• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Ek number

Well-Known Member
10,042
21,847
228
chapter 12

दीपक राधीमा कमरे मे थे राधीमा कपड़े निकाल रही थी दीपक भी बेताब होके अपने कपड़े निकाल रहा था

राधीमा की बॉडी काप् रही थी आखो से आशु निकल रहे थे ये देख दीपक राधीमा से - फिर वही मे जब तेरे पास रहु साहिल को भूल जाना ना रहू तो तुम रो या कुछ भी करो कसम खाई है साहिल की
राधीमा दीपक की बात सुन आसु साफ करते हुवे - जी

images (11)
राधीमा पूरी नंगी होके खरी थी दीपक भी नँगा था राधीमा की खूबसूरत नंगी बॉडी देख दीपक पागल होने लगता
दीपक - उफ राधीमा मेरी जान किया मस्त बॉडी है तेरे चुचे बुर कमर आह उपर से नीचे तक मस्त हो तुम

138805 he passionately deep faceholes her tender breasts (3)
दीपक राधीमा के पास जाके दोनों चुचे दबाने लगता है और एक चुचे मुह मे लेके चूसने लगता है राधीमा सिसकिया लेने लगती है और दीपक मजे से चूसने लगता है पागल होके राधीमा ने कसम खाई थी तो मजबूर थी दीपक का साथ देने के लिये

दीपक चुचे दबाने चूसने के बाद राधीमा से - मेरी जान अपनी बुर का रस पिला दो

1411311
राधीमा बिस्तर पे लेत तांगे उठा के दीपक को देख - आईये पी लीजिये
दीपक मुस्कुराते हुवे नीचे झुक बुर चाटने चूसने लगता है राधीमा आह उफ सिसकिया लेने लगती है मचलने लगती है दीपक मन मे - उफ कितनी गर्म बुर है रस का स्वाद भी मस्त है

दीपक फिर राधीमा के टाँगो के बीच आके अपना लंड बुर के रख राधीमा को देख मुस्कुराते हुवे - आज कली से फुल बना दूंगा
दीपक एक धक्का मरता है राधीमा दर्द मे चीख परती है दीपक दूसरा मारके पुरा घुसा देता है सिल टूट जाती है खुन निकल आता है राधीमा दर्द मे रोने लगती है तरपने लगती है

xv-15-p-1
दीपक जोस पगल मे रुकता नही चुदाई करते रहता है राधीमा दर्द मे - आह बहोत हो रहा है
दीपक चुदाई करते हुवे राधीमा को देख - आह राधीमा तेरी सील तोरके मजा आ गया उफ कितनी गर्म बुर है तेरी कसम से किस्मत खुल गई मेरी तेरी सील तोर पाया
माधुरी की बॉडी दर्द मजे ले रही थी लेकिन आत्मा रो रहा था

(m b KW1KNV)(mh Et GV4y OLf XUI3Tn I)42445571a
दीपक घोरी बनाके चुदाई करते हुवे - उफ राधीमा मजा आ रहा है
राधीमा - आह उफ बहोत मजा आ रहा है दर्द भी आह मा
दीपक तेज धक्के मरते हुवे - दर्द मे ही मजा है मेरी जान
फट फट फच् फच् की आवाजे गुज रही थी कमरे मे

रात दीपक 2 बार राधीमा की चुदाई करता था साथ मे ही सोता है सुबह चला जाता है दीपक के जाते ही राधीमा फुट फुट के रोने लगती है अपनी किस्मत को कोसने लगती है


2 दिन तक राधीमा साहिल से मिलने नही आती फोन पे ही बातें होती रहती है वक़्त के साथ दीपक राधीमा की मदद से साहिल का दोस्त बन जाता है जबकि साहिल भोला था पीछे किया हो रहा है दीपक कैसा इंसान है साहिल देख नही पाया

साहिल के सचाई पता लगने के 2 महीने पहले


साहिल के मन मे एक दिन पिकनिक पे जाने का मन करता है राधीमा के साथ ये बात साहिल राधीमा दीपक को बताता है जबकि दीपक अच्छा दोस्त साहिल का मन गया था

amazing-landscape-morning-sunlight-tropical-forest-beautiful-sunrise-trekking-jungle-waterfall-river
अगले दिन दीपक की गारी से साहिल राधीमा दीपक 2 घंटे का सफर करके एक खूबसूरत जंगलो से भरी पहरो झरनो वाली जगह आते है चारों तरह हरे भरे जंगल झरने भी थे लोग हमेसा आते रहते थे कियुंकी ये जगह बहोत खूबसूरत थी लेकिन खतरनाक भी इस लिये जयदा अंदर ना वाले वाला साइन बोर्ड भी लगाया गया था

साहिल सभी झरने के पास आते है खूबसूरत नजारा होता है

साहिल - यार नहाने का दिल कर रहा है
दीपक राधीमा को देखते हुवे - सोचना किया है चलते है नहाते है
राधीमा कुछ बोलती नही खरी रहती है

साहिल राधीमा को देख - जान किया कहती हो चले नहाने
राधीमा - जैसा आप कहे साहिल
साहिल - चलो फिर नहाते है

साहिल दीपक चड्डी पे आके पानी मे चले जाते है राधीमा भी बिकनी पैंटी मे पानी मे आके नहाने लगती है

साहिल राधीमा को बाहों मे लिये दीपक को देख - यार दीपक अब समय आ गया है मे अपने पापा मा को बताऊ राधीमा के बारे मे

राधीमा ये सुन खुश होती है लेकिन दीपक अंदर से गुस्से मे आग बबूला हो जाता है

दीपक मुस्कुराते हुवे - ये तो अच्छी बात है मे तेरे साथ हु अंकल ऑन्टी को मे मना लूंगा तेरी शादी राधीमा से ही होगी

साहिल - थैंक्स यार

दीपक - थैंक्स मत बोल दोस्त हु तेरा राधीमा भी मेरी दोस्त है

दीपक साहिल ले पास आके - यार एक खेल खेलते है पकरम पकराइ
साहिल हस्ते हुवे - चल ठीक है खेलते है

दीपक हस्ते हुवे - तुम दोनों भागो मे पकरूँगा
साहिल - ठीक है फिर

राधीमा समझ जाती है दीपक कुछ करेगा लेकिन मजबूर थी बेचारी

साहिल तेरते हुवे भागने लगता है लेकिन दीपक तो राधीमा को पकरना चाहता था दीपक राधीमा को पीछे से पकर धीरे से - पैंटी निकाल दो
राधीमा अपनी पैंटी निकाल देती है दीपक राधीमा के चुचे भी बिकनी से निकाल देता है
राधीमा साहिल को देखते हुवे - प्लेस साहिल को पता ना चले
दीपक राधीमा की बुर मे लंड घुसते हुवे साहिल को देख हस्ते हुवे नही पता चलेगा

underwater nude gif 001
दीपक एक तांगे उठा के चुदाई करने लगता है राधीमा दर्द मे - आह धीरे दर्द हो रहा है उफ मा मर गई
माधुरी साहिल को देखते हुवे अंदर हि अंदर रोते हुवे - माफ करना साहिल मे मजबूर हु
साहिल पीछे देख - अरे राधीमा तुम पकरी गई
राधीमा के गले तक पानी था इस किये पानी मे क्या हो रहा है साहिल देख नही पा रहा था
दीपक चुदाई करते हुवे साहिल को देख - हा यार राधीमा पकरी गई अब तेरी बरी है
साहिल मुस्कुराते हुवे - पकर के दिखा फिर अच्छा सुसु आ गई मे आता हु
दीपक मुस्कुराते हुवे - ठीक है जा

साहिल जंगल के अंदर एक जगह सुरु करने लगता है तभी साहिल के पास एक बहोत खूबसूरत लाल रंग छोटे दो सिंग अलग ही खरगोस दिखाई देता है

साहिल - ये कितना सुंदर खरगोस है लाल कलर का मेने पहले नही देखा इसकी बनावट यार ऐसा खरगोस् भी होता है नही यार

खरगोस् साहिल को देख भागने लगता है साहिल खरगोस् के पीछे भागते हुवे - रुक कहा जा रहा है तू मुझे रेयर खरगोस् मालूम परता है आज तुझे मे पकर के ही रहुंगा

वही झरने मे दीपक तेज चुदाई करते हुवे - आह मजा आ रहा है मेरी जान
राधीमा - आह बहोत मजा आ रहा है मे झरने वाली हु और तेज करो
दीपक मुस्कुराते हुवे - ये लो आह
दीपक राधीमा के अंदर झर जाता है

राधीमा पैंटी पहन चुचे बिकनी के अंदर कर लेती है

राधीमा दीपक को देख - मे पेग्नेंट हु
दीपक - तो क्या
राधीमा - मुझे बच्चे गिराना है
दीपक मुस्कुराते हुवे - गिरा दो मुझे क्या

राधीमा अंदर ही अंदर रोने लगती है

वही साहिल खरगोस् ले पीछे भागते भागते एक गुफा मे आ जाता है

साहिल आस पास देखते हुवे - ये साला किधर चला गया मिल जाता तो अच्छे पैसे मिलते और ये गुफा कैसी है

साहिल अंदर तक जाता है आस पास देखते हुवे साहिल जब एक जगह जाता है तो सामने एक अजीब मूर्ति थी जिसके उपर एक वाइट रोसानी तेज चमक रही थी

साहिल - ये तेज रोसानी कैसी है
साहिल पास जाके उस रोसनी को जैसे ही छूता है रोसनी सहिल के अंदर समा जाती है और साहिल वही बेहोस हो जाता है

वही झरने के पास साहिल नही आता तो राधीमा दीपक से - साहिल कियु नही आया अभी तक

दीपक राधीमा को बाहों मे लेके - वो हल्का होने गया होगा चलो ना एक बार फिर करते है

राधीमा ना चाहते हुवे ठीक है

23178784
text typer
दीपक फिर चुदाई करने लगता है माधुरी दर्द मजे मे ना चाहते मजा लेने लगती है दीपक चुदाई करते हुवे - उफ किया मस्त बुर है तेरी
माधुरी दर्द मे - आह और जोर से आह बहोत मजा आ रहा है उफ
दीपक मुस्कुराते हुवे - हा मेरी रण्डी ये ले आह और ले उफ

20 मिनट बाद

साहिल को होस आता है और खरा होके अपना सर पकरे - aah मेरा सर बहोत दर्द कर रहा है मे बेहोस कैसे हो गया

साहिल पीछे देखता है ना रोसनी थी ना मूर्ति

सहिल टाइम देख - अरे यार जाना होगा सब परेसान हो रहे होगे
साहिल तेजी से डोरते हुवे जब राधीमा दीपक के साथ आता है तो देखता है दोनों बैठे बातें कर रहे है

राधीमा परेसान होके सहिल के गले लग - आप कहा चले गये थे
साहिल राधीमा को गले लगाते हुवे - चिंता मत करो मे बस थोरा अंदर घुमने चला गया था

दीपक राधीमा को गले लगते देख दीपक गुस्से से पागल हो जाता है


साहिल फिर सभी साम घर आ जाते है अंधेरा होने से पहले

images (12)
अगले दिन दीपक राधीमा को थोरा जंगल सांत जगह गारी मे लेके आता है और गारी मे राधीमा को घोरी बना के चुदने लगता है
दीपक - उफ जान गारी मे चुदवा के मजा आ रहा है ना
राधीमा - उफ बहोत मजा आ रहा है आह मे झरने वाली हु आह
राधीमा झर जाती है और दीपक भी

राधीमा दीपक गारी से बाहर आके खरे हो जाते है

दीपक राधीमा को देख - तेरे पेट मे मेरा बच्चा है राधिका भूल जाओ साहिल को मुझसे शादी करलो जैसे हम रहते आये है तुझे भी तो बहोत मजा आता है कैसे मेरा लंड लेके झरति हो

राधीमा का गुस्सा हाई हो जाता है

राधीमा दीपक को देख गुस्से से - भूल है लेरी कसम की वजह से मे तेरा साथ देती थी मेरी कियुंकी साहिल मेरा सब कुछ है तेरे छूने से मुझे घिन आती है कमीने तुझसे शादी थु मेरी मजबूरी का फायेदा उठा के मेरा रेप करता आ रहा है तुझे लगा मे तेरे प्यार मे गिर गई ना दीपक तुझ जैसे कमीने से कोई प्यार नही कर सकती कोई लरकी नही


अब दीपक का गुस्सा हाई हो जाता है

दीपक गुस्से मे - अच्छा ये बात है आज मे तेरी हालत खराब कर दूंगा कमीनी
दीपक अपने दोस्त को फोन लगाते हुवे - हा सुन सभी दोस्त को लेके मेरे बंगलो पे आ एक मस्त माल मिली है सब मिलके खूब पहले

दोस्त खुश होके - अभी आता हु यार ऐसे मोक्के कोन जाने देगा

राधीमा जब सुनती है तो उसकी रूह काप् जाती है राधीमा डरते हुवे तेजी से भागने लगती है ये देख दीपक गुस्से मे चिल्लाते हुवे - रुक जाओ नही तो अच्छा नही होगा राधीमा

दीपक बहोत गुस्से वाला लरका था गुस्से मे कुछ भी कर देता था राधीमा जब नही रुकती तो दीपक गन निकाल राधीमा पे निसाना लगाते हुवे - बहोत हो गया तेरी लास के साथ भी मजे करेगे मेरे दोस्त

दीपक गोली चलाने वाला था लेकिन रुक जाता है और जल्दी से गारी मे बैठ तेजी से गारी ले जाके पीछे से राधीमा को ठोक देता है राधीमा उड़ते हुवे दूर जाते गिरती है

दीपक गुस्से से गारी से निकल राधीमा के पास जाके देखता है तो राधीमा के सर पैर से खुन निकल रहा था राधीमा दर्द मे टरप् रही थी
दीपक राधीमा को देख गुस्से से - कहा था कहा था मुझे गुस्सा मत दिलाना

दीपक जल्दी से गारी मे जाके बैठ भाग जाता है और राधीमा खुन से लातपट अपना फोन निकाल साहिल को फोन कर देती है लेकिन कुछ शब्द मुश्किल से बोल पाती है

साहिल जब वहा आता है तो राधीमा की आखरी सासे चल रही थी
साहिल जब राधीमा को लेके जाने लगता है तब राधिका अपना दम तोर देती है


राधीमा के जाने के बाद साहिल टूट जाता है लेकिन साहिल को ये एक्सीडेंट लगा था जबकि दीपक ने मारा था पुलिस ने छन् बिन की लेकिन दीपक का बाप पैसे देखे एक्सीडेंट के केस बनवा देता है


जब साहिल सुमिता को लेके कुनाल के घर दो महीने बाद तब साहिल के अंदर रेह रहा वो रोसनी साहिल से बात करता है अपने बारे मे बताना है किया हो रहा है सुमिता अंजलि उसके पीछे सारे घटना दिखता है उसके आगे आप सब को पता ही है


पास्ट् खतम


साहिल वाला पास्ट् सुरु होता है अभी से

सुबह होने वाली होती है लेकिन साहिल जब से पास्ट् मे आया है नींद उरी थी साहिल रात भर सोचता रहा उसकी मा दीदी राधीमा के साथ किया कैसे हुआ और बदला कैसे लेना है


साहिल उठ के बैठ मन मे - गलती मेरी भी थी मे मा दीदी के साथ समय वक़्त नही गुजारता था मे किसी के दर्द उसकी परवाह जयदा नही कर पाया सायद मे और करीब मा दीदी के रहता तो

साहिल मुठी कसते हुवे - साहिल रोना नही है अब रुलाया है तुझे उन सब को और खुद को बदलना है भोला नही शैतान बनके रहना है उन सब कमीनो के लिये

साहिल फोन पे तारीख देख - इसकी मा का कल दीदी को लेके मुझे मामा के यहा जाना है जहा दीदी के साथ अमर फिर मेरा कमीना मामा

साहिल मुस्कुराते हुवे - खेल सुरु मे साहिल किस्मत की लकीर को बदल के रख दूंगा

हा दोस्तों सहिल उस दिन पास्ट् मे आया है जब अंजलि को साहिल अपने मामा के घर छोरने जाता है और फिर क्या हुआ था आप सब को पता ही होगा

यानी अंजलि अमर प्यार मे है अंजलि मे अपनी बिकनी वाली फोटो दिखा दी है बाकी असली कांड अंजलि के मामा के यहा जाने के बाद सुरु होती है जोकि अब साहिल पास्ट् मे आया था सब जनता था तो होने देने वाला नही था

सुबह होती है सुमिता उठती है अंजलि राघव सब उठते है किसी को पता नही था आगे किया हुआ था लेकिन साहिल को पता था

सुमिता कमरे मे रेडी हो रही थी अंजलि नहा रही थी राघव खेत गया था तब साहिल सुमिता के कमरे मे आता है सुमिता बाल सवार रही थी
साहिल सुमिता को देख इमोसनल हो गया था
1
सुमिता पीछे मूर साहिल को देख - बेटा तुम मेरे कमरे मे कैसे
तभी साहिल तेजी से जाके सुमिता को बाहों मे भर देता है सुमिता हैरान होती है फिर मुस्कुराते हुवे साहिल को बाहों मे कसते हुवे - किया बात है आज मेरा लाल अपनी मा को बाहों मे भर रहा है पहले तो ऐसा कभी नही करता था
साहिल के आखो मे आसु थे साहिल अपने आसु साफ करते हुवे - बेवकूफ था जो इतनी खूबसूरत मा के साथ वक़्त नही गुजरता था


सुमिता साहिल के चहरे को पकर हैरान होके - तेरे सर पे चोट तो नही नही है
साहिल हस्ते हुवे - कियु पूछ रही है
सुमिता साहिल को देख - कियुंकी आज तूने मुझे हग किया तारीफ भी कर रहा है पहले तो ऐसा नही करता था

साहिल मुस्कुराते हुवे - अब करुगा ना आपके साथ रहुंगा खूब बातें मस्ती करुगा
सुमिता मुह बना के - चल चल सिर्फ बातें करता है अपनी मा के साथ कभी अच्छे से बात समय बिताया है अपने मे लगा रहता है

साहिल सुमिता के गाल पे किस करते हुवे - वादा अब से आपके पास रहुंगा बस दीदी को छोर के आ जाऊ

सुमिता और हैरान गाल पे हाथ रखते हुवे - ओये गाल पे किस कियु किया
साहिल हस्ते हुवे - कियुंकी आपके गाल बहोत मस्त नर्म है और आप मेरी मा है
सुमिता साहिल को देखते हुवे - नही पक्का तुझे सर पे चोट लगी है

तभी अंजलि अंदर आते हुवे - किसे चोट लगी है
साहिल अंजलि को देख के भी इमोसनल हो जाता है
साहिल अंजलि को देख - किसी को नही मेरी प्यारी खूबसूरत दीदी
अब अंजलि हैरान होके साहिल को देखने लगती है

सुमिता अंजलि को देख - देखा सुना ना आज ये लरका अजीब बातें कर रहा है इस लिये बोला मेने

अंजलि साहिल के पास जाके सर को पकर - मेरे भाई ने मेरी तारीफ की दिखा कही सर पे लगी तो नही है

साहिल - हद है मा दीदी मे ठीक हु

तभी राघव अंदर आते हुआ - किया हो रहा है
साहिल राघव को देखते ही गुस्से से लाल होने लगता है लेकिन खुद को सन्त करते हुवे मन मे - कमीने तेरी बरी भी आयेगी

साहिल - कुछ नही दीदी रेडी हो गई है तो मे भी रेडी हो जाता हु खाके निकलेगे

साहिल चला जाता है सुमिता अंजलि हैरान रह जाते है

राघव - ये साहिल बदला कियु लग रहा है
सुमिता अंजलि कुछ नही बोलते

10 बजे

अंजलि रेडी थी साहिल सुमिता को बाहों मे लिये प्यार से - मा जाने का दिल नही कर रहा आपको छोर के

सुमिता - इतना बदल कब से गया तू इतनी परवाह मेरी हाय पहले तो कभी नही की

साहिल सुमिता को देख - कियुंकी अब जाके देखा अच्छे से मेरी मा कितनी खूबसूरत है
सुमिता सर्म से - बेसरम
अंजलि दोनों को देख - मा सच मे ये लरके का इतना प्यार मुझे हजम नही हो रहा

साहिल अंजलि को देख - आपको कोन प्यार कर रहा है मे अपनी मा को कर रहा हु
अंजलि मुह बना के - तेरा प्यार किसे चाहिये दे अपनी मा को

सुमिता हस्ते हुवे साहिल को देख - बेटा मे नही जानती तू एकदम से कैसे बदल गया लेकिन मे खुश हु बहोत

साहिल मुस्कुराते हुवे - तो एक किस दो
सुमिता मुस्कुराते हुवे साहिल के गाल पे किस करते हुवे - अब खुश

साहिल - हा

अंजलि - अब चले
साहिल - ठीक है दीदी कितना बेचैन है आप

साहिल सुमिता को प्यार से देखता फिर अंजलि को लेके अपने मा के घर निकल परता है पीछे सुमिता खरी मनमे - मेरा साहिल बदल गया है पता नही कैसे लेकिन मुझे बहोत खुशी है मे यही चाहती थी साहिल मेरा लाल मेरे पास रहे मेरे साथ टाइम बिताए बातें करे


वही साहिल अंजलि को ले जाते हुवे मन मे - आ रहा हु मामा मामी पप्पू अरुण सजा के लिये तैयार रहना इस बार कहानी बदलने वाली है


आधे रास्ते पे पहुँच साहिल एक सन्त पेर के नीचे बाइक रोक देता है दूर दूर तक खेत था कोई नही था अंजलि बाइक से उतर साहिल को देख - यहा बाइक कियु रोकी

साहिल अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - आपसे बातें करनी है आइये बैठिये

साहिल एक जगह बैठ जाता है अंजलि हैरान कंफ्यूज साहिल के पास बैठ जाती है

अंजलि - बोलो क्या बातें करनी है
साहिल मुस्कुराते हुवे - आप किससे बातें करती है दीदी
अंजलि पूरी शोक मे हिल जाती है

अंजलि डरते हुवे - तुम ये क्या बक रहे हो

साहिल गुस्से से मुस्कुराते हुवे - सब जनता हु अमर से बातें करती है अपनी बॉडी दिखती है उसके लिए ही जा रही है ना आप

अंजलि की आखे फैल जाती है
अंजलि कपते हुवे - तुझे कैसे पता चला
साहिल मुस्कुराते हुवे - बस चल गया मा पापा को बता दु
अंजलि डरते हुवे - भाई प्लेस मा पापा को मत बताना मे अमर से प्यार करती हु उससे शादी करना चाहती हु

साहिल मुस्कुराते हुवे - मे चाहुंगा तो होगा नही तो नही सीधे बात बोलता हु ध्यान से सुनिये अमर से शादी करनी है तो पहले मुझे खुश करना होगा

अंजलि हैरान होके - मतलब क्या है तेरा
साहिल अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - बुर देनी होगी मुझे
एक जोरदार चाटा साहिल के गाल पे परता है

साहिल फिर भी मुस्कुराते हुवे जोर जोर से हसने लगता है पागलो की तरफ हस्ते हुवे - जितना मारना है मारो मुझे दीदी लेकिन

साहिल अंजलि के पास जाके अंजलि की आखो मे देख - अमर से शादी करनी है तो ये कीमत देनी होगी नही तो

अंजलि गुस्से से साहिल के कोलर पकर - कितना कमीना निकला तू भोला दिखता था लेकिन तू थु तेरे पे तेरा जैसा भाई नही चाहिये मुझे

साहिल अंजलि को देख हस्ते हुवे - चलो एक सर्ट लगाते है मे आपको कुछ बातें बताने वाला हु वैसा हुआ तो आप मेरी बनके रहेगी

अंजलि गुस्से से - और वो क्या है
साहिल हस्ते हुवे अंजलि के कान मे कुछ केहता है जैसे जैसे साहिल बताते जाता है अंजलि पूरी शोक मे हिल जाती है और शोक मे साहिल को देखती है

साहिल मुस्कुराते हुवे - तो सर्ट नही कसम खानी होगी ऐसा हुआ तो आप मेरी बनके रहेगी मंजूर

अंजलि कपते हुवे - नही ये सच नही हो सकता
साहिल मुस्कुराते हुवे - होगा चले देखते है खुद पता चल जायेगा

साहिल अंजलि को लेके आता है अंजलि अभी भी पुरा शोक मे थी सुनीता कुनाल को देख साहिल गुस्से से मन मे - घर तभी जाउंगा जब तुम सब को सजा दे दूंगा

अगले दिन साहिल जब अंजलि को छोर जाता है और अंगली अमर से मिलने गई वो सीन हुआ वही सीन फिर बनने वाला था सब वैसा ही होता है अंजलि अंदर जाती है कुनाल अंदर जाता है अंदर अंजलि बातें कर रहे थे अमर अंजलि को चुचे दिखाने के के लिये कहने लगता है

अजलि मुस्कुराते हुवे - दिखा दूंगी सब कुछ करेगे भी लेकिन आज नही कल
अमर हैरान होके - लेकिन कियु
अंजलि मुस्कुराते हुवे - प्लेस मेरे राजा मान जाओ
अमर - अच्छा ठीक है
अंजलि कमरे से बहार आने लगती है तो कुनाल जल्दी से भाग जाता है


रात कुनाल अंजलि के कमरे मे आके वही फायेदा उठाने और बातो मे फसाने लगता है
कुनाल या अंजलि से - अंजलि बेटा मेने सब देखा है देखो मे तेरी शादी करवा दूंगा अमर से लेकिन मुझे खुश करोगी तो
अंजलि - लेकिन मामा ये गलत है मे आपकी बहन की बेटी भांजी हु
कुनाल अंजलि को बिस्तर पे लेटाते हुवे - तो क्या हुआ करने दे शादी करवा दूंगा मे आह मेरी भतीजी

तभी साहिल अंदर आता है और अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - मे जीत गया देखा जैसा मेने बोला हुआ ना
अंजलि पूरी हिली परी थी यकीन नही कर पा रही थी साहिल ने जो बोला वही हुआ था

कुनाल साहिल को देख हैरान होके - भतीजे तू तो चला गया था ना
साहिल कुनाल के पास आके एक चाटा देते हुए - नही कमीने मे आया हु और जाउंगा तेरी मामी की गांड मारके

कुनाल गुस्से से साहिल को मरने जाता है तो साहिल एक चाटा फिर दे देता है और कुनाल को पकर हाथ पैर बांध के मुह मे कपड़े ठूस देता है
सहिल मन मे - तेरे अंदर ये ताकत कैसी है कही ये ताकत
साहिल मुस्कुराते हुवे मन मे - थैंक्स दोस्त
तभी संगीता आ जाती है कुनाल को बाधा देख हैरान होके - किया हो रहा है ये सब यहा

साहिल सुनीता को देख मुस्कुराते हुवे - आइये आइये मेरी प्यारी मामी आपको ही याद कर रहा था

साहिल एक चाकू निकाल कुनाल के गले पे रख सुनीता को देख - चलिये जल्दी से नँगा हो जाइये
सुनीता शोक मे - साहिल ये तुम क्या कर रहे हो पता भी है
साहिल कुनाल के गले पे एक कट लगते हुवे - अच्छे से पता है जल्दी कपड़े निकालो नही तो

सुनीता डरते हुवे - ठीक है ठीक है अपने मामा को कुछ मत करो तुम ये कियु कर रहे हो
साहिल मुस्कुराते हुवे - आपको जानने की जरूरत नही है

अंजलि सब देख रही थी सच जान पूरी हिली थी हजम करने मे लगी थी समझने की कोसिस कर रही थी आखिर कैसे उसके भाई को पता था किया होने वाला है

पहला शिकार और सजा साहिल अपने मामा मामी को देने वाला था


सेम वही घटना रिपित हुई लेकिन चीजे बदली साहिल ने किस्मत को अपने मुताबिक बदल दिया था और अमर कुनाल की सचाई दिखाई
Awesome update
 
  • Like
Reactions: Napster

Devil2912

Member
109
196
43
chapter 12

दीपक राधीमा कमरे मे थे राधीमा कपड़े निकाल रही थी दीपक भी बेताब होके अपने कपड़े निकाल रहा था

राधीमा की बॉडी काप् रही थी आखो से आशु निकल रहे थे ये देख दीपक राधीमा से - फिर वही मे जब तेरे पास रहु साहिल को भूल जाना ना रहू तो तुम रो या कुछ भी करो कसम खाई है साहिल की
राधीमा दीपक की बात सुन आसु साफ करते हुवे - जी

images (11)
राधीमा पूरी नंगी होके खरी थी दीपक भी नँगा था राधीमा की खूबसूरत नंगी बॉडी देख दीपक पागल होने लगता
दीपक - उफ राधीमा मेरी जान किया मस्त बॉडी है तेरे चुचे बुर कमर आह उपर से नीचे तक मस्त हो तुम

138805 he passionately deep faceholes her tender breasts (3)
दीपक राधीमा के पास जाके दोनों चुचे दबाने लगता है और एक चुचे मुह मे लेके चूसने लगता है राधीमा सिसकिया लेने लगती है और दीपक मजे से चूसने लगता है पागल होके राधीमा ने कसम खाई थी तो मजबूर थी दीपक का साथ देने के लिये

दीपक चुचे दबाने चूसने के बाद राधीमा से - मेरी जान अपनी बुर का रस पिला दो

1411311
राधीमा बिस्तर पे लेत तांगे उठा के दीपक को देख - आईये पी लीजिये
दीपक मुस्कुराते हुवे नीचे झुक बुर चाटने चूसने लगता है राधीमा आह उफ सिसकिया लेने लगती है मचलने लगती है दीपक मन मे - उफ कितनी गर्म बुर है रस का स्वाद भी मस्त है

दीपक फिर राधीमा के टाँगो के बीच आके अपना लंड बुर के रख राधीमा को देख मुस्कुराते हुवे - आज कली से फुल बना दूंगा
दीपक एक धक्का मरता है राधीमा दर्द मे चीख परती है दीपक दूसरा मारके पुरा घुसा देता है सिल टूट जाती है खुन निकल आता है राधीमा दर्द मे रोने लगती है तरपने लगती है

xv-15-p-1
दीपक जोस पगल मे रुकता नही चुदाई करते रहता है राधीमा दर्द मे - आह बहोत हो रहा है
दीपक चुदाई करते हुवे राधीमा को देख - आह राधीमा तेरी सील तोरके मजा आ गया उफ कितनी गर्म बुर है तेरी कसम से किस्मत खुल गई मेरी तेरी सील तोर पाया
माधुरी की बॉडी दर्द मजे ले रही थी लेकिन आत्मा रो रहा था

(m b KW1KNV)(mh Et GV4y OLf XUI3Tn I)42445571a
दीपक घोरी बनाके चुदाई करते हुवे - उफ राधीमा मजा आ रहा है
राधीमा - आह उफ बहोत मजा आ रहा है दर्द भी आह मा
दीपक तेज धक्के मरते हुवे - दर्द मे ही मजा है मेरी जान
फट फट फच् फच् की आवाजे गुज रही थी कमरे मे

रात दीपक 2 बार राधीमा की चुदाई करता था साथ मे ही सोता है सुबह चला जाता है दीपक के जाते ही राधीमा फुट फुट के रोने लगती है अपनी किस्मत को कोसने लगती है


2 दिन तक राधीमा साहिल से मिलने नही आती फोन पे ही बातें होती रहती है वक़्त के साथ दीपक राधीमा की मदद से साहिल का दोस्त बन जाता है जबकि साहिल भोला था पीछे किया हो रहा है दीपक कैसा इंसान है साहिल देख नही पाया

साहिल के सचाई पता लगने के 2 महीने पहले


साहिल के मन मे एक दिन पिकनिक पे जाने का मन करता है राधीमा के साथ ये बात साहिल राधीमा दीपक को बताता है जबकि दीपक अच्छा दोस्त साहिल का मन गया था

amazing-landscape-morning-sunlight-tropical-forest-beautiful-sunrise-trekking-jungle-waterfall-river
अगले दिन दीपक की गारी से साहिल राधीमा दीपक 2 घंटे का सफर करके एक खूबसूरत जंगलो से भरी पहरो झरनो वाली जगह आते है चारों तरह हरे भरे जंगल झरने भी थे लोग हमेसा आते रहते थे कियुंकी ये जगह बहोत खूबसूरत थी लेकिन खतरनाक भी इस लिये जयदा अंदर ना वाले वाला साइन बोर्ड भी लगाया गया था

साहिल सभी झरने के पास आते है खूबसूरत नजारा होता है

साहिल - यार नहाने का दिल कर रहा है
दीपक राधीमा को देखते हुवे - सोचना किया है चलते है नहाते है
राधीमा कुछ बोलती नही खरी रहती है

साहिल राधीमा को देख - जान किया कहती हो चले नहाने
राधीमा - जैसा आप कहे साहिल
साहिल - चलो फिर नहाते है

साहिल दीपक चड्डी पे आके पानी मे चले जाते है राधीमा भी बिकनी पैंटी मे पानी मे आके नहाने लगती है

साहिल राधीमा को बाहों मे लिये दीपक को देख - यार दीपक अब समय आ गया है मे अपने पापा मा को बताऊ राधीमा के बारे मे

राधीमा ये सुन खुश होती है लेकिन दीपक अंदर से गुस्से मे आग बबूला हो जाता है

दीपक मुस्कुराते हुवे - ये तो अच्छी बात है मे तेरे साथ हु अंकल ऑन्टी को मे मना लूंगा तेरी शादी राधीमा से ही होगी

साहिल - थैंक्स यार

दीपक - थैंक्स मत बोल दोस्त हु तेरा राधीमा भी मेरी दोस्त है

दीपक साहिल ले पास आके - यार एक खेल खेलते है पकरम पकराइ
साहिल हस्ते हुवे - चल ठीक है खेलते है

दीपक हस्ते हुवे - तुम दोनों भागो मे पकरूँगा
साहिल - ठीक है फिर

राधीमा समझ जाती है दीपक कुछ करेगा लेकिन मजबूर थी बेचारी

साहिल तेरते हुवे भागने लगता है लेकिन दीपक तो राधीमा को पकरना चाहता था दीपक राधीमा को पीछे से पकर धीरे से - पैंटी निकाल दो
राधीमा अपनी पैंटी निकाल देती है दीपक राधीमा के चुचे भी बिकनी से निकाल देता है
राधीमा साहिल को देखते हुवे - प्लेस साहिल को पता ना चले
दीपक राधीमा की बुर मे लंड घुसते हुवे साहिल को देख हस्ते हुवे नही पता चलेगा

underwater nude gif 001
दीपक एक तांगे उठा के चुदाई करने लगता है राधीमा दर्द मे - आह धीरे दर्द हो रहा है उफ मा मर गई
माधुरी साहिल को देखते हुवे अंदर हि अंदर रोते हुवे - माफ करना साहिल मे मजबूर हु
साहिल पीछे देख - अरे राधीमा तुम पकरी गई
राधीमा के गले तक पानी था इस किये पानी मे क्या हो रहा है साहिल देख नही पा रहा था
दीपक चुदाई करते हुवे साहिल को देख - हा यार राधीमा पकरी गई अब तेरी बरी है
साहिल मुस्कुराते हुवे - पकर के दिखा फिर अच्छा सुसु आ गई मे आता हु
दीपक मुस्कुराते हुवे - ठीक है जा

साहिल जंगल के अंदर एक जगह सुरु करने लगता है तभी साहिल के पास एक बहोत खूबसूरत लाल रंग छोटे दो सिंग अलग ही खरगोस दिखाई देता है

साहिल - ये कितना सुंदर खरगोस है लाल कलर का मेने पहले नही देखा इसकी बनावट यार ऐसा खरगोस् भी होता है नही यार

खरगोस् साहिल को देख भागने लगता है साहिल खरगोस् के पीछे भागते हुवे - रुक कहा जा रहा है तू मुझे रेयर खरगोस् मालूम परता है आज तुझे मे पकर के ही रहुंगा

वही झरने मे दीपक तेज चुदाई करते हुवे - आह मजा आ रहा है मेरी जान
राधीमा - आह बहोत मजा आ रहा है मे झरने वाली हु और तेज करो
दीपक मुस्कुराते हुवे - ये लो आह
दीपक राधीमा के अंदर झर जाता है

राधीमा पैंटी पहन चुचे बिकनी के अंदर कर लेती है

राधीमा दीपक को देख - मे पेग्नेंट हु
दीपक - तो क्या
राधीमा - मुझे बच्चे गिराना है
दीपक मुस्कुराते हुवे - गिरा दो मुझे क्या

राधीमा अंदर ही अंदर रोने लगती है

वही साहिल खरगोस् ले पीछे भागते भागते एक गुफा मे आ जाता है

साहिल आस पास देखते हुवे - ये साला किधर चला गया मिल जाता तो अच्छे पैसे मिलते और ये गुफा कैसी है

साहिल अंदर तक जाता है आस पास देखते हुवे साहिल जब एक जगह जाता है तो सामने एक अजीब मूर्ति थी जिसके उपर एक वाइट रोसानी तेज चमक रही थी

साहिल - ये तेज रोसानी कैसी है
साहिल पास जाके उस रोसनी को जैसे ही छूता है रोसनी सहिल के अंदर समा जाती है और साहिल वही बेहोस हो जाता है

वही झरने के पास साहिल नही आता तो राधीमा दीपक से - साहिल कियु नही आया अभी तक

दीपक राधीमा को बाहों मे लेके - वो हल्का होने गया होगा चलो ना एक बार फिर करते है

राधीमा ना चाहते हुवे ठीक है

23178784
text typer
दीपक फिर चुदाई करने लगता है माधुरी दर्द मजे मे ना चाहते मजा लेने लगती है दीपक चुदाई करते हुवे - उफ किया मस्त बुर है तेरी
माधुरी दर्द मे - आह और जोर से आह बहोत मजा आ रहा है उफ
दीपक मुस्कुराते हुवे - हा मेरी रण्डी ये ले आह और ले उफ

20 मिनट बाद

साहिल को होस आता है और खरा होके अपना सर पकरे - aah मेरा सर बहोत दर्द कर रहा है मे बेहोस कैसे हो गया

साहिल पीछे देखता है ना रोसनी थी ना मूर्ति

सहिल टाइम देख - अरे यार जाना होगा सब परेसान हो रहे होगे
साहिल तेजी से डोरते हुवे जब राधीमा दीपक के साथ आता है तो देखता है दोनों बैठे बातें कर रहे है

राधीमा परेसान होके सहिल के गले लग - आप कहा चले गये थे
साहिल राधीमा को गले लगाते हुवे - चिंता मत करो मे बस थोरा अंदर घुमने चला गया था

दीपक राधीमा को गले लगते देख दीपक गुस्से से पागल हो जाता है


साहिल फिर सभी साम घर आ जाते है अंधेरा होने से पहले

images (12)
अगले दिन दीपक राधीमा को थोरा जंगल सांत जगह गारी मे लेके आता है और गारी मे राधीमा को घोरी बना के चुदने लगता है
दीपक - उफ जान गारी मे चुदवा के मजा आ रहा है ना
राधीमा - उफ बहोत मजा आ रहा है आह मे झरने वाली हु आह
राधीमा झर जाती है और दीपक भी

राधीमा दीपक गारी से बाहर आके खरे हो जाते है

दीपक राधीमा को देख - तेरे पेट मे मेरा बच्चा है राधिका भूल जाओ साहिल को मुझसे शादी करलो जैसे हम रहते आये है तुझे भी तो बहोत मजा आता है कैसे मेरा लंड लेके झरति हो

राधीमा का गुस्सा हाई हो जाता है

राधीमा दीपक को देख गुस्से से - भूल है लेरी कसम की वजह से मे तेरा साथ देती थी मेरी कियुंकी साहिल मेरा सब कुछ है तेरे छूने से मुझे घिन आती है कमीने तुझसे शादी थु मेरी मजबूरी का फायेदा उठा के मेरा रेप करता आ रहा है तुझे लगा मे तेरे प्यार मे गिर गई ना दीपक तुझ जैसे कमीने से कोई प्यार नही कर सकती कोई लरकी नही


अब दीपक का गुस्सा हाई हो जाता है

दीपक गुस्से मे - अच्छा ये बात है आज मे तेरी हालत खराब कर दूंगा कमीनी
दीपक अपने दोस्त को फोन लगाते हुवे - हा सुन सभी दोस्त को लेके मेरे बंगलो पे आ एक मस्त माल मिली है सब मिलके खूब पहले

दोस्त खुश होके - अभी आता हु यार ऐसे मोक्के कोन जाने देगा

राधीमा जब सुनती है तो उसकी रूह काप् जाती है राधीमा डरते हुवे तेजी से भागने लगती है ये देख दीपक गुस्से मे चिल्लाते हुवे - रुक जाओ नही तो अच्छा नही होगा राधीमा

दीपक बहोत गुस्से वाला लरका था गुस्से मे कुछ भी कर देता था राधीमा जब नही रुकती तो दीपक गन निकाल राधीमा पे निसाना लगाते हुवे - बहोत हो गया तेरी लास के साथ भी मजे करेगे मेरे दोस्त

दीपक गोली चलाने वाला था लेकिन रुक जाता है और जल्दी से गारी मे बैठ तेजी से गारी ले जाके पीछे से राधीमा को ठोक देता है राधीमा उड़ते हुवे दूर जाते गिरती है

दीपक गुस्से से गारी से निकल राधीमा के पास जाके देखता है तो राधीमा के सर पैर से खुन निकल रहा था राधीमा दर्द मे टरप् रही थी
दीपक राधीमा को देख गुस्से से - कहा था कहा था मुझे गुस्सा मत दिलाना

दीपक जल्दी से गारी मे जाके बैठ भाग जाता है और राधीमा खुन से लातपट अपना फोन निकाल साहिल को फोन कर देती है लेकिन कुछ शब्द मुश्किल से बोल पाती है

साहिल जब वहा आता है तो राधीमा की आखरी सासे चल रही थी
साहिल जब राधीमा को लेके जाने लगता है तब राधिका अपना दम तोर देती है


राधीमा के जाने के बाद साहिल टूट जाता है लेकिन साहिल को ये एक्सीडेंट लगा था जबकि दीपक ने मारा था पुलिस ने छन् बिन की लेकिन दीपक का बाप पैसे देखे एक्सीडेंट के केस बनवा देता है


जब साहिल सुमिता को लेके कुनाल के घर दो महीने बाद तब साहिल के अंदर रेह रहा वो रोसनी साहिल से बात करता है अपने बारे मे बताना है किया हो रहा है सुमिता अंजलि उसके पीछे सारे घटना दिखता है उसके आगे आप सब को पता ही है


पास्ट् खतम


साहिल वाला पास्ट् सुरु होता है अभी से

सुबह होने वाली होती है लेकिन साहिल जब से पास्ट् मे आया है नींद उरी थी साहिल रात भर सोचता रहा उसकी मा दीदी राधीमा के साथ किया कैसे हुआ और बदला कैसे लेना है


साहिल उठ के बैठ मन मे - गलती मेरी भी थी मे मा दीदी के साथ समय वक़्त नही गुजारता था मे किसी के दर्द उसकी परवाह जयदा नही कर पाया सायद मे और करीब मा दीदी के रहता तो

साहिल मुठी कसते हुवे - साहिल रोना नही है अब रुलाया है तुझे उन सब को और खुद को बदलना है भोला नही शैतान बनके रहना है उन सब कमीनो के लिये

साहिल फोन पे तारीख देख - इसकी मा का कल दीदी को लेके मुझे मामा के यहा जाना है जहा दीदी के साथ अमर फिर मेरा कमीना मामा

साहिल मुस्कुराते हुवे - खेल सुरु मे साहिल किस्मत की लकीर को बदल के रख दूंगा

हा दोस्तों सहिल उस दिन पास्ट् मे आया है जब अंजलि को साहिल अपने मामा के घर छोरने जाता है और फिर क्या हुआ था आप सब को पता ही होगा

यानी अंजलि अमर प्यार मे है अंजलि मे अपनी बिकनी वाली फोटो दिखा दी है बाकी असली कांड अंजलि के मामा के यहा जाने के बाद सुरु होती है जोकि अब साहिल पास्ट् मे आया था सब जनता था तो होने देने वाला नही था

सुबह होती है सुमिता उठती है अंजलि राघव सब उठते है किसी को पता नही था आगे किया हुआ था लेकिन साहिल को पता था

सुमिता कमरे मे रेडी हो रही थी अंजलि नहा रही थी राघव खेत गया था तब साहिल सुमिता के कमरे मे आता है सुमिता बाल सवार रही थी
साहिल सुमिता को देख इमोसनल हो गया था
1
सुमिता पीछे मूर साहिल को देख - बेटा तुम मेरे कमरे मे कैसे
तभी साहिल तेजी से जाके सुमिता को बाहों मे भर देता है सुमिता हैरान होती है फिर मुस्कुराते हुवे साहिल को बाहों मे कसते हुवे - किया बात है आज मेरा लाल अपनी मा को बाहों मे भर रहा है पहले तो ऐसा कभी नही करता था
साहिल के आखो मे आसु थे साहिल अपने आसु साफ करते हुवे - बेवकूफ था जो इतनी खूबसूरत मा के साथ वक़्त नही गुजरता था


सुमिता साहिल के चहरे को पकर हैरान होके - तेरे सर पे चोट तो नही नही है
साहिल हस्ते हुवे - कियु पूछ रही है
सुमिता साहिल को देख - कियुंकी आज तूने मुझे हग किया तारीफ भी कर रहा है पहले तो ऐसा नही करता था

साहिल मुस्कुराते हुवे - अब करुगा ना आपके साथ रहुंगा खूब बातें मस्ती करुगा
सुमिता मुह बना के - चल चल सिर्फ बातें करता है अपनी मा के साथ कभी अच्छे से बात समय बिताया है अपने मे लगा रहता है

साहिल सुमिता के गाल पे किस करते हुवे - वादा अब से आपके पास रहुंगा बस दीदी को छोर के आ जाऊ

सुमिता और हैरान गाल पे हाथ रखते हुवे - ओये गाल पे किस कियु किया
साहिल हस्ते हुवे - कियुंकी आपके गाल बहोत मस्त नर्म है और आप मेरी मा है
सुमिता साहिल को देखते हुवे - नही पक्का तुझे सर पे चोट लगी है

तभी अंजलि अंदर आते हुवे - किसे चोट लगी है
साहिल अंजलि को देख के भी इमोसनल हो जाता है
साहिल अंजलि को देख - किसी को नही मेरी प्यारी खूबसूरत दीदी
अब अंजलि हैरान होके साहिल को देखने लगती है

सुमिता अंजलि को देख - देखा सुना ना आज ये लरका अजीब बातें कर रहा है इस लिये बोला मेने

अंजलि साहिल के पास जाके सर को पकर - मेरे भाई ने मेरी तारीफ की दिखा कही सर पे लगी तो नही है

साहिल - हद है मा दीदी मे ठीक हु

तभी राघव अंदर आते हुआ - किया हो रहा है
साहिल राघव को देखते ही गुस्से से लाल होने लगता है लेकिन खुद को सन्त करते हुवे मन मे - कमीने तेरी बरी भी आयेगी

साहिल - कुछ नही दीदी रेडी हो गई है तो मे भी रेडी हो जाता हु खाके निकलेगे

साहिल चला जाता है सुमिता अंजलि हैरान रह जाते है

राघव - ये साहिल बदला कियु लग रहा है
सुमिता अंजलि कुछ नही बोलते

10 बजे

अंजलि रेडी थी साहिल सुमिता को बाहों मे लिये प्यार से - मा जाने का दिल नही कर रहा आपको छोर के

सुमिता - इतना बदल कब से गया तू इतनी परवाह मेरी हाय पहले तो कभी नही की

साहिल सुमिता को देख - कियुंकी अब जाके देखा अच्छे से मेरी मा कितनी खूबसूरत है
सुमिता सर्म से - बेसरम
अंजलि दोनों को देख - मा सच मे ये लरके का इतना प्यार मुझे हजम नही हो रहा

साहिल अंजलि को देख - आपको कोन प्यार कर रहा है मे अपनी मा को कर रहा हु
अंजलि मुह बना के - तेरा प्यार किसे चाहिये दे अपनी मा को

सुमिता हस्ते हुवे साहिल को देख - बेटा मे नही जानती तू एकदम से कैसे बदल गया लेकिन मे खुश हु बहोत

साहिल मुस्कुराते हुवे - तो एक किस दो
सुमिता मुस्कुराते हुवे साहिल के गाल पे किस करते हुवे - अब खुश

साहिल - हा

अंजलि - अब चले
साहिल - ठीक है दीदी कितना बेचैन है आप

साहिल सुमिता को प्यार से देखता फिर अंजलि को लेके अपने मा के घर निकल परता है पीछे सुमिता खरी मनमे - मेरा साहिल बदल गया है पता नही कैसे लेकिन मुझे बहोत खुशी है मे यही चाहती थी साहिल मेरा लाल मेरे पास रहे मेरे साथ टाइम बिताए बातें करे


वही साहिल अंजलि को ले जाते हुवे मन मे - आ रहा हु मामा मामी पप्पू अरुण सजा के लिये तैयार रहना इस बार कहानी बदलने वाली है


आधे रास्ते पे पहुँच साहिल एक सन्त पेर के नीचे बाइक रोक देता है दूर दूर तक खेत था कोई नही था अंजलि बाइक से उतर साहिल को देख - यहा बाइक कियु रोकी

साहिल अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - आपसे बातें करनी है आइये बैठिये

साहिल एक जगह बैठ जाता है अंजलि हैरान कंफ्यूज साहिल के पास बैठ जाती है

अंजलि - बोलो क्या बातें करनी है
साहिल मुस्कुराते हुवे - आप किससे बातें करती है दीदी
अंजलि पूरी शोक मे हिल जाती है

अंजलि डरते हुवे - तुम ये क्या बक रहे हो

साहिल गुस्से से मुस्कुराते हुवे - सब जनता हु अमर से बातें करती है अपनी बॉडी दिखती है उसके लिए ही जा रही है ना आप

अंजलि की आखे फैल जाती है
अंजलि कपते हुवे - तुझे कैसे पता चला
साहिल मुस्कुराते हुवे - बस चल गया मा पापा को बता दु
अंजलि डरते हुवे - भाई प्लेस मा पापा को मत बताना मे अमर से प्यार करती हु उससे शादी करना चाहती हु

साहिल मुस्कुराते हुवे - मे चाहुंगा तो होगा नही तो नही सीधे बात बोलता हु ध्यान से सुनिये अमर से शादी करनी है तो पहले मुझे खुश करना होगा

अंजलि हैरान होके - मतलब क्या है तेरा
साहिल अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - बुर देनी होगी मुझे
एक जोरदार चाटा साहिल के गाल पे परता है

साहिल फिर भी मुस्कुराते हुवे जोर जोर से हसने लगता है पागलो की तरफ हस्ते हुवे - जितना मारना है मारो मुझे दीदी लेकिन

साहिल अंजलि के पास जाके अंजलि की आखो मे देख - अमर से शादी करनी है तो ये कीमत देनी होगी नही तो

अंजलि गुस्से से साहिल के कोलर पकर - कितना कमीना निकला तू भोला दिखता था लेकिन तू थु तेरे पे तेरा जैसा भाई नही चाहिये मुझे

साहिल अंजलि को देख हस्ते हुवे - चलो एक सर्ट लगाते है मे आपको कुछ बातें बताने वाला हु वैसा हुआ तो आप मेरी बनके रहेगी

अंजलि गुस्से से - और वो क्या है
साहिल हस्ते हुवे अंजलि के कान मे कुछ केहता है जैसे जैसे साहिल बताते जाता है अंजलि पूरी शोक मे हिल जाती है और शोक मे साहिल को देखती है

साहिल मुस्कुराते हुवे - तो सर्ट नही कसम खानी होगी ऐसा हुआ तो आप मेरी बनके रहेगी मंजूर

अंजलि कपते हुवे - नही ये सच नही हो सकता
साहिल मुस्कुराते हुवे - होगा चले देखते है खुद पता चल जायेगा

साहिल अंजलि को लेके आता है अंजलि अभी भी पुरा शोक मे थी सुनीता कुनाल को देख साहिल गुस्से से मन मे - घर तभी जाउंगा जब तुम सब को सजा दे दूंगा

अगले दिन साहिल जब अंजलि को छोर जाता है और अंगली अमर से मिलने गई वो सीन हुआ वही सीन फिर बनने वाला था सब वैसा ही होता है अंजलि अंदर जाती है कुनाल अंदर जाता है अंदर अंजलि बातें कर रहे थे अमर अंजलि को चुचे दिखाने के के लिये कहने लगता है

अजलि मुस्कुराते हुवे - दिखा दूंगी सब कुछ करेगे भी लेकिन आज नही कल
अमर हैरान होके - लेकिन कियु
अंजलि मुस्कुराते हुवे - प्लेस मेरे राजा मान जाओ
अमर - अच्छा ठीक है
अंजलि कमरे से बहार आने लगती है तो कुनाल जल्दी से भाग जाता है


रात कुनाल अंजलि के कमरे मे आके वही फायेदा उठाने और बातो मे फसाने लगता है
कुनाल या अंजलि से - अंजलि बेटा मेने सब देखा है देखो मे तेरी शादी करवा दूंगा अमर से लेकिन मुझे खुश करोगी तो
अंजलि - लेकिन मामा ये गलत है मे आपकी बहन की बेटी भांजी हु
कुनाल अंजलि को बिस्तर पे लेटाते हुवे - तो क्या हुआ करने दे शादी करवा दूंगा मे आह मेरी भतीजी

तभी साहिल अंदर आता है और अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - मे जीत गया देखा जैसा मेने बोला हुआ ना
अंजलि पूरी हिली परी थी यकीन नही कर पा रही थी साहिल ने जो बोला वही हुआ था

कुनाल साहिल को देख हैरान होके - भतीजे तू तो चला गया था ना
साहिल कुनाल के पास आके एक चाटा देते हुए - नही कमीने मे आया हु और जाउंगा तेरी मामी की गांड मारके

कुनाल गुस्से से साहिल को मरने जाता है तो साहिल एक चाटा फिर दे देता है और कुनाल को पकर हाथ पैर बांध के मुह मे कपड़े ठूस देता है
सहिल मन मे - तेरे अंदर ये ताकत कैसी है कही ये ताकत
साहिल मुस्कुराते हुवे मन मे - थैंक्स दोस्त
तभी संगीता आ जाती है कुनाल को बाधा देख हैरान होके - किया हो रहा है ये सब यहा

साहिल सुनीता को देख मुस्कुराते हुवे - आइये आइये मेरी प्यारी मामी आपको ही याद कर रहा था

साहिल एक चाकू निकाल कुनाल के गले पे रख सुनीता को देख - चलिये जल्दी से नँगा हो जाइये
सुनीता शोक मे - साहिल ये तुम क्या कर रहे हो पता भी है
साहिल कुनाल के गले पे एक कट लगते हुवे - अच्छे से पता है जल्दी कपड़े निकालो नही तो

सुनीता डरते हुवे - ठीक है ठीक है अपने मामा को कुछ मत करो तुम ये कियु कर रहे हो
साहिल मुस्कुराते हुवे - आपको जानने की जरूरत नही है

अंजलि सब देख रही थी सच जान पूरी हिली थी हजम करने मे लगी थी समझने की कोसिस कर रही थी आखिर कैसे उसके भाई को पता था किया होने वाला है

पहला शिकार और सजा साहिल अपने मामा मामी को देने वाला था


सेम वही घटना रिपित हुई लेकिन चीजे बदली साहिल ने किस्मत को अपने मुताबिक बदल दिया था और अमर कुनाल की सचाई दिखाई
Ab bahut kuch interesting mode hoga
Waiting for next update 👍 😈 😈 😈
 
Top