Naik
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Bahot badhiya shaandar updatechapter 3
अभय किसी एक कमरे मे था और उस कमरे मे चार लोग थे छोटा सा कमरा था और नीचे सभी को सोना परता था
अभय दीवाल से सत् बैठा हुवा था अभय के पास विजय भी था जो अभय के गाव का था यानी मिनिता का बेटा था दोनों साथ बैठे थे अभय के समाने दो लरके जो पेहले से ही थे दोनों एक साथ बैठे थे
अभय विजय को यहा आये हुवे 10 din हो गये थे अभय के सामने दीवार से सटे जो दो लरके थे एक का नाम जीतू दूसरे का नाम जीत था दोनों अभय के गाव से बहोत दूर गाव के थे लेकिन दोनों उमर मे अभय से कुछ महीने बरे थे अभय बैठे दोनों को देख रहा था दोनों अभय को देख रहे थे
अभय - दोनों को देख तुम दोनों को 3 महीने पेहले किड्नैप कर के लाया गया यानी तुम लोग यहा 3 महीने से हो तो तुम दोनों को बहोत कुछ पता होगा हम कहा है हमे कियु यहा किड्नैप कर के लाया गया और हमे ट्रेनिंग कियु दी जा रही है
अभय की बात सुन जीत जीतू एक दूसरे को देखते है और जोर जोर जोर से हसने लगते है
अभय दोनों को अजीब नजरो से देखने लगता है लेकिन विजय को दोनों पे गुस्सा आ जाता है
विजय - दोनों को देख गुस्से से देख अभय भाई ने तुम दोनों से कुछ पूछा है और तुम दोनों उनपे हस रहे हो
जीतू जीत सांत होते हुवे अभय विजय को देख माफ करना
जीतू - अभय को विजय को देख देखो हसी इस लिये हमे आई की जब तुम दोनों यहा आये थे तो 5 दिनों तक तुम दोनों डरे रोते रहे लेकिन आज देखो कैसे मर्द बने बैठे हो बस इसी लिये हसी आ गई
अभय - दीवार से हट आगे झुक दोनों को देख मौत से सब को डर लगता हैं अभय दोनों के आखो मे देख तुम दोनों केह तो ऐसे रहे हो जैसे तुम दोनों तो रोये ही नही होगे तुम दोनों को डर भी नही लगा होगा
अभय की बात सुन जीतू जीत दोनों अपने यादों पे चले जाते जब दोनों को लाया गया था तब दोनों एक महीने तक रोये डरे रहे थे ये याद कर दोनों चुप हो जाते है
अभय दोनों को देख मुस्कुराते हुवे देखो हम एक साथ रहे रहे हैं तो हमे एक टीम बना लेनी चाहिये मे विजय तुम दोनों से दोस्ती का हाथ बढ़ाता हु किया केहते हो हम सब हर मुश्किल मे एक दूसरे का साथ देगे
जीतू जीत एक दूसरे को देखते है फिर दोनों रेडी हो जाते है अभय ने दोनों को दोस्त बना कर चार लोगो की टीम बना ले थी
अभय जीत जीतू विजय चारों एक साथ घेरा बना के बैठे हुवे थे
अभय जीत जीतू से तुम दोनों जितना जानते हो सब बता दो
जीतू - अभय को देख ठीक है मे जितना जनता हु बता देता हु ध्यान से सुनो हम अभी बहोत ही घने जंगल के बीच मे है और इस जंगल मे इंसान का आना बना है दूसरी इस जगह का बॉस का नाम dp devil है लेकिन वो ज्यादा सभी के सामने नही आता और कभी आता भी है तो उसके चेहरे मास्क लगा होता है तीसरी हमे वो लोग मारेगे नही बल्की हमे एक हथियार बना के हमारा इस्त्माल करेगे
अभय ये सुन बहोत हैरान होता है
अभय - हैरानी से जीतू को देख हथियार से तुमहारा केहने का किया मतलम है
जीत - मे बताता हु असल मे dp devil बरे बरे नेता बिजनसमैन को जानता है और किसी भी नेता बिजनसमैन को किसी को मरवाना दमकी देना टांगे तोरना चोरी करना कोई भी काम होता है सभी dp devil को कोन्टेट् करते है और dp devil उनसे पैसे लेकर उनका काम करता है
जीतू - और उस काम को करने के लिये ट्रेंड लोग चाहिये इस लिये dp devil हम जैसे बच्चे को किड्नैप करवा के लाता है और उन बच्चो को ट्रेनिंग दे कर एक असेसन बना देता है
जीत - फिर उन्ही लोगो को ये काम करने के लिये भेजता है देखो हम अभी 15 या 16 के है ट्रेनिंग पुरा करते करते हम adult हो जायेंगे
अभय विजय दोनों की बाते सुन अंदर तक काप् जाते है अभय विजय दोनों एक दूसरे को देखते है
अभय - दोनों को देख यकीन नही होता ऐसा कुछ फिल्मो मे देखा था लेकिन रियल मे हमारी दुनिया मे ऐसा होता कसम से बिस्वास नही हो रहा
विजय - अभय से भाई दुनिया बहोत बरी है इस बरी दुनिया मे कहा किया होता है हम जान नही सकते
अभय - विजय को देख सही कहा अभय जीतू जीत को देख जैसा तुम दोनों ने कहा ऐसा है तो जो लोग ट्रेनिंग पूरी कर उन्हें मिसन पे भेजते है तो वो लोग भाग भी तो सकते है ना एक मिनट मुझे लगता है dp devil इतना बरा क्राइम कर रहा है तो जरूर उसने इसका भी कुछ सोच रखा होगा ऐसे ही किसी को ठोरी ही भेजेगा
जीतू जीत दोनों अभय को मुस्कुराते हुवे देख सच मे तुम होशियार तो हो
जीतू - अभय को देख सही कहा dp devil का अपना खुद का एक लैब है dp devil ने एक ऐसा जेहर बनवाया है जिसका तोर पूरी दुनिया मे किसी के पास नही है सिर्फ dp devil के पास है
जीत - dp devil किसी को जब मिसन पे भेजता है तो उस बंदे के अंदर जेहर और एक चिप ट्रैक करने वाला लगा दिया जाता है जितने दिन का मिसन होता है उस बंदे को उठने दिन के अंदर मिसन पुरा कर के आना होगा देरी की तो जेहर अपना असर देखना सुरु कर देगा और वो मारा जायेगा
जीतू - लेकिन अगर वो सही समय मे वापस आ जाता है तो उसे जेहर का ऐंटीडोत् मिल जाता है
जीत - और जो ट्रैक चिप लगे होते है उसे ट्रैक कर dp devil के लोग हमेसा उनको देखते रेहते है तो कोई चांस नही कोई गलती से भी भागने के बारे मे नही सोचेगा
जीत - ट्रैक चिप तो हम निकाल सकते है लेकिन असली प्रॉब्लम है जेहर उसका हम कुछ नही कर सकते
जीत - अभय को देख अगर तुम भागने के बारे मे सोच रहे हो तो भूल जाओ dp devil ऐसे ही किसी को भागने थोरि देगा जो उसके लिये खतरा बन सकता है
अभय - दोनों को देख यहा एक कातिल के रूप मे उनके लिये कुत्तो की तरह काम करने से अच्छा है मे यहा से भागने की कोसिस करू
( परजेंट )
सुबह हो चुकी थी ट्रेन xxx स्टेशन पे रुकी हुई थी चाय वाले चाय चाय करते हुवे चिला रहे थे तो अभय की नींद टूट जाती है अभय उठ कर बैठ समाने देखता है तो पायल लेती अभय को ही देख रही थी मुस्कुराते हुवे
अभय पायल को देख अजीब चेहरा बनाते हुवे मन मे सुबह सुबह बंदरिया का चेहरा देख लिया चार साल कैद मे रहा तो वहा चैन नही मिलता था बाहर आया तो बंदरिया पीछे पर गई हद है यार
अभय नीचे उतर बाथरूम मे जाता है 5 मिनट बाद बाहर जैसे ही दरवाजा खोल निकलता है तो सामने पायल खरी थी अभय पायल को देख गुस्से से पायल को पकर अंदर बाथरूम मे खिच लेता है और दरवाजा बंद कर पायल को पकर बाथरूम की दीवार पे सता के अपना चेहरा पायल के बिल्कुल सामने लाके पायल की आखो मे देखता है
अभय - पायल को गुस्से से देख मे सुरु से देख रहा हु तुम्हे बार बार मुझे ही घूरते रेहती है अभय नीचे हाथ ले जाके पायल के सीने से होते हुवे नीचे आते हुवे पायल के चुत को पकर लेता है
पायल की एकदम से आह निकल जाती है पायल की सासे रुक जाती है रोये खरे हो जाते है अपनी चुत के किसी के हाथ को फिल कर वो भी अपने राजा के अभय को भी पायल के चुत का उभार मुलायम गुडगूढा बहोत की गरम फिल होता है अभय मन मे साला इसकी चुत तो आग फेक रही है
वही पायल की हालत खराब थी जोर जोर से सासे लिये जा रही थी अभय पायल को देखता है तो पायल के बरे चुचे जोर जोर से सास लेने की वजह से उपर नीचे को रहे थे
पायल - सर्म से लाल अभय को मुस्कुराते हुवे देख मेरे राजा आप तो बहोत तेज निकले सीधा तेरे टांगों के बीच मेरे खजाने पे ही हाथ मार दिया वाह पायल अभय के आखो मे देख वैसे मे और जिसे आपने पकरा है सब आपका ही तो है
अभय - पायल को देख मुस्कुरा रही हो लगता है अभय पायल के चुत को दबाते हुवे तेरी चुत मे बहोत गर्मी है लगता है दिल तो कर रहा है अभी घोरी बना के तेरी सारी गर्मी निकाल हु
पायल - अभय को देख आह करते हुवे पुरे नसिलि आवाज मे अपना चेहरा अभय के पास करते हुवे तो निकाल दो ना मेरे राजा मे भी यही चाहती हु कहे तो मे अभी घोरी बन जाऊ मजा आयेगा ट्रेन के बाथरूम मे
पायल का ये रूप देख अभय की फट जाती है अभय तो सिर्फ पायल को डराना चाहता था अभय कापते होठो से पायल को छोर पीछे हटते हुवे तुम तुम ये कैसी बातें कर रही हो तुम्हे सर्म नही आती
पायल - अभय की तरफ पुरे अदा के साथ बढ़ते हुवे प्यार से अभय को देख सर्म कैसी अपने राजा से प्यार करने मे
अभय पायल को देख ये लरकी पागल है भाग अभय नही तो तेरा कुवारा पन आज ये छिन लेगी अभय जल्दी से दरवाजा खोल भाग जाता है
बेचारा अभय पायल को डराना चाहता था खुद डर कर भाग गया केहते है ना कोई कितना भी बहादुर हु लरकी की सामने उनकी नही चलती
अभय को इस तरह से डर के भागते देख पायल हैरान हो जाती है उसने किया देखा जो लरका सुरु से हमेसा अपना चेहरा टेंस बना के ऐतिटूट मे रेहता था जिसने गन लेस दो डाकू को पकरा वो एक लरकी से डर के भाग गया
पायल ये देख उसके चेहरे पे बरी इस्माइल आ जाती है
पायल मन मे अच्छा तो मेरे राजा की ये कमजोरी है अब तो मेरे राजा तुम्हे कैसे भी पाके रहूगी और मेरी गर्मी तो तुम ही निकालो गे मेरे राजा
पायल फिर नीचे देख अपना हाथ अपनी चुत पे रख सेहलाते हुवे आह करते हुवे बहोत कस के दबा दिया था लेकिन मजा भी बहोत आया पायल अपने नारे खोल अंदर देखती है तो चुत गीली हो चुकी थी
पायल मुस्कुराते हुवे मेरे राजा के चुने से ही चुत गीली हो गई तो आगे जब मेन काम करेगे तो पायल सर्म से अपने चेहरे को छुपाते हुवे हाय मजा ही मजा आयेगा
( पास्ट् )
2 महीने बाद
अदिति अपने बिस्तर पे लेती अभय को याद करते हुवे आसु बहा रही थी जिस लरकी के चेहरे पे हमेसा मुस्कुराहट रेहती जो हमेसा मस्ती मजाक मे रेहती थी अभय के जाने के बाद अदिति की मुस्कुरात हसी चलचलता सब गायेब हो चुकी थी
विनय घर बरा बेटा और घर का का एकलौटा मर्द था विनय सभी के सामने अपने दर्द को नही देखाता था लेकिन अकेले मे अभय को याद कर रो देता था
वही आसा एक मा थी इस लिये आसा हर पल अभय को याद करती रेहती है कई बार बाहर आके देखती थी की कही अभय लौट के तो नही आ रहा लेकिन ऐसा कुछ नही होता था तो आसा का दिल रो देता था
तीनों एक दूसरे के सामने मजबूत दिखाने की कोसिस करते थे लेकिन अंदर ही अंदर ऐसा था नही
इस्पेक्टर नितिका और कई फोर्स किंडनैपर् को ढूढने मे लगे हुवे थे लेकिन किसी को कोई सुराग तक नही मिलता
नितिका गुस्से से अपने ऑफिस मे बैठी हुई सोचे जा रही थी आगे किया करे कैसे करे ताकि किड्नैपर तक पहुचा जा सके
नितिका के साथ पेहली बार हो रहा था की नितिका किसी केस को सोल् नही कर पा रही थी
साम 9 बजे
अभय विजय जीतू जीत अपने बिस्तर पे थके हारे लेते हुवे थे रोज इनकी ट्रेनिंग बहोत हार्ड होती जा रही थी सभी अपने अपने बिस्तर पे लेते एक दूसरे को देख रहे थे और चारों के बीच अच्छी दोस्ती भी हो गई थी
थोरि देर बाद अभय उठ कर बैठ जाता है अभय को देख तीनों भी अभय के पास आके बैठे जाते है
अभय - तीनों को देख देखो दोस्तो मे यहा एक कातिल बन के पूरी जिंदगी कुत्तो की तरह साला dp devil के लिये काम नही करना चाहता ना ना ही मे किसी बेगुनाह को मारना चाहता हु ये मुझसे नही होगा
जीतू - अभय को देख अभय भाई हम भी ऐसा नही चाहते लेकिन हम कर भी किया सकते है
अभय - तीनों को देख हम यहा से भाग जायेंगे
अभय की बात सुन तीनों हैरानी से अभय को देखने लगते है
जीत - अभय को देख अभय भाई आपको पता है ना हम कहा है किसके कैद मे है यहा कितनी सिक्रोटि है
अभय - तीनों को देख मुझे पता है लेकिन मुझे अपनी मा बेहन भाई के पास जाना है और मे जाके रहुंगा चाहे उसके लिये मुझे कुछ भी करना परे भले ही मे भागते हुवे मर भी गया तो कोई गम नही यहा इस नर्क मे कातिल बन के जीने से अच्छा मर जाना अच्छा है
अभय की बात तीनों को समझ में आती है
विजय - अभय को देख भाई मे भी अपनी मा पापा बेहन के पास जाना चाहता हु मे यहा इस नर्क मे कातिल बन के नही रेहना चाहता चाहता मे आप के साथ हु भले ही भागते हुवे मारा जाऊ चलेगा
विजय की बात सुन जीत जीतू दोनों एक दूसरे को देखते है फिर अभय को देख ठीक है हम भी आपके साथ ही हम भी यहा इस नर्क मे नही रेहना चाहते
अभय तीनों को देख बहोत अच्छे लेकिन एक बार फिर सोच लो एक भी गलती हुई हम मारे जायेंगे मे तुम सब पे जोर नही दे रहा
विजय जीतू जीत हमने सोच लिया हम आपके साथ है
विजय - अभय को देख लेकिन भाई हम यहा से भाग कर जायेंगे कैसे
जीतू जीत - अभय को देख हा कैसे
अभय - तीनों को देख पेहला हमे सारी ट्रेनिंग पूरी करनी होगी फिर जब हम असेसन बन जायेंगे फिर हमे मिसन पे भेजा जाएगा तब हम इस जंगल से बाहर जाने के रास्तो को याद कर लेगे दूसरी हमे सिर्फ जेहर का तोर चाहिये और वो हमे लैब मे मिलेगा चिप तो हम खुद निकाल लेगे
जीत - अभय को देख समझ गया भाई आपकी बात लेकिन मैन् जेहर ही तो है वो सभी को रोक रखा है लेकिन कैसे भी जेहर का तोर हमे मिल जाये तो सच मे हम भाग सकते है
अभय - मुस्कुराते हुवे सभी को देख हा सही कहा हमे बस जेहर का तोर चाहिये फिर हम इंतज़ार करेगे एक ऐसे मिसन का जिसमे हम चारो को एक साथ भेजे जैसे ही हम बाहर जायेंगे भाग जायेंगे
जीतू - सभी को देख हा यही एक रास्ता है उसके अलावा हम बाहर निकल नही सकते सालों ने हर जगह cctv गार्ड लगा रखे है
विजय - सभी को देख लेकिन हम जेहर का तोर लैब से लायेगे कैसे और हमे तो ये भी नही पता की जेहर का तोर कोन सा है
अभय - तीनों को देख ये काम मुझपे छोर दो बहोत बहोत रिस्की है अगर मे जो सोच रहा हु वैसा हुवा तो हम इस जगह से भाग पायेंगे
विजय - और अगर आप ने जो सोचा वैसा नही हुवा तो
अभय - विजय को देख तो सिर्फ मे मारा जाउंगा और किया
जीतू जीत विजय तीनों हैरान और डर भी जाते है
अभय - तीनों को देख देखो रिस्क लेना ही पड़ेगा तुम तीनों ये पता करो की लैब मे कोन रेहता है कोन है जो जेहर और उसका तोर तैयार करता है फिर मुझे बताना
तीनों अभय को देख डरते हुवे ठीक है
( परजेंट )
अभय अपनी सीट पे बैठा बाहर देखते हुवे साली दिख तो रही थी सर्मिलि भोलि भाली लेकिन ये तो बहोत तेज निकली
पायल - भी आके अपनी सीट पे बैठ जाती है और अभय को देखने लगती है अभय जब पायल को देखता है तो पायल मुस्कुराते हुवे अभय को आख मार देती है अभय जल्दी से फिर खिरकी के बाहर देखते हुवे साली चुंबक की तरह पीछे पर गई है
तभी पुलिस आ जाती है है पायल के पापा ने पुलिस बुलाई होती है पुलिस दोनों लुटेरे को पकर के ले जाती है
बिपिन - पायल को मुस्कुराते हुवे अभय को देखते हुवे देख किया बात है दीदी लगता है बाथरूम मे कुछ हुवा है मे देख रहा हु आप बहोत खुश है तो वही अभय जीजा आपसे नजरे नही मिला पा रहे है
पायल - अपने भाई को देख खुश होते हुवे तुमने अभय को किया कहा एक बार फिर बोल ना
बिपिन - पायल को देख अंजान बनते हुवे मेने मेने किया कहा कुछ भी तो नही कहा
पायल बिपिन को गुस्से से देखती है
बिपिन - पायल को गुस्से मे देख डरते हुवे अरे बताता हु आप जल्दी ही गुस्सा हो जाती है बिपिन अभय को देख मेने उनको जीजा कहा
पायल - बिपिन के गाल पे किस करते हुवे तेरे मुह मे घी संकर
बिपिन - अपने गाल को साफ करते हुवे पायल को देख मुझे नही जीजा जी को देना चूमि
पायल - अभय को देख मुस्कुराते हुवे मन मे मेरे राजा के लिये तो मेरी पूरी जवानी है देने के लिये मेरे भाई
( पास्ट् ) 2 साल बाद
विनय 18 का हो गया था अदिति 16 की 2 सालों मे कोई भी अभय को नही भुला था तीनों अकेले अभय को याद कर रोते रेहते थे कोई भी अभय को भूल नही पा रहा था ना कोई अभय को भुलाना चाहता था
नितिका पुलिस वाले सभी आज भी कुछ भी पता नही लगा पाये
3 महीने बाद - रात 9 बजे
खाना खाने के बाद आसा विनय अदिति आगन् मे बैठे हुवे थे
आसा आखो मे आसु लिये मेरा लाल कैसा होगा किया कर रहा होगा मुझे कुछ नही पता मुझे कुछ नही पता किया करू मे कैसे अपने लाल को ढूढ़ कर लाउ
अदिति - रोते हुवे अपनी मा को पकर मा आप रोना बंद कर दीजिये भाई जहा भी होगे मुझे यकीन है वो हमे भी बहोत याद कर रहे होगे दिल केहता है मा मेरा दिल केहता है भाई एक ना एक एक जरूर हमारे पास लौट कर आयेगे
आसा - अदिति की बात सुन अदिति को देख किया तुम सच केह रही हो
अदिति - मा को देख हा मा मे सच केह रही हु
विनय को ऐसा लगता नही था लेकिन विनय पुरे दिल से चाहता था उसका भाई लौट आये
विनय - आसा को देख मा मुझे भी यही लगता है अभय जरूर एक दिन लौट कर आयेगा हमारे पास
आसा को ये सुन थोरि राहत मिलती है
आसा - विनय को देख बेटा तुम अब 18 साल के हो गये हो तुम्हे अब सादी कर लेनी चाहिये
आसा की बात सुन अदिति विनय दोनों हैरान हो जाते है और आसा को देखने लगते है
विनय - मा इतनी जल्दी भी किया है
आसा - विनय को देख बेटा इस घर मे बहु आ जायेगी तो इस सुना परा घर मे रोनक आ जायेगी बात को समझ तेरी सादी के बाद अदिति की भी 18 की हो जायेगी तो उसकी भी सादी करनी पड़ेगी और किसी दिन आसा रोते हुवे अभय मेरा लाल आ गया तो उसके लिये मे खुद बहोत ही खूबसूरत लरकी ढुंढूगी गी
अदिति - विनय के कान मे धीरे से भाई मा सही केह रही है भाभी आ जायेगी तो मा का मन लगा रहेगा आप भी जानते है मा हमारे सामने जायदा नही देखती की वो दुखी है लेकिन हम सच जानते है तो मा के लिये हा कर दीजिये वैसे भी आपको सादी करनी ही है एक ना एक दिन
विनय अदिति की बात सुन अदिति को देखता है फिर आसा को देख ठीक है मा मे तैयार हु लेकिन सादी मे जो कर्च होगा वो पैसा हम कहा से लायेगे
आसा - विनय को देख हमारे पास इतना जमीन है एक तुकरा बेच देगे उसी मे तुम्हारी सादी हो जायेगी
आसा की बात सुन विनय अदिति दोनों एक दूसरे को देखते है
विनय - आसा को देख ठीक है मा आपका जैसा ठीक लगे
आसा - थोरा खुश होते हुवे ठीक है फिर मे आज से ही लरकी धुधना सुरु कर देती हु
( 10 दिन बाद )
आसा बहोत कोसिस करती है कोई लरकी विनय के लिये ढूढ़ने की लेकिन आसा कोई ढुंढ नही पाती है वजह थी आसा घर से बाहर गई नही थी और कोई भी अपनी बेटी किसी अंजान को ऐसे ही नही से देगा
( दूसरे दिन )
दोपहर 12 बजे
विनय अदिति स्कूल गये हुवे थे घर पे अकेली आसा ही थी अपने बिस्तर पे लेती सोचो मे गुम
अभी कोई आता है घर के अंदर और आसा को आवाज देता है आसा कमरे से बाहर आकर देखती है तो सामने आसा का देवर खरा था जिसे देख आसा घबराने लगती है लेकिन ऐसा कियु
दरसल उमेस् का एक भाई भी है ये वही है
उमेस् का छोटा भाई आसा का देवर नाम - दिनेस सिन्हा
असल मे निदेश उमेस् दोनों की लाराइ हुई फिर दोनों भाई अलग हो गये दिनेस का जो हिस्सा था उमेस् ने दिनेस को दे दिया था उसके बाद दिनेस घर छोर अपनी बीवी के साथ थोरि दूर उसका जमीन था पेहले दिनेस एक जमीन बेच उसी पैसे से अपना घर बना कर रेहने लगता है
तब से दोनों भाई का रिस्ता खतम हो चुका था कोई भी एक दूसरे के पास नही जाते है और लाराइ की असली वजह आसा थी हा आसा
दिनेस बहोत ठरकी गिरा हुवा आदमी है और आसा के साथ गंदी बातें करने की कोसिस करता रेहता था देवर समझ आसा इग्नोर करती रही लेकिन एक दिन दिनेस आसा को अकेला पाके पकर लिया था बस आसा को आ गया गुस्सा और आसा मे उमेस् को बता दिया फिर लाराइ हुई दोनों भाई अलग हो गये
यही वजह थी की आसा दिनेस को अपने घर मे देख डर गई थी
दिनेस आसा के पास जाके खरा हो जाता है आसा डरी हुई थी
दिनेस - आसा को हवस भरी नजरो से देख भाभी मेने सुना आप विनय के लिये कोई लरकी ढूढ़ रही है और कोई मिल रही रही है मेरे दोस्त की नजर मे एक लरकी है कहे तो बात चलाउ
आसा को यकीन नही हो रहा था दिनेस की बातो पे आसा नजरे नीचे किये दिनेस को बिना देखे
आसा - आप मेरी मदद कियु कर रहे है बिना वजह
दिनेस - आसा को उपर नीचे तक देखते हुवे बिना वजह उसके बदले आपको मुझे कुछ देना होगा
आसा - दिनेस की बात समझ दिनेस को गुस्से मे देख देवर जी मुझे आपसे कोई मदद नही चाहिये अच्छा होगा आप यहा से चले जाइये नही तो मजबुरन मुझे पुलिस के पास जाना होगा
दिनेस - आसा को देख ठीक है मे समझ गया लेकिन एक बार सोच लीजिये आप अकेली है आपका कोई अपना नही है अरे हा आपकी बेहन तो है लेकिन वो तो अपने पति के साथ मजे से जी रही है तो अब कोई नही बचा मेरे सिवा किया आप विनय को जिंदगी भर कुवारा रखना चाहती है फिर अदिति भी तो है सोच लीजिये मे कोई आपके साथ जोर जबरदस्ती नही करने आया हु
दिनेस की बात सुन आसा सोच मे पर जाती है ये देख दिनेस मुस्कुराने लगता है
दिनेस - मन मे साली मस्त माल है लेकिन हाथ नही लगा सकता जब मुझे पता चला की मेरी प्यारी भाभी अपने बेटे के लिये लरकी ढूढ़ रही है तो मुझे एक मोक्का मिला मेने अपने दोस्त से केह कर एक लरकी दुधने को कहा पता है मे 4 दिन उसके पीछे दोरा उसके उपर पैसे खर्च किये फिर हमे बगल की गाव मे एक लरकी मिली मेने इतना सब फिरी मे नही किया है मेरी प्यारी भाभी
आसा - बहोत सोचने के बाद कापते होठो से दिनेस को बिना देखे मे वो सब नही करने दुगी
दिनेस खुशी से - आसा को देख तो आप ही खुद बता दीजिये
आसा कापते हुवे आप कपड़े के ऊपर से छु सकते है बस इतना ही वो भी जब विनय की सादी हो जाइयेगी उसके बाद
दिनेस मन मे इतना मेहनत पैसे खर्च किये है इतना मिल रहा है ले लेता हु बाद मे फिर मोक्का मिला तो पूरा ले लुंगा
दिनेस - आसा को देख मुस्कुराते हुवे ठीक है भाभी मुझे मंजूर है लेकिन अभी सिर्फ अपने उपर से सारी हटा के देखा देती तो
आसा दिनेस की बात सुन काप् जाती है आखो से आसु आ जाते है आसा कापते हाथो से अपने सीने से सारी हटा कर अपने बरे बरे चुचे जो ब्लाउस मे कैद थे दिनेस को दिखाने लगती है
दिनेस अपने लंड को पकर मसलते हुवे आसा के बरे उजले चुचे देख मन मे यही तो वजह है भाभी आप इस गाव की सब से सुंदर औरत है उपर से नीचे तक कयामत ही कयामत है आप
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आसा जल्दी से सीने पे सारी रखते हुवे मे जा रही हु आसा फिर कमरे मे आके दरवाजा बंद कर लेती है
दिनेस मुस्कुराते हुवे घर की तरफ जाते हुवे मन मे दिल तो कर रहा था अभी पटक के चोद दु लेकिन नही कर सकता साला मुझे जेल जाने का कोई शोक नही है अगर मे बहोत अमीर होता तो कोई बात नही थी
वही आसा बिस्तर पे लेत जोर जोर से रोते हुवे उमेस् अपने पति को याद कर आप कियु हमे छोर के चले गये अगर आप आज यहा होते हो मुझे ये समझ नही करना परता मेरा लाल भी मुझसे दूर चला गया मे किया करू समझ मे नही आ रहा है आसा कुछ देर तक रोती रहती है फिर अपने आसु साफ करते हुवे अपने बच्चो की खुशी के लिये मे कुछ भी सेह लुगी एक बार मेरी बेटी बेटा का घर बस जाये उसके बाद मर भी गई तो कोई गम नही होगा
( 20 दिन बाद )
लरका लरकी के परिवार के बीच बातें हो जाती है दिन भी 5 दिन बाद का तय हो जाता है
आसा ने अपना बेटा खोया था विनय अदिति ने अपना भाई इस लिये तय हुवा सादी नॉर्मल मन्दिर मे करी जायेगी
( लरकी के परिवार को बारे मे जान लेते है )
लरकी बगल वाले गाव तानापुरु की रहनी वाली है
लरकी के घर मे सिर्फ तीन ही है लरकी उसकी एक छोटी बेहन और मा घर की हालत आसा के घर से भी खराब है जायदा जमीन नही है जितना है उसमे मुश्किल से घर चलता है
मा - तारा सिन्हा - उमर 39 साल साल
लरकी का नाम - दिशा सिन्हा - उमर 18 साल
छोटी बेटी - पूजा सिन्हा - उमर 17 - साल
विनय दिशा से कुछ महीने बरा है
( दिन बाद ) रात 9 बजे
दिशा घुघट मे बिस्तर पे बैठी हुई थी कमरे मे अदिति आती है और दिशा के पास बैठते हुवे
अदिति - अपने भाभी को देखते हुवे किया मे अपनी प्यारी भाभी के खूबसूरत चेहरे को देख सकती हु
दिशा -घुघट के अंदर से ही अदिति को देख मुस्कुराते हुवे भला मे अपनी प्यारी ननद को कैसे मना कर सकती हु
अदिति - दिशा को देख उदास होते हुवे लेकिन मेरे पास आपको देने के लिये कुछ नही है अदिति अपनी नजरे नीचे झुका लेती है
दिशा - ये देख अदिति के चेहरे को उपर उठाते हुवे किया मेने आपसे कुछ मागा नही ना मुझे कुछ नही चाहिये मुझे आप जैसी प्यारी ननद मिल गई ये ही मेरे लिये गिफ्ट है अदिति अपना घुघट खुद हटा के अदिति को अपना चेहरा देखा देती है
अदिति - दिशा को देखते हुवे भाभी आप सच मे बहोत बहोत खूबसूरत है मेरे भाई की किस्मत ही खुल गई मुझे भी आप जैसी खूबसूरत भाभी पाके बहोत खुश हु तभी अदिति के आखो मे आसु आ जाते है अदिति रोने लगती है
दिशा अचानक अदिति को रोता देख हैरान हो जाती है तभी दिशा को समझ मे आता है अदिति कियु रोने लग गई वजह थी विनय सादी से पेहले अकेले दिशा से मिलने गया था दो बार विनय दोनों बार जायदा तर अभय के बारे मे ही बात करता था
दिशा - आगे बढ़ अदिति के आसु साफ करते हुवे मत रोइये आप अदिति भाभी केहते हुवे दिशा के गले लग जाती है दिशा अदिति के सर को प्यार से सेहलाते हुवे आपके भाई मेरे पास दो बार मिलने आये थे और वो ज्यादा तर देवर जी के बारे मे ही बात करते थे तो मे तभी समझ गई थी की दोनों भाई मे बहोत प्यार है और आज मेने देख समझ लिया की देवर जी को घर में सभी बहोत बहोत प्यार करते है और उन्हें मिस करते है दिशा अदिति को प्यार से देख सच कहु ननद जी मे भी चाहती थी की मेरा एक प्यारा नटखट देवर हो उनके साथ मे खूब मस्ती मजाक करू उन्हें परेसान करू वो मुझे परेसान करे लेकिन उपर वाले ने मेरे देवर जी को मुझसे से दूर ले गये
दिशा के आखो मे भी आसु आ जाते है दिशा भी बहोत ही अच्छी दिल की लरकी थी और दिशा को किसकी का दर्द देखा नही जाता था
अदिति - अपने आसु साफ करते हुवे दिशा को देख काश अभय भाई यहा होते तो ये हर हसी से गुज रहा होता अदिति दिशा को देख आपको बता है अभय भाई ने भी मुझसे एक दिन कहा था की जब भाभी आयेगी तो मे भाभी के साथ खूब मस्ती करुगा भाभी के हाथो से खाना खाऊगा भाभी के साथ ढेर सारी बातें करुगा ना जाने और किया किया भाई ने मुझसे कहा
अदिति को फिर रोना आ जाता है दिशा भी अदिति की बात सुन दिशा को भी रोना आ जाता है
अदिति - अपने आसु साफ करते हुवे दिशा को देख मे भी ना आज आपकी सुहागरात है और मे यहा किया बात लेके बैठे गई
दिशा - अदिति को देख बिल्कुल नही मुझे भी देवर जी के बारे मे बात कर उनके बारे मे जान के अच्छा लगा काश देवर हमारे पास होते
अदिति - दिशा को देख मुस्कुराते हुवे तो अभय भाई आपको खूब परेसान करते
दिशा - मुस्कुराते हुवे तो मे भी उनको खूब परेसान करती
अदिति - खरी होते हुवे थैंक्स भाभी आप बहोत अच्छी है आपसे बात कर बहोत अच्छा लगा
दिशा - मुस्कुराते हुवे मुझे भी ननद जी
अदिति - दिशा को देख जाते हुवे आपकी सुहागरात अच्छी गुजरे भाभी अदिति ये केह चली जाती है
अदिति- के जाने के बाद दिशा अपना घुघट् फिर सर पे दाल कितना प्यार है सब के बीच आज कल भाई भाई को लरते देखा है लेकिन यहा देवर जी के ना होने पे भी वे अपने भाई को कितना मिस करते है ननद जी भी कितनी मासूम अच्छी दिल की प्यारी है उनको देख साफ पता चल रहा था ननद जी देवर जी से बहोत प्यार करती है सासु मा भी कितनी अच्छी ये घर नही स्वर्ग है काश देवर जी आप यहा होते
दिशा उपर वाले से विनती करते हुवे प्लेस उपर वाले देवर जी को हमारे पास भेज दीजिये
आज के लिये इतना ही![]()
Payal tow Badi khaternaak ladki h bechara Abhay dar gaya usse sahi h Bhai
Tow yeh log bachcho ko kidnap Karke unko training dete h or Baad me gair kanooni kaam karwate
Asha ka Dever tow sala bahot bada tharki h dekhte h kia woh Apne maksad me kamyab ho payega
Vinay ki Shaadi ho gayi biwi tow Badi suljhi mili Lekin bechara bahot zinda nahi rahega
Baherhal dekhte h Abhay ki sawari Ghar kab pahochti h
Behtareen shaandar update








