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Incest वशीकरण

malikarman

Well-Known Member
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thanks ajju bhai
Ghesu ne jo lalach diya hai us se bach kar nikalna thoda mushkil hai
aur ye aane wala update hi batayega ki sumer iske liye kya-2 karta hai
baaki maja to aapko milega hi
iski poori guarantee hai

keep reading
Mujhe bhi aap par pura bharosa hai
Kya scene hoga na ek beti ko sumer chod rha hoga aur dusri ko ghesu ek hi bister pe
 
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शर्मीली की हालात देखकर लगता है वशीकरण मंत्र नाम का भी कोई चीज होता है ।
अब पता नही शर्मिली पर वास्तव मे वशीकरण का असर हुआ है या वह भी चंदा और चंद्रिका की तरह घेसू को ऊल्लू बना रही है ।
हो सकता है शर्मिली बहुत पहले से सुमेर साहब पर फिदा हो , शायद इसीलिए उसे सुमेर के संग चट मंगनी पट शादी की तरह जिस्मानी सम्बन्ध बनाने मे जरा भी हिचक न हुई ।
अगर घेसू की प्लानिंग सच साबित हुई तब सुमेर साहब से अधिक उसी का फायदा हो जाएगा । लेकिन क्या सुमेर साहब की लड़कियाँ तैयार होगी !

बेहतरीन अपडेट अशोक भाई ।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग अपडेट ।
 

Ashokafun30

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शर्मीली की हालात देखकर लगता है वशीकरण मंत्र नाम का भी कोई चीज होता है ।
अब पता नही शर्मिली पर वास्तव मे वशीकरण का असर हुआ है या वह भी चंदा और चंद्रिका की तरह घेसू को ऊल्लू बना रही है ।
हो सकता है शर्मिली बहुत पहले से सुमेर साहब पर फिदा हो , शायद इसीलिए उसे सुमेर के संग चट मंगनी पट शादी की तरह जिस्मानी सम्बन्ध बनाने मे जरा भी हिचक न हुई ।
अगर घेसू की प्लानिंग सच साबित हुई तब सुमेर साहब से अधिक उसी का फायदा हो जाएगा । लेकिन क्या सुमेर साहब की लड़कियाँ तैयार होगी !

बेहतरीन अपडेट अशोक भाई ।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग अपडेट ।
thanks sanju
aapke comments se hi agle update ka idea mil jata hai kabhi-2
thanks for your comments
 

Rajizexy

punjabi doc
Supreme
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ख़ासकर सुमेर सिंग के मोटे लॅंड को देखकर
क्योंकि उसकी नज़रें रह रहकर उसके लॅंड का आंकलन कर रही थी
वो अपने लॅंड को पकड़कर शर्मिला के करीब आया और उसके चेहरे के करीब आकर उसके लाल सुर्ख होंठो पर उसे लगा दिया और उसे होंठो और चेहरे पर रगड़ने लगा जैसे उसे अपने लॅंड की लिपस्टिक लगा रहा हो



कुछ देर तक वो ऐसा करता रहा जब तक उसका लॅंड स्टील का नही बन गया
और फिर वो उसके करीब बैठा और उसके मुम्मे मसलने लगा
फिर उसे देखते हुए बोला : “भाभी….आप शायद मुझे नही जानती, मैं मोतीलाल का दोस्त हूँ …आप मुझे अपना ही समझिए…”

उसे पता नही था की वो उसकी बात सुन या समझ भी पा रही है या नही
क्योंकि वो तो वशीकरण में थी
इसलिए वो उसके साथ पूरे मज़े लेने के मूड में था

सुमेर : “पता है भाभी….वो आपका पति है ना, मोतीलाल , वो हमेशा मुझे अपने पैसो की अकड़ दिखाता रहता था, मुझे चिढ़ाने के लिए अपने पैसो के बल पर उसने एक बार उस लड़की को भी पटा लिया था जिसे मैं बचपन से चाहता था, और मेरे सामने ही उसने उसे पूरा नंगा करके चोदा था….और आज उसका बदला उतारने का टाइम आ गया है….काश वो कमीना यहाँ होता तो मैं उसे दिखाता की आज मैं उसकी बीबी की चूत मार रहा हूँ ”

इतना कहकर वो झुका और उसके मोटे मुम्मे चूसने लगा
वो कसमसा उठी
उसके हाथ सुमेर के सिर के पीछे आ लगे और उसने उसे अपनी छाती पर दबाकर पीस दिया
पीस क्या दिया उसके चेहरे को अपने मुम्मो पर रगड़ने लगी
जैसे कोई खुजली मिटा लेना चाहती हो
और वो खुजली उसकी वहीं नही रुकी

वो उसे धक्का देकर नीचे की तरफ ले जाने लगी
और अपना पेट और नाभि चटवाने के बाद उसे अपनी चूत के उपर लेजाकर छोड़ दिया
वहां से एक नशीली सी खुश्बू आ रही थी
जिसने उस झोपड़ी नुमा महल को सुगंधित कर रखा था
सुमेर भी उसी नशे में डूब सा गया

उसे इस बात से कोई फ़र्क नही पड़ रहा था की उस चूत को घेसू सुबह से मार रहा है
सैक्स जब इंसान पर चड़ता है तो ये सब भूल जाता है
उसे तो बस अपना मज़ा दिखाई दे रहा था बस
सुमेर उसकी चूत को बुरी तरह से चाटने लगा

वो अपनी जीभ को बाल्टी बनाकर उसकी छूट के कुँवे से पानी निकालने लगा
हर बार वो सडप-2 करके 2 चम्मच पानी बाहर खींच कर ले आता और उस से अपनी प्यास बुझाता



शर्मिला का तो बुरा हाल था
शायद आज से पहले इतनी अच्छी तरह से उसकी चूत को किसी ने नही चाटा था
औरत को चूत चटाई मिल जाए तो वो मर्द की गुलाम बन जाती है
शर्मिला का भी यही हाल था

भले ही वो इस वक़्त वशीकरण में थी पर सुमेर सिंह की कलाकारी देखकर वो उसकी गुलाम बन चुकी थी
उसके साथ तो वो बिना किसी वशीकरण के भी चुदने को तैयार थी अब

बाहर बैठा घेसू शराब की बॉटल को मुँह लगाए उनकी आवाज़ें सुन रहा था और खुश हो रहा था
उसने जो चारा फेंका था उसके बदले उसे भविष्य में सुमेर की दोनो बेटियों की चूत मिलने वाली थी
इसका भरोसा उसे हो चला था

पर अभी तो अंदर आग लगी हुई थी
जिसे सिर्फ़ सुमेर का लॅंड ही शांत कर सकता था
उसने अपने फौलादी लॅंड को मसला और ढेर सारा थूक लगाकर उसे शर्मिला भाभी की चूत पर लगा दिया
वो उसके लॅंड की मोटाई देखकर आने वाले दर्द को महसूस कर पा रही थी
और उसने किया भी

जब सुमेर का पहला झटका लगा और वो लॅंड उसकी चूत में आधे से ज़्यादा घुस गया

“आआआआआयययययययययययययययययीीईईईईईईईईईईईईईईईईईईई…….. अहह…………. सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……”



सच में
ना तो उसके पति का और ना ही घेसू का लॅंड इतना मोटा था
जितना सुमेर का था
इसलिए उसे अंदर लेने में उसकी चूत को काफ़ी मेहनत करनी पड़ी थी

पर जब अगले झटके में वो पूरा अंदर चला गया तो उसे संपूर्णता का वो एहसास हुआ जो आज से पहले कभी नही हुआ था
उसकी चूत ठूस कर भरी जा चुकी थी सुमेर के लॅंड से

कुछ देर तक वो उसके उपर लेटा रहा और फिर धीरे-2 अपने लॅंड को अंदर बाहर करने लगा
अब उसकी धीमी सिसकारिया लॅंड के साथ लयबध होकर उस झोपडे में अपना नशा बिखेर रही थी

"ससससस..... आअह्हह्ह्ह्ह... उम्मम्मम्मम्मम। ......... ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह "

और जब चिकनी चूत में फिसलता हुआ लॅंड आसानी से अंदर बाहर होने लगा तो सुमेर ने अपनी स्पीड बड़ा दी
अब उसके हर झटके से शर्मिला के मोटे मुम्मे उसके चेहरे पर जा लगते
और वो उसका आनंद भी उठा रही थी

सुमेर : “आआआआआआअहह…..वाााआआहह भाभी……आपकी चूत तो बड़ी कमाल की है..... लगता है उस चूतिये ने इतनी गहराई में उतरकर नही देखा है…साला छोटे लॅंड वाला आदमी….अगली बार जब अपना लॅंड डालेगा अंदर तो उसे पता चलेगा की रोड की खुदाई कहाँ तक हो चुकी है….अहह……”

और इसके साथ ही उसने तेज झटके मारकर शर्मिला की रेल बना दी



और करीब 15 मिनट तक चुदाई करने के बाद उसके लॅंड ने जोरदार रूप से अपना लावा उसकी चूत में फेंकना शुरू कर दिया

मज़े की बात ये थी की आख़िर में झड़ते वक़्त सुमेर सिंह की आँखे बंद हो गयी और उसे अपनी जवान बेटियों के नंगे जिस्म अपने सामने दिखाई दे रहे थे
जिन्हे वो बारी-2 से चोद रहा था

"आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह चंदा ...... मेरी बच्ची ......... चन्द्रिका ........ ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह "

वो तो वशीकरण में थी, इसलिए सुमेर को पक्का यकीन था की वो जो कुछ भी बोल रहा है उसे याद नहीं रहेगा या वो सुन ही नहीं पा रही होगी
पर ऐसे विचारों के साथ झड़ने में जो आनंद उसे आया वो शब्दो में बयान नही किया जा सकता
सिर्फ़ महसूस किया जा सकता है

अंत में उसने अपना देसी घी में भीगा लॅंड उसकी चूत से बाहर निकाला और उसकी बगल में लुढ़क कर गहरी साँसे लेने लगा
और वो बेचारी
जो करीब 3 बार उसके लॅंड से झड़ चुकी थी
अपनी चूत से गर्म लावे को बाहर निकलता हुआ महसूस करके अपनी आँखे बंद करे पड़ी रही




कुछ देर बाद सुमेर अपने कपड़े पहन कर और हुलिया ठीक करके बाहर आ गया

घेसू : “क्यों ..... .आया मज़ा…..?”

सुमेर सिंह मुस्कुरा कर रह गया

घेसू : “ऐसे मज़े मैं तुझे रोज दे सकता हूँ ….और एक तू है की मुझे कुछ भी बताने से डर रहा है…”

घेसू की सुई अभी तक वहीं अटकी हुई थी

सुमेर भी समझ चूका था की उस से कुछ भी छुपाना बेकार है
वो अगर उसकी बात मान लेता है तो उसे ऐसे मौके बार-2 मिलेंगे

और साथ ही वो घेसू से ये नयी वशीकरण विद्या भी सीख सकता है
जिसमें ना तो कोई क्रिया करनी पड़ती है और ना ही कोई मंत्र पढ़ना पड़ता है और आधे घंटे वाली स्थिति भी नही थी इसमें
ये विद्या तो वो ज़रूर सीखना चाहेगा
पर इसके लिए उसे अपनी बेटियों के साथ जो हुआ वो उसे बताना पड़ेगा
और शायद बाद में उन्हे घेसू से चुदवाना भी पड़ेगा

पर वो तो बाद की बात है
अभी के लिए तो वो उसे अपनी आप बीती सुना ही सकता है
और वो उसने सुनाई भी

अगले 1 घंटे तक उसने घेसू के साथ मिलकर उस बॉटल को भी ख़त्म किया और चटखारे ले-लेकर अपनी दोनो बेटियो के साथ जो कुछ भी अभी तक उसने किया था वो सब उसे सुना डाला

कच्ची कलियों के साथ हुई उस चूमा-चटाई को सुनकर घेसू का लॅंड फिर से हुंकारने लगा

घेसू : “सुमेर…मेरे दोस्त….तेरी ये दोनो जबराट लोंड़ियां सच में कमाल की हैं, कसम से वो इस वक़्त यहाँ होती तो तेरे सामने उन्हे अपने वश में करता और यही नंगा करके तेरा और अपना लॅंड चुसवाता …..पर अभी तू घर जा , कल मैं तुझे बताऊंगा की आगे क्या करना है…”

इतना कहकर वो उठा और एक बार फिर से शर्मिला की चूत बजाने पिछली झोपड़ी की तरफ चल दिया
सुमेर भी वहां से निकल आया
क्योंकि अभी के लिए तो उसके लॅंड को खुराक मिल ही चुकी थी
रही बात घेसू की तो वो आज नही तो कल उसे वो सब बता ही देगा

और वैसे भी अभी के लिए उसके पास खुद की सीखी हुई वशीकरण विद्या तो है ही
जिसका इस्तेमाल करके वो आज रात फिर से मज़ा लेने वाला था
Awesome super duper sexy👙👠💋 update
✔️✔️✔️✔️✔️✔️✔️✔️✔️
👌👌👌👌👌👌
💦💦💦
 

Napster

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दोपहर को करीब 12 बजे मेरी नींद खुली तो माँ दरवाजा पीट रही थी
उनके बड़बड़ाने की आवाज़ें अंदर तक आ रही थी

“घोड़ी होती जा रही है, और सोने से फ़ुर्सत नही है, पराए घर जाएगी तो कैसे निभाएगी, घर का सारा काम पड़ा है अभी, खुद ने नाश्ता भी नही किया और महारानी अंदर जाकर सो गयी है”

मैने जल्दी से अपना हुलिया ठीक किया, चादर को देखा तो वहां कोई निशान नही था
जादुई पानी उड़ चूका था
गुड़िया अब पहले से ज़्यादा गंदी हो चुकी थी
मैने उसे साइड में रखा और दरवाजा खोल दिया
10 मिनट तक सर झुकाए माँ की डांट खाती रही और फिर बाहर जाकर नाश्ता किया और फिर उनके साथ सारा काम निपटाया

माँ हमेशा मुझे ही दांती थी,डांटती थी , भैय्या और दीदी को कुछ नही कहती थी
शायद इसलिए की दीदी जॉब करती थी और भाई खेतो में मेहनत
मैं ही निकम्मी थी उनकी नज़रों में
जिसपर वो अपना गुस्सा निकालती रहती थी
पर पिताजी हमेशा मेरा बचाव करते थे
जैसा आज सुबह किया था उन्होने

पर ये गुड़िया वाला चक्कर मुझे समझ नही आ रहा था
कल रात वो आख़िर ऐसा क्यों कर रहे थे उसके साथ

पर जो भी था
कल की घटना के बाद मुझे ऐसा एहसास होने लगा था की मैं अब सचमुच जवान हो गयी हूँ



काम ख़त्म करने के बाद मैं अपने कॉलेज की बुक्स लेकर बैठ गयी
पर मेरा ध्यान अभी भी सुबह वाली बातों की तरफ ही था
बीच-2 में मैं गूगल पर कुछ न कुछ नया टॉपिक टाइप करके जानकारिया लेती रहती थी
अचानक मुझे एक एडल्ट वेबसाइट का लिंक मिल गया
और जब मैने क्लिक किया तो नंगी वीडियो से पूरी स्क्रीन भरी हुई थी
औरत और मर्द एक दूसरे के साथ सैक्स कर रहे थे
मैने एक वीडियो प्ले किया तो मेरी साँसे उखड़ने लगी
इसमे 2 कॉलेज के लड़के लड़की की कहानी थी
वो लड़की उस लड़के का लिंग अपने मुँह में भरकर चूस रही थी




और बाद में वो लड़का भी उसकी योनि को चूसने लगा
मेरे लिए ये सब नया था
भला ऐसी जगह को कोई कैसे चूस सकता है
पर फिर मुझे ख्याल आया की मेरी योनि का रस इतना मीठा था, शायद सभी का ऐसा ही होता होगा और तभी लड़को को उसे चूसने में मज़ा मिलता है
और इसी प्रकार लड़को का वीर्य भी कोई स्वाद लिए होता होगा तभी उसे इस तरह चूस्कर पी रही थी ये लड़की

मैं मोबाइल तकनीक का इस्तेमाल करके सैक्स की गहराई में उतरती जा रही थी
अगले करीब 1 घंटे तक मैने करीब 8-10 वीडियो देख डाली
किसी में सैक्स कर रहे थे
किसी में लड़का पिछले गुदा द्वार में अपना लिंग डाल रहा था

[/url
]

पर हर वीडियो में दोनो को बहुत मज़ा आ रहा था
यानी सैक्स कैसा भी हो, एक बार नंगे हो जाओ तो सब बढ़िया ही होता है
इस विचार ने मेरे मन में घर कर लिया था

तभी मेरी नज़र उस गुड़िया पर पड़ी
जिसपर अभी तक पिताजी के वीर्य की पपड़ी जमी हुई थी
मैने उसे उठाया और धीरे-2 उसे अपने होंठो तक ले गयी
ऐसा करते हुए मेरा दिल एक बार फिर से धाड़-2 कर रहा था

और फिर मैने उस गुड़िया का हाथ अपने मुँह में लेकर चूस डाला
जो वीर्य कुछ देर पहले सिर्फ़ मेरी छुवन मात्र से पिघल गया था
मेरे मुख की गर्मी पाकर तो वो टपकने सा लगा

जैसे फ्रिज से बर्फ निकालने के बाद वो पिघल कर पानी बन जाती है
ठीक वैसे ही वो वीर्य पिघल कर मेरे मुँह में अपना स्वाद घोल गया
वो मीठा तो नही था
पर मेरी योनि रस की तरह एक मादक सी सुगंध थी उसमें भी

उसके बाद तो मैने उस गुड़िया को पूरा चाट मारा
उसकी टांगो के बीच चटाई करते हुए मुझे महसूस हो रहा था जैसे मैं किसी लेस्बियन की तरह किसी और लड़की की योनि को चाट रही हूँ
ऐसा मैने आज तक नही सोचा था

पर ये ख़याल आते ही ना जाने क्यो मेरे सामने अपने आप चंद्रिका दीदी का चेहरा आ गया

वो गुड़िया अब मुझे आपनी बड़ी बहन लग रही थी
जिसके छोटे-2 कपड़े मैं नोच कर उतार रही थी
फिर उसके नन्हे स्तन और योनि को मैने चूस चूस्कर उसमें फँसा रस पी डाला
और ऐसा करते हुए मेरी योनि से लगातार रस बहे जा रहा था
और उस लबाबदार योनि में अपनी उंगलिया फिराते हुए मुझे असीम सुख की प्राप्ति हो रही थी

उफफफफ्फ़sssssss



ये सैक्स और इसकी बातों से जुड़ा हर एहसास कितना सुखद है
काश कोई मर्द होता मेरे सामने
जिसका लिंग मैं चूस पाती
जैसा इन वीडियो में दिखाया गया है

मैं आँखे बंद करके ऐसा कुछ सोचने की कोशिश करने लगी
पर चाहकर भी मैं पिताजी को इमेजीन नही कर पा रही थी
शायद उतना खुद को आज़ाद नही कर पाई थी मैं अभी

फिर मैंने एक बार फिर से अपने बिस्तर पर मची गंदगी को समेटा, नहाने के बाद कपड़े चेंज किए
इस बार मैने अंडरगार्मेंट्स नही पहने
क्योंकि मुझे पता था की हालात आज रात भी मेरे हाथ काबू में नही रहेंगे
बहुत ही मस्त और लाजवाब अपडेट है भाई मजा आ गया
 
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