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Shayari शायरी और गजल™

TheBlackBlood

Keep calm and carry on...
Supreme
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बुरा मत मान इतना हौसला अच्छा नहीं लगता
ये उठते बैठते ज़िक्र-ए-वफ़ा अच्छा नहीं लगता।।

जहाँ ले जाना है ले जाए आ कर एक फेरे में,
कि हर दम का तक़ाज़ा-ए-हवा अच्छा नहीं लगता।।

समझ में कुछ नहीं आता समुंदर जब बुलाता है,
किसी साहिल का कोई मशवरा अच्छा नहीं लगता।।

जो होना है सो दोनों जानते हैं फिर शिकायत क्या,
ये बे-मसरफ़ ख़तों का सिलसिला अच्छा नहीं लगता।।

अब ऐसे होने को बातें तो ऐसी रोज़ होती हैं,
कोई जो दूसरा बोले ज़रा अच्छा नहीं लगता।।

हमेशा हँस नहीं सकते ये तो हम भी समझते हैं,
हर इक महफ़िल में मुँह लटका हुआ अच्छा नहीं लगता।।

आशुफ़्ता चंगेज़ी
 

TheBlackBlood

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Supreme
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हमारे बारे में क्या क्या न कुछ कहा होगा।
चलेंगे साथ तो दुनिया का सामना होगा।।

वो एक शख़्स जो पत्थर उठा के दौड़ा था,
ज़रूर ख़्वाब की कड़ियाँ मिला रहा होगा।।

हमारे बाद इक ऐसा भी दौर आएगा,
वो अजनबी ही रहेगा जो तीसरा होगा।।

ख़िज़ाँ-पसंद हमें ढूँडने को निकले हैं,
हमारे दर्द का क़िस्सा कहीं सुना होगा।।

जो हर क़दम पे मिरे साथ साथ रहता था,
ज़रूर कोई न कोई तो वास्ता होगा।।

नहीं है ख़ौफ़ कोई रहबरों से 'आशुफ़्ता'
हमारे साथ शिकस्तों का क़ाफ़िला होगा।।


आशुफ़्ता चंगेज़ी
 

TheBlackBlood

Keep calm and carry on...
Supreme
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सदाएँ क़ैद करूँ आहटें चुरा ले जाऊँ।
महकते जिस्म की सब ख़ुशबुएँ उड़ा ले जाऊँ।।

बला का शोर है तूफ़ान आ गया शायद
कहाँ का रख़्त-ए-सफ़र ख़ुद को ही बचा ले जाऊँ।।

तिरी अमानतें महफ़ूज़ रख न पाऊँगा,
दोबारा लौट के आने की बस दुआ ले जाऊँ।।

कहा है दरिया ने वो शर्त हार जाएगा,
जो एक दिन में उसे साथ मैं बहा ले जाऊँ।।

अभी तो और न जाने कहाँ कहाँ भटकूँ,
कभी बहाया था दरिया में जो दिया ले जाऊँ।।


आशुफ़्ता चंगेज़ी
 

TheBlackBlood

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बादबाँ खोलेगी और बंद-ए-क़बा ले जाएगी।
रात फिर आएगी फिर सब कुछ बहा ले जाएगी।।

ख़्वाब जितने देखने हैं आज सारे देख लें,
क्या भरोसा कल कहाँ पागल हवा ले जाएगी।।

ये अँधेरे हैं ग़नीमत कोई रस्ता ढूँड लो,
सुब्ह की पहली किरन आँखें उठा ले जाएगी।।

होश-मंदों से भरे हैं शहर और जंगल सभी,
साथ किस किस को भला काली घटा ले जाएगी।।

जागते मंज़र छतें दालान आँगन खिड़कियाँ,
अब के फेरे में हवा ये भी उड़ा ले जाएगी।।

एक इक कर के सभी साथी पुराने खो गए,
जो बचा है वो निगाह-ए-सुर्मा-सा ले जाएगी।।

जाते जाते देख लेना गर्दिश-ए-लैल-ओ-नहार
ज़िंदगी से बाँकपन लुत्फ़-ए-ख़ता ले जाएगी।।


आशुफ़्ता चंगेज़ी
 
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