड़कियों के तो कुछ और ही इरादे थे।

सलोनी यह देखकर हैरान रह गई कि पूनम और महक दोनों ने मुनीम को खुलकर गले लगाया और उसने मुनीम को उनकी स्तनों को सहलाते हुए भी देखा। पूनम ने सलौनी का परिचय मुनीम से कराया। हालाँकि मुनीम सलोनी के माता-पिता को जानता था, लेकिन उसने पहले कभी सलोनी से बात नहीं की थी।

“आओ बेटी,” मुनीम ने सलौनी को अपनी ओर खिंचा। सलोनी ने विरोध किया।

पूनम ने सलौनी को थोडा धक्का दिया और बोली: अरे सलौनी काका से क्या डरना! वे मार नहीं डालेंगे तुझे आराम से गले मिलने दे उन्हें।“

फिर भी सलौनी ने हल्का सा विरोध किया, लेकिन मुनीम ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया। उसने उसके गालों को चूमा।

“बेटी, तुम बहोत अच्छी लगी मुझे।“ मुनीम ने उसका चेहरा अपनी हथेली में लिया और आगे ललाट को चूमने लगे। धीरे धीरे उनका हाथ सलौनी के गरदन से होक निचे बोब्लो की तरफ बढ़ने कगे। और उसकी छोटे स्तनों और जांघों पर हाथ फेरा। वह शरमा रही थी और मुनीमजी की पकड़ से छूटने की कोशिश कर रही थी।
मैत्री की लिखनी।

“बन्नो, डर मत!” सलोनी को गोद में लिए हुए पूनम मुनीम के पास आई। “यह काका तुम्हारे इस छोटे छोटे बोब्लो को थोडा थोडा दबायेंगे और क्या करेंगे....वैसे भी यह बोबले है किस लिए डार्लिंग, दबवाने के लिए ही तो है। तेरे इस निम्बो को बड़ा कर देंगे। जिसके लिए हम यहाँ आये है।”

“काका, हम जैसी लड़कियों को बहुत प्यार करते हैं…बहुत खुश करते हैं…। छोटे माल को बड़े आराम से बड़े बनाते है, तुम भी आज एक औरत बनोगी। चिंता मत करो बस प्रेम करो।” उसने साड़ी खोल दी और बोबले को मसल डाला।

'जानती है पहले तो परम ने मेरे इस सपाट छत को मसल मसलकर बोबले को नारंगी जैसा बना दिया और अब काका ने इसे दबा-दबा कर देख कितना बड़ा कर दिया है। एक बड़ा सा प्यारा सा माल बन गई हूँ मैं, देख। किसी के भी लंड को मुझे देखते ही अपनी नींद ख देनी पड़ती है फिर वह कही भी हो, तुम भी मेरे जैसी माल बन सकती हो सलौनी। बस थोडा सा प्यार और लंड को अपने में आने देने की हिम्मत चाहिए। मैं समजती हूँ की तुज में हिम्मत है। और नहीं भी है तो अपने यह काका का लंड हिम्मत ला देगा बन्नो। बस अपने छेद से खेलने दे और तुम उनके मस्त और प्यारे से लंड से खेल।' पूनम ने उसे अपने बोबले को दिखाया। “देखा ना यह करामत मेरे इस काका की है। जिन्हों ने काफी मेहनत की है और मुझे एक अच्छे सुकून के साथ अपनी बना के रखा हुआ है।“
फनलवर के तरफ से।

वह मुनीम के पास आई। सलोनी को इतना सदमा लगा कि जब मुनीम ने उसके शरीर से अपने हाथ हटाये तब भी वह उसकी गोद में ही बैठी रही। मुनीम ने पूनम का ब्लाउज खोला। उसने अपना शरीर को मुनीम की ओर लुडकाया की तुरंत उसके बोबले मुनीम के चहरे के सामने झूल ने लगे और वह अपना शरीर को लेफ्ट राईट हिला के मुनीम को अपने बोब्लो का परिचय देती रही। तभी पूनम ने सलौनी के ब्लाउज खोला और खड़ी कर दी, पीछे घुमा के ब्रा के हुक खोले, पूनम ने ब्रा खींच कर उतार दी और सलोनी चकित रह गई।

यह देखने के लिए कि मुनीम ने अपने हाथों को पूनम की बांहों के नीचे धकेला और उसकी चुची (निपल) को ताड़ लिया, खींचा और फचाक से छोड़ दिया। पूनम की चुन्ची खिंच के अपनी आकर में फिर से बैठ गई, एक “आह” के साथ। सलौनी ने देखा की पूनम के स्तनों जो उससे कहीं अधिक बड़ी और भारी थे।

पूनम उनकी ओर मुड़ी।

“बाप रे, सच तेरे बोबले कितने बड़े और मोटे है! जैसे दूध से भरा हुआ हो।” सलोनी बोली और पूनम के बोबले पर हाथ रख दिया।

पूनम ने कस कर सलोनी के हाथ को चूची पर दबाया और कहा....
फनलवर की पेशकश।

“सलोनी रानी, तू भी मेरे काका से 2-4 दिन की मस्ती मार, परम का लोडा चूस और देख तू भी मेरे जैसी मस्त माल हो जाएगी! काका का यह लंड से निकली मलाई को खा, फिर बोलना। सारे मर्द मुझे और सुंदरी को छोड़ कर तुझे चोदने के लिए तरसेंगे। मैं तो काका की बहोत आभारी हूँ की उन्होंने मेरे बोबले को दबा-दबा और चूस-चूस के निम्बू से अब बड़े संतरे में तब्दील किया है। यह देख मेरी चुन्ची कैसे खींचते है और मुझे मजा आता है जब वह खींचते है छोड़ देते है तो पहले से ज्यादा कड़क और टटार हो जाती है। तुम भी अपना बोबला उनसे दबवा के बड़े करवा दे, और एक मस्त माल बन जा ताकि हम सभी लोग सारे मर्द के लंड को उनके धोती या लुंगी में ही खड़ा कर दे, और माल भी वही गिरवा दे।”

सलोनी का हाथ पूनम के चुची से चिपक गया था और मुनीम ने झटके से पेटीकोट का नाड़ा खींच लिया और पूनम नंगी हो गई।

सलोनी आंख फाड़ कर पूनम की चिकनी चूत देख रही थी। उसने देखा कि मुनीम ने चूत को सहलाना शुरू कर दिया और मुनीम ने चूत में उंगली डाल दी।

“पूनम बेटी, तेरी चूत बहुत पनिया गई है… चोदू क्या…?”

“अरे हाँ काका, सोच क्या रहे हो! चूत होती किस के लिए है? और हम यहाँ आये किस के लिए है! चुदवाने के लिए तो आपका लंड से बेहतर कोई है क्या! मेरी चूत आपके लंड से भरने के लिए तैयार है। सलोनी को मजा बाद में देना। पहले उसे भी दिखाओ कि आपका लौड़ा लडकियों को कैसे मस्त करता है। लंड क्या होता है। उसने अभी तक जितने भी लंड को देखे उस से कई बेहतर इस लंड से वह एक औरत बन ने का सौभाग्य मिलेगा। कैसे लडकिया आपके लंड के लिए अपनी चूत,गांड और मुंह खोल देती है।”

लेकिन ठीक उसी समय महक बगल वाले कमरे से बाहर आ गई और उस कमरे में आ गई, जहा यह खेल शुरू हो रहा था। और युवा लड़की सलोनी के लिए यह सबसे बड़ा आश्चर्य था। एक पूरी तरह से वयस्क और खूबसूरत लड़की अपने पिता के सामने पूरी शान से नग्न खड़ी है।

सलोनी दो खूबसूरत लड़कियों के बीच तुलना नहीं कर सकती थी लेकिन पहली नज़र में हर कोई महक के ऊपर पूनम को पसंद करेगी। पूनम लंबी थी और उसका शरीर पतला था और उसके स्तन महक से अधिक सुडौल थे, वह अधिक स्वस्थ थी लेकिन महक पूनम की तुलना में अधिक सेक्सी और हॉट दिखती थी।

“नहीं पूनम, सलोनी अपनी मेहमान है। पहले उसे पूरा मजा लेने दो अपनी जवानी से। वो तुम्हें चोदने आई है…। उसे चोदने दो…फिर वो भी बाबूजी के लंड को लेने के लिए तैयार हो जाएगी।”

महक ने कहा और पूनम के पास खड़ी हो गई। अब मुनीम ने पूनम और महक दोनों की चूत को सहलाया।

“नहीं, तुम दोनों की चूत चुदाई के लिए पूरी तैयारी कर चुके हो। पहले मुझे चुदवाने दे,फिर हम सलोनी का मजा लेंगे…।” पूनम ने मुनीम के हाथ को अपने चूत पर लेके अन्दर डालने की चेष्टा की।

लेकिन महक ने सलोनी को पिता की गोद से खींच लिया और सलोनी के कड़े विरोध के बावजूद उसने सलोनी को निर्वस्त्र कर दिया। पहले से ही वह ऊपर से नंगी ही थी पर उसने उसके निचले हिस्स्से को जल्दी ही मुनीम के सामने पेश कर दिया।

सलोनी की कच्ची जवानी देख कर मुनीम के मुँह में पानी आ गया। वह खड़ा हुआ और अपने कपड़े उतार दिए।
फनलवर निर्मित।

तभी सलोनी ने वह देखा, जिसे देखने का वह अब तक सिर्फ सपना ही देखती रही थी। उसने 8 इंच लंबा और मोटा लौड़ा देखा, जिसका सिरा बड़े आकार के आलू जैसा था। उसे आश्चर्य हुआ कि यह आलू पूनम की चूत के अंदर कैसे गया होगा! महक ने मुनीम के तने हुए लंड को सहलाया और कहा,

“बाबूजी, पहले हम सलोनी को गरम करते हैं,फिर आप इसकी कच्ची चूत में लौड़ा पेलियेगा। उसे एक छोटा माल से एक मस्त माल औरत बना दीजियेगा। यह चूत अब आपकी ही है। मजे से और बड़े आराम से उसकी चूत में यह बड़ा सुपारा डालना। चिंता की कोई बात नहीं चूत किसी भी लंड को समा सकती है बाबूजी।”

“नहीं बेटी, एसा जुलम मुत कर! देख लौड़ा कितना टाइट है।” मुनीम ने लंड को मुठियाया। सलोनी ने इस फनफनाते लंड को virgin चूत में लेने का मन बना लिया था लेकिन महक सलोनी को बेडरूम में खींच ले गई, पूनम उनके पीछे चली गई और उसने अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया।

मुनीम सिर्फ इतना ही बोल सका “बहनचोद, भोसड़ीकी....”

सलोनी एक साधारण दिखने वाली लड़की थी, लंबी, पतली, अच्छे लंबे बाल, अंडाकार चेहरा, चूची मुश्किल से 30'' होगी, पतली कमर 20'' होगी और छोटा जघन और योनि क्षेत्र। अपनी माँ और छोटी बहू की तरह, उसकी बहुत पतली और अच्छी आकार की लंबी जांघें हैं।

“ओह्ह…बेटी,पूनम…चोदने दे…!” मुनीम चिल्लाया।

लेकिन तीनों लड़कियों ने उसे अनसुना कर दिया। पूनम ने सलौनी को अपनी जांघों के बीच खींच लिया। सलौनी ने पूनम की चूत को सहलाया जिसे देखने के लिए वह तब से उत्सुक थी जब से उसने पूनम को आज शाम नाचते देखा था। दूसरी तरफ पूनम और महक चूचियों को चूमने, खींचने और सहलाने में तल्लीन थीं। दोनों एक दूसरे की मस्त-मस्त चूचियों को दबा रही थीं, खिंच रही थीऔर अपने आकर में वापिस जाते हुए देख कर अपनी चूत की मदहोशी महसूस करती रही और 'सिसकारियां' ले रही थीं। सलोनी कुछ देर तक पूनम की चूत को गौर से देखती रही। सलौनीने पूनम की चूत के होंठ हटाए और चूत के अंदर पानीदार गुलाबी माल देखकर उत्तेजित हो गई। उसे उसका रंग पसंद आया। सलौनी ने थोडा निचे झुक कर अपनी चूत को देखा। अभी तक सलौनी ने अपनी चूत को इस तरह कभी नहीं देखा था। चूत को इस तरह चौड़ा करके सलौनीने अपनी जीभ की नोक से अंदर के 'गुलाबी माल' को छुआ। सलोनी सिहर उठी। उसे किसी और लड़की के साथ ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ था लेकिन सुधा ने उसे कई बार बताया था सलोनी जानती थी कि सुधा का कौमार्य परम ने छीन लिया है, लेकिन सुधा ने उसे कभी नहीं बताया कि वह मुनीम और उसके अपने पिता से भी चुद चुकी है। सलोनी ने कुछ देर पूनम की चूत का स्वाद लिया और फिर उसने दोनों होंठ मुँह में लेकर उसे गहराई से चूसा।

“साली, कुतिया क्या कर रही है! आह्ह्ह्ह बहुत मज़ा दे रही है! वेश्या...कहा से सिखा ये सब! ज़रूर प्रभाकाकी ने सिखाया होगा,ओह्ह, माँ की चूत।“ उसने सलोनी को छूने के लिए अपना हाथ अंदर डाला, लेकिन 6-7 इंच अंदर नहीं गया। उसने हाथ बढ़ाया, लेकिन उसे छू नहीं पाया। इधर मुनीम का लंड पूरे आकार में था। एक हाथ से वह सलोनी को छूने की कोशिश कर रहा था और दूसरे हाथ से खुद को सहला रहा था।
मैत्री की लिखावट।

मुनीम परेशान हो रहा था। अंदर तीन जवान लड़कियाँ नंगी थीं और उसे अपनी खुली हुई चूत दिखा रही थीं, लेकिन वह उन पर हाथ नहीं रख पा रहा था। वह भूल गया था कि उसकी बेटी ने उससे कहा था कि आपस में मज़ा करने के बाद वे सलोनी को चुदाई के लिए उसे दे देंगे। वह सलोनी से ज़्यादा पूनम को चोदना चाहता था, जो पूनम और महक जैसी आकर्षक और मालदार बिल्कुल नहीं थी।

अब महक ने अपने पिता की तरफ़ देखा और उन्हें अपना लौड़ा मुठियाते देख अपनी चूत खोली और चीख पड़ी,

“देख साला, कैसा लौंडा जैसा लौड़ा सहला रहा है....बाप रे कितना मोटा हो गया है...सलोनी तेरी चूत तो आज फट गई।”

महक इतनी ज़ोर से चिल्लाई कि सलोनी को अपना सिर बाहर निकालना पड़ा। उसके मुंह के होठो पर पूनम का स्वाद चमक रहा था जिसे वह अपनी जीभ से आस्वाद ले रही थी। पूनम भी उठ बैठी और सब खिड़की की तरफ़ देखने लगे। और उसी वक़्त मुनीम का वीर्य निकल गया। उसने अपना लंड दोनों हाथों से पकड़ लिया और वीर्य की पिचकारी सलोनी की जांघों पर गिर पड़ी। सलोनी ने पहली बार लंड से वीर्य निकलता देखा था। यह बहुत गाढ़ा था। वीर्य की पिचकारी देखते हुए उसने अपनी उंगलियों पर कुछ बूँदें पोंछीं और अपनी आँखों के पास ले आई। और पूनम ने वीर्य से भरी उंगली सलोनी के मुँह में डाल दी।


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आजके लिए बस यही तक फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ तब तक के लिए आप आने मंतव्यो दीजिये।




फनलवर की ओर से जय भारत।।
बहुत ही गरमागरम कामुक और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक अपडेट है मजा आ गया
 

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उसने अपना लंड दोनों हाथों से पकड़ लिया और वीर्य की पिचकारी सलोनी की जांघों पर गिर पड़ी। सलोनी ने पहली बार लंड से वीर्य निकलता देखा था। यह बहुत गाढ़ा था। वीर्य की पिचकारी देखते हुए उसने अपनी उंगलियों पर कुछ बूँदें पोंछीं और अपनी आँखों के पास ले आई। और पूनम ने वीर्य से भरी उंगली सलोनी के मुँह में डाल दी।

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अब आगे...............


“अरे रानी....चूस...चाट....बहुत टेस्टी है,मैं रोज सारा रस पीती हूँ, अमृत है औरतो के लिए।” पूनम बोली।


“तभी तो मेरे शरीर पर इतना चमक-दमक है…।” और ये कहते हुए पूनम ने सलौनी के शरीर पर गिरा सारा वीर्य चूस लिया,चाट लिया।

“साली जरूर, कुतिया रही होगी पीछे जन्म में…।” सलोनी को पूनम द्वारा बदन चाटने का मजा आया।

"सलोनी, ये तो मेरा बाप है। परम के साथ चुदवायेगी तो वो चोदने के बाद मुँह में ही रस गिरायेगा,और तेरा रस भी चाट जाएगा, उसको चुतरस बहोत प्यारा है।" महक ने सलौनी की छोटी सी चुची को दबाते और थोडा खींचते हुए कहा।
फनलवर की लेखनी।

“सलोनी ने तेरी चूत का स्वाद ले लिया है।” महक ने पूनम से कहा, “अब जरा हम भी तो देखेंगे कि सलोनी की जवानी कैसी है!”

उसने सलोनी को बिस्तर पर धकेल दिया। पूनम उसके ऊपर 69 की मुद्रा में लेट गई। अब सलोनी के पैर खिड़की की ओर थे और मुनीम ने कुंवारी योनि का भट्ठा देखा। महेक ने पैरों को अलग किया और महक और पूनम दोनों सलोनी की योनि को चूसने और चाटने लगीं।

“बाबुजी, आपका यह माल देख लो पहले....अभी आप को इस माल को अपने लंड से चौड़ा करना है, आपको उसकी चूत को आपके लंड के आकार के सुरंग बना के उसे वापिस भेजना है। और वह खुश हो के अपना चौड़ी चूत ले के घर जाये इसकी जिम्मेदारी आपकी है, और मुझे विशवास है अपने बाप के लंड पर।“

थोड़ी देर के बाद अब महक ने सलोनी की जगह ले ली। उसने अपने कूल्हे बाहर की ओर धकेल दिए मुनीम ने हाथ बढ़ाया। इस बार वो बेटी के फूले हुए गरम कूल्हों को सहला पा रहा था। पर उसकी गाद्न्द के छेड़ तक नहीं पहोच पाया।

“महक, तू तो मेरी बेटी है, अपने बाप का और बाप के लंड का ख्याल रखती है, तू ही चोदने दे।” मुनीम एक हाथ से लंड को मुठियाने लगा और दाएँ हाथ से बेटी के कूल्हों और चूतड़ को सहलाता रहा। सलोनी फिर से पूनम की चूत चूसने में व्यस्त हो गई और महक ने सलोनी की टाँगें ऊपर की ओर उठाईं और पूनम ने सलौनी की कसी हुई गांड का छेद देखा। उसने सलोनी की गांड के छेद में उंगली डालने की कोशिश की। पूनम उंगली अंदर नहीं डाल पा रही थी। फिर पूनम ने कूल्हे एक तरफ किए और सलोनी की गांड चाटी।

मुनीम को सलौनी की गांड को चाटते हुए देख मुंह में पानी आ गया। अगर मैं सलौनी की गांड तक पहुच सकता तो उसकी गांड का स्वाद मिल जाता। यह सोच के उसने निराशा के साथ उनकी मस्ती तरफ दयां दिया। मुनीम ने अब तक पूनम को कई बार चोदा है, लेकिन न तो मुनीम और न ही परम ने कभी उसकी गांड में उंगली डालने की कोशिश की। अब पूनम को सलौनी की गांड की खुशबू अच्छी लग रही थी। उसने अपनी थूक से गांड के छेद को चिकना किया और फिर से उंगली अंदर डाली।
फनलवर की प्रस्तुति।

“बहनचोद, तेरी माँ चुदवाती है या तू खुद चुद रही है! थोड़ी गांड को ढीला कर तो मैं तेरी इस गांड में ऊँगली को प्रवेश कराऊ और तुजे मस्ती दे सकू।“ सलौनी ने सोचा अब जो भी है सभी मेरे माल से खेल रहे है और मुझे भी तो खेलना है, मस्ती कर ले। उसने अपनी गांड को थोडा ढीला किया और अपने हाथ से दोनों कुलहो को विपरीत दिशा में ले गई और पूनम के सामने आपनी गांड को खोल दी। इस बार गांड पूरी तरह खुल गई और पूनम उंगली गांड में डालती रही। उसे गांड की गर्मी और कसाव अच्छा लग रहा था। उसने तय किया कि अगली बार जो भी उसे पहले चोदेगा, चाहे परम हो या मुनीम, वह उसे गांड में चोदने के लिए कहेगी। अब मुझे भी गांड मरवानी है, चाहे कुछ भी हो, उसे मुनीम का ख्याल आया और सोचा मुइमजी नहीं वह मेरी गांड फाड़ देंगे। सलोनी की गांड के कसाव से पूनम को पता चल गया था कि मुनीम जैसा मोटा लौड़ा गांड में लेने में बहुत दर्द होगा, लेकिन वह इसे आज़माना चाहती थी। देखना चाहती थी की मुनीम अगर इस छोटी गांड में प्रवेश करता है और सलौनी की गांड उस बड़े सुपारे को अन्दर तक समा लेती है तो वह भी मुनीम से........

और खिड़की पर, मुनीम यह देखकर निराश हो गया कि न सिर्फ़ सलोनी, बल्कि पूनम और महक ने भी उसे अनदेखा कर दिया था। वह अब और बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। वह पहले कभी इतना उत्तेजित नहीं हुआ था जितना अब हुआ था, जब उसने तीनों लड़कियों को मज़े करते और पूनम को इस कुंवारी लड़की की गांड में चुदाई करते देखा। लगभग 5 मिनट बाद, पूनम ने पाया कि गांड काफी ढीली हो गई है और पूनम अपनी उंगली आराम से उस तंग छेद में डाल पा रही थी। पूनम ने चुदाई की गति बढ़ा दी और सलोनी ने भी उसकी गांड में उंगली लेने का आनंद लिया। गांड चुदाई (उंगली से) का यह पहला अनुभव था और सलोनी अपनी कमर हिलाना बंद नहीं कर पा रही थी। य्सकी गांड अब उसे दूसरी दुनिया में ले जा रही थी। दूसरी तरफ महक ने अपनी चूत के होंठों को जितना हो सके उतना फैला दिया था और वो अपनी जीभ से सलोनी को चोद रही थी। और अब सलोनी के लिए ये असहनीय हो रहा था। दो अनुभवी लड़कियाँ उसे सहला रही थीं, और चोद रही थी। सलोनी को लगा कि उसका शरीर फट जाएगा। उसे लगा जैसे पूरे शरीर से खून उसकी चूत की तरफ दौड़ रहा है।

उसका कांपना बढ़ गया और अचानक उसने महक की चूत को अपने हाथों से जकड़ लिया और घुरघुराने लगी।

फ्र्रर्र....कर के अपना चुतरस पूनम के मुंह में जमा कर दिया। और शरीर ढीला पड़ गया।

“ओह्ह्ह्ह....बहुत मज़ा आया।” उसने अपना चुतरस त्याग दिया पूनम के मुंह पर। लेकिन कुछ ही क्षणों में वहा एक भी बूंद चुतरस की नहीं थी सब पूनम के पेट में चली गई थी।

“ओह्ह्ह्ह...बहुत मज़ा आया..। पूनम तू कह रहीथी की माँ चुदवाने आई हो, मैं माँ नहीं अब अपने आप को चुदवाने आई हूँ माँ अपना भोसड़ा का इलाज खुद ही करेगी।”

“जब ये लौड़ा तेरी चूत को फाड़ेगा तो और भी ज़्यादा मज़ा आएगा। “

और उसका शरीर मुर्दे की तरह ढीला पड़ गया। उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसकी छोटी सी बोबला तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थी और इसी के साथ पूनम ने सलोनी की गांड में दो उंगलियाँ डाल दीं। उसने पूनम को कुछ मिनट और अपनी गांड मारने दी, फिर अचानक उसने अपनी गांड खींच ली और उठकर बैठ गई। वह फिर से झड गई। लेकिन पूनम ने फिर से उसकी कमर पकड़ी और उसके कुल्हे को फैला कर फिर से एक ऊँगली दाल दी। सलौनी को यह पसंद नहीं आया क्योकि अब वह २ बार झड चुकी थी उसकी चूत अब थोडा आराम मांग रही थी। पर साथ-साथ उसने कोई विरोध भी नहीं किया क्यों की यह दिन फिर कभी आये या ना आये आज जो है उसे जी भर के चुदवा ले, फिर चाहे गांड हो या चूत। महक ने पीछे आके सलौनी की गांड को चौड़ा किया और पूनम का मुंह खीच के अपने बाबूजी के सामने उसकी गांड का छेद रखा और बोली: “बाबूजी, यह आज का आपका माल का दूसरा छेद। स्वीकार करे।“

“क्या घंटा स्वीकार करे बेटी, मेरा लंड अब फट जाएगा।“ मुनीम को अब रुकना मुमकिन नहीं था उसने महक को थोडा खिंचा और सलौनी की गांड के छेद पर अपनी ऊँगली रखी और अन्दर डालने की नाकामयाब कोशिश की। क्यों की सलौनी की गांड उसकी पुरे पहोच के बहार थी।

आखिर सलौनी ने अपनी गांड आगे की ओर खिंची और बोली: “मुझे नहीं पता था की मेरी गांड भी इतना मजा देगी। क्या सब की गांड इतना मजा देती है,जितना मुझे मेरी गांड ने दिया? मेरी गांड पर मुझे गर्व है अब मैं गांड भी मरवाउंगी जी भर के।”

पूनम भी यही सोच रही थी की मुनीम का लंड अब उसकी गांड फाड़ दे, उसकी गांड उतनी चौड़ी करे की टट्टी आराम से बहार निकल जाए। मेरा भी वोही हाल करे, यह सोच के थोडा मुस्कुराई।
फनलवर की पेशकश।

यही हाल महक का था की बाप का लंड उसकी गांड में जाए लेकिन भाई के लंड में और बाप के लंड में काफी अंतर है, भाई का लंड आराम से साबुन की वजह से अन्दर चला गया था लेकिन यह बाप.......ओह्ह माय गोड....माँ चुद जाएगी मेरी गांड की। लेकिन बाप का लंड को मेरी गांड की सैर करवाउंगी जरुर।

सलौनीने अपार खुशी के लिए पूनम और महक दोनों को धन्यवाद दिया।

“महक, तूने गलत कहा था…सिर्फ पूनम ने नहीं, तूने भी चोदकर मुझे मस्त कर दिया। मुझे अब किसी भी लड़की से चुदवाना या उसको चोदने का अनुभव प्राप्त हो गया और लगता है की लंड भी और लड़की भी, कोई भी हो मेरी गांड मुझे मजा दे सकती है, अगर तुम दोनों जैसी माल मेरे माल को तोड़ सके वैसे।”


****


बस आज के लिए यही तक फिर मिलेंगे एक नए एपिसोड के साथ तब तक फनलवर की तरफ से।



।। जय भारत ।।
वाह वाह क्या गजब का गरमागरम कामुक और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक अपडेट है मजा आ गया
अगले रोमांचकारी धमाकेदार और चुदाईदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
 

S M H R

TERE DAR PE SANAM CHALE AYE HUM
1,232
2,668
158
M
वैसे भी,एकदम सुजा हुआ माल को अगर कोई इस तरह बिना सूचित किये खींचे तो क्या होगा! सलौनी के हाथ तुरंत ही उसकी चूत पर चला गया जो परम की हरकत से उसे काफी दर्द महसूस हुआ था। वैसे भी वह काफी दर्द सह चुकी थी। और गहरी नींद में भो तो थी। उसकी चूत ठीक से मूत भी नहीं सकती ऐसी हालत हो गई थी। लेकिन परम ने देखा की उसके चेहरे पर एक सुकून था, भले ही वह नींद में थी।

******

यहाँ से आगे..............



इससे पहले कि हम पढ़ें कि परम ने सलोनी को कैसे चोदा, आइए देखें कि कल रात सुंदरी के घर में क्या हुआ।

जब महक और पूनम सलौनी के साथ घर आईं। मुनीम एक नए माल देख को देख कर खुश हुआ। और उसका लंड लुंगी के नीचे नया माल देखकर बहुत खुश हुआ। दुबली-पतली और मासूम चेहरे (बेबी फेस) वाली लड़की को देखकर मुनीम को लगा कि नया माल कुंवारी है। उसने इस कुंवारी लड़की को चोदकर पूनम और महक को अपनी ताकत दिखाने की सोची, लेकिन उन लड़कियों के तो कुछ और ही इरादे थे।

सलोनी यह देखकर हैरान रह गई कि पूनम और महक दोनों ने मुनीम को खुलकर गले लगाया और उसने मुनीम को उनकी स्तनों को सहलाते हुए भी देखा। पूनम ने सलौनी का परिचय मुनीम से कराया। हालाँकि मुनीम सलोनी के माता-पिता को जानता था, लेकिन उसने पहले कभी सलोनी से बात नहीं की थी।

“आओ बेटी,” मुनीम ने सलौनी को अपनी ओर खिंचा। सलोनी ने विरोध किया।

पूनम ने सलौनी को थोडा धक्का दिया और बोली: अरे सलौनी काका से क्या डरना! वे मार नहीं डालेंगे तुझे आराम से गले मिलने दे उन्हें।“

फिर भी सलौनी ने हल्का सा विरोध किया, लेकिन मुनीम ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया। उसने उसके गालों को चूमा।

“बेटी, तुम बहोत अच्छी लगी मुझे।“ मुनीम ने उसका चेहरा अपनी हथेली में लिया और आगे ललाट को चूमने लगे। धीरे धीरे उनका हाथ सलौनी के गरदन से होक निचे बोब्लो की तरफ बढ़ने कगे। और उसकी छोटे स्तनों और जांघों पर हाथ फेरा। वह शरमा रही थी और मुनीमजी की पकड़ से छूटने की कोशिश कर रही थी।
मैत्री की लिखनी।

“बन्नो, डर मत!” सलोनी को गोद में लिए हुए पूनम मुनीम के पास आई। “यह काका तुम्हारे इस छोटे छोटे बोब्लो को थोडा थोडा दबायेंगे और क्या करेंगे....वैसे भी यह बोबले है किस लिए डार्लिंग, दबवाने के लिए ही तो है। तेरे इस निम्बो को बड़ा कर देंगे। जिसके लिए हम यहाँ आये है।”

“काका, हम जैसी लड़कियों को बहुत प्यार करते हैं…बहुत खुश करते हैं…। छोटे माल को बड़े आराम से बड़े बनाते है, तुम भी आज एक औरत बनोगी। चिंता मत करो बस प्रेम करो।” उसने साड़ी खोल दी और बोबले को मसल डाला।

'जानती है पहले तो परम ने मेरे इस सपाट छत को मसल मसलकर बोबले को नारंगी जैसा बना दिया और अब काका ने इसे दबा-दबा कर देख कितना बड़ा कर दिया है। एक बड़ा सा प्यारा सा माल बन गई हूँ मैं, देख। किसी के भी लंड को मुझे देखते ही अपनी नींद ख देनी पड़ती है फिर वह कही भी हो, तुम भी मेरे जैसी माल बन सकती हो सलौनी। बस थोडा सा प्यार और लंड को अपने में आने देने की हिम्मत चाहिए। मैं समजती हूँ की तुज में हिम्मत है। और नहीं भी है तो अपने यह काका का लंड हिम्मत ला देगा बन्नो। बस अपने छेद से खेलने दे और तुम उनके मस्त और प्यारे से लंड से खेल।' पूनम ने उसे अपने बोबले को दिखाया। “देखा ना यह करामत मेरे इस काका की है। जिन्हों ने काफी मेहनत की है और मुझे एक अच्छे सुकून के साथ अपनी बना के रखा हुआ है।“
फनलवर के तरफ से।

वह मुनीम के पास आई। सलोनी को इतना सदमा लगा कि जब मुनीम ने उसके शरीर से अपने हाथ हटाये तब भी वह उसकी गोद में ही बैठी रही। मुनीम ने पूनम का ब्लाउज खोला। उसने अपना शरीर को मुनीम की ओर लुडकाया की तुरंत उसके बोबले मुनीम के चहरे के सामने झूल ने लगे और वह अपना शरीर को लेफ्ट राईट हिला के मुनीम को अपने बोब्लो का परिचय देती रही। तभी पूनम ने सलौनी के ब्लाउज खोला और खड़ी कर दी, पीछे घुमा के ब्रा के हुक खोले, पूनम ने ब्रा खींच कर उतार दी और सलोनी चकित रह गई।

यह देखने के लिए कि मुनीम ने अपने हाथों को पूनम की बांहों के नीचे धकेला और उसकी चुची (निपल) को ताड़ लिया, खींचा और फचाक से छोड़ दिया। पूनम की चुन्ची खिंच के अपनी आकर में फिर से बैठ गई, एक “आह” के साथ। सलौनी ने देखा की पूनम के स्तनों जो उससे कहीं अधिक बड़ी और भारी थे।

पूनम उनकी ओर मुड़ी।

“बाप रे, सच तेरे बोबले कितने बड़े और मोटे है! जैसे दूध से भरा हुआ हो।” सलोनी बोली और पूनम के बोबले पर हाथ रख दिया।

पूनम ने कस कर सलोनी के हाथ को चूची पर दबाया और कहा....
फनलवर की पेशकश।

“सलोनी रानी, तू भी मेरे काका से 2-4 दिन की मस्ती मार, परम का लोडा चूस और देख तू भी मेरे जैसी मस्त माल हो जाएगी! काका का यह लंड से निकली मलाई को खा, फिर बोलना। सारे मर्द मुझे और सुंदरी को छोड़ कर तुझे चोदने के लिए तरसेंगे। मैं तो काका की बहोत आभारी हूँ की उन्होंने मेरे बोबले को दबा-दबा और चूस-चूस के निम्बू से अब बड़े संतरे में तब्दील किया है। यह देख मेरी चुन्ची कैसे खींचते है और मुझे मजा आता है जब वह खींचते है छोड़ देते है तो पहले से ज्यादा कड़क और टटार हो जाती है। तुम भी अपना बोबला उनसे दबवा के बड़े करवा दे, और एक मस्त माल बन जा ताकि हम सभी लोग सारे मर्द के लंड को उनके धोती या लुंगी में ही खड़ा कर दे, और माल भी वही गिरवा दे।”

सलोनी का हाथ पूनम के चुची से चिपक गया था और मुनीम ने झटके से पेटीकोट का नाड़ा खींच लिया और पूनम नंगी हो गई।

सलोनी आंख फाड़ कर पूनम की चिकनी चूत देख रही थी। उसने देखा कि मुनीम ने चूत को सहलाना शुरू कर दिया और मुनीम ने चूत में उंगली डाल दी।

“पूनम बेटी, तेरी चूत बहुत पनिया गई है… चोदू क्या…?”

“अरे हाँ काका, सोच क्या रहे हो! चूत होती किस के लिए है? और हम यहाँ आये किस के लिए है! चुदवाने के लिए तो आपका लंड से बेहतर कोई है क्या! मेरी चूत आपके लंड से भरने के लिए तैयार है। सलोनी को मजा बाद में देना। पहले उसे भी दिखाओ कि आपका लौड़ा लडकियों को कैसे मस्त करता है। लंड क्या होता है। उसने अभी तक जितने भी लंड को देखे उस से कई बेहतर इस लंड से वह एक औरत बन ने का सौभाग्य मिलेगा। कैसे लडकिया आपके लंड के लिए अपनी चूत,गांड और मुंह खोल देती है।”

लेकिन ठीक उसी समय महक बगल वाले कमरे से बाहर आ गई और उस कमरे में आ गई, जहा यह खेल शुरू हो रहा था। और युवा लड़की सलोनी के लिए यह सबसे बड़ा आश्चर्य था। एक पूरी तरह से वयस्क और खूबसूरत लड़की अपने पिता के सामने पूरी शान से नग्न खड़ी है।

सलोनी दो खूबसूरत लड़कियों के बीच तुलना नहीं कर सकती थी लेकिन पहली नज़र में हर कोई महक के ऊपर पूनम को पसंद करेगी। पूनम लंबी थी और उसका शरीर पतला था और उसके स्तन महक से अधिक सुडौल थे, वह अधिक स्वस्थ थी लेकिन महक पूनम की तुलना में अधिक सेक्सी और हॉट दिखती थी।

“नहीं पूनम, सलोनी अपनी मेहमान है। पहले उसे पूरा मजा लेने दो अपनी जवानी से। वो तुम्हें चोदने आई है…। उसे चोदने दो…फिर वो भी बाबूजी के लंड को लेने के लिए तैयार हो जाएगी।”

महक ने कहा और पूनम के पास खड़ी हो गई। अब मुनीम ने पूनम और महक दोनों की चूत को सहलाया।

“नहीं, तुम दोनों की चूत चुदाई के लिए पूरी तैयारी कर चुके हो। पहले मुझे चुदवाने दे,फिर हम सलोनी का मजा लेंगे…।” पूनम ने मुनीम के हाथ को अपने चूत पर लेके अन्दर डालने की चेष्टा की।

लेकिन महक ने सलोनी को पिता की गोद से खींच लिया और सलोनी के कड़े विरोध के बावजूद उसने सलोनी को निर्वस्त्र कर दिया। पहले से ही वह ऊपर से नंगी ही थी पर उसने उसके निचले हिस्स्से को जल्दी ही मुनीम के सामने पेश कर दिया।

सलोनी की कच्ची जवानी देख कर मुनीम के मुँह में पानी आ गया। वह खड़ा हुआ और अपने कपड़े उतार दिए।
फनलवर निर्मित।

तभी सलोनी ने वह देखा, जिसे देखने का वह अब तक सिर्फ सपना ही देखती रही थी। उसने 8 इंच लंबा और मोटा लौड़ा देखा, जिसका सिरा बड़े आकार के आलू जैसा था। उसे आश्चर्य हुआ कि यह आलू पूनम की चूत के अंदर कैसे गया होगा! महक ने मुनीम के तने हुए लंड को सहलाया और कहा,

“बाबूजी, पहले हम सलोनी को गरम करते हैं,फिर आप इसकी कच्ची चूत में लौड़ा पेलियेगा। उसे एक छोटा माल से एक मस्त माल औरत बना दीजियेगा। यह चूत अब आपकी ही है। मजे से और बड़े आराम से उसकी चूत में यह बड़ा सुपारा डालना। चिंता की कोई बात नहीं चूत किसी भी लंड को समा सकती है बाबूजी।”

“नहीं बेटी, एसा जुलम मुत कर! देख लौड़ा कितना टाइट है।” मुनीम ने लंड को मुठियाया। सलोनी ने इस फनफनाते लंड को virgin चूत में लेने का मन बना लिया था लेकिन महक सलोनी को बेडरूम में खींच ले गई, पूनम उनके पीछे चली गई और उसने अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया।

मुनीम सिर्फ इतना ही बोल सका “बहनचोद, भोसड़ीकी....”

सलोनी एक साधारण दिखने वाली लड़की थी, लंबी, पतली, अच्छे लंबे बाल, अंडाकार चेहरा, चूची मुश्किल से 30'' होगी, पतली कमर 20'' होगी और छोटा जघन और योनि क्षेत्र। अपनी माँ और छोटी बहू की तरह, उसकी बहुत पतली और अच्छी आकार की लंबी जांघें हैं।

“ओह्ह…बेटी,पूनम…चोदने दे…!” मुनीम चिल्लाया।

लेकिन तीनों लड़कियों ने उसे अनसुना कर दिया। पूनम ने सलौनी को अपनी जांघों के बीच खींच लिया। सलौनी ने पूनम की चूत को सहलाया जिसे देखने के लिए वह तब से उत्सुक थी जब से उसने पूनम को आज शाम नाचते देखा था। दूसरी तरफ पूनम और महक चूचियों को चूमने, खींचने और सहलाने में तल्लीन थीं। दोनों एक दूसरे की मस्त-मस्त चूचियों को दबा रही थीं, खिंच रही थीऔर अपने आकर में वापिस जाते हुए देख कर अपनी चूत की मदहोशी महसूस करती रही और 'सिसकारियां' ले रही थीं। सलोनी कुछ देर तक पूनम की चूत को गौर से देखती रही। सलौनीने पूनम की चूत के होंठ हटाए और चूत के अंदर पानीदार गुलाबी माल देखकर उत्तेजित हो गई। उसे उसका रंग पसंद आया। सलौनी ने थोडा निचे झुक कर अपनी चूत को देखा। अभी तक सलौनी ने अपनी चूत को इस तरह कभी नहीं देखा था। चूत को इस तरह चौड़ा करके सलौनीने अपनी जीभ की नोक से अंदर के 'गुलाबी माल' को छुआ। सलोनी सिहर उठी। उसे किसी और लड़की के साथ ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ था लेकिन सुधा ने उसे कई बार बताया था सलोनी जानती थी कि सुधा का कौमार्य परम ने छीन लिया है, लेकिन सुधा ने उसे कभी नहीं बताया कि वह मुनीम और उसके अपने पिता से भी चुद चुकी है। सलोनी ने कुछ देर पूनम की चूत का स्वाद लिया और फिर उसने दोनों होंठ मुँह में लेकर उसे गहराई से चूसा।

“साली, कुतिया क्या कर रही है! आह्ह्ह्ह बहुत मज़ा दे रही है! वेश्या...कहा से सिखा ये सब! ज़रूर प्रभाकाकी ने सिखाया होगा,ओह्ह, माँ की चूत।“ उसने सलोनी को छूने के लिए अपना हाथ अंदर डाला, लेकिन 6-7 इंच अंदर नहीं गया। उसने हाथ बढ़ाया, लेकिन उसे छू नहीं पाया। इधर मुनीम का लंड पूरे आकार में था। एक हाथ से वह सलोनी को छूने की कोशिश कर रहा था और दूसरे हाथ से खुद को सहला रहा था।
मैत्री की लिखावट।

मुनीम परेशान हो रहा था। अंदर तीन जवान लड़कियाँ नंगी थीं और उसे अपनी खुली हुई चूत दिखा रही थीं, लेकिन वह उन पर हाथ नहीं रख पा रहा था। वह भूल गया था कि उसकी बेटी ने उससे कहा था कि आपस में मज़ा करने के बाद वे सलोनी को चुदाई के लिए उसे दे देंगे। वह सलोनी से ज़्यादा पूनम को चोदना चाहता था, जो पूनम और महक जैसी आकर्षक और मालदार बिल्कुल नहीं थी।

अब महक ने अपने पिता की तरफ़ देखा और उन्हें अपना लौड़ा मुठियाते देख अपनी चूत खोली और चीख पड़ी,

“देख साला, कैसा लौंडा जैसा लौड़ा सहला रहा है....बाप रे कितना मोटा हो गया है...सलोनी तेरी चूत तो आज फट गई।”

महक इतनी ज़ोर से चिल्लाई कि सलोनी को अपना सिर बाहर निकालना पड़ा। उसके मुंह के होठो पर पूनम का स्वाद चमक रहा था जिसे वह अपनी जीभ से आस्वाद ले रही थी। पूनम भी उठ बैठी और सब खिड़की की तरफ़ देखने लगे। और उसी वक़्त मुनीम का वीर्य निकल गया। उसने अपना लंड दोनों हाथों से पकड़ लिया और वीर्य की पिचकारी सलोनी की जांघों पर गिर पड़ी। सलोनी ने पहली बार लंड से वीर्य निकलता देखा था। यह बहुत गाढ़ा था। वीर्य की पिचकारी देखते हुए उसने अपनी उंगलियों पर कुछ बूँदें पोंछीं और अपनी आँखों के पास ले आई। और पूनम ने वीर्य से भरी उंगली सलोनी के मुँह में डाल दी।


********


आजके लिए बस यही तक फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ तब तक के लिए आप आने मंतव्यो दीजिये।




फनलवर की ओर से जय भारत।।
Foursome ki tayyari chal rahi hai
 
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Mass

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Wow...super hot update....the conversations were far too sexy...and erotic...good going!!

Funlover
 
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