Sanju69
Sambog se samadhi ki aur
- 1,600
- 3,571
- 144
तभी गेट खुला और वेटर खाना ले आया जो एक ही प्लेट में था और एकस्ट्रा कटोरी का कोई ऑप्शन नहीं था तो हमने एक प्लेट से सब्जी रोटी , सलाद , चावल एक दूसरे की आंखों में देखते हुए खाया ।
खाना बहुत टेस्टी था और शालिनी के साथ खाने में मजा आया । मैने फिर बिल पे किया और काउंटर से अपने कपडे लिए और पार्किंग में आकर बाइक पर बैठे तो मां का फोन आया ।
मैने फोन उठाया और बोला ,-- मां में अभी बाइक चला रहा हूं । घर पहुंच कर फोन करता हूं ।
मैने फोन काटा और बिना बोले ही बाइक आगे बढ़ा दी तो शालिनी बिना बैठे ही खड़ी थी । मैने बाइक पीछे ली और उसके बैठने का इंतजार करने लगा । जब वो बैठ गई तो में बाइक को धीरे धीरे चलाने लगा। शालिनी चुप चाप बैठी थी तो में भी कुछ नहीं बोला ।
कुछ देर में शालिनी आगे झुकी और मेरे कान में बोली ,-- अच्छे से चला ले मादर चोद ।
में बाइक की स्पीड बढ़ाया तो शालिनी जोर से हंसने लगी ।
में कॉलोनी के पास आने से पहले फिर बाइक धीरे कर लिया तो शालिनी ने फिर मेरे कान में कहा ,-- चल ना मादर चोद ।
मेरे को शालिनी के मुंह से मादर चोद सुन ने में मजा आ रहा था और आज उसके मुंह से गालिया सुनकर भी मजा आया था ।
हम घर पहुंचे से शालिनी दौड़ कर अंदर भाग गई क्योंकि उसने फ्रॉक पहनी थी और में बाइक पार्क करके आया तो वो नाइटी पहन कर आई तो मैने उस से कहा ,-- सेक्सी , सिगरेट पिला ना ।
शालिनी ,-- आप ले लो ना , में दूध लाती हूं आपके लिए ।
में ,-- मत लाना में नहीं पियूंगा दूध ।
शालिनी ,-- ओह्ह , पूरे बच्चे हो अभी भी ।
में ,-- और तुम इस बच्चे को दूध पिलाती हो ।
शालिनी ,-- तभी थी बड़े होओगे और कही बीबी छोड़कर भाग गई तो ।
में ,-- तुम्हे क्या है तुम तो अपने साजन के साथ मजे करना । और रही बात मेरी तो में शादी नहीं करने वाला समझी ।
शालिनी सिगरेट सुलगा कर धुआं छोड़ी और सिगरेट मुझे देकर बोली ,- अच्छा है नहीं तो बीबी को बोलते कि रानी सिगरेट जला कर दे दो ।
…

में सिगरेट पीने लगा तो शालिनी दूध लेने चली गई और सिगरेट खत्म होते ही वो मेरे बिल्कुल पास आकर खड़ी हो गई और बोली ,-- चलो पियो , ज्यादा गरम नहीं है दूध ।
शालिनी के बूब्स मेरे मुंह के पास थे और वो मुझे दूध पीते देख कर मुस्करा रही थी ।मैने दूध पी लिया तो वो बोली ,-- कल मां आ रही है। आप ऑफिस की छुट्टी ले लेना ।
में ,-- मेरा ऑफिस जाना जरूरी होता है तुम बंक मार लो में जल्दी आ जाऊंगा ऑफिस से ।
शालिनी ,-- अब सोना नहीं है क्या । सुबह पांच बजे उठना है आप को ।
में ,-- और तुम ।
शालिनी ,-- मुझे भी उठा देना , ये सब छुपाना पड़ेगा नहीं तो माता जी का पारा हाई हो जाएगा ।
में ,-- आज हग नहीं दोगी ।
शालिनी ,-- लिमिट में रहोगे तो फायदे में रहोगे । आज वैसे भी आपको रजिया का मस्त हग मिल चुका ।
…

में ,-- बहुत रुड है तू ।
शालिनी ,-- हां हूं , तुम को अच्छी बीबी चाहिए तो शादी क्यों नहीं कर लेते जो हग भी देगी और तुमको उसे मॉल में बीबी बोलने में भी मजा आएगा ।
में ,-- ठीक है , तुम भी खूब एंजॉय कर रही थी ।
शालिनी ,-- अब सो जाओ ।
में ,-- पहले वो गाली दे ना ।
शालिनी ने मेरे पास आकर मेरे गाल को प्यार से चूमा और बोली ,-- सो जा । मा.. द… र… चो… द.
में ,-- थैंक्स सेक्सी ।
शालिनी मुस्करा कर फ्रॉक में ही सो गई और मुझे भी बहुत थकान हो गई थी इसलिए सो गया ।
सुबह मेरी नींद पांच बजे टूटी तो शालिनी की पीठ मेरी तरफ थी और उसकी फ्रॉक पूरी ऊपर उठी हुई थी जिसके कारण उसकी गांड पूरी नन्गी थी और पेन्टी से पूरी साफ दिख रही थी।
…

.
मेरा लंड पूरा टाइट हो गया तो मै छत पर आकर एक्सरसाइज करने लगा और रोज के हिसाब से जब दूध लेकर घर पहुंचा तो शालिनी भी उठ चुकी थी ।
में चाय पी तो शालिनी ने घर को व्यवस्थित करना शुरू किया और मैने मां को फोन किया तो वो बोली कि वो अभी घर से नहीं निकली है क्योंकि उन्हें शहर में बैंक का हेड ऑफिस है और उनको वहां भी जाना है इसलिए वो दस बजे पहले हेड ऑफिस जाएगी और फिर वहां से काम होने के बाद घर आएगी ।
में तैयार होकर ऑफिस से निकलने लगा तो शालिनी ने मेरे पास आकर कहा कि वो झप्पी ले ले क्योंकि शाम में फिर मौका नहीं मिलेगा । शालिनी पुराने लुक में आ गई थी और वो सलवार कुर्ता पहने थी ।

में उसको बाहों में लेकर खड़ा था तो वो मेरे कान में बोली ,-- भैया आपने मुझे रात में उस गाली का मतलब समझा कर सोचने पर मजबूर कर दिया कि लोग इसे भी होते हैं क्या ।
में शालिनी के मोटे बूब्स अपनी छाती महसूस करके बोला ,-- कैसे ।
शालिनी ,-- मादर चोद ।
में ,-- अपनी गुरु मां से पूछना । वही बताएगी ।
शालिनी ,-- आप फिर मुझे बार बार वो गाली देने को क्यों बोल रहे थे ।
में ,-- क्योंकि तेरे मुंह से गाली सुनकर अच्छा लग रहा था ।
शालिनी हंस कर अलग हो गई तो में बाइक लेकर ऑफिस पहुंचा और अपना काम करने लगा तो मुझे ग्यारह बजे सुनीता भाभी का फोन आया ।
सुनीता भाभी,- रोहित , तुमने अपनी दीदी को दिया वचन नहीं निभाया ना ।
में ,-- कौनसा दीदी ।
सुनीता भाभी,-- तुमको कहा था ना दिन में एक बार से ज्यादा मूठ नहीं मारना ।
में ,-- सॉरी दीदी , कल मॉल में माहौल ऐसा बन गया की में रुक नहीं पाया ।
सुनीता भाभी,- अब मुझे दीदी मत बोलना , कल को तुम बोलोगे की दीदी माहौल ऐसा बन गया कि में सालिनी की झीली तोड़ बैठा।
में ,-- प्लीज़ दीदी , अब आपका भाई ऐसी गलती नहीं करेगा और सुबह मूठ नहीं मारेगा बल्कि रात में ही जो करना होगा वो करेगा ।
सुनीता भाभी,-- पक्का ।
में ,-- प्रॉमिस दीदी , वो तो आप ने सुबह सुबह शालिनी की पेन्टी की बात बोलकर मुझे मूठ मारने को मजबूर कर दी नहीं तो मेरा सुबह ऐसा विचार नहीं था ।
सुनीता भाभी,-- अगर तुमने आगे से अपनी दीदी का बात नहीं माना तो फिर दीदी को भूल जाना ।
में ,-- ठीक है दीदी और बताइए आप ठीक हो ना ।
सुनीता भाभी,--हम्म , तू बता । मादर चोद बनेगा ।
में ,-- नहीं दीदी ।
सुनीता भाभी,-- फिर शालिनी के बार बार मादर चोद बोलने के लिए क्यों बोल रहा था बहन चोद ।
में ,-- उसके मुंह से सुनकर मजा आया इसलिए ।
सुनीता भाभी ,-- चल तेरी मर्जी अगर मूड हो तो बता देना ।
में ,-- ऐसा कुछ नहीं है।
उसके बाद मैने अपने ऑफिस में जल्दी से सोमवार का काम निपटाया और एक घंटा पहले ऑफिस से निकला और घर पहुंचा तो मां टीवी देख रही थी और शालिनी रूम में मोबाइल चला रही थी ।
में मां के पैरों में झुका तो उन्होंने मुझे खड़े होकर अपने सीने से लगा लिया । में मां के गले लगा तो मुझे शालिनी की बात याद आई मादर चोद तो मुझे उत्तेजना हुई और तभी मां ने मेरे को अलग किया और मेरे चेहरे को देखने लगी ।

में मां के चेहरे को देखा तो मुझे उनका चेहरा शालिनी से मिलता जुलता लगा । मां के चेहरे पर अभी भी ग्लो था और उनके चेहरे पर जो पिताजी की मौत के समय हल्की सी झुर्रियां दिखती थी वो गायब हो चुकी थी और मां फिर से सुंदर लगने लगी थी ।
मां ,-- क्या देख रहा है बेटा ।
में ,-- मां आप पहले से काफी सुंदर हो गई हो ।
मां,-- हां , बेटा अब मुझे कोई टेंशन नहीं है। शालिनी कितनी जल्दी बदल गई पूरी जवान दिखने लगी है।तूने उसका बहुत अच्छे से ख्याल रखा है।
में ,-- मां मेरा आपके और उसके सिवाय है ही कौन।
मां,-- हां बेटा , बहुत तारीफ कर रही थी शालिनी तुम्हारी , जब से आई हूं तब से उसके होठों पर तुम्हारा ही नाम है।
में ,-- और मुझसे दिन भर लड़ती रहती है।
मां ,-- बेटा प्यार में लड़ाई हो तो प्यार ज्यादा बढ़ता है ।मुझे तो तुम दोनों की ही चिंता रहती है पर आज तुम्हे देख कर बहुत खुश हूं कि तुम भी पहले से काफी अच्छे लगने लग गए हो।
में ,-- सब शालिनी का कमाल है मां , मुझे ठूंस ठूंस कर खाना खिलाती है और दोनों टाइम दूध के बादाम डालकर पीने को देती है।
मां,-- तभी तो मेरा बेटा सांड बनेगा ना ।
में मां की बात सुनकर उनके चेहरे को देखा जो मैने पहले कभी इतना नजदीक से नहीं देखा था । मां की मोटी चुचिया अभी भी मेरे सीने से हल्की सी लग रही थी और सांड सुनकर मुझे भाभी की याद आई कि मुझे सांड बन कर शालिनी पर चढ़ना है पर मां को देख कर लगा कि मां भी मस्त घोड़ी है और लगता है मां की सवारी कोई अच्छे से कर रहा है।
,..

.
में यही सोच ही रहा था कि मां ने मेरे माथे पर चुंबन किया तभी शालिनी की आवाज आई ,-- हो गया मां बेटे का मिलन या अभी बाकी है ।
मां ,,-- तुझे क्यों मिर्ची लग रही है। हम दोनों के मिलन से ।
शालिनी ,-- मुझे क्यों मिर्ची लगेगी भला । में तो पूछ रही हूं कि बरसो के बिछड़े मा बेटा अच्छे से मिल लेना।
शालिनी की बात मुझे चुभी की बरसो का क्या मतलब अभी तो दो महीने पहले ही मिले थे ।
मां से में अलग हुआ और कपड़े चेंज करने के लिए रूम में आया तो रूम पूरा बदला हुआ था और में बरमूडा पहन कर बाहर आया तो मां किसी से चैटिंग कर रही थी ।
मुझे देख कर वो किचन में चली गई तो कुछ देर में शालिनी चाय लेकर आई और मेरे पास बैठ कर बोली ,-- बहुत जोर से गले मिल रहे थे मां से ।
में ,-- चुप , वो सुन लेगी ।
शालिनी ,,-- मजा आया ना हग करके ।
में ,-- हां ,आएगा नहीं क्या । वो मेरी मां है।
शालिनी ये सुनकर मुस्कराई तो में पूछा किस बात पर हंसी आ रही हैं।
शालिनी धीरे से मेरे कान में ,-- मुझे लगा कि आज बनके रहोगे।
में ,,-- क्या ।
शालिनी ,-- जो रात में बोल रहे थे ।
मैने चाय का कप टेबल पर रखा और शालिनी का गाल पकड़ कर खींचा तो शालिनी चिल्लाई ,-- मां।
मां किचन से आई और बोली ,-- क्या हुआ ।
शालिनी ,-- देखो आपके सुपुत्र मुझे मार रहे हैं।
मां ,-- क्या हुआ बेटा ।
में ,-- ये मुझे चिढ़ा रही है ।
मां ,-- ओह्ह तुम दोनों भी ना । क्या बोल रही है ये ।
में ,-- बोल दूँ मा को ।
शालिनी की गांड फट गई कि कही में सच नहीं बोल दूं पर उसने फिर कहा ,-- बोल दो।
में ,-- ये मुझे चिड़ा रही है कि अब पीना सिगरेट ।
मां ,-- ऑफो.. शालिनी मैने बोला तो था कि सागर अब बच्चा नहीं है पूरा मर्द बन चुका है और एक आध सिगरेट से कुछ नहीं होता तेरे पिताजी तो पूरा पैकेट पीते थे दिन भर में ।
शालिनी ,-- ये और मर्द , इनकी थोड़ी सी बॉडी अभी बनी है जब मैने इन्हें दूध बादाम देना शुरू किया है।
मां,-- तो क्या हो गया ये बॉडी तुम्हारे ही काम आने वाली है।
शालिनी ,-- हुह,....मेरे क्या काम आएगी ।
मां ,-- जब कोई परेशानी आएगी ना तब पता चलेगा।
शालिनी हाथ जोड़कर ,-- अब आप को सिगरेट लाकर दूं क्या । पीला दीजिए अपने हाथ से अपने मर्द को ।
मां,-- चुप कुछ भी बोलती हैं।
शालिनी ,-- अभी आप ही तो बोली कि ये मर्द है।
मां ,-- हां तो तुम्हे अब बच्चा लगता है क्या ।
शालिनी ,-- तो अपने मर्द बेटे को शराब भी पिलाना शुरू कर दीजिए फिर ।
मां ,-- अगर इसकी इच्छा होगी तो पिला दूंगी ।हम लोगों के खानदान में सब शराब पीते आए है तेरे पिताजी पीने बैठते थे तो पूरी बोतल पी कर उठते थे।
शालिनी ,,-- भाई जी , बोलिए इच्छा है पीने की आज तो पिलाने वाली भी है ।
मां,-- चुप शैतान । में अपना जरूरी फोन काट कर आई कि क्या हो गया।
मम्मी वापस फोन करके बात करते हुए किचन में चली गई तो शालिनी मुस्करा कर धीरे से बोली ,-- पियेगा मादर चोद, अपनी मां के हाथ से ।
में ,-- तू है ना पिलाने को फिर मां की क्या जरूरत है।
शालिनी ,-- नई शराब से पूरी शराब ज्यादा नशीली होती है।
में ,-- बहुत ज्ञान मिल गया दिखता है वॉटसएप यूनिवर्सिटी से ।
मुझे शालिनी की बात सुनकर झटका लगा कि शालिनी क्या कहना चाहती है।
शालिनी ,-- अभी आपने मेरा असली ज्ञान कहां सुना है।
में हाथ जोड़कर ,-- दीजिए गुरु मां
शालिनी ,-- रजिया आप से बात करने को मरी जा रही है।
में ,-- उसके भाई है ना दो दो ।
शालिनी ,-- तुम भी तो अब उसके भाई बन चुके ।
में ,-- तो ।
शालिनी मुस्करा कर,-- तो क्या सुनीता भाभी की तरह उसको भी रजिया बहन बना लो ।
में शालिनी की बात सुनकर समझ गया कि जरूर सुनीता भाभी उसको अपने चोदने को बात उसे बता चुकी है ।
में ,, मेरी अब दो ही बहन काफी है ।
शालिनी ,-- चलो अच्छा है नहीं तो मैने सोचा कि पता नहीं अभी कितनी बहन और बनाओगे ।उसने आपके लिए फोटो भेजी है देखिए आपके मोबाइल में ।
मैने अपना मोबाइल देखा तो रजिया ने अपनी फोटो भेजी थी जिसमें वो बहुत ही सेक्सी ड्रेस में थी और उसकी फोटो देख कर मेरा लंड टाइट हो गया जो शालिनी की नजर से छुप नहीं पाया ।
..

शालिनी ,- अच्छी है ना ।
में समझ गया कि मेरा नंबर शालिनी ने ही उसको दिया होगा।
में ,-- वो मुझे ऐसी फोटो क्यों भेज रही है ।
शालिनी मुस्करा कर ,-- राखी बांध ने के लिए सुनीता दीदी की तरह , बंधवानी हो तो बोल देना ।
में शालिनी को देखा तो वो मुझे अस्लील तरीके से आंख मारी और बोली ,-- कैसी लगी ।
…

में ,-- क्या ।
शालिनी,-- मेरी स्टाइल प्रिय प्रकाश की तरह है ना ।
में ,-- बहुत बिगड़ गई है तू ।
शालिनी ,-- हां, बहन चोद
में शालिनी के मुंह से बहन चोद सुनकर पूरा गंगना गया और लंड खड़ा हो गया और मन में सोचने लगा कि बहुत जल्द अब बहन चोद बन ना पड़ेगा ।वैसे तो सुनीता ने इसकी शरुआत कर ही दी थी।
खाना बहुत टेस्टी था और शालिनी के साथ खाने में मजा आया । मैने फिर बिल पे किया और काउंटर से अपने कपडे लिए और पार्किंग में आकर बाइक पर बैठे तो मां का फोन आया ।
मैने फोन उठाया और बोला ,-- मां में अभी बाइक चला रहा हूं । घर पहुंच कर फोन करता हूं ।
मैने फोन काटा और बिना बोले ही बाइक आगे बढ़ा दी तो शालिनी बिना बैठे ही खड़ी थी । मैने बाइक पीछे ली और उसके बैठने का इंतजार करने लगा । जब वो बैठ गई तो में बाइक को धीरे धीरे चलाने लगा। शालिनी चुप चाप बैठी थी तो में भी कुछ नहीं बोला ।
कुछ देर में शालिनी आगे झुकी और मेरे कान में बोली ,-- अच्छे से चला ले मादर चोद ।
में बाइक की स्पीड बढ़ाया तो शालिनी जोर से हंसने लगी ।
में कॉलोनी के पास आने से पहले फिर बाइक धीरे कर लिया तो शालिनी ने फिर मेरे कान में कहा ,-- चल ना मादर चोद ।
मेरे को शालिनी के मुंह से मादर चोद सुन ने में मजा आ रहा था और आज उसके मुंह से गालिया सुनकर भी मजा आया था ।
हम घर पहुंचे से शालिनी दौड़ कर अंदर भाग गई क्योंकि उसने फ्रॉक पहनी थी और में बाइक पार्क करके आया तो वो नाइटी पहन कर आई तो मैने उस से कहा ,-- सेक्सी , सिगरेट पिला ना ।
शालिनी ,-- आप ले लो ना , में दूध लाती हूं आपके लिए ।
में ,-- मत लाना में नहीं पियूंगा दूध ।
शालिनी ,-- ओह्ह , पूरे बच्चे हो अभी भी ।
में ,-- और तुम इस बच्चे को दूध पिलाती हो ।
शालिनी ,-- तभी थी बड़े होओगे और कही बीबी छोड़कर भाग गई तो ।
में ,-- तुम्हे क्या है तुम तो अपने साजन के साथ मजे करना । और रही बात मेरी तो में शादी नहीं करने वाला समझी ।
शालिनी सिगरेट सुलगा कर धुआं छोड़ी और सिगरेट मुझे देकर बोली ,- अच्छा है नहीं तो बीबी को बोलते कि रानी सिगरेट जला कर दे दो ।
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में सिगरेट पीने लगा तो शालिनी दूध लेने चली गई और सिगरेट खत्म होते ही वो मेरे बिल्कुल पास आकर खड़ी हो गई और बोली ,-- चलो पियो , ज्यादा गरम नहीं है दूध ।
शालिनी के बूब्स मेरे मुंह के पास थे और वो मुझे दूध पीते देख कर मुस्करा रही थी ।मैने दूध पी लिया तो वो बोली ,-- कल मां आ रही है। आप ऑफिस की छुट्टी ले लेना ।
में ,-- मेरा ऑफिस जाना जरूरी होता है तुम बंक मार लो में जल्दी आ जाऊंगा ऑफिस से ।
शालिनी ,-- अब सोना नहीं है क्या । सुबह पांच बजे उठना है आप को ।
में ,-- और तुम ।
शालिनी ,-- मुझे भी उठा देना , ये सब छुपाना पड़ेगा नहीं तो माता जी का पारा हाई हो जाएगा ।
में ,-- आज हग नहीं दोगी ।
शालिनी ,-- लिमिट में रहोगे तो फायदे में रहोगे । आज वैसे भी आपको रजिया का मस्त हग मिल चुका ।
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में ,-- बहुत रुड है तू ।
शालिनी ,-- हां हूं , तुम को अच्छी बीबी चाहिए तो शादी क्यों नहीं कर लेते जो हग भी देगी और तुमको उसे मॉल में बीबी बोलने में भी मजा आएगा ।
में ,-- ठीक है , तुम भी खूब एंजॉय कर रही थी ।
शालिनी ,-- अब सो जाओ ।
में ,-- पहले वो गाली दे ना ।
शालिनी ने मेरे पास आकर मेरे गाल को प्यार से चूमा और बोली ,-- सो जा । मा.. द… र… चो… द.
में ,-- थैंक्स सेक्सी ।
शालिनी मुस्करा कर फ्रॉक में ही सो गई और मुझे भी बहुत थकान हो गई थी इसलिए सो गया ।
सुबह मेरी नींद पांच बजे टूटी तो शालिनी की पीठ मेरी तरफ थी और उसकी फ्रॉक पूरी ऊपर उठी हुई थी जिसके कारण उसकी गांड पूरी नन्गी थी और पेन्टी से पूरी साफ दिख रही थी।
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मेरा लंड पूरा टाइट हो गया तो मै छत पर आकर एक्सरसाइज करने लगा और रोज के हिसाब से जब दूध लेकर घर पहुंचा तो शालिनी भी उठ चुकी थी ।
में चाय पी तो शालिनी ने घर को व्यवस्थित करना शुरू किया और मैने मां को फोन किया तो वो बोली कि वो अभी घर से नहीं निकली है क्योंकि उन्हें शहर में बैंक का हेड ऑफिस है और उनको वहां भी जाना है इसलिए वो दस बजे पहले हेड ऑफिस जाएगी और फिर वहां से काम होने के बाद घर आएगी ।
में तैयार होकर ऑफिस से निकलने लगा तो शालिनी ने मेरे पास आकर कहा कि वो झप्पी ले ले क्योंकि शाम में फिर मौका नहीं मिलेगा । शालिनी पुराने लुक में आ गई थी और वो सलवार कुर्ता पहने थी ।

में उसको बाहों में लेकर खड़ा था तो वो मेरे कान में बोली ,-- भैया आपने मुझे रात में उस गाली का मतलब समझा कर सोचने पर मजबूर कर दिया कि लोग इसे भी होते हैं क्या ।
में शालिनी के मोटे बूब्स अपनी छाती महसूस करके बोला ,-- कैसे ।
शालिनी ,-- मादर चोद ।
में ,-- अपनी गुरु मां से पूछना । वही बताएगी ।
शालिनी ,-- आप फिर मुझे बार बार वो गाली देने को क्यों बोल रहे थे ।
में ,-- क्योंकि तेरे मुंह से गाली सुनकर अच्छा लग रहा था ।
शालिनी हंस कर अलग हो गई तो में बाइक लेकर ऑफिस पहुंचा और अपना काम करने लगा तो मुझे ग्यारह बजे सुनीता भाभी का फोन आया ।
सुनीता भाभी,- रोहित , तुमने अपनी दीदी को दिया वचन नहीं निभाया ना ।
में ,-- कौनसा दीदी ।
सुनीता भाभी,-- तुमको कहा था ना दिन में एक बार से ज्यादा मूठ नहीं मारना ।
में ,-- सॉरी दीदी , कल मॉल में माहौल ऐसा बन गया की में रुक नहीं पाया ।
सुनीता भाभी,- अब मुझे दीदी मत बोलना , कल को तुम बोलोगे की दीदी माहौल ऐसा बन गया कि में सालिनी की झीली तोड़ बैठा।
में ,-- प्लीज़ दीदी , अब आपका भाई ऐसी गलती नहीं करेगा और सुबह मूठ नहीं मारेगा बल्कि रात में ही जो करना होगा वो करेगा ।
सुनीता भाभी,-- पक्का ।
में ,-- प्रॉमिस दीदी , वो तो आप ने सुबह सुबह शालिनी की पेन्टी की बात बोलकर मुझे मूठ मारने को मजबूर कर दी नहीं तो मेरा सुबह ऐसा विचार नहीं था ।
सुनीता भाभी,-- अगर तुमने आगे से अपनी दीदी का बात नहीं माना तो फिर दीदी को भूल जाना ।
में ,-- ठीक है दीदी और बताइए आप ठीक हो ना ।
सुनीता भाभी,--हम्म , तू बता । मादर चोद बनेगा ।
में ,-- नहीं दीदी ।
सुनीता भाभी,-- फिर शालिनी के बार बार मादर चोद बोलने के लिए क्यों बोल रहा था बहन चोद ।
में ,-- उसके मुंह से सुनकर मजा आया इसलिए ।
सुनीता भाभी ,-- चल तेरी मर्जी अगर मूड हो तो बता देना ।
में ,-- ऐसा कुछ नहीं है।
उसके बाद मैने अपने ऑफिस में जल्दी से सोमवार का काम निपटाया और एक घंटा पहले ऑफिस से निकला और घर पहुंचा तो मां टीवी देख रही थी और शालिनी रूम में मोबाइल चला रही थी ।
में मां के पैरों में झुका तो उन्होंने मुझे खड़े होकर अपने सीने से लगा लिया । में मां के गले लगा तो मुझे शालिनी की बात याद आई मादर चोद तो मुझे उत्तेजना हुई और तभी मां ने मेरे को अलग किया और मेरे चेहरे को देखने लगी ।

में मां के चेहरे को देखा तो मुझे उनका चेहरा शालिनी से मिलता जुलता लगा । मां के चेहरे पर अभी भी ग्लो था और उनके चेहरे पर जो पिताजी की मौत के समय हल्की सी झुर्रियां दिखती थी वो गायब हो चुकी थी और मां फिर से सुंदर लगने लगी थी ।
मां ,-- क्या देख रहा है बेटा ।
में ,-- मां आप पहले से काफी सुंदर हो गई हो ।
मां,-- हां , बेटा अब मुझे कोई टेंशन नहीं है। शालिनी कितनी जल्दी बदल गई पूरी जवान दिखने लगी है।तूने उसका बहुत अच्छे से ख्याल रखा है।
में ,-- मां मेरा आपके और उसके सिवाय है ही कौन।
मां,-- हां बेटा , बहुत तारीफ कर रही थी शालिनी तुम्हारी , जब से आई हूं तब से उसके होठों पर तुम्हारा ही नाम है।
में ,-- और मुझसे दिन भर लड़ती रहती है।
मां ,-- बेटा प्यार में लड़ाई हो तो प्यार ज्यादा बढ़ता है ।मुझे तो तुम दोनों की ही चिंता रहती है पर आज तुम्हे देख कर बहुत खुश हूं कि तुम भी पहले से काफी अच्छे लगने लग गए हो।
में ,-- सब शालिनी का कमाल है मां , मुझे ठूंस ठूंस कर खाना खिलाती है और दोनों टाइम दूध के बादाम डालकर पीने को देती है।
मां,-- तभी तो मेरा बेटा सांड बनेगा ना ।
में मां की बात सुनकर उनके चेहरे को देखा जो मैने पहले कभी इतना नजदीक से नहीं देखा था । मां की मोटी चुचिया अभी भी मेरे सीने से हल्की सी लग रही थी और सांड सुनकर मुझे भाभी की याद आई कि मुझे सांड बन कर शालिनी पर चढ़ना है पर मां को देख कर लगा कि मां भी मस्त घोड़ी है और लगता है मां की सवारी कोई अच्छे से कर रहा है।
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में यही सोच ही रहा था कि मां ने मेरे माथे पर चुंबन किया तभी शालिनी की आवाज आई ,-- हो गया मां बेटे का मिलन या अभी बाकी है ।
मां ,,-- तुझे क्यों मिर्ची लग रही है। हम दोनों के मिलन से ।
शालिनी ,-- मुझे क्यों मिर्ची लगेगी भला । में तो पूछ रही हूं कि बरसो के बिछड़े मा बेटा अच्छे से मिल लेना।
शालिनी की बात मुझे चुभी की बरसो का क्या मतलब अभी तो दो महीने पहले ही मिले थे ।
मां से में अलग हुआ और कपड़े चेंज करने के लिए रूम में आया तो रूम पूरा बदला हुआ था और में बरमूडा पहन कर बाहर आया तो मां किसी से चैटिंग कर रही थी ।
मुझे देख कर वो किचन में चली गई तो कुछ देर में शालिनी चाय लेकर आई और मेरे पास बैठ कर बोली ,-- बहुत जोर से गले मिल रहे थे मां से ।
में ,-- चुप , वो सुन लेगी ।
शालिनी ,,-- मजा आया ना हग करके ।
में ,-- हां ,आएगा नहीं क्या । वो मेरी मां है।
शालिनी ये सुनकर मुस्कराई तो में पूछा किस बात पर हंसी आ रही हैं।
शालिनी धीरे से मेरे कान में ,-- मुझे लगा कि आज बनके रहोगे।
में ,,-- क्या ।
शालिनी ,-- जो रात में बोल रहे थे ।
मैने चाय का कप टेबल पर रखा और शालिनी का गाल पकड़ कर खींचा तो शालिनी चिल्लाई ,-- मां।
मां किचन से आई और बोली ,-- क्या हुआ ।
शालिनी ,-- देखो आपके सुपुत्र मुझे मार रहे हैं।
मां ,-- क्या हुआ बेटा ।
में ,-- ये मुझे चिढ़ा रही है ।
मां ,-- ओह्ह तुम दोनों भी ना । क्या बोल रही है ये ।
में ,-- बोल दूँ मा को ।
शालिनी की गांड फट गई कि कही में सच नहीं बोल दूं पर उसने फिर कहा ,-- बोल दो।
में ,-- ये मुझे चिड़ा रही है कि अब पीना सिगरेट ।
मां ,-- ऑफो.. शालिनी मैने बोला तो था कि सागर अब बच्चा नहीं है पूरा मर्द बन चुका है और एक आध सिगरेट से कुछ नहीं होता तेरे पिताजी तो पूरा पैकेट पीते थे दिन भर में ।
शालिनी ,-- ये और मर्द , इनकी थोड़ी सी बॉडी अभी बनी है जब मैने इन्हें दूध बादाम देना शुरू किया है।
मां,-- तो क्या हो गया ये बॉडी तुम्हारे ही काम आने वाली है।
शालिनी ,-- हुह,....मेरे क्या काम आएगी ।
मां ,-- जब कोई परेशानी आएगी ना तब पता चलेगा।
शालिनी हाथ जोड़कर ,-- अब आप को सिगरेट लाकर दूं क्या । पीला दीजिए अपने हाथ से अपने मर्द को ।
मां,-- चुप कुछ भी बोलती हैं।
शालिनी ,-- अभी आप ही तो बोली कि ये मर्द है।
मां ,-- हां तो तुम्हे अब बच्चा लगता है क्या ।
शालिनी ,-- तो अपने मर्द बेटे को शराब भी पिलाना शुरू कर दीजिए फिर ।
मां ,-- अगर इसकी इच्छा होगी तो पिला दूंगी ।हम लोगों के खानदान में सब शराब पीते आए है तेरे पिताजी पीने बैठते थे तो पूरी बोतल पी कर उठते थे।
शालिनी ,,-- भाई जी , बोलिए इच्छा है पीने की आज तो पिलाने वाली भी है ।
मां,-- चुप शैतान । में अपना जरूरी फोन काट कर आई कि क्या हो गया।
मम्मी वापस फोन करके बात करते हुए किचन में चली गई तो शालिनी मुस्करा कर धीरे से बोली ,-- पियेगा मादर चोद, अपनी मां के हाथ से ।
में ,-- तू है ना पिलाने को फिर मां की क्या जरूरत है।
शालिनी ,-- नई शराब से पूरी शराब ज्यादा नशीली होती है।
में ,-- बहुत ज्ञान मिल गया दिखता है वॉटसएप यूनिवर्सिटी से ।
मुझे शालिनी की बात सुनकर झटका लगा कि शालिनी क्या कहना चाहती है।
शालिनी ,-- अभी आपने मेरा असली ज्ञान कहां सुना है।
में हाथ जोड़कर ,-- दीजिए गुरु मां
शालिनी ,-- रजिया आप से बात करने को मरी जा रही है।
में ,-- उसके भाई है ना दो दो ।
शालिनी ,-- तुम भी तो अब उसके भाई बन चुके ।
में ,-- तो ।
शालिनी मुस्करा कर,-- तो क्या सुनीता भाभी की तरह उसको भी रजिया बहन बना लो ।
में शालिनी की बात सुनकर समझ गया कि जरूर सुनीता भाभी उसको अपने चोदने को बात उसे बता चुकी है ।
में ,, मेरी अब दो ही बहन काफी है ।
शालिनी ,-- चलो अच्छा है नहीं तो मैने सोचा कि पता नहीं अभी कितनी बहन और बनाओगे ।उसने आपके लिए फोटो भेजी है देखिए आपके मोबाइल में ।
मैने अपना मोबाइल देखा तो रजिया ने अपनी फोटो भेजी थी जिसमें वो बहुत ही सेक्सी ड्रेस में थी और उसकी फोटो देख कर मेरा लंड टाइट हो गया जो शालिनी की नजर से छुप नहीं पाया ।
..

शालिनी ,- अच्छी है ना ।
में समझ गया कि मेरा नंबर शालिनी ने ही उसको दिया होगा।
में ,-- वो मुझे ऐसी फोटो क्यों भेज रही है ।
शालिनी मुस्करा कर ,-- राखी बांध ने के लिए सुनीता दीदी की तरह , बंधवानी हो तो बोल देना ।
में शालिनी को देखा तो वो मुझे अस्लील तरीके से आंख मारी और बोली ,-- कैसी लगी ।
…

में ,-- क्या ।
शालिनी,-- मेरी स्टाइल प्रिय प्रकाश की तरह है ना ।
में ,-- बहुत बिगड़ गई है तू ।
शालिनी ,-- हां, बहन चोद
में शालिनी के मुंह से बहन चोद सुनकर पूरा गंगना गया और लंड खड़ा हो गया और मन में सोचने लगा कि बहुत जल्द अब बहन चोद बन ना पड़ेगा ।वैसे तो सुनीता ने इसकी शरुआत कर ही दी थी।


