- 81,498
- 119,418
- 354
Apan badmash ka B tak nahi jaanta itna shareef hain apanShareef tum ho to badmash kon hoga![]()
Let's see...what happensKhol bhi diya, but is baar nahi jaane dega ju ko![]()
Apan badmash ka B tak nahi jaanta itna shareef hain apanShareef tum ho to badmash kon hoga![]()
Let's see...what happensKhol bhi diya, but is baar nahi jaane dega ju ko![]()
Kahani naya mod lene wali hai dost, raaj abhi gehrayenge. Sath bane rahiye , Thank you very much for your wonderful review and superb support bhaiYe update kaafi mazedaar aur suspense-filled tha.
Soumya–Ragini–Romesh ki nok-jhok ne mood light rakha,
lekin Devika ka track story ko ekdum dark thriller mode me le gaya.
Devika ka Kumar se blackmail hona,
Kumar ki car chura lena,
Romesh ki pistol lekar bhaag jana,
aur car me khoon milna—
ye saari cheezein dikhati hain ki wo koi bada game khel rahi hai.
Romesh bhi dheere-dheere uske trap me fas raha hai,
shayad kisi purane dushman ki chaal ho.
Overall update grippy, fast-paced aur interesting tha.
Next update me toh blast pakka hai.

Bil theek, abhi to mehndi rang lane wali hai, ye devika kya cheej hai mujhe bhi samajh na aayaBahut hi gazab ki update he Raj_sharma Bhai
Devika ke kisse aur bhi milenge..........
Romesh ka koi purana dushman hi jo devika se milkar use fansana chahta he........
Keep posting Bro

Thanks bhai, sath bane rahiyemajedar update dost![]()

Thank you very much for your valuable review bhaiBahut hi shaandar update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and lovely update....

Abhi kuch kaha nahi ja sakta dost, sath bane rahiye , thank you so much for your valuable review and support bhaiBhut hi shandar update bhai
Ye kumar to tedi kheer nikla
Aur ye romesh ka kon purana dushman ho sakta hai

Thanks brother , bath bane rahiyeShaandar update

Awesome update and excellent writing and nice story#06
चार बजे तक हम लोग सौम्या के राजेंदर प्लेस वाले आफिस में उसके केबिन में मौजूद थे।
सौम्या ने अपनी कुर्सी से उठकर बाकायदा गले लगाकर स्वागत किया था, जब सौम्या मुझे गले से लगा रही थी तो मैने रागिनी को इशारा करके अपना जलवा दिखाया था।
जवाब में रागिनी ने बड़ी अजीब सी हरकत की थी, उसने चिढ़ाने वाले अंदाज में अपनी जीभ को हल्का सा बाहर निकाला था।
"यार तुम्हे कभी मेरी याद आती है या नही, या हमारे रिलेशन सिर्फ प्रोफेशनल है" सौम्या ने मुझें मेरी कुर्सी पर बिठाते हुए कहा।
"नही सौम्या! तुम्हे तो मैने हमेशा अपना माना है, इसलिए हक से तुम्हारे पास चला आता हूँ" मैंने सौम्या के हाथ को अपने हाथ मे लेते हुए कहा।
"अगर अपना मानते तो आज इतने महीनों के बाद मिलने नही आते, और मुझे आज भी यकीन है कि तुम बिना काम के तो नही आये होंगे" सौम्या ने कुर्सी पर बैठते हुए बोला।
"काम के सिलसिले में ये नही आये है, सौम्या मैडम, काम के सिलसिले में मैं आपसे मिलने आई हूँ" तभी रागिनी ने मुझे धर्मसंकट से निकाला।
क्यो कि सौम्या की ऐसी अपन्त्व भरी शिकायत सुनकर अब मेरा साहस नही हो रहा था कि मैं उसे बोल पाऊं की मै आज भी तुमसे काम की वजह से ही मिलने आया हूँ।
"क्यो रोमेश साहब की डिटेक्टिव एजेंसी बन्द हो रही है क्या, जो तुम्हे काम के लिये मेरे पास आना पड़ा, चिन्ता मत करो, मैं रोमेश की एजेंसी बन्द नही होने दूँगी, जब तक मैं जीवित हूँ" सौम्या ने मुस्कराते हुए बोला।
"नही! सौम्या तुम्हे गलतफहमी हो रही है, मैं एक केस के सिलसिले में तुमसे मिलने आई हूँ" रागिनी ने सौम्या के उस मजाक का जवाब दिया।
"इसका मतलब तुमने अपनी एक अलग डिटेक्टिव एजेंसी खोल ली है, यार ये तो बड़ा झोल कर दिया तुमने, अब कल को कोई केस देना होगा तो मैं किसको दूँगी, एक मेरी छोटी बहन है और एक मेरा प्रिंस चार्मिंग है"सौम्या ये बोलकर फिर से मुस्कराई।
रागिनी ने आहत नजरों से सौम्या की ओर देख़ा।
"सौम्या! पहले कॉफी मंगवा लो, क्यो कि आज तुम बहुत फनी मूड में लग रही हो" रागिनी ने सौम्या को मुस्कराते हुए बोला।
"चलो कॉफी तो पिलाऊंगी ही, पहले ये बताओ क्या काम है तुम्हे" इस बार सौम्या ने किंचित गंभीर स्वर में बोला।
"तुम्हारी कंपनी में एक देविका नाम की लड़की काम करती थी, जिसने कंपनी के साथ दो करोड़ का फ्रॉड किया था" रागिनी ने ये बोलकर सौम्या की तरफ देखा।
"हाँ! लेकिन उसे तो हमने जेल भिजवा दिया था" सौम्या को उस लड़की के बारे में याद था।
"वो लड़की इस वक़्त जेल से बाहर है, शायद जमानत पर आई हो, कल रात को वो लड़की रोमेश के घर पर आई और रोमेश का पिस्टल चुराकर वहाँ से भाग गई" रागिनी ही सौम्या को सब बता रही थी।
"क्या? रोमेश के रहते हुए रोमेश का पिस्टल लेकर भाग गई, आई कान्ट बिलीव" सौम्या ने सिर से रागिनी की बात को नकारा।
"ये सच है, इसमे थोड़ी सी मेरी बेवकूफी थी, जिस वजह से वो पिस्टल ले जाने में कामयाब हो गई" इस बार मैंने सौम्या को यकीन दिलाया।
सौम्या अवाक सी मेरी ओर देखती रह गई।
तभी चपरासी ने कॉफी और स्नैक्स की ट्रे के साथ केबिन में प्रवेश किया।
सौम्या, देविका और मेघना-6
"तुम जरूर उसकी खूबसूरती पर मर मिटे होंगे, वो ज़ालिम चीज ही ऐसी है" सौम्या अजीब सी मुस्कान के साथ बोली।
"इन जनाब की यही आदत एक दिन या तो तिहाड़ भिजवायेगी, या फिर हमेशा के लिए कहीं और का टिकट करवाएगी, किसी भी खूबसूरत लड़की को देखते ही ये साहब दिमाग की बजाय किसी और तरीके से ही सोचने लग जाते है"रागिनी ने मेरे कुछ बोलने से पहले ही सौम्या के सामने भाजी पाड़ा कर दिया था।
मैने आहत नजरों से रागिनी की तरफ देखा। लेकिन रागिनी के हावभाव में कोई परिवर्तन नही आया था।
"ये बात तो रागिनी सही कह रही है रोमेश, तुम कई बार बहुत लापरवाही करते हो, बस किस्मत के धनी हो जो हर बार मुसीबतों से निकल जाते हो" सौम्या और रागिनी नाम की ये दोनों खूबसूरत बालाएं जो भी बोल रही थी, वो मेरे भले के लिए ही बोल रही थी।
इसलिये मैं चाहकर भी उनकी बातों का विरोध नही कर पा रहा था, लेकिन अब मेरा उन दोनो की बात
का रुख मोड़ना जरूरी हो गया था, नही तो अभी इनका ये 'रोमेश पुराण' ख़त्म होने का नाम नही लेने वाला था।
"मेरे ख्याल से हम यहां देविका के बारे में बात करने आये थे, न कि मेरे बारे में वार्तालाप करने आये थे" मैंने हल्का सामुस्कराते हुए बोला।
"देविका के बारे में बताने के लिये ज्यादा कुछ नही है, लेकिन वो जिंदगी जीने के लिए हर हथकंडे अपनाने में यकीन रखती थी।
"हमे उसके बैकग्राउंड के बारे में जानना है, जिससे हमें ये पता लग सके कि वो कहां कहां पाई जा सकती है" इस बार रागिनी ने बात को आगे बढ़ाया।
"वो सब जानकारी तो उसके बायोडाटा में मिल जायेगी, लेकिन उसमे उसकी कोई व्यक्तिगत जानकारी नही होगी, सब प्रोफेशनल ही होगी" सौम्या ने कुछ सोचते हुए बोला।
"मुझे धोखाधड़ी के उस केस की फ़ाइल मिल सकती है, जो तुमने उस पर किया था।
"वो तो तुम हमारी लीगल सेल से ले सकते हो, वहां रोशनी नाम की एडवोकेट मिलेगी, मैं उन्हें बोल दूँगी, लेकिन वो बहुत चालाक लड़की है, उसने गिने चुने दिनों में ही मेरी कमजोरी का पता लगा लिया था, उसके बाद उसने मुझें मेरे घर तक अप्रोच किया था, लेकिन जब से मेघना वाला केस हुआ है, मैं अब आफिस के स्टाफ को घर तक नही लेकर जाती हूँ, लेकिन वो दो तीन बार मुझे होटल के कमरे में मिली थी, तब उसके बारे में कुछ उसकी निजी बाते पता चली थी" ये बोलकर सौम्या एक पल को चुप हो गई थी।
सौम्या की कमजोरी कई बार उसके लिए बहुत घातक सिद्ध हो चुकी थी। सौम्या एक अजीबो गरीब बीमारी से पीड़ित थी, वो बीमारी थी उसका निम्फो मानियाक होना! इस बीमारी में इंसान के जिस्म की हवस कभी पूरी नही होती थी, इसी वजह से सौम्या चाहें पुरुष हो या औरत, किसी के साथ भी शारीरिक सम्बंध बनाने में गुरेज नही करती थी।
उसकी इसी लत के चलते उसके पति राजीव बंसल ने अपने पिता और अपनी सौतेली माँ के कत्ल के साथ साथ सौम्या को भी ठिकाने लगाने का सोच लिया था, वो तो आपके इस खाकसारकी बदौलत सौम्या की जान बच गई थी, अन्यथा राजीव बंसल अपने इरादों में लगभग कामयाब हो ही गया था ।
राजीव बंसल के बाद सौम्या के आफिस में ही काम करने वाली लड़की मेघना ने भी सौम्या की इसी आदत का फायदा उठाया और सौम्या के घर मे ही डेरा जमा लिया, एक बार तो मेघना ने भी सौम्या की जान लेनें की साजिस रची थी, लेकिन इस बार भी आपके इस अदना से सेवक रोमेश ने वक़्त रहते मेघना की साजिस पर से पर्दा हटा दिया था, जिस वजह से सौम्या एक बार फिर बाल बाल बची!
"मुझे पता नही उसने मुझे जो कुछ बताया था, वो सच है या झूठ, लेकिन अगर वो जानकारी तुम लोगो के कुछ काम आ सके तो मैं तुम लोगों को बता सकती हूँ" सौम्या ने ये बोलकर हमारी और देखा।"
उससे जुड़ी हर जानकारी हमारे काम की हो सकती है, अब उसने सच बोला है या झूठ ये तो हमारी जांच में पता चल ही जायेगा" मैने सौम्या की ओर देखते हुए बोला।
"जब वो दूसरी बार मुझे संग्रीला में मिली थी तो उसने मुझें बताया था कि कोई आदमी उसे ब्लैकमेल कर रहा हैं, और वो उसे अब तक दो लाख रु दे चुकी हैं, उसके बावजूद अब वो एक साथ दस लाख की डिमांड कर रहा है, उसने इस बारे में मुझ से मदद मांगी थी, लेकिन मैने उसे ठीक उसी प्रकार से मना कर दिया था, जिस प्रकार से मैने मेघना को पांच लाख देने से मना कर दिया था" सौम्या ने मुझे बताया।
"फिर जैसे मेघना ने उस बात से नाराज हो कर तुम्हारी हत्या की साजिस रची थी, ठीक वैसे ही इस बन्दी ने दूसरा रास्ता अख्तियार किया और तुम्हारे डेटा को ही तुम्हारी राइवल कंपनी को बेच दिया" रागिनी ने सौम्या को बोला।
"रागिनी कॉर्पोरेट में ये सब चलता रहता है, डेटा चोरी करवाना, टेंडर के बारे में किसी लूप होल को जानना, यहां तक कि किसी सरकारी टेंडर के बाद तो विरोधी पार्टियों से धरने प्रदर्शन करवाना तक राइवल कंपनियों के हथकंडे होते है, कॉर्पोरेट की जासूसी में आ जाओ, यहां ज्यादा मज़ा है" सौम्या ने रागिनी की ओर देखकर बोला।
"जिस दिन शहर में मर्डर होने बन्द हो जायेगे, उस दिन कॉरपोरेट के लिए जासूसी करने लगूंगी" रागिनी ने मुस्कराते हुए जवाब दिया।
"तुम्हे देविका ने सिर्फ ब्लेकमेलिंग के बारे में ही बताया था, या ब्लेकमेलर के बारे में भी बताया था" मैंने बातचीत को फिर से देविका के बारे में लाने के लिए बोला।
"पूरा नाम नही जानती मैं, बस किसी कुमार के बारे में बार बार बोल रही थी, उस दिन उसने कुछ ज्यादा ही पीली थी, इसलिए पूरी रात वो उस कुमार को ही गाली देती रही थी" सौम्या ने जब कुमार के नाम का जिक्र किया था तो मेरी नजरो के आगे कुमार गौरव का चेहरा घूम गया था।
"देविका की जानकारी के एक कुमार को तो हम भी जानते है" रागिनी भी उसी कुमार गौरव के बारे में सोच रही थी।
"वो कुमार जिंदा है, अभी तक, वो तो उस दिन नशे में उसे बार बार मार डालने की बात कर रही थी" सौम्या ने आश्चर्य से बोला।
"उसी बन्दे की गाड़ी उसने कल रात को चुराई थी, उसी गाड़ी में बैठकर वो मेरे घर आई, और फिर उसी गाड़ी में किसी के खून के धब्बे आज पुलिस को मिले है" मैने सौम्या को बोला।"
“ये तो कोई खतरनाक खेल, खेल रही है, एक तीर से कई शिकार करना चाह रही है" सौम्या ने मेरी ओर हैरानी से देखते हुए कहा।
"लेकिन लाख टके का सवाल ये है सौम्या की वो मेरा शिकार क्यो करना चाहती हैं, मेरी उससे क्या दुश्मनी है" मैंने सौम्या की ओर देखकर बोला।
"शायद कोई जेल में बन्द कोई तुम्हारा सताया हुआ इंसान तुम्हे किसी झमेले में फंसाकर तुमसे बदला लेना चाहता हो" सौम्या ने भी वही सोचा जो अभी तक हम भी सोच रहे थे।
"ठीक है सौम्या! ऐसे सताए हुए इंसान को भी जल्दी ही ढूंढ लूँगा मै, अभी तो तुम मुझे उस फ्रॉड केस की फ़ाइल दिलवाओ, और देविका का बॉयो डाटा भी दो" मै अब वहां से चलने के उपक्रम में था।
"कहीं जाने का इरादा है क्या, आज तुम दोनो मेरे साथ मेरे घर चलो, साथ मे डिनर करेगे" सौम्या ने आग्रह पूर्वक कहा।
"डिनर के लिये फिर कभी आयेगे सौम्या! अभी तो हमे उस कुमार को दोबारा टटोलना पड़ेगा, जिसके बारे में अभी तुमने बताया है" मैंने सौम्या को बोला।
"फिर कभी तो तुम साल भर के बाद ही आओगे, मेरी एक बात समझ नही आती की तुम मुझ से इतना दूर दूर क्यो भागतें हो" सौम्या ने शिकायती लहजें में बोला।
"यार मैं तो हुश्न का शैदाई इंसान हूँ, मैं क्यो तुमसे दूर भागूँगा, बस अभी तक हमारे सितारे नही मिले है" मैने ये बोलकर सौम्या को टालने का प्रयास किया।
"ठीक है रोमेश, मैं तुम्हे ज्यादा नही कहूंगी, लेकिन उस केस फ़ाइल को लेने के लिए तुम्हे फिर से आना पड़ेगा, मैं अभी एच आर डिपार्टमेंट से देविका का बॉयो डाटा मंगवा देती हूँ" ये बोलकर सौम्या ने इंटरकॉम पर किसी को कुछ हिदायत दी।
उसके बाद हम लोग देविका का बॉयो डाटा आने का इंतजार करने लगे।
जारी रहेगा______![]()
रिव्यू का शुभारंभ करें।
इंटरेस्टिंग… इंटरेस्टिंग…

Baat to tumhari sahi hai dost, per देवप्रिय, रोमेश भैया का प्रिय नहीं है।, उसका खोपड़ी उल्टी है।देवप्रिय और रोमेेश के बीच एक टकराव समाप्त होते दिख रहा है। अच्छा है, दोनों की मंज़िल एक ही है रोमेश को पिस्टल ढूँढनी है और देवप्रिय को मर्डरर का पता लगाना है, जिसमें दोनों अहम भूमिका निभाएँगे। इसलिए बेहतर होगा कि दोनों साथ में ही काम करें।

ये केवल मै अपनी सहूलियत के लिए लिखता हूॅ कोई खास बात नही। अगर नही बैठता तो आगे से बन्द कर देंगे।एक बात पूछनी थी बीच में कुमार 5, मेघना 6 , ये किस चीज़ से संबंधित हैं क्या यह किरदारों की संख्या है

उसकोसौम्य नई हीरोइन। हम्म हम्म… सौम्या को देखकर रागिनी के जो भाव थे, वे अच्छी तरह बयान कर रहे थे कि उसके दिल में रोमेश के लिए क्या चल रहा है।
सौम्या के रोमेश के साथ इस तरह फ्लर्टी अंदाज़ का शुरू में ही खुलासा हो गया कि उसे कोई डिसऑर्डर है।
बीमारी है, क्या किया जाए ।टपाटप पढ़ना है तुमको?वैसे अगर स्टोरी थ्रिलर प्रीफिक्स में है, और अगर यह एडल्ट्री प्रीफिक्स में होती, तो सौम्या की यह कंडीशन रीडर्स का मज़ा बढ़ा देती। वैसे एक आध सीन ऐसा मिल जाए तो मुझे सरप्राइज नहीं होगा। रोमेश के साथ सौम्या का आखिर डिसऑर्डर बताया है, तो कहानी के अंदर उसकी कुछ न कुछ ज़रूरत तो ज़रूर होगी।

ये लड़की पहले किसी केस में रोमेश के हत्थे चढी थी। ओर उसी की वजह सै जेल की हवा खा चुकि है। खैर ये साईड कैरेक्टर हैं मैं बस मैन के उपर लिखकर कहानी आगे बढाना चाहता हूॅ। वरना फिर ये कहानी भी सुप्रीम की तरह ही लम्बी खिंच जायेगी। ओर तुम फिर गायब हो जाओगे।साथ ही मेघना दोनों अपडेट्स में इस लड़की का ज़िक्र आया। पॉसिबल है इस मैटर में उसका कहीं न कहीं इन्वॉल्वमेंट हो। वरना दो बार उसका नाम आना सेंस नहीं बनाता। कुछ तो गड़बड़ है मेघना में।

कुमार कुमार इस खेल में कौन विक्टिम है, कौन मुजरिम, पता लगाना मुश्किल है। देविका को कुमार ने परेशान किया, ओह सेंस बना रही हैं बातें।
कुमार ने कहीं ऐसा तो नहीं कि एकतरफा चीज़ें देविका के बारे में बताई हों? अब मुझे लग रहा है कि देविका ब्लैकमेल की वजह से ये सब कर रही है। मोहरा देविका है चला कोई और रहा है।

Shabaash, londe me dimak hai, jis cheej pe kisi aur ne dhyan nahi diya usme pakad banai tumne, cool Thank you very much for your wonderful review and superb support bhaiओवरऑल शानदार अपडेट, हमेशा की तरह।
