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बोहोत-2 धन्यवाद मित्र चंद्र लड़ाकेCongratulations Raj_sharma for completing 700+ page's and 7k+ replies![]()

Dear friend thor singh,Chapter 4 से लेकर आगे के भाग तक कहानी पढ़कर सच में मज़ा आ गया। पहले तो न्यू ईयर पार्टी वाला सीन बहुत अच्छा लगा, ऐसा लगा जैसे मैं खुद उसी शिप पर मौजूद हूँ। माहौल, म्यूज़िक, डांस, सब कुछ बहुत अच्छे से लिखा गया है। फिर अचानक से मर्डर हो जाना कहानी को और भी ज्यादा इंटरेस्टिंग बना देता है।
मुझे सबसे ज्यादा मज़ा सुयश के इन्वेस्टिगेशन वाले सीन में आया। लॉकेट वाली बात और अंधेरे में निशाना लगाने वाला ट्विस्ट बहुत बढ़िया था। ऐसा लगा कि कहानी सिर्फ रहस्य नहीं है, बल्कि दिमाग लगाकर लिखी गई है।
शैफाली वाला किरदार कहानी का सबसे अलग और खास हिस्सा लग रहा है। उसका सुनकर चीज़ें समझ लेना, सपने देखना, और गोली के बारे में बताना ये सब पढ़कर कहानी और भी ज्यादा मिस्टिरियस हो जाती है। सच कहूँ तो अब सबसे ज्यादा क्यूरियोसिटी इसी बात की है कि शैफाली आखिर है क्या।
बारामूडा ट्रायंगल वाला पार्ट आते ही कहानी का लेवल और ऊपर चला गया। नीली रोशनी वाला यान, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब होना, भंवर में फँसना ये सब पढ़कर बिल्कुल मूवी जैसा फील आया। ऐसा लगा जैसे एडवेंचर + मिस्ट्री + साइ-फाइ सब एक साथ चल रहा है।
मुझे ये भी अच्छा लगा कि कहानी में सिर्फ डर या रहस्य ही नहीं है, बीच-बीच में छोटे-छोटे नॉर्मल मोमेंट्स भी हैं, जैसे ब्रूनो वाला सीन या लोगों की बातें। इससे कहानी रियल लगती है।
अटलांटिस वाला ट्विस्ट तो सबसे ज्यादा अनएक्सपेक्टेड था। अब तो सच में जानने का मन कर रहा है कि आगे क्या होने वाला है और ये सब घटनाएँ आपस में कैसे जुड़ी हैं।
कहानी बहुत ही इंटरेस्टिंग चल रही है। सस्पेंस लगातार बना हुआ है और हर चैप्टर के बाद आगे पढ़ने का मन करता है।
Raj_sharma

बहुत ही शानदार और लाज़वाब अपडेट है सुयश के टैटू का तो राज खुल गया लेकिन एक और राज सामने आ गया सबकी हैप्पी न्यू ईयर की जगह bad न्यू ईयर हो गई शैफाली के पास एक सिक्का मिला है वह शैफाली के पास कौन व क्यों रख के गया है जिसका पता किसी को भी नहीं है अल्बर्ट के हिसाब से यह सिक्का अटलांटिस सभ्यता का है ये सच हो सकता है और शैफाली का उनके साथ कुछ तो संबंध हो सकता है???
James aur Wilmar ne Shalakaaur uske bhaiyo
![]()
ko jagaa diya. Lekin inaam ki jagah unhe sunehri qaid mili..
Yeha Mayavan mei ab Nayantaraka kya mamla hai yaar.. bahut suspense hai yaar..
Badhiya update bhai
To Toffik hi tha jisne sab kiya tha lekin loren ko kyun mar diya usne wo to usse pyar karta tha na or bechari loren bhi uske pyar me andhi hoker uski baten man rahi thi or jis jenith se badla lena chahta tha use abhi tak jinda rakha ha usne usse pyar ka natak karta ja raha ha Jenith ki sab sachhai pata pad gayi ha dekhte han kab tak Toffik babu apni sachhai chhupa pate han waise bure karm ki saja milti hi ha or jis jagah ye sab han usse lagta ha jaise Aslam miya ko saja mili usi prakar Toffik ka bhi number lag sakta ha
moka hi nahi mil raha kuchh v pardne ka![]()
चौदह वर्ष पूर्व कलिका - जो दिल्ली के एक मैग्जीन की संपादक थी - ने यक्षलोक के प्रहरी युवान के कठिन सवालों का जो जवाब दिया वह बिल्कुल महाभारत के एक प्रसंग ( युधिष्ठिर और यक्ष संवाद ) की तरह था ।
क्या ही कठिन सवाल थे और क्या ही अद्भुत जवाब थे ! यह सब कैसे कर लेते है आप शर्मा जी ! पहले तो दिमाग मे कठिन सवाल लाना और फिर उस सवाल का जवाब ढूंढना , यह कैसे कर लेते है आप !
यह वाकई मे अद्भुत था । इस अपडेट के लिए आप की जितनी तारीफ की जाए कम है ।
शायद सम्राट शिप से चौदह साल पहले जो शिप बरमूडा ट्राइंगल मे डुब गया था , उस शिप मे ही कलिका की बेटी सफर कर रही होगी । वह लड़की आकृति हो सकती है । वह आकृति जो शलाका का क्लोन धारण कर रखी है ।
दूसरी तरफ सामरा प्रदेश मे व्योम साहब पर कुदरत बहुत ही अधिक मेहरबान हो रखा है । वगैर मांगे छप्पर फाड़ कर कृपा बरसा रहा है । पहले अमृत की प्राप्ति हुई और अब राजकुमारी त्रिकाली का दिल उनपर धड़क गया है ।
मंदिर मे जिस तरह दोनो ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र पहनाया , उससे लगता है यह रक्षा सूत्र नही विवाह सूत्र की प्रक्रिया थी ।
इन दो घटनाक्रम के बाद तीसरी तरफ कैस्पर का दिल भी मैग्ना पर मचल उठा है और खास यह है कि यह धड़कन हजारों वर्ष बाद हुआ है । लेकिन सवाल यह है कि मैग्ना है कहां !
कहीं शैफाली ही मैग्ना तो नही ! शैफाली कहीं मैग्ना का पुनर्जन्म तो नही !
कुकुरमुत्ता को छाते की तरह इस्तेमाल करते हुए सुयश साहब और उनकी टीम का तेजाबी बारिश से खुद को रक्षा करना एक और खुबसूरत अपडेट था । पांच लोग बचे हुए हैं और एलेक्स को मिला दिया जाए तो छ लोग । तौफिक साहब की जान जाते जाते बची , लेकिन लगता नही है यह साहब अधिक दिन तक जीवित रह पायेंगे ।
कुछ मिलाकर पांच प्राणी ही सम्राट शिप के जीवित बचेंगे , बशर्ते राइटर साहब ने कुछ खुराफाती न सोच रखा हो ।
ये मिश्रित पांडव जीवित रहने चाहिए पंडित जी !
सभी अपडेट बेहद खुबसूरत थे ।
रोमांच से भरपूर ।
एक अलग तरह की कहानी , एक अद्भुत कहानी ।
और आउटस्टैंडिंग राइटिंग ।
अद्भुत अंक भाई
Nice update ...lambe gap ke karan thoda confusion hai kuch ...lekhak mahodaya ho sake to iska answer dijiyega ...
Gurutva shakti
Ab s
समझ आया आकृति के चेहरा नहीं बदल पाने के कारण.... इसलिए आर्यन भी जल्दी नहीं पहचान पाया उसको....
बहुत ही सुंदर अपडेट
अदभुद अकल्पनीय इससे अधिक शब्द नहीं हैं व्याख्यान के लिए
राज भाई
सेक्स नहीं कहानी पढ़ने का शौक रहा है मेरा हमेशा से
सेक्स पढ़ने देखने की जरूरत सिर्फ कुछ नया, अनोखा, अलग जानने के लिए समझता हूं
आनन्द या मनोरंजन सेक्स लिखने, पढ़ने, सुनने या देखने से नहीं 'करने' में ही होता है
बहुत ही शानदार लाजवाब और रोमांचकारी धमाकेदार अपडेट हैं भाई मजा आ गया
Awesome update and nice story.
फिर से एक अप्रतिम अद्भुत और रोमांचक विस्मयकारी अपडेट हैं भाई मजा आ गया
शैफाली का किरदार बिल्कुल असाधारण ऊँचाई पर है। जिस तरह वह बारूद की खुशबू के समय में फर्क पकड़ती है और उससे धुएँ पर फूँक मारने की आदत तक पहुँचती है, और फिर जले हुए रुमाल व संदल की खुशबू जैसा सूक्ष्म विवरण देती है, वह सिर्फ बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि लेखन की गहराई भी दिखाता है। एक अंधी बच्ची का इस तरह संवेदनाओं के सहारे अपराध की परतें खोलना बेहद प्रभावशाली लगा।
नीली रोशनी, अजीब ध्वनि, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का ब्लास्ट होना यह हिस्सा पूरी तरह सिनेमैटिक और रहस्य से भरा लगा। ऐसा लगा जैसे कहानी अब केवल मर्डर मिस्ट्री नहीं रही, बल्कि किसी बड़े, अज्ञात, रहस्यमय और अलौकिक एडवेंचर की ओर बढ़ रही है।
कुल मिलाकर यह अपडेट कहानी को नए स्तर पर ले जाता है। भावनात्मक गहराई, वैज्ञानिक तर्क, रहस्य और अलौकिक संकेत सब एक साथ इतने संतुलित तरीके से आए हैं कि अब आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता और भी बढ़ गई है।
बहुत ही शानदार अपडेट है !
रिव्यू की शुरुआत की जाए
नए अध्याय का प्रारंभ हो चुका हैं युद्ध का बिगुल बज चुका हैं , जिस तरह युद्ध की झलकियां दिखाई हैं वे साबित करते हैं आगे हमें क्या देखना को मिलेगा।
मतलब सिर्फ एंडोर्स ग्रह के १० लोग भिड़ने आए हैं , अटका वासियों से, फिर भी इतनी तबाहि , भला हो सूर्यवर्या की शुभार्जुन का जिसने इस युद्ध में थोड़ा समय मांग लिया।
अब सबसे पहले मुझे ये बताओ सुनेरा लड़की हैं या लड़का क्योंकि कभी लगता हैं ये लड़की है तो कभी लड़का लगता है
जब शक्ति का वर्णन हो रहा था तब इनका जिक्र क्यों नहीं हुआ क्योंकि मैने पुराना अपडेट पढ़ा है। इसे तो लगता है ये दोनो शक्तियों उन पंद्रह शक्ति में से हैं।
अब मुझे नही पता इतना बड़ा लूपहोल कैसे भरेगा। पर करना तो पड़ेगा वर्ना कन्फ्यूजन होगा ।
अब समझा आगया है , की रॉजर जिंदा कैसे हुआ, वो शुभर्जुना का जादू था।
मेगा लाइट के गुस्से वाला अवतार तो खतरनाक था, वैसे ये जिंदा मारने के खेल कब तक चालू रखोगे , एक समय लगा कि युद्ध में पहले बलि आगाई, लेकिन हम गलत थे।
वैसे जैसा शुभार्जुन के बारे में पढ़ा हैं लगता है इसका प्रयोग पहले बार हुआ है और आगे चल कर २ बार हम किसी को भी जीवित कर सकते है ।
अब मार्कोटा ने युद्ध चालू कर कर कही न कही मुसीबत मोल लेली है, ये एंडोर्स वाले किसी को नहीं छोड़ने वाले अब तो और ताकतवर होकर आयेंगे क्यूंकि इनके महाबली योद्धा को परास्त किया है
इस अपडेट से ये भी लगता है कहानी के समाप्ति की और एक कदम बढ़ चुका है
कुलमिलाकर शानदार अपडेट आगे की प्रतीक्षा
Raj_sharma
Adbhut update Raj_sharma Bhai aapne mahadev ka roop dikhya h aur black hole ko simply described Kiya h adbhut
Bahut hi zabardast update he Raj_sharma Bhai
Ab shalaka aur jems Ujjain Baba Mahakal ke pass aa rahe he.......
Aaryan aur Aakriti ke bete ko dhundhna he ab in dono ko............
Agali update ki pratiksha rahegi Bhai
Keep rocking
Nice update....
For completed 700 pages on your story thread....
nice update
Awesome![]()
intezaar rahega....
#179
राज भाई - आपकी रचना तो एक भव्य और महत्वाकांक्षी फंतासी वाले संसार की रचना है। इंद्रसभा, त्रिदेवों का आगमन, और कलयुग के लिए “ब्रह्मांड रक्षक” की योजना, यह सभी तत्व मिलकर बढ़िया प्लॉट बना रहे हैं। मतलब आगे कहानी में और विस्तार आने वाला है। हमको इनके बारे में पहले पता चल चुका है लेकिन फिर भी, इस अपडेट के विचार न सिर्फ नए लगते हैं, बल्कि एक structured universe का संकेत भी देते हैं।
लेकिन सबसे पहले, भाषा और शुद्धता - जो आपने जान बूझ कर खराब करी है - उस पर ध्यान देना ज़रूरी है। एक और बात, संवाद केवल functional से हैं, मतलब, वो कहानी को आगे बढ़ाते तो हैं, लेकिन अलग-अलग पात्रों की आवाज़ में अंतर नहीं पढ़ने में आता। इंद्र, सूर्य, और वरुण, तीनों के ही बोलने का तरीका लगभग एक जैसा है।
-- ये उतारी मैंने बाल की खाल!
#180
यह अपडेट पिछले से बेहतर है और बहुत जीवंत है। बढ़िया visual narrative! देवशक्तियों का प्रस्तुतिकरण - रत्नों के माध्यम से शक्तियों को दिखाना एक बहुत ही प्रभावी और याद रहने वाला आइडिया है (वो अलग बात है कि मुझ भुलक्कड़ को याद नहीं रहेगा)। हर शक्ति का रंग, उसका गुण (जैसे सूर्यशक्ति = पराक्रम, जलशक्ति = गंभीरता, वायुशक्ति = विज्ञान) - यह सब मिलकर एक structured magic system बनाता है। अच्छी फंतासी वहीं होती है जहाँ शक्तियों के नियम स्पष्ट हों।
उधर इंद्र की आफ़त हो गई है। पहले उसको दूसरों के अमरत्व के कारण दिक्कत थी, फ़िर राक्षसलोक का डर, फिर माया पर संदेह, और अंत में मन ही मन कोई खिचड़ी पकाना। देवराज एक insecure और politically aware शासक है। बढ़िया!
nice update
Update is very nice![]()
Ek pakda gaya toh baki sab bahar ajaenge
Bahut hi badhiya update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and beautiful update....
Shandar update bhai
Lagta hai devom hi vo Divya balak hai jisko sayad sharma ji ne astkon se bahar nikala hai
lovely update. aryan ke bete ko dhundne ke liye jhooth bolna pad raha hai
Nice update.....
Superb update![]()
Mujhe 98% aisa lag raha hai jaise Devom aur Vyom dono same hain, aapne hint toh yahi diya hai, khair let's see aage kya hota hai, update majedaar raha.
Shaandar update
She is good now, ghar pr aaram kr rhe...
Chapter 4 से लेकर आगे के भाग तक कहानी पढ़कर सच में मज़ा आ गया। पहले तो न्यू ईयर पार्टी वाला सीन बहुत अच्छा लगा, ऐसा लगा जैसे मैं खुद उसी शिप पर मौजूद हूँ। माहौल, म्यूज़िक, डांस, सब कुछ बहुत अच्छे से लिखा गया है। फिर अचानक से मर्डर हो जाना कहानी को और भी ज्यादा इंटरेस्टिंग बना देता है।
मुझे सबसे ज्यादा मज़ा सुयश के इन्वेस्टिगेशन वाले सीन में आया। लॉकेट वाली बात और अंधेरे में निशाना लगाने वाला ट्विस्ट बहुत बढ़िया था। ऐसा लगा कि कहानी सिर्फ रहस्य नहीं है, बल्कि दिमाग लगाकर लिखी गई है।
शैफाली वाला किरदार कहानी का सबसे अलग और खास हिस्सा लग रहा है। उसका सुनकर चीज़ें समझ लेना, सपने देखना, और गोली के बारे में बताना ये सब पढ़कर कहानी और भी ज्यादा मिस्टिरियस हो जाती है। सच कहूँ तो अब सबसे ज्यादा क्यूरियोसिटी इसी बात की है कि शैफाली आखिर है क्या।
बारामूडा ट्रायंगल वाला पार्ट आते ही कहानी का लेवल और ऊपर चला गया। नीली रोशनी वाला यान, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब होना, भंवर में फँसना ये सब पढ़कर बिल्कुल मूवी जैसा फील आया। ऐसा लगा जैसे एडवेंचर + मिस्ट्री + साइ-फाइ सब एक साथ चल रहा है।
मुझे ये भी अच्छा लगा कि कहानी में सिर्फ डर या रहस्य ही नहीं है, बीच-बीच में छोटे-छोटे नॉर्मल मोमेंट्स भी हैं, जैसे ब्रूनो वाला सीन या लोगों की बातें। इससे कहानी रियल लगती है।
अटलांटिस वाला ट्विस्ट तो सबसे ज्यादा अनएक्सपेक्टेड था। अब तो सच में जानने का मन कर रहा है कि आगे क्या होने वाला है और ये सब घटनाएँ आपस में कैसे जुड़ी हैं।
कहानी बहुत ही इंटरेस्टिंग चल रही है। सस्पेंस लगातार बना हुआ है और हर चैप्टर के बाद आगे पढ़ने का मन करता है।
Raj_sharma
Congratulations Raj_sharma for completing 700+ page's and 7k+ replies![]()
Nice update....#190.
चैपटर-5
अश्रुधारा: (तिलिस्मा 5.12)
सभी रेटिना के द्वार के दूसरी ओर पहुंच गये थे, परंतु सभी ने देख लिया था कि जेनिथ जुगनू पर नहीं बैठ पा रही है।
लेकिन इस समय जेनिथ की मदद करने के लिये, कोई भी जुगनू को पीछे लेकर नहीं जा सकता था, क्यों कि जुगनू स्वयं की इच्छा से काम कर रहे थे।
अब रेटिना का द्वार धीरे-धीरे बंद होने लगा था। सभी के चेहरे पर चिंता के भाव साफ झलक रहे थे। पर इससे पहले कि रेटिना का द्वार पूरी तरह से बंद हो पाता, कि तभी जेनिथ के जुगनू ने अंदर प्रवेश किया।
जेनिथ को देख सभी खुश हो गये। अब सभी के जुगनू तेजी से एक चमकीली सुरंग के रास्ते से गुजर रहे थे।
कुछ ही देर में सभी को काफी दूर एक बड़ी सी मशीन दिखाई दी, जिसका ऊपरी हिस्सा किसी दिमाग की भांति महसूस हो रहा था।
उस मशीन के निचले सिरे पर, एक कंम्प्यूटर स्क्रीन लगी हुई थी, जो कि एक टाइपिंग पैड से जुड़ी हुई थी।
उस मशीन के दिमाग वाले स्थान पर एक बड़ा सा सुराख बना था। सभी जुगनू उसी सुराख में प्रविष्ठ हो रहे थे।
यह देखकर शैफाली ने सभी से चीखकर कहा- "हमें उस सुराख में, जुगनू के घुसने के पहले ही जुगनू से कूदना होगा।"
सभी ने शैफाली की बात सुन सहमति से सिर हिला दिया। चूंकि शैफाली का जुगनू सबसे आगे था, इसलिये जैसे ही ब्रेन मशीन के पास पहुंची, वह जुगनू से कूद कर जमीन पर आ गई।
शैफाली को कूदते देख सभी ने एक-एक कर, अपने-अपने जुगनू से छलांग लगा दी।
सभी जुगनू अब उस ब्रेन मशीन में समा गये और शैफाली सहित सभी लोग उस ब्रेन मशीन के सामने खड़े होकर उसे निहार रहे थे।
“कैप्टेन, यह तो किसी प्रकार की विज्ञान की दुनिया लग रही है?” क्रिस्टी ने सभी ओर देखते हुए कहा- “और उधर देखिये कैप्टेन, उस ओर किसी प्रकार का रेलवे प्लेटफार्म दिखाई दे रहा है। ऐसा लग रहा है कि जैसे हम किसी रेलवे स्टेशन पर हैं?"
लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ और बोल पाता, उस पूरे वातावरण में एक स्त्री के स्वर में अनाउन्समेंट सुनाई देने लगा- “अश्रुधारा जाने वाली ट्रेन, कुछ ही देर में प्लेटफार्म पर आ रही है, कृपया टिकट लेकर अपनी सीट को सुरक्षित कर लें।”
“यह सब क्या हो रहा है शैफाली?" जेनिथ ने शैफाली से पूछा- “तुम्हें कुछ समझ में आ रहा
है?"
"हां !" शैफाली ने अपना सिर हां के अंदाज में हिलाते हुए कहा- “अश्रुधारा मतलब आँसू की बूंद। शायद आने वाली ट्रेन हमें लैक्राईमल ग्लैंड तक ले जायेगी? पर यह टिकट का झंझट नहीं समझ आया? पता नहीं ये टिकट मिलेगा कहां से?"
"मुझे लगता है कि हमें ट्रेन का टिकट इस ब्रेन मशीन से ही मिलेगा।” सुयश ने कहा और ध्यान से उस ब्रेन मशीन को देखने लगा।
तभी सुयश को ब्रेन मशीन के की-बोर्ड पर एक साउन्ड का विकल्प दिखाई दिया। सुयश ने उस साउन्ड के बटन को प्रेस कर दिया।
उस बटन को प्रेस करते ही वातावरण में एक पुरुष की आवाज गूंजी- “ब्रेन सेंटर पर आपका स्वागत है। अगर आप अश्रुधारा की ओर जाना चाहते हैं, तो कृपया 1 दबाएं।" सुयश ने यह सुन की-बोर्ड पर लगा 1 नंबर का बटन दबा दिया।
“अब आप यात्रियों की संख्या सुनिश्चित करें।" मशीन से आवाज आई। सुयश ने इस बार की-बोर्ड पर लगे 6 नंबर के बटन को दबा दिया।
"आपकी संख्या 6 है, इसलिये आपको 12 मुद्रा, मशीन के अंदर डालनी होगी।"
मुद्रा का नाम सुनते ही सुयश सकते की सी हालत में आ गया और पीछे मुड़कर सभी की ओर देखने लगा।
“लगता है कि कार्य में कहीं मुद्राएं भी छिपी हुई थीं, जो हममें से किसी को दिखाई नहीं दी।” शैफाली ने मुंह बनाते हुए कहा- “अब बिना मुद्रा के यह मशीन हमें आगे जाने नहीं देगी और हम पीछे जाकर मुद्रा ढूंढ भी नहीं सकते।”
"तो सीधे तौर पर बोलते हैं कि हम पूरी तरह से अब इस मशीन में फंस चुके हैं।” ऐलेक्स ने गहरी साँस छोड़ते हुए कहा।
तभी मशीन के अंदर से पुनः आवाज आई- “अगर आपके पास 12 मुद्रा नहीं हैं, तो आपको मेरे 12 आसान सवालों का जवाब देना होगा। अगर आपने उचित उत्तर दिया तो आप अपनी अपनी योग्यता सिद्ध कर टिकट को प्राप्त कर सकेंगे और अगर आपने एक भी प्रश्न का गलत उत्तर दिया, तो आप हमेशा के लिये इसी स्थान पर फंस जायेंगे। अगर आप प्रश्नों का विकल्प चुनना चाहते हैं, तो 1 दबाएं। अगर आप प्रश्नों का विकल्प नहीं चुनना चाहते हैं, तो 2 दबाकर मुझे आराम से सोने का मौका दें।"
"ये लो, अब इस मशीन को भी सोना है।” ऐलेक्स ने हंसते हुए कहा।
ब्रेन मशीन की बात सुन सुयश ने सभी की ओर ऐसे देखा, जैसे कि वह पूछना चाह रहा हो कि अब हमें क्या करना चाहिये?
“मेरे हिसाब से हमें प्रश्नों का विकल्प चुन लेना चाहिये।” तौफीक ने कहा- “इसमें बचने के कुछ चांस हैं, पर यदि हमने विकल्प नहीं चुना, तो फिर पता नहीं आगे क्या होगा?"
सभी ने तौफीक की बात पर सहमति जताई, इसलिये सुयश ने की-बोर्ड पर लगे 1 नंबर के बटन को दबा दिया।
“प्रश्नों का विकल्प चुनने के लिये धन्यवाद। अब हम आपके समक्ष 12 प्रश्नों को एक-एक कर रखेंगे। हर प्रश्न के लिये आपके पास सिर्फ 30 सेकेण्ड का समय रहेगा। आपको अपना जवाब मशीन के की-बोर्ड पर लिखकर देना होगा। तो पहला प्रश्न है:-
“दुनिया भर की करता सैर, बिना धरा पर रखे पैर।" इसी के साथ 30 सेकेण्ड का समय ब्रेन मशीन की स्क्रीन पर दिखाई देने लगा।
किसी को भी ब्रेन मशीन के द्वारा पहेलियां पूछने का अंदाजा नहीं था, ऊपर से समय की बंदिश। इसलिये सभी थोड़ा हड़बड़ा गये।
धीरे-धीरे समय बीत रहा था और सभी तेजी से उस पहेली में उलझे थे कि तभी शैफाली ने तेजी से कहा “सूर्य।"
शैफाली की बात सुन सुयश ने जल्दी से की-बोर्ड पर सूर्य टाइप कर दिया। जैसे ही सुयश ने सूर्य लिखकर ‘इन्टर' का बटन दबाया, मशीन के ऊपर लगी हरी बत्ती जल उठी, जो कि इस बात का द्योतक थी, कि शैफाली के द्वारा बताया गया उत्तर सही था।
“ये एक बार कैश्वर मुझे मिल जाये बस।" ऐलेक्स ने मुंह बनाते हुए कहा- “पूरी बेइज्जती ही करके मानेगा गर्लफ्रेंड के सामने।" ऐलेक्स के शब्द सुन क्रिस्टी सहित सभी जोर से हंस दिये।
तभी ब्रेन मशीन ने दूसरा सवाल कर दिया:-
"ऐसा क्या है, जो YEAR में एक बा र और WEEK में 2 बार आता है?"
“ये क्या प्रश्न हुआ?” ऐलेक्स ने मुंह बनाते हुए कहा- “जब कोई चीज WEEK में 2 बार आयेगी, तो वह YEAR में 1 बार कैसे आ सकती है?"
"उत्तर है 'E' अल्फा बेट।" शैफाली ने दोबारा से कहा- “यह YEAR में 1 बार और WEEK में 2 बार आती है।
“वाह!” ऐलेक्स ने शैफाली की प्रशंसा करते हुए कहा- “तुम बताना शैफाली कि तुमने किस स्कूल से पढ़ाई की है, मैं ऑस्ट्रेलिया चलकर, उसी स्कूल में एडमिशन लूंगा।
“बस एक बार ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाओ, फिर मैं तुम्हें घर में ट्यूशन दूंगी।" क्रिस्टी ने ऐलेक्स के गाल पर एक हल्के से चपत लगाते हुए कहा।
उधर सुयश ने मशी न पर लगे 'E' बटन को दबा दिया था। फिर से हरी बत्ती ने जलकर, उत्तर के सही होने की पुष्टि की।
अब मशीन ने तीसरा प्रश्न पूछ लिया:- “कमरे में बैठी इक रानी, सिर पर आग, बदन में पानी।"
सुयश को यह उत्तर किसी से पूछने की जरुरत नहीं पड़ी, क्यों कि इस प्रश्न का उत्तर उसे स्वयं पता था।
इसलिये उसने की-बोर्ड पर 'मोमबत्ती' लिख दिया। उत्तर बिल्कुल सही था।
“मुझे लगा कि इस प्रश्न का उत्तर 'क्रिस्टी' होगा। ऐलेक्स ने एक बार फिर क्रिस्टी को छेड़ा- "इसके भी सिर पर आग रहती है।"
“सिर्फ सिर पर।” क्रिस्टी ने इठलाते हुए ऐलेक्स का हाथ पकड़ते हुए कहा।
ऐलेक्स क्रिस्टी को ऐसे करता देख हाथ छुड़ाकर, शैफाली के पीछे जाकर छिप गया- “गंदी लड़की!"
कुछ भी हो, पर इस तिलिस्मा में क्रिस्टी और ऐलेक्स की वजह से माहौल हमेशा हल्का रहता था। सभी इनकी चुहलबाजियों से हमेशा हंसते रहते थे।
तभी ब्रेन मशीन ने चौथा प्रश्न कर लिया "ENGLISH में कितने अक्षर होते हैं?"
"26 अक्षर! ये मुझे आता है।” ऐलेक्स ने खुशी से चिल्ला कर कहा। पर सुयश ने 26 की-बोर्ड पर टाइप नहीं किया, वह तो इस सोच में था कि ब्रेन मशीन ने इतना आसान प्रश्न पूछा क्यों?
"7 अक्षर।" तभी शैफाली ने जवाब दिया- "ब्रेन मशीन ने हमसे ‘ENGLISH भाषा' के अक्षर नहीं पूछे हैं, वह सिर्फ ‘ENGLISH शब्द' में कितने अक्षर होते हैं? यह पूछ रहा है।”
शैफाली का तर्क सुनकर सुयश मुस्कुरा दिया, उसने शैफाली के कहे अनुसार की-बोर्ड पर 7 अंक टाइप कर दिया।
7 टाइप करते ही एक बार फिर मशीन पर लगी हरी बत्ती जल उठी। अब ब्रेन मशीन ने सभी से पांचवां प्रश्न कर लिया।
“सागर की बूंद सी है, मेरी जलधारा, भावों की नाव पर निवास है हमारा।"
सभी तेजी से इस प्रश्न के उत्तर के बारे में सोचने लगे कि तभी प्लेटफार्म पर ट्रेन ने सीटी बजाते हुए प्रवेश किया। एक बार के लिये सभी की नजर प्रश्न से हटकर ट्रेन की ओर चली गई।
बड़ी ही विचित्र ट्रेन थी। ट्रेन के इंजन पर बड़ी सी आँख बनी थी और उस पर लिखा था- 'नेत्र एक्सप्रेस'। इंजन के पीछे एक ही डिब्बा था, जिसकी आकृति बिल्कुल नाव के समान थी।
उस नाव को पारदर्शी काँच से ढका गया था, जिसकी वजह से वह ट्रेन काफी आकर्षक लग रही थी। अंदर बैठने के लिये कुर्सियां और मेज दिखाई दे रहे थे, जो उसकी भव्यता को चार चाँद लगा रहे थे।
"दोस्तों हमारा समय तेजी से बीत रहा है, हमारे पास अब बस 12 सेकेण्ड ही बचे हैं।” सुयश ने सबका ध्यान ट्रेन से अपनी ओर कराते हुए कहा।
“आँसू।” जेनिथ ने अभी भी ट्रेन की ओर देखते हुए कहा- “पांचवे प्रश्न का उत्तर आँसू है, क्यों कि आँसू में भी समुद्र के पानी के समान नमक पाया जाता है और वह आँख में रहती है, जिसका आकार भी नाव के समान ही होता है।"
सुयश ने जेनिथ की बात सुन की-बोर्ड पर जल्दी से आँसू टाइप कर दिया। हरी बत्ती एक बार पुनः जल उठी।
अब सबका ध्यान ट्रेन से हटकर प्रश्नों की ओर आ गया था। तभी 'ब्रेन मशीन' ने छठा प्रश्न कर दिया
“चार कोनों का नगर बना, चार कुएं बिन पानी, कुछ सैनिक के घेरे में, छिपी हुई एक रानी।"
इस प्रश्न का उत्तर क्रिस्टी को पहले से ही पता था, इसलिये उसने झट से बोल दिया- “कैरमबोर्ड"
सुयश ने यह उत्तर भी मशीन को बता दिया। हर बार की तरह यह उत्तर भी सही था। अब 'ब्रेन मशीन' ने सातवां प्रश्न कर दिया “अमेरिका और यूरोप के बीच में क्या है?"
“अब कैस्पर पगला गया है। कितने आसान प्रश्न पूछ रहा है?” ऐलेक्स ने हंसते हुए कहा- “अरे इसका उत्तर है समुद्र।"
“नहीं, इस प्रश्न का उत्तर समुद्र नहीं हो सकता। सुयश ने सोचते हुए कहा- “ऐसे बच्चों जैसे प्रश्न कैश्वर हमारे लिये नहीं बनाएगा।"
अब सुयश शैफाली की ओर देखने लगा, जो कि अब भी कुछ सोच रही थी। समय तेजी से बीत रहा था, पर समुद्र के सिवा किसी को कोई भी दूसरा उत्तर समझ नहीं आ रहा था।
अब सिर्फ 7 सेकेण्ड बचे थे। घड़ी की सुई लगातार आगे बढती जा रही थी। “6.....5......4.......3...." तभी शैफाली ने चीखकर कहा- “उत्तर है 'और'।"
सुयश इस चीज को समझ नहीं पाया, पर उसने जल्दी से इस उत्तर को की-बोर्ड पर टाइप कर दिया और ऊपर लगी हरी बत्ती की ओर देखने लगा।
तभी हरी बत्ती पुनः जल उठी।
“ब्रेन मशीन जानबूझकर हमसे पेचीदा प्रश्न पूछ रहा है, जिसका उत्तर हमें सामान्य सा लगे, पर वह गलत हो। जैसे उसने इस प्रश्न में कहीं ये नहीं पूछा कि अमेरिका और यूरोप देश के बीच क्या है? उसने यह पूछा कि अमेरिका और यूरोप के बीच क्या है। अब अमेरिका और यूरोप शब्द के बीच तो 'और' ही है ना।"
शैफाली का लॉजिक सुन सभी ब्रेन मशीन से और भी सतर्क हो गये।
अब ब्रेन मशीन ने आठवां प्रश्न कर दिया-
“एक किले के 2 हैं द्वार, उसमें सैनिक भरे अपार, टकरायें जब दीवारों से, खत्म करें अपना संसार।
धीरे-धीरे ब्रेन मशीन की पहेलियां कठिन होती जा रहीं थीं। इस प्रश्न का उत्तर पहले से किसी को नहीं पता था, इसलिये सभी एक-दूसरे का मुंह देखने लगे।
स्क्रीन पर समय एक बार फिर शुरु हो चुका था। इस बार इस प्रश्न का जवाब सूझा तौफीक को "माचिस"
तौफीक के शब्द सुन सभी को स्वयं पर हंसी आ गई, क्यों कि इस पहेली का उत्तर ज्यादा कठिन नहीं था, पर किसी को समझ नहीं आ रहा था।
सुयश ने इस उत्तर को भी मशीन को बता दिया, यह उत्तर भी सही था।
जारी रहेगा_____![]()