• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Erotica पप्पू पास हो गया

🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

parkas

Well-Known Member
34,025
71,852
303
भाग १

दूर से भागता हुआ एक आदमी चिल्लाता हुआ गांव की हवेली की तरफ भागता जा रहा था। और वो चिल्ला क्या रहा था "पप्पू पास हो गया"। जहां जहां से वो निकल रहा था सब लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल कर खुशी मना रहे थे। सब लोग खुश थे कि ३ साल तक १२ वीं में फैल होने के बाद आखिर पप्पू पास हो गया। आखिर कौन है ये पप्पू। क्यों पूरा गांव खुश है। पप्पू और कोई नहीं हमारी कहानी का नायक। सब गांव में खुश है पर हमारा नायक वो इस समय कहा पर है। तो आइए पहले अपने नायक से मिलते है।

खेत की बीचोबीच छोटी सी कुटिया बनी हुई है। एक लड़का बाहर खड़ा होके पहरा दे रहा है। अंदर से आती हुई आवाजों से उसका लन्ड खड़ा हुआ है पर वो चाहकर भी अंदर नहीं देख सकता था।

कुटिया के अंदर दो औरते घोड़ी बनी हुई थी और एक आदमी दोनो की बारी बारी सवारी कर रहा था। दोनो औरते मस्त होकर चुदवा रही थी।


m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-7awz-PQOG19-Jwl-JR-41191171b



औरत: आह कितना हरामी है तू पप्पू मेरे बेटे से ही पहरा दिलवा रहा है और उसी की मां चोद रहा है।

पप्पू: हां मेरी रण्डी, मां नहीं उसकी चाची भी चोद रहा हूं।

दूसरी औरत: जल्दी से बाड़ दे पप्पू, मेरा होने वाला है।

पप्पू: बस मेरी रण्डी अभी तो खेल शुरू हुआ है।

पप्पू दनादन दोनों को चोदने लगा। दोनो ही औरते न जाने कितनी बार झड़ी चुकी थी पर पप्पू अभी भी डटा हुआ था। आखिर पप्पू का धैर्य भी जवाब दे गया। पप्पू ने तुरंत ही अपना विशाल लौड़ा चूत से बाहर निकाला और दोनों औरतों के जिस्म के ऊपर अपना लावा उगल दिया।


4f093adb22dd4f5e7986

तीनो लोग कपड़े पहन ही रहे थे कि तभी बाहर से कुछ आवाज आई।

आवाज: अरे दीपक पप्पू को देखा है क्या।

दीपक: (वो लड़का जो बाहर पहरा दे रहा था) नहीं काका क्यों क्या हुआ। पप्पू को क्यों खोज रहे हो।

आदमी: अरे तुझे नहीं मालूम पप्पू पास हो गया।

दीपक: सच क्या काका, फिर तो आज गांव में जश्न होगा।

आदमी: अरे तभी तो चौधराइन पप्पू को ढूंढवा रही है, की पहले मंदिर में पूजा फिर रात को जश्न होगा। चल मै आगे देखता हूं।

दीपक की मां: अरे वह पप्पू तू तो पास हो गया।

दीपक की चाची: मुबारक हो पप्पू।

तीनो बाहर निकलते है और पप्पू दीपक को अपनी गोद में उठा लेता है।

पप्पू: तू मेरा सच्चा दोस्त है। जब भी पैसे की जरूरत हो तो आ जाना, मै दे दूंगा।

दीपक पप्पू का दोस्त था पर नशे का गुलाम, जिसका फायदा उठाके पप्पू उसकी मां और चाची को पेलता था और उसी से पहरेदारी कराता था।

पप्पू दीपक की जेब में ५०० की एक हरी पत्ती डाल देता है।

पप्पू: दीपक की मां जल्दी से इसकी शादी करवा, बड़े दिन हुए कोई कुंवारी बिल्ली मारे हुए।

दीपक गुस्से से पप्पू की तरफ देखता है, तभी उसके गाल पर एक जोरदार चाटा पड़ जाता है। चाटा किसी और ने नहीं बल्कि दीपक की मां दीपक को मारती है।

दीपक की मां: मादरचोद, नशेड़ी साला अपने बाप को आंखे दिखाता है। भाग यहां से वरना गांड़ में जलती हुई लकड़ी दे दूंगी।

दीपक अपनी मां को जनता था वो तुरंत वहां से नौ दो ग्यारह हो गया। पप्पू ने भी एक बार दोनो की गांड़ मसली और अपने घर की तरफ बढ़ दिया। जब तक पप्पू अपने घर पहुंचे तब तक जानते है पप्पू के बारे में।

पप्पू उर्फ पंकज भाटी, अपने मां बाप का इकलौता बेटा।


images-1


इकलौता बेटा ही नहीं बल्कि पूरे दादीहाल और ननिहाल में इकलौता नई पीढ़ी। सब इसे बहुत प्यार करते है। पप्पू इस समय २० साल का हैं। इनके दो ही शौक है एक तो कसरत करना और दूसरा औरते। लड़कियां नहीं औरते जिनके बड़े बड़े दूध हो उभरी सी गांड़ हो।

images-2


किसी भी औरत की चूचियां इनकी सबसे बड़ी कमजोरी थी। पप्पू में इतनी ताकत थी कि वो १० १५ लोगो को अकेला संभाल सकता था। पप्पू कभी कभी बीयर पीता था पर नशा कोई नहीं। पप्पू को बचपन से ही बड़ी औरत जिस्म की लालसा लग गई थी, और अलग अलग किताबों से पता चला कि बड़ी औरतों को बड़े लन्ड की आस रहती है। और इसी प्रकार विभिन्न प्रकार की जड़ी बोटियों की मदद से उसने अपने लिए एक विकराल लौड़ा तैयार किया। ऐसा नहीं कि पप्पू कमजोर था बस उसका पढ़ाई में मन ही नहीं था। उसे तो बस अपनी टीचर की मुनिया और गांड़ में इंट्रेस्ट था। जिसको चाहा उसको पेला और जिसे भी पेला वो अगली बार खुद से तैयार रहती। ये तो हो गया पप्पू का परिचय।

पप्पू खुश था कि उसकी मेहनत रंग लाई, पढ़ाई की नहीं चुदाई की। नई प्रिंसिपल मैडम को उसने खूब पटक पटक के चोदा था।


m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-4-GCg-YTN1l-Htq-VZVX-4867561b


नतीजा पेपर की हर रात प्रिंसिपल चुदती और पप्पू की आंसर शीट भरती। नतीजा जिस पप्पू के कभी १० से ज्यादा नंबर नहीं आए वो इस बार ८९% से पास हुआ है। आखिरी गणित के पेपर में तो उसने प्रिंसिपल मैडम की गांड़ मारी थी जिसका नतीजा १०० में १०० आए है उसके।

16231912


पप्पू ने तो सुबह ही रिजल्ट अपने मोबाइल पर देख लिया था लेकिन किसी को बताया नहीं। पप्पू यही सब सोचते हुए घर की तरफ लंबे लंबे डग भरते हुए चलने लगा।

तो आइए अब थोड़ा सा पप्पू के परिवार के बारे में भी जान ले। पप्पू के घर में केवल तीन लोग थे, पप्पू, उसकी मां और उसके पिताजी।

गजेंद्र भाटी: पप्पू के पिताजी, गांव के पूर्व चौधरी। उम्र ५५ वर्ष। पिछले १० सालों से बिस्तर पकड़ लिया है। इनको लकवा मार गया शरीर के निचले भाग में। इनके बारे में ज्यादा कुछ है नहीं।

वृंदा भाटी:


images-3



पप्पू की मां, और इस समय में गांव की चौधराइन। पिछले १० वर्षों से निर्विरोध चुनाव जीत रही है। उम्र ४४ साल। इनमें और इनके पति में ११ साल का एज डिफरेंस है। ये गरीब घर से थी, तो जब चौधरी का रिश्ता आया तो इन्होंने हा कर दी। लाइफ फर्स्ट क्लास चल रही थी पर धीरे पति की जरूरत बढ़ती जा रही थी क्योंकि समय से साथ वृंदा का जिस्म तपती हुई भट्टी बन चुका था। पूरा गांव वृंदा के पीछे लट्टू था पर किसी की गांड़ ने इतना गुदा नहीं था कि वृंदा से कुछ भी बोल सके। यही हालत खुद उसके बेटे की भी थी। पप्पू की पूरे संसार में केवल अपनी मां से फटती थी। ऐसा नहीं था कि वृंदा को अपने बेटे के क्रिया कलापों का पता नहीं था पर वो उन्हें नजर अंदाज करती। आखिर पप्पू ने किसी को जबरदस्ती तो नहीं चोदा न। सब अपनी मर्ज़ी से उसके बेटे से चुवाती। पर वृंदा इस बात से अंजान थी उसके बेटे के पास हथौड़े से कड़ा लन्ड है।

चौधरियों की हवेली के बाहर पूरा गांव इकट्ठा था। सब लोग पप्पू के पास होने की खुशियां मना रहे थे। ढोल नगाड़े की ध्वनि से पूरा वातावरण गूंज रहा था। जैसे ही पप्पू ने हवेली में कदम रखा।

वृंदा: रुक जा नासपीटे, आरती तो उतार लेने दे। कितने वर्षों की तपस्या के बाद ये दिन आया है। आज तूने मेरा सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है।

पप्पू मन ही मन सोच रहा था " मैने नहीं मा मेरे लन्ड ने तुम्हारा सिर ऊंचा किया है"।

आरती के बाद लाव लश्कर के साथ सभी लोग गांव से बाहर बने मंदिर में पहुंच गए। वहां पूजा के बाद चौधराइन ने पूरे गांव की दावत का ऐलान किया।

शाम के समय में पूरा गांव इकट्ठा था। क्या बुजुर्ग, क्या औरत क्या बच्चा सब लोग हवेली में जश्न मना रहे थे। बाहर से नाचने वालियों की टोली भी बुलाऊं थी, जो कि बड़ा भड़काऊ डांस कर रही थी।


giphy


हसरत भरे मन से सब लोग उन कातिल नचिनयों को चोदने की ख्वाइश रखते थे। सब जलसे का लुफ्त उठा रहे थे। शराब की नदियां बह रही थी।

हवेली के भीतर अलग नजारा था। पप्पू के हाथ से दान पुण्य करवाया जा रहा था। पप्पू का इन सब में बिल्कुल मन नहीं था। तभी बाहर से दो सूट बूट पहने दो आदमी अंदर आए। ये है पप्पू के चाचा और पप्पू के मामा।

वीरेंद्र भाटी: ये है पप्पू के चाचा। शहर में रह कर ये बड़ा बिजनेस चलाते है जो कि पप्पू के पिताजी ने शुरू किया था। उम्र ४८ साल। अभी ५ साल पहले ही शादी की है। कोई औलाद नहीं है, क्योंकि इनकी बीवी की गर्मी के आगे इनकी एक नहीं चलती। स्टैंड अप दो सेकंड में ही सीट डाउन हो जाता है। छोटा सा औजार है जो इनका साथ नहीं देता।

अजीत सिंह: ये है पप्पू के मामा। कई शहरों में कपड़ों के शोरूम है। पैसों के चक्कर में कभी घर पर ध्यान ही नहीं दे पाए। पप्पू को ही अपना बेटा मानते है। उम्र ४२ साल। बाहर बिजनेस में बहुत रबाब है लेकिन घर में एक दम भीगी बिल्ली। इनकी बीवी के मारे फटती है। बच्चा इन्हें हुआ नहीं और गोद लेने के लिए बीवी ने कभी रजामंदी नहीं दी। इनका भी वही हाल है बिस्तर में एक दम फूस। इनको भी बिजनेस स्टार्ट करने के लिए पप्पू के पिताजी ने ही पैसे दिए थे।

पप्पू दोनो को देखकर दोनों से गले मिला। दोनो ने पप्पू का माथा चूमा और उसे मुबारकबाद दी।

पप्पू: चाची और मामी नहीं आई।

वीरेंद्र: यार तू जनता है, वो गांव आने के नाम से ही विद्यक जाती है, और वैसे भी अब तो तू ही शहर चलेगा, वही मिल लियो अपनी चाची से भी और मामी से भी।

अजीत: सही कहा भाईसाहब।

पप्पू: पर मै शहर क्यों।

अजीत: इतना बड़ा बिजनेस है, अब तुझे ही संभलना है और आगे की पढ़ाई भी तो करनी है।

तभी वृंदा कमरे में दाखिल हुई।

पप्पू: मां मै शहर नहीं जाऊंगा। मुझे यही रहना अच्छा लगता है।

वृंदा: ये सब बाते रात में करेंगे तुझे पंडित जी बुला रहे है गौ दान के लिए। और क्या तुम दोनों भी आते ही शुरू हो गए।

वीरेंद्र और अजीत दोनो ने वृंदा के पैर छुए और सोफे पर जाके बैठ गए। कार्यक्रम चलता रहा शाम कब रात में बदल गई किसी को पता नहीं चला। ज्यादातर गांव वाले अपने घर जा चुके थे पर कुछ ही जो फ्री की पीने वाले थे वहीं बचे थे।

वृंदा पूरी हवेली में पप्पू को ढूंढ रही थी पर पप्पू कही नहीं दिख रहा था। वो मन ही मन बड़बड़ाए जा रही।

वृंदा: कहा चला गया, जाने किस रण्डी को चोद रहा होगा।

तभी वृंदा स्टोररूम के पास से गुजरी तो उसे कुछ आवाजें सुनाई दी। स्टोररूम का दरवाजा अंदर से बंद था। वृंदा देखना चाहती थी अंदर क्या हो रहा है। उसे खिड़की हल्की सी खुली दिखाई दी। अंदर जो उसने देखा उसके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। अंदर पप्पू उसकी सबसे अच्छी सहेली राधा को चोद रहा था।


xxxgif-milf-lisa-ann-fucked-hard-from-behind-xxx-gif-porn

राधा: आह पप्पू आई और जोर से चोद। फाड़ डाल मेरी मुनिया।आह

पप्पू: राधा रण्डी साली आज तेरी चूत का भुर्ता बना दूंगा। ले मेरा लौड़ा रण्डी साली।

राधा: जब आह तू रण्डी बोलता है तो बड़ा अच्छा लगता है। बस निकाल दे अपना मॉल अब बहुत देर हो गई।

पप्पू: बोल कहा लेगी मेरा मॉल।

राधा: अंदर ही गेर दे, जब तक तेरा लावा नहीं लूंगी तेरे अंदर ये आग नहीं बुझेगी।

और पप्पू दनादन राधा को चोदने लगा। राधा भी नीचे से गांड़ उठा उठाके चुदवा रही थी। और वो पल भी आया जब पप्पू ने अपना सारा मॉल राधा की चूत में उतार दिया। वृंदा को बिल्कुल भी इस बात का एहसास नहीं था कि वो इतनी देर से खुद अपनी चूत से खेल रही थी। उसकी उंगलियां पूरी तरह उसके रस से भीगी हुई है। पर प्रलय तो अब आनी थी। जैसे ही पप्पू ने राधा की मुनिया से अपना विकराल लन्ड निकाला वो वृंदा की आंखों के सामने लहराने लगा।


images-4


वृंदा ने अपने जीवनकाल में आज दूसरा लन्ड देखा था। पहला अपने पति का और दूसरा इतना विकराल अपने बेटे का। इतना बड़ा लन्ड उसकी परिकल्पना से भी परे था।

राधा और पप्पू जब अपने कपड़े पहनने लगे तब जा कर वृंदा की तंत्रा भंग हुई। वो दबे पाओ वहां से निकल गई।

रात में घर की पंचायत बैठी और निर्णय ये हुआ कि पप्पू शहर जाएगा और आगे की पढ़ाई और धंधा संभालेगा। वृंदा भेजना तो नहीं चाहती थी पर और कोई विकल्प नहीं था। यहां पर रहा तो बस चुदाई करता रह जाएगा।


रात की काली घटाए चांदनी को अपनी आगोश में भर चुकी थी। एक साया हवेली के सन्नाटे को चीरता हुआ उस तरफ जा रहा था जहां से थोड़ी सी रोशनी आ रही थी। वो साया खिड़की के पास जाके एक निर्धारित स्थान पर जाकर खड़ा हो गया। और अंदर का नजारा देखते हुए अपने लन्ड को मसलने लगा। अंदर का दृश्य ही ऐसा कामुक था। अंदर एक औरत बिल्कुल नंगी अपनी चूत में उंगलियां डाल अंदर बाहर कर रही थी।

3132251


उसके सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थी। वो अपनी मुनिया को एक सेकंड का भी विश्राम नहीं दे रही थी। लगातार घर्षण करते जा रही थी। उस औरत को कोई सुध नहीं थी उसे तो बस अपने चरम पर पहुंचना था। वो किसी बेदर्दी की तरह खुद अपनी चूचियों मरोड़ रही थी। बाहर साया भी उस औरत के ताल से ताल मिलाता हुआ अपने लन्ड को मुठिया रहा था। औरत बस किसी भी क्षण अपने परम चरम पर पहुंच सकती थी। वो अपनी गांड़ को भी हिलाने लगी। और वो पल भी आया जब उस औरत ने अपना धैर्य छोड़ दिया। उसका चरम इतने वेग से निकला जैसे किसी ने मूत दिया हो।


m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-9-F1-Ot-BAf-KApx-CJa-J-47735691b

और उसके मुख से केवल एक ही शब्द निकला "पप्पू"।
Bahut hi badhiya update diya hai mitzerotics bhai....
Nice and beautiful update....
 
154
115
59
KAALA NAAG KAHANI KA KYA HUA??

WAHAN PAR TO UPDATE DENE KE LIYE REPLY BHI NAHI KAR RAHE HO??
 

Napster

Well-Known Member
8,959
21,332
188
भाग १

दूर से भागता हुआ एक आदमी चिल्लाता हुआ गांव की हवेली की तरफ भागता जा रहा था। और वो चिल्ला क्या रहा था "पप्पू पास हो गया"। जहां जहां से वो निकल रहा था सब लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल कर खुशी मना रहे थे। सब लोग खुश थे कि ३ साल तक १२ वीं में फैल होने के बाद आखिर पप्पू पास हो गया। आखिर कौन है ये पप्पू। क्यों पूरा गांव खुश है। पप्पू और कोई नहीं हमारी कहानी का नायक। सब गांव में खुश है पर हमारा नायक वो इस समय कहा पर है। तो आइए पहले अपने नायक से मिलते है।

खेत की बीचोबीच छोटी सी कुटिया बनी हुई है। एक लड़का बाहर खड़ा होके पहरा दे रहा है। अंदर से आती हुई आवाजों से उसका लन्ड खड़ा हुआ है पर वो चाहकर भी अंदर नहीं देख सकता था।

कुटिया के अंदर दो औरते घोड़ी बनी हुई थी और एक आदमी दोनो की बारी बारी सवारी कर रहा था। दोनो औरते मस्त होकर चुदवा रही थी।


m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-7awz-PQOG19-Jwl-JR-41191171b



औरत: आह कितना हरामी है तू पप्पू मेरे बेटे से ही पहरा दिलवा रहा है और उसी की मां चोद रहा है।

पप्पू: हां मेरी रण्डी, मां नहीं उसकी चाची भी चोद रहा हूं।

दूसरी औरत: जल्दी से बाड़ दे पप्पू, मेरा होने वाला है।

पप्पू: बस मेरी रण्डी अभी तो खेल शुरू हुआ है।

पप्पू दनादन दोनों को चोदने लगा। दोनो ही औरते न जाने कितनी बार झड़ी चुकी थी पर पप्पू अभी भी डटा हुआ था। आखिर पप्पू का धैर्य भी जवाब दे गया। पप्पू ने तुरंत ही अपना विशाल लौड़ा चूत से बाहर निकाला और दोनों औरतों के जिस्म के ऊपर अपना लावा उगल दिया।


4f093adb22dd4f5e7986

तीनो लोग कपड़े पहन ही रहे थे कि तभी बाहर से कुछ आवाज आई।

आवाज: अरे दीपक पप्पू को देखा है क्या।

दीपक: (वो लड़का जो बाहर पहरा दे रहा था) नहीं काका क्यों क्या हुआ। पप्पू को क्यों खोज रहे हो।

आदमी: अरे तुझे नहीं मालूम पप्पू पास हो गया।

दीपक: सच क्या काका, फिर तो आज गांव में जश्न होगा।

आदमी: अरे तभी तो चौधराइन पप्पू को ढूंढवा रही है, की पहले मंदिर में पूजा फिर रात को जश्न होगा। चल मै आगे देखता हूं।

दीपक की मां: अरे वह पप्पू तू तो पास हो गया।

दीपक की चाची: मुबारक हो पप्पू।

तीनो बाहर निकलते है और पप्पू दीपक को अपनी गोद में उठा लेता है।

पप्पू: तू मेरा सच्चा दोस्त है। जब भी पैसे की जरूरत हो तो आ जाना, मै दे दूंगा।

दीपक पप्पू का दोस्त था पर नशे का गुलाम, जिसका फायदा उठाके पप्पू उसकी मां और चाची को पेलता था और उसी से पहरेदारी कराता था।

पप्पू दीपक की जेब में ५०० की एक हरी पत्ती डाल देता है।

पप्पू: दीपक की मां जल्दी से इसकी शादी करवा, बड़े दिन हुए कोई कुंवारी बिल्ली मारे हुए।

दीपक गुस्से से पप्पू की तरफ देखता है, तभी उसके गाल पर एक जोरदार चाटा पड़ जाता है। चाटा किसी और ने नहीं बल्कि दीपक की मां दीपक को मारती है।

दीपक की मां: मादरचोद, नशेड़ी साला अपने बाप को आंखे दिखाता है। भाग यहां से वरना गांड़ में जलती हुई लकड़ी दे दूंगी।

दीपक अपनी मां को जनता था वो तुरंत वहां से नौ दो ग्यारह हो गया। पप्पू ने भी एक बार दोनो की गांड़ मसली और अपने घर की तरफ बढ़ दिया। जब तक पप्पू अपने घर पहुंचे तब तक जानते है पप्पू के बारे में।

पप्पू उर्फ पंकज भाटी, अपने मां बाप का इकलौता बेटा।


images-1


इकलौता बेटा ही नहीं बल्कि पूरे दादीहाल और ननिहाल में इकलौता नई पीढ़ी। सब इसे बहुत प्यार करते है। पप्पू इस समय २० साल का हैं। इनके दो ही शौक है एक तो कसरत करना और दूसरा औरते। लड़कियां नहीं औरते जिनके बड़े बड़े दूध हो उभरी सी गांड़ हो।

images-2


किसी भी औरत की चूचियां इनकी सबसे बड़ी कमजोरी थी। पप्पू में इतनी ताकत थी कि वो १० १५ लोगो को अकेला संभाल सकता था। पप्पू कभी कभी बीयर पीता था पर नशा कोई नहीं। पप्पू को बचपन से ही बड़ी औरत जिस्म की लालसा लग गई थी, और अलग अलग किताबों से पता चला कि बड़ी औरतों को बड़े लन्ड की आस रहती है। और इसी प्रकार विभिन्न प्रकार की जड़ी बोटियों की मदद से उसने अपने लिए एक विकराल लौड़ा तैयार किया। ऐसा नहीं कि पप्पू कमजोर था बस उसका पढ़ाई में मन ही नहीं था। उसे तो बस अपनी टीचर की मुनिया और गांड़ में इंट्रेस्ट था। जिसको चाहा उसको पेला और जिसे भी पेला वो अगली बार खुद से तैयार रहती। ये तो हो गया पप्पू का परिचय।

पप्पू खुश था कि उसकी मेहनत रंग लाई, पढ़ाई की नहीं चुदाई की। नई प्रिंसिपल मैडम को उसने खूब पटक पटक के चोदा था।


m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-4-GCg-YTN1l-Htq-VZVX-4867561b


नतीजा पेपर की हर रात प्रिंसिपल चुदती और पप्पू की आंसर शीट भरती। नतीजा जिस पप्पू के कभी १० से ज्यादा नंबर नहीं आए वो इस बार ८९% से पास हुआ है। आखिरी गणित के पेपर में तो उसने प्रिंसिपल मैडम की गांड़ मारी थी जिसका नतीजा १०० में १०० आए है उसके।

16231912


पप्पू ने तो सुबह ही रिजल्ट अपने मोबाइल पर देख लिया था लेकिन किसी को बताया नहीं। पप्पू यही सब सोचते हुए घर की तरफ लंबे लंबे डग भरते हुए चलने लगा।

तो आइए अब थोड़ा सा पप्पू के परिवार के बारे में भी जान ले। पप्पू के घर में केवल तीन लोग थे, पप्पू, उसकी मां और उसके पिताजी।

गजेंद्र भाटी: पप्पू के पिताजी, गांव के पूर्व चौधरी। उम्र ५५ वर्ष। पिछले १० सालों से बिस्तर पकड़ लिया है। इनको लकवा मार गया शरीर के निचले भाग में। इनके बारे में ज्यादा कुछ है नहीं।

वृंदा भाटी:


images-3



पप्पू की मां, और इस समय में गांव की चौधराइन। पिछले १० वर्षों से निर्विरोध चुनाव जीत रही है। उम्र ४४ साल। इनमें और इनके पति में ११ साल का एज डिफरेंस है। ये गरीब घर से थी, तो जब चौधरी का रिश्ता आया तो इन्होंने हा कर दी। लाइफ फर्स्ट क्लास चल रही थी पर धीरे पति की जरूरत बढ़ती जा रही थी क्योंकि समय से साथ वृंदा का जिस्म तपती हुई भट्टी बन चुका था। पूरा गांव वृंदा के पीछे लट्टू था पर किसी की गांड़ ने इतना गुदा नहीं था कि वृंदा से कुछ भी बोल सके। यही हालत खुद उसके बेटे की भी थी। पप्पू की पूरे संसार में केवल अपनी मां से फटती थी। ऐसा नहीं था कि वृंदा को अपने बेटे के क्रिया कलापों का पता नहीं था पर वो उन्हें नजर अंदाज करती। आखिर पप्पू ने किसी को जबरदस्ती तो नहीं चोदा न। सब अपनी मर्ज़ी से उसके बेटे से चुवाती। पर वृंदा इस बात से अंजान थी उसके बेटे के पास हथौड़े से कड़ा लन्ड है।

चौधरियों की हवेली के बाहर पूरा गांव इकट्ठा था। सब लोग पप्पू के पास होने की खुशियां मना रहे थे। ढोल नगाड़े की ध्वनि से पूरा वातावरण गूंज रहा था। जैसे ही पप्पू ने हवेली में कदम रखा।

वृंदा: रुक जा नासपीटे, आरती तो उतार लेने दे। कितने वर्षों की तपस्या के बाद ये दिन आया है। आज तूने मेरा सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है।

पप्पू मन ही मन सोच रहा था " मैने नहीं मा मेरे लन्ड ने तुम्हारा सिर ऊंचा किया है"।

आरती के बाद लाव लश्कर के साथ सभी लोग गांव से बाहर बने मंदिर में पहुंच गए। वहां पूजा के बाद चौधराइन ने पूरे गांव की दावत का ऐलान किया।

शाम के समय में पूरा गांव इकट्ठा था। क्या बुजुर्ग, क्या औरत क्या बच्चा सब लोग हवेली में जश्न मना रहे थे। बाहर से नाचने वालियों की टोली भी बुलाऊं थी, जो कि बड़ा भड़काऊ डांस कर रही थी।


giphy


हसरत भरे मन से सब लोग उन कातिल नचिनयों को चोदने की ख्वाइश रखते थे। सब जलसे का लुफ्त उठा रहे थे। शराब की नदियां बह रही थी।

हवेली के भीतर अलग नजारा था। पप्पू के हाथ से दान पुण्य करवाया जा रहा था। पप्पू का इन सब में बिल्कुल मन नहीं था। तभी बाहर से दो सूट बूट पहने दो आदमी अंदर आए। ये है पप्पू के चाचा और पप्पू के मामा।

वीरेंद्र भाटी: ये है पप्पू के चाचा। शहर में रह कर ये बड़ा बिजनेस चलाते है जो कि पप्पू के पिताजी ने शुरू किया था। उम्र ४८ साल। अभी ५ साल पहले ही शादी की है। कोई औलाद नहीं है, क्योंकि इनकी बीवी की गर्मी के आगे इनकी एक नहीं चलती। स्टैंड अप दो सेकंड में ही सीट डाउन हो जाता है। छोटा सा औजार है जो इनका साथ नहीं देता।

अजीत सिंह: ये है पप्पू के मामा। कई शहरों में कपड़ों के शोरूम है। पैसों के चक्कर में कभी घर पर ध्यान ही नहीं दे पाए। पप्पू को ही अपना बेटा मानते है। उम्र ४२ साल। बाहर बिजनेस में बहुत रबाब है लेकिन घर में एक दम भीगी बिल्ली। इनकी बीवी के मारे फटती है। बच्चा इन्हें हुआ नहीं और गोद लेने के लिए बीवी ने कभी रजामंदी नहीं दी। इनका भी वही हाल है बिस्तर में एक दम फूस। इनको भी बिजनेस स्टार्ट करने के लिए पप्पू के पिताजी ने ही पैसे दिए थे।

पप्पू दोनो को देखकर दोनों से गले मिला। दोनो ने पप्पू का माथा चूमा और उसे मुबारकबाद दी।

पप्पू: चाची और मामी नहीं आई।

वीरेंद्र: यार तू जनता है, वो गांव आने के नाम से ही विद्यक जाती है, और वैसे भी अब तो तू ही शहर चलेगा, वही मिल लियो अपनी चाची से भी और मामी से भी।

अजीत: सही कहा भाईसाहब।

पप्पू: पर मै शहर क्यों।

अजीत: इतना बड़ा बिजनेस है, अब तुझे ही संभलना है और आगे की पढ़ाई भी तो करनी है।

तभी वृंदा कमरे में दाखिल हुई।

पप्पू: मां मै शहर नहीं जाऊंगा। मुझे यही रहना अच्छा लगता है।

वृंदा: ये सब बाते रात में करेंगे तुझे पंडित जी बुला रहे है गौ दान के लिए। और क्या तुम दोनों भी आते ही शुरू हो गए।

वीरेंद्र और अजीत दोनो ने वृंदा के पैर छुए और सोफे पर जाके बैठ गए। कार्यक्रम चलता रहा शाम कब रात में बदल गई किसी को पता नहीं चला। ज्यादातर गांव वाले अपने घर जा चुके थे पर कुछ ही जो फ्री की पीने वाले थे वहीं बचे थे।

वृंदा पूरी हवेली में पप्पू को ढूंढ रही थी पर पप्पू कही नहीं दिख रहा था। वो मन ही मन बड़बड़ाए जा रही।

वृंदा: कहा चला गया, जाने किस रण्डी को चोद रहा होगा।

तभी वृंदा स्टोररूम के पास से गुजरी तो उसे कुछ आवाजें सुनाई दी। स्टोररूम का दरवाजा अंदर से बंद था। वृंदा देखना चाहती थी अंदर क्या हो रहा है। उसे खिड़की हल्की सी खुली दिखाई दी। अंदर जो उसने देखा उसके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। अंदर पप्पू उसकी सबसे अच्छी सहेली राधा को चोद रहा था।


xxxgif-milf-lisa-ann-fucked-hard-from-behind-xxx-gif-porn

राधा: आह पप्पू आई और जोर से चोद। फाड़ डाल मेरी मुनिया।आह

पप्पू: राधा रण्डी साली आज तेरी चूत का भुर्ता बना दूंगा। ले मेरा लौड़ा रण्डी साली।

राधा: जब आह तू रण्डी बोलता है तो बड़ा अच्छा लगता है। बस निकाल दे अपना मॉल अब बहुत देर हो गई।

पप्पू: बोल कहा लेगी मेरा मॉल।

राधा: अंदर ही गेर दे, जब तक तेरा लावा नहीं लूंगी तेरे अंदर ये आग नहीं बुझेगी।

और पप्पू दनादन राधा को चोदने लगा। राधा भी नीचे से गांड़ उठा उठाके चुदवा रही थी। और वो पल भी आया जब पप्पू ने अपना सारा मॉल राधा की चूत में उतार दिया। वृंदा को बिल्कुल भी इस बात का एहसास नहीं था कि वो इतनी देर से खुद अपनी चूत से खेल रही थी। उसकी उंगलियां पूरी तरह उसके रस से भीगी हुई है। पर प्रलय तो अब आनी थी। जैसे ही पप्पू ने राधा की मुनिया से अपना विकराल लन्ड निकाला वो वृंदा की आंखों के सामने लहराने लगा।


images-4


वृंदा ने अपने जीवनकाल में आज दूसरा लन्ड देखा था। पहला अपने पति का और दूसरा इतना विकराल अपने बेटे का। इतना बड़ा लन्ड उसकी परिकल्पना से भी परे था।

राधा और पप्पू जब अपने कपड़े पहनने लगे तब जा कर वृंदा की तंत्रा भंग हुई। वो दबे पाओ वहां से निकल गई।

रात में घर की पंचायत बैठी और निर्णय ये हुआ कि पप्पू शहर जाएगा और आगे की पढ़ाई और धंधा संभालेगा। वृंदा भेजना तो नहीं चाहती थी पर और कोई विकल्प नहीं था। यहां पर रहा तो बस चुदाई करता रह जाएगा।


रात की काली घटाए चांदनी को अपनी आगोश में भर चुकी थी। एक साया हवेली के सन्नाटे को चीरता हुआ उस तरफ जा रहा था जहां से थोड़ी सी रोशनी आ रही थी। वो साया खिड़की के पास जाके एक निर्धारित स्थान पर जाकर खड़ा हो गया। और अंदर का नजारा देखते हुए अपने लन्ड को मसलने लगा। अंदर का दृश्य ही ऐसा कामुक था। अंदर एक औरत बिल्कुल नंगी अपनी चूत में उंगलियां डाल अंदर बाहर कर रही थी।

3132251


उसके सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थी। वो अपनी मुनिया को एक सेकंड का भी विश्राम नहीं दे रही थी। लगातार घर्षण करते जा रही थी। उस औरत को कोई सुध नहीं थी उसे तो बस अपने चरम पर पहुंचना था। वो किसी बेदर्दी की तरह खुद अपनी चूचियों मरोड़ रही थी। बाहर साया भी उस औरत के ताल से ताल मिलाता हुआ अपने लन्ड को मुठिया रहा था। औरत बस किसी भी क्षण अपने परम चरम पर पहुंच सकती थी। वो अपनी गांड़ को भी हिलाने लगी। और वो पल भी आया जब उस औरत ने अपना धैर्य छोड़ दिया। उसका चरम इतने वेग से निकला जैसे किसी ने मूत दिया हो।


m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-9-F1-Ot-BAf-KApx-CJa-J-47735691b

और उसके मुख से केवल एक ही शब्द निकला "पप्पू"।
बहुत ही गरमागरम कामुक और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक प्रारंभ हैं भाई कहानी का
बहुत ही खतरनाक अपडेट है
अगले रोमांचकारी धमाकेदार और चुदाईदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
 
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

sunoanuj

Well-Known Member
5,356
13,215
189
Waiting for next update?
 

mitzerotics

Member
298
2,399
124
KAALA NAAG KAHANI KA KYA HUA??

WAHAN PAR TO UPDATE DENE KE LIYE REPLY BHI NAHI KAR RAHE HO??
शुक्रिया, काला नाग को याद रखने के लिए। उस कहानी को कुछ देर विश्राम दिया है। कुछ दिनों के पश्चात उस कहानी को दोबारा शुरू करूंगा। कोई भी कहानी अधूरी नहीं छोडूंगा। साथ रहने के लिए आपका कोटि कोटि धन्यवाद।
 
  • Love
  • Like
Reactions: Mass and Napster

mitzerotics

Member
298
2,399
124
बहुत ही गरमागरम कामुक और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक प्रारंभ हैं भाई कहानी का
बहुत ही खतरनाक अपडेट है
अगले रोमांचकारी धमाकेदार और चुदाईदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
शुक्रिया भाई!
 
  • Like
Reactions: parkas and Napster
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories
Top