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park

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सॉरी दोस्त ऑफिस के काम से कुछ दिनों के लिए आउट ऑफ सिटी गया हुआ था.... पूरे एक हफ्ते से रेगुलर सफर में रहने के कारण अपडेट पोस्ट नहीं कर पया था। कल रात को ही घर बापिस आया हूँ। इसलिए आज शाम तक पक्का अपडेट पोस्ट कर दूँगा।
intezaar rahega.....
 
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redhat.ag

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अपडेट 146 -

इस बार इकराम की शॉपिंग में उन लोगों को ज्यादा समय नहीं लगा। इसी दौरान निशा के कहने पर दिव्या ने मोनू, और पापा जी के लिए भी कुछ कपडे खरीद लिए थे। जिनकी पेमेंट निशा ने अपनी तरफ से की थी साथ ही साथ निशा ने अज्जू के लिए भी कुछ कपडे खरीदकर उसे गिफ्ट कर दिए थे। लेकिन इस बार अज्जू ने निशा से गिफ्ट लेने में ज्यादा ना नकुर नहीं की, क्योंकि वो यह बात अच्छी तरह से समझ गया था कि जोया किसी ना किसी तरह उसे गिफ्ट लेने के लिए मना ही लेगी। आखिरकार सारी शॉपिंग होने के बाद वो लोग अपने अपने घर पर चले गए।

घर पहुँचकर दिव्या ने सभी लोगों को उनके गिफ्ट दे दिए, हाँलाकि माँ को दिव्या की बॉस यानि जोया से कोई भी गिफ्ट लेने में शर्म आ रही थी, लेकिन जब पापा जी ने खुशी खुशी अपना गिफ्ट ले लिया, तो माँ को भी गिफ्ट एक्सेप्ट करना ही पडा। वहीँ दूसरी तरफ जिया भी जोया का गिफ्ट लेने में थोडा हिचकिचा रही थी, पर जब उसने देखा कि जोया ने ना शिर्फ उसके लिए बल्कि पूरी फैमली के लिए गिफ्ट खरीदे हैं, खासकर राधा पर तो जोया ने कुछ ज्यादा ही खर्च कर दिया है। तो उसके पास भी जोया यानि निशा के दिए गिफ्ट एक्सेप्ट करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था।

हाँलाकि सभी लोगों के गिफ्ट देखने के बाद अज्जू को अपने ऊपर कुछ ज्यादा ही शर्म आ रही थी। क्योंकि जोया ने सभी लोगों के लिए काफी खूबसूरत और ब्रांडेड कपडे खरीदे थे, जो काफी ज्यादा मंहगे भी थे। लेकिन दूसरी तरफ अज्जू ने चिढकर जोया के लिए जो साडी गिफ्ट की थी, वो ना तो देखने में ज्यादा अच्छी थी और ना ही ब्रांडेड थी। वो तो बस शो-रूम बालों ने अपनी डिस्पिले को भरने के लिए एक साधारण साडी मैनेक्वीन को पहनाकर रख दी थी। जिसे अज्जू ने जोया के लिए खरीदकर गिफ्ट कर दिया था और जिसकी कीमत मात्र 500 रूपये थी।

उस वक्त अज्जू को यही लगा था कि इतनी घटिया साडी देखकर शायद जोया लेने से मना कर देगी, जिसके बाद उसे भी जोया के गिफ्ट बापिस करने का बहाना मिल जाऐ, पर हुआ इसका एकदम उल्टा। जोया ने अज्जू की दी साडी खुशी खुशी एक्सेप्ट कर ली थी, इसलिए मजबूरी में अज्जू को भी जोया के दिए गिफ्ट एक्सेप्ट करने पडे थे। पर अब उसे अपने ऊपर ही गुस्सा आ रहा था। इसलिए अज्जू ने मन ही मन तय किया कि अगली बार जब भी उसे मौका मिलेगा तो वो जोया के लिए जरूर एक अच्छा गिफ्ट खरीदकर उसे देगा। अभी अज्जू यह सब सोच ही रहा था कि तभी उसका मोबाईल रिंग होने लगा। अज्जू ने देखा कि मोनू उसे क़ॉल कर रहा था। इसलिए अज्जू ने तुरंत कॉल रिसीव करते हुए कहा

अज्जू- अबे तेरी तो… हम दोनों एक ही घऱ में रह रहे हैं… फिर कॉल क्यों किया… सीधे सीधे मेरे रूम में आ जाता….

अज्जू की बात सुनकर मोनू ने रूखेपन से कहा….

मोनू- मुझे तुझसे एक जरूरी मैटर पर बात करनी है। इसलिए मैं अपने घर के पास बाले पार्क में तुम्हारा इंतजार कर रहा हूँ। जितनी जल्दी हो सके आ जा…..

इतना बोलकर मोनू ने कॉल कट कर दी। मोनू की कॉल कट होने के तुरंत बाद अज्जू नहाने के लिए बाथरूम में घुस गया। करीब 10 मिनट बाद ही अज्जू नहाकर और कपडे चेंज करने के बाद अपने घर के पास बने पार्क की तरफ चल पडा, जहाँ मोनू उसका बेट कर रहा था। जब अज्जू पार्क में पहुँचा तो उसने देखा कि मोनू पार्क के एक कार्नर में डली चेयर पर अकेला बैठा हुआ उसका इंतजार कर रहा है। इसलिए अज्जू भी मोनू के पास जाकर बैठ गया और मोनू से बोला….

अज्जू- हाँ जी कहो…. आखिर तुम्हें मुझसे ऐसी क्या बात करनी है, जो तुम मुझसे घर पर नहीं कर सकते हो।

अज्जू का सबाल सुनकर मोनू थोडा गुस्से में झल्लाते हुए बोला

मोनू- अज्जू मुझे सच सच बता कि आखिर तेरे और जोया मैम के बीच चल क्या रहा है….

मोनू का सबाल सुनकर अज्जू बुरी तरह से शॉक्ड होते हुए बोला

अज्जू- अबे क्या बक रहा है… हमारे बीच ऐसा बैसा कुछ भी नहीं है… हम बस अच्छे दोस्त हैं।

मोनू- अच्छा… तो फिर एक दूसरे को गिफ्ट लेने देने का क्या चक्कर है…. और हाँ मुझसे झूठ बोलने की गलती तो करना ही मत। मैंने खुद अपनी आँखों से देखा है कि तुमने मॉल में एक साडी खरीदकर जोया मैम को गिफ्ट की थी।

मोनू की बात सुनकर अज्जू एक गहरी सांस लेते हुए बोला

अज्जू- अबे यार बस इतनी सी बात पर तू लाल पीला क्यों हो रहा है। अगर यह बात तू नॉर्मल तरीके से भी पूछता, तो मै तुझे सच सच ही बताता। बात दरअसल यह है कि मैं जोया मैम से अपने या फिर अपनी फैमली के लिए कोई भी गिफ्ट लेना नहीं चाहता था। तुमने तो देखा ही होगा कि जोया मैम ने राधा के लिए कितने सारे गिफ्ट खरीदकर दे दिए हैं। पर जोया मैम की जिद के आगे मैं उन्हें मना भी नहीं कर पा रहा था। तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया, मैंने सोचा कि जोया मैम अलग मजहब की है, तो वो साडी तो पहनेंगी नहीं, इसलिए मैंने एक सस्ती और बेकार दिखने बाली साडी खरीदकर उन्हें गिफ्ट कर दी। मुझे पूरी उम्मीद थी कि वो मुझसे वो साडी लेने से मना कर देंगी, जिसके बाद मेरे पास भी उनके दिए गिफ्ट लौटाने का बहाना होगा। पर…..

मोनू- पर क्या….. क्या उन्होंने तुम्हारा वो घटिया गिफ्ट भी एक्सेप्ट कर लिया….

अज्जू- हाँ यार….. इसलिए मेरे पास भी उनके दिए गिफ्ट एक्सेप्ट करने का कोई कारण नहीं बचा था। बस इतनी सी बात है।

मोनू- ओह तो यह बात है…. पर तू आज कल जोया मैम के साथ कुछ ज्यादा ही टाईम स्पैण्ड नहीं कर रहा है…. पहले तो तूने कभी किसी और लडकी के साथ ऐसा नहीं किया…. कहीं तेरा मन अब निशा दी और जिया से भर तो नहीं गया… जो अब तू जोया मैम के पीछ पड गया है।

अज्जू- अबे क्या बकवास किए जा रहा है…. ऐसा कुछ भी नहीं है…. पर तेरे दिमाग में यह फालतू बातें आखिर क्यों आ रही हैं….

मोनू- वो इसलिए क्योंकि जोया मैम से मिलने से पहले तो तू निशा दी के लिए पूरी तरह से पागल हो रखा था और किसी भी तरह उनके पास पहुंचना चाहता था। पर अब जब हमारे पास उनकी लीड है और हमें पता है कि वो हमें बांधवगढ में मिल सकती हैं… तो तुझे उनके पास पहुँचने की कोई जल्दी नहीं हो रही है….

अज्जू- वो इसलिए मेरे भाई… क्योंकि मैं निशा से मिलने से पहले अपनी कमियों को दूर करके अपने आपको उसके लायक बनाना चाहता हूँ। बस इसीलिए मैं बांधवगढ जाने की जल्दी नहीं कर रहा हूँ।

मोनू- पर तू जोया मैम से इतना ज्यादा क्यों घुल मिल रहा है….

अज्जू- असल में जोया ने ही मुझे मेरी गलतियों का एहसास करवाया है, साथ ही साथ उसने मुझे अपनी कमियों को दूर करने का तरीका भी बताया है। इसके अलावा जोया के साथ धुलने मिलने का एक कारण यह है कि जोया और निशा एक दूसरे की बेस्ट फ्रेंड हैं। जोया जानती है कि निशा इस वक्त कहाँ है और क्या कर रही है। शायद उन दोनों की रेगुलर बातें भी होती रहती हैं। बस इसीलिए मैं जोया के साथ ज्यादा घुल मिल रहा हूँ, ताकि मुझे जोया से निशा के बारे में कोई इन्फार्मेशन मिल सके।

मोनू- तू सच बोल रहा है ना… कहीं तू जिया और निशा दी को धोखा तो नहीं दे रहा है।

अज्जू- हाँ मेरे भाई मैं सच बोल रहा हूँ…. मैं जिया और निशा को धोखा देने के बार में सपने में भी नहीं सोच सकता।

मोनू- अगर ऐसा है तो मैं आज के बाद जोय मैम के बारे में तुझसे कोई बात नहीं करूँगा। पर अगर फ्यूचर में मुझे कभी पता चला कि तूने जोया मैम के साथ मिलकर जिया और निशा दी को धोखा दिया है। तो फिर मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। मैंने अब तक हर सिचूऐशन में तेरा साथ दिया है। जिया के जाने के बाद जब तुझे निशा दी से प्यार हुआ, तो वो मैं था जिसने तुझे सबसे पहले सपोर्ट किया था, क्योंकि उस वक्त तू सही था। मैं हमेशा तुम दोनों को खुश देखना चाहता था, इसीलिए मैंने तुम दोनोें की शादी को भी सपोर्ट किया था। हाँलाकि जब जिया के बापिस आने के बाद तूने जिया से दूसरी शादी की, उस वक्त मुझे तेरा यह फैसला बिल्कुल भी पसंद नहीं आया था। पर फिर भी मैंने तुझसे कुछ नहीें कहा, उसके बाद तूने धीरे धीरे निशा दी को इग्नोर करना शुरू कर दिया, उस पर भी मैंने तुझसे कुछ नहीं कहा, और फिर तूने निशा दी की बेइज्जति कर उन्हें अपनी जिंदगी से दूर जाने के लिए कहा, मैं तब भी खामोश रहा, और जब निशा दी हम सबसे दूर चली गईं, मैं तब भी तेरे साथ ही रहा। पर अब अगर मुझे पता चला कि तूने निशा दी को एक बार फिर धोखा दिया है, तो वो दिन हमारी दोस्ती का आखिरी दिन होगा अज्जू…

मोनू की बात सुनकर अज्जू ने एक गहरी सांस ली और फिर उसकी आँखो में आखें डालकर बोला

अज्जू- ऐसा कभी नहीं होगा मेरे भाई… मेरी जिंदगी में निशी की जगह कभी कोई न हीं ले सकता। जिया भी नहीं….. हाँ मैं मानता हूँ कि मैंने जिया से दूसरी शादी करके गलत किया है…. पर जो बीत गया उसे बदला तो नहीं जा सकता है ना… तुम तो जानते ही हो कि जिया ने मुझे राधा जैसी प्यारी बच्ची दी है…. इसलिए मैं जिया को अब अपने से दूर नहीं कर सकता… बैसे भी जो कुछ भी हुआ है उसमें जिया की उतनी बडी भी गलती नहीं है, जितनी बडी गलती मैंने की थी… मुझे कभी भी मामा जी की बात मानकर अपने और निशा के रिश्ते को जिया से छिपाना ही नहीं चाहिए था। अगर मैं पहले ही जिया को सब कुछ सच सच बता देता। तो शायद आज सिचुऐशन कुछ अलग होती…. और सच कहूँ तो मुझे इस सब में मामा जी की भी कोई गलती नजर नहीं आ रही है।

अज्जू की बात सुनकर मोनू थोडा हैरान होते हुे बोला

मोनू- मतलब

अज्जू- मतलब यह कि जब हमारी शादी के बाद हम लोग यहाँ दिल्ली में छिपकर रह रहे थे और अपनी ताकत बडा रहे थे। उसी दौरान जब निशा ने ऑफिस ज्वाईन करने की बात कही तो मैंने उससे हमारे रिश्ते को छिपाने के लिए कहा था। हाँलाकि निशा हमारे रिश्ते को छिपाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी, लेकिन मेरे कहने पर वो मान गई थी। उस वक्त यह सारी बातचीत मामा जी के सामने ही हुई थी। शायद उसी के बाद मामा जी के अंदर इतनी हिम्मत आई थी कि वो निशा को मजबूर करके हमारे रिश्ते को जिया से छिपाने के लिए वादा ले सकें। अगर उस वक्त मैं निशा को हमारा रिश्ता छिपाने से नहीं रोकता, तो मेरे ऑफिस के हर एक इंप्लॉय को हमारे रिश्ते के बारे में पता होता… जिया को भी, जो उस वक्त याददास्त जाने के कारण पूनम बनकर मेरे ऑफिस में काम कर रही थी।

अज्जू की बात सुनकर मोनू उसे समझाते हुए बोला

मोनू- अब जो बीत गया सो बीत गया मेरे भाई…. उसे हम बदल तो नहीं सकते… लेकिन यह कोशिश जरूर कर सकते हैं कि फ्यूचर में हमसे ऐसी कोई गलती ना हो।

अज्जू- हाँ तुम सही कह रहे हो…

मोनू- तो फिर चलो, घर पर सभी लोग डिनर के लिए हमारा इंतजार कर रहे होंगे।

मोनू की बात सुनकर अज्जू मुस्कुराया और फिर वो दोनों ही घर की तरफ चल पडे। अगले दिन जब इकराम और हिना रॉ हेडक्वाटर पहुँचे तो उन्होंने देखा कि निशा अपने ऑफिस के अंदर ढेर सारी फाईलों और न्यूज पेपर में उलझी हुई है। हाँलाकि निशा का प्लान इकराम और हिना की इंगेज्मेंट तक रॉ के काम से छुट्टी लेना का था। पर जब से इकराम ने ड्रैगन के इण्डिया आने के बारे में उसे बताया था। तब से निशा बुरी तरह से बेचैन थी और उसे लगातार कुछ गलत होने का एहसास हो रहा था।

इसीलिए आज सुबह सुबह ही वो रॉ हेडक्वाटर आ गई थी। ताकि ड्रेगन से रिलेटेड सभी फाईलों को अच्छी तरह से चैक कर सके, साथ ही साथ न्यूज पेपर में छपी करैंट न्यूज से ड्रैगन का कनेक्शन जोड सके। असल में निशा का दिल यह मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार ही नहीं था कि ड्रैगन मात्र हैकाथॉन काम्पटीशन में हिस्सा लेने के लिए इण्डिया आ रहा है। बल्कि निशा को पूरा यकीन था कि ड्रैगन के यहाँ आने के पीछे जरूर कोई बहुत बडा कारण है। जिसके बारे में निशा हर हाल में पता करना चाहती थी। निशा को इस तरह फाईलों में उलझा हुआ देखकर इकराम ने सबाल किया

इकराम- अप्पी आखिर यह सब क्या है…. आपने तो कहा था कि मेरी और हिना की इंगेज्मेंट तक आप पूरी तरह से फ्री रहोगी। फिर आज सुबह सुबह ही यहाँ आकर आप किस काम में उलझ गई।

इकराम के चुप होते ही हिना ने भी उससे सबाल किया

हिना- हाँ अप्पी…. आप कुछ परेशान दिखाई दे रही हो…. क्या कहीँ कुछ बडा होने बाला है….

आखिरकार उन दोनों की बात सुनकर निशा ने उन दोनों की तरफ देखे बिना ही जबाब दिया

निशा- पता नहीं…. पर जब से मुझे ड्रैगन के इण्डिया आने के बारे में पता चला है। तब से मेरा दिल मुझसे कह रहा है कि जरूर कुछ ऐसा होने बाला है जो नहीं होना चाहिए….. असल में ड्रैगन जैसा बडा हैकर और चाईना सीक्रेट सर्विस का इतना बडा ऐजेंट मात्र एक हैकिंग काम्पटीशन में हिस्सा लेने तो यहाँ नहीं आऐगा। क्योंकि वो अच्छी तरह से जानता है कि यहाँ यानि इण्डिया हिन्द की शेरनी का इलाका है।

निशा की बात सुनकर इकराम अपना सिर खुजलाते हुए बोला

इकराम- हाँ वो बात तो सही है… लेकिन आप इन ढेर सारी फाईलों और न्यूज पेपर में आखिर ढूंड क्या रही हो….

निशा- कुछ भी ऐसा जो ड्रैगन से रिलेटेड हो….

हिना- तो कुछ मिला आपको….

निशा- नहीं…. ना तो इन फाईलों में ड्रैगन के बारे में कोई खास जानकारी मौजूद है और ना ही न्यूज पेपर से मुझे कुछ खास जानकारी मिली है। यहाँ तक कि अगले कुछ दिनों तक हमारे देश में हैकॉथान काम्पटीशन के अलावा कोई दूसरा बडा ईवेंट भी नहीं है। फिर ड्रैगन के यहाँ आने का असली मकसद क्या है…

निशा अभी इस बारे में सोच ही रही थी कि तभी उसे कुछ याद आया और वो लगभग चीखते हुए हिना से बोली

निशा- हिना…. तुम्हें याद है ना जब मैं और इकराम शालिमार दीप पर ऑपरेशन चक्रव्यू को पूरा करने गए थे, तब हमारे साथ दो साईंटिस्ट प्रोफेसर प्रभाकर जैन और प्रोफेसर अनिल वर्मा भी थे।

निशा की बात सुनकर हिना हैरान होते हुए तुरंत बोली

हिना- हाँ…. मुझे याद है… वो दोनों साईंटिस्ट पूरी तरह से सुरक्षित हैं…

निशा- इस वक्त वो दोनों कहाँ है….

हिना- असल में इकराम को शक था कि उन दोनों में से कोई एक गद्दार है और दुश्मनों से मिला हुआ है। इसलिए उन दोनों को ही हमने यहीँ अपने हैड ऑफिस में बने सीक्रेट कैदखाने में रखा हुआ है। ताकि उन दोनों में से कौन गद्दार है, इसका पता लगाया जा सके। लेकिन अब तक हमें कुछ भी पता नहीं चला है। हाँलाकि हमने उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा हुआ है और उन्हें घर जैसा पूरा महौल दे रखा है। बस उनके कहीं भी आने जाने और किसी से कान्टेक्ट करने पर पावंदी है।

हिना की बात सुनकर निशा तुरंत बोली

निशा- बेकार में इतने दिनों तक उन दोनों को कैद करके रखा हुआ है। कम से कम मुझसे एक बार पूछ तो लेना चाहिए था…. और फिर जब मैं इतने दिन पहले से ठीक हो गई हूँ, तो अब तक मुझे उन दोनों के बारे में बताया क्यों नहीं…

निशा की बात सुनकर इकराम और हिना बुरी तरह से डर गए थे। असल में निशा की तरह इकराम भी उन दोनों साईंटिस्ट के बारे में लगभग भूल ही गया था। जिस कारण उसे डर था कि कहीं उसकी लापरवाही के कारण निशा उससे नाराज ना हो जाऐ। जबकि हिना और बाकी लोगों ने अब तक उन दोनों साईंटिस्ट के बारे में ना तो निशा को कुछ बताया था और ना ही याद दिलाया था। जिस कारण हिना का निशा से डरना स्वभाविक था। बैसे भी निशा रॉ की डिप्युटी चीफ जो थी।


कहानी जारी है...........
 
Last edited:

kas1709

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इस बार इकराम की शॉपिंग में उन लोगों को ज्यादा समय नहीं लगा। इसी दौरान निशा के कहने पर दिव्या ने मोनू, और पापा जी के लिए भी कुछ कपडे खरीद लिए थे। जिनकी पेमेंट निशा ने अपनी तरफ से की थी साथ ही साथ निशा ने अज्जू के लिए भी कुछ कपडे खरीदकर उसे गिफ्ट कर दिए थे। लेकिन इस बार अज्जू ने निशा से गिफ्ट लेने में ज्यादा ना नकुर नहीं की, क्योंकि वो यह बात अच्छी तरह से समझ गया था कि जोया किसी ना किसी तरह उसे गिफ्ट लेने के लिए मना ही लेगी। आखिरकार सारी शॉपिंग होने के बाद वो लोग अपने अपने घर पर चले गए।

घर पहुँचकर दिव्या ने सभी लोगों को उनके गिफ्ट दे दिए, हाँलाकि माँ को दिव्या की बॉस यानि जोया से कोई भी गिफ्ट लेने में शर्म आ रही थी, लेकिन जब पापा जी ने खुशी खुशी अपना गिफ्ट ले लिया, तो माँ को भी गिफ्ट एक्सेप्ट करना ही पडा। वहीँ दूसरी तरफ जिया भी जोया का गिफ्ट लेने में थोडा हिचकिचा रही थी, पर जब उसने देखा कि जोया ने ना शिर्फ उसके लिए बल्कि पूरी फैमली के लिए गिफ्ट खरीदे हैं, खासकर राधा पर तो जोया ने कुछ ज्यादा ही खर्च कर दिया है। तो उसके पास भी जोया यानि निशा के दिए गिफ्ट एक्सेप्ट करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था।

हाँलाकि सभी लोगों के गिफ्ट देखने के बाद अज्जू को अपने ऊपर कुछ ज्यादा ही शर्म आ रही थी। क्योंकि जोया ने सभी लोगों के लिए काफी खूबसूरत और ब्रांडेड कपडे खरीदे थे, जो काफी ज्यादा मंहगे भी थे। लेकिन दूसरी तरफ अज्जू ने चिढकर जोया के लिए जो साडी गिफ्ट की थी, वो ना तो देखने में ज्यादा अच्छी थी और ना ही ब्रांडेड थी। वो तो बस शो-रूम बालों ने अपनी डिस्पिले को भरने के लिए एक साधारण साडी मैनेक्वीन को पहनाकर रख दी थी। जिसे अज्जू ने जोया के लिए खरीदकर गिफ्ट कर दिया था और जिसकी कीमत मात्र 500 रूपये थी।

उस वक्त अज्जू को यही लगा था कि इतनी घटिया साडी देखकर शायद जोया लेने से मना कर देगी, जिसके बाद उसे भी जोया के गिफ्ट बापिस करने का बहाना मिल जाऐ, पर हुआ इसका एकदम उल्टा। जोया ने अज्जू की दी साडी खुशी खुशी एक्सेप्ट कर ली थी, इसलिए मजबूरी में अज्जू को भी जोया के दिए गिफ्ट एक्सेप्ट करने पडे थे। पर अब उसे अपने ऊपर ही गुस्सा आ रहा था। इसलिए अज्जू ने मन ही मन तय किया कि अगली बार जब भी उसे मौका मिलेगा तो वो जोया के लिए जरूर एक अच्छा गिफ्ट खरीदकर उसे देगा। अभी अज्जू यह सब सोच ही रहा था कि तभी उसका मोबाईल रिंग होने लगा। अज्जू ने देखा कि मोनू उसे क़ॉल कर रहा था। इसलिए अज्जू ने तुरंत कॉल रिसीव करते हुए कहा

अज्जू- अबे तेरी तो… हम दोनों एक ही घऱ में रह रहे हैं… फिर कॉल क्यों किया… सीधे सीधे मेरे रूम में आ जाता….

अज्जू की बात सुनकर मोनू ने रूखेपन से कहा….

मोनू- मुझे तुझसे एक जरूरी मैटर पर बात करनी है। इसलिए मैं अपने घर के पास बाले पार्क में तुम्हारा इंतजार कर रहा हूँ। जितनी जल्दी हो सके आ जा…..

इतना बोलकर मोनू ने कॉल कट कर दी। मोनू की कॉल कट होने के तुरंत बाद अज्जू नहाने के लिए बाथरूम में घुस गया। करीब 10 मिनट बाद ही अज्जू नहाकर और कपडे चेंज करने के बाद अपने घर के पास बने पार्क की तरफ चल पडा, जहाँ मोनू उसका बेट कर रहा था। जब अज्जू पार्क में पहुँचा तो उसने देखा कि मोनू पार्क के एक कार्नर में डली चेयर पर अकेला बैठा हुआ उसका इंतजार कर रहा है। इसलिए अज्जू भी मोनू के पास जाकर बैठ गया और मोनू से बोला….

अज्जू- हाँ जी कहो…. आखिर तुम्हें मुझसे ऐसी क्या बात करनी है, जो तुम मुझसे घर पर नहीं कर सकते हो।

अज्जू का सबाल सुनकर मोनू थोडा गुस्से में झल्लाते हुए बोला

मोनू- अज्जू मुझे सच सच बता कि आखिर तेरे और जोया मैम के बीच चल क्या रहा है….

मोनू का सबाल सुनकर अज्जू बुरी तरह से शॉक्ड होते हुए बोला

अज्जू- अबे क्या बक रहा है… हमारे बीच ऐसा बैसा कुछ भी नहीं है… हम बस अच्छे दोस्त हैं।

मोनू- अच्छा… तो फिर एक दूसरे को गिफ्ट लेने देने का क्या चक्कर है…. और हाँ मुझसे झूठ बोलने की गलती तो करना ही मत। मैंने खुद अपनी आँखों से देखा है कि तुमने मॉल में एक साडी खरीदकर जोया मैम को गिफ्ट की थी।

मोनू की बात सुनकर अज्जू एक गहरी सांस लेते हुए बोला

अज्जू- अबे यार बस इतनी सी बात पर तू लाल पीला क्यों हो रहा है। अगर यह बात तू नॉर्मल तरीके से भी पूछता, तो मै तुझे सच सच ही बताता। बात दरअसल यह है कि मैं जोया मैम से अपने या फिर अपनी फैमली के लिए कोई भी गिफ्ट लेना नहीं चाहता था। तुमने तो देखा ही होगा कि जोया मैम ने राधा के लिए कितने सारे गिफ्ट खरीदकर दे दिए हैं। पर जोया मैम की जिद के आगे मैं उन्हें मना भी नहीं कर पा रहा था। तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया, मैंने सोचा कि जोया मैम अलग मजहब की है, तो वो साडी तो पहनेंगी नहीं, इसलिए मैंने एक सस्ती और बेकार दिखने बाली साडी खरीदकर उन्हें गिफ्ट कर दी। मुझे पूरी उम्मीद थी कि वो मुझसे वो साडी लेने से मना कर देंगी, जिसके बाद मेरे पास भी उनके दिए गिफ्ट लौटाने का बहाना होगा। पर…..

मोनू- पर क्या….. क्या उन्होंने तुम्हारा वो घटिया गिफ्ट भी एक्सेप्ट कर लिया….

अज्जू- हाँ यार….. इसलिए मेरे पास भी उनके दिए गिफ्ट एक्सेप्ट करने का कोई कारण नहीं बचा था। बस इतनी सी बात है।

मोनू- ओह तो यह बात है…. पर तू आज कल जोया मैम के साथ कुछ ज्यादा ही टाईम स्पैण्ड नहीं कर रहा है…. पहले तो तूने कभी किसी और लडकी के साथ ऐसा नहीं किया…. कहीं तेरा मन अब निशा दी और जिया से भर तो नहीं गया… जो अब तू जोया मैम के पीछ पड गया है।

अज्जू- अबे क्या बकवास किए जा रहा है…. ऐसा कुछ भी नहीं है…. पर तेरे दिमाग में यह फालतू बातें आखिर क्यों आ रही हैं….

मोनू- वो इसलिए क्योंकि जोया मैम से मिलने से पहले तो तू निशा दी के लिए पूरी तरह से पागल हो रखा था और किसी भी तरह उनके पास पहुंचना चाहता था। पर अब जब हमारे पास उनकी लीड है और हमें पता है कि वो हमें बांधवगढ में मिल सकती हैं… तो तुझे उनके पास पहुँचने की कोई जल्दी नहीं हो रही है….

अज्जू- वो इसलिए मेरे भाई… क्योंकि मैं निशा से मिलने से पहले अपनी कमियों को दूर करके अपने आपको उसके लायक बनाना चाहता हूँ। बस इसीलिए मैं बांधवगढ जाने की जल्दी नहीं कर रहा हूँ।

मोनू- पर तू जोया मैम से इतना ज्यादा क्यों घुल मिल रहा है….

अज्जू- असल में जोया ने ही मुझे मेरी गलतियों का एहसास करवाया है, साथ ही साथ उसने मुझे अपनी कमियों को दूर करने का तरीका भी बताया है। इसके अलावा जोया के साथ धुलने मिलने का एक कारण यह है कि जोया और निशा एक दूसरे की बेस्ट फ्रेंड हैं। जोया जानती है कि निशा इस वक्त कहाँ है और क्या कर रही है। शायद उन दोनों की रेगुलर बातें भी होती रहती हैं। बस इसीलिए मैं जोया के साथ ज्यादा घुल मिल रहा हूँ, ताकि मुझे जोया से निशा के बारे में कोई इन्फार्मेशन मिल सके।

मोनू- तू सच बोल रहा है ना… कहीं तू जिया और निशा दी को धोखा तो नहीं दे रहा है।

अज्जू- हाँ मेरे भाई मैं सच बोल रहा हूँ…. मैं जिया और निशा को धोखा देने के बार में सपने में भी नहीं सोच सकता।

मोनू- अगर ऐसा है तो मैं आज के बाद जोय मैम के बारे में तुझसे कोई बात नहीं करूँगा। पर अगर फ्यूचर में मुझे कभी पता चला कि तूने जोया मैम के साथ मिलकर जिया और निशा दी को धोखा दिया है। तो फिर मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। मैंने अब तक हर सिचूऐशन में तेरा साथ दिया है। जिया के जाने के बाद जब तुझे निशा दी से प्यार हुआ, तो वो मैं था जिसने तुझे सबसे पहले सपोर्ट किया था, क्योंकि उस वक्त तू सही था। मैं हमेशा तुम दोनों को खुश देखना चाहता था, इसीलिए मैंने तुम दोनोें की शादी को भी सपोर्ट किया था। हाँलाकि जब जिया के बापिस आने के बाद तूने जिया से दूसरी शादी की, उस वक्त मुझे तेरा यह फैसला बिल्कुल भी पसंद नहीं आया था। पर फिर भी मैंने तुझसे कुछ नहीें कहा, उसके बाद तूने धीरे धीरे निशा दी को इग्नोर करना शुरू कर दिया, उस पर भी मैंने तुझसे कुछ नहीं कहा, और फिर तूने निशा दी की बेइज्जति कर उन्हें अपनी जिंदगी से दूर जाने के लिए कहा, मैं तब भी खामोश रहा, और जब निशा दी हम सबसे दूर चली गईं, मैं तब भी तेरे साथ ही रहा। पर अब अगर मुझे पता चला कि तूने निशा दी को एक बार फिर धोखा दिया है, तो वो दिन हमारी दोस्ती का आखिरी दिन होगा अज्जू…

मोनू की बात सुनकर अज्जू ने एक गहरी सांस ली और फिर उसकी आँखो में आखें डालकर बोला

अज्जू- ऐसा कभी नहीं होगा मेरे भाई… मेरी जिंदगी में निशी की जगह कभी कोई न हीं ले सकता। जिया भी नहीं….. हाँ मैं मानता हूँ कि मैंने जिया से दूसरी शादी करके गलत किया है…. पर जो बीत गया उसे बदला तो नहीं जा सकता है ना… तुम तो जानते ही हो कि जिया ने मुझे राधा जैसी प्यारी बच्ची दी है…. इसलिए मैं जिया को अब अपने से दूर नहीं कर सकता… बैसे भी जो कुछ भी हुआ है उसमें जिया की उतनी बडी भी गलती नहीं है, जितनी बडी गलती मैंने की थी… मुझे कभी भी मामा जी की बात मानकर अपने और निशा के रिश्ते को जिया से छिपाना ही नहीं चाहिए था। अगर मैं पहले ही जिया को सब कुछ सच सच बता देता। तो शायद आज सिचुऐशन कुछ अलग होती…. और सच कहूँ तो मुझे इस सब में मामा जी की भी कोई गलती नजर नहीं आ रही है।

अज्जू की बात सुनकर मोनू थोडा हैरान होते हुे बोला

मोनू- मतलब

अज्जू- मतलब यह कि जब हमारी शादी के बाद हम लोग यहाँ दिल्ली में छिपकर रह रहे थे और अपनी ताकत बडा रहे थे। उसी दौरान जब निशा ने ऑफिस ज्वाईन करने की बात कही तो मैंने उससे हमारे रिश्ते को छिपाने के लिए कहा था। हाँलाकि निशा हमारे रिश्ते को छिपाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी, लेकिन मेरे कहने पर वो मान गई थी। उस वक्त यह सारी बातचीत मामा जी के सामने ही हुई थी। शायद उसी के बाद मामा जी के अंदर इतनी हिम्मत आई थी कि वो निशा को मजबूर करके हमारे रिश्ते को जिया से छिपाने के लिए वादा ले सकें। अगर उस वक्त मैं निशा को हमारा रिश्ता छिपाने से नहीं रोकता, तो मेरे ऑफिस के हर एक इंप्लॉय को हमारे रिश्ते के बारे में पता होता… जिया को भी, जो उस वक्त याददास्त जाने के कारण पूनम बनकर मेरे ऑफिस में काम कर रही थी।

अज्जू की बात सुनकर मोनू उसे समझाते हुए बोला

मोनू- अब जो बीत गया सो बीत गया मेरे भाई…. उसे हम बदल तो नहीं सकते… लेकिन यह कोशिश जरूर कर सकते हैं कि फ्यूचर में हमसे ऐसी कोई गलती ना हो।

अज्जू- हाँ तुम सही कह रहे हो…

मोनू- तो फिर चलो, घर पर सभी लोग डिनर के लिए हमारा इंतजार कर रहे होंगे।

मोनू की बात सुनकर अज्जू मुस्कुराया और फिर वो दोनों ही घर की तरफ चल पडे। अगले दिन जब इकराम और हिना रॉ हेडक्वाटर पहुँचे तो उन्होंने देखा कि निशा अपने ऑफिस के अंदर ढेर सारी फाईलों और न्यूज पेपर में उलझी हुई है। हाँलाकि निशा का प्लान इकराम और हिना की इंगेज्मेंट तक रॉ के काम से छुट्टी लेना का था। पर जब से इकराम ने ड्रैगन के इण्डिया आने के बारे में उसे बताया था। तब से निशा बुरी तरह से बेचैन थी और उसे लगातार कुछ गलत होने का एहसास हो रहा था।

इसीलिए आज सुबह सुबह ही वो रॉ हेडक्वाटर आ गई थी। ताकि ड्रेगन से रिलेटेड सभी फाईलों को अच्छी तरह से चैक कर सके, साथ ही साथ न्यूज पेपर में छपी करैंट न्यूज से ड्रैगन का कनेक्शन जोड सके। असल में निशा का दिल यह मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार ही नहीं था कि ड्रैगन मात्र हैकाथॉन काम्पटीशन में हिस्सा लेने के लिए इण्डिया आ रहा है। बल्कि निशा को पूरा यकीन था कि ड्रैगन के यहाँ आने के पीछे जरूर कोई बहुत बडा कारण है। जिसके बारे में निशा हर हाल में पता करना चाहती थी। निशा को इस तरह फाईलों में उलझा हुआ देखकर इकराम ने सबाल किया

इकराम- अप्पी आखिर यह सब क्या है…. आपने तो कहा था कि मेरी और हिना की इंगेज्मेंट तक आप पूरी तरह से फ्री रहोगी। फिर आज सुबह सुबह ही यहाँ आकर आप किस काम में उलझ गई।

इकराम के चुप होते ही हिना ने भी उससे सबाल किया

हिना- हाँ अप्पी…. आप कुछ परेशान दिखाई दे रही हो…. क्या कहीँ कुछ बडा होने बाला है….

आखिरकार उन दोनों की बात सुनकर निशा ने उन दोनों की तरफ देखे बिना ही जबाब दिया

निशा- पता नहीं…. पर जब से मुझे ड्रैगन के इण्डिया आने के बारे में पता चला है। तब से मेरा दिल मुझसे कह रहा है कि जरूर कुछ ऐसा होने बाला है जो नहीं होना चाहिए….. असल में ड्रैगन जैसा बडा हैकर और चाईना सीक्रेट सर्विस का इतना बडा ऐजेंट मात्र एक हैकिंग काम्पटीशन में हिस्सा लेने तो यहाँ नहीं आऐगा। क्योंकि वो अच्छी तरह से जानता है कि यहाँ यानि इण्डिया हिन्द की शेरनी का इलाका है।

निशा की बात सुनकर इकराम अपना सिर खुजलाते हुए बोला

इकराम- हाँ वो बात तो सही है… लेकिन आप इन ढेर सारी फाईलों और न्यूज पेपर में आखिर ढूंड क्या रही हो….

निशा- कुछ भी ऐसा जो ड्रैगन से रिलेटेड हो….

हिना- तो कुछ मिला आपको….

निशा- नहीं…. ना तो इन फाईलों में ड्रैगन के बारे में कोई खास जानकारी मौजूद है और ना ही न्यूज पेपर से मुझे कुछ खास जानकारी मिली है। यहाँ तक कि अगले कुछ दिनों तक हमारे देश में हैकॉथान काम्पटीशन के अलावा कोई दूसरा बडा ईवेंट भी नहीं है। फिर ड्रैगन के यहाँ आने का असली मकसद क्या है…

निशा अभी इस बारे में सोच ही रही थी कि तभी उसे कुछ याद आया और वो लगभग चीखते हुए हिना से बोली

निशा- हिना…. तुम्हें याद है ना जब मैं और इकराम शालिमार दीप पर ऑपरेशन चक्रव्यू को पूरा करने गए थे, तब हमारे साथ दो साईंटिस्ट प्रोफेसर प्रभाकर जैन और प्रोफेसर अनिल वर्मा भी थे।

निशा की बात सुनकर हिना हैरान होते हुए तुरंत बोली

हिना- हाँ…. मुझे याद है… वो दोनों साईंटिस्ट पूरी तरह से सुरक्षित हैं…

निशा- इस वक्त वो दोनों कहाँ है….

हिना- असल में इकराम को शक था कि उन दोनों में से कोई एक गद्दार है और दुश्मनों से मिला हुआ है। इसलिए उन दोनों को ही हमने यहीँ अपने हैड ऑफिस में बने सीक्रेट कैदखाने में रखा हुआ है। ताकि उन दोनों में से कौन गद्दार है, इसका पता लगाया जा सके। लेकिन अब तक हमें कुछ भी पता नहीं चला है। हाँलाकि हमने उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा हुआ है और उन्हें घर जैसा पूरा महौल दे रखा है। बस उनके कहीं भी आने जाने और किसी से कान्टेक्ट करने पर पावंदी है।

हिना की बात सुनकर निशा तुरंत बोली

निशा- बेकार में इतने दिनों तक उन दोनों को कैद करके रखा हुआ है। कम से कम मुझसे एक बार पूछ तो लेना चाहिए था…. और फिर जब मैं इतने दिन पहले से ठीक हो गई हूँ, तो अब तक मुझे उन दोनों के बारे में बताया क्यों नहीं…

निशा की बात सुनकर इकराम और हिना बुरी तरह से डर गए थे। असल में निशा की तरह इकराम भी उन दोनों साईंटिस्ट के बारे में लगभग भूल ही गया था। जिस कारण उसे डर था कि कहीं उसकी लापरवाही के कारण निशा उससे नाराज ना हो जाऐ। जबकि हिना और बाकी लोगों ने अब तक उन दोनों साईंटिस्ट के बारे में ना तो निशा को कुछ बताया था और ना ही याद दिलाया था। जिस कारण हिना का निशा से डरना स्वभाविक था। बैसे भी निशा रॉ की डिप्युटी चीफ जो थी।


कहानी जारी है...........
Nice update.....
 
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