Baribrar
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बहुत ही गरमागरम कामुक और शानदार जानदार मदमस्त अपडेट है भाई मजा आ गयारात के करीब तीन बजे हुए थे और रजिया बेड पर पड़ी हुई करवटें बदल रही थी! उसके बदन में रह रह कर मीठा मीठा दर्द उठ रहा था और उसे एहसास हो रहा था कि बलदेव सच में बेहद शक्तिशाली हैं! कमीनें ने कितनी बेदर्दी से मुझे कस लिया और कैसे जानवरों की तरह मेरी जांघों के बीच में धक्के मार रहा था मानो मेरी टांगों के बीच में कोई दूसरा ही सुराख बनाना चाहता हो! ये सब सोचकर रजिया मुस्कुरा उठी और उसके बाद बलदेव के बारे में सोचते सोचते कब उसकी आंख लग गई उसे पता ही नहीं चल पाया!
अगले दिन वो करीब 10 बजे सोकर उठी तो उसे अपने बदन में दर्द का तेज एहसास हुआ और वो नहाने के लिए घुस गई! पूरा कपड़े उतारने के बाद उसने अपने आपको शीशे में देखा तो उसे अपने बदन में मसले और रगड़े जाने के लाल निशान दिखाए पड़े और वो मन ही मन बलदेव की ताकत की और ज्यादा कायल हो गई! रजिया ने अपनी दोनो टांगों को हल्का सा खोला तो उसे टांगों के बीचों बीचों लाल सुर्ख गहरे निशान दिखाई पड़े तो रजिया ने प्यार से अपनी जांघों पर हाथ फेरते हुए धीरे से अपनी चूत को सहलाया और फिर हल्के गुनगुने पानी से नहाने लगी तो उसे आराम मिला और थोड़ी देर बाद रजिया ने नाश्ता किया और उसके बाद ऐसे ही महल में टहलती रही और उसे मालूम पड़ा कि आज रात के मीर
जाफर पड़ोसी राज्य जा रहा है और कल ही वापिस लौटेगा तो उसने सुकून की सांस ली! वैसे तो मीर जाफर उसके कमरे में कभी कभी ही आता था लेकिन उसके न होने के खबर से वो पूरी तरह से निश्चित हो गई थी!
धीरे धीरे रोज की तरह शाम गहराने लगी और उसने खाने के समय ही दादी माता और रसोई वाली को बता दिया कि उसकी तबियत आज ठीक नहीं है तो वो आराम करेगी और जल्दी सो जाएगी! किसी को भला क्या आपत्ति होती और करीब 9 बजे ही रजिया अपने कक्ष में बंद हो गई और उसे बलदेव की बात याद आ रही थी कि वो आज रात काले रंग के सूट पहन कर आए तो रजिया मुस्कुरा उठी और देखा कि उसके पास तो एक भी काले रंग का सूट नहीं है तो रजिया नाराज हो गई और तभी उसे याद आया कि अलमारी में उसके पास एक काले रंग की फ्रॉक तो हैं लेकिन वो पूरी तरह से पारदर्शी हैं! क्या मुझे वो फ्रॉक पहनना चाहिए? नहीं नहीं ये सही नहीं होगा और बलदेव की हिम्मत इससे और ज्यादा बढ़ जाएगी और वो बहुत ज्यादा आगे बढ़ जाएगा तो दिक्कत होगी ! तभी उसके अंदर दूसरा ख्याल आया कि मैं भी तो यही चाहती हूं कि बलदेव आगे बढ़े और इसके लिए मेरे पास ये अच्छा मौका हैं!
रजिया ने सोच लिया कि वो जरूर काले फ्रॉक को ही पहन कर जाएगी ताकि बलदेव को लगे कि मैं उसकी बात मान रही हु और इससे उसकी हिम्मत बढ़ेगी! लेकिन ऐसा फ्रॉक पहन कर मैं सड़क पर से नहीं जा सकती हूं तो मुझे इसके ऊपर बुर्का पहनना होगा ताकि मैं आराम से बिना किसी शर्म और समस्या के बलदेव तक पहुंच सकूं और बुर्का तो बलदेव खुद ही उतार देगा! ये सोचते ही रजिया का बदन कांप उठा और उसने वो काली फ्रॉक पहन कर खुद को शीशे में देखा तो शर्म से पानी पानी हो गई और फिर धीरे से उसने ऊपर से बुर्का पहना और लाल सुर्ख रंग की लिपिस्टिक से अपने रसीले होठों को सजाया मंद मंद मुस्कराने लगी! रात के करीब 11 बजे धीरे से अपने कक्ष से बाहर निकल गई और बगीचे में जाकर उसने चारों चिरागों को उठाया और एक मटके में लेकर सावधानी से इधर उधर देखती हुई आगे बढ़ गई! रात के घनघोर अंधेरे में वो बड़ी चली जा रही थी और उसके शरीर में उत्तेजना बढ़ती जा रही थी! चलते हुए उसके कदम को गति आज कल के मुकाबले काफी ज्यादा थी मानो उसे आज बलदेव के पास जाने की कुछ ज्यादा ही जल्दी थी! रजिया को सामने ही बलदेव का कमरा नजर आया तो वो अंधेरी गली में घुस गई और किसी साए से टकरा गई जिसने और अपनी बांहों में थाम लिया और बोला:"
" धीरे से बेगम साहिब ! गिर जाएगी आप!
रजिया जानती थी कि ये बलदेव हैं और बोली:"
" ऐसे अंधेरे में टकराओगे तो गिरने का खतरा तो होगा ही!
रजिया उसकी बांहों में कसमसाते हुए बोली:" सामने खुद आए हो और बोल मुझे रहे हो! छोड़ो मुझे कोई देख लेगा तो दिक्कत हो जाएगी!
बलदेव:" वैसे तो यहां कोई आयेगा नहीं लेकिन आप कहती हैं तो छोड़ देता हु आपको लेकिन ध्यान रखना अंदर कोई नहीं देखने आने वाला!
इतना कहकर बलदेव ने रजिया को छोड़ दिया तो रजिया गली में आगे बढ़ गई और बोली:"
" अपनी हद में रहा करो बलदेव! वैसे ही आज हमारा आखिरी दिन है! कल से मैं नहीं आऊंगी!
बलदेव:" मैं जानता हु कि कल से आप नहीं आयेगी लेकिन आज आप सुबह तक मेरे साथ रुकना ताकि मैं आराम से अपने बदन को चिरागो की रोशनी दे सकू!
रजिया बिना कुछ बोले आगे बढ़ गई और देखते ही देखते दोनो पुराने किले के अंदर घुस आए और जैसे ही मशाल की रोशनी रजिया के ऊपर पड़ी तो रजिया के लाल सुर्ख होंठों को देखते ही बलदेव की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और समझ गया कि रजिया उसके जाल में अब पूरी तरह से फंस गई है तो बोला:"
" वैसे लाल रंग की लिपिस्टिक आपके होंठो पर बेहद आकर्षक लग रही है बेगम साहिब! मेरी बात मानने के लिए शुक्रिया!
रजिया ने पलट कर उसकी तरफ मटका बढ़ाती हुई बोली:"
" कौन सी बात बलदेव ?
बलदेव ने मटके को जमीन पर रख दिया और चिरागों को सजाते हुए बोला:" लाल रंग की लिपिस्टिक लगाने के लिए मैने ही आपको कहा था!
रजिया उसे तिरछी नजरों से देखती हुई बोली:"
" हमे याद नहीं ! हम तो सिर्फ इसलिए लगाए हैं कि हमें भी पसंद हैं बहुत ज्यादा!
बलदेव समझ गया कि रजिया उसे जान बूझकर छेड़ रही हैं तो बलदेव ने अपने सारे कपड़े उतार फेंके और सिर्फ निक्कर पहन कर चिरागों के बीच में बैठ गया और उनकी महक लेते हुए बोला:" वैसे बेगम साहिब आप इतनी ज्यादा क्यों शर्माती हैं ? फिर से आप बुर्का पहन कर आई हैं और अभी तक पहना हुआ है!
रजिया उसके मजबूत चौड़े जिस्म पर बार बार नजर फिरा रही थी और बोली:"
" बुर्का हमे पसंद हैं बलदेव और हमे मर्यादा में रहना ही अच्छा लगता है!
बलदेव का खड़ा लन्ड अब निक्कर को आगे से उठा चुका था और बलदेव बोला:"
" और हमें आपका बुर्का बिल्कुल पसंद नहीं आता बेगम साहिब!
रजिया की नजर उसके निक्कर के उभार पर गई तो रजिया का बदन कांप उठा और बोली:"
" बुर्का हमारा हैं तो हम पहने या उतारे हमारी मर्जी होगी न बलदेव! तुम्हे हमारे बुर्के से ज्यादा मतलब नहीं होना चाहिए
रजिया ने अब बलदेव को उकसाना शुरू कर दिया था तो बलदेव बोला:" बुर्का तो आपका ही हैं बेगम साहिब लेकिन पिछले दो दिन से मैं ही उतार रहा हु !
रजिया की सांसे तेज होना शुरू हो गई और उसकी चूचियों का आकार बुर्के से ही साफ महसूस होने लगा और कांपती हुई आवाज में रजिया बोली:"
" आज मैं तुम्हारे हाथ नहीं आने वाली बलदेव! हाथ भी मत लगाना आज मुझे समझे!
बलदेव अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ और रजिया की तरफ बढ़ते हुए बोला:" बुर्का तो मैं आपका आज भी उतार कर ही रहूंगा बेगम साहिब क्योंकि आप बिना बुर्के के मुझे ज्यादा आकर्षक लगती हैं!
रजिया थोड़ा सा पीछे हटती हुई बोली:" नहीं बलदेव ये सही नहीं हैं! देखो ये गुनाह होगा!
बलदेव चलते हुए उसके करीब पहुंच गया और उसका हाथ पकड़ते हुए बोला:"
" बुर्का तो आपका जरूर उतरेगा बेगम साहिब क्योंकि मुझे देखना हैं कि अंदर आप किस रंग का सूट पहन कर आई हैं!
रजिया उससे अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन बलदेव ने उसे दोनों कंधों से पकड़ लिया तो रजिया उसकी बांहों में कसमसा उठी
" उफ्फ बलदेव छोड़ो न हमें! ये सही नहीं हैं!
रजिया की बाते आज बलदेव को ज्यादा जोश दिला रही थी और वो उसे पीछे से अपनी बांहों में कस लिया और बोला:"
" आपके होंठो पर लाल रंग की लिपिस्टिक बेहद कामुक लग रही है बेगम साहिब! हमे पूरा यकीन हैं कि आपने जरूर आज काले रंग का सूट पहना होगा! हमे देखने दीजिए न प्यार से!
रजिया की गांड़ में बलदेव का लन्ड घुसा हुआ था और रजिया उसकी बातों से अब बहक रही थी लेकिन नखरे करती हुई बोली:"
" बलदेव हमने कहा हमे परेशान मत करो! छोड़ दो हमे! हमने कोई काले रंग का सूट नहीं पहना हुआ है!
बलदेव:" रुकिए आप ऐसे नहीं मानने वाली हैं! मुझे अपने तरीके से ही निकालना होगा!
इतना कहकर बलदेव ने रजिया के दोनों हाथों को एक साथ जोड़ कर अपने एक हाथ से पकड़ किया और दूसरे हाथ से उसके बुर्के को उठाने लगा तो रजिया उसकी बांहों में कसमसा उठी और बोली"
" आह्ह्ह्ह नहीं बलदेव! रुक जाओ मानों मेरी बात !
लेकिन बलदबा भला मानता उसने रजिया के बुर्के को पकड़ और एक झटके के साथ उसके जिस्म से अलग कर दिया और बलदेव को आगे फटी की फटी रह गई क्योंकि बलदेव को काले रंग की नाइटी में उसके जिस्म साफ नजर आया और रजिया ने शर्म से अपना मुंह छुपा लिया और उसकी दोनों बड़ी बड़ी ठोस चूचियों का आकार बलदेव को साफ दिख रहा था और बलदेव उसकी चूचियों को देखते हुए बोला:"
" ओहो मेरी रजिया बेगम ! कमाल लाजवाब हैं आपका हुस्न! आखिर में मेरी बात सच हुई और आप काले रंग का सूट पहन कर आई!
रजिया ने बड़ी मुश्किल से अपनी नजरों को ऊपर उठाया तो उसे अपनी चूचियों पर बलदेव की नजरे महसूस हुई तो रजिया शर्म से मारे पलट गई तो उसकी मस्त गोरी मोटी गांड़ बलदेव के सामने आ गई और बलदेव उसकी गांड़ को देखते हुए बोला:"
" वाह बेगम साहिब! सच में आपका कोई जवाब नहीं ! आपका बदन सच में कयामत हैं मेरी रजिया!
रजिया फिर से शर्म से पलट गई और उसकी चूचियां फिर से सामने आ गई! रजिया को समझ नहीं आ रहा था कि चूचियों को छुपाए या अपनी गांड़ को तो वो शर्म से कभी इधर तो कभी उधर पलटती रही और बलदेव उसके बदन का दीदार करता रहा!
रजिया शर्म से लाल पड़ गई थी और खड़ी खड़ी कसमसा रही थी और रजिया के जिस्म का असर बलदेव पर हुआ जिससे उसका लन्ड अब पूरी तरह से खड़ा होकर अकड़ गया था और रजिया कांपती हुई बोली :"
" ये आपने सही नहीं किया बलदेव! देखो हमें इस हालत में कितनी शर्म आ रही है! जाओ तुम आराम से चिरागों के पास जाओ!
बलदेव ने आगे बढ़कर फिर से रजिया को अपनी बांहों में कस लिया और उसे अपनी गोद में उठाते हुए चिरागों की तरफ बढ़ गया और बोला:"
" आपको सारी रात मेरी गोद में बैठना होगा बेगम साहिब!
रजिया उसकी बात सुनकर मचल सी गई और उसकी चौड़ी छाती में मुक्के मारती हुई बोली:"
" कैसी अश्लील बाते करते हो बलदेव आप! हमे शर्म आती हैं आपसे बलदेव! वैसे भी आपकी बदबू दूर करनी हैं मेरे जिस्म से थोड़े ही आती हैं!
बलदेव उसकी गर्दन पर अपनी गर्म गर्म सांसे छोड़ते हुए बोला:"
" हाय बेगम साहिब आपसे बदबू नहीं बहुत अच्छी खुशबू आती हैं मुझसे! आप मेरी गोद में रहेंगी तो आपको तभी पता चलेगा न कि मेरी बदबू सच में खत्म हो रही हैं धीरे धीरे!
रजिया अब उसकी गोद में कसमसा रही थी और उसके जिस्म में कंपकपी आनी शुरू हो गई थी और बोली:"
" हाय बलदेव !! वो तो हम बाद में भी बता देगी आपको कि बदबू खत्म हो गई है! ऐसे तो हमें शर्म आती हैं !
रजिया ने अपनी चूचियों को ऊपर नीचे होते देखा तो बलदेव का लन्ड खुश से उछल पड़ा और बलदेव अपनी दोनो टांगों को पूरा खोलते हुए उसे अपनी गोद में लेकर चिरागों के बीच बैठ गया और उसकी जांघ पर एक हाथ रखते हुए बोला:"
" थोड़ी देर में ही आपकी सारी शर्म दूर हो जाएगी बेगम साहिब और देखना आप कैसे कल रात की तरह हमसे लिपट जाओगी!
रजिया मचल उठी और अपने दोनों हाथों को अपनी चूचियों पर रख दिया और कांपते हुए स्वर में बोली:"
" उफ्फ बलदेव इतनी बेशर्मी अच्छी नहीं !! हम जैसी कमजोर औरत पर इतनी जोर आजमाइश मत करो!
बलदेव ने उसकी जांघ को फ्रॉक के ऊपर से ही मुट्ठी में भर लिया और मसलते हुए बोला:"
" हाय मेरी बेगम साहिब!! आप बिलकुल भी कमजोर नहीं हो देखो न आपकी ये मस्त चिकनी मजबूत जांघें आपके हमे मदहोश करती हैं !
रजिया की सांसे अब बहुत तेज हो गई थी और अपनी जांघ को मसले जाने से वो सिसक उठी और अपने एक हाथ को बलदेव के हाथ पर रखते हुए तड़प उठी
" आह्ह बलदेव !! इतनी जोर से नहीं !!
रजिया की सिसकी ने बलदेव को सारे जवाब दे दिए कि आज की रात वो ज्यादा विरोध नहीं करेगी और बलदेव ने अब थोड़ा आगे झुकते हुए अपनी नजरों को उसकी चूचियों पर टिका दिया और उसकी जांघों को प्यार से सहलाना शुरू कर दिया तो रजिया जोर जोर से कांपने लगी जिससे बलदेव का लन्ड पूरी तरह से खड़ा होकर उसकी उसकी चूत पर आ लगा और रजिया ने एक मस्ती भरी आह भरते हुए अपनी आंखों को बंद कर लिया तो बलदेव ने अपनी लंबी चौड़ी जीभ को बाहर निकाला और रजिया की गर्दन पर फेर दिया तो रजिया मस्ती भरी आह भरते हुए उसकी गोद में उछल पड़ी तो उसकी दोनों चूचियां आधे से ज्यादा बाहर निकल आई और जैसे ही रजिया नीचे उसकी गोद में आई तो लन्ड का जोरदार धक्का बलदेव ने नीचे से लगाया तो रजिया ने मस्ती में बलदेव के कंधे पर अपना सिर टिकाते हुए दोनो हाथों से उसकी मजबूत बाहों को थाम लिया! बलदेव के कंधे पर सिर टिकाते ही रजिया की चूचियां पूरी तरह से उभर कर आ गईं और बलदेव को चूचक के आस पास का गहरे भूरे रंग का आकार भी साफ नजर आया तो बलदेव ने एक हाथ से रजिया को अपनी गिरफ्त में कस लिया और अपनी जीभ को उसकी गर्दन पर टिका दिया और किसी जंगली जानवर की तरह चूसने चाटने लगा तो रजिया दोनों आंखे बंद किए हुए मस्ती से कराह उठी और लंबी लंबी सबसे लेने लगी जिससे उसकी चूचियां जोर जोर से उछलते हुए फ्रॉक के बटन पर दबाव डालने लगी और बलदेव ने बिना देर किए लन्ड के धक्के लगाने शुरू कर दिए तो रजिया की चूत पानी पानी हो गई और रजिया मस्ती से सिसक उठी
" उफ्फ बलदेव!! हाय बलदेव ये क्या गजब कर दिया हमे!!
बलदेव ने मौके का फायदा उठाते हुए रजिया को अपनी गोद में थोड़ा सा ऊपर उठाया और उसके हाथ को सीधे अपने हाथ में भरकर अपनी लुंगी में तने हुए सख्त लौड़े पर रख दिया और रजिया को उसकी सांसे रुकती हुई महसूस हुई और वो जोर से किसी जंगली घोड़ी की तरह उछल पड़ी
" आह्ह बलदेव नहीइई!!!
रजिया के उछलने से उसकी भारी भरकम चूचियों ने फ्रॉक के बटन पर हमला किया और एक झटके के साथ वो टूट गया जिससे रजिया की गोल मटोल चूचियां पूरी तरह से नंगी होकर बाहर आ गई और रजिया के मुंह से आह निकल पड़ी और किसी जंगली घोड़ी की तरह दुलत्ती मारती हुई सिसकी
आह्ह अम्मी!! उफ्फ बलदेव छोड़ दे मुझे!!
बलदेव ने अपने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए जी भरकर उसकी गोल मटोल चूचियों को निहारने लगा और रजिया के हाथ को अपने लन्ड पर जैसे ही पूरी लंबाई में घुमाया तो रजिया का बदन थरथरा उठा और अपने जिस्म की सारी ताकत समेटते हुए वो एक जोरदार झटके के साथ बलदेव की गोद से निकल गई लेकिन उसकी फ्रॉक बीच में आधी फट गई और रजिया अब पेट से नीचे पूरी तरह से नंगी हो चुकी और दीवार की तरफ मुंह करके लंबी लंबी सांसे लेने लगी! बलदेव रजिया की चौड़ी मजबूत गान्ड के दोनो उभारों को देखते हुए पागल सा हो गया और रजिया की तरफ बढ़ा तो रजिया ने अपनी गांड़ को दीवार की तरफ छुपा लिया और दोनो हाथों से अपनी चूत को ढक लिया और बलदेव की तरफ देखते हुए सिसकी उठी
" आह्ह बलदेव!! हमारे करीब मत आओ!!
उत्तेजना से कांपती हुई रजिया की दोनो चूचियां अभी तक पूरी तरह से बाहर थी और और वो बलदेव की तरफ देख रही थी तो बलदेव ने अपनी लुंगी को उतारकर एक तरफ फेंक दिया तो उसका मोटा लंबा काला भूसंड लन्ड रजिया की आंखों के सामने आ गया और रजिया की आँखें डर के मारे बंद हो गई और वो बार फिर से पलटते हुए दीवार की तरफ मुंह कर गई मानो अपनी चूत को छुपाना चाहती हो और उसके मुंह से एक ज़ोरदार आह निकल गई
" आह्ह नहीइइई बलदेव!!
बलदेव आगे बढ़ा और रजिया से चिपक गया जिससे उसका लन्ड रजिया की नंगी गान्ड की गोलाईयों में घुस गया और बलदेव ने दोनों हाथों को आगे बढ़ा कर उसकी नंगी चूचियों को पकड़ लिया तो रजिया के मुंह से आह निकल गई और और रजिया एक झटके के साथ पलटी और बलदेव से कसकर लिपट गई तो बलदेव ने उसके चेहरे को थामते हुए अपने होंठो को रजिया के रसीले लाल सुर्ख होंठों पर टिका दिया और चूसने लगा और रजिया भी उसके पैरों पर चढ़ गई और उसके गले में अपनी बांहे डालकर उसके होंठो को चूसने लगी तो बलदेव ने उसे अपनी गोद में उठा लिया और दोनो एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे!
रजिया की दोनो टांगें बलदेव की कमर पर लिपटी हुई थी और लन्ड का सुपाड़ा चूत के मुंह पर रगड़ डाल रहा था जिससे मदहोशी में रजिया ने अपने मुंह को खोल दिया और बलदेव की जीभ उसके मुंह से घुस गई और जैसे ने बलदेव ने रजिया की जीभ को चूसा तो रजिया ने पागल सी होते हुए पूरी ताकत से अपनी चूत को लन्ड पर चिपका दिया और उसका समूचा जिस्म अकड़ता चला गया और रजिया पूरी तरह से मस्ती से सिसक उठी
" आह्ह बलदेव!!!! हाय मेरे बलदेव!!
बलदेव के लन्ड पर रजिया की चूत अपना रस छोड़ती रही और जैसे ही रजिया का स्खलन रुका तो उसने शर्म के मारे अपने मुंह को बलदेव की छाती में छुपा लिया और उससे कसकर लिपट गई तो बलदेव ने लन्ड के सुपाड़े का दबाव चूत पर दिया तो रजिया उसकी गोद से उतर गई और धीरे से बोली:"
" आह्ह नहीईए बलदेव!! हम मर जाएंगे बलदेव!!
बलदेव ने उसे फिर से अपनी बांहों में भर लिया और चिरागों के बीच में लेटा दिया और रजिया ने दोनों हाथों से अपनी चूत को ढक दिया तो बलदेव ने एक हाथ से उसके दोनों हाथों को पकड़कर हटाया और दूसरे हाथ को उसकी गर्म भभकती हुई चूत पर रख दिया तो रजिया के मुंह से फिर से आह निकल गई और बलदेव ने अपनी एक मोटी उंगली को रजिया की चूत के मुंह पर टिकाया और एक झटके के साथ दो इंच अंदर घुसा दिया तो रजिया दर्द से कराह उठी क्योंकि बलदेव की उंगली भी सुल्तान के लन्ड से ज्यादा मोटी थी! रजिया की चूत के होठों ने बलदेव को उंगली को कस लिया और बलदेव ने रजिया को आंखों में देखा तो राजिया ने शर्म से अपनी आंखे बंद बंद कर ली और बलदेव ने उसकी चूत में अपनी उंगली को थोड़ा सा और घुसाया तो रजिया का जिस्म दर्द से भर उठा और उसके मुंह से आह निकल पड़ी तो बलदेव ने दूसरे हाथ से उसकी चूचियों को पकड़ लिया और प्यार से सहलाने लगा तो रजिया के जिस्म में फिर से मस्ती भरी तरंगें उठने लगी और उसकी चूत में फिर से रस का बहाव शुरू हो गया जिससे बलदेव की खुशी का ठिकाना न रहा और उसने अपनी उंगली पर दबाव डालते हुए एक झटके के साथ उसकी चूत में पूरी घुसा दी तो रजिया का जिस्म दर्द से भर उठा और उसने बलदेव के हाथ को अपनी चूचियों पर जोर से कस दिया मानो और उसे अपनी चूची दबाने के लिए उकसा रही हो और बलदेव ने एक झटके के साथ उसकी चूत से उंगली को बाहर निकाला और फिर से पूरा घुसा दिया तो रजिया के मुंह से इस बार दर्द और मस्ती से भरी आह निकल पड़ी और उसने अपनी जांघों के बीच उसकी उसकी उंगली को कस लिया और बलदेव ने रजिया की चूचियों को छोड़ते हुए रजिया के हाथ को पकड़ कर अपने लन्ड पर टिका लिया तो रजिया का बदन थरथरा उठा और उसने अपनी जांघों को खोल दिया तो बलदेव उसकी चूत में उंगली को अंदर बाहर करने लगा तो रजिया के मुंह से मस्त भरी आह निकल गई
" आह्ह बलदेव!! उफ्फ
मस्ती से सिसक रही रजिया का हाथ अब बलदेव के पूरे लन्ड पर घूम रहा था और लन्ड की लंबाई चौड़ाई को अच्छे से महसूस कर रहा था जिससे रजिया की आँखें हैरत से खुलती जा रही थी और उसकी चूत में घुसी ही बलदेव की उंगली उसे असीम आनंद प्रदान कर रही थी और रजिया का चेहरा आनंद से भरा हुआ था जिसे देखकर बलदेव ने उसकी चूत में पूरी गति से अपनी ऊंगली को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो उत्तेजना और मस्ती से रजिया का जिस्म उछल उछल पड़ने लगा और उसकी गांड़ अपने आप बलदेव की उंगली पर थिरकने लगी तो बलदेव ने आगे झुकते हुए उसका मुंह चूम लिया और धीरे से बोला:"
" आह मेरी बेगम!! आपकी चूत कितनी कसी हुई और रसीली हैं!
रजिया बाकदेव के मुंह से चूत सुनकर मस्ती से कराह उठी क्योंकि उसकी चूत में फिर से तरंगें उठना शुरू हो गई थी और रजिया अब सारी शर्म लिहाज छोड़कर बलदेव के लन्ड की सहलाते हुए उसकी आंखों में देखते हुए जोर जोर से सिसक रही थी और बलदेव ने उसकी रस से भर चुकी चूत में अब अपनी सारी ताकत लगाते हुए उंगली को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो रजिया से बर्दाश्त नहीं हुआ और वो जोर जोर से सिसकियां लेते हुए अपनी दोनों टांगो को पूरा फैला दी और उसका जिस्म अब किसी मशीन की तरह उछल रहा था और रजिया सिसक रही थीं
" आह्ह बलदेव! धीरे बलदेव उफ्फ हम मर जाएंगे बलदेव!
लेकिन बलदेव अब बिना रुके उसकी चूचियों को मसलते हुए उसकी चूत को अपनी उंगली से चोद रहा था और रजिया उसकी सख्त उंगली की रगड़ बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसकी चूत ने एक बार फिर से अपना रस छोड़ दिया और रजिया मस्ती से सिसक उठी
" आह्ह बलदेव!! मर गई!! उफ्फ बलदेव हाय बलदेव!!
रजिया की चूत से रस बहता रहा और बलदेव की उंगली भीगती गई और जैसे ही रस बहना बंद हुआ तो बलदेव ने अपनी ऊंगली को उसकी चूत से बाहर निकाल कर अपने मुंह में घुसा लिया और रजिया ने मस्ती से बलदेव के लन्ड को मसल दिया और बोली
" आह्ह कितने गंदे हो तुम बलदेव!!
बलदेव ने उंगली पर लगा सारा रस चूस लिया और बोला:"
" आह्ह मेरी बेगम!! आपकी चूत बेहद स्वादिष्ट है बिल्कुल शाही पकवान की तरह!!
रजिया की चूत ठंडी हुई तो उसने लन्ड पर से हाथ हटा लिया और उसे अपनी हालत का एहसास हुआ और बोली:"
" बलदेव हम आपकी बेगम नहीं है बल्कि आपके लिए बेगम साहिब हैं समझे!
बलदेव:" माफ करना बेगम साहिब वो जोश में हमारे मुंह से निकल गया!! लेकिन आपकी चूत मुझे बहुत पसंद आई बेगम साहिब!!
रजिया एक झटके से खड़ी हुई और अपनी हालत को ठीक करते उसकी तरफ गुस्से से देखा और बोली"
" बलदेव अपनी हद में रहकर बात करो समझे!
बलदेव ने आगे बढ़कर उसे अपनी बांहों में भर लिया तो रजिया कसमसा उठी और बोली
" सुबह होने वाली है बलदेव! अब हमे जाना होगा! देखो तुम्हारी बदबू भी खत्म हो गई!
बलदेव ने रजिया को छोड़ दिया और उसके पैरों में झुक गया और बोला:" मुझे नई जिंदगी देने के लिए आपका दिल से शुक्रिया बेगम साहिब! अब कब आओगे मिलने के लिए आप ?
रजिया ने चिरागों को उठाकर घड़े में रखा और बोला:"
" अब नहीं आऊंगी बलदेव! आपकी बदबू खत्म हो गई हैं तो अब क्यों आना भला!!
बलदेव:" बदबू ठीक हो गई तो क्या हुआ ! अपने इस दोस्त से मिलने के लिए कभी कभी आते रहना आप!
रजिया ने अपना घड़ा उठाया और चलने लगी तो बलदेव ने उसकी तरफ हाथ बढ़ाया तो रजिया ने उसका हाथ पकड़ लिया और दोनो के दूसरे का हाथ थामे बाहर तक आए और उसके बाद रजिया अंधेरे में खोती चली गई और पीछे खड़ा रह गया उदास बलदेव!!!
रात के करीब तीन बजे हुए थे और रजिया बेड पर पड़ी हुई करवटें बदल रही थी! उसके बदन में रह रह कर मीठा मीठा दर्द उठ रहा था और उसे एहसास हो रहा था कि बलदेव सच में बेहद शक्तिशाली हैं! कमीनें ने कितनी बेदर्दी से मुझे कस लिया और कैसे जानवरों की तरह मेरी जांघों के बीच में धक्के मार रहा था मानो मेरी टांगों के बीच में कोई दूसरा ही सुराख बनाना चाहता हो! ये सब सोचकर रजिया मुस्कुरा उठी और उसके बाद बलदेव के बारे में सोचते सोचते कब उसकी आंख लग गई उसे पता ही नहीं चल पाया!
अगले दिन वो करीब 10 बजे सोकर उठी तो उसे अपने बदन में दर्द का तेज एहसास हुआ और वो नहाने के लिए घुस गई! पूरा कपड़े उतारने के बाद उसने अपने आपको शीशे में देखा तो उसे अपने बदन में मसले और रगड़े जाने के लाल निशान दिखाए पड़े और वो मन ही मन बलदेव की ताकत की और ज्यादा कायल हो गई! रजिया ने अपनी दोनो टांगों को हल्का सा खोला तो उसे टांगों के बीचों बीचों लाल सुर्ख गहरे निशान दिखाई पड़े तो रजिया ने प्यार से अपनी जांघों पर हाथ फेरते हुए धीरे से अपनी चूत को सहलाया और फिर हल्के गुनगुने पानी से नहाने लगी तो उसे आराम मिला और थोड़ी देर बाद रजिया ने नाश्ता किया और उसके बाद ऐसे ही महल में टहलती रही और उसे मालूम पड़ा कि आज रात के मीर
जाफर पड़ोसी राज्य जा रहा है और कल ही वापिस लौटेगा तो उसने सुकून की सांस ली! वैसे तो मीर जाफर उसके कमरे में कभी कभी ही आता था लेकिन उसके न होने के खबर से वो पूरी तरह से निश्चित हो गई थी!
धीरे धीरे रोज की तरह शाम गहराने लगी और उसने खाने के समय ही दादी माता और रसोई वाली को बता दिया कि उसकी तबियत आज ठीक नहीं है तो वो आराम करेगी और जल्दी सो जाएगी! किसी को भला क्या आपत्ति होती और करीब 9 बजे ही रजिया अपने कक्ष में बंद हो गई और उसे बलदेव की बात याद आ रही थी कि वो आज रात काले रंग के सूट पहन कर आए तो रजिया मुस्कुरा उठी और देखा कि उसके पास तो एक भी काले रंग का सूट नहीं है तो रजिया नाराज हो गई और तभी उसे याद आया कि अलमारी में उसके पास एक काले रंग की फ्रॉक तो हैं लेकिन वो पूरी तरह से पारदर्शी हैं! क्या मुझे वो फ्रॉक पहनना चाहिए? नहीं नहीं ये सही नहीं होगा और बलदेव की हिम्मत इससे और ज्यादा बढ़ जाएगी और वो बहुत ज्यादा आगे बढ़ जाएगा तो दिक्कत होगी ! तभी उसके अंदर दूसरा ख्याल आया कि मैं भी तो यही चाहती हूं कि बलदेव आगे बढ़े और इसके लिए मेरे पास ये अच्छा मौका हैं!
रजिया ने सोच लिया कि वो जरूर काले फ्रॉक को ही पहन कर जाएगी ताकि बलदेव को लगे कि मैं उसकी बात मान रही हु और इससे उसकी हिम्मत बढ़ेगी! लेकिन ऐसा फ्रॉक पहन कर मैं सड़क पर से नहीं जा सकती हूं तो मुझे इसके ऊपर बुर्का पहनना होगा ताकि मैं आराम से बिना किसी शर्म और समस्या के बलदेव तक पहुंच सकूं और बुर्का तो बलदेव खुद ही उतार देगा! ये सोचते ही रजिया का बदन कांप उठा और उसने वो काली फ्रॉक पहन कर खुद को शीशे में देखा तो शर्म से पानी पानी हो गई और फिर धीरे से उसने ऊपर से बुर्का पहना और लाल सुर्ख रंग की लिपिस्टिक से अपने रसीले होठों को सजाया मंद मंद मुस्कराने लगी! रात के करीब 11 बजे धीरे से अपने कक्ष से बाहर निकल गई और बगीचे में जाकर उसने चारों चिरागों को उठाया और एक मटके में लेकर सावधानी से इधर उधर देखती हुई आगे बढ़ गई! रात के घनघोर अंधेरे में वो बड़ी चली जा रही थी और उसके शरीर में उत्तेजना बढ़ती जा रही थी! चलते हुए उसके कदम को गति आज कल के मुकाबले काफी ज्यादा थी मानो उसे आज बलदेव के पास जाने की कुछ ज्यादा ही जल्दी थी! रजिया को सामने ही बलदेव का कमरा नजर आया तो वो अंधेरी गली में घुस गई और किसी साए से टकरा गई जिसने और अपनी बांहों में थाम लिया और बोला:"
" धीरे से बेगम साहिब ! गिर जाएगी आप!
रजिया जानती थी कि ये बलदेव हैं और बोली:"
" ऐसे अंधेरे में टकराओगे तो गिरने का खतरा तो होगा ही!
रजिया उसकी बांहों में कसमसाते हुए बोली:" सामने खुद आए हो और बोल मुझे रहे हो! छोड़ो मुझे कोई देख लेगा तो दिक्कत हो जाएगी!
बलदेव:" वैसे तो यहां कोई आयेगा नहीं लेकिन आप कहती हैं तो छोड़ देता हु आपको लेकिन ध्यान रखना अंदर कोई नहीं देखने आने वाला!
इतना कहकर बलदेव ने रजिया को छोड़ दिया तो रजिया गली में आगे बढ़ गई और बोली:"
" अपनी हद में रहा करो बलदेव! वैसे ही आज हमारा आखिरी दिन है! कल से मैं नहीं आऊंगी!
बलदेव:" मैं जानता हु कि कल से आप नहीं आयेगी लेकिन आज आप सुबह तक मेरे साथ रुकना ताकि मैं आराम से अपने बदन को चिरागो की रोशनी दे सकू!
रजिया बिना कुछ बोले आगे बढ़ गई और देखते ही देखते दोनो पुराने किले के अंदर घुस आए और जैसे ही मशाल की रोशनी रजिया के ऊपर पड़ी तो रजिया के लाल सुर्ख होंठों को देखते ही बलदेव की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और समझ गया कि रजिया उसके जाल में अब पूरी तरह से फंस गई है तो बोला:"
" वैसे लाल रंग की लिपिस्टिक आपके होंठो पर बेहद आकर्षक लग रही है बेगम साहिब! मेरी बात मानने के लिए शुक्रिया!
रजिया ने पलट कर उसकी तरफ मटका बढ़ाती हुई बोली:"
" कौन सी बात बलदेव ?
बलदेव ने मटके को जमीन पर रख दिया और चिरागों को सजाते हुए बोला:" लाल रंग की लिपिस्टिक लगाने के लिए मैने ही आपको कहा था!
रजिया उसे तिरछी नजरों से देखती हुई बोली:"
" हमे याद नहीं ! हम तो सिर्फ इसलिए लगाए हैं कि हमें भी पसंद हैं बहुत ज्यादा!
बलदेव समझ गया कि रजिया उसे जान बूझकर छेड़ रही हैं तो बलदेव ने अपने सारे कपड़े उतार फेंके और सिर्फ निक्कर पहन कर चिरागों के बीच में बैठ गया और उनकी महक लेते हुए बोला:" वैसे बेगम साहिब आप इतनी ज्यादा क्यों शर्माती हैं ? फिर से आप बुर्का पहन कर आई हैं और अभी तक पहना हुआ है!
रजिया उसके मजबूत चौड़े जिस्म पर बार बार नजर फिरा रही थी और बोली:"
" बुर्का हमे पसंद हैं बलदेव और हमे मर्यादा में रहना ही अच्छा लगता है!
बलदेव का खड़ा लन्ड अब निक्कर को आगे से उठा चुका था और बलदेव बोला:"
" और हमें आपका बुर्का बिल्कुल पसंद नहीं आता बेगम साहिब!
रजिया की नजर उसके निक्कर के उभार पर गई तो रजिया का बदन कांप उठा और बोली:"
" बुर्का हमारा हैं तो हम पहने या उतारे हमारी मर्जी होगी न बलदेव! तुम्हे हमारे बुर्के से ज्यादा मतलब नहीं होना चाहिए
रजिया ने अब बलदेव को उकसाना शुरू कर दिया था तो बलदेव बोला:" बुर्का तो आपका ही हैं बेगम साहिब लेकिन पिछले दो दिन से मैं ही उतार रहा हु !
रजिया की सांसे तेज होना शुरू हो गई और उसकी चूचियों का आकार बुर्के से ही साफ महसूस होने लगा और कांपती हुई आवाज में रजिया बोली:"
" आज मैं तुम्हारे हाथ नहीं आने वाली बलदेव! हाथ भी मत लगाना आज मुझे समझे!
बलदेव अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ और रजिया की तरफ बढ़ते हुए बोला:" बुर्का तो मैं आपका आज भी उतार कर ही रहूंगा बेगम साहिब क्योंकि आप बिना बुर्के के मुझे ज्यादा आकर्षक लगती हैं!
रजिया थोड़ा सा पीछे हटती हुई बोली:" नहीं बलदेव ये सही नहीं हैं! देखो ये गुनाह होगा!
बलदेव चलते हुए उसके करीब पहुंच गया और उसका हाथ पकड़ते हुए बोला:"
" बुर्का तो आपका जरूर उतरेगा बेगम साहिब क्योंकि मुझे देखना हैं कि अंदर आप किस रंग का सूट पहन कर आई हैं!
रजिया उससे अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन बलदेव ने उसे दोनों कंधों से पकड़ लिया तो रजिया उसकी बांहों में कसमसा उठी
" उफ्फ बलदेव छोड़ो न हमें! ये सही नहीं हैं!
रजिया की बाते आज बलदेव को ज्यादा जोश दिला रही थी और वो उसे पीछे से अपनी बांहों में कस लिया और बोला:"
" आपके होंठो पर लाल रंग की लिपिस्टिक बेहद कामुक लग रही है बेगम साहिब! हमे पूरा यकीन हैं कि आपने जरूर आज काले रंग का सूट पहना होगा! हमे देखने दीजिए न प्यार से!
रजिया की गांड़ में बलदेव का लन्ड घुसा हुआ था और रजिया उसकी बातों से अब बहक रही थी लेकिन नखरे करती हुई बोली:"
" बलदेव हमने कहा हमे परेशान मत करो! छोड़ दो हमे! हमने कोई काले रंग का सूट नहीं पहना हुआ है!
बलदेव:" रुकिए आप ऐसे नहीं मानने वाली हैं! मुझे अपने तरीके से ही निकालना होगा!
इतना कहकर बलदेव ने रजिया के दोनों हाथों को एक साथ जोड़ कर अपने एक हाथ से पकड़ किया और दूसरे हाथ से उसके बुर्के को उठाने लगा तो रजिया उसकी बांहों में कसमसा उठी और बोली"
" आह्ह्ह्ह नहीं बलदेव! रुक जाओ मानों मेरी बात !
लेकिन बलदबा भला मानता उसने रजिया के बुर्के को पकड़ और एक झटके के साथ उसके जिस्म से अलग कर दिया और बलदेव को आगे फटी की फटी रह गई क्योंकि बलदेव को काले रंग की नाइटी में उसके जिस्म साफ नजर आया और रजिया ने शर्म से अपना मुंह छुपा लिया और उसकी दोनों बड़ी बड़ी ठोस चूचियों का आकार बलदेव को साफ दिख रहा था और बलदेव उसकी चूचियों को देखते हुए बोला:"
" ओहो मेरी रजिया बेगम ! कमाल लाजवाब हैं आपका हुस्न! आखिर में मेरी बात सच हुई और आप काले रंग का सूट पहन कर आई!
रजिया ने बड़ी मुश्किल से अपनी नजरों को ऊपर उठाया तो उसे अपनी चूचियों पर बलदेव की नजरे महसूस हुई तो रजिया शर्म से मारे पलट गई तो उसकी मस्त गोरी मोटी गांड़ बलदेव के सामने आ गई और बलदेव उसकी गांड़ को देखते हुए बोला:"
" वाह बेगम साहिब! सच में आपका कोई जवाब नहीं ! आपका बदन सच में कयामत हैं मेरी रजिया!
रजिया फिर से शर्म से पलट गई और उसकी चूचियां फिर से सामने आ गई! रजिया को समझ नहीं आ रहा था कि चूचियों को छुपाए या अपनी गांड़ को तो वो शर्म से कभी इधर तो कभी उधर पलटती रही और बलदेव उसके बदन का दीदार करता रहा!
रजिया शर्म से लाल पड़ गई थी और खड़ी खड़ी कसमसा रही थी और रजिया के जिस्म का असर बलदेव पर हुआ जिससे उसका लन्ड अब पूरी तरह से खड़ा होकर अकड़ गया था और रजिया कांपती हुई बोली :"
" ये आपने सही नहीं किया बलदेव! देखो हमें इस हालत में कितनी शर्म आ रही है! जाओ तुम आराम से चिरागों के पास जाओ!
बलदेव ने आगे बढ़कर फिर से रजिया को अपनी बांहों में कस लिया और उसे अपनी गोद में उठाते हुए चिरागों की तरफ बढ़ गया और बोला:"
" आपको सारी रात मेरी गोद में बैठना होगा बेगम साहिब!
रजिया उसकी बात सुनकर मचल सी गई और उसकी चौड़ी छाती में मुक्के मारती हुई बोली:"
" कैसी अश्लील बाते करते हो बलदेव आप! हमे शर्म आती हैं आपसे बलदेव! वैसे भी आपकी बदबू दूर करनी हैं मेरे जिस्म से थोड़े ही आती हैं!
बलदेव उसकी गर्दन पर अपनी गर्म गर्म सांसे छोड़ते हुए बोला:"
" हाय बेगम साहिब आपसे बदबू नहीं बहुत अच्छी खुशबू आती हैं मुझसे! आप मेरी गोद में रहेंगी तो आपको तभी पता चलेगा न कि मेरी बदबू सच में खत्म हो रही हैं धीरे धीरे!
रजिया अब उसकी गोद में कसमसा रही थी और उसके जिस्म में कंपकपी आनी शुरू हो गई थी और बोली:"
" हाय बलदेव !! वो तो हम बाद में भी बता देगी आपको कि बदबू खत्म हो गई है! ऐसे तो हमें शर्म आती हैं !
रजिया ने अपनी चूचियों को ऊपर नीचे होते देखा तो बलदेव का लन्ड खुश से उछल पड़ा और बलदेव अपनी दोनो टांगों को पूरा खोलते हुए उसे अपनी गोद में लेकर चिरागों के बीच बैठ गया और उसकी जांघ पर एक हाथ रखते हुए बोला:"
" थोड़ी देर में ही आपकी सारी शर्म दूर हो जाएगी बेगम साहिब और देखना आप कैसे कल रात की तरह हमसे लिपट जाओगी!
रजिया मचल उठी और अपने दोनों हाथों को अपनी चूचियों पर रख दिया और कांपते हुए स्वर में बोली:"
" उफ्फ बलदेव इतनी बेशर्मी अच्छी नहीं !! हम जैसी कमजोर औरत पर इतनी जोर आजमाइश मत करो!
बलदेव ने उसकी जांघ को फ्रॉक के ऊपर से ही मुट्ठी में भर लिया और मसलते हुए बोला:"
" हाय मेरी बेगम साहिब!! आप बिलकुल भी कमजोर नहीं हो देखो न आपकी ये मस्त चिकनी मजबूत जांघें आपके हमे मदहोश करती हैं !
रजिया की सांसे अब बहुत तेज हो गई थी और अपनी जांघ को मसले जाने से वो सिसक उठी और अपने एक हाथ को बलदेव के हाथ पर रखते हुए तड़प उठी
" आह्ह बलदेव !! इतनी जोर से नहीं !!
रजिया की सिसकी ने बलदेव को सारे जवाब दे दिए कि आज की रात वो ज्यादा विरोध नहीं करेगी और बलदेव ने अब थोड़ा आगे झुकते हुए अपनी नजरों को उसकी चूचियों पर टिका दिया और उसकी जांघों को प्यार से सहलाना शुरू कर दिया तो रजिया जोर जोर से कांपने लगी जिससे बलदेव का लन्ड पूरी तरह से खड़ा होकर उसकी उसकी चूत पर आ लगा और रजिया ने एक मस्ती भरी आह भरते हुए अपनी आंखों को बंद कर लिया तो बलदेव ने अपनी लंबी चौड़ी जीभ को बाहर निकाला और रजिया की गर्दन पर फेर दिया तो रजिया मस्ती भरी आह भरते हुए उसकी गोद में उछल पड़ी तो उसकी दोनों चूचियां आधे से ज्यादा बाहर निकल आई और जैसे ही रजिया नीचे उसकी गोद में आई तो लन्ड का जोरदार धक्का बलदेव ने नीचे से लगाया तो रजिया ने मस्ती में बलदेव के कंधे पर अपना सिर टिकाते हुए दोनो हाथों से उसकी मजबूत बाहों को थाम लिया! बलदेव के कंधे पर सिर टिकाते ही रजिया की चूचियां पूरी तरह से उभर कर आ गईं और बलदेव को चूचक के आस पास का गहरे भूरे रंग का आकार भी साफ नजर आया तो बलदेव ने एक हाथ से रजिया को अपनी गिरफ्त में कस लिया और अपनी जीभ को उसकी गर्दन पर टिका दिया और किसी जंगली जानवर की तरह चूसने चाटने लगा तो रजिया दोनों आंखे बंद किए हुए मस्ती से कराह उठी और लंबी लंबी सबसे लेने लगी जिससे उसकी चूचियां जोर जोर से उछलते हुए फ्रॉक के बटन पर दबाव डालने लगी और बलदेव ने बिना देर किए लन्ड के धक्के लगाने शुरू कर दिए तो रजिया की चूत पानी पानी हो गई और रजिया मस्ती से सिसक उठी
" उफ्फ बलदेव!! हाय बलदेव ये क्या गजब कर दिया हमे!!
बलदेव ने मौके का फायदा उठाते हुए रजिया को अपनी गोद में थोड़ा सा ऊपर उठाया और उसके हाथ को सीधे अपने हाथ में भरकर अपनी लुंगी में तने हुए सख्त लौड़े पर रख दिया और रजिया को उसकी सांसे रुकती हुई महसूस हुई और वो जोर से किसी जंगली घोड़ी की तरह उछल पड़ी
" आह्ह बलदेव नहीइई!!!
रजिया के उछलने से उसकी भारी भरकम चूचियों ने फ्रॉक के बटन पर हमला किया और एक झटके के साथ वो टूट गया जिससे रजिया की गोल मटोल चूचियां पूरी तरह से नंगी होकर बाहर आ गई और रजिया के मुंह से आह निकल पड़ी और किसी जंगली घोड़ी की तरह दुलत्ती मारती हुई सिसकी
आह्ह अम्मी!! उफ्फ बलदेव छोड़ दे मुझे!!
बलदेव ने अपने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए जी भरकर उसकी गोल मटोल चूचियों को निहारने लगा और रजिया के हाथ को अपने लन्ड पर जैसे ही पूरी लंबाई में घुमाया तो रजिया का बदन थरथरा उठा और अपने जिस्म की सारी ताकत समेटते हुए वो एक जोरदार झटके के साथ बलदेव की गोद से निकल गई लेकिन उसकी फ्रॉक बीच में आधी फट गई और रजिया अब पेट से नीचे पूरी तरह से नंगी हो चुकी और दीवार की तरफ मुंह करके लंबी लंबी सांसे लेने लगी! बलदेव रजिया की चौड़ी मजबूत गान्ड के दोनो उभारों को देखते हुए पागल सा हो गया और रजिया की तरफ बढ़ा तो रजिया ने अपनी गांड़ को दीवार की तरफ छुपा लिया और दोनो हाथों से अपनी चूत को ढक लिया और बलदेव की तरफ देखते हुए सिसकी उठी
" आह्ह बलदेव!! हमारे करीब मत आओ!!
उत्तेजना से कांपती हुई रजिया की दोनो चूचियां अभी तक पूरी तरह से बाहर थी और और वो बलदेव की तरफ देख रही थी तो बलदेव ने अपनी लुंगी को उतारकर एक तरफ फेंक दिया तो उसका मोटा लंबा काला भूसंड लन्ड रजिया की आंखों के सामने आ गया और रजिया की आँखें डर के मारे बंद हो गई और वो बार फिर से पलटते हुए दीवार की तरफ मुंह कर गई मानो अपनी चूत को छुपाना चाहती हो और उसके मुंह से एक ज़ोरदार आह निकल गई
" आह्ह नहीइइई बलदेव!!
बलदेव आगे बढ़ा और रजिया से चिपक गया जिससे उसका लन्ड रजिया की नंगी गान्ड की गोलाईयों में घुस गया और बलदेव ने दोनों हाथों को आगे बढ़ा कर उसकी नंगी चूचियों को पकड़ लिया तो रजिया के मुंह से आह निकल गई और और रजिया एक झटके के साथ पलटी और बलदेव से कसकर लिपट गई तो बलदेव ने उसके चेहरे को थामते हुए अपने होंठो को रजिया के रसीले लाल सुर्ख होंठों पर टिका दिया और चूसने लगा और रजिया भी उसके पैरों पर चढ़ गई और उसके गले में अपनी बांहे डालकर उसके होंठो को चूसने लगी तो बलदेव ने उसे अपनी गोद में उठा लिया और दोनो एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे!
रजिया की दोनो टांगें बलदेव की कमर पर लिपटी हुई थी और लन्ड का सुपाड़ा चूत के मुंह पर रगड़ डाल रहा था जिससे मदहोशी में रजिया ने अपने मुंह को खोल दिया और बलदेव की जीभ उसके मुंह से घुस गई और जैसे ने बलदेव ने रजिया की जीभ को चूसा तो रजिया ने पागल सी होते हुए पूरी ताकत से अपनी चूत को लन्ड पर चिपका दिया और उसका समूचा जिस्म अकड़ता चला गया और रजिया पूरी तरह से मस्ती से सिसक उठी
" आह्ह बलदेव!!!! हाय मेरे बलदेव!!
बलदेव के लन्ड पर रजिया की चूत अपना रस छोड़ती रही और जैसे ही रजिया का स्खलन रुका तो उसने शर्म के मारे अपने मुंह को बलदेव की छाती में छुपा लिया और उससे कसकर लिपट गई तो बलदेव ने लन्ड के सुपाड़े का दबाव चूत पर दिया तो रजिया उसकी गोद से उतर गई और धीरे से बोली:"
" आह्ह नहीईए बलदेव!! हम मर जाएंगे बलदेव!!
बलदेव ने उसे फिर से अपनी बांहों में भर लिया और चिरागों के बीच में लेटा दिया और रजिया ने दोनों हाथों से अपनी चूत को ढक दिया तो बलदेव ने एक हाथ से उसके दोनों हाथों को पकड़कर हटाया और दूसरे हाथ को उसकी गर्म भभकती हुई चूत पर रख दिया तो रजिया के मुंह से फिर से आह निकल गई और बलदेव ने अपनी एक मोटी उंगली को रजिया की चूत के मुंह पर टिकाया और एक झटके के साथ दो इंच अंदर घुसा दिया तो रजिया दर्द से कराह उठी क्योंकि बलदेव की उंगली भी सुल्तान के लन्ड से ज्यादा मोटी थी! रजिया की चूत के होठों ने बलदेव को उंगली को कस लिया और बलदेव ने रजिया को आंखों में देखा तो राजिया ने शर्म से अपनी आंखे बंद बंद कर ली और बलदेव ने उसकी चूत में अपनी उंगली को थोड़ा सा और घुसाया तो रजिया का जिस्म दर्द से भर उठा और उसके मुंह से आह निकल पड़ी तो बलदेव ने दूसरे हाथ से उसकी चूचियों को पकड़ लिया और प्यार से सहलाने लगा तो रजिया के जिस्म में फिर से मस्ती भरी तरंगें उठने लगी और उसकी चूत में फिर से रस का बहाव शुरू हो गया जिससे बलदेव की खुशी का ठिकाना न रहा और उसने अपनी उंगली पर दबाव डालते हुए एक झटके के साथ उसकी चूत में पूरी घुसा दी तो रजिया का जिस्म दर्द से भर उठा और उसने बलदेव के हाथ को अपनी चूचियों पर जोर से कस दिया मानो और उसे अपनी चूची दबाने के लिए उकसा रही हो और बलदेव ने एक झटके के साथ उसकी चूत से उंगली को बाहर निकाला और फिर से पूरा घुसा दिया तो रजिया के मुंह से इस बार दर्द और मस्ती से भरी आह निकल पड़ी और उसने अपनी जांघों के बीच उसकी उसकी उंगली को कस लिया और बलदेव ने रजिया की चूचियों को छोड़ते हुए रजिया के हाथ को पकड़ कर अपने लन्ड पर टिका लिया तो रजिया का बदन थरथरा उठा और उसने अपनी जांघों को खोल दिया तो बलदेव उसकी चूत में उंगली को अंदर बाहर करने लगा तो रजिया के मुंह से मस्त भरी आह निकल गई
" आह्ह बलदेव!! उफ्फ
मस्ती से सिसक रही रजिया का हाथ अब बलदेव के पूरे लन्ड पर घूम रहा था और लन्ड की लंबाई चौड़ाई को अच्छे से महसूस कर रहा था जिससे रजिया की आँखें हैरत से खुलती जा रही थी और उसकी चूत में घुसी ही बलदेव की उंगली उसे असीम आनंद प्रदान कर रही थी और रजिया का चेहरा आनंद से भरा हुआ था जिसे देखकर बलदेव ने उसकी चूत में पूरी गति से अपनी ऊंगली को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो उत्तेजना और मस्ती से रजिया का जिस्म उछल उछल पड़ने लगा और उसकी गांड़ अपने आप बलदेव की उंगली पर थिरकने लगी तो बलदेव ने आगे झुकते हुए उसका मुंह चूम लिया और धीरे से बोला:"
" आह मेरी बेगम!! आपकी चूत कितनी कसी हुई और रसीली हैं!
रजिया बाकदेव के मुंह से चूत सुनकर मस्ती से कराह उठी क्योंकि उसकी चूत में फिर से तरंगें उठना शुरू हो गई थी और रजिया अब सारी शर्म लिहाज छोड़कर बलदेव के लन्ड की सहलाते हुए उसकी आंखों में देखते हुए जोर जोर से सिसक रही थी और बलदेव ने उसकी रस से भर चुकी चूत में अब अपनी सारी ताकत लगाते हुए उंगली को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो रजिया से बर्दाश्त नहीं हुआ और वो जोर जोर से सिसकियां लेते हुए अपनी दोनों टांगो को पूरा फैला दी और उसका जिस्म अब किसी मशीन की तरह उछल रहा था और रजिया सिसक रही थीं
" आह्ह बलदेव! धीरे बलदेव उफ्फ हम मर जाएंगे बलदेव!
लेकिन बलदेव अब बिना रुके उसकी चूचियों को मसलते हुए उसकी चूत को अपनी उंगली से चोद रहा था और रजिया उसकी सख्त उंगली की रगड़ बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसकी चूत ने एक बार फिर से अपना रस छोड़ दिया और रजिया मस्ती से सिसक उठी
" आह्ह बलदेव!! मर गई!! उफ्फ बलदेव हाय बलदेव!!
रजिया की चूत से रस बहता रहा और बलदेव की उंगली भीगती गई और जैसे ही रस बहना बंद हुआ तो बलदेव ने अपनी ऊंगली को उसकी चूत से बाहर निकाल कर अपने मुंह में घुसा लिया और रजिया ने मस्ती से बलदेव के लन्ड को मसल दिया और बोली
" आह्ह कितने गंदे हो तुम बलदेव!!
बलदेव ने उंगली पर लगा सारा रस चूस लिया और बोला:"
" आह्ह मेरी बेगम!! आपकी चूत बेहद स्वादिष्ट है बिल्कुल शाही पकवान की तरह!!
रजिया की चूत ठंडी हुई तो उसने लन्ड पर से हाथ हटा लिया और उसे अपनी हालत का एहसास हुआ और बोली:"
" बलदेव हम आपकी बेगम नहीं है बल्कि आपके लिए बेगम साहिब हैं समझे!
बलदेव:" माफ करना बेगम साहिब वो जोश में हमारे मुंह से निकल गया!! लेकिन आपकी चूत मुझे बहुत पसंद आई बेगम साहिब!!
रजिया एक झटके से खड़ी हुई और अपनी हालत को ठीक करते उसकी तरफ गुस्से से देखा और बोली"
" बलदेव अपनी हद में रहकर बात करो समझे!
बलदेव ने आगे बढ़कर उसे अपनी बांहों में भर लिया तो रजिया कसमसा उठी और बोली
" सुबह होने वाली है बलदेव! अब हमे जाना होगा! देखो तुम्हारी बदबू भी खत्म हो गई!
बलदेव ने रजिया को छोड़ दिया और उसके पैरों में झुक गया और बोला:" मुझे नई जिंदगी देने के लिए आपका दिल से शुक्रिया बेगम साहिब! अब कब आओगे मिलने के लिए आप ?
रजिया ने चिरागों को उठाकर घड़े में रखा और बोला:"
" अब नहीं आऊंगी बलदेव! आपकी बदबू खत्म हो गई हैं तो अब क्यों आना भला!!
बलदेव:" बदबू ठीक हो गई तो क्या हुआ ! अपने इस दोस्त से मिलने के लिए कभी कभी आते रहना आप!
रजिया ने अपना घड़ा उठाया और चलने लगी तो बलदेव ने उसकी तरफ हाथ बढ़ाया तो रजिया ने उसका हाथ पकड़ लिया और दोनो के दूसरे का हाथ थामे बाहर तक आए और उसके बाद रजिया अंधेरे में खोती चली गई और पीछे खड़ा रह गया उदास बलदेव!!!
बहुत ही खूबसूरत और कामुक अपडेट है !रात के करीब तीन बजे हुए थे और रजिया बेड पर पड़ी हुई करवटें बदल रही थी! उसके बदन में रह रह कर मीठा मीठा दर्द उठ रहा था और उसे एहसास हो रहा था कि बलदेव सच में बेहद शक्तिशाली हैं! कमीनें ने कितनी बेदर्दी से मुझे कस लिया और कैसे जानवरों की तरह मेरी जांघों के बीच में धक्के मार रहा था मानो मेरी टांगों के बीच में कोई दूसरा ही सुराख बनाना चाहता हो! ये सब सोचकर रजिया मुस्कुरा उठी और उसके बाद बलदेव के बारे में सोचते सोचते कब उसकी आंख लग गई उसे पता ही नहीं चल पाया!
अगले दिन वो करीब 10 बजे सोकर उठी तो उसे अपने बदन में दर्द का तेज एहसास हुआ और वो नहाने के लिए घुस गई! पूरा कपड़े उतारने के बाद उसने अपने आपको शीशे में देखा तो उसे अपने बदन में मसले और रगड़े जाने के लाल निशान दिखाए पड़े और वो मन ही मन बलदेव की ताकत की और ज्यादा कायल हो गई! रजिया ने अपनी दोनो टांगों को हल्का सा खोला तो उसे टांगों के बीचों बीचों लाल सुर्ख गहरे निशान दिखाई पड़े तो रजिया ने प्यार से अपनी जांघों पर हाथ फेरते हुए धीरे से अपनी चूत को सहलाया और फिर हल्के गुनगुने पानी से नहाने लगी तो उसे आराम मिला और थोड़ी देर बाद रजिया ने नाश्ता किया और उसके बाद ऐसे ही महल में टहलती रही और उसे मालूम पड़ा कि आज रात के मीर
जाफर पड़ोसी राज्य जा रहा है और कल ही वापिस लौटेगा तो उसने सुकून की सांस ली! वैसे तो मीर जाफर उसके कमरे में कभी कभी ही आता था लेकिन उसके न होने के खबर से वो पूरी तरह से निश्चित हो गई थी!
धीरे धीरे रोज की तरह शाम गहराने लगी और उसने खाने के समय ही दादी माता और रसोई वाली को बता दिया कि उसकी तबियत आज ठीक नहीं है तो वो आराम करेगी और जल्दी सो जाएगी! किसी को भला क्या आपत्ति होती और करीब 9 बजे ही रजिया अपने कक्ष में बंद हो गई और उसे बलदेव की बात याद आ रही थी कि वो आज रात काले रंग के सूट पहन कर आए तो रजिया मुस्कुरा उठी और देखा कि उसके पास तो एक भी काले रंग का सूट नहीं है तो रजिया नाराज हो गई और तभी उसे याद आया कि अलमारी में उसके पास एक काले रंग की फ्रॉक तो हैं लेकिन वो पूरी तरह से पारदर्शी हैं! क्या मुझे वो फ्रॉक पहनना चाहिए? नहीं नहीं ये सही नहीं होगा और बलदेव की हिम्मत इससे और ज्यादा बढ़ जाएगी और वो बहुत ज्यादा आगे बढ़ जाएगा तो दिक्कत होगी ! तभी उसके अंदर दूसरा ख्याल आया कि मैं भी तो यही चाहती हूं कि बलदेव आगे बढ़े और इसके लिए मेरे पास ये अच्छा मौका हैं!
रजिया ने सोच लिया कि वो जरूर काले फ्रॉक को ही पहन कर जाएगी ताकि बलदेव को लगे कि मैं उसकी बात मान रही हु और इससे उसकी हिम्मत बढ़ेगी! लेकिन ऐसा फ्रॉक पहन कर मैं सड़क पर से नहीं जा सकती हूं तो मुझे इसके ऊपर बुर्का पहनना होगा ताकि मैं आराम से बिना किसी शर्म और समस्या के बलदेव तक पहुंच सकूं और बुर्का तो बलदेव खुद ही उतार देगा! ये सोचते ही रजिया का बदन कांप उठा और उसने वो काली फ्रॉक पहन कर खुद को शीशे में देखा तो शर्म से पानी पानी हो गई और फिर धीरे से उसने ऊपर से बुर्का पहना और लाल सुर्ख रंग की लिपिस्टिक से अपने रसीले होठों को सजाया मंद मंद मुस्कराने लगी! रात के करीब 11 बजे धीरे से अपने कक्ष से बाहर निकल गई और बगीचे में जाकर उसने चारों चिरागों को उठाया और एक मटके में लेकर सावधानी से इधर उधर देखती हुई आगे बढ़ गई! रात के घनघोर अंधेरे में वो बड़ी चली जा रही थी और उसके शरीर में उत्तेजना बढ़ती जा रही थी! चलते हुए उसके कदम को गति आज कल के मुकाबले काफी ज्यादा थी मानो उसे आज बलदेव के पास जाने की कुछ ज्यादा ही जल्दी थी! रजिया को सामने ही बलदेव का कमरा नजर आया तो वो अंधेरी गली में घुस गई और किसी साए से टकरा गई जिसने और अपनी बांहों में थाम लिया और बोला:"
" धीरे से बेगम साहिब ! गिर जाएगी आप!
रजिया जानती थी कि ये बलदेव हैं और बोली:"
" ऐसे अंधेरे में टकराओगे तो गिरने का खतरा तो होगा ही!
रजिया उसकी बांहों में कसमसाते हुए बोली:" सामने खुद आए हो और बोल मुझे रहे हो! छोड़ो मुझे कोई देख लेगा तो दिक्कत हो जाएगी!
बलदेव:" वैसे तो यहां कोई आयेगा नहीं लेकिन आप कहती हैं तो छोड़ देता हु आपको लेकिन ध्यान रखना अंदर कोई नहीं देखने आने वाला!
इतना कहकर बलदेव ने रजिया को छोड़ दिया तो रजिया गली में आगे बढ़ गई और बोली:"
" अपनी हद में रहा करो बलदेव! वैसे ही आज हमारा आखिरी दिन है! कल से मैं नहीं आऊंगी!
बलदेव:" मैं जानता हु कि कल से आप नहीं आयेगी लेकिन आज आप सुबह तक मेरे साथ रुकना ताकि मैं आराम से अपने बदन को चिरागो की रोशनी दे सकू!
रजिया बिना कुछ बोले आगे बढ़ गई और देखते ही देखते दोनो पुराने किले के अंदर घुस आए और जैसे ही मशाल की रोशनी रजिया के ऊपर पड़ी तो रजिया के लाल सुर्ख होंठों को देखते ही बलदेव की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और समझ गया कि रजिया उसके जाल में अब पूरी तरह से फंस गई है तो बोला:"
" वैसे लाल रंग की लिपिस्टिक आपके होंठो पर बेहद आकर्षक लग रही है बेगम साहिब! मेरी बात मानने के लिए शुक्रिया!
रजिया ने पलट कर उसकी तरफ मटका बढ़ाती हुई बोली:"
" कौन सी बात बलदेव ?
बलदेव ने मटके को जमीन पर रख दिया और चिरागों को सजाते हुए बोला:" लाल रंग की लिपिस्टिक लगाने के लिए मैने ही आपको कहा था!
रजिया उसे तिरछी नजरों से देखती हुई बोली:"
" हमे याद नहीं ! हम तो सिर्फ इसलिए लगाए हैं कि हमें भी पसंद हैं बहुत ज्यादा!
बलदेव समझ गया कि रजिया उसे जान बूझकर छेड़ रही हैं तो बलदेव ने अपने सारे कपड़े उतार फेंके और सिर्फ निक्कर पहन कर चिरागों के बीच में बैठ गया और उनकी महक लेते हुए बोला:" वैसे बेगम साहिब आप इतनी ज्यादा क्यों शर्माती हैं ? फिर से आप बुर्का पहन कर आई हैं और अभी तक पहना हुआ है!
रजिया उसके मजबूत चौड़े जिस्म पर बार बार नजर फिरा रही थी और बोली:"
" बुर्का हमे पसंद हैं बलदेव और हमे मर्यादा में रहना ही अच्छा लगता है!
बलदेव का खड़ा लन्ड अब निक्कर को आगे से उठा चुका था और बलदेव बोला:"
" और हमें आपका बुर्का बिल्कुल पसंद नहीं आता बेगम साहिब!
रजिया की नजर उसके निक्कर के उभार पर गई तो रजिया का बदन कांप उठा और बोली:"
" बुर्का हमारा हैं तो हम पहने या उतारे हमारी मर्जी होगी न बलदेव! तुम्हे हमारे बुर्के से ज्यादा मतलब नहीं होना चाहिए
रजिया ने अब बलदेव को उकसाना शुरू कर दिया था तो बलदेव बोला:" बुर्का तो आपका ही हैं बेगम साहिब लेकिन पिछले दो दिन से मैं ही उतार रहा हु !
रजिया की सांसे तेज होना शुरू हो गई और उसकी चूचियों का आकार बुर्के से ही साफ महसूस होने लगा और कांपती हुई आवाज में रजिया बोली:"
" आज मैं तुम्हारे हाथ नहीं आने वाली बलदेव! हाथ भी मत लगाना आज मुझे समझे!
बलदेव अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ और रजिया की तरफ बढ़ते हुए बोला:" बुर्का तो मैं आपका आज भी उतार कर ही रहूंगा बेगम साहिब क्योंकि आप बिना बुर्के के मुझे ज्यादा आकर्षक लगती हैं!
रजिया थोड़ा सा पीछे हटती हुई बोली:" नहीं बलदेव ये सही नहीं हैं! देखो ये गुनाह होगा!
बलदेव चलते हुए उसके करीब पहुंच गया और उसका हाथ पकड़ते हुए बोला:"
" बुर्का तो आपका जरूर उतरेगा बेगम साहिब क्योंकि मुझे देखना हैं कि अंदर आप किस रंग का सूट पहन कर आई हैं!
रजिया उससे अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन बलदेव ने उसे दोनों कंधों से पकड़ लिया तो रजिया उसकी बांहों में कसमसा उठी
" उफ्फ बलदेव छोड़ो न हमें! ये सही नहीं हैं!
रजिया की बाते आज बलदेव को ज्यादा जोश दिला रही थी और वो उसे पीछे से अपनी बांहों में कस लिया और बोला:"
" आपके होंठो पर लाल रंग की लिपिस्टिक बेहद कामुक लग रही है बेगम साहिब! हमे पूरा यकीन हैं कि आपने जरूर आज काले रंग का सूट पहना होगा! हमे देखने दीजिए न प्यार से!
रजिया की गांड़ में बलदेव का लन्ड घुसा हुआ था और रजिया उसकी बातों से अब बहक रही थी लेकिन नखरे करती हुई बोली:"
" बलदेव हमने कहा हमे परेशान मत करो! छोड़ दो हमे! हमने कोई काले रंग का सूट नहीं पहना हुआ है!
बलदेव:" रुकिए आप ऐसे नहीं मानने वाली हैं! मुझे अपने तरीके से ही निकालना होगा!
इतना कहकर बलदेव ने रजिया के दोनों हाथों को एक साथ जोड़ कर अपने एक हाथ से पकड़ किया और दूसरे हाथ से उसके बुर्के को उठाने लगा तो रजिया उसकी बांहों में कसमसा उठी और बोली"
" आह्ह्ह्ह नहीं बलदेव! रुक जाओ मानों मेरी बात !
लेकिन बलदबा भला मानता उसने रजिया के बुर्के को पकड़ और एक झटके के साथ उसके जिस्म से अलग कर दिया और बलदेव को आगे फटी की फटी रह गई क्योंकि बलदेव को काले रंग की नाइटी में उसके जिस्म साफ नजर आया और रजिया ने शर्म से अपना मुंह छुपा लिया और उसकी दोनों बड़ी बड़ी ठोस चूचियों का आकार बलदेव को साफ दिख रहा था और बलदेव उसकी चूचियों को देखते हुए बोला:"
" ओहो मेरी रजिया बेगम ! कमाल लाजवाब हैं आपका हुस्न! आखिर में मेरी बात सच हुई और आप काले रंग का सूट पहन कर आई!
रजिया ने बड़ी मुश्किल से अपनी नजरों को ऊपर उठाया तो उसे अपनी चूचियों पर बलदेव की नजरे महसूस हुई तो रजिया शर्म से मारे पलट गई तो उसकी मस्त गोरी मोटी गांड़ बलदेव के सामने आ गई और बलदेव उसकी गांड़ को देखते हुए बोला:"
" वाह बेगम साहिब! सच में आपका कोई जवाब नहीं ! आपका बदन सच में कयामत हैं मेरी रजिया!
रजिया फिर से शर्म से पलट गई और उसकी चूचियां फिर से सामने आ गई! रजिया को समझ नहीं आ रहा था कि चूचियों को छुपाए या अपनी गांड़ को तो वो शर्म से कभी इधर तो कभी उधर पलटती रही और बलदेव उसके बदन का दीदार करता रहा!
रजिया शर्म से लाल पड़ गई थी और खड़ी खड़ी कसमसा रही थी और रजिया के जिस्म का असर बलदेव पर हुआ जिससे उसका लन्ड अब पूरी तरह से खड़ा होकर अकड़ गया था और रजिया कांपती हुई बोली :"
" ये आपने सही नहीं किया बलदेव! देखो हमें इस हालत में कितनी शर्म आ रही है! जाओ तुम आराम से चिरागों के पास जाओ!
बलदेव ने आगे बढ़कर फिर से रजिया को अपनी बांहों में कस लिया और उसे अपनी गोद में उठाते हुए चिरागों की तरफ बढ़ गया और बोला:"
" आपको सारी रात मेरी गोद में बैठना होगा बेगम साहिब!
रजिया उसकी बात सुनकर मचल सी गई और उसकी चौड़ी छाती में मुक्के मारती हुई बोली:"
" कैसी अश्लील बाते करते हो बलदेव आप! हमे शर्म आती हैं आपसे बलदेव! वैसे भी आपकी बदबू दूर करनी हैं मेरे जिस्म से थोड़े ही आती हैं!
बलदेव उसकी गर्दन पर अपनी गर्म गर्म सांसे छोड़ते हुए बोला:"
" हाय बेगम साहिब आपसे बदबू नहीं बहुत अच्छी खुशबू आती हैं मुझसे! आप मेरी गोद में रहेंगी तो आपको तभी पता चलेगा न कि मेरी बदबू सच में खत्म हो रही हैं धीरे धीरे!
रजिया अब उसकी गोद में कसमसा रही थी और उसके जिस्म में कंपकपी आनी शुरू हो गई थी और बोली:"
" हाय बलदेव !! वो तो हम बाद में भी बता देगी आपको कि बदबू खत्म हो गई है! ऐसे तो हमें शर्म आती हैं !
रजिया ने अपनी चूचियों को ऊपर नीचे होते देखा तो बलदेव का लन्ड खुश से उछल पड़ा और बलदेव अपनी दोनो टांगों को पूरा खोलते हुए उसे अपनी गोद में लेकर चिरागों के बीच बैठ गया और उसकी जांघ पर एक हाथ रखते हुए बोला:"
" थोड़ी देर में ही आपकी सारी शर्म दूर हो जाएगी बेगम साहिब और देखना आप कैसे कल रात की तरह हमसे लिपट जाओगी!
रजिया मचल उठी और अपने दोनों हाथों को अपनी चूचियों पर रख दिया और कांपते हुए स्वर में बोली:"
" उफ्फ बलदेव इतनी बेशर्मी अच्छी नहीं !! हम जैसी कमजोर औरत पर इतनी जोर आजमाइश मत करो!
बलदेव ने उसकी जांघ को फ्रॉक के ऊपर से ही मुट्ठी में भर लिया और मसलते हुए बोला:"
" हाय मेरी बेगम साहिब!! आप बिलकुल भी कमजोर नहीं हो देखो न आपकी ये मस्त चिकनी मजबूत जांघें आपके हमे मदहोश करती हैं !
रजिया की सांसे अब बहुत तेज हो गई थी और अपनी जांघ को मसले जाने से वो सिसक उठी और अपने एक हाथ को बलदेव के हाथ पर रखते हुए तड़प उठी
" आह्ह बलदेव !! इतनी जोर से नहीं !!
रजिया की सिसकी ने बलदेव को सारे जवाब दे दिए कि आज की रात वो ज्यादा विरोध नहीं करेगी और बलदेव ने अब थोड़ा आगे झुकते हुए अपनी नजरों को उसकी चूचियों पर टिका दिया और उसकी जांघों को प्यार से सहलाना शुरू कर दिया तो रजिया जोर जोर से कांपने लगी जिससे बलदेव का लन्ड पूरी तरह से खड़ा होकर उसकी उसकी चूत पर आ लगा और रजिया ने एक मस्ती भरी आह भरते हुए अपनी आंखों को बंद कर लिया तो बलदेव ने अपनी लंबी चौड़ी जीभ को बाहर निकाला और रजिया की गर्दन पर फेर दिया तो रजिया मस्ती भरी आह भरते हुए उसकी गोद में उछल पड़ी तो उसकी दोनों चूचियां आधे से ज्यादा बाहर निकल आई और जैसे ही रजिया नीचे उसकी गोद में आई तो लन्ड का जोरदार धक्का बलदेव ने नीचे से लगाया तो रजिया ने मस्ती में बलदेव के कंधे पर अपना सिर टिकाते हुए दोनो हाथों से उसकी मजबूत बाहों को थाम लिया! बलदेव के कंधे पर सिर टिकाते ही रजिया की चूचियां पूरी तरह से उभर कर आ गईं और बलदेव को चूचक के आस पास का गहरे भूरे रंग का आकार भी साफ नजर आया तो बलदेव ने एक हाथ से रजिया को अपनी गिरफ्त में कस लिया और अपनी जीभ को उसकी गर्दन पर टिका दिया और किसी जंगली जानवर की तरह चूसने चाटने लगा तो रजिया दोनों आंखे बंद किए हुए मस्ती से कराह उठी और लंबी लंबी सबसे लेने लगी जिससे उसकी चूचियां जोर जोर से उछलते हुए फ्रॉक के बटन पर दबाव डालने लगी और बलदेव ने बिना देर किए लन्ड के धक्के लगाने शुरू कर दिए तो रजिया की चूत पानी पानी हो गई और रजिया मस्ती से सिसक उठी
" उफ्फ बलदेव!! हाय बलदेव ये क्या गजब कर दिया हमे!!
बलदेव ने मौके का फायदा उठाते हुए रजिया को अपनी गोद में थोड़ा सा ऊपर उठाया और उसके हाथ को सीधे अपने हाथ में भरकर अपनी लुंगी में तने हुए सख्त लौड़े पर रख दिया और रजिया को उसकी सांसे रुकती हुई महसूस हुई और वो जोर से किसी जंगली घोड़ी की तरह उछल पड़ी
" आह्ह बलदेव नहीइई!!!
रजिया के उछलने से उसकी भारी भरकम चूचियों ने फ्रॉक के बटन पर हमला किया और एक झटके के साथ वो टूट गया जिससे रजिया की गोल मटोल चूचियां पूरी तरह से नंगी होकर बाहर आ गई और रजिया के मुंह से आह निकल पड़ी और किसी जंगली घोड़ी की तरह दुलत्ती मारती हुई सिसकी
आह्ह अम्मी!! उफ्फ बलदेव छोड़ दे मुझे!!
बलदेव ने अपने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए जी भरकर उसकी गोल मटोल चूचियों को निहारने लगा और रजिया के हाथ को अपने लन्ड पर जैसे ही पूरी लंबाई में घुमाया तो रजिया का बदन थरथरा उठा और अपने जिस्म की सारी ताकत समेटते हुए वो एक जोरदार झटके के साथ बलदेव की गोद से निकल गई लेकिन उसकी फ्रॉक बीच में आधी फट गई और रजिया अब पेट से नीचे पूरी तरह से नंगी हो चुकी और दीवार की तरफ मुंह करके लंबी लंबी सांसे लेने लगी! बलदेव रजिया की चौड़ी मजबूत गान्ड के दोनो उभारों को देखते हुए पागल सा हो गया और रजिया की तरफ बढ़ा तो रजिया ने अपनी गांड़ को दीवार की तरफ छुपा लिया और दोनो हाथों से अपनी चूत को ढक लिया और बलदेव की तरफ देखते हुए सिसकी उठी
" आह्ह बलदेव!! हमारे करीब मत आओ!!
उत्तेजना से कांपती हुई रजिया की दोनो चूचियां अभी तक पूरी तरह से बाहर थी और और वो बलदेव की तरफ देख रही थी तो बलदेव ने अपनी लुंगी को उतारकर एक तरफ फेंक दिया तो उसका मोटा लंबा काला भूसंड लन्ड रजिया की आंखों के सामने आ गया और रजिया की आँखें डर के मारे बंद हो गई और वो बार फिर से पलटते हुए दीवार की तरफ मुंह कर गई मानो अपनी चूत को छुपाना चाहती हो और उसके मुंह से एक ज़ोरदार आह निकल गई
" आह्ह नहीइइई बलदेव!!
बलदेव आगे बढ़ा और रजिया से चिपक गया जिससे उसका लन्ड रजिया की नंगी गान्ड की गोलाईयों में घुस गया और बलदेव ने दोनों हाथों को आगे बढ़ा कर उसकी नंगी चूचियों को पकड़ लिया तो रजिया के मुंह से आह निकल गई और और रजिया एक झटके के साथ पलटी और बलदेव से कसकर लिपट गई तो बलदेव ने उसके चेहरे को थामते हुए अपने होंठो को रजिया के रसीले लाल सुर्ख होंठों पर टिका दिया और चूसने लगा और रजिया भी उसके पैरों पर चढ़ गई और उसके गले में अपनी बांहे डालकर उसके होंठो को चूसने लगी तो बलदेव ने उसे अपनी गोद में उठा लिया और दोनो एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे!
रजिया की दोनो टांगें बलदेव की कमर पर लिपटी हुई थी और लन्ड का सुपाड़ा चूत के मुंह पर रगड़ डाल रहा था जिससे मदहोशी में रजिया ने अपने मुंह को खोल दिया और बलदेव की जीभ उसके मुंह से घुस गई और जैसे ने बलदेव ने रजिया की जीभ को चूसा तो रजिया ने पागल सी होते हुए पूरी ताकत से अपनी चूत को लन्ड पर चिपका दिया और उसका समूचा जिस्म अकड़ता चला गया और रजिया पूरी तरह से मस्ती से सिसक उठी
" आह्ह बलदेव!!!! हाय मेरे बलदेव!!
बलदेव के लन्ड पर रजिया की चूत अपना रस छोड़ती रही और जैसे ही रजिया का स्खलन रुका तो उसने शर्म के मारे अपने मुंह को बलदेव की छाती में छुपा लिया और उससे कसकर लिपट गई तो बलदेव ने लन्ड के सुपाड़े का दबाव चूत पर दिया तो रजिया उसकी गोद से उतर गई और धीरे से बोली:"
" आह्ह नहीईए बलदेव!! हम मर जाएंगे बलदेव!!
बलदेव ने उसे फिर से अपनी बांहों में भर लिया और चिरागों के बीच में लेटा दिया और रजिया ने दोनों हाथों से अपनी चूत को ढक दिया तो बलदेव ने एक हाथ से उसके दोनों हाथों को पकड़कर हटाया और दूसरे हाथ को उसकी गर्म भभकती हुई चूत पर रख दिया तो रजिया के मुंह से फिर से आह निकल गई और बलदेव ने अपनी एक मोटी उंगली को रजिया की चूत के मुंह पर टिकाया और एक झटके के साथ दो इंच अंदर घुसा दिया तो रजिया दर्द से कराह उठी क्योंकि बलदेव की उंगली भी सुल्तान के लन्ड से ज्यादा मोटी थी! रजिया की चूत के होठों ने बलदेव को उंगली को कस लिया और बलदेव ने रजिया को आंखों में देखा तो राजिया ने शर्म से अपनी आंखे बंद बंद कर ली और बलदेव ने उसकी चूत में अपनी उंगली को थोड़ा सा और घुसाया तो रजिया का जिस्म दर्द से भर उठा और उसके मुंह से आह निकल पड़ी तो बलदेव ने दूसरे हाथ से उसकी चूचियों को पकड़ लिया और प्यार से सहलाने लगा तो रजिया के जिस्म में फिर से मस्ती भरी तरंगें उठने लगी और उसकी चूत में फिर से रस का बहाव शुरू हो गया जिससे बलदेव की खुशी का ठिकाना न रहा और उसने अपनी उंगली पर दबाव डालते हुए एक झटके के साथ उसकी चूत में पूरी घुसा दी तो रजिया का जिस्म दर्द से भर उठा और उसने बलदेव के हाथ को अपनी चूचियों पर जोर से कस दिया मानो और उसे अपनी चूची दबाने के लिए उकसा रही हो और बलदेव ने एक झटके के साथ उसकी चूत से उंगली को बाहर निकाला और फिर से पूरा घुसा दिया तो रजिया के मुंह से इस बार दर्द और मस्ती से भरी आह निकल पड़ी और उसने अपनी जांघों के बीच उसकी उसकी उंगली को कस लिया और बलदेव ने रजिया की चूचियों को छोड़ते हुए रजिया के हाथ को पकड़ कर अपने लन्ड पर टिका लिया तो रजिया का बदन थरथरा उठा और उसने अपनी जांघों को खोल दिया तो बलदेव उसकी चूत में उंगली को अंदर बाहर करने लगा तो रजिया के मुंह से मस्त भरी आह निकल गई
" आह्ह बलदेव!! उफ्फ
मस्ती से सिसक रही रजिया का हाथ अब बलदेव के पूरे लन्ड पर घूम रहा था और लन्ड की लंबाई चौड़ाई को अच्छे से महसूस कर रहा था जिससे रजिया की आँखें हैरत से खुलती जा रही थी और उसकी चूत में घुसी ही बलदेव की उंगली उसे असीम आनंद प्रदान कर रही थी और रजिया का चेहरा आनंद से भरा हुआ था जिसे देखकर बलदेव ने उसकी चूत में पूरी गति से अपनी ऊंगली को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो उत्तेजना और मस्ती से रजिया का जिस्म उछल उछल पड़ने लगा और उसकी गांड़ अपने आप बलदेव की उंगली पर थिरकने लगी तो बलदेव ने आगे झुकते हुए उसका मुंह चूम लिया और धीरे से बोला:"
" आह मेरी बेगम!! आपकी चूत कितनी कसी हुई और रसीली हैं!
रजिया बाकदेव के मुंह से चूत सुनकर मस्ती से कराह उठी क्योंकि उसकी चूत में फिर से तरंगें उठना शुरू हो गई थी और रजिया अब सारी शर्म लिहाज छोड़कर बलदेव के लन्ड की सहलाते हुए उसकी आंखों में देखते हुए जोर जोर से सिसक रही थी और बलदेव ने उसकी रस से भर चुकी चूत में अब अपनी सारी ताकत लगाते हुए उंगली को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो रजिया से बर्दाश्त नहीं हुआ और वो जोर जोर से सिसकियां लेते हुए अपनी दोनों टांगो को पूरा फैला दी और उसका जिस्म अब किसी मशीन की तरह उछल रहा था और रजिया सिसक रही थीं
" आह्ह बलदेव! धीरे बलदेव उफ्फ हम मर जाएंगे बलदेव!
लेकिन बलदेव अब बिना रुके उसकी चूचियों को मसलते हुए उसकी चूत को अपनी उंगली से चोद रहा था और रजिया उसकी सख्त उंगली की रगड़ बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसकी चूत ने एक बार फिर से अपना रस छोड़ दिया और रजिया मस्ती से सिसक उठी
" आह्ह बलदेव!! मर गई!! उफ्फ बलदेव हाय बलदेव!!
रजिया की चूत से रस बहता रहा और बलदेव की उंगली भीगती गई और जैसे ही रस बहना बंद हुआ तो बलदेव ने अपनी ऊंगली को उसकी चूत से बाहर निकाल कर अपने मुंह में घुसा लिया और रजिया ने मस्ती से बलदेव के लन्ड को मसल दिया और बोली
" आह्ह कितने गंदे हो तुम बलदेव!!
बलदेव ने उंगली पर लगा सारा रस चूस लिया और बोला:"
" आह्ह मेरी बेगम!! आपकी चूत बेहद स्वादिष्ट है बिल्कुल शाही पकवान की तरह!!
रजिया की चूत ठंडी हुई तो उसने लन्ड पर से हाथ हटा लिया और उसे अपनी हालत का एहसास हुआ और बोली:"
" बलदेव हम आपकी बेगम नहीं है बल्कि आपके लिए बेगम साहिब हैं समझे!
बलदेव:" माफ करना बेगम साहिब वो जोश में हमारे मुंह से निकल गया!! लेकिन आपकी चूत मुझे बहुत पसंद आई बेगम साहिब!!
रजिया एक झटके से खड़ी हुई और अपनी हालत को ठीक करते उसकी तरफ गुस्से से देखा और बोली"
" बलदेव अपनी हद में रहकर बात करो समझे!
बलदेव ने आगे बढ़कर उसे अपनी बांहों में भर लिया तो रजिया कसमसा उठी और बोली
" सुबह होने वाली है बलदेव! अब हमे जाना होगा! देखो तुम्हारी बदबू भी खत्म हो गई!
बलदेव ने रजिया को छोड़ दिया और उसके पैरों में झुक गया और बोला:" मुझे नई जिंदगी देने के लिए आपका दिल से शुक्रिया बेगम साहिब! अब कब आओगे मिलने के लिए आप ?
रजिया ने चिरागों को उठाकर घड़े में रखा और बोला:"
" अब नहीं आऊंगी बलदेव! आपकी बदबू खत्म हो गई हैं तो अब क्यों आना भला!!
बलदेव:" बदबू ठीक हो गई तो क्या हुआ ! अपने इस दोस्त से मिलने के लिए कभी कभी आते रहना आप!
रजिया ने अपना घड़ा उठाया और चलने लगी तो बलदेव ने उसकी तरफ हाथ बढ़ाया तो रजिया ने उसका हाथ पकड़ लिया और दोनो के दूसरे का हाथ थामे बाहर तक आए और उसके बाद रजिया अंधेरे में खोती चली गई और पीछे खड़ा रह गया उदास बलदेव!!!