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Incest तू लौट के आजा मेरे लाल

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Naik

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chapter 3

अभय किसी एक कमरे मे था और उस कमरे मे चार लोग थे छोटा सा कमरा था और नीचे सभी को सोना परता था

अभय दीवाल से सत् बैठा हुवा था अभय के पास विजय भी था जो अभय के गाव का था यानी मिनिता का बेटा था दोनों साथ बैठे थे अभय के समाने दो लरके जो पेहले से ही थे दोनों एक साथ बैठे थे

अभय विजय को यहा आये हुवे 10 din हो गये थे अभय के सामने दीवार से सटे जो दो लरके थे एक का नाम जीतू दूसरे का नाम जीत था दोनों अभय के गाव से बहोत दूर गाव के थे लेकिन दोनों उमर मे अभय से कुछ महीने बरे थे अभय बैठे दोनों को देख रहा था दोनों अभय को देख रहे थे

अभय - दोनों को देख तुम दोनों को 3 महीने पेहले किड्नैप कर के लाया गया यानी तुम लोग यहा 3 महीने से हो तो तुम दोनों को बहोत कुछ पता होगा हम कहा है हमे कियु यहा किड्नैप कर के लाया गया और हमे ट्रेनिंग कियु दी जा रही है

अभय की बात सुन जीत जीतू एक दूसरे को देखते है और जोर जोर जोर से हसने लगते है

अभय दोनों को अजीब नजरो से देखने लगता है लेकिन विजय को दोनों पे गुस्सा आ जाता है

विजय - दोनों को देख गुस्से से देख अभय भाई ने तुम दोनों से कुछ पूछा है और तुम दोनों उनपे हस रहे हो

जीतू जीत सांत होते हुवे अभय विजय को देख माफ करना

जीतू - अभय को विजय को देख देखो हसी इस लिये हमे आई की जब तुम दोनों यहा आये थे तो 5 दिनों तक तुम दोनों डरे रोते रहे लेकिन आज देखो कैसे मर्द बने बैठे हो बस इसी लिये हसी आ गई

अभय - दीवार से हट आगे झुक दोनों को देख मौत से सब को डर लगता हैं अभय दोनों के आखो मे देख तुम दोनों केह तो ऐसे रहे हो जैसे तुम दोनों तो रोये ही नही होगे तुम दोनों को डर भी नही लगा होगा

अभय की बात सुन जीतू जीत दोनों अपने यादों पे चले जाते जब दोनों को लाया गया था तब दोनों एक महीने तक रोये डरे रहे थे ये याद कर दोनों चुप हो जाते है

अभय दोनों को देख मुस्कुराते हुवे देखो हम एक साथ रहे रहे हैं तो हमे एक टीम बना लेनी चाहिये मे विजय तुम दोनों से दोस्ती का हाथ बढ़ाता हु किया केहते हो हम सब हर मुश्किल मे एक दूसरे का साथ देगे

जीतू जीत एक दूसरे को देखते है फिर दोनों रेडी हो जाते है अभय ने दोनों को दोस्त बना कर चार लोगो की टीम बना ले थी

अभय जीत जीतू विजय चारों एक साथ घेरा बना के बैठे हुवे थे

अभय जीत जीतू से तुम दोनों जितना जानते हो सब बता दो

जीतू - अभय को देख ठीक है मे जितना जनता हु बता देता हु ध्यान से सुनो हम अभी बहोत ही घने जंगल के बीच मे है और इस जंगल मे इंसान का आना बना है दूसरी इस जगह का बॉस का नाम dp devil है लेकिन वो ज्यादा सभी के सामने नही आता और कभी आता भी है तो उसके चेहरे मास्क लगा होता है तीसरी हमे वो लोग मारेगे नही बल्की हमे एक हथियार बना के हमारा इस्त्माल करेगे

अभय ये सुन बहोत हैरान होता है

अभय - हैरानी से जीतू को देख हथियार से तुमहारा केहने का किया मतलम है

जीत - मे बताता हु असल मे dp devil बरे बरे नेता बिजनसमैन को जानता है और किसी भी नेता बिजनसमैन को किसी को मरवाना दमकी देना टांगे तोरना चोरी करना कोई भी काम होता है सभी dp devil को कोन्टेट् करते है और dp devil उनसे पैसे लेकर उनका काम करता है

जीतू - और उस काम को करने के लिये ट्रेंड लोग चाहिये इस लिये dp devil हम जैसे बच्चे को किड्नैप करवा के लाता है और उन बच्चो को ट्रेनिंग दे कर एक असेसन बना देता है

जीत - फिर उन्ही लोगो को ये काम करने के लिये भेजता है देखो हम अभी 15 या 16 के है ट्रेनिंग पुरा करते करते हम adult हो जायेंगे

अभय विजय दोनों की बाते सुन अंदर तक काप् जाते है अभय विजय दोनों एक दूसरे को देखते है

अभय - दोनों को देख यकीन नही होता ऐसा कुछ फिल्मो मे देखा था लेकिन रियल मे हमारी दुनिया मे ऐसा होता कसम से बिस्वास नही हो रहा

विजय - अभय से भाई दुनिया बहोत बरी है इस बरी दुनिया मे कहा किया होता है हम जान नही सकते

अभय - विजय को देख सही कहा अभय जीतू जीत को देख जैसा तुम दोनों ने कहा ऐसा है तो जो लोग ट्रेनिंग पूरी कर उन्हें मिसन पे भेजते है तो वो लोग भाग भी तो सकते है ना एक मिनट मुझे लगता है dp devil इतना बरा क्राइम कर रहा है तो जरूर उसने इसका भी कुछ सोच रखा होगा ऐसे ही किसी को ठोरी ही भेजेगा

जीतू जीत दोनों अभय को मुस्कुराते हुवे देख सच मे तुम होशियार तो हो
जीतू - अभय को देख सही कहा dp devil का अपना खुद का एक लैब है dp devil ने एक ऐसा जेहर बनवाया है जिसका तोर पूरी दुनिया मे किसी के पास नही है सिर्फ dp devil के पास है

जीत - dp devil किसी को जब मिसन पे भेजता है तो उस बंदे के अंदर जेहर और एक चिप ट्रैक करने वाला लगा दिया जाता है जितने दिन का मिसन होता है उस बंदे को उठने दिन के अंदर मिसन पुरा कर के आना होगा देरी की तो जेहर अपना असर देखना सुरु कर देगा और वो मारा जायेगा

जीतू - लेकिन अगर वो सही समय मे वापस आ जाता है तो उसे जेहर का ऐंटीडोत् मिल जाता है

जीत - और जो ट्रैक चिप लगे होते है उसे ट्रैक कर dp devil के लोग हमेसा उनको देखते रेहते है तो कोई चांस नही कोई गलती से भी भागने के बारे मे नही सोचेगा

जीत - ट्रैक चिप तो हम निकाल सकते है लेकिन असली प्रॉब्लम है जेहर उसका हम कुछ नही कर सकते
जीत - अभय को देख अगर तुम भागने के बारे मे सोच रहे हो तो भूल जाओ dp devil ऐसे ही किसी को भागने थोरि देगा जो उसके लिये खतरा बन सकता है

अभय - दोनों को देख यहा एक कातिल के रूप मे उनके लिये कुत्तो की तरह काम करने से अच्छा है मे यहा से भागने की कोसिस करू


( परजेंट )

सुबह हो चुकी थी ट्रेन xxx स्टेशन पे रुकी हुई थी चाय वाले चाय चाय करते हुवे चिला रहे थे तो अभय की नींद टूट जाती है अभय उठ कर बैठ समाने देखता है तो पायल लेती अभय को ही देख रही थी मुस्कुराते हुवे

अभय पायल को देख अजीब चेहरा बनाते हुवे मन मे सुबह सुबह बंदरिया का चेहरा देख लिया चार साल कैद मे रहा तो वहा चैन नही मिलता था बाहर आया तो बंदरिया पीछे पर गई हद है यार


अभय नीचे उतर बाथरूम मे जाता है 5 मिनट बाद बाहर जैसे ही दरवाजा खोल निकलता है तो सामने पायल खरी थी अभय पायल को देख गुस्से से पायल को पकर अंदर बाथरूम मे खिच लेता है और दरवाजा बंद कर पायल को पकर बाथरूम की दीवार पे सता के अपना चेहरा पायल के बिल्कुल सामने लाके पायल की आखो मे देखता है

अभय - पायल को गुस्से से देख मे सुरु से देख रहा हु तुम्हे बार बार मुझे ही घूरते रेहती है अभय नीचे हाथ ले जाके पायल के सीने से होते हुवे नीचे आते हुवे पायल के चुत को पकर लेता है

पायल की एकदम से आह निकल जाती है पायल की सासे रुक जाती है रोये खरे हो जाते है अपनी चुत के किसी के हाथ को फिल कर वो भी अपने राजा के अभय को भी पायल के चुत का उभार मुलायम गुडगूढा बहोत की गरम फिल होता है अभय मन मे साला इसकी चुत तो आग फेक रही है

वही पायल की हालत खराब थी जोर जोर से सासे लिये जा रही थी अभय पायल को देखता है तो पायल के बरे चुचे जोर जोर से सास लेने की वजह से उपर नीचे को रहे थे
पायल - सर्म से लाल अभय को मुस्कुराते हुवे देख मेरे राजा आप तो बहोत तेज निकले सीधा तेरे टांगों के बीच मेरे खजाने पे ही हाथ मार दिया वाह पायल अभय के आखो मे देख वैसे मे और जिसे आपने पकरा है सब आपका ही तो है
अभय - पायल को देख मुस्कुरा रही हो लगता है अभय पायल के चुत को दबाते हुवे तेरी चुत मे बहोत गर्मी है लगता है दिल तो कर रहा है अभी घोरी बना के तेरी सारी गर्मी निकाल हु

पायल - अभय को देख आह करते हुवे पुरे नसिलि आवाज मे अपना चेहरा अभय के पास करते हुवे तो निकाल दो ना मेरे राजा मे भी यही चाहती हु कहे तो मे अभी घोरी बन जाऊ मजा आयेगा ट्रेन के बाथरूम मे

पायल का ये रूप देख अभय की फट जाती है अभय तो सिर्फ पायल को डराना चाहता था अभय कापते होठो से पायल को छोर पीछे हटते हुवे तुम तुम ये कैसी बातें कर रही हो तुम्हे सर्म नही आती

पायल - अभय की तरफ पुरे अदा के साथ बढ़ते हुवे प्यार से अभय को देख सर्म कैसी अपने राजा से प्यार करने मे

अभय पायल को देख ये लरकी पागल है भाग अभय नही तो तेरा कुवारा पन आज ये छिन लेगी अभय जल्दी से दरवाजा खोल भाग जाता है

बेचारा अभय पायल को डराना चाहता था खुद डर कर भाग गया केहते है ना कोई कितना भी बहादुर हु लरकी की सामने उनकी नही चलती

अभय को इस तरह से डर के भागते देख पायल हैरान हो जाती है उसने किया देखा जो लरका सुरु से हमेसा अपना चेहरा टेंस बना के ऐतिटूट मे रेहता था जिसने गन लेस दो डाकू को पकरा वो एक लरकी से डर के भाग गया

पायल ये देख उसके चेहरे पे बरी इस्माइल आ जाती है

पायल मन मे अच्छा तो मेरे राजा की ये कमजोरी है अब तो मेरे राजा तुम्हे कैसे भी पाके रहूगी और मेरी गर्मी तो तुम ही निकालो गे मेरे राजा

पायल फिर नीचे देख अपना हाथ अपनी चुत पे रख सेहलाते हुवे आह करते हुवे बहोत कस के दबा दिया था लेकिन मजा भी बहोत आया पायल अपने नारे खोल अंदर देखती है तो चुत गीली हो चुकी थी


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पायल मुस्कुराते हुवे मेरे राजा के चुने से ही चुत गीली हो गई तो आगे जब मेन काम करेगे तो पायल सर्म से अपने चेहरे को छुपाते हुवे हाय मजा ही मजा आयेगा


( पास्ट् )

2 महीने बाद

अदिति अपने बिस्तर पे लेती अभय को याद करते हुवे आसु बहा रही थी जिस लरकी के चेहरे पे हमेसा मुस्कुराहट रेहती जो हमेसा मस्ती मजाक मे रेहती थी अभय के जाने के बाद अदिति की मुस्कुरात हसी चलचलता सब गायेब हो चुकी थी

विनय घर बरा बेटा और घर का का एकलौटा मर्द था विनय सभी के सामने अपने दर्द को नही देखाता था लेकिन अकेले मे अभय को याद कर रो देता था

वही आसा एक मा थी इस लिये आसा हर पल अभय को याद करती रेहती है कई बार बाहर आके देखती थी की कही अभय लौट के तो नही आ रहा लेकिन ऐसा कुछ नही होता था तो आसा का दिल रो देता था

तीनों एक दूसरे के सामने मजबूत दिखाने की कोसिस करते थे लेकिन अंदर ही अंदर ऐसा था नही


इस्पेक्टर नितिका और कई फोर्स किंडनैपर् को ढूढने मे लगे हुवे थे लेकिन किसी को कोई सुराग तक नही मिलता

नितिका गुस्से से अपने ऑफिस मे बैठी हुई सोचे जा रही थी आगे किया करे कैसे करे ताकि किड्नैपर तक पहुचा जा सके


नितिका के साथ पेहली बार हो रहा था की नितिका किसी केस को सोल् नही कर पा रही थी


साम 9 बजे

अभय विजय जीतू जीत अपने बिस्तर पे थके हारे लेते हुवे थे रोज इनकी ट्रेनिंग बहोत हार्ड होती जा रही थी सभी अपने अपने बिस्तर पे लेते एक दूसरे को देख रहे थे और चारों के बीच अच्छी दोस्ती भी हो गई थी


थोरि देर बाद अभय उठ कर बैठ जाता है अभय को देख तीनों भी अभय के पास आके बैठे जाते है

अभय - तीनों को देख देखो दोस्तो मे यहा एक कातिल बन के पूरी जिंदगी कुत्तो की तरह साला dp devil के लिये काम नही करना चाहता ना ना ही मे किसी बेगुनाह को मारना चाहता हु ये मुझसे नही होगा

जीतू - अभय को देख अभय भाई हम भी ऐसा नही चाहते लेकिन हम कर भी किया सकते है

अभय - तीनों को देख हम यहा से भाग जायेंगे

अभय की बात सुन तीनों हैरानी से अभय को देखने लगते है

जीत - अभय को देख अभय भाई आपको पता है ना हम कहा है किसके कैद मे है यहा कितनी सिक्रोटि है

अभय - तीनों को देख मुझे पता है लेकिन मुझे अपनी मा बेहन भाई के पास जाना है और मे जाके रहुंगा चाहे उसके लिये मुझे कुछ भी करना परे भले ही मे भागते हुवे मर भी गया तो कोई गम नही यहा इस नर्क मे कातिल बन के जीने से अच्छा मर जाना अच्छा है

अभय की बात तीनों को समझ में आती है

विजय - अभय को देख भाई मे भी अपनी मा पापा बेहन के पास जाना चाहता हु मे यहा इस नर्क मे कातिल बन के नही रेहना चाहता चाहता मे आप के साथ हु भले ही भागते हुवे मारा जाऊ चलेगा

विजय की बात सुन जीत जीतू दोनों एक दूसरे को देखते है फिर अभय को देख ठीक है हम भी आपके साथ ही हम भी यहा इस नर्क मे नही रेहना चाहते

अभय तीनों को देख बहोत अच्छे लेकिन एक बार फिर सोच लो एक भी गलती हुई हम मारे जायेंगे मे तुम सब पे जोर नही दे रहा

विजय जीतू जीत हमने सोच लिया हम आपके साथ है

विजय - अभय को देख लेकिन भाई हम यहा से भाग कर जायेंगे कैसे

जीतू जीत - अभय को देख हा कैसे

अभय - तीनों को देख पेहला हमे सारी ट्रेनिंग पूरी करनी होगी फिर जब हम असेसन बन जायेंगे फिर हमे मिसन पे भेजा जाएगा तब हम इस जंगल से बाहर जाने के रास्तो को याद कर लेगे दूसरी हमे सिर्फ जेहर का तोर चाहिये और वो हमे लैब मे मिलेगा चिप तो हम खुद निकाल लेगे

जीत - अभय को देख समझ गया भाई आपकी बात लेकिन मैन् जेहर ही तो है वो सभी को रोक रखा है लेकिन कैसे भी जेहर का तोर हमे मिल जाये तो सच मे हम भाग सकते है

अभय - मुस्कुराते हुवे सभी को देख हा सही कहा हमे बस जेहर का तोर चाहिये फिर हम इंतज़ार करेगे एक ऐसे मिसन का जिसमे हम चारो को एक साथ भेजे जैसे ही हम बाहर जायेंगे भाग जायेंगे

जीतू - सभी को देख हा यही एक रास्ता है उसके अलावा हम बाहर निकल नही सकते सालों ने हर जगह cctv गार्ड लगा रखे है

विजय - सभी को देख लेकिन हम जेहर का तोर लैब से लायेगे कैसे और हमे तो ये भी नही पता की जेहर का तोर कोन सा है

अभय - तीनों को देख ये काम मुझपे छोर दो बहोत बहोत रिस्की है अगर मे जो सोच रहा हु वैसा हुवा तो हम इस जगह से भाग पायेंगे

विजय - और अगर आप ने जो सोचा वैसा नही हुवा तो
अभय - विजय को देख तो सिर्फ मे मारा जाउंगा और किया

जीतू जीत विजय तीनों हैरान और डर भी जाते है

अभय - तीनों को देख देखो रिस्क लेना ही पड़ेगा तुम तीनों ये पता करो की लैब मे कोन रेहता है कोन है जो जेहर और उसका तोर तैयार करता है फिर मुझे बताना

तीनों अभय को देख डरते हुवे ठीक है

( परजेंट )

अभय अपनी सीट पे बैठा बाहर देखते हुवे साली दिख तो रही थी सर्मिलि भोलि भाली लेकिन ये तो बहोत तेज निकली

पायल - भी आके अपनी सीट पे बैठ जाती है और अभय को देखने लगती है अभय जब पायल को देखता है तो पायल मुस्कुराते हुवे अभय को आख मार देती है अभय जल्दी से फिर खिरकी के बाहर देखते हुवे साली चुंबक की तरह पीछे पर गई है

तभी पुलिस आ जाती है है पायल के पापा ने पुलिस बुलाई होती है पुलिस दोनों लुटेरे को पकर के ले जाती है

बिपिन - पायल को मुस्कुराते हुवे अभय को देखते हुवे देख किया बात है दीदी लगता है बाथरूम मे कुछ हुवा है मे देख रहा हु आप बहोत खुश है तो वही अभय जीजा आपसे नजरे नही मिला पा रहे है

पायल - अपने भाई को देख खुश होते हुवे तुमने अभय को किया कहा एक बार फिर बोल ना

बिपिन - पायल को देख अंजान बनते हुवे मेने मेने किया कहा कुछ भी तो नही कहा
पायल बिपिन को गुस्से से देखती है

बिपिन - पायल को गुस्से मे देख डरते हुवे अरे बताता हु आप जल्दी ही गुस्सा हो जाती है बिपिन अभय को देख मेने उनको जीजा कहा

पायल - बिपिन के गाल पे किस करते हुवे तेरे मुह मे घी संकर
बिपिन - अपने गाल को साफ करते हुवे पायल को देख मुझे नही जीजा जी को देना चूमि
पायल - अभय को देख मुस्कुराते हुवे मन मे मेरे राजा के लिये तो मेरी पूरी जवानी है देने के लिये मेरे भाई

( पास्ट् ) 2 साल बाद

विनय 18 का हो गया था अदिति 16 की 2 सालों मे कोई भी अभय को नही भुला था तीनों अकेले अभय को याद कर रोते रेहते थे कोई भी अभय को भूल नही पा रहा था ना कोई अभय को भुलाना चाहता था

नितिका पुलिस वाले सभी आज भी कुछ भी पता नही लगा पाये

3 महीने बाद - रात 9 बजे

खाना खाने के बाद आसा विनय अदिति आगन् मे बैठे हुवे थे

आसा आखो मे आसु लिये मेरा लाल कैसा होगा किया कर रहा होगा मुझे कुछ नही पता मुझे कुछ नही पता किया करू मे कैसे अपने लाल को ढूढ़ कर लाउ

अदिति - रोते हुवे अपनी मा को पकर मा आप रोना बंद कर दीजिये भाई जहा भी होगे मुझे यकीन है वो हमे भी बहोत याद कर रहे होगे दिल केहता है मा मेरा दिल केहता है भाई एक ना एक एक जरूर हमारे पास लौट कर आयेगे

आसा - अदिति की बात सुन अदिति को देख किया तुम सच केह रही हो
अदिति - मा को देख हा मा मे सच केह रही हु

विनय को ऐसा लगता नही था लेकिन विनय पुरे दिल से चाहता था उसका भाई लौट आये

विनय - आसा को देख मा मुझे भी यही लगता है अभय जरूर एक दिन लौट कर आयेगा हमारे पास

आसा को ये सुन थोरि राहत मिलती है

आसा - विनय को देख बेटा तुम अब 18 साल के हो गये हो तुम्हे अब सादी कर लेनी चाहिये

आसा की बात सुन अदिति विनय दोनों हैरान हो जाते है और आसा को देखने लगते है

विनय - मा इतनी जल्दी भी किया है
आसा - विनय को देख बेटा इस घर मे बहु आ जायेगी तो इस सुना परा घर मे रोनक आ जायेगी बात को समझ तेरी सादी के बाद अदिति की भी 18 की हो जायेगी तो उसकी भी सादी करनी पड़ेगी और किसी दिन आसा रोते हुवे अभय मेरा लाल आ गया तो उसके लिये मे खुद बहोत ही खूबसूरत लरकी ढुंढूगी गी

अदिति - विनय के कान मे धीरे से भाई मा सही केह रही है भाभी आ जायेगी तो मा का मन लगा रहेगा आप भी जानते है मा हमारे सामने जायदा नही देखती की वो दुखी है लेकिन हम सच जानते है तो मा के लिये हा कर दीजिये वैसे भी आपको सादी करनी ही है एक ना एक दिन

विनय अदिति की बात सुन अदिति को देखता है फिर आसा को देख ठीक है मा मे तैयार हु लेकिन सादी मे जो कर्च होगा वो पैसा हम कहा से लायेगे

आसा - विनय को देख हमारे पास इतना जमीन है एक तुकरा बेच देगे उसी मे तुम्हारी सादी हो जायेगी

आसा की बात सुन विनय अदिति दोनों एक दूसरे को देखते है

विनय - आसा को देख ठीक है मा आपका जैसा ठीक लगे
आसा - थोरा खुश होते हुवे ठीक है फिर मे आज से ही लरकी धुधना सुरु कर देती हु

( 10 दिन बाद )

आसा बहोत कोसिस करती है कोई लरकी विनय के लिये ढूढ़ने की लेकिन आसा कोई ढुंढ नही पाती है वजह थी आसा घर से बाहर गई नही थी और कोई भी अपनी बेटी किसी अंजान को ऐसे ही नही से देगा

( दूसरे दिन )

दोपहर 12 बजे

विनय अदिति स्कूल गये हुवे थे घर पे अकेली आसा ही थी अपने बिस्तर पे लेती सोचो मे गुम

अभी कोई आता है घर के अंदर और आसा को आवाज देता है आसा कमरे से बाहर आकर देखती है तो सामने आसा का देवर खरा था जिसे देख आसा घबराने लगती है लेकिन ऐसा कियु

दरसल उमेस् का एक भाई भी है ये वही है

उमेस् का छोटा भाई आसा का देवर नाम - दिनेस सिन्हा

असल मे निदेश उमेस् दोनों की लाराइ हुई फिर दोनों भाई अलग हो गये दिनेस का जो हिस्सा था उमेस् ने दिनेस को दे दिया था उसके बाद दिनेस घर छोर अपनी बीवी के साथ थोरि दूर उसका जमीन था पेहले दिनेस एक जमीन बेच उसी पैसे से अपना घर बना कर रेहने लगता है

तब से दोनों भाई का रिस्ता खतम हो चुका था कोई भी एक दूसरे के पास नही जाते है और लाराइ की असली वजह आसा थी हा आसा

दिनेस बहोत ठरकी गिरा हुवा आदमी है और आसा के साथ गंदी बातें करने की कोसिस करता रेहता था देवर समझ आसा इग्नोर करती रही लेकिन एक दिन दिनेस आसा को अकेला पाके पकर लिया था बस आसा को आ गया गुस्सा और आसा मे उमेस् को बता दिया फिर लाराइ हुई दोनों भाई अलग हो गये

यही वजह थी की आसा दिनेस को अपने घर मे देख डर गई थी

दिनेस आसा के पास जाके खरा हो जाता है आसा डरी हुई थी

दिनेस - आसा को हवस भरी नजरो से देख भाभी मेने सुना आप विनय के लिये कोई लरकी ढूढ़ रही है और कोई मिल रही रही है मेरे दोस्त की नजर मे एक लरकी है कहे तो बात चलाउ

आसा को यकीन नही हो रहा था दिनेस की बातो पे आसा नजरे नीचे किये दिनेस को बिना देखे

आसा - आप मेरी मदद कियु कर रहे है बिना वजह
दिनेस - आसा को उपर नीचे तक देखते हुवे बिना वजह उसके बदले आपको मुझे कुछ देना होगा

आसा - दिनेस की बात समझ दिनेस को गुस्से मे देख देवर जी मुझे आपसे कोई मदद नही चाहिये अच्छा होगा आप यहा से चले जाइये नही तो मजबुरन मुझे पुलिस के पास जाना होगा

दिनेस - आसा को देख ठीक है मे समझ गया लेकिन एक बार सोच लीजिये आप अकेली है आपका कोई अपना नही है अरे हा आपकी बेहन तो है लेकिन वो तो अपने पति के साथ मजे से जी रही है तो अब कोई नही बचा मेरे सिवा किया आप विनय को जिंदगी भर कुवारा रखना चाहती है फिर अदिति भी तो है सोच लीजिये मे कोई आपके साथ जोर जबरदस्ती नही करने आया हु

दिनेस की बात सुन आसा सोच मे पर जाती है ये देख दिनेस मुस्कुराने लगता है

दिनेस - मन मे साली मस्त माल है लेकिन हाथ नही लगा सकता जब मुझे पता चला की मेरी प्यारी भाभी अपने बेटे के लिये लरकी ढूढ़ रही है तो मुझे एक मोक्का मिला मेने अपने दोस्त से केह कर एक लरकी दुधने को कहा पता है मे 4 दिन उसके पीछे दोरा उसके उपर पैसे खर्च किये फिर हमे बगल की गाव मे एक लरकी मिली मेने इतना सब फिरी मे नही किया है मेरी प्यारी भाभी

आसा - बहोत सोचने के बाद कापते होठो से दिनेस को बिना देखे मे वो सब नही करने दुगी

दिनेस खुशी से - आसा को देख तो आप ही खुद बता दीजिये

आसा कापते हुवे आप कपड़े के ऊपर से छु सकते है बस इतना ही वो भी जब विनय की सादी हो जाइयेगी उसके बाद


दिनेस मन मे इतना मेहनत पैसे खर्च किये है इतना मिल रहा है ले लेता हु बाद मे फिर मोक्का मिला तो पूरा ले लुंगा

दिनेस - आसा को देख मुस्कुराते हुवे ठीक है भाभी मुझे मंजूर है लेकिन अभी सिर्फ अपने उपर से सारी हटा के देखा देती तो

आसा दिनेस की बात सुन काप् जाती है आखो से आसु आ जाते है आसा कापते हाथो से अपने सीने से सारी हटा कर अपने बरे बरे चुचे जो ब्लाउस मे कैद थे दिनेस को दिखाने लगती है

दिनेस अपने लंड को पकर मसलते हुवे आसा के बरे उजले चुचे देख मन मे यही तो वजह है भाभी आप इस गाव की सब से सुंदर औरत है उपर से नीचे तक कयामत ही कयामत है आप


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आसा जल्दी से सीने पे सारी रखते हुवे मे जा रही हु आसा फिर कमरे मे आके दरवाजा बंद कर लेती है

दिनेस मुस्कुराते हुवे घर की तरफ जाते हुवे मन मे दिल तो कर रहा था अभी पटक के चोद दु लेकिन नही कर सकता साला मुझे जेल जाने का कोई शोक नही है अगर मे बहोत अमीर होता तो कोई बात नही थी

वही आसा बिस्तर पे लेत जोर जोर से रोते हुवे उमेस् अपने पति को याद कर आप कियु हमे छोर के चले गये अगर आप आज यहा होते हो मुझे ये समझ नही करना परता मेरा लाल भी मुझसे दूर चला गया मे किया करू समझ मे नही आ रहा है आसा कुछ देर तक रोती रहती है फिर अपने आसु साफ करते हुवे अपने बच्चो की खुशी के लिये मे कुछ भी सेह लुगी एक बार मेरी बेटी बेटा का घर बस जाये उसके बाद मर भी गई तो कोई गम नही होगा

( 20 दिन बाद )

लरका लरकी के परिवार के बीच बातें हो जाती है दिन भी 5 दिन बाद का तय हो जाता है

आसा ने अपना बेटा खोया था विनय अदिति ने अपना भाई इस लिये तय हुवा सादी नॉर्मल मन्दिर मे करी जायेगी

( लरकी के परिवार को बारे मे जान लेते है )

लरकी बगल वाले गाव तानापुरु की रहनी वाली है

लरकी के घर मे सिर्फ तीन ही है लरकी उसकी एक छोटी बेहन और मा घर की हालत आसा के घर से भी खराब है जायदा जमीन नही है जितना है उसमे मुश्किल से घर चलता है

मा - तारा सिन्हा - उमर 39 साल साल
लरकी का नाम - दिशा सिन्हा - उमर 18 साल
छोटी बेटी - पूजा सिन्हा - उमर 17 - साल

विनय दिशा से कुछ महीने बरा है


( दिन बाद ) रात 9 बजे

दिशा घुघट मे बिस्तर पे बैठी हुई थी कमरे मे अदिति आती है और दिशा के पास बैठते हुवे

अदिति - अपने भाभी को देखते हुवे किया मे अपनी प्यारी भाभी के खूबसूरत चेहरे को देख सकती हु

दिशा -घुघट के अंदर से ही अदिति को देख मुस्कुराते हुवे भला मे अपनी प्यारी ननद को कैसे मना कर सकती हु

अदिति - दिशा को देख उदास होते हुवे लेकिन मेरे पास आपको देने के लिये कुछ नही है अदिति अपनी नजरे नीचे झुका लेती है

दिशा - ये देख अदिति के चेहरे को उपर उठाते हुवे किया मेने आपसे कुछ मागा नही ना मुझे कुछ नही चाहिये मुझे आप जैसी प्यारी ननद मिल गई ये ही मेरे लिये गिफ्ट है अदिति अपना घुघट खुद हटा के अदिति को अपना चेहरा देखा देती है

अदिति - दिशा को देखते हुवे भाभी आप सच मे बहोत बहोत खूबसूरत है मेरे भाई की किस्मत ही खुल गई मुझे भी आप जैसी खूबसूरत भाभी पाके बहोत खुश हु तभी अदिति के आखो मे आसु आ जाते है अदिति रोने लगती है

दिशा अचानक अदिति को रोता देख हैरान हो जाती है तभी दिशा को समझ मे आता है अदिति कियु रोने लग गई वजह थी विनय सादी से पेहले अकेले दिशा से मिलने गया था दो बार विनय दोनों बार जायदा तर अभय के बारे मे ही बात करता था

दिशा - आगे बढ़ अदिति के आसु साफ करते हुवे मत रोइये आप अदिति भाभी केहते हुवे दिशा के गले लग जाती है दिशा अदिति के सर को प्यार से सेहलाते हुवे आपके भाई मेरे पास दो बार मिलने आये थे और वो ज्यादा तर देवर जी के बारे मे ही बात करते थे तो मे तभी समझ गई थी की दोनों भाई मे बहोत प्यार है और आज मेने देख समझ लिया की देवर जी को घर में सभी बहोत बहोत प्यार करते है और उन्हें मिस करते है दिशा अदिति को प्यार से देख सच कहु ननद जी मे भी चाहती थी की मेरा एक प्यारा नटखट देवर हो उनके साथ मे खूब मस्ती मजाक करू उन्हें परेसान करू वो मुझे परेसान करे लेकिन उपर वाले ने मेरे देवर जी को मुझसे से दूर ले गये

दिशा के आखो मे भी आसु आ जाते है दिशा भी बहोत ही अच्छी दिल की लरकी थी और दिशा को किसकी का दर्द देखा नही जाता था

अदिति - अपने आसु साफ करते हुवे दिशा को देख काश अभय भाई यहा होते तो ये हर हसी से गुज रहा होता अदिति दिशा को देख आपको बता है अभय भाई ने भी मुझसे एक दिन कहा था की जब भाभी आयेगी तो मे भाभी के साथ खूब मस्ती करुगा भाभी के हाथो से खाना खाऊगा भाभी के साथ ढेर सारी बातें करुगा ना जाने और किया किया भाई ने मुझसे कहा

अदिति को फिर रोना आ जाता है दिशा भी अदिति की बात सुन दिशा को भी रोना आ जाता है

अदिति - अपने आसु साफ करते हुवे दिशा को देख मे भी ना आज आपकी सुहागरात है और मे यहा किया बात लेके बैठे गई

दिशा - अदिति को देख बिल्कुल नही मुझे भी देवर जी के बारे मे बात कर उनके बारे मे जान के अच्छा लगा काश देवर हमारे पास होते

अदिति - दिशा को देख मुस्कुराते हुवे तो अभय भाई आपको खूब परेसान करते

दिशा - मुस्कुराते हुवे तो मे भी उनको खूब परेसान करती

अदिति - खरी होते हुवे थैंक्स भाभी आप बहोत अच्छी है आपसे बात कर बहोत अच्छा लगा

दिशा - मुस्कुराते हुवे मुझे भी ननद जी
अदिति - दिशा को देख जाते हुवे आपकी सुहागरात अच्छी गुजरे भाभी अदिति ये केह चली जाती है

अदिति- के जाने के बाद दिशा अपना घुघट् फिर सर पे दाल कितना प्यार है सब के बीच आज कल भाई भाई को लरते देखा है लेकिन यहा देवर जी के ना होने पे भी वे अपने भाई को कितना मिस करते है ननद जी भी कितनी मासूम अच्छी दिल की प्यारी है उनको देख साफ पता चल रहा था ननद जी देवर जी से बहोत प्यार करती है सासु मा भी कितनी अच्छी ये घर नही स्वर्ग है काश देवर जी आप यहा होते

दिशा उपर वाले से विनती करते हुवे प्लेस उपर वाले देवर जी को हमारे पास भेज दीजिये

आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏
Bahot badhiya shaandar update
Payal tow Badi khaternaak ladki h bechara Abhay dar gaya usse sahi h Bhai
Tow yeh log bachcho ko kidnap Karke unko training dete h or Baad me gair kanooni kaam karwate
Asha ka Dever tow sala bahot bada tharki h dekhte h kia woh Apne maksad me kamyab ho payega
Vinay ki Shaadi ho gayi biwi tow Badi suljhi mili Lekin bechara bahot zinda nahi rahega
Baherhal dekhte h Abhay ki sawari Ghar kab pahochti h
Behtareen shaandar update
 

Naik

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chapter 4

( पास्ट ) dp devil का ठिकाना अंजान

रात के 12 बज रहे थे दिपु अपने दोस्त जीत जीतू विजय के साथ जगे हुवा आपस मे बात कर रहे थे असल मे अभय को किसी का इंतज़ार था जो आने वाला था और वही अभय सभी के बाहर अपने घर जाने की चाभी थी आखरी उमीद भी

dp devil ने कई बच्चो को किंड्नैप करवाया और अभय यहा है dp devil के ठिकाने पे वहा कई सारे 15 से लेकर 25 तक से कैदी है लेकिन सभी को अलग अलग रखा जाता है वो भी बहोत टाइट निगरानी मे

2 साल हो चुके थे अभय को अपने मा भाई बेहन घर गाव से दूर रहे इस कैद मे

अभय और उसके दोस्त ट्रेनिंग के साथ अपने मिसन पे भी लगे रेहते थे अभय को बस जिस ने जेहर बनाया था उससे मिलना बातें करना था अभय की उमीद उसी से थी जिसने जेहर बनाया था हा अभय एक रिस्की दवा खेल रहा था अगर अभय ने जो सोचा है वैसा नही होता है तो अभय को उसका अंजाम अच्छे से पता था


2 साल लग जाते है लेकिन सायद किस्मत भी अभय के साथ थी एक मोक्का मिलता है अभय को उस सक्स से बात करने की और अभय ने सोचा वैसा ही होता है और बात बन जाती है लेकिन उसके लिये सभी को दो साल लगे कियुंकी जेहर बनाने वाले बन्दे से मिलना वो भी सब की नजरो से बच के बहोत मुश्किल था उसकी वजह dp devil था

अभय उसी बंदे का इंतज़ार कर रहा था कियुंकी आज का दिन तय हुवा था तभी दरवाजा खुलता है अभय सभी दरवाजे की तरफ देखते है अभय उस बंदे को देख खुश हो जाता है

बंदे का नाम था गोपाल जो 45 साल का था

गोपाल डरे छुपे अभय के पास आया था गोपाल के हाथो मे एक बैग था गोपाल अभय के पास आके बैठ जाता है

गोपाल - अभय को सभी को देख मे ज्यादा देर यहा रुक नही सकता गोपाल बैग को दिखाते हुवे वो बरा था गोपाल ये बैग सोना पैसों से भरा हुवा है गोपाल फिर जेहर का तोर देते हुवे ये जेहर का तोर है गोपाल फिर अपने पास से एक फोटो निकलता है और ये फोटो जिसमे उसकी बीवी बच्चे की की थी गोपाल आखो मे आसु लिये फोटो मे अपनी बीवी बच्चे को देख अभय को देते हुवे बेटा ये मेरी फैमलि है और इस फोटो के पीछे मेरे घर का एड्रेस भी है

अभय फोटो को देखता है फोटो मे गोपाल की बीवी और एक बेटा दो बेटी थी अभय फिर पीछे देखता है तो पीछे एड्रेस भी था गोपाल के घर का

गोपाल - अभय को को देख रोते हुवे बेटा मे अपने परिवार के साथ खुश था लेकिन dp devil की नजर मुझपे पर गई उसने मेरे अंदर मे एक विज्ञानिक था लोगो के लिये अपने परिवार के लिये कुछ करना कुछ बनाना चाहता था लेकिन dp devil कमीने की वजह से ना मे अपने परिवार के लिये कुछ कर पाया ना लोगो के लिये

गोपाल अभय को देख मुझे तुम्हारे ही जैसे किसी की तलास थी वो यहा से भागने की हिम्मत दिखा सके और फिर तुम मुझे मिल गये मे यहा से भाग नही सकता कियुंकी dp devil मुझे जाने नही देगा मे तो बाहर भी नही निकल पाता

गोपाल बैग को जो सोने पैसों से भरे थे आगे करते हुवे इसमें बहोत पैसे और सोने है तुम चारों भी इस पैसों को बात लेना और एक हिस्सा मेरे परिवार वालो को दे देना ताकि वो लोग एक अच्छी लाइफ जी सके अगर तुम ये कर दोगे तो मेरे दिल को सुकून मिलेगा की कम से कम कुछ तो कर पाया अपने परिवार के लिये

अभय - गोपाल के हाथो को पकरते हुवे गोपाल को देख अंकल मे अपनी मा की कसम खाके केहता हु अगर हम यहा से जिंदा निकल पाये तो मे जरूर आपकी फैमली के पास जाउंगा और उनका हिस्सा उन्हें दे दुगा उसी के साथ मे जब तक जिंदा रहुंगा उनकी हर मुश्किल मे मदद करुगा

गोपाल - खुशी के आसु बहाते हुवे अभय को देख थैंक्स बेटा मुझे ये सुन सुकून मिला

अभय - गोपाल को देख लेकिन एक प्रोबलम है
गोपाल - अभय को देख हैरानी से वो किया है
अभय - गोपाल को देख अगर हम यहा से भागने मे कामयाब हो जाते तो भी dp devil हमारे घर आके हमे और हमारे घर वालो को भी मार देगा

अभय की बात सुन जीत जीतू विजय भी हैरान और डर जाते है

गोपाल - अभय को देख अच्छा हुवा तुमने इस टॉपिक पे बात की उसकी चिंता मत करो मे dp devil को अपने परिवार या तुम लोगो के पीछे आने नही दुगा तुम ये सब मुझपे छोर दो

गोपाल अभय को एक नंबर देते हुवे ये उस सक्स का नंबर है जो पुरे हाथ मुह धोके dp devil के पीछे परे है गोपाल फिर एक फाइल देते हुवे और ये वो पुलिस नेता अमीर लोग है जो dp devil के साथ मिले हुवे है मेने तुम्हे जो नंबर दिया है वो एक बहोत ही इमानदार जिसपे पूरा भरोसा किया जा सकता है यही है वो जो बाकी dp devil के साथ मिले हुवे सभी लोगो को सजा दिला सकती है उसका नाम है इंस्पेक्टर नीतिका सिन्हा यहा से बाहर जाते ही इसे फोन करना और यहा का लुकेसन पता देगा दूसरा मोक्का देख जो फाइल है उसे भी दे दे देना उसके बाद मैडम खुद सभी को देख लेगी

गोपाल की पलानिंग उसका दिमाग देख सब हैरान हो जाते है

अभय - गोपाल को देख अपने तो हमारी सारी प्रोबलम ही खतम कर दी इस सब के लिये आपका दिल से सुक्रिया अंकल

जीतू जीत विजय भी गोपाल के सामने झुक उसका सुक्रिया करते है

गोपाल - सभी को देख बच्चो ये करने की जरूरत नही है अपने परिवार से दूर रेहना का दर्द मे अच्छे से समझ सकता हु मे चाहता हु की यहा जितने बच्चे है सभी अपने अपने मा बाप अपने परिवार के पास चले जाये
गोपाल अभय से बस समय का इंतज़ार करो जिस दिन तुम चारों को मिसन मे भेजा जाये भाग जाना अगर ऐसा नही भी होता है तो मे खुद dp devil को बना के तुम चारों को एक साथ मिसन पे भेजवा दुगा

गोपाल ये केह कर सभी को बाय कर चला जाता है

जीत - कितने अच्छे इंसान है ना काश ये भी हमारे साथ चल पाते
अभय - हा लेकिन जा नही सकते पर हम उनका काम जरूर करेगे
विजय - हा उन्होंने अपनी जान रिस्क मे दाल हमारी मदद की है
जीतू - उनका ये एहसास हम कभी नही भुलेगे

अभय - नम आखो से सही कहा कभी भी नही

( परजेंट ) रात 9 बजे - विनय के सुहागरात

आसा कमरे मे विनय को ज्ञान दे रही थी समझा रही थी और विनय मा के पास बैठे सारी बातें गौर से सुने जा रहा था

आसा - विनय को देख समझ गये बहु तुम्हारी जिमेदारी है एक बेटी अपने मा बाप को छोर अपने पति के भरोसे ही आती है तो तुम्हे उसे हमेसा खुश रखना है उसका खयाल रखना है

विनय - आसा को देख समझ गया मा आपने जो कहा उसे मे याद रखुंगा और दिशा का अच्छे से ख्याल रखुंगा

आसा - मुस्कुराते हुवे विनय के माथे पे किस करते हुवे मेरा बच्चा अब जा बहु तुम्हारा इंतज़ार कर रही होगी

विनय - ठीक है मा केह विनय चला जाता है

आसा - अभय को याद कर आसु बहाते हुवे काश मेरा लाल यहा होता तो कितना खुश होता अपनी भाभी को देख कर इस सांत परे घर मे कितनी चहल पहल हो रही होगी अभी


विनय कमरे मे आता है तो देखता है दिखा घुघट् मे बैठी हुई थी विनय को देख दिशा नीचे उतर विनय के पाव छूटी है फिर जाके बैठ जाती है

विनय दिशा के पास बैठ दिशा के घुघट् हो हटा के दिशा के देखता है तो दिशा सर्म से नजरे नीचे किये हुई थी दिशा दुल्हन के रूप मे बहुत खूबसूरत लग रही थी दिशा की सासे भी तेज हो गई थी

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विनय दिशा के खूबसूरत चेहरे को देखते हुवे यकीन नही हो रहा मुझे इतनी खूबसूरत बीवी मिली है दिशा विनय की बातें सुन और सर्म से लाल हो जाती है लेकिन विनय से नजरे नही मिला पाती


विनय दिशा को मुह दिखाई मे एक लॉकेट निकाल खुद दिशा के गले मे पहनाते हुवे
विनय - ये मेहगा नही है बस कुछ हजार के है विनय ये केहते हुवे दिशा को लॉकेट पेहना देता है

दिशा - आखे खोल लॉकेट को पकर देखते हुवे मेरे लिये यही सबसे अच्छा बेस्ट गिफ्ट है मुझे कोई सोना चांदी नही चाहिये दिशा विनय को देखते हुवे मुझे आप जैसे अच्छे पति मिले एक प्यारी ननद मिली मेरी मा जैसी आसु मा एक प्यारा देवर भी थे बस उनकी कमी मुझे खल रही है ये घर स्वर्ग है कियुंकी आप सब अच्छे दिल के है एक दूसरे के लिये प्यार है और मे इस घर का आप सब का हिस्सा बन पाई मेरे लिये ये ही बहोत है

विनय दिशा की बात सुन उनकी सोच देख विनय को बहुत अच्छा लगता है विनय दिशा के गोद मे सर रख कर लेट जाता है दिशा हैरान होती है लेकिन दिशा को भी बहुत अच्छा लगता है दिशा विनय के बालों को सहलाने लगती है

विनय - दुखी आवाज मे तुमने सही कहा दिशा छोटे की कमी बहुत खलती है आज अभय यहा होता तो ये पल और खुसहाल होता काश उसकी जगह पे मुझे ले जाते तो अच्छा होता मा अदिति दोनों अभय से बहुत प्यार करते है और अभय को याद भी बहुत करते है

दिशा - विनय को देख किया सासु मा अदिति आपसे देवर जी जितना प्यार नही करते है

विनय - नजरे उपर कर दिशा को देखता है फिर नजरे नीचे कर करते है बहोत करते है लेकिन मेरी अपनी एक जगह है और अभय की अपनी एक जगह अभय मस्ती मजाक हस्ते मुस्कुराते हुवे रेहने वाला लरका है और मे मस्ती मजाक कम करता हु लेकिन अभय मा अदिति से मस्ती मजाक करते रेहता था इस लिये अभय के लिये मा अदिति का प्यार अभय के लिये गेहरा है

दिशा - विनय को देख समझ सकती हु लेकिन आप घर के बरे है और आप घर को लेके सोच कर चलते थे इसी लिये आप मस्ती मजाक मे कम रहते है और आगे की सोच लेकर जायदा और ये बात आसु मा अदिति जानती होगी वैसे भी बरे भाई के रेहते छोटा भाई मस्ती से जियेगा ही और आप भी तो यही चाहते थे देवर जी के लिये मुझे लगता है देवर जी को भी इसका पता होगा की बात उनके लिये किया है

विनय - दिशा को देख सच्ची
दिशा - विनय को देख मुस्कुराते हुवे सच्ची

एक कहावत है की दो लोगो की सोच मिलती है तो दिल भी मिलते है और दिल मिले है तो एक दूसरे के दिल का हाल भी दर्द सब जान लेते है ( ये कहावत मेने कही है खुद कैसी लगी मेने ये लाइन खुद सोच कर लिखा है पता नही किसी ने पेहले लिखा या ऐसा कुछ लाइन है)

तो दिशा विनय की सोच दिल मिल रहे थे इस लिये दोनों एक दूसरे का हाल दर्द समझ पा रहे थे


विनय दिशा को देख तो हम अपना काम सुरु करे दिशा सर्म से नजरे नीचे किये हुवे धीरे से जी

विनय दिशा को पकर धीरे से बिस्तर पे लेता देता है दिशा सर्म से अपनी आखे बंद कर लेती है विनय धीरे धीरे दिशा के गर्दन पे किस करने लगता है ये एहसास पेहली बार का दिशा को सिसकिया लेने पे मजबूर कर देती है दिशा आह करते हुवे कस के बिस्तर को पकर लेती है विनय धीरे धीरे किस करते हुवे दिशा के चुचे के थौरा उपर किस करने लगता है दिशा की सासे तेज होने लगती है

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विनय फिर थौरा नीचे आके दिशा के चुचे को कपड़े के ऊपर से ही किस करने लगता है दिशा ये फिल कर और जोर से बिस्तर को पकर सिसकिया लेने लगती है विनय फिर किस करते हुवे उपर आके दिशा के रसीले होठो को मुह मे लेके किस करने लगता है दिशा विनय को बहो मे भर पकर लेती है और विनय का साथ देती है 2 मिनट के बाद दिशा सर्म से लाल नजरे नीचे कर लेती है


विनय दिशा को देख मुस्कुराते हुवे अपने कपड़े निकाल चड्डी मे आ जाता है फिर धीरे से दिशा के एक एक कपड़े को सरीर से अलग करने लगता है दिशा एक नजर देखती है फिर सर्म से लाल नजरे नीचे कर लेती है विनय को सारे कमरे अलग करने मे प्रोबलम हो रही थी तो दिशा विनय का साथ देती है फिर दिशा अब पूरी नंगी बिस्तर पे थी

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दिशा सर्म से आखे बंद किये हुवे थी दिल जोर जोर से धक धक कर रहा था आके की सोच कर तो वही विनय दिशा के नंगे खूबसूरत कयामत बदन को देख पागल होने लगता है विनय दिशा के उपर धीरे से आके कान मे तुम बहुत खूबसूरत हॉट हो दिशा ये सुन सर्म के साथ खुश भी होती है

विनय दिशा के बरे गोल उजले चुचे को पकर दबाने लगता है मुह मे देखे पीने लगता है दिशा आह उह्ह् करना सुरु कर देती है विनय दिशा के चुचे पीने के बाद दिशा के पूरे बदन को चूमने लगता है

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दिशा बिस्तर पकर जोर जोर से सिसकिया लेने लगती है दिशा ने बिस्तर को जोर से पकरा हुवा था विनय दिशा के हर अंग को किस करता है चूमता है फिर धीरे से उपर आके दिशा को देखता है दिशा सर्म से नजरे नीचे किये हुई थी विनय दिशा की हालत समझ कुछ नही केहता है फिर चड्डी निकाल दिशा के ऊपर आ जाता है

विनय अपना हाथ नीचे लेजाकर अपने लंड को पकर दिशा की चुत मे के छेद पे रख देता है दिशा विनय के लंड और उसकी गर्मी अपनी चुत पे फिल कर काप् जाती है दिशा को पता था अब किया होने वाला है

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दिशा जोर से बिस्तर को पकर रखी थी थोरा डरी हुई भी थी विनय अपना निसाना सेट कर जोर का धक्का मारता है दिशा की चुत की सील तोरते हुवे विनय का लंड पूरा अंदर घुस जाता है दिशा दर्द मे आह करती है दिशा के आखो से आसु निकल आते है

विनय दिशा के ऊपर पूरा लेता हुवा था विनय थोरा रुकता है कियुंकी विनय को साफ मेहसूस हो रहा था दिशा की टाइट कुछ की छेद और चुत से निकल रहा खून जो की विनय के लंड से होते हुवे बिस्तर पे गिर रहा था विनय दिशा के कान मे धीरे से तुम ठीक हो दिशा दर्द भरी आवाज मे जी

विनय फिर धीरे धीरे धक्के मारना शुरू कर देता है और दिशा बिस्तर पकरे आह उह्ह् किये जा रही थी दिशा साफ मेहसूस कर पा रही थी विनय के लंड को अंदर बाहर आते जाते अपनी चुत मे

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विनय धीरे धीरे चुदाई किये जा रहा था अपना लंड दिशा की चुत के अंदर बाहर किये जा रहा था विनय भी दिशा की गर्म टाइट चुत को साफ फिल कर पा रहा था दोनों का ये पेहला मिलन एहसास नया था

( सुबह हो जाती है )

दिशा सुबह उठ कर नहा धोकर रेडी होके अपने सर पे घुघट् दाल कर कमरे से बाहर आती है विनय अभी भी सोया हुवा था

आसा भी रेडी होकर बाहर आती है तो दिशा को देखती है कमरे से आते हुवे दिशा आसा को देख आसा के पास जाके झुक कर आशीर्वाद लेती है

आसा - दिशा के सर पे हाथ रखते हुवे हमेसा खुश रहो फूलों फलो बेटा

दिशा - आसा को देख सासु मा आप बहुत अच्छी है और मुझे पता है आप मुझे अपनी बेटी की तरह ही मानती है

आसा - दिशा को देख मुस्कुराते हुवे कियु नही मानुगी इतनी अच्छी बहु मुझे बेटी के रूप मे जो मिली है

दिशा को बहुत अच्छा लगता है की उसकी सादी इस घर मे हुई

दिशा - आसा को देख सासु मा खाने मे किया बनाना है
आसा - दिशा को देख मुस्कुराते हुवे अपने पति से पूछो जा जाके
दिशा - नजरे नीचे किये शर्मा के वो अभी सो रहे है आप ही बता दीजिये ना

आसा - मुस्कुराते हुवे भात लाल भुजिया बना लो सुबह यही बनता है

दिशा - खुश होते हुवे जी सासु मा
आसा - मुस्कुराते हुवे अपने काम पे लग जाती है लेकिन अपने लाल के खोने का दर्द उसके अंदर था जो सायद कभी जाने वाला नही था

दिशा खाना बनाने मे लग जाती है

अदिति भी उठ कर आख मलते हुवे बाहर आती है तो देखती है दिशा चावल धो रही थी अदिति मुस्कुराते हुवे दिशा के पास जाती है

अदिति - दिशा के पास आके कैसी रही सुहाग रात भाभी
दिशा चावल धोते हुवे नजरे उपर कर देखती है अदिति नाइट सूट पेहने हुवे खरी थी

दिशा - चावल रख सर्म से लाल होते हुवे नजरे फेर मे कियु बताऊ और आप किया करेगी ये जान कर दिशा ये केह लरकी से जलाने लगती है ( दिशा अभी भी घुघट् डाले हुवे थी और हमेसा रहेगी )

अदिति - दिशा को पीछे से गले गलते हुवे मे तो बस पूछ रही थी और थोरा बहुत तो मुझे भी ज्ञान होना चाहिये ना मेरी भी तो एक दिन सादी होगी

दिशा - हस्ते हुवे अदिति के हाथो को पकर अच्छा ये बात है लेकिन एक दिन मे ही सब जानना है चिता मत कीजिये धीरे धीरे मे आपको सारा ज्ञान दे दुगी ठीक है

दिशा - खरी होते हुवे ठीक है समझ गई लेकिन कम से कम इतना तो बता दीजिये सुहागरात कैसे गई

दिशा - घुघट् को एक हाथ से पकरे अदिति की तरफ देख अच्छी गई अब खुश
अदिति - मुस्कुराते हुवे हा खुश अदिति भी अपने नहाने चली जाती है

अदिति के जाने के बाद दिशा मन मे मुझे पता है आप सब मेरे सामने खुश रहने का दिखावा कर रहे है जैसे आप खुश है लेकिन मुझे पता है देवर जी को आप हमेसा याद करते रेहते है मिस करते है कितना प्यार है एक दूसरे के लिये दिल मे ऐसा मा बेटे बेहन भाई के बीच प्यार हर कही देखने के लिये नही मिलता

दिशा आगन के चारों तरफ नजरे दोराते हुवे अगर देवर जी होते तो इस घर का माहौल कैसा होता अभी

( परजेंट )

ट्रेन तेजी से झुक झुक करती हुई अपनी आखरी मंजिल की तरफ तेजी से बढ़ रही थी तो वही अभय खिरकी पे अपने तेहुने रख चेहरे को को हाथो पे रखे बाहर के नजारे देखने का मजा उठा रहा था तेज हवा खिरकी से अभय के पेहले पे पर रहे थे जिसकी वजह से दिपु के बाल हवा मे लेहरा रहे थे

इस सीन को पायल अभय के इसटाइल् मे बैठे दिपु के प्यारे हैंडसम चेहरे को देखे जा रही थी

तो वही अभय को हवा मे अपने गाव की खुबसु मेहसूस होती है तो अभय के अंदर एक हलचल सुरु हो जाती है अभय का टेंस चेहरे का इम्प्रेसंन बदलने लगता है जो पायल साफ देख पा रही थी

अभय बहोत होशियार पढ़ने मे तेज था भले ही अभय अपने गाव के बाहर जा नही पाया घूम नही पाया लेकिन कोन सा सेहर कहा परता है कोन सा जिला कहा उसके गाव के आस पास कोन गाव है सब पता था

इसी लिये अभय को पता था की अब वो अपने गाव के जिले मे आ चुका है और कुछ मिनट मे वो अपने ssa स्टेशन पे पहुच जायेगा फिर वहा से 30 मिनट मे अपने गाव यही सोच अभय का दिल खुश हो रहा था 4 साल नर्क मे रहने के बाद आज अभय अपनी मा भाई बेहन से मिलने वाला था उसी की खुशी अभय के चेहरे पे आ रही थी

वही पायल ये देख मन मे मेरा राजा मेरे बगल वाले गाव मे रेहता है ये तो मुझे पता चल गया लेकिन ये कहा से आ रहे है कहा गये थे कितने महीने साल बाद गाव जा रहे है मुझे पता नही है लेकिन पायल मुस्कुराते हुवे अभय को देखते हुवे आगे पता चल ही जायेगा

( पास्ट ) विनय की सुहागरात के 2 दिन बाद

सब सही चल रहा था दिशा भी बहुत खुश थी सभी दिशा को बहुत प्यार से रहे थे लेकिन अभय को कोई भी याद करना नही भूलते थे सब के समाने सब नही दिखाते थे पर सब को पता था सच

दोपहर - 1 बजे

अदिति स्कूल नही गई थी अपनी भाभी के साथ कमरे मे बातें कर रही थी अभय घर मे नही था आसा ये देख अपने चेहरे पे घुघट् दाल धीरे से घर के बाहर आके दिनेस अपने देवर के घर की तरफ निकल परती है

असल मे सादी के दिन दिनेस मोक्का देख आसा को पता दिया था की 2 दिन बाद उसकी बीवी बच्चे नही रहेगे घर पे साम को ही आयेगें और उसी दिन वो आ जाये इस लिये आसा जा रही थी अपना वादा पूरा करने

5 मिनट बाद आसा दिनेस के घर के पास आके अपनी मुठी कस अंदर जाती है दिनेस आसा का बहुत बेसबरी से इंतज़ार कर रहा था

आसा जब अंदर जाती है तो दिनेस कमरे मे बैठा हुवा था

असल मे दिनेस का घर पक्के मकान का है दिनेस थोरा अमीर है बस

आसा कमरे मे जाती है तो दिनेस आसा को देख बहुत खुश हो जाता है दिनेस खरा होते हुवे

दिनेस - आसा को देख भाभी आइये ना बैठिये
आसा- घुघट् डाले दिनेस को देख बेड पे बैठते हुवे देवर जी मेने जो वादा किया था उसे पूरा करने आई हु यहा बैठने नही घर मे मेरी बेटी बहु है जल्दी कीजिये और हा जितना हमारे बीच बात हुई थी आगे और कुछ करने की कोसिस की तो जान ले लुगी

आसा की करक आवाज धमकी सुन दिनेस बहुत हैरान होता है दिनेस मन मे आसा को देखते हुवे आज तो भाभी डरी हुई नही लग रही है लेकिन ऐसा कियु है

असल मे आसा अंदर से बहुत डरी हुई थी उसी के साथ आसा की आत्मा भी रो रही थी लेकिन आसा अपनी कमजोरी दिनेस को दिखाना नही चाहती थी कियुंकी आसा को अच्छे से पता था अगर वो कमजोर परी तो दिनेस कुछ और कर सकता है इस लिये आसा ने पेहले ही दिनेस को धमकी दे दी थी ये एहसास करा दिया था की वो दिल हुई उसके आगे कुछ करने की कोसिस ना करे

दिनेस आसा के पास बैठते हुवे
दिनेस - मे समझ गया भाभी जितना हमारे बीच बात हुई उतना ही मे करुगा कसम से दिनेस आसा को हवस वाली नजरो से देखने लगता है

आसा नजरे नीचे किये हुवे अपने आप को संभालते हुवे मुठी कस के धीरे आवाज मे
आसा -आप सुरु कर सकते है

दिनेस खुश होते हुवे आसा की जांघों पे हाथ रखता है तो बहुत मुलायम गरम फिल कर निदेश पागल हो जाता है
दिनेस - आसा के कान मे भाभी मेने आपको इतनी अच्छी बहु ढूढ़ कर दी मुझे भी यकीन नही हो रहा था मेरा दोस्त इतनी अच्छी लरकी आपके विनय के लिये ढूढ़ निकाले गा अगर मेरा बेटा थोरा बरा होता तो मे विनय से सादी नही करवा कर खुद उसे अपनी बहु बना देता

दिनेस आसा के मोटे जन्धो को दबाते हुवे
दिनेस - तो बस एक सवाल है जिसका जवाब आपको देना है तो मुझे अच्छा लगेगा आप को इतनी अच्छी बहु ढूढ़ कर दी है तो इतना कर ही सकती है नही जवाब देगी तो फिर भी मे खुद पता कर ही लुगा अगर देगी तो आगे भी मे आपकी मदद करता रहुंगा तो मेरा सवाल है आपने नीचे के बाल साफ किये है या नही

आसा का शरीर कापने लगता है आसा की मुठी कस जाती है आसा को अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था

तभी अंदर कोई आता है दरवाजा खुला था इस लिये

दिनेस आसा सामने देखते है तो दिनेस डर के मारे कापने लगता है तो वही आसा का दिल रुक सा जाता है आसा पथर् बन जाती है

सामने विनय था जो बहुत ही गुस्से मे था दिनेस जल्दी से आसा से दूर हथ खरा होके हस्ते हुवे
दिनेस - अरे भतीजे तुम आयो अंदर यहा

तभी बीच मे ही विनय दिनेस के चेहरे पे एक जोर दार घुसा दे मारता है दिनेस सीधा नीचे गिरता है विनय जाके दिनेस के कोलर को पकर गुस्से से दिनेस को देखता है

दिनेस - डरते हुवे भतीजे तुम मुझे

विनय मे बीच मे ही गुस्से से दिनेस को देख गुस्से से
विनय - तू कमीना था और आज भी कमीना है तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी मा को चुने की

विनय गुस्से से लाल हो रखा था विनय दिनेस को 2 और लगता है फिर छोर देता है

दिनेस नीचे परा अपने चेहरे को पकरे दर्द मे आह किये जा रहा था विनय - गुस्से से दिनेस को देख आज को बाद मेरे घर के सामने भी अगर आप दिखाई दिये मुझे मेरी मा की कसम भले ही मुझे जेल हो जाये मुझे फासी मे लटका दिया जाये कोई परवाह नही लेकिन मे आपको जान से मार दुगा

दिनेस विनय का गुस्सा देख डर से कापते हुवे विनय को देख
दिनेस - कसम से तूने जो कहा वैसा ही होगा आज के बाद गलती से भी भाभी को देखा तो दूर घर के पास पास भी नही भट्कुगा

विनय - गुस्से से यही आपके लिये अच्छा होगा
विनय फिर आसा को देखता है आसा तो अभी भी पथर की तरह बैठी थी विनय अपनी मा की हालत को अच्छे से समझ सकता था

विनय आसा के पास जाके आसा के एक हाथ को पकर ले जाने लगता है आसा चल तो नही थी पर होस मे नही थी विनय सब से बचते बचाते अपनी मा को कमरे मे ले आता है और बैठा कर आसा को हिलाते हुवे होस मे लाता है

आसा जैसे ही होस मे आती जोर से रोने ही वाली थी की विनय आसा का मुह बंद कर धीरे से
विनय - मा घर मे दिशा अदिति भी है विनय फिर आसा को छोर देता

आसा विनय की बात सुन जोर से रोती तो नही लेकिन आखो से भर भर के आसु निकल रहे थे आसा विनय को गले लगते हुवे आसु बहाते हुवे
आसा - बेटा मुझे गलत मत समझना मे उस तरह की औरत नही हु

विनय आसा को अपने से अलग करते हुवे आसा के आसु को साफ करते हुवे
विनय - चुप हो जाइये मा मुझे पता है मेरी मा कैसी है मे आपको गलत नही समझ रहा ना ही आपको मुझे कोई सफाई देने की जरूरत है मुझे पता है आपने जो किया मेरे लिये किया और हर मा अपने बेटे के लिये कुछ भी कर सकती है मुझे पता है
विनय आसा को देख लेकिन कोई भी बेटा ये नही चाहेगा की उसकी मा खुद सब सेह कर उसके लिये कुछ करे कोई नही चाहेगा अपने सोचा है मेरी जगह अगर अभय होता तो किया होता

अभय का नाम सुनते ही आसा अपना मुह बंद कर और जोर जोर से रोने लगती है आसा खुल कर रोना चाहती थी लेकिन रो नही पा रही थी

विनय - मा अगर मेरी जगह अभय होता तो अभी मुझे जितना दर्द हो रहा है उससे कई ज्यादा दर्द उसे होता और दूसरी बात मे यकीन से केहता हु अभय चाचा को वही जान से मार देता

आसा हर एक बात सुन और जोर जोर से रोये जा रही थी 10 मिनट बाद विनय कैसे भी समझा बुझा कर आसा को सांत करवाता है

आसा - नजरे नीचे किये हुवे तुझे पता कैसे चला
विनय - आसा को देख जिस दिन चाचा घर आये थे पास पास के सभी लोगो को पता था हमारा चाचा से कोई रिस्ता नही है ना हमारे बीच बातें होती है ये तो अच्छा हुवा मेरे दोस्त ने साम को मुझसे पूछा की किया हमारा रिस्ता चाचा से सही हो गया है तो मेने जब अपने दोस्त से पूछा तो उसने मुझे बताया उसने चाचा को अंदर जाते हुवे देखा था बस मुझे तभी कुछ गर्बर् लगी

असल मे विनय का दोस्त लालू का घर विनय के घर के बिल्कुल सामने रोड उस पार था और लालू से दिनेस को अंदर जाते देख लिया था

विनय - आगे केहता है सादी जब मेरी हो रही थी मन्दिर मे तो मेने देखा बार बार चाचा आपकी चोरी छुपे देख रहे थे उनकी आखो को देख मे समझ गया कुछ तो हुवा है फिर उसके बाद मे आप पे चाचा पे नजरे रखने लगा मे कही गया नही था जब आप घर से निकली वैसे ही आपके पीछे पहुँच गया था और फिर मेने चाचा की बातें सुन ली

आसा नजरे नीचे किये हुवे आसु बहाते हुवे
आसा - माफ कर देना बेटा मुझे विनय आसा को गले लगाते हुवे मा आप सब भूल जाइये जो हुवा समझ लीजिये हमारी किस्मत अभी खराब चल रही है

इस घटना के बाद दिनेस आसा को अपने दिमाग से निकाल फेकता है
दिनेस आसा के घर के पास से जाता तो था लेकिन आसा के घर आते ही तेजी से निकल जाता था

आसा विनय अदिति दिशा अपनी लाइफ जीने लगते है लेकिन अभय की कमी हमेसा हर दिन सभी को रुला ही देती थी

( dp devil )

तो वही अभय अपने दोस्तो के साथ दिल लगा के ट्रेनिंग कर रहे थे कियुंकी अभय को अपनी टीम मजबूत बनानी की ताकि dp devil की नजर मे सभी आ सके जोकि बहोत जरूरी था तभी तो मिसन मिलेगा और बाहर जाने का मोक्का भी लेकिन उसके लिये सभी को हर टेस्ट पार कर हर ट्रेनिंग पूरी कर टॉप पे आना पड़ेगा जिसमे समय और मेहनत लगने वाले थे जोकि सभी कर भी रहे थे अभय ने पैसों सोने से भरा बैग अपने बिस्तर के नीचे गढ़ा खोद छुपा दिया था बस इंतज़ार था उस समय पल का इस कैद से आजाद होने के लिये


आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏
Bahot badhiya shaandar update
Abhay or team ko zaher ka tod mil gaya or Saath me dp devil ke khilaf saboot bas ab waha se Kisi tarah nikalne ki deri h
Vinay ki Shaadi or suhagraat poori ho gayi
Asha ki izzat lootne se uske hi beta ne bacha lia
Ab dekhte h aage kia hota h
Behtareen shaandar update
 

ajay bhai

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chapter 5

जिन लोगो को नही पता बता दु एक दिन छोर रात 9 से 10 के बीच मे update देता हु यही मेरा टाइम है फिक्स



( पास्ट ) विनय के सादी के 15 दिन बाद

विनय दिशा को लेकर ससुराल जाता है पूजा अपनी बेहन को देख बहोत खुश हो जाती है और जाके गले मिलती है विनय अपनी सासु मा के पैर छु आशीर्वाद लेता है फिर फिर अंदर जाते है


विनय अपनी सासु मा के साथ बातें करने लगता है तो वही पूजा दिशा एक कमरे मे बैठ बातें करने मे लग जाते है दोनों आमने सामने बैठे हुवे थे

पूजा दिशा को देख
पूजा - दीदी आप कैसी है जीजा जी घर वाले सब कैसे है किया आपका वहा दिल लग तो रहा है ना आप वहा खुश तो है ना
दिशा अपनी बेहन की बात सुन पूजा को देख
दिशा - तुम्हारे जीजा बहोत अच्छे है और बहोत प्यार भी करते है मुझे सासु मा तो मुझे अपनी बेटी की तरह प्यार करती है ननद जी भी बहोत अच्छी है कहु तो सभी दिल के अच्छे और साफ है मुझे तो वहा सब के साथ रेह कर सुकून मिलता मे अपनी खुश किस्मती मानती हु की मे उनके घर की बहु बनी

अपनी दीदी की बात सुन पूजा दिशा को देख
पूजा - आपकी बातो से समझ आ रहा है सब बहोत अच्छे है मे आपके लिये बहोत खुश हु दीदी
दिशा पूजा को देख थोरा दुखी आवाज मे
दिशा - बस एक इंसान की कमी मुझे या सब को खलती है देवर जी का अगर वो होते तो घर और भी खुशहाल होता
पूजा को पता था अभय के बारे मे
पूजा - दीदी मुझे पता है अगर वो होते तो यकीन से केहती हु आपका प्यारा लाडला देख देवर होता और आपके आगे पीछे घूमता रेहता

पूजा ये केह हसने लगती है
दिशा पूजा की बात सुन हस देती है फिर पूजा को देख मुस्कुराते हुवे

दिशा - तुमने सही कहा मेरा लाडला देवर होता और मेरे आगे पीछे घूमता तो मुझे भी अच्छा लगता

पूजा दिशा देख मुस्कुराते हुवे
पूजा - अगर आपका लाडला आपके पीछे किसी और चीज को लेने के लिये परता तो आप किया करती हा

पूजा ये केह दिशा को मुस्कुराते हुवे देखने लगती है

दिशा पूजा को देख पूजा की बातो को समझने लगती है और जब दिशा को समझ मे आता है पूजा के केहने का मतलब तो दिशा पूजा के कान पकरते हुवे दिखावे वाले गुस्से मे पूजा को देख

दिशा - 18 की भी नही हुई है और तेरे दिमाग मे ये सब चलता है हा बोल लगता है तु भूल गई है मे तेरी बरी बेहन हु

पूजा दिशा के हाथ पकर अपनी कान को चुराते हुवे आह करते हुवे

पूजा - दीदी दीदी प्लेस दर्द हो रहा है छोर दीजिये ना मेने तो थोरी मस्ती की बस

दिशा पूजा के कान छोर देती है पूजा अपने कान को सेहलाते हुवे

पूजा - इतना जोर से कोन कान पकरता है
दिशा - गलत बोलेगी तो सजा तो मिलेगी ही

तभी कमरे मे विनय आता है तो दिशा पूजा विनय कि तरफ देखते है

विनय को को देखता है

विनय - लगता है दोनों बहनो मे बातें हो रही है
पूजा विनय को देख
पूजा - सही कहा जीजा जी आप बताइये आपकी बात हो गई मा से
विनय - हा हो गई अब आप बताइये साली जी आप कैसी है
विनय फिर जाके दिशा के पास बैठे जाता है
पूजा विनय को देख मुस्कुराते हुवे
पूजा - मस्त हु आपके सामने हु आप बताइये
विनय थोरा दुखी आवाज मे दिशा को देख
विनय - एक अच्छी खूबसूरत बीवी मिली जो मेने सोचा नही था लाइफ मे जो है जो मिला उसी मे बहोत खुश हु लेकिन फिर भी अभय के बिना हर खुशी हर पल फीकी पर जाती है

विनय की बात सुन दिशा पूजा भी दुखी हो जाते है
दिशा विनय के कंधे पे हाथ रखी है तो तो विनय होस मे आता है और दोनों को देख
विनय - माफ करना मे हर अच्छा पल बर्बाद कर देता हु
दिशा - आप ऐसा मत बोलिये हमे भी उनकी कमी खलती है

विनय सभी से बहोत सारी बातें करता है गाव घूमता है

( रात - 10 )

कमरे मे दिशा विनय बिस्तर पे लेते हुवे थे विनय दिशा को बहो मे लिये हुवे था दोनों के फेस आमने सामने थी दोनों एक दूसरे को देख बातें कर रहे थे

20 मिनट बाद

विनय दिशा को पूरा नँगा कर देता है और फिर खुद नँगा हो जाता है और दिशा के ऊपर आ जाता है विनय फिर दिशा के चुत मे लंड दाल देता है दिशा आह करती है विनय धक्के पे धक्का मारने लगता है

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दिशा मजे से लेती सिसकिया लेने लगती है चुदाई का फूल मजा उठाने लगती है कमरे मे फच् फच् आह उह्ह् की आवाज गुज रही थी 9 मिनट बाद दोनों एक साथ झर जाते है

फिर दोनों एक दूसरे कि बहो मे सिमट कर सो जाते है

विनय 2 दिन अपने ससुराल रेहता है फिर दिशा और पूजा को लेके घर आ जाता है
असल मे पूजा आना चाहती थी तो दिशा न सिर्फ न दिन के लिये मानी कियुंकी दिशा नही चाहती थी मा अकेली रहे तो पूजा एक दिन रेह विनय छोर आयेगा

अपनी दीदी के ससुराल आने के बाद पूजा सब से मिलती है बातें करती है और पूजा को भी समझ मे आ जाता है सभी दिल के कितने अच्छे है

पूजा अदिति दोनों की बहोत बनने लगती है दोनों एक दूसरे से बहोत बातें करते है

दिन महीने गुजरने लगते है


( 3 महीने बाद )

घर मे फिर से मातम छाया हुवा था विनय अब इस दुनिया को अपनी मा बेहन बीवी सब को छोर उपर वाले के पास चला जाता है

( असल मे विनय को साप ने काट लिया था जब विनय हल्फा होने गया था होस्पिटल ले जाते जाते विनय दम तोर देता है और अपनो को इस दुनिया को छोर चला जाता है )

बता नही उपर वाला किया चाहता था आसा की लाइफ मे सुरु से खुसिया सायद लिखी ही नही थी पेहले अभय फिर विनय आसा ने अपने दोनों लाल को खो दिया तो जोकि आसा के किये ये बहोत बरा सदमा था

आँगन मे विनय की लास परी हुई थी और सीमा विनय के सीने पे सर रख फुट फुट कर रोये जा रही थी

दिशा विनय के लास पे पास घुटनों पे बैठी अपनी चुरिया हाथो को जमीन पे पटक तोरे जा रही और रोये जा रही थी

अदिति का हाल अपनी मा की तरह ही बहोत बुरा था अदिति अपने भाई की लास के पास बैठे फुट फुट कर रोये जा रही थी

आसा विनय के सीने पे हाथ रख विनय की लास को हिलाते हुवे

आसा - रोते हुवे विनय बेटा उठ ना देख मा से मजाक मत कर तु मुझे छोर कर कैसे जा सकता है मेने अभय को खोया है अब तु भी अपनी मा को छोर कर जायेगा हा बोल ना मेरे लाल तु सुन रहा है ना उठ जा ना अपनी मा की बात नही मानेगा

अदिति विनय के सीने से लिपट कर रोते हुवे

अदिति - भाई ऐसा मत कीजिये प्लेस अगर आप भी अपनी गुरिया को छोर कर चले जायेंगे तो मे किसको अपना भाई कहूगी मे किसके हाथ मस्ती करुगी कोन मुझे खतरों से बचायेगा मेरा ख्याल रखेगा

अदिति अपने भाई के चेहरे को को पकर देख

भाई प्लेस उठ जाइये ना आपकी गुरिया आप को पुकार रही है किया आप अपनी गुरिया की बात नही मानेंगे अगर आप मेरी बात मान नही उठे तो मे आपसे नाराज हो जाउंगी आपसे कभी बात नही करुगी भाई उठ जाओ ना प्लेस

अदिति विनय के सीने से लिपट फुट फुट कर रोये जा रही थी

दिशा विनय की सर के पास बैठी विनय के सर को सेहलाते हुवे रोते हुवे विनय के चेहरे को देख

दिशा - मेने उपर वाले से जैसा पति मांगा था आप उसने कई अच्छे थे मुझे यकीन नही हो रहा था की मुझे आप जैसा नेक दिल पति मिला मा जैसी सास मिली भी बेहन जैसी ननद मेने इतना मांगा था ऊपर वाले से मुझे उससे कही अधिक मेला मुझे एक अच्छा परिवार मिला लेकिन कियु लेकिन कियु उपर वाले तूने हमारे साथ ऐसा कियु किया घर मे एक यही थे देवर जी के जाने के बाद फिर कियु तुम्हे हमारे उपर तरस नही आता हमे और कितना दर्द दुख देगा उपर वाले जवाब दे मुझे जवाब से मुझे

दिशा भी विनय के सीने पे सर रख रोने लगती है

गाव के पास पास के कई लोग आके अंदर का सीन देख कर जा रहे थे जो भी अंदर का सीन देखता सबकी आखो से आसु निकल आते

पूजा अपनी मा के साथ भागते हुवे आती है और जब अंदर का सीन देखती है तो पूजा के भी पैर काप जाते है

पूजा विनय के पास जाके विनय के सीने का पकर जोर जोर से रोने लगती है तो वही तारा जाके अपनी बेटी दिशा और बाकी सभी को संभालने लगती है

तारा के आखो से भी आसु बहे जा रहे थे तारा बहोत खुश थी ये जान की उसका दामाद और असुरल वाले बहोत अच्छे और दिशा को एक अच्छा परिवार मिला है लेकिन अब सामने का मंजर देख तारा का भी दिल रो रहा था

1 घंटे तक आसा अदिति दिशा विनय को सीने से लगाये रोते रहे लेकिन अंतिम संस्कार तो करना था ना

आसा के परोसी मे से कुछ लोग आगे आके विनय को ले जाते है फिर विनय का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है

आज का दिन भी आसा और सभी के लिये काला दिन था

2 दिन तक घर मे रोना धोना होते रेहता है ना को खाना खाना है ना कोई अपने आप पर ध्यान दे रहा था

पूजा तारा भी रुक गई थी घर की सभी की हालत देख

पूजा तारा एक कमरे मे बैठे हुवे थे तारा पूजा को देख

तारा - पूजा बेटी पता नही किस की नजर लग गई है इस घर मे अभी जो हालत है सभी का ऐसे ही चलता रहा तो बहोत बुरा हो सकता है

पूजा आखो मे आसु लिये

पूजा - तो मा हम किया करे बोलिये
तारा - मे जाके दिशा बेटी को समझाती हु तुम जाके अदिति को सांझाओ
पूजा - ठीक है मा मे कोसिस करती हु
तारा - कोसिस नही करना ही होगा नही तो
पूजा - समझ गई मा मे जाती हु

पूजा अदिति के पास तारा दिशा के पास चली जाती है

आसा अपने कमरे मे फुट फुट कर रोये जा रही थी

पूजा अदिति के पास जाती है अदिति बिस्तर पे लेती तकिये को पकरे सीने मे दबाये रोये जा रही थी पूजा अदिति के पास जाते बैठ जाती है

पूजा - अदिति मुझे पता है तुम्हे कितना दर्द हो रहा होगा तुमने अपने दोनों भाई को खो दिया और जो दर्द तुम सेह रही हो उसका अंदाज़ा सायद मुझे भी नही है लेकिन मुझे इतना पता है अपनो के खोने का दर्द बहोत बरा होता है

पूजा अदिति को देखती है जो रोये जा रही थी आसु बहाये जा रही थी

पूजा - देखो अदिति किसी अपने के जाने से जिंदगी जिंदगी जीना मुश्किल हो जाता है लेकिन जीना परता है तुम्हे भी जीना पड़ेगा खुद के लिये और खास कर अपनी मा के लिये अगर तुम ऐसे ही कमजोर परती रही और अपनी मा को नही संभाला तो तुम उन्हें भी खो दोगी

मा के खोने की बात सुन अदिति का रोना एकदम से बंद हो जाता है और अदिति पूजा को देखने लगती है

पूजा अदिति को देख

पूजा - हा अदिति तुम्हे अपनी मा के लिये अपने आप को संभालना होगा और खुद को भी


अदिति को पूजा की बात अच्छे से समझ मे आ जाती है पूजा उसे किया समझाना चाहती हो

तारा भी दिशा को अच्छे से समझा देती है फिर दिशा अदिति आसा को संभालने लगते है


( 1 साल बाद )

पूजा तारा के समझाने की वजह से दिशा अदिति ने समय रेहते आसा को संभाल लिया एक साल हो गये थे

आसा दिशा अदिति सभी की जिंदगी और भी दुखत हो चुकी थी जिंदगी मे कोई रंग नही था बस आसा अदिति के लिये जि रही थी अदिति अपनी मा के लिये और दिशा दोनों के किये

जिंदगी जीना था जी रहे थे पर खुसिया घर से सब से कोसो दूर थी

अदिति विनय के जाने के बाद के एक महीने बाद फिर से अपनी पढाई मे जोरों सोरों से लग जाती है

अदिति के ऊपर एक जिमेदारी आ गई थी अदिति को पता था अब उसके दोनों भाई नही रहे और एक दिन उसकी मा उसकी भी सादी करा देगी लेकिन अदिति चाहती थी की पढ लिख कर कोई नौकरी करे ताकि अपने दम पर वो अपनी मा को थोरा अच्छी लाइफ दे सके

घर मे अदिति दिशा मस्ती मजाक करते रेहते थे लेकिन सिर्फ आसा के लिये ताकि आसा को थोरा अच्छा फिल करा सके लेकिन आसा को भी सच पता था

सच ये था की हर रात सब अपने कमरे मे रोया करते थे

( विनय के जाने के 1 महीने पेहले ) साम 8 बजे

दिशा आँगन मे खाना बनाने मे लगी हुई थी तभी आसा पास मे रखी कटिया पे जाके बैठ जाती है दिशा भी अपनी सासु मा को देखती है
आसा दिशा को देख

आसा - आखो मे आसु लिये मेने अपने दोनों करेजे के टुकरे को खो दिया है उपर वाले न मेरे दोनों लाल को मुझसे छीन लिया लेकिन बहु तुम जवान हो सादी के तीन महीने बाद ही तुम विधवा हो गई अकेले जिंदगी नही जी जाती बहु एक औरत की लाइफ मे एक मर्द का होना बहोत जरूरी है और ये मुझसे अच्छा कोई नही समझ सकता इस लिये तुम अब दूसरी सादी कर लो

दिशा सब्ज़ी काट रही थी आसा की बात सुन दिशा आखो मे आसु लिये आसा को देखती है

दिशा - मम्मी जी आप मुझे जाने के लिये कहेगी तो में चली जाउंगी लेकिन मे जाना नही चाहती मुझे उनसे प्यार था मुझे आप से ननद जी से भी इस घर से भी है तो मे इस घर को छोर कही नही जाउंगी यही मेरा घर है मुझे आप की सेवा करनी है मे जानती हु एक औरत की लाइफ मे एक मर्द का होना बहोत जरूरी है लेकिन मुझे दूसरी सादी नही करनी मुझे आपके साथ रेहना आप का पूरी लाइफ ख्याल रखना है

आसा रोते हुवे आसा को देख

आसा - बेटा लेकिन तुम समझ रही रही हो तुम्हारे पास पूरी जिंदगी परी हुई है

दिशा - रोते हुवे पता है लेकिन मुझे आप के साथ रेहना है इस घर मे रेहना है

बस आसा ने बहोत समझाया लेकिन दिशा नही मानी और दूसरी सादी नही कि ना आसा अदिति घर को छोर कर गई


( अदिति अब xxx साल की हो चुकी थी )

( अभय 18 साल का हो चुका था )


( DP DEVIL 👹 )

3 साल अभय dp devil के कैद मे रेह कर ट्रेनिंग करता रहा आखिर कर आज अभय विजय जीत जीतू की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है उसी के साथ सभी टेस्ट पार कर टॉप 1 मे आ जाते है

सीधे सीधे कहु तो वहा कोई नही था जो अभय की टीम को टक्कर दे सके अभय जैसा चाहता था वैसा ही हुवा dp devil की नजर मे अभय आ हि गया


( 4 महीने बाद ) रात 9 बजे

कमरे मे अभय अपने दोस्तो के साथ आमने सामने घेरा बना के बैठे हुवे थे आज सभी बहोत खुश थे कियुंकी अभय की टीम को मिसन मिला था

मिसन था एक अमीर बिजनसमैन को मारना जिसका नाम - पवार सिंह 55 साल का

अभय सभी के बीच उसी बंदे की कुंडली रखी हुई थी और सभी वही देख रहे थे

विजय पवार सिंह की फोटो को देखते हुवे अभय से

विनय - बॉस किया हम सच मे इस बेकसूर हो मारने वाले है
जीत अभय से

जीत - बॉस विनय भाई सही केह रहे है किया हम सच मे अपना हाथ किसी बेकसूर को मार खून से रंगने वाले है
जीतू - किया हम पवार को मार उसके अपने को दर्द देने वाले है

अभय पवार की फाइल पढ़ रहा था साथ मे सभी की बातें भी सुन रहा था अभय सभी को देख

अभय - मुझे ये बताओ हम यहा कियु है हमे ट्रेनिंग कियु दी गई है देखो हम यहा से भागने वाले है लेकिन ऐसा नही होता तो हमे जिंदा रहने के लिये मिसन करना ही परता या हम ना कर खुद को मार देते यही दो रास्ते होते हमारे पास लेकिन हमे यहा नही रेहना है यहा से भाग कर अपने घर अपने लोगो के पास जाना है तो एक रास्ता हमारे पास है

अभय की बात सुन सभी हैरान से अभय को देख एक साथ - वो किया है बॉस

अभय तीनों को देख

अभय - हम पवार को नही मारेगे उसे जिंदा छोर देगे और उसे कहेगे कही दूर चला जाये और गायब हो जाये जब तक dp devil का काम खतम नही हो जाता

जीत हैरानी से अभय को देख

जीत - लेकिन भाई हमे dp devil को सबूत भी तो देना परता है

अभय सभी को देख मुस्कुराते हुवे - उसका भी प्लान है मेरे पास अब सो जाओ सुबह मिसन पे जाना है

जीतू विजय जीत - यस बॉस

फिर सभी अपने अपने बिस्तर पे जाके लेत जाते है अभय बिस्तर पे लेता हुवा अपनी मा बेहन भाई के बारे मे सोच आखे बंद कर देता है

( सुबह 10 बजे ) dp devil के ऑफिस मे

अभय जीतू जीत विनय चारों पूरी तरह से तैयार खरे थे dp devil अपनी कुर्सी पे इसटाइल् मे अपने चेहरे पे मास्क लगाये बैठा अभय और सभी को देखे जा रहा था.

गोपाल आके अभय जीत जीतू विजय के शरीर मे जेहर दाल देता है और गर्दन के पीछे ट्रेक डिवाइस भी अंदर दाल देता है फिर साइड मे जाके खरा हो जाता है

dp devil - अभय की टीम को देख मुस्कुराते हुवे यकीन नही हो रहा नये नये आये तुम बच्चे सभी को पीछे छोर टॉप 1 पे आ गये मे तुम सब से बहोत खुश हुवा

dp devil अभय को देख मुस्कुराते हुवे

dp devil - तुम तुम्हारा नाम अभय है ना

अभय सभी dp devil के सामने सर झुकाये खरे हुवे थे
अभय dp devil की बात सुन नजरे नीचे किये ही
अभय - जी आप ने सही कहा मेरा नाम अभय है
dp devil - मुझे पता है तुम्हारे बारे मे तुम्हारी टीम टॉप 1 पे है लेकिन तुम भी सब से टॉप 1 पे हो मेने देखा तुमने अकेले ही टॉप 5 के लोगो एक साथ अकेले ही हरा दिया मुझे लगता है तुम आराम से अकेले 10 टॉप ट्रेंड असेसन् को हरा सकते हो तुम मे बहोत काबिलियत है बहोत खूब अगर ये मिसन् अच्छे से कर लोगो को तुम सब को बरा इनाम दिया जायेगा और रेहने के लिये अच्छा कमरा खाना पीना सब कुछ और आगे भी मिसन मिलते रहेगे

अभय जीतू विनय जीत एक साथ जोर से - हम जरूर अपना मिसन पूरा कर के आयेगे

dp devil- मुस्कुराते हुवे बहोत खुश

dp devil फिर दो लोगो को बुलाता है दोनों ने भी मास्क पेहना था हाथो मे गन भी थे

dp devil दोनों को देख - इन लोगो को छोर आओ बाहर

दोनों गार्ड अभय सभी को लेकर जाने लगता है दोनों आगे आगे अभय सब पीछे पीछे चल रहे थे

पेहला गेट आता है गार्ड पासवर्ड दाल खोलते है फिर दूसरा फिर तीसरा तब जाके दिपु बाहर आते है अभय जीतू जीत विनय सभी हैरान थे और मन मे यही सोच रहे थे कोई भी इंतनी टाइट सिक्योरेटि से बाहर कभी निकल हि नही सकता है

गार्ड 1 अभय सभी ये आगे बाइक को दिखाते हुवे वो बाइक से तुम दोनों को ये जंगल पार करना है
गार्ड 2 - अभय को रास्ता का नक्सा तो एक छोटे से दिवाइस मे था देते हुवे ये तुम लोगो को रास्ता बतायेगा कैसे इस जंगल से बाहर जाना है

अभय दिवाइस लेते हुवे - जी समझ गया
गार्ड - ठीक है जाओ और अपना मिसन कर के आओ

फिर दोनों गार्ड अंदर चले जाते है

अभय दो कदम आगे जाता है और सामने देखता है तो दूर दूर से बरे बरे जंगल थे अभय फिर पीछे सभी को देख कर

अभय - रेडी हो तुम सब
तीनों - यस बॉस

अभय को बॉस इस लिये जीत जीतू विजय कहते है कियुंकी अभय टीम का कप्तान है नही ब्लकि अभय की वजह से ही आज तीनों टॉप पे आ पाये है अभय ने सब की बहोत मदद कि कई बार दुसरे टीम से भी बचाया अभय दिमाग और ताकत मे सब से आगे था इसी लिये जीत जीतू विजय पुरे दिल से अभय को बॉस मानने लगे

अभय बाइक पे बैठ जाता पीछे विजय दूसरी बाइक पे जीतू और साथ पीछे जीतू बैठ जाते है

अभय पीछे देख विजय को दिवाइस देते हुवे

अभय - विजय तुम मुझे रास्ता बताते रेहना किस तरफ जाना है
विजय - यस बॉस समझ गया

जीत बाइक अभय के सामने रोक देता है अभय जीत जीतू को देख
अभय - तुम दोनों मेरी पीछे साथ मे रेहना और हा रास्ते मे जितने मोर आयेगे वहा मे निसान लगाते जाना समझ गये

जीत जीतू - यस बॉस समझ गये

अभय बाइक चालू करते हुवे आगे देख

अभय - कियुंकी ये जंगल बहोत बरा घना है जब हम मिसन कर आयेगे तो हमसे रास्ते वाला दिवाइस ले लिया जायेगा तो फिर जब हम यहा से भागेगे तो उसके बिना जंगल से बाहर नही निकल पायेंगे लेकिन हम अभी निसान लगा देगे किस मोर पे कहा जाना है तू हम आराम से जंगल से निकल पायेंगे

विजय जीत जीतू - समझ गये बॉस

अभय - चलो फिर

अभय फिर तेजी से जंगल मे पतले रास्ते से उभर खाबर् गढ़े से होते हुवे जाने लगता है अभय के पीछे हि जीतू था और अभय से जैसा कहा था कोई मोर आता जीतू जल्दी से बाइक रोक देता और जीत जाके पेर पे छुपा के ताकि कोई देख ना सके निसान लगा देता

अभय को कैसे भी मिसन पूरा कर के कल साम तक आना था नही तो सब मारे जायेंगे

10 बजे से जंगल मे गये जंगल से बाहर आने मे अभय को साम हो जाती है हा पूरा दिन लग जाता है बिना रुके तक जाके सभी के एंड पे पहुँच पाये थे

अभय बाइक रोक सभी को आराम करने के लिये केहता है बस यहा से सेहर कुछ दूरी पे था कियुंकी बरी बिल्डिंग अभय सभी को साफ दिख रही थी

सभी बैठे हुवे खुले हवा का मजा ले रहे थे सभी को आजादी वाली फीलिंग आ रही थी

विजय अभय को देख
विजय - बॉस वो साला dp devil कमीना उसे पता था हमे जंगल से बाहर आने मे साम हो जायेगी फिर रात को हम मिसन करेगे फिर सुबह ही वापस साम तक लोटेगे साले ने एक दिन भी ज्यादा नही दिया

जीत विजय की बात सुन अभय को देख

जीत - सही कहा विजय ने बॉस वो कमीना बहोत चालाक तेज है

अभय तो बिल्डिंग को देख आजादी वाली फीलिंग ले रहा था और दोनों की बातें सुन दोनों को देख

अभय - अबे पागल कमीनो अगर वो इतना चालाक तेज नही होता तो किया आज तक जो सभी लोगो से बच कर रेह पाता किया आज वो अभी तक इतना बरा धंधा खोल उसका बॉस बना परा है बन पाता कभी दिमाग का भी इस्त्माल कर लिया करो

जीतू अभय की बात सुन हस्ते हुवे

जीतू - आपने सही कहा बॉस इस दोनों के पास कोई दिमाग ही नही है

विजय जीत दोनों घूर के जीतू को देखने लगते ही

अभय बिल्डिंग को देखते हुवे जीतू से - तुम्हारे पास भी कौन सा दिमाग है

अभय की बात सुन जीतू का मुह बन जाता है तो वही विजय जीत जीतू को देख हसने लगते है


( परजेंट )

ट्रेन कुछ मिनट मे अपने आखरी मंजिल पे पहुँचने वाला था और बाकी बच्चे यात्री भी


अभय खरा होके अपना बैग कंधे पे रख गेट के पास आके खरा हो जाता है और बाहर देखते हुवे अपनी मा बेहन भाई के बारे मे सोचने लगता है

अभय - मे आ गया मा भाई गुरिया बस 40 मिनट बाद मे आपके पास आपके आखो की सामने रहुंगा

पायल जो सीट पे बैठी थी अभय को जाते देख लिया था पायल एक नजर मा पापा को देखती है फिर धीरे से खरा होके अभय के पास जाके पीछे खरी हो जाती है

अभय पीछे देखता है तो पायल अपना बतिसी दिखाते हुवे खरी थी

अभय पायल को देख

अभय - तुम मेरा पीछा छोरोगी या नही एकदम जोक की तरह चिपक रही हो यार तुम

पायल अभय से पूरा सत् कर अभय कि आखो मे देख

पायल - मेरे राजा अपने मेरे खजाने को पकरा है मजे लिये है तो कैसे मे आप का पीछा छोर दु सादी तो आपको मुझसे करनी ही होगी

अभय पायल को देख

अभय - मेरा इरादा वैसा कुछ करने का नही था समझी
पायल अभय के और करीब सत् के अपने गुलाबी होठ अभय के होठ के पास लाके

पायल - जो भी है आपने मेरे खजाने को छु कर अंदर की आग को भरका दिया है जिसे आपको ही ठंडा करना होगा समझ गये मेरे राजा


तभी ट्रेन धीमा होता है और अपनी मंजिल पे रुक जाता है

अभय पायल बाहर देखते है

पायल जल्दी से अभय को देख

पायल - जल्दी से मुझे आप अपना मोबाइल दीजिये
अभय - नही दुगा
पायल अभय को देख
पायल - नही देगे तो मे चिल्ला चिल्ला के सब को बता दुगी आपने मेरे खजाने को पकरा था

अभय डर जाता है और जल्दी मोबाइल निकाल पायल को देते हुवे
अभय - तुम सच मे लरकी ही हो ना
पायल अभय का फोन लेते हुवे अपना नंबर डाइल करते हुवे
पायल - कियु आपने मेरा खजाना छूके पकर के भी मुझसे ये पूछ रहे है की मे लरकी नही हु

पायल अभय को फोन देते हुवे अभय को देख
पायल - किया आपको मेरे बरे बरे संतरे दिखाई नही दे रहे या फिर दिखा दु यकीन हो जायेगा

अभय पायल को देख
अभय - तुम लरकी हो लेकिन एक नंबर हि गुण्डी हो

अभय फिर नीचे उतर स्टेशन से बाहर जाने लगता है

पायल अभय को जाते देख
पायल - मे गुण्डी हु तो आप मेरे गुण्डे है मेरे राजा

पायल फिर अभय का नंबर ले लिया था तो पायल मेरा राजा नाम से सेब कर लेती है

पायल - मेरे राजा आप मेरे पास वाले गाव मे ही रेहते है तो मे आपको ढूढ़ ही लुगी बस मेरा इंतज़ार करना

अभय स्टेशन से बाहर आता है तो बहोत सारे रिस्का वाले खरे चिल्ला रहे थे यहा जायेगी ये रिस्का वहा जायेगी

अभय को अपने गाव का नाम सुनाई देता है अभय देखता है एक रिस्का वाला आवाजे लगाये जा रहा था

अभय जाके उस रिस्का मे बैठ जाता है 10 मिनट बाद रिस्का फूल हो जाता है और रिस्का लालपूर निकल परता है

अभय आगे बैठा बाहर देख रहा था अभी अभय बहोत खुश था चेहरे पे खुशी साफ दिख रही थी और खुश भी कियु ना हो आज 4 साल बाद नर्क से अपने आप को बचा के निकल अपने घर अपनी मा भाई बेहन के पास जा रहा था


( पास्ट ) रात 10 बजे

अभय अपने दोस्तो के साथ मिसन कर वापस आ गया था और सभी कमरे मे बैठे बातें कर रहे थे

विजय अभय को देख

विजय - भाई किया दिमाग लगाया है आप ने हमने पवार को मारा भी नही और नकली सबूत लेकर dp devil को दे दिया और उसको पता भी नही चला

जीत - सचमे बॉस आप कमाल हो आप नही होते तो हमारा किया होता बता नही

जीतू - इसी लिये तो अभय भाई हमारे बॉस है

अभय - मुस्कुराते हुवे बस अब हमे एक मिसन और मिल जाये फिर हम यहा से निकल जायेंगे अपने लोगो के पास

असल से अभय ने पवार को नही मारा बल्कि उसको सचाई बता दी और उसे कुछ दिनों महीनों के लिये चुप कर रेहने को कहा

लेकिन उससे पेहले अभय से पवार से इटिंग करवाई अभय पवार को बिस्तर पे लेता कर जानवर का चामरा चिपका देता हो फिर गले पे जानवर का खून दाल देता अब देखने मे लग रहा था पवार मारा गया है अभय फिर फोटो सबूत के लिये खिच देता है

अभय पवार से

अभय - देखिये छुपने से काम नही चलेगा वो कमीना न्यूज़ पे नजर रखता है इस लिये आप अपने कुछ लोगो को केह चारों तरफ झूठा न्यूज़ फैलवा दीजिये की आप मर गये और अपने घर वालो को समझा दीजियेगा कैसे लोगो के सामने नाटक करना है दिखाना है और कोई आपका फेक अंतिम संस्कार जल्दी हि करवा देना नही तो आप तो मरेगे ही हम भी मारे जायेंगे फिर उसके बाद सभी के नजर मे मत आना जब तक वो कमीना मारा नही जाता

पवार अभय को देख

पवार - तुम लोगो से मेरे लिये इतना सब किया ही अपनी जान जोखिम मे दाल के ये एहसास मे कभी नही भुलुगा कभी भी किसी भी चीज या मदद कि जरूरत परे बिना झिझक चले आना

तो यही हुवा था


( 7 महीने बाद ) अब पुरे चार साल बाद

( अभय अब 19 पार कर चुका था )

अभय को मिसन मिल हि जाता है असल मे मिसन बहोत थे लेकिन दूसरे टीम को डे दिया जाता था वो की जायदा खतरा वाला मिसन नही होता था इस लिये अभय की टीम तो नंबर 1 थी तो मिसन भी इतना बरा हि मिलता

अभय मिसन के लिये रेडी था या कहे भागने के लिये रात को ही अभय ने जो पैसा सोना था बराबर बराबर कर बैग मे रखवा लिया था किस्मत भी रही की किसी को सक नही हुवा और सही सलामत बाहर निकल आये

बाहर आते ही अभय तीनों को देखता है तीनों अभय को फिर सभी मुस्कुराते है और बिना देरी किये बाइक पे बैठ तेजी से जंगल से निकल परते है

अभय जीतू जीत विजय थोरी दूर गये ही थे की एक जोर दार धमाका सभी को सुनाई देता है पीछे

अभय सभी जल्दी बाइक रोक पीछे देखते है तो अभय सभी को आसमान मे धुवा ही दिखाई दे रहा था लेकिन अभय समझ जाता है किया हुवा है

अभय की आखो मे आसु आ जाते है बाकी सब की भी

अभय तीनों को देख

अभय - चलो हमे रुकना नही है

अभय फिर तेजी से आगे निकल परता है

असल मे गोपाल ने dp devil के ऑफिस में बहोत पेहले चोरी छुपे रिबोट बम लगा दिया था अभय सभी के बाहर जाते ही गोपाल रिबोट दबा देता है और अपने साथ dp devil को भी लेकर चला जाता है गोपाल जीना नही चाहता था अपने परिवार के पास जा भी नही सकता था तो बस यही एक रास्ता बचा था गोपाल के पास


बाकी जितने बच्चे थे उन्हे कुछ नही हुवा था बस dp devil का ऑफिस मे ही धमाका हुवा था और हर तरफ लोग भागने लगते है


( साम 8 बजे )

अभय सेहर पहुँच फोन बूथ से इंस्पेक्टर नितिका को फोन कर सब बताने लगता है ताकि जितनी जल्दी हो सके dp devil के बचे लोगो को पकर लिया जाये


नितिका - फोन पे - मे तुम्हारी बातो पी कैसे यकीन करू
अभय - आपको यकीन करना होगा मेडम बाकी आप की मर्ज़ी और हा मेरे पास सबूत भी है लेकिन वो मे आगे कुछ दिन बाद आपके पास बहुचवा दुगा यकीन कीजिये

नितिका - ठीक है मे यकीन करती हु

फोन कट

अभय जीतू जीत विजय को देखता है तो तीनों अभय को गले लगा लेते है तीनों अभय की वजह से हि आज dp devil के कैद से आजाद हो पाये थे

जीतू अभय को देख
जीतू - बॉस आप को हम कभी नही भुलेगे आप हमारे बॉस थे रहेगे आप की वजह से आज हम अपने घर जा पायेंगे अपनो से मिल पायेंगे

जीत अभय को देख

जीत - हा बॉस अगर आप नही होते तो सायद हमे मरते दम तक उसी नर्क मे रेहना परता आप का ये एहसास कभी नह भुलेगे

विजय - आप तो मेरे लिये बरे भाई जैसे है और आपने मेरा पूरा ख्याल रखा और आज हमे बाहर भी निकला

जीत जीतू विजय - आप कभी भी हमे याद करेगे एक आवाज मे हम आपके सामने होगे बॉस

अभय तीनों को देख मुस्कुराते हुवे

अभय - तुम तीनों की बिना मे भी कुछ कर नही पाता मेरे दोस्तो खैर हमे कुछ दिन रुक कर किसी ऐसे वक्ति को धुधना होगा जिसको हम सोना बेच सके

जीतू जीत विजय - समझ गये बॉस

10 दिन लगते है अभय को इस सब मे अभय सोने को बेच देता है और सभी अपना खाता atm सब कुछ खुलवा लेते है फिर अभय सभी को अपना हिस्सा दे देता है और अपना उसी के साथ गोपाल का हिस्सा अपने खाते मे जमा करवा लेता है


( 11 वे दिन सुबह ) 9 बजे

अभय सभी घर जाने के लिये रेडी थे अभय ने टिकट निकलवा लिया था अभय जीतू जीत को देख

ठीक है सब हो गया है याद रखना पुलिस को पता लग ही जायेगा फिर वो तुम दोनों को बुला की पूछ ताछ जरूर करेगे लेकिन मेने जितना बताया है उतना ही की केहना है समझ गये तुम दोनों

जीत जीतू एक साथ - समझ गये बॉस आप चिंता मत कीजिये

अभय फिर विजय को देख
अभय - विजय के टकले पे मारते हुवे और तुम बेवकूफ मेरे साथ चलने के लिये कहा था लेकिन तुम्हे मजे करते हुवे बुवा के घर होते हुवे आना है पता भी है जब मे घर पहुँचूगा तो तेरी मा मेरा दिमाग खा जायेगी

विजय - अभय को मस्का मारते हुवे बॉस प्लेस मा को आप संभाल लेना ने अगले ही दिन घर आ जाउंगा

अभय - ठीक है अगले दिन घर नही पहुचा तो तेरी खैर नही समझा
विजय - समझ गया बॉस मा कसम अगले दिन आ जाउंगा
अभय - ठीक है फिर
अभय फिर सभी से गले मिलता है और अभय जीत जीतू को देख

अभय - मे जा रहा हु जैसे ही सारे मामले सांत होगे हम फिर मिलेंगे
जीत जीतू - इंतज़ार रहेगा बॉस उस पल का

अभय - मुस्कुराते हुवे बाय बोल रेलवे स्टेशन की तरफ निकल परता है

जीतू जीत विजय अभय को जाते देख - कसम से बॉस कमाल के बंद है तेज दिमाग उतना की ताकतवर ऐसे हि नहीं हमारे बॉस है

अभय PBA रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 2 पे ssa जाने वाली ट्रेन मे खिरकी वाली सीट जोकि अभय की थी बैठ जाता है और बाहर की तरफ देखने लगता है

बार बार अनाउसमेंट हो रही थी pba ट्रेन 10 मिनट मे ssa के लिये रवाना होगी 10 मिनट बाद ट्रेन खुल जाती है और ट्रेन अपनी मंजिल की तरफ निकल परता है

( पास्ट ) यही पे खतम होता है

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( परजेंट )


रिस्का अभय की घर के आप आके रुकती है अभय नीचे उतर रिक्से वाले को पैसा देता है और रिस्का वाला चला जाता है

अभय अभी मैन रोड पे खरा था अभय अपने घर की तरफ देखता है तो दिपु को वही जगह दिखाई देती है यहा से उसे किंडनेप कर लिया गया था अभय को वो पल याद आने लगते है

अभय आगे थोरा देखता है तो अभय को अपना घर दिखाई दे रहा था अभय अपना कदम आगे बढ़ाता है और अपने घर जाने लगता है


आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏🙏
 
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Xkingthakur

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chapter 5

जिन लोगो को नही पता बता दु एक दिन छोर रात 9 से 10 के बीच मे update देता हु यही मेरा टाइम है फिक्स



( पास्ट ) विनय के सादी के 15 दिन बाद

विनय दिशा को लेकर ससुराल जाता है पूजा अपनी बेहन को देख बहोत खुश हो जाती है और जाके गले मिलती है विनय अपनी सासु मा के पैर छु आशीर्वाद लेता है फिर फिर अंदर जाते है


विनय अपनी सासु मा के साथ बातें करने लगता है तो वही पूजा दिशा एक कमरे मे बैठ बातें करने मे लग जाते है दोनों आमने सामने बैठे हुवे थे

पूजा दिशा को देख
पूजा - दीदी आप कैसी है जीजा जी घर वाले सब कैसे है किया आपका वहा दिल लग तो रहा है ना आप वहा खुश तो है ना
दिशा अपनी बेहन की बात सुन पूजा को देख
दिशा - तुम्हारे जीजा बहोत अच्छे है और बहोत प्यार भी करते है मुझे सासु मा तो मुझे अपनी बेटी की तरह प्यार करती है ननद जी भी बहोत अच्छी है कहु तो सभी दिल के अच्छे और साफ है मुझे तो वहा सब के साथ रेह कर सुकून मिलता मे अपनी खुश किस्मती मानती हु की मे उनके घर की बहु बनी

अपनी दीदी की बात सुन पूजा दिशा को देख
पूजा - आपकी बातो से समझ आ रहा है सब बहोत अच्छे है मे आपके लिये बहोत खुश हु दीदी
दिशा पूजा को देख थोरा दुखी आवाज मे
दिशा - बस एक इंसान की कमी मुझे या सब को खलती है देवर जी का अगर वो होते तो घर और भी खुशहाल होता
पूजा को पता था अभय के बारे मे
पूजा - दीदी मुझे पता है अगर वो होते तो यकीन से केहती हु आपका प्यारा लाडला देख देवर होता और आपके आगे पीछे घूमता रेहता

पूजा ये केह हसने लगती है
दिशा पूजा की बात सुन हस देती है फिर पूजा को देख मुस्कुराते हुवे

दिशा - तुमने सही कहा मेरा लाडला देवर होता और मेरे आगे पीछे घूमता तो मुझे भी अच्छा लगता

पूजा दिशा देख मुस्कुराते हुवे
पूजा - अगर आपका लाडला आपके पीछे किसी और चीज को लेने के लिये परता तो आप किया करती हा

पूजा ये केह दिशा को मुस्कुराते हुवे देखने लगती है

दिशा पूजा को देख पूजा की बातो को समझने लगती है और जब दिशा को समझ मे आता है पूजा के केहने का मतलब तो दिशा पूजा के कान पकरते हुवे दिखावे वाले गुस्से मे पूजा को देख

दिशा - 18 की भी नही हुई है और तेरे दिमाग मे ये सब चलता है हा बोल लगता है तु भूल गई है मे तेरी बरी बेहन हु

पूजा दिशा के हाथ पकर अपनी कान को चुराते हुवे आह करते हुवे

पूजा - दीदी दीदी प्लेस दर्द हो रहा है छोर दीजिये ना मेने तो थोरी मस्ती की बस

दिशा पूजा के कान छोर देती है पूजा अपने कान को सेहलाते हुवे

पूजा - इतना जोर से कोन कान पकरता है
दिशा - गलत बोलेगी तो सजा तो मिलेगी ही

तभी कमरे मे विनय आता है तो दिशा पूजा विनय कि तरफ देखते है

विनय को को देखता है

विनय - लगता है दोनों बहनो मे बातें हो रही है
पूजा विनय को देख
पूजा - सही कहा जीजा जी आप बताइये आपकी बात हो गई मा से
विनय - हा हो गई अब आप बताइये साली जी आप कैसी है
विनय फिर जाके दिशा के पास बैठे जाता है
पूजा विनय को देख मुस्कुराते हुवे
पूजा - मस्त हु आपके सामने हु आप बताइये
विनय थोरा दुखी आवाज मे दिशा को देख
विनय - एक अच्छी खूबसूरत बीवी मिली जो मेने सोचा नही था लाइफ मे जो है जो मिला उसी मे बहोत खुश हु लेकिन फिर भी अभय के बिना हर खुशी हर पल फीकी पर जाती है

विनय की बात सुन दिशा पूजा भी दुखी हो जाते है
दिशा विनय के कंधे पे हाथ रखी है तो तो विनय होस मे आता है और दोनों को देख
विनय - माफ करना मे हर अच्छा पल बर्बाद कर देता हु
दिशा - आप ऐसा मत बोलिये हमे भी उनकी कमी खलती है

विनय सभी से बहोत सारी बातें करता है गाव घूमता है

( रात - 10 )

कमरे मे दिशा विनय बिस्तर पे लेते हुवे थे विनय दिशा को बहो मे लिये हुवे था दोनों के फेस आमने सामने थी दोनों एक दूसरे को देख बातें कर रहे थे

20 मिनट बाद

विनय दिशा को पूरा नँगा कर देता है और फिर खुद नँगा हो जाता है और दिशा के ऊपर आ जाता है विनय फिर दिशा के चुत मे लंड दाल देता है दिशा आह करती है विनय धक्के पे धक्का मारने लगता है

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दिशा मजे से लेती सिसकिया लेने लगती है चुदाई का फूल मजा उठाने लगती है कमरे मे फच् फच् आह उह्ह् की आवाज गुज रही थी 9 मिनट बाद दोनों एक साथ झर जाते है

फिर दोनों एक दूसरे कि बहो मे सिमट कर सो जाते है

विनय 2 दिन अपने ससुराल रेहता है फिर दिशा और पूजा को लेके घर आ जाता है
असल मे पूजा आना चाहती थी तो दिशा न सिर्फ न दिन के लिये मानी कियुंकी दिशा नही चाहती थी मा अकेली रहे तो पूजा एक दिन रेह विनय छोर आयेगा

अपनी दीदी के ससुराल आने के बाद पूजा सब से मिलती है बातें करती है और पूजा को भी समझ मे आ जाता है सभी दिल के कितने अच्छे है

पूजा अदिति दोनों की बहोत बनने लगती है दोनों एक दूसरे से बहोत बातें करते है

दिन महीने गुजरने लगते है


( 3 महीने बाद )

घर मे फिर से मातम छाया हुवा था विनय अब इस दुनिया को अपनी मा बेहन बीवी सब को छोर उपर वाले के पास चला जाता है

( असल मे विनय को साप ने काट लिया था जब विनय हल्फा होने गया था होस्पिटल ले जाते जाते विनय दम तोर देता है और अपनो को इस दुनिया को छोर चला जाता है )

बता नही उपर वाला किया चाहता था आसा की लाइफ मे सुरु से खुसिया सायद लिखी ही नही थी पेहले अभय फिर विनय आसा ने अपने दोनों लाल को खो दिया तो जोकि आसा के किये ये बहोत बरा सदमा था

आँगन मे विनय की लास परी हुई थी और सीमा विनय के सीने पे सर रख फुट फुट कर रोये जा रही थी

दिशा विनय के लास पे पास घुटनों पे बैठी अपनी चुरिया हाथो को जमीन पे पटक तोरे जा रही और रोये जा रही थी

अदिति का हाल अपनी मा की तरह ही बहोत बुरा था अदिति अपने भाई की लास के पास बैठे फुट फुट कर रोये जा रही थी

आसा विनय के सीने पे हाथ रख विनय की लास को हिलाते हुवे

आसा - रोते हुवे विनय बेटा उठ ना देख मा से मजाक मत कर तु मुझे छोर कर कैसे जा सकता है मेने अभय को खोया है अब तु भी अपनी मा को छोर कर जायेगा हा बोल ना मेरे लाल तु सुन रहा है ना उठ जा ना अपनी मा की बात नही मानेगा

अदिति विनय के सीने से लिपट कर रोते हुवे

अदिति - भाई ऐसा मत कीजिये प्लेस अगर आप भी अपनी गुरिया को छोर कर चले जायेंगे तो मे किसको अपना भाई कहूगी मे किसके हाथ मस्ती करुगी कोन मुझे खतरों से बचायेगा मेरा ख्याल रखेगा

अदिति अपने भाई के चेहरे को को पकर देख

भाई प्लेस उठ जाइये ना आपकी गुरिया आप को पुकार रही है किया आप अपनी गुरिया की बात नही मानेंगे अगर आप मेरी बात मान नही उठे तो मे आपसे नाराज हो जाउंगी आपसे कभी बात नही करुगी भाई उठ जाओ ना प्लेस

अदिति विनय के सीने से लिपट फुट फुट कर रोये जा रही थी

दिशा विनय की सर के पास बैठी विनय के सर को सेहलाते हुवे रोते हुवे विनय के चेहरे को देख

दिशा - मेने उपर वाले से जैसा पति मांगा था आप उसने कई अच्छे थे मुझे यकीन नही हो रहा था की मुझे आप जैसा नेक दिल पति मिला मा जैसी सास मिली भी बेहन जैसी ननद मेने इतना मांगा था ऊपर वाले से मुझे उससे कही अधिक मेला मुझे एक अच्छा परिवार मिला लेकिन कियु लेकिन कियु उपर वाले तूने हमारे साथ ऐसा कियु किया घर मे एक यही थे देवर जी के जाने के बाद फिर कियु तुम्हे हमारे उपर तरस नही आता हमे और कितना दर्द दुख देगा उपर वाले जवाब दे मुझे जवाब से मुझे

दिशा भी विनय के सीने पे सर रख रोने लगती है

गाव के पास पास के कई लोग आके अंदर का सीन देख कर जा रहे थे जो भी अंदर का सीन देखता सबकी आखो से आसु निकल आते

पूजा अपनी मा के साथ भागते हुवे आती है और जब अंदर का सीन देखती है तो पूजा के भी पैर काप जाते है

पूजा विनय के पास जाके विनय के सीने का पकर जोर जोर से रोने लगती है तो वही तारा जाके अपनी बेटी दिशा और बाकी सभी को संभालने लगती है

तारा के आखो से भी आसु बहे जा रहे थे तारा बहोत खुश थी ये जान की उसका दामाद और असुरल वाले बहोत अच्छे और दिशा को एक अच्छा परिवार मिला है लेकिन अब सामने का मंजर देख तारा का भी दिल रो रहा था

1 घंटे तक आसा अदिति दिशा विनय को सीने से लगाये रोते रहे लेकिन अंतिम संस्कार तो करना था ना

आसा के परोसी मे से कुछ लोग आगे आके विनय को ले जाते है फिर विनय का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है

आज का दिन भी आसा और सभी के लिये काला दिन था

2 दिन तक घर मे रोना धोना होते रेहता है ना को खाना खाना है ना कोई अपने आप पर ध्यान दे रहा था

पूजा तारा भी रुक गई थी घर की सभी की हालत देख

पूजा तारा एक कमरे मे बैठे हुवे थे तारा पूजा को देख

तारा - पूजा बेटी पता नही किस की नजर लग गई है इस घर मे अभी जो हालत है सभी का ऐसे ही चलता रहा तो बहोत बुरा हो सकता है

पूजा आखो मे आसु लिये

पूजा - तो मा हम किया करे बोलिये
तारा - मे जाके दिशा बेटी को समझाती हु तुम जाके अदिति को सांझाओ
पूजा - ठीक है मा मे कोसिस करती हु
तारा - कोसिस नही करना ही होगा नही तो
पूजा - समझ गई मा मे जाती हु

पूजा अदिति के पास तारा दिशा के पास चली जाती है

आसा अपने कमरे मे फुट फुट कर रोये जा रही थी

पूजा अदिति के पास जाती है अदिति बिस्तर पे लेती तकिये को पकरे सीने मे दबाये रोये जा रही थी पूजा अदिति के पास जाते बैठ जाती है

पूजा - अदिति मुझे पता है तुम्हे कितना दर्द हो रहा होगा तुमने अपने दोनों भाई को खो दिया और जो दर्द तुम सेह रही हो उसका अंदाज़ा सायद मुझे भी नही है लेकिन मुझे इतना पता है अपनो के खोने का दर्द बहोत बरा होता है

पूजा अदिति को देखती है जो रोये जा रही थी आसु बहाये जा रही थी

पूजा - देखो अदिति किसी अपने के जाने से जिंदगी जिंदगी जीना मुश्किल हो जाता है लेकिन जीना परता है तुम्हे भी जीना पड़ेगा खुद के लिये और खास कर अपनी मा के लिये अगर तुम ऐसे ही कमजोर परती रही और अपनी मा को नही संभाला तो तुम उन्हें भी खो दोगी

मा के खोने की बात सुन अदिति का रोना एकदम से बंद हो जाता है और अदिति पूजा को देखने लगती है

पूजा अदिति को देख

पूजा - हा अदिति तुम्हे अपनी मा के लिये अपने आप को संभालना होगा और खुद को भी


अदिति को पूजा की बात अच्छे से समझ मे आ जाती है पूजा उसे किया समझाना चाहती हो

तारा भी दिशा को अच्छे से समझा देती है फिर दिशा अदिति आसा को संभालने लगते है


( 1 साल बाद )

पूजा तारा के समझाने की वजह से दिशा अदिति ने समय रेहते आसा को संभाल लिया एक साल हो गये थे

आसा दिशा अदिति सभी की जिंदगी और भी दुखत हो चुकी थी जिंदगी मे कोई रंग नही था बस आसा अदिति के लिये जि रही थी अदिति अपनी मा के लिये और दिशा दोनों के किये

जिंदगी जीना था जी रहे थे पर खुसिया घर से सब से कोसो दूर थी

अदिति विनय के जाने के बाद के एक महीने बाद फिर से अपनी पढाई मे जोरों सोरों से लग जाती है

अदिति के ऊपर एक जिमेदारी आ गई थी अदिति को पता था अब उसके दोनों भाई नही रहे और एक दिन उसकी मा उसकी भी सादी करा देगी लेकिन अदिति चाहती थी की पढ लिख कर कोई नौकरी करे ताकि अपने दम पर वो अपनी मा को थोरा अच्छी लाइफ दे सके

घर मे अदिति दिशा मस्ती मजाक करते रेहते थे लेकिन सिर्फ आसा के लिये ताकि आसा को थोरा अच्छा फिल करा सके लेकिन आसा को भी सच पता था

सच ये था की हर रात सब अपने कमरे मे रोया करते थे

( विनय के जाने के 1 महीने पेहले ) साम 8 बजे

दिशा आँगन मे खाना बनाने मे लगी हुई थी तभी आसा पास मे रखी कटिया पे जाके बैठ जाती है दिशा भी अपनी सासु मा को देखती है
आसा दिशा को देख

आसा - आखो मे आसु लिये मेने अपने दोनों करेजे के टुकरे को खो दिया है उपर वाले न मेरे दोनों लाल को मुझसे छीन लिया लेकिन बहु तुम जवान हो सादी के तीन महीने बाद ही तुम विधवा हो गई अकेले जिंदगी नही जी जाती बहु एक औरत की लाइफ मे एक मर्द का होना बहोत जरूरी है और ये मुझसे अच्छा कोई नही समझ सकता इस लिये तुम अब दूसरी सादी कर लो

दिशा सब्ज़ी काट रही थी आसा की बात सुन दिशा आखो मे आसु लिये आसा को देखती है

दिशा - मम्मी जी आप मुझे जाने के लिये कहेगी तो में चली जाउंगी लेकिन मे जाना नही चाहती मुझे उनसे प्यार था मुझे आप से ननद जी से भी इस घर से भी है तो मे इस घर को छोर कही नही जाउंगी यही मेरा घर है मुझे आप की सेवा करनी है मे जानती हु एक औरत की लाइफ मे एक मर्द का होना बहोत जरूरी है लेकिन मुझे दूसरी सादी नही करनी मुझे आपके साथ रेहना आप का पूरी लाइफ ख्याल रखना है

आसा रोते हुवे आसा को देख

आसा - बेटा लेकिन तुम समझ रही रही हो तुम्हारे पास पूरी जिंदगी परी हुई है

दिशा - रोते हुवे पता है लेकिन मुझे आप के साथ रेहना है इस घर मे रेहना है

बस आसा ने बहोत समझाया लेकिन दिशा नही मानी और दूसरी सादी नही कि ना आसा अदिति घर को छोर कर गई


( अदिति अब 17 साल की हो चुकी थी )

( अभय 18 साल का हो चुका था )


( DP DEVIL 👹 )

3 साल अभय dp devil के कैद मे रेह कर ट्रेनिंग करता रहा आखिर कर आज अभय विजय जीत जीतू की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है उसी के साथ सभी टेस्ट पार कर टॉप 1 मे आ जाते है

सीधे सीधे कहु तो वहा कोई नही था जो अभय की टीम को टक्कर दे सके अभय जैसा चाहता था वैसा ही हुवा dp devil की नजर मे अभय आ हि गया


( 4 महीने बाद ) रात 9 बजे

कमरे मे अभय अपने दोस्तो के साथ आमने सामने घेरा बना के बैठे हुवे थे आज सभी बहोत खुश थे कियुंकी अभय की टीम को मिसन मिला था

मिसन था एक अमीर बिजनसमैन को मारना जिसका नाम - पवार सिंह 55 साल का

अभय सभी के बीच उसी बंदे की कुंडली रखी हुई थी और सभी वही देख रहे थे

विजय पवार सिंह की फोटो को देखते हुवे अभय से

विनय - बॉस किया हम सच मे इस बेकसूर हो मारने वाले है
जीत अभय से

जीत - बॉस विनय भाई सही केह रहे है किया हम सच मे अपना हाथ किसी बेकसूर को मार खून से रंगने वाले है
जीतू - किया हम पवार को मार उसके अपने को दर्द देने वाले है

अभय पवार की फाइल पढ़ रहा था साथ मे सभी की बातें भी सुन रहा था अभय सभी को देख

अभय - मुझे ये बताओ हम यहा कियु है हमे ट्रेनिंग कियु दी गई है देखो हम यहा से भागने वाले है लेकिन ऐसा नही होता तो हमे जिंदा रहने के लिये मिसन करना ही परता या हम ना कर खुद को मार देते यही दो रास्ते होते हमारे पास लेकिन हमे यहा नही रेहना है यहा से भाग कर अपने घर अपने लोगो के पास जाना है तो एक रास्ता हमारे पास है

अभय की बात सुन सभी हैरान से अभय को देख एक साथ - वो किया है बॉस

अभय तीनों को देख

अभय - हम पवार को नही मारेगे उसे जिंदा छोर देगे और उसे कहेगे कही दूर चला जाये और गायब हो जाये जब तक dp devil का काम खतम नही हो जाता

जीत हैरानी से अभय को देख

जीत - लेकिन भाई हमे dp devil को सबूत भी तो देना परता है

अभय सभी को देख मुस्कुराते हुवे - उसका भी प्लान है मेरे पास अब सो जाओ सुबह मिसन पे जाना है

जीतू विजय जीत - यस बॉस

फिर सभी अपने अपने बिस्तर पे जाके लेत जाते है अभय बिस्तर पे लेता हुवा अपनी मा बेहन भाई के बारे मे सोच आखे बंद कर देता है

( सुबह 10 बजे ) dp devil के ऑफिस मे

अभय जीतू जीत विनय चारों पूरी तरह से तैयार खरे थे dp devil अपनी कुर्सी पे इसटाइल् मे अपने चेहरे पे मास्क लगाये बैठा अभय और सभी को देखे जा रहा था.

गोपाल आके अभय जीत जीतू विजय के शरीर मे जेहर दाल देता है और गर्दन के पीछे ट्रेक डिवाइस भी अंदर दाल देता है फिर साइड मे जाके खरा हो जाता है

dp devil - अभय की टीम को देख मुस्कुराते हुवे यकीन नही हो रहा नये नये आये तुम बच्चे सभी को पीछे छोर टॉप 1 पे आ गये मे तुम सब से बहोत खुश हुवा

dp devil अभय को देख मुस्कुराते हुवे

dp devil - तुम तुम्हारा नाम अभय है ना

अभय सभी dp devil के सामने सर झुकाये खरे हुवे थे
अभय dp devil की बात सुन नजरे नीचे किये ही
अभय - जी आप ने सही कहा मेरा नाम अभय है
dp devil - मुझे पता है तुम्हारे बारे मे तुम्हारी टीम टॉप 1 पे है लेकिन तुम भी सब से टॉप 1 पे हो मेने देखा तुमने अकेले ही टॉप 5 के लोगो एक साथ अकेले ही हरा दिया मुझे लगता है तुम आराम से अकेले 10 टॉप ट्रेंड असेसन् को हरा सकते हो तुम मे बहोत काबिलियत है बहोत खूब अगर ये मिसन् अच्छे से कर लोगो को तुम सब को बरा इनाम दिया जायेगा और रेहने के लिये अच्छा कमरा खाना पीना सब कुछ और आगे भी मिसन मिलते रहेगे

अभय जीतू विनय जीत एक साथ जोर से - हम जरूर अपना मिसन पूरा कर के आयेगे

dp devil- मुस्कुराते हुवे बहोत खुश

dp devil फिर दो लोगो को बुलाता है दोनों ने भी मास्क पेहना था हाथो मे गन भी थे

dp devil दोनों को देख - इन लोगो को छोर आओ बाहर

दोनों गार्ड अभय सभी को लेकर जाने लगता है दोनों आगे आगे अभय सब पीछे पीछे चल रहे थे

पेहला गेट आता है गार्ड पासवर्ड दाल खोलते है फिर दूसरा फिर तीसरा तब जाके दिपु बाहर आते है अभय जीतू जीत विनय सभी हैरान थे और मन मे यही सोच रहे थे कोई भी इंतनी टाइट सिक्योरेटि से बाहर कभी निकल हि नही सकता है

गार्ड 1 अभय सभी ये आगे बाइक को दिखाते हुवे वो बाइक से तुम दोनों को ये जंगल पार करना है
गार्ड 2 - अभय को रास्ता का नक्सा तो एक छोटे से दिवाइस मे था देते हुवे ये तुम लोगो को रास्ता बतायेगा कैसे इस जंगल से बाहर जाना है

अभय दिवाइस लेते हुवे - जी समझ गया
गार्ड - ठीक है जाओ और अपना मिसन कर के आओ

फिर दोनों गार्ड अंदर चले जाते है

अभय दो कदम आगे जाता है और सामने देखता है तो दूर दूर से बरे बरे जंगल थे अभय फिर पीछे सभी को देख कर

अभय - रेडी हो तुम सब
तीनों - यस बॉस

अभय को बॉस इस लिये जीत जीतू विजय कहते है कियुंकी अभय टीम का कप्तान है नही ब्लकि अभय की वजह से ही आज तीनों टॉप पे आ पाये है अभय ने सब की बहोत मदद कि कई बार दुसरे टीम से भी बचाया अभय दिमाग और ताकत मे सब से आगे था इसी लिये जीत जीतू विजय पुरे दिल से अभय को बॉस मानने लगे

अभय बाइक पे बैठ जाता पीछे विजय दूसरी बाइक पे जीतू और साथ पीछे जीतू बैठ जाते है

अभय पीछे देख विजय को दिवाइस देते हुवे

अभय - विजय तुम मुझे रास्ता बताते रेहना किस तरफ जाना है
विजय - यस बॉस समझ गया

जीत बाइक अभय के सामने रोक देता है अभय जीत जीतू को देख
अभय - तुम दोनों मेरी पीछे साथ मे रेहना और हा रास्ते मे जितने मोर आयेगे वहा मे निसान लगाते जाना समझ गये

जीत जीतू - यस बॉस समझ गये

अभय बाइक चालू करते हुवे आगे देख

अभय - कियुंकी ये जंगल बहोत बरा घना है जब हम मिसन कर आयेगे तो हमसे रास्ते वाला दिवाइस ले लिया जायेगा तो फिर जब हम यहा से भागेगे तो उसके बिना जंगल से बाहर नही निकल पायेंगे लेकिन हम अभी निसान लगा देगे किस मोर पे कहा जाना है तू हम आराम से जंगल से निकल पायेंगे

विजय जीत जीतू - समझ गये बॉस

अभय - चलो फिर

अभय फिर तेजी से जंगल मे पतले रास्ते से उभर खाबर् गढ़े से होते हुवे जाने लगता है अभय के पीछे हि जीतू था और अभय से जैसा कहा था कोई मोर आता जीतू जल्दी से बाइक रोक देता और जीत जाके पेर पे छुपा के ताकि कोई देख ना सके निसान लगा देता

अभय को कैसे भी मिसन पूरा कर के कल साम तक आना था नही तो सब मारे जायेंगे

10 बजे से जंगल मे गये जंगल से बाहर आने मे अभय को साम हो जाती है हा पूरा दिन लग जाता है बिना रुके तक जाके सभी के एंड पे पहुँच पाये थे

अभय बाइक रोक सभी को आराम करने के लिये केहता है बस यहा से सेहर कुछ दूरी पे था कियुंकी बरी बिल्डिंग अभय सभी को साफ दिख रही थी

सभी बैठे हुवे खुले हवा का मजा ले रहे थे सभी को आजादी वाली फीलिंग आ रही थी

विजय अभय को देख
विजय - बॉस वो साला dp devil कमीना उसे पता था हमे जंगल से बाहर आने मे साम हो जायेगी फिर रात को हम मिसन करेगे फिर सुबह ही वापस साम तक लोटेगे साले ने एक दिन भी ज्यादा नही दिया

जीत विजय की बात सुन अभय को देख

जीत - सही कहा विजय ने बॉस वो कमीना बहोत चालाक तेज है

अभय तो बिल्डिंग को देख आजादी वाली फीलिंग ले रहा था और दोनों की बातें सुन दोनों को देख

अभय - अबे पागल कमीनो अगर वो इतना चालाक तेज नही होता तो किया आज तक जो सभी लोगो से बच कर रेह पाता किया आज वो अभी तक इतना बरा धंधा खोल उसका बॉस बना परा है बन पाता कभी दिमाग का भी इस्त्माल कर लिया करो

जीतू अभय की बात सुन हस्ते हुवे

जीतू - आपने सही कहा बॉस इस दोनों के पास कोई दिमाग ही नही है

विजय जीत दोनों घूर के जीतू को देखने लगते ही

अभय बिल्डिंग को देखते हुवे जीतू से - तुम्हारे पास भी कौन सा दिमाग है

अभय की बात सुन जीतू का मुह बन जाता है तो वही विजय जीत जीतू को देख हसने लगते है


( परजेंट )

ट्रेन कुछ मिनट मे अपने आखरी मंजिल पे पहुँचने वाला था और बाकी बच्चे यात्री भी


अभय खरा होके अपना बैग कंधे पे रख गेट के पास आके खरा हो जाता है और बाहर देखते हुवे अपनी मा बेहन भाई के बारे मे सोचने लगता है

अभय - मे आ गया मा भाई गुरिया बस 40 मिनट बाद मे आपके पास आपके आखो की सामने रहुंगा

पायल जो सीट पे बैठी थी अभय को जाते देख लिया था पायल एक नजर मा पापा को देखती है फिर धीरे से खरा होके अभय के पास जाके पीछे खरी हो जाती है

अभय पीछे देखता है तो पायल अपना बतिसी दिखाते हुवे खरी थी

अभय पायल को देख

अभय - तुम मेरा पीछा छोरोगी या नही एकदम जोक की तरह चिपक रही हो यार तुम

पायल अभय से पूरा सत् कर अभय कि आखो मे देख

पायल - मेरे राजा अपने मेरे खजाने को पकरा है मजे लिये है तो कैसे मे आप का पीछा छोर दु सादी तो आपको मुझसे करनी ही होगी

अभय पायल को देख

अभय - मेरा इरादा वैसा कुछ करने का नही था समझी
पायल अभय के और करीब सत् के अपने गुलाबी होठ अभय के होठ के पास लाके

पायल - जो भी है आपने मेरे खजाने को छु कर अंदर की आग को भरका दिया है जिसे आपको ही ठंडा करना होगा समझ गये मेरे राजा


तभी ट्रेन धीमा होता है और अपनी मंजिल पे रुक जाता है

अभय पायल बाहर देखते है

पायल जल्दी से अभय को देख

पायल - जल्दी से मुझे आप अपना मोबाइल दीजिये
अभय - नही दुगा
पायल अभय को देख
पायल - नही देगे तो मे चिल्ला चिल्ला के सब को बता दुगी आपने मेरे खजाने को पकरा था

अभय डर जाता है और जल्दी मोबाइल निकाल पायल को देते हुवे
अभय - तुम सच मे लरकी ही हो ना
पायल अभय का फोन लेते हुवे अपना नंबर डाइल करते हुवे
पायल - कियु आपने मेरा खजाना छूके पकर के भी मुझसे ये पूछ रहे है की मे लरकी नही हु

पायल अभय को फोन देते हुवे अभय को देख
पायल - किया आपको मेरे बरे बरे संतरे दिखाई नही दे रहे या फिर दिखा दु यकीन हो जायेगा

अभय पायल को देख
अभय - तुम लरकी हो लेकिन एक नंबर हि गुण्डी हो

अभय फिर नीचे उतर स्टेशन से बाहर जाने लगता है

पायल अभय को जाते देख
पायल - मे गुण्डी हु तो आप मेरे गुण्डे है मेरे राजा

पायल फिर अभय का नंबर ले लिया था तो पायल मेरा राजा नाम से सेब कर लेती है

पायल - मेरे राजा आप मेरे पास वाले गाव मे ही रेहते है तो मे आपको ढूढ़ ही लुगी बस मेरा इंतज़ार करना

अभय स्टेशन से बाहर आता है तो बहोत सारे रिस्का वाले खरे चिल्ला रहे थे यहा जायेगी ये रिस्का वहा जायेगी

अभय को अपने गाव का नाम सुनाई देता है अभय देखता है एक रिस्का वाला आवाजे लगाये जा रहा था

अभय जाके उस रिस्का मे बैठ जाता है 10 मिनट बाद रिस्का फूल हो जाता है और रिस्का लालपूर निकल परता है

अभय आगे बैठा बाहर देख रहा था अभी अभय बहोत खुश था चेहरे पे खुशी साफ दिख रही थी और खुश भी कियु ना हो आज 4 साल बाद नर्क से अपने आप को बचा के निकल अपने घर अपनी मा भाई बेहन के पास जा रहा था


( पास्ट ) रात 10 बजे

अभय अपने दोस्तो के साथ मिसन कर वापस आ गया था और सभी कमरे मे बैठे बातें कर रहे थे

विजय अभय को देख

विजय - भाई किया दिमाग लगाया है आप ने हमने पवार को मारा भी नही और नकली सबूत लेकर dp devil को दे दिया और उसको पता भी नही चला

जीत - सचमे बॉस आप कमाल हो आप नही होते तो हमारा किया होता बता नही

जीतू - इसी लिये तो अभय भाई हमारे बॉस है

अभय - मुस्कुराते हुवे बस अब हमे एक मिसन और मिल जाये फिर हम यहा से निकल जायेंगे अपने लोगो के पास

असल से अभय ने पवार को नही मारा बल्कि उसको सचाई बता दी और उसे कुछ दिनों महीनों के लिये चुप कर रेहने को कहा

लेकिन उससे पेहले अभय से पवार से इटिंग करवाई अभय पवार को बिस्तर पे लेता कर जानवर का चामरा चिपका देता हो फिर गले पे जानवर का खून दाल देता अब देखने मे लग रहा था पवार मारा गया है अभय फिर फोटो सबूत के लिये खिच देता है

अभय पवार से

अभय - देखिये छुपने से काम नही चलेगा वो कमीना न्यूज़ पे नजर रखता है इस लिये आप अपने कुछ लोगो को केह चारों तरफ झूठा न्यूज़ फैलवा दीजिये की आप मर गये और अपने घर वालो को समझा दीजियेगा कैसे लोगो के सामने नाटक करना है दिखाना है और कोई आपका फेक अंतिम संस्कार जल्दी हि करवा देना नही तो आप तो मरेगे ही हम भी मारे जायेंगे फिर उसके बाद सभी के नजर मे मत आना जब तक वो कमीना मारा नही जाता

पवार अभय को देख

पवार - तुम लोगो से मेरे लिये इतना सब किया ही अपनी जान जोखिम मे दाल के ये एहसास मे कभी नही भुलुगा कभी भी किसी भी चीज या मदद कि जरूरत परे बिना झिझक चले आना

तो यही हुवा था


( 7 महीने बाद ) अब पुरे चार साल बाद

( अभय अब 19 पार कर चुका था )

अभय को मिसन मिल हि जाता है असल मे मिसन बहोत थे लेकिन दूसरे टीम को डे दिया जाता था वो की जायदा खतरा वाला मिसन नही होता था इस लिये अभय की टीम तो नंबर 1 थी तो मिसन भी इतना बरा हि मिलता

अभय मिसन के लिये रेडी था या कहे भागने के लिये रात को ही अभय ने जो पैसा सोना था बराबर बराबर कर बैग मे रखवा लिया था किस्मत भी रही की किसी को सक नही हुवा और सही सलामत बाहर निकल आये

बाहर आते ही अभय तीनों को देखता है तीनों अभय को फिर सभी मुस्कुराते है और बिना देरी किये बाइक पे बैठ तेजी से जंगल से निकल परते है

अभय जीतू जीत विजय थोरी दूर गये ही थे की एक जोर दार धमाका सभी को सुनाई देता है पीछे

अभय सभी जल्दी बाइक रोक पीछे देखते है तो अभय सभी को आसमान मे धुवा ही दिखाई दे रहा था लेकिन अभय समझ जाता है किया हुवा है

अभय की आखो मे आसु आ जाते है बाकी सब की भी

अभय तीनों को देख

अभय - चलो हमे रुकना नही है

अभय फिर तेजी से आगे निकल परता है

असल मे गोपाल ने dp devil के ऑफिस में बहोत पेहले चोरी छुपे रिबोट बम लगा दिया था अभय सभी के बाहर जाते ही गोपाल रिबोट दबा देता है और अपने साथ dp devil को भी लेकर चला जाता है गोपाल जीना नही चाहता था अपने परिवार के पास जा भी नही सकता था तो बस यही एक रास्ता बचा था गोपाल के पास


बाकी जितने बच्चे थे उन्हे कुछ नही हुवा था बस dp devil का ऑफिस मे ही धमाका हुवा था और हर तरफ लोग भागने लगते है


( साम 8 बजे )

अभय सेहर पहुँच फोन बूथ से इंस्पेक्टर नितिका को फोन कर सब बताने लगता है ताकि जितनी जल्दी हो सके dp devil के बचे लोगो को पकर लिया जाये


नितिका - फोन पे - मे तुम्हारी बातो पी कैसे यकीन करू
अभय - आपको यकीन करना होगा मेडम बाकी आप की मर्ज़ी और हा मेरे पास सबूत भी है लेकिन वो मे आगे कुछ दिन बाद आपके पास बहुचवा दुगा यकीन कीजिये

नितिका - ठीक है मे यकीन करती हु

फोन कट

अभय जीतू जीत विजय को देखता है तो तीनों अभय को गले लगा लेते है तीनों अभय की वजह से हि आज dp devil के कैद से आजाद हो पाये थे

जीतू अभय को देख
जीतू - बॉस आप को हम कभी नही भुलेगे आप हमारे बॉस थे रहेगे आप की वजह से आज हम अपने घर जा पायेंगे अपनो से मिल पायेंगे

जीत अभय को देख

जीत - हा बॉस अगर आप नही होते तो सायद हमे मरते दम तक उसी नर्क मे रेहना परता आप का ये एहसास कभी नह भुलेगे

विजय - आप तो मेरे लिये बरे भाई जैसे है और आपने मेरा पूरा ख्याल रखा और आज हमे बाहर भी निकला

जीत जीतू विजय - आप कभी भी हमे याद करेगे एक आवाज मे हम आपके सामने होगे बॉस

अभय तीनों को देख मुस्कुराते हुवे

अभय - तुम तीनों की बिना मे भी कुछ कर नही पाता मेरे दोस्तो खैर हमे कुछ दिन रुक कर किसी ऐसे वक्ति को धुधना होगा जिसको हम सोना बेच सके

जीतू जीत विजय - समझ गये बॉस

10 दिन लगते है अभय को इस सब मे अभय सोने को बेच देता है और सभी अपना खाता atm सब कुछ खुलवा लेते है फिर अभय सभी को अपना हिस्सा दे देता है और अपना उसी के साथ गोपाल का हिस्सा अपने खाते मे जमा करवा लेता है


( 11 वे दिन सुबह ) 9 बजे

अभय सभी घर जाने के लिये रेडी थे अभय ने टिकट निकलवा लिया था अभय जीतू जीत को देख

ठीक है सब हो गया है याद रखना पुलिस को पता लग ही जायेगा फिर वो तुम दोनों को बुला की पूछ ताछ जरूर करेगे लेकिन मेने जितना बताया है उतना ही की केहना है समझ गये तुम दोनों

जीत जीतू एक साथ - समझ गये बॉस आप चिंता मत कीजिये

अभय फिर विजय को देख
अभय - विजय के टकले पे मारते हुवे और तुम बेवकूफ मेरे साथ चलने के लिये कहा था लेकिन तुम्हे मजे करते हुवे बुवा के घर होते हुवे आना है पता भी है जब मे घर पहुँचूगा तो तेरी मा मेरा दिमाग खा जायेगी

विजय - अभय को मस्का मारते हुवे बॉस प्लेस मा को आप संभाल लेना ने अगले ही दिन घर आ जाउंगा

अभय - ठीक है अगले दिन घर नही पहुचा तो तेरी खैर नही समझा
विजय - समझ गया बॉस मा कसम अगले दिन आ जाउंगा
अभय - ठीक है फिर
अभय फिर सभी से गले मिलता है और अभय जीत जीतू को देख

अभय - मे जा रहा हु जैसे ही सारे मामले सांत होगे हम फिर मिलेंगे
जीत जीतू - इंतज़ार रहेगा बॉस उस पल का

अभय - मुस्कुराते हुवे बाय बोल रेलवे स्टेशन की तरफ निकल परता है

जीतू जीत विजय अभय को जाते देख - कसम से बॉस कमाल के बंद है तेज दिमाग उतना की ताकतवर ऐसे हि नहीं हमारे बॉस है

अभय PBA रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 2 पे ssa जाने वाली ट्रेन मे खिरकी वाली सीट जोकि अभय की थी बैठ जाता है और बाहर की तरफ देखने लगता है

बार बार अनाउसमेंट हो रही थी pba ट्रेन 10 मिनट मे ssa के लिये रवाना होगी 10 मिनट बाद ट्रेन खुल जाती है और ट्रेन अपनी मंजिल की तरफ निकल परता है

( पास्ट ) यही पे खतम होता है

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( परजेंट )


रिस्का अभय की घर के आप आके रुकती है अभय नीचे उतर रिक्से वाले को पैसा देता है और रिस्का वाला चला जाता है

अभय अभी मैन रोड पे खरा था अभय अपने घर की तरफ देखता है तो दिपु को वही जगह दिखाई देती है यहा से उसे किंडनेप कर लिया गया था अभय को वो पल याद आने लगते है

अभय आगे थोरा देखता है तो अभय को अपना घर दिखाई दे रहा था अभय अपना कदम आगे बढ़ाता है और अपने घर जाने लगता है


आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏🙏
Nice update bro
 
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ak143

Member
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Nice update
chapter 5

जिन लोगो को नही पता बता दु एक दिन छोर रात 9 से 10 के बीच मे update देता हु यही मेरा टाइम है फिक्स



( पास्ट ) विनय के सादी के 15 दिन बाद

विनय दिशा को लेकर ससुराल जाता है पूजा अपनी बेहन को देख बहोत खुश हो जाती है और जाके गले मिलती है विनय अपनी सासु मा के पैर छु आशीर्वाद लेता है फिर फिर अंदर जाते है


विनय अपनी सासु मा के साथ बातें करने लगता है तो वही पूजा दिशा एक कमरे मे बैठ बातें करने मे लग जाते है दोनों आमने सामने बैठे हुवे थे

पूजा दिशा को देख
पूजा - दीदी आप कैसी है जीजा जी घर वाले सब कैसे है किया आपका वहा दिल लग तो रहा है ना आप वहा खुश तो है ना
दिशा अपनी बेहन की बात सुन पूजा को देख
दिशा - तुम्हारे जीजा बहोत अच्छे है और बहोत प्यार भी करते है मुझे सासु मा तो मुझे अपनी बेटी की तरह प्यार करती है ननद जी भी बहोत अच्छी है कहु तो सभी दिल के अच्छे और साफ है मुझे तो वहा सब के साथ रेह कर सुकून मिलता मे अपनी खुश किस्मती मानती हु की मे उनके घर की बहु बनी

अपनी दीदी की बात सुन पूजा दिशा को देख
पूजा - आपकी बातो से समझ आ रहा है सब बहोत अच्छे है मे आपके लिये बहोत खुश हु दीदी
दिशा पूजा को देख थोरा दुखी आवाज मे
दिशा - बस एक इंसान की कमी मुझे या सब को खलती है देवर जी का अगर वो होते तो घर और भी खुशहाल होता
पूजा को पता था अभय के बारे मे
पूजा - दीदी मुझे पता है अगर वो होते तो यकीन से केहती हु आपका प्यारा लाडला देख देवर होता और आपके आगे पीछे घूमता रेहता

पूजा ये केह हसने लगती है
दिशा पूजा की बात सुन हस देती है फिर पूजा को देख मुस्कुराते हुवे

दिशा - तुमने सही कहा मेरा लाडला देवर होता और मेरे आगे पीछे घूमता तो मुझे भी अच्छा लगता

पूजा दिशा देख मुस्कुराते हुवे
पूजा - अगर आपका लाडला आपके पीछे किसी और चीज को लेने के लिये परता तो आप किया करती हा

पूजा ये केह दिशा को मुस्कुराते हुवे देखने लगती है

दिशा पूजा को देख पूजा की बातो को समझने लगती है और जब दिशा को समझ मे आता है पूजा के केहने का मतलब तो दिशा पूजा के कान पकरते हुवे दिखावे वाले गुस्से मे पूजा को देख

दिशा - 18 की भी नही हुई है और तेरे दिमाग मे ये सब चलता है हा बोल लगता है तु भूल गई है मे तेरी बरी बेहन हु

पूजा दिशा के हाथ पकर अपनी कान को चुराते हुवे आह करते हुवे

पूजा - दीदी दीदी प्लेस दर्द हो रहा है छोर दीजिये ना मेने तो थोरी मस्ती की बस

दिशा पूजा के कान छोर देती है पूजा अपने कान को सेहलाते हुवे

पूजा - इतना जोर से कोन कान पकरता है
दिशा - गलत बोलेगी तो सजा तो मिलेगी ही

तभी कमरे मे विनय आता है तो दिशा पूजा विनय कि तरफ देखते है

विनय को को देखता है

विनय - लगता है दोनों बहनो मे बातें हो रही है
पूजा विनय को देख
पूजा - सही कहा जीजा जी आप बताइये आपकी बात हो गई मा से
विनय - हा हो गई अब आप बताइये साली जी आप कैसी है
विनय फिर जाके दिशा के पास बैठे जाता है
पूजा विनय को देख मुस्कुराते हुवे
पूजा - मस्त हु आपके सामने हु आप बताइये
विनय थोरा दुखी आवाज मे दिशा को देख
विनय - एक अच्छी खूबसूरत बीवी मिली जो मेने सोचा नही था लाइफ मे जो है जो मिला उसी मे बहोत खुश हु लेकिन फिर भी अभय के बिना हर खुशी हर पल फीकी पर जाती है

विनय की बात सुन दिशा पूजा भी दुखी हो जाते है
दिशा विनय के कंधे पे हाथ रखी है तो तो विनय होस मे आता है और दोनों को देख
विनय - माफ करना मे हर अच्छा पल बर्बाद कर देता हु
दिशा - आप ऐसा मत बोलिये हमे भी उनकी कमी खलती है

विनय सभी से बहोत सारी बातें करता है गाव घूमता है

( रात - 10 )

कमरे मे दिशा विनय बिस्तर पे लेते हुवे थे विनय दिशा को बहो मे लिये हुवे था दोनों के फेस आमने सामने थी दोनों एक दूसरे को देख बातें कर रहे थे

20 मिनट बाद

विनय दिशा को पूरा नँगा कर देता है और फिर खुद नँगा हो जाता है और दिशा के ऊपर आ जाता है विनय फिर दिशा के चुत मे लंड दाल देता है दिशा आह करती है विनय धक्के पे धक्का मारने लगता है

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दिशा मजे से लेती सिसकिया लेने लगती है चुदाई का फूल मजा उठाने लगती है कमरे मे फच् फच् आह उह्ह् की आवाज गुज रही थी 9 मिनट बाद दोनों एक साथ झर जाते है

फिर दोनों एक दूसरे कि बहो मे सिमट कर सो जाते है

विनय 2 दिन अपने ससुराल रेहता है फिर दिशा और पूजा को लेके घर आ जाता है
असल मे पूजा आना चाहती थी तो दिशा न सिर्फ न दिन के लिये मानी कियुंकी दिशा नही चाहती थी मा अकेली रहे तो पूजा एक दिन रेह विनय छोर आयेगा

अपनी दीदी के ससुराल आने के बाद पूजा सब से मिलती है बातें करती है और पूजा को भी समझ मे आ जाता है सभी दिल के कितने अच्छे है

पूजा अदिति दोनों की बहोत बनने लगती है दोनों एक दूसरे से बहोत बातें करते है

दिन महीने गुजरने लगते है


( 3 महीने बाद )

घर मे फिर से मातम छाया हुवा था विनय अब इस दुनिया को अपनी मा बेहन बीवी सब को छोर उपर वाले के पास चला जाता है

( असल मे विनय को साप ने काट लिया था जब विनय हल्फा होने गया था होस्पिटल ले जाते जाते विनय दम तोर देता है और अपनो को इस दुनिया को छोर चला जाता है )

बता नही उपर वाला किया चाहता था आसा की लाइफ मे सुरु से खुसिया सायद लिखी ही नही थी पेहले अभय फिर विनय आसा ने अपने दोनों लाल को खो दिया तो जोकि आसा के किये ये बहोत बरा सदमा था

आँगन मे विनय की लास परी हुई थी और सीमा विनय के सीने पे सर रख फुट फुट कर रोये जा रही थी

दिशा विनय के लास पे पास घुटनों पे बैठी अपनी चुरिया हाथो को जमीन पे पटक तोरे जा रही और रोये जा रही थी

अदिति का हाल अपनी मा की तरह ही बहोत बुरा था अदिति अपने भाई की लास के पास बैठे फुट फुट कर रोये जा रही थी

आसा विनय के सीने पे हाथ रख विनय की लास को हिलाते हुवे

आसा - रोते हुवे विनय बेटा उठ ना देख मा से मजाक मत कर तु मुझे छोर कर कैसे जा सकता है मेने अभय को खोया है अब तु भी अपनी मा को छोर कर जायेगा हा बोल ना मेरे लाल तु सुन रहा है ना उठ जा ना अपनी मा की बात नही मानेगा

अदिति विनय के सीने से लिपट कर रोते हुवे

अदिति - भाई ऐसा मत कीजिये प्लेस अगर आप भी अपनी गुरिया को छोर कर चले जायेंगे तो मे किसको अपना भाई कहूगी मे किसके हाथ मस्ती करुगी कोन मुझे खतरों से बचायेगा मेरा ख्याल रखेगा

अदिति अपने भाई के चेहरे को को पकर देख

भाई प्लेस उठ जाइये ना आपकी गुरिया आप को पुकार रही है किया आप अपनी गुरिया की बात नही मानेंगे अगर आप मेरी बात मान नही उठे तो मे आपसे नाराज हो जाउंगी आपसे कभी बात नही करुगी भाई उठ जाओ ना प्लेस

अदिति विनय के सीने से लिपट फुट फुट कर रोये जा रही थी

दिशा विनय की सर के पास बैठी विनय के सर को सेहलाते हुवे रोते हुवे विनय के चेहरे को देख

दिशा - मेने उपर वाले से जैसा पति मांगा था आप उसने कई अच्छे थे मुझे यकीन नही हो रहा था की मुझे आप जैसा नेक दिल पति मिला मा जैसी सास मिली भी बेहन जैसी ननद मेने इतना मांगा था ऊपर वाले से मुझे उससे कही अधिक मेला मुझे एक अच्छा परिवार मिला लेकिन कियु लेकिन कियु उपर वाले तूने हमारे साथ ऐसा कियु किया घर मे एक यही थे देवर जी के जाने के बाद फिर कियु तुम्हे हमारे उपर तरस नही आता हमे और कितना दर्द दुख देगा उपर वाले जवाब दे मुझे जवाब से मुझे

दिशा भी विनय के सीने पे सर रख रोने लगती है

गाव के पास पास के कई लोग आके अंदर का सीन देख कर जा रहे थे जो भी अंदर का सीन देखता सबकी आखो से आसु निकल आते

पूजा अपनी मा के साथ भागते हुवे आती है और जब अंदर का सीन देखती है तो पूजा के भी पैर काप जाते है

पूजा विनय के पास जाके विनय के सीने का पकर जोर जोर से रोने लगती है तो वही तारा जाके अपनी बेटी दिशा और बाकी सभी को संभालने लगती है

तारा के आखो से भी आसु बहे जा रहे थे तारा बहोत खुश थी ये जान की उसका दामाद और असुरल वाले बहोत अच्छे और दिशा को एक अच्छा परिवार मिला है लेकिन अब सामने का मंजर देख तारा का भी दिल रो रहा था

1 घंटे तक आसा अदिति दिशा विनय को सीने से लगाये रोते रहे लेकिन अंतिम संस्कार तो करना था ना

आसा के परोसी मे से कुछ लोग आगे आके विनय को ले जाते है फिर विनय का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है

आज का दिन भी आसा और सभी के लिये काला दिन था

2 दिन तक घर मे रोना धोना होते रेहता है ना को खाना खाना है ना कोई अपने आप पर ध्यान दे रहा था

पूजा तारा भी रुक गई थी घर की सभी की हालत देख

पूजा तारा एक कमरे मे बैठे हुवे थे तारा पूजा को देख

तारा - पूजा बेटी पता नही किस की नजर लग गई है इस घर मे अभी जो हालत है सभी का ऐसे ही चलता रहा तो बहोत बुरा हो सकता है

पूजा आखो मे आसु लिये

पूजा - तो मा हम किया करे बोलिये
तारा - मे जाके दिशा बेटी को समझाती हु तुम जाके अदिति को सांझाओ
पूजा - ठीक है मा मे कोसिस करती हु
तारा - कोसिस नही करना ही होगा नही तो
पूजा - समझ गई मा मे जाती हु

पूजा अदिति के पास तारा दिशा के पास चली जाती है

आसा अपने कमरे मे फुट फुट कर रोये जा रही थी

पूजा अदिति के पास जाती है अदिति बिस्तर पे लेती तकिये को पकरे सीने मे दबाये रोये जा रही थी पूजा अदिति के पास जाते बैठ जाती है

पूजा - अदिति मुझे पता है तुम्हे कितना दर्द हो रहा होगा तुमने अपने दोनों भाई को खो दिया और जो दर्द तुम सेह रही हो उसका अंदाज़ा सायद मुझे भी नही है लेकिन मुझे इतना पता है अपनो के खोने का दर्द बहोत बरा होता है

पूजा अदिति को देखती है जो रोये जा रही थी आसु बहाये जा रही थी

पूजा - देखो अदिति किसी अपने के जाने से जिंदगी जिंदगी जीना मुश्किल हो जाता है लेकिन जीना परता है तुम्हे भी जीना पड़ेगा खुद के लिये और खास कर अपनी मा के लिये अगर तुम ऐसे ही कमजोर परती रही और अपनी मा को नही संभाला तो तुम उन्हें भी खो दोगी

मा के खोने की बात सुन अदिति का रोना एकदम से बंद हो जाता है और अदिति पूजा को देखने लगती है

पूजा अदिति को देख

पूजा - हा अदिति तुम्हे अपनी मा के लिये अपने आप को संभालना होगा और खुद को भी


अदिति को पूजा की बात अच्छे से समझ मे आ जाती है पूजा उसे किया समझाना चाहती हो

तारा भी दिशा को अच्छे से समझा देती है फिर दिशा अदिति आसा को संभालने लगते है


( 1 साल बाद )

पूजा तारा के समझाने की वजह से दिशा अदिति ने समय रेहते आसा को संभाल लिया एक साल हो गये थे

आसा दिशा अदिति सभी की जिंदगी और भी दुखत हो चुकी थी जिंदगी मे कोई रंग नही था बस आसा अदिति के लिये जि रही थी अदिति अपनी मा के लिये और दिशा दोनों के किये

जिंदगी जीना था जी रहे थे पर खुसिया घर से सब से कोसो दूर थी

अदिति विनय के जाने के बाद के एक महीने बाद फिर से अपनी पढाई मे जोरों सोरों से लग जाती है

अदिति के ऊपर एक जिमेदारी आ गई थी अदिति को पता था अब उसके दोनों भाई नही रहे और एक दिन उसकी मा उसकी भी सादी करा देगी लेकिन अदिति चाहती थी की पढ लिख कर कोई नौकरी करे ताकि अपने दम पर वो अपनी मा को थोरा अच्छी लाइफ दे सके

घर मे अदिति दिशा मस्ती मजाक करते रेहते थे लेकिन सिर्फ आसा के लिये ताकि आसा को थोरा अच्छा फिल करा सके लेकिन आसा को भी सच पता था

सच ये था की हर रात सब अपने कमरे मे रोया करते थे

( विनय के जाने के 1 महीने पेहले ) साम 8 बजे

दिशा आँगन मे खाना बनाने मे लगी हुई थी तभी आसा पास मे रखी कटिया पे जाके बैठ जाती है दिशा भी अपनी सासु मा को देखती है
आसा दिशा को देख

आसा - आखो मे आसु लिये मेने अपने दोनों करेजे के टुकरे को खो दिया है उपर वाले न मेरे दोनों लाल को मुझसे छीन लिया लेकिन बहु तुम जवान हो सादी के तीन महीने बाद ही तुम विधवा हो गई अकेले जिंदगी नही जी जाती बहु एक औरत की लाइफ मे एक मर्द का होना बहोत जरूरी है और ये मुझसे अच्छा कोई नही समझ सकता इस लिये तुम अब दूसरी सादी कर लो

दिशा सब्ज़ी काट रही थी आसा की बात सुन दिशा आखो मे आसु लिये आसा को देखती है

दिशा - मम्मी जी आप मुझे जाने के लिये कहेगी तो में चली जाउंगी लेकिन मे जाना नही चाहती मुझे उनसे प्यार था मुझे आप से ननद जी से भी इस घर से भी है तो मे इस घर को छोर कही नही जाउंगी यही मेरा घर है मुझे आप की सेवा करनी है मे जानती हु एक औरत की लाइफ मे एक मर्द का होना बहोत जरूरी है लेकिन मुझे दूसरी सादी नही करनी मुझे आपके साथ रेहना आप का पूरी लाइफ ख्याल रखना है

आसा रोते हुवे आसा को देख

आसा - बेटा लेकिन तुम समझ रही रही हो तुम्हारे पास पूरी जिंदगी परी हुई है

दिशा - रोते हुवे पता है लेकिन मुझे आप के साथ रेहना है इस घर मे रेहना है

बस आसा ने बहोत समझाया लेकिन दिशा नही मानी और दूसरी सादी नही कि ना आसा अदिति घर को छोर कर गई


( अदिति अब 17 साल की हो चुकी थी )

( अभय 18 साल का हो चुका था )


( DP DEVIL 👹 )

3 साल अभय dp devil के कैद मे रेह कर ट्रेनिंग करता रहा आखिर कर आज अभय विजय जीत जीतू की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है उसी के साथ सभी टेस्ट पार कर टॉप 1 मे आ जाते है

सीधे सीधे कहु तो वहा कोई नही था जो अभय की टीम को टक्कर दे सके अभय जैसा चाहता था वैसा ही हुवा dp devil की नजर मे अभय आ हि गया


( 4 महीने बाद ) रात 9 बजे

कमरे मे अभय अपने दोस्तो के साथ आमने सामने घेरा बना के बैठे हुवे थे आज सभी बहोत खुश थे कियुंकी अभय की टीम को मिसन मिला था

मिसन था एक अमीर बिजनसमैन को मारना जिसका नाम - पवार सिंह 55 साल का

अभय सभी के बीच उसी बंदे की कुंडली रखी हुई थी और सभी वही देख रहे थे

विजय पवार सिंह की फोटो को देखते हुवे अभय से

विनय - बॉस किया हम सच मे इस बेकसूर हो मारने वाले है
जीत अभय से

जीत - बॉस विनय भाई सही केह रहे है किया हम सच मे अपना हाथ किसी बेकसूर को मार खून से रंगने वाले है
जीतू - किया हम पवार को मार उसके अपने को दर्द देने वाले है

अभय पवार की फाइल पढ़ रहा था साथ मे सभी की बातें भी सुन रहा था अभय सभी को देख

अभय - मुझे ये बताओ हम यहा कियु है हमे ट्रेनिंग कियु दी गई है देखो हम यहा से भागने वाले है लेकिन ऐसा नही होता तो हमे जिंदा रहने के लिये मिसन करना ही परता या हम ना कर खुद को मार देते यही दो रास्ते होते हमारे पास लेकिन हमे यहा नही रेहना है यहा से भाग कर अपने घर अपने लोगो के पास जाना है तो एक रास्ता हमारे पास है

अभय की बात सुन सभी हैरान से अभय को देख एक साथ - वो किया है बॉस

अभय तीनों को देख

अभय - हम पवार को नही मारेगे उसे जिंदा छोर देगे और उसे कहेगे कही दूर चला जाये और गायब हो जाये जब तक dp devil का काम खतम नही हो जाता

जीत हैरानी से अभय को देख

जीत - लेकिन भाई हमे dp devil को सबूत भी तो देना परता है

अभय सभी को देख मुस्कुराते हुवे - उसका भी प्लान है मेरे पास अब सो जाओ सुबह मिसन पे जाना है

जीतू विजय जीत - यस बॉस

फिर सभी अपने अपने बिस्तर पे जाके लेत जाते है अभय बिस्तर पे लेता हुवा अपनी मा बेहन भाई के बारे मे सोच आखे बंद कर देता है

( सुबह 10 बजे ) dp devil के ऑफिस मे

अभय जीतू जीत विनय चारों पूरी तरह से तैयार खरे थे dp devil अपनी कुर्सी पे इसटाइल् मे अपने चेहरे पे मास्क लगाये बैठा अभय और सभी को देखे जा रहा था.

गोपाल आके अभय जीत जीतू विजय के शरीर मे जेहर दाल देता है और गर्दन के पीछे ट्रेक डिवाइस भी अंदर दाल देता है फिर साइड मे जाके खरा हो जाता है

dp devil - अभय की टीम को देख मुस्कुराते हुवे यकीन नही हो रहा नये नये आये तुम बच्चे सभी को पीछे छोर टॉप 1 पे आ गये मे तुम सब से बहोत खुश हुवा

dp devil अभय को देख मुस्कुराते हुवे

dp devil - तुम तुम्हारा नाम अभय है ना

अभय सभी dp devil के सामने सर झुकाये खरे हुवे थे
अभय dp devil की बात सुन नजरे नीचे किये ही
अभय - जी आप ने सही कहा मेरा नाम अभय है
dp devil - मुझे पता है तुम्हारे बारे मे तुम्हारी टीम टॉप 1 पे है लेकिन तुम भी सब से टॉप 1 पे हो मेने देखा तुमने अकेले ही टॉप 5 के लोगो एक साथ अकेले ही हरा दिया मुझे लगता है तुम आराम से अकेले 10 टॉप ट्रेंड असेसन् को हरा सकते हो तुम मे बहोत काबिलियत है बहोत खूब अगर ये मिसन् अच्छे से कर लोगो को तुम सब को बरा इनाम दिया जायेगा और रेहने के लिये अच्छा कमरा खाना पीना सब कुछ और आगे भी मिसन मिलते रहेगे

अभय जीतू विनय जीत एक साथ जोर से - हम जरूर अपना मिसन पूरा कर के आयेगे

dp devil- मुस्कुराते हुवे बहोत खुश

dp devil फिर दो लोगो को बुलाता है दोनों ने भी मास्क पेहना था हाथो मे गन भी थे

dp devil दोनों को देख - इन लोगो को छोर आओ बाहर

दोनों गार्ड अभय सभी को लेकर जाने लगता है दोनों आगे आगे अभय सब पीछे पीछे चल रहे थे

पेहला गेट आता है गार्ड पासवर्ड दाल खोलते है फिर दूसरा फिर तीसरा तब जाके दिपु बाहर आते है अभय जीतू जीत विनय सभी हैरान थे और मन मे यही सोच रहे थे कोई भी इंतनी टाइट सिक्योरेटि से बाहर कभी निकल हि नही सकता है

गार्ड 1 अभय सभी ये आगे बाइक को दिखाते हुवे वो बाइक से तुम दोनों को ये जंगल पार करना है
गार्ड 2 - अभय को रास्ता का नक्सा तो एक छोटे से दिवाइस मे था देते हुवे ये तुम लोगो को रास्ता बतायेगा कैसे इस जंगल से बाहर जाना है

अभय दिवाइस लेते हुवे - जी समझ गया
गार्ड - ठीक है जाओ और अपना मिसन कर के आओ

फिर दोनों गार्ड अंदर चले जाते है

अभय दो कदम आगे जाता है और सामने देखता है तो दूर दूर से बरे बरे जंगल थे अभय फिर पीछे सभी को देख कर

अभय - रेडी हो तुम सब
तीनों - यस बॉस

अभय को बॉस इस लिये जीत जीतू विजय कहते है कियुंकी अभय टीम का कप्तान है नही ब्लकि अभय की वजह से ही आज तीनों टॉप पे आ पाये है अभय ने सब की बहोत मदद कि कई बार दुसरे टीम से भी बचाया अभय दिमाग और ताकत मे सब से आगे था इसी लिये जीत जीतू विजय पुरे दिल से अभय को बॉस मानने लगे

अभय बाइक पे बैठ जाता पीछे विजय दूसरी बाइक पे जीतू और साथ पीछे जीतू बैठ जाते है

अभय पीछे देख विजय को दिवाइस देते हुवे

अभय - विजय तुम मुझे रास्ता बताते रेहना किस तरफ जाना है
विजय - यस बॉस समझ गया

जीत बाइक अभय के सामने रोक देता है अभय जीत जीतू को देख
अभय - तुम दोनों मेरी पीछे साथ मे रेहना और हा रास्ते मे जितने मोर आयेगे वहा मे निसान लगाते जाना समझ गये

जीत जीतू - यस बॉस समझ गये

अभय बाइक चालू करते हुवे आगे देख

अभय - कियुंकी ये जंगल बहोत बरा घना है जब हम मिसन कर आयेगे तो हमसे रास्ते वाला दिवाइस ले लिया जायेगा तो फिर जब हम यहा से भागेगे तो उसके बिना जंगल से बाहर नही निकल पायेंगे लेकिन हम अभी निसान लगा देगे किस मोर पे कहा जाना है तू हम आराम से जंगल से निकल पायेंगे

विजय जीत जीतू - समझ गये बॉस

अभय - चलो फिर

अभय फिर तेजी से जंगल मे पतले रास्ते से उभर खाबर् गढ़े से होते हुवे जाने लगता है अभय के पीछे हि जीतू था और अभय से जैसा कहा था कोई मोर आता जीतू जल्दी से बाइक रोक देता और जीत जाके पेर पे छुपा के ताकि कोई देख ना सके निसान लगा देता

अभय को कैसे भी मिसन पूरा कर के कल साम तक आना था नही तो सब मारे जायेंगे

10 बजे से जंगल मे गये जंगल से बाहर आने मे अभय को साम हो जाती है हा पूरा दिन लग जाता है बिना रुके तक जाके सभी के एंड पे पहुँच पाये थे

अभय बाइक रोक सभी को आराम करने के लिये केहता है बस यहा से सेहर कुछ दूरी पे था कियुंकी बरी बिल्डिंग अभय सभी को साफ दिख रही थी

सभी बैठे हुवे खुले हवा का मजा ले रहे थे सभी को आजादी वाली फीलिंग आ रही थी

विजय अभय को देख
विजय - बॉस वो साला dp devil कमीना उसे पता था हमे जंगल से बाहर आने मे साम हो जायेगी फिर रात को हम मिसन करेगे फिर सुबह ही वापस साम तक लोटेगे साले ने एक दिन भी ज्यादा नही दिया

जीत विजय की बात सुन अभय को देख

जीत - सही कहा विजय ने बॉस वो कमीना बहोत चालाक तेज है

अभय तो बिल्डिंग को देख आजादी वाली फीलिंग ले रहा था और दोनों की बातें सुन दोनों को देख

अभय - अबे पागल कमीनो अगर वो इतना चालाक तेज नही होता तो किया आज तक जो सभी लोगो से बच कर रेह पाता किया आज वो अभी तक इतना बरा धंधा खोल उसका बॉस बना परा है बन पाता कभी दिमाग का भी इस्त्माल कर लिया करो

जीतू अभय की बात सुन हस्ते हुवे

जीतू - आपने सही कहा बॉस इस दोनों के पास कोई दिमाग ही नही है

विजय जीत दोनों घूर के जीतू को देखने लगते ही

अभय बिल्डिंग को देखते हुवे जीतू से - तुम्हारे पास भी कौन सा दिमाग है

अभय की बात सुन जीतू का मुह बन जाता है तो वही विजय जीत जीतू को देख हसने लगते है


( परजेंट )

ट्रेन कुछ मिनट मे अपने आखरी मंजिल पे पहुँचने वाला था और बाकी बच्चे यात्री भी


अभय खरा होके अपना बैग कंधे पे रख गेट के पास आके खरा हो जाता है और बाहर देखते हुवे अपनी मा बेहन भाई के बारे मे सोचने लगता है

अभय - मे आ गया मा भाई गुरिया बस 40 मिनट बाद मे आपके पास आपके आखो की सामने रहुंगा

पायल जो सीट पे बैठी थी अभय को जाते देख लिया था पायल एक नजर मा पापा को देखती है फिर धीरे से खरा होके अभय के पास जाके पीछे खरी हो जाती है

अभय पीछे देखता है तो पायल अपना बतिसी दिखाते हुवे खरी थी

अभय पायल को देख

अभय - तुम मेरा पीछा छोरोगी या नही एकदम जोक की तरह चिपक रही हो यार तुम

पायल अभय से पूरा सत् कर अभय कि आखो मे देख

पायल - मेरे राजा अपने मेरे खजाने को पकरा है मजे लिये है तो कैसे मे आप का पीछा छोर दु सादी तो आपको मुझसे करनी ही होगी

अभय पायल को देख

अभय - मेरा इरादा वैसा कुछ करने का नही था समझी
पायल अभय के और करीब सत् के अपने गुलाबी होठ अभय के होठ के पास लाके

पायल - जो भी है आपने मेरे खजाने को छु कर अंदर की आग को भरका दिया है जिसे आपको ही ठंडा करना होगा समझ गये मेरे राजा


तभी ट्रेन धीमा होता है और अपनी मंजिल पे रुक जाता है

अभय पायल बाहर देखते है

पायल जल्दी से अभय को देख

पायल - जल्दी से मुझे आप अपना मोबाइल दीजिये
अभय - नही दुगा
पायल अभय को देख
पायल - नही देगे तो मे चिल्ला चिल्ला के सब को बता दुगी आपने मेरे खजाने को पकरा था

अभय डर जाता है और जल्दी मोबाइल निकाल पायल को देते हुवे
अभय - तुम सच मे लरकी ही हो ना
पायल अभय का फोन लेते हुवे अपना नंबर डाइल करते हुवे
पायल - कियु आपने मेरा खजाना छूके पकर के भी मुझसे ये पूछ रहे है की मे लरकी नही हु

पायल अभय को फोन देते हुवे अभय को देख
पायल - किया आपको मेरे बरे बरे संतरे दिखाई नही दे रहे या फिर दिखा दु यकीन हो जायेगा

अभय पायल को देख
अभय - तुम लरकी हो लेकिन एक नंबर हि गुण्डी हो

अभय फिर नीचे उतर स्टेशन से बाहर जाने लगता है

पायल अभय को जाते देख
पायल - मे गुण्डी हु तो आप मेरे गुण्डे है मेरे राजा

पायल फिर अभय का नंबर ले लिया था तो पायल मेरा राजा नाम से सेब कर लेती है

पायल - मेरे राजा आप मेरे पास वाले गाव मे ही रेहते है तो मे आपको ढूढ़ ही लुगी बस मेरा इंतज़ार करना

अभय स्टेशन से बाहर आता है तो बहोत सारे रिस्का वाले खरे चिल्ला रहे थे यहा जायेगी ये रिस्का वहा जायेगी

अभय को अपने गाव का नाम सुनाई देता है अभय देखता है एक रिस्का वाला आवाजे लगाये जा रहा था

अभय जाके उस रिस्का मे बैठ जाता है 10 मिनट बाद रिस्का फूल हो जाता है और रिस्का लालपूर निकल परता है

अभय आगे बैठा बाहर देख रहा था अभी अभय बहोत खुश था चेहरे पे खुशी साफ दिख रही थी और खुश भी कियु ना हो आज 4 साल बाद नर्क से अपने आप को बचा के निकल अपने घर अपनी मा भाई बेहन के पास जा रहा था


( पास्ट ) रात 10 बजे

अभय अपने दोस्तो के साथ मिसन कर वापस आ गया था और सभी कमरे मे बैठे बातें कर रहे थे

विजय अभय को देख

विजय - भाई किया दिमाग लगाया है आप ने हमने पवार को मारा भी नही और नकली सबूत लेकर dp devil को दे दिया और उसको पता भी नही चला

जीत - सचमे बॉस आप कमाल हो आप नही होते तो हमारा किया होता बता नही

जीतू - इसी लिये तो अभय भाई हमारे बॉस है

अभय - मुस्कुराते हुवे बस अब हमे एक मिसन और मिल जाये फिर हम यहा से निकल जायेंगे अपने लोगो के पास

असल से अभय ने पवार को नही मारा बल्कि उसको सचाई बता दी और उसे कुछ दिनों महीनों के लिये चुप कर रेहने को कहा

लेकिन उससे पेहले अभय से पवार से इटिंग करवाई अभय पवार को बिस्तर पे लेता कर जानवर का चामरा चिपका देता हो फिर गले पे जानवर का खून दाल देता अब देखने मे लग रहा था पवार मारा गया है अभय फिर फोटो सबूत के लिये खिच देता है

अभय पवार से

अभय - देखिये छुपने से काम नही चलेगा वो कमीना न्यूज़ पे नजर रखता है इस लिये आप अपने कुछ लोगो को केह चारों तरफ झूठा न्यूज़ फैलवा दीजिये की आप मर गये और अपने घर वालो को समझा दीजियेगा कैसे लोगो के सामने नाटक करना है दिखाना है और कोई आपका फेक अंतिम संस्कार जल्दी हि करवा देना नही तो आप तो मरेगे ही हम भी मारे जायेंगे फिर उसके बाद सभी के नजर मे मत आना जब तक वो कमीना मारा नही जाता

पवार अभय को देख

पवार - तुम लोगो से मेरे लिये इतना सब किया ही अपनी जान जोखिम मे दाल के ये एहसास मे कभी नही भुलुगा कभी भी किसी भी चीज या मदद कि जरूरत परे बिना झिझक चले आना

तो यही हुवा था


( 7 महीने बाद ) अब पुरे चार साल बाद

( अभय अब 19 पार कर चुका था )

अभय को मिसन मिल हि जाता है असल मे मिसन बहोत थे लेकिन दूसरे टीम को डे दिया जाता था वो की जायदा खतरा वाला मिसन नही होता था इस लिये अभय की टीम तो नंबर 1 थी तो मिसन भी इतना बरा हि मिलता

अभय मिसन के लिये रेडी था या कहे भागने के लिये रात को ही अभय ने जो पैसा सोना था बराबर बराबर कर बैग मे रखवा लिया था किस्मत भी रही की किसी को सक नही हुवा और सही सलामत बाहर निकल आये

बाहर आते ही अभय तीनों को देखता है तीनों अभय को फिर सभी मुस्कुराते है और बिना देरी किये बाइक पे बैठ तेजी से जंगल से निकल परते है

अभय जीतू जीत विजय थोरी दूर गये ही थे की एक जोर दार धमाका सभी को सुनाई देता है पीछे

अभय सभी जल्दी बाइक रोक पीछे देखते है तो अभय सभी को आसमान मे धुवा ही दिखाई दे रहा था लेकिन अभय समझ जाता है किया हुवा है

अभय की आखो मे आसु आ जाते है बाकी सब की भी

अभय तीनों को देख

अभय - चलो हमे रुकना नही है

अभय फिर तेजी से आगे निकल परता है

असल मे गोपाल ने dp devil के ऑफिस में बहोत पेहले चोरी छुपे रिबोट बम लगा दिया था अभय सभी के बाहर जाते ही गोपाल रिबोट दबा देता है और अपने साथ dp devil को भी लेकर चला जाता है गोपाल जीना नही चाहता था अपने परिवार के पास जा भी नही सकता था तो बस यही एक रास्ता बचा था गोपाल के पास


बाकी जितने बच्चे थे उन्हे कुछ नही हुवा था बस dp devil का ऑफिस मे ही धमाका हुवा था और हर तरफ लोग भागने लगते है


( साम 8 बजे )

अभय सेहर पहुँच फोन बूथ से इंस्पेक्टर नितिका को फोन कर सब बताने लगता है ताकि जितनी जल्दी हो सके dp devil के बचे लोगो को पकर लिया जाये


नितिका - फोन पे - मे तुम्हारी बातो पी कैसे यकीन करू
अभय - आपको यकीन करना होगा मेडम बाकी आप की मर्ज़ी और हा मेरे पास सबूत भी है लेकिन वो मे आगे कुछ दिन बाद आपके पास बहुचवा दुगा यकीन कीजिये

नितिका - ठीक है मे यकीन करती हु

फोन कट

अभय जीतू जीत विजय को देखता है तो तीनों अभय को गले लगा लेते है तीनों अभय की वजह से हि आज dp devil के कैद से आजाद हो पाये थे

जीतू अभय को देख
जीतू - बॉस आप को हम कभी नही भुलेगे आप हमारे बॉस थे रहेगे आप की वजह से आज हम अपने घर जा पायेंगे अपनो से मिल पायेंगे

जीत अभय को देख

जीत - हा बॉस अगर आप नही होते तो सायद हमे मरते दम तक उसी नर्क मे रेहना परता आप का ये एहसास कभी नह भुलेगे

विजय - आप तो मेरे लिये बरे भाई जैसे है और आपने मेरा पूरा ख्याल रखा और आज हमे बाहर भी निकला

जीत जीतू विजय - आप कभी भी हमे याद करेगे एक आवाज मे हम आपके सामने होगे बॉस

अभय तीनों को देख मुस्कुराते हुवे

अभय - तुम तीनों की बिना मे भी कुछ कर नही पाता मेरे दोस्तो खैर हमे कुछ दिन रुक कर किसी ऐसे वक्ति को धुधना होगा जिसको हम सोना बेच सके

जीतू जीत विजय - समझ गये बॉस

10 दिन लगते है अभय को इस सब मे अभय सोने को बेच देता है और सभी अपना खाता atm सब कुछ खुलवा लेते है फिर अभय सभी को अपना हिस्सा दे देता है और अपना उसी के साथ गोपाल का हिस्सा अपने खाते मे जमा करवा लेता है


( 11 वे दिन सुबह ) 9 बजे

अभय सभी घर जाने के लिये रेडी थे अभय ने टिकट निकलवा लिया था अभय जीतू जीत को देख

ठीक है सब हो गया है याद रखना पुलिस को पता लग ही जायेगा फिर वो तुम दोनों को बुला की पूछ ताछ जरूर करेगे लेकिन मेने जितना बताया है उतना ही की केहना है समझ गये तुम दोनों

जीत जीतू एक साथ - समझ गये बॉस आप चिंता मत कीजिये

अभय फिर विजय को देख
अभय - विजय के टकले पे मारते हुवे और तुम बेवकूफ मेरे साथ चलने के लिये कहा था लेकिन तुम्हे मजे करते हुवे बुवा के घर होते हुवे आना है पता भी है जब मे घर पहुँचूगा तो तेरी मा मेरा दिमाग खा जायेगी

विजय - अभय को मस्का मारते हुवे बॉस प्लेस मा को आप संभाल लेना ने अगले ही दिन घर आ जाउंगा

अभय - ठीक है अगले दिन घर नही पहुचा तो तेरी खैर नही समझा
विजय - समझ गया बॉस मा कसम अगले दिन आ जाउंगा
अभय - ठीक है फिर
अभय फिर सभी से गले मिलता है और अभय जीत जीतू को देख

अभय - मे जा रहा हु जैसे ही सारे मामले सांत होगे हम फिर मिलेंगे
जीत जीतू - इंतज़ार रहेगा बॉस उस पल का

अभय - मुस्कुराते हुवे बाय बोल रेलवे स्टेशन की तरफ निकल परता है

जीतू जीत विजय अभय को जाते देख - कसम से बॉस कमाल के बंद है तेज दिमाग उतना की ताकतवर ऐसे हि नहीं हमारे बॉस है

अभय PBA रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 2 पे ssa जाने वाली ट्रेन मे खिरकी वाली सीट जोकि अभय की थी बैठ जाता है और बाहर की तरफ देखने लगता है

बार बार अनाउसमेंट हो रही थी pba ट्रेन 10 मिनट मे ssa के लिये रवाना होगी 10 मिनट बाद ट्रेन खुल जाती है और ट्रेन अपनी मंजिल की तरफ निकल परता है

( पास्ट ) यही पे खतम होता है

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( परजेंट )


रिस्का अभय की घर के आप आके रुकती है अभय नीचे उतर रिक्से वाले को पैसा देता है और रिस्का वाला चला जाता है

अभय अभी मैन रोड पे खरा था अभय अपने घर की तरफ देखता है तो दिपु को वही जगह दिखाई देती है यहा से उसे किंडनेप कर लिया गया था अभय को वो पल याद आने लगते है

अभय आगे थोरा देखता है तो अभय को अपना घर दिखाई दे रहा था अभय अपना कदम आगे बढ़ाता है और अपने घर जाने लगता है


आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏🙏
Nice update👌👌
 

AGRIM9INCH

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Awesome update bhai
chapter 5

जिन लोगो को नही पता बता दु एक दिन छोर रात 9 से 10 के बीच मे update देता हु यही मेरा टाइम है फिक्स



( पास्ट ) विनय के सादी के 15 दिन बाद

विनय दिशा को लेकर ससुराल जाता है पूजा अपनी बेहन को देख बहोत खुश हो जाती है और जाके गले मिलती है विनय अपनी सासु मा के पैर छु आशीर्वाद लेता है फिर फिर अंदर जाते है


विनय अपनी सासु मा के साथ बातें करने लगता है तो वही पूजा दिशा एक कमरे मे बैठ बातें करने मे लग जाते है दोनों आमने सामने बैठे हुवे थे

पूजा दिशा को देख
पूजा - दीदी आप कैसी है जीजा जी घर वाले सब कैसे है किया आपका वहा दिल लग तो रहा है ना आप वहा खुश तो है ना
दिशा अपनी बेहन की बात सुन पूजा को देख
दिशा - तुम्हारे जीजा बहोत अच्छे है और बहोत प्यार भी करते है मुझे सासु मा तो मुझे अपनी बेटी की तरह प्यार करती है ननद जी भी बहोत अच्छी है कहु तो सभी दिल के अच्छे और साफ है मुझे तो वहा सब के साथ रेह कर सुकून मिलता मे अपनी खुश किस्मती मानती हु की मे उनके घर की बहु बनी

अपनी दीदी की बात सुन पूजा दिशा को देख
पूजा - आपकी बातो से समझ आ रहा है सब बहोत अच्छे है मे आपके लिये बहोत खुश हु दीदी
दिशा पूजा को देख थोरा दुखी आवाज मे
दिशा - बस एक इंसान की कमी मुझे या सब को खलती है देवर जी का अगर वो होते तो घर और भी खुशहाल होता
पूजा को पता था अभय के बारे मे
पूजा - दीदी मुझे पता है अगर वो होते तो यकीन से केहती हु आपका प्यारा लाडला देख देवर होता और आपके आगे पीछे घूमता रेहता

पूजा ये केह हसने लगती है
दिशा पूजा की बात सुन हस देती है फिर पूजा को देख मुस्कुराते हुवे

दिशा - तुमने सही कहा मेरा लाडला देवर होता और मेरे आगे पीछे घूमता तो मुझे भी अच्छा लगता

पूजा दिशा देख मुस्कुराते हुवे
पूजा - अगर आपका लाडला आपके पीछे किसी और चीज को लेने के लिये परता तो आप किया करती हा

पूजा ये केह दिशा को मुस्कुराते हुवे देखने लगती है

दिशा पूजा को देख पूजा की बातो को समझने लगती है और जब दिशा को समझ मे आता है पूजा के केहने का मतलब तो दिशा पूजा के कान पकरते हुवे दिखावे वाले गुस्से मे पूजा को देख

दिशा - 18 की भी नही हुई है और तेरे दिमाग मे ये सब चलता है हा बोल लगता है तु भूल गई है मे तेरी बरी बेहन हु

पूजा दिशा के हाथ पकर अपनी कान को चुराते हुवे आह करते हुवे

पूजा - दीदी दीदी प्लेस दर्द हो रहा है छोर दीजिये ना मेने तो थोरी मस्ती की बस

दिशा पूजा के कान छोर देती है पूजा अपने कान को सेहलाते हुवे

पूजा - इतना जोर से कोन कान पकरता है
दिशा - गलत बोलेगी तो सजा तो मिलेगी ही

तभी कमरे मे विनय आता है तो दिशा पूजा विनय कि तरफ देखते है

विनय को को देखता है

विनय - लगता है दोनों बहनो मे बातें हो रही है
पूजा विनय को देख
पूजा - सही कहा जीजा जी आप बताइये आपकी बात हो गई मा से
विनय - हा हो गई अब आप बताइये साली जी आप कैसी है
विनय फिर जाके दिशा के पास बैठे जाता है
पूजा विनय को देख मुस्कुराते हुवे
पूजा - मस्त हु आपके सामने हु आप बताइये
विनय थोरा दुखी आवाज मे दिशा को देख
विनय - एक अच्छी खूबसूरत बीवी मिली जो मेने सोचा नही था लाइफ मे जो है जो मिला उसी मे बहोत खुश हु लेकिन फिर भी अभय के बिना हर खुशी हर पल फीकी पर जाती है

विनय की बात सुन दिशा पूजा भी दुखी हो जाते है
दिशा विनय के कंधे पे हाथ रखी है तो तो विनय होस मे आता है और दोनों को देख
विनय - माफ करना मे हर अच्छा पल बर्बाद कर देता हु
दिशा - आप ऐसा मत बोलिये हमे भी उनकी कमी खलती है

विनय सभी से बहोत सारी बातें करता है गाव घूमता है

( रात - 10 )

कमरे मे दिशा विनय बिस्तर पे लेते हुवे थे विनय दिशा को बहो मे लिये हुवे था दोनों के फेस आमने सामने थी दोनों एक दूसरे को देख बातें कर रहे थे

20 मिनट बाद

विनय दिशा को पूरा नँगा कर देता है और फिर खुद नँगा हो जाता है और दिशा के ऊपर आ जाता है विनय फिर दिशा के चुत मे लंड दाल देता है दिशा आह करती है विनय धक्के पे धक्का मारने लगता है

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दिशा मजे से लेती सिसकिया लेने लगती है चुदाई का फूल मजा उठाने लगती है कमरे मे फच् फच् आह उह्ह् की आवाज गुज रही थी 9 मिनट बाद दोनों एक साथ झर जाते है

फिर दोनों एक दूसरे कि बहो मे सिमट कर सो जाते है

विनय 2 दिन अपने ससुराल रेहता है फिर दिशा और पूजा को लेके घर आ जाता है
असल मे पूजा आना चाहती थी तो दिशा न सिर्फ न दिन के लिये मानी कियुंकी दिशा नही चाहती थी मा अकेली रहे तो पूजा एक दिन रेह विनय छोर आयेगा

अपनी दीदी के ससुराल आने के बाद पूजा सब से मिलती है बातें करती है और पूजा को भी समझ मे आ जाता है सभी दिल के कितने अच्छे है

पूजा अदिति दोनों की बहोत बनने लगती है दोनों एक दूसरे से बहोत बातें करते है

दिन महीने गुजरने लगते है


( 3 महीने बाद )

घर मे फिर से मातम छाया हुवा था विनय अब इस दुनिया को अपनी मा बेहन बीवी सब को छोर उपर वाले के पास चला जाता है

( असल मे विनय को साप ने काट लिया था जब विनय हल्फा होने गया था होस्पिटल ले जाते जाते विनय दम तोर देता है और अपनो को इस दुनिया को छोर चला जाता है )

बता नही उपर वाला किया चाहता था आसा की लाइफ मे सुरु से खुसिया सायद लिखी ही नही थी पेहले अभय फिर विनय आसा ने अपने दोनों लाल को खो दिया तो जोकि आसा के किये ये बहोत बरा सदमा था

आँगन मे विनय की लास परी हुई थी और सीमा विनय के सीने पे सर रख फुट फुट कर रोये जा रही थी

दिशा विनय के लास पे पास घुटनों पे बैठी अपनी चुरिया हाथो को जमीन पे पटक तोरे जा रही और रोये जा रही थी

अदिति का हाल अपनी मा की तरह ही बहोत बुरा था अदिति अपने भाई की लास के पास बैठे फुट फुट कर रोये जा रही थी

आसा विनय के सीने पे हाथ रख विनय की लास को हिलाते हुवे

आसा - रोते हुवे विनय बेटा उठ ना देख मा से मजाक मत कर तु मुझे छोर कर कैसे जा सकता है मेने अभय को खोया है अब तु भी अपनी मा को छोर कर जायेगा हा बोल ना मेरे लाल तु सुन रहा है ना उठ जा ना अपनी मा की बात नही मानेगा

अदिति विनय के सीने से लिपट कर रोते हुवे

अदिति - भाई ऐसा मत कीजिये प्लेस अगर आप भी अपनी गुरिया को छोर कर चले जायेंगे तो मे किसको अपना भाई कहूगी मे किसके हाथ मस्ती करुगी कोन मुझे खतरों से बचायेगा मेरा ख्याल रखेगा

अदिति अपने भाई के चेहरे को को पकर देख

भाई प्लेस उठ जाइये ना आपकी गुरिया आप को पुकार रही है किया आप अपनी गुरिया की बात नही मानेंगे अगर आप मेरी बात मान नही उठे तो मे आपसे नाराज हो जाउंगी आपसे कभी बात नही करुगी भाई उठ जाओ ना प्लेस

अदिति विनय के सीने से लिपट फुट फुट कर रोये जा रही थी

दिशा विनय की सर के पास बैठी विनय के सर को सेहलाते हुवे रोते हुवे विनय के चेहरे को देख

दिशा - मेने उपर वाले से जैसा पति मांगा था आप उसने कई अच्छे थे मुझे यकीन नही हो रहा था की मुझे आप जैसा नेक दिल पति मिला मा जैसी सास मिली भी बेहन जैसी ननद मेने इतना मांगा था ऊपर वाले से मुझे उससे कही अधिक मेला मुझे एक अच्छा परिवार मिला लेकिन कियु लेकिन कियु उपर वाले तूने हमारे साथ ऐसा कियु किया घर मे एक यही थे देवर जी के जाने के बाद फिर कियु तुम्हे हमारे उपर तरस नही आता हमे और कितना दर्द दुख देगा उपर वाले जवाब दे मुझे जवाब से मुझे

दिशा भी विनय के सीने पे सर रख रोने लगती है

गाव के पास पास के कई लोग आके अंदर का सीन देख कर जा रहे थे जो भी अंदर का सीन देखता सबकी आखो से आसु निकल आते

पूजा अपनी मा के साथ भागते हुवे आती है और जब अंदर का सीन देखती है तो पूजा के भी पैर काप जाते है

पूजा विनय के पास जाके विनय के सीने का पकर जोर जोर से रोने लगती है तो वही तारा जाके अपनी बेटी दिशा और बाकी सभी को संभालने लगती है

तारा के आखो से भी आसु बहे जा रहे थे तारा बहोत खुश थी ये जान की उसका दामाद और असुरल वाले बहोत अच्छे और दिशा को एक अच्छा परिवार मिला है लेकिन अब सामने का मंजर देख तारा का भी दिल रो रहा था

1 घंटे तक आसा अदिति दिशा विनय को सीने से लगाये रोते रहे लेकिन अंतिम संस्कार तो करना था ना

आसा के परोसी मे से कुछ लोग आगे आके विनय को ले जाते है फिर विनय का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है

आज का दिन भी आसा और सभी के लिये काला दिन था

2 दिन तक घर मे रोना धोना होते रेहता है ना को खाना खाना है ना कोई अपने आप पर ध्यान दे रहा था

पूजा तारा भी रुक गई थी घर की सभी की हालत देख

पूजा तारा एक कमरे मे बैठे हुवे थे तारा पूजा को देख

तारा - पूजा बेटी पता नही किस की नजर लग गई है इस घर मे अभी जो हालत है सभी का ऐसे ही चलता रहा तो बहोत बुरा हो सकता है

पूजा आखो मे आसु लिये

पूजा - तो मा हम किया करे बोलिये
तारा - मे जाके दिशा बेटी को समझाती हु तुम जाके अदिति को सांझाओ
पूजा - ठीक है मा मे कोसिस करती हु
तारा - कोसिस नही करना ही होगा नही तो
पूजा - समझ गई मा मे जाती हु

पूजा अदिति के पास तारा दिशा के पास चली जाती है

आसा अपने कमरे मे फुट फुट कर रोये जा रही थी

पूजा अदिति के पास जाती है अदिति बिस्तर पे लेती तकिये को पकरे सीने मे दबाये रोये जा रही थी पूजा अदिति के पास जाते बैठ जाती है

पूजा - अदिति मुझे पता है तुम्हे कितना दर्द हो रहा होगा तुमने अपने दोनों भाई को खो दिया और जो दर्द तुम सेह रही हो उसका अंदाज़ा सायद मुझे भी नही है लेकिन मुझे इतना पता है अपनो के खोने का दर्द बहोत बरा होता है

पूजा अदिति को देखती है जो रोये जा रही थी आसु बहाये जा रही थी

पूजा - देखो अदिति किसी अपने के जाने से जिंदगी जिंदगी जीना मुश्किल हो जाता है लेकिन जीना परता है तुम्हे भी जीना पड़ेगा खुद के लिये और खास कर अपनी मा के लिये अगर तुम ऐसे ही कमजोर परती रही और अपनी मा को नही संभाला तो तुम उन्हें भी खो दोगी

मा के खोने की बात सुन अदिति का रोना एकदम से बंद हो जाता है और अदिति पूजा को देखने लगती है

पूजा अदिति को देख

पूजा - हा अदिति तुम्हे अपनी मा के लिये अपने आप को संभालना होगा और खुद को भी


अदिति को पूजा की बात अच्छे से समझ मे आ जाती है पूजा उसे किया समझाना चाहती हो

तारा भी दिशा को अच्छे से समझा देती है फिर दिशा अदिति आसा को संभालने लगते है


( 1 साल बाद )

पूजा तारा के समझाने की वजह से दिशा अदिति ने समय रेहते आसा को संभाल लिया एक साल हो गये थे

आसा दिशा अदिति सभी की जिंदगी और भी दुखत हो चुकी थी जिंदगी मे कोई रंग नही था बस आसा अदिति के लिये जि रही थी अदिति अपनी मा के लिये और दिशा दोनों के किये

जिंदगी जीना था जी रहे थे पर खुसिया घर से सब से कोसो दूर थी

अदिति विनय के जाने के बाद के एक महीने बाद फिर से अपनी पढाई मे जोरों सोरों से लग जाती है

अदिति के ऊपर एक जिमेदारी आ गई थी अदिति को पता था अब उसके दोनों भाई नही रहे और एक दिन उसकी मा उसकी भी सादी करा देगी लेकिन अदिति चाहती थी की पढ लिख कर कोई नौकरी करे ताकि अपने दम पर वो अपनी मा को थोरा अच्छी लाइफ दे सके

घर मे अदिति दिशा मस्ती मजाक करते रेहते थे लेकिन सिर्फ आसा के लिये ताकि आसा को थोरा अच्छा फिल करा सके लेकिन आसा को भी सच पता था

सच ये था की हर रात सब अपने कमरे मे रोया करते थे

( विनय के जाने के 1 महीने पेहले ) साम 8 बजे

दिशा आँगन मे खाना बनाने मे लगी हुई थी तभी आसा पास मे रखी कटिया पे जाके बैठ जाती है दिशा भी अपनी सासु मा को देखती है
आसा दिशा को देख

आसा - आखो मे आसु लिये मेने अपने दोनों करेजे के टुकरे को खो दिया है उपर वाले न मेरे दोनों लाल को मुझसे छीन लिया लेकिन बहु तुम जवान हो सादी के तीन महीने बाद ही तुम विधवा हो गई अकेले जिंदगी नही जी जाती बहु एक औरत की लाइफ मे एक मर्द का होना बहोत जरूरी है और ये मुझसे अच्छा कोई नही समझ सकता इस लिये तुम अब दूसरी सादी कर लो

दिशा सब्ज़ी काट रही थी आसा की बात सुन दिशा आखो मे आसु लिये आसा को देखती है

दिशा - मम्मी जी आप मुझे जाने के लिये कहेगी तो में चली जाउंगी लेकिन मे जाना नही चाहती मुझे उनसे प्यार था मुझे आप से ननद जी से भी इस घर से भी है तो मे इस घर को छोर कही नही जाउंगी यही मेरा घर है मुझे आप की सेवा करनी है मे जानती हु एक औरत की लाइफ मे एक मर्द का होना बहोत जरूरी है लेकिन मुझे दूसरी सादी नही करनी मुझे आपके साथ रेहना आप का पूरी लाइफ ख्याल रखना है

आसा रोते हुवे आसा को देख

आसा - बेटा लेकिन तुम समझ रही रही हो तुम्हारे पास पूरी जिंदगी परी हुई है

दिशा - रोते हुवे पता है लेकिन मुझे आप के साथ रेहना है इस घर मे रेहना है

बस आसा ने बहोत समझाया लेकिन दिशा नही मानी और दूसरी सादी नही कि ना आसा अदिति घर को छोर कर गई


( अदिति अब 17 साल की हो चुकी थी )

( अभय 18 साल का हो चुका था )


( DP DEVIL 👹 )

3 साल अभय dp devil के कैद मे रेह कर ट्रेनिंग करता रहा आखिर कर आज अभय विजय जीत जीतू की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है उसी के साथ सभी टेस्ट पार कर टॉप 1 मे आ जाते है

सीधे सीधे कहु तो वहा कोई नही था जो अभय की टीम को टक्कर दे सके अभय जैसा चाहता था वैसा ही हुवा dp devil की नजर मे अभय आ हि गया


( 4 महीने बाद ) रात 9 बजे

कमरे मे अभय अपने दोस्तो के साथ आमने सामने घेरा बना के बैठे हुवे थे आज सभी बहोत खुश थे कियुंकी अभय की टीम को मिसन मिला था

मिसन था एक अमीर बिजनसमैन को मारना जिसका नाम - पवार सिंह 55 साल का

अभय सभी के बीच उसी बंदे की कुंडली रखी हुई थी और सभी वही देख रहे थे

विजय पवार सिंह की फोटो को देखते हुवे अभय से

विनय - बॉस किया हम सच मे इस बेकसूर हो मारने वाले है
जीत अभय से

जीत - बॉस विनय भाई सही केह रहे है किया हम सच मे अपना हाथ किसी बेकसूर को मार खून से रंगने वाले है
जीतू - किया हम पवार को मार उसके अपने को दर्द देने वाले है

अभय पवार की फाइल पढ़ रहा था साथ मे सभी की बातें भी सुन रहा था अभय सभी को देख

अभय - मुझे ये बताओ हम यहा कियु है हमे ट्रेनिंग कियु दी गई है देखो हम यहा से भागने वाले है लेकिन ऐसा नही होता तो हमे जिंदा रहने के लिये मिसन करना ही परता या हम ना कर खुद को मार देते यही दो रास्ते होते हमारे पास लेकिन हमे यहा नही रेहना है यहा से भाग कर अपने घर अपने लोगो के पास जाना है तो एक रास्ता हमारे पास है

अभय की बात सुन सभी हैरान से अभय को देख एक साथ - वो किया है बॉस

अभय तीनों को देख

अभय - हम पवार को नही मारेगे उसे जिंदा छोर देगे और उसे कहेगे कही दूर चला जाये और गायब हो जाये जब तक dp devil का काम खतम नही हो जाता

जीत हैरानी से अभय को देख

जीत - लेकिन भाई हमे dp devil को सबूत भी तो देना परता है

अभय सभी को देख मुस्कुराते हुवे - उसका भी प्लान है मेरे पास अब सो जाओ सुबह मिसन पे जाना है

जीतू विजय जीत - यस बॉस

फिर सभी अपने अपने बिस्तर पे जाके लेत जाते है अभय बिस्तर पे लेता हुवा अपनी मा बेहन भाई के बारे मे सोच आखे बंद कर देता है

( सुबह 10 बजे ) dp devil के ऑफिस मे

अभय जीतू जीत विनय चारों पूरी तरह से तैयार खरे थे dp devil अपनी कुर्सी पे इसटाइल् मे अपने चेहरे पे मास्क लगाये बैठा अभय और सभी को देखे जा रहा था.

गोपाल आके अभय जीत जीतू विजय के शरीर मे जेहर दाल देता है और गर्दन के पीछे ट्रेक डिवाइस भी अंदर दाल देता है फिर साइड मे जाके खरा हो जाता है

dp devil - अभय की टीम को देख मुस्कुराते हुवे यकीन नही हो रहा नये नये आये तुम बच्चे सभी को पीछे छोर टॉप 1 पे आ गये मे तुम सब से बहोत खुश हुवा

dp devil अभय को देख मुस्कुराते हुवे

dp devil - तुम तुम्हारा नाम अभय है ना

अभय सभी dp devil के सामने सर झुकाये खरे हुवे थे
अभय dp devil की बात सुन नजरे नीचे किये ही
अभय - जी आप ने सही कहा मेरा नाम अभय है
dp devil - मुझे पता है तुम्हारे बारे मे तुम्हारी टीम टॉप 1 पे है लेकिन तुम भी सब से टॉप 1 पे हो मेने देखा तुमने अकेले ही टॉप 5 के लोगो एक साथ अकेले ही हरा दिया मुझे लगता है तुम आराम से अकेले 10 टॉप ट्रेंड असेसन् को हरा सकते हो तुम मे बहोत काबिलियत है बहोत खूब अगर ये मिसन् अच्छे से कर लोगो को तुम सब को बरा इनाम दिया जायेगा और रेहने के लिये अच्छा कमरा खाना पीना सब कुछ और आगे भी मिसन मिलते रहेगे

अभय जीतू विनय जीत एक साथ जोर से - हम जरूर अपना मिसन पूरा कर के आयेगे

dp devil- मुस्कुराते हुवे बहोत खुश

dp devil फिर दो लोगो को बुलाता है दोनों ने भी मास्क पेहना था हाथो मे गन भी थे

dp devil दोनों को देख - इन लोगो को छोर आओ बाहर

दोनों गार्ड अभय सभी को लेकर जाने लगता है दोनों आगे आगे अभय सब पीछे पीछे चल रहे थे

पेहला गेट आता है गार्ड पासवर्ड दाल खोलते है फिर दूसरा फिर तीसरा तब जाके दिपु बाहर आते है अभय जीतू जीत विनय सभी हैरान थे और मन मे यही सोच रहे थे कोई भी इंतनी टाइट सिक्योरेटि से बाहर कभी निकल हि नही सकता है

गार्ड 1 अभय सभी ये आगे बाइक को दिखाते हुवे वो बाइक से तुम दोनों को ये जंगल पार करना है
गार्ड 2 - अभय को रास्ता का नक्सा तो एक छोटे से दिवाइस मे था देते हुवे ये तुम लोगो को रास्ता बतायेगा कैसे इस जंगल से बाहर जाना है

अभय दिवाइस लेते हुवे - जी समझ गया
गार्ड - ठीक है जाओ और अपना मिसन कर के आओ

फिर दोनों गार्ड अंदर चले जाते है

अभय दो कदम आगे जाता है और सामने देखता है तो दूर दूर से बरे बरे जंगल थे अभय फिर पीछे सभी को देख कर

अभय - रेडी हो तुम सब
तीनों - यस बॉस

अभय को बॉस इस लिये जीत जीतू विजय कहते है कियुंकी अभय टीम का कप्तान है नही ब्लकि अभय की वजह से ही आज तीनों टॉप पे आ पाये है अभय ने सब की बहोत मदद कि कई बार दुसरे टीम से भी बचाया अभय दिमाग और ताकत मे सब से आगे था इसी लिये जीत जीतू विजय पुरे दिल से अभय को बॉस मानने लगे

अभय बाइक पे बैठ जाता पीछे विजय दूसरी बाइक पे जीतू और साथ पीछे जीतू बैठ जाते है

अभय पीछे देख विजय को दिवाइस देते हुवे

अभय - विजय तुम मुझे रास्ता बताते रेहना किस तरफ जाना है
विजय - यस बॉस समझ गया

जीत बाइक अभय के सामने रोक देता है अभय जीत जीतू को देख
अभय - तुम दोनों मेरी पीछे साथ मे रेहना और हा रास्ते मे जितने मोर आयेगे वहा मे निसान लगाते जाना समझ गये

जीत जीतू - यस बॉस समझ गये

अभय बाइक चालू करते हुवे आगे देख

अभय - कियुंकी ये जंगल बहोत बरा घना है जब हम मिसन कर आयेगे तो हमसे रास्ते वाला दिवाइस ले लिया जायेगा तो फिर जब हम यहा से भागेगे तो उसके बिना जंगल से बाहर नही निकल पायेंगे लेकिन हम अभी निसान लगा देगे किस मोर पे कहा जाना है तू हम आराम से जंगल से निकल पायेंगे

विजय जीत जीतू - समझ गये बॉस

अभय - चलो फिर

अभय फिर तेजी से जंगल मे पतले रास्ते से उभर खाबर् गढ़े से होते हुवे जाने लगता है अभय के पीछे हि जीतू था और अभय से जैसा कहा था कोई मोर आता जीतू जल्दी से बाइक रोक देता और जीत जाके पेर पे छुपा के ताकि कोई देख ना सके निसान लगा देता

अभय को कैसे भी मिसन पूरा कर के कल साम तक आना था नही तो सब मारे जायेंगे

10 बजे से जंगल मे गये जंगल से बाहर आने मे अभय को साम हो जाती है हा पूरा दिन लग जाता है बिना रुके तक जाके सभी के एंड पे पहुँच पाये थे

अभय बाइक रोक सभी को आराम करने के लिये केहता है बस यहा से सेहर कुछ दूरी पे था कियुंकी बरी बिल्डिंग अभय सभी को साफ दिख रही थी

सभी बैठे हुवे खुले हवा का मजा ले रहे थे सभी को आजादी वाली फीलिंग आ रही थी

विजय अभय को देख
विजय - बॉस वो साला dp devil कमीना उसे पता था हमे जंगल से बाहर आने मे साम हो जायेगी फिर रात को हम मिसन करेगे फिर सुबह ही वापस साम तक लोटेगे साले ने एक दिन भी ज्यादा नही दिया

जीत विजय की बात सुन अभय को देख

जीत - सही कहा विजय ने बॉस वो कमीना बहोत चालाक तेज है

अभय तो बिल्डिंग को देख आजादी वाली फीलिंग ले रहा था और दोनों की बातें सुन दोनों को देख

अभय - अबे पागल कमीनो अगर वो इतना चालाक तेज नही होता तो किया आज तक जो सभी लोगो से बच कर रेह पाता किया आज वो अभी तक इतना बरा धंधा खोल उसका बॉस बना परा है बन पाता कभी दिमाग का भी इस्त्माल कर लिया करो

जीतू अभय की बात सुन हस्ते हुवे

जीतू - आपने सही कहा बॉस इस दोनों के पास कोई दिमाग ही नही है

विजय जीत दोनों घूर के जीतू को देखने लगते ही

अभय बिल्डिंग को देखते हुवे जीतू से - तुम्हारे पास भी कौन सा दिमाग है

अभय की बात सुन जीतू का मुह बन जाता है तो वही विजय जीत जीतू को देख हसने लगते है


( परजेंट )

ट्रेन कुछ मिनट मे अपने आखरी मंजिल पे पहुँचने वाला था और बाकी बच्चे यात्री भी


अभय खरा होके अपना बैग कंधे पे रख गेट के पास आके खरा हो जाता है और बाहर देखते हुवे अपनी मा बेहन भाई के बारे मे सोचने लगता है

अभय - मे आ गया मा भाई गुरिया बस 40 मिनट बाद मे आपके पास आपके आखो की सामने रहुंगा

पायल जो सीट पे बैठी थी अभय को जाते देख लिया था पायल एक नजर मा पापा को देखती है फिर धीरे से खरा होके अभय के पास जाके पीछे खरी हो जाती है

अभय पीछे देखता है तो पायल अपना बतिसी दिखाते हुवे खरी थी

अभय पायल को देख

अभय - तुम मेरा पीछा छोरोगी या नही एकदम जोक की तरह चिपक रही हो यार तुम

पायल अभय से पूरा सत् कर अभय कि आखो मे देख

पायल - मेरे राजा अपने मेरे खजाने को पकरा है मजे लिये है तो कैसे मे आप का पीछा छोर दु सादी तो आपको मुझसे करनी ही होगी

अभय पायल को देख

अभय - मेरा इरादा वैसा कुछ करने का नही था समझी
पायल अभय के और करीब सत् के अपने गुलाबी होठ अभय के होठ के पास लाके

पायल - जो भी है आपने मेरे खजाने को छु कर अंदर की आग को भरका दिया है जिसे आपको ही ठंडा करना होगा समझ गये मेरे राजा


तभी ट्रेन धीमा होता है और अपनी मंजिल पे रुक जाता है

अभय पायल बाहर देखते है

पायल जल्दी से अभय को देख

पायल - जल्दी से मुझे आप अपना मोबाइल दीजिये
अभय - नही दुगा
पायल अभय को देख
पायल - नही देगे तो मे चिल्ला चिल्ला के सब को बता दुगी आपने मेरे खजाने को पकरा था

अभय डर जाता है और जल्दी मोबाइल निकाल पायल को देते हुवे
अभय - तुम सच मे लरकी ही हो ना
पायल अभय का फोन लेते हुवे अपना नंबर डाइल करते हुवे
पायल - कियु आपने मेरा खजाना छूके पकर के भी मुझसे ये पूछ रहे है की मे लरकी नही हु

पायल अभय को फोन देते हुवे अभय को देख
पायल - किया आपको मेरे बरे बरे संतरे दिखाई नही दे रहे या फिर दिखा दु यकीन हो जायेगा

अभय पायल को देख
अभय - तुम लरकी हो लेकिन एक नंबर हि गुण्डी हो

अभय फिर नीचे उतर स्टेशन से बाहर जाने लगता है

पायल अभय को जाते देख
पायल - मे गुण्डी हु तो आप मेरे गुण्डे है मेरे राजा

पायल फिर अभय का नंबर ले लिया था तो पायल मेरा राजा नाम से सेब कर लेती है

पायल - मेरे राजा आप मेरे पास वाले गाव मे ही रेहते है तो मे आपको ढूढ़ ही लुगी बस मेरा इंतज़ार करना

अभय स्टेशन से बाहर आता है तो बहोत सारे रिस्का वाले खरे चिल्ला रहे थे यहा जायेगी ये रिस्का वहा जायेगी

अभय को अपने गाव का नाम सुनाई देता है अभय देखता है एक रिस्का वाला आवाजे लगाये जा रहा था

अभय जाके उस रिस्का मे बैठ जाता है 10 मिनट बाद रिस्का फूल हो जाता है और रिस्का लालपूर निकल परता है

अभय आगे बैठा बाहर देख रहा था अभी अभय बहोत खुश था चेहरे पे खुशी साफ दिख रही थी और खुश भी कियु ना हो आज 4 साल बाद नर्क से अपने आप को बचा के निकल अपने घर अपनी मा भाई बेहन के पास जा रहा था


( पास्ट ) रात 10 बजे

अभय अपने दोस्तो के साथ मिसन कर वापस आ गया था और सभी कमरे मे बैठे बातें कर रहे थे

विजय अभय को देख

विजय - भाई किया दिमाग लगाया है आप ने हमने पवार को मारा भी नही और नकली सबूत लेकर dp devil को दे दिया और उसको पता भी नही चला

जीत - सचमे बॉस आप कमाल हो आप नही होते तो हमारा किया होता बता नही

जीतू - इसी लिये तो अभय भाई हमारे बॉस है

अभय - मुस्कुराते हुवे बस अब हमे एक मिसन और मिल जाये फिर हम यहा से निकल जायेंगे अपने लोगो के पास

असल से अभय ने पवार को नही मारा बल्कि उसको सचाई बता दी और उसे कुछ दिनों महीनों के लिये चुप कर रेहने को कहा

लेकिन उससे पेहले अभय से पवार से इटिंग करवाई अभय पवार को बिस्तर पे लेता कर जानवर का चामरा चिपका देता हो फिर गले पे जानवर का खून दाल देता अब देखने मे लग रहा था पवार मारा गया है अभय फिर फोटो सबूत के लिये खिच देता है

अभय पवार से

अभय - देखिये छुपने से काम नही चलेगा वो कमीना न्यूज़ पे नजर रखता है इस लिये आप अपने कुछ लोगो को केह चारों तरफ झूठा न्यूज़ फैलवा दीजिये की आप मर गये और अपने घर वालो को समझा दीजियेगा कैसे लोगो के सामने नाटक करना है दिखाना है और कोई आपका फेक अंतिम संस्कार जल्दी हि करवा देना नही तो आप तो मरेगे ही हम भी मारे जायेंगे फिर उसके बाद सभी के नजर मे मत आना जब तक वो कमीना मारा नही जाता

पवार अभय को देख

पवार - तुम लोगो से मेरे लिये इतना सब किया ही अपनी जान जोखिम मे दाल के ये एहसास मे कभी नही भुलुगा कभी भी किसी भी चीज या मदद कि जरूरत परे बिना झिझक चले आना

तो यही हुवा था


( 7 महीने बाद ) अब पुरे चार साल बाद

( अभय अब 19 पार कर चुका था )

अभय को मिसन मिल हि जाता है असल मे मिसन बहोत थे लेकिन दूसरे टीम को डे दिया जाता था वो की जायदा खतरा वाला मिसन नही होता था इस लिये अभय की टीम तो नंबर 1 थी तो मिसन भी इतना बरा हि मिलता

अभय मिसन के लिये रेडी था या कहे भागने के लिये रात को ही अभय ने जो पैसा सोना था बराबर बराबर कर बैग मे रखवा लिया था किस्मत भी रही की किसी को सक नही हुवा और सही सलामत बाहर निकल आये

बाहर आते ही अभय तीनों को देखता है तीनों अभय को फिर सभी मुस्कुराते है और बिना देरी किये बाइक पे बैठ तेजी से जंगल से निकल परते है

अभय जीतू जीत विजय थोरी दूर गये ही थे की एक जोर दार धमाका सभी को सुनाई देता है पीछे

अभय सभी जल्दी बाइक रोक पीछे देखते है तो अभय सभी को आसमान मे धुवा ही दिखाई दे रहा था लेकिन अभय समझ जाता है किया हुवा है

अभय की आखो मे आसु आ जाते है बाकी सब की भी

अभय तीनों को देख

अभय - चलो हमे रुकना नही है

अभय फिर तेजी से आगे निकल परता है

असल मे गोपाल ने dp devil के ऑफिस में बहोत पेहले चोरी छुपे रिबोट बम लगा दिया था अभय सभी के बाहर जाते ही गोपाल रिबोट दबा देता है और अपने साथ dp devil को भी लेकर चला जाता है गोपाल जीना नही चाहता था अपने परिवार के पास जा भी नही सकता था तो बस यही एक रास्ता बचा था गोपाल के पास


बाकी जितने बच्चे थे उन्हे कुछ नही हुवा था बस dp devil का ऑफिस मे ही धमाका हुवा था और हर तरफ लोग भागने लगते है


( साम 8 बजे )

अभय सेहर पहुँच फोन बूथ से इंस्पेक्टर नितिका को फोन कर सब बताने लगता है ताकि जितनी जल्दी हो सके dp devil के बचे लोगो को पकर लिया जाये


नितिका - फोन पे - मे तुम्हारी बातो पी कैसे यकीन करू
अभय - आपको यकीन करना होगा मेडम बाकी आप की मर्ज़ी और हा मेरे पास सबूत भी है लेकिन वो मे आगे कुछ दिन बाद आपके पास बहुचवा दुगा यकीन कीजिये

नितिका - ठीक है मे यकीन करती हु

फोन कट

अभय जीतू जीत विजय को देखता है तो तीनों अभय को गले लगा लेते है तीनों अभय की वजह से हि आज dp devil के कैद से आजाद हो पाये थे

जीतू अभय को देख
जीतू - बॉस आप को हम कभी नही भुलेगे आप हमारे बॉस थे रहेगे आप की वजह से आज हम अपने घर जा पायेंगे अपनो से मिल पायेंगे

जीत अभय को देख

जीत - हा बॉस अगर आप नही होते तो सायद हमे मरते दम तक उसी नर्क मे रेहना परता आप का ये एहसास कभी नह भुलेगे

विजय - आप तो मेरे लिये बरे भाई जैसे है और आपने मेरा पूरा ख्याल रखा और आज हमे बाहर भी निकला

जीत जीतू विजय - आप कभी भी हमे याद करेगे एक आवाज मे हम आपके सामने होगे बॉस

अभय तीनों को देख मुस्कुराते हुवे

अभय - तुम तीनों की बिना मे भी कुछ कर नही पाता मेरे दोस्तो खैर हमे कुछ दिन रुक कर किसी ऐसे वक्ति को धुधना होगा जिसको हम सोना बेच सके

जीतू जीत विजय - समझ गये बॉस

10 दिन लगते है अभय को इस सब मे अभय सोने को बेच देता है और सभी अपना खाता atm सब कुछ खुलवा लेते है फिर अभय सभी को अपना हिस्सा दे देता है और अपना उसी के साथ गोपाल का हिस्सा अपने खाते मे जमा करवा लेता है


( 11 वे दिन सुबह ) 9 बजे

अभय सभी घर जाने के लिये रेडी थे अभय ने टिकट निकलवा लिया था अभय जीतू जीत को देख

ठीक है सब हो गया है याद रखना पुलिस को पता लग ही जायेगा फिर वो तुम दोनों को बुला की पूछ ताछ जरूर करेगे लेकिन मेने जितना बताया है उतना ही की केहना है समझ गये तुम दोनों

जीत जीतू एक साथ - समझ गये बॉस आप चिंता मत कीजिये

अभय फिर विजय को देख
अभय - विजय के टकले पे मारते हुवे और तुम बेवकूफ मेरे साथ चलने के लिये कहा था लेकिन तुम्हे मजे करते हुवे बुवा के घर होते हुवे आना है पता भी है जब मे घर पहुँचूगा तो तेरी मा मेरा दिमाग खा जायेगी

विजय - अभय को मस्का मारते हुवे बॉस प्लेस मा को आप संभाल लेना ने अगले ही दिन घर आ जाउंगा

अभय - ठीक है अगले दिन घर नही पहुचा तो तेरी खैर नही समझा
विजय - समझ गया बॉस मा कसम अगले दिन आ जाउंगा
अभय - ठीक है फिर
अभय फिर सभी से गले मिलता है और अभय जीत जीतू को देख

अभय - मे जा रहा हु जैसे ही सारे मामले सांत होगे हम फिर मिलेंगे
जीत जीतू - इंतज़ार रहेगा बॉस उस पल का

अभय - मुस्कुराते हुवे बाय बोल रेलवे स्टेशन की तरफ निकल परता है

जीतू जीत विजय अभय को जाते देख - कसम से बॉस कमाल के बंद है तेज दिमाग उतना की ताकतवर ऐसे हि नहीं हमारे बॉस है

अभय PBA रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 2 पे ssa जाने वाली ट्रेन मे खिरकी वाली सीट जोकि अभय की थी बैठ जाता है और बाहर की तरफ देखने लगता है

बार बार अनाउसमेंट हो रही थी pba ट्रेन 10 मिनट मे ssa के लिये रवाना होगी 10 मिनट बाद ट्रेन खुल जाती है और ट्रेन अपनी मंजिल की तरफ निकल परता है

( पास्ट ) यही पे खतम होता है

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( परजेंट )


रिस्का अभय की घर के आप आके रुकती है अभय नीचे उतर रिक्से वाले को पैसा देता है और रिस्का वाला चला जाता है

अभय अभी मैन रोड पे खरा था अभय अपने घर की तरफ देखता है तो दिपु को वही जगह दिखाई देती है यहा से उसे किंडनेप कर लिया गया था अभय को वो पल याद आने लगते है

अभय आगे थोरा देखता है तो अभय को अपना घर दिखाई दे रहा था अभय अपना कदम आगे बढ़ाता है और अपने घर जाने लगता है


आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏🙏
Awesome update bhai
 
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