Raj Kumar Kannada
Good News
- 1,632
- 2,110
- 144
Hot updateSEASON 02
UPDATE 01
पहली मुलाकात
शहर से दूर कही मेन हाइवे से हट कर एक बीहड़ रास्ते पर , जहा दोनों तरफ जंगल ही जंगल थे और सड़के पूरी सुनसान थी , शाम का सूरज कुछ ज्यादा ही पीलापन बिखरे हुए था और ऐसे सुनसान जगह जहा मुश्किल से पक्षियों के पर फड़फड़ाए वहा सड़क किनारे एक कार में ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ मै सिसकिया ले रहा था
" उन्ह्ह्ह सीईईई अम्मीईई ओह्ह्ह यस्स अह्ह्ह्ह्ह और चूसो ओह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई यस अम्मी और लो " , अम्मी मेरे बगल की सीट से मेरे आगे झुक कर मेरा लंड निकाल कर गपागप चूस जा रही थी और मै उसने हिजाब के ऊपर से उनके सर को सहलाये जा रहा था और अपने चूतड़ टाइट कर रहा था , जैसे जैसे अम्मी मेरे सुपाड़े को गले में उतार कर वापस और उसे सुरकते हुए ऊपर आती
बीच बीच में वो सामने रखे मोबाइल की ओर देख रही थी जिसके फ्रंट कैमरे से उनकी लंड चूसने की वीडियो भी मै बना रहा था
फिर एकदम से वो उठी और कार से बाहर निकल गई
: अम्मी रुकिए कोई देख लेगा
: यहां कोई नहीं आता शानू हीही
: अम्मी आपने नीचे कुछ नहीं पहना रुकिए
मै बैक कैमरे से उनकी वीडियो बना रहा अम्मी बिना सलवार के ही अपने नंगे चूतड़ों को खुले जंगल में लहराती हुई चल रही थी खिलखिला रही थी ।
मै उन्हें रोकने की कोशिश करता हुआ उनके पीछे जा रहा है , हालांकि उनकी ये नादानियां मुझे रोमांचित कर रही थी लेकिन एक डर भी था की कोई हमे देख न लें।
: अम्मी रुकिए न , कहा जा रहे है
: हीहीही
एकदम से अम्मी ने अपने कपड़े निकाल दिए और नंगी होकर घोड़ी बन कर झुक गई , उनके बड़े भड़कीले नंगे चूतड़ों को हौद जैसा उठा देख कर लंड एकदम फड़फड़ाने लगा , मै अपना लंड हाथ में पकड़े हुए सहलाने लगा
उनकी रसदार चिकनी बुर और गाड़ की गुलाबी सुराख को देख कर , वो अपने चूतड़ हवा में हिला रही थी और फिर एकदम से घूम गई और जंगल में बिना की परवाह के पेड़ झड़ी पत्तियों में ही अपनी जांघें फैला कर अपनी चिकनी बुर की फांके दिखने लगी
वो मस्ती थी अपनी मस्ती में और यहां मेरे लंड का हाल बुरा हुआ जा रहा था और एकदम से वो सुपाड़े को देखते हुए नंगी किसी भूखी शेरनी की तरह मेरे लंड की ओर बढ़ी और मेरे आड़ को चूमने लगी अपने होठ खोल कर मेरे आड़ को मुंह में भरने लगी,
मेरा लंड बिना छुए ही आसमान की ओर देखने लगा ये सब मै अपने मोबाइल में रिकार्ड कर रहा था और अम्मी मोबाइल की ओर देखती हुईं मेरे लंड को चूमती हुई मेरा लंड मुंह में ले ली ।
: ओह्ह्ह अम्मी सीई उम्मम कितनी सॉफ्ट लिप्स है आपके और कोई ओह्ह्ह उम्ममम अंदर यस्स मेरी सेक्सी अम्मीईई ओह्ह्ह सीई अह्ह्ह्ह घोंट जाओ पूरा उम्मम फक्क यूयू ओह्ह्ह्ह सीईईई
अम्मी ने मेरा पूरा बियर के कैन जैसा मोटा लंबा लंड गले तक उतार दिया ओह्ह्ह्ह मै जूम करके उसके चेहरे की वीडियो बना रहा था , एकदम उनके चेहरे के भाव बिगड़ने लगे और उन्होंने लंड मुंह से निकाल कर हाथ से हिलाने लगी और आंखे बंद पर अपने होठ चबाते हुए सीई ओह्ह्ह हा और तेज ओह्ह्ह चोदो मुझे ओह्ह्ह कस पूरा अंदर उम्ममम अह्ह्ह्ह ऐसे ही अह्ह्ह्ह पेलो और तेज ओह्ह्ह्ह सीईईई
एकदम से चौक कर मैने मोबाइल स्क्रीन से हट कर अम्मी की देखा उनके हाथों में मेरा लंड था और उनका नंगा बदन पूरा हिलकोरे मार रहा था और जब मैने पीछे देखा तो कोई अम्मी को पीछे से उनकी चूत में लंड डाल कर पेल रहा है
: अम्मी ये कौन है
: अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह उम्ममम क्यों इनको नहीं पहचान रहा है अह्ह्ह्ह ये डॉ साहब है बेटा उम्मम चोदिए न डॉ साहब सीई ओह कस के मारिये
मैने आंखे बड़ी कर उस आदमी का चेहरा देखा तो वो सच में रहीम अंकल थे और खुले आम मेरे सामने अम्मी के पहाड़ जैसे चूतड़ों को थामे हुए पेले जा रहे थे
: ओह्ह्ह्ह बेटा अच्छे से वीडियो बना न तेरे अब्बू को भेजना है सीई
" अब्बू को भेजना है ", लेकिन अब्बू से तो अम्मी नाराज है न ....ये सब क्या हो रहा है
: क्या हुआ बेटा समझ नहीं आ रहा है न हाहाहाहाहा...
अम्मी एकदम से खिलखिलाने लगी और रहीम अंकल भी ठहाका लगा कर हसने लगे और वो लगातार अम्मी को पेले जा रहे थे
नहीं ये सच नहीं है ये........
एक दम से मेरी आँखें खुली और मै अपने बिस्तर पर,ऊपर देखा तो पंखा चल रहा था और एकदम से मेरे जहन में वो सपने का ख्याल आया और मैने झट से बगल में देखा तो अम्मी नंगी सोई हुई थी और मै भी पूरा नंगा था ,नीचे देखा तो लंड पूरी मुस्तैदी से टाइट होकर छत को देखे जा रहा था ।
एक गहरी सांस लेकर मैने खुद को दिलासा दी कि ये बस एक सपना था और कुछ । फिर मै लिपट कर अम्मी से वापस सो गया ।
: शानू उठ जा बेटा .... 08 बज रहे है छोड़ न मुझे ओह्ह्ह्ह
: नहीं अम्मी बस थोड़ी देर और , प्लीज न अम्मी
: सारी रात मुझे सोने नहीं दिया और अब उठने नहीं दे रहा है .. अरे उठ जा देख सिराज होश में आया कि नहीं
: सिराज ???
एकदम से चौक कर मै आंखे खोली तो सामने जमीला लेटी थी नंगी ... बिस्तर पर उसकी दूधिया चुचियों और मुनक्के जैसे निप्पल देख कर मन ललचा गया और मैने हाथ आगे बढ़ा कर उन्हें छुना चाहा
: नहीं उठ अब , बदमाश कही का सारी रात तूने मनमानी की अपनी ( जमीला ने थोड़ा शर्मा कर मुस्कुरा कर कहा और मै उठ गया )
और वो भी उठ कर बाथरूम की ओर जाने लगी नंगी ही : तू भी फ्रेश हो ले मै भी नहाने जा रही हूं
: अम्मी रुको न मै भी .... हीहीही
: धत्त बदमाश... हट मुझे नहाने दे पहले उम्मम अह्ह्ह्ह्ह शानू लेट कर देगा तू ओह्ह्ह्ह उम्ममम उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई तेरे होठ कितने मुलायम
मैने लपक कर अम्मी के कमर में हाथ डाली और उनके लिप्स से अपने लिप्स जोड़ कर चूसने लगा
: सीई कितना बड़ा हो जाता है तेरा ये सुबह सुबह उम्ममम सीईईई कितना गर्म भी शानू ओह्ह्ह्ह क्या कर रहा बेटा
: उफ्फ अम्मी कितनी मुलायम हो आप , कितनी राते ये सपने देखते गुजारी है मैने कि आपके साथ ऐसे नहाने की
उफ्फफ आपके दूध बड़े मुलायम और भारी है अम्मी सीई ओह्ह्ह्ह आराम से
अम्मी लगातार तेजी से मेरे लंड को पकड़ कर उसको खींच रही थी हाथ पीछे कर और मै पीछे से उनकी बड़े बड़े रसीले पपीते जैसे चूचों को हाथ में भर सहला रहा था और धीरे से मैने शॉवर की नॉब घुमा दी
एकदम से छरछराती ठंडी पानी की फुहारों ने हम दोनो की पीठ को छुआ और हम दोनो गिनगिना उठे : सीईईई अम्मीइई ठंडा है उहुहूहू हीहीही
अम्मी मेरी ओर घूम कर बोली और मैने शॉवर के नीचे उनके नंगे रसीले मम्में को हाथों से धुलने लगा और अम्मी बार बार अपने काले मुनक्के जैसे निप्पल पर मेरी हथेली का स्पर्श पाकर सिसक रही थी : उम्ममम शानू बेटा क्यों तंग कर रहा है जल्दी से नहा ले न , हमे जाना भी.... ओह्ह्ह उम्ममम सीईईई काट मत उसको उम्मम हाय दैय्या सीईई ओह्ह्ह
मैने अम्मी की एक नहीं सुनी और उनकी रस भरी मुलायम चूचियों को शावर में गिला कर चूसने लगा, एकदम से जैसे अम्मी की रसीली छातियो में और और मिठास घुल गई हो और मेरा फ़नफ़ना कर आगे उनकी जांघों में कोचना शुरू कर दिया तो अम्मी ने भी हाथ बढ़ा कर मेरे भीगते लंड के लंबे तने को सहलाती हुई हाथ फिराने लगी और मुझे भीतर से अजीब सी उमंग उठने लगी
मैने वापस से अम्मी के लिप्स चूसने लगा और उन्हें बाथरूम की दिवाल से लगा कर उनकी बुर के फांके पर उंगलियां टहलाने लगा जिससे अम्मी की सिसकिया और तेज हो गई
अह्ह्ह्ह शानू नहीं मै परेशान ... ओह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह अम्मीईई हाय ये लड़का भी न ओह्ह्ह्ह सीईईईई ओह्ह्ह्ह उम्ममम
: क्या हुआ अम्मी उम्मम
अम्मी बस मदहोश नजरो से मुझे देखे जा रही थी और उनका हाथ मेरे लंड के तने को पूरी कस लिया और वो मेरे आड़ सहलाते हुए बोली : रुक बताती हूं क्या हुआ
फिर वो सरक कर मेरे पैरो के और मेरे आड़ उनके मुंह में : ओह्ह्ह्ह यशस्स अम्मीईई फक्क ओह्ह्ह गॉड उम्मम अम्मीईई ओह्ह्ह उम्ममम और चूसो उम्म्म
मैने अपनी का सर अपने आड़ पर दबाने लगा और अपना लंड हिलाते हुए सिसक रहा था
अम्मी की जीभ भी खूब लार छोड़ रही थी : उम्मम्म चाहिए आपको ये उम्मम लोगे चूसोगे
अम्मी अपने हलक से थूक गटक कर जीभ बाहर की और मैं अपना सुपाड़ा उसके होठ और जीभ पर पटकने लगा : सीईईई ओह्ह्ह अम्मीइई चूसो न ओह्ह्ह्ह सीईईईई हम्ममम ऐसे ओह्ह्ह और अंदर उफ्फफ
मैने अपने चूतड़ कड़े कर लिए और एड़ियों को उठाने लगा जब अम्मी मेरे सुपाड़े को सुरकते हुए लंड को गले तक उतारने लगी : ओह्ह्ह्ह यशस्स अम्मी मेरी सेक्सी अम्मी सीई चाट लो पी जाओ पूरा उम्ममम सीईईई कितनी सॉफ्ट लिप्स है आपकी ओह्ह्ह्ह नहीं
अम्मी मुंह के अंदर मेरे सुपाड़े को जीभ की टिप से छेड़ रही थी और मेरे भीतर खून पूरे बदन में दौड़ रहा था और मैने उन्हें उठा कर झुका दिया फिर एकदम से अपने गिले लंड को पीछे से उनकी रसीली फांकों में लगाते हुए उनके बुर में उतार दिया
: हाय दैय्या सीईई ओह्ह्ह कितना गर्म है ओह्ह्ह्ह आराम से बेटा ओह्ह्ह्ह उम्ममम
: उफ्फ अम्मी आपकी बुर कितनी टाइट कैसे ओह्ह्ह्ह उम्ममम मजा आ रहा है ओह्ह्ह्ह
: सारी रात तूने मनमानी की मेरी बुर को चोद चोद के सूजा दी है ओह्ह्ह जल रहा है अब तो उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह जैसे लग रहा है मोटा गर्म बांस जा रहा है अंदर और छिल जाएगा सब कुछ ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई
: उफ्फ अम्मी आपकी बातें मुझे पागल कर देती है ओह्ह्ह्ह यशस्स फक्क यूयू मेरी अम्मीइई ओह्ह्ह्ह उम्ममम थोड़ा झुको न उम्मन ऐसे ही अह्ह्ह्ह आपके बड़े बड़े चूतड़ों को देख कर पेलने में बहुत मजा आता है सीई अह्ह्ह्ह्ह
मैने उन्हें पूरा नीचे झुका कर खड़े खड़े ही पेलना शुरू कर दिया
: उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह ऐसे तो और अंदर जा रहा है बेटा उफ्फ कितना बड़ा बांस जैसा मोटा लंबा है तेरा ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह
: उफ्फ अम्मी कस क्यों रही हो ओह्ह्ह्ह सीईईई आह्ह्ह्ह
: झड़ रही हूं बेटा तेरा लंड मेरी बुर को फाड़ कर रख देता है अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह शानू उम्मम जल्दी कर नहीं तो निचोड़ लूंगी उम्मम
: कैसे ? निचोडोगे बताओ ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह कितना कस लिए हो
मेरे कहने की देरी थी कि अम्मी ने अपनी बुर के फांके को मेरे लंड पर कस लिया
: ऐसे पूरी निचोड़ लूंगी तुझे अपनी बुर के अब दिखा अपनी ताकत पेल न रुक क्यों गया
अम्मी ने चैलेंज कर दिया था और बकाई के वो झुक कर पहले से अपनी जांघें चिपकाए थी और अब उनकी बुर का छल्ला लंड को अपनी ग्रिप में ले चुका था
मैने उनके चर्बीदार चूतड़ों को मसलते फैलाते उनपर पंजे जड़ने लगा और फचर फचर पेलने लगा
बाथरूम में अम्मी की चीखे तेज हो गई और मै भी पूरी ताकत से चिंघाड़ता हुआ अम्मी की बुर में उनको वैसे ही झुकाए पेलने लगा
उन्ह्ह्ह अम्मीईई अह्ह्ह्ह सीई ओह्ह्ह आयेगा उफ्फफ ओह्ह्ह्ह गॉड फक्क्क् यूयू अम्मीइई ओह्ह्ह आजाओ जल्दी ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह
अम्मी एकदम से मेरे कदमों में आ गई और तेजी से अपना लंड हिलाते हुए मै उनके मुंह पर झड़ने लगा और अम्मी आंखे बंद कर एक एक पिचकारी का स्वागत किया ।
फिर हम लोग नहा कर निकल गए थे जमीला के घर की तरफ क्योंकि आज मै अम्मी को उनसे मिलवाने ले जा रहा था ।
मैने बाइक पर अम्मी को बिठाया और निकल गया
हर बीतता चौराहा बाजार मुझे मेरे अतीत के उन दो राहों पर ले जा रहा था जहां से निकलने में किसी औरत ने मेरी दिल से मेरी मदद की मेरे लिए शुकरान किया तो वो सिराज की अम्मी जमीला थी । आज उनसे जुड़ा अतीत का हर वो पन्ना एक बार फिर फड़फड़ा रहा था , वो शब्द वो यादें वो पल मेरी आंखों के सामने तस्वीरों में नाच रहे थे जैसे जैसे मेरे मन में ये ख्याल मजबूत होता जा रहा था कि अम्मी को उनसे मिलवाना है ।
दो बार बेल बजाई और दरवाजा खुला
: बेटा , कौन चाहिए ?
वो एक भारी बदन की खातून थी जिसके भड़कीले उठे हुए कूल्हे और बिना ब्रा के सूट में लटके जिसे लंबे पपीते जैसे चूचे देख कर बस दिल में मुझे मेरी अम्मी का ख्याल आया , चेहरा चाहे उम्र भले ही अम्मी से ज्यादा हो अलग हो तंदुरुस्ती उनसे उन्नीस नहीं थी
ना चाहते हुए भी मेरे मुंह से निकल ही गया
: अम्मी !!! सलाम , मै सिराज का दोस्त हूं ( झुक कर उनके पैर छुए मैने )
बड़े खुश होकर उन्होंने मेरे चेहरे थाम कर मुझे दुलारा : अच्छा शानू ?
: जी अम्मी !!
: आजा बेटा , आजा
उफ्फ वो काटन सूट पीछे से उनके कूल्हे पर चढ़ा हुआ था और चूतड़ सलवार में इतना बड़ा दिख रहा था कि नजर कही और फिसले तो कैसे ।
अम्मी भी वही नजारा देख रही थी जो करीब ढाई साल पहले कभी मैने देखा , जमीला के थुलथुले चर्बीदार चूतड़ों की उनके सलवार में थिरकन चलते हुए दोनों चूतड़ आपस में ऐसे टकराते जैसे मानो लड़ रहे हो ।
अम्मी ने बड़ी शरारती नजर से मुझे देखा और मुस्कुराई: इसीलिए तेरा मन यही लगता था ज्यादा , दूसरी अम्मी पा ही गया था तू
मै मुस्कुरा कर कुछ नहीं बोला और अंदर दाखिल हुआ
: कौन है सिराज की अम्मी !!
: अरे शानू आया है
: अरे वाह शानू !! आओ आओ बेटा , सिराज तो हमेशा तुम्हारी बात करता है आओ .. कहो कैसे हो ( सिराज के अब्बू ने बड़ी गर्मजोशी से मेरा स्वागत किया)
: जी अच्छा हूं अंकल , आप कैसे है ?
: हम लोग बहुत अच्छे है भाभी जी , आप आई इससे बढ़ कर क्या खुशी होगी , आइए बैठिए
सिराज के अब्बू ने हमें हाल में बिठाया , मै और अम्मी हाल में सोफे पर बैठ गए और इतने में किचन से सिराज की भाभी ट्रे में पानी लेकर आती दिखी
एकदम से अम्मी की नजर उस गई और उनकी आंखों की चमक बढ़ गई , शक्लों सूरत और निखार में तनिक भी कम नहीं थी सिराज की भाभी अपनी बहन से
: नमस्ते भाभी ( खड़े होकर मै सिराज की भाभी को कहा )
: अरे इसकी जरूरत नहीं बैठो आप
: हा बेटा बैठो और बताओ घर पर सब कैसे है ... सुना है अपना कोई फ्लैट लिए हो रेंट पर यहां
: जी अंकल वो .... पास में ही है आइएगा आप लोग
: हा हा क्यों नहीं
: नहीं अम्मी ये लोग तो जब मै पहली बार आया था तबका वादा किए है आज तक नहीं आए मेरे फ्लैट पर हाहाहाहाहा
मेरी बातों से सब हंसने लगे
: क्या करें बेटा , काम के सिलसिले में बाहर ही रहता हूं आना जाना कही हो नहीं पाता , जो भी है अब सिराज ही देखता है । बड़ा बेटा भी परदेश है जाने कब छोड़े कंपनी वाला ।
अम्मी ने बड़ी उदास नजर से सिराज की भाभी को देखा ,लेकिन वो तो मुस्कुरा रही थी और मै उसे खोज रहा था जिसके लिए असल में मै अम्मी को लिवा कर आया था
मेरी जान , मेरी रूह का सुकून मेरी हमनवां मेरी अलीना .... !!
इधर उधर नजर घुमाया और घर के दीवाले और छत और जीने , सब जगह देखा और एकदम से मेरी निगाहे एक दम से जीने की रेलिंग पर किसी की आहट देखी और जैसे कोई मुझे छिप कर देख रहा हो , और जैसे मै उसे देखा तो एकदम से पायलों की खनक से और वो ऊपर चली गई
सबकी निगाहे मेरे तरफ थी जिस उत्सुकता से मै बेचैनी से जीने को देखे जा रहा था कि कौन है वहां और सिराज के अब्बू ने हंस कर उसे आवाज दिया
" अलीना "
: जी अब्बू
एक मीठी आवाज जिसने मेरे भीतर की बेचैनी को और बढ़ा दिया और फिर उनसे अपने छनकाती पायलों से जीने की सीढ़ियां उतरने लगी और उसके चूड़ीदार सलवार से ऊपर उसकी गदराई जांघों के ऊपर उसके गोल चूतड़ों उभर और चुस्त सूट उसके सीने पर ऐसे टाइट कसे थे कि दोनों रसीले मम्में आपस में चिपक कर चोंच उठाए थे और एक सिफान दुपट्टे से उसने अपने कड़क जोबनो को पर्दा कर रखा था ।
और एकदम से वो सामने आई उसके नूरानी चेहरे और कजरारी आंखों ने पलके झपका कर मुझे देखा , थम सा गया दिल मेरा एक पल को और उसने अपने जुल्फों को कानो में उलझा कर मुस्कुरा कर सामने आई
: या खुदा, तेरी इनायत बनी रहे , परी जैसी है मेरी बहु ( अम्मी ने उसके चेहरे को अपने हाथों में लेकर उसके माथे को चूम लिया )
: सलाम अम्मी ( अलीना ने अम्मी के पैर छुने गई )
: अरे बस बस हीही , खूब खुश रहो और सबका ख्याल रखो आओ बैठो
फिर उसने मुझे देखा मुस्कुरा कर और अम्मी उसे मेरे पास लेकर आई
फिर तस्वीरों का दौर शुरू हो गया और तभी जमीला अम्मी के पास खड़ी हो गई और एकदम से उनके गुदाज नरम चुचे अम्मी के कोहनियों को टच हुए और दोनों ने असहज होकर एक दूसरे को देखा और फीकी मुस्कुराहट से सामने देखने लगी और फिर सिराज के अब्बू ने अपना फैसला कह दिया कि आज की रात हम यही रुकने वाले है ।
ना चाहते हुए अम्मी ने हामी भर दी
फिर चाय नाश्ते का दौर शुरू हो गया ।
लेकिन मेरे भीतर कुछ बेचैनगी बढ़ रही थी एक तरफ अलीना जो मेरे पास बैठी हुई मुझे उंगलियों से पूरी कोशिश कर रही थी कि मै उस ध्यान दूं वही दूसरी ओर सामने बैठी जमीला की शरारती आंखे कुछ नई कहानी गढ़ रही थी ।
जारी रहेगी
( अपडेट पढ़ने के बाद लाइक और रेवो जरूर करें , अनाउंसमेंट में दिए गए टारगेट (40+ likes) पूरा होने पर ही नए अपडेट समय से आयेंगे .. नहीं तो मै अपने हिसाब से लिखूंगा समय लेकर देर सबेर ..got update
Bhai Please don't stopदेर सबेर ही सही ... फाइनली 50% का ईमान जगा है
कल सुबह तक वक्त है .... उसके बाद जिन्होंने नए सीजन के पहले अपडेट पर लाइक या कमेंट किया है उन्हें छोड़ सभी को इग्नोरिंग लिस्ट में डाल दिया जाएगा .... और ये कहानी और मेरी थ्रेड सिर्फ उन्हें ही दिखेगी जो असल में मेरी कहानी को पसंद करते है और आगे पढ़ना चाहते है ।
हो सकता है कि कुछ को मेरी बात चुभे
लेकिन कहानी जारी रखने के लिए बहुत सारे dm आए है उनकी भावनाओं का सम्मान रखते हुए ये कहानी जारी रहेगी अनाउंसमेट में दिए शर्तों के अनुरूप ।
मुझे भीड़ नहीं चाहिए , जितने भी रहे लॉयल रहे और मेरी मेहनत की कीमत समझे ।![]()
Update ko like karoKahani jaari rahni hi chahiye
Pls continue the storySEASON 02
UPDATE 01
पहली मुलाकात
शहर से दूर कही मेन हाइवे से हट कर एक बीहड़ रास्ते पर , जहा दोनों तरफ जंगल ही जंगल थे और सड़के पूरी सुनसान थी , शाम का सूरज कुछ ज्यादा ही पीलापन बिखरे हुए था और ऐसे सुनसान जगह जहा मुश्किल से पक्षियों के पर फड़फड़ाए वहा सड़क किनारे एक कार में ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ मै सिसकिया ले रहा था
" उन्ह्ह्ह सीईईई अम्मीईई ओह्ह्ह यस्स अह्ह्ह्ह्ह और चूसो ओह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई यस अम्मी और लो " , अम्मी मेरे बगल की सीट से मेरे आगे झुक कर मेरा लंड निकाल कर गपागप चूस जा रही थी और मै उसने हिजाब के ऊपर से उनके सर को सहलाये जा रहा था और अपने चूतड़ टाइट कर रहा था , जैसे जैसे अम्मी मेरे सुपाड़े को गले में उतार कर वापस और उसे सुरकते हुए ऊपर आती
बीच बीच में वो सामने रखे मोबाइल की ओर देख रही थी जिसके फ्रंट कैमरे से उनकी लंड चूसने की वीडियो भी मै बना रहा था
फिर एकदम से वो उठी और कार से बाहर निकल गई
: अम्मी रुकिए कोई देख लेगा
: यहां कोई नहीं आता शानू हीही
: अम्मी आपने नीचे कुछ नहीं पहना रुकिए
मै बैक कैमरे से उनकी वीडियो बना रहा अम्मी बिना सलवार के ही अपने नंगे चूतड़ों को खुले जंगल में लहराती हुई चल रही थी खिलखिला रही थी ।
मै उन्हें रोकने की कोशिश करता हुआ उनके पीछे जा रहा है , हालांकि उनकी ये नादानियां मुझे रोमांचित कर रही थी लेकिन एक डर भी था की कोई हमे देख न लें।
: अम्मी रुकिए न , कहा जा रहे है
: हीहीही
एकदम से अम्मी ने अपने कपड़े निकाल दिए और नंगी होकर घोड़ी बन कर झुक गई , उनके बड़े भड़कीले नंगे चूतड़ों को हौद जैसा उठा देख कर लंड एकदम फड़फड़ाने लगा , मै अपना लंड हाथ में पकड़े हुए सहलाने लगा
उनकी रसदार चिकनी बुर और गाड़ की गुलाबी सुराख को देख कर , वो अपने चूतड़ हवा में हिला रही थी और फिर एकदम से घूम गई और जंगल में बिना की परवाह के पेड़ झड़ी पत्तियों में ही अपनी जांघें फैला कर अपनी चिकनी बुर की फांके दिखने लगी
वो मस्ती थी अपनी मस्ती में और यहां मेरे लंड का हाल बुरा हुआ जा रहा था और एकदम से वो सुपाड़े को देखते हुए नंगी किसी भूखी शेरनी की तरह मेरे लंड की ओर बढ़ी और मेरे आड़ को चूमने लगी अपने होठ खोल कर मेरे आड़ को मुंह में भरने लगी,
मेरा लंड बिना छुए ही आसमान की ओर देखने लगा ये सब मै अपने मोबाइल में रिकार्ड कर रहा था और अम्मी मोबाइल की ओर देखती हुईं मेरे लंड को चूमती हुई मेरा लंड मुंह में ले ली ।
: ओह्ह्ह अम्मी सीई उम्मम कितनी सॉफ्ट लिप्स है आपके और कोई ओह्ह्ह उम्ममम अंदर यस्स मेरी सेक्सी अम्मीईई ओह्ह्ह सीई अह्ह्ह्ह घोंट जाओ पूरा उम्मम फक्क यूयू ओह्ह्ह्ह सीईईई
अम्मी ने मेरा पूरा बियर के कैन जैसा मोटा लंबा लंड गले तक उतार दिया ओह्ह्ह्ह मै जूम करके उसके चेहरे की वीडियो बना रहा था , एकदम उनके चेहरे के भाव बिगड़ने लगे और उन्होंने लंड मुंह से निकाल कर हाथ से हिलाने लगी और आंखे बंद पर अपने होठ चबाते हुए सीई ओह्ह्ह हा और तेज ओह्ह्ह चोदो मुझे ओह्ह्ह कस पूरा अंदर उम्ममम अह्ह्ह्ह ऐसे ही अह्ह्ह्ह पेलो और तेज ओह्ह्ह्ह सीईईई
एकदम से चौक कर मैने मोबाइल स्क्रीन से हट कर अम्मी की देखा उनके हाथों में मेरा लंड था और उनका नंगा बदन पूरा हिलकोरे मार रहा था और जब मैने पीछे देखा तो कोई अम्मी को पीछे से उनकी चूत में लंड डाल कर पेल रहा है
: अम्मी ये कौन है
: अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह उम्ममम क्यों इनको नहीं पहचान रहा है अह्ह्ह्ह ये डॉ साहब है बेटा उम्मम चोदिए न डॉ साहब सीई ओह कस के मारिये
मैने आंखे बड़ी कर उस आदमी का चेहरा देखा तो वो सच में रहीम अंकल थे और खुले आम मेरे सामने अम्मी के पहाड़ जैसे चूतड़ों को थामे हुए पेले जा रहे थे
: ओह्ह्ह्ह बेटा अच्छे से वीडियो बना न तेरे अब्बू को भेजना है सीई
" अब्बू को भेजना है ", लेकिन अब्बू से तो अम्मी नाराज है न ....ये सब क्या हो रहा है
: क्या हुआ बेटा समझ नहीं आ रहा है न हाहाहाहाहा...
अम्मी एकदम से खिलखिलाने लगी और रहीम अंकल भी ठहाका लगा कर हसने लगे और वो लगातार अम्मी को पेले जा रहे थे
नहीं ये सच नहीं है ये........
एक दम से मेरी आँखें खुली और मै अपने बिस्तर पर,ऊपर देखा तो पंखा चल रहा था और एकदम से मेरे जहन में वो सपने का ख्याल आया और मैने झट से बगल में देखा तो अम्मी नंगी सोई हुई थी और मै भी पूरा नंगा था ,नीचे देखा तो लंड पूरी मुस्तैदी से टाइट होकर छत को देखे जा रहा था ।
एक गहरी सांस लेकर मैने खुद को दिलासा दी कि ये बस एक सपना था और कुछ । फिर मै लिपट कर अम्मी से वापस सो गया ।
: शानू उठ जा बेटा .... 08 बज रहे है छोड़ न मुझे ओह्ह्ह्ह
: नहीं अम्मी बस थोड़ी देर और , प्लीज न अम्मी
: सारी रात मुझे सोने नहीं दिया और अब उठने नहीं दे रहा है .. अरे उठ जा देख सिराज होश में आया कि नहीं
: सिराज ???
एकदम से चौक कर मै आंखे खोली तो सामने जमीला लेटी थी नंगी ... बिस्तर पर उसकी दूधिया चुचियों और मुनक्के जैसे निप्पल देख कर मन ललचा गया और मैने हाथ आगे बढ़ा कर उन्हें छुना चाहा
: नहीं उठ अब , बदमाश कही का सारी रात तूने मनमानी की अपनी ( जमीला ने थोड़ा शर्मा कर मुस्कुरा कर कहा और मै उठ गया )
और वो भी उठ कर बाथरूम की ओर जाने लगी नंगी ही : तू भी फ्रेश हो ले मै भी नहाने जा रही हूं
: अम्मी रुको न मै भी .... हीहीही
: धत्त बदमाश... हट मुझे नहाने दे पहले उम्मम अह्ह्ह्ह्ह शानू लेट कर देगा तू ओह्ह्ह्ह उम्ममम उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई तेरे होठ कितने मुलायम
मैने लपक कर अम्मी के कमर में हाथ डाली और उनके लिप्स से अपने लिप्स जोड़ कर चूसने लगा
: सीई कितना बड़ा हो जाता है तेरा ये सुबह सुबह उम्ममम सीईईई कितना गर्म भी शानू ओह्ह्ह्ह क्या कर रहा बेटा
: उफ्फ अम्मी कितनी मुलायम हो आप , कितनी राते ये सपने देखते गुजारी है मैने कि आपके साथ ऐसे नहाने की
उफ्फफ आपके दूध बड़े मुलायम और भारी है अम्मी सीई ओह्ह्ह्ह आराम से
अम्मी लगातार तेजी से मेरे लंड को पकड़ कर उसको खींच रही थी हाथ पीछे कर और मै पीछे से उनकी बड़े बड़े रसीले पपीते जैसे चूचों को हाथ में भर सहला रहा था और धीरे से मैने शॉवर की नॉब घुमा दी
एकदम से छरछराती ठंडी पानी की फुहारों ने हम दोनो की पीठ को छुआ और हम दोनो गिनगिना उठे : सीईईई अम्मीइई ठंडा है उहुहूहू हीहीही
अम्मी मेरी ओर घूम कर बोली और मैने शॉवर के नीचे उनके नंगे रसीले मम्में को हाथों से धुलने लगा और अम्मी बार बार अपने काले मुनक्के जैसे निप्पल पर मेरी हथेली का स्पर्श पाकर सिसक रही थी : उम्ममम शानू बेटा क्यों तंग कर रहा है जल्दी से नहा ले न , हमे जाना भी.... ओह्ह्ह उम्ममम सीईईई काट मत उसको उम्मम हाय दैय्या सीईई ओह्ह्ह
मैने अम्मी की एक नहीं सुनी और उनकी रस भरी मुलायम चूचियों को शावर में गिला कर चूसने लगा, एकदम से जैसे अम्मी की रसीली छातियो में और और मिठास घुल गई हो और मेरा फ़नफ़ना कर आगे उनकी जांघों में कोचना शुरू कर दिया तो अम्मी ने भी हाथ बढ़ा कर मेरे भीगते लंड के लंबे तने को सहलाती हुई हाथ फिराने लगी और मुझे भीतर से अजीब सी उमंग उठने लगी
मैने वापस से अम्मी के लिप्स चूसने लगा और उन्हें बाथरूम की दिवाल से लगा कर उनकी बुर के फांके पर उंगलियां टहलाने लगा जिससे अम्मी की सिसकिया और तेज हो गई
अह्ह्ह्ह शानू नहीं मै परेशान ... ओह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह अम्मीईई हाय ये लड़का भी न ओह्ह्ह्ह सीईईईई ओह्ह्ह्ह उम्ममम
: क्या हुआ अम्मी उम्मम
अम्मी बस मदहोश नजरो से मुझे देखे जा रही थी और उनका हाथ मेरे लंड के तने को पूरी कस लिया और वो मेरे आड़ सहलाते हुए बोली : रुक बताती हूं क्या हुआ
फिर वो सरक कर मेरे पैरो के और मेरे आड़ उनके मुंह में : ओह्ह्ह्ह यशस्स अम्मीईई फक्क ओह्ह्ह गॉड उम्मम अम्मीईई ओह्ह्ह उम्ममम और चूसो उम्म्म
मैने अपनी का सर अपने आड़ पर दबाने लगा और अपना लंड हिलाते हुए सिसक रहा था
अम्मी की जीभ भी खूब लार छोड़ रही थी : उम्मम्म चाहिए आपको ये उम्मम लोगे चूसोगे
अम्मी अपने हलक से थूक गटक कर जीभ बाहर की और मैं अपना सुपाड़ा उसके होठ और जीभ पर पटकने लगा : सीईईई ओह्ह्ह अम्मीइई चूसो न ओह्ह्ह्ह सीईईईई हम्ममम ऐसे ओह्ह्ह और अंदर उफ्फफ
मैने अपने चूतड़ कड़े कर लिए और एड़ियों को उठाने लगा जब अम्मी मेरे सुपाड़े को सुरकते हुए लंड को गले तक उतारने लगी : ओह्ह्ह्ह यशस्स अम्मी मेरी सेक्सी अम्मी सीई चाट लो पी जाओ पूरा उम्ममम सीईईई कितनी सॉफ्ट लिप्स है आपकी ओह्ह्ह्ह नहीं
अम्मी मुंह के अंदर मेरे सुपाड़े को जीभ की टिप से छेड़ रही थी और मेरे भीतर खून पूरे बदन में दौड़ रहा था और मैने उन्हें उठा कर झुका दिया फिर एकदम से अपने गिले लंड को पीछे से उनकी रसीली फांकों में लगाते हुए उनके बुर में उतार दिया
: हाय दैय्या सीईई ओह्ह्ह कितना गर्म है ओह्ह्ह्ह आराम से बेटा ओह्ह्ह्ह उम्ममम
: उफ्फ अम्मी आपकी बुर कितनी टाइट कैसे ओह्ह्ह्ह उम्ममम मजा आ रहा है ओह्ह्ह्ह
: सारी रात तूने मनमानी की मेरी बुर को चोद चोद के सूजा दी है ओह्ह्ह जल रहा है अब तो उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह जैसे लग रहा है मोटा गर्म बांस जा रहा है अंदर और छिल जाएगा सब कुछ ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई
: उफ्फ अम्मी आपकी बातें मुझे पागल कर देती है ओह्ह्ह्ह यशस्स फक्क यूयू मेरी अम्मीइई ओह्ह्ह्ह उम्ममम थोड़ा झुको न उम्मन ऐसे ही अह्ह्ह्ह आपके बड़े बड़े चूतड़ों को देख कर पेलने में बहुत मजा आता है सीई अह्ह्ह्ह्ह
मैने उन्हें पूरा नीचे झुका कर खड़े खड़े ही पेलना शुरू कर दिया
: उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह ऐसे तो और अंदर जा रहा है बेटा उफ्फ कितना बड़ा बांस जैसा मोटा लंबा है तेरा ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह
: उफ्फ अम्मी कस क्यों रही हो ओह्ह्ह्ह सीईईई आह्ह्ह्ह
: झड़ रही हूं बेटा तेरा लंड मेरी बुर को फाड़ कर रख देता है अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह शानू उम्मम जल्दी कर नहीं तो निचोड़ लूंगी उम्मम
: कैसे ? निचोडोगे बताओ ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह कितना कस लिए हो
मेरे कहने की देरी थी कि अम्मी ने अपनी बुर के फांके को मेरे लंड पर कस लिया
: ऐसे पूरी निचोड़ लूंगी तुझे अपनी बुर के अब दिखा अपनी ताकत पेल न रुक क्यों गया
अम्मी ने चैलेंज कर दिया था और बकाई के वो झुक कर पहले से अपनी जांघें चिपकाए थी और अब उनकी बुर का छल्ला लंड को अपनी ग्रिप में ले चुका था
मैने उनके चर्बीदार चूतड़ों को मसलते फैलाते उनपर पंजे जड़ने लगा और फचर फचर पेलने लगा
बाथरूम में अम्मी की चीखे तेज हो गई और मै भी पूरी ताकत से चिंघाड़ता हुआ अम्मी की बुर में उनको वैसे ही झुकाए पेलने लगा
उन्ह्ह्ह अम्मीईई अह्ह्ह्ह सीई ओह्ह्ह आयेगा उफ्फफ ओह्ह्ह्ह गॉड फक्क्क् यूयू अम्मीइई ओह्ह्ह आजाओ जल्दी ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह
अम्मी एकदम से मेरे कदमों में आ गई और तेजी से अपना लंड हिलाते हुए मै उनके मुंह पर झड़ने लगा और अम्मी आंखे बंद कर एक एक पिचकारी का स्वागत किया ।
फिर हम लोग नहा कर निकल गए थे जमीला के घर की तरफ क्योंकि आज मै अम्मी को उनसे मिलवाने ले जा रहा था ।
मैने बाइक पर अम्मी को बिठाया और निकल गया
हर बीतता चौराहा बाजार मुझे मेरे अतीत के उन दो राहों पर ले जा रहा था जहां से निकलने में किसी औरत ने मेरी दिल से मेरी मदद की मेरे लिए शुकरान किया तो वो सिराज की अम्मी जमीला थी । आज उनसे जुड़ा अतीत का हर वो पन्ना एक बार फिर फड़फड़ा रहा था , वो शब्द वो यादें वो पल मेरी आंखों के सामने तस्वीरों में नाच रहे थे जैसे जैसे मेरे मन में ये ख्याल मजबूत होता जा रहा था कि अम्मी को उनसे मिलवाना है ।
दो बार बेल बजाई और दरवाजा खुला
: बेटा , कौन चाहिए ?
वो एक भारी बदन की खातून थी जिसके भड़कीले उठे हुए कूल्हे और बिना ब्रा के सूट में लटके जिसे लंबे पपीते जैसे चूचे देख कर बस दिल में मुझे मेरी अम्मी का ख्याल आया , चेहरा चाहे उम्र भले ही अम्मी से ज्यादा हो अलग हो तंदुरुस्ती उनसे उन्नीस नहीं थी
ना चाहते हुए भी मेरे मुंह से निकल ही गया
: अम्मी !!! सलाम , मै सिराज का दोस्त हूं ( झुक कर उनके पैर छुए मैने )
बड़े खुश होकर उन्होंने मेरे चेहरे थाम कर मुझे दुलारा : अच्छा शानू ?
: जी अम्मी !!
: आजा बेटा , आजा
उफ्फ वो काटन सूट पीछे से उनके कूल्हे पर चढ़ा हुआ था और चूतड़ सलवार में इतना बड़ा दिख रहा था कि नजर कही और फिसले तो कैसे ।
अम्मी भी वही नजारा देख रही थी जो करीब ढाई साल पहले कभी मैने देखा , जमीला के थुलथुले चर्बीदार चूतड़ों की उनके सलवार में थिरकन चलते हुए दोनों चूतड़ आपस में ऐसे टकराते जैसे मानो लड़ रहे हो ।
अम्मी ने बड़ी शरारती नजर से मुझे देखा और मुस्कुराई: इसीलिए तेरा मन यही लगता था ज्यादा , दूसरी अम्मी पा ही गया था तू
मै मुस्कुरा कर कुछ नहीं बोला और अंदर दाखिल हुआ
: कौन है सिराज की अम्मी !!
: अरे शानू आया है
: अरे वाह शानू !! आओ आओ बेटा , सिराज तो हमेशा तुम्हारी बात करता है आओ .. कहो कैसे हो ( सिराज के अब्बू ने बड़ी गर्मजोशी से मेरा स्वागत किया)
: जी अच्छा हूं अंकल , आप कैसे है ?
: हम लोग बहुत अच्छे है भाभी जी , आप आई इससे बढ़ कर क्या खुशी होगी , आइए बैठिए
सिराज के अब्बू ने हमें हाल में बिठाया , मै और अम्मी हाल में सोफे पर बैठ गए और इतने में किचन से सिराज की भाभी ट्रे में पानी लेकर आती दिखी
एकदम से अम्मी की नजर उस गई और उनकी आंखों की चमक बढ़ गई , शक्लों सूरत और निखार में तनिक भी कम नहीं थी सिराज की भाभी अपनी बहन से
: नमस्ते भाभी ( खड़े होकर मै सिराज की भाभी को कहा )
: अरे इसकी जरूरत नहीं बैठो आप
: हा बेटा बैठो और बताओ घर पर सब कैसे है ... सुना है अपना कोई फ्लैट लिए हो रेंट पर यहां
: जी अंकल वो .... पास में ही है आइएगा आप लोग
: हा हा क्यों नहीं
: नहीं अम्मी ये लोग तो जब मै पहली बार आया था तबका वादा किए है आज तक नहीं आए मेरे फ्लैट पर हाहाहाहाहा
मेरी बातों से सब हंसने लगे
: क्या करें बेटा , काम के सिलसिले में बाहर ही रहता हूं आना जाना कही हो नहीं पाता , जो भी है अब सिराज ही देखता है । बड़ा बेटा भी परदेश है जाने कब छोड़े कंपनी वाला ।
अम्मी ने बड़ी उदास नजर से सिराज की भाभी को देखा ,लेकिन वो तो मुस्कुरा रही थी और मै उसे खोज रहा था जिसके लिए असल में मै अम्मी को लिवा कर आया था
मेरी जान , मेरी रूह का सुकून मेरी हमनवां मेरी अलीना .... !!
इधर उधर नजर घुमाया और घर के दीवाले और छत और जीने , सब जगह देखा और एकदम से मेरी निगाहे एक दम से जीने की रेलिंग पर किसी की आहट देखी और जैसे कोई मुझे छिप कर देख रहा हो , और जैसे मै उसे देखा तो एकदम से पायलों की खनक से और वो ऊपर चली गई
सबकी निगाहे मेरे तरफ थी जिस उत्सुकता से मै बेचैनी से जीने को देखे जा रहा था कि कौन है वहां और सिराज के अब्बू ने हंस कर उसे आवाज दिया
" अलीना "
: जी अब्बू
एक मीठी आवाज जिसने मेरे भीतर की बेचैनी को और बढ़ा दिया और फिर उनसे अपने छनकाती पायलों से जीने की सीढ़ियां उतरने लगी और उसके चूड़ीदार सलवार से ऊपर उसकी गदराई जांघों के ऊपर उसके गोल चूतड़ों उभर और चुस्त सूट उसके सीने पर ऐसे टाइट कसे थे कि दोनों रसीले मम्में आपस में चिपक कर चोंच उठाए थे और एक सिफान दुपट्टे से उसने अपने कड़क जोबनो को पर्दा कर रखा था ।
और एकदम से वो सामने आई उसके नूरानी चेहरे और कजरारी आंखों ने पलके झपका कर मुझे देखा , थम सा गया दिल मेरा एक पल को और उसने अपने जुल्फों को कानो में उलझा कर मुस्कुरा कर सामने आई
: या खुदा, तेरी इनायत बनी रहे , परी जैसी है मेरी बहु ( अम्मी ने उसके चेहरे को अपने हाथों में लेकर उसके माथे को चूम लिया )
: सलाम अम्मी ( अलीना ने अम्मी के पैर छुने गई )
: अरे बस बस हीही , खूब खुश रहो और सबका ख्याल रखो आओ बैठो
फिर उसने मुझे देखा मुस्कुरा कर और अम्मी उसे मेरे पास लेकर आई
फिर तस्वीरों का दौर शुरू हो गया और तभी जमीला अम्मी के पास खड़ी हो गई और एकदम से उनके गुदाज नरम चुचे अम्मी के कोहनियों को टच हुए और दोनों ने असहज होकर एक दूसरे को देखा और फीकी मुस्कुराहट से सामने देखने लगी और फिर सिराज के अब्बू ने अपना फैसला कह दिया कि आज की रात हम यही रुकने वाले है ।
ना चाहते हुए अम्मी ने हामी भर दी
फिर चाय नाश्ते का दौर शुरू हो गया ।
लेकिन मेरे भीतर कुछ बेचैनगी बढ़ रही थी एक तरफ अलीना जो मेरे पास बैठी हुई मुझे उंगलियों से पूरी कोशिश कर रही थी कि मै उस ध्यान दूं वही दूसरी ओर सामने बैठी जमीला की शरारती आंखे कुछ नई कहानी गढ़ रही थी ।
जारी रहेगी
( अपडेट पढ़ने के बाद लाइक और रेवो जरूर करें , अनाउंसमेंट में दिए गए टारगेट (40+ likes) पूरा होने पर ही नए अपडेट समय से आयेंगे .. नहीं तो मै अपने हिसाब से लिखूंगा समय लेकर देर सबेर ....धन्यवाद )
DoneUpdate ko like karo