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Romance भंवर (पूर्ण)

nain11ster

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gum ki baadal aab chhaye hain... ye kya mousam aayi aankhon ko barshat bhaye hain...
Ohh Sach me bura lag raha hai tumhare liye... Itni dard sach me bohot hai pyar ki tadpan me... phir bhi dil ka rafta rafta bikharna lazmi hai... kuchh kand tumne aise bhi kiye hain waqt ka tamacha lagna hi tha...

wese writer sahab ishq ki har pahelu , har eheshas ko khub achhe se explain kar lete ho.... Romance king ho , :D

dekhte hain Apasyu sahab ka kya patikriya hota hai.... :waiting:

yeppppp .... ye to kuch ander ki bhawna thi .. lekin abhi bahut kuch baki hain pardeep ji .... dekte rahiye aur enjoyyyyyyy the love story :declare:
 

nain11ster

Prime
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Kuch gahri raaz khulne ko the ki is apsyu ke bachhe ne bich mein tang aada diya... :mad2:
bada Gark ho iska...

Yeh toh ghar ka bhedi nikla... :sigh:

:lol: :lol: Kajal 1.0: :D
Khair.... atit mein bahot se raaz chupe huye hain.. bas jhalkiya hi dikh rahin hain.
Let's see what happens next
Brilliant update... Great going :applause: :applause:
*aise kaise raaj khul jate ... itni jadi raaj khol dene se raaj ka pura buil up khatam ho jayega :D...

* aage lanka bhi dhayega :D

*aage sare raaj khulenge .. aaram se ... thank u so much for your support
 

nain11ster

Prime
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बस इतना ही कहूँगा अभी इस कहानी के बारे में...................

लम्हों ने खाता की थी, सदियों ने सज़ा पायी

नंदिनी-कुंजल

अपस्यु-आरव
सिन्हा-एमी
सांची-लावणी

या इन दोनों लड़कियों के कानखजूरे बाप

सबको छोटी-छोटी गलतियों के बड़े परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं..........या भुगतने पड़ेंगे

chhoti chhoti baton me bade bade matlab kah jate hain kamdev babu :bow:
 

Chutiyadr

Well-Known Member
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Update:-23


"कैसा सरप्राइज… हेल्लो… हेल्लो"… अपस्यु फोन रख चुका था और साची अपने टैडी को अपने सीने से चिपका… "हाय … ये तेरा दीवानापन… तो कल सरप्राइज मिलने वाला है…. उफ्फ !! नींद नहीं आएगी अब अपस्यु… लगता है ये इंतजार कहीं जान ना लेले।"

कल के सरप्राइज के ख्याल ने ऐसा बेख्याली में डाला की खुशी की लहर सर से पाऊं तक दौड़ रही थी और करवट बदलते-बदलते कब नींद अा गई पता भी नहीं चला। सुबह जब साची उठी तब सबसे पहले नजर फोन पर ही गई जिसमें अपस्यु का संदेश लिखा था… "सुबह का पहला सरप्राइज, मैं कॉलेज जाने के लायक हूं, और कॉलेज में मिलते हैं।"

साची को तो जैसे पंख लग गए और वो आज पूरे रिझाने के इरादे से तैयार हो रही थीं। वहीं दूसरी ओर रात को कॉल रखने के बाद अपस्यु ने एक बार फिर से "सेल रिपेयर थेरेपी" शुरू किया। सुबह के 4 बजे तकरीबन उसकी नींद खुली और आंख खुलते ही सबसे पहले उसने अपने पाऊं का ही आकलन किया।

"आह ! पूरा सर भरी है"… आरव अपने सिर पकड़ कर उठते हुए कहा।
"पास में ही नींबू पानी का जूस रखा है, गटक जा".. ट्रेडमिल पर भागते हुए अपस्यु ने कहा।

सिर भारी था, आंख पूरी तरह से खुली नहीं थी। नींबू पानी लेने के बाद भी हैंगओवर नहीं उतरा था लेकिन आरव की आखें जरूर खुल चुकी थी। उसके आखों के सामने अपस्यु केवल निक्कर पहने, ट्रेडमिल पर भाग रहा था… "अबे कल तक तो टूटा था, आज भागने कैसे लग गया"..

"तूने कल ध्यान दिया होता तो शाम को ही मैं भागने लग जाता"… अपस्यु, अपने बदन को तौलिए से पोंछता आरव के पास पहुंचा।

आरव:- सारी मेरे भाई, पता नहीं कल मुझे किस बात का फ्रस्ट्रेशन था....
अपस्यु:- शायद मेरे ही बातों का फ्रस्ट्रेशन था। गलती तेरी नहीं मेरी है। तूने कल सही कहा था, है तो वो अपनी बहन, अपना खून।
आरव:- सच भाई। वैसे कल मैं कुंजल से मिलने गया था लेकिन कॉलेज के एड्रेस पर वो नहीं मिली।
अपस्यु:- कोई बात नहीं है, चलकर तैयार होते हैं, आज उससे कॉलेज में ही मिलते हैं।
आरव:- वो सब तो ठीक है, लेकिन क्या उसके दिल में भी हमारे लिए वहीं प्यार होगा, क्योंकि संस्कार तो उसमे कनाडा वाले ही होंगे… "सैपरेट और इंडिपेंडेंट ख्याल वाले।"
अपस्यु:- चलकर मिल तो लेे पहले, फिर देखते हैं क्या होता है?

दोनों भाई तैयार हो चुके थे। अराव कुछ ज्यादा ही खुश नजर आ रहा था, शायद परिवार से मिलने की खुशी थी। तभी अपस्यु के मोबाइल पर साची का कॉल आया। उससे बात करने के बाद वो आरव से कहने लगा… "लगता है आज फिर तुम्हे लावणी के साथ उसके स्कूटी पर जाना होगा।"

आरव:- नहीं मैं फटफटी से जाता हूं तू लैंबोर्गिनी से चला जा।
अपस्यु:- कुछ हुआ है क्या है मेरे भाई।
आरव:- कुछ नहीं बस ऐसा लग रहा है मैं उसे परेशान कर रहा हूं।
अपस्यु:- चल कोई नहीं। तू निकल फिर मै भी पीछे से पहुंचा।

आरव वहां से निकल गया अपस्यु अपनी लैंबोर्गिनी एवेंटाडोर लिए अपार्टमेंट के दूसरे गेट पर उसका इंतजार करने लगा। कुछ पल बाद लावणी भी स्कूटी लेकर पहुंची। अपस्यु ने जब साची को देखा तो देखता ही रह गया। क्या लग रही थी आज वो, एकदम क़यामत।

साची को अपस्यु के पास उतार कर लावणी फिके मुंह आरव के बारे में पूछने लगी। अपस्यु का ध्यान साची से हटकर लावणी पर गया जिसे देख कर वो समझ गया की क्यों आरव नहीं गया लावणी के साथ। उसने भी शालीनता से जवाब देते हुए लावणी से बोला… "तुम जाओ वो चला गया कॉलेज"… इधर तब तक साची अाकर कार में बैठ चुकी थी।

"वाउ ! ये लैंबोर्गिनी एवेंटाडोर है ना"… साची पूरे उत्सुकतावश पूछी
"तुम ये बेकार की बेजान सी चीज देखने में व्यस्त हो और मेरी जान कहीं और अटक चुकी है"… एक पूरी नजर साची को देखते हुए अपस्यु ने कहा। डार्क मरून रंग की प्लेन पेंसिल ड्रेस जो घुटनों के थोड़ा ऊपर तक थी, उसके आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। बाल पूरे खुले और चेहरे पर किया ये हल्का मेकअप… उफ्फ ! आज तो पूरे जान लेने के इरादे से निकली थी घर से।

"कहां अटक चुकी है तुम्हारी जान अपस्यु".. साची मुस्कुराती हुई अपस्यु के ओर देखती हुई पूछी.. दोनों की नजरों से नजरें टकरा रही थी और प्रतिक्रिया में अपस्यु भी मुस्कुराया और अपनी कार को स्टार्ट कर निकल लिए कॉलेज के ओर..

बाहर खामोशी और अंदर तूफान चल रहा था। इसी कस-म-कस में दोनों की आवाज़ बिल्कुल धीमी और मुस्कान पूरे तेज देखने मिल रहा था। साची का दिल तो पहले से ही सरप्राइज के नाम से धड़क रहा था और बेसब्री अपने चरम पर थी, केवल इस इंतजार में कि अब कह भी दो अपस्यु। और अपस्यु तो केवल उसके रूप को ही निहार-निहार कर निहाल हुआ जा रहा था।

दोनों के चेहरे की चमक एक अलग ही स्तर पर थी जो देखने वालों को यहीं अनुभव करवाती की दोनों साथ में कितने प्यारे लग रहे है। किंतु आज तो पूरे कॉलेज के लिए आकर्षण का केंद्र उसकी लंबोर्गिनी ही बनी हुई थी। जैसे ही कार कॉलेज के गेट पर रुकी, एक अत्यंत आकर्षित बाला उसके पास खड़ी होकर पूछने लगी…. "Hey handsome, wanna ride with me"

साची का तो खून ही खौल गया…. वो कुछ बोल पाती उससे पहले ही कार आगे बढ़ने लगी और वो लड़की तबतक अपने हैंडबैग से लिपस्टिक निकालकर एक कागज में अपना नंबर लिख दी। उस कागज पर अपने लिपस्टिक लगे होटों के निशान छापकर अपस्यु के गोद में फेक वो आंख मार दी। उसकी इस हरकत पर तो साची और भी जलभुन गई….

"हुंह ! उसे इतना भाव देने की क्या जरूरत थी".. साची गुस्से में पूछने लगी।
"मैंने कहां किसी को भाव दिया। वो तो खुद चिपकी जा रही थी".. अपस्यु सफाई देते कहने लगा।
"हां वो तो मैं भी देख रही थी। तुम्हारे मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला और निकलता भी कैसे, उस मिनी स्कर्ट वाली को देखकर तुम्हारे मुंह से लार जो टपक रहा था".. साची एक बार फिर अपने गुस्से का इजहार करती।
"मैंने तो कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी, फिर तुमने ये सब नोटिस कैसे कर लिया".. अपस्यु, साची का हाथ अपने हाथ में लेकर उसे समझाते हुए कहने लगा।

"तो जाओ और पहले अपनी प्रतिक्रिया ही देकर आओ, मैं चली क्लास"…साची हाथ झटक कर कार से नीचे उतर गई और अपने क्लास के ओर चल दी। उसे पीछे से जाते देख अपस्यु अपने बालों में हाथ फेरता खुद से ही कहने लगा… "हाय लगता है इजहार से पहले ही इश्क़ के साइड इफेक्ट्स देखने को मिल रहे हैं। मज़ा आएगा"..

अपस्यु कार पार्क कर लौट ही रहा था तभी उसके पास आरव का कॉल आया और उसने कुंजल के बारे में कुछ बात कि.. अपस्यु वहां से सीधा आरव के पास पहुंचा… "अभी-अभी हिस्ट्री की क्लास में गई है".. अपस्यु के आते ही आरव ने कहा।

"तो फिर हम यहां क्या कर रहे है, हम भी चलते हैं क्लास में".. अपस्यु ने पूरे उत्साह के साथ कहा।

"अबे वो हिस्ट्री की क्लास है वो भी 2nd ईयर की"… आरव ने चिंता जाहिर करते हुए कहा। लेकिन आरव की बात को नकारते, अपस्यु उसे खींच कर अंदर लेे गया। क्लास चल रही थी प्रोफेसर बोर्ड पर कुछ लिख रहे थे और इतने में दोनों भाई अंदर जाकर सीधा कुंजल के पास वाली सीट पर आकर खड़े हो गए।
ye ladkiya bhi na jab dekho jal bhun jati hai :doh:
 

nain11ster

Prime
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Kunjal will also support Saachi, :hug: let's see how long Apasyu will be able to escape from this trap of love. :derisive: Turn the pain inside Saachi into happiness and you did not say what Apasyu has in mind about Saachi. :dontknow: Mom too has understood everything indirectly, perhaps Mom accepts this. Well Aarav is good and true to heart.:love3:
Money does all the work nowadays, only money should be there. Sanjay is very scared.:lol1: The past is very dangerous and painful, I wanted to know in more detail, it is so understandable that whatever happened was very bad. :angryno:Sinha ji seems like an old lover to me.

As always the update was great, You are writing very well, Now let's see what happens next, Till then waiting for the next part of the story.

Thank You...

???

yeahhhh lets cheers .... kunjal will support ... bus bata dijiyega .. kya wakai me usne support kiya ... :D... areeee mom sachi ke bare me nahi janti hai ... bus wo to apasyu ko itna jimmedar dekh kar kah gayi ... waise dekhiye aage aage kya hona hai .. and thanks for your outstanding support
 

nain11ster

Prime
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rgcrazyboy dekh lijiye ... inki sazishe... aur aap hai ki hum pe arop lagate hai :D

ye hai ek saboot ke sath diya hua apne begunahi ka praman ...

fear se chalaki.
usko to main dekha he luga.
par aap bacha ke nikal ne ke liye nainu ke kandhe par banduk rakha kar kyu chala rahe hai. :bat:

aur ye metos zindgi wala rg :roflol:
 
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