बहुत ही गरमागरम कामुक और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक समापन हैं भाई प्रथम भाग काहैप्पी एंडिंगSEASON 01
UPDATE 37
: हीही सच में अम्मी
: क्यों मेरे अपने कुछ सपने नहीं हो सकते क्या ? इतना हस क्यों रहा है
: लेकिन आप स्कूल वाली ड्रेस में लगोगे कैसे ? वो सोच रहा हूं
: सेक्सी लगूंगी तेरे अब्बू और क्या
हा हा हा हा
" ये भाई आगे चल न बत्ती हरी हो गई " , हॉर्न बजाते हुए गाड़ी वाले ने मुझे मेरे ख्यालों से बाहर निकाला और मैने बाइक स्टार्ट करके स्टेशन की ओर बढ़ गया । गाड़ी बस 30 मिनट बाद आने वाली थी लेकिन अम्मी के आने की खुशी में मै बावरा हो गया था ।
बेचैन हो जल्दी स्टेशन आ गया , ना घड़ी की सुइयां जल्दी जल्दी बढ़ रही थी न ही ट्रेन , उसपर से अम्मी अकेले आ रही थी न उनके पास फोन था न कुछ । बस बीती रात ट्रेन पकड़ते वक्त जुबैदा के फोन से बात हुई थी । कि कल दोपहर तक पहुंच जाएंगी । ट्रेन भी लेट हो गई थी
किसी तरह समय काटता हुआ मै इंतजार किया और फाइनली ट्रेन आ गई
पता चला कि 3rd AC वाली कोच आगे बढ़ गई , मै तेजी से उसके पीछे भागा
इधर उधर खिड़कियों से अंदर झांकने लगा , पर्दे से देखना मुश्किल था , तभी मेरे पीछे से किसी ने मुझे थपथपाया
भरा गदराया बदन बड़े बड़े रसीले मम्में कुर्ती में चुस्त और कड़े , हल्का निकला हुआ पेट और चर्बीदार मोटे चूतड़ जिन्होंने कुर्ती को उठा रखा और बगल से जांघों पर चिपकी हुई लेगिंग्स
" अम्मीईईई " ,चिल्लाते हुए मैं उनसे लिपट गया
: अरे छोड़ पागल लोग देख रहे है
: यहां कौन आ अब्बू है जो मै डर जाऊंगा
: हट पागल कही का , तो क्या ऐसे सबसे सामने ही ( अम्मी मुस्कुराई )
मेरा मुंह थोड़ा उतर गया तो वो हसने लगी
: अच्छा अब वो बैग ले ले दोनों ( अम्मी ने इशारा किया तो देखा दो बड़े ट्राली बैग थे )
: अरे इतना समान ( मै चौक कर ) कितने दिन रहोगे ( खुश होकर बोला मै )
: जब तक तू खुद नहीं भेज देता ( अम्मी मुस्कुराई )
: फिर आप अब्बू को भूल जाओ , मै नहीं वापस भेजने वाला हीही
: भूल ही तो चुकी हूं ( अम्मी ने बहुत हल्के से मायूस होकर बुदबुदाई लेकिन मै सुन लिया था लेकिन जानबूझ कर ऐसे रिएक्ट किया मानो सुन नहीं )
: क्या ?
: कुछ नहीं , ये बता चलेंगे हम लोग कैसे ?
: आप मेरे साथ बाइक पर और समान रिक्शा से
: अरे चोरी वोरी हो गया तो
: नहीं होता आप टेंशन न लो
फिर मैने एक रिक्शे वाले को बोलकर समान अपने कॉलोनी में के चलने को बोल दिया और पीछे मै अम्मी को बाइक पर बिठा कर शहर घुमाता हुआ चलने लगा
: वैसे बड़ा सुंदर शहर है
: और मै ? ( मैने उन्हें छेड़ा)
: तू तो इनसब से ज्यादा है मेरा बेटा ( अम्मी ने पीछे से मेरे गाल छू कर बोली )
मै खिलखिलाने लगा 15 मिनट में ही हम लोग मेरे रूम पर आ गए ।
: अच्छी जगह है
: अंदर चलो और भी अच्छा है ( मै अपना फ्लैट खोलकर अंदर जाता हुआ बोला )
अम्मी के आने की खुशी में आज दुगनी मेहनत से सब कुछ साफ सुथरा कर दिया था और अम्मी मुस्कुरा कर देखने लगी
सबसे पहले आते ही बाथरूम फिर किचन में
: अम्मी अभी आराम करो आप
: अरे भूख लगी भाई , ट्रेन में कुछ अच्छा था भी नहीं
: अरे तो मै पिज्जा मगा देता हूं न और फिर शाम को बाहर चलेंगे खाने
अम्मी मुस्कुरा कर मुझे देखने लगी
फिर हम बेडरूम आए और बिस्तर पर आके वो लेट गई , कुछ देर तक मै उनका बैग और समान सेट किया फिर डिलेवरी वाले का फोन आ गया ।
मैने रिसीव कर आया और अम्मी से बाते करते हुए हम लोग खाने लगे
स्लाइस मेरे मुंह में था कि अलीना का फोन आने लगा ।
मै सोच ही रहा था कि उसने अभी तक कोई खबर क्यों नहीं ली
स्क्रीन पर हार्ट और किस वाली इमोजी देख कर अम्मी मुस्कुराई : ये कौन है
: है कोई ( मुस्कुरा कर मैने फोन पिक किया )
फोन पर
: हम्मम कहो
: हा आ गई है ( मै फोन कान के लगाए अम्मी की ओर देख कर बोला )
अम्मी मुझसे पूछने लगी कि कौन है
: ठीक है रखो , हा , अम्मी को भी बता देना , ओके बॉय
अम्मी हैरत में थी
: ये तेरी दूसरी अम्मी अब कहा से आ गई , सच सच बता कौन थी वो
मै दांत दिखाने लगा और उनका मुरझाया चेहरा देख कर हसने लगा
: वो मेरा दोस्त है सिराज उसकी अम्मी है , मै उनको भी अम्मी बुलाता हूं बेटे जैसा ही मानती है मुझे ।
: और वो फोन वाली
मेरी हंसी छुटने लगी : आप खाओ न , बताऊंगा पक्का आपकी कसम कुछ नहीं छिपाऊंगा
फिर वो मुस्कुराने लगी और खाने के बाद हम बिस्तर पर लेट गए
मै अम्मी से लिपट गया उनके छातियों में अपना सर रख कर
: आई लव यू अम्मी
: लव यू मेरा बच्चा ( अम्मी मेरे माथे को चूमते हुए बोली )
: सॉरी अम्मी
: अह् ठीक है हो गई वो बात पुरानी छोड़ उसे
: लेकिन ?
: क्या लेकिन ?
: मुझे नहीं पता था कि आप मेरे लिए अब्बू से दूर हो जाओगे , सॉरी अम्मी आई लव यू सो मच ( मै फफक पड़ा )
: अरे मेरा बच्चा ( उन्होंने मुझे अपने सीने से कस लिया ) उन्होंने मुझे मेरे बेटे से दूर कर दिया उसका क्या ?
: इतना प्यार करते हो मुझसे
: अभी भी शक है तुझे उम्मम
मैने एकदम से कस लिया अम्मी को और फफक कर रोने लगा
: अब चुप हो जा पागल और कितना रुलाएगा मुझे ( मेरे आसू पोछने लगी और मैने भी उसके गाल से आंसू साफ किए )
मेरे हाथों उनका प्यारा सा चेहरा था और हम दोनो एकदूसरे को देख रहे थे रोने से अम्मी के होठ हल्के फूल गए और लाल हो रहे थे और मेरी जुबान ललचा सी गई
मैने आगे बढ़ कर उनके लिप्स चूस लिया
एकदम से वो सन्न हो गई और फिर उन्होंने मेरे लिप्स को अपनी होठों में भर लिया और चूसने लगी
मेरे भीतर भी तड़प सी उठी और मै खिसक कर उसके और करीब आ गया और थोड़ा ऊपर होकर उनको सीधा लिटा दिया और ऊपर से उनके लिप्स चूसने लगा , अम्मी मेरा साथ दे रही थी और फिर मैने उनके गाल चूम कर दोनों आंखों पर किस्स किया फिर माथे को चूम लिया और उन्होंने अपना सर मेरे सीने पर रख दिया
एक गजब का सुकून था हम दोनो के दिल में मन शांत था और काफी देर तक हम ऐसे ही चुप रहे और फिर अम्मी मेरे से लिपटे हुए ही सो गई
सफर की थकान थी शायद मैं भी उनके गाल चूम कर सो गया ।
शाम 6 बजे के करीब मेरी आंख खुली आज हफ्ते बाद सुकून से सोया था
अम्मी मेरे पास सोई हुई थी और मै उनका प्यारा सा चेहरा देख रहा , आंखों के आगे उनके बड़े बड़े रसीले मम्में कुर्ती में लोटे हुए थे , ब्रा की स्ट्रिप भी नजर आ रही थी , नीचे देखा तो कूल्हे के पास से कुर्ती हट गई और उनकी बड़ी सी भड़कीली गाड़ पूरी गोल मटोल और ऊंची उठी हुई ।
लेगिंग्स उनकी गदराई मोटी जांघों पर एकदम चिपकी थी और ऐसे नजारे को देख कर लंड न खड़ा हो तो काहे का मर्द
कुछ साल पहले का वक्त होता तो अब तक अम्मी बिना कपड़ो के दो बार चुद कर लेटी होती । लेकिन सालों पहले हुआ वो हादसा जब अब्बू ने हमें हमारी पहली चुदाई पर ही पकड़ लिया और फिर बीते हफ्ते मुझे पता चला कि अम्मी ने मेरे लिए अब्बू से दूरी बना ली।
पता नहीं लेकिन कुछ एक दीवार सा था जो मुझे रोक रहा था अम्मी को छूने से , ललचाई आंखों से बस मै उनके कुर्ती से झांकते चूचों और उठे हुए कूल्हे निहार रहा था
ना जाने कैसे उन्हें भनक लग गई और उनकी आँखें खुली ।
: क्या देख रहा है बदमाश
अम्मी की बातों से समझ गया कि मेरी चोरी पकड़ी गई और मै शर्मा कर मुस्कुराने लगा
: अभी भी तेरी आदतें वही है तांक झांक करने वाली उम्मम
: आपसे नजर हटा पाना मुश्किल है अम्मी और खासकर इनसे ( मैने हिम्मत कर उन्हें उभरे हुए मोटे चर्बीदार चूतड़ों पर लेगिंग्स के ऊपर से हाथ फेर ही दिया । अम्मी मेरे स्पर्श से सिहर उठी और मेरा हाथ हटाए बिना ही : पागल , चल उठ जा शाम हो रही है ।
मै खिसक कर उनके पास आया : ओके फिर किस्सी टाइम
अम्मी मुझे एकदम से अपने करीब पाकर मुस्कुराने लगी और मैने उनके लिप्स चूसने लगा और दो बार उन्होंने मेरे लिप्स चूस कर छोड़ दिया : ये सब तुझे वही सीखा रही है न
मै मुस्कुरा कर उठ गया
अम्मी उठती हुई : घबरा मत बच्चू अच्छे से खबर लूंगी उसकी मै
मै बस उन्हें खिला हुआ देख कर मुस्कुराने लगा और बाथरूम चला गया । लंड पूरा अकड़ा हुआ था और मोटी धार मारने के बाद बाहर आया तो देखा अम्मी किचन में लगी थी ।
मैने पीछे से उनके बड़े भड़कीले चूतड़ों को देखा और उनके पास जाके खड़ा हो गया : ये क्या कर रहे हो आप
: देख रही हूं तो कुछ बनाता भी है या नहीं , ना मसाले है न समान कुछ
: ओहो तो अब मेरी प्यारी अम्मी किचन संभालेंगी ( मैने उसके गाल खींचता हुआ बोला )
: अह्ह्ह्ह छोड़ पागल दर्द हो रहा है
: अच्छा ठीक है यहां पकड़ लेता हूं ( मै हस कर उनके चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा कुर्ती के ऊपर से )
: बेशर्म कही का , चल लिस्ट बना कर समान लेकर आ
: लेकिन आज तो हम बाहर जा रहे है न डिनर के लिए ( मैने उनसे कहा )
: नहीं मुझे अभी बाहर का नहीं घर का खाना है , समझा और सुन पाव किलो चिकन ले लेना । पैसा है न कि दूं
अम्मी की बात सुनकर मुझे हंसी आई : नहीं है मेरे पास , देदो लाओ हाहाहा
मै खिलखिलाया और अम्मी की हंसने लगी मानो मेरा बचपन लौट आया हो
मैने अम्मी के गाल चूमे और जाते हुए उनके चूतड़ों पर अपना पंजा सहलाया
: धत्त कमीना कही का , मारूंगी तुझे
मै हंसता हुआ निकल गया समान लेने
आधे घंटे बाद वापस आया तो देखा अम्मी बिस्तर पर समान खोलकर कर बैठी थी अपने बैग के और आलमारी भी खुली थी , चीजें सेट हो रही थी ।
अम्मी बिस्तर के किनारे खड़ी होकर झुक कर समान अलग कर रही थी , पीछे से उनके चूतड़ उठे हुए थे
मैने धीरे उनके पास गया और खड़ा हो
मेरे पंजे ने वापस से उनके चूतड़ सहलाने लगे
: ऊहू क्या कर रहा है शानू, मत तंग कर ना
: और आप मुझे तंग कर रहे हो वो ( मैं उनके चूतड़ों की चर्बी को पंजे में भरने की कोशिश करता हुआ बोला )
: उम्मम धत्त गंदा , मारूंगी अब ( अम्मी सिहर गई और मैने अपने हाथ कुर्ती के नीचे से लेगिंग्स में घुसा दिए और उनकी गाड़ के ऊपर पैंटी के ऊपर से सहलाने लगा । अम्मी की हालत बिगड़ने लगी
: मान जा न बेटा , काम कर लेने दे फिर अह्ह्ह्ह्ह
: अम्मी बस एक बार खोलकर किस करूंगा पक्का उसके बाद नहीं परेशान करूंगा ( मेरा लंड अकड़ गया था लोवर में )
: तू नहीं मानेगा न ( अम्मी भी नशे में डूब रही थी हलकी सी)
मैने उनके लिप्स को चूम कर उनके गर्दन पर किस किया और धीरे से उनके कान में बोला : बस थोड़ा सा करने दो न
अम्मी पूरी तरह से कांप उठी , उनके जिस्म की कंपकंपी मुझे महसूस हुई और मै उनके पीछे आ गया
कुर्ती उठाई और लेगिंग के ऊपर से ही अपना मुंह उनके बड़े भड़कीले चूतड़ों में दे दिया , कितना चर्बीदार गर्म और नर्म था
मेरी इस हरकत से अम्मी के पाव डगमगाने लगे
मै अपने पूरे चेहरे को उनके चर्बीदार चूतड़ों पर रगड़ रहा था और सूंघ रहा था और फिर मैने उनकी लेगिंग्स नीचे सरकाने लगा
: अह्ह्ह्ह सीईईईईई बेटा उम्मम शानू रुक जा न
मैने एक न सुनी और लेगिंग्स को जांघों तक खींच कर उनकी पैंटी के ऊपर से उनके मोटे चूतड़ों को सहलाने लगा चूमने लगा
: सीईईई ओह्ह्ह उम्ममम बदमाश कितना जिद्दी है तू अह्ह्ह्ह सीई अह्ह्ह्ह
: उफ्फ अम्मी कितनी मुलायम है आपकी गाड़ ( मैने उनके चूतड़ों से पेंटी साइड से दरार की ओर सरका कर चूमने लगा )
: अह्ह्ह्ह धत गंदा मारूंगी तुझे, मत बोल वो सब अह्ह्ह्ह सीईईईईई
मैने मेरी जीभ निकाली और उनके गाड़ को चाटने लगा जैसे मलाई चाटते है , कभी जीभ से गिला करता तो कभी पंजों से दबा कर उन्हें होंठो से चूसता
उनके गाड़ के दरारों के गजब की गंध आ रही थी और मै अपने नथुने वहां लगा दिए और घुसाने लगा दरारों में पैंटी के ऊपर से
: सीईईई ओह्ह्ह बेटा उम्मम
फिर मैने उनकी पैंटी खींची और टूट पड़ा उनके चूतड़ों पर दरारों में जीभ डाल कर चाटना शुरू किया कि अम्मी अपने चूतड़ कसने लगी और सख्त कर चिपका दिए
फिर मैने अपने चेहरे को उनके पूरे नंगे भारी चर्बीदार चूतड़ों पर फिराने लगा
: उफ्फ शानू क्या कर रहा है सीईईई मै गिर जाऊंगी बेटा अह्ह्ह्ह सीईईईईई
मैने अपने पंजे से उनके सख्त हुए चूतड़ों को दरारों से फाड़ने लगा और अंदर नथुना घुसाने लगा और जीभ फिराई तो अम्मी मचलने लगी
आगे झुक कर उन्होंने बेड का सहारा लिया जिससे उनकी दरार थोड़ी खुल गई और मेरी जीभ उनके गाड़ के सुराख की ओर चली गई
इतनी मादक गंध आ रही थी उनके गाड़ से कि मेरा लंड अकड़ गया था और मैने उसके चूतड़ फैलाते हुए दरारों के किनारे किनारे जीभ से चाटना शुरू कर दिया और अम्मी की सिसकिया उठने लगी : ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह अम्मीइई ये लड़का उम्मम क्या कर रहा है बेटा अह्ह्ह्ह सीईईईईई
मै खड़ा हुआ और उनके पैर को हाथ से ऊपर चढ़ा दिया और वो बेड पर a आ गई घोड़ी बन कर
उनके बड़े बड़े नंगे चूतड़ पहाड़ जैसे फैल गए और सकरी दरारों से अब गाड़ की सुराख का रास्ता साफ हो गया नीचे जांघों के बीच उनकी लंबी फांक वाली बुर गीली दिख रही थी
मैने दोनों हाथों से उनके गाड़ को सहलाते हुए वापस अपने नथुने उसके गाड़ के दरारों में ले गया : उम्ममम अह्ह्ह्ह अम्मीइई क्या मस्त खुशबू है आपके गाड़ कि उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई
: धत्त गंदा क्या बोल रहा है आह्ह्ह्ह शानू उम्मम बेटा अह्ह्ह्ह सीईईईईई तू उम्मम पागल कर रहा है मुझे ओह्ह्ह्ह हा नीचे जा उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई
मैने झुक कर अम्मी के रसीले फांके होठों में भर लिए और चूसने लगा। मेरे पंजे लगातार उनके पहाड़ जैसे चूतड़ों पर रेंग रहे थे
मैने नीचे से ऊपर तक यानी बुर की ओर से गाड़ के छेद से जीभ फिराने लगा
अम्मी पूरी तरह से अकड़ने लगी थी जांघों में अकड़न होने लगी थी उनके
इसीबीच मैने अपना लंड निकाला और थूक लगा कर उनकी बुर के फांके में रगड़ने लगा : ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह बेटा आराम से बहुत दिन हो गया है अह्ह्ह्ह सीईईईईई
मै मुस्कुरा कर अपना लंड उनकी बुर में सेट किया और धीरे धीरे घुसाने लगा
: ओह्ह्ह्ह शानू उम्मम अह्ह्ह्ह्ह कितना मोटा है रे अह्ह्ह्ह सीईईईईई उम्मम्म
: बस अम्मी जाने दो जा रहा है अह्ह्ह्ह आपकी बुर भी बड़ी है आह्ह्ह्ह कितनी गर्म और मुलायम है आपकी चूत अम्मीईईई
: कितना गंदा बोलता है तू अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह अम्मीईई फट जायेगी ऐसा लग रहा है
: मुझको पसंद है आपसे गंदी बाते करना अम्मी अह्ह्ह्ह कितनी रसीली बुर है आपकी अम्मी अह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह मजा आ रहा है ( मै अपना कमर चलाते हुए धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करने लगा )
: ओह्ह्ह्ह बेटा और उम्मम और घुसा न जितना डाल रहा है उतनी तड़प हो रही है
: लो मेरी अम्मी और लो देखो आपका शानू चोद रहा है आपको लो ( मै उनके चर्बीदार कूल्हों को पकड़े हुए उन्हें फैलाने लगा अब पूरे गहराई में लंड ले जाने लगा )
: ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह अम्मीइई क्या मस्त लंड है तेरा बेटा मेरी बुर भर दी तूने ओह्ह्ह्ह शानू उम्मम अह्ह्ह्ह्ह सीईईई पेल और उम्मम थोड़ा तेज कर न
अम्मी की बाते सुनकर मै जोश में आ गया और तेजी से पेलने लगा , पूरे कमरे में थप थप की आवाजें आने लगी और अम्मी की सिसकिया अब चीखों में बदल गई
: अह्ह्ह्ह हा बेटा ऐसे ही और और उम्मम कितना मोटा लंबा लंड है तेरा अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह मेरा बच्चा पेल मुझे अह्ह्ह्ह कितने साल से तरसी हूं इस पल के लिए ओह्ह्ह्ह
: सच में अम्मी , पहले कहती तो ओह्ह्ह्ह कितनी मुलायम बुर है आपकी रबर जैसी अह्ह्ह्ह मजा आ रहा है आपकी गर्म बुर में पेलने में
: पेल के बेटा और चोद ओह्ह्ह उम्ममम ऐसे ही ऐसे ही रुकना मत बेटा ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह दैय्या सीईई अह्ह्ह्ह शानू पेल और और आ रहा है मेरे अह्ह्ह्ह सीईईईईई उम्मम्म अम्मीईईई अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह बेटा रुकना मत
अम्मी तेजी से झड़ रही थी और मेरा लंड अब और आसानी से अंदर जाने लगा धीरे धीरे उनका रस मेरे लंड पर लगकर बाहर आने लगा और पूरे जोश में फचर फचर पेलने लगा , उनके चूतड़ों पर पंजे जड़ने लगा : उफ्फ अम्मी मेरी प्यारी अम्मी मेरी sexy अम्मी क्या मस्त गाड़ है आपकी उम्ममम अह्ह्ह्ह लो और लो उम्मम ये क्या कर रहे हो ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह
: क्यों तड़पना सिर्फ तुझे आता है अब पेल तो जानू ( अम्मी ने अपनी बुर के छल्ले से मेरे लंड को पकड़ लिया और अंदर की तरफ खींचने लगी )
: ओह्ह्ह्ह उम्ममम फक्क ओह्ह्ह गॉड फक्क्क् कितना टाइट लग रहा है अम्मीइ ओह्ह्ह्ह उम्ममम अह्ह्ह्ह अम्मीइई ऐसे और मजा आ रहा है ओह्ह्ह्ह यशस्स अह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह कितनी सेक्सी हो आप अम्मी अह्ह्ह्ह
: और पेल अह्ह्ह्ह्ह और उम्ममम चुदने के लिए तो आई हूं तेरे पास बेटा अह्ह्ह्ह सीईईईईई खूब चुदवाना मुझे मेरे बेटे से अह्ह्ह्ह्ह और पेल अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह और कस के डाल न
अम्मी की बातों से मै पूरे जोश में था और उनकी गाड़ पकड़ तेजी से चोदने लगा : ओह्ह्ह्ह गॉड फक्क्क् अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह अमीआईई अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह आएगा ओह्ह्ह्ह यशस्स अह्ह्ह्ह्ह
मैने तेजी से लंड बाहर निकाला और उनकी गाड़ पर झड़ने लगा : अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह अम्मीईई अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह यशस् अह्ह्ह्ह
अम्मी अपनी गाड़ हिला रही थी जब मै उनके चूतड़ों पर झड़ रहा था और फिर हांफता हुआ बिस्तर पर आ गया
अम्मी के चूतड़ और दरार मेरे वीर्य से सन चुकी थी ।
अम्मी मुस्कुराती हुई वैसे ही पेट के बल मेरे बगल में आ गई , ना कुछ पोछा न साफ किया और मेरे सर पर हाथ फेरते हुए : पागल , थक गया न
मै मुस्कुरा कर उन्हें देखा और न मेरे सर हिलाया हांफता हुआ
अम्मी मुस्कुरा कर : और चाहिए
मैने हांफते हुए हस कर हा में सर हिलाया
अम्मी मेरे गाल चूम कर : बदमाश कही का
थोड़ा देर रुक कर आखिर मैने मेरे मन की बात कह ही दी
: अम्मी , एक बात पूछूं
: हम्मम बोल न ( वो मेरे बाल सहलाते हुए बोली )
: क्या सच में आप इतने साल अब्बू के साथ नहीं सोई
: तुझे भरोसा नहीं अपनी अम्मी पर
: अच्छा तो फिर आपने फोन पर ये क्यों कहा था कि आपको अब्बू को कैसे मनाना है आप जानती है (मै करवट लेकर उनके ओर घूम गया )
अम्मी मुस्कुराने लगी
: वही मुझे समझ नहीं आ रहा है कि अब्बू ने आखिर कैसे आपको आने दिया मेरे पास
: अब मैने ये तो नहीं कहा था कि उन्हें मनाने मै ही जाऊंगी ( अम्मी बड़ी शरारती मुस्कुराहट से बोली )
: फिर कौन ? नगमा मामी ?
: उम्हू ( अम्मी ने न में सर हिलाया)
: तो क्या नानी ? ( मैने शॉक्ड होकर अनुमान लगाया )
: हम्म्म ( अम्मी का चेहरा लाल हो गया था शर्म और खुशी से )
: क्या सच में ?
: यकीन न हो तो फोन कर ले उनके पास कि कहा है वो ( अम्मी मुस्कुरा कर बोली )
: तो आप कब तक रहोगे मेरे पास
: हमेशा
मै खुश हो गया और उनसे लिपट गया और थोड़ी देर बाद अपना मोबाइल निकालते हुए
मुझे आपको किसी से मिलवाना है
ये देखो " आपकी बहु अलीना "
END OF THE SEASON
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मजा आ गया
कहानी के दुसरे गरमागरम भाग की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से शुरु करना









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